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Sunday, June 19, 2022

 
धारावाहिक-03
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महाराजा हीरा सिंह की याद दिलाती है रणास और राजावाली बणियां
-रणास का नाम रानी का वास था तथा जहां राजा ठहरा उसे राजावाला स्थल/बणी नाम से जाना जाता है

     --डा होशियार सिंह यादव- कनीना की आवाज
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 कनीना। बेशक कनीना और करीरा में 3 किलोमीटर की दूरी हो किंतु महाराजा हीरा सिंह नाभा के महाराज(1843 -1911) की याद कनीना स्थित रणास वाली बणी तथा करीरा स्थित राजावाली बणी याद दिलाती रहेंगी। यद्यपि महाराजा हीरा सिंह ने चार शादियां की थी जिनमें से तीसरी रानी जसवीर कौर का क्षेत्र में आगमन हुआ माना जा रहा है। जसवीर कौर के महज एक पुत्र और एक पुत्री हुई है रिपुदमन उनका पुत्र बाद में महाराजा बना था।
किंतु महाराजा हीरा सिंह 1898 के आसपास कनीना एवं करीरा क्षेत्र में आए थे। अपनी पत्नी को साथ लेकर आने से उनके टेंट रणास वाली बणी के पास लगवा दिये थे और स्वयं करीरा की राजावाली बनी स्थित राजा वाला जोहड़ के पास न्यायालय लगाया था और लोगों की समस्याएं सुनी थी। आज भी करीरा का यह जोहड़ राजावाला नाम से तथा बणी राजावाली बणी नाम से जानी जाती है किंतु उनकी पत्नी के आवास के कारण कनीना की बणी आज भी रणास नाम से जानी जाती है। तत्पश्चात राणवास कहते हुये ग्रामीण लोग बोलचाल की भाषा में रणास नाम से पुकारने लगे। जहां आज भी राजावाली बनी पर धार्मिक स्थान बनाकर हर वर्ष मेले लगते हैं किंतु रणास वाली बणी जो 32 कनाल 5 मरला की है,पर एसटीपी( सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित कर दिया है। राजा के वक्त का तिबारा तथा पानी का कुआं जर्जर हालात में स्थित है जिन को देखने से ही लगता है कि किसी जमाने में महारानी यहां आकर ठहरी थी और यहां इसी कुआं से पानी पिया था।  यहीं पर उन्होंने विश्राम किया था। आज तिबारा और कुआं जर्जर हालात में खड़े हैं। जल्द ही दोनों समाप्त हो जाने की संभावना है।
रणास का तिबारा एवं कुआं इतिहास को समेटे हुए है। यद्यपि यह कुआं और यह तिबारा किसी रैबारी तथा बंजारा द्वारा बनवाया था जो इतिहास समेटे हुये है।
रणास की बणी--
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कनीना से कोटिया गांव की सड़क मार्ग पर करीब अढ़ाई किमी चलने पर सीवर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगा हुआ है। यहीं पर कभी होती थी रणासवाली बणी। जिसे कनीना पालिका ने समतल करवाकर इसकी जमीन को हर वर्ष पट्टे पर छोडऩे का काम किया किंतु समतल जगह अधिक दिनों तक पट्टे पर नहीं दी जा सकी। कनीनावासियों की सीवर से संबंधित समस्या हल करने के लिए रणासवाली जगह पर सीवर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगा दिया गया। यही वो जगह है जो पुरानी बणी की याद दिलाती है। इसके थोड़ा पास ही एक तिबारा, एक पुराना कुआं तथा पास में लेहसुआ का पेड़ होता था। हीरा सिंह महाराज की रानी इसी कुएं के परास आकर ठहरी थी। चूंकि महाराजा हीरा सिंह ने करीरा गांव में आकर न्यायालय लगाया था जहां न्याय किया जाना था। साथ में रानी भी आई थी किंतु राजा नहीं चाहते थे कि उनका ध्यान बार बार रानी की ओर जाये अपितु स्वतंत्रतापूर्वक सही न्याय करने के लिए रानी को इस तिबारे के पास ठहराया गया और सुरक्षा के प्रबंध कर दिये। सैनिक रात के समय रानी की सुरक्षा में लगे रहे। चूंकि रानी इस पुराने तिबारे के पास ठहरी थी इसलियें इस जगह को रानीवास नाम दिया तथा बाद में रणवास कहने लगे। तत्काल में जहगह को रणास नाम से संबोधित करने लगे। यही नहीं पास की बणी को रणास वाली बणी नाम दिया गया था। यह बणी लंबे समय तक अस्तित्व में रही थी। स्वयं लेखक डा होशियार सिंह ने यहां गाय एवं भैंस चराने का काम किया था तथा इस तिबारे पर बैठकर शुद्ध हवा ली साथ में कुएं का ठंडा पानी पीकर लेहसुआ के पेड़ से पके हुए मधुर लेहसुए भी खाये किंतु अब न तो वो पेड़ बचा है और तिबारा भी जर्जर हालात में है। रही कुएं की बात वो अंधाकूप बन गया है जिसका अस्तित्व समाप्त होने को है। वैसे भी यह कूप संकीर्ण कूप है। तिबारे पर पहले सुंदर नक्काशी की हुई थी तथा दो कमरों सहित मुख्य द्वार बना हुआ था जो आज के दिन शराबियों के लिए बेहतर जगह बन गई है। पूरा तिबारा खाली बोतलों से भरा हुआ है।
राजावाली बणी-
करीरा गांव की पंचवटी वाटिका से थोड़ा आगे राजावाली बणी है। किसी जमाने में यह इतनी सघन होती थी कि इससे निकलना भी कठिन होता था। ग्रामीण इस बणी के अंदर की कहानी नहीं जानते थे किंतु एक दिन एक भैंसें के पैरों के निशानों का पीछा करते हुए लोग अंदर पहुंचे तो दंग रह गए। अंदर एक पुराना हनुमान मंदिर और पास में साफ पानी का जोहड़ था। शायद कोई ऋषि यहां तप करते थे। जोहड़ के पास इंदोख के विशाल पेड़ आज भी अपनी प्राचीनता का आभास कराते हैं। इस मंदिर के पास का वातावरण रमणिक एवं सौम्य है।
  इस पुराने छोटे हनुमान मंदिर के पास ही विशाल हनुमान मंदिर का निर्माण करवाया और यहां मेले भरने की प्रथा प्रारंभ की गई। फाल्गुन अमावस्या के दिन हनुमान मंदिर पर विशाल मेला एवं खेलकूद आयोजित होते हैं। मंदिर के पास ही आंवला और अमरूद जैसे वृक्षों का बाग लगा हुआ है। इस पुराने हनुमान मंदिर में हनुमानजी की एक छोटी सी मूर्ति स्थापित है जो वर्षों पहले इसी जगह लोगों को मिली थी। करीरा गांव के पुराने हनुमान मंदिर के कारण ही इसकी पहचान बनती जा रही है। यही है राजावाली बणी जहां महाराजा हीरा सिंह कभी आये थे।
राजावाली बणी-
करीरा गांव की पंचवटी वाटिका से थोड़ा आगे राजावाली बणी है। किसी जमाने में यह इतनी सघन होती थी कि इससे निकलना भी कठिन होता था। ग्रामीण इस बणी के अंदर की कहानी नहीं जानते थे किंतु एक दिन एक भैंसें के पैरों के निशानों का पीछा करते हुए लोग अंदर पहुंचे तो दंग रह गए। अंदर एक पुराना हनुमान मंदिर और पास में साफ पानी का जोहड़ था। शायद कोई ऋषि यहां तप करते थे। जोहड़ के पास इंदोख के विशाल पेड़ आज भी अपनी प्राचीनता का आभास कराते हैं। इस मंदिर के पास का वातावरण रमणिक एवं सौम्य है।
  इस पुराने छोटे हनुमान मंदिर के पास ही विशाल हनुमान मंदिर का निर्माण करवाया और यहां मेले भरने की प्रथा प्रारंभ की गई। फाल्गुन अमावस्या के दिन हनुमान मंदिर पर विशाल मेला एवं खेलकूद आयोजित होते हैं। मंदिर के पास ही आंवला और अमरूद जैसे वृक्षों का बाग लगा हुआ है। इस पुराने हनुमान मंदिर में हनुमानजी की एक छोटी सी मूर्ति स्थापित है जो वर्षों पहले इसी जगह लोगों को मिली थी। करीरा गांव के पुराने हनुमान मंदिर के कारण ही इसकी पहचान बनती जा रही है। यही है राजावाली बणी जहां महाराजा हीरा सिंह कभी आये थे।
इसी बणी के पास ही महाराजा हीरा सिंह ने करीब 125 साल पहले यहां न्यायालय लगाया था। उस वक्त यह बणी सघन बणी होती थी। बाद में राजा के यहां आगमन के बाद इसे राजावाली बणी नाम से जाना जाने लगा। कनीना की रणास वाली बणी तथा राजावाली बणी दोनों की विख्यात हो गई। कनीना की रणासवाली बणी के पास का तिबारा तो करीब 200 साल पुराना माना जाता है। चूने एवं छोटी ईंटों से यह तिबारा बनाया गया था। जो बताया जाता है कि किसी रैबारी की यहां मौत हो जाने के बाद उसकी याद में बनवाया था। आज भी तिबरा बेहतर हालात में है। इसके सीढिय़ा भी लगी हुई हैं जो आधुनिक सीढ़ी न होकर काले पत्थरों की दीवार में गाड़कर बनाई गई हैं। ये सीढिय़ां भी अब खंडित हो चली हैं तथा कोड़ी नामक पदार्थ को घिसकर इसकी लिपाई एवं पुताई की गई है। बुर्ज भी बनी है जिसे आम भाषा में छतरी कहते हैं। जो किसी की याद को इंगित कर रही है। बुर्ज में बैठकर बड़ा आनंद आता है जिसके पास पीपल के पुराने पेड़ हैं। जमीन स्तर से करीब 50 फुट ऊंची बुर्ज है। उस जमाने की बेजोड़ कारीगरी का बेहतर उदाहरण बनी है। यदि इस प्रकार के तिबारे का संरक्षण किया जाए तो निसंदेह आने वाले समय में जन उत्साह एवं ज्ञान का कारण बन सकता है। कनीना के व्योवृद्ध पूर्व प्रधान मा दली सिंह बताते हैं कि राजा एवं रानी दोनों ने कनीना एवं करीरा में ठहराव किया था जिसके चलते दोनों ही गांवों में अच्छी मित्रता है। कई घर कनीनवाल गोत्र के करीरा में भी हैं।
तिबारा, राजावाली बणी तथा एसटीपी जहां कभी रणास वाली बणी होती थी की फोटो साथ हैं।
सावधान--
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धारावाहिक -04
धारावाहिक -04 में पढ़ेंगे कनीना की 250 साल पुरानी गुम्बद जिसमें आज भी रामायण एवं महाभारत के सीन मुंह बोलते नजर आते हैं। जल्द ही कनीना की आवाज ब्लाग में।





 ट्रक ने बाइक सवार को कुचला बाइक सवार की मौके पर ही मौत
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 कनीना की आवाज,कनीना। सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो जाने का मामला प्रकाश में आया है।
 मिली जानकारी के अनुसार कनीना-अटेली रोड पर भोजावास के निकट प्यारेलाल निवासी खैरानी जो अपने किसी काम से बाइक पर सवार होकर जा रहा था आगे से आ रहे ट्रक ने उसे टक्कर मार दी जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने इसकी सूचना कनीना पुलिस को देकर मामले से अवगत कराया जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचे मौके का मुआयना किया तथा शव को पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया वहीं पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।

 





शांति बनाए रखने वालों को सम्मान व सरकारी संपत्ति का नुकसान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा- डीएसपी राजीव कुमार
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 कनीना की आवाज,कनीना। कनीना के उपमंडल प्रशासन ने निकटवर्ती दर्जनों गांवों का दौरा कर फ्लैग मार्च निकाला तथा ग्रामीणों को शांति बहाल करने की गुहार भी लगाई। यहां गौरतलब है कि अग्निपथ सेना नियुक्ति को लेकर गांव गांव में चल रहे युवा आक्रोश को शांत करने के लिए कनीना के  एसडीएम सुरेंद्र सिंह व कनीना के डीएसपी राजीव कुमार के नेतृत्व में उपमंडल प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकाला और गांव गांव जाकर लोगों से बैठक कर उनसे शांति बनाए रखने की अपील भी की।
इस अवसर पर एसडीम सुरेंद्र सिंह ने धनोदा गांव के ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि अग्निपथ सेना नियुक्ति को लेकर चल रहे आक्रोश को लेकर हम आपके बीच आए हैं ताकि क्षेत्र के प्रत्येक गांव मैं शांति बहाली बनी रहे और किसी तरह का किसी भी प्रकार का नुकसान ना हो। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा अगर सरकारी संपत्ति का नुकसान करता है तो व अपना खुद का नुकसान कर रहा है क्योंकि सरकारी संपत्ति हमारी अपनी सब की संपत्ति है इसलिए आप सब से अपील की जाती है की आप आक्रोश में आकर किसी भी प्रकार की अप्रिय कार्रवाई में  युवा भाग न ले और गांव में शांति बनाए रखें।
 वहीं करीना के डीएसपी राजीव कुमार ने भी बैठक में आए युवा ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आप लोगों से शांति बनाए रखने की अपील है। उन्होंने यह भी कहा किस प्रकार की अप्रिय घटना में अगर कोई युवा शामिल होता है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो जाती है तो उसका जीवन बर्बाद हो जाएगा। इसलिए आपको इस बात से अवगत कराना चाहते हैं कि भविष्य में आपका किसी तरह से बुरा ना हो ताकि अपने क्षेत्र में किसी तरह की कोई समस्या ना हो। उन्होंने यह भी कहा की आपको अपनी बात कहने का अधिकार है लेकिन शांतिप्रिय ढंग से आप अपनी बात रख सकते हैं जिसके लिए आपको किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी लेकिन अगर आप सरकारी संपत्ति का नुकसान करेंगे या किसी को नुकसान पहुंचाएंगे तो उसके लिए आप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी करने से भी संकोच नहीं किया जाएगा। वहीं उपमंडल प्रशासन द्वारा यह कार्यक्रम कनीना उपमंडल के गांव गाहड़ा, सीहोर, छितरौली उच्चत, बाघोत, खेड़ी तलवाना ,धनौंदा, सेहलंग, ककराला, कपूरी, चेलावास के अलावा अन्य गांवों का दौरा कर गांव के लोगों के साथ बैठक की तथा उनको इस तरह की कार्रवाई में भाग नहीं लेने के लिए भी कहा गया।
 यहां गौरतलब है कि एसडीएम कनीना सुरेंद्र सिंह व कनीना के डीएसपी राजीव कुमार को लोगों ने आश्वासन दिया कि वह गांव में शांति भंग नहीं होने देंगे तथा पुलिस प्रशासन का सहयोग करेंगे। इस अवसर पर सदर थाना प्रभारी ब्रह्मप्रकाश यादव, सिटी थाना प्रभारी मूलचंद तवर के अलावा गांव के युवा, विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी फ्लैग मार्च में उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 03: ग्रामीणों को समझाते हुए डीएसपी राजीव कुमार कनीना।





रिजल्ट अपडेट नहीं करवाने वाले अध्यापकों पर होगी कार्यवाही                 
-जानबूझ कर अपने रिजल्ट नहीं करते अपडेट
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 कनीना की आवाज,कनीना। अब एमआईएस पोटबर््ल पर जो शिक्षक अपने परीक्षा परिणाम अपडेट नहीं करेगाा उसके विरुद्ध कार्रवाई  की जजाएगी। यह कार्य करना जरूरी कर दिया है ताकि ट्रांसफर करते वक्त दिक्कत न आये।
निदेशालय सूत्रों के अनुसार जो अध्यापक अपना रिजल्ट एमआईएस पोर्टल पर अपडेट नहीं करेंगे उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की तैयारी की जा रही हैं क्योंकि विभागीय नियमों के अनुसार अध्यापकों को अपना परीक्षा परिणाम एमआईएस पोर्टल पर अपडेट करना होता है जिसे स्कूल मुखिया द्वारा अप्रूव किया जाता है लेकिन कुछ अध्यापक जिनका वर्तमान रिजल्ट खराब होता है वो उसको पोर्टल पर चढ़ाते ही नही है जिसके कारण उनका पिछला परीक्षा परिणाम ही पोर्टल पर रहता है और वो ट्रांसफर ड्राइव में गलत तरीके से पांच अंक लेने में कामयाब हो जाते हैं इस बारे में निदेशालय में काफी शिकायत आने के मद्देनजर विभाग उन अध्यापकों व स्कूल मुखिया पर इस बार कार्यवाही करने के मूड में है जो विभागीय निर्देश अनुसार वर्तमान सत्र का परीक्षा परिणाम अपडेट नहीं करेंगे



भोजावास में आयोजित हुआ ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित
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 कनीना की आवाज,कनीना। रोहतक जिला के पहरावर गांव की 33 वर्ष के लिए पट्टे पर दी गई जमीन का कब्जा गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा को देने सहित अनेक मांगों को लेकर जिला के गांव भोजावास में ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि समाजसेवी ठाकुर अतरलाल एडवोकेट ने सम्मेलन में उपस्थित लोगों के साथ ईश्वर स्तुति प्रार्थना मंत्रोच्चार कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। अध्यक्षता लालचंद शर्मा ने की।
 सम्मेलन में चार प्रस्ताव पास कर हरियाणा सरकार से पहरावर गांव की ब्राह्मण सभा को 33 वर्ष के लिए पट्टे पर दी गई जमीन का कब्जा तत्काल ब्राह्मण सभा को देने, दोहली की जमीन का मालिकाना हक दोहलीदार के नाम बिना खर्चा - पर्चा के चढ़ाने, आर्थिक पिछड़े वर्ग का प्रमाण पत्र बनवाने में युवाओं को आ रही परेशानियों का निराकरण करने, और आर्थिक पिछड़े वर्ग के बच्चों को स्कूल कालेज तथा विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रवृत्ति देने की मांग की गई।
   सम्मेलन को संबोधित करते हुए बसपा नेता ठाकुर अतरलाल ने ब्राह्मण समाज की सभी मांगों को जायज बताते हुए सरकार से इन्हें तत्काल पूरा करने की अपील की। उन्होंने ब्राह्मण समाज को अपने प्रजा भलाई संगठन का पूरा सहयोग देने की घोषणा करते हुए सरकार को चेतावनी दी कि सरकार ने दस दिन के अंदर जमीन का कब्जा ब्राह्मण सभा को नहीं सौंपा तो राज्यस्तरीय बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। शिक्षाविद सुरेश शास्त्री ने स्वतंत्रता आंदोलन में ब्राह्मण समाज के योगदान की चर्चा करते हुए चंद्रशेखर आजाद, बाल गंगाधर तिलक, मदन मोहन मालवीय, वीर सावरकर, जवाहरलाल नेहरू, सुखदेव आदि महान वीरों से सबक लेकर समाज की मांगों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। लालचंद शर्मा, आशुतोष शास्त्री, संजय शास्त्री, मास्टर नरेंद्र शर्मा, मास्टर भारत शर्मा, पूर्व सरपंच बाबूलाल शर्मा , भाग सिंह चेयरमैन ने राज्य सरकार पर ब्राह्मण हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सरकार से समाज की मांगों को पूरा करने के लिए तत्काल कारगर कदम उठाने की मांग की। सम्मेलन आयोजकों द्वारा मुख्य अतिथि ठाकुर अतरलाल को केसरिया पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर पूर्व सरपंच बाबूलाल शर्मा, संतलाल, सुरेश कुमार शास्त्री, संजय शास्त्री, संदीप कोच, मनवीर, शेर सिंह, मातादीन, सत्यनारायण, शीशराम, संतलाल, होशियार, गुमान सिंह, भाग सिंह, सतवीर, इंद्रजीत, धर्मेंद्र, मुनशेर, विजय, मनोज कुमार, राजकुमार, मनोज सिंह, धोलू, कुलदीप, जगदीश, राज कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन-1. गांव भोजावास में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन को संबोधित करते हुए अतरलाल एडवोकेट।




कारोली मोड़ से कंवाली जाने वाला रास्ता अस्थाई रूप से बंद
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 कनीना की आवाज,कनीना। अनाज मंडी से गुजरने वाली रामपुरी डिस्ट्रीब्यूटर ड्यूटी नहर पर गोठड़ा गांव के पास पुल निर्माण कार्य चलने के कारण कारोली मोड़ से कंवाली जाने वाला रास्ता अस्थाई रूप से कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। सिंचाई विभाग हरियाणा के जेई दीपक कुमार ने बताया कि गोठड़ा गांव के पास नहर पर पुल का निर्माण चल रहा है जिसके कारण कारोली मोड़ से कंवाली जाने वाला रास्ता अस्थाई रूप से भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। पुल का निर्माण होने के बाद फिर से इस मार्ग को शुरू कर दिया जाएगा।




दिन भर हुई हल्की बूंदाबांदी
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 कनीना की आवाज,कनीना। कनीना क्षेत्र में दिनभर बादल छाए रहे तथा हल्की बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी हल्की होने के कारण अभी तक किसान प्रसन्न नहीं हैं, अधिक बारिश होने पर ही बाजरे की बीजाई की जाएगी। किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार आदि ने बताया कि बाजरे की बिजाई के लिए पर्याप्त बारिश का होना जरूरी है जो अभी तक नहीं हुई है। किसान बेसब्री से बारिश आने का इंतजार कर रहे हैं। यद्यपि मौसम सुहावना हो गया है गर्मी से राहत मिली है परंतु किसानों की बेचैनी अभी तक जारी है क्योंकि अच्छी बारिश नहीं हुई है।
फोटो कैप्शन 02: हल्की बूंदाबांदी तथा बना बारिश से बना इंद्रधनुष।






बेहतर रहा एसडीएम स्कूल का परीक्षा परिणाम
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 कनीना की आवाज,कनीना। एसडीम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छिथरोली का दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा।
संस्था के चेयरमैन अजमेर सिंह दांगी ने बताया। मोहित झाड़ली ने 474 / 500 और चिराग छिथरोली ने 474/500 दोनों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अक्षय धनौंदा ने 472 / 500 द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा ज्योति छिथरोली ने 457 /500 अंक प्राप्त करके तृतीय स्थान प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि संजू खरकड़ा बास 449/500, तमन्नासीहोर 449/500, अंकिता छिधरोली 442/500, मुस्कान सीहोर 437/500, दीपक सीहोर 437/500, राखी सीहोर 434/500, कंचन उन्हानी 422/500, अंजू खरकड़ा बास 419/500, सार्थक कनीना 410/500, पायल कारोली 405/500,आशीष छिथरोली 402/500 अंक हासिल किए।  उन्होंने बताया कि 90 फीसदी से ऊपर 4 विद्यार्थियों ने अंक हासिल किए। 80 प्रतिशत से ऊपर 15 विद्यार्थियों ने स्थान हासिल किया। 70 प्रतिशत से अधिक 18 विद्यार्थियों ने अपनी जगह बनाई। 24 विद्यार्थियों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक लेकर प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास की। एसडीएम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छिथरोली के 10वीं का उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम आने पर सभी मेहनती विद्यार्थियों, लगनशील अध्यापक साथियों व जागरूक अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी। इस मौके पर प्रधानाचार्य रेखा दांगी उप प्रधानाचार्य सतपाल यादव व समस्त स्टाफ सदस्य एवं अभिभावक उपस्थित थे।

















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