अति उदारवादी थे संत मोलडऩाथ
-27 फरवरी को लगेगा मेला
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कनीना की आवाज। कनीना के अति उदारवादी, परम संत मोलडऩाथ का मेला 27 फरवरी का आयोजित होगा। मेला तीन दिनों तक चलता है किंतु प्रमुख रूप से ऊंट और घोडिय़ां की दौड़, कुश्ती, दंगल आदि देखने के लिए कई प्रांतों के लोग आते हैं। इस मेले की प्रमुख विशेषता है कि शक्कर का प्रसाद अर्पित करते हैं, कनीना का कोई भी व्यक्ति किसी भी जिले या राज्य में हो इस दिन जरूर यहां आकर धोक लगाता है। भक्त एक मु_ी दाना पक्षियों के लिए डालता है तथा जोहड़ की माटी छांटने का रिवाज है। राजा और महाराजा जिन ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़ का आनंद लेते थे वो खेल कनीना में सालों से चले आ रहे है। 76 साल पहले संत मोलडऩाथ ने प्राण त्यागे थे। जिनमें पानी के नीचे रहने की अपार क्षमता थी। पानी के नीचे रहने से ही उन्हें निमोनिया लगा था। पानी में समाधि लेना उनका प्रमुख गुण था। आज भी उनके उद्धात गुणों को याद कर लोग प्रसन्नचित हो जाते हैं।
आश्रम का हुआ है पुन: निर्माण-
करोड़ों रुपए की लागत से बाबा मोलडऩाथ आश्रम को पुन: निर्मित किया गया है। प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि भक्तों और लोगों की श्रद्धा के चलते यह भव्य आश्रम निर्मित किया गया है। हर वर्ष आश्रम में कोई नहीं कोई नया परिवर्तन किया जाता है और इस बार एक विशेष परिवर्तन किया गया है। इस बार आश्रम को ऐसा रूप दिया गया है कि भक्तजन आसानी से संत की समाधि तक पहुंच पाएंगे और संत के दर्शन कर पाएंगे। कनीना के इस संत की धूना लगातार जीवित रहता है वहीं रामनिवास संत धूने पर विराजमान है।
आश्रम के नीचे विराजमान हैं संत-
संत मोलडऩाथ को आश्रम के नीचे ही समाधि दी गई थी। 76 साल पहले कच्चा जोहड़ होता था। अब पक्का तालाब बना दिया गया है जिस पर घूमने फिरने की भी सुविधा दी गई है। विदेश तक कनीना के संत का नाम प्रसिद्ध है।
रोड़वाल में भी बना है आश्रम-
रोड़वाल में बाबा का भव्य आश्रम बना हुआ है। बाबा ने मांदी, कांवी भोजावास, मानसरोवर, नीमराना, रोड़वाल में तप किया था। इन गांवों में बाबा की मंढ़ी बनी हुई है। रोड़वाल में 2 साल पहले बाबा का आश्रम निर्मित किया है। संत मोलडऩाथ ने रोड़वाल, राजस्थान में तप किया था इसलिए वहां के लोगों ने कनीना के इस परम संत मोलडऩाथ का भव्य आश्रम स्थापित किया है। 2 साल पहले भव्य आश्रम स्थापित किया है जहां हर वर्ष मेला लगता है। दूसरे तप स्थलों पर भी मोलडऩाथ की मंढ़ी या आश्रम निर्मित किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विभिन्न पुस्तकों में वर्णित है बाबा का गुणगान- बाबा की आरतियां, बाबा चालीसा, बाबा की आईएसबीएन पुस्तक तथा मोलडऩाथ की अन्य पुस्तकों में बाबा का गुणगान किया गया है। बाबा पर कनीना के लेखक, पत्रकार एवं साहित्यकार डा. होशियार सिंह यादव ने अहम भूमिका निभाई है और उनका कहना है कि वह भविष्य में भी बाबा पर शोध कार्य करते रहेंगे।
बालक रूप में आए थे बाबा-
बाबा कनीना में बालक रूप में ही आ गए थे। ऐसे में मोलडऩाथ को कई बार बालकनाथ नाम से पुकारा जाता है क्योंकि कनीना के प्रमुख संतों में बाबा का नाम है, इसलिए हर घर में लगभग संत की पूजा की जाती है। यूं तो विभिन्न संतों को याद किया जाता है लेकिन पूजा में अग्रणी संत मोलडऩाथ है। संत जीवो के प्रति उदारदिली रहे हैं तथा हर जाति के लोगों को निष्पक्ष भाव से देखते थे। और उनके समस्या का समाधान करते थे। उनके लिए हर इंसान प्रिय था किसी को छोटा या बड़ा नहीं समझते थे। सभी पर समदृष्टि रखते का अद्भुत गुण था।
फोटो कैप्शन 10: संत से संबंधित है
कनीना खंड में 1804 विद्यार्थियों ने दी बोर्ड की परीक्षा
-10 विद्यार्थी रहे अनुपस्थित
- परीक्षा केंद्रो पर 4 अधिकारियों की हुई तैनाती
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कनीना की आवाज। कनीना खंड में 9 परीक्षा केंद्र हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा बनाए गए हैं। इन नो परीक्षा केंद्रों पर 1804 विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए पहुंचे जबकि 10 विद्यार्थी अनुपस्थित मिले। कोई भी यूएमसी का केस नहीं बनाया गया।
कौन से है 9 परीक्षा केंद्र -
कनीना खंड में 9 परीक्षा केंद्र है जिनमें बामनिया बवानिया, बेवल,भोजावास, दौंगड़ा अहीर, ककराला, कनीना मंडी, खेड़ी तलवाना, पोता और सेहलंग प्रमुख हैं। कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार खुडानिया ने बताया कि परीक्षाएं शांतिपूर्वक चली। परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्न पत्र एसडीएम कार्यालय कनीना से उपलब्ध होते हैं वहीं उत्तर पुस्तिका एसडीएम कार्यालय कनीना में ही जमा की गई हैं। उन्होंने बताया की परीक्षा शांतिपूर्वक चली है। विद्यार्थी परीक्षा देकर प्रसन्न नजर आए।
अंग्रेजी की थी बारहवीं की परीक्षा-
विस्तृत जानकारी देते चीफ कंट्रोलर नरेश कौशिक ने बताया कि पहले दिन दस जमा दो का अंग्रेजी का पेपर संपन्न हुआ है। परीक्षा का समय दोपहर 12:30 से शाम 3:30 बजे तक का रहा है। क्या कहते हैं विद्यार्थी-
आज संपन्न हुई परीक्षा के बारे मेें खुशबू, भगवती, जाह्नवी, गुंजन, भतेरी, हिना, दिव्या, आरती और ज्योति से बात की। उन्होंने बताया कि प्रश्न पत्र विद्यार्थियों के अनुसार सही रहा है। इसलिए अच्छी तरह हल कर पाए। विद्यार्थी खुश नजर आए और परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते समय चेहरे पर मुस्कान थी। विद्यार्थियों के चेहरे से पता चलता है कि आज की परीक्षा बेहतर ढंग से संपन्न हुई और विद्यार्थी अच्छी प्रकार उत्तर दे पाए हैं
कनीना ब्लाक में चार अधिकारी नियुक्त-
जिला उपयुक्त नारनौल ने परीक्षाओं को शांतिपूर्वक संपन्न करने के लिए कनीना के नौ परीक्षा केंद्रों पर चार अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। यह अधिकारी 25 फरवरी से एक अप्रैल तक परीक्षा केंद्रों पर तैनात रहेंगे। मिली जानकारी अनुसार बवानिया और बेवल परीक्षा केंद्रों पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश कुमार को तैनात किया गया है वही भोजावास और दौंगड़ा अहीर परीक्षा केंद्रों पर खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया को नियुक्त किया गया है। ककराला, कनीना मंडी और खेड़ी तलवाना में डिप्टी डीईओ अशोक कुमार को तैनात किया गया है। वही पोता और सेहलंग के दो परीक्षा केंद्रों पर एसडीएम कनीना जितेंद्र अहलावत की नियुक्ति की गई है। ये परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शिता और सुचारू रूप से परीक्षा करवाने के लिए, नकल रहित परीक्षा केंद्र बनाने के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।
फोटो कैप्शन 09: परीक्षा देकर बाहर आते हुए विद्यार्थी
उन्हाणी कालेज की पीहू ने विश्वविद्यालय की मेरिट सूचि में पाया नाम, खुशी का माहौल
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कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हानी की छात्रा कुमारी पीहू ने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर (रेवाड़ी) द्वारा आयोजित बीकाम पांचवें सेमेस्टर की विश्वविद्यालय परीक्षा में सातवां स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विक्रम सिंह ने इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर छात्रा व प्राध्यापकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उसकी निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर महाविद्यालय एवं अपने परिवार का नाम रोशन करती रहेगी।
महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं छात्राओं ने भी पीहू को शुभकामनाएं दी तथा उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। महाविद्यालय परिवार इस उपलब्धि पर गर्व अनुभव करता है।
फोटो कैप्शन: पीहू उन्हाणी कालेज
कनीना में गूंजे खाटू के जयकारे, दूसरे दिन भी
-950 भक्त पहुंचे जैतपुर
--4 मार्च तक चलेगा मेला
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कनीना की आवाज। जैतपुर में 4 मार्च तक श्याम मेला लगने जा रहा है जिसमें अपार भीड़ जुटेगी। 27 फरवरी एकादशी को अपार भीड़ जुटती है। जहां कनीना का करीब 950 भक्तों का एक दल कनीना के श्याम मंदिर से जैतपुर पहुंचा और निशान अर्पित किये। इससे पहले कनीना मंडी से 22 फरवरी को एक दल जैतपुर पहुंचा था। सारा वातावरण खाटूमय हो गया है।
कनीना व आस पास के भक्त जैतपुर जाते हैं। करीब 30 किमी के इस सफर में वे मोहनपुर, भोजावास, रातां से होकर प्रतापुर एवं जैतपुर पहुंचते हैं। इस पदयात्रा में उनके साथ जल एवं खाने पीने का सामान वाहन में साथ साथ चलता है। खाटू मंदिर की श्रीश्याम सेवक मंडल कनीना के प्रधान संदीप राठी, पाल्हाराम, संदीप यादव, गुड्डू चौधरी, पूनम गुप्ता,योगेश गुप्ता आदि ने बताया कि डीजे पर थिरकते पैर एवं रंग गुलाल में भीगे भक्त खुशी खुशी जैतपुर के लिए रवाना हुए। भक्त आपने साथ अमर ज्योति लेकर गये। यह ज्योति भी जैतपुर धाम पर अर्पित की गई। साथ में पेयजल आदि का प्रबंध किया हुआ था। यह इस वर्ष की खाटू मंदिर की ओर से अंतिम यात्रा रही। इसके साथ ही खाटू श्याम मंदिर पर विगत दिनों से चला आ रहा शिविर संपन्न हो गया है। सुबह भारी संख्या में भक्तजन अपना-अपना निशान लेकर खाटू मंदिर पहुंच गए जहां से सुबह यात्रा प्रारंभ हुई जो खाटू श्याम मंदिर जैतपुर पहुंची। 18 फरवरी से कनीना में भक्तों के लिए चला आ रहा शिविर शिविर 25 फरवरी को संपन्न हो गया है।
इस यात्रा में मंदिर पुजारी खाटू मंदिर बाबा मूर्ति के पास बैठे हुए थे, जो वाहन में ले जाई गई तथा पीछे पीछे भक्तजन अपने-अपने निशान को लेकर चल रहे थे। निशान यात्रा जगह-जगह रुकते हुए गीत, भजन गाते हुए जैतपुर पहुंची।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी एक निशान यात्रा खाटू धाम जैतपुर पहुंची थी। यह दूसरी यात्रा और अंतिम यात्रा मानी जाती है।
उल्लेखनीय है कि दो अलग-अलग सेवक मंडल इस प्रकार का आयोजन करवाते आ रहे हैं। इसके बाद कनीना के संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ आश्रम तथा खाटू श्याम पर लगने वाले मेले की तैयारियां शुरू हो गई है। 27 फरवरी को यहां मेला लगेगा।
जैतपुर मंदिर पुजारी ने बताया कि कलकत्ता तथा अलवर के शृंगारकर्ता प्रतिदिन ताजा फूलों से बाबा का शृंगार करते हैं। करीब 300 वर्ष पुराने इस श्याम मंदिर का विगत वर्षों जीर्णोंद्धार करवाया गया है।
फोटो कैप्शन 08: खाटू धाम मंदिर जैतपुर में जाते हुए निशान यात्रा
कैमला स्कूल का किया खंड स्तरीय कमेटी ने निरीक्षण
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कनीना की आवाज। राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में खंड स्तरीय कमेटी जिसमें सतीश कुमार प्राचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोता, महेंद्र कुमार प्राचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाघोत, पूजा प्रभारी बाल विकास अधिकारी खंड कनीना आदि ने संयुक्त रूप से विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय की प्रत्येक शैक्षिक व्यवस्था के साथ- साथ, साफ-सफाई, स्वच्छता आदि का समग्र शिक्षा मिशन के अंतर्गत एवं पाठ्यक्रम आधारित क्रियाकलापों का पूर्णता निरीक्षण किया।
प्राचार्य गोयल ने शिक्षा ,संस्कृति और संस्कार के प्रति प्रेरित किया। सतीश कुमार पोता ने विद्यार्थियों को जीवन में शिक्षा का महत्व और आज की आवश्यकता एवं साफ -सफाई और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। पूजा सुपरवाइजर ने सभी को साफ- सफाई नियमित रूप से अपनाने पर बल दिया। मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने सभी मेहमानों का विद्यालय आगमन पर स्वागत किया और उनकें आदर्शवादी और स्पष्ट विचारधारा को जीवन में अपनाने का भरोसा दिलाया। जहां स्वच्छता का वास होता है वहीं पर स्वर्ग की कल्पना संभव है जन -जन को बतलाना है स्वच्छता को अपनाना है। इस अवसर पर मनवीर सिंह विज्ञान अध्यापक सुनील कुमार शास्त्री, सुनील कुमार डीपीई ,देवेंद्र अंग्रेजी अध्यापक,राजेश कुमार, भगत सिंह, गरिमा रानी तारामणि देवी ,बबली देवी, सूबे सिंह , सुनील कुमार आदि उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 07: कैमला स्कूल का निरीक्षण करते हुए
बाबा मंगलदास को गांव धनौन्दा में किया सम्मानित
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कनीना की आवाज। ऐतिहासिक बिहाली गांव के मंदिर के गद्दीनशीन महन्त, प्रसिद्ध गौ भक्त और समाजसेवी बाबा मंगलदास को गांव धनौन्दा में राष्ट्र गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया। उनके सम्मान में आयोजित अभिनंदन समारोह में अतरलाल एडवोकेट ने श्रद्धालुओं के साथ बाबा मंगलदास को केसरिया साफा पहनाकर, शॉल, प्रशस्ति पत्र तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अध्यक्षता डा. मुकेश तंवर ने की।
अतरलाल ने कहा कि बाबा मंगलदास का व्यक्तित्व प्रेरणा स्त्रोत है। साधु संत, महन्त, बाबा और महापुरुष प्रकाश स्तंभ होते हैं। हमें उनका आदर सम्मान करना चाहिए। इससे समाज को साधु संतों का आशीर्वाद मिलता है और समाज खुशहाल बनता है। महन्त मंगलदास ने सम्मान समारोह आयोजित करने के लिए ग्रामीणों का धन्यवाद करते हुए लोगों से गौ सेवा करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा गौसेवा से व्यक्ति, समाज व देश की तरक्की होती है। इस अवसर पर राजेन्द्र नम्बरदार, डा. मुकेश, पृथीसिंह किशनपाल तंवर, सूबेदार प्रताप सिंह, बिजेन्द्र ठेकेदार, मीर सिंह वैद्य, दीपक शर्मा, चन्द्रपाल, टींकू, महेन्द्र, राजेन्द्र, ईश्वर सिंह, मदन तंवर, गायत्री, रेशम, ओमवती, सोमवती, राजवती, अंजू, कोमल आदि अनेक श्रद्धालुगण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 06: महन्त मंगलदास को सम्मानित करते अतरलाल
पारंपरिक परिधानों के साथ आधुनिक डिजाइन का दिया समन्वित प्रशिक्षण
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कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हानी में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में संचालित सिलाई प्रशिक्षण कार्यशाला जारी है। यह कार्यशाला प्राचार्य डा. विक्रम यादव की अध्यक्षता तथा महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डा. सीमा देवी के निर्देशन में संचालित की जा रही है।
18 फरवरी से प्रारंभ हुई इस कार्यशाला में छात्राओं की सक्रिय सहभागिता एवं सीखने की प्रबल इच्छा को देखते हुए इसकी अवधि तीन दिन और बढ़ाई गई है। प्रशिक्षिका पवित्रा बाई द्वारा छात्राओं को पारंपरिक परिधानों की उन्नत कटिंग, आकर्षक गले एवं बाजू की नवीन डिजाइन, सटीक नाप लेने की विधि तथा फिनिशिंग की सूक्ष्म तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अतिरिक्त दिनों में पाइपिंग, लेस वर्क, फाल-पीको, मशीन संचालन, बुटीक स्तर की सिलाई तथा परिधानों की पेशेवर प्रस्तुति जैसे महत्वपूर्ण कौशलों का विशेष अभ्यास कराया जा रहा है। साथ ही पारंपरिक वेशभूषा को आधुनिक रूप में प्रस्तुत करने के समन्वित तरीकों पर भी विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
प्राचार्य डा. विक्रम यादव ने कहा कि इस प्रकार के कौशल-विकास कार्यक्रम छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होते हैं, जबकि डा. सीमा देवी ने छात्राओं को पूर्ण समर्पण और लगन के साथ प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के विस्तारित सत्रों से छात्राओं के आत्मविश्वास एवं दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि परिलक्षित हो रही है।
फोटो कैप्शन 05:कटिंग का प्रशिक्षण लेती छात्राएं
नितिन गुप्ता ने फिजिकल साइंस में की नेट
-अखिल भारतीय स्तर पर सामान्य वर्ग में मिला 29वां स्थान
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी नितिन गुप्ता ने सीएसआइआर द्वारा आयोजित नेट की परीक्षा पास की है। 18 दिसंबर 2025 को उनकी परीक्षा संपन्न हुई थी। उन्होंने सामान्य वर्ग में अखिल भारतीय स्तर पर 29वां स्थान मिला है। 40 वर्षी नितिन गुप्ता ने बीएससी यदुवंशी डिग्री कालेज महेंद्रगढ़ से पास की थी वहीं एमएससी की परीक्षा राव जय राम डिग्री कालेज महेंद्रगढ़ से पास की थी।
नेट की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर सामान्य वर्ग में 29वां स्थान मिलने पर अनेक लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
फोटो कैप्शन: नितिन गुप्ता
मां बेटी ने किया निशान अर्पित
-जैतपुर धाम पहुंची दोनों
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कनीना की आवाज। कनीना के वार्ड एक निवासी पत्रकार एवं लेखिका आशा यादव एवं उनकी पुत्री अमीशा यादव ने एक साथ निशान जैतपुर धाम, राजस्थान में अर्पित किया। कनीना से पदयात्रा सुबह शुरू की और दोपहर पश्चात 30 किलोमीटर दूर जैतपुर धाम दोनों मां एवं बेटी पहुंची। उन्होंने निशान अर्पित कर मन्नत मांगी। वैसे तो कनीना कस्बे से हजारों की संख्या में भक्तजन जैतपुर जा रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चे, बूढ़े और जवान सभी में श्याम के प्रति जोश है। जहां कनीना से 190 किलोमीटर दूर खाटू धाम स्थित है वही महज 30 किलोमीटर दूर जैतपुर धाम स्थित है। यह कनीना के नजदीक होने के कारण जैतपुर धाम जाने वाले भक्तों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। लगातार कनीना एक के बाद एक करके दो जत्थे निशान यात्रा के रूप में जैतपुर धाम पहुंचे हैं। वहीं कनीना की लेखिका एवं पत्रकार आशा यादव के साथ उनकी पुत्री अमीशा यादव भी निशान लेकर जैतपुर पहुंची और अपना निशाना अर्पित किया। उन्होंने बताया कि उन्हें खुशी है कि उन्होंने दूसरी बार यह निशान अर्पित किया है।
फोटो कैप्शन 11: आशा और अमीशा निशान यात्रा पर
रामबास में हिंदु सम्मेलन एक मार्च को
-एकता और अखंडता का दिया जाएगा संदेश
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कनीना की आवाज। राधा कृष्ण मंदिर रामबास में 01 मार्च को एक विशाल हिंदू सम्मेलन होने जा रहा है। यह जानकारी देते हुए आचार्य कृष्णानंद महाराज ने बताया कि हिन्दू जागरण कि दिशा को नई ऊर्जा एवं चेतना प्रदान करने हेतु सर्व हिन्दू सनातन संस्कृति, सनातन धर्म एवं सामाजिक एकता का प्रतीक हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन के माध्यम से समाज में एकता, अखंडता को बनाए रखने का संदेश दिया जाएगा। हिंदू सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं बल्कि हमारी संस्कृति परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का उत्सव है। यह वह मंच है जहां समाज एकत्र होकर अपने मूल्यों, इतिहास और गौरव को याद करता है तथा आने वाली पीढिय़ों को सही दिशा देने का संकल्प लेता है। हमारी सभ्यता ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया है मतलब पूरा संसार एक परिवार है। यही भावना हमें एक दूसरे के प्रति सम्मान, सेवा और सहयोग का मार्ग दिखाती है। ऐसा सम्मेलन समाज को संगठित करने युवाओं में आत्मविश्वास जगाने और सकारात्मक ऊर्जा भरने का कार्य करता है। जब हम अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं तभी हम आधुनिकता के साथ संतुलन बना पाते हैं। हिंदू सम्मेलन हमें अपनी आस्था के साथ-साथ कर्तव्य, नैतिकता और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा भी देता है।
फोटो कैप्शन 04: संत कृष्णानंद महाराज















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