अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर माय भारत नारनौल ने आयोजित किया जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम
-युवाओं को सीपीआर प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा की दी जानकारी
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कनीना की आवाज। अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर मेरा युवा भारत, नारनौल, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रेडक्रास भवन, नारनौल में जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला परिवहन अधिकारी मनोज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आपदा प्रबंधन, सड़क सुरक्षा, सीपीआर तथा प्राथमिक उपचार के प्रति जागरूक करना और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की सहायता करने के लिए प्रेरित करना रहा।
मुख्य अतिथि जिला परिवहन अधिकारी मनोज कुमार ने युवाओं को सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं को वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने तथा नशे की स्थिति में वाहन न चलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सड़क संकेतों, ट्रैफिक सिग्नल और सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों के प्रति जागरूक रहने का संदेश देते हुए कहा कि सतर्कता और जिम्मेदार व्यवहार से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षक टेकचंद एवं कौशल ने प्रतिभागियों को बताया कि किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होने, सामान्य रूप से सांस न लेने या हृदय गति रुकने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सहायता देना बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने सीपीआर के महत्व, आपातकालीन सहायता बुलाने तथा छाती पर दबाव देने की सही तकनीक के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही रक्तस्राव, चोट लगने, जलने, बेहोशी और अन्य आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक उपचार देने के आवश्यक तरीकों एवं सावधानियों के बारे में बताया गया।
अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को भूकंप, बाढ़, आग और अन्य प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान सुरक्षा उपायों, पूर्व तैयारी तथा बचाव के तरीकों के बारे में भी जागरूक किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि आपदा के समय सही जानकारी, त्वरित प्रतिक्रिया और सामूहिक सहयोग से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव ने कहा कि युवाओं को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर उचित सहायता मिलने से किसी व्यक्ति की जान बचाने में मदद मिल सकती है। युवा समाज में जागरूकता फैलाने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से माय भारत से जुडऩे की अपील करते हुए कहा कि सभी युवा माय भारत के युवा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं और पोर्टल के माध्यम से संचालित विभिन्न युवा गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सामाजिक अभियानों एवं स्वयंसेवी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि माय भारत युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने, नए कौशल सीखने, सामाजिक कार्यों में योगदान देने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम का मंच संचालन हरिश शर्मा ने किया। माय भारत के स्वयंसेवक विवेक, अशोक एवं बृजेश ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेडक्रास की ओर से राजकुमार एवं रेखा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और आयोजन में सहभागिता की।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को आपदा जोखिम न्यूनीकरण, सीपीआर, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित यातायात व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया। मेरा युवा भारत, नारनौल द्वारा युवाओं को जागरूक, सक्षम एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोडऩे के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
फोटो कैप्शन 08 व 09: संबंधित हैं
कमरे 29, बच्चे 539 फिर भी दोहरी पारी में चल रहा भोजावास पीएम श्री स्कूल?
-सिंगल शिफ्ट की मांग तेज
- एसएमसी ने डीईओ कार्यालय पहुंचकर सौंपा मांगपत्र
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कनीना की आवाज। 29 कक्षा-कक्ष, घटती विद्यार्थी संख्या और फिर भी दोहरी पारी में पढ़ाई! राजकीय पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का कहना है कि जब विद्यालय में टीन शेड सहित कुल 29 कक्षा-कक्ष उपलब्ध हैं और विद्यार्थियों की संख्या 573 से घटकर 539 रह गई है, तो विद्यालय को एक पारी में संचालित करने पर निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा? समिति ने शिक्षा विभाग से उपलब्ध संसाधनों और विद्यार्थियों की संख्या की समीक्षा कर जल्द सिंगल शिफ्ट शुरू करने की मांग की है।
सोमवार को एसएमसी प्रधान मंजू रोहिल्ला के नेतृत्व में समिति सदस्यों ने नारनौल स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय पहुंचकर डीईओ की अनुपस्थिति में सुपरिंटेंडेंट सुदेश भारद्वाज को मांगपत्र सौंपा। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता मदनलाल शर्मा और राकेश रोहिल्ला भी मौजूद रहे। मांगपत्र के साथ विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्राम पंचायत के प्रस्ताव, कक्षा-कक्षों की स्थिति तथा विद्यार्थी संख्या से संबंधित दस्तावेजों और फोटो प्रतियों को भी प्रस्तुत किया गया।
एसएमसी प्रधान मंजू रोहिल्ला के अनुसार,पहले विद्यालय में 573 विद्यार्थी थे, जबकि अब इनकी संख्या घटकर 539 रह गई है। समिति ने 9 अगस्त 2026 की स्थिति से संबंधित आंकड़ों के आधार पर एक पारी में विद्यालय संचालन की संभावनाएं जताई हैं।
समिति के मुताबिक, साथ लगते राजकीय माडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय की ओर से भी दो कक्षा-कक्ष उपलब्ध करवाए गए हैं। अभिभावकों और ग्रामीणों का दावा है कि जिले में भोजावास पीएम श्री विद्यालय को छोड़कर कोई अन्य विद्यालय दोहरी पारी में संचालित नहीं हो रहा।
मंजू रोहिल्ला ने बताया कि एसएमसी सदस्यों ने 6 अक्टूबर को विद्यालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह के प्राचार्य बाबूलाल यादव को भी मांगपत्र सौंपा था। उन्होंने मांगपत्र को जिला शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी के पास भेज दिया था। समिति का कहना है कि इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
एसएमसी सदस्यों के अनुसार, सरकारी विद्यालयों में भवन और शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। ऐसे में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सर्दियों में बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई की चिंता अभिभावकों ने दोहरी पारी के कारण पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिलने, पाठ्यक्रम पूरा करने और विद्यार्थियों की दोहराई करवाने में आने वाली परेशानियों का मुद्दा भी उठाया है। सर्दियों में कोहरा और कम दृश्यता बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए उचित व्यवस्था करे।
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर शर्मा ने बताया कि एसएमसी सदस्यों ने विद्यालय में पर्याप्त कक्षा-कक्ष उपलब्ध होने और विद्यार्थियों को आसानी से बैठाने की व्यवस्था होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मांगपत्र कार्यालय में जमा करवा दिया जाए, उसे निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, चंडीगढ़ को भेज दिया जाएगा। वहां से मिलने वाले आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया ने कहा कि वे स्वयं विद्यालय पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा।
फोटो कैप्शन 07: सुपरिंटेंडेंट को ज्ञापन सौंपते हुए
तीन लोगों पर मारपीट का केस दर्ज
-कनीना का मामला
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कनीना की आवाज। कनीना के दीपक कुमार ने तीन लोगों पर मारपीट का केस दर्ज करवाया है। उसने पुलिस में कहा है कि 2 अक्टूबर को जब अपने घर के बाहर देखा तो रामदास, मोहित एवं कैलाश देवी घर के अंदर आने वाली गली पर कब्जा कर रहे थे। जब उनसे कारण पूछा गया तो हमला बोल दिया। बचाव में राजबाला आई जिसे जान से मारने की कोशिश की। लोहे की राड़ आदि से हमला बोला, दोनों घायल हो गए। दीपक का कहना है कि उस समय पिता घर पर नहीं थे। पिता के घर पर आने के बाद दोनों को सिविल अस्पताल कनीना भेजा जहां उपचार करके पीजीआई रोहतक भेज दिया। दोनों का उपचार रोहतक चला। अभी भी उनकी मां पीजीआई रोहतक भर्ती है। उनके बयान पर रामदास, मोहित, कैलाश देवी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
नौ लोगों पर मारपीट, लूटपाट का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के गांव गुढ़ा निवासी बबलू ने उसके तथा उनके परिजनों के साथ मारपीट के मामले में नौ लोगों पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करवाया है।
पुलिस में बबलू ने बताया कि उसकी 65 वर्षीय दादी केला देवी के साथ नकली वकील बनकर 20,000 रुपये की ठगी करने के मामले में सदर पुलिस थाना में की गई शिकायत को लेकर 20 सितंबर 2026 को बबलू व उसके ताऊ का लड़का राहुल गए थे। थाना में मारपीट करने वाले धीरज के साथ गए लोगों ने केला देवी के साथ गाली गलौज एवं बद व्यवहार किया गया। उन्होंने केला देवी पर शिकायत वापस लेने का जबरन दबाव बनाया जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई। बबलू अपनी दादी को सरकारी अस्पताल कनीना में छोड़कर जब वापस थाना की ओर आया तो बाहर खड़े लोगों जिनमें धीरज, खोटा, फोर्ड, बाहलिया, संजय, जगदीश, छिनिया, शिवकुमार एवं बबलू ने जबरन उनका रास्ता रोककर गालियां दी और धमकी दी की केस वापस नहीं लिया तो अंजाम बुरे होंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगा है कि उनकी जेब में रखे 2000 रुपये की नकदी, जरूरी कागज निकाल लिए और लाठी, डंडों, चाकू आदि से हमला किया। घायल हो गया और बेहोश हो गया। किसी राहगीर ने उन्हें कनीना अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जहां 26 सितंबर तक इलाज चल। अब उन्होंने पुलिस पहुंचकर नौ लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर करवा दिया है।
कमरे 29, बच्चे 539 फिर भी दोहरी पारी में चल रहा भोजावास पीएम श्री स्कूल?
-सिंगल शिफ्ट की मांग तेज, एसएमसी ने डीईओ कार्यालय पहुंचकर सौंपा मांगपत्र
- सर्दियों में बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई प्रभावित होने की जताई आशंका
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कनीना की आवाज। 29 कक्षा-कक्ष, घटती विद्यार्थी संख्या और फिर भी दोहरी पारी में पढ़ाई! राजकीय पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का कहना है कि जब विद्यालय में टीन शेड सहित कुल 29 कक्षा-कक्ष उपलब्ध हैं और विद्यार्थियों की संख्या 573 से घटकर 539 रह गई है, तो विद्यालय को एक पारी में संचालित करने पर निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा? समिति ने शिक्षा विभाग से उपलब्ध संसाधनों और विद्यार्थियों की संख्या की समीक्षा कर जल्द सिंगल शिफ्ट शुरू करने की मांग की है।
सोमवार को एसएमसी प्रधान मंजू रोहिल्ला के नेतृत्व में समिति सदस्यों ने नारनौल स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय पहुंचकर डीईओ की अनुपस्थिति में सुपरिंटेंडेंट सुदेश भारद्वाज को मांगपत्र सौंपा। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता मदनलाल शर्मा और राकेश रोहिल्ला भी मौजूद रहे। मांगपत्र के साथ विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्राम पंचायत के प्रस्ताव, कक्षा-कक्षों की स्थिति तथा विद्यार्थी संख्या से संबंधित दस्तावेजों और फोटो प्रतियों को भी प्रस्तुत किया गया।
29 कमरे और अतिरिक्त कक्ष, फिर भी दोहरी पारी-
एसएमसी प्रधान मंजू रोहिल्ला के अनुसार, विद्यालय परिसर में तीन तरफ टीन शेड सहित कुल 29 कक्षा-कक्ष उपलब्ध हैं। पहले विद्यालय में 573 विद्यार्थी थे, जबकि अब इनकी संख्या घटकर 539 रह गई है। समिति ने 9 अगस्त 2026 की स्थिति से संबंधित आंकड़ों के आधार पर एक पारी में विद्यालय संचालन की संभावनाएं जताई हैं।
समिति के मुताबिक, साथ लगते राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय की ओर से भी दो कक्षा-कक्ष उपलब्ध करवाए गए हैं। इन कमरों में शौचालय और पानी की सुविधा भी है। ऐसे में एसएमसी का तर्क है कि उपलब्ध कमरों और सुविधाओं का आकलन कर एक पारी में पढ़ाई शुरू करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
अभिभावकों और ग्रामीणों का दावा है कि जिले में भोजावास पीएम श्री विद्यालय को छोड़कर कोई अन्य विद्यालय दोहरी पारी में संचालित नहीं हो रहा। उनका कहना है कि कंडम भवन हटाए जाने के बाद भी विद्यालय में पर्याप्त कमरे उपलब्ध हैं। इसलिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए। हालांकि, आगामी शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की संख्या बढऩे की संभावना को भी ध्यान में रखने की जरूरत है।
पहले भी सौंपा था मांगपत्र, कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी-
मंजू रोहिल्ला ने बताया कि एसएमसी सदस्यों ने 6 अक्टूबर को विद्यालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह के प्राचार्य बाबूलाल यादव को भी मांगपत्र सौंपा था। उन्होंने मांगपत्र को जिला शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी के पास भेज दिया था। समिति का कहना है कि इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
एसएमसी सदस्यों के अनुसार, सरकारी विद्यालयों में भवन और शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। ऐसे में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। समिति ने अधिकारियों से विद्यालय पहुंचकर कमरों, बैठने की व्यवस्था और विद्यार्थियों की संख्या का आकलन करने के बाद एक पारी में संचालन को लेकर निर्णय लेने की मांग की है।
सर्दियों में बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई की चिंता
अभिभावकों ने दोहरी पारी के कारण पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिलने, पाठ्यक्रम पूरा करने और विद्यार्थियों की दोहराई करवाने में आने वाली परेशानियों का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि दूसरी पारी में छुट्टी देर से होने के कारण दूर-दराज की ढाणियों से आने वाले छोटे बच्चों को घर लौटने में परेशानी होती है।
सर्दियों में कोहरा और कम दृश्यता बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकते हैं। ऐसे में अभिभावकों ने मांग की है कि बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग समय रहते उचित व्यवस्था करे।
इस अवसर पर एसएमसी प्रधान मंजू रोहिल्ला, सदस्य ज्योति रानी, आरती देवी, किरण वर्मा, ज्योति, ललिता, मंजू, राकेश, कौशल, मनीष और जसवंत, अभिभावक अशोक गोयल तथा सामाजिक कार्यकर्ता मदनलाल शर्मा और राकेश रोहिल्ला सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर शर्मा ने बताया कि एसएमसी सदस्यों ने विद्यालय में पर्याप्त कक्षा-कक्ष उपलब्ध होने और विद्यार्थियों को आसानी से बैठाने की व्यवस्था होने की बात कही है। फिलहाल वे डाइट महेंद्रगढ़ आए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मांगपत्र कार्यालय में जमा करवा दिया जाए, उसे निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, चंडीगढ़ को भेज दिया जाएगा। वहां से मिलने वाले आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया ने कहा कि वे स्वयं विद्यालय पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा।
फोटो कैप्शन 07: संबंधित फोटो अधिकारी आवाज सुनते हुए
बाजरे की सरकारी खरीद का हुआ शेड्यूल जारी
- सुबह 8 बजे से शाम 5 तक चलेगी खरीद
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में किसानों का सरकारी बाजरे खरीद का शेड्यूल जारी कर दिया गया है।
मिली जानकारी अनुसार 15 अक्टूबर को झीगावन, ककराला, कलवाड़ी,करीरा एवं कपूरी वहीं 16 अक्टूबर को कनीना, कैमला, खरकड़ाबास, खेड़ी एवं खैराना के किसान और 17 अक्टूबर को कोका, कोटिया, मानपुर, मोहम्मदपुरी, मोड़ी के किसान बाजार बेच पाएंगे।
विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केट कमेटी अजीत सिंह ने बताया कि किसान बिना शेड्यूल के मंडी में ना आए, गेट पास कटवाने के लिए अपने साधन पर नंबर प्लेट लगवाना जरूरी है। वो किसान अनाज मंडी में आए जिन्होंने रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा करवाया हुआ है। अपनी फसल को अच्छी प्रकार सुखाकर वह साफ करके लाए।
उधर निजी एजेंसी बाजरे की त्वरित गति सूे खरीद कर रही हैं जबकि सरकारी तौर पर बाजरा नहीं खरीदा गया है।
माता कूष्मांडा मां की पूजा विधि विधान से करे-प्रवेश पंडित
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कनीना की आवाज। नवरात्रि के चतुर्थ दिन मां कूष्मांडा की पूजा और अर्चना विधि विधान से की जाती है। विस्तृत जानकारी देते हुये कनीना पुजारी प्रवेश पंडित ने बताया कि पूजा से उपासक का मन अनाहत चक्र में उपस्थित रहता है। इसलिए इस दिन बेहद साफ और पवित्र मन से मां कूष्मांडा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा और आराधना करनी चाहिए। मां कूष्मांडा को लेकर यह प्रबल मान्यता है कि इनकी पूजा से भक्तों के सभी रोग नष्ट होते हैं।
नवरात्र के चौथे दिन की अधिष्ठात्री देवी हैं मां कूष्मांडा। मान्यता है कि जो मनुष्य सच्चे मन से और संपूर्ण विधिविधान से मां की पूजा करते हैं, उन्हें आसानी से अपने जीवन में परम पद की प्राप्ति होती है। यह भी माना जाता है कि मां की पूजा से भक्तों के समस्त रोग नष्ट हो जाते हैं। मां कूष्मांडा को अष्ट भुजाओं वाली देवी भी कहा जाता है। उनकी भुजाओं में बाण, चक्र, गदा, अमृत कलश, कमल और कमंडल सजे हैं। वहीं दूसरी भुजा में वह सिद्धियों और निधियों से युक्त माला धारण किए हुए हैं। मां कूष्मांडा की सवारी सिंह है।प्रात: स्नान से निवृत्त होने के बाद मां दुर्गा के कूष्मांडा रूप की पूजा करें। पूजा में मां को लाल रंग का पुष्प, गुड़हल, या फिर गुलाब अर्पित करें। इसके साथ ही सिंदूर, धूप, दीप और नैवेद्य चढ़ाएं। मां की पूजा आप हरे रंग के वस्त्र पहनकर करें तो अधिक शुभ माना जाता है। इससे आपके समस्त दुख दूर होते हैं कूष्मांडा देवी को सफेद कुम्हड़े यानी समूचे पेठे के फल की बलि दें। इसके बाद देवी को दही और हलवे का भोग लगाएं। ब्रह्मांड को कुम्हड़े के समान माना जाता है, जो कि बीच में खाली होता है। देवी ब्रह्मांड के मध्य में निवास करती हैं और पूरे संसार की रक्षा करती हैं। अगर आपको साबुत कुम्हरा न मिल पाए तो आप मां को पेठे का भी भोग लगा सकते हैं। और भक्ति भावना से माता रानी की आराधना करें।
फोटो कैप्शन: प्रवेश पंडित
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव व हरियाणा सरकार का गांव पोता के ग्रामीणों ने जताया आभार *************************************************************************
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कनीना की आवाज। अटेली की विधायक व हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से गांव पोता के ग्रामीणों ने ढ़ाणी मोहल्ला में पानी कि किल्लत से अवगत कराया। उन्होंने तुरंत जन स्वास्थ्य विभाग के एक्शन प्रदीप यादव को फोन पर कहा कि कल पोता गांव में जाकर गांव वासियों की समस्या का समाधान करें। अगले दिन प्रदीप यादव एक्शन जन स्वास्थ्य विभाग ने गांव में आकर पानी कि किल्लत वाले मोहल्ला ढाणी दौरा किया व ग्रामीणों से चर्चा की और अपने विचार रखें और मोहल्ला वासियों को विश्वास दिलाया कि जन स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जल घर में बने ट्यूबवेल से आपके मोहल्ले तक नई डीआई पाईप लाईन द्वारा मीठे पानी की सप्लाई बहुत जल्द सुचारु रूप से चालू करवा दूंगा आज मीठे पानी कि सप्लाई चालू होने पर मोहल्ला ढाणी वासियों ने व समस्त पोता ग्रामवासियों ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव व हरियाणा सरकार का आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर हनुमान सिंह यादव भाजपा महामंत्री मंडल कनीना, सुभाष पंच, लोकेश पंच, रणवीरपूर्व पंच, गजराज साहब, राम सिंह यादव, बिजेंदर, बबलू यादव, राजेश प्रधान, संतलाल, रवि प्रकाश बाबूजी, संजीव फौजी, विजयपाल, शीशपाल, चंद्रपाल, रण सिंह, रामनिवास यादव, पवन जांगडा, मनदीप व संदीप शर्मा बीडीसी मेंबर पआदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06: मंत्री का आभार जताते पोता के लोग
श्री आदर्श रामलीला कनीना के मंच पर हुआ ताड़का वध का मंचन
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कनीना की आवाज। श्रीआदर्श रामलीला कमेटी कनीना के रंगमंच पर भगवान श्रीराम की 13 दिवसीय लीलाओं के मंचन का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार रात्रि को मंच पर ताड़का वध का रोमांचक मंचन किया गया। बाल रूप में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के किरदार दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे। भगवान श्रीराम द्वारा ताड़का का वध करते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। वहीं, गौशाला के पूर्व प्रधान भगत सिंह यादव ने रामलीला कमेटी को 1 लाख 11 हजार रुपए की सहयोग राशि भेंट की।
कार्यक्रम का शुभारंभ गौशाला के पूर्व प्रधान भगत सिंह यादव, नई अनाज मंडी व्यापार मंडल के प्रधान पूर्ण सेहरावत भूरा और सचिव सुभाष गाहड़ा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता सचिन शर्मा ने किया।
मंचन के दौरान नितिन टिंकू सिंगला ने ताड़का का किरदार निभाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। ताड़का के मंच पर प्रवेश करते ही बच्चों में भय और उत्सुकता देखने को मिली। कथा के अनुसार दंडक वन में ऋषि-मुनियों को परेशान करने वाली राक्षसी ताड़का का सामना भगवान श्रीराम से होता है। दोनों के बीच हुए युद्ध के बाद श्रीराम अपने बाण से ताड़का का वध कर देते हैं। इस दृश्य के साथ ही पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
इसके बाद ताड़का के भाई मारीच और सुबाहु युद्ध के लिए आते हैं। भगवान श्रीराम के बाण से मारीच सौ योजन दूर जाकर गिरता है, जबकि सुबाहु का वध हो जाता है। कलाकारों ने युद्ध के दृश्यों का प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। हास्य कलाकार सुरेंद्र मिनिया ने चुटकुलों और हास्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को खूब हंसाया।
धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।
राम की भूमिका भडफ़ निवासी गोपी ने, जबकि लक्ष्मण का किरदार हर्ष ने निभाया। विश्वामित्र की भूमिका हेडमास्टर सत्यप्रकाश महरौलिया, राजा दशरथ की भूमिका डा. राहुल शर्मा, मारीच की भूमिका अमित जांगड़ा, सुबाहु की भूमिका दिनेश जांगड़ा और महर्षि वशिष्ठ की भूमिका सुरेश कपूर ने निभाई। सभी कलाकारों ने अपने अभिनय से रामलीला के प्रसंग को जीवंत बना दिया।
इस अवसर पर श्रीश्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, शिब्बू पंसारी, सुभाष मित्तल, सुरेंद्र शर्मा, कमेटी प्रधान मोहित जेलदार, उपप्रधान दिनेश यादव, महेंद्र मित्तल, रामकिशन रामा शर्मा, मुकुट भंडारी, मुकेश कपूर, रामा और कृष्ण पहलवान सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05:कनीना में श्री आदर्श रामलीला के मंच पर ताड़का वध का मंचन करते कलाकार।
अवैध देसी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस व अतिरिक्त मैगजीन सहित युवक काबू
- सीआईए नारनौल की कार्रवाई
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कनीना की आवाज। सीआईए नारनौल की टीम ने गांव धनौंदा में एक युवक को काबू कर उसके घर से एक देसी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक अतिरिक्त मैगजीन बरामद की है। युवक की पहचान कृष्ण निवासी धनौंदा के रूप में हुई है।
डीएसपी डॉ. कविता ने बताया कि 12 अक्टूबर को सीआईए नारनौल की टीम गश्त के दौरान अड्डा धनौंदा पर मौजूद थी। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि कृष्ण अपने पास अवैध हथियार रखता है और इस समय अपने मकान पर मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश देकर युवक को काबू किया।
पूछताछ में युवक ने अपना नाम कृष्ण बताया। इसके बाद उसने अपने मकान में रखे बेड से एक पिस्टल निकालकर पुलिस टीम को दी। जांच करने पर पिस्टल में एक मैगजीन लगी मिली तथा एक अतिरिक्त मैगजीन अलग से बरामद हुई। पिस्टल को खोलकर जांचने पर मैगजीन में दो जिंदा कारतूस मिले।
बरामद हथियार और कारतूसों के संबंध में लाइसेंस अथवा अनुमति पत्र मांगने पर युवक कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस टीम ने देसी पिस्टल, दोनों जिंदा कारतूस और अतिरिक्त मैगजीन को नियमानुसार कब्जे में ले लिया। इस संबंध में थाना शहर कनीना में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगामी अनुसंधान जारी है।
फोटो कैप्शन 01: पकड़ा गया अभियुक्त मय पुलिस
दुर्गा मां मंदिर कोटिया आकर्षण का है केंद्र
-दूर दराज तक विख्यात है कोटिया का माता मंदिर
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कनीना की आवाज। उप-मंडल कनीना से तीन किलोमीटर दूर कोसली सड़क मार्ग पर कोटिया गांव में माता का मंदिर स्थित है। करीब 12 वर्षों पूर्व यहां माता मंदिर स्थापित किया गया है। जब से माता मंदिर स्थापित हुआ है तब से भक्त नवरात्रों में आकर प्रसाद वितरण करते हैं। दूर दराज तक के भक्त यहां आते हैं।
क्या है विशेषता माता मंदिर की-
कोटिया बस स्टैंड के पास स्थित माता मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां विभिन्न पर्व श्रद्धा एवं भक्ति से मनाये जाते हैं। नौ कनाल पर स्थित इस भव्य भक्तिभाव मंदिर में जहां विभिन्न देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। कांवड़ मेले तथा खाटूश्याम मेले के वक्त शिविर लगते हैं वहीं अन्नकुट भी बांटा जाता है। जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। आधा दर्जन गांवों के भक्त यहां चलकर आते है। नवरात्रों में भीड़ रहती है। मेले
कैसे पहुंचा जाए-
इस मंदिर तक पहुंचाने के लिए कनीना पहुंचना जरूरी है। कनीना से कोसली मार्ग पर पहला बस स्टाप कोटिया का आता है। कोटिया के बस स्टाप के सामने यह माता का मंदिर स्थित है। इस गांव के ही नहीं अपितु दूर दराज से भक्त यहां आते हैं। विभिन्न प्रसाद वितरित करते हैं जिनमें बतासे, बूंदी तथा अन्य मीठे का प्रसाद वितरित किया जाता है। यहां मंदिर में दुर्गा के अलावा शिव परिवार, कृष्ण जी की मूर्तियां स्थापित हैं।
क्या कहते हैं पुजारी-
घनश्याम पंडित कनीनावाले यहां के पुजारी हैं। वो बताते हैं कि यह माता का भव्य मंदिर है। यहां पर दूर दराज तक के भक्त आते हैं और अपनी मन्नत दिल में लाते हैं। यहां पर मांगी गई मन्नत पूर्ण होती है। माता के दरबार में हाजिरी लगाना ही बड़ा होता है। अपने आप को छोटा समझकर मां के दरबार में आना चाहिए, नतमस्तक होना चाहिए तभी सभी काम सफल होते हैं।
क्या करते हैं भक्त-
कोटिया निवासी देशराज नवरात्रों में ही नहीं अकसर यहां पूजा करने आते रहते हैं। अक्सर जाकर धोक लगते हैं और यही मन्नत मांगते हैं कि जीवन खुशहाल रहे। उनका कहना है की माता के दरबार में दिन-रात भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं क्योंकि इसमें अनेक देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित है इसलिए हर दिन किसी ने किसी देवी देवता के पूजा करने लोग यहां पहुंचते हैं।
फोटो कैप्शन 03 व 04:कोटिया का माता मंदिर एवं मूर्तियां, घनश्याम पंडित पुजारी तथा देशराज।
अगिहार में माता मेला संपन्न
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कनीना की आवाज। अगिहार गांव में माता सेढ़ मसानी का मेला जागरण और भंडारा आयोजित किया गया। इसमें महिला, पुरुष, युवा, बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। जागरण में मैंया रानी के भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमें।
बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने माता सेढ़ मसानी की पूजा अर्चना कर जागरण का शुभारम्भ किया। मेला कमेटी सदस्यों ने मुख्य अतिथि अतरलाल व अतिथिगण का पटका पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने माता रानी का भव्य, दिव्य दरबार सजाने और विशाल मेला जागरण और भंडारा आयोजित करने के लिए माता सेढ़ मसानी कमेटी तथा गाम राम का धन्यवाद किया। प्रसिद्ध गायक कलाकार मनीषा यादव और अंजू सावंरिया के भजनों पर श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर माता के जयकारे लगाए। भंडारा में हजारों श्रद्धालुओं ने माता का प्रसाद ग्रहण कर खुशी मनाई। कमेटी प्रधान सुरेन्द्र, अनिल, मोनू ने कहा कि सच्चे दिल से माता सेढ़ मसानी के दरबार में जो आता है उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। अडानी पावर प्लांट के इंजीनियर अभिषेक सिंह व उनकी टीम, राजेन्द्र नम्बरदार, कैलाश सेठ, कृष्ण सिंह, मदनलाल, अशोक कुमार ने भव्य और शानदार कार्यक्रम आयोजित करने के लिए ग्राम वासियों की सराहना की।
फोटो कैप्शन 02: जागरण में प्रस्तुति देते कलाकार।















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