Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Friday, February 16, 2024


 

खिमज माता का मेला, खेलकृद प्रतियोगिताएं आयोजित
--सांग भी हुआ आयोजित
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कनीना की आवाज। हरियाणा कला परिषद हिसार मंडल के सौजन्य से कनीना उपमंडल के गांव सेहलंग में खिमज माता के मेले में सांगी जनक राज बापौडा की पार्टी द्वारा भगत पूरण मल के सांग का सफल मंचन किया। इसमें कलाकारों का प्रयास सराहनीय रहा है। खेलों में कबड्डी, वालीबाल,कुश्ती के मुक़ाबले चले। कबड्डी तथा वालीबाल में प्रथम पुरस्कार 25000 रुपये तथा द्वितीय पुरस्कार 18000 रुपये का रखा गया। कुश्ती 50 रुपयेसे 25000 रुपये तक की आयोजित हुई है। कबड्डी में प्रथम पुरस्कार आदमपुर की टीम द्वितीय पुरस्कार भिवानी की टीम ने जीता।
 प्रथम पुरस्कार आदमपुर की टीम ने कबड्डी मे 25000 रुपये का पुरस्कार जीता।  द्वितीय पुरस्कार भिवानी की टीम ने जीता। पुरस्कार प्रदान करने वाले डाक्टर लक्ष्मण, विजयपाल,बलबीर,महाबीर, रामनिवास साहब आदि हाजिर रहे।
फोटो कैप्शन 10 एवं 11 : संबंधित खेलों एवं सांग की हैं।






 
एसडी विद्यालय ककराला के 75 विद्यार्थियों ने किया जेईई मेन क्वालिफाई
-एसडी स्कूल ककराला में खुशी का माहौल
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कनीना की आवाज। जेईई मेन 2024 में एसडी विद्यालय ककराला के  रितिक ने 97.96 परसेंटाइल अर्जित कर सफलता का परचम लहराया। इस शानदार सफलता पर एसडी परिवार में उत्साह का माहौल रहा। सभी सफल विद्यार्थियों, शिक्षकों व अभिभावकों ने इस अवसर पर अपनी खुशी को अति उत्साह के साथ इजहार किया। इस उपलब्धि के अवसर पर विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव, सीईओ आर एस यादव, प्राचार्य औमप्रकाश यादव ने कोचिंग प्राध्यापकों के शानदार मार्गदर्शन , अभिभावकों के सहयोग व विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत की जबरदस्त प्रशंसा की। इस अवसर पर विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने कहा कि एक ही विद्यालय से इतने अधिक विद्यार्थियों ने जेईई मेन में  शानदार परसेंटाइल प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया।  
फोटो कैप्शन 09: जेइइ मेन में सफल हुए एसडी स्कूल के विद्यार्थी








प्रधान मंत्री राहत कोष में पचास हजार रुपये भेंट
--सेवानिवृत्त हैं प्राचार्य शिवचरण
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कनीना की आवाज। शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त प्राचार्य शिवचरण शर्मा ने प्रधान मंत्री राहत कोष में पचास हजार रुपये भेंट कर राष्ट्र-भक्ति का परिचय दिया है । शिवचरण शर्मा ने यह राशि शुक्रवार को प्रधान मंत्री राहत कोष में आनलाइन जमा करवाई । इस अवसर पर शिवचरण शर्मा ने कहा कि मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है और मन में आत्म संतुष्टि का भाव पैदा होता है । प्रधानमंत्री राहत कोष का पैसा किसी प्राकृतिक आपदा या फिर कैंसर, लीवर, किडनी फेलियर व एड्स इत्यादि गंभीर बीमारियों के रोगियों की आर्थिक सहायतार्थ खर्च होता है । इसलिए हमें यथा संभव सेवा कार्य करते रहना चाहिए । उल्लेखनीय है कि शिवचरण शर्मा विगत 6 साल से लगातार सेना वेलफेयर फंड में सहयोग कर रहे हैं । श्री शर्मा  कोरोना काल में भी 1 लाख रुपये की राशि कोरोना रिलीफ फंड को भेंट कर चुके हैं। इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य मोतीलाल गुनगुनावत, सेंट जान ब्रिगेड आफिसर डा सीएस वर्मा, डा राजेंद्र सिंह एवं प्रवक्ता हनुमान प्रसाद सैनी भी मौजूद रहे ।
फोटो केप्शन 08: पूर्व प्राचार्य शिवचरण शर्मा प्रधानमंत्री राहत कोष में राशि जमा करवाते हुए।






एसएमसी का प्रशिक्षण शिविर आयोजित
--विभिन्न मुद्दों की दी गई जानकारी
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कनीना की आवाज। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत शिक्षा विभाग द्वारा राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना में विद्यालय प्रबंधन समिति की तीसरी तिमाही का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के तौर पर बोलते हुए राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना के मुख्य अध्यापक नरेश कुमार कौशिक ने कहा विद्यालय शिक्षा समितियां के सदस्यों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी तथा नामांकन पर जोर देना होगा तथा गुणात्मक शिक्षा के लिए किया जा रहे हैं, प्रयासों को तेज करना होगा तभी समग्र  व गुणात्मक शिक्षा का लक्ष्य हासिल होगा।
 उन्होंने बताया कि एमसी के प्रयासों से ही राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना को मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण पुरस्कार में खंड स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है तथा विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे, हर कक्षा कक्ष में साउंड सिस्टम तथा दोपहर भोजन योजना के लिए तीन सेट की व्यवस्था करना भी एस एम सी की सहयोग से संभव हो पाया।
इस अवसर पर एबीआरसी ओमरती ने कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा सरकार द्वारा लागू की जा रही विभिन्न परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से विद्यार्थी तक पहुंचाना होगा तभी बेहतर शिक्षा विद्यार्थियों को मिल सकेगी।
आज के प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसएमसी प्रधान सावित्री देवी, प्राथमिक विद्यालय की प्रधान मीनू देवी, वरिष्ठ शिक्षक कैलाश चंद, ,संदीप कुमार, राकेश कुमार डीपी, सुनील कुमार एसएमसी सदस्य क्रान्ति  देवी कन्या प्राथमिक स्कूल ढाणी की मुख्य शिक्षक अनीता देवी ,आरती देवी,  कश्मीरी, निमल, मुख्य शिक्षक बस्तीराम अनीता देवी सत्यवीर सिंह ,तेजपाल सिंह शुभ कुमारी ,रेखा देवी  सहित सभी सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 06: प्रशिक्षण देते हुए नरेश कौशिक।






कट को लेकर किसानों का जोश बरकरार, 341वें दिन जारी रहा धरना
-अनिश्चितकालीन धरने पर हैं किसान
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए किसानों का धरना जारी है। धरने की अध्यक्षता पूर्व सरपंच हंस कुमार सेहलंग ने की और उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के इंतजार में है कि राष्ट्र्रय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम जल्द शुरू नहीं होता है, तब आगे की रणनीति में बदलाव करना होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी के साथ लगने वाले 40 गांव मिलकर कट के लिए सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे। हमारा मुख्य उद्देश्य है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर चढऩे और उतरने का मार्ग बनना चाहिए, इसके लिए हम हर परेशानी का सामना करने के लिए तैयार हैं। केंद्र सरकार के प्रति किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, कट के लिए हमने पहले ही प्रतिज्ञा ले रखी है, जब तक राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत- सेहलंग के बीच कट का काम शुरू नहीं होता है, तब तक  धरना जारी रहेगा।
 धरना संघर्ष समिति के सदस्य नरेंद्र कुमार शास्त्री छिथरौली और आचार्य मक्खन लाल स्वामी बसई का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच चढऩे और उतरने का मार्ग बनने के बाद यहां पर उद्योग धंधे स्थापित होंगे, शैक्षणिक संस्थाएं खुलेंगी , व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर मिलेंगे और बाघेश्वर धाम, बाबा शिव भोले की नगरी पर्यटक स्थल होगा।
इस मौके पर पूर्व सरपंच बेड़ा सिंह बाघोत, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह नौसवा, ठेकेदार शेर सिंह, रामकिशन, ओम प्रकाश, वेद प्रकाश, हर्ष, मनजीत, दीपांशु, मोहित, सुरेंद्र सिंह, डॉ राम भक्त,  सूबेदार हेमराज अत्री, पंडित जगदीश प्रसाद व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 07: धरने पर बैठे किसान।






पुरानी पेंशन बहाली की ,की गई मांग
--भारत बंद का किया समर्थन
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कनीना की आवाज। अखिल भारतीय सरकारी कर्मचारी परिसंघ एवं हरियाणा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर कनीना ब्रांच 681 के कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लिया। इस मौके पर ब्रांच प्रधान वेदपाल तवर ने कहा कि सरकार का अडिय़ल रवैया देखते हुए कर्मचारियों  की मांगों को मंगवाने के लिए  राष्ट्रव्यापी हड़ताल करनी पड़ी प्रधान ने बताया की अगर सरकार समय रहते हुए कर्मचारियों की जायज मांगों को नहीं मानती तो आने वाले समय में राज्य कार्यकारिणी  के आह्वान पर पब्लिक हेल्थ के सभी कर्मचारी बढ़-चढ़कर भाग लेंगे कर्मचारियों के मु य मांगों में पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए,  एक्स ग्रेसिया पूर्णतया लागू कि जाए ,सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, कौशल रोजगार को भंग किया जाए ,सभी कच्चे कर्मचारियों को कर्मचारियों को पक्का किया जाए,कैशलेस मेडिकल पूर्णत लागू की जाऐ पब्लिक हेल्थ कर्मचारियों की 5 वर्ष की सेवा अवधि के दौरान उनके पदोन्नति की जाए तथा एक इंक्रीमेंट दी जाए, स्वास्थ्य विभाग में वर्कलोड के हिसाब से नए पद भरे  जाए पब्लिक हेल्थ चतुर्थ कर्मचारी के पदोन्नति पर एक इंक्रीमेंट दी जाए। प्रधान ने बताया कि हरियाणा सरकार कर्मचारियों के समय रहते हुए जायज मांगों को नहीं मानती तो आने वाला समय आंदोलन भारत दिखाई पड़ेगा राष्ट्रयापी  हड़ताल पर शामिल रहे चेयरमैन कृष्ण कुमार पुनिया,ब्रांच कोषाध्यक्ष जयपाल यादव, मु य संगठन करता संजय शर्मा ,ब्रांच महासचिव वेद प्रकाश ,उप प्रधान  राकेश खोला, सचिन शर्मा,  जसवंत सिंह , राकेश डहीना,अमित कुमार,मरमजीत इत्यादि हड़ताल में मौजूद रहे। इस मौके पर प्यारेलाल,  सीताराम,  सब इंस्पेक्टर रामकुमार  व गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05: अपनी मांगों के समर्थन में कर्मी नारे लगाते हुए।







 गाड़ी से 60 बोतल बियर की बरामद,मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना पुलिस ने बाघेत गौशाला के पास गाड़ी में रखी पांच पेटी अर्थात 60 बोतल बियर की बरामद की हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। चालक मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि  वह करोली के ठेके से 5 पेटी बियर की लेकर आया है। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।






 दुर्घटना में एक घायल, मामला दर्ज 

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कनीना।
 मोहनपुर टी प्वाइंट पर पिकअप गाड़ी की बोलेरो गाड़ी से टक्कर में एक व्यक्ति घायल हो गया। करीरा के राजकुमार ने बोलेरो गाड़ी चालक के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया है।
 राजकुमार ने कहा कि वह पिकअप गाड़ी का हेल्पर है, उनकी गाड़ी दूध लाने ले जाने में चलती है तथा गाड़ी का चालक कुलदीप खातोद से है। 14 फरवरी को ढाणा गांव से दूध लेकर कनीना की ओर आ रहे थे। करीब रात के 10 बजे मोहनपुर टी-प्वाइंट पर पहुंचे तो बोलोरो गाड़ी चालक ने बिना इंडिकेटर दिए मोहनपुर गांव की तरफ गाड़ी को मोड़ दिया जिससे पिकअप गाड़ी से बोलोरो गाड़ी टकरा हो गई। जिसमें राजकुमार चोटिल हो गया। बोलोरो गाड़ी चालक दुर्घटना के बाद गाड़ी को भगा ले गया। राजकुमार ने पुलिस में बोलोरो गाड़ी के चालक के विरुद्ध मामला दर्ज करवा दिया है।





सेवा ट्रस्ट  को रक्तदान शिविरों की एवज में मिला सम्मान
--झज्जर में किया गया सम्मानित
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कनीना की आवाज। समाज सेवा में कार्यरत सद्ममाजिक संस्था सेवा ट्रस्ट यूके (भारत) को राष्ट्रीय कैंसर संस्थान एम्स झज्जर के पांचवें स्थापना दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। महेंद्रगढ़ के जिला प्रभारी मनीष ने जानकारी देते हो बताया कि गत दिवस बुधवार
राष्ट्रीय कैंसर संस्थान एम्स झज्जर के पांचवें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें संस्था को पूरे वर्ष में अधिक रक्तदान शिविर लगाने के लिए सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में एम्स के निर्देशक प्रो. एम. श्रीनिवास, राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के प्रमुख प्रो. अलोक ठक्कर और डा दीप्ति रंजन ने शिरकत की। इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय सामाजिक संस्था सेवा ट्रस्ट यूके (भारत) व ट्रस्ट की सहयोगी संस्था इनडेप्थ विजन फाउंडेशन झज्जर को रक्तदान के क्षेत्र व अन्य सामाजिक सरोकारों की सराहना करते हुए सम्मानित किया गया। सेवा ट्रस्ट यूके के प्रांतीय कोआर्डिनेटर पवन पराशर तथा इनडेप्थ विजन फाउंडेशन झज्जर के कोआर्डिनेटर अंकित मलिक, पूनम देसवाल व मनोज कुमार ने स्मृति-चिन्ह व प्रशस्ति-पत्र प्राप्त किये। इस अवसर पर मनीष ने बताया कि संस्था ने गत दो वर्षों में हरियाणा व पंजाब में 59 शिविरों का आयोजन कर 7431 रक्त यूनिट एकत्रित कर समाज सेवा में अतुलनीय योगदान दिया। संस्था द्वारा लगभग दो वर्षों में लगभग 1000 कार्यक्रम कर विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सम्बधित परामर्श, नशा-मुक्ति परामर्श कार्यक्रम, खिलाडिय़ों, जरूरतमंद बच्चों, अनाथालयों, वृद्धाश्रमों, रक्तदान शिविरों एवं अन्य जरूरतमंद स्थानों पर डाबर इंडिया की इम्यूनिटी बूस्टर किट देकर के समाज सेवा का कार्य कर रही है।  
फोटो कैप्शन 03:संस्था को सम्मानित करते हुए।




योजनाओं पर चल रहा है काम
आने वाले 50 सालों में भी पेयजल की नहीं आएगी समस्या-सुरेंद्र
-10 एकड़ जमीन की है जरूरत
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कनीना की आवाज। कनीना में जल से संबंधित समस्याओं का निजात दिलाने के लिए अभी भी अनेकों समस्याएं अधर में लटकी हुई हैं। यदि प्रशासन जमीन उपलब्ध करा देगा तो आने वाले 50 सालों में पेयजल की समस्या नहीं आएगी। अभी भी कनीना -महेंद्रगढ़ सड़क मार्ग पर पेयजल की सप्लाई पर्याप्त प्रेशर से नहीं हो रही है, वहीं कनीना में 3.5 मिलियन लीटर जल के वाटर स्टोरेज तो बने हुए हैं किंतु एक मिलियन लीटर की योजना और आई हुई है। इस संबंध में कार्रवाई की हुई है तथा बड़ी बणी में दस एकड़ जमीन की जरूरत है।  
 यही नहीं पीपल वाली बणी में वाटर सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए भी भूमिगत पाइप लाइन लगभग बिछाई जा चुकी है। 12 एमएम की लाइन बिछाई गई है।  दूसरी ओर उपभोक्ता पेयजल का बिल उपभोक्ता नहीं भरा रहे हैं जिसके कारण भी समस्या पैदा हो रही है।
 इस संबंध में कनिष्ठ अभियंता जन स्वास्थ्य विभाग सुरेंद्र सिंह से बात हुई। उन्होंने बताया कि कनीना में वर्तमान में बड़ी-बणी में 3.5 मिलियन लीटर जल के टैंक बने हुए हैं जिनमें पानी स्टोर करके साफ करके कनीना मंडी सहित कई वार्डों में पहुंचाया जा रहा है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा अमरूत योजना-2 के तहत तहत एक मिलियन लीटर का वाटर स्टोरेज और बनाया जाना है जिसके लिए बड़ी-बणी में 10 एकड़ की जरूरत है। यदि 10 एकड़ जमीन मिल जाती है तो उसमें 6 से 7 एकड़ पर वाटर स्टोरेज टैंक बनाए जाएंगे और बाकी जमीन पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर नहर के पानी को साफ करके उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा।  ताकि भविष्य में कनीना में पेयजल की कोई समस्या नहीं होगी। जहां ग्रामीण क्षेत्रों में अमृत जल योजना चल रही है वही शहरों में अमरूत- दो योजना चल रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों से, कनीना के एसडीएम से भी मिल चुके हैं परंतु अभी तक यह जमीन उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
 उधर पीपल वाली बणी में सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का एक्सटेंशन बनाया जा रहा है। जहां पानी को साफ पानी को इकट्ठा किया जाएगा क्योंकि कोसली सड़क मार्ग पर बना हुआ सीवेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पीपल वाली बणी के बीच पाइप लाइन बिछा दी गई है और पेड़ों को उखडऩे की अनुमति के लिए लिखा हुआ है। सात एकड़ में पीपलवाली बणी में स्टोर बनाया जाएगा। साथ में मिकाडो स्कीम भी चल रही है जो पीपलवाली बणी के पानी को किसानों तक पहुंचाने का कार्य करेगी।  उधर कनीना के महेंद्रगढ़ सड़क मार्ग पर वार्ड 13, अटेली मोड़ तक पेयजल सप्लाई का दाब कम होता है, अधिक दाब पहुंचने के लिए वर्तमान में मिनी सचिवालय के पास 50 बाई 50 की एक जगह की जरूरत है जहां बूस्टर टैंक मनाया जाएगा जिससे पेयजल सप्लाई पूरे दाब सहित सभी वार्डों में पहुंच पाएगी। इसके लिए भी विभाग बार-बार सूचित किया है परंतु अभी तक यह जगह भी उपलब्ध नहीं हो पाई है। यदि सभी समस्याएं हल हो गई तो कनीना के लिए पेयजल की भविष्य में दिक्कत नहीं रहेगी। उधर उपभोक्ताओं ने समस्या पैदा कर रखी है कि पेयजल प्रयोग कर रहे हैं किंतु पेयजल बिल नहीं भरा रहे हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से निवेदन किया है कि आवश्यकता अनुसार जल प्रयोग करें, जितनी पेयजल को नालियों, सड़कों पर ने भाई, पशुओं को नहलाने, वाहनों को धोने मिलने प्रयोग करें तथा नियमित समय पर बिल भरा करें।
फोटो कैप्शन: सुरेंद्र सिंह जेई







सिलाई  और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण का सात दिवसीय कार्यक्रम शुरू
-व्यवसायिक कुशलता के दृष्टिगत आयोजित है कार्यक्रम
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कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय उन्हाणी में महिला प्रकोष्ठ के तत्वाधान में सिलाई  और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण का सात दिवसीय कार्यक्रम प्रारंभ किया गया।
 प्राचार्य विक्रम सिंह यादव ने इस ट्रेनिंग के उद्घाटन सत्र पर कहा कि शिक्षा का उद्देश्य छात्राओं को ज्ञान अर्जन के साथ व्यावसायिक कुशलता भी प्रदान करना होता है ताकि वे अपने व्यवसाय से संबंधित विविध कौशलों को प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें। महाविद्यालय की छात्राओं ने भी इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेकर अपने कौशलों का विकास कर रही है। । प्राचार्य महोदय ने कार्यक्रम संयोजिका डा.अंकिता यादव का छात्राओं  को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस प्रकार का उत्कृष्ट एवं उपयोगी पहल वर्तमान समय में उपयोगी  के लिए आभार व्यक्त किया और समय-समय पर महाविद्यालय में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों  को आयोजित करवाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहा। यह कार्यक्रम प्राचार्य डा. विक्रम यादव के अध्यक्षता तथा डा.अंकिता यादव के निर्देशन में चल रहा है।
फोटो कैप्शन 02: सिलाई और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करते हुए।





किसान भूले जौ एवं चना की खेती
-चना 8 एकड़ एवं जौ शून्य एकड़ पर पहुंचा
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कनीना की आवाज। किसान जौ एवं चने की खेती करना भूलते जा रहे हैं। गर्मियों के मौसम में जौ की रोटी, राबड़ी तथा धानी आदि बनाकर प्राकृतिक ठंडक प्राप्त करते हैं। अब न तो जौ की खेती होती और न राबड़ी एवं धानी। इसी प्रकार भूने हुये, टाट, छोल्ला, होला, चटनी, कुट्टी का जायका खत्म हो चुका है।  
  1986-87 तक कनीना क्षेत्र की करीब 33 हजार हेक्टेयर भूमि होती थी जिसमें से हजारों एकड़ में जौ की खेती तो हजारों हेक्टेयर पर चने की खेती की जाती थी। वैसे तो जौ न केवल पूजा आदि बल्कि हवन आदि में भी काम आता है। जब नवरात्रे चलते हैं तो जौ की विशेष मांग होती है। गेहूं-चना एवं जौ -चने की मिश्रित खेती की जाती थी। 1982 में  फव्वारा आया जिसके चलते चने की खेती घटती जा रही है और वर्तमान में तो चना अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। कनीना उपमंडल के सभी गांवों में कुल मिलाकर 8 एकड़ पर चने उगाये गये हैं। जौ तो शून्य पर पहुंच गया है।
जौ को गंगा में डालने, पूजा अर्चना,हवन आदि में काम आता है वहीं पैदावार 40 मण प्रति हेक्टेयर तथा भाव करीब 2000 रुपये क्विंटल तक होता है। होली के पर्व पर जहां जौ को भूनकर पूरा परिवार चखता है और तत्पश्चात ही लावणी की शुरुआत होती आ रही है।  जौ की रोटी खाने के लिए या फिर धानी बनवाने के लिए दूसरे क्षेत्रों से जौ खरीदकर लाते हैं। जौ की किसी भी गांव में खेती नहीं की गई है।  जौ की रोटी,राबड़ी चाव से खाते हैं वहीं जौ का प्रयोग बीयर आदि बनाने में लेते हैं। शरीर में ठंडक के लिए राबड़ी को गर्मियों में खाते हैं किंतु अब राबड़ी की बजाय चाय पर आ पहुंचा है।
तीन दशक पूर्व कनीना क्षेत्र में चने की पैदावार सर्वाधिक होती थी जो अब शून्य हेक्टेयर पर चला गया है। किसी एक या दो क्यारी में किसान चना उगाते हैं। दालों भावों में तेजी आ रही है। विगत 2014 में महज तीस हेक्टेयर में चना उगाया था। वर्ष 2015 में 52 हेक्टेयर पर चने की बीजाई की गई थी। 2015 से 2018 तक भी चने की महज 70 से 80 हेक्टेयर बिजाई की गई थी जो 2020 तक 10 हेक्टेयर से कम सिमट कर रह गया है। 2022 में शून्य पर चला गया है। वर्ष 2023 में 8 एकड़ पर उगाया गया है।
 कभी विवाह शादी में अवश्य लड्डू बनाए जाते थे किंतु अब जब किसी के शादी होती है तो लड्डू के लिए चने दूर दराज से लाने पड़ते हैं।
 बुजुर्ग राम सिंह, दुलीचंद, धनपती का कहना है कि कभी इस क्षेत्र में चने की खेती की जाती थी तो चने की सब्जी, चने की रोटी, मेसी रोटी, हरे चने की चटनी, खाटा का साग, कढ़ी, परांठे व कई अन्य सब्जियों में डालकर जायका लिया जाता था।  अब तो जौ चने का स्थान सरसों एवं गेहूं ने ले लिया है। यदि चने की पैदावार घटती गई तो मेसी रोटी, लड्डू संकट में पड़ जाएंगे।
****वर्तमान में छोटे-छोटे खेत हो गए जिनमें जरूरत रूपी फसले उगाई जाती है। वैसे भी मार्केट रेट कम होने के कारण लोग गेहूं एवं सरसों को उगाते हैं और गाय, भैंस आदि पालने वाले किसान भी गेहूं पशुओं के चारे के रूप में प्रयोग में लेते हैं। यही हालात चने की है। परंतु चने की पैदावार में सबसे बड़ी मुसीबत भूमिगत जमीन के खारे पानी की है। लगता है जल मीठा है किंतु वह दाल देने वाली फसलों के लिए अच्छा नहीं है। बारिश का पानी मिलता नहीं। कभी बारिश पर आधारित चने की खेती होती थी किंतु अब धीरे-धीरे पैदावार घट गई है। आम आदमी की जरूरत में कम काम आता है, इसलिए भी किसान पैदावार के रूप में चने की बजाय गेहूं सरसों लेते हैं।
--डा अजय यादव एसडीओ कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़
फोटो कैप्शन 04: चने की खेती में व्यस्त किसान।
साथ में एसडीओ कृषि डा अजय यादव





























कैसे करें परीक्षा की तैयारी
सतत मेहनत ही सफलता का है राज - राजेश कुमार
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कनीना की आवाज। धनौंदा के वरिष्ठ प्राध्यापक राजेश ककराला परीक्षा की तैयारी के विषय में बताते हैं कि परीक्षा की तैयारी दौरान प्रतिदिन 8 घंटे  सोते है तो परीक्षा के समय 6 घन्टे की नींद अवश्य लेनी चाहिए । अगर आप नींद कम ले रहे हैं तो इसमें आप फायदा कम और नुकसान ज्यादा होगा। क्योंकि कम नींद से हमारी चिंतन एवं स्मरण  शक्ति कम होती है। एक ही बार में लंबे समय तक पढऩे से बचें। मनोरंजन के लिए समय जरूर रखें इसे दो या तीन हिस्सों में बांट सकते हैं। सुबह उठते ही एक कागज पर अपने दिनचर्या जिसमें पढ़ाई संबंधी बातें लिखे। अगर आप एक दिन में एक विषय को पढ़े या एक से अधिक विषय  को साथ लेकर चले यह अपनी प्रकृति के अनुसार तय करना चाहिए।
अपने दिन को दो तीन विषयों में  विभाजित कर पाते हैं और ऐसी प्रणाली में सहज महसूस करते हैं तो यही व्यवस्था अपनाइए। अपनी समय सारणी का समय परीक्षा की समय सारणी से विपरीत रखें इसका अर्थ यह है कि जो प्रश्नपत्र जितना बाद में होगा उसे आप उतने ही पहले तैयार कर रख ले।  अनिवार्य प्रश्नों को बिना समय गवाएं तेजी से हल करना चाहिए ।
 तथ्यों को एक दूसरे से संबंध कर ले। ऐसे में उन्हें याद करना आसान होगा। तथ्यों को याद करने का तरीका यह है कि उन्हें लिखकर याद करें।  तीसरा सुझाव यह दिया जाता है कि कुछ विषय असंबंध प्रकृति के होते हैं। उन्हें याद करने के लिए फार्मूला तैयार कर ले। नकारात्मक स्वभाव के लोगों से यथासंभव दूरी बनाए रखें। गरिष्ठ  भोजन लेते हैं तो कुछ दिनों के लिए छोड़ दें। तैयारी जितनी भी कम या अधूरी हो तनाव लेने से बचें।
फोटो कैप्शन: राजेश कुमार प्राध्यापक करकराला

 

 

भारत बंद का कोई असर नहीं
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,कनीना। कुछ किसान यूनियन और अन्य संगठनों ने शुक्रवार को भारत बंद का आह्वान किया था किंतु कनीना और आसपास क्षेत्रों में किसी प्रकार के बंद का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। बसे सामान्य दिनों की तरह चलती रही तथा अधिकांश लोगों को तो यही नहीं पता कि भारत बंद है। विभिन्न कार्यालय में उपस्थित आम दिनों की तरह सामान्य रही। स्कूल, कार्यालय आम दिनों की तरह चलते रहे।


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