सतीश जेलदार पूर्व प्रधान के घर हुआ अनीता यादव का जमकर स्वागत
-भारी भीड़ से गदगद हो गई अनीता यादव
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कनीना की आवाज। अटेली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अनीता यादव जो कनीना क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए अग्रणी नाम बतौर जानी जाती है, का शुक्रवार की देर शाम पूर्व प्रधान सतीश जेलदार के घर जोरदार स्वागत किया। भारी संख्या में लोग पहुंचे, पगड़ी और फूल मालाओं से उनका स्वागत किया।
इस मौके पर उपस्थित लोगों ने पूरा समर्थन देने का वादा किया। इस मौके पर सभी ने विश्वास दिलाया कि इस बार जीत अनीता यादव की ही होगी और जीताने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। अनीता यादव भारी भीड़ को देखकर गदगद हो गई और अपनी जीत के प्रति आश्वस्त नजर आई। अनीता यादव ने कहा कि वह सदा अटेली विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए उद्यत रहेगी। उन्हें मौका दिया तो किसी प्रकार के विकास कार्यों की कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। रोजगार बिजली, पानी तथा अन्य सुविधाओं को पूरा किया जाएगा तथा सभी की भावनाओं पर खरा उतरूंगी। इस मौके पर अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे और अपने-अपने विचार रखें।
फोटो कैप्शन 8 और 9- अनीता यादव का स्वागत करते हुए लोग।
कांग्रेस सत्ता में आते ही देगी 300 यूनिट मुफ्त बिजी-अनीता यादव
-ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ जोरदार स्वागत
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कनीना की आवाज। कांग्रेस प्रत्याशी अटेली के लिए वोट मांगने कनीना के पूर्व प्रधान सतीश जेलदार के अतिरिक्त एक दर्जन गांवों में पहुंची और वोट मांगे। उनका जमकर बैंड बाजों के साथ उनका स्वागत किया गया, फूल माला उसे लाद दिया गया।
इस मौके पर कांग्रेसी नेता प्रत्याशी अनीता यादव ने कहा कि एक वक्त था जब कनीना के कान्ह सिंह कालेज में सरसों भरवा दी गई थी क्योंकि भाजपा की सोच रही थी कि यदि ये बच्चे अगर लिख पढ़ गए तो उनकी टाट पट्टी कौन बिछाएगा, उनकी सेवा पानी कौन करेगा? उन्होंने कहा कि सरपंचों पर लाठियां चलाई गई,किसान परेशान किये। भाजपा के राज से हर इंसान दुखी है।
उन्होंने कहा कि अब वोटर का मन कांग्रेस के साथ है, अनीता के साथ है। उन्होंने तय कर लिया है कि पूरे हरियाणा में जब कांग्रेस की सरकार बन रही है उसमें हम भागीदारी करें। हर व्यक्ति यही चाहता है कि कांग्रेस का राज आये तथा अटेली से कांग्रेस के की अनीता यादव को जीताकर भेजें। उन्होंने कहा कि भाजपा की 10 वर्षों की नीति अच्छी नहीं रही। सरपंचों,किसानों एवं आंगनबाड़ी की कर्मियों को लठियां खानी पड़ी। जिसने भी कोई मांग की उन्हें लाठियां और गोली खानी पड़ी। उन्होंने कहा कि हमारा घोषणा पत्र आम जनता के लिए है। 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी, 25 लाख तक का इलाज करवो का प्रावधान होगा, गरीबों को प्लाट दिये जाएंगे, 3.50 लाख रुपये में मकान बना कर दिये जाएंगे, जातिगत जनगणना करवाएंगे,युवाओं को नौकरी देंगे और बड़े-बड़े काम हरियाणा में सरकार करेगी। इस मौके पर राधेश्याम गोमला सहित भारी संख्या में जन्म उपस्थित रहे। इस बार कांग्रेस की लहर ने सभी के समीकरण बदलकर रख दिए हैं। यह हर इंसान की जुबान पर कांग्रेस देखने को मिला।
फोटो कैप्शन 07: खैराणा में वोट मांगते हुए अनीता यादव
विकास करवाना मेरी होगी पहल-अतरलाल
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कनीना की आवाज।अटेली को उपमंडल बनाना हमारा पक्का इरादा है और जनता जनार्दन के आशीर्वाद से विधायक बनने पर अटेली को उपमंडल बनवाया जाएगा। युवाओं के रोजगार के लिए क्षेत्र में आईएमटी की स्थापना की जाएगी तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। अटेली क्षेत्र में खेल स्टेडियम व खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। जिससे यहां के नौजवान खेलकूद में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हासिल करेंगे।
बसपा एवं इनेलो के उम्मीदवार नेताजी अतरलाल ने अपने चुनाव अभियान के दौरान अटाली, दुलोठ जाट, सागरपुर, भोड़ी, तिगरा, खोड़, मोहलड़ा, गोमला, गोमली, मोड़ी व पड़तल गांवों में जनसभाओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। गांवों में पहुंचने पर नेताजी अतरलाल का फूल माला पहनाकर, बैंड-बाजे, ढ़ोल-नगाड़े बजाकर स्वागत किया। अतरलाल ने कहा कि अटेली कनीना क्षेत्र खिलाडिय़ों और प्रतिभाओं की खान है। विधायक बनने पर यहां के बच्चों को शिक्षा और खेल में अच्छी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जिससे यहां के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। विधायक बनने पर विकास के मामले में अटेली विधानसभा क्षेत्र को नम्बर एक बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा क्षेत्र भारतीय सेना में सबसे ज्यादा सैनिक भेजता है। विधायक बनने पर अटेली में सीएसडी. कैंटीन खुलवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की राजकीय महाविद्यालयों में सभी पदों पर नियुक्तियां करवाई जाएंगी तथा नए विषयों एवं पाठ्यक्रमों की कक्षाएं प्रारम्भ की जाएंगी। अतरलाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य एक उन्नत एवं खुशहाल अटेली विधानसभा क्षेत्र का निर्माण करना है तथा जनता जनार्दन के आशीर्वाद से अगले पांच साल में अटेली हलके को हरियाणा में सबसे आगे ले जाएंगे। प्रमुख समाजसेवी श्री भगवान गौतम ने कहा कि अटेली हलके में अतरलाल की लहर चल रही है और नेताजी अतरलाल भारी वोटो से विजय हासिल करेंगे। इस अवसर पर डॉ. जितेन्द्र पाल, शेर सिंह यादव, बहुजन समाज पार्टी के जिला प्रधान प्रमोद कटारिया, हलका प्रधान रविन्द्र रामबास, इनेलो के हलका प्रधान करण सिंह यादव, एस.सी. सैल के प्रदेश महासचिव वेदप्रकाश नम्बरदार, मेजर भाग सिंह, देवेन्द्र यादव, महेन्द्र प्रजापत सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 06: अतरलाल संबोधित करते हुए।
मेरा शिक्षा का सफर पुस्तक से साभार
- एपिसोड-30
-मिला कहां वह सुख जिसको देखकर मैं....
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कनीना की आवाज। जयशंकर प्रसाद ने अपनी कविता में लिखा है कि मिला कहां वो सुख जिसको देखकर मैं जाग गया, वो बांहों में आते-आते मुस्करा के भाग गया। ये लाइन शत प्रतिशत कनीना के डा. होशियार सिंह, सेवानिवृत्ति विज्ञान शिक्षक पर लागू होती है, जो पूरे जीवन में अभागा ही कहलाया, जिसे होना चाहिए था कम से कम प्राचार्य और वह विज्ञान शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हुआ। जिसके पीछे कुछ राक्षस प्रवृत्ति के लोगों का भी अहं रोल रहा है। उनके जीवन के खट्टे मीठे अनुभव होशियार सिंह की जुबानी सुनिये-
यूं तो मैं 1995 में विज्ञान शिक्षक बतौर झूक से अपना सफर शुरू किया था और अपनी सेवा का समापन धनौंदा में हो गया। वैसे तो कहावत है कि जिसका आगाज अच्छा हो तो अंजाम बेहतर होता है, परंतु यहां तो उलट ही साबित हुआ। आगाज तो अच्छा था लेकिन अंजाम बुरा साबित हुआ। झूक में तो बेहतर काम रहा किंतु सेवानिवृत्त धनौंदा से होना एक नरक के समान साबित हुआ है। सेवानिवृत्ति पर जो हाल देखा उससे बेहतर है कि इंसान यह पता न लगने दे कि मैं सेवानिवृत्त हो रहा हूं और चुपचाप अपने घर चला जाए। 1995 में सथयी रूप से जेबीटी पद पर चयन हो गया किंतु एक नीच साथी की गलत सलाह से कार्यभार ग्रहण नहीं किया वरना बहुत लाभ हुआ होता।
1995 से एक अक्टूबर 2003 तक तदर्थ आधार पर सेवा की और 2003 में स्थायी नियुक्ति मिली, बाद में 2005 में कंफर्म हो गया लेकिन दुर्भाग्य 1995 में आया जब राजनीति शास्त्र पर प्राध्यापक बतौर सूची में नाम आ गया लेकिन सूची से केवल 50 अभ्यर्थियों को ही पत्र मिला और बेअंत सिंह, पंजाब मुख्यमंत्री का हत्याकांड के बाद हरियाणा की भजनलाल सरकार भी चली गई और वह लिस्ट अधर में लटक गई। यह मेरे लिए एक और बहुत बड़ा आघात लगा। काफी प्रयास किया किंतु लिस्ट अधर में ही अटकी रही। तीसरा आघात 1998 में लगा जब चंडीगढ़ एक नहीं तीन साक्षात्कार दिए जिनमें विज्ञान अध्यापक बतौर स्थायी नियुक्ति के लिए, दूसरा राजनीति शास्त्र प्राध्यापक के लिए और तीसरा हिंदी प्राध्यापक पद के लिए। बहुत बेहतर साक्षात्कार भी हुए
वही चौथा साक्षात्कार प्राध्यापक बायोलाजी के लिए भी दिया। बायोलाजी के साक्षात्कार में दो अभ्यर्थियों को ले लिया और मेरा नाम वेटिंग लिस्ट में रह गया। एकमात्र मैं वेटिंग लिस्ट में था। आज भी यह लिस्ट मेरे पास सुरक्षित रखी हुई है। वही विज्ञान अध्यापक, राजनीति शास्त्र प्राध्यापक और हिंदी प्राध्यापक का बहुत बेहतरीन साक्षात्कार हुआ।
उसे समय भाजपा नेता नठेड़ा निवासी वीर कुमार चयन बोर्ड के सदस्य थे। जो मेरे से अच्छी प्रकार परिचित थे, चूंकि मैंने पत्रकारिता बतौर उनके समाचार भी लिखे थे। उन्होंने साक्षात्कार दौर चाय, बिस्कुट आदि खिलाकर मुझे भेजा और कहा कि आपका चयन हो जाएगा, इंतजार करो।
दुर्भाग्य तीनों की तीनों सूचियां जिनमें मेरा चयन होना था न्यायालय में रोक लगाई जाने के कारण अधर में लटक गई। तत्पश्चात कई विषयों में स्नातकोत्तर किया, यह सोचकर कि कभी काम आएंगी किंतु कोई लाभ नहीं मिला। तत्पश्चात सरकार ने एक नियम बदल दिया जिसके तहत कोई भी पदोन्नति पाने वाला तभी पदोन्नति पा सकता है जब उसके स्नातक में तथा परास्नातक में एक जैसा विषय हो। कितने ही शिक्षकों की इस नियम के तहत पदोन्नति रुक गई। इनके अतिरिक्त 2016 में शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा सरकार ने न जाने कितने परिवर्तन कर डाले जिसकी मार सबसे अधिक मुझ पर पड़ी। हजारों शिक्षक यह मार झेलते रहेंगे। ऐसे ऐसे नियम सरकार ने बना डाले जो किसी अन्य प्रदेश में नहीं हैं। हरियाणा सरकार ने एक नियम बना डाला जिसके तहत राज्य शिक्षक पुरस्कार अपने वाले व्यक्ति की उम्र यदि 55 साल है या इससे अधिक है और अवार्ड मिलता है तो उसे दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियों का कोई लाभ नहीं मिलेगा। सबसे बड़ा अन्याय हुआ हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला उस समय उम्र करीब 55 साल हो चुकी थी। इसलिए दो वेतनवृद्धियोंं का लाभ मुझे नहीं दिया गया जबकि कितने ही शिक्षक यह लाभ ले रहे हैं और लेते रहेंगे क्योंकि बेहतर सोच का प्राचार्य नहीं मिला, काश ऐसे समय बेहतर एवं सकारात्मक सोच वाला नरेश कौशिक जैसा मुख्याध्यापक कोई मिल जाता तो सारे लाभ मिल चुके होते। क्योंकि मुझे 2022 में हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला था। तत्पश्चात हरियाणा सरकार ने एक और नियम बदल कर रख दिया कि 2020 तक किसी भी शिक्षक को हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार मिलता है तो उसे 2 साल की अतिरिक्त सेवा वृद्धि का लाभ मिलता है अर्थात दो साल अधिक नौकरी करता है। अफसोस हम उस लाभ से भी वंचित कर दिए गए। अब अगर हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनती है तो संभावना है कि वो लाभ मिल जाएंगे। दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियां और 2 साल का अतिरिक्त सेवा लाभ मिल जाता तो पीछे की भरपाई हो जाती परंतु वह भी नसीब नहीं हुआ। यहां तक की हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करना मेरी बहुत बड़ी भूल साबित हुई जिसमें नुकसान अधिक और लाभ कम हुआ। यह पुरस्कार तो उन लोगों के लिए बेहतर है जिनकी उम्र कम होती है, वरना इस पुरस्कार का कोई लाभ आज के दिन नहीं बचा है। यह सरकार के घटिया नियमों का परिणाम और कुछ अपने को ज्ञानवान समझने वाले प्राचार्यों के कारण भी मुझे आघात लगा।
यह दुर्भाग्य ही कहा जाए की एक के बाद एक अनेकों समस्याएं आती रही। आज मेरे साथी जो जिला शिक्षा अधिकारी के पदों तक पहुंचकर सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं परंतु मैं केवल विज्ञान शिक्षक पद से ही सेवानिवृत्त हुआ हूं। खैर अब मैंने उस ईश्वर पर सब छोड़ दिया है जिस किसी ने मेरे साथ अच्छा नहीं किया उसका अंत बहुत दर्दनाक होगा, इसका मुझे पूरा यकीन है। ईश्वर ने पीले भी मेरे साथ बुरा बिताने वालों का बुरा हाल किया है और भविष्य में भी वो ही उनको कुत्ते की मौत मारेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भोजावास में 28 को
-आरती राव के समर्थन में करेंगे प्रचार
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कनीना की आवाज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अटेली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी आरती सिंह राव के समर्थन में अटेली विधानसभा क्षेत्र के गांव भोजावास में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। अटेली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी आरती सिंह राव ने जारी एक बयान में बताया कि योगी आदित्यनाथ के साथ केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ,अटेली के निवर्तमान विधायक सीताराम यादव एवं अन्य नेता भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि रैली 12 बजे होगी जिसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं आम जनता में भारी उत्साह है। क्षेत्र की जनता उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के स्वागत के लिए पलक बिछाए बैठी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने प्रिय नेताओं के विचार सुनने के लिए अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे।
फोटो कैप्शन: आरती सिंह राव।
जवानों ने कनीना-अटेली क्षेत्र में निकाला फ्लैग मार्च
--शांतिपूर्ण मतदान के लिए निकाली फ्लैग मार्च
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कनीना की आवाज। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर महेंद्रगढ़ पुलिस अलर्ट मोड़ पर है। पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा के दिशा निर्देशानुसार विधानसभा चुनाव के मध्यनजर विधानसभा अटेली क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला गया। पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में कनीना-अटेली क्षेत्र में पुलिस टीम व सीएपीएफ के जवानों ने फ्लैग मार्च निकालकर आम नागरिकों को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं स्वतन्त्र रुप से चुनाव प्रक्रिया में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। महेंद्रगढ़ पुलिस और आरपीएफ के जवानों ने नाकाबंदी कर वाहनों को चेक किया गया, उनके कागज भी चेक किए गए। इसके साथ ही संदिग्ध लगने वाली गाडिय़ों को साइड में खड़ी करवाकर उसको अंदर से पूरा जांचा गया, ताकि किसी भी प्रकार के हथियार, मादक पदार्थ आदि को पकड़ा जा सके।
जिला महेंद्रगढ़ में विधानसभा चुनाव-2024 को शान्तिपूर्ण एवं निष्पक्ष करवाने तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने सीएपीएफ के जवानों के साथ मिलकर कनीना-अटेली क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला। उन्होंने कहा कि मतदाता पूरी निडरता के साथ अपने विवेक व स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करें। जहां भी संवेदनशील मतदान केन्द्र हैं, वहां पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं तथा संदिग्ध किस्म के लोगों पर पूरी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस द्वारा बूथों को चेक कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है और इस दौरान मिली खामियों को दूर कराने के लिए संबंधित विभाग से पत्राचार किया जा रहा है।
फ्लैग मार्च का उद्देश्य आमजन में सुरक्षा की भावना पैदा करना है, ताकि वे निर्भय होकर अपना मतदान कर सके। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने लोगों को बिना किसी डर भय के चुनाव प्रकिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। फ्लैग मार्च के दौरान आमजन से यह भी अपील की गई कि मतदान के दौरान अगर कोई व्यक्ति उन्हें प्रभावित करे तो तुरंत उसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
फोटो कैप्शन 05: पुलिस फ्लैग मार्च निकालते हुए।
कनीना में रफ्तार कार्यक्रम आयोजित
--अनेक प्रतियोगिताएं आयोजित, पुरस्कृत
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कनीना की आवाज। प्राथमिक शिक्षा विभाग के सौजन्य से आज समग्र शिक्षा अभियान के रफ्तार कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 1,स्र से 5 की क्लस्टर स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। मुख्य प्रतियोगिताएं 1 से 5 कक्षा में पढऩे वाले विद्यार्थियों की संबंधित शिक्षण कराने वाले अध्यापकों की करवाई गई। जिसमे पठन प्रतियोगिता ,उल्टा पठन प्रतियोगिता, टांग ट्विस्टर प्रतियोगिता, रिले पठन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
शिक्षक वर्ग प्रतियोगिता में पठन में प्रथम स्थान ढाणी कनीना विद्यालय के सतीश कुमार को मिला दूसरा स्थान इसी विद्यालय के सुशील कुमार को मिला तथा तीसरा स्थान कपूरी प्राथमिक पाठशाला के बलजीत को मिला ,वही उल्टा पठन प्रतियोगिता में राजकीय कन्या माडल स्कूल कनीना के सतवीर सिंह को प्रथम, ढाणी स्कूल के सतीश कुमार को दूसरा तथा ढाणी स्कूल के ही सुशील कुमार को तीसरा स्थान मिला। अध्यापक टांग ट्विस्टर प्रतियोगिता में ककराला स्कूल के प्रदीप कुमार को प्रथम, ढाणी स्कूल के सुशील कुमार को द्वितीय तथा कपूरी स्कूल के बलजीत सिंह को तीसरा स्थान मिला। रिले पठन में अध्यापकों की जोड़ी ने भाग लिया जिसमें प्रथम स्थान माडल स्कूल ककराला के प्रदीप कुमार व सुनील कुमार को, दूसरा स्थान ढाणी कनीना स्कूल के सुशील कुमार व सतीश कुमार को तथा तीसरा स्थान माडल स्कूल बाल कनीना के नरेश कुमार व प्रदीप कुमार को मिला। बाल प्रतियोगिताओं में पठन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान ढाणी स्कूल की मारुति को, दूसरा स्थान कपूरी की हर्षित को तथा तीसरा स्थान चेलावास की तवनी को मिला। ,विभिन्न जानवरों पर चर्चा प्रतियोगिता में ढाणी कनीना की मारुति को प्रथम, ककराला स्कूल की दिव्यांश को द्वितीय तथा पवनी चेलावास को तीसरा स्थान मिला। पठन प्रतियोगिता में दूसरी कक्षा के पीयूष कपूरी स्कूल प्रथम, हर्ष ककराला को द्वितीय तथा कनीना मंडी के अमन को तीसरा स्थान मिला। उल्टा पठन में कपूरी स्कूल के पियूष प्रथम, माडल स्कूल कनीना के आरुषपाल द्वितीय तथा कपूरी स्कूल की गुंजन तीसरे स्थान पर रही । रिले प्रतियोगिता में ककराला स्कूल की हिमांशी व हर्ष प्रथम , कपूरी स्कूल के पियूष व गुंजन दूसरे स्थान पर व माडल स्कूल कनीना के नैंसी व बंशी तीसरे स्थान पर रहे। तीसरी कक्षा के पठन प्रतियोगिता में माडल स्कूल कनीना की अर्चना प्रथम, ढाणी स्कूल के नक्श द्वितीय तथा ककराला के नवीन तीसरे स्थान पर रहे। रिले पठन में ककराला स्कूल के नवीन , लोकेश प्रथम माडल स्कूल कनीना के अर्चना रोहिणी द्वितीय तथा कन्या माडल स्कूल कनीना की याचना व ईशान तृतीय रहे टग ट्वीट प्रतियोगिता में ककराला स्कूल के नवीन प्रथम, माडल स्कूल कनीना की अर्चना लोधी द्वितीय तथा ढाणी कनीना के नक्ष तीसरे स्थान पर रहे ,चौथी कक्षा की कहानी पठन प्रतियोगिता में कपूरी स्कूल के साकेत प्रथम कन्या मॉडल स्कूल कनीना की चेष्टा दुसरे तथा ककराला स्कूल के अंशु तीसरे स्थान पर रहे , उल्टा पठन में कन्या मॉडल स्कूल की पल्लवी प्रथम कपूरी स्कूल के साकेत द्वितीय तथा मॉडल स्कूल ककराला के अंशु तीसरे स्थान पर रहे टंग ट्वीस्ट में माडल स्कूल ककराला के अंशु प्रथम, कन्या माडल स्कूल कनीना की लक्ष्मी द्वितीय तथा कपूरी स्कूल के साकेत तीसरे स्थान पर रहे। रिले पठन में कन्या स्कूल के जतिन व सोनाक्षी प्रथम माडल स्कूल कनीना के अवनी व निशांत द्वितीय तथा कपूरी स्कूल के साकेत व अंशु तीसरे स्थान पर रहे। पांचवी कक्षा की प्रतियोगिताओं में माडल स्कूल ककराला की प्रेसी प्रथम, कपूरी स्कूल की भूमिका द्वितीय तथा ढाणी कनीना स्कूल के देवेश तीसरे स्थान पर रहे। उल्टा पठन में ककराला स्कूल की प्रेसी प्रथम, कन्या माडल स्कूल कनीना के अक्षित द्वितीय तथा प्राथमिक स्कूल कपूरी की भूमिका तीसरे स्थान पर रही। रिले पठन में कन्या माडल स्कूल ककराला की प्रिया व जतिन प्रथम, कन्या माडल स्कूल कनीना के नैना ,माही द्वितीय तथा चेलावास के आयुष व नितिन तीसरे स्थान पर रहे टंग ट्वीस्ट में कन्या माडल स्कूल कनीना के केशव प्रथम, ककराला की प्रेषित द्वितीय तथा जतिन ककराला तीसरे स्थान पर रहे। निर्णायक मंडल की भूमिका में माडल स्कूल के प्रवक्ता नरेश कुमार, करीना मंडी से प्रवक्ता नरेश कुमार करीरा से मधुबाला प्रवक्ता हिंदी ,अंग्रेजी अध्यापक संदीप कुमार , हिंदी अध्यापिका सुनीता मेहरा, राकेश कुमार ,रेखा कुमारी ,कश्मीरी निंबल, कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेश कुमार कौशिक मुख्याध्यापक ने की कार्यक्रम संयोजक ओमरती ने बताया कि यह विजेता प्रतिभागी खंड स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
फोटो कैप्शन 04: रफ्तार कार्यक्रम में अव्वल रहे विद्यार्थी।
चुनाव का पंच
पंच के चुनाव भी फीके लगते हैं विधानसभा चुनावों के आगे
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कनीना की आवाज। विधानसभा के चुनावों के आगे अब तो पंच के चुनाव भी फीके लगने लगे हैं। जिस प्रकार पंच के लिए भागदौड़, पैर छूकर वोट मांगना, बार-बार हाथ जोडऩे की गतिविधियां देखने को मिलती थी वे ही गतिविधियां अटेली विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिल रही हैं। मुकाबला टफ होने के कारण बड़े-बड़े स्टार प्रचारकों का उपयोग किया जाने लगा हैं। सचमुच बहुत जटिल बना दिये हैं ये चुनाव। एक प्रत्याशी ने तो कम से कम 200 गाडिय़ां अटेली क्षेत्र में लगा रखी है जहां प्रत्येक गांव के लिए एक-एक गाड़ी प्रचार कर रही है। जनसभाएं, नुक्कड़ सभाएं, परिचित से मिलना, देर रात तक वोट पकाना,दिन को लोगों से मिलना और हर जगह मिलते ही जाने का कार्यक्रम बना रखा है। नेताओं की आंखें नींद से भरी हुई है परंतु चैन फिर भी नहीं मिल रहा है। शाम तक जितने वोट बनते हैं वह सुबह होने पर फुर्र होते नजर आते हैं। और फिर ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार किया जाता है। गलियों में विभिन्न नेताओं की एक के बाद एक गाड़ी चक्कर लगा रही है और मोहर, लगेगी मोहर लगेगी की आवाज ही सुनाई पड़ रही है। गांव व शहर के किसी प्रमुख व्यक्ति के घर में नेता पहुंच रहे हैं जहां आसपास के लोगों को बुलाकर वोट मांगे जा रहे हैं, जनसंपर्क के लिए अलग से लोग छोड़ रखे हैं और ऐसा लगता है कि चुनाव अब पूरे यौवन पर पहुंच गया है। पंच का चुनाव भी फीका लगने लगा है। कहने को तो मामूली राशि रखर्च की जाएगी पर अंदर खाते उसे कहीं अधिक राशि खर्च कर चुके हैं। जहां कार्यालयों में हलचल बढ़ रही है, लोग सुबह से शाम आते-जाते रहते हैं। वही फोन पर फोन किया जा रहे हैं। सोशल मीडिया द्वारा प्रचार किया जा रहा है, फिर भी चैन नहीं मिल रहा है। बस भागदौड़, भागदौड़ नजर आ रही है। नेताओं को वोट वोट नजर आते हैं। अब स्टार प्रचारक भी उतार दिए गए हैं क्योंकि इस बार इस बार नाक का सवाल बन गई है जीत। एक तरफ जहां मंत्री की बेटी आरती राव वही एक पूर्व सीपीएस अनीता यादव वोट मांग रही है। जहां पूर्व मंत्री की बेटी आरती राव अपने पिता और अपने पूर्वजों से जुड़े वोटरों के बल पर चुनाव लड़ रही है वहीं अनीता यादव अपने विकास कार्यों को लेकर चुनाव मैदान में उतरी है और प्रचार कर रही है। कोई भी नेता किसी से अपने आप को कम नहीं समझ रहा है। चुनाव तेजी से अपेक्स की ओर बढ़ रहा है क्योंकि जिस प्रकार ग्राम पंचायत का चुनाव होता है उससे भी बदतर हालात अब विधानसभा चुनाव की बन गई है। बुजुर्ग बताते हैं कि एक समय था जब लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कोई विशेष ध्यान मतदान पर नहीं दिया जाता था परंतु अबकी बार तो इस कदर ध्यान दिया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक मतदान करवाया जाए। परिणाम भविष्य के गर्भ में छुपा है।
प्रबंधन समितियों का प्रशिक्षण शिविर संपन्न
-कई स्कूलों के शिक्षकों ने लिया भाग
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कनीना की आवाज। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विद्यालय प्रबंधन समितियों का प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार को राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना में आयोजित किया गया।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए विद्यालय के मुख्य अध्यापक नरेश कुमार कौशिक ने बताया कि आज सरकार द्वारा जो नई शिक्षा नीति लागू की जा रही है उसके बेहतरीन परिणाम सामने आएंगे प्राथमिक स्तर पर निपुण प्रारंभिक गणित एवं सांख्यिकी सामाजिक ज्ञान वह साहित्यिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन जिसमें रामलीला का प्राथमिक कक्षाओं में मंचन समाहित किया गया है। क्रांतिकारी परिणाम लाने में सहायक होगा ऊपरी कक्षाओं के लिए जहां पाठ्यक्रम में बदलाव करने की कवायद शुरू की गई है महाकाव्य की मौलिक जानकारी बच्चों को स्कूल स्तर पर उपलब्ध करवाई जा रही है। यह अपने आप में एक क्रांतिकारी कदम है। मास्टर ट्रेनर के रूप में एबीआरसी ओम रति यादव ने बताया कि विद्यांजलि पोर्टल में जहां समाज के योगदान को शामिल किया गया है उसके अलावा छात्रों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए वह नवजात विद्यार्थियों के स्वागत के लिए विद्यालय प्रबंधन समितियां को बेहतर रणनीति बनानी होगी जिस विद्यालय प्रबंधन समितियां समाज में सकारात्मक भूमिका निभाकर अपनी भागीदारी को उपयोगी साबित कर सकें।
आज के प्रशिक्षण शिविर में ढाणी कनीना प्राथमिक विद्यालय की मुख्य शिक्षक अनिता कुमारी ,एसएमसी प्रधान मीनू कुमारी, सुमित्रा देवी, मुख्य शिक्षक बस्तीराम, रेखा कुमारी ,सत्यवीर सिंह, विमला देवी, कश्मीरी निमल, कैलाश चांद ,संदीप कुमार, राकेश कुमार, डीपी,आरती देवी ,रेखा देवी सहित तीनों शिक्षा समितियां के सदस्य उपस्थित थे। मॉडल संस्कृति स्कूल के प्राचार्य एवं कलस्टर मुखिया सुनील कुमार खुडानिया ने पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित होकर विद्यालय प्रबंधन समिति को बेहतर कार्य करने की अपील की।
फोटो कैप्शन 03: प्रबंधन समितियों का प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए नरेश कौशिक
पुरानी अनाज मंडी में चलेगी रामलीला तो नई अनाज मंडी में होगी बाजरे की खरीद
--सभी होंगे एक पखवाड़ा अति व्यस्त
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कनीना की आवाज। इस बार किसान, नेता, आम इंसान, नर नारी, बच्चे और युवा सभी आगामी एक पखवाड़े तक अति व्यस्त रहेंगे। जहां कनीना की पुरानी अनाज मंडी के रामलीला मैदान में 34 वर्षों के बाद रामलीला का मंचन होगा वहीं नई अनाज मंडी में किसानों के लिए बाजरे की खरीद की जाएगी। इस वक्त जहां विद्यार्थी अपनी घरेलू परीक्षाओं में व्यस्त है, नेता वोट मांगने में व्यस्त है, आम आदमी चुनाव की चुसकियां लेने में व्यस्त है तो किसान अपनी फसल कटाई में व्यस्त है। चहुं और व्यस्तता बढ़ गई है। दुकानदार बेचारे परेशान हैं क्योंकि उनकी बिक्री चुनाव के दौरान घट जाती है। परंतु दुकानदार भी अब दुकानदारी अभाव में चुनावी रंगों में रंगते नजर ओ रहे हैं। जहां आगामी एक पखवाड़े में जमकर किसान अपनी फसल कटाई, फसल पैदावार लेने में व्यस्त रहेंगे ,तत्पश्चात उसे चुनाव के दौरान पैदावार बेचने की गतिविधियों में व्यस्त हो जाएंगे। नेताओं को दिन-रात चैन नहीं है, वे भी अति व्यस्त हैं। अब तो उन्हें वोट ही वोट नजर आते हैं। जहां विद्यार्थी वर्ग घरेलू परीक्षाओं में तो पढ़ाई में व्यस्त है। कहीं भी नजर दौड़ाकर देखा जाए कोई व्यक्ति आज के दिन फ्री नहीं बैठा है। चाहे वह चुनाव रंग में ही क्यों नहीं रंगा हो, पर इस बार फसल कटाई, फसल बिक्री, पैदावार बिक्री, चुनाव, घरेलू परीक्षाएं एक साथ चलेंगी। यही कारण है की व्यस्तता बढ़ गई है। यह भी सत्य है है कि आगामी कुछ दिनों तक पढ़ाई बाधित रहेगी। जहां चुनाव की तैनाती में कमी तैनाती देंर्गे, किसान खेतों में लगे रहेंगे, नेता उनके पीछे भागते फिरेंगे और बाकी लोग चुनावी चसका लेते नजर आएंगे। 8 अक्टूबर को मतगणना होगी। जब तक सभी की नजरें चुनावों पर टिकी हुई है। चाहे वह मजदूरी कर रहा है, चाहे वह खेती बाड़ी कर रहा है पर नजर टिकी है केवल मतदान पर। अटेली विधानसभा से चर्चित सीट बनी हुई है क्योंकि यहां पर मुकाबला भी चर्चा में है। वही मंत्री की बेटी चुनाव लड़ रही है तो पूर्व सीपीएस चुनाव लड़ रही है। यहां पर कोई कमल का फूल दिखा रहा है तो कोई हाथ का निशान दिखा रहा है, कोई चाबी लिए घूम रहा है तो कोई हाथी पर सवार हो रहा है, कोई किसानी का चिह्न दिखा रहा है तो कोई अलमारी पर मोहर की बात कह रहा है। पर 8 प्रत्याशी अलग-अलग चुनाव चिह्नों की चर्चा करते नजर आ रहे हैं। बस सुनाई देता है तो-मोहर लगेगी..... अजी मोहर लगेगी....।।
विश्व रेबीज दिवस-28 सितंबर
वायरस से फैलता है रेबीज का रोग
-एंटी रेबीज के टीके जरूर लगवाये-डा. मोरवाल
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कनीना की आवाज। रेबीज एक घातक वायरस है जो संक्रमित जानवरों की लार से लोगों में फैलता है। एक बार जब कोई व्यक्ति रेबीज के लक्षण दिखाना शुरू कर देता है, तो यह रोग मृत्यु का कारण बनता है।
रेबीज वायरस आपके शरीर में तब प्रवेश करता है जब किसी संक्रमित जानवर की लार खुले घाव में मिल जाती है। यह नसों के साथ बहुत धीरे-धीरे चलता है। जब यह आपके मस्तिष्क तक पहुंचता है, तो व्यक्ति को कोमा और मौत की ओर ले जाता है।
आमतौर पर रेबीज वयस्कों की तुलना में बच्चों को ज्यादा होता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। घाव से होते हुए रेबीज वायरस व्यक्ति के मस्तिष्क तक चला जाता है। रेबीज वायरस आपके तंत्रिका तंत्र में आने से पहले आपके शरीर में कई दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकता है। इस दौरान आपको कोई लक्षण दिखाई नहीं देता हैं। इसके बाद तीन चरणों से होकर कोमा की स्थिति आ जाती है।
जब किसी मनुष्य के शरीर में रेबीज के प्रवेश करता है तो उसके बाद कई हफ्तों तक आमतौर पर रेबीज के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। बाद में बुखार,थकान,काटने के घाव में जलन, खुजली, झुनझुनी, दर्द या सुन्नता, खांसी, गला खराब होना, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त दिखाई पड़ते हैं। बाद में एरोफोबिया एवं हाइड्रोफोबिया, लकवा जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं।
कोई भी स्तनधारी जानवर रेबीज वायरस फैला सकता है। जिनसे रेबीज वायरस फैलने की अधिक संभावना होती है उनमें
पालतू जानवर और खेत वाले जानवर, बिल्ली, कुत्ते, घोड़े,जंगली जानवर, बंदर आदि किंतु आमतौर पर यह वायरस कुत्तों के काटने से ज्यादा फैलता है।
रेबीज के निदान के लिए लक्षणों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। यदि आपको किसी जंगली जानवर या किसी पालतू जानवर ने काट लिया है या खरोंच दिया है, जिसे रेबीज हो सकता है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से इस बारे में बताना चाहिए और उचित उपचार लेना शुरू कर देना चाहिए। डॉक्टर आपके घाव या खरोंच की जांच करेंगे और आपसे जानवर के बारे में पूछेंगे। कुछ जांच जैसे लार परीक्षण,म्त्वचा बायोप्सी,रक्त पराीक्षण,एमआरआई आदि से रोग का पता लगाया जाता है। एक बार लक्षण दिखने पर रेबीज के लिए कोई उपचार नहीं है। एक बार रेबीज आपके मस्तिष्क में चले जाने के बाद इसका कोई इलाज नहीं है।
क्या कहते हैं डा. मोरवाल-
रेबीज कुत्ता ,बंदर, बिल्ली आदि के काटने से रेबीज का रोग हो जाता है। रेबीज एक ऐसा रोग है जिसमें इंसान पानी से भी डरता है इसलिए इस रोग को हाइड्रोफोबिया भी कहते हैं। जब कभी कुत्ता, बंदर एवं बिल्ली क,ट जाता है तो सावधानी बहुत जरूरी है और तुरंत टीके लगवाने चाहिए।
कनीना उपनागरिक अस्पताल के डा. जितेंद्र मोरवाल बताते हैं कि लोग कुत्ता, बंदर एवं बिल्ली के काटने के बाद सावधानी नहीं बरती तो जीवन को खतरा हो सकता है। और किसी भी समय यह रोग बढ़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब शहरी तर्ज पर कुत्ते पालने की प्रथम बनी हुई है इसके चलते कुत्ता कभी किसी को काट सकता है और काटने पर तुरंत प्रभाव से टीके लगवाने चाहिए। उन्होंने बताया कि अक्सर कभी कुत्ता काटता है और काटने के बाद यदि कोई खून नहीं निकलता खरोंच आ जाती है तो टीके लगवाने की जरूरत नहीं होती। इसे अच्छी प्रकार साबून,डिटोल एवं तथा अन्य एंटीबायोटिक पदार्थ से धो देना चाहिए परंतु कुत्ते के काटने से कुछ खून निकलता है तो टीके लगवाने जरूरी होते हैं। चार टीके जो 0-3-7 -14 दिनों पर लगाए जाते हैं अर्थात उसी दिन से शुरुआत की जाती है फिर 3 दिन, 7 दिन और 14 दिन पर टीके लगाए जाते हैं किंतु जब कभी कुत्ता ज्यादा काट जाए और रक्त अधिक बहने लगे तो इसे हाई रिस्क नाम से जाना जाता है
जागो वोटर, जागो
-वोट किसी के बहकावे में नहीं अपनी इच्छा से डालें-डा. मुंशीराम
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कनीना की आवाज। वोट डालने का अधिकार निर्वाचन आयोग ने उन सभी लोगों को दिया हुआ है जिनकी उम्र 18 वर्ष हो गई है किंतु वोट किसी के बहकावे में आकर नहीं अपितु अपनी मर्जी से डालना चाहिए। वोट डालते समय अपने नेता के वांछित गुणों को ध्यान में रखना चाहिए, साथ में यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि वह सामाजिक हित में कितना योगदान दे सकता है? किसी अपराधी प्रवृत्ति के नेता को कभी वोट नहीं देना चाहिए ,वरना हमारा समाज कलुषित बन जाएगा। उदात गुणों वाले तथा चारित्रिक गुणों से भरपूर नेता का चुनाव करना चाहिए। यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि चुना जाने वाला नेता हमारा प्रतिनिधित्व कर पाएगा या नहीं? वोट को कभी किसी हाल में बेचना नहीं चाहिए। वोट ईमानदारी से अपने बूथ पर जाकर देना चाहिए। वोट एक ऐसा हथियार है जो सरकार को बना भी सकता है तो गिरा भी सकता है। इसलिए वोट का बहुत ही सोच समझकर सही उपयोग करना चाहिए। वोट जात पात तथा स्त्री- पुरुष आदि के भेदभाव को भुलाकर ही देना चाहिए। वोट डालने के लिए स्वयं पैदल चलकर जाना चाहिए लेकिन वोट डालने के लिए वोटर पर्ची और अपना आधार कार्ड या कोई भी अन्य पहचान पत्र लेकर जाना जरूरी होता है। मतदान केंद्र पर अगर भीड़ लगी हुई है तो लाइन में खड़ा होना चाहिए, पानी की जरूरत हो तो अपने साथ बोतल भी पानी के लिए ले जा सकते हैं। वोट डालने के बाद सीधे घर आना चाहिए वहीं वोट डालने जाते समय किसी एजेंट आदि की जरूरत नहीं होती क्योंकि उनका कार्य बरगलाना होता है। इसलिए बिना किसी एजेंट की सहायता के सीधी मतदान केंद्र पर जाना चाहिए।
जब भी वोट डालें तो यह ध्यान रखें की मशीन का बटन अच्छी प्रकार दब चुका है, एक सीटी की आवाज आएगी जिससे पता लग जाता है कि वोट डल गया है। वोट डालते समय मशीन के साथ कोई छेड़छाड़ ना करके एक ही बटन को दबाए और उसे बार-बार दबाने की जरूरत नहीं होती है। महिला हो या पुरुष सभी को वोट डालना चाहिए।
फोटो कैप्शन: डा. मुंशीराम, मोहनपुर नांगल
यातायात में बाधा डालने का मामला दर्ज
-गाड़ी सड़क के बीच में खड़ी करके चालक गया हुआ था घूमने
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कनीना की आवाज। कनीना पुलिस ने 152-डी हाईवे पर एक गाड़ी चालक के विरुद्ध मामला दर्ज किया है जो सड़क के बीच में गाड़ी खड़ी कर घूमने गया हुआ था तथा यातायात प्रभावित हो रहा था। पुलिस ने भालखी के पास गाड़ी खड़ी मिली जो सड़क के बीच में यातायात में बाधा डाल रही थी। गाड़ी अंदर से लोक थी। पुलिस ने इधर-उधर तलाश किया तभी उसका चालक आया जिसका नाम राजकुमार वासी बिलांदरपुर, जयपुर का बतलाया। कनीना पुलिस ने उसके विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।

































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