खुश खबरी----
27 से 31 तक क्षेत्र में वर्षा की संभावना
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कनीना की आवाज। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। मानसून टर्फ पिछले एक सप्ताह से हरियाणा राज्य के उत्तर में कभी मध्य में तों कभी दक्षिणी हिस्सों और कभी राजस्थान पर पहुंच रही हैं जिसकी वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार मौसम परिवर्तन शील बना हुआ है। जहां बारिश होती है वहां मौसम सुहावना और जहां बारिश नहीं होती वहां उमसभरी पसीने छुटाने वाली गर्मी से आमजन को रूबरू होना पड़ रहा है। शुक्रवार को रात्रि और शनिवार को अलसुबह तक हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर बनें चक्रवातीय सर्कुलेशन से और बंगाल की खाड़ी पर बने सुस्पष्ट डिप्रेशन के असर से हरियाणा एनसीआर दिल्ली और हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों सोनीपत फरीदाबाद पलवल मेवात गुडग़ांव रेवाड़ी झज्जर रेवाड़ी चरखी दादरी महेंद्रगढ़ में कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश और कुछ अन्य स्थानों भिवानी रोहतक और अन्य स्थानों पर छिटपुट बूंदा-बांदी और बिखराव वाली बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया जिससे उमसभरी पसीने छुटाने वाली गर्मी से आमजन को राहत मिली है । वर्तमान समय में सुस्पष्ट डिप्रेशन, उत्तरी छत्तीसगढ़ और संलग्न झारखंड के ऊपर स्थित है। इसके उत्तरी छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होकर लगभग पश्चिम की ओर बढ़ते रहने और कल तक धीरे-धीरे कमजोर होकर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में परिवर्तित होने की प्रबल संभावना है जिसका ट्रैक मध्य प्रदेश से होता हुआ पूर्वी राजस्थान पर 27/28 जुलाई को पहुंचने की संभावना बन रही है। साथ ही साथ एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर 27 जुलाई को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 27-31 जुलाई के दौरान हरियाणा एनसीआर दिल्ली के दक्षिणी जिलों महेंद्रगढ़ रेवाड़ी चरखी दादरी झझर गुडग़ांव पलवल फरीदाबाद नूंह मेवात और एनसीआर दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश कुछ स्थानों पर तेज़ गति की हवाओं के साथ तीव्र बारिश की गतिविधियां जबकि मध्यवर्ती भिवानी रोहतक सोनीपत और उत्तरी पंचकूला अंबाला यमुनानगर व पूर्वी जिलों कुरुक्षेत्र करनाल पानीपत में तेज़ गति की हवाओं के साथ हल्की बारिश बूंदा-बांदी और कुछ स्थानों पर तीव्र बारिश की गतिविधियां जबकि शेष हरियाणा सिरसा फतेहाबाद हिसार जींद कैथल में बिखराव वाली हल्की बारिश बूंदा-बांदी एक दो स्थानों पर तेज़ बारिश की गतिविधियों की संभावना बन रही है। हालांकि आज एक बार फिर से मानसून टर्फ हरियाणा एनसीआर दिल्ली के दक्षिण में प्रदेश के सटे राजस्थान पर पहुंच गई है। वर्तमान में मानसून ट्रफ़, माध्य समुद्र तल पर अनूपगढ़, चुरू, ग्वालियर, रीवा, उत्तरी छत्तीसगढ़ और संलग्न झारखंड पर डिप्रेशन के केंद्र तक फैली हुई है। साथ ही साथ एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किमी की ऊंचाई के मध्य सक्रिय है। आज आज भी दोपहर बाद सिरसा फतेहाबाद हिसार भिवानी और महेंद्रगढ़ के नारनौल और अटेली में हल्की बारिश बूंदा-बांदी की गतिविधियां देखने को मिलीं। जिला महेंद्रगढ़ में लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है लगातार बादलों की आवाजाही बनी हुई है आज शाम को भी जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल में झमाझम बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया है। स्त्रोत--
डा. चंद्र मोहन प्रोफेसर, मौसम विशेषज्ञ
मौसम की फोटो साथ है
सीइटी परीक्षा के चलते सड़कों सड़कों पर रही भीड़, जाम जैसी समस्या भी बनी
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कनीना की आवाज। हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित सीइटी परीक्षा के चलते सुबह से शाम तक सड़कों पर भारी संख्या में वाहन चले जिनमें जहां निजी बसें, रोड़वेज बसें और अन्य साधन सड़कों पर दौड़ते रहे। जिनके चलते जाम जैसी समस्या बनी रही। कनीना बस स्टैंड के पास मंडी तिराहे पर जाम की समस्या दिनभर बनी रही। रोडवेज की बसों में बहुत कम यात्री इधर-उधर जाते नजर आए क्योंकि सरकार ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि जिनको जरूरी काम हो वो ही घर से बाहर निकले। ऐसे में अधिकांश लोग घरों में रहे। विद्यार्थी वर्ग अपने निजी साधनों से परीक्षा केद्रों पर जाते नजर आए। जहां सुबह की पारी में जल्दी सुबह ही निजी वाहन सड़कों पर दौडऩे लगे वहीं दोपहर पश्चात वापस आते नजर आये।
सुरेंद्र सिंह, महेंद्र, सूबे सिंह ने बताया कि सड़क पार करने में भी कई-कई मिनट का इंतजार करना पड़ा। दुपहिया वाहन, चार पहियों की गाडिय़ां, रोड़वेज बसें तथा निजी साधन जमकर दौड़ते नजर आए। कनीना से अधिकांश विद्यार्थी रेवाड़ी एवं चरखी दादरी में परीक्षा देने गए। 27 जुलाई को भी भारी भीड़ रहने की संभावना बन गई है।
फोटो कैप्शन 05: कनीना में सीइटी के चलते जाम की समस्या
व्हाट्सअप बंद, मेल भेजे
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कनीना की आवाज।कनीना के लेखक एवं पत्रकार डा. होशियार सिंह यादव के दोनों व्हाट्सअप 9416348400 तथा 9306300700 दोनों बंद हैं। ऐसे में समाचार भेजने के लिए मेरा मेल आईडी hsnirban2025@gmail.com ही प्रयोग करें। ताजा समाचार पढऩे के लिए टेलीग्राम पर तथा विडियो के रूप में उपलब्ध रहती हैं।
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नारनौल में सीईटी -2025 का पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न
-डीसी-एसपी दिनभर डटे रहे फिल्ड में
-तनाव मुक्त व अनुकूल वातावरण में दी हजारों युवाओं ने परीक्षा
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कनीना की आवाज। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश अनुसार जिला प्रशासन के अथक प्रयासों से आज सामान्य पात्रता परीक्षा का पहला दिन नारनौल और महेंद्रगढ़ में शांतिपूर्ण व सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिला प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक और पुख्ता प्रबंधों ने परीक्षार्थियों को बेहद उत्साहित किया?। परीक्षार्थियों ने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इस परीक्षा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उपायुक्त डा. विवेक भारती और पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ ने सुबह 6:00 बजे से ही फील्ड का दौरा शुरू कर दिया था। उन्होंने नारनौल और महेंद्रगढ़ के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
जिला प्रशासन ने इस परीक्षा के सफल आयोजन के लिए व्यापक योजना बनाई थी। इसमें सुरक्षा से लेकर आवश्यक सुविधाओं तक हर पहलू का पूरा ध्यान रखा गया था। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात था ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके अलावा परीक्षार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल, उचित बैठने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई थीं। सरकार की ओर से किए गए इन सभी प्रबंधों ने परीक्षार्थियों को एक तनाव मुक्त और अनुकूल वातावरण दिया।
परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं से काफी संतुष्ट नजर आए। उन्होंने विशेष रूप से सरकार के पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से परीक्षा आयोजित करने के प्रयासों की सराहना की। कई परीक्षार्थियों ने बताया कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा और वे शांतिपूर्ण माहौल में अपनी परीक्षा दे पाए।
उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने कहा कि आज का सफल आयोजन हमारी टीम के समर्पण और कड़ी मेहनत का परिणाम है।
पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि हमने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए थे कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो। पुलिस बल की मुस्तैदी और नागरिकों के सहयोग से आज का दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
उप-मंडल होते हुए भी नहीं मिल रही सुविधाएं
-कनीना की हो रही अनदेखी,नहीं बना सीइटी का सेंटर
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कनीना की आवाज।कनीना उप-मंडल को बने 12 साल बीत गए किंतु अभी तक को उप-मंडल की कोई सुविधा नहीं मिली है। जब भी कोई बड़ी परीक्षा आयोजित होती है नारनौल एवं महेंद्रगढ़ तक की सीमित रह जाती है जबकि कनीना में नहीं। कनीना में उच्च संस्थान भी है और सभी अधिकारी यहां बैठते हैं। सीइटी की परीक्षा भी कनीना में आयोजित नहीं हुई।
यहां तक की कनीना में रेलवे स्टेशन की ओर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है। आज तक सावधान ट्रेनों के अलावा कोई ट्रेन ठहराव नहीं कर रही है। कनीना विधानसभा क्षेत्र भी होता था। 1972 के चुनावों के बाद इसे तोड़ दिया था और आज तक विधानसभा क्षेत्र के लिए तरस रहा है। कनीना में 10वीं और 12वीं की पूरक परीक्षा यहां आयोजित नहीं होती और न ही यहां मार्किंग सेंटर बनाया जाता है। कनीना के अनेक नेता और मंत्री समय-समय पर सरकारों में रहे हैं परंतु सुविधा प्रदान करने में कामयाब नहीं हुये हैं। कनीना को उसके हक की लड़ाई स्वयं लडऩी पड़ी है। नगरपालिका को तोड़ा गया तो उसे बहाल किया हो लड़ाई से लडऩी पड़ी है तथा विधानसभा क्षेत्र के लिए भी आंदोलन किया गया था। कनीना में न्यायिक परिसर बनाने के लिए भी लंबी लड़ाई लडऩी पड़ी थी।
यह सत्य है कि कनीना को उप-मंडल का दर्जा दिलवाने में अटेली की पूर्व विधायक एवं पूर्व सीपीएस अनीता यादव का अहम योगदान रहा है। किंतु अनीता यादव को अटेली से दोबारा जीत का मौका नहीं मिला है। सुविधाओं के अभाव में कनीना की हालत एक गांव से बदतर हो चली है।
गाहड़ा निवासी 98 वर्षीय समाजसेवी भगवान सिंह का निधन
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के गांव गाहड़ा निवासी समाजसेवी भगवान सिंह 98 वर्षीय का शनिवार सुबह निधन हो गया। वे समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाते थे। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए। सादा जीवन उच्च विचार का वें क्रियात्मक रूप थे। जिनका अंत्येष्टि संस्कार वैदिक रीति से आर्य समाज गाहड़ा के प्रधान रामेश्वर दयाल शास्त्री के दिशा निर्देशन में संपन्न हुआ। परमपिता परमेश्वर से उनकी आत्मिक शांति हेतु वैदिक धुन के बाद दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर शुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें प्रकृति शोधनार्थ, आत्मकल्याणार्थ, रोग -शोक निवारणार्थ वेद की ऋचाओं द्वारा प्रार्थना की गई। अंतिम यात्रा में दलीप सिंह यादव, सुरेन्द्र गाहड़ा, भूपेंन्द्र सिंह, रामानंद यादव, फूल सिंह, श्रीपाल सरपंच, सुमेर सिंह, पंडित चितरु राम, राजबीर पूर्व सरपंच, इन्द्र कुमार, लाला राम सहित विभिन्न गांवों से गणमान्य लोग शामिल हुए।
फोटो कैप्शन : भगवान सिंह गाहड़ा फाइल फोटो
अगिहार में मनाया कारगिल दिवस
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में कारगिल विजय दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर कारगिल युद्ध में शहीद हुए भारतीय सेना के जांबाज जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई जिन्होंने इस युद्ध में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या पूनम यादव ने की। विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदनमोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि 16500 फीट की ऊंचाई पर विषम परिस्थितियों में लड़े गए इस युद्ध को दो महीने में जीतकर भारतीय सेना ने पूरी दुनिया में अपने पराक्रम का लोहा मनवाया तथा दुश्मन को लोहे के चने चबाने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे देश के प्रति तन-मन-धन अर्पित करने के लिए तैयार रहें क्योंकि देश की रक्षा करना केवल सैनिकों का ही कर्तव्य नहीं है। इस अवसर पर सचिन,अर्चना, कल्पना, साहिल,नव्या तथा नरगिस ने देशभक्ति पूर्ण कविताएं और भाषण प्रस्तुत किए इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता अजय कुमार बंसल,निशा जांगड़ा, राजेंद्र कटारिया,वंदना जांगड़ा धर्मेंद्र डीपीई, मुख्य शिक्षक रतनलाल, सुरेंद्र सिंह,तथा प्रमोद कुमार सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: अगिहार में कारगिल दिवस मनाते हुए।
हेरिटेज विद्यालय में हरियाली तीज उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया गया
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कनीना की आवाज। उपमंडल कनीना में स्थित हेरिटेज वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मोहनपुर में हरियाली तीज उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया गया जिसमें बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई सर्वप्रथम विद्यालय में पूजा अर्चना करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया कक्षा चौथी का छात्र विहान ने गणेश जी के ऊपर एक भजन प्रस्तुत किया जो बहुत ही प्रेरणादायक रहा इसके पश्चात अवनी ग्रुप ने हरियाली तीज गाने पर अपनी प्रतिभा दिखाई कक्षा दूसरी की छात्राएं बागडो नाचा सावन में गाने पर झूमते नजर आए सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान सातवीं कक्षा की छात्राएं जिन्होंने हरियाली तीज के उत्सव पर 52 गज के दमन की जब झोल पड़ा करती गाने पर बड़ी ही सुंदर प्रस्तुति दी जिसकी सभी अध्यापक गण ने सराहना की इसके पश्चात विद्यालय प्रांगण में हरियाली तीज के उत्सव पर बच्चों तथा अध्यापिकाओं ने झूले का आनंद लिया वह अध्यापक गणों ने पतंगबाजी कर बच्चों के साथ मिलकर इस उत्सव को मनाया इस उत्सव पर विद्यालय में मेहंदी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें छात्राएं जिन्होंने बहुत ही सुंदर-सुंदर मेहंदी हाथों पर लगाई जिसका परिणाम निकलते समय अध्यापक गण को बहुत ही सोच विचार करना पड़ा जिसमें छठी कक्षा की छात्रा मिस्टी पुत्री अनिल कुमार, सातवीं कक्षा की छात्रा लवली पुत्री नरेश कुमार, आठवीं कक्षा की छात्रा पूजा पुत्री नरेंद्र कुमार तथा नौवीं कक्षा की छात्रा जिया पुत्री मनोज कुमार ने प्रथम स्थान हासिल किया जिन्हें उचित उपहार देकर विद्यालय के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने उन्हें सम्मानित किया इस पूरे कार्य क्रम के दौरान विद्यालय में खुशी का माहौल बना रहा बच्चे तथा अध्यापक गण एक दूसरे को बधाई देते हुए नजर आए कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने सभी बच्चों अध्यापक गणों को इस हरियाली तीज की शुभकामनाएं दी और जीवन में हमेशा प्रगतिशील रहने का मार्गदर्शन किया कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सीईओ कैलाश शर्मा, मनीष कुमार, डायरेक्टर खुशीराम शर्मा, प्रधानाचार्य कृष्ण सिंह, सीनियर कोआर्डिनेटर सुरेंद्र कुमार, जूनियर को-आर्डिनेटर सुमन मैम तथा समस्त अध्यापक उपस्थित रहा।
फोटो कैप्शन 03: हेरिटेज स्कूल में तीज का पर्व मनाते हुए।
लेफ्टिनेंट बनने पर सलोनी का किया अभिनंदन
-- भोजावास में सलोनी का जोरदार अभिनंदन
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कनीना की आवाज। सशस्त्र बल मेडिकल कालेज से सीधे लेफ्टिनेंट बनने पर पैतृक गांव भोजावास में सलोनी का जोरदार अभिनंदन किया गया। बाबा जिंदादेव भोजावास में सलोनी को साफा पहनाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
इस मौके पर अतरलाल ने कहा कि सलोनी ने सशस्त्र बल मेडिकल कालेज से सीधे लेफ्टिनेंट बनकर न केवल जिला महेन्द्रगढ़ का बल्कि पूरे हरियाणा का नाम रोशन किया है। इससे लड़कियों को आगे बढऩे की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने इलाकावासियों से लड़कियों की शिक्षा तथा परवरिश पर विशेष ध्यान देने की अपील की। सलोनी ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता कूकल देवी तथा पिता अजीत सिंह तथा गुरुजनों को देते हुए कहा कि लक्ष्य बनाकर कठिन परिश्रम करने से कोई भी लक्ष्य और सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने युवाओं को धैर्य तथा आत्मविश्वास के साथ अपना लक्ष्य प्राप्त करने की सलाह दी। इस अवसर पर परिवार द्वारा विशाल भंडारा आयोजित किया गया। जिसमें आसपास के गांवों के हजारों महिला पुरुषों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर भागसिंह चेयरमैन, पूर्व मंडल प्रधान अतर सिंह कैमला, कालूराम बोहरा, साधु सिंह, कंवर सिंह तंवर, अजीत सिंह, ब्लॉक समिति मेंबर परमानंद, जयपाल सिंह थानेदार, सुमन देवी, सागर सिंह, पवन, कैलाश सेठ, विक्रम सिंह आदि अनेक जन उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 04: सलोनी को सम्मानित करते ग्रामीण।
चोर साहब के कारनामे-26
चोरी से जिसे मिलती है शांति वो जन नीच प्रवृत्ति का-संत
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कनीना की आवाज। कनीना के लेखक, पत्रकार एवं साहित्यकार होशियार सिंह के प्लाट से जहां विगत लंबे समय से गमले, तीन ट्राली पत्थर ,ईंट, बिजली का सामान तथा कृषि उपकरण आदि चोरी कर ले गया। और तो और निर्माणाधीन मंढ़ी की ईंटें भी उखाड़ ले गया। चोर साहब को शांति तभी मिलती है जब तक कि वह किसी का बुरा नन कर दे। चोर साहब ने विगत समय में ऐसे ऐसे कारनामे कर दिखलाया जिनको सुनकर लोग दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर हो जाते हैं। एक के बाद एक तीन ट्राली पत्थर उठाने और वह भी रातोंरात जो बहुत कठिन कार्य है किंतु कठिन कार्य को भी उसने बखूबी से अंजाम दे दिया। ऐसा बार-बार प्लाट की दीवार पर नोटिस लगाने के बावजूद भी कर दिखलाया। चोर साहब चोरी में ही खुश होता है। चोर साहब दूसरे खुशी को बर्दाश्त नहीं कर सकता और खुद चाहे कितनी बड़ी चोरी करें उसे खुशी मिलती है। क्या कहते हैं चोरी के विषय में संत एवं महात्माओं का--
महात्माओं एवं संतों ने समय-समय पर चोरी के विषय में अनेकों विचार व्यक्त किये हैं। संतों का कहना है कि उस इंसान की जीते जी मौत हो जाती है जो किसी के यहां चोरी करके खुशी हासिल करता है। किसी की बहुत बड़ी मजबूरी हो तो कोई छोटी मोटी चोरी कर ले तो हो सकता है लोग उसे माफ कर दे किंतु ईश्वर की नजरों में वो बहुत बड़ा पापी है जिसकी सजा देर सवेर मिलकर ही रहती है। ऐसे व्यक्ति जो दूसरे का हित नहीं देखना चाहते, उनके दिल में पाप है तो उसे जीने का हक नहीं है। यदि कोई गमले रखता है तो लगता है कि चोर साहब को खुशी नहीं होती और मौका देखकर उठा ले जाता है तब उसे खुशी मिलती है। ऐसे इंसानों जीवन निष्फल हो जाता है, जीते जी उनकी मौत हो जाती है, वह पैतृक अवगुणों से परिपूर्ण होता है। चोरी करने वाले के पूर्वजों में भी अच्छे संस्कार नहीं थे जिसके कारण यह अवगुण पैदा हुआ है। कभी किसी के छोटी से छोटी चोरी नहीं करनी चाहिए अगर ज्यादा किसी को जरूरत है तो अगले से पूछ कर कोई चीज ले जा सकता है लेकिन चोर साहब ने तो शायद कसम उठा रखी है कि दूसरे की चीज को नहीं बख्शा जाएगा। दूसरे के घर को घर नहीं समझता, यही कारण है कि चोर साहब दूसरी के घर के सामने बनाई हुई पैड़ी, फड़ आदि पर गाड़ी से टक्कर मारकर, ब्रेक लगाकर तोडऩे का प्रयास करता है। ताकि वह जल्द से जल्द नष्ट हो जाए, तभी उसको खुशी मिलती है। हाल ही में लेखक ने अपने दीवार के साथ-साथ्र अपने स्तर टाइलों को कुछ ऊंचा उठाया था, ये टाइले अपनी जमीन पर लगी है और दीवार के साथ जगह भविष्य के लिए छोड़ी हुई है। वैसे भी लेखक की दीवार के साथ लंबे समय से वर्षा का पानी ठहरता है परंतु चोर साहब उनके ऊपर से जानबूझकर वाहन ले जाता ताकि वह ऊंची उठाई हुई टाइलें किसी प्रकार दब जाए, नष्ट हो जाए। उन्हें किसी की खुशी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होती। ऐसे में संतों का कहना है कि चोर, पापी एवं अत्याचारी लंबे समय तक जीवन नहीं पाते। उनको सजा जरूर मिलती है। मेहनत से कमाया हुआ चाहे सूखा खाना हो वह भी अमृत के समान होता है और दूसरे की वस्तु उठाकर उससे खुशी पाना नरक के समान होता है। लगता है चोर साहब को नर्क में जीने का शौक पाल रखा है। इसलिए वह लोगों के ईंट एवं पत्थर आदि उठा ले जाता है परंतु अब तो डरे हुए लोगों ने अपने प्लाटों की सुरक्षा हेतु कटीली झाडिय़ां रखनी शुरू कर दी है ताकि खेर साहब नहीं उठा सके। हर इंसान की जुबान पर चोर साहब का नाम है। यह चोर साहब कौन है लेखक की भविष्य में प्रकाशित होने वाली 43वीं पुस्तक में पूर्ण रूप से हवाला दिया जाएगा। नाम सहित प्रकाशित है, इसलिए थोड़े समय का इंतजार करें ताकि पुस्तक पूर्ण हो सके।
अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों के लिए चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन
-28 को बनवा सकेंगे सर्टिफिकेट्स
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कनीना की आवाज। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद पंचकूला के तत्वाधान में समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत खंड कनीना अध्यनरत दिव्यांग बच्चों के चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन 28 जुलाई सोमवार को सामान्य अस्पताल नारनौल में शिविर का आयोजन किया जाएगा। प्राचार्य कम ब्लाक रिसोर्स को-आर्डिनेटर समावेशी शिक्षा सुनील खुडानिया व विशेष शिक्षक अमृत सिंह राघव ने बताया कि हर वर्ष दिव्यांग बच्चों के लिये समावेशी शिक्षा के अंतर्गत शिविर का आयोजन किया जाता है। जिसमें बच्चों को विशेष उपकरण के लिए चिह्नित किया जाता है। प्रमाण पत्र नहीं है उनका चिकित्सा प्रमाण पत्र बनाया जाता है।
फोटो कैप्शन: अमृत सिंह
तीज उत्सव को लेकर होती है पतंगबाजी, तीज उत्सव 27 को
-छतों पर वो मारा वो काटा का पड़ता है शोर सुनाई
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कनीना की आवाज।कनीना में 27 जुलाई के तीज उत्सव की शुरूआत हो गई है। इस मौके पर मेले का आयोजन भी किया जाता है।
कनीना में हरियाली तीज के पर्व के दृष्टिगत घेवर की मिठाई खाने की रिवाज है। उधर हरियाली तीज के दिन पूरा दिन पतंगबाजी का शोर सुनाई पड़ता है। छतों पर युवा, बच्चे एवं बुजुर्ग वो मारा, वो काटा करते रहे। जहां पतंगबाजी के लिए बहुत से लोग पतंग उड़ाने व पतंग की डोर को काटने का मजा लेते है तो कुछ कट कर जाने वाले पतंग का लुत्फ उसे दूर से पकड़कर लाने में उठाने में खुश हैं। शहरी क्षेत्र में पतंगबाजी में तेजी आ गई है। बाजारों में दुकानों पर पतंग एवं डोर ही नजर आती है। युवा हो या बच्चा अपनी छतों पर सुबह शाम पतंगबाजी करता है। जिस दिन स्कूलों की छुट्टी होती है उस दिन तो बच्चे अपने घरों की छतों से नीचे ही नहीं आते हैं।
मेलों का आयोजन-
हरियाली तीज पर विभिन्न गांवों में मेले लगते हैं। कनीना में इस पर्व पर तीज मेला लगता है। नगरपालिका के पास इस मेले का आयोजन लंबे समय से होता आ रहा है।
घेवर की मिठाई-
तीज पर्व से एक दिन पूर्व सिंधारा पर्व आता है जब घेवर आदि की मिठाई बांटकर खाई जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रथा सिर चढ़कर बोलती है।
किसानों के लिए विशेष है पर्व-
यह पर्व किसान भी मनाते है क्योंकि फसल लहलहाने लग जाती है। लहलहाती फसल को देखकर किसान प्रसन्न होते हैं। इस बार फसल में देरी हो गई है। अधिकांश किसानों ने बीजाई कर रखी है। किसान सूबे सिंह, योगेश कुमार, रोहित कुमार, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि अब फसल लहलहाने लगी है। फसल के दृष्टिगत ही यह पर्व हरियाली तीज पर्व मनाया जाता है।
लुप्त हो गई हैं पींग--
वास्तव में इस दिन पींग पर झूलने की प्रथा है। वैसे तो पूरे सावन माह में ही पींग पर झूला जाता है किंतु इस दिन विशेष आकर्षण का केंद्र पींग होती है। अब तो पींग का प्रयोग कम होता है जा रहा है। कमला, शकुंतला, नीलम आदि ने बताया कि एक वक्त था जब हर घर में पींग डाली जाती थी जिस पर विशेषकर नव विवाहित दुल्हन को झुलाया जाता था।
पतंगों के लड़ते हैं पेच--
अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में दो प्रकार की पतंग हवा में उड़ाई जाती है। एक पतंग के पूंछ होती है दूसरी बगैर पूंछ की होती है। बगैर पूंछ की पतंग को पतंगबाजी के एक्सपर्ट जन ही लुत्फ उठा सकते हैं किंतु पूंछ वाली पतंग को छोटे बच्चे तक हवा में उड़ाकर लुत्फ लेते हैं। इन पतंगों के पेच लड़ाए जाते हैं। हरियाली तीज के दिन तो दिनभर डीजे पर संगीत चलता रहा और छतों पर कई कई बच्चे इक_े होकर पतंगबाजी करते देखे गये। अभी से ही पतंग उड़ाने का शोर होने लगा है जो दिनोंदिन बढ़ता जाएगा।
फोटो कैप्शन 01: कनीना में पतंग खरीदते बच्चे









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