स्कूलों की चारदीवारी के पास खड़ी करते हैं रेहडिय़ां और होड़ लगाकर चलाते हैं माइक
- विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही है बाधित
-बंदरों की भी बढ़ रही है भरमार ,नगर पालिका असहाय
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कनीना की आवाज। कनीना के उप नागरिक अस्पताल के पास स्थित राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, राजकीय कन्या माडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल, राजकीय माडल संस्कृति प्राथमिक स्कूलों ने कनीना नगर पालिका सचिव एवं प्रधान नगर पालिका को बार-बार रहेडिय़ां हटवाने के लिए लिखित शिकायत दी है, बावजूद भी रेहडिय़ां नहीं हटी है। ये गले सड़े फल एवं सब्जियां स्कूल में फेंक बंदरों को निमंत्रण देते हैं। अब तक कई बच्चों एवं शिक्षकों को बंदरों ने काट खाया है। सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
स्कूल को के मुखियाओं का कहना है कि ये रेहड़ी वाले न केवल आपसी होड़ लगाकर माइकों से शोर करते हैं अपितु उनको यदि माइक न बजाने की बात कहे तो झगड़ा करते हैं। यही नहीं गले गली साड़ी सब्जी और फल स्कूल के अंदर फेंक देते हैं जिससे बंदरों का प्रकोप बढ़ जाता है। कई बार विद्यार्थी और शिक्षकों को बंदरों ने काट लिया है। स्कूल मुखियाओं का कहना है कि दरवाजे के पास रेहडिय़ों की भरमार होने से छोटे-छोटे बच्चों का निकलना भी दुष्कर हो जाता है, शोर प्रदूषण के चलते पढ़ाई पर भी कुप्रभाव पड़ता है।
आश्चर्य की बात है विभाग के नियम अनुसार विद्यालय परिसर के 100 मीटर दायरे में रेहड़ी, ठेला, दुकानदारी आदि करना कानूनन अवैध है किंतु यहां सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। उन्होंने नगर पालिका सचिव कनीना, नगर पालिका प्रधान को शिकायत देकर इस समस्या से निजात देने दिलवाने की मांग की है।
मिली जानकारी अनुसार नगर पालिका ने कुछ सफाई कर्मियों को इन रेहडिय़ों को हटाने के लिए भी भेजा किंतु उनके आदेशों का पालन भी नहीं किया। अब तो आलम यह है कि रेहड़ी वाले अपने मनमर्जी कर रहे हैं, शोर शराबा कर रहे हैं और रहेडिय़ों से गले सड़े फल सब्जी भी अंदर फेंक कर बंदरों को बुलाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जब तक स्कूल चले तब तक इन रेहड़ी वालों को न लगने दिया जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से हो सके।
इस संबंध में कायकारी खंड शिक्षा अधिकारी कनीना सुनील खुडानिया नेकहा कि सोमवार को वे इस पर कार्रवाई करेंगे और पुलिस, प्रशासन, उच्चाधिसकारियों को लिखेंगे।
फोटो कैप्शन 04: स्कूल में डाली हुई गली सड़ी सब्जियां
फोटो कैप्शन 5: स्कूल गेट पर लगी रहेडिय़ां
दीपावली और नवरात्रों के दृष्टिगत फूलों की हो रही है तैयारी
-अभी से बढऩे लगी है मांग
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में जहां गेंदे के फूलों की मांग बढऩे से और नवरात्र एवं दीपावली के दृष्टिगत किसान त्वरित कार्रवाई में जुटे हुए हैं। कनीना क्षेत्र के किसान गेंदे उगा रहे हैं और दिल्ली, गुरुग्राम, रेवाड़ी आदि क्षेत्रों में बेचने के लिए जा रहे हैं।
राजू कनीना निवासी ने बताया कि वह विगत दो सालों से गेंदे की खेती कर रहा है कर रहा है और परंपरागत फसल पैदावार की अपेक्षा बेहतर लाभ कमा रहा हैं। उन्होंने बताया कि इस बार 5 एकड़ में गेंदे की फसल उगा रखी है। नवरात्रि और दीपावली पर उनकी भारी मांग होती है। परंपरागत फसल की बजाय उनके गेंदे की मांग अधिक होती है। उनका कहना है कि किसानों को अपने खेत में गेंदा आदि जरूर उगाना चाहिए ताकि लाभ कमा सके। राजू ने बताया कि एक एकड़ में फसल की अपेक्षा लाखों रुपये अधिक आय होती है। उन्होंने यह भी बताया कि सत्य है कि इन गेंदे को सुरक्षित रखना होता है। समय पर तुड़वाई की जाती है। मजदूरों द्वारा फूलों की तुड़वाई की जाती है 500 रुपये प्रति मजदूर प्रति दिन के लेते हैं और 50 किलो तक गेंदे के फूल एक दिन में तोड़ देते हैं । राजू का कहना है की सबसे बड़ी सुखद बात है कि इनको कोई भी पशु नहीं खाता, चरता जिसके कारण देखभाल अधिक नहीं करनी पड़ती। हां नीलगाय आदि घुस जाते हैं तो पौधों को जरूर तोड़ जाते हैं लेकिन वह भी खाते नहीं। उन्होंने कहा कि वह गेंदे उगाकर न केवल आसपास में खुशबू फैला रहे अपितु बेहतर आईपी ले रहे हैं। राजू का कहना है कि वक्त पर निर्भर करता है कभी भाव 15 रुपये किलो तो कभी डेढ़ सौ रुपए किलो तक पहुंच जाता है। ऐसे में उन्होंने अपना कोल्ड स्टोरेज भी स्थापित कर लिया है जहां फूलों का सुरक्षित रखा जाता है और भाव तेज होने पर उन्हें बाजार में उतार देते हैं।कनीना के मोड़ी, गोमला, गोमली, भोजावास आदि में खूब गेंदे उगााए जाते हैं।
फोटो कैप्शन 6: गेंदे की खेती करता राजू
युवती लापता, गुमशुदगी का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। राजस्थान की निवासी तथा झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली एक युवती बगैर बताएं कहीं चली गई। उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति पर भगा ले जाने का शक व्यक्त किया है। लड़की के भाई ने पुलिस में दी शिकायत में कहा है कि वह 7 सालों से झुग्गी झोपड़ी में रहते हैं और लेटर लगाने का काम करते हैं। उसकी करीब 20 वर्षीय बहन दो अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे बिना बताए कहीं चली गई, जो अपने साथ कुछ पैसे भी ले गई परंतु उसके पास मोबाइल नहीं है, जो अनपढ़ है। उसने उत्तर प्रदेश के एक लड़के सुमित पर शक जाहिर किया है कि वह उसे कहीं ले गया होगा। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।
सरकार के आदेशों का इंतजार, नहीं हो पाई आज भी सरकारी खरीद
-निजी स्तर पर भी नहीं खरीदा गया बाजरा
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में जहां श़्ाुक्रवार को प्राइवेट तौर पर बाजरे की खरीद की गई थी किंतु शनिवार को न तो सरकारी तौर पर और न ही निजी स्तर पर कोई बाजरे खरीद की गई है। हैफेड खरीद एजेंसी के मैनेजर जगराम यादव ने बताया कि उनके पास कोई अभी तक खरीद का आदेश ही नहीं आया है, इसलिए बाजरे की कोई खरीद नहीं कर पा रहे। उन्होंने बताया कि निजी स्तर पर भी जे- फार्म को लेकर तकनीकी समस्या आई हुई है जिसके कारण शनिवार को निजी स्तर पर भी बाजरा नहीं खरीदा गया। उन्होंने कहा कि यह समस्या जल्द ही हल कर ली जाएगी। रविवार को कोई खरीद नहीं होगी और बाजरे की सोमवार को खरीदे जाने की संभावना बन गई है। उधर मिली जानकारी अनुसार कुछ गेट पास कटे किंतु किसान अपना बाजरा नहीं बेच पाए क्योंकि जे-फार्म को लेकर तकनीकी समस्या पैदा हो गई है। बहरहाल कनीना की नई अनाज मंडी में बाजरे के ढेर तो लग गए हैं लेकिन न तो सरकारी तौर पर खरीद हो पा रही और न ही निजी स्तर पर कोई खरीद हो पा रही है।
फोटो कैप्शन 09: कनीना की नई अनाज मंडी में बाजरे के लगे ढेर
गांव स्याणा में आग लगने से दर्जनों खेतों में बाजरे की इकट्ठी की गई फसल, सिंचाई के पाइप जलकर राख
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कनीना की आवाज। उपमंडल के गांव स्याणा में खेतों में बाजरे की कटाई की हुई कड़बी व बाजरे के भुट्टों में लगी आग से गांव के किसानों के दर्जनों खेतों में सिंचाई के प्लास्टिक पाइप एवं फसल जलकर राख हो गई। फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने बड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। गांव स्याणा के पंडित गोपीचंद की तो लगभग पांच एकड़ भूमि की बाजरे के भुट्टों सहित कडुबी जलकर राख हो गई वहीं अमरनाथ डागर के सिंचाई वाले काले पाइप जलकर राख हो गए हैं। वहीं पंडित मुकेश कुमार की बाजरे की पुलियां व विकास यादव की भी बाजरे की पुलियां जलकर राख हो गई हैं। अन्य के नुकसान को किसान देखने में लगे हुए हैं।
फोटो कैप्शन 10 व 11: आग पर काबू पाते हुए फायर ब्रिगेड
कनीना ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम का आयोजन
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कनीना की आवाज। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम का आयोजन आकाश आईटीआई, कनीना द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता विकसित करना था। इस अवसर पर संस्थान के विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने भाग लेते हुए वृक्षारोपण अभियान तथा श्रीकृष्ण गौशाला में सफाई अभियान चलाया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्थलों पर पौधे लगाये गए तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। इसके साथ ही श्री कृष्ण गौशाला परिसर में सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने श्रमदान करते हुए गोशाला परिसर की सफाई तथा सेवा कार्यों में सक्रिय भाग लिया।
गोशाला प्रधान नरेंद्र ठेकेदार ने कहा कि गोसेवा और स्वच्छता दोनों ही भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान हैं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा किए गए सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी जब समाज सेवा के कार्यों से जुड़ती है तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन होता है। उन्होंने आकाश आईटीआई के इस प्रयास को प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया।
चेयरमैन एडवोकेट विनय यादव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि सेवा मेरा योगदान अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग और सामाजिकता की भावना विकसित होती है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और समाजहित के कार्यों में नियमित रूप से भाग लेने को कहा।
संस्थान के प्राचार्य संजीत कुमार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ जीवन मूल्यों की भी शिक्षा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जबकि स्वच्छता अभियान समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने में सहायक है।
कार्यक्रम में आईटीआई विद्यार्थियों के साथ स्टाफ सदस्य विजयबीर सिंह, राकेश कुमार, मंजीत यादव, सरिता, प्रीति यादव एवं गौरव सिंह भी उपस्थित रहे। सभी ने सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए समाज के हित में निरंतर योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर श्री कृष्ण गौशाला के प्रधान नरेंद्र ठेकेदार, पूर्व प्रधान राम सिंह, सचिव कुलदीप, संस्थापक सदस्य बलवान सिंह, आकाश आईटीआई के चेयरमैन एडवोकेट विनय यादव, प्राचार्य संजीत कुमार, रामभगत गुरुजी तथा संदीप कुमार उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: श्रीकृष्ण गोशाला में सेवा निभाते विद्यार्थी
बाजरे की खरीद न होने पर किसानों ने जताया रोष
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कनीना की आवाज। सरकार द्वारा एक अक्टूबर से बाजरा की सरकारी खरीद शुरू करने की घोषणा के बावजूद जिला की मंडियों में सरकारी खरीद शुरू न किए जाने से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। हरियाणा सरकार द्वारा अधिकृत एजेंसी हैफेड के अधिकारियों की मनमानी से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। इस सम्बन्ध में खरीद एजेंसी हैफेड की मनमानी के विरोध में तथा बाजरा की सरकारी खरीद तत्काल शुरू कर किसानों की राहत देने की मांग को लेकर गांव धनौन्दा में किसान कार्यकर्ताओं ने बस अड्डे पर प्रदर्शन तथा जूलूस निकाला। उन्होंने हाथों में बैनर तथा पोस्टर लेकर बाजरा की सरकारी खरीद शुरू करो, हैफेड एजेंसी होश में आओ, फसल पंजीकरण पोर्टल पुन: खोलो और किसान की परेशानी दूर करो के जोरदार नारे लगाए। जुलूस का नेतृत्व समाजसेवी अतरलाल ने किया। अतरलाल ने किसानों की मांगों को जायज बताते हुए चेतावनी दी कि 48 घंटों के अंदर सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई तो कार्यकर्ता जिला से गुजर रहे किसी भी राज्य व राष्ट्रीय मार्ग पर धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे और रास्ता अवरुद्ध होने की जिम्मेवारी सरकार की होगी। अतरलाल ने, घोषणा के बावजूद सरकारी खरीद न किए जाने को सरकार की नाकामी बताते हुए हैफेड एजेंसी के अधिकारियों की मनमानी पर सवाल उठाए। उन्होंने मनमानी करने वाले हैफेड कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग की। कमल सिंह, मुकेश पंच, किशनपाल सिंह, भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार के भावांतर राशि बारे गलत दिशा निर्देशों के कारण अधिकतर किसान भावांतर राशि से वंचित होते जा रहे हैं। उन्होंने उन सभी किसानों को भावांतर राशि देने की मांग की। जिन्होंने पोर्टल पर फसल पंजीकरण करवाया हुआ है और निजी व्यापारियों को बाजरा बेचा है। अनेक किसानों ने मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल को पुन: खोलने की मांग की। इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह नम्बरदार, कप्तान ओमपाल सिंह, मीर सिंह वैद्य, पिताम्बर प्रधान, पवन प्रधान, कमल, सुरेश, राकेश, किशनपाल, भूपेन्द्र, चिमन, हरीश जैमल, पवन कुमार, मुकेश, संदीप आदि अनेक किसान कार्यकर्ता मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 03: बाजरा की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर जुलूस निकालते किसान






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