Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Tuesday, December 10, 2024


 








एक महीने तक किराएदार रहेंगे परेशान
-15 दिसंबर से एक माह के लिए शादियां बंद

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कनीना की आवाज।
 आगामी 15 दिसंबर से एक महीने के लिए विवाह शादियां बंद है जिसके चलते विशेषकर कुछ किराएदार परेशान रहेंगे क्योंकि  किराएदार भारी संख्या में उत्तर प्रदेश ,बिहार राजस्थान तथा मध्य प्रदेश आदि से आए हुए हैं। जब किसी के विवाह शादी होती तो भारी संख्या में मुफ्त में खाना खाने को इनको मिल जाता है। यह इसलिए नहीं की कोई प्रमाण नहीं अपितु आज जब कन्यादान करवाने के लिए पहुंचा तो रास्ते में कम से कम 10 किराएदार मिले उन्होंने पूछा बाबूजी -कहीं शादी का कार्यक्रम है क्या? मैंने उनको बताया कि हां कार्यक्रम है परंतुइनका की लड़की की शादी है, कन्यादान करवाओगे क्या? उन्होंने पहले तो कहा कि ऐसा कुछ नहीं है परंतु बाद में माना कि वहां खाना मिल जाता है और मुफ्त में खाना मिल जाता है। खाना कौन पकाए? पता चला कि हर विवाह शादी में भारी संख्या में एक किराएदार मुफ्त खाना खाने पहुंच जाते हैं। मालिक इसलिए नहीं समझ पाते कि हो सकता है कोई हलवाई की ओर से हो, लड़के वालों की ओर से हो या लड़की वालों की ओर से कोई खाना खाने आ रहा हो,इसलिए वो बोलते नहीं। यहां तक की इनको पेट भरकर खाना मिल जाता है और बेहतरीन खाना मिल जाता है, लोग खुशी के मौके पर किसी को बोलना भी नहीं चाहते? अब 15 दिसंबर से क्योंकि विवाह शादी एक महीने के लिए बंद हो जाएगी इसलिए खाने के लिए परेशान रहेंगे किंतु 14 जनवरी से फिर से विवाह शादियां  शुरू हो जाएंगी।







 पालिका चुनावों में इस बार मार सकता है युवा वर्ग बाजी
-दो दर्जन युवाओं ने चुनाव लडऩे की बात स्वीकारी

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कनीना की आवाज।
 नगर पालिका कनीना के चुनाव जनवरी माह के अंतिम सप्ताह या फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में होने जा रहे हैं जिसको लेकर के युवा वर्ग में इस बार जमकर जोश है क्योंकि पांच पूर्व प्रधान अभी जीवित हैं जिनमें से एकाध को छोड़कर अधिकांश की इच्छा चुनाव लडऩे की नहीं है। उधर युवा वर्ग हुक्कसें की गुडग़ुड़ाहट पर चर्चा करते दिखाई दे रहे हैं। खेतों में हो या दुकानों पर हर जगह र्चर्चा छिडऩे लगी है। युवा वर्ग तो अपनी एक श्रृंखला बना रहा है ताकि पूरे कस्बे से पार्षद एवं प्रधान पद का चुनाव लड़ा जा सके। इस बार अपना भाग्य जमाएंगे ऐसे युवाओं से बात हुई। उन्होंने बताया बुजुर्ग प्रधान को अगर प्रधान बनाएंगे तो काम भी अच्छी प्रकार नहीं संपन्न हो पाएंगे, युवा और जोशीले किसी व्यक्ति को चुनाव में खड़ा करेंगे उसे पूरे जोश के साथ जीत दिलाएंगे। ताकि वो कनीना का भाग्य को बदल सके।
युवा वर्ग का कहना है कि बूढ़े लोगों को चुनाव में आने से रोकने का प्रयास करेंगे। ऐसा अवसर बार-बार नहीं आता इसलिए पूरे जोश से चुनाव लड़ेंगे। इस बार पत्रकार भी चुनाव लडऩे का मन बना रहे हैं।
वैसे तो भारत ऐसा देश है जहां युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। कनीना में बहुत से युवा इस कार्यों को अंजाम तक पहुंचने में सक्रिय नजर आते हो।  प्रधान पद के लिए जहां पूर्व प्रधान मास्टर दिलीप सिंह एवं सतीश जेलदार परिवार से उनके पुत्र भी चुनाव लड़ सकते हैं क्योंकि अभी प्रधान पद का ड्रा नहीं निकाला गया है। सभी की नजरें ड्रा पर टिकी हुई है। जब ड्रा निकल जाएगा तब चुनाव लडऩे वालों की संख्या और नजारे अलग ही देखने को मिलेंगे। ऐसा पहले भी हुआ है की प्रधान पद एससी के लिए  आरक्षित हो गया था और अनेक पार्षद मुंह बाये बैठे रह गये। इस बार प्रधान पद का चुनाव सीधा होगा, पार्षदों की कोई उसमें विशेष महत्व नहीं होगी।  इस बार वक्त आने पर प्रधान पद एवं पार्षदों के लिए दावेदारों की संख्या अधिक हो सकती है। उधर महेश बोहरा युवा वर्ग ने बताया कि पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ सकते हैं क्योंकि उनके पिता राव सत्यवीर सिंह बोहरा पार्षद रह चुके हैं वहीं उनके दादा बलवीर सिंह बोहरा भी पार्षद रह चुके हैं। ऐसे मां की इच्छा है कि वो भी पार्षद पद के लिए चुनाव लड़े। युवा वर्ग में मनोज कुमार ने बताया कि वह प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ सकते हैं क्योंकि उनकी दिली इच्छा है कि इस बार अपना भाग्य अजमाए और अगर जीत जाते हैं तो कनीना का भाग्य ही बदल देंगे। प्रदीप बलिया ने बताया कि वह भी चुनाव अवश्य लड़ेंगे। उधर मनीष पार्षद अशोक कुमार ठेकेदार, विजय कुमार चेयरमैन आदि भी चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन कनीना क्षेत्र के लोगों की इच्छा है कि एक बार युवा वर्ग को अवश्य मौका दिया जाए।



कनीना में न्यायिक भवन के निर्माण को लेकर अधिवक्ताओं का धरना नौवें दिन जारी

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कनीना की आवाज।
 कनीना न्यायालय के वकीलों का धरना नौवें दिन भी जारी रहा। बार एसोसिएशन कनीना के अधिवक्ताओं ने न्यायिक भवन निर्माण की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन वर्क सस्पेंड रखकर धरना किया हुआ है। कनीना में पिछले कई सालों से न्यायालय स्थापना होने के बाद भी न्यायालय भवन निर्माण नहीं हो पाया है। जिसे लेकर वकीलों और क्षेत्र के लोगों में काफी रोष है।  अधिवक्ताओं द्वारा कई बार इस मांग को पहले भी रखा जा चुका है ओर ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी भवन निर्माण न होने पर अपनी मांग को कारगर रूप से रखने के लिए धरने का रूप दिया गया है। इस मांग को लेकर वकीलों का एक शिष्टमंडल उच्चाधिकारियों से भी मिल चुका है किंतु परिणाम शून्य रहा है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक धरना जारी रहेगा। यदि जरूरत पड़ी तो अनशन पर भी करेंगे। इस मौके पर विभिन्न अधिवक्ता मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 09: अधिवक्ता कनीना में धरने पर बैठे हुए।






कनीना बीडीपीओ कार्यालय में दिव्यांग एंव वरिष्ठ नागरिकजन चिन्हित (एसेसमेन्ट) शिविर आयोजित

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कनीना की आवाज।
उपायुक्त एवं जिला रेडक्रास समिति के प्रधान डा. विवेक भारती के मार्गदर्शन में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्कों) के नोडल अधिकारी एसके रथ तथा जिला रेडक्रास समिति के सचिव बलवान सिंह के सहयोग से लगाए जा रहे कैंप की कड़ी में बीडीपीओ कार्यालय कनीना में दिव्यांग एंव वरिष्ठ नागरिकजन चिह्नित  (एसेसमेन्ट) शिविर का आयोजन किया।
यह जानकारी देते हुए जिला रेडक्रॉस समिति के सचिव बलवान सिंह ने बताया कि 11 को बीडीपीओ कार्यालय सतनाली़, 12 को बीडीपीओ कार्यालय महेन्द्रगढ़ एवं दिनांक 13 दिसंबर को रेडक्रास कार्यालय नारनौल में दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकजन चिह्नित (एसेसमेन्ट) शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
डा. एसपी सिंह ने आह्वान किया कि कैम्प में दिव्यांगजन अपने साथ अपनी 2 पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड की प्रति, यूडीआईडी कार्ड (दिव्यांगता प्रमाण-पत्र) तथा आय प्रमाण-पत्र, फैमिली आईडी एवं वरिष्ठ नागरिजन अपने साथ आधार कार्ड की प्रति, आय प्रमाण-पत्र, फैमिली आईडी के साथ कैम्प स्थल पर पहुंचकर अपना पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें। एसेसमेन्ट के बाद सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब 80 प्रतिशत से कम दिव्यागजनों को भी मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि मोटराइज्ड साइकिल जिनको अभी तक नहीं मिला है तथा जिनके 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं उन्हीं को दी जाएगी।








अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस- 11 दिसंबर
 सतत पर्वतीय विकास के महत्व को उजागर करना पर्वत दिवस का उद्देश्य

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कनीना की आवाज।
हर वर्ष 11 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2002 में घोषित अंतर्राष्ट्रीय पर्वत वर्ष मनाया जाता है। 2003 से यह दिवस लगातार मनाया जाता आ रहा है। इसका उद्देश्य सामुदायिक पर्वतीय विकास का महत्व उजागर करना है तथा लोगों को पर्वतों के प्रति जागरूकता समझाई जाती है। यहां लोग पहाड़ों पर रहने वाली समस्याओं से अवगत कराना है। अब तो जलवायु और भूमिगत परिवर्तनों कारण पर्वतों की भौगोलिक स्थिति में परिवर्तन आ रहा है। यहां तक की जैव विविधता के विषय में भी जन जागरूक करना होता है।
पर्वत/पहाड़ पृथ्वी की सतह पर प्राकृतिक रूप से ऊंचा उठा हुआ हिस्सा होता है। यह ज्यादातर प्राकृतिक तरीके से उभरा हुआ भाग होता है और पहाड़ी से भी बड़ा होता है। पर्वत चार प्रकार के होते हैं।
कनीना खंड में महज एक ही छोटा पहाड़ है। सेहलंग गांव का छोटा पहाड़ लोगों को आकर्षित करता है।  इस छोटे पहाड़ से अनेकों लाभ उठाये जा रहे हैं।
 इस संबंध में विजय पाल सेहलंगिया पूर्व प्राध्यापक से चर्चा हुई जो सेहलंग के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि उनके यहां इस पहाड़ ने बहुत लाभ पहुंचाया है। कभी इस पहाड़ पर हडजुड़, सदाहरी कुरंड जैसे औषधीय पौधे होते थे। अब भी उनमें से कुछ पौधे उपलब्ध हो जाते हैं जो विभिन्न दवाओं में काम आते हैं। लोग इस पहाड़ी से औषधीय पौधे उखाड़ कर लाते हंै और विभिन्न दवाओं के रूप में काम में लेते हैं। कभी इस पहाड़ी से सरकार को भारी आय होती थी, पत्थरों के लिए रॉयल्टी मिलती थी। आसपास गांवों में इसी पहाड़ पत्थरों से बनाये हुए हैं। किंतु जब से देवी खिमज का धार्मिक स्थान पहाड़ी पर बनाया गया है तब से पत्थरों की खुदाई नहीं होती है। और यहां अब दूर-दराज से लोग एवं भक्त माता के दर्शन करने आते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पहाड़ पर शुद्ध हवा मिलती है। पहाड़ पर जाते हैं तो मन आनंद से भर जाता है। दूर दराज के दृश्य दिखाई देते हैं वहीं झाड़ली थर्मल प्लांट जो 16 किलोमीटर दूर है ऐसा लगता है जैसे दो किमी दूर हो। उन्होंने बताया कि पहाड़ी पर भारी मात्रा में पेड़ पौधे है जिनसे वायुमंडल श्ैंाुद्ध होता है। ऐसे में यह पहाड़ उनके लिए हर प्रकार से लाभ पर साबित हो रहा है। जब भी कभी पहाड़ो की चर्चा चलती है तो उनका गांव का नाम आदर्श से लिया जाता है।
पहाड़ी पर रहने में ही आनंद कुछ अलग आता है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कनीना ब्लॉक की एकमात्र पहाड़ी है जो हर प्रकार से इस क्षेत्र के लोगों को आकर्षित करती है। दूध दराज से बच्चे और लोग इस पहाड़ी को देखने के लिए आते हैं।
फोटो कैप्शन: विजय पाल सेहलंगिया पूर्व प्राध्यापक
  01: सेहलंग के पहाड़ का एक भाग




यूनिसेफ दिवस -11 दिसंबर
बच्चों के जीवन को बचाने, इच्छाओं को पूरा करने में जागरूकता का दिवस है यूनिसेफ

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कनीना की आवाज।
11 दिसंबर को यूनिसेफ दिवस मनाया जाता है ताकि बच्चों के जीवन को बचाने उनकी इच्छाओं को पूरा करने के बारे में जागरूकता प्राप्त हो सके। यह दिन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा कल्याण के लिए सहायता प्रदान करता है। यूनिसेफ का नाम बाद में संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष रख दिया गया। यह दिन बच्चों को विकास के बारे में जागरूकता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका उद्देश्य बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन और जाति क्षेत्रीय धर्म के खिलाफ भेदभाव को खत्म करना है। दुनिया भर के बच्चे की रक्षा करना, शिक्षा, भोजन, स्वास्थ्य टीकाकरण आदि बुनियादी अधिकारों तक पहुंचाने का कार्य करता है।
 शिक्षाविद नरेश कुमार बताते हैं कि यूनिसेफ की स्थापना और दुनिया भर में बाल कल्याण , इसके प्रभाव का सम्मान करते हुए वार्षिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। यूनिसेफ बच्चों उनके उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य का समर्थन करने में सहयोग करता है।
यूनिसेफ का उद्देश्य बच्चों को हर प्रकार से आगे बढऩे में मदद करना होता है।
फोटो कैप्शन: नरेश कुमार शिक्षाविद





गीता प्रश्नोत्तरी की सर्टिफिकेट करें डाउनलोड
-जिनके इनाम निकली है उनके खाते में पैसे जल्द ही
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कनीना की आवाज।
इस बार गीता प्रश्नोत्तरी में जी जान से मेहनत की किंतु 901 लोगों को जोड़ पाया। क्योंकि कुछ कनीना के लोगों ने मेरे साथ विश्वास घात करके अपने ही नंबरों को मोटीवेटर के रूप में प्रयोग किया, यहां तक की मेरे द्वारा तैयार किये उत्तरों का प्रयोग करके अपना नाम चमका लिया। फिर भी एक अच्छा खासा स्कोर हम जुटा पाए। भविष्य में ऐसे लोगों से सावधान रहते हुए अन्य प्रतियोगिताओं में हम भाग लेंगे। हमें पूर्ण विश्वास है कि उसमें पूरा सहयोग मिलेगा। बहरहाल गीता प्रश्नोत्तरी की सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। उसके लिए वही तरीका अपनाना पड़ेगा जो उत्तर देते वक्त अपनाया था। आईजीएम क्विज /igmquiz पर जाकर अपने फोन नंबर और पासवर्ड लगाते ही सर्टिफिकेट डाउनलोड का आप्शन नजर आएगी अपनी सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। विद्यार्थियों की भविष्य में काम आ सकती है। वैसे भी सर्टिफिकेट गीता से संबंधित है जो लेमिनेशन करवा कर घर में पूजा स्थल पर रख सकते हैं। अत: पुन: आप सभी से अनुरोध है कि अपनी सर्टिफिकेट डाउनलोड कर ले। सभी जिसे उन्होंने सहयोग दिया उन सभी का आभार और जिन्होंने मेरी टांग खींचे उनको भी साधुवाद।
इस बार मेरे द्वारा मोटिवेट किये दस भक्तों को 500-500 रुपये निकले हैं। उनके खाते में जल्द ही यह राशि हरियाणा सरकार की ओर से मिल जाएगी। वरना भविष्य में मेरे सं संपर्क कर सकते हैं।

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