Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Monday, February 3, 2025


 


कनीना में छिड़ गया है बैनर युद्ध
-चुनाव लडऩे वाले बैनर युद्ध पर उतरे, नगरपालिका की हैं निगाहें
***********************************************************
*************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना में अब बैनर युद्ध छिड़ गया है। चुनाव लडऩे वाले लोगों ने बड़े-बड़े बैनर लगाने शुरू कर दिये हैं। सभी नियमों को ताक पर रखकर ये बैनर लगाए जा रहे हैं। एक और जहां नगर पालिका किसी दुकान के सामने बोर्ड ,बैनर, साइन बोर्ड लगाने पर उन्हें हटाने को आमादा हो जाती है लेकिन सरेआम गलियों में तथा दुकानों के पास ऐसे बैनर लगे हुए हैं।  बैनर युद्ध से लगता है कि शायद बैनर ही वोट दिलवाने में प्रमुख भूमिका निभाता है। लोगों का कहना है कि वोट बैनर से नहीं दिलों से दिल जोडऩे से प्रेम के चलते दिए जाते हैं ऐसे में अभी तक जिन्होंने बैनर नहीं लगाये है और चुनाव लडऩा चाहते हैं उनसे भी चर्चा हुई। उनका कहना है कि बैनर कोई वोट नहीं दिलवाता। वोट तो अपने रसूक के मिलते हैं। बगैर बैनर चुनाव लडऩा सबसे बड़ी उपलब्धि होती है और उनकी जीत होती है। ऐसे में अब नगर पालिका कनीना क्या कदम उठाती है यह देखना बाकी है?
नगरपालिका की इन बोर्ड एवं बैनरों पर निगाहें टिकी हुई हैं और कभी भी किसी समय बोर्ड एवं बैनर हटा सकती है। चूंकि इस वक्त कोई पोल बगैर बैन का नहीं बचा है।
बैनर नहीं हम काम करेंगे-
प्रधान पद की सशक्त दावेदार सरिता बबलू ने बताया कि वो काम करने में अधिक विश्वास करती हैं। भाजपा नेता जसवंत सिंह बबलू ने कहा कि इस बार चुनाव जीतकर कनीना की काया ही पलट देंगे। कनीना सीमा में घुसने वाले व्यक्ति की नजरें एक बार यही कहेगी, वाह कनीना में तो वास्तव में काम हुआ है। गरीब जनों के लिए कई योजनाएं अपने स्तर पर चलाएंगे।






जुई की टीम रही विजेता
-31 हजार रुपये एवं ट्राफी जीती
***********************************************************
*************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना उपमंडल के गांव सेहलंग में चली आ रही क्रिकेट क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन हो गया। जुई की टीम ने ट्राफी जीत ली।
  विस्तृत जानकारी देते हुए विजयपाल सेहलंग समाजसेवी ने बताया कि क्रिकेट प्रतियोगिता के अंतिम मुकाबलों में  झाड़ली पावर प्लांट और जुई के बीच हुआ, जिसमें जुई की टीम तीन रन से जीती प्रथम पुरस्कार में 31000 रुपये जुई की टीम को तथा द्वितीय पुरस्कार झाड़ली पावर प्लांट को 21000 रुपये का दिया गया। पुरस्कार वितरण महावीर प्रधान,विजय सिंह चैयरमैन, डाक्टर लक्ष्मण,सत्य पाल,शेर सिंह,प्रवीण,अमित आदि थे।
 उधर सेहलंग की पहाड़ी पर सुभाष प्रचारी ने बीजा सोरठ का सुन्दर सांग का मंचन किया। 4 फरवरी को मुख्य मेला लगेगा।
फोटो कैप्शन 10: क्रिकेट प्रतियोगिता में विजेता को ट्राफी देते हुए कमेटी सदस्य







माता खिमज एवं खेल प्रतियोगिता चार को
***********************************************************
*************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के गांव सेहलंग की पहाड़ी पर चार फरवरी को खिमज माता धाम पर मेले का आयोजन किया जाएगा। साथ में खेल प्रतियोगिता भी आयोजित भी होंगी।  विस्तृत जानकारी देते हुए समाजसेवी विजयपाल सिंह सेहलंग ने बताया कि क्रिकेट प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 31000 तथा द्वितीय पुरस्कार 21000 रुपये दिया जाएगा वहीं वालीबाल प्रतियोगिता 4 फरवरी को आयोजित होगी जिसमें 31000 और 21000 रुपये के क्रमश: प्रथम और द्वितीय विजेता को दिए जाएंगे। कबड्डी प्रतियोगिता भी चार फरवरी को आयोजित होगी जिसमें 31 हजार एवं 21000 रुपये का क्रमश प्रथम एवं द्वितीय को दिए जाएंगे। कुश्ती 51 रुपये से 31 हजार रुपये तक की होगी जो 4 फरवरी को ही आयोजित होगी।  4 फरवरी को 10 बजे अमित शर्मा अटेला धार्मिक कथा गायन करेंगे।
 उल्लेखनीय है कि कनीना खंड में महज एक ही छोटा पहाड़ है। सेहलंग गांव का छोटा पहाड़ लोगों को आकर्षित करता है।  
 कभी इस पहाड़ पर हडजुड़, सदाहरी कुरंड जैसे औषधीय पौधे होते थे। अब भी उनमें से कुछ पौधे उपलब्ध हो जाते हैं जो विभिन्न दवाओं में काम आते हैं। लोग इस पहाड़ी से औषधीय पौधे उखाड़ कर लाते हंै और विभिन्न दवाओं के रूप में काम में लेते हैं। कभी इस पहाड़ी से सरकार को भारी आय होती थी, पत्थरों के लिए रायल्टी मिलती थी। आसपास गांवों में इसी पहाड़ पत्थरों से बनाये हुए हैं। किंतु जब से देवी खिमज का धार्मिक स्थान पहाड़ी पर बनाया गया है तब से पत्थरों की खुदाई नहीं होती है। और यहां अब दूर-दराज से लोग एवं भक्त माता के दर्शन करने आते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पहाड़ पर शुद्ध हवा मिलती है। पहाड़ पर जाते हैं तो मन आनंद से भर जाता है। दूर दराज के दृश्य दिखाई देते हैं वहीं झाड़ली थर्मल प्लांट जो 16 किलोमीटर दूर है ऐसा लगता है जैसे दो किमी दूर हो। उन्होंने बताया कि पहाड़ी पर भारी मात्रा में पेड़ पौधे है जिनसे वायुमंडल शुद्ध होता है। ऐसे में यह पहाड़ उनके लिए हर प्रकार से लाभप्रद साबित हो रहा है। जब भी कभी पहाड़ो की चर्चा चलती है तो उनका गांव का नाम आदर्श से लिया जाता है। इसी पहाड़ी पर माता मंदिर है जहां मेला लगेगा।
फोटो कैप्शन 09: माता खिमज पहाड़ीवाली देवी मंदिर







लोगों का की सेवा करना मेरा धर्म-डा. राजीव ककराला
***********************************************************
*************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना में उप-नागरिक अस्पताल के पास दांतों के डाक्टर के रूप में मशहूर राजीव कुमार ककराला निवासी लोगों की सेवा कर रहे हैं। वो पैसों के लेनदेन पर अधिक विश्वास नहीं करते अधिकांश मरीज को मुफ्त सेवा दे देते हैं। एक सामाजिक आदमी होने के कारण कभी किसी को पैसे के लिए नहीं टोकते अपितु अधिकांश मरीजों को बहुत मामूली सा खर्चा लेते हैं या मुफ्त सेवा दे देते हैं। डा. राजीव से बात हुई उन्होंने कहा कि जनसेवा सबसे बड़ी सेवा है। इंसान को दूसरे लोगों की सेवा जरूर करनी चाहिए। कई बार इंसान यह समझ बैठता है कि पैसा ही सब कुछ है। उनका कहना है कि पैसा ही सब कुछ नहीं है इंसान अगर दूसरे लोगों की सेवा करें तो आशीर्वाद मिलता है। बस इसी उद्देश्य को लेकर वे सेवा निभा रहे हैं।
 उल्लेखनीय की जहां उनके यहां दिनभर भारी भीड़ मरीजों की मिलती है और उन्हें बहुत ही प्यार से समझाते हैं। साथ में उनको चाय आदि भी पिलाते रहते हैं। उनकी नम्रता, सेवा भाव को देखकर मैरिज प्रसन्नचित होकर चले जाते हैं। उनकी सेवा भाव को देखकर प्रशासन एवं कई संस्थाओं ने उन्हें कई बार सम्मानित भी किया है। उनका ध्येय बस जन सेवा है।
फोटो कैप्शन 3 :जन सेवा करते डा. राजीव ककराला




परीक्षा की टिप्सस
परीक्षा तनाव नहीं बल्कि उत्सव का विषय है-जगदेव यादव
***********************************************************
*************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
एसडी ग्रुप आफ स्कूल के चेयरमैन जगदेव यादव का कहना है कि परीक्षा एक ऐसी  प्रक्रिया है ,जिसके माध्यम से अर्जित उपलब्धि, योग्यता एवं क्षमता बोध का आकलन किया जाता है। मानव जीवन में तो बचपन से ही प्रत्येक क्षेत्र एवं मोड़ पर मूल्यांकन किया जाता रहता है। शिक्षा के क्षेत्र में  परीक्षा द्वारा आकलन का विशेष महत्व है। वर्तमान समय में छात्रों की योग्यता ,रूचि एवं कार्य क्षमता का पता लगाने के लिए मुख्य रूप से लिखित आधार पर आकलन किया जाता है। बच्चों के द्वारा ठीक उतर न देने की स्थिति में उसे हीन दृष्टि से देखा जाता है। माता-पिता व परिवार के  अन्य  सदस्यों  द्वारा  दूसरे विद्यार्थियों  से बार-बार  की जाने वाली तुलना से बच्चों में भय  एवं तनाव  और अधिक बढ़ जाता है। परिणामस्वरूप बच्चा अपनी योग्यता एवं क्षमता अनुसार कार्य करने में सक्षम नहीं होता
 परीक्षा को तनाव के रूप में नहीं बल्कि उत्साह के रूप में लेना चाहिए   इसके लिए निम्न बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है- आत्मविश्वास को कमजोर नहीं रखना चाहिए। छात्र को स्वयं पर पूरा भरोसा होना चाहिए कि  वह अच्छा परिणाम ला  सकता है।
  निश्चित समय- सारणी  अनुसार पढ़ाई करना- विद्यार्थी को निश्चित समय सारणी के अनुसार पढ़ाई करना अति आवश्यक है  जिस विषय में कमजोरी है उसमें अधिक समय देना चाहिए।
 पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी - छात्र को निर्धारित पाठ्यक्रम विभाजन अनुसार तैयारी  करनी चाहिए। उसे यह सुनिश्चित होना चाहिए कि कितने समय में किस  अध्याय को पूरा किया जाए। शुद्ध एवं सात्विक भोजन का प्रयोग  विद्यार्थी की कार्य क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है इसलिए निर्धारित समय पर भोजन करते रहना आवश्यक है।
  दोहराई पर विशेष ध्यान देना -  छात्र द्वारा  जिन  अध्यायों को ठीक प्रकार से सीख लिया है उनको भी दोहराना अति आवश्यक है।
 उत्तर सही एवं स्टिक तरीके से लिखना- अधूरा उत्तर लिखने से परीक्षा की सफलता बाधा आती है  इसलिए पूर्ण उत्तर देना आवश्यक है।
 परीक्षार्थी को परीक्षा के दिनों में भी आवश्यकता अनुसार नींद अवश्य लेनी चाहिए ।
 इस प्रकार से हम परीक्षा में  अच्छी सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
फोटो कैप्शन: जगदेव यादव।


विवाह समारोह में पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश, जनजागरण अभियान बना
***********************************************************
*************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
आजकल शादी-विवाह में महंगे उपहार देने की परंपरा है, लेकिन गाव रामबास मे एक अनोखी पहल शुरू हुई है, जिसमें शादी विवाह व किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। इस पहल को हरित कार्यक्रम अभियान नाम दिया गया है, जिसे समाज में जनजागरण अभियान के रूप में अपनाया जा रहा है।
हाल ही गाव रामबास से इंद्रजीत मिस्त्री भात लेकर गये अपनी बहन के घर गाव बव्वा के मुकेश के घर पर फलों के पेड़ों की टोकरी भी लेकर गये ।  इससे पहले लगन समारोह में भी फले के पौधे भेंट किये गये।
इस अनूठी पहल का उद्देश्य पर्यावरण को बचाने के साथ-साथ समाज को हरित संदेश देना है। आयोजकों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में मौजूद पर्यावरणविद्  मनोज कुमार रामबास ने कहा, अगर हर शादी में पौधे बांटे जाएं और लोग इन्हें अपने घर या आसपास लगाएं, तो आने वाले समय में यह एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
यह पहल तेजी से लोकप्रिय हो रही है, और अन्य लोग भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। विवाह समारोहों के अलावा जन्मदिन, वर्षगांठ और अन्य खुशी के मौकों पर भी पौधे भेंट करने की परंपरा शुरू करने की अपील की जा रही है।
समाज में बढ़ती जागरूकता-
इस अनूठी पहल को देखते हुए स्थानीय समाजसेवी संस्थाएं और प्रशासन भी इसे समर्थन दे रहे हैं। नगर परिषद और ग्राम पंचायतों से अपील की जा रही है कि वे इस अभियान को बढ़ावा दें।
अगर यह पहल बड़े स्तर पर अपनाई जाती है, तो यह न सिर्फ पर्यावरण को बचाने में मददगार होगी, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए हरा-भरा और स्वच्छ वातावरण भी सुनिश्चित करेगी। पेड़ लगाएं, जीवन बचाएं  इस संदेश के साथ हर शादी बने पर्यावरण संरक्षण का माध्यम।
फोटो कैप्शन 08: भात में भेंट करते हुए पेड़ों की टोकरी : फोटो मनोज रामबास पर्यावरणविद



झगड़ोली के प्रथम कौशिक बने उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के नए प्रशासक
***********************************************************
*************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना खंड के गांव झगडोली निवासी प्रथम कौशिक ने उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के नए प्रशासक का कार्यभार ग्रहण कर लिया है जो क्षेत्र के निवासियों के लिए बड़े ही गर्व की बात है। उन्होंने अनुकूल जैन का स्थान लिया है जो इससे पहले उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के प्रशासक थे।
  गौरतलब है कि प्रथम कौशिक ने 2018 के बैच में पूरे भारत में यूपीएससी की परीक्षा में पांचवा स्थान हासिल करके अपने गांव,क्षेत्र तथा जिले का नाम रोशन किया था। इसके साथ ही और उनकी धर्मपत्नी डा. नेहा जैन कौशिक ने सीहोर जिले की  अतिरिक्त उपायुक्त का कार्यभार संभाल लिया है। उनकी नई नियुक्ति पर गांव के सरपंच मुकेश सोनी, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के रिटायर्ड वरिष्ठ प्रबंधक गजानंद शर्मा अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक, महेश कुमार शर्मा, तरुण शर्मा, राजवीर नंबरदार सहित अनेक गणमान्य लोगों ने बधाई दी है।
  उल्लेखनीय है कि प्रथम कौशिक के पिता नरेंद्र कौशिक जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त सोनीपत हैं वहीं प्रथम कौशिक की मां राजबाला कौशिक प्रवक्ता बतौर कार्यरत है।
फोटो कैप्शन: प्रथम कौशिक, फोटो स्रोत-प्रथम कौशिक





दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों का दो दिवसीय जागरूकता शिविर प्रारंभ
***********************************************************
*************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
 हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के तत्वावधान में दो दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्या प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया गया।
 अमृत सिंह विशेष शिक्षक ने बताया कि इस कैंप में 25 सामान्य अध्यापक, 10 आंगनवाड़ी वर्कर ,16 अभिभावक तथा दो रिसोर्स पर्सन मौजूद रहे। इस अवसर पर नरेश कुमार , विशेष शिक्षिका सरिता, अमृत सिंह, रवि प्रवक्ता अंग्रेजी विशेष तौर पर मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 07: विशेष शिक्षक दिव्यांग जागरूकता कैंप को संबोधित करते हुए फोटो: स्कूल



 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में मनाया गया बसंत उत्सव
***********************************************************
*************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में सोमवार को विद्यालय के प्रांगण में सरस्वती पूजन के साथ ही बसंत उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या पूनम यादव ने की। विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को बताया कि हमें बसंत पंचमी के दिन ज्ञान और संगीत की देवी मां शारदे का पूजन करना चाहिए तथा उनका आशीर्वाद ग्रहण करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को वीर हकीकत राय की वीरता की कहानी भी बताई। इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों तथा विद्यार्थियों ने मां शारदे के चित्र के सामने पुष्प अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता अजय कुमार बंसल,राजेंद्र कटारिया, निशा,वंदना जांगिड़,धर्मेंद्र डीपीई, राकेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार, चंद्रशेखर व प्रीतम  सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: मां सरस्वती का पूजन करता स्टाफ फोटो: स्कूल अगिहार


परीक्षा पर चर्चा का हुआ आयोजन
-परीक्षा से घबराना नहीं-नरेंद्र
***********************************************************
*************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाथेड़ा में सोमवार को परीक्षा पर चर्चा का आयोजन किया गया जिसमें जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त सोनीपत, एवं अंग्रेजी के पूर्व प्रवक्ता नरेंद्र कौशिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के अनेक टिप्स दिए उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे बड़े सपने ले तथा उन सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें क्योंकि सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे तीन एच यानि हेड, हार्ट तथा हैंडस का यदि सही ढंग से प्रयोग करें तो जीवन में सफलता निश्चित है। हमेशा अपने लक्ष्य को सामने रखें तथा टाइम मैनेजमेंट के साथ यदि मेहनत करें तो जीवन में सफलता प्राप्त करने से आपको कोई नहीं रोक सकता। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार, प्रवक्ता सुरेश कुमार शर्मा, राजबाला कौशिक, राजेश दहिया, हनुमान सिंह, डॉक्टर मुनेश, प्रमिला, ज्योति, मुकेश शर्मा, प्रदीप, प्रियंका, सुरेंद्र सिंह तथा राजू सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: परीक्षा पर चर्चा करते नरेंद्र कौशिक फोटो: स्कूल पाथेड़ा


भगवान श्रीकृष्ण के विवाह का सुनाया प्रसंग
-4 फरवरी को होगा समापन
***********************************************************
*************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना उपमंडल के गांव गोमला के भीष्म देव मंदिर में चल रही सात दिवसीय भागवत कथा का समापन हो गया। चार फरवरी को इस मौके पर भंडारा लगेगा।
सप्तम दिवस की कथा में आचार्य प्रशांत अवस्थी गुरुजी ने भगवान कृष्ण के 16108 विवाह की कथा सुनाया वहीं शिशुपाल वध, राजा नरक की कथा, भस्मासुर की कथा, त्रिलोकी की परीक्षा एवं सुदामा चरित्र की बड़ी ही सुंदर कथा सुनाई। जिसे सुनकर आए हुए सभी श्रोता भावविभोर हो गए एवं परीक्षित का मोक्ष कथा का विश्राम, व्यास पूजन, विदाई समारोह सभी भक्तों ने मिलजुल कर किया।
फोटो कैप्शन 06: प्रवचन करते आचार्य फोटो: आचार्य




सुबह पड़ी धुंध, चली शीत लहर
***********************************************************
*************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में जहां दिन के समय धूप खिली, सुबह सघन धुंध पड़ी तथा शीतलहर चलती रही। बीते दिनों से क्षेत्र में मौसम लगातार बदल रहा है। कभी धुंध,कभी धूप, कभी शीत लहर तो कभी कड़ाके की ठंड पड़ती है।
 कनीना क्षेत्र में सोमवार को जहां सुबह सूर्य उदय हुआ तो तेज धुंध पडऩी शुरू हो गई जो 2 से 3 घंटे तक जारी रही। तत्पश्चात तेज धूप खिली।  क्षेत्र में जहां इस बार सरसों की अच्छी फसल खड़ी हुई है वही गेहूं की भी फसल खड़ी हुई है। किसान अपनी फसलों को निहार रहे हैं। किसानों को कहना है कि इस बार मौसम अनुकूल रहा है और भविष्य में भी यदि मौसम अनुकूल रहेगा तो बेहतर पैदावार मिलेगी। सुबह सवेरे ठंड से निजात पाने के लिए लोग आग सेकते देखे गये वहीं दिन के समय धूप सेकते देखे गये।
फोटो कैप्शन 02: कनीना क्षेत्र में धुंध फोटो: जागरण



















 ओलंपियाड में हेरिटेज स्कूल के विद्यार्थियों ने लहराया परचम
***********************************************************
*************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
उपमंडल कनीना में स्थित हेरिटेज पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोहनपुर के विद्यार्थियों ने आइसीएआइ कामर्स ओलंपियाड तथा सिल्वर जोन फाउंडेशन ओलंपियाड में अपनी प्रतिभा दिखाई। विद्यालय के सीईओ कैलाश शर्मा ने बताया कि सिल्वर जोन ओलंपियाड में जीके ओलंपियाड में चौथी कक्षा के 11 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया जिसमें विदित यादव ने प्रथम स्थान, मयंक ने दूसरा वह राधिका ने तृतीय स्थान हासिल किया। इसी के साथ पांचवीं कक्षा में दो विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया जिसमें खुशी ने प्रथम स्थान तथा भाव ने दिव्य स्थान हासिल किया। कक्षा छठी से आठ विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया जिसमें कीर्ति अश्विनी ने प्रथम स्थान हासिल किया सातवीं कक्षा से इशांत ने प्रथम स्थान हासिल किया। आठवीं कक्षा से लक्की ने प्रथम स्थान हासिल किया। इसी प्रकार साइंस ओलंपियाड में पांचवंी कक्षा से दो विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया जिसमें जिया ने प्रथम तथा देश ने दूसरा स्थान हासिल किया। सातवीं कक्षा से तीन विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया जिसमें पूजा ने प्रथम स्थान हासिल किया। नौवीं कक्षा से नेहा ने प्रथम स्थान हासिल किया। इसके साथ गोल्ड मेडल भी प्राप्त किया। इंग्लिश ओलिंपियाड में छठी कक्षा से दो विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया रोबिन सिंह ने प्रथम स्थान तथा मन्नत ने द्वितीय स्थान हासिल किया। इसी प्रकार मैथ ओलंपियाड में कल 29 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया जिसमें तीसरी कक्षा से योगेश, चौथी कक्षा चेतन, पांचवी कक्षा से गौरव, छठी कक्षा से नीरज यादव, सातवीं कक्षा से सोनाक्षी शर्मा, आठवीं कक्षा से वंश तथा नौवीं कक्षा से दीपिका ने प्रथम स्थान हासिल किया। इसके साथ ही गोल्ड मेडल भी प्राप्त किया चौथी कक्षा से टेक्सिंग, छठी कक्षा से देसू, सातवीं कक्षा से चंचल शर्मा, आठवीं कक्षा से युवराज सिंह ने द्वितीय स्थान हासिल किया। इसी के साथ छठी कक्षा से महेश कुमार वह सातवीं कक्षा से जितेश गर्ग ने तृतीय स्थान हासिल करके ब्रांज मेडल हासिल किया। इसके साथ ही आइसीएआइ इंटरनेशनल चार्टेड अकाउंटेंट ओलंपियाड में आठवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई जिसमें 54 विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। दीपांशु  कक्षा ग्यारहवीं से आल इंडिया रैंक में 40वां स्थान प्राप्त करके अपने अध्यापक गण तथा विद्यालय का नाम रोशन किया। इसमें भारत सरकार द्वारा बच्चों को उचित राशि उपहार में दी जाएगी।
विद्यालय के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने सभी विद्यार्थियों में अध्यापक गणों को बधाई दी और उन्हें आगे ऐसे ही प्रगतिशील पथ पर अग्रसर रहने का आशीर्वाद दिया। इस उपलक्ष्य पर विद्यालय के सीईओ कैलाश शर्मा, मनीष कुमार, डायरेक्टर खुशीराम शर्मा, विद्यालय के प्रधानाचार्य कृष्ण सिंह, सीनियर कोआर्डिनेटर पद पर आसीन सुरेंद्र कुमार, जूनियर कोर्डिनेटर पद पर आसीन सुमन तथा समस्त अध्यापक गण उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: अव्वल रहे विद्यार्थियों के साथ स्टाफ






Sunday, February 2, 2025


 


पार्षद के लिए ढूंढने लगे हैं सुरक्षित वार्ड
-प्रधान पद एक अनार सौ बीमार
***********************************************************
********************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना नगर पालिका की भावी चुनावों के दृष्टिगत जहां पालिका प्रधान सहित कुल सात वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होने के कारण पार्षदों के लिए सुरक्षित जगह ढूंढी जा रही है। जिन-जिन के वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हो गए वहां पुरुष चुनाव लडऩा चाहते हैं वो तिलमिला रहे हैं तथा किसी ऐसे वार्ड को ढूंढ रहे हैं जहां उनकी जीत सुनिश्चित हो सके। आश्चर्य होता है कि अब तो प्रधान पद के दावेदार भी पार्षद के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं क्योंकि पार्षद कहां से बना जाए ऐसा वार्ड मिलना मुश्किल काम हो गया हैं। इस बार जहां कनीना में 14 वार्डों में चुनाव होगा और 14 पार्षद बनाए जाएंगे, इन वार्डों में से एक ऐसा वार्ड भी बनाया गया है जिसके तहत कनीना के बाहर बाहर का भाग शामिल किया गया है। इस 14 वार्ड को कई उम्मीदवार सुरक्षित जगह मान रहे हैं। यही कारण है कि अनेक पुरुष प्रत्याशी 14 वार्ड से चुनाव लडऩा चाहते हैं। अब नजरें या तो प्रधान पद या वार्ड 14 पर जमती जा रही है क्योंकि दोनों के लिए ही सबसे अधिक प्रत्याशी मैदान में हैं। वैसे इस वर्ष जहां इवीएम से मतदान होंगे, प्रधान पद का सीधा चुनाव होगा तथा 14 वार्डों का चुनाव होगा। ये तीन नये कार्य इस बार के चुनावों में पहली बार होने जा रहे हैं। बहुत अधिक महिलाएं भी इस बार आगे आ रही है।  अभी से चुनावी ही वार्डों में जाकर बड़े बड़े वादे किये जा रहे हैं। कुछ तो ऐसे भी भावी प्रत्याशी है जिनके घर से एक नहीं दो दो व्यक्ति चुनाव लडऩा चाह रहे हैं। और आगे आ रहे हैं। जहां एक प्रधान तथा दूसरा पार्षद के लिए भी चुनाव लड़े जा रहे हैं ।कुछ तो पुरुष पार्षद के चुनाव लडऩा चाहते हैं जबकि उनके परिवार से महिलाएं प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। इस बार चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया क्योंकि यदि प्रधान पद के लिए पुरुष लालायित थे वहां अब महिला प्रधान बन जाएगी तो उनके लिए कोई ठिकाना नजर नहीं बचेगा। यही कारण है कि पुरुष पार्षद बनकर जैसे तैसे नगरपालिका में प्रवेश करना चाहते हैं और पार्षद बनकर ही नगर पालिका में जाना चाहते हैं। कुछ तो अल्पसंख्यकों में जाकर बड़े-बड़े दावे और वादे कर रहे हैं, उनको अपनी ओर खींचने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उनका विरोध करने वाले भी आप मुखरित होते जा रहे हैं। कुल मिलाकर तीन दर्जन से अधिक प्रत्याशी चुनाव की बिना तिथि घोषित किया ही सामने आ गए हैं। आने वाले समय में जब तिथि घोषित हो जाएगी उसके बाद तो उनकी संख्या बढ़ती ही चली जाएगी।
  यह सत्य है कि प्रधान पद के लिए सरिता बबलू के मैदान में आ जाने से प्रधान पद की कुर्सी सभी को मन ही मन छीनती नजर आ रही है। अब तो सुबह शाम जसवंत सिंह बबलू व सरिता बबलू पर लोग निगाहें टिकाकर आगे की रणनीति बनाने में व्यस्त हैं। आने वाला वक्त बता पाएगा कि वो क्या करिश्मा करते हैं।








श्रीकृष्ण ने संदीपन आश्रम में पाई 64 दिन शिक्षा
***********************************************************
********************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव मोड़ी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस आचार्य प्रशांत अवस्थी गुरु जी ने कथा में बताया भगवान कृष्ण ने मथुरा जाकर कंस का सहार किया। मथुरा वासियों को कंस के अत्याचार से मुक्त किया, अपने माता-पिता को एवं अपने नाना-नानी को बंधन से मुक्त कराया। भगवान गुरुकुल पढऩे गए उज्जैन नगरी में 64 दिन रहकर के 64 कलाओं का अध्ययन किया। संदीपन गुरु के मृतक पुत्र को गुरु दक्षिणा में वापस किया । भगवान ने उद्धव जी के ज्ञान रूपी अभियान को प्रेम से उद्धव जी का अपमान तोड़ दिया। भगवान कृष्ण द्वारकापुरी का निर्माण किया। भगवान कन्हैया ने मैया रुक्मणी का हरण करके द्वारका में रुक्मणी जी के साथ में विवाह किया। गुरु जी ने आज कथा में भगवान कृष्ण के प्रथम विवाह की कथा का वर्णन किया। सभी भक्तों को शिक्षा दी कि समाज में हो रही कुरीतियों का कैसे दमन किया जाए, बेटियों की शादी बिना दहेज के होनी चाहिए पर भी विचार व्यक्त किये।
फोटो कैप्शन 09: प्रवचन करते प्रशांत अवस्थी फोटो: प्रशांत अवस्थी



3 फरवरी को होंगे फाइनल मुकाबले
-माता खिमज मेले की तैयारियां जारी
***********************************************************
********************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव सेहलंग में माता खिमज मेले के उपलक्ष्य में क्रिकेट प्रतियोगिता के मुकाबले जारी हैं। आज रविवार को सेमीफाइनल मुकाबले चले।
  विस्तृत जानकारी देते हुउए विजयपाल समाजसेवी ने बताया कि  प्रतियोगिता में महडा  का मुकाबला बवाना की टीम से हुआ जिसमें बवाना की टीम 15 रन से जीती। बाघोत का मुकाबला जूई की टीम से हुआ जिसमें जूही की टीम 40 रन से जीती। कोसली का मुकाबला बहु झोलरी की की टीम से हुआ जिसमें कोसली चार विकेट से जीती। झाड़ली पावर प्लांट का मुकाबला बवाना की टीम से हुआ जिसमें झाड़ली पावर प्लांट 22 रन से जीती। सेहलंग का मुकाबला  झाड़ली पावर प्लांट से हुआ जिसमें झाड़ली पावर प्लांट 5 विकेट से जीती। सोमवार को फाइनल मैच के साथ ही पहाड़ी खिमज धाम सेहलंग में सुभाष प्रचारी का सांग होगा। मेला चार फरवरी को लगेगा।
फोटो कैप्शन 08: क्रिकेट प्रतियोगिता माता खिमज फोटो : मेला कमेटी





सेवानिवृत्त कर्मियों ने दिया ओमप्रकाश शर्मा के निजी सचिव को दिया ज्ञापन
***********************************************************
********************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की इकाई ने सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के साथ मिलकर राज्य कमेटी के आह्वान पर रविवार को शहर में प्रदर्शन करते हुए नारनौल विधायक ओमप्रकाश शर्मा के निजी सचिव को ज्ञापन दिया। रविवार को सैकड़ों रिटायर्ड कर्मचारी संघ के व विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस नारनौल में के सर्व कर्मचारी संघ प्रधान कौशल यादव व रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रधान घनश्याम शर्मा की   सामूहिक अध्यक्षता में पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह नारनौल मे बैठक आयोजित की गई। बैठक मे सर्वकर्मचारी संघ के राज्य सचिव महेंद्र बोयत, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के राज्य प्रेस सचिव धर्मपाल शर्मा व हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के पूर्व जिला प्रधान शेर सिंह यादव विशेष रूप से उपस्थित थे बैठक का संचालन सर्वकर्मचारी संघ के जिला सचिव राहुल सारवान ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए राज्य प्रेस सचिव धर्मपाल शर्मा ने सरकार की नीतियों के बारे अवगत करवाया और कहा कि सांझे संघर्ष से ही लड़ाई जीती जा सकती है। रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के द्वारा 1 से 15 फरवरी तक सदस्यता पखवाड़ा मनाया जा रहा है तथा सरकार द्वारा लंबित मांगों का अनदेखा करने को लेकर रिटायर्ड कर्मचारियों को जागरूक किया जाएगा। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए धर्मपाल शर्मा कहा कि सरकार मानी हुई मांगे भी लागू नहीं कर रही है। उन्होंने सरकार से अपील की की संगठन को बुलाकर बातचीत द्वारा रिटायर्ड कर्मचारियों की लंबित मांगों 65 वर्ष 75 वर्ष उपरांत 10 प्रतिशत तथा 20 प्रतिशत की मूल वेतन में वृद्धि की जाए। काम्यूटेशन राशि 15 वर्ष की बजाय 10 वर्ष काटी जाए। कैशलेस मेडिकल सुविधा दी जाए। पेंशन आयकर मुक्त हो। करोनो काल का 18 महीने का बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाए। वरिष्ठ नागरिकों को एसी बसों,  रेल तथा हवाई जहाज में रियायती यात्रा की सुविधा दी जाए। पुरानी पेंशन लागू की जाए। पारिवारिक पेंशन को एलटीसी दी जाए। सभी मांगों का समाधान किया जाए। सर्वकर्मचारी संघ के प्रधान कौशल यादव व राज्य सचिव महेंद्र बोयत ने बैठक को संबोधित करते सरकार से मांग की हरियाणा सरकार तुरन्त आठवें वेतन आयोग का गठन करे। जब तक आठवां वेतन आयोग लागू नहीं करती है तब तक 5000 रुपये अंतरिम राहत लागू करे। नई पेंशन स्कीम को समाप्त करके पुरानी पेंशन स्कीम लागू करे। सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करे। सभी विभागों मे: खाली पड़े पदों पर स्थायी नियुक्त करे। शेर सिंह ने प्रदर्शन में अनुशासन बनाये रखने की अपील की।
घनश्याम शर्मा ने सभी रिटायर्ड कर्मचारियों व सर्वकर्मचारी संघ का प्रदर्शन में भाग लेने पर आभार व्यक्त किया इस अवसर पर महेंद्र सिंह यादव, शेर सिंह यादव सतपाल शर्मा कर्णसिंह, आदित्य, धर्मपाल शर्मा, महेन्द्र बोयत, कौशल यादव, राहुल, विजेंद्र शर्मा, नरेंद्र कुमार, अनिल कुमार, परमवीर आदि गणमान्य कर्मचारी उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 07: ज्ञापन देते हुए सेवानिवृत्त कर्मी


एसडी स्कूल में आयोजित हुआ विदाई समारोह
-विभिन्न कार्यक्रम आयोजित
***********************************************************
********************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककराला में 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को विदाई दी। इस अवसर पर छात्रों ने अपने वरिष्ठ साथियों को तिलक लगाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद विभिन्न प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ तथा विद्यार्थियों ने अपने विविध प्रकार की प्रस्तुतियों एकल नृत्य , समूह नृत्य, मिमिक्री एवं सुरीले गाने से शमा बांधा। 11वीं कक्षा की छात्रा हनी, मधुर, कंचन व नैंसी ने मंच संचालको का परिचय दिया तथा प्रत्येक प्रस्तुति पर अपना वैचारिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। प्रारम्भ में विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने सरस्वती मां के चरणों में पुष्प अर्पित कर पूजा अर्चना की। सभी अध्यापकों व विद्यार्थियों ने पूजा अर्चना की। सरस्वती वंदना व स्वागत गीत के साथ कार्यक्रम को प्रारम्भ किया गया। प्रिया ने सो पल रूखा गीत की प्रस्तुति दी। तन्नू व रुचिका के द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया। लक्की के द्वारा रागिनी प्रस्तुत किया गया। 12वीं कक्षा से मंच संचालन अवनी, रीया के द्वारा किया गया। 12वीं कक्षा के सभी छात्रों ने अपने छोटे बहन-भाइयों को अपने अनुभव बांटे  व सफलता के विभिन्न सूत्र समझाये एवं उन्हें कठिन परिश्रम बने रहने की प्रेरणा दी।  इस अवसर पर विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुये कहा कि अब आपने विद्यालय जीवन का सफल निर्वहन किया है ।उसी प्रकार महाविद्यालयीय जीवन में भी आप अपने अथक परिश्रम एवं मर्यादित संस्कारों के बल पर उच्च कीर्तिमान स्थापित करेंगे। यादव ने यह भी बताया कि अभिभावकों व अध्यापकों के सहयोग से प्राप्त ज्ञान को समाज व देशहित में लगाना चाहिए। ज्ञान पिपासु होना विद्यार्थी के लिए अति आवश्यक है।  इस अवसर पर प्राचार्य ओम प्रकाश यादव , सीइओ आरएस यादव, प्रबंधक समिति सदस्य राजेन्द्र सिंह, उप-प्राचार्य  पूर्ण सिंह, सुनील कुमार एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
फोटो कैप्शन 05: एसडी स्कूल में सांस्कृतिक प्रस्तुति देते विद्यार्थी।





यूरो ग्रुप आफ स्कूल में छात्रवृत्ति परीक्षा का हुआ आयोजन
***********************************************************
********************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
यूरो ग्रुप आफ स्कूल ने अपनी सभी 16  शाखाओं में अपने-अपने क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों के शिक्षा प्राप्त करने के उच्चतम अवसर प्रदान करने के लिए छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन किया गया। यह परीक्षा कक्षा 1 से 12 कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई। निकटतम क्षेत्र के कक्षा 1 से 12 तक के प्रतिभागियों ने अपनी उत्सुकता दिखाते हुए इस परीक्षा में बढ़-चढ़कर भाग लिया।  प्र्राचार्य सुनील कुमार ने बताया कि इस परीक्षा में यूरो ग्रुप आफ स्कूल की सभी शाखाओं में कुल 15858 विद्यार्थियों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। इस शुभावसर पर यूरो ग्रुप आफ स्कूल के चेयरमैन सत्यवीर यादव, निदेशक नितिन यादव व स्वाति यादव, अकादमी डीन मीनू दूबे, प्राचार्य सुनील यादव ने स्कूल प्रांगण में आए हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में परीक्षा देने का अवसर अवश्य आता है और उस परीक्षा में वह व्यक्ति कितना सफल होता है, यह उसकी काबिलियत और मेहनत पर निर्भर करता है। यूरो ग्रुप आफ स्कूल के इस प्रकार के कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को ऐसा मंच प्रदान करना है जिसके माध्यम से उन्हें अपनी योग्यता दिखाने का अवसर मिले। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि एनडीए, आइआइटी, नीट, सैनिक स्कूल, मिलिट्री एवं सीए फाउंडेशन स्कूल परीक्षा की तैयारी की विशेष व्यवस्था हमारे स्कूल में अनुभवी अध्यापकों द्वारा प्रदान की जाती है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अभिभावकों के लिए कार्यशाला का भी आयोजन किया गया जिसमें उनको विद्यालय की समस्त गतिविधियों यथा म्यूजिक कंसर्ट, विज्ञान प्रदर्शनी, कला प्रदर्शनी आदि से अवगत करवाया गया। इस कार्यक्रम में विशेष भूमिका निभाने वाले कार्यकारी विभिन्न शाखाओं के प्रधानाचार्य सुनील कुमार, अनिल कुमार, कल्पना यादव, अनामिका गौड़, अर्चना, नविना दास, प्रिया श्रीवास्तव, सुधा शर्मा, प्रिया अवस्थी, पूजा गौड़, ऋचा अंबस्ता, सीमा मान एवं वंदना सिंह थे। यूरो ग्रुप आफ स्कूल की विभिन्न शाखाओं के समस्त कार्यकारी उप-प्राचार्या एवं स्कूल के समस्त सदस्यगणों की तरफ से इस कार्यक्रम में आए हुए निकटतम क्षेत्र के विद्यार्थियों और अभिभावकों का आभार प्रकट किया।
फोटो कैप्शन 06: परीक्षा देते हुए विद्यार्थी




बसंत पंचमी का पर्व मनाया गया
-आयोजित हुये प्रवचन,मां सरस्वती पूजा एवं हवन
***********************************************************
********************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
 क्षेत्र में बसंत पंचमी का पर्व मनाया गया। विभिन्न शिक्षण संस्थानों में भी बसंत पंचमी की धूम रही। कई जगह भंडारा लगाया, मां सरस्वती को याद कर प्रवचन किये गये। इस मौके पर मां सरस्वती की पूजा की गई तथा बच्चों को शिक्षण दिया। इस मौके पर बच्चों ने वासंती वस्त्र पहने। किसान अपनी पकती सरसों को देखकर प्रसन्न हैं।
  उधर संत शिरोमणि बाबा लालदास ने उधोदास आश्रम परिसर में हवन आयोजित करने के उपरांत वासंती हलवा बनाया तथा कढ़ी एवं खिंचड़ी का प्रसाद वितरित किया। हिंदू कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक वर्ष के माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन ही ब्रह्मांड के रचयिता ब्रह्मा जी ने मां सरस्वती की रचना की थी। इस बात का उल्लेख पुराणों में मिलता है कि, सृष्टि के प्रारंभिक काल में भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्मा जी ने मनुष्य योनि की रचना की क्योंकि, अपनी प्रारंभिक अवस्था में मनुष्य मूक था और धरती बिल्कुल शांत थी तब, बह्मा जी ने धरती को इस अवस्था में देखा तो अपने कमंडल से जल लेकर छिड़क दिया। जिससे एक अद्भुत शक्ति के रूप में चतुर्भुजी सुंदर स्त्री प्रकट हुई। जिनके हाथ में वीणा थी और उनका दूसरा हाथ वर मुद्रा में था। यही शक्ति मां सरस्वती कहलायी। उन्होंने वीणा का तार छेड़ा तो तीनों लोक में कंपन हो गया और सबको शब्द वाणी मिल गई।
  इस अवसर पर बाबा लालदास ने कहा कि मां सरस्वती से बड़ी कोई ज्ञान की देवी इस सृष्टि में नहीं हैं। विद्यार्थियों सहित विभिन्न लोगों को नित्यप्रति उनकी आराधना करनी चाहिए। इस मौके पर जहां भक्तों ने पूर्ण आहुति डाली। इस मौके पर दूर दराज से आये भक्त तथा ग्रामीण उपस्थित थे।
  उधर संस्थानों में बसंत पंचमी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। स्टाफ सदस्यों व विद्यार्थियों ने मां सरस्वती की पूजा अर्चना की व उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। बसंत पंचमी हमारे देश का सबसे महत्वपूर्ण उत्सव है, आज के दिन ऋतुराज बसंत का आगमन माना जाता है और बसंत ऋतु को सभी ऋतुओं का राजा कहा जाता है।
फोटो कैप्शन 02: प्रवचन करते लालदास महाराज
            03: कनीना मंडी में भंडारा लगाते हुए लोग


बसंत पंचमी पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
***********************************************************
********************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव रामबास में बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर पर्यावरण संरक्षक टीम द्वारा विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
बसंती पंचमी के शुभ अवसर पर गाव में पौधारोपण की शुरुआत हुई इसमें पूरे बसंत महीने में 101 पौधे लगाये जायेंगे मुख्य रूप से स्कूल परिसर से मंदिर , बिजली घर कर के रास्तों के दौनों तरफ सजावटी पौधे , मंदिर परिसर व पशु अस्पताल में फलदार पौधे लगाये जायेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और हरियाली को बढ़ावा देना था।
इस मौके पर मनोज रामबास पर्यावरण मित्र ने कहा, बसंत पंचमी न केवल ज्ञान और विद्या का पर्व है, बल्कि प्रकृति से जुडऩे का भी अवसर प्रदान करता है। पौधारोपण कर हम पर्यावरण को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा सकते हैं।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी लोगों ने पौधों की देखभाल करने का संकल्प लिया। इस पहल से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढिय़ों को हरा-भरा वातावरण देने में मदद मिलेगी।
इस मौके पर कुलदीप यादव अधिवक्ता सरपंच प्रतिनिधि , बुद्धराम, सचिन, अमित आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 02: पौधारोपण करते मनोज कुमार।





अनाज मंडी में लगाया गया भंडारा
-कई लोगों ने मिलकर दिनभर खिलाया प्रसाद
***********************************************************
********************************************************************
************************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना मंडी में बसंत पंचमी के पर्व पर दिनभर भंडारा चला। दूर दराज से आये हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारा लगाने वाले विनोद गुप्ता भोजावासिया, कृष्ण सैनी, विकास जांगड़ा, नारायण प्रसाद गुप्ता, डा. महेश मित्तल, मनोज सोनी झाड़ोदा,











मनोज रोहिल्ला, सुरेश वर्मा राजेश रोहिल्ला, सुरेश कपूर, कर्मवीर, कृष्ण यादव, राजेश सैनी, संजय, राकेश वर्मा, सुनील वर्मा आदि ने बताया कि भोजन कराना पुनीत कार्य होता है। कनीना एवं आस पास हजारों की संख्या में दूसरे राज्यों से लोग मेहनत मजदूरी करने के लिए आए हुए हैं। उनको ताजा प्रसाद मिलने से प्रसन्नता होती है।
फोटो कैप्शन 03: कनीना मंडी में भंडारा लगाते हुए लोग

Saturday, February 1, 2025


 


मेरा शिक्षा का सफर पुस्तक से साभार- 99
-अनेक विषय पढ़ाये हैं डाक्टर होशियार सिंह ने
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी डा. होशियार सिंह लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवा देकर 30 अप्रैल 2024 को सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनका नाम विश्व रिकार्ड बुक में भी दर्ज हो चुका है। हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार से 2022 में सम्मानित हुए थे तथा तीन बार राज्यपालों से सम्मानित हो चुके हैं। उन्होंने अपने समय में कई विषयों की शिक्षा दी है। आइये सुनते हैं उनके विचार होशियार सिंह की  ही जुबानी --
मैं 1984 से ट्यूशन पर पढ़ाना शुरू किया था। उस वक्त विद्यार्थी एक विषय पढऩे के लिए नहीं अपितु तीन विषय पढऩे के लिए आते थे जिनमें विज्ञान, गणित और अंग्रेजी। विद्यार्थियों को पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। तत्पश्चात जहां विभिन्न निजी स्कूलों में पढ़ाने का मौका मिला तो वहां भी गणित के साथ-साथ विज्ञान पढ़ाया। नवोदय विद्यालयों में पढ़ाने का मौका मिला वहां भी गणित और विज्ञान विषय पढ़ाता रहा। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में जब से पढ़ाना शुरू किया तो गणित के साथ-साथ विज्ञान तो पढ़ाई किंतु राजकीय स्कूल झूक एकमात्र ऐसा स्कूल था जिसमें एक नहीं कई विषय पढ़ाये यहां तक कि बोर्ड की परीक्षा में भी कई विषयों में मेरे बेहतरीन परीक्षा परिणाम रहे। जहां झूक स्कूल में गणित विज्ञान, ड्राइंग, अंग्रेजी आदि विषय पढ़ाता था। झूक स्कूल में एक बार जिला शिक्षा अधिकारी भी आये और उन्होंने मेरी कक्षाओं का मूल्यांकन किया। उन्हें बड़ी खुशी हुई थी तथा लिखित रूप से कईग् विषय पढ़ाने की प्रशंसा की थी। झूक में कई विषय पढ़ाये और उनका परिणाम भी बेहतर रहा। आज तक स्कूल में रिकार्ड दर्ज हैं। यही नहीं धनौंदा स्कूल में भी गणित समय-समय पर पढ़ाया और ड्राइंग विषय भी पढ़ाना पड़ा। कुल मिलाकर प्रारंभ से एक विषय नहीं अपितु कई विषय पढ़ाने पड़े थे और जब सेवानिवृत्त हुआ तब केवल विज्ञान विषय ही पढ़ाना पड़ रहा था। शिक्षकों के अभाव में अलग-अलग विषय पढ़ाने पड़े हैं। यहां तक की उन्हाणी स्कूल में भी गणित और विज्ञान दोनों साथ पढ़ाने पड़े थे। सुंदरह स्कूल में विज्ञान के साथ-साथ सामाजिक विज्ञान भी पढ़ाना पड़ा था।  इस प्रकार हर विद्यालय में अलग-अलग समय अलग-अलग विषय पढ़ाने पड़े हैं। चाहे इसे मजबूरी कहा जाए या जरूरी कहा जाए। कुछ शिक्षक तो अपना विषय भी ढंग से नहीं पढ़ा पाते। यहां मैं किसी शिक्षक की बुराई और अपनी बड़ाई नहीं कर रहा जो हकीकत है वह कहने में कोई बुराई नहीं होती। इसलिए मैंने कभी नहीं सोचा कि अपना विषय है या किसी दूसरे का। हर समय यही सोचा कि अच्छे अंक कैसे दिलवाये जाए और अच्छे अंक विद्यार्थियों के आए भी।
यहां बताने में कोई संकोच नहीं है कि विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम कई सालों तक शत प्रतिशत रहे। मेरे बहुत काम आये। मेरी सबसे अधिक शिकायत एक ऐसे राक्षस शिक्षक ने की जिसे अपने विषय का ज्ञान नहीं था यहां तक कि हिंदी भी नहीं आती थी अंग्रेजी तो दूर की बात है किंतु अधिकरियों के मतलवे चाटने में एक नंबर पर रहा। एक बार कुछ राक्षसों ने मेरी शिकायत कर दी कि यह पत्रकार भी है और अध्यापक भी, शिक्षण में मेहनत नहीं करता। इसके बाद निदेशक सेकेंडरी शिक्षा विभाग की ओर से मेरे सारे परीक्षा परिणाम मांगे गए, उस समय मैं कनीना स्कूल में कार्यरत था और सभी अच्छे परिणाम पहुंचने के कारण अधिकारियों ने खुशी जाहिर की थी। यही नहीं समय समय पर भी मेरे अच्छे परिणामों की प्रशंसा हुई। विद्यार्थियों ने विज्ञान में हरियाणा के स्कूलों में 98 अंक तक प्राप्त किये। यहां तक की अनेकों बार परीक्षा की तैनाती देनी पड़ी थी और मार्किंग में भी जाना पड़ा था परंतु इन चीजों से दूर ही रहना चाहता था।





कनीना नगरपालिका चुनाव
-चर्चाओं में आ गई है सरिता बबलू
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
 यूं तो नगर पालिका कनीना के प्रधान पद के चुनावों  के लिए अनेक प्रत्याशी मैदान में उतर गए हैं किंतु जब से सरिता बबलू मैदान में आई है तब से चर्चाओं का दौर जारी है। जहां भी कहीं जाए जसवंत बबलू और उनकी पत्नी सरिता बबलू की चर्चा छिड़ी मिलती है। कहीं बहस चलती है तो भी उनके पक्ष और विपक्ष पर वोटर अनेक विचार व्यक्त करते हैं। वैसे भी उच्च अधिकारियों विशेष कर केंद्र के मंत्रियों, हरियाणा के मंत्रियों तक जसवंत सिंह बबलू की अच्छी पहुंच होने के कारण अब वह नगर पालिका कनीना के चुनाव में अपनी पत्नी को उतार रहे हैं। सरिता बबलू मैदान में आ चुकी है तथा अनेक वादे किया जा रहे हैं। जसवंत सिंह बबलू ने बताया कि एक बार चुनाव जीत जाएंगे तो कनीना का कायाकल्प हो जाएगा। सब कुछ बदल कर रख दिया जाएगा। कनीना को गुरुग्राम सिटी की तरह शहर बनाया जाएगा। किसी प्रकार के बजट की कोई कमी नहीं होगी, चूंकि सीधा संबंध नेताओं और मंत्रियों से होगा। उनकी जीत कनीना के विकास को नया आयाम देगी। यही कारण है कि अब हर इंसान, वोटर की नजर में जसवंत सिंह बबलू आ गए हैं। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के लिए भी जसवंत सिंह बबलू टिकट की लाइन में थे लेकिन टिकट न मिलने के कारण अब वो अपनी पत्नी को कनीना नगर पालिका के चुनावों में उतर रहे हैं। उन्हें पूर्ण विश्वास है की जीत उनकी ही होगी। वो गली-गली और हर वोटर के पास पहुंच रहे हैं ताकि वोट पक्की हो सके किंतु अभी तक नगर पालिका चुनाव की तिथि घोषित नहीं हुई है। आने वाले समय में चुनाव तिथि घोषित होने की संभावना है।






केंद्रीय बजट से हरियाणा में भी होगा स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार :कुमारी आरती सिंह राव
--स्वास्थ्य मंत्री ने बजट को सराहा
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए इसको गरीब एवं मध्यम वर्ग सहित सभी वर्गों के हित में बताया है। उन्होंने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बजट से हरियाणा में स्वास्थ्य सुविधाओं में भी विस्तार होगा।
  आरती सिंह राव ने कहा कि आज के बजट से मेडिकल एजुकेशन का विस्तार होगा। मेडिकल पेशेवरों की कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने आने वाले साल में 10,000 मेडिकल सीटें बढ़ाने की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 75,000 सीटें बढ़ाना है। सरकार के इस कदम से डाक्टरों और विशेषज्ञों की  वृद्धि होने की उम्मीद है, खासकर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में लोगों को डाक्टरों की उपलब्धता आसान होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर की स्थापना करने की घोषणा को ऐतिहासिक निर्णय करार दिया। उन्होंने कहा कि कैंसर की देखभाल में सुधार की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। इस पहल से कैंसर के मरीजोंं खास तौर पर ग्रामीण इलाकों के लोगों को लंबी दूरी तय किए बिना किफायती और समय पर इलाज मिल सके।
उन्होंने बजट में कई जीवनरक्षक दवाओं और औषधियों को सीमा शुल्क से छूट देने का स्वागत करते हुए कहा कि इस बजट में 36 जीवन रक्षक दवाओं और औषधियों को सीमा शुल्क से छूट दी गई है, जबकि 6 दवाओं को 5 फीसदी शुल्क वाली श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा, 37 दवाओं और 13 नए रोगी सहायता कार्यक्रमों को छूट की सूची में शामिल किया गया है। इससे कैंसर, दुर्लभ विकार और गंभीर पुरानी बीमारियों जैसे रोगों के लिए महत्वपूर्ण उपचार रोगियों के लिए अधिक किफायती हो जाएंगे।
कुमारी आरती सिंह राव ने केंद्र सरकार द्वारा हील इन इंडिया पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल के तहत मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और वीजा प्रक्रिया आसान होगी।  
उन्होंने आज वित्त मंत्री द्वारा पेश किये गए बजट को स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला बताते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और प्रधानमंत्री  नरेंद्र  मोदी का आभार व्यक्त किया है।
फोटो कैप्शन: आरती सिंह राव



गोमला में भागवत कथा जारी
चीर हरण प्रसंग सहित कई प्रसंग सुनाये आचार्य ने
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
गोमला के बाबा भीष्म मन्दिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस आचार्य प्रशांत अवस्थी गुरु जी ने ने पूतना वध, तृणवर्त, सकटासुर वध, चीर हरण, गोवर्धन, और महारास बहुत ही सुंदर कथा सुनाई गुरु जी ने बताया की भगवान् कृष्ण ने जब इंद्र की पूजा न कराके गोवर्धन की पूजा कराई इस पर इंद्र कुपित हो गया था सारे व्रज मण्डल में घन घोर वर्षा कराई तो भगवान् ने गोवर्धन को एक उंगली में गोवर्धन को उठाया और सभी व्रज वासियों को इंद्र के क्रोध से बचाया भगवान् ने समाज को एक शिक्षा दी की जब अभिमान हो जाता है तो ईश्वर किसी न किसी रूप में आकर उसका अभिमान तोड़ देते है।
फोटो कैप्शन 12: आचार्य प्रवचन करते हुए।



जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 9वीं व 11वीं में प्रवेश परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा में सत्र 2025-26 में कक्षा 9वीं व 11वीं   प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन एडमिट कार्ड जारी हो गए हैं। अभ्यार्थी अपना एडमिट कार्ड रजिस्ट्रेशन नंबर व जन्म तिथि से दिए गए लिंक से निकाल सकते हैं।
यह जानकारी देते हुए प्राचार्य राजीव कुमार सक्सेना ने बताया कि नवोदय विद्यालय समिति नोएडा ने सत्र 2025-26 में कक्षा नौंवी व ग्यारवीं की प्रवेश परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। अभ्यार्थी अपना एडमिट कार्ड समय रहते डाउनलोड कर लें ताकि कोई भी अभ्यार्थी परीक्षा देने से वंचित न रहे। अगर किसी अभ्यार्थी के एडमिट कार्ड में कोई गलती है तो विद्यालय की ऑफिसियल मेल आईडी पर व स्कूल में आकर सम्पर्क कर सकते हैं।



माता खिमज सेहलंग में कई क्रिकेट मैच हुये
 3 फरवरी को होंगे फाइनल मैच
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
 एक फरवरी 2025को खिमज माता मेले के उपलक्ष्य में क्रिकेट प्रतियोगिता जारी है। विस्तृत जानकारी देते हुए विजयपाल सेहलंग समाजसेवी ने बताया कि बाघोत का मुकाबला तलवाना की टीम से हुआ जिसमें बाघोत की टीम ने 37 रन से जीत दर्ज की। रूडियावास का मुकाबला बसई की टीम से हुआ जिसमें बसई की टीम 5 विकेट से जीती। पातुहेडा का मुकाबला झाड़ली पावर प्लांट की टीम से हुआ जिसमें झाड़ली पावर प्लांट की टीम 6 विकेट से जीती। झोझू कलां का झाड़ली पावर प्लांट की टीम से मुकाबला हुआ जिसमें झाड़ली पावर प्लांट की टीम 8 विकेट से जीती। बसई का जुई की टीम से मुकाबला हुआ जिसमें जुई की टीम 20 रन से जीती। दो फरवरी को छह मुकाबले होंगे और फाइनल मुकाबला तीन फरवरी को सुबह दस बजे से होगा।
फोटो कैप्शन 11: सेहलंग में आयोजित मैच



बजट में शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की-भारद्वाज
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
भारत के बजट 2025 पर शिक्षा के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है। बीआर ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन हरीश भारद्वाज के अनुसार, इस बजट में शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।
 इस बजट में शिक्षा के क्षेत्र में कई नई पहले शुरू की गई हैं। जिसमें सरकार नेशनल डिजिटल लर्निंग मिशन के तहत, सरकार देश भर में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा मंच स्थापित करेगी। सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आवंटन बढ़ाया है, जिससे शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। सरकार ने छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवंटन बढ़ाया है, जिससे गरीब और वंचित छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिल सके। सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा के लिए आवंटन बढ़ाया है, जिससे छात्रों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।
इसके अलावा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए आवंटन बढ़ाया है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में नए और नवीनतम तरीकों को विकसित किया जा सके। उनहोंने कहा कि भारत का बजट 2025 शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करता है। यह बजट शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विस्तार करने के लिए किया गया है, जिससे देश के युवाओं को बेहतर शिक्षा प्रदान की जा सके।
फोटो कैप्शन 10: हरिश भारद्वाज




शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर एनपीएस का किया विरोध
--ओपीएस की कर रहे हैं मांग
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
 हरियाणा प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन की राज्य कार्यकारिणी के निर्णय अनुसार खंड कनीना के समस्त शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर नई पेंशन योजना/एनपीएस का विरोध जताया है। इस विषय में जानकारी देते हुए हरियाणा प्राइवेट टीचर एसोसिएशन खंड प्रधान कनीना रामकिशन गोमला ने बताया कि नई पेंशन योजना कर्मचारियों की हित में नहीं है। इससे प्रभावित सभी कर्मचारी वर्षों से इसका विरोध कर रहे हैं। सभी शिक्षकों ने विरोध स्वरूप काली पट्टी पहनकर शिक्षण कार्य करवाया ताकि सरकार नई पेंशन योजना को बंद कर पुरानी पेंशन योजना लागू करें। शिक्षकों ने कोई धरना प्रदर्शन, नारेबाजी नहीं की। आम दिनों की तरह शिक्षण कार्य भी चलता रहा।
 फोटो कैप्शन 09: काली पट्टी बांधकर एनपीएस का विरोध करते शिक्षक फोटो: एसोसिएशन




भूलते जा रहे हैं बसंत पंचमी के विभिन्न कार्यक्रम
-लोगों में पहले वाला अब नहीं रहा उत्साह
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
 एक वक्त था जब बसंत पंचमी के दिन विभिन्न पर्व मनाए जाते थे। जहां पीले वस्त्र पहनना, मां सरस्वती की पूजा करना, बच्चों को अक्षर ज्ञान देने की शुरुआत करना, विभिन्न देवों की पूजा करना आदि कार्यक्रम चलाते थे। लोग बसंत के गीत गाकर झूम उठते थे किंतु आज के दिन बसंत के प्रति वो खुशियां देखने को नहीं मिलती। इस संबंध में कुछ लोगों से चर्चा की गई जिनके विचार निम्न है-
**अब बसंत पंचमी जब आती है तो अक्सर ज्ञान को भुला दिया जाता है। एक वक्त था जब छोटे बच्चे घर परिवार में होते थे उनको अक्सर ज्ञान देना इसी दिन से शुरुआत की जाती थी ताकि वह मां सरस्वती के चरणों में बैठकर ज्ञान अर्जित कर सके। अब तो नया शिक्षा स्तर भी 1 अप्रैल से शुरू होता है। ऐसे में अक्षर ज्ञान इस दिन से नहीं एक अप्रैल से ही देना शुरू किया जाता है। जहां कुछ क्षेत्रों में उत्साह एवं उमंग देखने को मिलती थी वो अब नहीं देखने को मिलती।
--कुलदीप कुमार, कनीना
बसंत पंचमी पर जहां सभी ओर पीले फूल नजर आते, हैं सरसों पकी हुई फूली हुई पीले फूलों से लदी होती है तथा वसंती रंग का द्योतक होती है तथा लोग इस दिन बसंती वस्त्र पहनते थे। आज के दिन जब बसंत पंचमी का पर्व आता है तो लोग पीले परिधान नहीं पहनते। अपनी पुरानी संस्कृति को भुलाते जा रहे हैं जो बहुत बुरी बात है।
-- सुरेश कुमार, भडफ़ निवासी
बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा हर घर में की जाती थी। साथ में शिव, ब्रह्मा एवं विष्णु आदि की पूजा की जाती थी। आज के दिन इन सभी को भुला दिया गया है। आज किसी भी देवी देवता की पूजा नहीं की जाती। अधिकांश बच्चों को तो यह नहीं पता होता इस दिन किस देवी देवता की पूजा की जाती है जो हमारी ज्ञान देने की परंपरा को भुलाने के सामान बन गया है। विद्यार्थी और बच्चों को जरूरी समझ जानकारी दी जानी चाहिए।
-- डा. अजीत कुमार, झगड़ोली
अब तो हर घर में उत्सव नहीं मनाया जाता, वरना एक वक्त था जब बसंत पंचमी का विशेष उत्सव मनाया जाता था। खुशियां मनाई जाती थी, पकवान बनाए जाते थे। खुशी-खुशी खाकर लोग प्रसन्नचित नजर आते थे। किसान फसल को लहलहाता देख खुशियां मनाते थे किंतु वर्तमान समय में पर्व को भूला दिया गया है। गांवों में जो खेल आयोजित होते थे वो भी लगभग बंद हो चुके हैं। ऐसे में इस पर्व के प्रति पहले वाला जोश नहीं रहा है।
-- छोटू मेहरा, कोटिया
 फोटो कैप्शन छोटू मेहरा, डा. अजीत, कुलदीप कुमार, सुरेश कुमार



बसंत पंचमी के अवसर पर एसडी विद्यालय, ककराला में भव्य कार्यक्रम आयोजित
-एडवांस में मनाई बसंत पंचमी, दो को रहेगा रविवार का अवकाश
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
  एसडी विद्यालय, ककराला में बसंत पंचमी के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के नर्सरी से सीनियर के सभी छात्रों और अध्यापकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य ओमप्रकाश व सीईओ आरएस यादव द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करने से हुई। इसके बाद, विद्यालय के छात्रों ने बसंत पंचमी के महत्व पर आधारित एक सुंदर नाटक प्रस्तुत किया। नाटक में छात्रों ने बसंत पंचमी के महत्व को बहुत ही सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बसंत पंचमी का त्योहार वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और यह त्योहार ज्ञान, संगीत और कला की देवी माँ सरस्वती की पूजा का दिन है। इसके बाद, विद्यालय के छात्रों ने बसंत पंचमी के अवसर पर विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की। इन प्रतियोगिताओं में छात्रों ने बहुत ही उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में, विद्यालय निदेशक जगदेव यादव ने बसंत पंचमी के अवसर पर छात्रों को शुभकामनाएं दी और उन्हें ज्ञान, संगीत और कला के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में समन्वयक ईश्वर सिंह, जोगेन्द्र यादव, स्नेह यादव व प्रियंका यादव और प्राथमिक विभाग के अध्यापकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फोटो कैप्शन 07: बसंत पंचमी का पर्व मनाते हुए एसडी स्कूल के विद्यार्थी। फोटो: एसडी स्कूल





15वां विशाल भंडारा लगाया
-कनीना मंडी टी-प्वाइंट पर दिनभर कराया भोजन
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना मंडी टी-प्वाइंट पर दुकानदारों द्वारा 15वां विशाल भंडारा आयोजित किया गया। यह भंडारा सुबह 11 बजे से शुरू हुआ और शाम तक चलता रहा। करीब 3000 विभिन्न लोगों ने आकर प्रसाद ग्रहण किया।
विस्तृत जानकारी देते हुए दुकानदार रवि, सुरेश कुमार, सत्यनारायण, गौरीशंकर, विजय सेठ, दरियाव सिंह, विजय सेठ, दिनेश कुमार, मनीष सेठ, सोनू पंसारी, प्रवीण कोटिया, रूप शर्मा, डा. मुकेश वर्मा, सुनील कुमार आदि ने बताया कि हर वर्ष की भंडारा आयोजित करते हैं ताकि उधर से गुजरने वाले लोगों को ताजा भोजन  प्रसाद के रूप में मिल सके। उन्होंने बताया कि सबसे पहले भंडारे का प्रसाद बाबा मोलडऩाथ आश्रम पर अर्पित किया गया तत्पश्चात लोगों को खिलाया। उन्होंने कहा कि उनका कोई उद्देश्य नहीं है, कोई स्वार्थ नहीं है बस उनका एक ही उद्देश्य है कि इधर से गुजरने वाले हर राहगीर को कम से कम 1 दिन खाना खिलाए। सभी दुकानदार मिलकर यह भंडारा लगाते आ रहे हैं। दुकानदार रूप शर्मा ने बताया कि सुबह करीब एक बजे से ही प्रसाद तैयार करना शुरू कर दिया था जिसमें विभिन्न दुकानदारों ने जमकर मदद की तथा अपने हाथों से भोजन भी कराया गया। दूर दराज से इआये लोगों ने भोजन एवं प्रसाद ग्रहण किया।
  उधर चिराग राव व उसके साथियों ने भी एसडीएम कनीना कार्यालय समक्ष भंडारा लगाया और राहगीरों को दिनभर भोजन कराया।
 फोटो कैप्शन 05: आयोजित भंडारे का नजारा। जागरण




आम बजट से हुई कर्मचारियों एवं पूर्व कर्मचारियों में खुशी
-बजट में टैक्स राहत से खुशी
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
 कर्मचारी टैक्स स्लैब तथा टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने से अंतरिम बजट में उन्हें खुशी मिली है क्योंकि बजट में 12 लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त कर दिया गया है। इस संबंध में कुछ कर्मचारियों/पूर्व कर्मचारियों व अधिकारियों से बात हुई तो उन्होंने बताया कि बजट अच्छा रहा है क्योंकि टैक्स में छूट का प्रावधान किया गया है। अब तक हर वर्ष राहत का कोई संकेत नहीं मिला था।
**बजट में जहां कर्मियों को टैक्स में छूट मिलने के आसार बने हुए थे तथा वेेतन आयोग स्थापना की संभावना थी किंतु दोनों ही सकारात्मक रही हैं। महंगाई के जमाने में कर्मियों को दो माह तक का वेतन टैक्स में देना पड़ता हैऐसे में टैक्स में बदलाव से प्रसन्नता है
--- विनीता राव, कनीना
चाहे आम बजट कुछ लोगों के लिए बहुत शानदार रहा हो किंतु कर्मचारियों के लिए बेहतर साबित होगा।  कर्मचारियों को टैक्स में 12 लाख रुपये तक कर मुक्त कर दिया गया है। टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया है जिससे कर्मचारी खुश हो गए। इस बार आशा हाथ लगी। कर्मियों को विश्वास था कि महंगाई के युग में टैक्स में कुछ छूट मिलेगी और वैसा ही हुआ है।
-- रामानंद यादव, शिक्षाविद
 टैक्स में छूट एवं सलैब बदलाव की मांग लंबे समय से कर्मचारी करते आ रहे थे और इस बार कर्मियों को कुछ राहत मिली है। महंगाई बढ़ती ही जा रही है जिसके चलते गुजर बसर कर पाना कठिन है। महंगाई के युग में वेतन में से डेढ़ से दो माह तक का वेतन टैक्स में चला जाता है। कर्मचारी टैक्स में छूट की मांग कर रहे थे जिस पर सरकारने राहत दी है।
-- कृष्ण कुमार, पूर्व अधिकारी
 कर्मचारियों के लिए टैक्स में छूट मायने रखता है। कर्मी टैक्स में छूट  की आस लगाये हुये थे जिसके चलते स्लैब में और टैक्स में छूट दी गई है जिससे कर्मचारी परेशान खुश नजर आए। कर्मचारियों को की आशा सफल हो गई है।  आठवें वेतन आयोग गठन की बात पहले ही हो चुकी है।
---बनवारीलाल शिक्षाविद
सरकार के आम बजट से सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स भी बेहद खुशी हैं, जिन्हें उम्मीद थी कि टैक्स में बदलाव होगा जो घोषणा की जा चुकी है। एक जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाना है। 8वें वेतन आयोग के गठन की पहले ही घोषणा की जा चुकी है। सरकार ने दोनों क्षेत्रों में कर्मियों को राहत दी है।
---लक्ष्मी देवी, शिक्षाविद।
फोटो कैप्शन: रामानंद यादव, कृष्ण सिंह, बनवारी लाल, विनीता राव, लक्ष्मी देवी।




बलिदानियों का सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति का फर्ज-ठेकेदार
--शहीद अशोक कुमार को पुण्यतिथि पर किया याद
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
  कनीना में शुक्रवार को शहीद अशोक कुमार की 26वीं पुण्यतिथि पर हवन एवं श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। जिसमें बोलते हुए कनीना पालिका के पूर्व उप प्रधान ठेकेदार अशोक कुमार ने कहा कि शहीदों का सम्मान करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व बनता है। देश ही सीमाओं की रक्षा करने एवं शांति व कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जिन वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि अशोक कुमार दिल्ली पुलिस में तैनात था। ड्यूटी के दौरान डाकुओं का पीछा करते करते हुए वह दीवार फांदते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए था। इस दौरान उन्होंने दो अपराधियों को उस समय तक काबू किए रखा जब तक पीछे से उनके साथी मौके पर नहीं पहुंच गए। आत्म विश्वास से भरे अशोक कुमार की हिम्मत की सभी साथी कर्मचारियों व पुलिस अफसरों ने खूब प्रशंसा की। गंभीर रूप से घायल इस जवान को इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अपराधियों से लड़ाई जीतने वाला यह जवान मौत से हार गया। एक फरवरी 1999 को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके साहस को देखते हुए दिल्ली पुलिस की ओर से शौर्य चक्र प्रदान किया गया।
   उनकी कनीना सीएचसी के नजदीक प्रतिमा स्थापित गई है जहां प्रति वर्ष शहीद के परिजनों द्वारा श्रद्धांजली सभा व हवन का आयोजन किया जाता है। उनकी धर्मपत्नी संतोष देवी को कनीना की नगरपालिका प्रधान सर्वसम्मति से चुना गया था। इस अवसर पर रोहताश सिंह पूर्व सचिव ने कहा कि शहीद किसी एक जाति के नहीं होते बल्कि सभी के लिए बराबर होते हैं। शौर्य चक्र विजेता अशोक कुमार ने जो नेक कार्य किया है वह पूरे देश में सदा सदा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष इस शहीद को याद किया जाता रहेगा यही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी। वह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। इस मौके पर अरविंद जोशी ने हवन पूर्ण करवाया तथा इस अवसर पर दुष्यंत सेन, रामावतार सेन, महेंद्र सेन, महेश सेन, एडवोकेट निशांत, दीपक सोनी सहित सहित शहीद परिजन आदि अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 03: शहीद को पुण्यतिथि पर याद करते हुए
             04: शहीद की पुण्यतिथि पर हवन करते हुए।





बसन्त पंचमी पर्व पर करें मां सरस्वती की पूजा - शितिकंठा
-बसंत पंचमी का समापन होगा 3 को
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
पंडित ऋषिराज शितिकंठा ने बताया कि ज्योतिष गणना के  अनुसार बसंत पंचमी का त्योहार हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस साल इस तिथि की शुरुआत 2 फरवरी 2025 को सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर  होगी, इसका समापन 03 फरवरी को प्रात: 06 बजकर 55 मिनट पर होगा।
पौराणिक कथा  के अनुसार सृष्टि के प्रारंभिक काल में भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्माजी ने मनुष्य योनि की रचना की, परंतु वह अपनी सर्जना से संतुष्ट नहीं थे, तब उन्होंने विष्णु जी से आज्ञा लेकर अपने कमंडल से जल को पृथ्वी पर छिड़क दिया, जिससे पृथ्वी पर कंपन होने लगा और एक अद्भुत शक्ति के रूप में चतुर्भुजी सुंदर स्त्री प्रकट हुई।
जिनके एक हाथ में वीणा एवं दूसरा हाथ वर मुद्रा में था। वहीं अन्य दोनों हाथों में पुस्तक एवं माला थी। जब इस देवी ने वीणा का मधुर नाद किया तो संसार के समस्त जीव-जंतुओं को वाणी प्राप्त हो गई, तब ब्रह्माजी ने उस देवी को वाणी की देवी सरस्वती कहा। सरस्वती को बागीश्वरी, भगवती, शारदा, वीणावादनी और वाग्देवी सहित अनेक नामों से पूजा जाता है। संगीत की उत्पत्ति करने के कारण वह संगीत की देवी भी हैं। वसंत पंचमी के दिन को इनके जन्मोत्सव के रूप में भी मनाते हैं। पुराणों के अनुसार श्रीकृष्ण ने सरस्वती से खुश होकर उन्हें वरदान दिया था कि वसंत पंचमी के दिन तुम्हारी भी आराधना की जाएगी। इस कारण हिंदू धर्म में वसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है।
पंडित ऋषि राज शितिकंठा के अनुसार इस दिन सरस्वती पूजा का मुहूर्त प्रात: 09 बजकर 24 मिनट से आरंभ होगा और दोपहर 10 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।
पंडित ऋषि राज शितिकंठा ने कहा कि सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। पीले रंग के वस्त्र पहनें. पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें. चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर रखें। कलश स्थापित करें.गणेशादि देवों का पूजन करें. मां सरस्वती देवी  की पूजा षोडशोपचार से करनी चाहिए। षोडशोपचार पूजन में देवी को 16 चीज़ें अर्पित की जाती हैं। हर चीज अर्पित करते समय पवित्र मंत्रों का जाप किया जाता है. षोडशोपचार पूजन में पाद्य, अघ्र्य, आमचन, स्नान, वस्त्र, उपवस्त्र, आभूषण, गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, ताम्बूल, स्तवन पाठ, तर्पण, और नमस्कार किया जाता है. षोडशोपचार पूजन को फलदायी माना जाता है। इस त्योहार के साथ ही ठंड के मौसम की विदाई हो जाती है। यह पर्व भारत के साथ-साथ पश्चिमोत्तर बांग्लादेश और नेपाल में भी धूमधाम से मनाया जाता है
फोटो कैप्शन: पंडित ऋषिराज शर्मा




आनलाइन भैंस खरीदने का प्रलोभन देकर ठगे 63 हजार
-कनीना पुलिस ने किया मामला दर्ज
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के गांव सीहोर से एक व्यक्ति से आनलाइन भैंस खरीदने के नाम पर 63 हजार रुपये ठग लिए। पीडि़त ने कनीना पुलिस में ठगी का मामला दर्ज करवाया है।
 हजारीलाल सिहोरा निवासी में पुलिस में बताया कि वह एक बुजुर्ग व्यक्ति और दिहाड़ी और मजदूरी का काम करता है तथा कम पढ़ा लिखा है। कभी कबार फोन चलाता है। 3 जनवरी 2025 से पहले यूट्यूब पर भैंस बेचने का आनलाइन विज्ञापन देखा। विज्ञापन में लक्ष्मी नारायण डेरी फार्म हाउस चित्तौडग़ढ़ के नाम से मोबाइल नंबर दिए हुए थे जिसमें आनलाइन भैंस खरीदने का आफर दिया गया था। हजारीलाल ने विज्ञापन देखकर लक्ष्मी नारायण डेरी फार्म चित्तौडग़ढ़ से आनलाइन भैंस खरीदने के बारे में संपर्क किया तो लक्ष्मी नारायण ने हजारीलाल को कहा कि आप मेरे पास आनलाइन खाते में रुपये भेज दो, आपको भैंस दिलवा दूंगा। यहां तक की वीडियो काल पर भैंस दिखाई जिसकी कीमत 63 हजार रुपये बताई गई। हजारीलाल ने भैंस फोटो की फोटो देखकर भैंस खरीदने की स्वीकृति दे दी और बताए गए फोन पर फोन पे द्वारा 63 हजार रुपये भेज दिए लेकिन भैंस नहीं भेजी गई। बार-बार व्यक्ति से भैंस के बारे में संपर्क किया किंतु संतोषजनक जवाब नहीं दिया। डेरी फार्म में फोन नंबर संदीप कुमार लिखा है तथा अपने आपको डाक्टर पारित बता रहा है। पीडि़त का कहना है कि इस प्रकार तीनों व्यक्तियों ने आपस में षड्यंत्र करके 63 हजार रुपये ठग लिए हैं। कनीना पुलिस ने लक्ष्मी नारायण डेरी फार्म के लक्ष्मी नारायण धाकड़, संदीप कुमार तथा डाक्टर पारित के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है, जांच जारी है।


बसंत पंचमी-02 फरवरी
-कई रूपों में मनाया जाता है बसंत पंचमी
-अक्षरज्ञान इसी दिन से शुरू होता है
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में बसंत पंचमी का पर्व 02 फरवरी के दिन मनाया जा रहा है। बसंत पंचमी का पर्व कई मायनों में सामाजिक एकता व भाईचारे का पर्व है। माघ कृष्ण पंचमी के दिन मनाए जाने वाले इस त्यौहार से जुड़ा है वासंती परिधान, पूजा अर्चना, होली गायन व नृत्य। मौसम मदमस्त करने के साथ-साथ मनमोहक होता है।
  किसानों के लिए सह वक्त प्रफुल्लित करने वाला होता है। किसानों की फसलें लहलहाने लगती हैं। सरसों के पीले रंग के फूल धरा को पीला परिधान ओढ़े होने का आभास कराते हैं। वृक्षों पर नई कोपलें,गेहूं की बालियां आ जाती हैं।  ग्रामीण अंचलों में तो इस पर्व का अधिक महत्व होता है। पतंगबाजी एवं मां सरस्वती की पूजा का पर्व है।
  शिक्षाविद नरेश कुमार बताते हैं कि बसंत पंचमी से जुड़ी हैं अक्षरज्ञान की परंपरा। प्राचीन समय से बड़े बूढ़े अपने बच्चों को इसी दिन से ज्ञान देना शुरू करते थे। घर-घर में मां सरस्वती की पूजा होती है। बताया जाता है कि शिव, ब्रह्मा, विष्णु काम व रति की पूजा करने का प्रावधान भी होता है। बताया जाता है कि भगवान् भोलेनाथ को पार्वती ने बसंत बहार में ही आकर्षित किया था। राजस्थान में तो इस दिन मां की मूर्ति बनाकर पूजा करने के उपरांत नृत्य करने की परंपरा भी है।
    बसंत पंचमी को पीले वस्त्र पहनने की परंपरा भी चली आ रही है। पीले वस्त्र पहनकर नृत्य किया जाता है। महिलाएं मंदिरों में जाकर पीले पुष्प अर्पित करती हैं। घरों में पीले चावल बनाकर चाव से खाये जाते हैं। बसंत पंचमी को विद्यार्थी मां सरस्वती की पूजा करके सद्बुद्धि और विद्या का वरदान मांगते हैं। कवियों ने ऋतुराज बसंत का कविताओं में और साहित्य में मार्मिक वर्णन किया है। प्रेमियों के लिए भी यह दिन मदमस्त करने वाला होता है। सुनील कुमार का कहना है कि जहां भी देखो खुशियों की बहार आ जाती है। किसान जहां खेतों में फसल पकती देख प्रसन्न होते हैं वहीं पक्षी भी ठंड से बचकर फसल खाने को लालायित दिखाई पड़ते हैं। भंवरे बागों और फसलों पर गूंजन करते हैं और मधुमक्खियां दिनभर फूलों से पराग इक_ïा करने में लगी रहती हैं और इंसान को मेहनत करने की प्रेरणा देती हैं।
     इस पर्व के आगमन का द्योतक ही पेड़ पौधों पर फूलों का आना तथा मौसम का सुहावना होना माना जाता है। किसानों के लिए बसंत का कुछ विशेष महत्व होता है। किसान अपने खेतों की ओर देख-देखकर मन ही मन में विभोर हो जाता है और आने वाली खुशहाली को याद करता। अपने खेत में अच्छी फसल पैदा होने की संभावना को मन में धारण करके भगवान् एवं मां सरस्वती का आभार व्यक्त करता है। देश के विभिन्न भागों में इस त्योहार को अलग-अलग अंदाज में मनाया जाता है लेकिन सभी का अंतिम उद्देश्य मां की पूजा करना और सद्बुद्धि पाने की प्रार्थना करना होता है।
  कवियों की कल्पना का आधार एवं मन में एक विचार सृजन का वक्त बसंत अति सुहावना लगता है। इस मौसम का विभिन्न कवियों ने अपनी तूलिकाओं से विभिन्न रंगों में उकेरा है। इस मौसम को देखकर लगता है कि सचमुच कामदेव धरा पर अवतरित हो गए हैं। किसान हो या आम जन सभी को प्रकृति का बहुरंगी नजारा अति मनमोहक लगता है। इसी दिन माता पिता की पूजा का विधान है। यू तो माता पिता की पूजा हर दिन की जाती है किंतु यह दिन उनकी पूजा का विशेष दिन माना गया है।
 डा मुंशीराम बताते हैं कि इस दिन ही ब्रह्मांड के रचयिता ब्रह्माा जी ने मां सरस्वती की रचना की थी। इस बात का उल्लेख पुराणों में मिलता है कि, सृष्टि के प्रारंभिक काल में भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्मा जी ने मनुष्य योनि की रचना की क्योंकि, अपनी प्रारंभिक अवस्था में मनुष्य मूक था और धरती बिल्कुल शांत थी तब, ब्रह्मा जी ने धरती को इस अवस्था में देखा तो अपने कमंडल से जल लेकर छिड़क दिया। जिससे एक अद्भुत शक्ति के रूप में चतुर्भुजी सुंदर स्त्री प्रकट हुई। जिनके हाथ में वीणा थी और उनका दूसरा हाथ वर मुद्रा में था। यही शक्ति मां सरस्वती कहलायी। उन्होंने वीणा का तार छेड़ा तो तीनो लोक में कंपन हो गया और सबको शब्द वाणी मिल गई।
 लक्ष्मी देवी का कहना है कि मेलों की तैयारी इस दिन से शुरू हो जाती है। अकेले कनीना एवं आस पास गांवों में मेले लगते हैं जिनकी तैयारियां शुरू हो जाती हैं। विभिन्न संस्थाओं में मां सरस्वती का पूजन होता है वहीं भंडारे एवं प्रसाद वितरण ,हवन आदि से मां को आह्वान किया जाता है। संत उधौदास आश्रम के लालदास महाराज के आश्रम में बसंत पंचमी के दिन हवन,भंडारा, मां की पूजा आदि अनेक कार्यक्रम आयोजित होने जा रहे हैं। मां की पूजा से संपूर्ण कार्य पूर्ण होते हैं।
फोटो कैप्शन 01:  खेतों में लहलहाते पीली फूली सरसों





बदला मौसम,धुंध पड़ी, सूर्



























य करता रहा आंख मिचौनी
************************************************
********************************************************
*************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में जहां गत दिनों से धुंध नहीं पड़ रही थी किंतु शनिवार को अचानक मौसम बदल गया। सुबह सवेरे धुंध पड़ी, ठंड भी बढ़ गई।  ठंड पडऩा सरसों और गेहूं फसल के लिए लाभप्रद माना जाता है। कनीना क्षेत्र में विगत वर्ष के करीब 29 हजार हेक्टेयर पर सरसों उगाई गई है।
उधर सूर्य आंख मिचौनी करता रहा। कभी बादल तो कभी हल्की धुंध छाई रही। जहां सूरज बादलों और धुंध के बीच हठखेलियां करता नजर आया। कृषि विभाग के पूर्व अधिकारी डा. देवराज का कहना है कि इस प्रकार का मौसम फसलों के लिए लाभप्रद होता है। इससे फसल के लिए नमी की आपूर्ति हो जाती है।
फोटो कैप्शन 0 2: सूर्य धुंध के बीच आंख मिचौनी करता हुआ।