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Tuesday, September 8, 2026



 




साक्षरता दिवस पर भडफ़ में चला डीएवी शिक्षण संस्थान के पुन: संचालन का हस्ताक्षर अभियान
-बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर दिया समर्थन
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कनीना की आवाज।
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर मंगलवार को गांव भडफ़ में कनीना के बंद पड़े डीएवी शिक्षण संस्थान को पुन: शुरू करवाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। खास तौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने आगे बढ़कर हस्ताक्षर करते हुए इस जन अभियान को अपना समर्थन दिया।
इस अवसर पर हरेंद्र शर्मा ने कहा कि साक्षरता दिवस केवल एक दिन शिक्षा की बात करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हमारे क्षेत्र का कोई भी बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि संयोग से आज ही के दिन भडफ़ के ग्रामीणों द्वारा डीएवी संस्थान को पुन: शुरू करवाने के समर्थन में हस्ताक्षर करना इस बात का संदेश है कि क्षेत्र के लोग अपने बच्चों और आने वाली पीढिय़ों के भविष्य को लेकर जागरूक हैं।
उन्होंने कहा कि आज हम सिर्फ कागज पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे, बल्कि अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के पक्ष में अपनी आवाज दर्ज कर रहे हैं। डीएवी संस्थान का पुन: संचालन किसी एक व्यक्ति या गांव की मांग नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा जनहित का विषय है।
महेश यादव ने कहा कि कनीना क्षेत्र में डीएवी संस्थान का पुन: संचालन केवल एक स्कूल या कालेज खोलने का विषय नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढिय़ों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य देने का प्रयास है। वहीं गोलू ने ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान पूरी तरह जनहित में है और इसमें हर वर्ग की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
भडफ़ के ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संस्थान की आवश्यकता है। डीएवी संस्थान के पुन: संचालन से कनीना सहित आसपास के गांवों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिल सकते हैं। ग्रामीणों ने अभियान को आगे भी अपना सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
अभियान से जुड़े सदस्यों ने बताया कि आने वाले दिनों में क्षेत्र के अन्य गांवों और वार्डों में भी जनसमर्थन एवं हस्ताक्षर अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। एकत्रित हस्ताक्षरों और जनसमर्थन के माध्यम से संबंधित प्रशासन एवं संस्थाओं के समक्ष डीएवी शिक्षण संस्थान को पुन: शुरू करवाने की मांग मजबूती से रखी जाएगी।
फोटो कैप्शन 07: हस्ताक्षर अभियान शुरू करते हुए हरेंद्र व अन्य







गायों की लंपी रोग से मौत के कारण ग्रामीणों में भारी रोष
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कनीना की आवाज।
कनीना उप मंडल के गांव धनौंदा के अनेक पशुपालकों की गायों की लंपी रोग से मौत के कारण ग्रामीणों में भारी रोष है। आक्रोशित ग्रामीणों व पशुपालकों ने गांव के बस अड्डे पर इकट्ठे होकर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर लेकर लंपी बीमारी की रोकथाम करो और लंपी बीमारी से मरी गायों का मुआवजा दो के जोरदार नारे लगाए। प्रदर्शन का नेतृत्व डा. मुकेश पंच ने किया।
 ग्रामीणों ने कहा कि गांव में अनेक गायों की लंपी रोग के कारण मौत हो चुकी है। पशुपालक मदन, मुकेश, संदीप आदि पशुपालकों की अच्छी नस्ल की दुधारू गायें लंपी रोग से ग्रस्त होकर मृत्यु हो चुकी है, जिसके कारण पशुपालकों में अपने पशुओं को लेकर डर व्याप्त है। पशुपालन विभाग की सुस्ती तथा लापरवाही को लेकर लोगों में रोष है। इसलिए सरकार तक अपनी पीड़ा पहुंचाने के लिए उन्होंने यह रोष प्रदर्शन किया है। बाद में प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा के कृषि व पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा को संबोधित ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में लंपी रोग की रोकथाम के लिए कारगर उपाय करने, पीडि़त पशुपालकों को मुआवजा देने तथा लंपी रोग के बारे में पशुपालकों को जागरूक करने की मांगे शामिल हैं।
 इस अवसर पर में भूपेंद्र सिंह, डा. मुकेश, मीर सिंह वैद्य, प्रताप सिंह, प्रवीण, मनोज, हिमांशु, जयपाल, नरेश, संदीप, रविंद्र, नितिन, सुभाष शर्मा, गणेश, मदन, कैलाश सेठ, राजेंद्र सिंह नंबरदार, अनिल, कपिल, धर्मेंद्र, कालू सहित अनेक ग्रामीण और पशुपालक उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 06: किसान रोष प्रदर्शन करते हुए


गोमला-कुंड मार्ग पर मृत अवस्था में मिला व्यक्ति                    -गोमला निवासी अंडों की लगाता था रेहड़ी 
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कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के गांव गोमला निवासी रामबाबू की किसी अज्ञात वाहन की टक्कर में मौत हो गई। जब उसके स्वजनों को सूचना मिली तो मौके पर पहुंचे।
 कृष्ण कुमार गोमला निवासी ने पुलिस में दी शिकायत में कहा है कि वह मेहनत मजदूरी करता है और वे तीन भाई है। रामबाबू जो अंडों की रेहड़ी शराब के ठेके के पास लगता था। सूचना मिली कि मृत अवस्था में गोमला से कुंड रोड पर पड़ा है। मौके पर पहुंचे तो रामबाबू मृत अवस्था में मिला जिसका सिर फटा हुआ था। उन्होंने पुलिस में रामबाबू की मौत अज्ञात वाह चालक द्वारा लापरवाही से चलाकर टक्कर मारने से बताई।  अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।



कनीना क्षेत्र में करीब आधा घंटा तेज वर्षा चली, हुई 15 एमएम वर्षा
 -11 अगस्त के बाद हुई इतनी वर्षा
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में करीब आधा घंटा तेज वर्षा चली। अभी तक 11 अगस्त के बाद इतनी वर्षा हुई है। बार 11 अगस्त से पहले वर्षा हुई थी, तत्पश्चात सोमवार को वर्षा हुई है। फसल सूख चली है। कनीना क्षेत्र में 15 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई।   
किसान बताते हैं कि वर्षा अभाव में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। जब बिजाई की गई थी तब भी वर्षा नहीं हुई और अब जब फसल को पानी की जरूरत थी तब भी वर्षा नहीं हुई। किसानों का कहना है कि शायद फसल कटाई पर वर्षा होगी। किसान बाजरे की फसल कटाई में लग गए हैं लेकिन दूसरी फसलों में इस वर्षा का लाभ होगा। बाजरे की खड़ी फसल में वर्षा का लाभ नहीं तो नुकसान भी नहीं होगा। वैसे भी वर्षा आगामी रबी फसल के लिए लाभप्रद साबित होगी। किसान मानते हैं कि वर्षा होगी वह लाभप्रद साबित होगी। इस समय बाजरे के अतिरिक्त कपास, मूंग, चारा देने वाली फसलें, अरहर और सब्जियां उगाई हुई है। किसान लंबे समय से आकाश की ओर टकटकी लगाकर देख रहे थे किंतु वर्षा समय पर नहीं हुई। 11 अगस्त तक अच्छी वर्षा हुई तत्पश्चात कोई वर्षा नहीं हुई और आज सोमवार को बेहतर वर्षा हुई है। तेज हवा चलने से बाजरे की फसल भी गिर गई।
इस संबंध में डा. अजय यादव एसडीओ कृषि विभाग ने बताया कि जिन किसानों ने काटकर बाजरे की फसल डाल रखी है उसे नुकसान हो सकता है वरना फसलों को लाभ ही होगा।
फोटो कैप्शन 03 व 04: वर्षा के बाद फसलों को निहारता किसान






जमीनी सौदे के विवाद में महेंद्रगढ़ पुलिस की प्रभावी कार्रवाई, 46 लाख रुपए की राशि शिकायतकर्ता को वापस दिलाई
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कनीना की आवाज।
 आर्थिक अपराध शाखा, नारनौल द्वारा जमीनी सौदे से जुड़े एक मामले में गंभीरता से जांच करते हुए शिकायतकर्ता की 46 लाख रुपये की राशि वापस दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई। मामले में आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार जयपाल निवासी मांडोला, सतनाली द्वारा दिनांक 08 अक्टूबर 2025 को शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जमीनी सौदे के नाम पर राशि का लेन-देन किया गया तथा जमीन से संबंधित दस्तावेजों में भी कथित रूप से फर्जीवाड़ा/कूटरचना की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा जमीनी सौदे के संबंध में उससे राशि प्राप्त करने के बाद न तो जमीन की रजिस्ट्री उसके नाम करवाई गई और न ही उसकी राशि वापस की गई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा, नारनौल द्वारा शुरू की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि शिकायतकर्ता द्वारा जमीन खरीदने के संबंध में आरोपियों के खातों में राशि ट्रांसफर की गई थी। दस्तावेजों एवं बैंक रिकॉर्ड के अनुसार दिनांक 15 अप्रैल 2025 को 39 लाख रुपए तथा दिनांक 18 अप्रैल 2025 को 7 लाख रुपये, कुल 46 लाख रुपए की राशि ट्रांसफर की गई थी। पुलिस द्वारा नोटरी दस्तावेजों, बैंक रिकार्ड तथा अन्य संबंधित साक्ष्यों को जांच में शामिल किया गया।
जांच के आधार पर थाना शहर महेंद्रगढ़ में मामला दर्ज किया गया। मामले में नामजद आरोपी कबूल सिंह निवासी झोझू खुर्द, चरखी दादरी को दिनांक 07 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर नियमानुसार कार्रवाई की गई तथा बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कबूल सिंह के खिलाफ पूर्व में भी 13 अन्य मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी, जालसाजी, लड़ाई-झगड़े तथा आम्र्स एक्ट से संबंधित मामले शामिल हैं। वहीं, मामले में नामजद आरोपी अभिषेक निवासी नन्दगांव, भिवानी के खिलाफ भी पूर्व में 3 अन्य मुकदमे दर्ज हैं, जो लड़ाई-झगड़े से संबंधित हैं।
मामले में नामजद आरोपी अभिषेक ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत प्राप्त करने के उपरांत दिनांक 07 सितंबर 2026 को जांच में शामिल होकर अपने बयान दर्ज करवाए। पुलिस द्वारा मामले से संबंधित बैंक रिकार्ड एवं अन्य दस्तावेजी साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं तथा मामले की जांच जारी है।
आर्थिक अपराध शाखा, नारनौल की प्रभावी जांच एवं कार्रवाई के परिणामस्वरूप शिकायतकर्ता जयपाल को 46 लाख रुपए की राशि वापस प्राप्त हुई। पुलिस की इस कार्रवाई से जमीनी सौदे से जुड़े आर्थिक विवाद के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। महेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में तथ्यों, दस्तावेजों एवं वित्तीय लेन-देन की गहन जांच करते हुए पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है।



हड़ताल 34वें दिन भी रही जारी
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कनीना की आवाज।
नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर इकाई कनीना ने मंगलवार को 34वें दिन काम छोड़ हड़ताल जारी रही। जिसकी अध्यक्षता इकाई प्रधान अनिल कुमार ने की।
 उन्होंने कहा कि सरकार इन गरीबों की कोई सुनवाई नहीं कर रही है। लंबे समय से संंघर्षरत हैं। इस हड़ताल में सुभाष कुमार, कर्मवीर, रमेश, संजय, राजेश, सुनील, रतनलाल, नवीन, नरेंद्र, सोनू, पवन, बिमल, सहित सभी कर्मी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05: हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मी


महाराजा अग्रसेन प्रतिमा स्थापित करने के लिए नपा प्रधान को सौंपा मांगपत्र
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कनीना की आवाज।
 अग्रवाल समाज द्वारा लंबे समय से लंबित मांग को पुरजोर से उठाते हुए कनीना मंडी के पास नहर के पास प्रस्तावित चौक पर समाजवाद के प्रणेता महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति हेतु एक ज्ञापन नगर पालिका अध्यक्ष को सौंपा। साथ में उन्होंने चौक का नाम अग्रसेन चौक एवं इस मार्ग का नाम अग्रसेन मार्ग रखने की भी मांग की। अग्रवाल समाज के साथ आमजन की भावनाओं का सम्मान करते हुए तथा मांग को पूरा करने के महत्व को समझते हुए नगर पालिका अध्यक्ष कनीना ने आगामी बैठक में इस प्रस्ताव को रखने तथा अनुमति प्रदान करने का विश्वास दिलाया। अग्रवाल समाज ने उनका आभार जताया।
इस अवसर पर शिवकुमार अग्रवाल, दीपक गुप्ता प्रधान मार्केट कमेटी, विनोद गुप्ता, योगेश अग्रवाल, पूर्ण सिंह सहरावत, महेंद्र कंछल, रविंद्र बंसल, किशोर गर्ग, विक्की पंसारी, महेंद्र मित्तल  नीतिश गुप्ता पार्षद, रमेश कुमार, राजेंद्र गुप्ता सहित अनेक जन उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 01: मांग पत्र नपा प्रधान को सौंपते हुए अग्रवाल समाज के लोग


नांगल स्कूल में आयोजित हुए कई कार्यक्रम
- पेंटिंग में श्रेष्ठ बच्चों को किया पुरस्कृत
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कनीना की आवाज।
पर्यावरण संरक्षण के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नांगल में प्राचार्य सुरेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में में पौधारोपण किया गया। पौधों में दवा-पानी डालकर उनकी देखभाल की तथा पर्यावरण संरक्षण विषय पर लेख और पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस अवसर पर प्रयास बालाजी संस्था प्रमुख मनोज मेघनवास विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में विष्णु कक्षा छठी प्रथम, मोनिका दूसरे स्थान पर तथा भूमिका कक्षा सातवीं ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
 विजेता बच्चों को प्राचार्य सुरेद्र सिंह ने पुरस्कृत किया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि किसी भी समस्या से निपटने के लिए जागरूकता जरूरी हैं। बच्चे आने वाले समय में यदि पर्यावरण के प्रति जागरूक होंगे तो पर्यावरण सन्तुलन से होने वाली समस्याओं को को समझ सकेंगे तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकेंगे। वायु,जल, जंगल, यदि साफ, है तो प्रदूषण मुक्त वातावरण जीव जगत को मिल सकता है। अत: हमें अधिक से अधिक पौधारोपण कर इनकी देखभाल करनी चाहिए।
 इस अवसर पर जयबीर, अनूप सिंह. छोटे लाल, गुलशन, सुभाष, संतोष, ज्योति, यसवीर, हीरालाल, रविन्द्र सभी स्टाफ सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।
फोटो कैप्शन 02: प्राचार्य सहित जन पौधारोपण करते हुए


सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट की बैठक 12 को कनीना में
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कनीना की आवाज।
सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट की एक बैठक एआईटी कालेज कनीना में 12 सितंबर को आयोजित की जाएगी। सत्यव्रत आर्य निदेशक सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट ने बताया कि बैठक में सांस्कृतिक अहीरवाल- एक सार्थक प्रयास विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी। जिसमें वक्ताओं का  उद्बोधन होगा तथा अब तक ट्रस्ट द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा की जाएगी।






पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, करीरा, महेंद्रगढ़ में वार्षिक साधारण सभा 12 सितंबर को
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कनीना की आवाज।
पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, करीरा, महेंद्रगढ़ में वार्षिक साधारण सभा  का आयोजन शनिवार, 12 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
विद्यालय के प्राचार्य बीएम रावत ने बताया कि इस बैठक में विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा विद्यालय से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अभिभावकों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।
उन्होंने समस्त सम्मानित अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे 12 सितंबर 2026 को प्रात: 11 बजे विद्यालय में उपस्थित होकर वार्षिक साधारण सभा में सहभागिता करें तथा विद्यालय एवं विद्यार्थियों के हित में अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान करें।
विद्यालय प्रशासन ने सभी अभिभावकों से समय पर उपस्थित होकर बैठक को सफल बनाने की अपील की है।
फोटो कैप्शन: बीएम रावत प्राचार्य






नारनौल में स्टेज कैरिज परमिट के लिए 30 सितंबर तक आवेदन आमंत्रित
-लोगों को मिलेंगी परिवहन की बेहतर सुविधाएं
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कनीना की आवाज। 
जिला परिवहन अधिकारी एवं सचिव, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण नारनौल मनोज कुमार ने बताया कि परिवहन आयुक्त हरियाणा के आदेश अनुसार मोडीफाइड स्टेज कैरिज स्कीम, जो 7 मार्च 2024 को अधिसूचित की गई थी, के तहत नारनौल जिले में स्टेज कैरिज परमिट के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
उन्होंने बताया कि इच्छुक व्यक्ति 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक अपने आवेदन जमा करवा सकते हैं।
मनोज कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार, परिवहन विभाग की अधिसूचना 2024 में शामिल मार्गों पर ही परमिट देने के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इन मार्गों की पूरी सूची कार्यालय के सूचना पट्ट पर चस्पा कर दी गई है, ताकि इच्छुक आवेदक इसे देख सकें।
उन्होंने बताया कि आवेदक को अपने आवेदन कार्यालय में निर्धारित 25 हजार रुपये की नान रिफंडेबल फीस ई-चालान (हैड 0041-00-101-51-51) के माध्यम से जमा करवानी होगी। इसके साथ ही फार्म एचआर नंबर 22 और परफार्मा-1 भरकर जिला परिवहन अधिकारी एवं सचिव, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण कार्यालय के कमरा नंबर एक में जमा करवाना होगा।
यह आवेदन प्रत्येक कार्यदिवस को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे।
मनोज कुमार ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए इच्छुक आवेदकों को समय रहते अपने आवेदन जमा करवाने की सलाह दी गई है।
इन मार्गों पर मिलेगा परमिट--
मार्ग संख्या 228 - महेंद्रगढ़ से रेवाड़ी वाया कनीना
मार्ग संख्या 229-नारनौल से दादरी वाया महेंद्रगढ़
मार्ग संख्या 230 नारनौल से कोसली वाया फैजाबाद, सिहमा, दौंगड़ा, सुंदरह, कनीना
मार्ग संख्या 231- अटेली से महेंद्रगढ़ वाया गुजरवास, कलवाड़ी, दौंगड़ा अहीर तथा भांडोर
मार्ग संख्या 232- नारनौल से कोसली वाया बाछोद, सिहमा, अटेली, दौंगड़ा अहीर, सुंदरह तथा कनीना














जिला में सामुदायिक रेडियो अरावली के माध्यम से
--गांव-गांव तक पहुंचेगा स्वच्छता व सुरक्षित पेयजल का संदेश
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कनीना की आवाज।
केंद्र सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा हरियाणा सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और स्वच्छ व्यवहार को लेकर शुरू होने जा रही एक नई जन-जागरूकता मुहिम स्वच्छ-सुजल गांव की कहानी, रेडियो की जुबानी के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल एवं स्वच्छ गांव से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को रेडियो कार्यक्रम शृंखला का प्रसारण किया जाएगा।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला परिषद से उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी नोडल ऑफिसर अंकित चौहान ने बताया कि स्वच्छ-सुजल गांव की कहानी, का प्रसारण रेडियो अरावली के माध्यम से किया जाएगा जिसमें स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत हुई प्रगति को जन जन तक पहुंचाया जाएगा।
इस कार्यक्रम का मकसद ग्रामीणों को स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण की उपलब्धियों और लाभों की जानकारी देना तथा उन्हें स्वच्छता से जुड़े बेहतर व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में स्थानीय अधिकारियों, विशेषज्ञों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और गांव के प्रभावशाली लोगों के साक्षात्कार, चर्चा, संदेश तथा सफलता की कहानियों को गांवों में जाकर ग्राम पंचायतों और गांव स्तर की जल-स्वच्छता समितियों के स्वच्छता व पेयजल क्षेत्र में किए अच्छे कार्यों को दर्ज कर रेडियो पर प्रसारित किया जाएगा।
स्टेशन निदेशक राज यादव ने बताया कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की आत्मा योजना के तहत चल रहे रेडियो अरावली पर कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित जागरूकता कार्यक्रमों का प्रसारण होता है। सरकारी योजनाओं और ग्रामीण समुदाय के बीच की दूरी कम करना है, ताकि स्वच्छता व सुरक्षित पेयजल सहित जरूरी संदेश लोगों तक उन्हीं की भाषा और अपने परिवेश में असरदार तरीके से पहुंच सकें। अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम संपादक बीना ने बताया इस विशेष कार्यक्रम श्रृंखला का प्रसारण देशभर के सामुदायिक रेडियो पर 10 सितंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे तथा पुन: प्रसारण 17 सितंबर 2026 को शाम 4:30 बजे होगा ।
उन्होंने आमजन से कार्यक्रम सुनकर और स्वच्छता के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने एवं प्रतिक्रिया देकर सहभागिता की अपील की।
फोटो कैप्शन: राज यादव

Monday, September 7, 2026



 

सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट की बैठक 12 को कनीना में
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कनीना की आवाज।
 सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट की एक बैठक एआईटी कालेज कनीना में 12 सितंबर को आयोजित की जाएगी। सत्यव्रत आर्य निदेशक सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट ने बताया कि बैठक में सांस्कृतिक अहीरवाल- एक सार्थक प्रयास विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी। जिसमें वक्ताओं का  उद्बोधन होगा तथा अब तक ट्रस्ट द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा की जाएगी।





कनीना क्षेत्र में करीब आधा घंटा तेज वर्षा चली, हुई 15 एमएम वर्षा
 -अभी तक 11 अगस्त के बाद इतनी वर्षा हुई है
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में करीब आधा घंटा तेज वर्षा चली। अभी तक 11 अगस्त के बाद इतनी वर्षा हुई है।बार 11 अगस्त से पहले वर्षा हुई थी, तत्पश्चात सोमवार को वर्षा हुई है। फसल सूख चली है। कनीना क्षेत्र में 15 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। अभी वर्षा होना जारी है।  
किसान बताते हैं कि वर्षा अभाव में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। जब बिजाई की गई थी तब भी वर्षा नहीं हुई और अब जब फसल को पानी की जरूरत थी तब भी वर्षा नहीं हुई। किसानों का कहना है कि शायद फसल कटाई पर वर्षा होगी। किसान बाजरे की फसल कटाई में लग गए हैं लेकिन दूसरी फसलों में इस वर्षा का लाभ होगा। बाजरे की खड़ी फसल में वर्षा का लाभ नहीं तो नुकसान भी नहीं होगा। वैसे भी वर्षा आगामी रबी फसल के लिए लाभप्रद साबित होगी। किसान मानते हैं कि वर्षा होगी वह लाभप्रद साबित होगी। इस समय बाजरे के अतिरिक्त कपास, मूंग, चारा देने वाली फसले,अरहर और सब्जियां उगाई हुई है। किसान लंबे समय से आकाश की ओर टकटकी लगाकर देख रहे थे किंतु वर्षा समय पर नहीं हुई। 11 अगस्त तक अच्छी वर्षा हुई तत्पश्चात कोई वर्षा नहीं हुई और आज सोमवार को बेहतर वर्षा हुई है। अभी वर्षा होना जारी है।
फोटो कैप्शन 07: वर्षा के बाद फसलों पर आब






हड़ताली कर्मियों के समर्थन में पहुंचे अतरलाल
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कनीना की आवाज।
बसपा नेता अतरलाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कनीना में हड़ताली कर्मचारी सफाई कर्मचारियों के धरने पर पहुंचकर पार्टी का समर्थन दिया। उन्होंने धरने पर बैठकर सफाई कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए राज्य सरकार से तत्काल मांगों को स्वीकृत कर हड़ताल खत्म करवाने की मांग की।
अतरलाल ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के कारण कस्बों और शहरों में सफाई का बुरा हाल हो गया है। गंदगी के अंबार लग गए हैं और बीमारियां फैलने लगी हैं। इसके कारण सफाई कर्मियों, उनके परिजनों और आम नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने सरकार के कर्मचारी विरोधी रवैये की निंदा करते हुए चेतावनी दी की सरकार ने तत्काल मांगे स्वीकृत नहीं की तो आंदोलन उग्र हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को संवेदनशीलता दिखाते हुए आगे आकर खुद आंदोलनकारी सफाई कर्मचारियों से वार्ता करनी चाहिए।इस अवसर पर कैलाश सेठ, दान सिंह प्रजापत, राकेश यादव, अनिल कुमार, सुनील, सुभाष, कर्मवीर, रमेश, संजय, राजेश, रतनलाल, नवीन, नरेंद्र, सोनू, पवन, विमल, शशि बाला, योगेश, राकेश, अशोक, कुलदीप व प्रदीप सहित अनेक बसपा कार्यकर्ता और सफाईकर्मी उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 06: कनीना में सफाई कर्मचारियों के धरने पर बैठकर उनकी मांगों का समर्थन करते हुए अतरलाल एडवोकेट।


डा. जगजीत यादव का यूरोलाजी के लिए चयन
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव रसूलपुर निवासी डा. जगजीत यादव जनरल सर्जन का चयन एमसीएच य्रूरोलाजी के लिए राजकीय सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल जम्मू में हुआ है। उन्होंने यह सफलता नीट एसएस परीक्षा दिसम्बर 2025 में आयोजित हुई में प्रथम प्रयास में ही हासिल की।
डा. जगजीत ने एमबीबीएस,पीजीआईएमएस रोहतक से व पीजी जनरल सर्जरी रविन्द्रनाथ टैगोर मेडिकल कालेज उदयपुर से की। डा. जगजीत के पिताजी कैप्टन सुरेन्द्र यादव भारतीय सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं व माताजी सुरेश देवी गृहिणी हैं।
उनकी इस सफलता पर गांव के गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें बधाई दी व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो कैप्शन: डा. जगजीत सिंह



विश्व साक्षरता दिवस-8 सितंबर
प्रदेश एवं देश में बढ़ी है साक्षरता दर-नरेश कुमार
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कनीना की आवाज।
 विश्व साक्षरता दिवस 1966 से लगातार मनाया जा रहा है।  हरियाणा में यह 75.55 फीसदी है  जबकि भारत की साक्षरता दर पुरुषों की 82.14 तथा महिलाओं की 65.46 प्रतिशत है। सबसे साक्षर केरल है और सबसे कम साक्षर बिहार है।
सत्तर के दशक में प्रदेश में जहां प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम सरकार ने चलाया था जिससे बुजुर्गों और निरक्षरों को पढ़ाया गया, साक्षर किया गया जिससे उन्हें कम से कम अपना नाम आदि लिखना पढऩा आ गया था। इसके बाद प्रेरक लगाए गए जिन्होंने भी इस महत्वपूर्ण योजना के तहत अपना योगदान दिया परंतु दोनों ही योजनाएं बंद हो गई। बाद में भी कई योजनाएं सरकार ने शुरू की किंतु साक्षरता वर्तमान में बढ़ती ही जा रही है। कभी बुजुर्ग और गरीब तबके के लोग निरक्षर रहते थे परंतु अब विभिन्न प्रकार के सोशल माध्यमों द्वारा एवं विज्ञान की प्रगति के साथ-साथ लोगों में जागरूकता आ गई है और साक्षरता की ओर अब ध्यान दे रहे हैं। साक्षरता का सीधा सा अर्थ है अक्षर का ज्ञान। यह कोई डिग्री या सर्टिफिकेट आदि के लिए नहीं होती अपितु अक्षर ज्ञान कराना साक्षरता कहलाता है। साक्षरता पर विभिन्न लोगों से चर्चा की गई जिनके विचार अलग अलग हैं-
**वर्ष 2012-13 में प्रेरक लगाए गए थे जिन्होंने साक्षर करने का कार्य किया था। इससे पहले भी प्रदेश में प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम चला था जिसमें निरक्षरों को पढ़ाया जाता था परंतु वर्तमान युग में अनपढ़ व्यक्ति भी यह चाहता है कि उसका बच्चा पढ़ लिखकर महान बने। यही कारण है कि आजकल साक्षरता बढ़ती जा रही है। साक्षरता के क्षेत्र में अब भी बहुत गरीब तबके के लोग निरक्षर हो सकते हैं। बुजुर्ग निरक्षर मिलते थे जो धीरे-धीरे कम होते जा रहे हैं। उमर के चलते वे स्वर्ग सिधार रहे हैं जिससे साक्षरता दर तेजी से बढ़ती ही जा रही है। आज जागरूकता गई है और स्कूल में पढऩे वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रौढ़ों की संख्या घटती जा रही है जिसके चलते साक्षरता दर बढ़ रही है। स्कूल, कालेज अधिक संख्या में बढ़ गए हैं। इंसान को शिक्षा की आवश्यकता महसूस हो रही है। उसे मालूम हो गया है की खेती बाड़ी की बजाय शिक्षा पर ध्यान दिया जाए तो ज्यादा लाभ होगा। यही कारण है कि आज के दिन साक्षरता दर बढ़ती जा रही है और भविष्य में साक्षरता दर और भी बढ़ सकती है। आधुनिक साधनों के चलते हर इंसान के जेहन में शिक्षा की प्रति लगाव बढ़ता जा रहा है।
  --नरेश कुमार शिक्षक
प्रौढ़ रोड शिक्षा पर भी काम किया है तथा करीब 20 लोगों को जब 1970 में शिक्षा पा रहे थे तब भी अनौपचारिक शिक्षा के तहत पढ़ाकर बाद में उन्हें शिक्षा के प्रति लगन जगाई और उन्हें पांचवीं कक्षा तक की परीक्षा भी पास करवाई थी। वर्तमान समय में अधिक से अधिक विज्ञान के उपकरणों के जरिये इंसान को शिक्षा के लाभों की जानकारी मिल रही है। जिसके चलते कोई भी इंसान अपने बच्चों को अनपढ़ नहीं रखना चाहता। यही कारण है की साक्षरता की दर बढ़ी है। साक्षरता दर बढ़ाने में सरकार ने भी कई कदम समय-समय पर उठाये हैं। प्रौढ़ शिक्षा, प्रेरक शिक्षा सर्व ,शिक्षा अभियान आदि के जरिए यही सिद्ध करना चाहे की शिक्षा बहुत जरूरी है।
- बनवारी लाल स्टेट अवार्डी पूर्व प्राध्यापक
फोटो कैप्शन: नरेश कुमार एवं बनवारी लाल

किसान जुटे जोर शोर से लावणी के काम में,स्वयंकर रहे हैं कटाई
-वर्षा की रही कमी
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कनीना की आवाज।
किसान बाजरे की लावणी में जोर शोर से लग गए है। किसान सितंबर के अंत तक कटाई का काम पूरा करके पैदावार घरों में डालना चाहते हैं। दूसरे राज्यों से कम मजदूर आने के कारण किसान स्वयं ही लावणी कर रहे हैं। वैसे भी मजदूर प्रतिदिन कम से कम 700 रुपये लेता है जिसके आधार पर लावणी करवाना बहुत कठिन है। जिन किसानों ने बिजाई नहीं की थी वो अब रबी फसल की तैयारी में लग गए हैं।
किसान सूबे सिंह, मनोज कुमार, सूबे सिंह,कृष्ण कुमार ने बताया कि किसानों का पूरा  परिवार की लावणी कर रहा है। विगत वर्ष मजदूरों से लावणी करवाई गई थी और 6000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खर्चा आया था। इस बार आठ हजार रुपये तक मजदूरी मांग रहे हैं।  इस बार दूसरे प्रदेशों से आने वाले मजदूर अभी तक नहीं आए हैं, हो सकता है कि भविष्य में मजदूर  इस क्षेत्र में आ जाए परंतु वर्तमान समय में बाजरे की कटाई शुरू हो गई है और किसान स्वयं कटाई कर रहे हैं।
 उल्लेखनीय है कि इस बार जून में बिजाई शुरू हो गई थी जो अब लावणी आ गई है। वर्षा कम होने से किसानों की फसल बेहतर ढंग से नहीं पक पाई है। ऐसे में किसान अपने दम पर ही लावणी कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि जब बिजाई का समय था तब भी वर्षा समय पर नहीं हुई और जब फसल के पकान की बारी थी तो भी वर्षा का अभाव रहा। अगैती बिजाई करने वाले लावणी में जुट गए हैं।
 फोटो कैप्शन 05: लावणी करते किसान


डीएवी शिक्षण संस्थान के समर्थन में हुई समीक्षा बैठक।
युवाओं ने दिया पुरजोर समर्थन
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कनीना की आवाज।
 कनीना की डीएवी शिक्षण संस्थान को दोबारा खुलवाने के लिए गेट के पास रविवार को  समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया जिसमें कनीना के अलावा आस पास गांव के युवाओं ने अपनी राय दी। समीक्षा बैठक हर रविवार को होती है जिसमें पूरे सप्ताह की नीति बनाई जाती है। इस बार युवाओं में जोश देखने को मिला । वहीं भडफ़ से आए रवि यादव ने संगठन को गांव में पंचायत घर पर दोपहर 12 बजे जन संवाद के लिए आमंत्रित किया है । उन्होंने बताया कि एक समय था जब उनके गांव के युवा डीएवी मैदान में शारीरिक परीक्षण के लिए आते थे। जब शिक्षण संस्थान चला करता था तो उस समय रेवाड़ी रोड पर परिवहन विभाग की तरफ से बस स्टाप भी बनाया गया था। लेकिन अब सब कुछ वीरान पड़ा है। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि भडफ़ गांव का युवा पीढ़ी ही नहीं बल्कि बुजुर्ग  और महिलाएं भी समर्थन में साथ है। हरेंद्र शर्मा ने बताया कि डी ए वी संस्था को दोबारा खुलवाने के लिए जो हस्ताक्षर अभियान शुरू किया था उसकी शुरुआत कनीना के वार्ड नंबर 06 से हो चुकी है जिसमें पूर्व पार्षद पहलाद राय और राज कुमार चौहान ने समर्थन दिया । इसके अलावा वार्ड वासियों ने भी बढ़ चढ़ कर समर्थन दिया। समीक्षा बैठक में समाज सेवी हरेंद्र शर्मा, मोनू यादव, सोनू , दीपांशु, राज कुमार,राज सिंह, हैप्पी, पंकज शर्मा,रिंकू सिंह,इत्यादि क्षेत्र वासी मौजूद थे ।
फोटो कैप्शन 01: बैठक आयोजित करते हुए कनीना के लोग


जनसहयोग, विद्यालय शिक्षा समिति और स्टाफ के सक्रिय सहयोग से करीरा विद्यालय उन्नति की ओर अग्रसर
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कनीना की आवाज।
सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदलने के लिए केवल सरकारी संसाधनों पर निर्भर रहने के बजाय यदि जनसहयोग, विद्यालय शिक्षा समिति और समर्पित स्टाफ एकजुट होकर कार्य करें तो सकारात्मक बदलाव निश्चित रूप से संभव है। इसका उदाहरण राजकीय विद्यालय करीरा में देखने को मिल रहा है, जहां प्राचार्य हरीश कुमार के नेतृत्व और प्रेरक प्रयासों व शिक्षा समिति प्रमुख पवन कुमार तथा सदस्य राम किशन के सक्रिय भागीदारी से विद्यालय लगातार विकास एवं शैक्षणिक उन्नयन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
विद्यालय में विद्यार्थियों को बेहतर और सुविधाजनक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जनसहयोग, विद्यालय शिक्षा समिति, ग्रामीणों तथा स्टाफ सदस्यों के सक्रिय सहयोग से अनेक विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं। विद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इसी क्रम में विद्यालय के आठ कमरों में बिजली बैकअप की व्यवस्था के लिए इनवर्टर और बैटरियां लगवाई गई हैं। इस महत्वपूर्ण कार्य में विद्यालय के पूर्व प्राचार्य रामस्वरूप ने 23 हजार रुपए, वर्तमान प्राचार्य हरीश कुमार ने 9 हजार रुपए तथा ग्रुप-डी कर्मचारी सतीश कुमार ने 4 हजार रुपये का सहयोग दिया। कुल 36 हजार रुपए की लागत से विद्यालय के आठ कमरों में बिजली बैकअप की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
विद्यालय में बेहतर बिजली व्यवस्था और हवादार कक्षाओं की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को गर्मी और बिजली की समस्या से राहत मिल सके तथा पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो। इन कार्यों में विद्यालय शिक्षा समिति और ग्रामीणों का सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विद्यालय में विकास कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। सभी स्टाफ सदस्यों, विद्यार्थियों, मिड-डे-मील कार्यकर्ताओं तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों के पहचान पत्र तैयार करवाए गए हैं। यह कार्य विद्यालय के सभी स्टाफ सदस्यों के सक्रिय सहयोग से पूरा किया गया।
प्राचार्य हरीश कुमार ने कहा कि विद्यालय का विकास किसी एक व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं होता। जब ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, विद्यालय शिक्षा समिति, अभिभावक और स्टाफ सदस्य एक लक्ष्य के साथ मिलकर काम करते हैं तो विद्यालय निश्चित रूप से प्रगति के नए आयाम स्थापित करता है।
उन्होंने विद्यालय के पूर्व प्राचार्य रामस्वरूप, स्टाफ सदस्यों, विद्यालय शिक्षा समिति, ग्रामीणों और सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को हर संभव बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
फोटो कैप्शन 03:सरकारी स्कूल के बच्चों के बनवाए आई कार्ड दिखाते हुए


घर से वायर चोरी करने के मामले में महेंद्रगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
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कनीना की आवाज।
 थाना सिटी महेंद्रगढ़ पुलिस ने घर से वायर चोरी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
 04 सितंबर 2026 को शिकायतकर्ता अशोक कुमार, निवासी वार्ड नंबर 9, महेंद्रगढ़ ने पुलिस को शिकायत दी कि उसके मकान के बाहर लगी केबल तथा मकान के अंदर की विद्युत वायरिंग को काटकर चोरी कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, कुछ तारों के बंडल भी मौके से गायब मिले हैं। शिकायत मिलने पर थाना सिटी महेंद्रगढ़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपी की तलाश की।
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिनांक 06 सितंबर 2026 को आरोपी प्रिंस निवासी मोहल्ला सैनीपुरा, महेंद्रगढ़ को सैनी स्कूल के पास से गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी द्वारा वारदात को अकेले अंजाम देना सामने आया है। पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी ने चोरी की गई वायर को स्थानीय स्तर पर घूमने वाले अलग अलग कबाडिय़ों को बेच दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 700 रुपए बरामद किए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी प्रिंस के खिलाफ थाना सिटी महेंद्रगढ़ में वर्ष 2022 में चोरी का एक अन्य मामला भी दर्ज है। गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार आज माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा।
महेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि चोरी, लूटपाट अथवा किसी भी अन्य आपराधिक घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। समय पर सूचना मिलने से पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी एवं चोरी की संपत्ति की बरामदगी सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
फोटो कैप्शन 02: पकड़ा गया आरोपी












Sunday, September 6, 2026



 




डीएवी शिक्षण संस्थान के समर्थन में हुई समीक्षा बैठक।
युवाओं ने दिया पुरजोर समर्थन
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कनीना की आवाज।
 कनीना की डीएवी शिक्षण संस्थान को दोबारा खुलवाने के लिए गेट के पास रविवार को  समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया जिसमें कनीना के अलावा आस पास गांव के युवाओं ने अपनी राय दी। समीक्षा बैठक हर रविवार को होती है जिसमें पूरे सप्ताह की नीति बनाई जाती है। इस बार युवाओं में जोश देखने को मिला । वहीं भडफ़ से आए रवि यादव ने संगठन को गांव में पंचायत घर पर दोपहर 12 बजे जन संवाद के लिए आमंत्रित किया है । उन्होंने बताया कि एक समय था जब उनके गांव के युवा डीएवी मैदान में शारीरिक परीक्षण के लिए आते थे। जब शिक्षण संस्थान चला करता था तो उस समय रेवाड़ी रोड पर परिवहन विभाग की तरफ से बस स्टाप भी बनाया गया था। लेकिन अब सब कुछ वीरान पड़ा है। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि भडफ़ गांव का युवा पीढ़ी ही नहीं बल्कि बुजुर्ग  और महिलाएं भी समर्थन में साथ है। हरेंद्र शर्मा ने बताया कि डी ए वी संस्था को दोबारा खुलवाने के लिए जो हस्ताक्षर अभियान शुरू किया था उसकी शुरुआत कनीना के वार्ड नंबर 06 से हो चुकी है जिसमें पूर्व पार्षद पहलाद राय और राज कुमार चौहान ने समर्थन दिया । इसके अलावा वार्ड वासियों ने भी बढ़ चढ़ कर समर्थन दिया। समीक्षा बैठक में समाज सेवी हरेंद्र शर्मा, मोनू यादव, सोनू , दीपांशु, राज कुमार,राज सिंह, हैप्पी, पंकज शर्मा,रिंकू सिंह,इत्यादि क्षेत्र वासी मौजूद थे ।
फोटो कैप्शन 06: संबंधित है




गुरुकुल कनीना में शिक्षक सम्मान समारोह
 काश ऐसा सरकारी स्कूलों में भी हो तो बदल जाए तस्वीर!
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कनीना की आवाज।
 5 सितंबर रात 9 बजे तक गुरुकुल कनीना में जो कार्यक्रम चला। वह कहने को तो निजी स्कूल था किंतु तंत्र सरकारी देखने को मिला। किसी भी कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों में इतना बड़ा तंत्र, इतने अधिक शिक्षक ,इतना बड़ा सम्मान नहीं देखने को मिलता। जिला शिक्षा अधिकारी नारनौल, खेलाधिकारी नारनौल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नारनौल सहित दर्जनों खंड के अधिकारी, सैकड़ों सरकारी स्कूलों के शिक्षक ,निजी स्कूलों के शिक्षक दूर दराज तक सम्मान की सूचक पगड़ी बांधे दिखाई दे रहे थे। इन शिक्षकों का चयन और उन्हें सम्मान के लिए किस आधार पर बुलाया गया यह तो कह पाना कठिन है किंतु ऐसा बड़ा कार्यक्रम शायद ही किसी सरकारी स्कूल में हो पाएगा। एक और जहां 5 सितंबर को जिला के अधिकारियों को चंडीगढ़ में आयोजित राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में आमंत्रित किया गया था किंतु अधिकांश अधिकारी वहां न जाकर कनीना पहुंचे जो इस गुरुकुल के आकर्षण की ओर इशारा करता है। इन अधिकारियों को बड़ी-बड़ी भगवत गीता आदि दी गई जो उनके घरों में सुरक्षित रख दी जाएगी। शायद ही दो प्रतिशत ऐसे अध्यापक होंगे जो इन गीता का एक चैप्टर भी पढ़ पाएंगे। यदि जिला के शिक्षा अधिकारियों को किसी सरकारी कार्यक्रम में बुलाया जाए तो शायद इतनी संख्या में हाजिर नहीं हो पाएंगे। इससे लगता है की सरकारी स्कूल इसीलिए पीछे बिछड़ते जा रहे हैं। यद्यपि गुरुकुल की अच्छी पहल थी किंतु इसमें जिन शिक्षकों को बुलाया गया जिनको सम्मान दिया गया वह आधार एवं क्राइटेरिया समझ से परे रहा। क्योंकि राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक भी इस क्षेत्र में कम से कम चार है, विश्व रिकार्ड धारक शिक्षक भी है किंतु उनका कोई तवज्जो नहीं दिया गया परंतु निजी संस्थान है वो चाहे वैसा करने का उन्हें पूरा हक है।। सभी को शायद ही बुलाया गया हो। कार्यक्रम सराहनीय रहा किंतु सरकार को भी एक बार सोचना होगा कि इस प्रकार के कार्यक्रम में जब सरकारी अधिकारी और सरकारी शिक्षक आदि पहुंचेंगे तो सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों में क्या संदेश जाएगा। यह सत्य है कि जिस प्रकार कार्यक्रम का गुरुकुल में आयोजन किया गया वह बेहतरीन रहा क्योंकि कुछ पुराने शिक्षकों को कम से कम याद किया गया। चाहे गुरुकुल ने इस बहाने अपना विज्ञापन भी इन शिक्षकों तक पहुंचा दिया, अपना संदेश, अपना ध्येय और अपना उद्देश्य भी शिक्षक को के जरिए पहुंचाया क्योंकि शिक्षक एक ऐसी कड़ी होती है जो एक बार मन में ठान ले कर गुजरते हैं। यदि उन्हें गुरुकुल की पद्धति अच्छी लगेगी तो निसंदेह वो अन्य लोगों को इससे जोडऩे के लिए कहेंगे।
अब सरकार को भी चाहिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करें जिसमें पुराने शिक्षक को कम से कम एक बार किसी मंच पर बुलाने का मौका मिले। ऐसा कार्यक्रम 5 सितंबर को एक बार आयोजित करवाया जा सके। इसके लिए सभी अधिकारियों को जरूर उपस्थित रहने का आदेश दिया जाए वरना इस प्रकार गुरुकुल जैसे कार्यक्रम को देखकर एक ही बात पुरानी शिक्षकों में चुभती रहेगी कि काश निजी स्कूलों की तरह सरकारी स्कूल भी आगे बढ़े। वरना इस प्रकार के कार्यक्रमों में सरकारी अधिकारियों को भाग लेने से रोका जाए। वरना सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों एवं अभिभावकों में भेदभाव का रवैया दिल में घर कर जाएगा।
फोटो कैप्शन 07: संबंधित फोटो है


सड़क मार्ग की जर्जर हालत, ठीक करवाने की उठी मांग
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कनीना की आवाज।
कनीना-महेंद्रगढ़ मार्ग पर नायरा पेट्रोल समक्ष से गुजरने वाले धनौंदा- चरखी दादरी को जाने वाला मार्ग नायरा पेट्रोल पंप के समक्ष बहुत जर्जर हालत में हो चला है। एक और जहां गंदा नाला भी इधर से गुजरता है वही चौड़े चौड़े गड्ढे बन गए हैं। जब कभी वर्षा होती है तो इनमें पानी खड़ा हो जाता है और निकल पाना कठिन हो जाता है। जब वर्षा का जल भर जाता है तो यह गड्ढे दिखाई नहीं देते जिसमें दोपहिया वाहन चालक गिरकर गंभीर चोटिल हो रहे हैं। वैसे भी उन्हाणी पुल निर्माण के कारण इस मार्ग से होकर महेंद्रगढ़, धानोंदा एवं चरखी दादरी आदि की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ गई है परंतु प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। चरखी दादरी मार्ग तक इस सड़क की जर्जर हालात बन चुकी है।
 राहगीर नरेश कुमार, दिनेश कुमार, सुरेश कुमार, महेश कुमार आदि ने बताया कि लंबे समय से राहगीर परेशान हैं। जब से उन्हाणी पुल का निर्माण जारी है उन्हें इधर से गुजरना होता है। वैसे भी धनौंदा जाने के लिए यह छोटा मार्ग है किंतु यहां के गड्ढे समस्या बनते जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का निदान किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
 फोटो कैप्शन 01: नायरा पेट्रोल पंप समक्ष धनौंदा को जाने वाला जर्जर मार्ग



कनीना श्रीकृष्ण गोशाला की कार्यकारिणी के चुनाव 18 सितंबर को
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कनीना की आवाज।
 कनीना की श्रीकृष्ण गोशाला की कार्यकारिणी के चुनाव 18 सितंबर को होंगे। विस्तृत जानकारी देते हुए श्रीकृष्ण गोशाला के प्रशासकीय अधिकारी कृष्ण सिंह डागर पूर्व प्राचार्य कनीना ने जानकारी देते हुए बताया कि नामांकन भरने की तिथि 12 सितंबर से 13 सितंबर तक, वही नामांकन फार्म जांच करने की तिथि 14 सितंबर को होगी।
 नाम वापस लेने के लिए 15 सितंबर रखा गया है जबकि नाम वापस लेने के बाद सदस्यों की सूची 16 सितंबर को जारी होगी और 17 सितंबर को उनका चुनाव चिन्ह प्रदान कर दिए जाएंगे मतदान 18 को सितंबर को होगा तथा उसी दिन शाम को 3 बजे मतगणना चलेगी। प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि अब तक श्रीकृष्ण गोशाला के 31 सदस्य निर्धारित है जो अपना वोट डालेंगे। उल्लेखनीय के श्रीकृष्ण गोशाला 2003 में स्थापित की गई थी और अभी तक इसकी कार्यकारिणी का चुनाव नहीं हो पाया था। सभी चुनाव सर्वसम्मति से हुए हैं लेकिन इस बार एक व्यक्ति की शिकायत पर यह चुनाव निर्धारित किए गए हैं। गोशाला बहुत ही शानदार तरीके से पूर्व प्रधान भगत सिंह की देखरेख में चल रही थी और गोशाला को चार चांद लगा दिए गए थे। शिकायत के बाद से बहुत से लोगों में रोष पनपा परिणाम यह निकला कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पर्व भी फीका रहा।
 फोटो कैप्शन 05: मतदान की घोषणा और सूची चिपकाते हुए कृष्ण सिंह पूर्व प्राचार्य






 गुरुकुल में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित, शिक्षा अधिकारियों ने भारतीय शिक्षा पद्धति को बताया गौरवशाली
-देर रात तक चला कार्यक्रम
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कनीना की आवाज।
भारतीय संस्कृति की गौरवशाली गुरुकुल परंपरा और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का संदेश देते हुए कनीना स्थित नवस्थापित गुरुकुल की ओर से शिक्षक दिवस पर भव्य शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षाविदों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षा और ज्ञान की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके उपरांत भारत के महान शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इसके साथ ही शिक्षक दिवस समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ।
इसके पश्चात स्कूली बच्चों ने मनमोहक अध्यापक वंदना प्रस्तुत कर गुरु-शिष्य परंपरा की महान भारतीय संस्कृति को साकार किया।
समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर कौशिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा अति विशिष्ट अतिथि रहे। अतिथियों का संस्था की ओर से पारंपरिक राजस्थानी पगड़ी पहनाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यभार संभाल रहे माडल संस्कृति स्कूल के प्राचार्य सुनील खुडानिया भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
स्वागत भाषण देते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने शिक्षक दिवस की महत्ता और भारतीय गुरुकुल परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरुकुल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और चरित्र निर्माण की प्रयोगशाला रहा है। भारतीय दर्शन पर आधारित गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था के कारण ही भारत को एक समय ज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनने का गौरव प्राप्त हुआ था।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और संस्कारों को भी विद्यार्थियों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए, ताकि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम न रहकर श्रेष्ठ नागरिक और सशक्त राष्ट्र निर्माण का आधार बने।
मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर कौशिक ने शिक्षक दिवस के अवसर पर गुरुकुल की स्थापना और शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित करने को अत्यंत सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च रहा है। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण जैसे महान व्यक्तित्वों ने भी अपने गुरुओं के सान्निध्य में गुरुकुल परंपरा के माध्यम से शिक्षा और जीवन मूल्यों का ज्ञान प्राप्त किया।
उन्होंने विभिन्न शिक्षण पद्धतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली की मूल शक्ति उसके संस्कार, जीवन मूल्य और गुरु-शिष्य संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिकता को अपनाते हुए भारतीय शिक्षा की इन महान परंपराओं को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
संस्था के प्रबंध निदेशक अंकुर यादव ने नवस्थापित गुरुकुल के उद्देश्य और भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि संस्था का लक्ष्य विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और श्रेष्ठ संस्कारों से जोडऩा है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल के माध्यम से ऐसे प्रतिभाशाली और संस्कारवान विद्यार्थियों को तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जो भविष्य में देश और समाज को नई दिशा दे सकें।
संस्था के निदेशक विजय भुरथला एवं अनीता यादव ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति और संस्कारों पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक एवं नृत्य प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समारोह में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, एईओ हंसराज गुर्जर, जीआर इंटरनेशनल स्कूल के अध्यक्ष विजयपाल यादव, बुचावास गौशाला के संरक्षक महंत लक्ष्मण गिरि, आर्य समाज से जुड़े सतीश आर्य, राजेश शासत्री लूखी,गुरुकुल एवं विद्यालय का समस्त स्टाफ, क्षेत्र के शिक्षाविद और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह के समापन अवसर पर संस्था की ओर से मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों को भारतीय ज्ञान और जीवन दर्शन के महान ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता का विशेष संस्करण सम्मानस्वरूप भेंट किया गया।
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित यह समारोह केवल शिक्षकों के सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय गुरुकुल परंपरा की पुनस्र्थापना, संस्कार आधारित शिक्षा और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था के बीच एक मजबूत सेतु बनाने का संदेश देकर शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायक पहल बन गया।
फोटो कैप्शन 02: सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए बच्चे
03: डीइओ एवं डीइइओ को गीता भेंट करते हुए विजय भुरथला



नपा के सफाई कर्मियों की काम छोड़ हड़ताल 32वें दिन भी जारी
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कनीना की आवाज।
नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर पालिका सफाई कर्मचारी 32वें दिन भी हड़ताल पर रहे।  कर्मियों का कहना है कि सरकार ने अभी तक उनकी मांगें नहीं मानी हैं जिसके कारण हड़ताल जारी है। अगर मांगे नहीं मानी तो आगे भी हड़ताल जारी रहेगी।
  यूनिट कनीना प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि सभी कर्मी हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा बंद करने, एचकेआरएन खत्म करने, समान काम का समान वेतन लागू करने की प्रमुख हैं। लेकिन सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है।
उनका कहना है कि सरकार ने अभी तक कोई मांग पूरी नहीं की है। उधर कनीना के विभिन्न स्थानों पर गंदगी के ढ़ेर लग गए हैं।  लोग बेहद परेशान हैं। जगह जगह गंदगी के ढेरों में आवारा जंतु मंडराते रहते हैं।
  इस मौके पर अशोक कुमार उप प्रधान, योगेश कुमार, राकेश कुमार, जमादार नवीन कुमार, कर्मवीर, सुभाष, सोनू, शशि बाला, रतनलाल, राजेश, प्रदीप, पवन, संजय व अन्य हड़ताल पर रहे।
फोटो कैप्शन 01: सफाई कर्मी कनीना हड़ताल पर रहे










वैश्विक क्षमा दिवस 7 सितंबर
क्षमा करने से शरीर में पैदा होती है सकारात्मक ऊर्जा
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कनीना की आवाज। क्षमा करना इंसान की अंदरूनी आत्मा से उत्पन्न एक विचार है। क्षमा कर देने से इंसान में एक विशेष गुण पैदा जो उसे अधिक सहनशील, उम्र में वृद्धि और सकारात्मक सोच पैदा करता है। क्षमा करने से जहां शरीर में एक सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है वही क्षमा करना सदियों से चला रहा है। कितने ही उदाहरण मिलते हैं कि ऋषि मुनियों के सामने जब कोई याचक क्षमा मांगता था तो उसे सदा माफ किया जाता था।
क्षमा करने मन की कड़वाहट दूर होती है। 1994 से क्षमा दिवस मनाने की परंपरा चली आ रही है। यह पाया गया है कि जो लोग क्षमा करते हैं वो क्रोध करने वालों की तुलना में अधिक खुश और स्वस्थ रहते हैं। किसी को क्षमा करना  कभी-कभी कठिन और चुनौती पूर्ण होता है लेकिन असंभव कुछ नहीं है।क्षमा करने से डिप्रेशन, क्रोध, स्ट्रेस की हर तरह में कमी आती है। क्या कहते हैं डाक्टर --
क्षमा सांस्कृतिक रूप से समाज का हिस्सा है।  यह अनेक दान दक्षिणाओं में से एक प्रकार का दान है जिसे हम क्षमादान कहते हैं। क्षमा करने से मन में संतुष्टि और आत्मा को तृप्ति प्रदान होती है। मनोवैज्ञानिक रूप से दोनों पक्षों को ही शांति प्रदान करता है।  क्षमा करने पर मस्तिष्क में डोपामाइन नामक हार्मोन निकलता है जो हमें मानसिक रूप से खुशी प्रदान करता है। क्षमा या माफी हर मनुष्य के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रत्येक मनुष्य ने अपने जीवन में अनेक बार किसी को क्षमा किया होगा और किसी ने  क्षमा मांगी होगी। यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। क्षमा करने से सामाजिक रिश्तों मजबूती आती है और शारीरिक स्वास्थ्य को भी लाभ होता है। मनुष्य को केवल दूसरों को क्षमा करना ही नहीं अपितु स्वयं को भी क्षमा करना भी आना चाहिए। इससे मनुष्य का मानसिक तनाव कम होता है। जिन मनुष्य में क्षमा करने की क्षमता होती है शारीरिक और मानसिक रूप से ज्यादा स्वस्थ रहते हैं।
 --डा. जितेंद्र मोरवाल
क्षमा मनुष्यता की पहचान है। क्षमावाणी में दो पहलू हैं। एक तरफ से मांगी गई या की गई क्षमा का भी सम्यक या पूर्ण अस्तित्व नहीं है। कोई क्षमा मांगे और आप उसे क्षमा करें और जब आप क्षमा मांगे तो वह आपको क्षमा करे।
ऐसे समय क्षमा देने वाले का भी दायित्व है कि वह अपने हृदय की विशालता का परिचय दे और क्षमा मांगने वाले के साथ किसी भी तरह का विरोध या बैर मिटाकर मैत्री की स्थापना करे।
अनेक धर्मों के धर्मग्रन्थों में क्षमा के महत्व को दर्शाया भी गया है। शास्त्रों में भी कहा गया है-क्षमा वीरों का आभूषण है।
हमें राग-द्वेष छोड़ सभी जीवों के प्रति पवित्र भाव रखते हुए हित-मित प्रिय वचन बोलना चाहिए और अपने हृदय के साथ वाणी में भी क्षमा लाना चाहिए। क्षमावाणी वर्ष में एक दिन नहीं बल्कि प्रतिदिन व प्रति क्षण होना चाहिए।
   --सतीश आर्य समाजसेवी रसूलपुर
फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र मोरवाल तथा सतीश आर्य


Saturday, September 5, 2026



 


अगिहार स्कूल में मनाया गया शिक्षक दिवस
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या पूनम यादव ने की। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति भारत रत्न ड. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन से प्रेरणा ग्रहण करें।
 विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता तथा लीगल लिटरेसी प्रभारी मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन तथा कार्यों से परिचित करवाया तथा गुरु और शिष्य के अनेक प्रसंग भी बताएं। उन्होंने अपने संबोधन में लीगल लिटरेसी के विषयों को भी प्रमुखता से उठाया । विद्यालय में संस्कृत की प्रवक्ता कैलास देवी भी विद्यार्थियों  को संबोधित किया।
 इस अवसर पर लीगल लिटरेसी प्रभारी मदन मोहन कौशिक को विद्यालय प्राचार्य ने सम्मानित भी किया विद्यालय की छात्राओं साइना,नव्या,नरगिस, शारदा,अनामिका, नेहा, कल्पना तथा सरला ने भी शिक्षक दिवस पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
 इस अवसर पर विद्यालय विद्यालय की प्रवक्ता निशा जांगड़ा धर्मेंद्र डीपीई, कैलाश देवी,राकेश कुमार, मुख्य शिक्षक रतनलाल वंदना जांगिड़,पूनम कुमारी,तथा शशि कुमारी सहित सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 10: अध्यापक दिवस पर शिक्षकों को सम्मानित करते हुए

पेड़ पौधों की विधि विधान से की गई पूजा
-परंपरागत पकवान खीर एवं लापसी का लगा भोग

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कनीना की आवाज।
  कनीना क्षेत्र में गोगा पर्व मनाया गया। जाटी एवं गोगा पौधों की पूजा करके पकवान बनाए गए।  खीर एवं लापसी का भोग लगाया वहीं दिनभर पूजा चली। कई जगह गोगा के नाम पर मेले लगे वहीं भंडारे आयोजित हुए। दीवारों पर गोगा देव की तस्वीर बनाकर उनकी पूजा की गई। कनीना में विशाल मेला शिरीषवाला जोहड़ पर लगा।
  गोगा पर्व जाहर वीर गोगा देव की याद में भाद्रपद कृष्ण नवमी को मनाया जाता है। जाटी व गोगा दोनों पौधों की पूजा करके जल में प्रवाहित किया गया। कनीना में शिरीषवाला जोहड़ पर मेले में गोगा एवं जाटी पौधा ले जाने का रिवाज है जहां जल में प्रवाहित किया गया।
गोगा जिसे जाहर वीर गोगा कहा जाता है।  गोगा एक पौधे को कहते हैं जो शाक है जिसे अपामार्ग, लटजीरा, चिरचिटा आदि नामों से जाना जाता है।  इसमें इतने अधिक औषधीय गुण है कि इसे गोगा देव के रूप में पूजा जाता है। यही कारण है कि गोगा देव के साथ साथ गोगा पौधे की भी पूजा की जाती है जो कई बीमारियों में सहायक है वहीं घर के आस पास मिल जाता है।
कैसे की गई पूजा--
   प्रत्येक घर में पूजा का स्थान निर्धारित होता है जो अक्सर रसोई में होता है। दीवार पर हल्दी व चंदन से गोगा पीर व जाटी पौधे की तस्वीर बनाई जाती हैं। तवे की कालिख से तस्वीरों को रंग भरा जाता है। गोगा व जाटी पौधों की टहनी तस्वीर के पास रख दी जाती हैं और विधि विधान से पूजा की जाती है। शाम होने के बाद उन्हें जोहड़ में बहा दिया जाता है। जाटी दक्षिण हरियाणा का प्रमुख पेड़ है जो फसलों के लिए लाभप्रद होता है। सुख दुख में सदा यह काम आता है। राजस्थान में खेजड़ी नाम से पूजा जाता है।
 फोटो कैप्शन 07: दीवार पर कालिख से बनाया गया गोगा वीर देव।
एवं 08: गोगा एवं जाटी की पूजा हुई।



रामबास में खेलकूद एवं भंडारा आयोजित
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव रामबास में जन्माष्टमी के पावन पर्व पर खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित हुई साथ में भण्डारा और जागरण का आयोजन किया गया। खेल प्रतियोगिता में अनेक खेलों में विभिन्न दूर दराज के गांवों की टीमों ने हिस्सा लिया।  
 कबड्डी की 51000 रुपए की प्रथम इनाम  अहरी गांव की टीम ने, 31000 रुपए की द्वितीय इनाम गद्दीखेडी की टीम ने जीती। इसी तरह से बालीवाल में प्रथम इनाम 21000 रुपए की रामबास गांव की टीम ने,15000 रुपए की द्वितीय खिडवाली मनचल गांव की टीम ने जीती। उधर कुश्ती मे 11000 की इनाम अन्नी पहलवान बाघोत ने जीती। महिला रस्साकशी मे दादरी की टीम ने प्रथम स्थान व रामबास की टीम उप विजेता रही। पुरुष रस्साकशी में पहला स्थान खुशपुरा की टीम ने और दूसरा  स्थान जींद की टीम का रहा।
  इस मौके पर वरिष्ठ नागरिकों की दौड़,महिला मटका दौड़,  लंबी कूद, ऊंची कूद सहित अनेक खेलों में दूर-दूर से आए हुए खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया। विजाताओं को नकद इनाम दिया गया। इस अवसर पर गाव के अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 09: अव्वल रही टीम ट्राफी लेते हुए





कनीना श्रीकृष्ण गोशाला की कार्यकारिणी के चुनाव 18 सितंबर को
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कनीना की आवाज।
 कनीना की श्रीकृष्ण गोशाला की कार्यकारिणी के चुनाव 18 सितंबर को होंगे। विस्तृत जानकारी देते हुए श्रीकृष्ण गोशाला के प्रशासकीय अधिकारी कृष्ण सिंह डागर पूर्व प्राचार्य कनीना ने जानकारी देते हुए बताया कि नामांकन भरने की तिथि 12 सितंबर से 13 सितंबर तक, वही नामांकन फार्म जांच करने की तिथि 14 सितंबर को होगी।
 नाम वापस लेने के लिए 15 सितंबर रखा गया है जबकि नाम वापस लेने के बाद सदस्यों की सूची 16 सितंबर को जारी होगी और 17 सितंबर को उनका चुनाव चिन्ह प्रदान कर दिए जाएंगे मतदान 18 को सितंबर को होगा तथा उसी दिन शाम को 3 बजे मतगणना चलेगी। प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि अब तक श्रीकृष्ण गोशाला के 31 सदस्य निर्धारित है जो अपना वोट डालेंगे। उल्लेखनीय के श्रीकृष्ण गोशाला 2003 में स्थापित की गई थी और अभी तक इसकी कार्यकारिणी का चुनाव नहीं हो पाया था। सभी चुनाव सर्वसम्मति से हुए हैं लेकिन इस बार एक व्यक्ति की शिकायत पर यह चुनाव निर्धारित किए गए हैं। गोशाला बहुत ही शानदार तरीके से पूर्व प्रधान भगत सिंह की देखरेख में चल रही थी और गोशाला को चार चांद लगा दिए गए थे। शिकायत के बाद से बहुत से लोगों में रोष पनपा परिणाम यह निकला कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पर्व भी फीका रहा।
 फोटो कैप्शन 06: मतदान की घोषणा और सूची चिपकाते हुए कृष्ण सिंह पूर्व प्राचार्य






कनीना क्षेत्र में हुई एक एमएम वर्षा
-गत दिवस हुई थी 2 एमएम वर्षा, अभी भी सूखा है कनीना क्षेत्र
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में 11 अगस्त से पहले वर्षा हुई है तत्पश्चात महज अगर दो दिनों में 3 एमएम वर्षा हुई है जिसके कारण बाजरा, कपास, मूंग आदि की फसले सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है। बाजरे की फसल पूर्ण रूप से पकान की ओर जा चुका है।  अब तक किसान बेसब्री से वर्षा होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन वर्षा नहीं हुई। फव्वारों द्वारा कुछ किसानों ने सिंचाई भी की है। बार-बार किसान आकाश की ओर टकटकी लगाकर देखते रहे किंतु वर्षा नहीं हुई । आकाश में काले काले बादल छाए और बिन बरसे ही गुजर गए। कुछ वर्षा हुई वह भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान हुई है। तीन एमएम वर्षा हुई है। किंतु वर्षा को कृषि वैज्ञानिक नुकसानदायक नहीं मान रहे। उनका कहना है कि फसल पकान पर है इससे फसलों को लाभ ही होगा तो नुकसान किसी भी हालात में नहीं होगा।
 क्या कहते हैं उपमंडल अधिकारी कृषि- एसडीओ कृषि विभाग डा.अजय यादव से बात हुई। उन्होंने कहा कि वर्षा का इस समय होना फसलों के लिए लाभप्रद साबित होगा। कम से कम जो बाजरे की फसल पकान पर है उसे लाभ होगा और वह अच्छी प्रकार पक सकेगी। उन्होंने कहा कि वर्षा आगामी फसलों के लिए भी लाभप्रद साबित होगी किंतु अभी तक पर्याप्त मात्रा में वर्षा नहीं हुई है।
 उल्लेखनीय है कि कनीना क्षेत्र में जून के समय जब बाजरे की बिजाई की जानी थी तब वर्षा नहीं हुई। जुलाई में कुछ वर्षा हुई जिसके चलते कुछ किसानों ने अपनी बाजरे की फसल उगा दी तो कुछ  अच्छी वर्षा का इंतजार करते रहे और अच्छी वर्षा नहीं हुई परिणाम यह निकला की बहुत से खेत पड़े हैं जिनमें कोई फसल नहीं उगाई है। फिर एक अगस्त से 11 अगस्त तक कुछ वर्षा हुई तत्पश्चात वर्षा नहीं हुई परिणाम यह निकला अब फसल पकन पर  है और उसे वर्षा की जरूरत है वह भी नहीं मिल पाई। न तो बिजाई के समय वर्षा हो पाई न ही पकान के समय पर्याप्त वर्षा हो पाई। परिणाम किसान झेल रहे हैं।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि अब फसल सूख चुकी है। कुछ किसानों ने फव्वारों द्वारा सिंचाई कर दी उनकी बाजरे की पैदावार जरूर अच्छी होगी। कपास की फसल में भी नुकसान हो चुका है वही बाजरे की फसल और मूंग की फसल बुरी तरह से प्रभावित हो चुकी हैं।  
फोटो कैप्शन 5: बाजरे की पकी हुई फसल



जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान महेंद्रगढ़ में शिक्षक दिवस पर हुआ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन
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कनीना की आवाज।
एससीईआरटी गुरुग्राम के तत्वावधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) महेंद्रगढ़ में आयोजित गणित प्रवक्ताओं की पांच दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी एवं डाइट प्राचार्य डॉ. विश्वेश्वर कौशिक के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें जिले भर के पांचों ब्लॉकों से गणित प्रवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रवक्ताओं ने कार्यशाला के पांचों दिनों में सिखाए गए मॉडल्स की रोचक अंदाज में पुनरावृत्ति की।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईएफआईसी प्रभारी डॉ. आई.सी. शर्मा और सीनियर लेक्चरर नरेश गोयल विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान गणित की कक्षाओं में हरबंस पजल के प्रयोग पर विशेष बल दिया गया, ताकि विद्यार्थियों में तर्कशक्ति, चिंतन क्षमता, कल्पनाशीलता और सृजनात्मकता के साथ-साथ 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों का विकास हो सके, जिससे वे भविष्य में सही दिशा में अपने करियर का चुनाव कर पाएं। उपस्थित शिक्षकों से आग्रह किया गया कि वे इन कौशलों के साथ-साथ प्रशिक्षण में सिखाई गई सभी विधियों को अपनी कक्षाओं में अधिक से अधिक अपनाएं, ताकि गणित विषय को और अधिक रुचिकर व सुगम बनाया जा सके।
आयोजकों के अनुसार, इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गणित विषय को रोचक बनाना और बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार लाना है, जिससे विद्यार्थियों की गणितीय प्रतिभा को निखारा जा सके। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के गणित विषय के अधिगम स्तर तथा परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने पर बल दिया गया, क्योंकि गणित को समस्त विषयों का मूल आधार माना जाता है।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों द्वारा गणित में की जाने वाली सामान्य त्रुटियों के समाधान पर भी विस्तृत व्याख्यान दिया गया, जिसमें बताया गया कि अध्यापक किस प्रकार सरल तरीकों से इन त्रुटियों का समाधान कर विषय को अधिक रोचक बना सकते हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों को कक्षा-कक्ष में तकनीक के प्रभावी उपयोग द्वारा बच्चों को सिखाने हेतु व्याख्यान के साथ-साथ हैंड्स-ऑन अभ्यास भी करवाया गया।
कार्यशाला के पांचवें एवं अंतिम दिन प्रवक्ताओं का पोस्ट-टेस्ट भी लिया गया, जिससे प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रभाव-अध्ययन (इंपैक्ट स्टडी) की जा सके। शिक्षक दिवस के इस विशेष अवसर पर डॉ. राकेश यादव एवं डॉ. आई.सी. शर्मा ने प्रवक्ताओं को प्रेरित करते हुए विशेष व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में अनेक शिक्षक मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 04: डाइट में प्रशिक्षण दौरान रोल प्ले करते हुए




अध्यापक दिवस की कैमला में रही धूम
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कनीना की आवाज।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में आजाद भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिवस शिक्षक दिवस के रूप में धूमधाम के साथ विद्यालय परिसर में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच डिंपल जांगड़ा ने की और मुख्य अतिथि के रूप में डा. सुरेश कुमार प्रोफेसर चरखी दादरी व डा. विनोद कुमार प्राचार्य कनीना रहें।     
 कार्यक्रम का संचालन पुनीत और समर छात्र के द्वारा किया गया। सभी विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम एक से बढ़कर एक प्रस्तुत के जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हुई। सभी विद्यार्थियों ने भाषण, कला, पेंटिंग, शिक्षक का गुणगान, महिमा और गौरव का गनगान किया जो प्रभावित और प्रेरित करने वाले थे।
 डॉक्टर सुरेश कुमार ने बच्चों को शिक्षा, संस्कार संस्कृति और अनुशासन के साथ शिक्षा आज की आवश्यकता पर विद्यार्थियों को प्रेरित किया। वहीं डा. विनोद कुमार ने विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास प्रतिदिन का होमवर्क पूर्ण  करना सुनिश्चित करना और माता-पिता व गुरु का सम्मान करना शिक्षा का पहला पायदान है। आप छोटे-छोटे बच्चे बड़े से बड़े पद पर पहुंच जाएंगे, नियमित रूप से पढ़ाई को जारी रखेंगे। विद्यालय की ओर से सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार किया गया। इस अवसर पर मुख्याध्यापक बीरेंद्र जांगिड़,समस्त स्टाफ एसएमसी प्रधान, विकास चंद एसएमसी प्रधान, रोहतास ,राजेश कुमार तंवर, तारामणि ,बबली देवी आदि उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 03: शिक्षकों को पुरस्कृत करते हुए






गुरु गोरखनाथ मंदिर खरकड़ाबास में भक्तों ने चढ़ाई चादर, भंडारा लगा
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कनीना की आवाज।
गुरु गोरखनाथ मंदिर खरकड़ाबास में जाहरवीर गोगा की स्मृति में विशाल भंडारा तथा रागिनी कार्यक्रम आयोजित किया गया। अतरलाल और जिला पार्षद अजीत सिंह ने जाहरवीर गोगा की मूर्ति पर चादर चढ़ा कर समाज व राष्ट्र के चहुंमुखी विकास और भलाई की कामना की।
रागिनी गायक कलाकार राजेश शर्मा एवं पार्टी ने बाबा जाहरवीर, गुरु गोरखनाथ व भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का ओजस्वी भजनों द्वारा गुणगान कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। भंडारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। जिला पार्षद अजीत सिंह ने अपने कोटे से पांच लाख रुपए की लागत से टीन शेड बनवाने की घोषणा की। आयोजन समिति ने जिला पार्षद अजीत सिंह और नेताजी अतरलाल तथा अन्य अतिथि गण को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन -02: गांव खरकड़ा बास में गुरु गोरखनाथ मंदिर में चादर चढ़ाते हुए






बीआर स्कूल सेहलंग में हर्षोल्लास से मनाया शिक्षक दिवस
- शिक्षकों को सम्मानित किया
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में शिक्षक दिवस बड़े उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संस्था के चेयरमैन हरीश भारद्वाज उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने की।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षक-विद्यार्थी संबंध, शिक्षा के महत्व तथा राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
मुख्य अतिथि हरीश भारद्वाज ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए समर्पण और जिम्मेदारी के साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने का आह्वान किया।
प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने कहा कि शिक्षक समाज की वह मजबूत नींव हैं, जिनके मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने जीवन में सही दिशा प्राप्त करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बदलते समय के अनुरूप नई शिक्षण विधियों को अपनाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के शिक्षकों को सम्मानित किया गया तथा उनके समर्पण, मेहनत और शिक्षा के क्षेत्र में दिए जा रहे योगदान की सराहना की गई। समारोह का समापन शिक्षक दिवस की शुभकामनाओं और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
फोटो कैप्शन 01: बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में शिक्षकों को सम्मानित करते हुए