Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Thursday, February 19, 2026



 


जितेंद्र शर्मा की शादी में पहुंचे पूर्व विधायक सीताराम यादव
 
--कई नेता शामिल हुए और दी बधाई     
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कनीना की आवाज।
कनीना निवासी अध्यापक नेता कंवर सेन वशिष्ठ के पौत्र जितेंद्र शर्मा की शादी में अनेक नेता पहुंचे। मिली जानकारी अनुसार पूर्व विधायक सीताराम यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष यतेंद्र राव, नेता अतरलाल, विनय एडवोकेट सहित पहुंचे । उन्होंने जितेंद्र शर्मा को बधाई दी। उल्लेखनीय है कि कांवर्सेन वशिष्ठ अध्यापक नेता रहे हैं। लंबे समय तक शिक्षक रहे हैं तथा उनके पौत्र डाक विभाग में अधिकारी हैं। उनका लग्न समारोह बड़े धूमधाम से संपन्न हुआ । अनेक नेताओं ने शिरकत की तथा जितेंद्र शर्मा को बधाई दी। इस मौके पर कनीना और आसपास विभिन्न क्षेत्रों के नेता पूर्व नेता ,समाजसेवी आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 07: संबंधित है






कैसे करे परीक्षा की तैयारी-
परीक्षा के दौरान अनावश्यक तनाव से बचे-निर्मल शास्त्री
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कनीना की आवाज।
अपनी आशाओं को बच्चों में पूरा करने का प्रयास किया जाता है जबकि होना यह चाहिए कि परीक्षा के दौरान बच्चे को किसी प्रकार का अनावश्यक तनाव न मिले। यदि हमें बच्चे का परीक्षा के लिए सहयोग ही करना है  तो उसका पौष्टिक व संतुलित आहार में सहयोग करें उसको बेहतर शैक्षणिक माहौल देने में सहयोग करे। ये विचार शिक्षाविद निर्मल शास्त्री के हैं।
 उन्होंने कहा कि कहीं भी नकारात्मक पहलू नजर आए तो प्यार से बच्चे को समझा कर उसे शिक्षण के लिए प्रेरित करें। अब हमें यह देखना है कि बच्चे ने परीक्षा की तैयारी के लिए जो तरीका अपनाया है वह कितना उचित है ? सबसे पहले तो बच्चा जो विषय पढ़ रहा है उसका संपूर्ण पाठ्यक्रम उसे रुचि लेकर समझना होगा अर्थात हर एक तथ्य को  एक बार पुन: दोहराया जाए और उन खास बातों को नोट किया जाए जो हमारे ध्यान से निकल रही थी ।  
यदि योजनाबद्ध तरीके से तैयारी शुरू से करनी आरंभ कर दी तो अवश्य ही परीक्षा में नंबर बढ़ेंगे । योजनाबद्ध तरीके से समयानुसार रुचि लेकर तैयार किया गया हो तो परीक्षा आपके लिए एक साधारण खेल के समान साबित होगी ।
 संपूर्ण विषय एवं संपूर्ण पाठ्यक्रम थोड़े-थोड़े समय के अंतराल के बाद दोहराना होता है। इस समय हमें अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना होगा साथ ही हमारा शिक्षण कक्ष शांतिप्रिय होना अति आवश्यक है।
 पूर्ण रूप से आश्वस्त कर लेना चाहिए कि जितना समय परीक्षा में मिलेगा उतने समय में सारे प्रश्न में आसानी से पूरे कर सकता हूं बल्कि अभ्यास के दौरान समय से पूर्व ही पूरा प्रश्न पत्र हल करने का अभ्यास करना चाहिए और संपूर्ण उत्तर भी बिल्कुल सही होने चाहिए।  परीक्षा देते समय उतावलेपनपन में अक्सर उत्तर भूल जाते हैं और उनकी शिकायत होती है कि यह प्रश्न तो मैंने कई बार याद किया था और वह मुझे अच्छी तरह आता था लेकिन परीक्षा देते समय समय अभाव के कारण में उसे नहीं कर पाया। परीक्षा से पूर्व अपने मस्तिष्क को पूर्ण रूप से संतुलित करें। जब मनोदशा पूर्ण रूप से सकारात्मक होगी तो आधी से अधिक मंजिल आप पहले ही पार कर चुके होंगे। मन को शांत और आश्वस्त रखना अति अनिवार्य है।  एक - एक प्रश्न को क्रमश: पढ़ते जाएं और अपने विवेक अनुसार उसका सटीक व सार्थक उत्तर लिखते जाए कई बच्चे ज्यादा लिखने को अच्छा समझते हैं जबकि होना यह चाहिए कि जो पूछा गया है वह सटीक व सार्थक होना चाहिए। तथा प्रश्न पत्र में दिए अंकों के अनुरूप ही हमें उसका उत्तर देना चाहिए । प्रश्न का उत्तर न लिखने की बजाय जितना जानते हैं वह लिखेंगे तो बिल्कुल न लिखने से कहीं ज्यादा बेहतर होगा । अंत में संपूर्ण पेपर का पुन: अवलोकन करें।
फोटो कैप्शन: निर्मल शास्त्री





श्याम भक्तों के लिए लग गये शिविर
-जैतपुर एवं खाटू श्याम के लिए जा रहे हैं भक्त
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कनीना की आवाज।
  खाटूश्याम एवं जैतपुरा धाम के लिए भक्त लगातार रवाना हो रहे हैं। उनके लिए जगह जगह शिविर लगा दिये गये हैं। कनीना में जहां कई जगह शिविर लगे हुए हैं वहीं श्याम मंदिर में भी शिविर लग गया है। सभी शिविरों में हवन हुआ और भक्तों के लिए सेवा प्रबंध शुरू हो गये हैं। हरेक गांव में इस प्रकार के शिविर लगे हुए हैं।
खाटू श्याम धाम तथा हुडिय़ा जैतपुर में 4 मार्च तक भारी भीड़ जुटेगी। दोनों ही स्थल राजस्थान में हैं। श्याम भक्त नवीन सिंगला, सत्यनारायण गुप्ता, गुड्डू चौधरी, पूनम गुप्ता, हंसराज अग्रवाल, महेश गुप्ता, अनिल सिंगला ने बताया कि इस बार हजारों भक्तों के यहां से पहुंचने का अनुमान है।
  यूं तो हर शहर में खाटू श्याम की धूम मची है किंतु गली गली में लगाए गए श्याम भक्तों के लिए सेवा शिविर एवं श्याम भक्तों का आवागमन अब पूरे यौवन की ओर है।
  पंडित संदीप राठी ने बताया कि वे हर वर्ष भक्तों के लिए शिविर लगाते हैं जहां भक्तों के लिए हर प्रकार की खाने पीने, रहने तथा स्नान आदि की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
 श्याम भक्तों की जुबान पर बस श्याम का नाम है।  बूढ़े, युवा एवं बच्चे सभी में श्याम के प्रति गहन आस्था देखने को मिल रही है।  
विभिन्न गांवों में भी श्याम के मंदिर बने हुए हैं जहां सुबह से शाम तक पूजा अर्चना करते हुए भक्त मिलते हैं और यहां तक कि भक्तों के ठहरने का प्रबंध भी अक्सर इन्हीं मंदिरों में किया जा रहा है। भारी जन इन भक्तों की सेवा में जुटे हुए हैं।  
 भक्त केला देवी, शकुंतला, नवीन, नीशू, अनिल, नीरज, किशोरी आदि भक्त खाटे श्याम के लिए रवाना हो रहे हैं और वे 4 दिन में खाटू श्याम धाम पहुंच जाएंगे। उधर भक्तों की सेवा करने वाले  अनूप सिंह, सतपाल, श्योनाथ, ओमप्रकाश, बबलू, हनुमान ने बताया कि वे भक्तों की शिविर में सेवा करके प्रसन्न हो जाते हैं।
फोटो कैप्शन 02: कनीना में लगाए गए श्याम शिविर का नजारा





खाटू श्याम भक्तों के दो दल जाएंगे जैतपुर
-श्याम शिविर संपन्न होने पर जाते हैं जैतपुर
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कनीना की आवाज।
 कनीना के  श्याम मंदिर पर खाटू श्याम भक्तों के लिए 18 फरवरी से मुफ्त शिविर शुरू किया गया है। विस्तृत जानकारी देते हुए श्री श्याम मंदिर कनीना के संदीप राठी ने बताया कि 18 फरवरी से खाटू श्याम भक्तों के लिए शिविर शुरू हो चुका है जो 24 फरवरी तक चलेगा। 24 फरवरी को  हजारों भक्तों का जत्था हुडिय़ा जैतपुर के लिए रवाना होगा। हर वर्ष हुडिय़ा जैतपुर के लिए हजारों भक्त जाते हैं। यही नहीं कनीना मंडी के राधा कृष्ण मंदिर से भी  हजारों भक्तों का जत्था 22 फरवरी के दिन रवाना होगा। खाटू श्याम भक्तों का खाटू  श्यााम मंदिर के लिए पदयात्रा शुरू होने जा रही है। धीरे-धीरे भक्तों की संख्या बढ़ती चली जाएगी क्योंकि हुडिय़ा जैतपुर राजस्थान तथा खाटू श्याम राजस्थान में 18 फरवरी से 4 मार्च तक मेला लगता है और इस मेले में भारी संख्या में भक्त कनीना और आसपास तथा विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचते हैं। महिलाओं की संख्या बहुत अधिक होती है।





ऊंट, घोडिय़ों की दौड़ का मार्ग किया गया साफ
-27 फरवरी का है मेला
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कनीना की आवाज।
बाबा मोलडऩाथ मेले की तैयारी शुरू हो गई हैं। ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़ का रास्ता तैयार करने में कार्यकर्ता जुट गये हैं।
 प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि बाबा मोलडऩाथ के मेले में ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़के लिए जो रास्ता तैयार किया जाता है सीहोर-छीथरोली रोड़ पर कच्चा रास्ता है। इस रास्ते को तैयार करने में संजय यादव व उनकी पूरी टीम का विशेष रूप से योगदान रहता है। वे निशुल्क इस रास्ते को तैयार करते हैं। दिन में हजारों रुपए का उनका खर्च आता है लेकिन वो ये सेवा निशुल्क करते हैं और मेले में अपना पूरा सहयोग देते हैं। जिनमें उनके साथ जानी यादव, भूपी ठेकेदार, गजराज सिंह व अन्य कई कार्यकर्ता अपने ट्रैक्टरों से इसमें सेवा देते हैं।
 दिनेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया दूर दराज से इस मेले में जो भक्त अपने पशु लेकर पहुंचते हैं उन्हें किसी भी तरह की परेशानी ना हो, उनके लिए दवाई आदि का विशेष प्रबंध किया जाता है, रहने के लिए विशेष स्थान तैयार किए गैंये हैं। सभी कार्यकर्ता उनके भोजन पानी तक की व्यवस्था में लगे रहते हैं। जो भी दूरदराज से लोग आते हैं वो पूरे कनीना की तारीफ करते हुए कहते हैं कि यहां कर उन्हें बहुत ही आनंद आता है। लोगों की सेवाभाव बहुत ही सराहनीय है। उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी इस दौरान नहीं आती। वे खुशी-खुशी आते हैं और खुशी-खुशी अपने पशुओं का प्रदर्शन दिखाकर वापस जाते हैं और फिर अगले साल होने वाले मेले की तैयारी में लग जाते हैं। उन्होंने बताया कि यहां आने वाले हर भक्त के दिल में बाबा मोलडऩाथ के प्रति अपार श्रद्धा है। जो भक्त यहां कर अपनी मन्नत मांगते हैं उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ऊंट एवं घोडिय़ों की रेस सुबह 8 बजे 27 फरवरी को शुरू होगी। दौड़ के बाद कुश्ती और कबड्डियों का आयोजन शुरू हो जाएगा, जो फुटबाल ग्राउंड में बस स्टैंड के पीछे होगा।
फोटो कैप्शन 01: ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़ का मार्ग साफ करते हुए



कौशल से सशक्त भविष्य की ओर: छात्राओं ने सीखे आत्मनिर्भरता के नए सूत्र










फैशन एवं स्वरोजगार के अवसरों से परिचित हुआ प्रशिक्षण शिविर का द्वितीय दिवस
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कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण शिविर का द्वितीय दिवस उत्साह एवं सक्रिय सहभागिता के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं रोजगारोंमुख बनाना है।
दूसरे दिन शिविर की मुख्य प्रशिक्षिका पवित्रा बाई ने छात्राओं को परिधान निर्माण की उन्नत एवं व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सटीक माप लेने की विधि, कपड़े की संतुलित कटिंग, आधुनिक डिज़ाइन चयन, विभिन्न प्रकार के गले एवं आस्तीन की शैलियों तथा सिलाई की उत्कृष्ट फिनिशिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने पूर्ण अनुशासन एवं समर्पण के साथ अभ्यास करते हुए अपने कौशल को और अधिक निखारा।
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित कुमारी नीतू ने फैशन एवं डिजाइनिंग क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं स्वरोजगार के विविध अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में फैशन उद्योग युवतियों के लिए आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने बुटीक संचालन, स्वयं का ब्रांड स्थापित करने, सोशल मीडिया एवं आनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से उत्पाद विपणन तथा लघु उद्योग के रूप में व्यवसाय प्रारंभ करने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे और महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डा. विक्रम यादव ने कहा कि कौशल विकास ही सशक्त भविष्य की आधारशिला है। कार्यक्रम की संयोजिका डा. सीमा देवी ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन छात्राओं के व्यक्तित्व विकास एवं आत्मविश्वास को सुदृढ़ करते हैं। सह-संयोजिका डा. सुषमा यादव ने भी कौशल आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।
दूसरे दिन का यह आयोजन छात्राओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढऩे के लिए नई ऊर्जा प्रदान की।
फोटो कैप्शन 3 व 4: आस्तीन बनाने का काम सीखते हुए छात्राएं





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