युवती लापता,एक व्यक्ति पर छुपाने का आरोप
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कनीना की आवाज। कनीना थाने के तहत आने वाले एक गांव से 20 वर्षीय युवती लापता हो गई। एक व्यक्ति पर उसे छुपाने का आरोप लगाया है। युवती के पिता ने पुलिस में दी शिकायत में कहा है कहां है कि उसकी पुत्री बीए द्वितीय वर्ष में कालेज में पढ़ती है। 18-19 अक्टूबर की रात को 12 से एक के बीच घर से बिना बताए कहीं चली गई। सभी कागजात और ढाई लाख रुपए नकद लेकर चली गई। सभी जगह पता किया कुछ नहीं पता चला। उन्होंने नीरज नामक एक युवक पर आरोप लगाया कि उसने कहीं उसे छुपा रखा है। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।
कनीना में 51 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा शहर
खाटू श्याम मंदिर से रामलीला स्थल तक निकली राम-रावण युद्ध की झांकी, पटाखों की गूंज के बीच हुआ रावण दहन
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कनीना की आवाज। कनीना में दशहरा पर्व पर राम और रावण के युद्ध का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। खाटू श्याम मंदिर से राम-रावण युद्ध की झांकी डीजे के साथ निकाली गई, जो कनीना मंडी स्थित श्रीआदर्श रामलीला स्थल तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
श्रीआदर्श रामलीला स्थल पर भगवान श्रीराम ने रावण के पुतले पर तीर चलाकर उसका दहन किया। इस बार यहां 51 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। तीर लगते ही पुतले में आग लग गई और देखते ही देखते रावण का पुतला जलने लगा। पुतले में भरे पटाखों के धमाकों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आसपास एकत्रित हुए।
पटाखों के तेज धमाके शुरू होने पर कुछ लोग इधर-उधर हटने लगे। रावण के पुतले से उठती आग की लपटें और पटाखों की आवाज लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व को उत्साह के साथ मनाया।
कनीना में हर वर्ष श्री आदर्श रामलीला स्थल पर रावण दहन की परंपरा निभाई जाती है। इस बार भी 51 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन कर भगवान श्रीराम की विजय का संदेश दिया गया।
फोटो कैप्शन 06: राम की झांकी
श्रीआदर्श रामलीला कनीना के मंच पर प्रस्तुत की गई मेघनाथ, कुम्भकरण व अहिरावण वध की लीला
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कनीना की आवाज। श्री आदर्श रामलीला कमेटी कनीना के रंगमंच पर भगवान श्रीराम की 13 दिवसीय लीलाओं के मंचन का 13वें दिन दर्शकों के लिए महासंग्राम में मेघनाथ और लक्ष्मण के संवादों ने खूब तालियां बटोरी। सोमवार रात्रि को हुए कार्यक्रम में मेघनाथ, कुम्भकरण व अहिरावण वध की लीला का मंचन किया गया, जिसमें मेघनाथ ने लक्ष्मण तीनों अमोघ शक्तियों के बाण चलाए। इनमें
पहले ब्रह्मास्त्र चलाया जिसने लक्ष्मण का वध करने से इनकार कर दिया और तेजहीन हो गया। इसके बाद पाशुपात अस्त्र का प्रयोग किया वो भी लक्ष्मण को प्रणाम कर लोट आया। सबसे आखिर में सुदर्शन चक्र का प्रयोग किया वह भी लक्ष्मण कि परिक्रमा कर तेजहीन हो गया। इसके बाद लक्ष्मण ने मेघनाथ का वध कर डाला।
इस दौरान मेघनाथ के मरने के बाद सिर व हाथ अलग कटे हुए लीला का मुख्य आकर्षण रहे। यह दृश्य मुकेश कपूर, अमरनाथ कपूर व सुरेश कपूर द्वारा बनाया गया था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैलाश मित्तल मौजूद रहे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर मंचन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंच संचालन का दायित्व उप प्रधान दिनेश यादव, नरेंद्र पिन्नू मित्तल और गुड्डू चौधरी ने निभाया। रामलीला मंचन की विशेषता यह रही कि श्रीराम का किरदार निभा रहे शिव कुमार शर्मा, लक्ष्मण सचिन शर्मा, कुंभकरण का किरदार निभाने वाले नितिन सिंगला, अहीरावण का किरदार निभाने वाले रामकिशन शर्मा राम, हनुमान की भूमिका निभाने वाले कलाकार मन्नू मित्तल, अंगद का किरदार निभा रहे कर्नल चिकारा व भरत का किरदार सोनू मित्तल ने अपनी अदाकारी से सभी को प्रभावित किया।
विभिन्न पात्रों की भूमिकाएं निभाने वाले कलाकारों में रावण की भूमिका कृष्ण पहलवान चेलावास ने, मेघनाथ का अभिनय मनोज रोहिल्ला ने, भगवान श्रीराम का अभिनय शिवकुमार शर्मा ने, लक्ष्मण की भूमिका प्रवक्ता सचिन शर्मा ने, माता सीता की भूमिका मुकेश कपूर ने और जामवंत की भूमिका नितिन मित्तल ने निभाई। वहीं अंगद के रूप में कर्नल चिकारा मंच पर उतरे। सभी कलाकारों ने अपने पात्रों में जान डाल दी और दर्शकों की वाहवाही लूटी।
इस मौके पर श्रीश्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, सुभाष मित्तल, सुरेंद्र शर्मा, प्रधान मोहित जेलदार, उप प्रधान दिनेश यादव, रामकिशन रामा शर्मा, सुरेंद्र मिनिया, पिन्नू मित्तल और रामा सहित अन्य लोग शामिल रहे।
फोटो कैप्शन 04: रामलीला में युद्ध का नजारा
कनीना अनाज मंडी में करीब दो लाख क्विंटल बाजरे की खरीद
-10 निजी एजेंसियां कर रही खरीद, सरकारी खरीद अब तक शुरू नहीं
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कनीना की आवाज। कनीना मार्केट कमेटी के अंतर्गत चेलावास स्थित अनाज मंडी में बाजरे की खरीद का कार्य तेजी से चल रहा है। यहां अब तक करीब दो लाख क्विंटल बाजरे की खरीद की जा चुकी है। किसान अपने वाहनों में बड़ी मात्रा में बाजरा भरकर मंडी में ला रहे हैं। बाजरे की खरीद 2325 रुपये प्रति क्विंटल से की दर पर होने से किसान संतुष्ट नजर आ रहे हैं। वहीं, कनीना की अनाज मंडी में अभी तक सरकारी स्तर पर बाजरे का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है।
कनीना क्षेत्र की मंडियों में इन दिनों बाजरे की भारी आवक हो रही है। चेलावास मंडी में निजी एजेंसियों के माध्यम से खरीद का कार्य किया जा रहा है। मंडी के प्रधान पूर्ण चंद ने बताया कि खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। किसान मंडी में बाजरा लेकर पहुंच रहे हैं और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खरीद की जा रही है।
अधिकारियों के निलंबन को लेकर मंडी में चर्चा
कनीना अनाज मंडी में बाजरे की आवक और खरीद के बीच मार्केट कमेटी के अधिकारियों के निलंबन का मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 में तत्कालीन सचिव आदित्य यादव को निलंबित किया गया था। वर्ष 2025 में सचिव मनोज पाराशर के निलंबन का मामला सामने आया था। अब बाजरे की खरीद के दौरान सचिव अजीत सिंह तथा मंडी सुपरवाइजर कुलदीप कुमार को निलंबित किए जाने से यह मामला फिर चर्चा में है।
मंडी में खरीद प्रक्रिया, प्रशासनिक कार्रवाई और सरकारी खरीद शुरू नहीं होने को लेकर किसानों तथा आढ़तियों के बीच चर्चाएं हो रही हैं।
फोटो कैप्शन 05: कनीना मंडी में बाजरे का उठान करते हुए वाहन
साहित्यकारों और पत्रकारों के सम्मान समारोह में होगा 14 कृतियों का विमोचन
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कनीना की आवाज। जबलपुर में 31 अक्टूबर को अपराह्न 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक साहित्य मनीषियों का महाकुंभ जुटने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रियाशील कादंबरी संस्था की ओर से 129 साहित्यकारों एवं पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।
विस्तृत जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्ष आचार्य भगवत दुबे, महासचिव राजेश पाठक 'प्रवीण' तथा यशोवर्धन पाठक कोषाध्यक्ष ने बताया कि इस मौके पर मुख्य अतिथि राकेश सिंह, मंत्री लोक निर्माण विभाग मध्य प्रदेश शासन होंगे वही श्रीमां साध्वी विभानंद गिरि नईदिल्ली मंगल आशीष देंगी। साथ में डा. कैलाश गुप्ता, अशोक मनोध्याय, डा. राजेश धीरावाणी, आचार्य रामनाथ साहू ननकी आदि भी उपस्थित रहेंगे। समारोह में देश के विविध अंचलों के साहित्यकारों द्वारा सृजित 14 कृतियों का विमोचन भी किया जाएगा तथा 129 देश और विदेश से आए हुए साहित्यकारों और पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा। संस्था द्वारा चार लाख 18 हजार 200 रुपये की राशि के 129 स्मृति पुरस्कार दिए जाएंगे जिनमें एक पुरस्कार के 21 हजार रुपये, चार पुरस्कार ग्यारह ग्यारह हजार के, 32 पुरस्कार 5000- 5000 रुपये के तथा 92 पुरस्कार 2100-2100 रुपये के दिए जाएंगे। कादंबरी परिवार विगत कई वर्षों से यह सम्मान समारोह हर वर्ष आयोजित करता आ रहा है।समारोह में कादम्बरी की स्मारिका का भी विमोचन होगा। प्रथम सोपान में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
इन कृतियों का होगा विमोचन-
कादंबरी संस्था के महासचिव राजेश पाठक प्रवीण बताया कि इस मौके पर 14 विभिन्न कृतियों का विमोचन भी होगा जिनमें गोविंद पाल भिलाई की बाघ मामा सियार भांजा, गोविंद पाल की भारतीय ज्ञान परंपरा और विश्व बौद्ध, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की बेजुबान सच, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की ही दूसरी कृति एक मु_ी ईमानदारी, राकेश माहेश्वरी काल्पनिक नरसिंहपुर धूप छांव के संग, डा.अनामिका तिवारी जबलपुर की ऋषि द्वद्व, डा. उमेश चंद्र मिश्रा मैहर प्रतापगढ़ की करवा चौथ, नौमी श्रीवास्तव जबलपुर की जब एक नदी मेरी कहानी में उतरी, हेमंत झा छिंदवाड़ा की आधी हकीकत आधा फसाना, डा. विजय प्रकाश सैनी झांसी की हम इतने झूठे कभी न थे, ज्योति प्यासी अनिका जबलपुर की अंत से अनंत तक, संतोष जाटव जलौनी भिलाई की चिडिय़ा रानी बड़ी सयानी, ज्योति मिश्रा जबलपुर की पारिजात मन, डा. लखविंदर कौर जस्सल जबलपुर की सोच की दिशा प्रमुख हैं।
उल्लेखनीय है कि राजेश पाठक प्रवीण अनेक संस्थाओं से संबंध है। पाथेय प्रकाशन के संयोजक है। संपादन में पाथेय संस्था द्वारा 1100 से अधिक साहित्यिक कृतियां प्रकाशित हो चुकी है। ब्राह्मण समाज की त्रैमासिक पत्रिका सनाढ्य संगम का आप 39 वर्षों से संपादन कार्य कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन:राजेश पाठक प्रवीण
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना में खंड स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का आयोजन
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कनीना की आवाज। राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना में खंड स्तरीय राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2026-27 का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, रचनात्मकता, तार्किक चिंतन तथा दैनिक जीवन की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने की क्षमता को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में लगभग 10 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया ने की।
उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों का अवलोकन किया तथा उनकी वैज्ञानिक सोच, प्रयोगात्मक समझ और नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनियां विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोडऩे का अवसर प्रदान करती हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तार्किक क्षमता, वैज्ञानिक अभिरुचि और अनुसंधान की भावना विकसित होती है।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों को सात प्रमुख विषयों के अंतर्गत माडल प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय में आरआर ग्रीनमैक्स विद्यालय कागब अंशु प्रथम, राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना का करण सिंह द्वितीय स्थान तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, दौंगड़ा अहीर के माडल के साथ तृतीय स्थान हासिल किया।हरित ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण विषय में राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना का हिमांशु प्रथम ,आरआर. ग्रीनमैक्स के कक्षा का चंचल द्वितीय स्थान जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी की सुप्रिया नेतृतीय स्थान हासिल किया। गणितीय माडलिंग एवं संगणनात्मक चिंतनमें राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना का जयंत प्रथम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पोता की खुशी द्वितीय तथा आरआर ग्रीनमैक्स का चंचल तृतीय स्थान प्राप्त किया।
स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय में राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना की छात्रा जूली प्रथम स्थान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, दौंगड़ा अहीर का मनीष द्वितीय स्थान आरआर ग्रीनमैक्स की छात्रा तनु ने तृतीय स्थान हासिल किया। स्वदेशी कृषि पद्धतियां विषय में आरआर ग्रीनमैक्स की छात्रा हर्षिता प्रथम स्थान, राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना की की छात्रा दिशा द्वितीय,जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पोता के गणेश ने तृतीय स्थान हासिल किया। ग्रामीण परिवर्तन के लिए विज्ञान विषय में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बावनिया का विद्यार्थी हंशु का माडल प्रथम, आरआर ग्रीनमैक्स के शोरव ने द्वितीय जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पोता के मोहित ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। आपदा प्रबंधन विषय में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पाथेड़ा की छात्रा नैंसी का माडल प्रथम, राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना का यश द्वितीय जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पोता का मोनू अहिरवार तृतीय स्थान हासिल किया। कनीना विद्यालय के विद्यार्थियों का सराहनीय प्रदर्शन किया।
फोटो कैप्शन 01: प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए प्राचार्य सुनील खुडानिया।
अखबार ने ले ली मेरी जान!
इतिहास के पन्नों में दर्ज,
सत्य पर आधारित कहानी
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कनीना की आवाज। नगरपालिका में भ्रष्टाचार की एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसमें एक साधारण-सा हाथ का पंखा एक अधिकारी की गिरफ्तारी का कारण बन गया। यह घटना बताती है कि सच को कितनी भी परतों के नीचे दबा दिया जाए, एक दिन वह सामने आ ही जाता है।
यह उस समय की बात है, जब बिजली की सुविधा आज की तरह सुचारु नहीं थी। गर्मियों के दिनों में लोग हाथ से चलने वाले पंखों से हवा किया करते थे। नगरपालिका में भी सरकारी कामकाज के दौरान हाथ के पंखों का इस्तेमाल होता था। उसी दौर में नगरपालिका के पुराने रिकार्ड की जांच करने के लिए एक आडिटर आया हुआ था। वह एक-एक दस्तावेज को ध्यान से देख रहा था, लेकिन शुरुआत में उसे कोई बड़ी कमी नजर नहीं आई।
आडिट के दौरान एक दिन गर्मी अधिक थी। आडिटर अपने काम में लगा हुआ था और हाथ के पंखे से हवा कर रहा था। संयोग से उस पंखे में अखबार का एक टुकड़ा लगा हुआ था। हवा करते समय अखबार का वह टुकड़ा निकलकर आडिटर की मेज पर जा गिरा। ऑडिटर की नजर उस पर पड़ी तो उसमें छपी एक खबर ने उसका ध्यान खींच लिया। खबर में 20,000 रुपये की ग्रांट का उल्लेख था।
बस, यहीं से जांच की दिशा बदल गई।
आडिटर ने सोचा कि जब अखबार में ग्रांट का जिक्र है, तो यह पता लगाना जरूरी है कि नगरपालिका को यह राशि कब मिली थी और इसका इस्तेमाल किस काम के लिए किया गया। उसने संबंधित रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया। दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान उसे ऐसी अनियमितताएं मिलीं, जिनसे ग्रांट के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
जांच आगे बढ़ी तो कथित घपले की परतें खुलने लगीं। रिकार्ड के आधार पर संबंधित अधिकारी की भूमिका की पड़ताल की गई। उस समय वह अधिकारी एक महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत था। अंतत: जांच में गड़बड़ी सामने आई और मामले में कार्रवाई हुई। बताया जाता है कि संबंधित अधिकारी को जेल भी जाना पड़ा। जेल से बाहर आने के बाद उसने लोगों को इस पूरे घटनाक्रम की हकीकत बताई।
इस कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यही था कि जिस अखबार को लोग पढ़कर रद्दी समझ लेते थे, उसी अखबार के एक छोटे-से टुकड़े ने वर्षों से छिपी अनियमितता की ओर ध्यान दिला दिया।
एक हाथ का पंखा, अखबार का एक टुकड़ा और 20,000 रुपये की ग्रांट—इन तीन चीजों ने मिलकर ऐसा घटनाक्रम रचा कि एक अधिकारी को जेल की हवा खानी पड़ी।
इसलिए कहा जाता है कि सच को दबाया जा सकता है, मिटाया नहीं जा सकता। कभी कोई दस्तावेज, कभी कोई गवाह और कभी अखबार का एक छोटा-सा टुकड़ा भी छिपे हुए सच को उजागर कर सकता है।
सरकारी धन जनता की अमानत है। उसके उपयोग में ईमानदारी जरूरी है, क्योंकि भ्रष्टाचार का कोई न कोई निशान पीछे छूट ही जाता है। कभी-कभी वही निशान किसी की जिंदगी की दिशा बदल देता है। अखबार ने ही एक अधिकारी की जान ले ली—यानी उसे जेल की सलाखों तक पहुंचा दिया।
किसानों के पास फुर्सत नहीं, खेतों में सरसों की बिजाई और सिंचाई का काम चरम पर
-गेहूं की बिजाई की तैयारी में जुटे किसान, -बिजली आपूर्ति पर निर्भर है खेती
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कनीना की आवाज। क्षेत्र में इन दिनों किसानों के पास फुर्सत नहीं है। चारों ओर खेतों में फव्वारा पद्धति से सिंचाई और सरसों की बिजाई का कार्य पूरे यौवन पर है। किसान सुबह से शाम तक खेतों में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। सरसों की बिजाई का कार्य इन दिनों चरम पर पहुंच गया है, वहीं किसान आगामी एक नवंबर से होने वाली गेहूं की बिजाई की तैयारी में जुट जाएंगे।
किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार, कृष्ण कुमार और योगेश कुमार ने बताया कि रबी की फसलों की तैयारी में काफी मेहनत करनी पड़ती है। क्षेत्र में जलस्तर काफी नीचे चले जाने के कारण सिंचाई करना किसानों के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में फव्वारा पद्धति से सिंचाई करके फसल बोने की तैयारी कर रहे है। किसानों को फसलों की बिजाई से लेकर उनकी सिंचाई तक अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि गेहूं और सरसों क्षेत्र की प्रमुख रबी फसलें हैं। इन फसलों के उत्पादन पर किसानों की आर्थिक स्थिति काफी हद तक निर्भर करती है। गेहूं का उपयोग जहां परिवार के सालभर के भोजन के लिए किया जाता है, वहीं सरसों की फसल बेचकर किसान आय प्राप्त करते हैं। इसके अतिरिक्त फसलों से पशुओं के लिए चारा भी उपलब्ध होता है।
किसानों ने बताया कि खेती में समय पर बिजली आपूर्ति का विशेष महत्व है। बिजली की उपलब्धता के अनुसार ही सिंचाई का कार्य करना पड़ता है। यदि बिजली समय पर मिले तो खेतों में पानी देना आसान हो जाता है, अन्यथा फसलों की तैयारी प्रभावित होने की आशंका रहती है।
किसानों का कहना है कि रबी की फसलें तैयार करने के लिए उन्हें दिन-रात मेहनत करनी पड़ती है। इसके बावजूद मौसम, पानी की उपलब्धता और बिजली आपूर्ति जैसी परिस्थितियों पर खेती निर्भर रहती है। फिलहाल खेतों में सरसों की बिजाई और सिंचाई का काम जोरों पर है तथा किसान गेहूं की बिजाई के लिए खेत तैयार करने में जुटे हुए हैं।
फोटो कैप्शन 02: फव्वारों द्वारा सिंचाई करते किसान
हरिमोहन के ओएसडी नियुक्त होने पर बलराम समारोह स्थल कनीना में मनाई खुशी, बांटे लड्डू
-डा. सुधा यादव के कर्नाटक के राज्यपाल नियुक्त होने पर प्रधानमंत्री का जताया आभार
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कनीना की आवाज। बलराम समारोह स्थल कनीना में हरिमोहन को कर्नाटक में ओएसडी (विशेष कार्य अधिकारी) नियुक्त किए जाने पर खुशी मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई दी और अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। समारोह में धनपत साहब, हनुमान यादव, विजय बोरा, कंवर सेन वशिष्ठ, सत्यवीर यादव, रामप्रसाद, ओमप्रकाश, आकाश, विनोद सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस अवसर पर कंवर सेन वशिष्ठ और हनुमान यादव ने हरिमोहन को बधाई देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि हरिमोहन पढ़े-लिखे, प्रतिभाशाली और होनहार युवा हैं। उन्हें मिली यह जिम्मेदारी उनकी योग्यता और क्षमता को आगे बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हरिमोहन अपने दायित्वों का ईमानदारी और निष्ठा से निर्वहन करेंगे तथा अपने कार्यों से क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे। उनकी नियुक्ति से कनीना क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि मेहनत, लगन और योग्यता के बल पर युवा बड़ी जिम्मेदारियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह कनीना क्षेत्र के लिए खुशी और गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि हरिमोहन पढ़े-लिखे और होनहार युवा हैं तथा उनमें आगे बढऩे की पूरी क्षमता है। हरिमोहन का कनीना से भांजे के रूप में भी संबंध है, इसलिए क्षेत्र के लोगों के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि किसी युवा को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना पूरे समाज के लिए उत्साहवर्धक होता है। इससे अन्य युवाओं को भी मेहनत और लगन के साथ आगे बढऩे की प्रेरणा मिलेगी।
समारोह के दौरान डा. सुधा यादव के कनीना क्षेत्र से जुड़ाव का भी उल्लेख किया गया। उनके कर्नाटक के राज्यपाल नियुक्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि देश के महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर महिला की नियुक्ति नारी शक्ति के सम्मान और उत्साहवर्धन का प्रतीक है।
फोटो कैप्शन 03: लड्डू बांटकर खुशी जताते हुए
नौताना में एक व्यक्ति पर मारपीट का केस दर्ज













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