आखिरकार अनीता यादव को कांग्रेस का अटेली से मिल ही गया टिकट
-मुकाबले में आने के बाद अब मुकाबला बन गया रोचक
-12 को 11 बजे करेंगी नामांकन, कार्यालय खोलने का कार्य पूर्ण
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कनीना की आवाज। अटेली विधानसभा से कांग्रेस की टिकट आखिरकार पूर्व सीपीएस और पूर्व में अटेली विधायक रही अनीता यादव को मिल ही गई। कार्यकर्ताओं में जोश देखने को मिला। अनीता यादव ने अनेक बाधाओं को पार करके मैदान में उतारकर ही दम लिया है और अब अटेली विधानसभा का मुकाबला अति रोचक बन गया है। क्योंकि 12 सितंबर नामांकन का अंतिम दिन है ,तत्पश्चात स्थिति बिल्कुल साफ हो जाएगी की मुकाबला किन-किन के बीच होगा। अटेली विधानसभा से अनीता यादव की टिकट को लेकर अनेक चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। यहां तक कि एक मंत्री के बारे में यह भी चर्चा चली कि एक मंत्री अपनी पहुंच के चलते अपने हित को चाहते हुए अनीता को टिकट नहीं लेने देंगे बल्कि ऐसे कमजोर प्रत्याशी को टिकट देंगे ताकि उनकी मनोकामना पूर्ण हो जाए। चाहे कुछ भी हो उनके मन के ख्वाब पूरे नहीं हो पाये। कनीना में खुशी जाहिर की गई और लउ्डू बांटकर खुशी जताई। वेद प्रकाश बाबुजी कनीना के निवासी पुराने कांग्रेसी है। उन्होंने खुशी जताई कि अनीता यादव को टिकट मिल गई है। अब कार्यकर्ताओं में जोश आ जाएगा। एडवोकेट पंकज कुमार और उनके साथियों ने आज जमकर लड्डू बांटे,मुंह मीठा किया और कहा कि मुकाबला में अब रोचकता आएगी। चाहे कुछ भी कहे अभी तक अटेली विधानसभा से मुकाबले में जान नहीं आई थी और सभी की नजरें कांग्रेस की टिकट पर टिकी हुई थी। अनीता के आने से जान आ गई। वैसे भी कनीना को अगर उपमंडल का दर्जा दिलाने का श्रेय किसी को जाता है तो वह अनिता यादव को जाता है क्योंकि वर्ष 2013 से पहले कनीना महज उप तहसील होता था उप-तहसील से सीधा उप-मंडल बनाने का श्रेय उन्हीं को जाता है। उनके विकास कार्यों की दृष्टिगत लोग उन्हें चाहते भी है क्योंकि पहले भी विधायक रह चुकी है। अटेली विधानसभा के इतिहास में अभी तक दो महिला प्रत्याशियों की जीत अंकित है और एक बार फिर से अटेली विधानसभा क्षेत्र से महिलाओं का जोर बढ़ा है। यह तो आने वाले समय ही बता पाएगा कि अटेली से इस बार भी महिला बाजी मारती है या नहीं? क्योंकि इस बार अटेली विधानसभा विशेष सुर्खियों में है और इसलिए भी सुर्खियों में आ गया है कि केंद्रीय मंत्री की पुत्री भी यहां से भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ रही है। अनीता यादव एकमात्र पूर्व विधायक है जो चुनाव लडऩे की अटेली से सोच रहे हैं। नेामांकन हुये उनमें से अन्य कोई भी विधायक नहीं रहा है। अब यह माना जा रहा है 12 सितंबर को जमकर नामांकन होगा तभी पता लग पाएगा की कौन कितने पानी में है? यह सत्य की इस बार भीतरी घात जमकर होगा और उसका लाभ कौन उठाएगा, वक्त ही बताएगा। बहरहाल भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी मुकाबले में आ पहुंचे हैं। समाचार लिखे जाने तक कांग्रेस की सूचि जारी नहीं हुई थी किंतु अनीता यादव ने कनीना में कार्यालय स्थापित करने के अलावा नामांकन भरने की तैयारी कर ली है।
फोटो कैप्शन: अनीता यादव
07: अनीता यादव के लिए खुशी जताते हुए कार्यकर्ता
मेरा शिक्षा का सफर पुस्तक से साभार
-एपिसोड 23
-शिक्षा के क्षेत्र में अंतिम तमन्ना भी थी पर मिल गई धूल में
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कनीना की आवाज। यूं तो कनीना निवासी डाक्टर होशियार सिंह यादव 40 सालों की विभिन्न सरकारी, निजी ,कालेज, स्कूल शिक्षक, प्राध्यापक आदि सेवा देने के बाद 30 अप्रैल 2024 को धनौंदा, खंड कनीना से सेवानिवृत्त हो गए। उन्हीं की कहानी होशियार सिंह की जुबानी सुने---
मेरे यूं तो शिक्षण दौरान 29 जगह अलग-अलग समय में तबादले हुए और आखरी तमन्ना यही होती थी कि किसी प्रकार वापस कनीना आया जाए। यही कारण है कि बार-बार इधर-उधर तबादला होने के बाद फिर से वापस कनीना आया और कनीना में सारी जोड़ गांठकर 18 सालों की सेवा हुई। जबकि 11 सालों की सेवा प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में पूरी की। जब भी कहीं तबादला होता तो वहां से वायां करीरा होकर कनीना आता या फिर सीधे तरीके से भी वापस आया। शिक्षा विभाग में पैसे से सब कुछ संभव है। मेरे कुछ दुष्ट साथियों ने मेरा बाबा बार तबादला चाहे राव इंद्रजीत सिंह के मार्फत या फिर पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के मार्फत करवाया हो किंतु पैसे दे लेकर वापस आ गया। यह सत्य है कि पैसों से काम हुआ साथ में भागदौड़ भी करनी पड़ी। जब मेवात में अल्लिका में फिर पाठ खोरी में बदली हुई तब तो कुछ लोगों ने जिनको मैं अच्छी प्रकार जानता हूं, श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में मिले और उन्होंने मेरे मुंह पर ही कहा कि अब तुम्हें शेष सेवा मेवात में पूरी करना होगी। दर्द के मारे बस इतना ही कहा-वक्त बताएगा और वापस चंद दिनों में कनीना आ गया। खूब नुकसान झेलना पड़ा। चाहे जैसे भी जीवन बीता संघर्ष में बीता। संघर्षों के कारण आज कुंदन बन गया हूं। बस अंतिम इच्छा कनीना स्कूल से सेवानिवृत्त होने की थी। मेरे बहुत अच्छे साथी नरेश कौशिक आज भी राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में मुख्याध्यापक बतौर कार्यरत है और जल्द ही ये प्राचार्य होंगे। उन्होंने मुझे अपने विद्यालय में आने का निमंत्रण दिया जो संभव भी था। इसके लिए बहुत प्रयास किया। सरकार ने जेबीटी के तबादले 2023 में किए फिर यह सोचकर कि मास्टर कैडर के तबादले भी होंगे परंतु सिरे नहीं चढ़ पाये,धीरे-धीरे सारी तमन्नाएं दफन हो गई। उसी दौरान विजय कुमार राजकीय माडल संस्कृत विद्यालयों के निदेशक होते थे। उनसे दो-तीन बार मुलाकात कनीना में हुई और मैं उनसे निवेदन किया कि मेरा तबादला माडल स्कूल कनीना में कर दिया जाए क्योंकि मैं सभी योग्यताएं पूर्ण कर रखी है। उन्होंने कहा हां भी कहा, उच्च अधिकारियों से भी बात की। एक प्रार्थना पत्र इस संबंध में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को भेजा। कुछ साथियों की मदद लेकर परिचय भी मौलिक जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से हुआ क्योंकि वह और मैं साथ ही राजकीय महाविद्यालय नारनौल में पढ़ते थे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने एक बात कही कि किसी दिन नारनौल आ जाओ। पहले एक चाय पीएंगे और फिर आपका काम भी कर देंगे। यह सोचते हुए कि मुझे नारनौल जाना है, नारनौल नहीं जा पाया और इसी बीच विजय कुमार निदेशक माडल संस्कृति का अन्य किसी विभाग में तबादला करके भेज दिया और यह मेरी तमन्ना वही दफन हो गई। इधर से माडल संस्कृति स्कूल भी मेरे लिए उतना ही उचित था वही नरेश कुमार कौशिक मुख्याध्यापक वाला राजकीय कन्या उच्च विद्यालय भी मेरे लिए बहुत बेहतर साबित होता क्योंकि धनौंदा स्कूल से मेरा मन ऊब चुका था, वहां तीन बार रह चुका हूं। वहां के प्राचार्य विशेषकर मेरे हर काम में देरी करते आए हैं और देरी करते भी रहेंगे। जो भी मेरे काम रुके वो आज तक पूरे नहीं हो सके हैं। नरेश कौशिक बताते हैं कि ऐसे काम प्राचार्य के हाथ में होते हैं। अगर मेरे पास डा होशियार सिंह एक दिन के लिए भी आ जाते तो उनके सारे रुके हुए लाभ उसी क्षण दे देता। प्राचार्य चाहे तो स्टेट अवार्ड की दो वेतनवृद्धियां, गैर कानूनी रूप से 25 र्अित अवकाश काटना, एसीपी में देरी अन्य रुके हुये कार्य पूरे करके ही दम लेने की बात एक मुलाकात में की। और ऐसा आश्वासन मुझे कनीना से मिल रहा था कि किसी प्रकार एक बार कनीना स्कूल ज्वाइन कर लो तुम्हें सारे लाभ उसी दिन से प्रदान कर दिए जाएंगे परंतु यह नसीब नहीं हुआ और सेवानिवृत्त हो गया। सेवानिवृत्ति के समय धनौंदा का प्राचार्य भी हाजिर नहीं हुआ वो भी कोई बात नहीं। प्राचार्य ने अच्छा व्यवहार भी कभी नहीं किया, यद्यपि प्राचार्य के लिए मैंने जी मैंने जी जान एक किया, खूब मदद की, खूब सहयोग किया, कभी उनकी खबर लिखने के लिए तो कभी स्कूल से बाहर के कार्यों को पूरा करने के लिए, मंच से संबोधन करना हो और कोई अन्य काम हो हर समय हाजिर परंतु आज तक अनेक लाभ अटके पड़े हुए हैं। एसीपी लगवाने के लिए कितने प्रयास ैिकये, उच्चाधिकारियों, सीएम,पीएम विंडो में शिकायत करके दान पुण्य करके कुछ सिरे चढ़ा तो प्राचार्य और बाबू अपनी शान समझते हुए देरी कर गये। उधर दो स्टेट अवार्ड के दो इंक्रीमेंट मिले ही नहीं 25 दिनों के अर्जित अवकाश काट लिए गए, घोर अन्याय किया गया जिसके लिए एकमात्र इलाज अब न्यायालय बचा है। जिन्होंने मुझे मेरे लाभों से वंचित किया है चाहे उसमें कोई भी शामिल हो उनको जरूर न्यायालय तक घसीटकर ले जाऊंगा, आगे चाहे हार हो या जीत, सब ऊपर वाले पर निर्भर करती है। यही मेरी एक तमन्ना थी और वह पूरी नहीं हो सकी। इस जन्म में तो शिक्षण कार्य करके कोई खुशी नहीं हुई क्योंकि यह मेरा निष्कर्ष है कि शिक्षा विभाग में बेहतर काम करने वालों की कोई कद्र नहीं होती, अधिकारियों की हां में हां मिलाने वाले, चमचागिरी करने वालों की कद्र होती देखी गई। कुछ शिक्षक अधिकारियों को अपनी गाडिय़ों में बिठाकर इधर-उधर लाते ले जाते हैं उन्हें पढऩे से कोई लेना-देना नहीं है। बच्चे जाये भाड़ में, हम तो साहब की आड़ में। कुछ प्राचार्य के पास इतने नजदीक हो जाते हैं कि उन्हें भी कोई मतलब पढ़ाने से नहीं होता। वैसे भी पढ़ाने वालों की कोई कद्र नहीं होती। यह सत्य है कि विद्यार्थियों ने ऐसे शिक्षक को सदा याद किया है और करते भी रहेंगे।
कनीना में आयोजित हुआ कपास दिवस
-200 किसानों ने लिया भाग
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कनीना की आवाज। कनीना के संतमोलडऩाथ आश्रम परिसर में एक दिवसीय कपास दिवस का आयोजन किया गया। उप- कृषि निदेशक नारनौल की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें करीब 200 किसानों ने भाग लिया। कृषि किसान केंद्र से डाक्टर नरेंद्र यादव ने रबी व खरीफ की फसलों की बीमारियों के बारे में किसानों का अवगत कराया वहीं डाक्टर रविंद्र एडीओ ने किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम एवं अन्य योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी।
सेवानिवृत्त विषय विशेषज्ञ डा देवराज ने किसानों को सभी फसलों की विस्तार से जानकारी दी वही डाक्टर कृष्ण यादव प्रोग्रेसिव किसान ने किसानों को कपास और सरसों की फसलों में बीज उपचार एवं रोगों के बारे में विस्तार से बताया। डा. मनीष ने मंच संचालन किया। इस मौके पर डाक्टर अरविंद यादव, महेश कुमार, कुलदीप सिंह, सतीश कुमार, दिव्या, रवि कुमार निक्की, राहुल, शंकर ,बंसी एवं परमवीर आदि किसान मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05: कपास दिवस में उपस्थित किसान
विधानसभा आम चुनाव- 2024
अटेली विधानसभा से दो लोगों ने किया नामांकन
--सातवें दिन तक 8 प्रत्याशियों के हो चुके हैं नामांकन
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कनीना की आवाज। हरियाणा विधानसभा आम चुनाव-2024 के लिए नामांकन प्रक्रिया चल रही है। अटेली विधानसभा क्षेत्र से बुधवार को दो प्रत्याशियों ने अपना नामांकन भरा है। गुरुवार 12 सितंबर नामांकन का अंतिम दिन होगा। अटेली विधानसभा क्षेत्र के लिए बुधवार को भाजपा प्रत्याशी बतौर आरती राव ने पर्चा भरा वहीं मनीता सिंह ने निर्दलीय आवेदन किया वहीं हेमंत कुमार ने भी निर्दलीय बतौर आवेदन करना चाहा किंतु आवेदन पूरा न होने के कारण नामांकन नहीं हो पाया। अब तक कुल नामांकन आठ हो गये हैं।
उल्लेखनीय है कि नामांकन के छठे दिन मंगलवार को नामांकन करने वालों में इंडियन नेशनल लोकदल एवं बहुजन समाजवादी पार्टी के गठबंधन के प्रत्याशी अतर लाल, सोशलिस्ट यूनाइटेड कम्युनिस्ट आफ इंडिया पार्टी से ओमप्रकाश तथा निर्दलीय प्रत्याशी साधना ने नामांकन भरा ।
उधर नामांकन के पांचवें दिन सोमवार को तीन नामांकन भरे गये जिनमें जजपा की आयुसी यादव, कवरिंग कंडीडेट बतौर अभिमन्यु राव तथा ओमप्रकाश इंजीनियर ने स्वतंत्र रूप से नामांकन भरा है। तीन दिनों में अटेली से 8 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है।
इस बार अटेली विधानसभा क्षेत्र के नामांकन कनीना में नामांकन भरे जा रहे हैं। कनीना के एसडीएम कार्यालय परिसर में नामांकन कक्ष बनाया गया है। नामांकन सुबह 11 से दोपहर बाद तीन बजे तक किये जा सकते हैं।
अटेली विधानसभा क्षेत्र के लिए कनीना के एसडीएम अमित कुमार को रिटर्निंग अधिकारी लगाया गया है। वे कनीना में अपने कोर्ट रूम में नामांकन पत्र लेते हैं।
उन्होंने बताया कि नामांकन दाखिल करते समय उम्मीदवार सहित पांच नागरिकों को नामांकन कक्ष में जाने इजाजत रहेगी। उम्मीदवारों के वाहन भी नामांकन स्थान से 100 मीटर की परिधि से दूर रहेगा। सभी उम्मीदवारों व उनके साथ आने वाले नागरिकों को चुनाव आयोग द्वारा जारी सभी हिदायतों का पालन करना होगा।
फोटो कैप्शन 01: एसडीएम कार्यालय में नामांकन करते हुए आरती राव
02:नामांकन करते हुए मनीता सिंह पत्नी राव इंद्रजीत सिंह
कनीना क्षेत्र में हुई 2 एमएम वर्षा
-नहीं रुका है वर्षा होने का सिलसिला
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में वर्षा होने का सिलसिला अभी तक जारी है। बुधवार को दोपहर 2 एमएम वर्षा हुई। इस खरीफ फसल के मौसम में जहां सावन माह में बेहतर वर्षा हुई है वही सावन के बाद भी सावन जैसी झड़ी लगी देखने को मिली। सावन से पहले भी अच्छी वर्षा हुई है। फसल पकने जा रही है। महज एक सप्ताह बाद पककर तैयार हो जाएगी और आगामी पखवाड़े में कटाई शुरू हो जाएगी।
अनुमान है कि चुनाव से पहले पहले खरीफ की फसल की कटाई हो चुकी होगी। एक और जहां किसानों की अधिक वर्षा के कारण कपास की फसल तबाह हो गई है, उन्हें सरकार द्वारा मुआवजा मिलने की संभावना के चलते दिन रात भाग दौड़ कर रहे हैं। किसान अपने कपास के बीज खरीदे जाने के बिल बनवा रहे हैं या बनवाकर रखे हें उन्हें ढूंढ रहे हें। ताकि सरकार उन्हें मुआवजा दे सके। यदि बाजरे में भी पानी लगातार खड़ा रहेगा तो बाजरे की फसल भी नष्ट हो सकती है।
आ गया मौसम दल बदलने और पार्टी छोडऩे का
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कनीना की आवाज। चुनावों के दौरा विभिन्न पार्टियों में भगदड़ सी मची हुई है। एक पार्टी के नेता पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जा रहे हैं वही बहुत से नेता त्यागपत्र भी दे रहे हैं। इस वर्ष विधानसभा चुनाव में जमकर उथल-पुथल होती नजर आ रही है। भाजपा की नेत्री संतोष यादव जहां पहले ही भाजपा को छोड़ चुकी है, इस्तीफा दे चुकी है वहीं सत्यवान शास्त्री भी भाजपा छोड़ चुके हैं। उधर कंवर सिंह कलवाड़ी ने भी जो लंबे समय से इनेलो में रहे हैं बाद में जजपा में रहे चुनाव भी लड़े वो अब पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। राव बहादुर सिंह जो विधायक भी रह चुके हैं और लोकसभा चुनाव भी लड़े थे, अब जजपा को छोड़कर भाजपा में आ चुके हैं।
जहां भी किसी पार्टी के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं या नेताओं की सभाओं में इधर से उधर अेाते जाते दिखाई पड़ रहे हैं। चुनावों के दिनों में विशेष रूप से यह नजारा देखने को मिलता है क्योंकि अधिकांश लोग अपना हित देखते हैं, नेता भी उनसे कम नहीं है जिसके कारण वो चाहते हैं कि सत्ता में किसी प्रकार उनका हाथ रहे। जिस भी पार्टी की कुछ हवा नजर आती है उसी में चले जाते हैं। विभिन्न पार्टियों में ही ऐसी हलचल होती रहती है और कुछ दिन और होती रहेगी।
अटेली विधानसभा क्षेत्र में बनने लगा है रोचक मुकाबला
-अनीता यादव के कांग्रेस की टिकट मिली
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कनीना की आवाज। अटेली विधानसभा क्षेत्र इस बार चर्चित विधानसभा क्षेत्र बनता जा रहा है जिसमें अभी तक 8 प्रत्याशियों ने अपने-अपने नामांकन कर दिए हैं और भविष्य में नामांकन और होंगे। इस बार जहां कई रोचक मुकाबले भी अटेली विधानसभा से होने जा रहे हैं। अभी तक यह माना जा रहा था कि अटेली विधानसभा में आसानी से जीत हासिल हो सकती है किंतु इस बार मुकाबला कड़ा होने के आसार बन गए हैं क्योंकि एक और जहां भाजपा से आरती राव है वहीं कांग्रेस की अनीता यादव को टिकट मिलने की सूचना है।
बाप और बेटी आमने-सामने -
अटेली विधानसभा में पहली बार बाप और बेटी आमने-सामने होने जा रहे हैं। जहां बसपा और इनेलो संयुक्त प्रत्याशी अतरलाल मैदान में उतर गए हैं वहीं निर्दलीय प्रत्याशी उनकी पुत्रवधू साधना ने भी नामांकन भरा है। एक और समाज में ससुर एवं पुत्रवधु का पिता और पुत्री के समान देखा जाता है। जहां पिता क्षेत्र में ससुर को पिता और पुत्रवधू को पुत्री के संज्ञा दी जाती है। ऐसे में कहा जा सकता है पिता और पुत्री आमने-सामने होंगे।
मां और बेटी आमने-सामने -
अटेली विधानसभा में मां और बेटी भी इस बार आमने-सामने होंगे। जहां भाजपा से अटेली विधानसभा में आरती राव ने नामांकन किया जो राव इंद्रजीत सिंह की पुत्री है वहीराव इंद्रजीत सिंह की पत्नी मनीता सिंह ने भी नामांकन भर दिया है। इस प्रकार अटेली विधानसभा से मां और बेटी के बीच भी मुकाबला होगा।
अनीता के कारण बढ़ी हलचल-
अभी तक अटेली विधानसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी पर शंका बनी हुई थी कि किसे टिकट मिलेगी वहीं सभी की नजरें अनीता यादव पर टिकी हुई थी। अंतत: अनीता यादव का नाम अटेली विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी बतौर सामने आ गया है। अनीता यादव का नाम आने के कारण अटेली विधानसभा पर सभी के नजर टिक जाएगी। क्योंकि यह मुकाबला आमने सामने की टक्कर नहीं बहुकोणिये बनने की संभावना है। अभी तक नामांकन प्रक्रिया जारी है। देखा जाना है कितने नामांकन भरे जाते हैं।
अटेली विधानसभा से अब तक भरे गये आठ नामांकन-
अटेली विधानसभा क्षेत्र से अब तक 8 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन भरा है। अटेली विधानसभा क्षेत्र के इंडियन नेशनल लोकदल एवं बहुजन समाजवादी पार्टी के गठबंधन के प्रत्याशी अतर लाल, सोशलिस्ट यूनाइटेड कम्युनिस्ट आफ इंडिया पार्टी से ओमप्रकाश तथा निर्दलीय प्रत्याशी साधना,जजपा की आयुसी यादव, कवरिंग कंडीडेट बतौर अभिमन्यु राव तथा ओमप्रकाश इंजीनियर, भाजपा से आरती राव व अटेली से ही मनीता सिंह ने नामांकन भर दिया है।



















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