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Monday, October 12, 2026
तीन लोगों पर मारपीट का मामला दर्ज
-कनीना के वार्ड 3 की घटना
गुढ़ा में मारपीट के मसले में नौ लोगों पर केस दर्ज
देसी पिस्तौल सहित एक गिरफ्तार
- एक मैग्जीन भी साथ मिला मामला धनौंदा का
कनीना क्षेत्र में हल्की ठंड की हुई शुयुआत
दिनभर हवाएं चली, बादल छाए रहे
भक्तिभाव से करे पूजा चंद्रघंटा की
-दुर्गा मां का है तीसरा रूप
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कनीना की आवाज। करीरा के पंडित दिनेश जोशी ने कहा कि चंद्रघंटा मां की पूजा विधि विधान से करनी चाहिए। देवी चंद्रघंटा को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं को भूरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए। मां चंद्रघंटा को अपना वाहन सिंह बहुत प्रिय है और इसीलिए गोल्डन रंग के कपड़े पहनना भी शुभ है। इसके अलावा मां सफेद चीज का भोग जैसै दूध या खीर का भोग लगाना चाहिए। इसके अलावा माता चंद्रघंटा को शहद का भोग भी लगाया जाता है। सफेद फूल चढ़ाना चाहिए
नवरात्रि में तीसरे दिन इस देवी की पूजा का महत्व है। देवी की कृपा से साधक को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है और कई तरह की ध्वनियां सुनाईं देने लगती हैं। इन क्षणों में साधक को बहुत सावधान रहना चाहिए। इस देवी की आराधना से साधक में वीरता और निर्भयता के साथ ही सौम्यता और विनम्रता का विकास होता है। और हमें माता रानी की पूजा आरती करने के बाद भजन कीर्तन करना चाहिए माता रानी का मानसिक पाठ और जाप करना चाहिए।
फोटो कैप्शन : पंडित दिनेश जोशी
किसान जुटे रबी फसल की तैयारी में
-खेतों की चल रही है सिंचाई
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र की बावनी अर्थात 52 हजार हेक्टेयर भूमि मानी जाती है। इस पर खरीफ फसल किसानों द्वारा लेने के पश्चात रबी फसल की तैयारी में किसान जुट गए हैं। त्वरित गति से अपने खेतों की सिंचाई फव्वारों द्वारा कर रहे हैं क्योंकि रबी फसल पूर्ण रूप से ट्यूबवेलों पर निर्भर करती है। किसान सरसों और गेहूं और गेहूं उगते हैं। सरसों की अच्छी पैदावार लेने के लिए अच्छे बीजों एवं खादों की तलाश कर रहे हैं। 10 अक्टूबर से सरसों की बीजाई प्रारंभ हो जाती है जबकि 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू कर दी जाती है। वर्तमान में किसान बीजों की दुकानों पर जहां खाद एवं बीज लाकर खेतों में डाल रहे हैं वही बीजों को बीजाई करने के लिए अपने घर में सुरक्षित रख रहे ताकि समय आते ही बिजाई कर दी जाए।
किसान सुरेंद्र सिंह, सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि जल्द ही बिजाई का समय आने वाला है। अभी दिन के समय तापमान अधिक होने से बीजाई संभव नजर नहीं आ रही है।
क्या कहते हैं पूर्व कृषि अधिकारी-
पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज यादव बताते हैं कि सरसों की बिजाई 10 अक्टूबर से प्रारंभ हो जाती है जो 25 अक्टूबर तक जारी रहती है। इसके लिए तापमान 28 से 30 डिग्री होना चाहिए। तत्पश्चात 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू हो जाती है। देसी किस्म सी-306 सात नवंबर तक बीजाई की जा सकती है तथा बाद में गेहूं की बीजाई 25 नवंबर तक जारी रहेगी जिसके लिए तापमान 22 डिग्री चाहिए। गेहूं के लिए सरसों के मुकाबले तापमान कम चाहिए। अभी मौसम में बदलाव नहीं हुआ है, आने वाले समय में मौसम में बदलाव होने की संभावना है। तत्पश्चात किसान तेजी से बीजाई का काम करेंगे। वर्तमान समय में किसान खेतों की तैयारी कर रहे और खेतों की सिंचाई करके बीजाई के लिए तैयार रहेंगे।
कई समस्याओं से जूझ रहे हैं किसान--
क्षेत्र के किसान कई समस्याओं से जूझते आ रहे हैं। पैदावार लेने के लिए बिजली, पानी, खाद, गिरते जलस्तर, बीजों की जानकारी अभाव तथा कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रबी फसल पैदावार लेना तलवार की धार के समान है।
कनीना क्षेत्र का किसान यूं तो सदा ही मेहनत के बलबूते पर जीवित रहा है। कठिन परिश्रम करके अपनी आजीविका कमा रहा है। उसकी मुख्य फसलें खरीफ एवं रबी की होती है। खरीफ की फसल वर्षा पर आधारित होती है। पहले ही भू-स्तर गिरता जा रहा है ऊपर से डार्क जोन घोषित होने से नलकूप खोदना आसान नहीं रहा है। वैसे भी नलकूप लगाना लाखों रुपये का खर्चा होता है। यह भी सत्य है कि प्रतिवर्ष उसके बिजली के उपकरण जलने की समस्या रहती है। जैसे तैसे उपकरण ऋण लेकर लगा भी देता है तो पानी की समस्या फिर भी आड़े आ जाती है क्योंकि बिजली कम आती है जिसके चलते पर्याप्त खेतों की सिंचाई नहीं हो पाती है।
फोटो कैप्शन 08 व 09: रबी फसल के लिए जुताई करते किसान
नहीं हुई बाजरे की सरकारी तौर पर कोई खरीद
-बाजरे के भाव प्राइवेट एजेंसी पर 2300 रुपये से अधिक
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की कोई सरकारी खरीद नहीं हो पाई क्योंकि प्राइवेट एजेंसी 2300 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक के भाव पर बाजरे की खरीद कर रही हैं। जबकि सरकारी तौर पर महज 2300 रुपये प्रति क्विंटल ही खरीदा जा सकता है। वैसे भी किसान प्राइवेट एजेंसी तक बाजरा पहुंचने में सुविधा महसूस कर रहे हैं। यद्यपि सचिव मार्केट कमेटी ने गांवों के किसानों के लिए शेड्यूल भी जारी किया किंतु उसका भी कोई प्रभाव किसानों पर नहीं पड़ा। उधर खरीद एजेंसी हैफेड मैनेजर जगराम यादव ने बताया कि प्राइवेट एजेंसी पर बाजरे के भाव अधिक है ऐसे में सरकारी तौर पर बाजरा बेचने किसान नहीं आ रहे हैं। कोई किसान उन तक नहीं पहुंच रहा है।
फोटो कैप्शन 10: कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की खरीद
पहाड़ी पर स्थित दुर्गा माता मंदिर नवरात्रों में आकर्षण का केंद्र
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कनीना की आवाज। बसई गांव की पहाड़ी पर 10 वर्ष पूर्व दुर्गा मां का भव्य मंदिर का निर्माण किया गया था जो आज दूरदराज भक्तों के लिए आस्था श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। प्रतिवर्ष हजारों भक्तों ने आकर मन्नत मांगते हैं। जब जब नवरात्रे आते हैं यहां पर मेले लगते हैं और मेलों में अपार भीड़ जुटती है। ऊंची पहाड़ी पर रमणीक स्थान पर मां का मंदिर है।
स्थापना का इतिहास
इस मंदिर की स्थापना 15 वर्ष पूर्व माता मंदिर की भोलाराम जोशी, महाबीर जोशी एवं उनके परिजनों ने की करवाई थी। परिवार ने मां चिंतपूर्णी हिमाचल की देवी से प्रेरणा लेकर मंदिर का निर्माण करवाया है। इस मंदिर का निर्माण विशेष प्रकार के पत्थर को काटकर बनवाया गया है। करोड़ों रुपए की लागत से इस मंदिर का निर्माण किया गया है। यही कारण है कि इस मंदिर को देखने के लिए दूरदराज से भक्तजन आते हैं।
मंदिर की विशेषता-
माता मंदिर में प्रतिदिन भक्तों का ताता लगा रहता है किंतु वर्ष में दो बार नवरात्रों पर जहां भीड़ जुटती है वहीं मेले लगते हैं। भक्त मां दुर्गा का लेकर के तथा विभिन्न प्रकार का प्रसाद विशेष रूप से हलवा, चना, बूंदी आदि लेकर के पहुंचते हैं और माता के चरणों में अर्पित करके मन्नत मांगते हैं। माना जाता है कि उनकी मन्नत पूर्ण होती है। समय समय पर यहां भंडारे एवं हवन आयोजित होते हैं।
कैसे पहुंचा जाए मंदिर---
माता मंदिर में पहुंचने के लिए दादरी-महेंद्रगढ़ रोड पर आकोदा उतरकर दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। बसई की पहाड़ी पर मंदिर बना हुआ है जो आकर्षण का केंद्र है। कनीना से 17 किलोमीटर दूर पड़ता है। यहां पहाड़ी की चोटी पर रमणीक स्थान है। वही भव्य मंदिर देखकर सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। भक्तों के ठहरने का विशेष प्रबंध किया गया है।
चंद्र प्रकाश बसई भक्त-
चंद्र प्रकाश बसई जो फिल्मी हीरों भी हैं, का कहना है कि जब से मंदिर बना है तब से वे इस मंदिर जा रहे हैं। प्रतिदिन माता के चरणों में धोक लगाते और मन्नत मांगते हैं जिसके चलते फिल्म इंडस्ट्रिी में भी उनका नाम है। माता ने उनकी सभी मन्नत पूर्ण की है। उनका कहना है कि माता आने वाले सभी भक्तों पर दया बरसाती रहती है।
महाबीर प्रसाद जोशी पुजारी-
महाबीर प्रसाद जोशी का कहना है कि वे सुबह शाम माता की पूजा करते हैं। सुबह जब भी समय लगता हवन करते हैं तथा मंदिर में ही रहते हैं साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते हैं। यात्रियों के मान सम्मान को देने में कोई कसर नहीं हो छोड़ते। यहां भक्त यहां आकर सारे कष्ट भुला देते हैं। मां के दर्शन कर प्रसन्न हो जाते और मन्नत मांग कर अपने अपने घरों में चले जाते हैं। उनका मानना है कि यहां पर मांगी गई मन्नत पूर्ण होती है।
फोटो कैप्शन: महाबीर प्रसाद जोशी, चंद्र प्रकाश बसई तथा मां मंदिर।
एसडी ककराला के सात विद्यार्थियों ने एनडीए की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का बढ़ाया गौरव
--जगदेव यादव ने दी बधाई
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कनीना की आवाज। एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला के सात विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एनडीए की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन का शानदार परिचय दिया है। इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों में खुशी का माहौल है।
विद्यालय उपनिदेशक ने बताया कि धु्रव पुत्र राजेश कुमार बहादुरगढ़, अर्णव कसाना पुत्र सोनवीर सिंह नोएड़ा, सौरव नांगल पुत्र राकेश कुमार भिवानी,प्रतिभा पुत्री धर्मेंद्र लिसान, कार्तिक कुमार पुत्र प्रेमपाल शामली यूपी, दिशांत मित्तल पुत्र नरेंद्र मित्तल कनीना व अंकित कुमार पुत्र मोतीलाल यूपी ने परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
एनडीए विभागाध्यक्ष अविनाश कुमार ने बताया कि लिखित परीक्षा के साथ-साथ एसएसबी की तैयारी विद्यालय में करवाई जाती है।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने सफल विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक रूप से सफल बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना भी है। विद्यालय तीनों सेनाओं में पहले भी अधिकारी दे चुका है और भारतीय सेना को योग्य, प्रतिभाशाली और समर्पित अधिकारी देने के लक्ष्य के साथ निरंतर प्रयासरत है। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जगदेव यादव ने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि एनडीए की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब विद्यार्थियों को आगामी चयन प्रक्रिया के लिए भी कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ तैयारी जारी रखनी चाहिए, ताकि वे भविष्य में भारतीय सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी बनकर देश की सेवा कर सकें।
कार्यक्रम में विद्यालय निदेशक ओमप्रकाश, सीईओ आरएस यादव, उपनिदेशकपूर्ण सिंह, प्राचार्य अरविंद कुमार तोमर, एनडीए विभागाध्यक्ष अविनाशकुमार सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो कैप्शन 03: सफल रहे विद्यार्थियों के संग निदेशक जगदेव यादव
कम होती जा रही है संस्कृति की झलक देने वाली सांझी
-मुश्किल से 20 सांझी कनीना में निर्मित
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कनीना की आवाज। एक वक्त था जब शारदीय नवरात्रों में सांझी के प्रति बेहद लगाव होता था। बुजुर्ग महिलाएं अपने बच्चों के संग उनकी कला को उभारने के लिए चूड़ी, गोबर, शृंगार का सामान आदि लेकर के सांझी दीवार पर निर्मित करवाती थी। यहां तक की हर रोज छोटी-छोटी बच्चियों मिलकर गेय पद्धति सीखती थी और सांझी के गीत गाकर उसे खाना खिलाती थी। एकता का प्रतीक नजर आता था। बारी बारी प्रत्येक बच्चे के घर से सांझी को खाना खिलाने के लिए कुछ बनवाया जाता था। जिसे सभी बच्चियों में बांटकर भी खाया जाता था। बड़ी बुजुर्ग महिलाएं भी उनके साथ देती थी, उन्हें निर्देश देती थी। भारतीय संस्कृति और देवी देवताओं के प्रति गहन आस्था को इंगित करती थी। आज वह पद्धति धीरे-धीरे लुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है। कनीना कस्बा जिसके आबादी करीब 20000 पहुंच गई है महज 20 सांझी दीवारों पर बनाई गई है। दशहरे तक चलने वाला यह पर्व न केवल हर इंसान को झंकार रख देता था अपितु बच्चियों को भविष्य के ध्यान में रखते हुए उनकी गेए पद्धति कला, बुद्धिमता आदि को उभरने का सुंदर नजारा अपनी आंखों के सामने देखे थे किंतु अब धीरे-धीरे एकता खत्म हो गई है और पहले वाली नहीं रही है।
बुजुर्ग महिलाएं नीलम, कमलेश, शकुंतला आदि बताती है कि अब आपसी भाईचारा घटता जा रहा है जिसके चलते सांझी के प्रति लगाव भी घट गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की जो असली विरासत थी उसे भी भुलाते जा रहे हैं।
फोटो कैप्शन 5: दीवार पर बनी सांझी
भोजावास रामलीला में किया इंद्र सभा मंचन
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कनीना की आवाज। भोजावास गांव में रामलीला का मंचन श्रद्धा, उल्लास और पूरी सांस्कृतिक भव्यता के साथ शुरू हुआ। प्रमुख समाजसेवी अतरलाल ने रिबन काटकर रामलीला का शुभारंभ किया। स्थानीय ग्रामीण कलाकारों ने भव्य, शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को भाव विभोर और मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रथम दिन इन्द्र दरबार और नारद मोह की लीलाओं का प्रभावशाली मंचन किया गया। भव्य इन्द्र दरबार में इन्द्र महाराज के सम्मुख नारद का अंहकारपूर्ण आचरण का प्रसंग तथा शीलनिधि राजा के दरबार में नारद का बंदर मुख के रूप में उपस्थित होना देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई। नारद का अभिनय नरेन्द्र, शीलनिधि का शीशराम रोहिल्ला तथा महाराजा इंद्र का इंद्र नरडिया ने शानदार और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। लीला मंचन में चेयरमैन भागसिंह, राजेन्द्र सिंह नम्बरदार, कैलाश सेठ, सोमबीर, बाबूलाल, अशोक, रविन्द्र शर्मा सहित दो दर्जन कलाकार तथा दर्शक मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01:अतिथिगण का स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत करते कलाकार व कमेटी सदस्य।
बाजरे की सरकारी खरीद का हुआ शेड्यूल जारी
- सुबह 8 बजे से शाम 5 तक चलेगी खरीद
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में किसानों का सरकारी बाजरे खरीद का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। शेड्यूल 12 अक्टूबर से ही था। वहीं 13 अक्टूबर को चेलावास, छितरौली धनौंदा, दौंगड़ा अहीर, दौंगड़ा जाट के किसान और 14 अक्टूबर को गुढ़ा, गोमला, गोमली, गाहड़ा, इसराना और झाड़ली के किसान बाजार बेच पाएंगे।
विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केट कमेटी अजीत सिंह ने बताया कि किसान बिना शेड्यूल के मंडी में ना आए, गेट पास कटवाने के लिए अपने साधन पर नंबर प्लेट लगवाना जरूरी है। वो किसान अनाज मंडी में आए जिन्होंने रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा करवाया हुआ है। अपनी फसल को अच्छी प्रकार सुखाकर वह साफ करके लाए।
श्रीआदर्श राम लीला कनीना के मंच पर राजा दशरथ व मातृ पितृ भक्त श्रवण कुमार की लीला देख भावुक हुई भीड़
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कनीना की आवाज। श्रीआदर्श राम लीला कमेटी के रंगमंच पर भगवान श्री राम की 13 दिवसीय लीलाओं के मंचन के चौथे दिन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी दिनेश यादव एमई नगर पालिका कनीना, विशिष्ट अतिथि सुरेन्द्र वशिष्ठ नगर पालिका कनीना व किसन ज्वेलर्स किसन सोनी द्वारा ज्योति प्रज्वलित कर भगवान श्री राम दरबार में सर झुका आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंच संचालन लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले प्रवक्ता सचिन शर्मा ने किया। उल्लेखनीय है कि श्रीआदर्श रामलीला कनीना के रंगमंच पर रविवार रात्रि को मातृ - पितृ भक्त श्रवण कुमार की लीला व रामजन्म की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान राजा दशरथ के तीर से श्रवण कुमार की मौत व श्रवण कुमार के मातृ - पितृ शांतनु व ज्ञानवती का राजा दशरथ को श्राप देना विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। लीला में राजा दशरथ के किरदार में राहुल शर्मा व श्रवण कुमार का किरदार निभा रहे मानव शर्मा ने अपने जानदार संवाद अदायगी के साथ रामलीला के चरित्र को मंच पर जीवित कर दिया। इस दौरान भारी भीड़ अपने आंसू नहीं रोक पाई। श्रवण कुमार के किरदार को मानव शर्मा द्वारा जीवंत कर दिखाया। समाजसेवी विक्की पंसारी ने उन्हें गोमाता की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। वही दूसरी और श्रवण कुमार के मातृ - पितृ शांतनु के किरदार में पिनाक भारद्वाज द्वारा किया गया मंचन सराहनीय रहा।
वही ज्ञानवती के किरदार में मुकेश कपूर व गुरु वशिष्ठ के किरदार में सुरेश कपूर द्वारा उपस्थित भारी भीड़ को अपने साथ जोडऩे में कामयाबी प्राप्त की।
इस दौरान विकसित रजलीवाल ,सुरेंद्र मिनिया व डांसर राजेश कुमारी विनोद छैला व अमित जांगड़ा, नरेश यादव, संदीप चौधरी, कर्नल चिकारा ने उपस्थित भारी भीड़ को खूब गुदगुदाया। संगीतकार डा. लक्की म्यूजिकल ग्रुप, डायरेक्टर साहिल शर्मा, राहुल निर्वाणिया द्वारा रंगमंच पर अपनी विशेषता के अनुरूप बनाए गए जंगल, पेड़, पौधे, पहाड़ के दृश्य के साथ सुंदर संगीत सरंचना व नृत्य के समावेश ने कनीना की 37 वर्षो पहले की सुपर्शिद्ध श्री आदर्श रामलीला की पहचान को बनाए रखा। इस दौरान सुरेंद्र शर्मा, श्री श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, शिब्बू पंसारी, सुभाष मित्तल,सुरेद्र शर्मा, शिव कुमार शर्मा, उप प्रधान दिनेश यादव, विक्की पंसारी ,विक्की शास्त्री, रामकिशन रामा शर्मा, सुरेंद्र मिनिया, पिन्नू मित्तल, रामा, कृष्ण पहलवान आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: रामलीला मंचन के दौरान प्रस्तुति देते कलाकार
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