कनीना की पीपल वाली बणी को बचाने की कवायद शुरू,
-पांच फीट ऊंची कच्ची दीवार बनाने का काम शुरू
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कनीना की आवाज। कनीना की पीपलवाली बणी को एसटीपी के जल से बचाने के लिए आखिरकार प्रयास शुरू हो गए हैं। यहां एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से साफ पानी डाला जा रहा था, जो धीरे-धीरे दूर तक फैलने लगा। इससे बणी में लगे पीपल, कैर और अन्य पेड़-पौधों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा था। स्थानीय लोगों ने इस समस्या पर एतराज जताते हुए उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई थी। यहां तक कि ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद अब टेंडर के माध्यम से पांच-पांच फीट ऊंची कच्ची मिट्टी की दीवार बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता पवन कुमार ने बताया कि डीएमसी भी इस स्थान का दौरा कर चुके हैं। पानी के सैंपल भी जांच के लिए भिजवाए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां साफ पानी डाला जा रहा है। हालांकि, पेड़-पौधों के सूखने की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि दीवार बनाने का कार्य पूरा होने के बाद नर्सरी से अच्छे किस्म के पौधे लाकर बनी के चारों ओर लगाए जाएंगे, ताकि हरियाली को बचाया जा सके और पानी का फैलाव सीमित रहे।
उल्लेखनीय है कि कनीना-कोसली मार्ग पर रणास बणी में एसटीपी स्थित है। वहां जगह की कमी के चलते शोधित पानी को पीपल वाली बनी में पहुंचाया जा रहा है। यह पानी आसपास के बड़े क्षेत्र में फैल गया है। इससे वहां खड़े कई पेड़-पौधों के सूख गए हैं और बचे हुए भी सूखने की प्रबल संभावना है चूंकि लगातार पानी खड़ा रहता है। स्थानीय लोग इस समस्या को लेकर काफी चिंतित थे और उन्होंने अधिकारियों से समाधान की मांग की थी।
अब दीवार बनाने की कार्रवाई शुरू होने से लोगों को उम्मीद जगी है कि पीपल वाली बणी की हरियाली बचाई जा सकेगी और पेड़-पौधों को जलभराव से होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी।
फोटो कैप्शन 06: कनीना की पीपल वाली बणी में पानी का फैलाव रोकने के लिए कच्ची मिट्टी की दीवार बनाते हुए
कनीना क्षेत्र में चार मिलीमीटर वर्षा से किसान चिंतित, सरसों की बिजाई प्रभावित होने के आसार
-वर्षा से खेतों में नमी बढ़ी, हाल ही में बोई गई सरसों को नुकसान की आशंका
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में हुई करीब चार मिलीमीटर वर्षा और रुक-रुककर जारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इन दिनों क्षेत्र में किसान सरसों की बिजाई युद्धस्तर पर कर रहे हैं। ऐसे में बारिश होने से बिजाई का कार्य प्रभावित हो गया है। वहीं, जिन किसानों ने हाल ही में सरसों की बिजाई की है, उनकी फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की आशंका जताई जा रही है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरसों की बिजाई के लिए खेतों में अनुकूल परिस्थितियां होना जरूरी है। लगातार नमी बढऩे और खेतों में पानी ठहरने की स्थिति में नई बोई गई सरसों के बीजों के अंकुरण पर असर पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
क्या कहते हैं एसडीओ कृषि-
कृषि विभाग के एसडीओ डा. अजय यादव ने बताया कि यह वर्षा सरसों की फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। जिन किसानों ने तीन-चार दिन पहले ही सरसों की बिजाई की है, उनकी फसल खराब होने की आशंका है। वहीं, सरसों की जो फसल कुछ अधिक दिन पहले बोई गई है, उसमें कीट पैदा हो गए थे वो मर जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वर्षा के कारण किसानों का कृषि कार्य भी प्रभावित हुआ है। जिन किसानों ने अभी तक सरसों की बिजाई नहीं की है, उन्हें खेतों में नमी की स्थिति सामान्य होने का इंतजार करना पड़ सकता है। इससे बिजाई में देरी होने की संभावना है।
उधर, किसान एक नवंबर के बाद गेहूं की बिजाई की तैयारी में जुटे हुए हैं। इसके लिए खेतों को तैयार किया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार, मौजूदा वर्षा गेहूं की फसल के लिए लाभदायक साबित हो सकती है, लेकिन अभी गेहूं की बिजाई का समय नहीं आया है। ऐसे में किसान मौसम की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और सरसों की फसल को लेकर चिंतित हैं।
फोटो कैप्शन 07: कनीना क्षेत्र में बृहस्पतिवार को हुई वर्षा
साथ में एसडीओ कृषि डा. अजय यादव
कनीना अनाज मंडी में 3 लाख 25 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद, वर्षा से प्रभावित हुआ कार्य
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की सरकारी एवं निजी एजेंसियों के माध्यम से खरीद का कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक मंडी में करीब 3 लाख 25 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद की जा चुकी है। किसान बड़ी मात्रा में अपने वाहनों में बाजरा भरकर मंडी पहुंच रहे हैं। हालांकि, गुरुवार को क्षेत्र में हुई वर्षा के कारण खरीद कार्य प्रभावित हुआ। वर्षा से बाजरे को बचाने के लिए उसे तिरपाल से ढकना पड़ा, ताकि किसानों की मेहनत से तैयार फसल को नुकसान न पहुंचे।
मंडी में बाजरे की आवक लगातार जारी है। खरीद कार्य को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए गांवों के अनुसार शेड्यूल बनाया गया है। शेड्यूल के मुताबिक किसानों को मंडी में बाजरा लाने के लिए निर्धारित समय दिया जा रहा है। इससे मंडी में भीड़ को नियंत्रित करने और खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने में मदद मिल रही है। किसानों को भी इसका लाभ मिल रहा है और उन्हें अपनी उपज बेचने में सुविधा हो रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में मंडी में बाजरा लेकर पहुंचने वाले सभी किसानों की उपज खरीद ली जाएगी। वर्षा के कारण कुछ समय के लिए काम प्रभावित जरूर हुआ है, लेकिन मौसम अनुकूल रहने पर खरीद और उठान में तेजी आने की उम्मीद है। प्रधान पूर्णचंद ने बताया कि मंडी में झारने की व्यवस्था तथा उठान की व्यवस्था उत्तम है।
फोटो कैप्शन: 5. कनीना की चेलावास अनाज मंडी में बाजरे की खरीद
साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों का जागरूक होना जरूरी
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कनीना की आवाज। साइबर थाना नारनौल की टीम द्वारा ओडीएम इंटरनेशनल स्कूल, महेंद्रगढ़ में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन गेमिंग के खतरों, फर्जी लिंक, डिजिटल ब्लैकमेलिंग तथा साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी गई।
साइबर थाना नारनौल की टीम ने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में इंटरनेट शिक्षा, मनोरंजन और संचार का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। बच्चे भी पढ़ाई, ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया के जरिए तेजी से डिजिटल दुनिया से जुड़ रहे हैं। ऐसे में साइबर अपराधी बच्चों की जिज्ञासा, विश्वास और तकनीकी जानकारी की कमी का फायदा उठाकर उन्हें विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों का शिकार बना सकते हैं। टीम ने विद्यार्थियों को समझाया कि इंटरनेट पर दिखाई देने वाली प्रत्येक जानकारी और व्यक्ति की पहचान विश्वसनीय नहीं होती। इसलिए सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से दोस्ती करने, अपनी व्यक्तिगत तस्वीरें, मोबाइल नंबर, घर का पता, लोकेशन और अन्य निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को आलाइन गेमिंग के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी के बारे में विशेष रूप से जागरूक किया गया। टीम ने बताया कि साइबर अपराधी मुफ्त गेमिंग काइन, डायमंड, गिफ्ट कार्ड, स्कालरशिप, आनलाइन पुरस्कार और आकर्षक आफर का लालच देकर बच्चों को फर्जी वेबसाइट एवं संदिग्ध लिंक के माध्यम से ठगी का शिकार बना सकते हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, बिना अभिभावकों की अनुमति के आनलाइन भुगतान न करें तथा किसी अपरिचित व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, यूपीआई पिन अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
साइबर पुलिस टीम ने साइबर बुलिंग, आनलाइन धमकी, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, फोटो एवं वीडियो के दुरुपयोग और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर विषयों पर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। टीम ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर परेशान करता है, आपत्तिजनक संदेश भेजता है, निजी फोटो या वीडियो वायरल करने की धमकी देता है अथवा किसी प्रकार का अनुचित दबाव बनाता है, तो डरने या चुप रहने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा पुलिस को इसकी जानकारी दें। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि किसी की फोटो या वीडियो का बिना अनुमति दुरुपयोग करना, फर्जी अकाउंट बनाना और ऑनलाइन परेशान करना कानूनन दंडनीय हो सकता है।
टीम ने विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड बनाने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाने, सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग सुरक्षित रखने तथा संदिग्ध मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने से बचने की भी सलाह दी।
फोटो कैप्शन 03: साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए पुलिस
राजकीय महाविद्यालय नारनौल में जोनल युवा महोत्सव को लेकर बैठक आयोजित, 21 महाविद्यालयों ने कराया पंजीकरण
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कनीना की आवाज। राजकीय महाविद्यालय नारनौल में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित होने वाले इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के जोनल युवा महोत्सव-2026 के सफल आयोजन को लेकर सभी महाविद्यालयों के कंटिजेंट इंचार्जों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
बैठक के दौरान युवा महोत्सव में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम-क्रम निर्धारित किया गया तथा प्रत्येक प्रतियोगिता के लिए कोड आवंटित किए गए। इसका उद्देश्य प्रतियोगिताओं का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से करना तथा निर्णयन प्रक्रिया में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। सभी कंटिजेंट इंचार्जों को प्रतियोगिताओं से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
आयोजन सचिव डॉ. नरेश कुमार यादव ने बताया कि 31 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस युवा महोत्सव में अब तक जिले के 21 महाविद्यालयों ने भाग लेने के लिए पंजीकरण करवाया है। महोत्सव के दौरान कुल 46 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने बताया कि युवा महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, सांस्कृतिक विरासत से जुडऩे तथा आपसी समन्वय और रचनात्मकता को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समन्वयक डॉ. हवा सिंह यादव एवं महाविद्यालय प्रशासन ने नारनौल शहर तथा आसपास के क्षेत्र के नागरिकों से युवा महोत्सव में शामिल होकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की। महोत्सव के माध्यम से क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।
फोटो कैप्शन 03:जोनल युवा महोत्सव के संबंध में आयोजित बैठक में मौजूद महाविद्यालयों के कंटिजेंट इंचार्ज।
रिटायर्ड कर्मी एक नवंबर को दिल्ली में देंगे धरना
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कनीना की आवाज। रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के प्रधान मास्टर वजीर सिंह राज्य महासचिव रतन जिंदल वह राज्य प्रेस सचिव धर्मपाल शर्मा ने संयुक्त बयान में बताया कि हम सभी को मालूम है कि केंद्र सरकार द्वारा एसआईआर लागू करने पर लाखों वोट कट गए । ज्यादा तर गरीब व कमजोर अल्पसंख्यक लोगों के वोटों पर प्रभाव पड़ा है । इसके विरोध में दिल्ली जंतर मंतर में जीएनजी और विभिन्न सामाजिक राजनीतिक संस्थाओं द्वारा चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार आंदोलन किया जा रहा है। घबराई हुई सरकार ने जंतर मंतर पर किसी भी प्रकार का धरना प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया । शान्ति पूर्वक आन्दोलन कर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी, मारपीट के विरोध स्वरूप में 1 नवंबर को सभी सामाजिक संस्थाओं , ट्रेड यूनियनो व इंडिया गठबंधन द्वारा रामलीला ग्राउंड दिल्ली में विरोध रैली का आयोजन किया जा रहा है। एसआईआर का प्रभाव हम सब पर भी पड़ रहा है। इसलिए रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा ने भी दिल्ली रामलीला मैदान की 1 नवंबर की रैली में शामिल होने का निर्णय लिया है।
फोटो कैप्शन: धर्मपाल
मोहित चौधरी ने विभिन्न गांवों का किया दौरा, ग्रामीणों से साधा संवाद
-जीवन स्तर सुधारना है धर्म सेना का उद्देश्य : मोहित चौधरी
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कनीना की आवाज। भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह के सुपुत्र और धर्म सेना (न्यास) के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहित चौधरी ने वीरवार को अटेली विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याएं सुनी तथा जल्द से जल्द समाधान का आश्वासन दिया। वीरवार को मोहित चौधरी ने अपने इस जनसंपर्क अभियान के दौरान छापड़ा सालिमपुर, सराय, सुरानी, कुंजपुरा, श्यामपुरा, बाछोद, मिर्जापुर, भीलवाड़ा, ताजपुर, फतनी, तोबड़ा और खोड़ सहित कई गांवों का दौरा किया। ग्रामीणों ने इस दौरान उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दौरे के दौरान अपने संबोधन में मोहित चौधरी ने कहा कि धर्म सेना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक जन के समक्ष आ रही समस्याओं का समाधान करवाकर उनका जीवन आसान बनाना है। इसी उद्देश्य के साथ वे विभिन्न गांवों का दौरा करते है तथा समस्याएं सुनते है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों द्वारा उन्हे विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया गया है, जिन समस्याओं को वे अपने पिता सांसद धर्मबीर सिंह के संज्ञान में लाएंगे तथा जल्द से जल्द उनका समाधान करवाया जाएगा। जनसंपर्क अभियान के दौरान मोहित चौधरी ने ग्रामीणों को आगामी 30 अक्तूबर को भिवानी के ऐतिहासिक भीम स्टेडियम में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय खिलाड़ी सम्मान समारोह में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया। उन्होंने बताया कि इस राज्य स्तरीय भव्य समारोह में हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री अपने कर-कमलों से एशियन और पैरा एशियन खेलों में देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले कुल 125 मेधावी खिलाडिय़ों को 185 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकद पुरस्कार राशि से सम्मानित करेंगे। मोहित चौधरी ने कहा कि इतनी बड़ी राशि से खिलाडिय़ों का सम्मान किया जाना यह साबित करता है कि प्रदेश सरकार खेल और खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन देने के प्रति कितनी संजीदा और प्रतिबद्ध है। इस पहल से न केवल प्रदेश के खिलाडिय़ों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि आने वाली युवा पीढ़ी भी खेलों के प्रति प्रेरित होगी। इस अवसर पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बढ़-चढकऱ भाग लिया और इस सकारात्मक राजनीतिक और सामाजिक पहल का स्वागत किया।
फोटो कैप्शन 04: संबोधित करते हुए मोहित चौधरी
अतिथि अध्यापक नियमित किए जाएं: अतरलाल
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कनीना की आवाज। बसपा ने हरियाणा सरकार से राज्य के सरकारी स्कूलों में वर्षों से सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग की है। अतरलाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक पत्र भेजकर मांग उठाई है।
पत्र के बारे में जानकारी देते हुए अतरलाल ने कहा कि अतिथि अध्यापक करीब 20 सालों से सरकारी स्कूलों में सराहनीय सेवाएं दे रहे हैं। वे स्थायी शिक्षकों की तरह स्थायी प्रकृति के सभी कार्य कर रहे हैं और उनकी नियुक्तियां भी 2005 से 2007 के बीच में सरकार की निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत हुई थी। हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा अधिनियम 2019 भी अतिथि अध्यापकों को 58 वर्ष तक सेवा जारी करने की सुरक्षा देता है। उन्होंने कहा कि आंदोलनरत अतिथि अध्यापकों की नियमित करने की मांग बिल्कुल जायज और कानून सम्मत है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में परीक्षाएं सिर पर आ रही हैं। यदि अतिथि अध्यापकों को मजबूर होकर आंदोलन को आगे चलाना पड़ा तो इससे विद्यार्थियों के भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अतिथि अध्यापकों की मांग को टालते रहने से उनमें रोश बढ़ता जा रहा है। इसलिए बहुजन समाज पार्टी सरकार से अतिथि अध्यापकों को तत्काल नियमित करने की मांग करती है।
फोटो कैप्शन: अतरलाल।
दुर्घटना में एक घायल, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के गांव कोटिया निवासी इंद्र सिंह ने अज्ञात गाड़ी चालक के विरुद्ध टक्कर मारकर घायल करने का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस में उसने बताया कि 4 अक्टूबर को शाम 4: बजे वह भोजावास से अपने गांव कोटिया बाइक पर जा रहा था। कनीना अनाज मंडी स्थित चेलावास के पास पहुंचा तो पीछे से आ रही एक गाड़ी ने टक्कर मार दी जिसके चलते वह घायल हो गया। घायल को सरकारी अस्पताल कनीना ले जाया गया वहां से उन्हें रोहतक रेफर कर दिया। लेकिन चोट ज्यादा होने के कारण उन्हें रेवाड़ी एक निजी अस्पताल भर्ती करवाया और अब तक इलाज चल रहा था। अब अस्पताल से छुट्टी मिलने पर उन्होंने कनीना पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है। उन्होंने कहा है कि टक्कर में टक्कर मारने वाली गाड़ी की नंबर प्लेट गिर गई थी जो उनके पास है।
युवती लापता, गुमशुदगी का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के एक गांव से करीब 18 वर्षीय युवति लापता हो गई। उसके पिता ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाते हुए एक लड़के पर शक जताया है। कनीना पुलिस लड़की के पिता ने दर्ज करवाए मामले में कहा है कि उसकी लड़की 18 वर्ष 3 माह की है जो आईटीआई में पढऩे जाती है। उसकी लड़की यह कहकर शाम के समय अपनी सहेली के घर गई थी कि वह कुआं पूजन पर है किंतु उसकी लड़की जब अगली सुबह घर नहीं पहुंची तो आईटीआई से पता लगाया किंतु नहीं मिली। उन्होंने समीपी एक गांव के लड़के पर शक जाता है कि उसने बंधक बनाकर कहीं रखा हुआ है। उनकी शिकायत पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।
विश्व बचत दिवस- 30 अक्टूबर
थोड़ा-थोड़ा बचाने से बना सकता है बड़ा काम -शिवचरण
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कनीना की आवाज। विश्व बचत दिवस 30 अक्टूबर को भारत में मनाया जा रहा है। अपनी कमाई में कुछ धन अगर बैंक या डाकघर में जमा कर दिया जाता है तो भविष्य में सुखद परिणाम आ सकते हैं। यह बचाई हुई राशि भविष्य में काम आ सकती है। यह दिवस 1924 में सबसे पहले मनाया गया था। तत्पश्चात से हर वर्ष मनाया जाता आ रहा है। अल बचत वह राशि है जो सभी खर्च करने के बाद कुछ निश्चित अवधि के बाद बच जाती है। इसका उपयोग डाकघर या बैंक में राशि को जमा करके प्राप्त किया जा सकता है। अल्प बचत भविष्य के लिए अच्छा परिणाम देने वाली हो सकती है। ऐसे में अल्प बचत की आदत डालने पर जोर दिया जाता है।
विभिन्न डाकघर एजेंट से बचत दिवस पर विचार लिए गये जिनके विचार अलग-अलग रहे।
*** विश्व बचत का अर्थ है कि सभी कुछ न कुछ राशि जमा करे। अल्प बचत एक ऐसा माध्यम है कि जीवन में खुशहाली ला सकता है। स्माल सेविंग एफडी, एमआइएस,एनएससी, केवीपी आते हैं। कनीना डाकघर के तहत 16 उप-शाखा कार्यालय आते हैं। साथ में कनीना, उन्हाणी और चेलावास शामिल किए गए हैं। विगत वर्षों से लोगों का रुझान अल्प बचत की ओर बढ़ा है। बैंकों की बजाय डाकघर की ओर रुझान अधिक देखने को मिल रहा है। अच्छा धन लोग डाकघर में कर रहे हैं। इस प्रकार की आदत को डालने और आगे बढ़ाने की भी मांग की है।
सरकार ने अल्प बचत योजनाएं शुरू कर रखी है जिनमें प्रमुख रूप से एफडी, आरडी, केवीपी, एनएससी आदि आती हैं। सरकार ने आरडी योजना चला रखी है जो कम से कम 100 रुपये से शुरुआत होती है तथा कितनी भी राशि जमा कर सकते हैं। इस पर 6.7 प्रतिशत ब्याज मिलता है। जबकि एफडी एक व दो वर्ष की करने पर 6.9 प्रतिशत तथा तीन साल से अधिक के लिए जमा राशि पर अधिक ब्याज मिलता है। 5 वर्ष तक की अवधि पर ब्याज दर 7.4 फीसदी है। लोगों का रुझान एफडी की ओर अधिक देखने को मिलता है।
---शिवचरण, डाकघर एजेंट कनीना
आज के दिन सरकार ने बचत के कई माध्यम बनाये हुये हैं। एफडी अधिक प्रचलन में है। कभी एनएससी एवं केवीपी का दौर होता था जब सरकार साढ़े पांच वर्ष में धन दोगुना कर देती थी किंतु अब इन दोनों योजनाओं में नौ सात सात माह में लगाई गई राशि दोगुनी होती है। यही कारण है कि लोगों का इन योजनाओं की ओर रुझान घट गया है। बैंक हो या डाकघर कहीं भी बचत की जा सकती है किंतु डाकघर में ब्याज बैंक के मुकाबले कम ब्याज मिलता है।
---बालकिशन करीरा डाकघर एजेंट
फोटो कैप्शन: शिवचरण एवं बालकिशन।
कनीना में पैनल अधिवक्ताओं की बैठक आयोजित
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कनीना की आवाज। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की चेयरपर्सन एवं जिला व सत्र न्यायाधीश डा. रितु वाईके बहल के दिशा निर्देशानुसार उप-मंडल विधिक सेवा समिति (एसडीएलएससी) महेंद्रगढ़ तथा कनीना में पैनल अधिवक्ताओं की एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) मैडम नीलम कुमारी ने की।
बैठक के दौरान डीएलएसए सचिव नीलम कुमारी ने आगामी 21 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली एनआई एक्ट (चेक बाउंस प्रकरणों) से संबंधित स्पेशल लोक अदालत तथा 12 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने उपस्थित पैनल अधिवक्ताओं को निर्देश दिए कि वे आमजन एवं मुकदमों से जुड़े पक्षों को लोक अदालत के माध्यम से विवादों का आपसी सहमति व सौहार्दपूर्ण वातावरण में निपटारा कराने के लिए प्रेरित करें। लोक अदालत में मामलों के निपटारे से समय और धन दोनों की बचत होती है और इसके फैसले के खिलाफ कोई अपील भी नहीं होती।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव ने आमजन को जागरूक करते हुए मुफ्त कानूनी सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों की विस्तृत समीक्षा की और जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम के तहत समाज के कमजोर, जरूरतमंद और आर्थिक रूप से अक्षम वर्गों को निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी नागरिक न्याय से वंचित न रहे।
सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जाने वाले विधिक जागरूकता शिविरों की रूपरेखा पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के गांवों में समाज के अंतिम व्यक्ति तक कानूनी अधिकारों और विधिक सहायता की जानकारी पहुंचाना प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए अधिवक्ताओं को गांवों में अधिक से अधिक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में आमजन को त्वरित विधिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की गई। सचिव नीलम कुमारी ने बताया कि किसी भी प्रकार की निशुल्क कानूनी सलाह या जानकारी के लिए नागरिक नालसा के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 15100 तथा डीएलएसए नारनौल के हेल्पलाइन नंबर 01282-250322 पर संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर उप-मंडल के पैनल अधिवक्ता उपस्थित रहे।
फोटो 01: कनीना में पैनल अधिवक्ताओं की बैठक लेती सीजेएम नीलम कुमारी।
प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना द्वारा
आरती श्रीवास्तव सम्मानित
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कनीना की आवाज। सहकार नगर, रामपुर निवासी श्रीमती आरती श्रीवास्तव को उन्नत वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन, मत्स्य बीज उत्पादन एवं रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन द्वारा सम्मानित किया गया। भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित समारोह में उन्हें मानपत्र प्रदान करने के साथ अनुदान राशि दी गई।
समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार के मंत्रिगण अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इनमें केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल तथा मध्यप्रदेश के मंत्री श्री नारायण सिंह पवार शामिल थे।
इस अवसर पर अतिथियों ने आरती श्रीवास्तव की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायी बताया। उल्लेखनीय है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में सम्मानित होने वाली वे देश की प्रथम महिला हैं।
आरती श्रीवास्तव की यह उपलब्धि उनके परिश्रम, संकल्प और नवाचार के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने फाइनेंस में एमबीए की उपाधि प्राप्त करने के बाद लगभग दस वर्षों तक विदेशों में सेवाएं दीं। इसके उपरांत अपने गृह नगर जबलपुर लौटकर उन्होंने बरगी क्षेत्र के घाट पिपरिया में वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन एवं मत्स्य बीज उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। उनके इस प्रयास से मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार सृजन और आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहन मिल रहा है।
आरती श्रीवास्तव समाजसेवी अमरेश श्रीवास्तव की सुपुत्री हैं। उनकी यह उपलब्धि महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है, जो नवाचार, उद्यमिता एवं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देना चाहती हैं।
फोटो कैप्शन 08: संबंधित है
सशक्त हस्ताक्षर की 53वीं काव्य गोष्ठी सम्पन्न
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कनीना की आवाज। साहित्य, समाज और संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय संस्था 'सशक्त हस्ताक्षर की 53वीं काव्य गोष्ठी केसरवानी महाविद्यालय में सम्पन्न हुई। प्रारंभ में संस्थापक गणेश श्रीवास्तव प्यासा ने साहित्य के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केसरवानी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आशुतोष दुबे तथा अध्यक्ष महामहोपाध्याय आचार्य डॉ. हरिशंकर दुबे रहे। विशिष्ट अतिथि शिवहरि श्रीवास्तव, विवेक गुप्ता सहर एवं आचार्य विजय तिवारी 'किसलय रहे। सारस्वत अतिथि राजेश पाठक 'प्रवीण
थे। मंगलभाव कवि संगम त्रिपाठी एवं अरुण शुक्ल ने व्यक्त किया। सरस्वती वंदना प्रकाश सिंह ठाकुर ने प्रस्तुत की। स्वागत श्रीमती रचना गुप्ता, आरव गुप्ता, दिवाकर शर्मा, महेश स्थापक, धनंजय श्रीवास्तव तथा राजीव लाल श्रीवास्तव ने किया।
वक्ताओं ने कहा कि साहित्य संस्कृति और मानवीय मूल्यों का संवाहक है। साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन, संवेदनशीलता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर प्राचार्य डा. आशुतोष दुबे, शिवहरि श्रीवास्तव, विवेक गुप्ता, गुलजारी जैन एवं राजरंजन श्रीवास्तव को शाल, स्मृतिचिह्न, अंगवस्त्रम, कलम एवं मोतियों की माला भेंट कर सम्मानित किया गया।
द्वितीय सोपान में आयोजित काव्य गोष्ठी में कुंजीलाल चक्रवर्ती, हीराधर बडग़ैयां, दीनदयाल तिवारी, बालमुकुंद लखेरा, अखिलेश खरे कछारगाँव, सुभाषमणि बैरागी, लखनलाल रजक, प्रेमकुमार पालीवाल, डॉ. सुरेंद्र लाल साहू, विजय सिन्हा, मानसिंह ठाकुर, निरंजन द्विवेदी, रघुवीर अम्बर, अरविंद मोहन नायक, डॉ. मुकुल तिवारी, शिवानी भगत, प्रभा 'शील, तरुणा खरे एवं कालिदास ताम्रकार ने अपनी उत्कृष्ट काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन सिद्धेश्वरी सराफ 'शीलू ने किया तथा गुलजारी जैन ने आभार प्रदर्शन किया।
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