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Monday, August 24, 2026



 


नगरपालिका सफाई कर्मियों ने बढ़ाई दो दिन की और हड़ताल
-26 अगस्त तक चलेगी काम छोड़ हड़ताल
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कनीना की आवाज।
नगर पालिका संघ हरियाणा के आह्वान पर सफाई नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई कनीना ने 19वें दिन काम छोड़ हड़ताल जारी रखी।  हड़ताल के अध्यक्षता कनीना इकाई के प्रधान अनिल कुमार ने की। हड़ताल में सभी कर्मचारी शामिल रहे।
उन्होंने बताया कि सरकार उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है जिसके कारण हड़ताल दो दिन और बढ़ा दी गई है। काम छोड़ हड़ताल 26 तक जारी रहेगी।
  उधर कर्मियों की हड़ताल के चलते कनीना कस्बा में गंदगी के ढेर लग गए हैं। लोग परेशान हैं।
फोटो कैप्शन 09: कर्मी हड़ताल पर




वर्षा अभाव में फसल सूखने के कगार पर
-फव्वारों से दे रहे फसल को पानी
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में विगत कई दिनों से वर्षा न होने से बाजरा, कपास एवं मूंग आदि की फसल सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है। मजबूरी में किसान फव्वारों द्वारा सिंचाई कर रहे हैं। सावन माह भी आधा सूखा चला गया। सावन के पहले पखवाड़े में वर्षा हुई थी किंतु दूसरे पखवाड़े में वर्षा का अभाव रहा। दिन में धूप खिलती है और भीषण गर्मी पड़ती है। किसान बेसब्री से वर्षा होने का इंतजार कर रहे हैं।
किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह आदि ने बताया कि डूबते को तिनके का सहारा क्योंकि वर्षा हो नहीं रही ऐसे में जिन किसानों के यहां फव्वारा प्रबंध हैं वो इनसे ही सिंचाई करके खरीफ फसल को बचाने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं।  इस वक्त खेतों में बाजरा, कपास, मूंगफली, अरहर, मूंग, बाजरा, चारा देने वाली फसलें आदि उगा रखी है जिनके लिए यह वर्षा हो जाए तो लाभप्रद साबित होगी।
किसानों का कहना है कि बाजरा फसल न केवल पशुचारा प्रदान करती है अपितु श्रीअन्न भी प्रदान करती है। दोनों की मांग अधिक है और किसानों का सहारा हैं। यदि वर्षा नहीं होगी तो किसान की बेहतर खड़ी फसल ही बर्बाद हो जाएगी।
फोटो कैप्शन 10: बाजरे में फव्वारों से की जा रही सिंचाई




ताश के पत्तों पर रुपये लगाकर जुआ खेल रहे तीन आरोपी काबू, 16,500 रुपए नकद व 52 ताश के पत्ते बरामद
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कनीना की आवाज।
सीआईए महेंद्रगढ़ टीम ने थाना सदर महेंद्रगढ़ क्षेत्र के गांव सिसोठ में कार्रवाई करते हुए ताश के पत्तों पर रुपये लगाकर जुआ खेल रहे तीन व्यक्तियों को मौके से काबू किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 16,500 रुपए की नकदी, 52 प्लास्टिक के ताश के पत्ते एवं एक प्लास्टिक कट्टा बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी मौके से फरार हो गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री फैजल खान के अनुसार पुलिस टीम गश्त एवं अपराध पड़ताल के दौरान बस अड्डा सिसोठ के पास मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि गांव सिसोठ में कृष्ण की पुरानी खंडहर हवेली में कुछ व्यक्ति रुपये लगाकर ताश पर जुआ खेल रहे हैं। सूचना को विश्वसनीय मानते हुए पुलिस टीम ने रेडिंग पार्टी गठित कर मुखबिर द्वारा बताई गई जगह पर दबिश दी।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर हवेली के पास सीढिय़ों की आड़ में छिपकर देखा और सुना कि वहां मौजूद व्यक्ति ताश के पत्तों पर 100, 200, 200 तथा 500 रुपए की चाल लगाकर जुआ खेल रहे थे। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए जुआ खेल रहे व्यक्तियों को काबू करने का प्रयास किया।
पुलिस को देखकर एक व्यक्ति अपने हाथ में लिए हुए ताश के पत्ते फेंककर तथा मौके पर पड़े रुपये लेकर फरार हो गया, जबकि अन्य व्यक्तियों ने अपने हाथों में पकड़े ताश के पत्ते मौके पर पड़े पत्तों में फेंक दिए। पुलिस टीम ने तीन व्यक्तियों को मौके से काबू कर लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान प्रविण निवासी सिसोठ, कर्मपाल निवासी कुराहवटा तथा अशोक निवासी जाट के रूप में हुई। आरोपियों ने फरार हुए व्यक्ति की पहचान नवीन निवासी भुरजट के रूप में बताई।
मौके की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने प्रविण के कब्जे से 10,000 रुपए कर्मपाल के कब्जे से 3,000 रुपए तथा अशोक के कब्जे से 3,000 की नकदी बरामद की। इसके अतिरिक्त जुए की फड़ से 500 की नकदी तथा 52 प्लास्टिक के ताश के पत्ते बरामद किए गए। इस प्रकार पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं मौके से कुल 16,500 की नकदी, 52 प्लास्टिक के ताश के पत्ते तथा एक प्लास्टिक कट्टा बरामद किया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सदर महेंद्रगढ़ में हरियाणा गैम्बलिंग एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर लिया है। मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है तथा फरार आरोपी की तलाश जारी है।
फोटो कैप्शन 05: पकड़े गए आरोपी


जनता की सेवा सर्वोपरि, सभी जनप्रतिनिधि व अधिकारी जनता के सेवक: विपुल गोयल
--नारनौल में जिला लोक संपर्क एवं जन परिवेदना समिति की बैठक में 10 परिवादों की हुई सुनवाई
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कनीना की आवाज।
हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी जनता के सेवक हैं और हम सबका यह निरंतर प्रयास होना चाहिए कि नागरिकों की प्रत्येक समस्या का समाधान एक निश्चित समय सीमा में किया जाए। श्री गोयल सोमवार को स्थानीय राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में जिला लोक संपर्क एवं जन परिवेदना समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में पहले से निर्धारित 10 परिवादों की गहनता से सुनवाई की गई। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मौके पर उपायुक्त अनुपमा अंजली तथा पुलिस अधीक्षक दीपक ने राजस्व मंत्री का बुके देकर स्वागत किया।
बैठक के दौरान मालड़ा सराय व मालड़ा बास में जलभराव की समस्या पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए कि वे मौके पर जाकर तकनीकी व्यवहार्यता की जांच करें, ताकि संबंधित विभाग इस कार्य को व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सके। हुड्डा सेक्टर 1 नारनौल में पार्कों की मरम्मत और बेसहारा पशुओं की रोकथाम के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए। कनीना की पीपला वाली बणी में दूषित पानी के संबंध में अधिकारियों ने समिति को अवगत कराया कि गांव में 7 एकड़ क्षेत्र में तालाब का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर जारी हो चुके हैं और इससे समस्या का स्थायी समाधान होगा।
डोहर कलां सहित कई गांवों में शेड व बोर्ड निर्माण में अनियमितता के मामले में राजस्व मंत्री ने प्रकरण को जांच के लिए सतर्कता विभाग (विजिलेंस) को भेजने के निर्देश दिए।
बनिहाड़ी गांव के बांध पर युवक की संदिग्ध मौत के मामले में उप पुलिस अधीक्षक भारत भूषण ने बताया कि विसरा डाइटम जांच के लिए न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला मधुबन भेजा गया है, जहां से रिपोर्ट और चिकित्सकों की अंतिम राय प्राप्त होने के बाद नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं नलापुर चौक से छिप्पी जोहड़ तक नाले पर हुए अतिक्रमण की शिकायत पर मंत्री ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर समस्या का पूर्ण समाधान सुनिश्चित कराने के आदेश दिए।
इस मौके पर हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया।
इस बैठक में नारनौल के विधायक ओम प्रकाश यादव, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव, नांगल चौधरी की विधायक मंजू चौधरी, भाजपा के जिला अध्यक्ष डॉ जितेंद्र राव तथा नगर परिषद चेयरपर्सन कमलेश सैनी के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 05: संबंधित है





वर्षों से ठीक करते आ रहे खराब सीएफएल
- किसी वैज्ञानिक से कम नहीं है विजय वधवा की कार्यकुशलता
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कनीना की आवाज।
 यदि हाथों में कुछ करने का हुनर हो तो दिव्यांगता आड़े नहीं आती है। हिम्मत के पर्याय के रूप में कनीना का विजय वधवा जाना जाता है जो 83 प्रतिशत दिव्यांग है। डाक्टरों ने कहा था कि यह खड़ा भी नहीं हो सकेगा किंतु अपनी रोटी रोजी आज भी कमा रहा है। वो हरियाणा का पहला वैज्ञानिक कबाड़ से जुगाड़ बनाने के नाम से जाने जाते हैं।
10 रुपए तक कर देते हैं सीएफएल ठीक--
कनीना बस स्टैंड के पीछे छोटी सी पुरानी दुकान में बैठकर खराब सीएफएल को ठीक करता है। कनीना में सबसे पहले खराब सीएफएल वो भी 10 रुपये में ठीक करने का अगर श्रेय उनको जाता है। वर्षों पहले इन्होंने अपने यहां सीएफएल ठीक करना शुरू किया और अच्छा नाम कमाया। 2017 में इनको हृदयघात आया और मेडिसिटी गुररुग्राम में भर्ती करवाना पड़ा। कान खराब हो गए, आंखों से दिखाई कम देने लगा और शरीर की एक साइड अधरंग हो गई। वर्तमान में 83 प्रतिशत दिव्यांग हैं परंतु हिम्मत नहीं छोड़ते हैं। उनकी हिम्मत के आगे सभी नतमस्तक होते हैं। प्रतिदिन 30 से 40 सीएफएल वर्तमान में भी ठीक कर लेते हैं जबकि उनके हाथ बड़ी मुश्किल से काम करता है। एक हाथ बिल्कुल काम नहीं करता। पैरों से चला नहीं जाता ,शरीर में कई दिक्कत आती है, चलने के लिए ट्राई साइकिल ले रखी है परंतु उनका एक ही उद्देश्य है कि किसी प्रकार अपनी रोटी रोटी खुद कमाये और दूसरों पर निर्भर न रहे। कहने को तो उनका परिवार है जो अच्छी खासी नौकरियों में है किंतु उन्होंने कभी काम से जी नहीं चुराया। पुरानी सीएफएल लाने वाले लोगों की सीएफएल ठीक करके देता है। यह काम करने को तो अनेकों  लोग कर रहे हैं परंतु जिन परिस्थितियों में विजय वधवा काम कर रहे हैं वो सराहनीय है। उसको देखकर लगता है कि सचमुच वह एक उदाहरण बनकर उभरा है।
कबाड़ से कर देते हैं जुगाड़--
विजय वधवा कबाड़ से जुगाड़ करने में भी महारत लिये हुए है। वर्ष 2008 में उन्होंने कबाड़ में पड़ी हुई खराब ट्यूबलाइट को महज अल्प राशि में ठीक करके देने का काम शुरू किया था और आज उन्होंने नि:शुल्क प्रशिक्षण देकर बहरोड़, कोसली, नारनौल, अटेली, दादरी, सेहलंग एवं कनीना में अपने शिष्य छोड़ दिए हैं जो जन सेवा में जुटे हुए हैं। उनका कहना है कि सरकार को आइटीआइ में इस प्रकार का ट्रेड शुरू कर देना चाहिए ताकि वे प्रशिक्षण दे सके। उनका मानना है कि विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों में उनके नि:शुल्क प्रशिक्षण शिविर लगाने की अनुमति दी जाए ताकि वे बेरोजगारों को रोजगार की राह दिखा सके। उनकी तमन्ना है कि हर गांव में कम से कम एक व्यक्ति उनका यह प्रशिक्षण लेकर गांव की खराब लाइटों को ठीक करने लगे तो उनका नाम भी हो और बेरोजगारों को भी रोजगार मिल सके।   विजय वधवा के कानों में सुनने की मशीन, आंखों पर बड़े चश्मे, पास खड़ी ट्राइसाइकिल, बेंत नजर आते हैं किंतु उनके ग्राहक उन तक जरूर आ जाते हैं। धुआं रहित चिमनी वर्षों पहले से बना रहे हैं।
प्रारंभिक जीवन-
विजय वधवा ने मिडिल की परीक्षा गुढा से पास की और कनीना से 9वीं से 11वीं तक की पढ़ाई की। दस जमा दो कालेज से पास करने के बाद 1989 से 1991 तक दिल्ली इंस्टिट्यूट आफ़ मैनेजमेंट एंड सर्विसेज से इलेक्ट्रानिक्स का डिप्लोमा किया। वर्ष 1992 से सीएफएल सुधारने का अपना काम कर रहे हैं। उस जमाना में जब कोई भी सीएफएल को सुधारने वाला नहीं था तब से काम कर रहे हैं। रेडियो, टीवी तथा वीसीआर तकनीक सीखी और काम करने में सफलता हासिल की। लैंडलाइन फोन, कलर टीवी, वीसीआर, सरसों में तेल की मात्रा बताने वाली लैब, वाशिंग मशीन, माइक्रो ओवन की रिपेयरिंग की रिपेयरिंग में दक्षता हासिल की है। वर्तमान में 30 रुपए प्रति लाइट के हिसाब से ठीक करते हैं।
फोटो कैप्शन 06: विजय वधवा दिव्यांग होते हुए भी सीएफएल सुधारने का काम करते हुए।


बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता शिविर आयोजित
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कनीना की आवाज।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सीगड़ा के अंतर्गत आने वाले गांव खेड़ा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ एवं लिंगानुपात सुधार को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता एसएमओ डा. प्रभा यादव ने की।
शिविर के दौरान ग्रामीण महिलाओं को संबोधित करते हुए डा. प्रभा यादव ने कहा कि बेटियां परिवार और समाज की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। बेटियों को जन्म लेने, शिक्षा प्राप्त करने तथा आगे बढऩे के समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देकर ही लिंगानुपात में सुधार किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिलाओं को कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों, बेटियों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा, समान अधिकार तथा बालिकाओं के सुरक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य के संबंध में जागरूक किया।
इस अवसर पर कम्युनिटी हेल्थ अधिकारी अरुण चौधरी ने कहा कि लिंगानुपात में सुधार केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से अपील की कि वे अपने आसपास बेटियों के प्रति भेदभाव की सोच को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं तथा अन्य परिवारों को भी जागरूक करें।
शिविर में स्वास्थ्य कर्मी ऋषिराज एवं हेमलता ने शिविर में महिलाओं के साथ संवाद करते हुए बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं उनके अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। साथ ही समाज में व्याप्त रूढि़वादी सोच को बदलने और बेटियों को समान अवसर देने पर जोर दिया गया।
फोटो कैप्शन 01: बेटी बचाने की शपथ लेते हुए स्वास्थ्यकर्मी एवं अन्य

सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में लगी भीड़
-बाघोत में लगा मेला

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कनीना की आवाज।
।सावन माह के अंतिम सोमवार को विभिन्न गांवों के शिवालयों में भक्तों की भीड़ लगी रही। सुबह से दोपहर तक भारी संख्या में भक्त पहुंचे।
 प्राचीन शिवालय बाघेश्वर धाम बाघोत में हर सोमवार को यूं तो मेला लगता रहा है किंतु इस बार सावन के अंतिम सोमवार को मेले में बाहरी भीड़ रही। भक्तों को कतारबद्ध रूप से अंदर जाने की अनुमति दी गई जिसके चलते आधे-आधे घंटे में भक्त शिवलिंग पर जल अर्पित कर पाए।
उल्लेखनीय है कि बाघेश्वर धाम पर जहां 11 अगस्त को शिवरात्रि का मेला/कावड़ मेला भी लगा था।  सावन माह में 4 सोमवार आए, सभी में भारी भीड़ जुटी। भक्त पैदल, वाहनों स एवं पेट के बल शिवालय पहुंच रहे थे। उधर कनीना के 21 फुट ऊंची शिव प्रतिमा वाले शिवालय में सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। विभिन्न गांवों में भी शिवालयों में भीड़ रही। वैसे भी सावन 28 अगस्त को संपन्न हो जाएगा और इसके बाद भाद्रपद का माह शुरू होगा।
 इस बार सावन में कम वर्षा हो पाई। किसान  सावन माह में बेहतर फसल का इंतजार कर रहे थे किंतु सावन माह में प्रथम पखवाड़ा कुछ वर्षा हुई और दूसरे पखवाड़े में कोई वर्षा नहीं हुई। किसान परेशान है।
 फोटो कैप्शन दो: बाघोत में लगा मेला
              03: कनीना शिवालय में शिवलिंग पर जल अर्पित करते हुए


हो रहा है गंदा जल पेयजल सप्लाई
-अल्प मात्रा में ही सप्लाई होने की शिकायत
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कनीना की आवाज।
कनीना में गर्मी के दिनों में जहां नहर पर आधारित गंदा पेयजल सप्लाई घरों में हो रहा है। यही नहीं पेयजल सप्लाई भी थोड़ा हो रहा है। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि एक बाल्टी भी पेयजल सप्लाई नहीं हो पा रहा है और वह भी इतना दूषित की पीना तो दूर कपड़े भी नहीं धो सकते।
 उल्लेखनीय की कनीना में तीन प्रकार की पेयजल सप्लाई कार्यरत हैं जिनमें नहर पर आधारित, मुख्य पेयजल सप्लाई तथा ट्यूबवेलों से संचालित पेयजल सप्लाई प्रमुख हैं। नहर पर आधारित पेयजल सप्लाई बड़ी बणी में नजदीक डीएवी अकादमी के पास स्थित है जहां नहर का पानी साफ करके घरों में पेयजल के रूप में पहुंचाया जाता है। विगत करीब 10 दिनों से उपभोक्ताओं की शिकायत मिल रही है कि उन्हें न के बराबर पर जल सप्लाई मिल रहा है और वह भी दूषित जल सप्लाई की रही है।
 उपभोक्ता रमेश कुमार, दिनेश कुमार, भरपूर सिंह, करतार सिंह, महेंद्र सिंह, सुरेंद्र आदि ने बताया कि विगत 10 दिनों से पेयजल सप्लाई न के बराबर हो रही है। उनके यहां नहर पर आधारित पेयजल सप्लाई होती है। उन्होंने बताया कि पेयजल को साफ करने के लिए फिटकरी एवं ब्लीचिंग पाउडर आदि की जरूरत होती है लेकिन फिटकरी आदि होने से पेयजल को साफ नहीं किया जा पा रहा है। जैसा नहर का जल है वैसा ही सप्लाई किया जा रहा है। उपभोक्ताओं ने उच्च अधिकारियों को भी शिकायत की है।
 मिली जानकारी अनुसार पेयजल बहुत कम सप्लाई हो रहा है। कहने को तो 1 घंटा पेयजल सप्लाई होता है किंतु एक बाल्टी भी पानी से नहीं भरी जा सकती। उपभोक्ता में भारी रोष है तथा उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गर्मी के दिनों में कम से कम पर जलापूर्ति सही ढंग से की जाए।  क्या कहना है कनिष्ठ अभियंता का
इस संबंध में कनिष्ठ अ











भियंता जनस्वास्थ्य विभाग पवन कुमार से बात हुई। उन्होंने बताया कि उन्हें शिकायत मिल चुकी है और वह जहां फिटकरी 25 अगस्त तक उपलब्ध करवा देंगे वहीं कम पेयजल सप्लाई के संबंध में वो 25 अगस्त को स्वयं नहर पर आधारित पेयजल सप्लाई केंद्र पर जाकर पता करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। मोटर कुछ दिनों पहले खराब हो गई थी ठीक करवा दी गई है। नहर का पानी भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। ऐसे में पेयजल सप्लाई न कर पाने के लिए कारणों का पता लगाया जाएगा। मौके पर ही पता लगाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द पेयजल सप्लाई दुरुस्त कर दी जाएगी।
 फोटो कैप्शन 04: सप्लाई गंदा जल

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