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Sunday, October 4, 2026



 




अदालतों, तबादलों और पात्रता परीक्षा के फेर में उलझी शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों में पढ़ाई का माहौल प्रभावित
अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण से लेकर तबादला नीति तक लगातार असमंजस; शिक्षक संगठनों के आंदोलनों के बीच शिक्षा विभाग की नीतियां न्यायिक प्रक्रिया में अटक रहीं
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कनीना की आवाज।
हरियाणा की सरकारी शिक्षा व्यवस्था इन दिनों एक साथ कई मोर्चों पर उलझी दिखाई दे रही है। अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण, में पात्रता परीक्षा की शर्तों, शिक्षक तबादला प्रक्रिया, जनगणना और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण जैसी जिम्मेदारियों के बीच सरकारी स्कूलों में नियमित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि नीतिगत फैसलों में बार-बार बदलाव और अदालती मामलों के कारण शिक्षकों का ध्यान पढ़ाई के बजाय सेवा संबंधी मुद्दों पर अधिक केंद्रित हो रहा है।
अतिथि अध्यापकों का मामला फिर न्यायिक गलियारों में
अतिथि अध्यापकों के मामले में लंबे समय से चली आ रही कानूनी लड़ाई ने शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। 16 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा की 16 जून और 18 जून 2014 की नियमितीकरण अधिसूचनाओं को वैध माना, हालांकि 7 जुलाई 2014 की अधिसूचना को लेकर अलग निष्कर्ष दिया। इसके बाद हरियाणा में इन फैसलों का लाभ लेने के लिए कई याचिकाएं सामने आईं। अगस्त 2026 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष भी अतिथि/कॉन्ट्रैक्चुअल शिक्षकों ने 2014 की नीतियों के आधार पर नियमितीकरण की मांग उठाई।
ऐसे में शिक्षकों का कहना है कि करीब दो दशक से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर स्पष्ट और समयबद्ध नीति जरूरी है। दूसरी ओर, सरकार के सामने नियमित भर्ती, सेवा नियमों और न्यायालयों के निर्देशों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है।
पात्रता परीक्षा की शर्त ने बढ़ाई बेचैनी
इसी बीच पात्रता परीक्षा को लेकर भी शिक्षक वर्ग में असमंजस और विरोध देखने को मिल रहा है। नारनौल के सुभाष पार्क में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ द्वारा एक दिवसीय भूख हड़ताल और सत्याग्रह की अखबारी रिपोर्ट में भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के नाम पर टी ई टी व एच टी ई टी जैसी शर्तें लगाए जाने पर आपत्ति दर्ज की गई है।
यह मुद्दा केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने 12 मई 2026 के एक आदेश में हरियाणा के 360 संविदा विशेष शिक्षकों के लिए स्क्रीनिंग कमेटी गठित करने और पात्र पाए जाने वाले शिक्षकों को 7 मार्च 2025 के आदेश के तहत नियमित करने की बात कही तथा इस प्रक्रिया में पात्रता परीक्षा योग्यता पर जोर न देने का निर्देश दिया था।
शिक्षक संगठनों का तर्क है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए वर्षों बाद पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता व्यावहारिक कठिनाई पैदा कर सकती है। उनका कहना है कि जो शिक्षक लंबे समय से कक्षाओं में पढ़ा रहे हैं, उनके अनुभव और सेवा अवधि को भी किसी व्यवस्था में पर्याप्त महत्व मिलना चाहिए।
तबादला नीति भी बनी चिंता का विषय
शिक्षकों की दूसरी बड़ी चिंता तबादला प्रक्रिया को लेकर है। शिक्षा विभाग ने 25 जून 2026 को नई तबादला नीति-2026 जारी की थी और जुलाई में आगामी ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव के लिए डेटा सत्यापन एवं प्रमाणीकरण का कार्यक्रम भी जारी किया गया। इसके बाद भी तबादला प्रक्रिया से जुड़े विवाद न्यायालय तक पहुंचे। सितंबर 2026 के एक मामले में हाईकोर्ट ने शिक्षक तबादला नीति के तहत अनुभव की गणना को लेकर याचिकाकर्ताओं के पक्ष में निर्देश दिए।
नतीजा यह है कि शिक्षक संगठनों और शिक्षकों के सोशल मीडिया ग्रुपों में लंबे समय तक यही चर्चा चलती रहती है कि तबादले होंगे या नहीं, किस आधार पर होंगे और किसे कौन-सा स्टेशन मिलेगा। इसका सीधा असर शिक्षक के मानसिक फोकस और विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर पडऩे की चिंता व्यक्त की जा रही है।
एक तरफ जनगणना, दूसरी तरफ मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण
शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक दायित्वों में भी लगाया जा रहा है। पहले जनगणना से संबंधित कार्य और उसके बाद मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण तथा बी एल ओ जैसी जिम्मेदारियों में बड़ी संख्या में शिक्षक लगाए जाते हैं। इससे विद्यालय में उनकी नियमित उपलब्धता प्रभावित होना स्वाभाविक है।
सरकारी शिक्षक का मूल दायित्व कक्षा में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। लेकिन जब वही शिक्षक लगातार प्रशासनिक और चुनावी दायित्वों में व्यस्त रहेगा, तो कक्षा-कक्ष में अपेक्षित समय और निरंतरता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा।
पी एम श्री और मॉडल संस्कृति स्कूलों का सपना, लेकिन शिक्षक खुद असमंजस में
सरकार द्वारा पी एम श्री, मॉडल संस्कृति और अन्य आधुनिक विद्यालयों की अवधारणा के माध्यम से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन दूसरी तरफ उन्हीं विद्यालयों में कार्यरत अथवा जाने के इच्छुक शिक्षकों के सामने तबादले, सेवा शर्तों और न्यायिक मामलों को लेकर असमंजस बना रहे तो इन योजनाओं का शैक्षणिक उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।
शिक्षा व्यवस्था केवल भवन, डिजिटल बोर्ड, स्मार्ट क्लास और नई योजनाओं से मजबूत नहीं होती। उसके केंद्र में शिक्षक और विद्यार्थी के बीच नियमित कक्षा-संवाद होता है। जब शिक्षक का बड़ा हिस्सा सेवा संबंधी अनिश्चितताओं, तबादलों, पात्रता परीक्षाओं, अदालती मामलों और गैर-शैक्षणिक ड्यूटी में उलझा रहेगा, तब कक्षा में पढ़ाई का वातावरण बनाए रखना स्वाभाविक रूप से कठिन होगा।
अब जरूरत 'बयानों' से आगे स्पष्ट रोडमैप की
शिक्षक संगठनों की मांगों और न्यायिक मामलों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार ऐसी स्पष्ट, पारदर्शी और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप व्यवस्था कब तैयार करेगी, जिससे शिक्षक बार-बार अदालत और आंदोलन की राह पर जाने के बजाय कक्षा में अपना पूरा ध्यान दे सकें।
अतिथि अध्यापकों के भविष्य, पात्रता परीक्षा से जुड़ी शर्तों, तबादला नीति और गैर-शैक्षणिक ड्यूटी—इन सभी मुद्दों का समाधान अलग-अलग फाइलों में नहीं, बल्कि समग्र शिक्षा नीति और समयबद्ध प्रशासनिक निर्णय के रूप में देखने की आवश्यकता है।
क्योंकि अंतत: सवाल केवल शिक्षकों का नहीं है—सवाल उन लाखों विद्यार्थियों का है, जिनका वर्तमान शैक्षणिक सत्र और भविष्य सरकारी स्कूलों की कक्षाओं पर निर्भर है।



हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार तापमान में उफान देखने को मिल रहा है मौसम प्रणाली के असर से 12 अक्टूबर से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में फिजाओं में गुलाबी मीठी ठंड धुलने की सम्भावना बन रही 
हैं- डॉ चंद्र मोहन
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कनीना की आवाज।
वर्तमान परिदृश्य में मौसम पूर्वानुमान मानचित्र का विश्लेषण अनुसार
हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों चरखी दादरी महेंद्रगढ़ रेवाड़ी मेवात में केवल बिखराव वाली छिट-पुट बूंदाबांदी और बादलों की आवाजाही जबकि उत्तरी जिलों खासकर पंचकूला अंबाला यमुनानगर कुरूक्षेत्र करनाल कैथल जींद रोहतक झज्जर में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर छिट-पुट ओलावृष्टि को नकारा नहीं जा सकता जबकि सिरसा फतेहाबाद पानीपत सोनीपत फरीदाबाद पलवल गुडग़ांव एनसीआर दिल्ली हिसार में तेज़ गति की हवाओं के साथ हल्की बारिश की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है ।इस मौसम प्रणाली द्वारा उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी होने से उत्तरी हवाओं से सम्पूर्ण इलाके में वर्तमान समय बढ़ते तापमान पर लगाम लगेगी और सुबह के धंटो में फिजाओं में गुलाबी मीठी ठंड धुलने लगेंगी। आज भी हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है और तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं ?। 7 वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर सिमित स्थानों पर विशेषकर हरियाणा के उत्तरी जिलों पंचकूला अंबाला यमुनानगर कुरूक्षेत्र जबकि 10 अक्टूबर को सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर अधिकतर स्थानों दक्षिणी जिलों को छोड़कर सम्भावना बन रही है।



राष्ट्रीय जूडो में पीयूष का स्वर्णिम परचम, देशभर में चमकाया बीआर स्कूल सेहलंग का नाम
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग के कक्षा 12वीं के छात्र पीयूष ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की नेशनल जूडो चैंपियनशिप में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पीयूष की इस उपलब्धि से विद्यालय के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
सीबीएसई की राष्ट्रीय स्तर की जूडो प्रतियोगिता का आयोजन 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक असंध-जींद रोड स्थित मिनर्वा पब्लिक स्कूल परिसर में किया गया। छह दिनों तक चले इस खेल महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों से सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों के प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों ने भाग लिया और अलग-अलग आयु एवं भार वर्गों में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग का प्रतिनिधित्व करते हुए पीयूष ने अंडर-19 आयु वर्ग के 60 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय स्तर के खिलाडिय़ों के बीच पीयूष ने शानदार खेल कौशल, आत्मविश्वास, अनुशासन और दमदार प्रदर्शन का परिचय देते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय का परचम लहराया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान एवं स्वर्ण पदक प्राप्त करना पीयूष के निरंतर अभ्यास, मेहनत और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। उसकी इस सफलता ने यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी उचित मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और दृढ़ संकल्प के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
पीयूष की इस उपलब्धि पर विद्यालय में खुशी का माहौल रहा। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उसे बधाई दी तथा उसकी सफलता को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने पीयूष को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ उनकी खेल प्रतिभा को भी समान रूप से प्रोत्साहित करता है। पीयूष ने राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया है और अन्य विद्यार्थियों के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
विद्यालय के चेयरमैन हरीश भारद्वाज ने पीयूष को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि सीबीएसई नेशनल जूडो चैंपियनशिप में प्रथम स्थान के साथ स्वर्ण पदक हासिल करना केवल पीयूष और उसके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय और क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, धैर्य और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं। विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों एवं अन्य गतिविधियों में भी अपनी प्रतिभा दिखाने के पर्याप्त अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि पीयूष की सफलता विद्यालय के उन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है जो खेलों में आगे बढ़कर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर मेहनत की जाए तो बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने पीयूष को इस शानदार उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वह भविष्य में भी इसी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ते हुए विद्यालय, क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करेगा।
फोटो कैप्शन 08: सीबीएसई नेशनल जूडो चैंपियनशिप में अंडर-19 के 60 किलोग्राम भार वर्ग में प्रथम स्थान




25 वर्षीय लड़की लापता, गुमशुदगी का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के एक गांव से 25 वर्षीय लड़की लाइब्रेरी के लिए गई थी किंतु घर नहीं लौटी। उसके पिता ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस में दी गई शिकायत में लड़की के पिता ने कहा है कि 3 अक्टूबर को उसकी 25 वर्षीय लड़की सुबह करीब 9:30 बजे घर से लाइब्रेरी गई थी। शाम तक वापस नहीं लौटी तो तलाश की गई लेकिन कोई सूचना नहीं मिली। हर जगह रिश्तेदारी में पूछताछ की किंतु कोई पता पता नहीं चला। लड़की के पिता ने शंका व्यक्त की है कि  किसी ने उसे गुप्त स्थान पर बंधक बना रखा है। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।


समुत्कर्ष विद्यार्थी प्रोत्साहन उपक्रम का द्वितीय कार्यक्रम संपन्न
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कनीना की आवाज।
युवा एवं सेवा फाउंडेशन के द्वारा  महेन्द्रगढ़ जिले के अनुसूचित जाति के
विद्यार्थियों को डा. भीमराव अम्बेडकर की स्मृति में प्रोत्साहित करने हेतु चलाए जा रहे समुत्कर्ष -विद्यार्थी प्रोत्साहन उपक्रम के द्वितीय बैच का द्वितीय कार्यक्रम रविवार को संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा बाल संरक्षण बोर्ड की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में ग्राम विकास गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं समाजसेवी  अनूप भाली, रोहतक  रहे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में राजकीय
महाविद्यालय, झोझू कलां के प्राचार्य डा. राजपाल राठी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर महेंद्रगढ़ जिले के अनुसूचित जाति के 101 मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरित की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि तृप्ति श्योराण ने कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में संघर्ष का मजबूती के साथ सामना करना चाहिए, एक लक्ष्य बनाकर काम करना चाहिए और समस्याओं से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि समस्याएं हमारे जीवन में अवसर बनकर आती हैं।
मुख्य वक्ता  अनूप भाली  ने कहा कि इस देश ने हमें बहुत कुछ दिया है, अब हमारा दायित्व बनता है कि हम इस देश को क्या दें। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे खूब मन लगाकर पढ़ाई करें और भविष्य में देश की समस्याओं के लिए समाधान बनें, समस्या नहीं। उन्होंने युवा एवं सेवा
फाउंडेशन द्वारा विद्यार्थियों को दी जा रही छात्रवृत्ति की जमकर प्रशंसा की।
इस अवसर पर समुत्कर्ष विद्यार्थी प्रोत्साहन उपक्रम के संयोजक एवं एसडी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरपर्सन जगदेव यादव ने सभी सम्मानित अतिथियों का सम्मान किया और भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय से डा. सुनील अग्रवाल, युवा सेवा के मीडिया प्रभारी लक्ष्मण, सचिन  सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02 व 03:समुत्कर्ष विद्यार्थी प्रोत्साहन प्रदान करते हुए


सेठ खुशीराम अग्रवाल का किया सम्मान
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कनीना की आवाज।
दिल्ली राजधानी में सफल व्यवसाय कर रहे प्रमुख गो भक्त सेठ खुशीराम अग्रवाल का पैतृक गांव धनौन्दा में नागरिक अभिनंदन किया गया। अतरलाल की अगुवाई में ग्रामवासियों ने सेठ खुशीराम को साफा व पटका पहनाकर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली राजधानी जैसे क्षेत्र में सफल व्यवसायी के तौर पर रहते हुए भी सेठ खुशीराम ने अपने गांव की जड़ों से जुड़े रहकर गांव के जनकल्याण और विकास में जो योगदान दिया है वह हमेशा स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा और आने वाली पीढिय़ां उनके योगदान को याद करेंगी। ऐसे महान व्यक्ति समाज के प्रेरणा स्त्रोत होते हैं और उनका सम्मान करना समाज का नैतिक कर्तव्य है। सेठ खुशीराम ने सम्मान समारोह के लिए ग्रामवासियों का धन्यवाद करते हुए अपने सफल व्यावसायिक जीवन की प्रेरक कहानियां सुनाई। उन्होंने युवाओं से ईमानदारी और लगन से मेहनत करने अच्छे संस्कार, गौ सेवा तथा भलाई के कार्य करने की अपील की। इस अवसर पर नवीन जांगड़ा, सुभाष कुमार, सुनील, संदीप, पवन, कैलाश सेठ, दयानंद, दीपांशु, औमप्रकाश, राकेश आदि ने भी सेठ खुशीराम के समाज भलाई कार्यों की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की कामना की।
फोटो कैप्शन 07: सेठ का सम्मान करते हुए



विश्व शिक्षक दिवस-5 अक्टूबर
पूरे विश्व में पूजा के योग्य होता है शिक्षक-डा होशियार सिंह
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कनीना की आवाज।
  1994 से विश्व शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। शिक्षक दिवस मनाने का उद्देश्य शिक्षकों को अपनी  जिम्मेदारी और अहमियत के प्रति जागरूक करना है। उनकी मेहनत के लिए उन्हें सम्मानित करने के लिए विश्व शिक्षक दिवस का आयोजन किया जाता है। जिस प्रकार शिक्षा हमारे जीवन को स्वर देती है उसी प्रकार शिक्षक, शिष्य के जीवन को स्वर देता है। सदा ही शिक्षकों का आदर रहा है और रहेगा। विश्व शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर कुछ सम्मानित शिक्षकों से बात हुई
** हमारे प्रथम गुरु माता-पिता ही होते हैं जो इस दुनिया में लाते हैं। माता-पिता की छांव में बच्चे सीखते हैं, संस्कार ग्रहण करते हैं। बच्चा जब बड़ा होता है तो उसका सामना समाज जीवन की वास्तविकता से होता है। तब शिक्षक अपने ज्ञान और मार्गदर्शन के रूप में आगे बढ़ाने में सही राह दिखाता है। इसकी मेहनत पर एवं शिक्षा के बल पर शिष्य अपनी ऊंचाइयों की और अग्रसर होता है।  शिक्षक को शिष्य कभी नहीं भुला सकता। शिक्षक सम्मान की दृष्टि से देखा जाता रहा है और देखा जाता रहेगा। शिक्षक ही है जो हर विद्यार्थी में गुण भर देता है जिसके बल पर विद्यार्थी ऊंचाइयों को छू जाता है।
  समस्त विश्व में जिस भी युग में बदलाव आये वो शिक्षकों की भागीदारी का गवाह है। गुरू वशिष्ठ , विश्वामित्र, द्रोणाचार्य, संदीपनी सबने अपने साथ शिष्यों को लेकर बदलाव व मूल्यों की स्थापना की। चाणक्य, माक्र्स, अरस्तु, ने राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक सभी क्षेत्रों में नये आयाम दिए तथा मानव जीवन को सुंदर बनाने का प्रयास किया। चिकित्सा, विज्ञान , खगोल जैसे विषयों पर आज भी विश्व के वैज्ञानिक जो रिसर्च कर रहे हैं वह भी ऋषि मुनियों ने संसार को दी हैं। शिक्षकों के द्वारा ही विद्यार्थी आगे के जीवन को सार्थक बनाता है । आज के युग में शिक्षक की महता ओर अधिक है क्योंकि ये आर्थिक स्पर्धा का युग है और इसमें विद्यार्थी सही मूल्यों को अपनाकर मानव कल्याण की भावना के साथ विश्व के विकास में योगदान दे सके।
---डा. होशियार सिंह यादव
फोटो कैप्शन: डा. होशियार सिंह यादव


स्कूलों की चारदीवारी के पास खड़ी करते हैं रेहडिय़ां और होड़ लगाकर चलाते हैं माइक
- विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही है बाधित
-बंदरों की भी बढ़ रही है भरमार ,नगर पालिका असहाय
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कनीना की आवाज।
 कनीना के उप नागरिक अस्पताल के पास स्थित राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, राजकीय कन्या माडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल, राजकीय माडल संस्कृति प्राथमिक स्कूलों ने कनीना नगर पालिका सचिव एवं प्रधान नगर पालिका को बार-बार रहेडिय़ां हटवाने के लिए लिखित शिकायत दी है, बावजूद भी रेहडिय़ां नहीं हटी है। ये गले सड़े फल एवं सब्जियां स्कूल में फेंक बंदरों को निमंत्रण देते हैं। अब तक कई बच्चों एवं शिक्षकों को बंदरों ने काट खाया है। सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
 स्कूल के मुखियाओं का कहना है कि ये रेहड़ी वाले न केवल आपसी होड़ लगाकर माइकों से शोर करते हैं अपितु उनको यदि माइक न बजाने की बात कहे तो झगड़ा करते हैं। यही नहीं गले गली साड़ी सब्जी और फल स्कूल के अंदर फेंक देते हैं जिससे बंदरों का प्रकोप बढ़ जाता है। कई बार विद्यार्थी और शिक्षकों को बंदरों ने काट लिया है। स्कूल मुखियाओं का कहना है कि दरवाजे के पास रेहडिय़ों की भरमार होने से छोटे-छोटे बच्चों का निकलना भी दुष्कर हो जाता है, शोर प्रदूषण के चलते पढ़ाई पर भी कुप्रभाव पड़ता है।
 आश्चर्य की बात है विभाग के नियम अनुसार विद्यालय परिसर के 100 मीटर दायरे में रेहड़ी, ठेला, दुकानदारी आदि करना कानूनन अवैध है किंतु यहां सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। उन्होंने नगर पालिका सचिव कनीना, नगर पालिका प्रधान को शिकायत देकर इस समस्या से निजात देने दिलवाने की मांग की है।
 मिली जानकारी अनुसार नगर पालिका ने कुछ सफाई कर्मियों को इन रेहडिय़ों को हटाने के लिए भी भेजा किंतु उनके आदेशों का पालन भी नहीं किया। अब तो आलम यह है कि रेहड़ी वाले अपने मनमर्जी कर रहे हैं, शोर शराबा कर रहे हैं और रहेडिय़ों से गले सड़े फल सब्जी भी अंदर फेंक कर बंदरों को बुलाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जब तक स्कूल चले तब तक इन रेहड़ी वालों को न लगने दिया जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से हो सके।
  इस संबंध में कायकारी खंड शिक्षा अधिकारी कनीना सुनील खुडानिया ने कहा कि सोमवार को वे इस पर कार्रवाई करेंगे और पुलिस, प्रशासन, उच्चाधिसकारियों को लिखेंगे।
 फोटो कैप्शन 04: स्कूल में डाली हुई गली सड़ी सब्जियां
 फोटो कैप्शन 5: स्कूल गेट पर लगी रहेडिय़ां



दीपावली और नवरात्रों के दृष्टिगत फूलों की हो रही है तैयारी
-अभी से बढऩे लगी है मांग
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में जहां गेंदे के फूलों की मांग बढऩे से और नवरात्र एवं दीपावली के दृष्टिगत किसान त्वरित कार्रवाई में जुटे हुए हैं। कनीना क्षेत्र के किसान गेंदे उगा रहे हैं और दिल्ली, गुरुग्राम, रेवाड़ी आदि क्षेत्रों में बेचने के लिए जा रहे हैं। कनीना क्षेत्र में आधा दर्जन गांवों में गंदे को वर्षों से उगाने का सिलसिला जारी है।
 राजू कनीना निवासी ने बताया कि वह विगत दो सालों से गेंदे की खेती कर रहा है कर रहा है और परंपरागत फसल पैदावार की अपेक्षा बेहतर लाभ कमा रहा हैं। उन्होंने बताया कि इस बार 5 एकड़ में गेंदे की फसल उगा रखी है। नवरात्रि और दीपावली पर उनकी भारी मांग होती है। परंपरागत फसल की बजाय उनके गेंदे की मांग अधिक होती है। उनका कहना है कि किसानों को अपने खेत में गेंदा आदि जरूर उगाना चाहिए ताकि लाभ कमा सके। राजू ने बताया कि एक एकड़ में फसल की अपेक्षा लाखों रुपये अधिक आय होती है। उन्होंने यह भी बताया कि सत्य है कि इन गेंदे को सुरक्षित रखना होता है। समय पर तुड़वाई की जाती है। मजदूरों द्वारा फूलों की तुड़वाई की जाती है 500 रुपये प्रति मजदूर प्रति दिन के लेते हैं और 50 किलो तक गेंदे के फूल एक दिन में तोड़ देते हैं । राजू का कहना है की सबसे बड़ी सुखद बात है कि इनको कोई भी पशु नहीं खाता, चरता जिसके कारण देखभाल अधिक नहीं करनी पड़ती। हां नीलगाय आदि घुस जाते हैं तो पौधों को जरूर तोड़ जाते हैं लेकिन वह भी खाते नहीं। उन्होंने कहा कि वह गेंदे उगाकर न केवल आसपास में खुशबू फैला रहे अपितु बेहतर आईपी ले रहे हैं। राजू का कहना है कि वक्त पर निर्भर करता है कभी भाव 15 रुपये किलो तो कभी डेढ़ सौ रुपए किलो तक पहुंच जाता है। ऐसे में उन्होंने अपना कोल्ड स्टोरेज भी स्थापित कर लिया है जहां फूलों का सुरक्षित रखा जाता है और भाव तेज होने पर उन्हें बाजार में उतार देते हैं।
कहां कहा उगाते हैं गेंदे-
कनीना क्षेत्र में करीब आधा दर्जन गांवों में वर्षों से गेंदे उगाने का सिलसिला जारी है। किसान हर वर्ष गेंदे उगाकर लाभ कमाते हैं। कनीना के मोड़ी, गोमला, गोमली, भोजावास आदि में खूब गेंदे उगाए जाते हैं।
क्या कहते हैं किसान-
किसान अजय कुमार, कांता, गजराज सिंह, महाबीर सिंह आदि से गेंदे की खेती के बारे में चर्चा की तो उन्होंने बताया कि वे वर्षों से गेंदे उगाते हैं। यह नकदी फसल है जिसकी मांग व्रत, त्योहारों एवं चुनावों के वक्त बढ़ जाती है। गेंदे के भाव स्थिर नहीं होते किंतु अच्छे भाव मिल जाते हैं। समस्या पास में मंडियों का न होना है। किराया अधिक लग जाता है।
क्या कहते हैं अधिकारी-
  पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज, डा. देवेंद्र यादव से इस संबंध में बात हुई। उन्होंने बताया कि गेंदे की खेती बेहतर आय का स्रोत है। कम देखरेख, कम लागत से बेहतर आय मिल जाती है।
 फोटो कैप्शन 6: गेंदे की खेती





ताज़ा मौसम अपडेट और मौसम पूर्वानुमान
तकरीबन वापिस हो गया है मानसून
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कनीना की आवाज।
 भारत के बड़े हिस्से से मानसून की विदाई विशेषकर मैदानी राज्यों  पंजाब, हरियाणा एनसीआर दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ कुछ हिस्सा महाराष्ट्र से और सम्पूर्ण उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों से मानसून तकरीबन वापिस हो गया है। आज दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा 27.5एन/86.5ई, सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई 17.5एनई/71.8ई से होकर गुजर रही है। अगले 2-3 दिनों में मराठवाड़ा और विदर्भ के ज्यादातर हिस्सों, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों, और तेलंगाना तथा उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए हालात अनुकूल होने की संभावना है। वर्तमान परिदृश्य में राजस्थान पर मौजूद प्रति चक्रवातीय सर्कुलेशन बनने से लगातार पश्चिमी गर्म शुष्क हवाओं से मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अक्टूबर  माह के शुरुआत से ही तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है और गर्मी धीरे-धीरे अपने तेवरों को दिखाने लगी है सम्पूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं। मौसम विशेषज्ञ डा चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान समय में लगातार पश्चिमी गर्म शुष्क हवाओं से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में  पारा में उफान देखने को मिल रहा है  क्योंकि गर्म हवाओं ने वातावरण से धीरे धीरे नमी को सोख लिया है। आज हरियाणा  हिसार का दिन का तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है साथ ही अधिकतर स्थानों पर भी लगातार  दिन और रात के तापमान में वृद्धि देखने को मिल रही है वहीं रात के तापमान भी 24.0 डिग्री सेल्सियस से उपर पहुंच गए हैं।आने वाले   तीन चार दिनों दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान तेजी से बढऩे की संभावना है।
उत्तरी मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में संभावित तापमान-
पश्चिमी हरियाणा  सिरसा फतेहाबाद हिसार भिवानी चरखी दादरी  और दक्षिणी जिलों महेंद्रगढ़ रेवाड़ी गुरुग्राम में दिन के तापमान 39.0 डिग्री सेल्सियस से 41.0/42.0 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने की सम्भावना बन रही है ।जबकि शेष हरियाणा एनसीआर दिल्ली में दिन के तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस से 40.0 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की सम्भावना बन रही है।यानी अक्टूबर  महीने  के पहले सप्ताह में गर्मी  अपने तेवरों को दिखाएगी।
7 अक्टूबर से मौसम में बदलाव की सम्भावना बन रही है। क्योंकि बैक टू बैक दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पहला 7 अक्टूबर और दूसरा 10/11 अक्टूबर को सक्रिय होने से
 उत्तर भारत के  पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी जबकि मैदानी राज्यों में विशेषकर हरियाणा के उत्तरी जिलों में सिरसा फतेहाबाद जींद कैथल कुरुक्षेत्र पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर में तेज़ गति की हवाओं के साथ गर्ज चमक के साथ 7-12 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है जबकि शेष हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बादलों की आवाजाही और तेज़ गति की हवाओं के साथ बिखराव वाली छिट-पुट बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है। जैसे ही यह मौसम प्रणाली 13 अक्टूबर को हरियाणा एनसीआर दिल्ली से आगे निकल जाएगी वैसे ही  उत्तरी पश्चिमी हवाओं से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बढ़ते तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी सुबह के धंटो के दौरान  फिजाओं में मीठी मीठी ठंड धुलने लगेंगी। वहीं आमजन को भीनी  भीनी गुलाबी ठंड का अहसास होने लगेगा।  हरियाणा एनसीआर दिल्ली में पहले तापमान में बढ़ोतरी और उसके बाद फिजाओं में मीठी मीठी ठंड धुलने लगेंगी डॉ चंद्रमोहन
मानसून की विदाई बाद उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक के बाद एक दो सक्रिय पश्चिमी मौसम प्रणाली पश्चिमी विक्षोभ से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बारिश और बर्फबारी और मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा इस मौसम प्रणाली का हरियाणा के सिरसा फतेहाबाद हिसार जींद कैथल कुरुक्षेत्र पंचकूला अंबाला यमुनानगर मे ज्यादा रहेगा यहां आंधी अंधड़ और हल्की से मध्यम बारिश और छिट-पुट ओलावृष्टि की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है। जबकि शेष हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बादलों की आवाजाही और तेज़ गति की हवाओं और कहीं कहीं छिट-पुट बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है। जैसे ही ये मौसम प्रणाली हरियाणा एनसीआर दिल्ली से आगे निकल जाएगी वैसे ही उत्तरी ठंडी हवाओं से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बढ़े हुए तापमान में गिरावट देखने को आएगी और फिजाओं में मीठी मीठी ठंड घुलने लगेंगी।
फोटो कैप्शन: चंद्रमोहन


बीआर स्कूल में पीटीएम आयोजित, टर्म-1 परीक्षा परिणाम घोषित
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग में रविवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर टर्म-1 परीक्षा परिणाम भी घोषित किया गया। बड़ी संख्या में अभिभावकों ने विद्यालय पहुंचकर अपने बच्चों का परीक्षा परिणाम जाना तथा उनकी शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, कक्षा में सहभागिता और सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों पर शिक्षकों से विस्ता












र से चर्चा की।
पीटीएम के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों को विद्यार्थियों की विषयवार उपलब्धि एवं उत्तर पुस्तिकाओं की जानकारी दी। प्रत्येक विद्यार्थी की खूबियों और कमजोरियों पर चर्चा करते हुए आगामी परीक्षाओं के लिए सुधार योजना भी साझा की गई। अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई एवं व्यवहार से जुड़े विषयों पर शिक्षकों के साथ विचार-विमर्श किया।
टर्म-1 परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की गई, वहीं अपेक्षाकृत कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए शिक्षक एवं अभिभावकों ने मिलकर सुधार के आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा की। विद्यालय ने स्पष्ट किया कि परीक्षा परिणाम का उद्देश्य केवल अंक या स्थान निर्धारित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति को समझकर उसे आगे बढ़ाना है।
प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने कहा कि परीक्षा परिणाम बच्चों की प्रगति को समझने का एक माध्यम है। अभिभावक केवल अंकों पर ध्यान न देकर यह भी समझें कि बच्चे ने कहां अच्छा प्रदर्शन किया है और किन क्षेत्रों में उसे अधिक अभ्यास एवं मार्गदर्शन की आवश्यकता है।
चेयरमैन हरीश भारद्वाज ने कहा कि बेहतर शैक्षणिक परिणाम के लिए शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी तीनों की समान भागीदारी आवश्यक है। नियमित पीटीएम से बच्चे की कमियों की समय रहते पहचान कर उनमें सुधार किया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से प्रत्येक पीटीएम में नियमित रूप से उपस्थित होकर बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
फोटो कैप्शन 01:बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग में टर्म-1 परीक्षा परिणाम एवं पीटीएम के दौरान विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर शिक्षकों से चर्चा करते अभिभावक।


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