बाजरे की मांग बढ़ी, 2325 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका बाजरा
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी में बाजरे की मांग बढ़ती जा रही है। सरकार द्वारा 2300 रुपये प्रति क्विंटल खरीदे जाने की योजना है और 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर भरपाई खाते में डालने की भी योजना है। किंतु प्राइवेट एजेंसी सरकारी भाव से भी अधिक भाव पर बाजरा खरीद रही है। शनिवार को 2325 रुपये प्रति क्विंटल तक बाजरा बिका जिससे किसानों का रुझान प्राइवेट एजेंसी को बेचने में बढ़ा है। किसानों का कहना है कि यदि यूं ही भाव बढ़ता चला गया तो उन्हें लाभ होगा। ऐसे में अब किस सरकार पर निर्भर नहीं रहे अपितु प्राइवेट एजेंसी को पर बेचकर ही प्रसन्नता महसूस कर रहे हैं। आने वाले समय में बाजरे के भाव कुछ और बढऩे के आसार बन गए हैं।
फोटो कैप्शन 8: बाजरे की लगी ढेरी
कनीना मंडी में रामलीला जारी
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कनीना की आवाज।कनीना मंडी में आदर्श रामलीला द्वारा रामलीला मंचन जारी है। रामलीला का मंचन जहां 9 अक्टूबर को शुरू हुआ था और मंचन तेजी से आगे बढ़ रहा है। लोगों का और दर्शकों का रुझान भी बढ़ता ही जा रहा है।
कोटिया गांव की शीतल बनी एचसीएस
---मिल रही हैं बधाइयांं
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव कोटिया की शीतल ने पास की एचसीएस की परीक्षा। उन्होंने एचसीएस में पाया 26वां रैंक।
पुत्री सुमरत देवी व हरिपाल की पुत्री
शीतल ने ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी विद्यालय में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की उसने हरियाणा सिविल सर्विस में सफलता प्राप्त कर अपने परिवार और गाव व समाज का नाम रौशन किया है ।
शीतल के दादा स्व. दयाराम ने हमेशा बच्चों की शिक्षा पर ही जोर दिया और पोती के लिए भी हमेशा कहते थे की बेटी खूब पढ़ लिख कर बड़ी अफसर बनना। आज दादा के उसी सपने को साकार करते हुए हरियाणा सिविल सर्विस में सफलता हासिल कर अपने माता पिता और गांव व क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। शीतल के माता और पिताजी दोनों ही सरकारी शिक्षक है। शीतल ने प्राथमिक शिक्षा शिक्षा गाहड़ा के सरकारी विद्यालय से पूरी की उच्च शिक्षा पंचकुला व चंडीगढ़ से पूरी की।
शीतल शुरू से ही होनहार छात्रा रही है स्नातक शिक्षा में भी उन्होंने विश्वविद्यालय में दूसरा स्थान हासिल किया था।
उसके बाद यूपीएससी में भी इंटरव्यू स्तर तक पहुंच गई थी और अब यूपीएससी की एचसीएस की परीक्षा पास करके दादा के सपने को साकार किया है।
फोटो कैप्शन: एचसीएस शीतल
विशाल निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर 11 अक्टूबर को
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कनीना की आवाज। कनीना मंडी स्थित लाल शिवलाल धर्मशाला में 11 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 से दोपहर 2 तक निश्शुल्क विशाल स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। विस्तृत जानकारी देते हुए सेवा भारती कनीना के योगेश अग्रवाल ने बताया कि उजाला सिग्नल अस्पताल रेवाड़ी के सौजन्य में यह शिविर आयोजित किया गया है जिसमें डा. तरुण यादव किडनी रोग विशेषज्ञ और डा. हर्ष सामान्य रोग विशेषज्ञ पहुंचेंगे।
इस मौके पर शुगर, बीपी एवं परामर्श निश्शुल्क दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि लगातार कमजोरी, पैरों व चेहरे पर सूजन, पेशाब में बदलाव ,पेशाब कम ज्यादा आना, लंबे समय से गुर्दे संबंधी समस्या से परेशान है उन्हें किडनी की जांच करवानी चाहिए। इसके अतिरिक्त उच्च रक्तचाप, मधुमेह रोगी एवं किडनी की बीमारी से पारिवारिक इतिहास वाले व्यक्ति या पेट के निचले हिस्सों में दर्द, पेशाब में खून आना जैसे लक्षण महसूस होते हैं तो भी गुर्दे की जांच करवानी चाहिए। उन्होंने बताया कि हर माह के दूसरे रविवार को यह शिविर आयोजित किया जाता है।
अब 9 दिनों तक चलेगा सांझी पर्व
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कनीना की आवाज। कनीना और आसपास गांव में दीवारों पर जहां अमावस्या के दिन सांझी की प्रतिमा बना दी गई है। गोबर, चूड़ी, कपड़े और तिनकों आदि से यह सांझी बनाई जाती है। पूरे 9 दिन इसकी पूजा चलेगी। तत्पश्चात विजयदशमी के दिन इस जोहड़, नदी,तालाब आदि में बहा दिया जाता है। यह छोटे बच्चों की एक ज्ञानवर्धकता, रोचकता और गेयता आदि का परिचय देने वाला पर्व होता है जिसे सांझी पर्व नाम से जाना जाता है। मिलकर गीत गाना सांझी को भोजन करना प्रतिदिन शाम के समय अनोखा दृश्य देखने को मिलता है।
सेवा संकल्प सेतु शिविर में मौके पर ही बनीं पेंशन, लाभार्थियों के चेहरों पर दिखी खुशी
-रविवार को धनौंदा और अटेली मंडी में लगेंगे शिविर
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कनीना की आवाज। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब लोगों को उनके द्वार पर ही मिल रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत शनिवार को कनीना नगरपालिका कार्यालय और गांव भोजावास स्थित आईटीआई परिसर में सेवा संकल्प सेतु शिविर आयोजित किए गए। यहां अनेक लोगों के काम मौके पर ही निपटाए गए।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा ने शिविर में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। शिविर में विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्टाल लगाकर विभाग से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लोगों को उनका लाभ मौके पर ही उपलब्ध करवाया।
इस मौके पर समाज कल्याण विभाग की ओर से बड़ी संख्या में लोगों की पेंशन मौके पर ही बनाई गई।
राम निवास पुत्र देव करण गांव तलवाना, ओम प्रकाश पुत्र तेज राम गांव बवानिया, अजीत सिंह पुत्र हरफ़ूल सिंह गांव अगियार, मुकेश देवी पत्नी अजीत सिंह गांव अगियार, सूलोचना पत्नी राम सिंह तंवर खेड़ी, सुबे सिंह पुत्र महिपाल गांव भडफ, मामन चंद पुत्र कैलाशचंद्र गांव मोहनपुर, प्रकाश पुत्र रामेश्वर बाघोत व गौरव पुत्र शीशराम खरखड़ा बास, श्याम सुंदर पुत्र कृष्ण खरखड़ा बास, सरोज पत्नी राकेश व बबली पत्नी सोमपाल कनीना की पेंशन बनाई गई।
इस अवसर पर बीडीपीओ राजेश कुमार ने भी शिविर का निरीक्षण किया।
रविवार को यहां लगेंगे शिविर-
अभियान के तहत 11 अक्तूबर, रविवार को कनीना नगरपालिका कार्यालय और खंड कनीना के तहत गांव धनौंदा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शिविर लगेंगे। इसके अलावा अटेली मंडी नगरपालिका कार्यालय में भी नगरपालिका और खंड अटेली मंडी के शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा ने लोगों से अपील है कि वे शिविरों में पहुंचकर योजनाओं का लाभ उठाएं।
फोटो कैप्शन 06:स्टालों का निरीक्षण करते जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा।
पूर्व मंत्री राव निहाल सिंह को किया याद
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कनीना की आवाज। धनौन्दा गांव में हरियाणा के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राव निहाल सिंह की जयंती पर जन नेता राव निहाल सिंह विषय पर व्याख्यानमाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि अतरलाल एडवोकेट ने राव निहाल सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर व्याख्यानमाला का शुभारंभ किया। प्रवक्ता सुभाष यादव मुख्य वक्ता रहे और अध्यक्षता रणवीर नम्बरदार ने की।
सुभाष यादव ने कहा कि राव निहाल सिंह इलाके के जनप्रिय नेता थे। वे जिला की चारों विधानसभा सीटों नारनौल, नांगल चौधरी, अटेली और महेन्द्रगढ़ से बारी-बारी विधायक रहे। शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने प्रदेश में सैकड़ों स्कूल, कालेज खुलवाए। अतरलाल ने राव निहाल सिंह के साथ बिताए समय का जिक्र करते हुए कहा कि 1982 से 1987 तक दोनों ने कांग्रेस जे में मिलकर काम किया। उन्होंने कहा कि राव निहाल सिंह सही मायनों में जनता के दिलों में बसे थे। वे सिद्धांतवादी और लोकतंत्रवादी थे। 1982 में जब वे कांग्रेस जे से अटेली से विधायक बने तो विधानसभा त्रिशंकु थी। अनेक विधायकों ने लालच में आकर अपने पाले बदले परन्तु वे कांग्रेस जे में ही बने रहे। उन्होंने श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए युवाओं से उनके बहुमुखी व्यक्तित्व से सीख लेने की अपील की। दानसिंह प्रजापत, प्रेम, मदनसिंह तंवर, राकेश यादव, मुकेश ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए राव निहाल सिंह को एक सच्चा दूरदर्शी जन नेता बताते हुए उनके व्यक्तित्व और कार्य प्रणाली की सराहना की।
फोटो कैप्शन 05: पूर्वमंत्री राव निहाल सिंह को याद करते हुए
9 दिन चलने वाले नवरात्रों के पीछे छुपा है वैज्ञानिक तथ्य- कौशिक
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कनीना की आवाज। शारदीय नवरात्रे 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं तथा लगातार 9 दिन माता के नौ रूपों की पूजा का विधान है। इस बार नवरात्रे नवमी 19 अक्टूबर को संपन्न हो जाएंगे। 29 अक्टूबर को विजय दशमी का पर्व मनाया जाएगा। वास्तव में नवरात्रों के पीछे भी वैज्ञानिक तथ्य छुपा हुआ है। इस संबंध में ज्योतिषाचार्य दीपक कौशिक का कहना है कि नवरात्रे वर्ष में दो बार आते हैं जिसमें सर्दी से गर्मी में या गर्मी से सर्दी में प्रवेश किया जाता है जिन्हें शारदीय नवरात्रे तथा चैत्र नवरात्र नाम से जाना जाता है। इनके पीछे भी विज्ञान का गहरा राज छिपा हुआ है। वास्तव में जब मौसम बदलता है उस वक्त नया अनाज आ जाता है और नया अनाज सीधे ग्रहण करने से शरीर में कुछ उल्टे प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में शरीर से पुराने अन्न को पूर्णतया समाप्त करके ही नया अन्न धारण करना चाहिए। 9 दिनों के व्रत के पीछे यही कारण है कि शरीर से पुराना अनाज समाप्त किया जाता है। नौ दिनों में पुराना अनाज शरीर से रस एवं खून में बदल जाता। तत्पश्चात ही नया अन्य धारण किया जाता है जो शरीर में किसी प्रकार का नुकसान नहीं करके स्फूर्ति का संचार करता है। वास्तव में मौसम बदलता है बदले मौसम के अनुरूप ही नया अन्न ग्रहण करना चाहिए। यद्यपि नवरात्रों में जौ उगाये जाते हैं जो 9 दिनों तक बड़ा हो जाता है तथा इस हालात में चले जाते हैं कि उनको व्रत के अंतिम दिन ऊपर से काटकर जवारे रस बनाकर पीना चाहिए और व्रत खोलना चाहिए। उनमें कैंसर तक लडऩे की क्षमता होती है। अक्सर लोग इन 9 दिनों तक उगाए गए जौ को किसी नदी, नाले आदि में बहा कर इतिश्री समझ लेते हैं। और तभी से कहावत चली है गंगा में जौ उगाना। वास्तव में इन उगाये हुये जौ से दोनों लाभ उठाये जा सकते हैं। ऊपर से एक से 2 इंच काटकर रस बनाकर पीना चाहिए और मां के नवरात्र संपन्न करने चाहिए जो शरीर में ऊर्जा स्फूर्ति ,प्रतिरोधकता पैदा करते हैं।
श्री कौशिक बताते हैं कि सबसे बड़ा तथ्य नवरात्रों के पीछे छुपा है कि 9 दिन व्रत करने से शरीर बिल्कुल शुद्ध किया जाता है। अनाज पूणरूप समाप्त हो जाता है और फिर नए मौसम के अनुसार अनाज को ग्रहण करते हैं तो बेहद स्फूर्ति देता है। अफसर इन 9 दिनों में माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है पुराने वक्त से चली आ रही है।
वास्तव में नौ रूप शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री नाम से जाने जाते हैं। 9 दिनों तक अन्न न ग्रहण करके अधिक से अधिक जल धारण करें तो विज्ञान का तथ्य कहता है कि शरीर पूर्णता शुद्ध हो जाएगा साथ में अन्न की बजाय फल आदि का प्रयोग करें ताकि शरीर में शुद्धता आये। अचानक नया अन्न प्रयोग करने से एलर्जी आदि की संभावना बढ़ जाती है, उससे बचने का सबसे सरल उपाय है माता के नौ रूपों की का व्रत धारण करना चाहिए।
फोटो कैप्शन- दीपक कौशिक
35 साल पहले होती थी जौ की बेहतर खेती
-जौ शून्य हेक्टेयर पर पहुंचा, व्रतों में लाते हैं जौ खरीदकर
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कनीना की आवाज। किसान जौ एवं चने की खेती करना भूलते जा रहे हैं। गर्मियों के मौसम में जौ की रोटी, राबड़ी तथा धानी आदि बनाकर प्राकृतिक ठंडक प्राप्त करते हैं। अब न तो जौ की खेती होती और न राबड़ी एवं धानी।
1986-87 तक कनीना क्षेत्र की करीब 33 हजार हेक्टेयर भूमि हजारों एकड़ में जौ की खेती की जाती थी। वैसे तो जौ न केवल पूजा आदि बल्कि हवन आदि में भी काम आता है। जब नवरात्रे चलते हैं तो जौ की विशेष मांग होती है। गेहूं-चना एवं जौ -चने की मिश्रित खेती की जाती थी। 1982 में फव्वारा आया जिसके चलते चने की खेती घटती जा रही है और वर्तमान में तो चना अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है।
जौ को गंगा में डालने, पूजा अर्चना,हवन आदि में काम आता है वहीं पैदावार 40 मण प्रति हेक्टेयर तथा भाव 2500 रुपये क्विंटल तक होता है। होली के पर्व पर जहां जौ को भूनकर पूरा परिवार चखता है और तत्पश्चात ही लावणी की शुरुआत होती आ रही है। एक जमाना था जब हर घर में जौ की खेती की जाती थी जिसे पूरी गर्मी आनंद से रोटी एवं अन्य रूपों में प्रयोग किया जाता था। जौ की रोटी खाने के लिए या फिर धानी बनवाने के लिए दूसरे क्षेत्रों से जौ खरीदकर लाते हैं।
जौ की रोटी प्रचलन था जो सेहत के लिए अति लाभकारी मानी जाती थी। राबड़ी चाव से खाते हैं वहीं जौ का प्रयोग बीयर आदि बनाने में लेते हैं। शरीर में ठंडक के लिए राबड़ी को गर्मियों में खाते हैं किंतु अब राबड़ी की बजाय चाय पर आ पहुंचा है।
आकर्षण का केंद्र बना कनीना का मां शेरावाली मंदिर
-नवरात्रों में लगती है अपार भीड़
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कनीना की आवाज। मंदिर की स्थापना करीब 20 वर्ष पूर्व हुई है। इसका निर्माण कार्य संजीत यादव कनीना के निवासी की देखरेख में संपन्न हुआ है। इस मंदिर के चारों ओर द्वार एवं विशाल सीढिय़ां हैं। दूर से ही आकर्षित करता हुआ माता मंदिर वर्तमान में विख्यात है। संत मोलडऩाथ आश्रम परिसर में ही यह मां का भव्य मंदिर बना हुआ है। इस मंदिर के पास बाबा का खेल का मैदान है जहां संतों को भोजन कराया जाता है।
मंदिर का इतिहास-
मंदिर की भव्य मूर्ति 51 हजार रुपये में जयपुर के प्रसिद्ध कारीगरों द्वारा निर्मित करवाकर विधि विधान से इस मंदिर में स्थापित करवाई गई थी। प्रत्येक नवरात्रों के समय मां के मंदिर को सजाया जाता है। भारी संख्या में भक्तजन यहां आते हैं। इस मंदिर की भव्यता ही इसका आकर्षण है। सुमन रोहिल्ला ने बताया कि कि वो हर वर्ष मां को नवरात्रों में पोशाक पहनाती हैं।
कैसे की जाती है पूजा-
नवरात्रों पर समीपी गांवों के भक्तजन आते हैं और अपने साथ नारियल, मां की चुनरी, प्रसाद, मां की ध्वजा लेकर आते हैं और विधि विधान से पूजा करके ध्वजा को अर्पित कर देते हैं। करीब 61 फुट ऊंचे इस मंदिर में आकर पूजा अर्चना करते हैं।
शहर का यह एकमात्र मां शेरावाली का मंदिर है। संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ आश्रम परिसर में बने इस मंदिर में भक्तजन अधिक आने के पीछे मंदिरों का एक समूह विकसित होना है। पास में विभिन्न देवी देवताओं के एक दर्जन मंदिर बने हैं। आकर्षण का कारण शहीद प्रतिमाओं के पास होना भी है। पार्कों से सुसज्जित दस मंदिर को दूर दराज से भी देखा जा सकता है।
कैसे पहुंचा जाए--
नवरात्रों के दिनों में यहां सैकड़ों भक्तजन आते हैं और मां के दर्शन करते हैं। इस मंदिर की देखरेख का काम भी कनीना के संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ आश्रम पर रहने वाले संत ही करते हैं। प्राचीन बाबा मोलडऩाथ आश्रम जोहड़ के किनारे पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचना आसान है क्योंकि पास में सामान्य बस स्टैंड स्थित है। वर्ष में दो बार आने वाले नवरात्रों पर भीड़ एक मेले का रूप ले लेती है।
महेंद्रगढ़ के कनीना कस्बे तक रेल सेवा या बस सेवा से पहुंचा जा सकता है। रेलवे स्टेशन से महज दो किमी बस स्टैंड के पास ही यह भव्य मंदिर दिखाई पड़ता है। बाबा मोलडऩाथ आश्रम के पास मंदिर स्थित है। यहां पर कोई भी पुजारी नहीं रहता है। भक्तजन स्वयं यहां आकर धोक लगाकर अपने घरों को चले जाते हैं।
क्या कहते हैं भक्त.
भक्त दिनेश कुमार का कहना है कि कनीना क्षेत्र में यह विशाल मंदिर है जहां नवरात्रों में सुबह.शाम जोत जलती है और पूजा चलती है। भक्तजन भी यहां आकर जोत जलाते हैं। इस मंदिर में भक्तों का पूरे नवरात्रों में तांता लगा रहता है। दूर दराज से भक्त आते हैं और पूजा करते हैं।
क्या कहते हैं पुजारी-
पूजारी रामनिवास महंत का कहना है कि वर्ष में दो बार आने वाले इन नवरात्रों में वे मां के मदिर जाते हैं और पूजा अर्चना करके विशेष आनंद मिलता है। मां के नवरात्रों में वे व्रत रखते हैं और मां की पूजा अर्चना करने के लिए प्रसाद, नारियल एवं चुनरी ले जाते हैं। मां के चरणों में जोत जलाते हैं।
फोटो कैप्शन-01 मां मंदिर
02 मां की मूर्ति।
साथ में दिनेश एवं रामनिवास
महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली थाना क्षेत्र में सरपंचों के साथ बैठक: कानून-व्यवस्था, चोरी की रोकथाम और नशे की सूचना पर जोर
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कनीना की आवाज। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार के निर्देशानुसार थाना सतनाली प्रभारी उप निरीक्षक राकेश ने आज क्षेत्र के सरपंचों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, चोरी की घटनाओं की रोकथाम तथा नशे के विरुद्ध कार्रवाई में जनसहयोग के संबंध में चर्चा की।
बैठक में सरपंचों को 10 व 12 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर संबंधित प्रशासनिक आदेशों एवं लागू कानूनी प्रतिबंधों के बारे में ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए कहा गया। विशेष रूप से दिल्ली में हास्टल, पीजी अथवा किराये के मकानों में रहकर उच्च शिक्षा, कोचिंग या निजी नौकरी कर रहे युवाओं तक उनके अभिभावकों के माध्यम से सही एवं आधिकारिक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया गया।
थाना प्रभारी ने कहा कि युवा संबंधित प्रशासनिक आदेशों की जानकारी रखें, लागू प्रतिबंधों का पालन करें तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें। लागू कानूनी आदेशों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए गांवों में ठीकरी पहरा लगवाने और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए सरपंचों को प्रेरित किया गया। संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तुरंत पुलिस को सूचित करने के लिए भी कहा गया।
बैठक में गांवों में मादक पदार्थों की बिक्री एवं सेवन से संबंधित जानकारी गोपनीय रूप से पुलिस को देने की अपील की गई, ताकि सूचना के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से गांवों को सुरक्षित एवं नशामुक्त बनाने के प्रयासों में पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया।
फोटो कैप्शन 04:सरपंचों के साथ बैठक: कानून-व्यवस्था की जानकारी देते हुए
अपनी मांगों को लेकर आयोजित की बैठक
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कनीना की आवाज। रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन की राज्य कार्य करने की बैठक कर्मचारी भवन सुखपुरा चौक रोहतक में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बैठक की अध्यक्षता राज्य प्रधान मास्टर वजीर सिंह ने की और संचालन राज्य महासचिव रतन कुमार जिंदल ने किया।
राज्य प्रधान ने कहा कि विश्व में लगातार युद्ध जारी हैं, अमेरिका के इशारे पर इजरायल का लेबनान फिलिस्तीन पर हमला जारी है। अमेरिका लगातार इस प्रकार की कार्यवाही जारी रखना चाहता है। देश में कृषि संकट बढ़ा है । सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा पेपर लीक मामले में आवाज उठाने वाले छात्रों को कोकरोच कहने पर कोकरोच जनता पार्टी के जन्तर-मन्तर पर किए गए आन्दोलन से सरकार को झुकना पड़ा और केन्द्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। एस आइ आर लागू करने बारे फार्म 6 और फॉर्म 7 के वोट काटने के खतरनाक कानून पर जानकारी दी तथा हमारे वोट के संवैधानिक अधिकार पर सरकार डाका डाल रही है और आने वाले समय में संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए 12 दिसंबर को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महा संघ की अखिल भारतीय रैली दिल्ली रामलीला ग्राउंड में होने जा रही है जिसमें रिटायर्ड कर्मचारियों की महत्वपूर्ण मांग शामिल हैं को पूरी ताकत से समर्थन देने का आह्वान किया।
13 दिसंबर को राज्य के पेंशनरों के साथ केंद्र सरकार के पेंशनरों की सामूहिक कन्वेंशन रखी गई है इस कन्वेंशन में राज्य के सभी पदाधिकारी डेलीगेट होंगे तथा जिला पदाधिकारी वालन्टियर होंगे। महासचिव रतन जिंदल ने बताया 21 अगस्त को राज्यभर में 80 साल के 900 वरिष्ठ रिटायर्ड कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। यह बहुत ही सराहनीय कदम रहा । दिनांक 29 -30 सितंबर को अखिल भारतीय स्तर पर जिला मुख्यालय पर रिटायर्ड कर्मचारियों ने अपनी मांगे में मनवाने के लिए 24 घंटे का पड़ाव डाला। रिटायर्ड कर्मचारियों को आठवां वेतन का लाभ न दिए जाने व वित विधेयक 2025 को रद्द कराने के लिए अखिल भारतीय राज्य सरकारी पैशनर्स फैडरेशन के आव्हान पर राज्य स्तर पर 4000 की संख्या में रिटायर्ड कर्मचारी शामिल हुए। रात को 567 साथी हाजिर रहे ,66 महिलाऐं भी धरने में शामिल हुई । 30 सितंबर को 2800 रिटायर्ड कर्मचारी माननीय प्रधानमंत्री महोदय को ज्ञापन देने में शामिल हुए ।
महासचिव ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री महोदय, परिवहन मंत्री महोदय को समस्याओं के समाधान के लिए समय देने के लिए पत्र लिखा है व अन्य मांगों बारे समरण पत्र लिखे हैं । निजी बसों में आधा किराया में छूट देने के लिए आना-कानी करने बारे और ऐ सी बसों में छूट की सुविधा दी जाने बारे, पीटीआई और ड्राइंग टीचर को न्यायालय के फैसले लागू करके लाभ देने आदि के बारे पत्राचार किया है । सभी जिलों द्वारा सकारात्मक रिपोर्ट पेश की गई और आगामी सभी आंदोलनों जिसमें 12 दिसंबर 2026 की रामलीला ग्राउंड में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फैडरेशन के आव्हान पर रैली है जिसमें जिलों का कोटा अनुसार 1500 साथियों को शामिल होना हैं। जिलों की रिपोर्ट के अनुसार रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की अब तक सदस्य संख्या12000 से अधिक पहुंच चुकी है। रिटायर्ड कर्मचारी संघ की सदस्य संख्या को 30000 तक ले जाने का फैसला किया गया । वित सचिव मनोहर लाल जाखड़ ने वित सम्बंधित आय -व्यय बारे विस्तार से जानकारी दी।
राज्य प्रधान ने सभी पदाधिकारियों से सदस्यता बढ़ाने का आह्वान किया गया। साथ ही सभी जिलों में लगाया गया कोटा बिल्डिंग फंड, पुस्तको का बकाया आदि सभी जिलों द्वारा पूरा करना है। संविधान दोबारा से लिखने का प्रस्ताव आया, इसके लिए संविधान कमेटी में 5 साथियों का सर्व सम्मति से चयन किया गया जो आने वाले समय में संविधान लिखने का कार्य करके जिलों में सुझाव के लिए भेजेंगे उनके साथ ही यही कमेटी संगठन का आइडी कार्ड बनाने का कार्य करेगी। राज्य में सभी रिटायर कर्मचारियों के लंबित कार्यों को निपटाने के लिए 22 -23 अक्टूबर को चंडीगढ़ में राज्य प्रतिनिधि मंडल का जाने का फैसला लिया गया। कैशलेस मेडिकल का एक पत्र और जारी हुआ है इस बारे जिला प्रधान फरीदाबाद लज्जाराम की ड्यूटी लगाई गई कि वह अच्छे ढंग से इसका एक नोट तैयार करें।
बैठक में धर्मपाल शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान बलवान सिंह नांदल, जयप्रकाश शास्त्री,महाबीर दहिया, ओमप्रकाश सैनी,यू एम खान, सरदार जोगिंद्र सिंह, महेन्द्र सिंह,दरियाव सिंह,कमल सिंह, जगपाल सांगवान, धर्म पाल शर्मा, ,किरपाल सिंह, छज्जू राम नैन और सभी जिलों के प्रधान सचिव ने अच्छे उत्साह से अपनी बात रखी और सुझाव दिए।
फोटो कैप्शन 03: रोहतक में संबोधित करते हुए



















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