Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Wednesday, October 14, 2026



 



हरियाणा एनसीआर दिल्ली में एक बार फिर से तापमान में हल्की बढ़ोतरी
****************************************************
******************************************************
****************************************************
कनीना की आवाज। 
हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम आमतौर पर परिवर्तन शील बना हुआ है। कहीं कहीं आंशिक बादल वाही देखने को मिल रही है वहीं दूसरी तरफ सम्पूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है अगले 24 घंटों के दौरान हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा । मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान  के आसपास के क्षेत्र के पर विराजमान हैं जो आज रात्रि को भारत के उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से दक्षिणी पंजाब पर एक चक्रवातीय सर्कुलेशन बनने से उत्तरी मैदानी राज्यों उत्तरी राजस्थान पंजाब और हरियाणा के पंजाब से सटे हिस्सो में  14-16 अक्टूबर के दौरान 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ गति की हवाओं के साथ हल्की बारिश बूंदाबांदी और कुछ स्थानों पर गर्ज चमक के साथ छिट-पुट ओलावृष्टि की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में  मौसम प्रणाली के असर से एक बार फिर से तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं। क्योंकि इस मौसम प्रणाली से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर हल्की बर्फबारी से और हवाओं की दिशा में बदलाव से ऊपर मौसम प्रणाली के असर से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में एक बार फिर से तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी।  इस मौसम प्रणाली का असर हरियाणा के उत्तरी जिलों सिरसा फतेहाबाद, हिसार ,जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर ,करनाल पर ज्यादा रहेगा जबकि शेष हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बादलों की आवाजाही और तेज़ गति की हवाओं के साथ बिखराव वाली हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है।  आमजन को सलाह दी जाती है कि  गरज-चमक/तेज हवाओं/ ओलावृष्टि के दौरान बाहर जाने से बचें और पेड़ों के नीचे आश्रय न लें। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। सिंचाई, उरवरक़ों और कीट नाशक़ों का प्रयोग स्थगित करें और जलभराव वाले क्षेत्रों और जल निकासी का प्रबंधन करें।
फोटो कैप्शन: डा. चंद्रमोहन




नहीं बन पा रहा सीसीएचएफ कार्ड
-पेंशनर्स है परेशान क्योंकि आयुष्मान कार्ड पहले बन चुका है
****************************************************
******************************************************
****************************************************
कनीना की आवाज।
 अब तक कर्मचारियों के लिए हरियाणा में आयुष्मान कार्ड चलता था और जिन कर्मचारियों ने आयुष्मान कार्ड बनवा ली उनके लिए आप एक नई समस्या खड़ी हो गई है कि वह सीसीएचएफ कार्ड नहीं बनवा सकते। हरियाणा सरकार ने पेंशनर्स के लिए सीसीएचएफ कार्ड के आदेश जारी कर दिए हैं जो अब नहीं बन पा रहे हैं क्योंकि जब वे सीसीएचएफ कार्ड बनाना चाहे तो उनके पास संदेश आता है कि आपके आधार कार्ड से पहले ही एक कार्ड जनरेट हो चुका है और वह आयुष्मान कार्ड ।आयुष्मान कार्ड को कैसे डिलीट करवा करवाए ताकि उनका सीसीएचएफ कार्ड बन सके इसके लिए न तो सीएससी सेंटर वाले कोई समाधान बता रहे और नहीं अस्पताल में स्थापित आयुष्मान पोर्टल वाले बता पा रहे हैं। कर्मचारी जब सेवानिवृत्त हो गए हैं और उन्होंने पहले आयुष्मान कार्ड बनवा लिया था उनमें महिपाल सिंह, सुरेंद्र, होशियार सिंह आदि ने बताया कि अभी कई जगह घूमते फिर रहे परंतु कोई स्थायी समाधान नहीं मिल रहा कि कैसे आयुष्मान कार्ड को उनके खाते से रिमूव करवाया जाए और सीसीएचएफ कार्ड बनवाया जाए। जब तक सीसीएचएफ कार्ड नहीं बनेगा तब तक उन्हें स्वास्थ्य संबंधी इलाज के लिए कोई लाभ नहीं मिलेगा।



दूर दराज तक विख्यात है घड़ी महासर वाली माता मंदिर
****************************************************
******************************************************
****************************************************
कनीना की आवाज।

स्थापना का इतिहास-
 माता मंदिर का निर्माण हजारों वर्ष पूर्व बताया जाता है। भक्त नगरकोट हिमाचल में जाया करते थे और माता बृजेश्वरी देवी के दर्शन किया करते थे। जब भक्त वृद्ध हो गए तो माता का एक दिन दृष्टांत मिला कि अब मां तुम्हारे गांव में पिंडी रूप में प्रकट होगी। उनका मानना है कि आज पिंडी रूप में मां यहीं पर उत्पन्न हुई थी। यह माता मंदिर नगरकोट की मां मंदिर से प्रेरित होकर कराया गया था। अब इस मंदिर को बड़ा रूप दिया गया है जहां दिनों दिन भक्तों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। माता के प्राचीन मंदिरों में से एक घड़ी महासर की पिंडी रूप में मां का नाम आता है। हजारों वर्ष पुरानी माता बताई जाती है जिसकी प्रारंभ में छोटी सी पिंडी रूप प्रतिमा थी। करीब 17 वर्ष पूर्व विशाल मां मंदिर का निर्माण करवाया गया है। नवरात्रों में यहां विशाल मेला लगता है। यह मेला सप्तमी के दिन लगता है।
मंदिर की विशेषता-
माता महासर वाली का निर्माण संगमरमर के सफेद पत्थर से किया गया है विशेषता। इस मंदिर की विशेषता है कि जो भी भक्त यहां आता है वो बार बार दर्शन का प्यासा हो जाता है। हर नवरात्रों में सप्तमी को मां का मेला लगता है जिसमें हलवा, पूरी का भोग लगाया जाता और नारियल एवं चुनरी आदि अर्पित की जाती है। मां मंदिर परिसर में विश्व कल्याण के लिए हवन किया जाता है। भक्त पैदल चलकर या वाहनों में यहां पहुंचते हैं। यहां जात लगाई जाती है वहीं जडू़ले उतारे जाते हैं। विशेष प्रकार के संगमरमर से यह भव्य मंदिर बना हुआ है।
 कैसे पहुंचे मां मंदिर स्थल तक-
 मां मंदिर स्थल तक पहुंचने के दोनों मार्ग अर्थात रेल मार्ग भी है तो सड़क मार्ग भी है। अटेली से 7 किलोमीटर दूर तो कनीना  20 किलोमीटर दूर पर मां का मंदिर महासर में मां का मंदिर स्थित है। बसों के जरिए जाना चाहे तो अटेली बस स्टैंड या कनीना बस स्टैंड से जा सकते हैं। बस स्टैंड से करीब 200 मीटर दूर ही मां का भव्य मंदिर है।  मां मंदिर स्थल तक पहुंचने के दोनों मार्ग अर्थात रेल मार्ग भी है तो सड़क मार्ग भी है। अटेली से 7 किलोमीटर दूर तो कनीना  20 किलोमीटर दूर पर मां का मंदिर महासर में मां का मंदिर स्थित है। बसों के जरिए जाना चाहे तो अटेली बस स्टैंड या कनीना बस स्टैंड से जा सकते हैं। बस स्टैंड से करीब 200 मीटर दूर ही मां का भव्य मंदिर है।
*** पुजारी का कहना है कि वे वर्षों से यहां पुजारी की भूमिका निभाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि मां मंदिर की सफाई देखरेख, भक्तों की जरूरतों को ध्यान में रखना, जल, बिजली आदि का प्रबंध करते आ रहे है। यहां आने वाले किसी भक्त को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती। भक्त यहां आकर प्रसन्न हो जाते हो और अपने को धन्य समझते हैं। भक्तों की सभी मन्नत पूर्ण होती है। मां भक्तवत्सल है और सभी की अरदास पूरी करती है। मंदिर स्थल के पास ही धर्मशालाएं हैं जहां भक्तों के ठहरने का प्रबंध होता है। हर वर्ष पुजारी की भूमिका अलग अलग व्यक्ति निभाते हैं।
  --कैलाश शर्मा पुजारी
***भक्त राकेश शर्मा का कहना है कि वे वर्षों से मां मंदिर में जाते हैं और अरदास करते हैं। उनकी सभी मनोकामनाएं मां ने पूर्ण की है। इस मंदिर में उन्हें आकर शकुन मिलता है। यहां तक कि भक्तों को आकर भव्य मंदिर में शकुन मिलना स्वाभाविक है। उनका कहना है कि मां मंदिर बहुत पुराना है। इसलिए भक्तों की अपार भीड़ लगती है। प्रतिवर्ष हजारों भक्त नवरात्रों में आते हैं। मामा मेले में लाखों भक्त पहुंचते हैं।
  --भक्त राकेश कुमार
 फोटो कैप्शन: कैलाश शर्मा पुजारी, भक्त राकेश शर्मा, माता का मंदिर फोटो नंबर 09 व 10





श्रीआदर्श रामलीला कनीना के मंच पर किया गया धनुष यज्ञ की लीला का मंचन
-परदादा से परपोता नजर आया
-लक्ष्मण व परशुराम का संवाद रहा आकर्षण का केंद्र
****************************************************
******************************************************
****************************************************
कनीना की आवाज।
श्रीआदर्श राम लीला कमेटी के रंगमंच पर भगवान श्रीराम की 13 दिवसीय लीलाओं के मंचन के छठे दिन धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में ब्लाक समिति चेयरमैन जय प्रकाश ककराला, विशिष्ट अतिथि अधिवक्ता विनय यादव ने शिरकत की। जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मंच संचालन उप-प्रधान दिनेश यादव ने किया। बता दे कि श्रीआदर्श रामलीला कनीना के रंगमंच पर मंगलवार रात्रि को धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया गया। श्रीराम के किरदार में शिव कुमार शर्मा, लक्ष्मण प्रवक्ता सचिन शर्मा के किरदार व परशुराम के किरदार में नितिन मित्तल टिंकू के धनुष यज्ञ के स्वांदो के माध्यम सेे उपस्थित लोगों के रोंगटे खड़े कर दिये। वही रावण के किरदार में 65 वर्षीय शिब्बू पंसारी तो उनके सामने उनके पोते मन्नू पंसारी बाणासुर के संवादों ने माहौल ही बदल दिया। श्रीराम के किरदार में शिव कुमार शर्मा के गायन को लीला को भक्तिमय कर दिया। राजा जनक नीटू जांगड़ा, रावण का किरदार 36 वर्षों पहले हुई रामलीला के पुराने कलाकार शीबू पंसारी की रावण वाली धाड़ सुनकर सभी चौक गए। जबरदस्त कला की अदा दिखाते हुए खूब तालियां बटोरी। उनके बोले गए एक एक डायलाग से रामलीला के पुराने प्रसिद्ध शेर कि दहाड़ से बोलने वाले रावण का किरदार निभाने वाले स्वर्गीय मुरारीलाल की भी यादें ताजा कर दी।
 वही 74 वर्षीय रामलीला के बता दे कि सीता स्वयंवर में सीता का किरदार मुकेश कपूर, राजा दशरथ पिनाक भारद्वाज, दिनेश जांगड़ा, अमित जांगड़ा, कर्नल चिकारा, गुरु विश्वामित्र सुरेश कपूर रहे। इस दौरान श्री श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, रामलीला प्रधान मोहित जेलदार, विक्की पंसारी, शिब्बू पंसारी, सुभाष मित्तल, सुरेद्र शर्मा, रामकिशन रामा शर्मा, नितिन सिंगला टिंकू, सुरेंद्र मिनिया, पिन्नू मित्तल, रामा, कृष्ण पहलवान आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05 व 06: रावण के रोल में दादा शिब्बू पंसारी व बाणासूर के रोल में पोता मन्नू पंसारी


नहीं हुई सरकारी तौर पर बाजरे की खरीद
- प्राइवेट एजेंसी पर लगी लंबी लाइन
-दो किलोमीटर लंबी किसानों के वाहनों की कतार लगी
****************************************************
******************************************************
****************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की सरकारी खरीद के रूप में एक दाना भी अब तक नहीं खरीदा गया है क्योंकि प्राइवेट एजेंसी पर बाजरे के भाव 2325 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। किसान प्राइवेट एजेंसी पर बाजरा बेचने के लिए कतारबद्ध खड़े हो गए हैं। कनीना के ओवर ब्रिज  से लेकर चेलावास तक करीब दो किलोमीटर लंबी लाइन वाहनों की लग गई है। किसानों में जोश आ गया है और भारी मात्रा में बाजरा बेच रहे हैं।
 उधर प्रधान पूर्णचंद ने बताया कि करीब 1 लाख क्विंटल अब तक प्राइवेट एजेंसी द्वारा खरीदा जा चुका है। धीरे-धीरे बाजरा बेचने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।
 फोटो कैप्शन 7 और 8: बाजार बेचने वाले किसानों की लंबी कतार




एसडी विद्यालय ककराला में खेल महाकुंभ 2026-27 के जिला स्तरीय चयन
-ट्रायल का शुभारंभ
****************************************************
******************************************************
****************************************************
कनीना की आवाज।
एसडी गु्रप आफ इंस्टीट्यूशंस, ककराला परिसर में खेल महाकुंभ 2026-27 के अंतर्गत जिला महेंद्रगढ़ के चयन ट्रायल का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के उप-निदेशक पूरण सिंह एवं
प्रधानाचार्य अरविंद कुमार तोमर ने किया। इस अवसर पर बाक्सिंग (पुरुष एवं महिला) तथा भारोत्तोलन (पुरुष एवं महिला) के चयन ट्रायल आयोजित किए गए।
यह ट्रायल रेनू रेवाड़ी, ममता रेवाड़ी व धर्मेन्द्र सिंह वेटल्फिटिंग कोच डीएसओ झज्जर, मनोज, धर्मेन्द्र, रविन्द्र डीएसओ नारनौल की देखरेख में
किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने कहा कि खेलों की हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका है। खेल न केवल शरीर को
स्वस्थ और फिट रखते हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच एवं टीम भावना का भी विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हमें युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखना है, तो उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना होगा। खेल युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने तथा उन्हें स्वस्थ
जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रभावी माध्यम हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक ओमप्रकाश, उप-निदेशक पूरण सिंह एवं प्रधानाचार्य अरविंद कुमार तोमर ने खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें खेल भावना, मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के स्पोर्ट्स हेड सोनू, कोच विकास कुमार, शाश्वत मिश्रा अमन चैकसी तथा अन्य कोच उपस्थित रहे। सभी ने चयन ट्रायल में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों का उत्साह बढ़ाया और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के
महत्व पर बल दिया।
फोटो कैप्शन 04: खेलों का ट्रायल करते हुए





लड़की लापता, गुमशुदगी कर मामला दर्ज
****************************************************
******************************************************
****************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना उप मंडल के एक गांव से 20 वर्षीय  लड़की घर से बगैर बताए कहीं चली गई। तलाश करने पर नहीं मिली। उसके पिता ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाते हुए कहा है कि वह राजमिस्त्री का काम करता है। 12 अक्टूबर को अपनी पत्नी को रेलवे स्टेशन छोडऩे के लिए गया था, उसकी 20 वर्षीय लड़की घर पर थी जो बगैर बताए कहीं चली गई। तलाश करने पर भी नहीं मिली। कनीना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।



खंड स्तरीय सड़क सुरक्षा प्रतियोगिता परीक्षा का सफल आयोजन
- 370 विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह

 
****************************************************
******************************************************
****************************************************
कनीना की आवाज।
यातायात के नियमों प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से खंड स्तरीय सड़क सुरक्षा प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में किया गया। इस परीक्षा में कनीना क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के कुल 370 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
विद्यार्थियों की आयु और कक्षा के अनुसार परीक्षा को तीन अलग-अलग स्तरों (लेवल) में विभाजित किया गया था। आंकड़ों के अनुसार, लेवल 1 में 107, लेवल 2 में 150 और लेवल 3 में 113 परीक्षार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस पूरी प्रतियोगिता का सफल संचालन कार्यवाहक खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सुचारु रूप से कराने में पुलिस प्रशासन का भी विशेष सहयोग रहा।
   इस अवसर पर पुलिस विभाग स एएसआई राजन कुमार, सुदीप, कपिल कुमार और संदीप कुमार ने मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए परीक्षा सामग्री का वितरण किया। कार्यक्रम में मुख्य परीक्षा कार्डिनेटर की भूमिका प्रवक्ता नरेश यादव ने निभाई, जिनकी देखरेख में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार ने परीक्षा के सफल आयोजन पर खुशी जताते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से बच्चों में बचपन से ही सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना आती हैं।
फोटो कैप्शन 02: माडल स्कूल में सड़क सुरक्षा प्रतियोगिता





लड़की लापता, गुमशुदगी कर मामला दर्ज
****************************************************
******************************************************
****************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना उप मंडल के एक गांव से 20 वर्षीय  लड़की घर से बगैर बताए कहीं चली गई। तलाश करने पर नहीं मिली। उसके पिता ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाते हुए कहा है कि वह राजमिस्त्री का काम करता है। 12 अक्टूबर को अपनी पत्नी को रेलवे स्टेशन छोडऩे के लिए गया था, उसकी 20 वर्षीय लड़की घर पर थी जो बगैर बताए कहीं चली गई। तलाश करने पर भी नहीं मिली। कनीना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।




स्कंदमाता की पूजा से मिलता है अमिट फल
-विधि विधान से करें पूजा-
प्रवेश पंडित

 ****************************************************
******************************************************
****************************************************
कनीना की आवाज।
 
नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप की पूजा की जाती है जिसका नाम स्कंदमाता है। कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता का नाम दिया गया है भगवान स्कंद बालरूप में माता की गोद में विराजमान है। ये विचार प्रवेश पंडित ने  व्यक्त किये।
प्रवेश पंडित ने पूजा अर्चना की विधि बताते हुए कहा कि सबसे पहले माता के लिए चौकी पर स्कंदमाता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करनी चाहिए इसके बाद शुद्धिकरण करने के लिए पंचगव्य तैयार करना चाहिए जिसके लिए  पंचगव्य तैयार करें और जिस स्थान में पूजा कर रहे उस स्थान में भी इसका छिड़काव करें।  
 वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों के द्वारा स्कंदमाता सहित समस्त स्थापित देवताओं की षोडशोपचार पूजा करें माता का आवाहन करना चाहिए। जिसके लिए हमें आसन, आचमन,स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, बिल पत्र, दूर्वा, सिंदूर, आभूषण, पुष्प हरा पुष्प माता को प्रिय है। स्कंदमाता संतान को प्राप्ति देने वाली हैं। निश्चय ही स्कंदमाता की पूजा करने से हमारी मनोरथ सफल होती है। माता को भोग एवं प्रसाद स्कंदमाता को केले का भोग लगाना चाहिए। हमारे मन को शांति मिलती है और माता रानी अति शीघ्र प्रसन्न होती हैं हमारे जीवन के सभी कष्टों को नाश करती हैं और हमारे परिवार का कल्याण करते हैं इसीलिए हमें स्कंदमाता की मन मानसिक शांत चित्त से स्थिर मन से माता की पूजा करनी चाहिए।
फोटो कैप्शन: प्रवेश पंडित




गांव खेड़ा में टीबी उन्मूलन शिविर का आयोजन, 78 लोगों की हुई स्क्रीनिंग
****************************************************
******************************************************
****************************************************
कनीना की आवाज।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर  सिगड़ा के अंतर्गत गांव खेड़ा में टीबी उन्मूलन अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य टीबी की समय पर पहचान करना तथा ग्रामीणों को घर-द्वार पर स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध करवाना था।
शिविर के दौरान कुल 78 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। संभावित मरीजों की पहचान के लिए चेस्ट एक्स-रे किए गए तथा आवश्यकतानुसार बलगम (स्पुटम) के नमूने भी लिए गए, ताकि समय पर बीमारी की पहचान कर जांच एवं उपचार की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
 नारनौल से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर में महत्वपूर्ण सहयोग किया। टीम में फार्मासिस्ट नीरज, लैब टेक्नीशियन मनोज, नर्सिंग ऑफिसर फूल सिंह एवं रेडियोग्राफर सुहैल खान शामिल रहे। टीम ने स्क्रीनिंग, चेस्ट एक्स-रे तथा बलगम के नमूने लेने की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी उन्मूलन के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें उचित जांच एवं उपचार से जोड़ा जा सके। विभाग के अनुसार टीबी की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार से बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद मिलती है।
शिविर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिगड़ा की ओर से कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर अरुण चौधरी, स्वास्थ्य कर्मी ऋषिराज, आशा वर्कर अनीता एवं रामभतेरी ने सेवाएं दी।
फोटो कैप्शन 01: मरीजों की जांच करते हुए




हस्त प्रक्षालन दिवस-15 अक्टूबर
कम से कम 30 सेकंड और अधिकतम 1 मिनट हाथों को धोना चाहिए
****************************************************
******************************************************
****************************************************
कनीना की आवाज।
15 अक्टूबर को हस्तप्रक्षालन/हस्त धावन दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन लोगों को हाथ धोने के प्रति जागरूकता उत्पन्न कराई जाती है हाथ धोना बहुत महत्वपूर्ण है। भारतीयों के लिए तो विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि हाथों से खाना खाने की संस्कृति है। मल त्याग के बाद तथा बाहर से आने पर हाथों को जरूर धोना चाहिए। इससे अनेकों रोगाणु जो हाथों से चिपके होते हैं नष्ट हो जाते हैं। हाथों की स्वच्छता हर संक्रमण से बचाती है। इस संबंध में डा विनय शर्मा उप-नागरिक अस्पताल कनीना से हाथ धोने की विषय में बात हुई।
** हाथों को कम से कम से कम 30 सेकंड और अधिकतम 1 मिनट तक धोना चाहिए। हाथों को सीधा, फिर उल्टा, फिर नाखून फिर हथेली, फिर अंगूठा ,और फिर बाजू छह सोपानों से होकर हाथों को धोना चाहिए। हाथों को धोने से बीमारी फैलने वाले वायरस और जीवाणु जो नंगी आज से नहीं दिखाई देते, नष्ट हो जाते हैं। हाथों को धोने से अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। जब-जब मलमूत्र त्याग करते हैं, बाहर कहीं घूम कर आते हैं या कोई गंदगी आदि उठाकर आते हैं, सुबह, शाम दोपहर जब भी हाथों से कोई खाने पीने का कार्य करते हैं उसे समय हाथों को धोना जरूरी होता है। हाथों को यदि नहीं धोया जाए तो बीमारियां घर कर जाती है। बीमारियों से बचने का सबसे सरल उपाय हस्त प्रक्षालन या हैंड वॉश, हाथ धोवन नाम से जाना जाता है। खाना बनाने से पहले, बाथरूम इस्तेमाल करने पर, खाना खाते समय अपने हाथों को जरूर साफ करना चाहिए जिससे कई बीमारियों से बचा जा सकता है। वर्ष 2008 में विश्व  हस्त प्रक्षालन दिवस की शुरुआत की गई थी तब से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। हाथों को अच्छी प्रकार धोने से दस्त एवं निमोनिया सहित कई बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। एक अन्वेषण के दौरान पता लगाया कि हाथों के धोने से बच्चों में दस्त से होने वाला खतरा 40 फीसदी कम हो जाता है। लोगों को हाथ धोने के बारे में जानकारी देने से स्वास्थ्य का अच्छा बनाने में मदद मिलती है। न केवल लीवर संबंधी समस्या का समाधान होता है बल्कि सर्दी, बुखार एवं वायरल आदि दूर हो जाते हैं। कई बार ऐसे जीवाणु और विषाणु जो नग्न आंखों से नहीं देखे जा सकते हैं, मोबाइल फोन या टूथ ब्रश में सबसे ज्यादा पाए जाते हैं, ऐसे में खाने से पहले नियमित रूप से हाथ धोना जरूरी है। अच्छी तरह हाथ धोने से खसरा, चिकन पाक्स के चकते आदि इन्फेक्शन नहीं होता क्योंकि ये संक्रमण जानलेवा हो सकते हैं। हर समय कोई काम करते हैं और खाने पीने का काम हाथों करते हैं उस समय हाथों को धो लेना चाहिए।
-- डा. विनय शर्मा
फोटो कैप्शन: डा विनय शर्मा


हरियाणा के स्टेट अवार्डी शिक्षकों को न्यायालय ने दिए दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियां, खुशी की लहर
-अव टिकी हैं नजरें दो साल की सेवा विस्तार पर, भविष्य के गर्भ में



















No comments: