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Saturday, January 3, 2026



 
 विश्व ब्रेल दिवस- 4 जनवरी
विभिन्न विधियों से दिव्यांग बच्चों का पढ़ाया जा रहा है
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कनीना की आवाज।
संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 6 नवंबर 2018 को एक प्रस्ताव पारित किया था जिसके चलते हर साल 4 जनवरी को ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल के जन्मदिन को विश्व बरेली दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। तत्पश्चात से 4 जनवरी 2019 से लगातार लुई ब्रेल की याद में ब्रेल दिवस के रूप में मनाया जाता आ रहा है। ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल ने  दिव्यांग बच्चों के लिए विशेषकर दृष्टि बाधिक बच्चों के लिए एक लिपि बनाई जिसमें विभिन्न पुस्तकें भी प्रकाशित होती है। जिनका अध्ययन सीडब्ल्यूएसएन या दिव्यांग बच्चे प्रयोग करते हैं। आज के दिन विद्यार्थी के लिए समावेशित शिक्षा कार्यक्रम लागू किया गया है जिसमें विभिन्न विद्यार्थियों को अलग-अलग तरीके से सीखने का प्रयास किया जाता है। इस संबंध में विस्तृत चर्चा विशेष शिक्षक अमृत सिंह से हुई जिनके अनुसार--
  हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना, हरियाणा सरकार के अधीन, समावेशित शिक्षा कार्यक्रम चल रहा है। जिसके तहत जिला महेंद्रगढ़ में 775 दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 462 छात्र तथा 313 छात्राएं शामिल हैं।इन बच्चों में से दृष्टिबाधित 16,अल्प दृष्टि बाधित 61, मूक वधिर 70 आदि विभिन्न दिव्यांग छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
 कनीना खंड के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में कार्यरत विशेष शिक्षक अमृत सिंह राघव ने बताया कि कनीना खंड में 100 दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। हरियाणा सरकार द्वारा इन बच्चों के लिए सहायक उपकरण जैसे ब्रेल स्लेट, टेलर फ्रेम, छड़ी, मोटे छापे की पुस्तक, व्हील चेयर,  डिजिटल फोन आदि सहायक उपकरण उनको प्रदान किए जाते हैं।
इसके अतिरिक्त समय समय पर एस्कार्ट, अलाउंस, रीडर अलाउंस, गर्ल स्टाइफंड आदि जिनको आवश्यक हैं उन्हें प्रदान किये जाते हैं। जिला महेंद्रगढ़ के समावेशित शिक्षा कार्यक्रम के सहायक परियोजना समन्वयक डाक्टर धर्मवीर के अधीन 12 विशेष शिक्षक जिला महेंद्रगढ़ में कार्यरत हें जो दिव्यांग छात्र छात्राओं को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं जिनमें अटेली में तीन, कनीना में दो, नांगल चौधरी में दो, नारनौल में चार और महेंद्रगढ़ में एक विशेष शिक्षक कार्यरत है।
  कैसे दी जाती है इन बच्चों को शिक्षा-
 उन्होंने बताया की दृष्टि बाधित विद्यार्थियों को ब्रेल लिपि द्वारा अल्प दृष्टिबाधित विद्यार्थी को मोटे छापे की पुस्तकों द्वारा मूक वधिरों को सांकेतिक भाषा द्वारा और बाकी को मौखिक रूप से समझाया जाता है। इनके लिए रिसोर्स सेंटर बनाए गए हैं। जहां बच्चे आते जाते रहते हैं। यही नहीं शिक्षक भी फील्ड में जाकर उनके विद्यालय में उन्हें पढ़ते हैं। विद्यार्थियों के लिए छड़ी, व्हीलचेयर, ट्राई साइकिल मेडिकल असेसमेंट कैंप ,स्मार्टफोन आदि का प्रावधान भी किया गया है।
फोटो कैप्शन: अमृत सिंह विशेष शिक्षक।




तीसरे दिन भी आकाश में छाये रहे बादल
-सूर्य देव करता रहा आंख मिचौनी,
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कनीना की आवाज।
कनीना। कनीना शनिवार को तीसरे दिन भी बादल छाए रहे। जहां गत दिनों बूंदाबांदी हुई थी किंतु शनिवार को कोई बूंदाबांदी नहीं हुई। शीत लहर जारी है। जहां धुंध एवं कोहरा नहीं पड़ा किंतु ठंड बढ़ गई है जिसके चलते लोग घरों में दुबके रहे या फिर आग सेकते रहे।
 कनीना क्षेत्र में इस बार मौसम बार-बार बदल रहा है। कभी कड़ाके की ठंड तो कभी धुंध एवं कोहरा, कभी पाला जमा तो कभी मौसम साफ रहा है। जहां किसानों से चर्चा की गई तो किसानों ने बताया कि मौसम अभी फसलों के अनुकूल है। रबी फसलों के लिए पर्याप्त सर्दी चाहिए किंतु लंबे समय तक मौसम खराब रहे  एवं सूर्य न निकले तभी फसलों को कोई नुकसान होने का अंदेशा हो जाता है। बहरहाल अभी तक कोई फसल नुकसान होने की संभावना नहीं है। किसान अपनी फसलों को लगातार निहार रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि जल्दी उनकी फसल पक जाएगी। वैसे तो बसंत पंचमी 23 जनवरी की है और तब तक सरसों के लगभग सभी फूल समाप्त होने की संभावना बन गई है। इस बार सर्दी के चलते मधुमक्खी पालक भी नहीं आए हैं क्योंकि माना जा रहा है कि फसलों में कीटनाशक दवाई छिड़की जाती है जिससे मधुमक्खियां के मरने की संभावना बन जाती है। कनीना क्षेत्र में इस बार 20000 हेक्टेयर पर सरसों तो 8000 हेक्टेयर पर गेहूं की फसल खड़ी है। आने वाले समय में पता लग पाएगा की मौसम किस करवट बदलता है और फसलों पर क्या हश्र होता है।
 फोटो कैप्शन 9:कनीना में आकाश में छाए हुए बादल





वाल्मीकि धर्मशाला में कमरा निर्माण शुरू
-मंत्री आरती राव का जताया आभार दीपक चौधरी ने
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कनीना की आवाज।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के कोष से नगरपालिका कनीना के वार्ड 10 की बाल्मीकि धर्मशाला में एक कमरे और टीन शेड के लिए दी गई धन राशि द्वारा कार्य शुरू कर दिया गया।
पार्षद योगेश कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव नेे कनीना की बाल्मीकि धर्मशाला में की गई घोषणा के अनुसार अपने वादे को पूरा किया है। दीपक चौधरी  पार्षद  ने कहा कि मंत्री के प्रयासों से अनेक कार्यों को डी -प्लान के अंतर्गत ग्रांट देने का कार्य किया और आज वो कार्य शुरू हो चुके हैं। रेलवे फाटक के पुलिया से चंद्रहास की ढाणी तक के रोड का कार्य वर्क आर्डर पास हो गया है वो भी जल्द शुरू हो जाएगा। मुकेश नंबरदार ने बताया कि मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से कनीना के अनेक वार्डों की ग्रांट पास हो कर आने वाली है जिनका मंत्री ने एस्टीमेट मांग लिया है ताकि इनकी धन राशि पास करवाई जाए।
 इस मौके पर नरेंद्र फौजी, नवीन यदुवंशी, राकेश पार्षद, मनीष कुमार, देशराज, बिजेंद्र हेडमास्टर, भरपूर साहब आदि अनेक लोगों ने मंत्री आरती सिंह राव का आभार जताया है।
फोटो कैप्शन 06: कनीना में वाल्मीकि धर्मशाला में चल रहा निर्माण कार्य




चार दशकों से पत्रकारिता, लेखन और साहित्य साधना में लीन रोहित
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पांच दर्जन पुस्तकें आ चुकी हैं रोहित यादव की
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कनीना की आवाज। साहित्य जगत में रोहित यादव एक ऐसा नाम है जिसने अपने लेखन के द्वारा न केवल देशभर में ख्याति अर्जित की है बल्कि आज भी नवोदित रचनाकारों को आगे बढऩे के लिए एक मंच प्रदान कर रहे हैं। विगत चार दशकों से पत्रकारिता, लेखन और साहित्य साधना में लीन रोहित यादव की साहित्यिक कृतियों में करीब पांच दर्जन पुस्तकें शुमार हैं, जिनमें उपन्यास, लघुकथा संग्रह, निबंध संग्रह, दोहा संग्रह, कुंडली संग्रह आदि शामिल हैं।
रोहित जी की रचनाएं देश की प्रथम श्रेणी की सैकड़ों पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं इसके अतिरिक्त विभिन्न आकाशवाणी केंद्रों से प्रसारित हो चुकी हैं ।
श्रेष्ठ लेखन के लिए हरियाणा साहित्य अकादमी पंचकुला ने रोहित यादव को बालमुकुंद सम्मान, सूरदास सम्मान तथा अकादमी के सर्वोच्च पुरस्कार आजीवन साहित्य साधना सम्मान से भी विभूषित किया है।
रोहित यादव को लिम्का बुक आफ रिकार्डस, ओरिएंट बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड और भारत बुक आफ वल्र्ड रिकार्डस में नाम दर्ज किया गया है और उनको हरियाणा सरकार द्वारा आजीवन मुफ्त बस यात्रा पास भी प्रदान किया गया है।
चार दशक पूर्व रोहित ने जो साहित्यिक पौधा लगाया था, आज वह एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है जिसकी शाखाएं और टहनियां छतनार बनकर नवोदित रचनाकारों को आश्रय प्रदान कर रही हैं। रोहित को अपनी सेवाओं का फल आज भी मिल रहा है। उनके साहित्यिक अवदान को मद्देनजर रखते हुए देश की विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं ने बीते वर्ष 2025 में  उनको दो दर्जन से भी अधिक राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा गया है ।

रोहित ने अपने साहित्यिक जीवन में 82 पुस्तकों की भूमिकाएं तथा समीक्षाएं लिखकर लेखकों का हौंसला आफजाई किया है और शताधिक बार साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन कर नवोदित रचनाकारों को मंच प्रदान कर चुके हैं। जीवन के सत्तर साल पूर्ण कर लेने के बावजूद भी रोहित जी में कुछ और करने की महत्वाकांक्षा अभी शेष है। आशा की जानी चाहिए कि वर्ष 2026 में भी रोहित  साहित्यिक जगत को कुछ श्रेष्ठ देते रहने के लिए प्रयासरत रहेंगे ।
फोटो कैप्शन: रोहित यादव





दो गाये ली गई गोद तथा दिया दान
-अंकुर चौधरी ने 50 पेटी गुड़ दिया दान
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कनीना की आवाज।
 कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में विभिन्न लोगों ने गायों को गोद लिया तथा दान भी दिया। मिली जानकारी अनुसार माही राव मोतला कलां निवासी ने अपने जन्म दिन पर श्रीकृष्ण गौशाला में आकर एक गाय को गोद लिया तथा गायों को गुड़ खिलाया। वहीं जितेंद्र कुमार शर्मा ने एक गाय को गोद लिया और गायों को गुड़ खिलाया। इस मौके पर उनकी पुत्री अदिति एवं परिवार हाजिर रहा। इस मौके पर जहां श्रीकृष्ण गौशाला में अंकुर चौधरी ने 50 पेटी गुड़ का दान दिया। इन सभी का श्रीकृष्ण गौशाला पदाधिकारी ने अभिनंदन किया।
 भगत सिंह प्रधान श्रीकृष्ण गौशाला ने बताया कि गायों के लिए दिया गया दान कभी व्यर्थ नहीं जाता। जो लोग प्रत्यक्ष रूप से गायों की सेवा नहीं कर सकते वो परोक्ष रूप से गाय गोद लेकर भी सेवा कर सकते हैं। अब तक करीब 550 गाए गोली जा चुकी है तथा लोग दूरदराज से गायों की सेवा करने आ रहे हैं।
मिली जानकारी अनुसार जब से भगत सिंह प्रधान बने हैं तब से गौशाला में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आने वाले 6 महीनों में कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला हरियाणा की जानी-मानी गौशालाओं में से एक होगी। भगत सिंह प्रधान सुबह से शाम तक गौशाला की सेवा कर रहे हैं और वो भी निष्पक्षभाव की सेवा दे रहे हैं।
इस मौके पर मास्टर रामप्रताप, बलवान आर्य, कृष्ण प्रकाश, ओमप्रकाश ठेकेदार, पृथ्वी बोहरा आदि मौजूद रहे।
 फोटो कैप्शन 8: गायों को गोद लेते लोग



एनएसएस शिविर में  सावित्रीबाई फुले को किया याद
-बेवल में विक्रांत सेन ने डाला प्रकाश
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेवल में एनएसएस सात दिवसीय कैंप के तीसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के साथ की गई। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रवक्ता विक्रांत सेन ने स्वयंसेवकों को  सावित्रीबाई फुले के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले एक उच्च श्रेणी की समाज सुधारक और भारत में महिला शिक्षा की अग्रदूत थीं। वह भारत की पहली महिला शिक्षिकाओं में से एक थीं और उन्होंने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर लड़कियों के लिए कई स्कूल खोले। वे महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की प्रतीक हैं और आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं ।
अंग्रेजी प्रवक्ता दीपक शर्मा ने एनएसएस स्वयं सेवकों को श्रम के महत्व के बारे में समझाते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए परिश्रम और सही दिशा में किए गए प्रयास ही सफल होते हैं उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा की हमें सच्चे मन व पूरी लगन से लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर लैब सहायक धर्मपाल, तेजपाल  आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 07: विक्रांत सेन स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए



प्रदूषण से हो रही हैं प्रतिवर्ष लाखों मौत
-स्वयंसेवकों को प्रदूषण से बचाने के करने चाहिए उपाय-डाक्टर होशियार सिंह
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कनीना की आवाज।
प्रदूषण से  प्रतिवर्ष लाखों मौत हो रही हैं। स्वयंसेवकों को प्रदूषण से बचाने के करने चाहिए। ये विचार स्टेट अवार्डी शिक्षक डा. होशियार सिंह साहित्यकार ने कनीना के राजकीय माडल संस्कृति स्कूल कनीना में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर में विशेष संबोधन में व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि  प्रदूषण मुख्य रूप से
वायु, जल, मृदा और ध्वनि प्रदूषण के प्रकारों में बांटा गया है। जिनके कारण औद्योगीकरण, शहरीकरण, वाहनों का धुआं, कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग और अनुपयोगी शोर हैं। प्रदूषण के कारण हवा, पानी, मिट्टी और जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंचता है। प्रदूषण मानव गतिविधियों से उत्पन्न होते हैं और स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालते हैं।
    वायु प्रदूषण हवा में हानिकारक गैसों जिनमें कार्बन मोनोआक्साइड, सल्फर डाइआक्साइड, धूल के कणों और अन्य विषाक्त पदार्थों का मिलना, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है और बीमारियां होती हैं। वहीं जल प्रदूषण नदियों, झीलों और समुद्रों में औद्योगिक कचरे, घरेलू सीवेज, प्लास्टिक और रसायनों का मिलना, जिससे पानी पीने योग्य नहीं रहता। मृदा प्रदूषण मिट्टी में कीटनाशकों, उर्वरकों, औद्योगिक कचरे और प्लास्टिक जैसे हानिकारक पदार्थों का जमा होना, जिससे मिट्टी की उर्वरता कम होती है। जबकि ध्वनि प्रदूषण तेज और अवांछित शोर, जो यातायात, मशीनरी, लाउडस्पीकर और निर्माण कार्यों से आता है, जिससे तनाव और सुनने की क्षमता प्रभावित होती है।
  उन्होंने बताया कि रेडियोधर्मी प्रदूषण परमाणु गतिविधियों से निकलने वाले रेडियोधर्मी पदार्थों से होता है, जो अत्यंत घातक होता है। प्रदूषण उद्योगों से निकलने वाले धुएं और अपशिष्ट जल से वायु और जल प्रदूषण बढ़ता है। बढ़ती आबादी और निर्माण गतिविधियों से धूल और कचरा बढ़ता है। वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। कीटनाशकों और उर्वरकों का ज़्यादा इस्तेमाल मिट्टी और जल प्रदूषण करता है। अनुपचारित मल-मूत्र और ठोस कचरा जल और भूमि को दूषित करता है। जीवाश्म ईंधन का जलना ग्रीनहाउस गैसों को बढ़ाता है।  ज्वालामुखी विस्फोट जैसी प्राकृतिक घटनाएं भी प्रदूषण फैलाती हैं।
  डा. यादव ने बताया कि प्रदूषण से बचाव के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर कई तरीके बताये जिनमें मास्क पहनना, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना, पेड़ लगाना, कूड़ा न जलाना, घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना, और तुलसी, अदरक जैसी चीज़ों का सेवन करना। इसके अलावा, पानी और बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग और कम प्लास्टिक का प्रयोग भी महत्वपूर्ण है, ताकि प्रदूषण के स्रोतों को कम किया जा सके और हवा, पानी तथा मिट्टी को साफ रखा जा सके।
 उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन, साइकिल या पैदल चलने को प्राथमिकता दें, कारपूलिंग करें, और कम गाड़ी चलाएं। कूड़ा न जलाएं, प्लास्टिक का उपयोग कम करें, और कचरे को सही ढंग से निपटान करें। अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएं और हरियाली बढ़ाएं। बिजली और पानी की बचत करें, और ग्रीन क्लीनर जैसे पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों का उपयोग करें।प्लास्टिक की बोतलों और अन्य डिस्पोजेबल वस्तुओं के बजाय पुन: प्रयोज्य वस्तुओं का उपयोग करें। पत्तियां या कचरा न जलाएं, पटाखे न जलाएं। इन तरीकों को अपनाकर हम प्रदूषण को नियंत्रित कर सकते हैं और अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं।
 डा. यादव ने एड्स, धूम्रपान की हानियों एवं विभिन्न पकार की बीमारियों और उनके बचाव के बारे में भी जानकारी दी। इस मौके पर एनएसएस प्रभारी डा. मुंशीराम यादव ने भी विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर बलदीप प्राध्यापक, रवि यादव प्राध्यापक, अमृत सिंह विशेष शिक्षक, गुरदीप प्रवक्ता आदि मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 04 व 05: डा. होशियार सिंह स्टेट अवार्डी संबोधित करते हुए




थाना शहर कनीना पुलिस टीम ने शहर कनीना क्षेत्र से गुमशुदा नाबालिग बच्चे को परिजनों से मिलाया
-परिजन हुए खुश
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कनीना की आवाज।
थाना शहर कनीना की पुलिस टीम ने शहर कनीना से गुमशुदा नाबालिग बच्चे को उसके परिवार से मिलाकर सराहनीय कार्य किया है।
थाना शहर कनीना की पुलिस टीम ने कनीना क्षेत्र में लापता हुए एक प्रवासी परिवार की बच्चे को उसके परिजनों से मिलवाया। आज थाना शहर कनीना पुलिस टीम को सूचना मिली कि एक बच्चा गुम हो गया है। सूचना पर तुरंत प्रभाव से पुलिस ने बच्चे को ढूंढने के प्रयास शुरू कर दिए। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मात्र 30 मिनट में ही बच्चे को कोटिया-कनीना रोड से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और उसके परिजनों को सौंप दिया।
दरअसल बच्चा खेलते खेलते घर से दूर निकल गया था और रास्ता भटक गया था। परिजनों ने जब बच्चे को सकुशल देखा तो उनके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ आई, उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया।






6 जनवरी के धरने को लेकर तैयारियां जोरों पर
-अतरलाल के दौरे शुरू
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कनीना की आवाज।
बांग्लादेश में हिन्दुओं की हो रही हत्याओं और अत्याचारों को लेकर इलाके के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। इलाके के लोग हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में आगामी 6 जनवरी को उपमंडल अधिकारी नागरिक कनीना कार्यालय के समक्ष भारी संख्या में इकट्ठे होकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
  यह दावा प्रजा भलाई संगठन के नेता समाजसेवी अतरलाल ने भोजावास, सुन्दरह, कोका, गुढ़ा, कैमला गांवों में लोगों में धरना प्रदर्शन के लिए आमंत्रित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने लोगों से बांग्लादेश में रह रहे हिन्दुओं की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह समय बांग्लादेश में अत्याचार सह रहे हिन्दुओं के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने का है। बांग्लादेश के हिन्दुओं को अपनापन का एहसास कराना प्रत्येक भारतवासी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि 6 जनवरी के धरना प्रदर्शन को लेकर इलाके के लोगों में भारी उत्साह है। उन्होंने वहां हिन्दुओं की हत्याओं तथा अत्याचारों के लिए बांग्लादेश सरकार को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि सरकार दहशतगर्दों तथा आतंकवादियों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बांग्लादेश में पीडि़त हिन्दुओं की रक्षा के लिए केन्द्र सरकार स्तर पर सार्थक प्रयास करने की मांग की। इस अवसर पर उनके साथ सुभाष यादव, दानसिंह प्रजापत, भागसिंह चेयरमैन, कैलाश सेठ, राजबीर आदि संगठन पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 02: लोगों को धरना प्रदर्शन का निमंत्रण पत्र सौंपते अतरलाल।




संत मंदिर निर्माण के लिए दिये 22 हजार रुपये
दो भाइयों ने दिया दान, ट्रस्ट पदाधिकारियों ने किया उनका अभिनंदन
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कनीना की आवाज।
संत आश्रम निर्माण के लिए विभिन्न लोगों ने सहयोग दिया है।
आश्रम ट्रस्ट प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि उमेश यादव कनीना व डा. यादवेंद्र यादव दोनों भाइयों ने मिलकर 11-11 हजार रुपये का  सहयोग किया है।
 उमेश यादव ने कहा कि वह प्रतिदिन मंदिर में बाबा के दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर निर्माण का कार्य देखकर उनके मन में भी भावना जागृत हुई और उन्होंने यह सहयोग राशि मंदिर निर्माण के लिए अर्पित की। इस मौके पर मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने दोनों भाइयों की सराहना करते हुए कहा कि उनका सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है। उन्होंने डा.यादवेंद्र व उमेश यादव के पूरे परिवार का सम्मान स्मृति चिन्ह देकर किया और कहां कि हमेशा से उमेश यादव बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा रखते हैं। प्रतिदिन मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं। उनका हम दिल से आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने हमें इस सहयोग किया है। इस मौके पर कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे जिनमें रमेश, बलबीर साहब, प्रकाश साहब, मास्टर अनिल, संजीत, राजेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, अशोक डीपी, शिवचरण, शिव कुमार, लाल सिंह, पवन कुमार, सोनू यादव, महेंद्र यादव, अरविंद यादव व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: दानदाताओं को स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए।



प्राचार्य कुतरूं के कारनामे, इसी ब्लाग पर 14 जनवरी से
-पढ़ते रहिये कनीना की आवाज

साल में एक विज्ञापन भी नहीं दिया
-वो मेरे पास प्रकाशन हेतु न भेजे समाचार


Friday, January 2, 2026




 



बलिदानी रविपाल सिंह का 20वां बलिदान दिवस मनाया
-पाथेड़ा में किया बलिदानी को याद
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कनीना की आवाज।
गांव पाथेड़ा के शहीद रविपाल सिंह के 20वां बलिदानी दिवस पर एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।  गांव के गणमान्य व्यक्तियों के द्वारा उनकी वीरगाथा का गुणगान किया गया।
उन्होंने देश की सेवा करते हुए मणिपुर में 2006 के आपरेशन हिफाजत के दौरान प्राण न्यौछावर किये थे। वे अपने अंतिम सांस तक देश की रक्षा के लिए लड़ते रहे। इस मौके पर  नगरपालिका कनीना के  एडवोकेट दीपक चौधरी बतौर मुख्य अतिथि रहे, वही वशिष्ठ अतिथि के रूप में डा. प्रवीण यादव रहे।
 इस अवसर पर दीपिक चौधरी ने कहा कि बलिदानी किसी एक जाति-परिवार का नहीं होता क्योंकि शहीद पूरे राष्ट्र का होता है वो देश की सेवा करने के लिए सीमा पर रक्षा करता है। इस तरह शहीद रविपाल सिंह ने अपनी 24 वर्ष की आयु में अपने प्राणों की आहुति देश के लिए दी।
इस मौके पर बलिदानी की माता ओमवती देवी व उनके भाई अभिषेक तंवर ने बलिदानी रविपाल सिंह की वीरता की सराहना की।
इस मौके पर गांव के सरपंच जर्मन सिंह, कैप्टन मामन सिंह, सूबेदार सुखदेव सिंह, पूर्व जिला पार्षद सतपाल, नरेंद्र फौजी, सूबेदार सूबे सिंह, अनमोल तंवर आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 14: शहीद रविपाल को याद करते हुए





कनीना अनाज मंडी में व्यापार मंडल का नववर्ष मिलन समारोह आयोजित
-साफ-सफाई और पुलिस वेरिफिकेशन पर दिया जोर
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कनीना की आवाज।
कनीना की अनाज मंडी में व्यापार मंडल कनीना द्वारा नववर्ष के उपलक्ष्य में नववर्ष मिलन समारोह का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम कनीना डा. जितेंद्र सिंह अहलावत उपस्थित रहे।
 मुख्य अतिथि एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह अहलावत ने कहा कि व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारी जब भी किसी व्यक्ति को नौकरी पर रखें या अपनी संपत्ति किराये पर दें, तो उसका पुलिस वेरिफिकेशन अवश्य करवाएं, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाने की शुरुआत प्रत्येक व्यापारी को अपने दुकान और प्रतिष्ठान के बाहर साफ-सफाई से करनी चाहिए। इससे धीरे-धीरे पूरे शहर में स्वच्छता की सकारात्मक क्रांति आएगी। मार्केट कमेटी चेयरमैन जेपी कोटिया ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए बताया कि शीघ्र ही कनीना अनाज मंडी में अटल कैंटीन की शुरुआत की जाएगी। इसके साथ ही मंडी में टीन शेड निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा तथा नई अनाज मंडी की दीवारों के ऊपर तारबंदी करवाई जाएगी, जिससे चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। समारोह में उप-चेयरमैन दीपक गुप्ता, नगरपालिका प्रधान रिंपी, ब्लाक समिति चेयरमैन जयप्रकाश ककराला, पार्षद दीपक चौधरी एवं तनीष राव, व्यापार मंडल के प्रधान पूर्ण चंद, उप-प्रधान महेंद्र सेठ एवं महासचिव सुभाष यादव, गौरी शंकर, अशोक ठेकेदार (पूर्व प्रधान), विजय कुमार, हरीश, नरेंद्र प्रधान, राज सिंह, भीमसेन गोयल, अशोक कोका, विक्की पंसारी, विनोद भोजावास, यतीश गर्ग, राकेश गर्ग, विनीत बंसल, अखिल अग्रवाल, सुभाष गेरा, रोहतास सेठ, बजरंग सिंघल, घनश्याम शर्मा, प्रशांत यादव, राजेंद्र, राज, सत्यनारायण गोयल, बबलू, सुरेंद्र, पवन गोयल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 13: एसडीएम डा. जितेंद्र अहलावत संबोधित करते हुए





दौंगड़ा अहीर में एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ
-चेयरमैन मार्केट कमेटी अटेली रहे मुख्य अतिथि
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डोंगरा अहीर में राष्ट्रीय सेवा योजना  के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ शुक्रवार को उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि दिनेश जैलदार, चेयरमैन मार्केट कमेटी अटेली तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं सरपंच सुनीता देवी ने की।
मुख्य अतिथि दिनेश जैलदार ने एनएसएस स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया और सामाजिक जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने की प्रेरणा दी। सरपंच सुनीता देवी ने स्वयंसेवकों से समाज में नशा उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता फैलाने की अपील की। कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार एवं सह-प्रभारी पवन कुमार जांगड़ा ने शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की। विद्यालय के प्राचार्य विनोद कुमार यादव ने अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट किये। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ सदस्य श्रीमती रेणु प्रवक्ता, नीरज कुमार शर्मा, नरेंद्र, कर्ण सिंह, रूपेश, बाबूजी विक्रम एवं नंदलाल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 12: दौंगड़ा अहीर में एनएसएस शिविर






अतिक्रमण हटाने में असफल रही है नगरपालिका एवं प्रशासन
-अतिक्रमण का शिकार हैं जोहड़ एवं बणिया
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कनीना की आवाज।
कनीना की सभी बणियों का आकार घटता ही जा रहा है। आधा दर्जन बणिया हैं जिनमें से कोई भी बणी अपने वास्तविक आकार से आधी भी नहीं बची है। सरकार एवं प्रशासन ने कभी इन बणिया की पैमाइश नहीं करवाई है। यही कारण है कि बणिया में पक्के मकान, ट्यूबवेल एवं अतिक्रमण करके पेड़ों को नष्ट कर दिया है वहीं जमीन को कब्जा लिया है। पूर्व प्रशासक एसडीएम कनीना ने विगत दिनों अतिक्रमण करने वालों को नोटिस भी दिये थे किंतु अतिक्रमण हटाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई तथा बाद में नगरपालिका ने भी कोई कार्रवाई नहीं की है। लोगों की निगाहें सभी जोहड़ों तथा बणियों/जंगलों में किया हुआ अतिक्रमण हटवाने वालों पर टिकी हुई हैं।
  कनीना में करीब छह बणिया होती थी जिनमें से रणास, पीपलवाली, बड़ी बणी, छोटी बणी, मानका आदि प्रमुख थी। जहां बड़ी बणी में शिक्षण संस्थान, वाटर स्टोर केंद्र, गौशाला, आवास बनने के अतिरिक्त चारों ओर से अतिक्रमण के चलते बस नाम की बड़ी बणी रह गई है। इस बणी में पेड़ों को भारी क्षति हुई है और अभी भी अतिक्रमण जारी है। उधर छोटी बणी का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया है। यहां मोलडऩाथ आश्रम स्थित है।  रणास की बणी में कोई पेड़ नहीं बचा है यहां सीवर ट्रिटमेंट प्लांट लगा दिया गया है वहीं चारों ओर से अतिक्रमण हो चुका है। मानका एवं पीपलवाली बणी अब सिकुड़ती जा रही हैं। सबसे अधिक अतिक्रमण इन दोनो बणियों पर हुआ है और अभी भी जारी है। इन बणिया में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, ट्यूबवेल, आवास बनाने तथा किसानों द्वारा अतिक्रमण के चलते आधी से भी कम रह गई हैं। पीपलवाली बणी में तो सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए गंदा जल स्टोर किया जा रहा है। नगरपालिका ने विगत दशकों से इन बणिया की न तो सुध ली है और न पैमाइश करवाई है। अगर सभी बणिया की सुध ली जाए तो प्राप्त जमीन को बोली पर छोड़कर करोड़ों रुपये की आय प्राप्त हो सकती है वहीं जंगली जीवों का संरक्षण हो सकता है।
कुछ जन अवैध पक्के मकान बनाकर बिजली कनेक्शन, पानी आदि सभी सुविधाएं लेकर के सरकार को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
  मिली जानकारी अनुसार कनीना पालिका के करीब 335 कनाल 16 मरला जमीन कृषि योग्य है वहीं कोटिया गांव के पास रणास की बेणी(जंगल)32 कनाल पांच मरला है जहां सीवर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लग चुका है वहीं बड़ी बेणी करीब 800 कनाल की है जिसमें से 58 एकड़ डीएवी को 99 सालों के पट्टे पर, पांच एकड़ गौशाला के लिए तथा दस एकड़ वन विभाग एवं वाटर सप्लाई हेतु दिया हुआ है, 115 प्लाट भी बने हुए हैं। करोड़ों की लागत से कान्ह सिंह पार्क भी बना है। पीपलावाली बणी 125 कनाल, मानका वाली बणी 82 कनाल, दस मरला है। उधर धार्मिक स्थानों की होड़ भी बणियों में बढ़ गई है।
  सभी बणिया चारों ओर से पेड़ काटकर संकीर्ण बना डाली हैं वहीं अवैध निर्माण करके बिजली पानी कनेक्षन भी ले रखे हैं। जंगली जीव लुप्त हो गए हैं वहीं जंगलों के एक सिरे से दूसरे सिरे तक आर पार देखा जा सकता है। इनकी पैमाइश करवाकर पौधारोपण करवाने की मांग बढऩे लगी है।
कनीना की अधिकांश बणियों का अस्तित्व खतरे में--
आने वाले समय में  कनीना की बड़ी बणी, छोटी बणी,  मानका वाली बणी, रनास वाली बणी सभी महज कागजों तक सीमित रह जाएंगी। सरकार को पैमाइश करवा कर समस्त सरकारी जमीन अपने कब्जे में लेनी चाहिए। पेड़ों की कटाई करने वालों पर भी कार्रवाई की जाए।  लोगों का कहना है कि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया तो वो दिन दूर नहीं जब एक इंच जगह भी बणियों की नहीं बच पाएगी।
  आलम यह है कि जब भी कोई कार्यालय इन बणियोंं की जगह बनाये जाने की सोची जाती है तो वहां मौके पर जमीन उपलब्ध नहीं हो पाती है या जोहड़ बने दिखाये जाते हैं। वोट की खातिर भी बणियों की पैमाइश नहीं करवाई जाती है।
निवर्तमान प्रधान सतीश जेलदार ने कई बार उच्चाधिकारियों से बणियों की पैमाइश की मांग की थी किंतु सिरे नहीं चढ़ पाया। अब देखा जाना है कि कौन अतिक्रमण को हटा पाएगा?
फोटो कैप्शन 10: कनीना की छोटी बणी में इक्का दुक्का जाल के पेड़।





विभिन्न पर्वों के दृष्टिगत बाजार में आई मूंगफली,रेवड़ी, तिल एवं गजक की बहार
-13 जनवरी से चलेंगे पर्व
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कनीना की आवाज।
विभिन्न पर्वों के दृष्टिगत बाजार में मूंगफली, रेवड़ी, तिल एवं गजक, शकरकंदी, तिल आदि की बहार आ गई है। बाजारों में जहां भी देखे ठेलों पर तथा सब्जी की दुकानों पर ये पदार्थ सजे मिलते हैं। 13 जनवरी को लोहड़ी का पर्व आ रहा है जब रेवड़ी एवं मूंगफली जमकर खाई जाती हैं। वहीं 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर गुड़, मूंगफली, शक्कर, शकरकंदी, गजक जमकर खाई जाती हैं वहीं 6 जनवरी को तिल कुटनी का व्रत आ रहा है जब महिलाएं व्रत रखती हैं तथा तिल कूटकर खाती हैं।
लोहड़ी-
13 जनवरी को देशभर में लोहड़ी का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व पंजाबी समुदाय के विशेष होता है।
इस पर्व से जुड़ी यादों के बारे में सुभाषचंद धींगड़ा ने बताया कि पर्व लोहड़ी से पंजाब में दुल्ला भट्टी का नाम जुड़ा है। इनका जिक्र लोहड़ी से जुड़े हर गीत में भी किया जाता है। कहा जाता है कि मुगल काल में बादशाह अकबर के समय में दुल्ला भट्टी नाम का एक युवक पंजाब में रहता था। कहा जाता है कि एक बार कुछ अमीर व्यापारी कुछ समान के बदले इलाके की लड़कियों का सौदा कर रहे थे। तभी दुल्ला भट्टी ने वहां पहुंचकर लड़कियों को व्यापारियों के चंगुल से मुक्त कराया। और फिर इन लड़कियों की शादी हिन्दू लड़कों से करवाई। इस घटना के बाद से दुल्ला को भट्टी के नायक की उपाधि दी गई और हर बार लोहड़ी पर उसी की याद में कहानी सुनाई जाती है।
मकर संक्रांति-
 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व मनाया जाएगा। इस पर्व पर  गजकए शकरकंदी एवं मूंगफली अधिक मांग रहती है तथा रात भर लोग ईंधन जलाकर उस के समीप बैठे इन पदार्थों का सेवन करते हैं।
  कनीना के बाजार में मूंगफली, गजक और रेवड़ी का भी बोल बाला है। मूंगफली, गजक, रेवड़ी जैसे पदार्थ 13 जनवरी व 14 जनवरी को जम कर खाए जाते हैं। पूरी रात लोग आग के पास बैठे रहते हैं और इन पदार्थों का उपयोग करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सुबह सवेरे जल्दी उठकर स्नान किया जाना भी बेहद लाभकारी हैं। इस दिन दान पुण्य की परंपरा चलती रहती है। इस पर्व पर दिनभर गुड़ का चूरमा एवं दाल खाई जाती है जो पुराने समय से चली आ रही है।
मूंगफली,रेवड़ी, तिल एवं गजक बेचने वाले रोहित कुमार तथा योगेश कुमार ने बताया कि पर्वों को ध्यान में रखते हुए इन पदार्थों को अधिक मात्रा में रखा जाता है ताकि उनकी बिक्री हो सके और वे अपनी रोटी रोटी कमा सके। इस बार विगत वर्ष की तुलना में मूंगफली,रेवड़ी, तिल एवं गजक करीब 20 रुपये किलो महंगी हैं। मूंगफली 125 रुपये प्रति किलो तक बेच रहे हैं।
तिल कुटनी-
क्षेत्र में 06 जनवरी को तिल कुटनी का व्रत आ रहा है जिसमें तिल एवं गुड़ की मांग अधिक होती है। इस पर्व पर तिलों को कुटकर तथा चासनी में डालकर बनाई गई विशेष प्रकार की केक खाकर मनाया जाता है। अविवाहित महिलाएं अपने सुपति की कामना से तो विवाहित महिलाएं अपने पुत्र एवं भाई  एवं पति की मंगलकामना के लिए व्रत करती हैं। चांद को देखकर तथा उसे अघ्र्य देकर ही इस व्रत का समापन किया जाता है। ऐसे में बाजार में तिल आ गये हैं जो विवाहित लड़कियों तक उसके परिजन पहुंचाने जा रहे हैं जिसे त्योहारी नाम से जाना जाता है।
ठेले एवं दुकानों पर सजे सामान.
जहां सब्जी की दुकानों पर शकरकंदी भारी मात्रा में आ रही हैं जो 40 रुपये किलो तक बिक रही हैं। विगत वर्ष 25 रुपये किलो तक भाव था। ठेले पर रेवड़ी लगाने वाले शिव कुमार, देवेश कुमार, नरेश कुमार ने बताया कि 180 रुपये किलो तक रेवड़ी बेची जाती हैं। रेवड़ी एवं गजक के लिए रेवाड़ी एवं रोहतक मशहूर हैं जहां से बनकर आती हैं। मार्केट में वर्तमान में कुछ दिनों तक इन्हीं पदार्थों का जोर रहेगा। ग्राहक भी खूब आ रहे हैं। इनसे रोटी रोजी भी सैकड़ों ठेले वाले कमा रहे हैं।
फोटो कैप्शन 9: मूंगफली,रेवड़ी, तिल एवं गजक तिल बेचते हुए।




70 प्रतिशत घरों में लग गए हैं आरओ
- दुकानदार भी लेते हैं गाडिय़ों द्वारा सप्लाई किया जाने वाला आरओ का पानी
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कनीना की आवाज।
कनीना और आसपास क्षेत्र में जहां जलस्तर गिरता ही जा रहा है वही पेयजल का अभाव होने से 70 फीसदी घरों में आरओ लगवा लिए गए हैं। चाहे आरओ के कुछ लाभ तो वही हानियां भी बताई जा रही है किंतु मजबूरीवश कनीना क्षेत्र में आरओ की मांग बढ़ती जा रही है। हर छोटे और बड़े शहरों गांवों में आरओ की दुकानें खुली हुई है। न केवल आरओ लगाए जाते हैं अपितु उनको ठीक भी किया जाता है। वहीं आरओ के प्रति रुझान देखने को मिल रहा है।
जब कभी लोग सफर पर जाते हैं तो भी आरओ जल की बोतल खरीद कर पीने को मजबूर हो जाते हैं । कनीना और आसपास क्षेत्र में क्षेत्र में फ्लोराइड युक्त पानी है वहीं खारा जल अधिक है जिसके चलते आरओ की मांग बढ़ी है। कनीना क्षेत्र इसराणा एवं ढाणा सहित आसपास के गांवों में जल में फ्लोराइड की मात्रा अधिक है जो दांतों को खराब कर देता है और पीलेपन का कारण बनता है। वहीं विभिन्न गांवों के जल में भी फलोराइड के अतिरिक्त अन्य हानिकारक तत्व पाए गए हैं वहीं टीडीएस 5000 से 6000 के बीच भी जल में देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि लोग टीडीएस घटाकर आरओ का पानी प्रयोग कर रहे हैं। कनीना और आसपास की दुकानदार आरओ का पानी सप्लाई करने वाले गाडिय़ों से प्रतिदिन जल का कैन लेते हैं जो सिद्ध करता है कि यहां का पीने योग्य जल कम होने से परेशान हैं। यही कारण है कि आप का पानी सप्लाई करने वालों की मांग बढ़ती ही जा रही है। विवाह शादी और किसी भी उत्सव आदि में भी आरओ का पानी इन गाडिय़ों से मंगवाया जाता है।
 कनीना क्षेत्र के गांव धनौंदा, सीहोर, सेहलंग, कनीना सहित दर्जनों गांवों में कहीं अधिक तो कुछ क्षेत्रों में कम खारा जल पाया जाता है। पीने योग्य जल न होने के कारण आरओ मजबूरी है।
 क्या कहते हैं आरओ का काम करने वालों का-
कनीना क्षेत्र के आरोप के काम करने वाले अशोक कुमार का कहना है कि 70 प्रतिशत से अधिक घरों में आरओ लगवाए जा चुके हैं। जो आरओ नहीं लगवाते वो आरओ का पानी सप्लाई किये जाने वाली गाडिय़ों का पानी पी रहे हैं, उनकी यह मजबूरी है। उन्होंने कहा बताया कि आरओ में एक ही गुण है कि कितना भी खराब जल या खारी जल या अन्य विषैला तत्वों से युक्त क्यों न हो उनको भी पीने योग्य बना देता है। जिसके कारण भी लोग आरओ की तरफ  लालायित हैं। उन्होंने बताया कि आरओ घरों के उद्देश्य के लिए और व्यावसायिक उद्देश्य के लिए भी स्थापित हो रहे हैं। जहां कुछ जगह फिल्टर की जरूरत होती तो वहां फिल्टर भी प्रयोग किया जा रहे हैं जहां आप की मांग होती है मां और स्थापित किया जा रहे हैं। आरओ की कीमत भी अब इतनी अधिक नहीं होती कि जिसे प्रयोग नहीं किया जा सके? यही कारण है कि विभिन्न शिक्षण संस्थानों कार्यालय में आरओ लगा दिए गए हैं और आजकल आरओ में अल्ट्रावायलेट किरण भी प्रयोग होने लगा है जिससे किसी हानिकारक रोगाणु आदि भी पूर्णतया नष्ट हो जाते हैं। उनका कहना है कि आरओ आज के दिन सिर चढ़कर बोलता है और लोग आरओ के पानी को विश्वास के साथ पी लेते हैं। नहर पर आधारित पेयजल सप्लाई का जल का टीडीएस अच्छा मिलता है जो पीने योग्य होता है।
क्या कहते हैं डाक्टर-डा. जितेंद्र मोरवाल उप-नागरिक अस्पताल कनीना ने बताया कि क्षेत्र का जल कठोर है जिसमें फ्लोराइड अधिक पाया जाता है जो फ्लोरोसिस और दांतों के रोग कर देता है। फ्लोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के कैल्शियम को हटाकर फ्लोराइड जुड़ जाता है जिससे घुटनों के दर्द, कमजोरी आ जाती है। ऐसे में सबसे सरल उपाय पानी को उबालकर ाठंडा होने के लिए रख दे। कुछ समय पश्चात नीचे का करीब एक से डेढ़ इंच छोड़कर बाकी किसी बर्तन में उड़ेल ले। यह जल स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा या फिर जल को साफ करने वाले आरओ जैसे यंत्र लगाने चाहिए किंतु ध्यान रहे टीडीएस 100 पीपीएम के आसपास होनी चाहिए।
फोटो कैप्शन: अशोक कुमार एवं डा. जितेंद्र मोरवाल




धनौंदा में शुरू हुआ 7 दिवसीय एनएसएस शिविर
--प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने नशे की बुराइयों पर डाला प्रकाश
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनौंदा में राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय कैंप का शुभारंभ हुआ।
विद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी एवं राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता राजेश कुमार ने शिविर में समयबद्धता तथा अनुशासन पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों के सर्वांगीण विकास पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व तथा राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में बताया।
   इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार के अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने स्वयं सेवकों का आह्वान किया कि वे देश के लिए सर्वस्व अर्पण करने के लिए तैयार रहें। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मिथिलेश कुमार, संस्कृत के पूर्व प्रवक्ता राजेश कुमार, कला अध्यापिका पूनम देवी, एसएमसी कमेटी के प्रधान करतार सिंह तथा गौरव सहित विद्यालय के स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 07: एनएसएस प्रभारी राजेश कुमार स्वयंसेवकों को जानकारी देते हुए



भडफ़ में आयोजित हुआ हेल्थ चेकअप कार्यक्रम
- 0 से 6 आयु वर्ग के 80 की, की गई स्वास्थ्य जांच
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कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के गांव भडफ़ के आंगनबाड़ी केंद्र पर 0 से 6 आयु वर्ग के 80 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। स्वास्थ्य जांच करने के लिए कनीना उप- नागरिक अस्पताल के डा.विनय शर्मा पहुंचे।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य जांच करने पर कुछ बच्चों में सर्दी, जुकाम, खांसी पाई गई वही कुछ बच्चे जन्मजात दोष, एनीमिया, कुपोषण के शिकार पाए गए जबकि कुछ बोलने और सीखने संबंधी रोगों से पीडि़त पाए गए तो कुछ को सांस लेने की दिक्कत तथा मध्यम दर्जे के कुपोषण के शिकार पाए गए।
 डा. शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य जांच के मौके पर दवाई नहीं ली है जाती अपितु बच्चों की जांच की जाती है और उन्हें विभिन्न प्रकार की बीमारियों के अनुसार अलग-अलग अस्पताल में रेफर किया जाता है। जहां रोग को पूर्ण रूप से जांचा जाता है तत्पश्चात दवाई दी जाती है।
 इस मौके पर डा. निकिता शर्मा, राजकुमार फार्मासिस्ट, सुनीता एएनएम के अतिरिक्त उर्मिला यादव आंगनवाड़ी वर्कर, शकुंतला आंगनवाड़ी सहायिका उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 01: बच्चों की जांच करते स्वास्थ्य कर्मी




नव वर्ष पर कई गाये ली गई गोद तथा दिया दान
-अंकुर चौधरी ने 25 पेटी गुड़ दिया दान
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कनीना की आवाज।
 कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में नववर्ष आगमन पर विभिन्न लोगों ने गायों को गोद लिया तथा दान भी दिया। मिली जानकारी अनुसार जगदीश कनीना निवासी ने श्रीकृष्ण गौशाला में आकर एक गाय को गोद लिया तथा 5100 रुपए का दान दिया। वहीं राहुल कनीना निवासी ने एक गाय को गोद लिया और 5100 रुपए का दान दिया। मास्टर सुरेंद्र सोनी भडफ़ निवासी ने गायों के लिए 14000 रुपए का दान दिया। इस मौके पर जहां श्रीकृष्ण गौशाला में अंकुर चौधरी ने 25 पेटी गुड़ का दान दिया। इन सभी का श्रीकृष्ण गौशाला पदाधिकारी ने अभिनंदन किया।
 भगत सिंह प्रधान श्रीकृष्ण गौशाला ने बताया कि गायों के लिए दिया गया दान कभी व्यर्थ नहीं जाता। जो लोग प्रत्यक्ष रूप से गायों की सेवा नहीं कर सकते वो परोक्ष रूप से गाय गोद लेकर भी सेवा कर सकते हैं। अब तक करीब 550 गाए गोली जा चुकी है तथा लोग दूरदराज से गायों की सेवा करने आ रहे हैं।
मिली जानकारी अनुसार जब से भगत सिंह प्रधान बने हैं तब से गौशाला में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आने वाले 6 महीनों में कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला हरियाणा की जानी-मानी गौशालाओं में से एक होगी। भगत सिंह प्रधान सुबह से शाम तक गौशाला की सेवा कर रहे हैं और वो भी निष्पक्षभाव की सेवा दे रहे हैं।
इस मौके पर मास्टर रामप्रताप, बलवान आर्य, कृष्ण प्रकाश, रामपाल यादव, राजेश वर्मा, करण सिंह, अमीर सुपरवाइजर आदि मौजूद रहे।
 फोटो कैप्शन 6: गायों को गोद लेते लोग




दूसरे दिन भी आकाश में छाये रहे बादल
-सूर्य देव करता रहा आंख मिचौनी, शीतलहर जारी
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कनीना की आवाज।
 कनीना शुक्रवार को दूसरे दिन भी बादल छाए रहे। जहां गत दिनों बूंदाबांदी हुई थी किंतु शुक्रवार को कोई बूंदाबांदी नहीं हुई। शीत लहर जारी है। जहां धुंध एवं कोहरा नहीं पड़ा किंतु ठंड बढ़ गई है जिसके चलते लोग घरों में दुबके रहे या फिर आग सेकते रहे।
 कनीना क्षेत्र में इस बार मौसम बार-बार बदल रहा है। कभी कड़ाके की ठंड तो कभी धुंध एवं कोहरा, कभी पाला जमा तो कभी मौसम साफ रहा है। जहां किसानों से चर्चा की गई तो किसानों ने बताया कि मौसम अभी फसलों के अनुकूल है। रबी फसलों के लिए पर्याप्त सर्दी चाहिए किंतु लंबे समय तक मौसम खराब रहे  एवं सूर्य न निकले तभी फसलों को कोई नुकसान होने का अंदेशा हो जाता है। बहरहाल अभी तक कोई फसल नुकसान होने की संभावना नहीं है। किसान अपनी फसलों को लगातार निहार रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि जल्दी उनकी फसल पक जाएगी। वैसे तो बसंत पंचमी 23 जनवरी की है और तब तक सरसों के लगभग सभी फूल समाप्त होने की संभावना बन गई है। इस बार सर्दी के चलते मधुमक्खी पालक भी नहीं आए हैं क्योंकि माना जा रहा है कि फसलों में कीटनाशक दवाई छिड़की जाती है जिससे मधुमक्खियां के मरने की संभावना बन जाती है। कनीना क्षेत्र में इस बार 20000 हेक्टेयर पर सरसों तो 8000 हेक्टेयर पर गेहूं की फसल खड़ी है। आने वाले समय में पता लग पाएगा की मौसम किस करवट बदलता है और फसलों पर क्या हश्र होता है।
 फोटो कैप्शन 5:कनीना में आकाश में छाए हुए बादल



वार्ता समिति में संपादक बने सत्यवान
-फूल मालाओं से किया गया अभिनंदन
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कनीना की आवाज।
बूचावास सब डिवीजन में सत्यवान यादव को हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन द्वारा वार्ता समिति में संपादक का पद मिलने पर सभी कर्मचारियों द्वारा पगड़ी पहनाकर और फूल मालाओं से सम्मान किया गया।
बूचावास में एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसकी अध्यक्षता सतीश जेई सीहोर ने की तथा मंच का संचालन रमेश फोरमैन द्वारा किया गया। इस मौके पर सुनील वर्मा सचिव, उप-प्रधान दिनेश, सोमबीर लाइनमैन, कैशियर आलोक, बंशीराम फोरमैन, दीपक लाइनमैन, सुनील यूडीसी, मुकेश यूडीसी, सपना एलडीसी, संजीत लाइनमैन, जितेंद्र लाइनमैन, अंचल, नवीन ,गोपाल, राजकुमार, गोपाल, कृष्ण इत्यादि कर्मचारी मौजूद रहें।
फोटो कैप्शन 04: सत्यवान का अभिनंदन करते हुए





सात दिवसीय एनएसएस शिविर शुरू
--52 स्वयंसेवक ले रहे हैं भाग
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में सात दिवसीय एनएसएस कैंप का शुभारंभ प्राचार्य सुनील खुडानिया ने किया। प्राचार्य सुनील खुडानिया ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस के माध्यम से बच्चों को अनुशासन, नैतिक सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना सिखाया जाता है। तथा अपने आपको कैसे समाज में समायोजित किया जाता है इस पर भी प्रकाश डाला। स्वयंसेवकों को पढ़ाई के ऊपर विशेष ध्यान रखते हुए अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना चाहिए।
 एनएसएस कैंप के इंचार्ज डा. मुंशीराम ने सभी स्वयंसेवकों को संबोधित किया और कहा कि इस सर्दी के मौसम में सभी को एक तो अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना है। और सभी सामाजिक गतिविधियों में सकारात्मक सोच से भाग लेना है। इस कैंप के तहत विद्यालय की सफाई का विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वयंसेवकों से श्रमदान भी लिया जाएगा। स्वयंसेवकों को विभिन्न को पाठ्यक्रम से संबंधित गतिविधियों से अवगत करवाया जाएगा। यह कैंप 8 जनवरी तक चलेगा जिसमें 52 स्वयंसेवक भाग लेंगे। इस अवसर पर रवि यादव प्रवक्ता इंग्लिश, नरेश कुमार प्रवक्ता हिंदी ,बलदीप प्रवक्ता इतिहास , अमृत सिंह राघव विशेष शिक्षक व लोक गायक  विशेष रूप से उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: एनएसएस शिविर का शुभारंभ करते प्राचार्य




बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में संगठन देगा धरना
-6 जनवरी को एसडीएम कार्यालय समक्ष दिया जाएगा धरना
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कनीना की आवाज।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में आगामी 6 जनवरी को उपमंडल अधिकारी नागरिक कनीना के कार्यालय के समक्ष प्रजा भलाई संगठन के कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करेंगे।
 यह घोषणा संगठन के अतरलाल एडवोकेट ने खेड़ी तलवाना गांव के बाबा भोलागिरी आश्रम में आयोजित विशाल भंडारा में प्रसाद ग्रहण करने के बाद श्रद्धालुओं से विचार विमर्श करने के बाद की। उन्होंने बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि पड़ोसी बांग्लादेश में चुन-चुन कर हिंदुओं की हत्याएं की जा रही हैं। उनके घरों में आग लगाई जा रही है। बहन-बेटियों- माताओं का अपहरण कर दुराचार किया जा रहा है। वहां हिन्दुओं का रहना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हो रहे हिन्दुओं पर अत्याचार के कारण हर भारतवासी में रोष व्याप्त है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से तत्काल कारगर कदम उठाकर बांग्लादेश में रह रहे हिन्दुओं की जान-माल की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने के लिए बांग्लादेश सरकार पर पूरा दबाव बनाने व राजनयिक कार्यवाही करने की मांग की। उन्होंने भंडारा में उपस्थित साधु संतों तथा श्रद्धालुओं से आगामी 6 जनवरी को उपमंडल अधिकारी (ना.) कनीना के कार्यालय के समक्ष किए जा रहे धरना प्रदर्शन में बढ़ चढ़़ कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा इस दौरान प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी उपमंडल अधिकारी नागरिक कनीना के मार्फत भेजा जाएगा।
फोटो कैप्शन 03: खेड़ी तलवाना में आयोजित भंडारा में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु






















कुतरूं प्राचार्य के कारनामे कृति की कडिय़ां पढ़े 14 जनवरी से, कनीना की आवाज में

Thursday, January 1, 2026




 



ककराला गांव की शादी आज भी सुर्खियों में....
युवक ने करोड़ों का दहेज ठुकराकर की है शादी
-युवाओं के लिए प्रेरणा एवं माडल बनकर उभरा है राजकुमार
--एसडी स्कूल के चेयरमैन का पुत्र है राजकुमार
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के गांव ककराला की जहां 11 दिसंबर 2025 की शादी संपूर्ण युवा पीढ़ी को भविष्य के लिए भी एक मार्गदर्शक और प्रेरणा का काम करती रहेगी। उच्च योग्यता प्राप्त युवा ने दान दहेज न लेकर महज एक रुपए से शादी करके यह सिद्ध कर दिया है कि युवा चाहे तो क्या नहीं कर सकता वो तो सचमुच देश का भविष्य होता है। लड़की वाले दहेज दे देकर आर्थिक रूप से इतने कमजोर हो जाते हैं कि जीवन भर नहीं उभर पाते।
यादव युवा पीढ़ी में ऐसा उदाहरण पहली बार देखा गया कि जिसने सिद्ध कर दिया कि दुल्हन सबसे बड़ा दहेज है। उनकी शादी को लेकर के अब राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किए जाने की भी मांग उठ चली है ताकि युवा पीढ़ी के लिए एक माडल युवा बन सके।
 शादी के बारे में क्षेत्र के जाने माने एसडी स्कूल ककराला के निदेशक  एवं राजकुमार लड़के के पिता ने बताया कि 18 सितंबर 2025 को पहली बार सीगड़ा गांव से तीन लोग जिनमें लड़की का पिता डा. सुरेंद्र कुमार ,एक लड़की का ताऊ और एक लड़की का लूखी गांव से मामा चलकर आए और उन्होंने रिश्ते की बात चलाई। जगदेव यादव ने हां कह दी किंतु परिवार के अतिरिक्त लड़का और लड़की की सहमति भी जरूरी बताई। ठीक तीन दिन बाद फिर से डा.सुरेंद्र कुमार, लड़की का पिता दोबारा से आये  और ककराला के डा. सुनील कुमार को साथ लाये और लगभग रिश्ता तय हो गया किंतु दोनों परिवारों का मिलना जरूरी बताया। ऐसे में दो दिन बाद ही एसडी स्कूल ककराला में एक बैठक आयोजित करवाई जिसमें दोनों ही परिवार शामिल हुए जहां ककराला से जगदेव  का परिवार वही सिगड़ा से डा. सुरेंद्र का परिवार शामिल हुये। यहां भी लगभग सभी ने सहमति जताई और शादी के लिए एक बार फिर से लड़का और लड़की को विचार विमर्श करने को कहा गया। दो दिन बाद ही महेंद्रगढ़ के हुड्डा पार्क में लड़का राजकुमार और लड़की डा.मनीषा को 2 घंटे के लिए लड़की के पिता डा. सुरेंद्र कुमार की उपस्थिति में बातचीत करने के लिए बिठाया और दोनों के विचार आपस में मिल गए। 2 अक्टूबर 2025 दशहरे के दिन दोनों परिवार फिर से मिले। जगदेव के परिवार वालों ने मनीषा के सिर पर हाथ रखकर उसे अपना लिया। तत्पश्चात एक सप्ताह में ही शादी की तिथि लग्न समारोह 7 दिसंबर तथा 11 दिसंबर 2025 का रख दिया गया। जिसमें एसडी स्कूल के संचालक जगदेव यादव ने लड़की के पिता डा.सुरेंद्र कुमार को एक ही बात कही की शादी इस बात पर फाइनल समझी जाए कि किसी प्रकार का कोई दान दहेज नहीं लिया जाएगा। परंतु डा. सुरेंद्र लड़की के पिता ने कहा कि उनकी दो बेटियां है। बड़ी बेटी की शादी पहले की जा चुकी है जिनमें दान दहेज दिया गया था। ऐसे में समाज के अनुसार छोटी बेटी डा. मनीषा की शादी में भी दान दहेज देना जरूरी है किंतु जगदेव यादव ने फिर से बात को नकार दिया।
  आखिर  7 दिसंबर को लग्न समारोह में लड़की के पिता और गांव के लोग एक फाच्र्यूनर गाड़ी के पैसे, फर्नीचर के पैसे, इलेक्ट्रोनिक्स के सामान एवं उपकरणों के पैसे मिलकर चेक और एफडी एक करोड़ 2 लाख का लेकर आए और कहा कि यह तो आपको लेना ही पड़ेगा। जगदेव ने विनम्र भाव कहा कि किसी भी सूरत में मैं यह पैसे नहीं ले सकता। लग्र समाराोह एक बहुत बड़ी सभा का रूप ले गई। दूर-दराज से अधिकारी और बड़े-बड़े लोग शामिल हुए। एसडी स्कूल कैंपस में स्पष्ट कर दिया कि किसी हाल में कोई दान दहेज नहीं लिया जाएगा। यहां तक की जगदेव ने स्पष्ट कहा कि किसी प्रकार का लेनदेन होगा तो वो भी एक रुपये से होगा।सभी चकित हो गए और माइक से घोषणा कर दी गई की मांग तंग भी एक रुपये  से होगा और कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। किसी प्रकार का कोई सामान दान दहेज नहीं लिया जाएगा। इस पर लड़की और लड़के दोनों बहुत खुश हुये। जगदेव ने चेक एफडी वापस करते हुए हाथ जोड़कर कहा कि अगर आप नहीं मानते तो एक रुपये दे दिया जाए और एक रुपये से शादी हुई। मांग तंग भी सभी रुपये से और विदा भी एक रुपये देकर ही किया गया।
लड़की का परिवार आखिर तक जिद करता रहा कि कुछ भी नहीं तो आप आभूषण तो ले लो लेकिन जगदेव की नम्रता स्पष्ट झलकती रही कि  हम किसी प्रकार का कोई दान दहेज नहीं लेंगे। शादी बिना दान दहेज की पूर्ण हो गई जो चर्चा का विषय बन गई है। दूर दराज तक चर्चा का विषय बनी हुई है। युवा पीढ़ी ने यह सिद्ध कर दिया है कि दान दहेज दोनों ही परिवारों के लिए घातक साबित होता है जो नहीं लेना चाहिए। मनीषा और राजकुमार एक उदाहरण एवं युवा माडल बन गए हैं और लोग उनकी बात-बात पर चर्चा करने लग गए हैं कि शादी हो तो इस प्रकार की हो। क्षेत्र वासियों में मांग की है कि लड़का लड़की की इस पहल पर दोनों को राष्ट्रपति से सम्मानित करवाया जाना चाहिए ताकि दूसरे लोग भी उदाहरण बन सके।
 क्या कहता राजकुमार-
 राजकुमार पढ़ा लिखा है उनका कहना है कि जब युवा पीढ़ी में हम जैसे ही युवा आगे नहीं आएंगे तो लड़की के परिवार वालों की क्या हालत होगी। उन्हें जमीन जायदाद भी बेचनी पड़ती है और जीवन भर कर्ज में डूबे रहते हैं। शादी दो दिलों का बंधन है, इसमें दान दहेज का कोई मूल्य नहीं होना चाहिए। विशेष कर यादव समाज में तो यह कलंक है और इस दान दान दहेज कलंक को समाप्त करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि मेरे पिता जगदेव ने बिना दहेज के शादी की है, जो पूरे ही भारत भर में एक उदाहरण बन गया है। एक करोड़ से अधिक का दान दहेज ठुकरा कर शादी करना अपने आप में अनूठा उदाहरण है।
 क्या कहती है लड़की
-डा. मनीषा का कहना है की बिना दान दहेज के शादी उनकी इच्छा थी परंतु समाज की मजबूरियां होती है। उन्हें बेहद खुशी हुई कि जगदेव एक ऐसे इंसान निकले जिन्होंने साफ तौर से करोड़ों रुपए का दान दहेज लेने से इनकार कर दिया। यही नहीं जगदेव में विभिन्न गौशाला और संस्थाओं को अपनी तरफ से दान भी शादी की खुशी में दिया है। यह समाज के लिए एक प्रेरणा बन गई है। आने वाली पीढिय़ों को प्रेरणा देती रहेगी की शादी करें तो बिना दहेज के करनी चाहिए ताकि दोनों ही परिवार खुश रह सके।
फोटो कैप्शन 09: राजकुमार एवं मनीषा



 दौंगड़ा अहीर में हुआ वैदिक यज्ञ
-हवन-यज्ञ के माध्यम से दिया वैदिक संस्कारों का संदेश
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कनीना की आवाज।
गांव दौंगड़ा अहीर में स्व. संतरा देवी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर आर्य समाज परंपरा के अनुसार श्रद्धा, सादगी और वैदिक मर्यादाओं के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। यह यज्ञ स्वामी प्रद्युमन महाराज के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ, जिसमें दौंगड़ा अहीर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आहुतियां अर्पित कीं और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
स्व. संतरा देवी, हरि सिंह की धर्मपत्नी तथा बलवीर सिंह महाशय के परिवार की पुत्रवधू थी। उनकी पुण्य स्मृति में यह यज्ञ उनके पुत्र अशोक कुमार इंजीनियर द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर इंजीनियर अशोक कुमार ने स्वामी प्रद्युमन महाराज सहित उपस्थित संत-महात्माओं और अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत एवं सम्मान किया। यज्ञ के दौरान स्वामी प्रद्युमन महाराज ने आर्य समाज के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, समाज सुधार और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का माध्यम है। उन्होंने अपने प्रवचन में आज के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मनुष्य को वर्तमान में श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए, क्योंकि आज ही भविष्य का निर्माण करता है।
नववर्ष के संदर्भ में उन्होंने कहा कि नया वर्ष केवल तारीख बदलने का नहीं, बल्कि सत्य, सदाचार और सेवा के नए संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने संतरा देवी के जीवन को सादगी, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक बताते हुए कहा कि ऐसे संस्कार ही आने वाली पीढिय़ों को वैदिक संस्कृति से जोड़ते हैं।
यज्ञ के उपरांत शांति पाठ किया गया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार के वैदिक आयोजनों से समाज में नैतिकता, एकता और सांस्कृतिक चेतना को बल मिलता है। कार्यक्रम शांतिपूर्ण, आध्यात्मिक और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
फोटो कैप्शन 07: दौंगड़ा अहीर में हवन करते हुए





वीर चक्र सूबेदार रामकुमार की धर्मपत्नी सारली देवी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
-त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति की मिसाल थी सारली देवी
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कनीना की आवाज।
कनीना के वीर चक्र प्राप्त शहीद सूबेदार रामकुमार की धर्मपत्नी स्वर्गीय सारली देवी की तीसरी पुण्यतिथि पर परिवारजनों, पूर्व सैनिकों एवं ग्रामीणों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पुष्प अर्पित कर उनके त्यागमय जीवन को स्मरण किया गया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शहीद के सुपुत्र सूबेदार अर्जुन सिंह ने बताया कि उनके पिता सूबेदार रामकुमार 4-कुमाऊं रेजिमेंट में अग्रिम मोर्चे पर देश की रक्षा करते हुए अदम्य साहस के साथ लड़े थे। 8 अगस्त 1965 को कुपवाड़ा में दुश्मनों से लोहा लेते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुए। उनके असाधारण पराक्रम के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1965 में उनकी धर्मपत्नी सारली देवी को वीर चक्र से सम्मानित किया था।
सूबेदार अर्जुन सिंह ने कहा कि शहीद की पत्नी सारली देवी केवल एक वीर नारी ही नहीं, बल्कि साहस, संयम और राष्ट्रभक्ति की जीवंत प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने जीवनभर शहीद पति की स्मृतियों को सम्मान के साथ संजोए रखा और परिवार को देशभक्ति व संस्कारों की राह पर आगे बढ़ाया। उनका संपूर्ण जीवन देश के लिए समर्पण और त्याग का प्रेरक उदाहरण रहा। शहीद रामकुमार के बलिदान को सम्मान देते हुए सरकार द्वारा कनीना गांव के मुख्य मार्ग का नामकरण उनके नाम पर किया गया, जो आज भी आने वाली पीढिय़ों को देशभक्ति की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर इस दौरान अमर सिंह,  अतर सिंह थानेदार, अजीत सिंह, शहीद के पुत्र अर्जुन सिंह, सतवीर सिंह, विजयपाल चेयरमैन, सुनील यादव,  हवलदार राज सिंह,  ठेकेदार अशोक कुमार,  कर्ण सिंह, प्रकाश यादव,  हरीश कनिनवाल, कमल ठेकदार, शहीद के पुत्र होशियार कनीनवाल,  नरेंद्र कनिनवाल, अजीत यादव सहित अन्य मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 08:स्वर्गीय सारली देवी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए



नये वर्ष पर जगह-जगह हवन आयोजित
--मोलडऩाथ आश्रम पर हवन संपन्न
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कनीना की आवाज।
नए साल के उपलक्ष्य पर कनीना एवं आस पास विभिन्न स्थानों पर हवन आयोजित किये गये।
 बाबा मौलडऩाथ मंदिर में पंडित प्रवेश शर्मा द्वारा हवन करवाया गया। इस मौके पर यजमान के तौर पर लाल सिंह, राजेंद्र सिंह, शिवकुमार मास्टर, अनिल कुमार व दिनेश यादव आदि ने सपत्नी हवन में आहुति दी।
आश्रम ट्रस्ट के प्रधान दिनेश कुमार ने सभी की मंगलकामना के लिए यह हवन आयोजित करवाया। साथ में भवन निर्माण का कार्य जल्दी संपन्न हो इसके लिए बाबा मोलडऩाथ से प्रार्थना की गई। इस मौके पर भारी संख्या में महिलाए, बुजुर्ग, युवा साथी मौजूद रहे। सभी ने हवन में आहुति देकर सुख समृद्धि और कस्बा में सुख शांति की प्रार्थना की। इस मौके पर लक्ष्मी नारायण साहब, बलबीर साहब, प्रकाश साहब, रमेश कुमार, शिवचरण, संजय यादव, सोनू, होशियार सिंह, प्रकाश यादव, राकेश, सतबीर यादव, महेंद्र यादव, अरविंद यादव, शिवचरण यादव, मुकेश शर्मा, अशोक डीपी,रत्ना देवी, विद्या देवी, नीलम देवी, रामकला, सुमन, शकुंतला, सुशीला, रोशनी मुकेश आदि उपस्थित रहे।
  उधर 132 केवी पावर हाउस के प्रांगण में सभी बिजली से विभाग के कर्मचारियों द्वारा हवन आयोजित किया गया। इस हवन में को  अरविंद जोशी ने संपूर्ण करवाया गया। यज्ञमान के रूप में अंकित अपनी धर्मपत्नी प्रियंका सहित उपस्थित रहे। इस आयोजन पर 132 केवी के कार्यरत राम रतन गोमली ने बताया कि वर्ष 2026 के मंगलमय एवं सुख समृद्धि की प्रार्थना की गई। इस मौके पर एसडीओ उमेश वर्मा, एसडीओ बूचावास अरुण कुमार, राम रतन शर्मा जेई, प्रधान हव सिंह, नरेश कुमार, सज्जन कुमार, शिवकुमार, पवन नवाब, शिशुपाल जांगड़ा एवं सभी बिजली विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 3: पावर हाउस कनीना कर्मी हवन करते हुए
4:मोलडऩाथ आश्रम पर हवन करते हुए






शीतलहर का प्रकोप जारी, रात को हुई बूंदाबांदी
--बुजुर्गो एवं बच्चों को सर्दी से बचाएं-डाक्टर
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में बुधवार की रात हल्की बूंदाबांदी हुई। सुबह से ही शीतलहर चल रही है जिसके चलते अधिकांश लोग घरों में दुबक गए हैं। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुये। घर से बाहर निकलना कठिन हो गया है। जहां शीत लहर चली वहीं कोहरा नहीं पड़ा बुजुर्ग मानते हैं कि जनवरी 14 तक ठंड का प्रकोप रहता है इसके बाद ठंड कमजोर पड़ जाती है।
तापमान घटने से सरसों को लाभ होने का अंदेशा है। सरसों में फूल आ रहे हैं दूर-दराज तक धरा पीली नजर आ रही है। जल्द ही फूल फलियों में बदलने वाले हैं। उधर इस ठंड के मौसम में एक माह तक विवाह शादियां बंद रहने के बाद फिर से विवाह शादियां 14 जनवरी से शुरू हो जाएगी। विवाह शादी समारोह स्थलों में फिर से बुकिंग शुरू हो गई है।
 कनीना क्षेत्र में हर दिन मौसम बदलता नजर आया।  शीतलहर के कारण फसलों पर अभी तक सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि स्कूलों में विद्यार्थियों के अवकाश घोषित किए हुए हैं किंतु एनएसएस के कैंप विभिन्न स्कूलों में आयोजित किया जा रहे हैं। जहां शीतलहर में गर्म चाय, ग्राम खाद्य पदार्थ तथा गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है।
  दिसंबर में इस बार अल्प समय के लिए धुंध पड़ी किंतु जनवरी में आते ही शीतलहर का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। सुबह सवेरे हल्का कोहरा छाया वहीं बुधवार को वर्षा के समय करीब 4 घंटों का बिजली कट भी लगा रहा।
फोटो कैप्शन 06: कनीना में सुबह हल्की धुंध
 






नये साल पर जगह जगह लगे भंडारे
-लालगिरी की 50वीं पुण्यतिथि पर लगा भंडारा
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कनीना की आवाज।
नये साल के शुभारंभ पर कनीना और आसपास विभिन्न स्थानों पर भंडारे लगे। जहां लाल गिरी महाराज कनीना का भंडारा नये साल पर लगाया गया। यहां दिनभर आश्रम पर भोजन कराया गया।
 वहीं राव दान सिंह के पेट्रोल पंप के समक्ष छठा भंडारा आयोजित किया गया। यह भंडारा रायल मार्केट की तरफ से आयोजित किया गया जिसमें महालक्ष्मी बैट्री, पतंजलि चिकित्सालय, श्रीश्याम टायर, शेरावत म्यूजिक, सालासर स्टील एंड एल्युमिनियम ,धोलिया बाइक वर्कशाप, केडी मोडिफाइड प्वाइंट आदि सभी मिलकर शुद्ध सात्विक भोजन करवाया।
 जितेंद्र कुमार ने बताया की कोरोना काल में उन्होंने भंडारा शुरू किया था ताकि जिन लोगों को भोजन नहीं मिल सके वो यहां भोजन कर पाएं। तब से परंपरा लगातार चली आ रही है और अब भी यह परंपरा कायम है। जितेंद्र कुमार ने बताया कि रायल मार्केट के सभी दुकानदार एक ही फैसले पर अडिग रहते हैं और किसी से चंदा आदि नहीं लेते अपितु रायल मार्केट के दुकानदारों से सामूहिक राशि इकट्ठी की जाती है।
फोटो कैप्शन 05: रायल मार्केट द्वारा आयोजित भंडारा




 हार्ट फेल हो जाने से महिला की मौत
-शव का पोस्टमार्टम करवा सौंपा परिजनों को
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव पोता में एक 35 साल की महिला की हृदय गति रुक जाने से मौत हो गई। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसे बाद अस्पताल में पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। महिला के दो साल की एक लड़की है।
मिली जानकारी अनुसार 35 वर्षीय महिला मीना देवी को बीती रात करीब 11 बजे अचानक सीने में दर्द हो गया। जब अचानक महिला के सीने में तेज दर्द उठा तो परिजन उसे तुरंत उपचार के लिए महेंद्रगढ़ शहर के निजी अस्पताल लेकर निकले, लेकिन रात का समय होने के कारण किसी भी निजी अस्पताल में डाक्टर नहीं मिला।
तत्पश्चात मीना देवी को नागरिक अस्पताल नारनौल लेकर पहुंचे। यहां डाक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डाक्टरों के अनुसार महिला की मौत हार्ट फेल होने के कारण हुई है। घटना की सूचना अस्पताल प्रशासन द्वारा पुलिस को दी गई। मीना देवी मूल रूप से गुजरात की रहने वाली थी। उसकी शादी गांव पोता निवासी सुशील कुमार से हुई थी और वह काफी समय से अपने ससुराल पोता में रह रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल नारनौल में पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद महिला के शव को गांव पोता ले जाया गया, जहां परिजनों व ग्रामीणों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया।





बेवल में 7 दिवसीय एनएसएस शिविर शुरू
-स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी बताई
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेवल में सात दिवसीय एनएसएस विशेष कैंप का आयोजन किया गया। कैंप का शुभारंभ प्राचार्य प्यारेलाल कटारिया ने सरस्वती माता के सामने दीप प्रज्वलित करके किया। उन्होंने अपने संबोधन में एनएसएस स्वयंसेवकों को कहा कि उनका बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान समाज और देश के विकास में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को समाज एवं देश के कल्याण के लिए आगे आना चाहिए।
इस अवसर पर एनएसएस प्रभारी  विक्रांत सेन प्रवक्ता भौतिक विज्ञान ने भी स्वयंसेवकों को एनएसएस के कार्यों के बारे में विस्तार से समझाया तथा सात दिवसीय विशेष कैंप के लिए स्वयंसेवकों की टीमों का गठन किया व उन्हें सात दिन के सारे कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। एनएसएस प्रभारी ने कहा कि उनका कार्य केवल सफाई संबंधी कार्य करने का नहीं है बल्कि स्वयंसेवकों को जागरूक, जिम्मेवार व राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनाना है। अंग्रेजी प्रवक्ता दीपक शर्मा ने मंच का संचालन करते हुए स्वयंसेवकों को एनएसएस के माध्यम से युवाओं को समाज और देश कल्याण के कार्यों में बढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर प्रवक्ता गजराज सिंह , प्रवक्ता हंस राज , संस्कृत अध्यापक हवा सिंह , पीटीआई कृष्ण कुमार व लैब सहायक  धर्मपाल आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: एनएसएस श्ििावर का शुभारंभ करते प्राचार्य



नांगल में टीबी जागरूकता अभियान चलाया
-टीबी रोग के लक्षण भी बताये
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव नांगल के पंचायत भवन में जनशक्ति विकास संगठन के सहयोग से टीबी जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
इसी कड़ी में  दीपक कुमार ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, संक्रमण से बचाव, उपचार प्रक्रिया और नियमित दवा सेवन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि दो-तीन हफ्तों से ज़्यादा खांसी, खांसी में खून आना, शाम को बुखार, रात में पसीना, वजन घटना, भूख कम लगना, और थकान  आदि लक्षण अगर किसी व्यक्ति में दिखाई दे रहे हैं तो नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर अपनी फ्री जांच करवाएं। अगर किसी व्यक्ति को टीबी है तो उसे डरना नहीं चाहिए डा. की सलाह के अनुसार अपनी दवाइयां और पौष्टिक आहार लेना चाहिए। अगर कोई पीडि़त व्यक्ति पौष्टिक आहार की किट नहीं ले सकता है तो उसे निक्षय मित्र की सहायता से यह पौष्टिक आहार 6 महीने तक उसको दिया जाएं जाएगा। कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के टीबी मरीज को गोद ले सकता है। भारत सरकार का लक्ष्य हर पंचायत को टीबी मुक्त करने का रखा गया है। सामूहिक सहयोग और जागरूकता से ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस मौके पर आंगनबाड़ी वर्कर सोनम, हेल्पर सुनीता, प्रेम, कविता, पूनम, रजनी, विद्याबाई, पूनम, चमेली, सावित्री,कमला, सुशीला बिमला, ओमबाई आदि महिलाएं मौजूद रही।
फोटो कैप्शन 02: टीबी के बारे में जागरूक करते हुए




कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे कृति के बारे में जानने के लिए इंतजार करें 14 जनवरी मकर संक्रांति का
--पहली कड़ी 14 जनवरी के ब्लाग में प्रकाशित होगी







 साल में एक विज्ञापन भी नहीं देने वाले कृपया मेरे पास समाचार न भेजें
-अखबार को चाहिए विज्ञापन
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव 1989 से लगातार समाचारपत्रों में पत्रकार है किंतु खुशी की बात है कि प्रति दिन 15 से 20 समाचार प्रकाशित होते हैं। परंतु लोग विज्ञापन नहीं देते।
 ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने समय समय पर विज्ञापन दिये हैं उनका मैं बार-बार आभार व्यक्त करता हूं और उनके समाचार प्रमुखता से प्रकाशित होते रहेंगे किंतु जो एक साल में एक बार भी विज्ञापन नहीं दे पाए हैं वो कृपया मेरे पास समाचार नहीं भेजें क्योंकि अखबार का यही कहना है कि जो साल में एक विज्ञापन भी नहीं देता और खबरें प्रकाशित करवाना चाहता है तो उनसे दूरी बनाये।  जिन्होंने विज्ञापन नहीं दिया है और विज्ञापन देना चाहता है तो आगामी 26 जनवरी के लिए एक विज्ञापन जरूर दे दें ताकि उनके सभी प्रकार के समाचार प्रकाशित होते रहे।