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Tuesday, February 24, 2026



 





रामबास में हिंदु सम्मेलन एक मार्च को
-एकता और अखंडता का दिया जाएगा संदेश
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कनीना की आवाज।
राधा कृष्ण मंदिर रामबास  में 01 मार्च को एक विशाल हिंदू सम्मेलन होने जा रहा है। यह जानकारी देते हुए आचार्य कृष्णानंद महाराज ने बताया कि हिन्दू जागरण कि दिशा को नई ऊर्जा एवं चेतना प्रदान करने हेतु सर्व हिन्दू सनातन संस्कृति, सनातन धर्म एवं सामाजिक एकता का प्रतीक हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन के माध्यम से समाज में एकता, अखंडता को बनाए रखने का संदेश दिया जाएगा। हिंदू सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं बल्कि हमारी संस्कृति परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का उत्सव है। यह वह मंच है जहाँ समाज एकत्र होकर अपने मूल्यों, इतिहास और गौरव को याद करता है तथा आने वाली पीढिय़ों को सही दिशा देने का संकल्प लेता है। हमारी सभ्यता ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया है मतलब पूरा संसार एक परिवार है। यही भावना हमें एक दूसरे के प्रति सम्मान, सेवा और सहयोग का मार्ग दिखाती है। ऐसा सम्मेलन समाज को संगठित करने युवाओं में आत्मविश्वास जगाने और सकारात्मक ऊर्जा भरने का कार्य करता है। जब हम अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं तभी हम आधुनिकता के साथ संतुलन बना पाते हैं। हिंदू सम्मेलन हमें अपनी आस्था के साथ-साथ कर्तव्य, नैतिकता और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा भी देता है।
फोटो कैप्शन 08: संबंधित है




संत बालकनाथ मेले की हो गई है तैयारी
-शक्कर मेला और मोलडऩाथ नाम से है मान्यता
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कनीना की आवाज।
 कनीना के सबसे प्रसिद्ध एवं परम संत मोलडऩाथ मेले की तैयारियां जोरों पर चल रही है। 27 फरवरी को मेला लगेगा। झूले लग गए हैं तथा रंग पेंट आदि करके विभिन्न स्मारकों एवं मोलडऩाथ आश्रम के पास धार्मिक स्थलों को सजाया जा रहा है। झूले आदि लगाने वाले, मेले की शोभा बढ़ाने वाले, अनेक भक्त  करीब एक पखवाड़े से आए हुए हैं। घोड़ी और ऊंट की दौड़ के अलावा कुश्तियों का नजारा अति सुंदर होता है।
संत मोलडऩाथ पर ऊंट और घोडिय़ां की दौड़ शुरू की गई थी जो राजा महाराजाओं के समय से चलती थी। कनीना के संत आश्रम पर करीब 76 सालों से यह परंपरा चली आ रही है। शक्कर का प्रसाद पुराने समय से अर्पित किया जाता है। इसलिए इसे शक्कर मेला नाम से भी जानते हैं। जब से कनीना में मेले की परंपरा शुरू हुई और संत मोलडऩाथ ने विक्रमी संवत 2006 में समाधि ली तत्पश्चात से ही शक्कर का प्रसाद चढ़ाया जाता रहा है। उस समय शक्कर एवं घी किसानों के लिए प्रयोग की जाती थी, घरों में भी खाने के लिए काम में लाया जाता था। घी शक्कर का बोलबाला था। सबसे बड़ी विशेषता है कि यह मेला तीन दिनों तक चलता है। अपार साधु संत आते हैं। दूर दराज के विभिन्न राज्यों से ऊंट दौड़, घोड़ी दौड़ में भाग लेने के लिए भक्त पहुंचते हैं। खेलों का नजारा अति सुंदर होता है। आसपास के करीब एक सौ विभिन्न गांवों के लोग यहां पहुंचते हैं। कनीना में अगर किसी संत की मान्यता अधिक है तो संत मोलडऩाथ की है। संत मोलडऩाथ ने भी एक दर्जन विभिन्न स्थानों पर यात्रा की और तप किया था। आज भी उन स्थानों पर संत मोलडऩाथ की पूजा अर्चना की जाती है। मानसरोवर एवं नीमराना ऐसे क्षेत्र जहां संत ने अपना प्रभाव दिखाया था। कनीना में बालकरूप में आये थे इसलिए बालकनाथ कहलाए थे। किंतु मोलडऩाथ के नाम से विख्यात हैं क्योंकि संत मोलडऩाथ हर समय मोलड़ की तरह ही खाने पीने और हंसते गाते रहते थे। भक्तों का दर्द दूर करने में व्यस्त रहते थे। उनमें हैजा रोकने ओलावृष्टि को रोकने की अपार क्षमता थी। जिस जगह संत मोलडऩाथ ने तप किया और उनको समाधि दी थी आज आज उसी जगह संत मोलडऩाथ आश्रम बना है। कभी यहां सिर्फ एक बणी थी और एक जाल के पेड़ के नीचे संत ने अपना आश्रम बनाया था। जिस जोहड़ के किनारे संत ने तप किया था वह प्राचीन जोहड़ आज भी स्थित है और संत मोलडऩाथ की याद दिलाता है।
मोलडऩाथ के समकालीन बाबा रामेश्वर दास होते थे। संत रामेश्वरदास आश्रम सिरस वाला जोहड़ पर स्थित है। दोनों में गहन दोस्ती थी। संत मोलडऩाथ का देह त्याग प्रसंग भी संत रामेश्वर दास से जुड़ा हुआ है। दोनों ही पानी के नीचे कपाली खींचकर बैठ सकते थे। दोनों में होड़ लग गई कि कौन पानी के नीचे अधिक समय जीवित रह सके। संतरामेश्वरदास पानी से बाहर आ गए जबकि संत मोलडऩाथ पानी के नीचे बैठे रहे। ठंड लगने और निमोनिया होने के कारण संत मोलडऩाथ ने देह त्याग दी।
आज संत मोलडऩाथ आश्रम दर्शनीय स्थल और कनीना के बस स्टैंड के पास स्थित है। जबकि कनीना खास रेलवे स्टेशन सिकरी 3 किलोमीटर दूर है। सभी दिशाओं रेवाड़ी, दिल्ली, नारनौल, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, कोसली आदि से जुड़ा हुआ कनीना कस्बा है। यहां बहुत सुंदर मार्मिक नजारा देखने को मिल रहा है। बाबा का धुन सदा सजग रहता है। रामनिवास महाराज इस समय गद्दी पर वर्तमान में विराजमान है। सैकड़ों संतों ने यहां आकर तप किया है। ऐसे में कनीना की है भूमि संतों की तपोभूमि बन गई है। कनीना का युद्ध स्तर पर विकास नहीं हुआ किंतु कनीना का नाम विदेश तक प्रसिद्ध है। 27 फरवरी को शक्कर मेला लगेगा जो 3 दिनों तक चलता है। प्रसिद्ध ऊंट और घोडिय़ां की दौड़ एवं दंगल देखने लायक होता है। इतनी अधिक संख्या में भक्त पहुंचते हैं जो पुलिस द्वारा प्रशासन द्वारा काबू किए जाते हैं।
कनीना कस्बा को कोई भी व्यक्ति कहीं भी हो वह एक बार इस दिन जरूर पहुंचता है।
कनीना के डा. होशियार सिंह पत्रकार ,लेखक एवं साहित्यकार ने संत मोलडऩाथ के नाम प्रचार में अहम भूमिका निभाई है। आइएसबीएन नंबर की पुस्तक सहित चार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। जबकि आरतियां, बाबा चालिसा पर भी डा. होशियार सिंह यादव की कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। कनीना मंडी के भीम सिंह ने संत की मूर्ति निजी कोष से लगवाई थी जो आज भी विराजमान है। संत मोलडऩाथ नाम बढ़ता ही जा रहा है वहीं लोगों की आस्था बाबा के प्रति गहराती ही जा रही है। खाटू जाने वाले भक्त भी संत मोलडऩाथ  की पूजा अर्चना करके आगे बढ़ते हैं।
फोटो कैप्शन 05: मेले की तैयारियां
 06: संत की प्रतिमा




ग्रामीण क्षेत्र से अपार भक्त जा रहा है खाटू की ओर
-अपने साथ ले जाते हैं निशान
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कनीना की आवाज।
 कनीना ही नहीं अपितु हरियाणा के दूसरे जिलों तथा दूसरे राज्य से भारी संख्या में खाटू भक्त, खाटू की ओर रवाना हो रहे हैं।  जगह-जगह खाटू भक्तों के लिए शिविर लगे हैं जिनमें बेहतरीन प्रबंध किए गए हैं। भक्तों लिए उनके लिए खाने, ठहरने का प्रबंध, गर्म जल स्नान के लिए तथा दवाइयां आदि सब मौजूद हैं। घर में भी इतना बेहतर खाना नहीं बनता, उतना बेहतरीन खाना इन भक्तों को दिया जाता है। नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम का खाना आदि खूब दिए जा रहे हैं। कनीना से करीब 190 किलोमीटर दूर रिंगस से 17 किलोमीटर दूर खाटू धाम स्थित है। जहां जाने वाले भक्त अनेक साथ निशान लेकर चलते हैं और अनेक शंकाएं लेकर गुजरते हैं किंतु जब शिविरों से गुजरते हैं तब उन्हें किसी प्रकार का कष्ट अनुभव नहीं होता। इसलिए भक्तों की भारी भीड़ खाटू धाम की ओर रवाना हो रही है।
  यह सत्य है कि कुछ खाटू भक्त बीड़ी, सिगरेट, चिलम, गांजा पीते हुए भी देखे गए हैं। जिस जगह वातावरण शुद्ध था वहां कुछ भक्तों की वजह से अशुद्ध जरूर हुआ है। जहां शिविर लगाए गए हैं वहां मलमूत्र त्याग कर भी वातावरण दूषित हो रहा है। अधिकांश दूरी रेलवे ट्रैक के साथ-साथ पूर्ण होती है। कनीना से जाने वाले भक्त निजामपुर से रेलवे ट्रैक के साथ चलते हैं और रिंगस तक पहुंचाते हैं। रिंग्,स में भी बहुत बेहतरीन प्रबंध है परंतु रात के समय यदि रिंगस से खाटू श्याम धाम तक 17 किलोमीटर दूरी के लिए आना जाना चाहे तो किराया सो रुपए एक भक्त से लिया जा रहा है। खाटू श्याम धाम पौराणिक इतिहास समेटे हुए इसलिए बहुत प्रसिद्ध है। आज से 30 साल पहले बहुत कम भक्त जाते थे। इन भक्तों की संख्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है। यहां तक की जिनको खाटू धाम तक पहुंचना कठिन लैगता है विशेष कर बच्चे और महिलाएं वो राजस्थान के ही हुडिय़ा जैतपुर जाते हैं। हुडिय़ा जैतपुर की बच्चे एवं महिलाएं नृत्य करते हुए जाती हैं। कनीना से दो जत्थे जैतपुर के लिए भक्तों के हर वर्ष रवाना होते जिनमें 400 से 500 भक्त एक साथ निशान लेकर जाते हैं और जयकारे लगते हैं। चारों ओर खाटू श्याम के जयकारे गूंज रहे हैं। अब तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी खाटू श्याम सिर चढ़कर बोलता है। जो महिलाएं घर के अंदर कैद समझती थी वो भी आप खाटू के लिए खुलकर जाने लगी हैं। खाटू धाम भक्तों के लिए एक अत्यंत साहसिक एवं भक्तिमय वातावरण पैदा करता है। जगह-जगह शिविरों में भक्त नृत्य करते हुए देखे गए। ऐसा सुंदर नजारा शायद और कहीं नहीं देखने को मिलता।
 कोई राज्यों से भक्त पहुंचते हैं जिससे वातावरण सुंदर बन गया है। भक्तों के मनोकामना पूर्ण होती है, यही भक्तों का कहना है। यद्यपि बुजुर्ग व्यक्ति भी धीरे-धीरे इस धाम की ओर पहुंचते हैं। पैरों में छाले पड़ जाते किंतु मुख से खाटू श्याम का नाम सुमिरन करते हैं।
  कनीना के पत्रकार लेखक एवं साहित्यकार ने भी अपने दो साथियों संदीप कुमार पुत्र जीतराम चौधरी तथा बैंक के अधिकारी सतीश कुमार के साथ धाम की यात्रा की और अपना 17वां निशान अर्पित किया। भक्त भारी संख्या में निशान ले जा रहे हैं चारों ओर रेलवे ट्रैक के साथ निशान ही निशान नजर आते हैं। रिंगस से खाटू श्याम तक तो भारी संख्या में भक्तों के लिए पंडाल लगे हैं। भक्त 24 घंटे चलते रहते हैं।
फोटो सात संबंधित है




अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न
-सुरेंद्र चौधरी अध्यक्ष, वजीर सिंह महासचिव तो अरुणा घोष बनी वित्त सचिव
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कनीना की आवाज।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन का 2 दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन कुरूक्षेत्र  सैनी समाज धर्मशाला में सम्पन्न हुआ। राष्ट्रीय अधिवेशन में 400 प्रतिनिधि 100 आबजर्वर ने शिरकत की। सम्मेलन से लोटने के बाद रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की प्रदेश सचिव धर्मपाल शर्मा बताया की जिला महेंद्रगढ़ से जिला प्रधान घनश्याम शर्मा, जिला सचिव रोशन लाल, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की पूर्व राज्य वरिष्ठ उप प्रधान बिमला यादव व संतोष शर्मा ने दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया। अधिवेशन  में महासचिव द्वारा सांगठनिक, तथा कोषाध्यक्ष ने वित्त रिपोर्ट पेश की। सांगठनिक, कोषाध्यक्ष की रिपोर्ट पर 23 प्रतिनिधियों ने बहस में हिस्सा लिया। दोनों रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पास किया गया। अधिवेशन में आगामी 3 वर्षों के लिए सर्व सम्मति से सांगठनिक कमेटी का गठन किया गया
जिसमें सुरेंद्र चौधरी अध्यक्ष (बिहार) वजीर सिंह महासचिव (हरियाणा), अरुणा घोष वित्त सचिव (पश्चिम बंगाल) निर्मल दास,(उड़ीसा) ,
बी.कृष्णमूर्ति (तमिलनाडु) डी वेंकटेशवारलून(आंध्र प्रदेश) को सहायक महासचिव, एनचंद्र शेखर रेड्डी, जय धरण, सालिक मौलिकार, एसपी सिंह, अनंत सिन्हा, रामधर शर्मा, देविया मथा पट्टी, पला काजा, राजकुमार दुबे, करम सिंह धनौवा,  को उपाध्यक्ष, गुरु सिद्धा , सुरजीत दास, बुद्धा सरकर, मंजीत सैनी (पंजाब) कल्यानम नागेश्वर राव, रामेश्वर सिंह, हरभजन सिंह खुंगर, सतीश कुमार राणा, आरके थवायत, प्रभु दास, को सचिव निर्वाचित घोषित किया गया,
नव निर्वाचित केंद्रीय कमेटी को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। अधिवेशन के समापन अवसर पर नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने बोलते हुए कहा कि पेंशनर्स की मांगों को लेकर  आंदोलन जारी रहेंगा। धर्मपाल शर्मा राज्य प्रेस सचिव ने वजीर सिंह को अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन का राष्ट्रीय महासचिव बनने पर शुभकामनाएं व बधाई दी।
शर्मा ने बताया कि आगामी 26 फरवरी को देशभर में जिला मुख्यालयों पर आयोजित होने वाले प्रदर्शन में भी  भाग लेंगे । आंदोलन के दूसरे चरण में 21 अप्रैल को मांग दिवस के रूप में  देशभर में सभी जिलों व राज्यों की राजधानियों पर विशाल प्रदर्शन करेंगे, केंद्र सरकार लगातार किसान मजदूर कर्मचारी छात्र व पेंशनर्स के अधिकारों पर हमला कर रही है, जिस किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, उन्होंने मांग करते हुए कहा कि पब्लिक सेक्टर के संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। नए 4 खतरनाक लेबर कोड को खत्म किया जाए, पेंशन पर कोई आयकर न लगाया जाए।
फोटो कैप्शन 04: संबंधित फोटो है




कृष्ण कुमार का किया सम्मान समारोह
-पुलिस में उपनिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं कृष्ण कुमार
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कनीना की आवाज।
हरियाणा पुलिस में उपनिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त कृष्ण कुमार का पैतृक गांव सेहलंग में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समाजसेवी अतरलाल एडवोकेट के नेतृत्व में उन्हें साफा पहनाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता होशियार सिंह चेयरमैन ने की।
   अतरलाल ने कहा कि पुलिस विभाग से उपनिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त कृष्ण कुमार ने पहले भारतीय सेना में सराहनीय सेवाएं दी। इसके बाद हरियाणा पुलिस विभाग में सराहनीय तथा उत्कृष्ट जनसेवा कर इलाके का नाम रोशन किया। उन्होंने सेवा के दौरान हमेशा अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की भावना से कार्य किया। ग्रामीणों ने उनके सम्मान में समारोह आयोजित कर प्रेरक कार्य किया है। इससे युवाओं को आगे बढऩे, देशभक्ति और जनसेवा की प्रेरणा मिलेगी। सरपंच विनीत कुमार, होशियार सिंह चेयरमैन, रगबीर सिंह मुकदम, राजेन्द्र सिंह नम्बरदार, ओमप्रकाश पी.टी.आई., सतीश यादव, डा. कर्णसिंह, कृष्ण पंच, नवीन जांगड़ा, कैलाश सेठ, दान सिंह प्रजापत और रामबीर पंच ने भी कृष्ण कुमार की सेवाओं की सराहना करते हुए युवाओं से उनके आदर्श जीवन से सबक लेने की अपील की। इस अवसर पर प्रीतिभोज भी आयोजित किया गया।
फोटो कैप्शन 01: सेवानिवृत्त पुलिस उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार का सम्मान करते हुए





वार्ड एक में विकास की मिसाल बने नरेंद्र फौजी, लोगों में बढ़ा विश्वास
-कई बार किया गया उनका विरोध
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कनीना की आवाज।
नगरपालिका चुनाव को लगभग 11 महीने पूरे होने को हैं। इस अवधि दौरान वार्ड एक के नरेंद्र फौजी ने अपने कार्यों से अलग पहचान बनाई है।
पिछले 10-11 महीनों से वे पूरी लगन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने वार्ड के विकास कार्यों में जुटे हुए हैं। उनका एकमात्र उद्देश्य वार्ड का समुचित विकास और नागरिकों की सेवा करना है।
वार्ड एक की गलियां वर्षों से जर्जर अवस्था में थीं, सड़कों का निर्माण नहीं हुआ था। सफाई व्यवस्था खराब थी। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे रहते थे। इसके अलावा वार्ड में मौजूद तीन जोहड़ गाद से भरे हुए थे। चुनाव से पहले ही नरेंद्र फौजी ने इन समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए और जोहड़ों की सफाई के लिए टेंडर (टेंडर चुनाव से पहले ही लग गया था)लगवाकर कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करवाया।
इस दौरान उन्हें कई विरोध और दुव्र्यवहार का भी सामना करना पड़ा। यहां तक कि एक बार तो उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिशें भी की गईं, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। बल्कि वे और अधिक उत्साह के साथ विकास कार्यों में जुटे रहे।
हाल ही में होलिका दहन स्थल पर फैली गंदगी की सफाई का कार्य भी उनके नेतृत्व में तेजी से किया जा रहा है। उनके इसी समर्पण और कार्यशैली से लोग प्रभावित हैं।
नरेंद्र फौजी की कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनसेवा का जज्बा चर्चा का विषय बन गया है। अब अन्य वार्डों के लोग भी अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए उनसे संपर्क कर रहे हैं।
नागरिकों का मानना है कि सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और पार्षदों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए, ताकि नगर का समग्र विकास संभव हो सके और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
फोटो कैप्शन 02: वार्ड एक में गंदगी साफ करवाते हुए नरेंद्र फौजी




कैसे करें परीक्षा की तैयारी
सोशल मीडिया से दूरी दिला सकती है परीक्षा में अच्छे नंबर- प्राचार्य विजयपाल
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कनीना की आवाज।
परीक्षा का सिलसिला शुरू होने वाला है बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही अन्य कक्षाओं के बच्चे भी परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे हुए हैं। ऐसे में परीक्षा की तारीख पास आते ही विद्यार्थी अक्सर तनाव का शिकार व चिंता से घिरने लगते हैं। परिवार और शिक्षकों की उम्मीदें भी कई बार बच्चों में तनाव का कारण बन जाती है।
प्राचार्य विजयपाल यादव का कहना है कि सोशल मीडिया से दूरी परीक्षा में अच्छे नंबर दिला सकती हैं क्योंकि अनेक बच्चे सोशल मीडिया पर अपना समय व्यर्थ जाया करते है। अक्सर परीक्षा की तैयारी करते हुए बच्चों को यह समझ नहीं आता है कि वह कहां से शुरुआत करें ? परीक्षा की तैयारी करने से पहले एक टाइम टेबल जरूर बनाएं। टाइम टेबल को पालना करने से आप आराम से अपनी पढ़ाई भी कर पाएंगे और आपका आत्मविश्वास भी बना रहेगा।
एक बार दोहराई अवश्य करे। अगर आप परीक्षा से होने वाले तनाव को दूर रखना चाहते हैं, तो समय का उपयोग करते हुए रिवीजन शुरू कर दें, ताकि परीक्षा की तारीख नजदीक आने पर आपको घबराहट या तनाव महसूस ना हो। पढ़ाई के लिए अपना टाइम टेबल बनाते समय-समय पर ब्रेक को भी शामिल करे ताकि लगातार पढ़ाई करने से आपकी एकाग्रता में दिक्कत ना हो और साथ ही यह आपको शारीरिक और मानसिक तकलीफ भी ना दे सके।
अक्सर परीक्षा के दौरान बच्चे रात भर जाग कर तैयारी करते हैं। लेकिन ऐसा करना आपकी सेहत के लिए काफी हानिकारक हो सकता है। कोशिश करें कि परीक्षा की तैयारी करते समय 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें। अगर आप तनाव के बिना परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं, तो यह जरूरी है कि आप शारीरिक और मानसिक तौर पर एक्टिव रहें। व्यायाम, एक्सरसाइज, वाकिंग करते रहें। साथ ही संतुलित आहार का भी सेवन करें।
 सभी परीक्षार्थी अपने महत्वपूर्ण प्रश्नों के नोट्स भी बनाकर रखें, ताकि दोहराई में कोई असुविधा का सामना न करना पड़े तथा खुद को पहचानें, लक्ष्य तय करें, स्टूडेंट को अपनी ताकत और कमजोरी के बारे में पूरा ज्ञान होना चाहिए। योग्यता के आधार पर जब कोई लक्ष्य निर्धारण किया जाता है तो यह वास्तविक होता है। इस लक्ष्य के पूरा होने में कोई संदेह नहीं रहता है।
किसी  भी परीक्षा कि तैयारी के लिए प्लानिंग जरूरी है। तय कर लें कि आप दिनभर में परीक्षा की तैयारी के लिए कितना समय दे सकते हैं और एक जगह बैठकर एक साथ कितनी देर सेल्फ-स्टडी कर सकते हैं।
आपके माता-पिता आपको सबसे बेहतर जानते और समझते हैं अत: परीक्षा की तैयारी के  बारे में वे अपने स्तर पर जो सुझाव देंगे उसको अवश्य मानना चाहिए क्योंकि उसमें आपके माता पिता के मार्गदर्शन के साथ साथ प्यार और प्रेरणा भी मिलेगी।
फोटो कैप्शन: प्राचार्य विजयपाल



मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण पुरस्कार हेतु खंड कनीना के विद्यालयों का निरीक्षण
--कनीना मंडी स्कूल का हुआ निरीक्षण
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कनीना की आवाज।
खंड कनीना के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण पुरस्कार के लिए गठित निरीक्षण कमेटी ने आज आवेदनकर्ता विद्यालयों का दौरा किया। निरीक्षण टीम में सतीश कुमार ,प्राचार्य, पोता, महेंद्र गोयल प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाघोत तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पूजा खींची शामिल रहीं।
निरीक्षण के क्रम में टीम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय की विज्ञान प्रयोगशालाओं, खेलकूद गतिविधियों, सौंदर्यीकरण कार्यों, शौचालयों में जल व्यवस्था, खेल मैदान, पार्क तथा समग्र साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया गया।
टीम ने विद्यालय परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की भी जांच की तथा विद्यालय में संचालित शूटिंग रेंज का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सराहना की।
इसके उपरांत निरीक्षण दल ने राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला, कनीना मंडी भवन का भी निरीक्षण किया और आवश्यक बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर कनीना मार्केट कमेटी के अध्यक्ष जयप्रकाश कोटिया तथा विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक भी उपस्थित रहे। निरीक्षण टीम ने विद्यालय में किए गए सौंदर्यीकरण कार्यों एवं व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता, अनुशासन एवं आधारभूत सुविधाओं की गुणवत्ता ही विद्यालय की पहचान होती है।
खंड कनीना के विद्यालयों में चल रहे सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों को लेकर क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है तथा सभी विद्यालय पुरस्कार के लिए बेहतर प्रदर्शन का प्रयास कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन 03: सौंदर्यीकरण के लिए टीम जायज लेते हुए











जिला महेंद्रगढ़ में वार्ड वार मतदाता सूची तैयार करने का शेड्यूल जारी
-कनीना के पांच गांवों के वार्डों में होना है उप-चुनाव
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कनीना की आवाज। हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न कारणों से रिक्त हुए पदों को भरने के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए जिले में रिक्त पंच और सरपंच के पदों के लिए वार्ड वार मतदाता सूचियां तैयार करने का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।
यह जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत 19 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक विधानसभा मतदाता सूची के आधार पर वार्ड वार ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार की जाएगी। इसका प्रारंभिक प्रकाशन 2 मार्च 2026 को होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल वही व्यक्ति पंचायत मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं, जिनका नाम संबंधित गांव की विधानसभा मतदाता सूची में दर्ज है।
संबंधित गांवों के नागरिक निर्धारित केंद्रों पर जाकर सूची में अपने नाम की जांच कर सकते हैं और किसी भी त्रुटि की स्थिति में दावे व आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं।
ये हैं मतदाता-
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार वार्ड वार ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार करने का कार्य 19 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद 2 मार्च को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का सार्वजनिक प्रकाशन कर दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इच्छुक व्यक्ति 9 मार्च (शाम 4 बजे तक) अपने दावे और आपत्तियां संबंधित प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं, जिनका निपटारा 12 मार्च तक किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति इन निर्णयों से संतुष्ट नहीं है, तो वह 16 मार्च तक उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है, जिसका निपटान 19 मार्च तक होगा। आखिर में सभी संशोधनों के बाद 27 मार्च 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
कनीना के 5 गांवों में भी होगा उप-चुनाव-
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) कार्यालय के अनुसार महेंद्रगढ़ जिले के विभिन्न खंडों में रिक्त पदों पर उपचुनाव होने हैं। इसमें खंड अटेली नांगल के तहत ग्राम पंचायत फतेहपुर में सरपंच पद के लिए चुनाव होगा। इसके अतिरिक्त जिले के विभिन्न गांवों में पंचों के रिक्त पदों के लिए भी मतदान प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी?। इनमें मुख्य रूप से खंड कनीना के गांव छितरोली (वार्ड 7), स्याना का (वार्ड 11), कपुरी (वार्ड 2), धनौंदा (वार्ड 4), भोजावास (वार्ड 7), खंड महेंद्रगढ़ के गांव खुडाना (वार्ड 3), खंड नांगल चौधरी के गांव इकबालपुर नंगली (वार्ड 6), बुढवाल (वार्ड 3), खंड नारनौल के गांव थाना (वार्ड 7), खंड निजामपुर के गांव मारोली (वार्ड 4), नापला (वार्ड 3), खंड सतनाली के गांव ढाणा (वार्ड 4), नंगला (वार्ड 4), ढाणी कुमहारान (वार्ड 5) शामिल हैं। इन सभी संबंधित गांवों में वार्ड वार मतदाता सूची तैयार करने का कार्य अधिसूचना के अनुसार शुरू कर दिया गया है।



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