पुलिस की तत्परता से एक व्यक्ति की बची जान
- पुलिस सहायता के लिए डायल करें 112 पर काल
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कनीना की आवाज। पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण के नेतृत्व में जिले की डायल 112 पर तैनात कर्मचारी अपने-अपने एरिया में 24 घंटे प्रभावी तरीके से ड्यूटी कर रहे हैं और आमजन की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं। कोई भी व्यक्ति किसी भी समय मुसीबत आने पर पुलिस सहायता के लिए डायल 112 पर काल करके पुलिस सहायता मांग सकता है। पुलिस शिकायतकर्ता के पास चंद मिनटों में पहुंच कर समस्या का समाधान कर रही है। जिले की डायल 112 की टीम ने अपनी जीवनलीला समाप्त करने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को आत्महत्या करने से रोक लिया।
थाना सदर कनीना क्षेत्र में तैनात डायल 112 की गाड़ी 0468 पर तैनात पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को अपनी जीवनलीला समाप्त करने से बचाया है। इस संबंध में रात करीब 11 बजकर 55 मिनट पर डायल 112 की टीम को सूचना मिली। सूचना पर डायल 112 की गाड़ी पर तैनात ईएसआई इंद्रपाल, सिपाही भूपेंद्र और एसपीओ कप्तान की टीम ने कार्रवाई करते व्यक्ति से लगातार संपर्क कर उसका पता लगाया और आत्महत्या करने से पहले ही पकड़ लिया। पुलिस ने स्थानीय व्यक्ति की सहायता से व्यक्ति को आत्महत्या करने से बचा लिया।
जिले में डायल 112 पर तैनात पुलिस कर्मचारियों की टीम कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच रही है और आमजन के लिए लाभकारी साबित हो रही है। डायल 112 की टीम हरियाणा पुलिस के सेवा, सुरक्षा और सहयोग के स्लोगन को सार्थक कर रही है।
45 डिग्री तापमान के बीच एनएच-152 डी पर 70वें दिन भी धरना जारी
- सरकार के प्रति लोगों में भारी आक्रोश
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कनीना की आवाज। एनएच 152-डी पर सेहलंग-बाघोत कट के लिए धरना 70वें दिन जारी रहा। धरने की अध्यक्षता रवि प्रधान सेहलंग ने की।
152-डी पर सेहलंग-बाघोत कट के लिए अनेक गांवों का धरना तेज गर्मी व लू में भी जारी है। लोग धरने पर अडिग हें तथा जब तक काम शुरू नहीं होता तब तक धरने पर बैठे रहेंगे।
धरने पर बैठे लोगों ने बताया कि हम पिछले 70 दिन से लगातार धरना दे रहे है फिर भी सरकार कोई सुध नहीं ले रही है। लोगों का सरकार के प्रति भारी आक्रोश पनप रहा है। लोगों का कहना है कि सरकारें हमेशा इस क्षेत्र के साथ भेदभाव करती आई है। लोगों को इस सरकार से बहुत उम्मीद थी पर अब इस सरकार ने भी इस एरिया से वोट लेकर भेदभाव किया है। वोट के समय ही सरकारों को इस क्षेत्र की याद आती है।
इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन नौताना,रणवीर पहलवान, महावीर पहलवान, शेर सिंह ठेकेदार, मनफूल आदि भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 8: बाघोत-संहलंग के बीच कट की मांग करते धरने पर बैठे लोग।
कनीना के संत मोलडऩाथ की प्रतिमा रोडवाल में भी होगी 25 मई को स्थापित
-आधा दर्जन गांवों में है संत की मान्यता
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कनीना की आवाज। कनीना के प्रसिद्ध संत मोलडऩाथ की प्रतिमा रोडवाल में भी 25 मई को स्थापित की जा रही है। रोडवाल में भी संत मोलडऩाथ के नाम से आश्रम स्थापित है। इसमें करीब 3.5 फुट की प्रतिमा संत मोलडऩाथ की स्थापित की जा रही साथ में गोरखनाथ परिवार एवं शिव परिवार भी स्थापित किया जाएगा।
विस्तृत जानकारी देते हुए रोड़वाल के मोलडऩाथ आश्रम के महंत भूप सिंह ने बताया कि 24 मई को कलश यात्रा शुरू होगी तथा रात्रि को जागरण आयोजित होगा। 25 मई को हवन तथा भंडारा होगा, तत्पश्चात मूर्ति की स्थापना की जाएगी।
कौन-कौन बुलाए हैं-
महंत भूप सिंह ने बताया कि इस मौके पर प्रसिद्ध महंत शुभ नाथ महाराज, महंत शंकर नाथ, महंत शीतल नाथ एवं महंत फूलनाथ आदि बुलाए गए हैं। जो विधि विधान ससे संत शिरोमणि मोलडऩाथ की प्रतिमा को स्थापित करेंगे।
छह गांव में स्थित संत शिरोमणि मोलडऩाथ के आश्रम- कनीना के संत मोलडऩाथ के करीब 6 गांव में मंदिर स्थित है। यहां तक कि कुछ गांव में पूजा होती है। इनमें कांवी भोजावास, ढााणी बाठाठा, मांदी, रोडवाल तथा मानसरोवर में संत को याद किया जाता है। वे अपने समय के प्रसिद्ध संत हुए हैं जिन्होंने विक्रमी संवत 2006 में अंतिम सांस ली थी।
कनीना में है संत का पुराना जोहड़ एवं आश्रम - कनीना में बस स्टैंड के पास संत मोलडऩाथ का प्राचीन तालाब है। यहीं पर संत स्नान करते थे। उनका धूणा और आश्रम आज भी स्थित है। जहां हर वर्ष में एक बार बहुत बड़ा मेला लगता है। दूरदराज से लोग आते हैं।
संत पर लिखी हुई है पुस्तकें एवं आरतियां-
संत मोलडऩाथ पर 6 पुस्तकें कनीना के डा. एचएस यादव की प्रकाशित हो चुकी है। वहीं आइएसबीएन नंबर की पुस्तक भी प्रकाशित हो चुकी है। वही उनका कैलेंडर भी प्रकाशित हो चुके हैं। कनीना में ही संत की आरतियों की सीडी एवं भजन लियाकत अलि, शिव कुमार, महेंद्र शर्मा आदि द्वारा विमोचित की गई है तथा आरती संग्रह बाबा चालीसा भी प्रकाशित हो चुका है। ली-गली में मोलडऩाथ के गुण गाए जाते हैं तथा समय-समय पर यहां भंडारा एवं भजन कीर्तन होते रहते हैं।
2005 में लगी थी प्रतिमा-
संत मोलडऩाथ की प्रतिमा कनीना निवासी भीम सिंह ने बनवाई थी। इससे पहले बाबा की प्रतिमा नहीं होती थी। जब से डा एचएस यादव की पुस्तक प्रकाशित हुई तो उसमें दिये गये संत के चित्र को देखकर प्रतिमा बनवाई गई थी। कनीना मंडी के भीम सिंह नेता ने अपने पैसों से संत की प्रतिमा बनवा कर विधि-विधान से यहां स्थापित करवाया था।
होता होता है आपस में आना-जाना -
विभिन्न गांव में जहां बाबा मोलडऩाथ ने तप किया या जहां ठहरे उन गांव के लोग मेले में आते जाते रहते हैं तथा एक दूसरे को किसी भी उत्सव पर याद करते हैं। रोडवाल में बाबा प्रतिमा के लिए भी कनीना वासियों को निमंत्रण मिला हुआ है जहां कनीना के भारी संख्या में लोग पहुंचेंगे।
सुंदर तालाब है बाबा का-
कनीना के संत मोलडऩाथ का पक्का बहुत बेहतरीन तालाब कनीना पालिका ने बाबा आश्रम के पास बनाया है। जहां प्रकाश व्यवस्था एवं घूमने-फिरने की सुविधा है। बुजुर्ग भी इसके चारों ओर घूम सकते हैं। वहीं इस तालाब में सुबह से शाम तक छोटे बच्चे से लेक बड़े लोग स्नान करते रहते हैं। बच्चे के लिए यह वाटर पार्क का भी काम कर रहा है। सतीश जेलदार पालिका प्रधान ने बताया कि तालाब पर करीब 30 लाख रुपये का खर्चा आया है। इसे नहरी पानी से भरवाने की कोशिश की जा रही है।
खाटू श्याम के लिए भी यह तालाब कारगर -
पास में खाटू श्याम मंदिर भव्य मंदिर स्थित है। इसके लिए तालाब की जरूरत होती है यह तालाब खाटू श्याम मंदिर के भक्तों के लिए भी खाटू तालाब का काम करता है। जहां लोग स्नान कर सकते हैं क्योंकि इसमें साफ पानी भरा जाता है
आवश्यकता शोध की -
संत मोलडऩाथ पर यूं तो छोटे शोध डा एचएस यादव ने किये हुये हैं किंतु बड़े शोध की जरूरत है। उनके गुणों उदास गुणों चरित्र की चर्चा आज भी हर बच्चे के जुबान पर है। उनके कहे हुए शब्द रामबाण माने जाते हैं। ऐसे में ऐसे महान संत पर शोध की जरूरत है। विशेषकर उन्हें पानी में सांस रोककर बैठे रहने की क्षमता थी। अंतिम समय में भी जहां सिरसवाला तालाब में उन्होंने लंबे समय तक बाबा रामेश्वर दास के साथ स्नान किया परंतु मोलडऩाथ सांस रोककर पानी में बैठे रहे और संत रामेश्वर दास बाहर आ गए। जिसके चलते मोलडऩाथ को ठंड लग गई और निमोनिया होने से अंतत: उन्होंने प्राण त्याग दिये।
मूर्ति के नीचे स्थित संत मोलडऩाथ -
संत मोलडऩाथ बाबा की मूर्ति वर्तमान में संत मोलडऩाथ आश्रम में स्थित है ठीक उसके नीचे मोलडऩाथ को मिट्टी दी गई थी। यहीं पर संत विराजमान है।
फोटो कैप्शन 6: संत मोलडऩाथ की प्रतिमा कनीना
7: संत मिोलडऩाथ का पक्का तालाब।
जल संरक्षण पर हुआ व्याख्यान
जल को नष्ट करने वाला खुद हो जाता है नष्ट-नरेश कौशिक
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कनीना की आवाज। दैनिक जागरण की पहल पर आयोजित जल संरक्षण संगोष्ठी कनीना के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में आयोजित हुई। इस मौके पर मुख्य वक्ता नरेश कौशिक मुख्याध्यापक कनीना स्कूल रहे। नरेश कौशिक जल संरक्षण के लिए लंबे समय से कार्य कर रहे हैं, ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जल अमृत के समान होता है, अमृत को अनावश्यक बहाना बड़ा पाप होता है। पानी को बहाना नरक लोक में जाने के समान होता है। जो जल बचाता है उस स्वर्ग का सुख मिलता है, जल हर हाल में बचाना चाहिए। जहां तक बारिश का जल हो उसे जरूर संरक्षित करें। जितनी फसल को पानी की आवश्यकता हो उतना ही प्रयोग करें, जल है तो भविष्य है वरना भविष्य भी अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जल बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति कम से कम 5 व्यक्तियों को प्रेरित करें ताकि समाज में जल को संरक्षित करने का एक लक्ष्य प्राप्त हो सके। जल बच गया तो जीवन भी बच जाएगा वरना जीवन का अंत निश्चित समझे। जल पर सभ्यताएं टिकी हैं और जल के लिए ही युद्ध होते हैं। घरों में, जोहड़ों का पानी संरक्षित करना चाहिए। जल बचाना हमारा उद्देश होना चाहिए। जल बहुत कीमती होता है,जल बहाना सबसे बड़ा अपराध है।
जल बचाने के लिए उन्होंने विद्यार्थियों को एक शपथ दिलाई जिसमें सभी विद्यार्थियों ने जल बचत की शपथ ली। मुख्याध्यापक नरेश कौशिक ने कहा कि घर में जहां रसोई घर में सबसे ज्यादा जल खराब किया जाता है वही नहाने धोने में बहुत अधिक जल को बर्बाद किया जाता है। उन्होंने विभिन्न घरों में एक-एक गड्ढा बनवाने की अपील की ताकि गर्मियों में होने वाली बारिश का पानी में संचित हो सके। उन्होंने कहा कि लोग पेयजल से पशुओं को नहलाते हैं नालियों को साफ करते हैं यहां तक कि वाहनों को साफ करते हैं। नलों का पीछा जब तक नहीं छोड़ते तब तक कि जल आना बंद न हो जाए। जल से सड़के एवं अपने घर के दरवाजे को धोते देखे गये हैं। चाहे पड़ोसी को नल का जल एक बूंद भी न मिले मोटर लगाकर पानी को खिंच लेते हैं और उसका दुरुपयोग करते हैं।
उन्होंने कहा कि जल की एक एक बूंद कीमती है। अक्सर घरों में नलों की टोंटी नहीं लगी होती जिससे पानी को बंद किया जा सके। उन्होंने कहा कि जब तुम्हें जल बहता दिखाई दे रहा है तो उसे बंद करने की आदत डालें। जहां तक बर्तन साफ करने के लिए बहते नल का प्रयोग होता है जबकि बड़े बर्तन को पानी से भरकर उस जल की सहायता से छोटे बर्तनों को साफ करें और बचे हुए पानी को प्रयोग में लाया जाए। जैस पौधों में डाला जाए या फिर उससे पौचा लगाया लगाया जा सकता है। पौचे से बचे पानी को तत्पश्चात इस पानी को खराब न होने दे इसे जरूर पौधों में डाला जाए।
नरेश कौशिक ने कहा हम सभी का दायित्व बनता है कि जल को संरक्षित रखें। प्राचीन समय में जहां जोहड़ होते थे। उन्हीं का पानी पीने के लिए काम में लेते थे तथा जल को खराब नहीं करते थे। कोई पानी को खराब करता था तो उसे डांटते थे। किंतु वर्तमान पीढ़ी जल को खराब करने में बहुत आगे पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि पानी बचत के तरीकों के बारे में परिवार को बताया जाए तत्पश्चात अपने साथियों को जल बचत की जानकारी देनी चाहिए। जल नष्ट होगा तो निश्चित रूप से जीना दूभर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार भी इस और पहल कर रही है, सभी घरों में गड्ढे बनवा रही है ताकि उनमें वर्षा का जल संरक्षित करके पौधों में दिया जा सके। सरकार जोहड़ों की की खुदाई करवा रही है ताकि जोहड़ों में पानी लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाए। गर्मियों में विशेष रूप से पानी की कमी हो जाती है। हम सभी का दायित्व होता है कि जल को बचाये। उन्होंने कहा कि पानी के बचाने से इंसान की जिंदगी बच जाती है। उन्होंने हीम के दोहे रहिमन पानी राखिए की जानकारी देते हुए कहा कि रहीम ने भी पानी की विशेषता बताई है तथा आंखों का पानी हो या रोटी की आब या फिर जीवन हो पानी बिना सब नष्ट हो जाते हैं। इसलिए पानी के महत्व को समझें इस मौके पर उन्होंने पानी को संरक्षित करने के लिए हाथ ऊपर करवा कर पानी संरक्षित करने वाले विद्यार्थियों के नाम नोट किए ताकि भविष्य में उनसे संरक्षित जल की जानकारी ली जा सके।
फोटो कैप्शन: नरेश कौशिक तथा
फोटो कैप्शन 4:जल संरक्षण की जानकारी देते हुए नरेश कौशिक।
बाघा मंदिर पाथेड़ा में लगा भंडारा, हुआ हवन
-अतरलाल रहे मुख्य अतिथि
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कनीना की आवाज। पाथेड़ा में बाबा बाघा मंदिर में मेला व भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में यज्ञ हवन किया गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों ने आहुति प्रदान कर इलाके की खुशहाली और सुख शांति की कामना की। इस अवसर पर ठाकुर अतरलाल ने मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचकर हवन में पूर्णाहुति प्रदान की और बाबा के मंदिर में पूजा अर्चना कर भंडारे का शुभारंभ किया।
मंदिर में पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा अतरलाल का भव्य स्वागत किया गया।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अतरलाल ने कहा कि मेले व भंडारे हमारी लोक परंपरा के प्रतीक हैं। इनसे समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव व प्रेम बढ़ता है। उन्होंने युवा वर्ग से सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं को नशे के खिलाफ अभियान चलाना चाहिए। अतरलाल ने मेला व भंडारा कमेटी का धन्यवाद करते हुए उनके कार्यों की सराहना की तथा कमेटी के सदस्यों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर सरपंच जर्मन सिंह तंवर, पूर्व सरपंच दलीप सिंह, सतपाल जिला पार्षद, डालू सिंह नंबरदार, सूबेदार विजय सिंह, गजेंद्र प्रधान, सूबेदार ओमप्रकाश, साधू सिंह, डॉ जसपाल सिंह, राजू ठेकेदार, सूबेदार महिपाल सिंह, सूबेदार मामन सिंह, सूबेदार करतार सिंह, प्रताप साहब, सूबेदार सुखदेव यादव, राजू सिंह, मैनेजर महेंद्र सिंह, बलबीर सिंह, शीशराम, अजय सिंह, पूर्व सरपंच राजेश, कमलेश देवी, कौशल्या, उर्मिला, प्रमिला, संतोष, सुरेश देवी, मुकेश देवी, शांति देवी, सोनिया, किरण देवी, चेयरमैन भाग सिंह,, कैलाश सेठ व पवन सहित अनेक ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 5: गांव पाथेड़ा के बाबा बाघा मंदिर कमेटी के सदस्यों को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित करते हुए अतरलाल।
महिला पर उसके चाचा ससुर ने किया वार हुई घायल, मामला दर्ज
-घटना 18 मई
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के गांव नांगल मोहनपुर में मनीषा ने अपने चाचा ससुर पर जानलेवा हमले का मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा एक 18 मई को शाम के समय सत्येंद्र नामक व्यक्ति जो नाते में चाचा ससुर हैं, ने नुकीले हथियार से जान से मारने की कोशिश की। जिससे सिर व हाथ पर चोट आई। गले की सोने की चेन और कान के बाली भी वह ले गया। जब वह चिल्लाई तो आसपास के लोग और उनकी चाची कविता आ गई किंतु वह जान से मारने की धमकी दे गया। उन्हें कनीना अस्पताल ले जाया गया जहां से हायर सेंटर नारनौल रेफर कर दिया। ईलाज के बाद मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत सत्येंद्र के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।
अखिल अखिल भारतीय स्तर पर दीपिका ने पाया 61वां स्थान
- गांव में हुआ सम्मान समारोह
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव मोहनपुर में दीपिका पुत्री धर्मवीर का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।दीपिका ने सीजीएल की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 61वां स्थान प्राप्त किया और उनका चयन गृह मंत्रालय के अधीन केंद्रीय सचिवालय में असिस्टेंट सेक्शन अधिकारी के रूप में हुआ है। इसी खुशी में गांव में एक सम्मान समारोह आयोजित हुआ। लड़की को पगड़ी पहनाकर सम्मानित पुरस्कृत सम्मानित किया। विस्तृत जानकारी देते हुए डा. राम ने बताया दीपिका एक साधारण परिवार से संबंध रखती है और इसके पिता कृषक माता ग्रहणी है। इन्होंने आपकी शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयकनीना में ,तत्पश्चात पीकेएसडी महाविद्यालय कनीना, पीजी रसायन शास्त्र राजकीय महाविद्यालय नारनौल से प्राप्त की है। दीपिका ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, अध्यापकों और कठोर परिश्रम को दिया है। इस सम्मान समारोह में सरपंच जीतराम, लड़की के दादा रामकुमार, विशंभर, बाबू विशंभर सिंह, बाबूलाल, डीएसपी रघुवीर सिंह लड़की के ताऊ, प्रवक्ता डा मुंशीराम, पंडित राधेश्याम, महा सिंह नंबरदार, पूर्व सरपंच लख्मीचंद, जगराम , महेंद्र सिंह प्रबंधक बाबा जाहरवीर समिति, दया राम पूर्व वनरक्षक, पूर्व सरपंच कैलाश चंद, ताराचंद पूर्व सरपंच, राजपाल यादव आदि सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे जिन्होंने उनकी लंबी उम्र और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो कैप्शन तीन :दीपिका को सम्मानित करते गांव के बुजुर्ग
राजकीय स्कूल कैमला में आयोजित हुई क्विज प्रतियोगिता
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कनीना की आवाज। राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में क्विज कंपटीशन का आयोजन किया गया जिसमें सभी विद्यार्थियों ने रुचि के साथ भाग लिया कार्यक्रम का संचालन सुनील कुमार डीपीई व सत्यवीर सिंह ने किया और स्कोरर की भूमिका भगत सिंह प्राथमिक शिक्षक ने निभाई। कक्षा 4 से 8 तक के सभी विद्यार्थियों को 5 टीमों में बांटा गया जिसमें सबसे ज्यादा 140 अंक प्राप्त करके जिस टीम बी मनजीत, सवीना, मानवी, पुनीत रहें तथा टीम डी दूसरे स्थान पर रही जिसमें शिवानी ,मानवी ,प्रीति और दीपिका की टीम तृतीय स्थान पर रही जिसमें रितु, निधि ,कशिश, भूपेंद्र आदि रहें मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह ने बच्चों को इस प्रकार के उत्साह को देखकर प्रेरित करते बताया कि यह पढ़ाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और विधार्थियों के अंदर इस तरह की एक्टिविटीज करने से आत्मविश्वास बढ़ता है हमें पढ़ाई के साथ-साथ प्रत्येक प्रकार की पाठ्यक्रम आधारित सहगामी क्रिया कलापों में भाग लेना चाहिए। अत: सभी विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया और शैक्षिक वातावरण उत्तम गुणवत्ता परक व संस्कारवान शिक्षा ग्रहण करने में सहायक हैं। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक होशियार सिंह ,सतबीर सिंह, मनजीत सिंह, राजेश कुमार, सुनील कुमार, सत्यपाल ,तारामणि ,पिंकी , गंगाराम शिक्षाविद् आदि अभिभावकगण भी उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 01: कैमला में आयोजित क्विज प्रतियोगिता।
खेड़ी तलवाना में अव्वल रहे विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत
-कक्षा 10वीं और 12वीं के सभी संकाय के विद्यार्थी हुए पुरस्कृत
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी तलवाना के प्रांगण में दसवीं एवं बारहवीं के टापर विद्यार्थियों को नवचेतना ग्रुप खेड़ी के संयोजन मास्टर विकास कौशिक, मा. विजेंद्र, देवेंद्र एबीआरसी द्वारा बारहवीं में विज्ञान संकाय के टापर रहे सपना ,प्रिया एवं अनुराधा, कला संकाय से श्यामानंद, सजना व निशान तथा दसवीं में टापर रहे सोनिया प्रियांशु दोनो प्रथम, भारत द्वितीय, साईं हुसैन तृतीय को पुरस्कृत किया। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आने पर क्रमश: 1100 , 700 एवं 500 रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर ग्राम शिक्षण उत्थान समिति की ओर से योगराज साहब, अजय साहब, राजेंद्र साहब, अनिल कुमार प्राचार्य केवीएस दिल्ली, प्रवक्ता रोहतास ,विद्यालय परिवार की ओर से प्राचार्य दीपक कुमार लाटा, डा विक्रम सिंह प्रवक्ता, सुषमा प्रवक्ता, संजय प्रवक्ता, बलवान सिंह, जयप्रकाश प्रवक्ता, नितिन प्रवक्ता, मनीष प्रवक्ता, डा संदीप कुमार प्रवक्ता, खेताराम प्रवक्ता ,देशराज यादव मुख्य शिक्षक, राधेश्याम तथा अन्य समाजसेवी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: खेड़ी के राजकीय स्कूल में अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए प्राचार्य एवं स्टाफ।
कनीना नगर पालिका चुनावों में आई तेजी
-चुनाव होने में देरी की बनी संभावना
-महिला एवं पुरुष सभी चुनाव लडऩे के लिए तैयार
--वार्ड पार्षद चुनावों में हो सकती है कड़ी स्पर्धा
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कनीना की आवाज। कनीना नगर पालिका में सतीश जेलदार ने 13 मई 2018 को प्रधान पद की शपथ ली थी। उनका कार्यकाल 24 जून 2023 तक का निर्धारित कर दिया गया है। नगरपालिका के लिए जहां प्रधान पद के लिए आरक्षण भी घोषित हो चुका है। अब कनीना नगर पालिका का प्रधान पद महिला के लिए आरक्षित होगा, ऐसे संकेत मिल चुके हैं
उल्लेखनीय है कि कनीना कस्बे में जहां पहले भी दो योजनाओं में दो महिलाएं प्रधान रह चुकी है, एक बार फिर से महिला को यह कमान संभाली जाएगी। कुछ भी हो महिला या पुरुष सभी चुनावों के लिए तैयार हैं। अधिकारिक पत्र आना अभी बाकी है।
इससे पहले भी शारदा और संतोष देवी पालिका प्रधान दो अलग-अलग योजनाओं में रह चुकी है। अब एक बार फिर से महिला को कमान दी जाएगी। सबसे बड़ी विडंबना है कि पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रधान भी इस चुनाव प्रक्रिया में प्रधान पद के चुनाव से बाहर हो गए हैं, बेशक वे चाहे तो पार्षद के चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन प्रधान पद के चुनाव डायरेक्ट होने के चलते प्रधान नहीं बन पाएंगे। नए सिरे से चुनावी जोड़ दौड़ में लग गए हैं। चूंकि महिला को ही चुनाव लड़वाना पड़ेगा। क्या कहते हैं पालिका के वर्तमान और पूर्व प्रधान----
पालिका के वर्तमान प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि उनकी पुत्रवधू अनुराधा पढ़ी लिखी है जो यह चुनाव लड़ेगी तथा वो स्वयं तो पहले से ही चुनाव न लडऩे की बात कह चुके हैं। उनका पुत्र चुनाव लडऩे का इच्छुक है किंतु पालिका प्रधान आरक्षित होने के कारण अब वो भी चुनाव से बाहर हो गए हैं। हर प्रकार से चुनाव लडऩे के लिए महिला एवं पुरुष तैयार हैं। महिला के लिए प्रधान पद आरक्षित हो जाएगा तो पार्षद के चुनाव लडऩा और भी कठिन हो जाएगा क्योंकि प्रधान पद से वंचित रहे लोग पार्षद के लिए हाथ पैर मारेंगे।
उधर पालिका के पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह लोढ़ा ने बताया वो स्वयं चुनाव न लड़ पाए किंतु उनके परिवार के सदस्य चुनाव जरूर लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि पुत्रवधू दीप्ती राव उनके परिवार से चुनाव लड़ सकती है।
वहीं पूर्व पालिका प्रधान मास्टर दिलीप सिंह की पुत्रवधू सुमन चौधरी चुनाव लड़ सकती है। एडवोकेट दीपक ने बताया कि वह चुनाव लडऩे के लिए तैयार था किंतु महिला के लिए प्रधान पद आरक्षित होने के कारण वे अपनी पत्नी सुमन चौधरी को चुनाव लड़वाएंगे। एकदम चुनाव लडऩे वालों के लिए आरक्षण ने समस्या पैदा कर दी है। जो पुरुष चुनाव लडऩा चाहते थे वह अब प्रधान पद से पीछे हट गए हैं। कनीना पालिका जहां चुनाव लडऩे वाले नए-नए चेहरे उभर सकते हैं। अशोक वर्मा वार्ड चार से महिला चुनाव लडऩे के लिए तत्पर है।
कमल पूर्व पार्षद ने बताया कि उनके परिवार से भी एक महिला अवश्य चुनाव लड़ेगी किंतु उन्होंने नाम उजागर नहीं किया। उधर एडवोकेट पंकज यादव की मां संतोष देवी यह चुनाव लड़ सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले वो स्वयं चुनाव लडऩे का इच्छुक था किंतु आरक्षण के बाद उनकी मां चुनाव लड़ेगी जो वर्तमान में पार्षद है। ऐसे में अब कनीना में महिलाओं के लिए फिर से चुनाव लडऩे की प्रक्रिया शुरू हो गई है।


















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