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Friday, January 3, 2025


 

महिला वार्डों ने बिगाड़ा चुनाव लडऩे वालों का हाल
-अभी से ही जमकर चल रहे हैं मुर्ग मुसल्लम
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कनीना की आवाज।
 जहां नगरपालिका कनीना के फरवरी में चुनाव होने की संभावना है वही इन चुनाव की दृष्टिगत जहां महिलाओं के वार्ड आरक्षित होने के कारण कइयों चुनाव लडऩे की इच्छा में खलल डाल दिया है। प्रधान पद के कई प्रमुख दावेदार भी अब प्रधान पद महिला के लिए आरक्षित होने के कारणपीछे हट चुके हैं। अगर ये चुनाव मैदान में होतेतो नजारा कुछ देखने लायक होता। इन चुनाव लडऩे वालों में विनय एडवोकेट, वेद प्रकाश और मनीष पार्षद प्रमुख है। इन्होंने अपने अपने बैनर भी टांग दिये थे परंतु किस्मत ने साथ नहीं दिया। अभी देखा जाना है कि इनमें से किसी घर से कोई चुनाव लड़ता है या नहीं। बहरहाल अब नये नये चेहरे सामने आने लगे हैं।
 अब तो पार्षद का चुनाव भी किसी सांसद से कम नहीं रहा है। अभी से ही मुर्ग मुसल्लम और शराब आदि खिलाने पिलाने शुरू कर दिए हैं ताकि वोटर को अपनी तरफ खींचा जा सके लेकिन वाटर कभी किसी का नहीं हो सकता, ऐसा बुजुर्ग कहते आए हैं। वोटर एक बार मन में जो निर्णय कर लेते हैं कि किस को वोट देना है उसे ही वोट देंगे। एक बार उनके दिमाग में यह बैठ जाता है कि इसे वोट नहीं देना तो किसी हाल में वोट नहीं देंगे। अब तो वोटो की बिक्री भी होने लग गई है। गरीब लोग तो प्रत्यक्ष नहीं परोक्ष शब्दों में पैसे मांगने से नहीं हिचकिचाते। हर चुनाव में ऐसा नजारा देखने को मिलता है। चाहे लाख गुनाह कर दे और चुनाव में खड़ा हो जाए तो भी वोट मिलने के आसार बन जाते हैं।
अब तो दारू, इंडा, मुर्ग मुसल्लम, टिक्कड़पाड़ों की के दिन बदल गये हैं और उनकी मौज हो गई है। जो भी चुनाव लडऩा चाहते हैं उससे रास्ते में आते जाते समय पूछ लेते हैं कि कब उन्हें खिलाओ पिलाओगे? हालत यह है कि भारी खर्चा वहन करके चुनाव लड़े जाएंगे। जितने भी प्रधान और पार्षद के चुनाव लड़ रहे हैं उनके घर पर जाकर देखा जाए तो अलग ही नजारा दिखाई देता है। लोगों की टोली बैठने लग गई है और चुनावी चर्चा में इजाफा हो गया है। ज्यों ज्यों सर्दी बढ़ती है क्त्यों त्यों चुनावी चर्चा भी बढ़ती जा रही है। जहां चाय शराब, फास्ट फूड ,अंडे, मीट न जाने क्या-क्या चीजे खाने-पीने को दी जा रही है। यही कारण है कि कुछ लोग अपनी बोद निकाल लेंगे वहीं कुछ लंबे समय से खाने पीने की शौकीन हैं वह उनकी मौज हो गई है। पियक्कड़ों का तो विशेष उत्सव अब शुरू होगा। इस बार तो यह चुनाव और भी अधिक महंगे होने के आसार बन गए हैं क्योंकि अभी डेट भी चुनाव की नहीं आई है और लोगों ने कढ़ाई चढ़ानी शुरू कर दी है। आने वाला समय बताया कि कैसे चुनाव लड़ पाएंगे और कौन जीत हासिल कर पाएगा। बहरहाल दर्जनों नये चेहरे सामने आ रहे हैं और चुनाव लडऩे के लिए लालायित हैं।





मेरा शिक्षा का सफर पुस्तक पुस्तक से साभार-83
 लालदास महाराज का विशेष सहयोग हर मौके पर मिला
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी होशियार सिंह शिक्षा विभाग में लंबे समय तक सेवा देकर अप्रैल 2024 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी टांग खींचने का काम कितने गद्दार और नीच, राक्षस प्रवृत्ति, घटिया, समाज में कलंक माने जाने वाले व्यक्तियों ने किया। परंतु सहयोग के क्षेत्र में महिला वार्डों ने बिगाड़ा चुनाव लडऩे वालों का हाल
-अभी से ही जमकर चल रहे हैं मुर्ग मुसल्लम संवाद सहयोगी, जागरण. कनीना। जहां नगरपालिका कनीना के फरवरी में चुनाव होने की संभावना है वही इन चुनाव की दृष्टिगत जहां महिलाओं के वार्ड आरक्षित होने के कारण कइयों चुनाव लडऩे की इच्छा में खलल डाल दिया है। प्रधान पद के कई प्रमुख दावेदार भी अब प्रधान पद महिला के लिए आरक्षित होने के कारणपीछे हट चुके हैं। अगर ये चुनाव मैदान में होतेतो नजारा कुछ देखने लायक होता। इन चुनाव लडऩे वालों में विनय एडवोकेट, वेद प्रकाश और मनीष पार्षद प्रमुख है। इन्होंने अपने अपने बैनर भी टांग दिये थे परंतु किस्मत ने साथ नहीं दिया। अभी देखा जाना है कि इनमें से किसी घर से कोई चुनाव लड़ता है या नहीं। बहरहाल अब नये नये चेहरे सामने आने लगे हैं।
 अब तो पार्षद का चुनाव भी किसी सांसद से कम नहीं रहा है। अभी से ही मुर्ग मुसल्लम और शराब आदि खिलाने पिलाने शुरू कर दिए हैं ताकि वोटर को अपनी तरफ खींचा जा सके लेकिन वाटर कभी किसी का नहीं हो सकता, ऐसा बुजुर्ग कहते आए हैं। वोटर एक बार मन में जो निर्णय कर लेते हैं कि किस को वोट देना है उसे ही वोट देंगे। एक बार उनके दिमाग में यह बैठ जाता है कि इसे वोट नहीं देना तो किसी हाल में वोट नहीं देंगे। अब तो वोटो की बिक्री भी होने लग गई है। गरीब लोग तो प्रत्यक्ष नहीं परोक्ष शब्दों में पैसे मांगने से नहीं हिचकिचाते। हर चुनाव में ऐसा नजारा देखने को मिलता है। चाहे लाख गुनाह कर दे और चुनाव में खड़ा हो जाए तो भी वोट मिलने के आसार बन जाते हैं।
अब तो दारू, इंडा, मुर्ग मुसल्लम, टिक्कड़पाड़ों की के दिन बदल गये हैं और उनकी मौज हो गई है। जो भी चुनाव लडऩा चाहते हैं उससे रास्ते में आते जाते समय पूछ लेते हैं कि कब उन्हें खिलाओ पिलाओगे? हालत यह है कि भारी खर्चा वहन करके चुनाव लड़े जाएंगे। जितने भी प्रधान और पार्षद के चुनाव लड़ रहे हैं उनके घर पर जाकर देखा जाए तो अलग ही नजारा दिखाई देता है। लोगों की टोली बैठने लग गई है और चुनावी चर्चा में इजाफा हो गया है। ज्यों ज्यों सर्दी बढ़ती है क्त्यों त्यों चुनावी चर्चा भी बढ़ती जा रही है। जहां चाय शराब, फास्ट फूड ,अंडे, मीट न जाने क्या-क्या चीजे खाने-पीने को दी जा रही है। यही कारण है कि कुछ लोग अपनी बोद निकाल लेंगे वहीं कुछ लंबे समय से खाने पीने की शौकीन हैं वह उनकी मौज हो गई है। पियक्कड़ों का तो विशेष उत्सव अब शुरू होगा। इस बार तो यह चुनाव और भी अधिक महंगे होने के आसार बन गए हैं क्योंकि अभी डेट भी चुनाव की नहीं आई है और लोगों ने कढ़ाई चढ़ानी शुरू कर दी है। आने वाला समय बताया कि कैसे चुनाव लड़ पाएंगे और कौन जीत हासिल कर पाएगा। बहरहाल दर्जनों नये चेहरे सामने आ रहे हैं और चुनाव लडऩे के लिए लालायित हैं। परंतु सहयोग के क्षेत्र में लालदास महाराज, नरेश कुमार मंदोला एवं निर्मल शास्त्री नांगल हरनाथ आदि का नाम सर्वोपरि है। आइये सुनते हैं होशियार सिंह की कहानी उन्हीं की जुबानी-
 वर्ष 2000 के बाद और अब तक न जाने कितने लोगों ने मेरी टांग खिंचने का काम किया। ऐसे गद्दार और नीचे आदमी निकले जिन्होंने मेरा ही खाकर मेरी थाली को बुरी तरह से फोड़ डाला। यद्यपि बहुत से सज्जन ऐसे व्यक्तियों से पहले ही बचने की सलाह दे रहे थे लेकिन उनकी सलाह नहीं मानना मेरे लिए महंगा पड़ा। परंतु ऐसे भी लोग इस दुनियां में हैं जिन्होंने मेरा जमकर साथ दिया। ऐसे देवतुल्य जन सदा नमन के हकदार हैं। लालदास महाराज, नरेश हिंदी शिक्षक, निर्मल शास्त्री प्रमुख वो जन एवं संत हैं जिन्होंने मेरे लिए हर संभव मदद की। वैसे परम संत लालदास महाराज जैनाबाद आश्रम से वर्ष 2000 के आसपास मेरा संपर्क हुआ है। तब से लेकर आज तक मैं उन्हीं को जरूर याद कर लेता हूं क्योंकि वो ऐसे महान संत है जिनको याद करके मेरे सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। लालदास महाराज ने मुझे कुछ पुस्तकों की रचना में आर्थिक सहयोग दिया जिनमें गुरु शिष्य और सहजोबाई जैसी पुस्तकें प्रमुख हैं। जब भी कोई समस्या आती है वो संत पास खड़े मिलते हैं। बात 2008 की है जब मेरी पत्नी सुमन यादव कैंसर से पीडि़त थी, उसे समय उनका इलाज एम्स, महावीर कैंसर अस्पताल, दुर्लभजी, एसएमएस आदि में चल रहा था। वहां तक हर प्रकार की मेरी मदद बाबा ने की। बात उन दिनों की है जब पत्नी का आपरेशन हो चुका था और यह लगने लगा था कि अब इसकी उम्र बहुत लंबी होगी किंतु दोबारा से कैंसर उभर आया। उस समय डाक्टर भी चिंतित हो गए थे। ऐसे समय में विभिन्न धार्मिक स्थानों की यात्रा करवाने में बाबा लाल दास का अहम योगदान है। पांडुपोल अजमेर पुष्कर, हरिद्वार आदि स्थानों की यात्रा बाबा ने करवाई। यह दुर्भाग्य है किएक यात्रा कुरुक्षेत्र की जानी थी किंतु जब जाने लगे तो वो ज्यादा बीमार हो गई और वह यात्रा पूरी नहीं हो सकी। इससे पहले बाबा ने हरिद्वार तक की यात्रा करवा दी थी। ऐसे संत वास्तव में बिरले ही मिलते हैं। महान संत है जिनसे मैं बहुत प्रसन्न हूं, भगवान से दुआ है कि उनका आशीर्वाद मेरे सिर पर सदा रहे। कितनी ही जगह बाबा ने मेरा सहयोग किया है बता पाना कठिन है।
इसके बाद जहां मेरा सहयोग करने वालों में हिंदी शिक्षक मंदोला निवासी नरेश कुमार है। जिन्होंने बड़ी सेवा की है। यहां तक की मुझे जब धनौंदा आना पड़ता था तो जमकर मेरा सहयोग किया। उनके उपकार को सदा याद रखा जाएगा। आज अभी वो  शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। ऐसे महान व्यक्ति शायद ही कभी कोई मिलता हो। निर्मल शास्त्री नंगल हरनाथ जो सदा मेरे साथ खड़े मिले हैं। चाहे कैसा भी दुख दर्द हो उसमें भी उनका सहयोग मिलता रहा है। ऐसी महान आत्मा को नमन करता हूं और मैं भगवान से दुआ करता हूं की ऐसी महान आत्मा सदा धरती पर यूं ही अपनी खुशबू भी बिखेरती रहे। कई और भी जन मिले जिन्होंने साथ दिया।






गुढ़ा के पास एक गाड़ी में लगी आग, ओवरटेक करते समय ट्रक ने मारी टक्कर, पति-पत्नी व बच्चे घायल, पीजीआई रेफर
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के  गांव गुढ़ा बस स्टैंड के पास ट्रक और इको गाड़ी की टक्कर हो गई। जिसमें पति-पत्नी व बच्चे घायल हो गए और गाड़ी में आग लग गई। वह अपने गांव से कनीना की तरफ आ रहे थे। घायलों को  हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सुबह गांव पाथेडा निवासी राजकुल अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कनीना की तरफ अपनी इको गाड़ी से आ रहें थे। जब वह गांव गुढ़ा के बस स्टैंड के नजदीक हनुमान मंदिर के पास पहुंचे तब ट्रक से ओवरटेक करते समय इको गाड़ी को टक्कर मार दी। बताया गया है कि इको गाड़ी में सीएनजी गैस किट लगी थी जिससे गाड़ी में आग लग गई। राजकुल और उसकी पत्नी व 2 बच्चों को चोट आई है। जिसको कनीना के उप नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने उनको हायर सेंटर रेफर कर दिया। ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया।
सब फायर आफिसर महेंद्रगढ़  विकास ने बताया कि उनके पास सुबह 9:27 पर काल आई की गांव गुढ़ा के पास गाड़ी में आग लग गई। फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया। गाड़ी पूरी तरह से जल गई थी। उनके पहुंचने से पहले घायलों को कनीना के सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया था। मिली जानकारी अनुसार घायलों में राजकुल, दीपिका, भव्य एवं शिवम प्रमुख है।
फोटो कैप्शन 10 व 11: गाड़ी की आग बूझाते हएु तथा जली हुई गाड़ी।





करीरा में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न
--जल एवं सिवरेज की दी जानकारी
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कनीना की आवाज।
जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से गांव करीरा में सरपंच सपना यादव की अध्यक्षता में जल चौपाल का आयोजन कर ग्राम जल एवं सीवरेज समिति सदस्यों को एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण दिया। विभाग की ओर से कनिष्ठ अभियंता पवन कुमार, खंड संसाधन संयोजक मोहित कुमार ने सिरकत की
कनिष्ठ अभियंता पवन कुमार ने बताया कि आज के समय में कुछ लोगों की नासमझी के कारण जल संरक्षण के साथ शुद्ध पेयजल प्राप्ति एक गंभीर चुनौती बन गया है। सरकार के साथ-साथ सामाजिक संगठनों द्वारा भी इस दिशा में जनजागृति कार्यक्रम किए जा रहे हैं लेकिन फिर भी बहुत से लोग जल स्त्रोतों के पास गंदगी डालकर जल संरक्षण में रुकावट व जल को दूषित करते है। इसके अतिरिक्त बहुत से उपभोक्ताओं के नल गन्दी नालियों में होते हैं और बहुत से नलों पर टोंटी भी नहीं लगाते। ऐसे व्यक्ति मुश्किल से मिलने वाले पेयजल को बर्बाद करने के साथ-साथ जल को दूषित करते हैं क्योंकि ऐसे पेयजल कनेक्शनों में नालियों का दूषित पानी जाने के कारण डायरिया जैसी जल जनित बीमारियों का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों को अपने गठन, शक्ति, उद्देश्य व अधिकारों को समझ कर इस दिशा में गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है तभी सरकार का सभी उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल देने का लक्ष्य पूरा हो पाएगा। विभाग की जल जीवन मिशन योजना को सफल बनाने में ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के साथ-साथ सभी की भागीदारी जरूरी है। इसलिए सभी की जागरूकता से ही जल जीवन मिशन अभियान सफल होगा।
खंड संसाधन संयोजक मोहित कुमार ने  पेयजल की जांच की जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत या विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे सार्वजनिक पेयजल की जांच जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की लैब में फ्री में करवा सकते है।  फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से जीवाणु परीक्षण विधि एवं ओटी किट से क्लोरीन टेस्टिंग विधि समझाई गई। प्रशिक्षण के बाद समिति सदस्यों को प्रमाण पत्र दिए गए। उपस्थित सभी सदस्यों ने जल संरक्षण की शपथ ली।
इस अवसर पर समिति सदस्य, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता , बहु उद्देश स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मोटर चालक उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08:करीरा में पेयजल पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित करते हुए।




खेलों से प्यार प्रेम और भाईचारा बढ़ता है तथा शरीर स्वस्थ रहता है -कोच जसमेर सिंह
--धनौंदा चार दिवसीय खेल प्रतियोगिताएं
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कनीना की आवाज।
खेल को खेल की भावना से खेले क्योंकि खेलों से प्यार प्रेम और भाईचारा बढ़ता है तथा शरीर स्वस्थ रहता है। ये विचार इंटरनेशनल कोच जसमेर सिंह ने धनौंदा में चल रही चार दिवसीय फुटबाल खेल प्रतियोगिता में शिरकत करने के उपरांत दूर दराज से आई 24 टीमों के खिलाडिय़ों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि खेल में हार  और जीत का कोई विशेष महत्व नहीं होता है। खेल को किस लगन से खेला गया है यह अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र के युवा फुटबाल, कबड्डी, कुश्ती के अलावा अन्य खेलों में भी कहीं पीछे नहीं हैं। इसलिए मैं सभी खिलाडिय़ों को केवल यह संदेश देना चाहता हूं कि  खेल को खेल की भावना से खेलें, खेलों को पूरी मेहनत और लगन से  खेलें क्योंकि खेलों से प्यार प्रेम और जो भाईचारा बढ़ता है वह कभी टूटता नहीं है और एक लंबे समय तक साथ चलता है। वहीं इसके साथ जो युवा खेलों में रुचि लेता है वह लंबे समय तक स्वस्थ रहता है।  सरकार द्वारा चलाई जा रही स्कीमों के तहत वह जल्द ही सरकार की सरकारी नौकरियों में भागीदार बन जाता है। उन्होंने कहा खेड़ी और धनौंदा जैसे गांव में फुटबाल के नेशनल तथा इंटरनेशनल लेवल के खिलाड़ी हैं जिसके कारण हमारे क्षेत्र के खिलाडिय़ों का प्रदेश में ही नहीं देश के अन्य राज्यों में भी नाम लिया जाता है।
इस अवसर पर मार्केट कमेटी कनीना के पूर्व अध्यक्ष ठाकुर रतन सिंह,डा. मुकेश कुमार मास्टर प्रहलाद सिंह, पूर्व सरपंच सुरेंद्र सिंह, ठाकुर किशनपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह डा. कंवरपाल, ठाकुर कर्मवीर सिंह के अलावा अन्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 09:खिलाडिय़ों का मनोबल बढ़ाते जसमेर सिंह कोच।





खंड स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ
-अव्वल रहने वालों को किया पुरस्कृत
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कनीना की आवाज।
महिला एवं बाल विकास परियोजना के तहत खंड स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें 100 मीटर ,300 मीटर, 400 मीटर  दौड़ ,डिस्कस थ्रो, साइकिल रेस ,म्यूजिकल चेयर आदि खेलों का आयोजन किया गया। महिलाओं के दो ग्रुप बनाए गए 30 वर्ष से या उसे अधिक उम्र के लिए 100 मीटर दौड़, डिस्कस थ्रो, म्यूजिकल चेयर ,आदि खेल रखे गए।
18 से 30 वर्ष के बीच 300 मीटर ,400 मीटर और साइकिल खेल रखे गए।100 मीटर दौड़ में प्रथम सीमा,  द्वितीय उर्मिला चेलावास, तीसरा स्थान गीता ने प्राप्त किया। 300 मीटर रेस दौड़ में प्रथम मौसम ,द्वितीय मानसी, ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। म्यूजिकल चेयर में नीलम ने प्रथम, प्रियंका ने द्वितीय, राम कला ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। डिस्कस थ्रो में प्रेम ने प्रथम, निशा ने दूसरा सीमा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। 400 मीटर रेस में पूनम प्रथम ,राजबाला ने दूसरा और साजिदा ने तीसरा स्थान  प्राप्त किया। साइकिल रेस में तनु प्रथम, पलक द्वितीय ,दीया ने  तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर अमृत सिंह राघव राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना ने मंच का संचालन किया। साथ में बलदीप ने कोच की भूमिका निभाई। इस अवसर पर सीनियर सुपरवाइजर पूजा खींची, जग्गू देवी ,सुमन ,ज्योति, कुसुम लता ,सहायक एकता, मोहित ,रवि ,विनय, लोकीत शर्मिला डीपी, प्रीति डीपी आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 07: अव्वल रहे प्रतिभागियों को पुरस्कृत करते हुए सुपरवाइजर




बलिदानी दिवस पर बलिदानी सिपाही शेर सिंह को किया याद
-3 जनवरी 1963 को दिया था बलिदान, बुआ कमला के पति थे शेर सिंह
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कनीना की आवाज।
 डीआईजी गुरुग्राम के आदेशानुसार पूरे प्रदेश में चल रही बलिदानियों को उनकी शहादत पर याद करने की शृंखला में बलिदानी सिपाही शेर सिंह को उनके बलिदान दिवस पर भारी संख्या में उपस्थित लोगों, गणमान्य जनों ने नमन किया। वे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की प्रथम बटालियन के सिपाही थे जिन्हें अभी तक बलिदानी का दर्जा नहीं दिया गया था किंतु अब पहली बार उन्हें बलिदानी का सम्मान दिया गया और उन्हें याद किया गया। उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में चरणजीत वर्मा असिस्टेंट कमांडेंट कनीना पहुंचे।
जिन्होंने बलिदानी को पुष्प चक्कर अर्पित किया। उनके साथ-साथ कनीना के और आसपास के गणमान्य जनों ने भी बलिदानी को पुष्पांजलि अर्पित की। मिली जानकारी अनुसार बलिदानी सिपाही शेर सिंह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की प्रथम बटालियन में कार्यरत थे। और 3 जनवरी 1963 को बलिदान दिया था। कोसली निवासी बलिदानी शेर सिंह कनीना में में विवाहित थे। कमला देवी कनीना उनकी पत्नी थी। कमला देवी के कोई कोई संतान नहीं थी। यही शादी के करीब 10 वर्ष से पश्चात कमला देवी बलिदानी की वीरांगना बनी और उन्होंने कनीना में अपना आश्रम स्थापित कर बुआ जी के नाम से प्रसिद्ध हुई। तत्पश्चात बुआ कमला देवी ने शेष जीवन जन उद्धार एवं जनहित में कार्य किया और यहीं पर उनका निधन हुआ था। वर्तमान में उनका कोई वारिस नहीं है।
 इस मौके पर चरण जीत वर्मा असिस्टेंट कमांडेंट ने बताया कि डीआईजी गुरुग्राम द्वारा चलाया गया यह कार्यक्रम उन बलिदानियों तक पहुंचने का है जिनको अभी तक लोगों ने भुला दिया है या जिनका के बारे में लोग जानते नहीं। यही कारण है कि कनीना में उनको याद करते हुए सीआरपीएफ के अधिकारी अधिकारी पहुंचे। इस मौके पर बलिदानी को अनेक जनों ने पुष्प अर्पित किये।
इस मौके पर इस मौके पर पूर्व प्राचार्य कौशल कुमार,पूर्व प्राचार्य कृष्ण सिंह डागर, कांस्टेबल कदम सिंह, बाबूलाल यादव पालड़ीवाले, जयपाल सिंह शेखावत, वेद प्रकाश, राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार गांधी, सूबेदार वीरेंद्र सिंह ,प्रदीप कुमार, सीताराम, पंकज एडवोकेट, जगदीश प्रसाद ,मास्टर अनिल कुमार ,दिनेश कुमार, अमित कुमार, सुभाष, जसवंत आदि ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस मौके पर असिस्टेंट कमांडेंट चरणजीत वर्मा से बात हुई। उन्होंने बताया कि इस बलिदानी के भर्ती होने के बाबत कोई रिकार्ड उनके पास उपलब्ध नहीं है। फोटो भी बड़ी मुश्किल से उनके रिकार्ड में उपलब्ध हो पाई है।
फोटो कैप्शन 05: बलिदानी शेर सिंह को याद करते हुए चरणजीत सिंह व अन्य





राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं हरियाणा सुझाव से समाधान - कार्यशाला का आयोजन
-डा. विक्रम सिंह उन्हाणी ने लिया कार्यशाला में भाग
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कनीना की आवाज।
उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से  राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं हरियाणा सुझाव से समाधान विषय पर राजकीय महिला महाविद्यालय गुरुग्राम सेक्टर-14 में एक  कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें गुरुग्राम मंडल के महाविद्यालयों के सभी प्राचार्य उपस्थित रहे। इस मार्यशाला में कनीना उपमंडल के गांव उन्हाणी स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विक्रम सिंह ने भाग लिया।
  विक्रम सिंह ने बताया कि इस कर्यशाला में उच्चतर शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक डा. हेमन्त कुमार वर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विषय पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हो चुकी है। इस उपलक्ष्य में 12 जनवरी को विवेकानंद जयंती के अवसर पर हरियाणा के माननीय शिक्षा मंत्री कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में  प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों के साथ इस नीति के क्रियान्वयन के बारे में सुझावों के लिए एक पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। यह पोर्टल विवेकानंद जयंती 12 जनवरी से बसंत पंचमी 2 फरवरी तक ओपन रहेगा। इस पोर्टल पर सभी महाविद्यालय के प्राचार्य  एवं समाज के प्रबुद्ध वर्ग अपने सुझाव भेज सकते हैं, ताकि देश के युवा वर्ग को वैश्विक स्तर की शिक्षा दी जा सके और उन्हें इस योग्य बनाया जा सके ताकि वे पुन: भारतवर्ष को  विश्व गुरु बना सकें। इस कड़ी में यह हैं पहली कार्यशाला गुरुग्राम मंडल में आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला की जानकारी देते हुए राजकीय कन्या महाविद्यालय उन्हाणी के प्राचार्य डा. विक्रम सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 युवाओं में एक विशेष प्रकार के कौशल,ज्ञान व संस्कारों को स्थापित करने के लिए तैयार की गई है और इससे अवश्य ही आने वाले समय में भारत विश्व गुरु बनेगा। इस कार्यक्रम में महेंद्रगढ़ जिले के सभी प्राचार्य भी उपस्थित रहे।





100 डेज निक्षय के तहत सिगड़ी में आयोजित हुआ मुफ्त चिकित्सा शिविर
--174 लोगों की ,की जांच
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव सेहलंग की डा. प्रभा यादव की अध्यक्षता में डा. राहुल बंसल इंचार्ज सीएचसी सेहलं की देखरेख में गांव सिगड़ी में 100 डेज निक्षय के तहत शिविर का आयोजन किया गया जिसमें आने वाले मरीजों का बीपी एवं शुगर की जांच की गई। वहीं खांसी जुकाम वाले मरीजों के बलगम के नमूने भी लिए।  मरीजों को सर्दी के मौसम में सर्दी से बचाने के उपाय भी बताएं और मरीजों को बताया कि 15 दिनों या इससे अधिक ज्यादा दिनों खासी रहती है तो अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में बलगम का नमूना दे तथा टीबी वाले मरीजों को मुफ्त दवाई तथा 1000 रुपये प्रति महीना सहायता राशि मिलती है। लोगों को बताया कि तपेदिक की बीमारी वाले मरीज को दवाई उसके नजदीक आशा वर्कर या डॉट प्रोवाइड से मुफ्त में मिलेगी। इस कैंप में गर्भवती महिलाओं को एचबी, बीपी, शुगर, वजन आदि चेक किया तथा शिविर में 174 लोगों ने भाग लिया। जिसमें तपेदिक के मरीज तथा उनके परिवारों के सदस्यों के बलगम की जांच, डायबिटीज, अल्कोहल समोकर आदि मरीजों की भी जांच की गई। इस मौके पर डा. ऋषिराज, डा. अरुण चौधरी, पवन कुमार एसटीसी, सुमन आशा वर्कर तथा मोबाइल टीम के सदस्य शामिल रहे।
 फोटो कैप्शन 3: मरीजों की जांच करते डाक्टर




पीएम श्री विद्यालय भोजावास में मनाया सावित्रीबाई फुले का जन्मदिन
--भोजावास स्कूल में शिविर
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कनीना की आवाज।
पीएम श्री  राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे एनएसएस के स्पेशल कैंप में स्वयंसेवकों ने सावित्रीबाई फुले का जन्मदिन धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आचार्य राम अवतार पुरुषार्थी ने स्वयंसेवकों को सावित्रीबाई फुले के जीवन के बारे में विस्तार से बताया। शिक्षा के क्षेत्र में उनका  योगदान भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि जीवन में शिक्षा का बड़ा महत्व है। शिक्षा विहीन मनुष्य पशु समान होता है। आचार्य ने स्वयंसेवकों से चरित्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने पर बल दिया। सुरेंद्र सिंह प्रवक्ता ने किशोरावस्था में होने वाले बदलाव के बारे में बताया। वीरेंद्र सिंह शास्त्री ने अपने संबोधन में बताया कि शिक्षा से ही मनुष्य का सर्वांगीण विकास संभव है। कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवकों ने स्वयं किया व विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम अधिकारी राजेश बालवान ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अभय सिंह, सत्यवान, बुधराम, पिंकी राघव प्रवक्ता गण व कुलदीप सिंह, सुभाष, उपेंद्र बाबू एवं राजेंद्र सिंह भी उपस्थित थे।
फोटो केप्शन 04: ज्योतिबा फुले का जन्म दिन मनाते हुए एनएसएस स्वयंसेवक



 विश्व ब्रेल दिवस- 4 जनवरी
विभिन्न विधियों से दिव्यांग बच्चों का पढ़ाया जा रहा है
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कनीना की आवाज।
संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 6 नवंबर 2018 को एक प्रस्ताव पारित किया था जिसके चलते हर साल 4 जनवरी को ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल के जन्मदिन को विश्व बरेली दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। तत्पश्चात से 4 जनवरी 2019 से लगातार लुई ब्रेल की याद में ब्रेल दिवस के रूप में मनाया जाता आ रहा है। ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल ने  दिव्यांग बच्चों के लिए विशेषकर दृष्टि बाधिक बच्चों के लिए एक लिपि बनाई जिसमें विभिन्न पुस्तकें भी प्रकाशित होती है। जिनका अध्ययन सीडब्ल्यूएसएन या दिव्यांग बच्चे प्रयोग करते हैं। आज के दिन विद्यार्थी के लिए समावेशित शिक्षा कार्यक्रम लागू किया गया है जिसमें विभिन्न विद्यार्थियों को अलग-अलग तरीके से सीखने का प्रयास किया जाता है। इस संबंध में विस्तृत चर्चा विशेष शिक्षक अमृत सिंह से हुई जिनके अनुसार--
  हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना, हरियाणा सरकार के अधीन, समावेशित शिक्षा कार्यक्रम चल रहा है। जिसके तहत जिला महेंद्रगढ़ में 775 दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 462 छात्र तथा 313 छात्राएं शामिल हैं।इन बच्चों में से दृष्टिबाधित 16,अल्प दृष्टि बाधित 61, मूक वधिर 70 आदि विभिन्न दिव्यांग छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
 कनीना खंड के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में कार्यरत विशेष शिक्षक अमृत सिंह राघव ने बताया कि कनीना खंड में 80 दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। हरियाणा सरकार द्वारा इन बच्चों के लिए सहायक उपकरण जैसे ब्रेल स्लेट, टेलर फ्रेम, छड़ी, मोटे छापे की पुस्तक, व्हील चेयर,  डिजिटल फोन आदि सहायक उपकरण उनको प्रदान किए जाते हैं।
इसके अतिरिक्त समय समय पर एस्कार्ट, अलाउंस, रीडर अलाउंस, गर्ल स्टाइफंड आदि जिनको आवश्यक हैं उन्हें प्रदान किये जाते हैं। जिला महेंद्रगढ़ के समावेशित शिक्षा कार्यक्रम के सहायक परियोजना समन्वयक डॉक्टर विक्रम सिंह के अधीन 12 विशेष शिक्षक जिला महेंद्रगढ़ में कार्यरत हें जो दिव्यांग छात्र छात्राओं को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं जिनमें अटेली में तीन, कनीना में दो, नांगल चौधरी में दो, नारनौल में चार और महेंद्रगढ़ में एक विशेष शिक्षक कार्यरत है।
  कैसे दी जाती है इन बच्चों को शिक्षा-
 उन्होंने बताया की दृष्टि बाधित विद्यार्थियों को ब्रेल लिपि द्वारा अल्प दृष्टिबाधित विद्यार्थी को मोटे छापे की पुस्तकों द्वारा मूक वधिरों को सांकेतिक भाषा द्वारा और बाकी को मौखिक रूप से समझाया जाता है। इनके लिए रिसोर्स सेंटर बनाए गए हैं। जहां बच्चे आते जाते रहते हैं। यही नहीं शिक्षक भी फील्ड में जाकर उनके विद्यालय में उन्हें पढ़ते हैं। विद्यार्थियों के लिए छड़ी, व्हीलचेयर, ट्राई साइकिल मेडिकल असेसमेंट कैंप ,स्मार्टफोन आदि का प्रावधान भी किया गया है।
फोटो कैप्शन: अमृत सिंह विशेष शिक्षक।




कनीना क्षेत्र में कोहरा पडऩा जारी
- पड़ रही है कड़ाके की ठंड
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कनीना की आवाज।
दोपहर तक छाया रहता है वही कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कनीना क्षेत्र में जहां गेहूं तथा सरसों की फसल लहलहा रही है। वहीं अब ठंड का कहर भी जारी है। साथ में कोहरा प्रतिदिन जल्दी सुबह शुरू हो जाता है और दोपहर तक चलता है। दोपहर बाद फिर से धूप खिल जाती है। इस समय करीब 19.5 हजार हेक्टेयर पर सरसों 9700 हेक्टेयर पर गेहूं की फसल खड़ी हुई और अच्छी फसल है। किसानों का मानना है कि सर्दी और कोहरा लगातार पड़ता रहे और मौसम न खुले तो फसल में नुकसान हो सकता है। वरना ये दोनों ही फसलों के लिए लाभप्रद हैं। कोहरे में वाहन धीमी गति से चलाए गए। दिनभर दुर्घटना का अंदेशा बना रहा। फोटो कैप्शन 01: क्षेत्र में छाया हुआ कोहरा।





सीवरेज मरम्मत और ठीक करवाने के लिए सौंपा ज्ञापन
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कनीना की आवाज।
कनीना में ग्रामीणों ने सीवरेज को साफ करवाने और ऊपर उठें हुए सीवर को ठीक करवाने के लिए  शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी के क्लर्क जयपाल को एक ज्ञापन सौंपा । ग्रामीणों का कहना है कि सीवर का निर्माण कार्य लगभग सात साल पहले हुआ था जो उस समय कही-कही पर सड़क से ऊपर उठा हुआ है जिससे आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस से दुर्घटना होने की भी आशंका बनी रहती है। इसके अलावा सीवर भी भरें रहते है जिसका पानी सड़क पर भरा रहता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने क्लर्क को ज्ञापन सौंपा। इस मौके  हरेंद्र शर्मा,सोमवीर , जगत सिंह,इत्यादि मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 12: ज्ञापन सौंपते ग्रामीण।





नवोदय का एक विद्यार्थी दीवार फांदकर गायब
 -गुमशुदगी का मामला दर्द ,डहीना मिला छात्र
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कनीना की आवाज
। पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा का दसवीं कक्षा का छात्र 2 जनवरी को सुबह हास्टल दीवार फांदकर गायब हो गया। नवोदय प्रशासन ने हर जगह तलाश की किंतु कहीं नहीं मिला। उसके अभिभावकों को सूचित कर दिया गया है। दो जनवरी को ही छात्र विद्यालय में आया था। उसकी तलाश जारी है। ऐसा माना जा रहा है कि छात्र किसी ट्रेन में बैठकर कहीं चला गया। कनीना पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्राचार्य राजीव सक्सेना ने कुछ घंटों के बाद बताया कि छात्र ढहीना के पास मिल गया है। पुलिस को सूचना देकर बच्चे को स्वजनों के किया हवाले।


मारपीट का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
 कनीना उपमंडल की देवलता ने सात आठ लोगों के विरुद्ध मारपीट और बदतमीजी करने का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस में उन्होंने बताया कि वह तथा उसकी मां अटेली किसी काम से गए थे। वापस आते समय भोजावास तक बस में आए ,उसके बाद अपने फार्म तक अपनी निजी गाड़ी में मुनीम सहित आ रहे थे। जब भोजावास से थोड़ी दूर चले ही थे तो एक गाड़ी हमारी गाड़ी के आगे लगा दी। जिसमें सात-आठ व्यक्ति उतरे और मुनीम एवं चालक को बाहर निकाल कर मारपीट की। हमारे साथ बदतमीजी की। बदतमीजी करने वाले सभी नशे में थे। उन्होंने देवलता को गाड़ी में डालने के लिए बोला। इतने में आसपास के लोग जमा हो गये, पुलिस को फोन किया जिसके चलते वे गाड़ी को लेकर फरार हो गए। उनके बयान पर सात-आठ लोगों के विरुद्ध मारपीट एवं  बदतमीजी का मामला दर्ज कर लिया है।
















Thursday, January 2, 2025


 

 भाजपा का सिर पर हाथ रखवाने के लिए लालायित हैं कनीना के कई चुनाव लडऩे वाले
-नगर पालिका चुनाव में सबसे प्रबल दावेदार होगा भाजपा की ओर से चुनाव लडऩे वाला
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कनीना की आवाज।
 कनीना नगरपालिका के भावी चुनावों को लेकर भारी जोड़ तोड़ जारी है। कई चुनाव लडऩे वालों ने तो अभी से ही मुर्ग मुसल्लम शुरू कर दी है। वोट पाने के लिए लोगों को के घर-घर जाना शुरू कर दिया है जबकि अभी तक चुनाव की तिथि घोषित नहीं हुई है। माना जा रहा है 8 जनवरी के आस पास कभी भी चुनाव की तिथि घोषित हो सकती है। उधर कई दावेदार भाजपा का आशीर्वाद उन्हें मिलने की बात कह रहे हैं क्योंकि भाजपा की मंत्री आरती सिंह राव व और मंत्री राव इंद्रजीत के आशीर्वाद जो भी कोई पा लेगा उसकी जीत सुनिश्चित मानी जा सकती है। ऐसे में भाजपा नेत्री एवं मंत्री आरती सिंह राव तथा राव इंद्रजीत सिंह से संपर्क करने के प्रयास अनेक लोगों के जारी है ताकि किसी प्रकार वो सिर पर हाथ रख दे और भाजपा की एक प्रकार से भाजपा की ओर से चुनाव लड़े जा सके। कई चुनाव लडऩे वालों ने तो अभी से ही कई मंत्रियों एवं एवं भाजपा नेताओं के फोटो अपने पोस्टरों  पर छपवा दिये हैं। एक ओर जहां कांग्रेस को वोट देने वाले लोग, जिन पर कांग्रेसी का ठप्पा लगा हुआ है वहीं भाजपा को वोट देने वाले जिन पर भाजपा का ठप्पा लग चुका है दोनों ही अपने-अपनी दावेदारी जुता रहे हैं। सबसे बड़ी जीत उसकी मानी जाएगी जो भाजपा आशीर्वाद पाएगा, वह सबसे प्रबल होगा अभी तक कई ऐसे पूर्व पार्षद एवं नये चेहरे नीचे ही नीचे भाजपा संपर्क में हैं ताकि उनका आशीर्वाद मिल जाए, फिर वो जीत की ओर अग्रसर हो जाएगा। कनीना में एक गुट को दूसरा गुट पटकनी देने के लिए हर प्रकार के हथकंडे अपना रहा है। जहां-जहां भाजपा नेताओं के आने की संभावना होती वहां जाकर उनसे मिल रहे ताकि किसी प्रकार उनका आशीर्वाद मिल जाए। कनीना के आधा दर्जन लोग भाजपा से आशीर्वाद पाने की जुगाड़ में हैं। यही कारण है अभी तक बहुत से चेहरे सामने नहीं आ रहे हैं क्योंकि वे अभी तक भाजपा की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। उल्लेखनीय है कि कनीना की अपनी राजनीति होती है ।जहां विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को सबसे अधिक वोट कनीना से मिले जबकि दूसरे नंबर पर भाजपा प्रत्याशी को मिले किंतु जब नगर पालिका चुनाव आते हैं तो अपनी-अपनी डफली और अपना-अपना राग हो जाता है। भाजपा को वोट विधानसभा में देने वाले अब कोई जरूरी नहीं बीजेपी को वोट दे। इसी प्रकार कांग्रेस को वोट देने वाले कोई जरूरी नहीं है कि कांग्रेस का ठप्पा लगे लोगों को ही वोट दे। यह राजनीति अनोखी और अजीब चाल है। यही कारण है कि अब सभी की नजरें कनीना के नगरपालिका चुनावों पर टिकी हुई है जहां प्रधान पद का सीधा चुनाव होगा। पार्षदों की प्रधान बनाने में अब विशेष भूमिका नहीं परंतु प्रधान पद पाने के लिए इन चुनाव लडऩे वालों का साथ प्रधान बनने वाले प्रत्याशी को चाहिए। क्योंकि जिस क्षेत्र जो भी प्रधान बनना चाहेगा उसे 14 वार्डों के प्रत्याशियों को ही अपनी ओर आकर्षित करना होगा ताकि वह प्रधान पद के लिए उनसे वोट पा सके वरना जीत संभव नहीं हो पाएगी। ऐसे में अनेक
 अनेक दाव चले जाएंगे जिनमें कितने ही प्रत्याशियों को जहां प्रधान पद के वोट पाने के लिए मनाना होगा वहीं पार्षद बनने वाले भी प्रधान अपेक्षा रखेंगे कि उन्हें अधिक से अधिक वोट दिलवाये। ताकि वो बदले में प्रधान पद के उन्हें वोट दे पाएंगे। अदले का बदला की राजनीति का खेल अब शुरू होगा।





 मेरा शिक्षा का सफर पुस्तक से साभार- 83
प्रधान और उप-प्रधान पदों पर भी रहे हैं होशियार सिंह
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी होशियार सिंह शिक्षा विभाग में लंबे समय तक सेवा देकर अब सेवा निवृत्त हो गए हैं। उन्होंने जीवन में अनेक संघर्ष झेले। जहां अनेक स्थानों पर प्रधान औरउप- प्रधान की भूमिका भी निभाई। आइये सुनते हैं होशियार सिंह की जुबानी उनकी कहानी--
जब मैं 1995 में सेवा में आया और झूक में कार्यरत था उस समय नियमित करने के लिए आंदोलन चलाया और तदर्थ शिक्षक संघ बनाया गया जिसमें मुझे जिले का उप प्रधान नियुक्त किया गया था। यह उप-प्रधान लंबे समय तक चला। जब 2003 में जहां नियमित सेवा हो गई तब तक तदर्थ सेवा पर कार्य करते रहे और तब तक मुझे यह उप-प्रधान पद का दायित्व निभाना पड़ा। तत्पश्चात मुझे सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के कनीना ब्लाक का प्रधान पद का दायित्व दिया गया। यह पद लंबे समय तक मेरे पास चला क्योंकि उस समय मुझे अहम भूमिका लेखन कार्य में निभानी पड़ती थी ताकि खबरें प्रकाशित उसके संघ का सहयोग किया जा सके। संत लाल दास महाराज ने उधोदास गौशाला जैनाबाद का प्रेस सचिव भी नियुक्त किया और लंबे समय से तक प्रेस सचिव चलता रहा ताकि उनके भी समाचार प्रकाशित होते रहे और उनकी सेवा भी की जाती रहे। लाल दास महाराज ने बहुत सहयोग किया उनके सहयोग को कभी नहीं बुलाया जा सकता।
गौशालाव के विभिन्न कार्यक्रम हुए जिनमेंमैंने भूमिका निभाई। संत लाल दास का बहुत बड़ा आशीर्वाद मेरे तथा मेरे परिवार पर रहा है। यही नहीं इंडिया मीडिया सेंटर पंचकूला में कनीना का प्रधान लंबे समय तक रहा और मेरी देखरेख में दो बार बड़े कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। ये कार्यक्रम जहां विद्यार्थियों का एक दल आया जिसने पूरे कनीना कस्बा से होकर एक जागृति अभियान चलाया। इसलिए भी लंबे समय तक आईएमसी का प्रधान रहा। अनेक जिम्मेवारी उस समय भी निभाई। इसके अतिरिक्त भी विभिन्न संस्थाओं का पदाधिकारी रहा हूं और भूमिका निभाई है।
 सबसे बड़ी भूमिका आईएमसी में ही रही है। कितने ही युवा छात्राएं कनीना होकर गुजरी और पूरे ही प्रदेश की यात्रा पर पहुंची। उनका कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया गया। विशेष कर आरएस वाटिका में कार्यक्रम आयोजित हुआ। बहुत अधिक उत्सुकता विद्यार्थियों में देखने को मिली। वहीं क्षेत्र के कई धुरंधर नेता पहुंचे और उन्होंने खूब दान दक्षिणा दी आईएमसी सेंटर पर चली गई और उन्होंने विद्यार्थियों के हित में कार्य किया।
 इस प्रकार एक नहीं अनेक संस्थाओं के विभिन्न पदाधिकारी पदों पर रह चुका हूं। यह मेरे लिए बड़ी खुशी की बात है।




अंतर्राष्ट्रीय मन-शरीर कल्याण दिवस -3 जनवरी
शरीर और मन दोनों का स्वास्थ्य होना चाहिए बेहतर-डा. शर्मा
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कनीना की आवाज।
  कभी सर्दी तो कभी या फिर बरसात का मानव शरीर पर प्रभाव पड़ता है। मन एवं शरीर को स्वस्थ रखने से बीमारियों से बचा जा सकता है। दोनों को स्वस्थ रखने का अर्थ है कि हम जीवन को लंबी उम्र की ओर धकेल रहे हैं। इस संबंध में डाक्टर एवं मनोचिकित्सक से बात की गई। जिनके विचार निम्र हैं-
सर्दी में करे शरीर की सुरक्षा-
सर्दी प्रारंभ हो चुकी हैं। सर्दी से बचाव करना बहुत जरूरी होता है। जहां सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है वही सर्दी से बचाव भी बहुत जरूरी है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कनीना उपनागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेद संबंध रखने वाले डाक्टर विनय कुमार शर्मा से चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि सर्दियों में आयरन भरपूर मात्रा में हरी पत्तेदार सब्जियों में उपलब्ध होता है। हरी पत्तेदार सब्जियां जमकर खाई जाती है जो सेहत के लिए लाभप्रद है तथा हीमोग्लोबिन/खून को भी बढ़ती है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार च्यवनप्राश बहुत लाभप्रद होता है। सर्दियों में च्यवनप्राश जरूर खाए। दूध के साथ प्रयोग किया जा सकता है और चाय के साथ भी ले सकते हैं। छोटे बच्चों को सर्दी से बचाना बहुत जरूरी होता है। पुराने समय से बुजुर्ग जायफल को घिसकर छोटे बच्चों को देते आए हैं वह विधि भी कारगर है। उन्होंने बताया कि गिलोय शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है अपितु बहुत लाभप्रद है। कच्ची हल्दी को दूध में डालकर पीने से भी लाभ होता है। डाक्टर ने बताया कि सर्दियों से बचाव के लिए जब गर्म कपड़े पहनना चाहिए और सर्दी से बचना चाहिए। गर्म पानी बहुत लाभप्रद होता है। उन्होंने बताया कि यह प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है और शरीर में रोगों से भी बचाया जा सकता है। इसलिए सर्दियों में गुनगुना/गर्म पानी जरूर पिये। यदि सर्दी लग भी जाए तो जहां गुडू़ची घनवटी तथा गिलोय घनवटी आदि विभिन्न आयुर्वेद की गोलियां उपलब्ध हैं। उनका उपयोग करना चाहिए।  सर्दी से बचने के लिए जहां बाजरे की रोटी बहुत प्रसिद्ध हैं, खाई जा सकती है तथा सेहत के लिए भी यह लाभप्रद होती है।
--डा. विनय शर्मा
मन को कैसे रखे स्वस्थ-
 काउंसलर पिंकी यादव कहती है कि एक प्रसिद्ध पुरानी कहावत है स्वस्थ शरीर स्वस्थ दिमाग बनाता है, इसलिए आपका आहार भी मन को स्वस्थ रखने में अपनी भूमिका अदा करता हैं। पोषण, व्यायाम, विश्राम, नींद। ये स्तंभ आपके मन और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए मिलकर काम करते हैं।
कई बार अपने विचारों और भावनाओं को अपने साथियों के साथ सांझा करने से भी मन हल्का होता है। मन को स्वस्थ रखने के लिए जीवन के परिदृश्य में बदलाव लेन की आवश्यकता हैं।काम पर जाने के लिए अलग रास्ता अपनाना या बस फर्नीचर को इधर-उधर करना हमारे दिमाग को नई चीजों का अनुभव करने और विभिन्न स्थितियों से निपटने में मदद करेगा।
आजकल हमारे जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा काम के दबाव में होता है, इसलिए हम कभी-कभी भूल जाते हैं कि हमें क्या पसंद है।अपने लिए कुछ समय निकालने से हमें तनाव से निपटने में बहुत मदद मिलती हैं। अगर हम उदास महसूस कर रहे हैं, तो अपने विचारों को पेंटिंग, गीत या कविता के माध्यम से व्यक्त करने से हमें यह समझने में मदद मिलेगी कि हम कैसा महसूस कर रहे हैं और इससे आप बेहतर महसूस भी करेंगे।
हमें शरीर के बाकी हिस्सों की तरह ही हमारे मस्तिष्क को भी स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम की आवश्यकता होती है
हर दिन थोड़ा व्यायाम करने से मानसिक और शारीरिक दोनों लाभ होते हैं। जब आप व्यायाम करते हैं, तो आपका शरीर एंडोर्फिन छोड़ता है जो आपके मूड को बहुत बेहतर बना सकता है। आपको व्यायाम के लिए बहुत ज्यादा खर्च करने की आवश्यकता नही हैं। अपने गंतव्य तक पैदल या साइकिल से जाना, संगीत सुनते हुए घर की सफाई करना और बागवानी करना इत्यादि तरीके आपके रक्त को पंप करने के आसान तरीके हैं। जिससे मन को अच्छा महसूस होता है। मन को स्वस्थ रखने के लिए हमें दूसरों के कल्याण के लिए चिंतित होना चाहिए, चाहे वे कोई भी हों। दूसरों के लिए वास्तव में देखभाल करना आपके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है और आपको उन भावनाओं का पता लगाने की अनुमति देता है जिनसे आप शायद दूर हो गए हो। हमें इससे आनंद की भावना महसूस होती है।
--पिंकी यादव, काउंसलर मनोविज्ञान
फोटो कैप्शन : डा. विनय शर्मा एवं पिंकी यादव



जगह-जगह चल रहे हैं एनएसएस शिविर
--कनीना, भोजावास एवं ककराला में चला शिविर
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में कई जगह एनएसएस शिविर चल रहा है। स्वयंसेवक समाजसेवा कर रहे हैं।
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का शुभारंभ प्राचार्य सुनील खुडानिया व राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी डॉ मुंशी राम जी ने किया। यह शिविर 7 दिवसीय रखा गया है। प्राचार्य सुनील खुडानिया तथा डा. मुंशी राम जी ने संयुक्त रूप से बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना बच्चों को अनुशासन तथा मेहनत करना सिखाती है। बच्चों को जीवन में लगातार मेहनत करते रहना चाहिए। हिंदी प्रवक्ता नरेश कुमार ने मंच का संचालन किया । इस दौरान बच्चों को विद्यालय की साफ सफाई करने के लिए मोटिवेटेड किया गया। इस अवसर पर बलदीप प्रवक्ता इतिहास ,डा. ममता यादव, सुरेंद्र मोरवाल फाइन आर्ट ,अमृत सिंह विशेष शिक्षक आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे
 उधर पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में चल रहे एनएसएस के सात दिवसीय शिविर में आज दूसरे दिन स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान चलाया, व पौधारोपण किया। आज के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए एबीआरसी मीना यादव ने स्वयंसेवकों से अपील की कि वह टीम के रूप में काम करते हुए नेतृत्व के गुणों का विकास करें।
मास्टर दयानंद यादव ने बताया कि सकारात्मकता एवं संस्कारों का जीवन में बड़ा महत्व है इसको अपने जीवन का अंग बनाएं द्यकार्यक्रम अधिकारी राजेश बालवान ने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि आपने घर में जो बुजुर्ग हैं, वह आपसे बहुत अपेक्षा रखते हैं। उनकी आंखों में कभी पानी ना आने देना।
 इस अवसर पर बुधराम, सत्यवान,
सुरेंद्र सिंह प्रवक्ता गण व वीरेंद्र शास्त्री, धर्म सिंह, जगबीर सिंह, विनोद अध्यापक गण व राजेंद्र सिंह व हनुमान भी उपस्थित रहे।  उधर ककराला के एसडी स्कूल में भी एनएसएस श्ििावर चला।
फोटो कैप्शन 05: कनीना स्कूल में उएनएसएस शिविर में संबोधित करते हुए
          06: भोजावास एनएसएस शिविर में संबोधन




बाबा लालगिरी का मेला 11 जनवरी को
-आयोजित होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएं
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कनीना की आवाज।
बाबा लाल गिरी मेला कमेटी की बैठक बाबा के आश्रम पर हुई। बाबा के मेले की तैयारियों को लगभग अंतिम रूप देते हुए इनाम निर्धारित किए गए जिसमें कबड्डी सर्कल के प्रथम इनाम 61000, दूसरा इनाम 31000 रुपये वहीं तीसरा इनाम 21000, बेस्ट कैचर 5100 बेस्ट रैडर 5100 रुपये, ऐसे ही बूढ़ों की दौड़ प्रथम इनाम 2100 रुपये दूसरा इनाम 1100 रुपये तथा तीसरा इनाम 700 रुपये, लड़कों और लड़कियों की दौड़ 1600 मीटर में प्रथम इनाम 2100, दूसरा 1100, तीसरा 700 रुपये, 400 मीटर में प्रथम इनाम 1100, दूसरा 700 और तीसरा 500 रुपये का होगा। 100 मीटर दौड़ का प्रथम इनाम 1100 और दूसरा 700 रुपये तथा तीसरा 500 रुपये, कबड्डी की एंट्री फीस 300 रुपये रखी गई है। बाबा का भंडारा देसी घी किया जायेगा। 10 जनवरी को शाम को बाबा के सत्संग रहेंगे। इस तरह से कमेटी ने सभी की ड्यूटी लगाते हुए अलग अलग जिम्मेदारियां दी और यह निर्णय लिया है। मेले में मुख्य अतरलाल, विनय एडवोकेट, मनीष पूर्व पार्षद और कुणाल राव मुख्य अतिथि रहेंगे।





बिजली कर्मचारियों ने दिया उपमंडल कार्यालय समक्ष धरना
- मोड़ी मारपीट मसले को लेकर कर रहे हैं गिरफ्तारी की मांग
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कनीना की आवाज।
 उप मंडल कार्यालय कनीना के सामने सभी बिजली कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से धरना प्रदर्शन किया। 16 दिसंबर को मोड़ी गांव की टोलवे की ढाणी में चेकिंग करते समय कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई थी। धरने पर बैठे कर्मियों का कहना है कि मारपीट के मामले में पुलिस और निगम मैनेजमेंट के ढुलमुल रवैये के कारण दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। कर्मचारियों द्वारा निगम मैनेजमेंट को नोटिस देने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं की गई है। सभी कर्मचारियों ने एकमत होकर कहा कि जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक धरना जारी रहेगा।
धरने की अध्यक्षता राजेंद्र सिंह कपूरी ने की। इस अवसर पर मुख्य रूप से सेंटर काउंसिल के नेता महावीर पहलवान, शिवकुमार यादव, रामरतन शर्मा पूर्व सर्कल सचिव मौजूद रहे। इस मौके पर मनोज यूनिट सचिव ने बताया कि अगर धरने के तीन दिन बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती तो धरने को रीजनल लेवल पर बढ़ा दिया जाएगा। जिसके कारण अगर कोई  किसी प्रकार की शांति भंग होगी तो निगम मैनेजमेंट एवं पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस अवसर पर मोहन डीआरओ, कुलदीप डीआरओ, सुरेश पूव प्रधार्न, महेश फोरमैन, सुनील सचिव, शंकर लाल जेई, आनंद जेई, संदीप फोरमैन, राकेश फोरमैन, शिवलाल, अजीत प्रधान, राजवीर एलडीसी, पंकज ,सतपाल, अरविंद तथा अन्य कर्मी मौजूद रहे।
 फोटो कैप्शन 6: धरना प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी





शहीद रविपाल को उनकी स्मृति में किया याद
-2006 में हुए थे शहीद
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कनीना की आवाज।
देश की रक्षा के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले अमर शहीद रविपाल सिंह की स्मृति में गांव पाथेड़ा में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर शहीदों को नमन किया गया। मुख्य अतिथि अतरलाल एडवोकेट ने शहीद की माता ओमवती देवी, शहीद की वीरांगना कुमकुम तथा भाई अभिषेक सिंह को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
  अतरलाल ने शहीद रविपाल सिंह की शहादत को नमन करते हुए कहा कि 2005-2006 में भारतीय सेना ने 26 राजपूत प्लाटून के नेतृत्व में मणिपुर में आतंकवादियों के सफाए के लिए ऑपरेशन हिफाजत चलाया था। इस ऑपरेशन में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए जांबाज वीर सैनिक रविपाल सिंह 2 जनवरी 2006 को शहीद हो गए थे। उन्होंने शहीदों की याद में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सम्पूर्ण पाथेड़ा गांव का धन्यवाद किया। इससे पूर्व उन्होंने बाबा विरेन्द्रानंद, पूर्व सरपंच दलीप सिंह, पूर्व पार्षद सतपाल सिंह तथा पूर्व सैनिकों के साथ ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने इलाके के गणमान्यों के साथ शहीद रविपाल सिंह की प्रतिमा पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर जिला वेद प्रचार मंडल के प्रधान इंद्रपाल शर्मा, कप्तान हरद्ववारी, लालसिंह, पवन तंवर ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर कबड्डी के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सचिन तंवर, पूर्व सैनिक संगठन के सदस्य सुखदेव सिंह, रामबीर सिंह, सैनिक समिति के अध्यक्ष कैप्टन मामन सिंह, कैप्टन बनवारी सिंह, पूर्व सरपंच दलीप सिंह, प्रेम सिंह, विजय सिंह, करतार सिंह, बलबीर सिंह, बाबूलाल यादव, प्रताप सिंह, प्यारेलाल हवलदार, सरपंच जर्मन सिंह, भीम सिंह फौजी, सुनिल प्रधान, वेदपाल फौजी, राजेन्द्र सिंह शेखावत, रामकिशन शर्मा जी, रविन्द्र प्रधान, शेर सिंह उपसरपंच आदि मौजीजान उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 02: शहीद की प्रतिमा पर पुष्प चक्र अर्पित करते हुए गणमान्य जन




चार दिवसीय फुटबाल प्रतियोगिता शुरू
-मुख्य अतिथि कुनाल राव आरपीएस रहे
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कनीना की आवाज।
गांव धनौंदा में चार दिवसीय श्री बाबा दयाल की 70 वीं फुटबाल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया जिसमें मुख्य अतिथि कुनाल राव उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरपीएस ग्रुप आफ एजुकेशन,अध्यक्षता अजमेर सिंह दांगी द्वारा की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि कुणाल राव ने अपने संबोधन में खिलाडिय़ों का हौसला बढ़ाते हुए सरकार की तरफ से खेलों के प्रति की जाने वाली योजनाओं से और खिलाडिय़ों को खेल भावना से खेलने और खेलो के महत्व के बारे मे अवगत कराया। अजमेर सिंह दांगी ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में खिलाडिय़ों की कोई कमी नहीं है लेकिन उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते और उन्होंने धनौंदा फुटबाल क्लब के द्वारा खिलाडिय़ों के लिए किए गए आयोजन की सराहना की। इस मौके पर दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें बुजुर्गों की दौड़ में प्रथम स्थान रामभगत पाहलावास, द्वितीय स्थान रोशनलाल कनीना ने हासिल किया।
100 मीटर ओपन दौड़ में प्रथम स्थान अविनाश रेवाड़ी द्वितीय स्थान संजय सतनाली 400 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान आदित्य गोठड़ा द्वितीय स्थान बबलू नारनौल 800 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान हेमंत मेघनवास, द्वितीय स्थान रवि भिवाड़ी 1600 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान बबलू नारनौल द्वितीय स्थान,मुकेश खरकड़ाबास ने हासिल किया।
इस मौके पर प्राध्यापक सूरत सिंह, क्लब प्रधान मुकेश कुमार, दीपक शर्मा, बीर सिंह, पूर्व सरपंच सुरेंद्र सिंह, राजेंद्र नंबरदार, भूपेंद्र सिंह किशनपाल सिंह व समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: कुनाल को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए क्लब पदाधिकारी।




दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत
-कनीना पुलिस ने किया मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
नये साल पर रिवासा के एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल को सामने से आ रही गाड़ी में टक्कर मार दी जिससे वह घायल हो गया। इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के पुत्र ने गाड़ी चालक के विरुद्ध पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है। मिली जानकारी अनुसार विशाल रिवासा निवासी ने पुलिस में बताया कि उसके पिता सहीराम अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपनी पुत्री प्रियंका के पास रेवाड़ी जा रहे थे। कस्बा कनीना के पास उनकी दुर्घटना हो गई। इसकी सूचना पाकर वह कनीना के लिए चल पड़ा। रास्ते में सूचना मिली कि उसके पिता को रेवाड़ी के निजी अस्पताल ले जाया गया है। विशाल तुरंत रेवाड़ी के निजी अस्पताल पहुंचा जहां उसके घायल पिता ने बताया कि रेवाड़ी की तरफ से गलत साइड में आई एक तेज रफ्तार की सफेद रंग की गाड़ी ने टक्कर मार दी जिससे मोटरसाइकिल सहित सहीराम गाड़ी में फंस गए। गाड़ी उन्हें घसीटते हुए 8-10 फुट आगे ले गई। किसी ने 112 नंबर पर फोन फोन किया, एंबुलेंस पहुंची और घायल को कनीना अस्पताल में दाखिल का करवाया जहां से अधिक चोट होने कारण हायर सेंटर रेफर कर दिया। रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में घायल का इलाज चला जहां उनकी मौत हो गई। विशाल ने गाड़ी चालक के विरुद्ध मामला दर्ज करवा दिया है।
फोटो कैप्शन 04: दुर्घटना की है जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। फाइल एक में भेजा गया समाचार





दूसरे दिन भी कोहरा पड़ा
-कड़ाके की ठंड जारी
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में जहां दूसरे दिन भी कोहरा और ठंड जारी रहा। लोग ऊनी कपड़ों में लिपटे, आग सेकते देखे गये। क्षेत्र में जहां इस बार जनवरी माह में कोहरा पडऩा शुरू हुआ है। इससे पहले भी एक-दो बार कोहरा पड़ा है। जहां विगत वर्ष 2023 में नवंबर माह में कोहरा पडऩा शुरू हुआ था किंतु वर्ष 2024 में देरी से कोहरा पडऩा शुरू हुआ है और अब कोहरा पडऩे से जहां दुर्घटनाओं में इजाफा हो गया है। वाहन धीमी गति से चल रहे हैं,  ट्रेन भी कुछ देरी से चल रही हैं। जहां कनीना में कोहरे के कारण एक दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। कोहरा पडऩा फसलों के लिए नुकसानदायक नहीं है। कृषि वैज्ञानिक मानते हैं कि कोहरे से जल की आपूर्ति होती है किंतु दिन में अगर मौसम खुल जाए तो कोहरा नुकसानदायक नहीं होता है। बुधवार को क्षेत्र में कोहरा पड़ा किंतु दिन में मौसम खुला रहा। कनीना क्षेत्र में इस समय अच्छी फसल खड़ी है। यदि मौसम अनुकूल चलता रहा तो आने वाले समय में बेहतर पैदावार हो सकेगी। सरसों एवं गेहूं के समर्थन मूल्य पहले से ही घोषित किये हुए हैं। कनीना व्यापार मंडल प्रकोष्ठ के उप प्रधान रविंद्र बंसल ने बताया कि गेहूं का समर्थन मूल्य 2375 रुपये जबकि सरसों का 5950 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है।
 फोटो कैप्शन 01:कनीना में कोहरे का नजारा















Wednesday, January 1, 2025


 

पार्षद के चुनाव के लिए ढूंढने लगे हैं सुरक्षित वार्ड
-प्रधान पद के लिए दावेदार भी अब पार्षद बनने के इच्छुक
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कनीना की आवाज। 
कनीना नगर पालिका की भावी चुनावों के दृष्टिगत जहां पालिका प्रधान सहित कुल सात वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होने के कारण पार्षदों के लिए सुरक्षित जगह ढूंढी जा रही है। जिन-जिन के वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हो गए वहां पुरुष चुनाव लडऩा चाहते हैं वो तिलमिला रहे हैं तथा किसी ऐसे वार्ड को ढूंढ रहे हैं जहां उनकी जीत सुनिश्चित हो सके। आश्चर्य होता है कि अब तो प्रधान पद के दावेदार भी पार्षद के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं क्योंकि पार्षद कहां से बना जाए ऐसा वार्ड मिलना मुश्किल काम हो गया हैं। इस बार जहां कनीना में 14 वार्डों में चुनाव होगा और 14 पार्षद बनाए जाएंगे, इन वार्डों में से एक ऐसा वार्ड भी बनाया गया है जिसके तहत कनीना के बाहर बाहर का भाग शामिल किया गया है। इस 14 वार्ड को कई उम्मीदवार सुरक्षित जगह मान रहे हैं। यही कारण है कि अनेक पुरुष प्रत्याशी 14 वार्ड से चुनाव लडऩा चाहते हैं। अब नजरें या तो प्रधान पद या वार्ड 14 पर जमती जा रही है क्योंकि दोनों के लिए ही सबसे अधिक प्रत्याशी मैदान में हैं। वैसे इस वर्ष जहां इवीएम से मतदान होंगे, प्रधान पद का सीधा चुनाव होगा तथा 14 वार्डों का चुनाव होगा। ये तीन नये कार्य इस बार के चुनावों में पहली बार होने जा रहे हैं। बहुत अधिक महिलाएं भी इस बार आगे आ रही है।  अभी से चुनावी ही वार्डों में जाकर बड़े बड़े वादे किये जा रहे हैं। कुछ तो ऐसे भी भावी प्रत्याशी है जिनके घर से एक नहीं दो दो व्यक्ति चुनाव लडऩा चाह रहे हैं। और आगे आ रहे हैं। जहां एक प्रधान तथा दूसरा पार्षद के लिए भी चुनाव लड़े जा रहे हैं ।कुछ तो पुरुष पार्षद के चुनाव लडऩा चाहते हैं जबकि उनके परिवार से महिलाएं प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। इस बार चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया क्योंकि यदि प्रधान पद के लिए पुरुष लालायित थे वहां अब महिला प्रधान बन जाएगी तो उनके लिए कोई ठिकाना नजर नहीं बचेगा। यही कारण है कि पुरुष पार्षद बनकर जैसे तैसे नगरपालिका में प्रवेश करना चाहते हैं और पार्षद बनकर ही नगर पालिका में जाना चाहते हैं। कुछ तो अल्पसंख्यकों में जाकर बड़े-बड़े दावे और वादे कर रहे हैं, उनको अपनी ओर खींचने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उनका विरोध करने वाले भी आप मुखरित होते जा रहे हैं। कुल मिलाकर तीन दर्जन से अधिक प्रत्याशी चुनाव की बिना तिथि घोषित किया ही सामने आ गए हैं। आने वाले समय में जब तिथि घोषित हो जाएगी उसके बाद तो उनकी संख्या बढ़ती ही चली जाएगी।



मेरा शिक्षा का सफर पुस्तक से साभार-82
-पिता का बहुत डर लगता था परंतु उनकी बदौलत आज इस मुकाम तक
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी होशियार सिंह विज्ञान अध्यापक अप्रैल 2024 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनका बहुत संघर्षमय इतिहास रहा। अपने संघर्षों के बल पर वे आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। कितने ही घटिया लोगों ने उनकी टांग खिंचाई की परंतु वे नित्य प्रति आगे की ओर बढ़ते चले गए। वो अपने माता-पिता सदैव डरते रहे हैं परंतु माता-पिता के बहुत प्रिय पुत्र भी रहे हैं।  उनकी कहानी होशियार सिंह की ही जुबानी सुनिये-
मैं अपने पिता जय नारायण से बहुत डरता था। जब से होश संभाला पिता का डर सताता रहता था कि कहीं किसी गलती पर पिटाई न कर दे। वैसे भी कई बार उन्होंने मुझे पीटा किंतु मुझे खुशी है कि काश वो मुझे और पीटते तो मैं और निखर जाता। क्योंकि कहावत है कि सोने को जितना कूटा पीटा जाए या तपाया जाए वह और निखरता है। यह भी सत्य है कि मैं पिता के साथ बहुत करीब रहा। उनका सबसे प्रिय भी रहा। उनको खाना देकर आना हो या पानी पहुंचाना हो, मुझे ही यह काम सौंपा जाता था। मेरे पिता जय नारायण लाठी और पटे के अच्छे खिलाड़ी थे, ताकत से भरपूर होने के साथ-साथ कलाकार थे। मेरे ताऊ अर्जुन सिंह का तो दूर दराज विशेष कर पंजाब के अबोहर में आज भी नाम प्रचलित है। यद्यपि ताऊ अर्जुन सिंह की छोटी उम्र में ही मौत हो गई थी किंतु पंजाब के अबोहर में जाकर आज भी सुना जाए तो उनकी वीरता के चर्चे चलते हैं जिन्होंने दो ओड मार गिराए थे। अपने अंतिम समय में एक सांड से भिड़ गये थे। सांड ने कई लोगों को बुरी तरह से घायल कर दिया। जब उन तक सूचना आई तो अर्जुन सिंह एक छोटी सी लाठी लेकर दौड़े और आज के दिन जहां होलीवाला जोहड़ है उसके पास उन्होंने सांड को रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इतनी जोर से वार सांड के सींग पर किया कि सींग के कई भाग कर दिये वो भी एक ही वार में। और सांड ने मुड़कर नहीं देखा। दौड़ता ही चला गया। यह ठीक है की बीमारी के कारण उनका देहांत हो गया। मेरे पिता बहुत ताकतवर थे, अच्छे कवि अलगोजा बजाने वाले, बांसुरी के जानकार थे। वे हमेशा अपने साथ एक हाथ में बहुत बेहतरीन कुल्हाड़ी रखते थे तो दूसरे हाथ में लाठी मिलती  थी। उनका हमेशा कहना था की लाठी और कुल्हाड़ी दोनों उनके सबसे बड़े हथियार हैं। वो निडर थे और दूर दराज तक उनकी बहादुरी की चर्चाएं आज भी चलती हैं। वृक्षों पर चढऩे में भी माहिर थे, जब बुढ़ापे में थे तब भी वो पेड़ों पर आसानी से चढ़कर बिरछा/कीकर के फल एवं जाटी के सांगर को तोडऩे थे। मैं सदा उनका साथ देता था और 22 पशु हमारे पास होते थे। यह सत्य है कि 1972 में वो सारे 22 पशु चोरी हो गए थे। तत्पश्चात से वह हताश रहने लगे किंतु बाद में फिर से पशुओं की संख्या बढ़ाई। जब घर की हालत बहुत बेहतर हुई तो 24 फरवरी 1989 को चल बसे। वह मुझे पशुओं के साथ जंगल में रखते थे और हर प्रकार का ज्ञान देते थे। यह सत्य है कि जब तो हमने उनकी बातों पर अधिक ध्यान नहीं दिया किंतु अब पछताना पड़ रहा है। वो शोभापुर भूषण गांव की ज्यादा चर्चा करते थे क्योंकि हमारे पूर्वज वहां रहे हैं।
जय नारायण बहुत बड़ी डेरी के मालिक रहे हें इसलिए डेरीवाला नाम से मशहूर हैं। तत्पश्चात उनका नाम दुकान के कारण आज भी दूर रात तक जय नारायण/जैनिया की दुकान नाम से मशहूर है। जय नारायण का पोता योगेश व रोहित इस समय दुकान का काम संभाले हुए हैं। थोड़े बहुत समय के लिए जय नारायण का सबसे बड़ा लड़का कृष्ण कुमार दुकान को संभालता है। आज पिता की बहुत जरूरत समझी जा रही है। यह सत्य है कि पिता के पास बुढ़ापे में जाकर पैसे खूब हुए ,इससे पहले पैसों की कमी रही। लेकिन ज्ञान अपार था।
उनकी बदौलत दूध व घी जमकर खाया पिया। वो अपने समय का सबसे पूरा दिन एक ही बताते थे। जो इस समय कान्ह सिंह धर्मशाला बनाई हुई है यहां पर 85 सालों से रह रहे थे। परंतु उस समय राजेंद्र लोढ़ा ने उस समय बेघर कर दिया था जब हमारे पास कोई पर्याप्त आवास नहीं था। ऐसे में वह कहते थे कि इसका एक दिन देखना सत्यानाश होगा। वह गांठ आज तक हमारे दिलों में बसी हुई है। राजेंद्र लोढ़ा की उसे समय एक विशेषता रही कि जिन्होंने उसे वोट दिये या कमजोर लोग जो बोलने वाले नहीं थे, उनके घर आदि सब खत्म कर दिए और जो ताकतवर थे वो आज भी अपनी बड़े-बड़े आलीशान कोठिया बनाये बैठे हैं जिन्हें नगर पालिका की जगह में मानते हैं। किंतु उनकी तरफ मजाल आंख उठाकर भी कभी नहीं देखा। आज भी उस समय की कनीना की सभी बणियां अतिक्रमण का शिकार चली आ रही हैं। उन्होंने 58 एकड़ बड़ी-बणी की जमीन डीएवी को मामूली सी राशि में 99 साल के पट्टे पर दे डाली जिसका परिणाम आज भी कनीनावासी भुगत रहे हैं।
 जब में स्कूल में पढऩे के लिए जाता था तो मुझे रहता था कि कहीं अध्यापक ने पीट दिया तो घर जाते ही पिता और पिटाई करेंगे। उनका डर लगा रहता था। यही कारण है कि अपनी ऊंचाइयों को छू गया। जब पंजाब विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडल मिला तब तक पिता का देहांत हो चुका था। जब उनका देहांत हुआ तब तक में बीएससरी, बीएडतथा डिप्लोमा कर चुका था।
मां मिश्री देवी शांत प्रवृति की थी। मेरे कारण उनको बहुत कष्ट झेलना पड़ा क्योंकि जब मैं पैदा ही हुआ था तो दोनों को काले नाग ने काट लिया। उनके हाथ को काटा लिया। मां को कनीना के सरकारी अस्पताल के डाक्टरों ने बचा लिया परंतु मुझे मां का दूध नसीब नहीं हो पाया। क्योंकि मां को सांप ने काट लिया था इसलिए दूध पिलाने से मना कर दिया गया था। बेचारी मां का एक हाथ डाक्टरों द्वारा उनको बचाते समय नसों के कट जाने के कारण दिव्यांग हो गया था। उनका ताउम्र वैसा ही हाथ रहा परंतु हम उन डाक्टरों के आभारी हैं जिन्होंने मां को बचा लिया था। बाद में मेरे गले पर भयंकर रोग भी हुआ जिसके कारण आज भी गले पर निशान है। माता-पिता और बहन संतरा बताते रहे हैं कि मेरी सूरत बहुत सुंदर थी, गोरा रंग था विशेष कर हाथ बहुत सुंदर थे। परंतु मां को सांप ने डसने के बाद मेरा रंग भी धीरे-धीरे बिगड़ता चला गया। मां के काम के लिए मैं सदा तत्पर रहता था। लंबे समय तक उनके लिए कीकर की दातुन तोड़कर रात को लाता और मां के लिए रख देता था कि सुबह उठकर दातुन कर सके। मुझे विशेष रूप से माता और पिता गोंद के लड्डू खिलाने थे। मेरा कुछ विशेष ध्यान देते थे। यू तो सारे ही मेरे भाई पढऩे में अच्छे थे किंतु मैं उन सभी में कुछ ज्यादा अच्छा था इसलिए मेरे पर सभी प्रकार का ध्यान देते थे। खाने पीने का भी विशेष ध्यान देते थे। यही कारण है कि मां का देहांत जब 16 जनवरी 2017 को हुआ तब तक मैं उन्हें बहुत चाहता था। वो खाटा का साग व रोटी बनाकर देती थी। चूंकि मेरी शादी 21 नवंबर 2000 में हुई जबकि मेरे से छोटा भाई करतार सिंह मेरे से पहले शादीशुदा था। एक मलाल मेरी मां का रह गया कि जिस घर में मैं आज रह रहा हूं वह घर 2015 में बनकर तैयार हो गया था परंतु मां की हालत अच्छी नहीं थी। वह चारपाई पर रहती थी। इसलिए उनकी इच्छा थी कि यह नया घर देखा जाए और हमने प्रयास भी किया कि चलिए चारपाई सहित उन्हें इस घर में लाया जाए पर अफसोस वह इस घर में नहीं आ सकी। यह घर जिसमें अब मैं रहता हूं उसमें न तो पिता और न माता के चरण कभी पड़े। कहते हैं कि जिस घर में माता-पिता के चरण नहीं पड़े हो वह घर अच्छा तो नहीं होता परंतु मजबूरी है हम इस घर में रह रहे हैं।
मां ने मुझे कभी पीटा तो नहीं परंतु डांट डपट जरूर दी और उनकी डांट भी मेरे लिए आज खुशी देती है कि काश कुछ और डांट लगाती तो और ऊंचाइयों को मैं छू जाता।




कोचिंग सेंटर में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया
--कोचिंग सेंटर पर दी जानकारी
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कनीना की आवाज।
थाना सदर कनीना की पुलिस टीम ने एक कोचिंग सेंटर कनीना में साइबर जागरूकता अभियान के तहत सेमिनार का आयोजन किया। टीम द्वारा विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए उनके सामने विचार सांझा करते हुए बताया कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफाम्र्स फेसबुक/इंस्टाग्राम/टेलीग्राम के माध्यम से आपकी फोटो डाउनलोड करके फेक आइडी बनाकर साइबर अपराध करते हैं। ऐसे मे अपनी सभी प्रोफाइल को सेटिंग के माध्यम से प्रोफाइल लाक लगा कर रखें। इसका पता लगने पर तुरंत उस आइडी को ब्लाक कराएं। अपने आनलाइन खातों/लागिन पर टू फैक्टर आथेंटिकेशन का प्रयोग करें। अपने सिस्टम को हमेशा अप टू डेट रखें। पब्लिक वाइ-फाइ का प्रयोग ना करें तथा प्राइवेट नेटवर्क का प्रयोग करें। साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस द्वारा अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इस दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि साइबर ठग आपकी जानकारी प्राप्त करके आपको न केवल आर्थिक हानि पहुंचा सकते है बल्कि आपको मानसिक रूप से भी परेशान कर सकते हैं। साइबर अपराधी विभिन्न प्रकार से प्रलोभन देकर व डर दिखाकर फ्रॉड को अंजाम देते हैं। इसलिए हमें अच्छे से समझना चाहिए कि साइबर अपराध क्या है और इससे बचने के लिए साइबर सुरक्षा की जानकारी रखना हमारे लिए कितनी आवश्यक है। साइबर सुरक्षा की जानकारी होना ही आपको साइबर ठगों से बचा सकती है। इस दौरान पुलिस ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी और बताया कि साइबर अपराध होने पर कैसे 1930 पर काल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
फोटो कैप्शन 07: साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए पुलिस कनीना।


ठंड से बच्चों, बुजुर्गों तथा पशुओं का बचाव रखें
-जिला उपायुक्त ने दी नसीहत
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कनीना की आवाज।
 प्रदेश में चल रही शीतलहर के चलते जिला प्रशासन ने नागरिकों को एडवाइजरी जारी की है। उपायुक्त डॉ विवेक भारती ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे ठंड से बच्चों, बुजुर्गों तथा पशुओं का बचाव रखने के लिए ऐतिहात बरतें। गर्म कपड़े पहने रखें तथा बार-बार गर्म पेय पदार्थ पीते रहें।
उपायुक्त ने कहा कि शीत-घात से बचाव को लेकर नागरिक अतिरिक्त सावधानी बरतें तथा ठंड से बच्चों, बुजुर्गों तथा पशुओं का बचाव रखें। आगामी कुछ दिन तक जिले में शीतलहर व कड़ाके की ठंड की संभावना है। ऐसे हालात में हम थोड़ी सी सावधानी बरतते हुए इस ठंड से बच सकते हैं।
डीसी ने बताया कि शीत-घात से बचने के लिए मौसम पूर्वानुमान के लिए रेडियो/टीवी/समाचार पत्र जैसे सभी मीडिया माध्यम का ध्यान रखें ताकि यह पता चल सके कि आगामी दिनों में शीत लहर की संभावना है या नहीं। सर्दियों लिए पर्याप्त कपड़ों का स्टॉक करें। घर में ठंडी हवा के प्रवेश रोकने हेतु दरवाजों तथा खिड़कियों को ठीक से बंद रखें। फ्लू, नॉक बहना/ भरी नाक या नाक बंद जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना आमतौर पर ठंड में लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होती हैं। इस तरह के लक्षणों से बचाव हेतु आवश्यक सावधानी बरतें तथा स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों या डाक्टर से परामर्श करें। जितना हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें।
उपायुक्त डॉ विवेक भारती ने बताया कि ऐसे मौसम में गर्म कपड़े पहनें ताकि ठंड बिल्कुल न लगे। तंग कपड़े खून के बहाव को रोकते हैं, इनसे बचें। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। शरीर की गर्माहट बनाये रखने हेतु अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढककर रखें। गीले कपड़े तुरंत बदलें। हाथों में दस्ताने रखें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करें। सिर पर टोपी या मफलर पहने, स्वास्थ्य वर्धक भोजन लें।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं, इससे ठंड से लडऩे के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी। बुजुर्ग लोगों, नवजात शिशुओं तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें एवं ऐसे पड़ोसी जो अकेले रहते हैं, विशेषकर बुजुर्ग लोगों का हाल चाल पूछते रहें।
डीसी डा. विवेक भारती ने बताया कि जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें। रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखें। बंद कमरों में कोयले को जलाना खतरनाक हो सकता है। कोयला की आग कार्बन मोनोआक्साइड जैसी जहरीली गैस पैदा करती है। उन्होंने कहा कि ऐसी ही लापरवाही के कारण  राज्य में कई जगह पर ऐसे हादसे हो चुके हैं। ऐसे में नागरिक यह सुनिश्चित करें कि वे कोयले की
भट्ठी आदि बंद कमरे में ना जलाएं।
डीसी डा. विवेक भारती ने बताया कि जिला में बेसहारा लोगों को ठंड से बचाने के लिए विभिन्न स्थानों पर रैन बसेरे बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि नारनौल में नागरिक अस्पताल के नजदीक व बस स्टैंड के नजदीक रैन बसेरा बनाया गया है। इसी प्रकार कनीना में बस स्टैंड के नजदीक पुराना नगर पालिका कार्यालय में रैन बसेरा बनाया गया है। अटेली में झंडा चौक के नजदीक पुराना नगर पालिका कार्यालय में, महेंद्रगढ़ में देवीलाल पार्क के नजदीक अंबेडकर भवन में व नांगल चौधरी में नगर पालिका में स्थित अंबेडकर भवन में रैन बसेरा बनाया गया है।
उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि अगर किसी को बेसहारा व्यक्ति घूमता मिले तो उसे रैन बसेरा में पहुंचाने का कार्य करें ताकि वह ठंड से बच सके।






एसडी विद्यालय ककराला में हुआ राष्ट्रीय सेवा योजना प्रारंभ
-सात दिवसीय कैंप
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कनीना की आवाज।
 एसडी विद्यालय ककराला के प्रांगण में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय कैंप का प्रारंभ हुआ। कैप का शुभारंभ प्रधानाचार्य ओमप्रकाश यादव द्वारा किया गया। प्रधानाचार्य ने राष्ट्रीय सेवा योजना के बारे में स्वयंसेवकों को जानकारी दी। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के अधिकारी विनय कुमार एवं स्वंयसेवकों ने प्रधानाचार्य द्वारा दी गई जानकारी को ध्यान पूर्वक सुना। स्वंयसेवको ने विद्यालय प्रांगण की सफाई की। तथा समाज को स्वच्छता का संदेश दिया।
इस उपलक्ष्य पर विद्यालय निदेशक महोदय ने राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यों की प्रशंसा की तथा कहा कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं के विकास तथा सामाजिक कार्यों में उनकी भागीदारी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि आपके द्वारा किए गए कार्य समाज को एक नई दिशा देने का काम करता है इसलिए आप सभी को अपने आसपास समाज में जागरूकता फैलाने का काम करना चाहिए। जो समाज को और देश को एक नई दिशा देगा।
फोटो कैप्शन 06: एनएसएस श्ििावर का के मौके पर एसडी स्कूल ककराला के विद्यार्थी




दो जनवरी से धनौंदा में होगी फुटबाल प्रतियोगिता
-बाबा दयाल की 70वीं एक दिवसीय पंचायती फुटबाल
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कनीना की आवाज।
 बाबा दयाल की 70वीं एक दिवसीय पंचायती फुटबाल प्रतियोगिता दिनांक 2 जनवरी से 5 जनवरी तक चलेगी।  इस प्रतियोगिता में 100 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर की दौड़ भी करवाई जाएगी। तथा साथ ही बुजुर्गों की दौड़ भी करवाई जाएगी। दौड़ का कार्यक्रम दिनांक 2 जनवरी को होगा। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन के शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि श्री कुणाल राव डिप्टी सीईओ आरपीएस स्कूल आफ एजूकेशन होंगे तथा इस कार्यक्रम की अध्यक्षता  अजमेर सिंह दांगी पूर्व प्रधान प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन कनीना करेंगे। इस प्रतियोगिता में समस्त हरियाणा के प्रसिद्ध फुटबाल खिलाड़ी भाग लेंगे। प्रतियोगिता में लगभग 35 टीमें भाग लेंगी। यहां प्रतियोगिता फुटबाल क्लब धनौंदा की तरफ से आयोजित की जा रही है । जानकारी देते हुए समाजसेवी सूरत सिंह ने बताया कि यह प्रतियोगिता हरियाणा की विशेष प्रतियोगिता होगी।  क्लब में प्रधान डा. मुकेश कुमार, कोषाध्यक्ष दीपक शर्मा, भूपेंद्र सिंह, जगदीश स्वामी, सुरेंद्र सिंह पूर्व सरपंच, कैप्टन ओमपाल सिंह तंवर, लालाराम एवं समस्त ग्राम वासी मौजूद रहेंगे।



कनीना माडल स्कूल में एनएसएस शिविर दो जनवरी से
--सात दिनों तक चलेगा शिविर
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कनीना की आवाज।
 कनीना की राजकीय वरिष्ठ माडल संस्कृति विद्यालय कनीना में सात दिवसीय एनएसएस शिविर 2 जनवरी से 8 जनवरी तक चलेगा। प्राचार्य सुनील कुमार खुडानिया ने बताया कि डा. मुंशी राम प्रभारी की देखरेख में 7 दिनों तक स्वयंसेवक विद्यालय की साफ सफाई, नशा मुक्ति जागरूकता रैली आदि का आयोजन करेंगे।


वर्षा और ठंड के बाद फसलों में आई आब
--दूर दराज तक सरसों के चलते पीली नजर आती है धरा
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कनीना की आवाज।
 जहां गत दिनों क्षेत्र में 50 एमएम वर्षा हुई तथा लगातार जमकर ठंड पड़ रही है जिसके चलते फसलों में आब आ गई है। गेहूं और सरसों की फसल लहलहा रही है। यद्यपि गेहूं अभी छोटा है और सरसों की फसल दूर दराज तक पीली धरा के रूप में नजर आ रही है। कनीना क्षेत्र में जहां 19500 हेक्टेयर पर सरसों 9700 हेक्टेयर पर गेहूं  तािा बाकी अन्य फसल उगाई गई है। इस समय सरसों की फसल दूर दराज तक पीली धरा के रूप में नजर आ रही है। किसान खुश है क्योंकि इस क्षेत्र में अच्छी वर्षा हुई है परंतु ठंड के चलते फसलों में और भी अधिक आब आ गई है। किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार आदि ने बताया कि इस समय गेहूं और सरसों की अच्छी फसल खड़ी हुई है। जहां विगत दिनों स्याणा, पोता,खंडी ,तलवाना, सेहलंग आदि क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई किंतु सौभाग्यवश कनीना क्षेत्र अछूता रहा। इस क्षेत्र में अभी तक किसान पानी की कमी महसूस कर रहे थे किंतु वर्ष के बाद पानी की आपूर्ति हो गई है। अब किसान खुश है तथा लगातार ठंड का भी सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। एक ओर कंपकंपाने आने वाली सर्दी पड़ रही है किंतु इस सर्दी का अच्छा प्रभाव माना जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक मानते हैं कि अभी इतनी अधिक ठंड नहीं है कि फसलों को नुकसान पहुंच सके।
 सुबह सवेरे पड़ा कोहरा -
सुबह सवेरे क्षेत्र में कोहरा चला जो दोपहर तक चलता रहा। दोपहर पश्चात जहां आसमान खुल गया तथा धूप खिली। सुबह सघन कोहरा होने से जहां वाहन धीमी गति से चले वही दुर्घटनाएं भी घटी। करीरा सड़क मार्ग के पास एक दुर्घटना घटित होने से उसमें एक व्यक्ति चोटिल हो गया। उधर किसान खुश है क्योंकि इस समय किसान अपनी लहलहाती सरसों की फसल को देखकर खुश है। सोने की तरह फसल दूर तक चमकती नजर आ रही है। किसानों का कहना है कि अब अच्छी पैदावार होने के आसार बन गए हैं।
 फोटो कैप्शन 4: लहलहाती फसलें
05: क्षेत्र में पड़े कोहरे का नजारा