ककराला गांव की शादी आज भी सुर्खियों में....
युवक ने करोड़ों का दहेज ठुकराकर की है शादी
-युवाओं के लिए प्रेरणा एवं माडल बनकर उभरा है राजकुमार
--एसडी स्कूल के चेयरमैन का पुत्र है राजकुमार
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के गांव ककराला की जहां 11 दिसंबर 2025 की शादी संपूर्ण युवा पीढ़ी को भविष्य के लिए भी एक मार्गदर्शक और प्रेरणा का काम करती रहेगी। उच्च योग्यता प्राप्त युवा ने दान दहेज न लेकर महज एक रुपए से शादी करके यह सिद्ध कर दिया है कि युवा चाहे तो क्या नहीं कर सकता वो तो सचमुच देश का भविष्य होता है। लड़की वाले दहेज दे देकर आर्थिक रूप से इतने कमजोर हो जाते हैं कि जीवन भर नहीं उभर पाते।
यादव युवा पीढ़ी में ऐसा उदाहरण पहली बार देखा गया कि जिसने सिद्ध कर दिया कि दुल्हन सबसे बड़ा दहेज है। उनकी शादी को लेकर के अब राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किए जाने की भी मांग उठ चली है ताकि युवा पीढ़ी के लिए एक माडल युवा बन सके।
शादी के बारे में क्षेत्र के जाने माने एसडी स्कूल ककराला के निदेशक एवं राजकुमार लड़के के पिता ने बताया कि 18 सितंबर 2025 को पहली बार सीगड़ा गांव से तीन लोग जिनमें लड़की का पिता डा. सुरेंद्र कुमार ,एक लड़की का ताऊ और एक लड़की का लूखी गांव से मामा चलकर आए और उन्होंने रिश्ते की बात चलाई। जगदेव यादव ने हां कह दी किंतु परिवार के अतिरिक्त लड़का और लड़की की सहमति भी जरूरी बताई। ठीक तीन दिन बाद फिर से डा.सुरेंद्र कुमार, लड़की का पिता दोबारा से आये और ककराला के डा. सुनील कुमार को साथ लाये और लगभग रिश्ता तय हो गया किंतु दोनों परिवारों का मिलना जरूरी बताया। ऐसे में दो दिन बाद ही एसडी स्कूल ककराला में एक बैठक आयोजित करवाई जिसमें दोनों ही परिवार शामिल हुए जहां ककराला से जगदेव का परिवार वही सिगड़ा से डा. सुरेंद्र का परिवार शामिल हुये। यहां भी लगभग सभी ने सहमति जताई और शादी के लिए एक बार फिर से लड़का और लड़की को विचार विमर्श करने को कहा गया। दो दिन बाद ही महेंद्रगढ़ के हुड्डा पार्क में लड़का राजकुमार और लड़की डा.मनीषा को 2 घंटे के लिए लड़की के पिता डा. सुरेंद्र कुमार की उपस्थिति में बातचीत करने के लिए बिठाया और दोनों के विचार आपस में मिल गए। 2 अक्टूबर 2025 दशहरे के दिन दोनों परिवार फिर से मिले। जगदेव के परिवार वालों ने मनीषा के सिर पर हाथ रखकर उसे अपना लिया। तत्पश्चात एक सप्ताह में ही शादी की तिथि लग्न समारोह 7 दिसंबर तथा 11 दिसंबर 2025 का रख दिया गया। जिसमें एसडी स्कूल के संचालक जगदेव यादव ने लड़की के पिता डा.सुरेंद्र कुमार को एक ही बात कही की शादी इस बात पर फाइनल समझी जाए कि किसी प्रकार का कोई दान दहेज नहीं लिया जाएगा। परंतु डा. सुरेंद्र लड़की के पिता ने कहा कि उनकी दो बेटियां है। बड़ी बेटी की शादी पहले की जा चुकी है जिनमें दान दहेज दिया गया था। ऐसे में समाज के अनुसार छोटी बेटी डा. मनीषा की शादी में भी दान दहेज देना जरूरी है किंतु जगदेव यादव ने फिर से बात को नकार दिया।
आखिर 7 दिसंबर को लग्न समारोह में लड़की के पिता और गांव के लोग एक फाच्र्यूनर गाड़ी के पैसे, फर्नीचर के पैसे, इलेक्ट्रोनिक्स के सामान एवं उपकरणों के पैसे मिलकर चेक और एफडी एक करोड़ 2 लाख का लेकर आए और कहा कि यह तो आपको लेना ही पड़ेगा। जगदेव ने विनम्र भाव कहा कि किसी भी सूरत में मैं यह पैसे नहीं ले सकता। लग्र समाराोह एक बहुत बड़ी सभा का रूप ले गई। दूर-दराज से अधिकारी और बड़े-बड़े लोग शामिल हुए। एसडी स्कूल कैंपस में स्पष्ट कर दिया कि किसी हाल में कोई दान दहेज नहीं लिया जाएगा। यहां तक की जगदेव ने स्पष्ट कहा कि किसी प्रकार का लेनदेन होगा तो वो भी एक रुपये से होगा।सभी चकित हो गए और माइक से घोषणा कर दी गई की मांग तंग भी एक रुपये से होगा और कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। किसी प्रकार का कोई सामान दान दहेज नहीं लिया जाएगा। इस पर लड़की और लड़के दोनों बहुत खुश हुये। जगदेव ने चेक एफडी वापस करते हुए हाथ जोड़कर कहा कि अगर आप नहीं मानते तो एक रुपये दे दिया जाए और एक रुपये से शादी हुई। मांग तंग भी सभी रुपये से और विदा भी एक रुपये देकर ही किया गया।
लड़की का परिवार आखिर तक जिद करता रहा कि कुछ भी नहीं तो आप आभूषण तो ले लो लेकिन जगदेव की नम्रता स्पष्ट झलकती रही कि हम किसी प्रकार का कोई दान दहेज नहीं लेंगे। शादी बिना दान दहेज की पूर्ण हो गई जो चर्चा का विषय बन गई है। दूर दराज तक चर्चा का विषय बनी हुई है। युवा पीढ़ी ने यह सिद्ध कर दिया है कि दान दहेज दोनों ही परिवारों के लिए घातक साबित होता है जो नहीं लेना चाहिए। मनीषा और राजकुमार एक उदाहरण एवं युवा माडल बन गए हैं और लोग उनकी बात-बात पर चर्चा करने लग गए हैं कि शादी हो तो इस प्रकार की हो। क्षेत्र वासियों में मांग की है कि लड़का लड़की की इस पहल पर दोनों को राष्ट्रपति से सम्मानित करवाया जाना चाहिए ताकि दूसरे लोग भी उदाहरण बन सके।
क्या कहता राजकुमार-
राजकुमार पढ़ा लिखा है उनका कहना है कि जब युवा पीढ़ी में हम जैसे ही युवा आगे नहीं आएंगे तो लड़की के परिवार वालों की क्या हालत होगी। उन्हें जमीन जायदाद भी बेचनी पड़ती है और जीवन भर कर्ज में डूबे रहते हैं। शादी दो दिलों का बंधन है, इसमें दान दहेज का कोई मूल्य नहीं होना चाहिए। विशेष कर यादव समाज में तो यह कलंक है और इस दान दान दहेज कलंक को समाप्त करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि मेरे पिता जगदेव ने बिना दहेज के शादी की है, जो पूरे ही भारत भर में एक उदाहरण बन गया है। एक करोड़ से अधिक का दान दहेज ठुकरा कर शादी करना अपने आप में अनूठा उदाहरण है।
क्या कहती है लड़की
-डा. मनीषा का कहना है की बिना दान दहेज के शादी उनकी इच्छा थी परंतु समाज की मजबूरियां होती है। उन्हें बेहद खुशी हुई कि जगदेव एक ऐसे इंसान निकले जिन्होंने साफ तौर से करोड़ों रुपए का दान दहेज लेने से इनकार कर दिया। यही नहीं जगदेव में विभिन्न गौशाला और संस्थाओं को अपनी तरफ से दान भी शादी की खुशी में दिया है। यह समाज के लिए एक प्रेरणा बन गई है। आने वाली पीढिय़ों को प्रेरणा देती रहेगी की शादी करें तो बिना दहेज के करनी चाहिए ताकि दोनों ही परिवार खुश रह सके।
फोटो कैप्शन 09: राजकुमार एवं मनीषा
दौंगड़ा अहीर में हुआ वैदिक यज्ञ
-हवन-यज्ञ के माध्यम से दिया वैदिक संस्कारों का संदेश
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कनीना की आवाज। गांव दौंगड़ा अहीर में स्व. संतरा देवी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर आर्य समाज परंपरा के अनुसार श्रद्धा, सादगी और वैदिक मर्यादाओं के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। यह यज्ञ स्वामी प्रद्युमन महाराज के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ, जिसमें दौंगड़ा अहीर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आहुतियां अर्पित कीं और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
स्व. संतरा देवी, हरि सिंह की धर्मपत्नी तथा बलवीर सिंह महाशय के परिवार की पुत्रवधू थी। उनकी पुण्य स्मृति में यह यज्ञ उनके पुत्र अशोक कुमार इंजीनियर द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर इंजीनियर अशोक कुमार ने स्वामी प्रद्युमन महाराज सहित उपस्थित संत-महात्माओं और अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत एवं सम्मान किया। यज्ञ के दौरान स्वामी प्रद्युमन महाराज ने आर्य समाज के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, समाज सुधार और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का माध्यम है। उन्होंने अपने प्रवचन में आज के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मनुष्य को वर्तमान में श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए, क्योंकि आज ही भविष्य का निर्माण करता है।
नववर्ष के संदर्भ में उन्होंने कहा कि नया वर्ष केवल तारीख बदलने का नहीं, बल्कि सत्य, सदाचार और सेवा के नए संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने संतरा देवी के जीवन को सादगी, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक बताते हुए कहा कि ऐसे संस्कार ही आने वाली पीढिय़ों को वैदिक संस्कृति से जोड़ते हैं।
यज्ञ के उपरांत शांति पाठ किया गया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार के वैदिक आयोजनों से समाज में नैतिकता, एकता और सांस्कृतिक चेतना को बल मिलता है। कार्यक्रम शांतिपूर्ण, आध्यात्मिक और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
फोटो कैप्शन 07: दौंगड़ा अहीर में हवन करते हुए
वीर चक्र सूबेदार रामकुमार की धर्मपत्नी सारली देवी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
-त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति की मिसाल थी सारली देवी
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कनीना की आवाज। कनीना के वीर चक्र प्राप्त शहीद सूबेदार रामकुमार की धर्मपत्नी स्वर्गीय सारली देवी की तीसरी पुण्यतिथि पर परिवारजनों, पूर्व सैनिकों एवं ग्रामीणों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पुष्प अर्पित कर उनके त्यागमय जीवन को स्मरण किया गया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शहीद के सुपुत्र सूबेदार अर्जुन सिंह ने बताया कि उनके पिता सूबेदार रामकुमार 4-कुमाऊं रेजिमेंट में अग्रिम मोर्चे पर देश की रक्षा करते हुए अदम्य साहस के साथ लड़े थे। 8 अगस्त 1965 को कुपवाड़ा में दुश्मनों से लोहा लेते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुए। उनके असाधारण पराक्रम के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1965 में उनकी धर्मपत्नी सारली देवी को वीर चक्र से सम्मानित किया था।
सूबेदार अर्जुन सिंह ने कहा कि शहीद की पत्नी सारली देवी केवल एक वीर नारी ही नहीं, बल्कि साहस, संयम और राष्ट्रभक्ति की जीवंत प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने जीवनभर शहीद पति की स्मृतियों को सम्मान के साथ संजोए रखा और परिवार को देशभक्ति व संस्कारों की राह पर आगे बढ़ाया। उनका संपूर्ण जीवन देश के लिए समर्पण और त्याग का प्रेरक उदाहरण रहा। शहीद रामकुमार के बलिदान को सम्मान देते हुए सरकार द्वारा कनीना गांव के मुख्य मार्ग का नामकरण उनके नाम पर किया गया, जो आज भी आने वाली पीढिय़ों को देशभक्ति की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर इस दौरान अमर सिंह, अतर सिंह थानेदार, अजीत सिंह, शहीद के पुत्र अर्जुन सिंह, सतवीर सिंह, विजयपाल चेयरमैन, सुनील यादव, हवलदार राज सिंह, ठेकेदार अशोक कुमार, कर्ण सिंह, प्रकाश यादव, हरीश कनिनवाल, कमल ठेकदार, शहीद के पुत्र होशियार कनीनवाल, नरेंद्र कनिनवाल, अजीत यादव सहित अन्य मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 08:स्वर्गीय सारली देवी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए
नये वर्ष पर जगह-जगह हवन आयोजित
--मोलडऩाथ आश्रम पर हवन संपन्न
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कनीना की आवाज। नए साल के उपलक्ष्य पर कनीना एवं आस पास विभिन्न स्थानों पर हवन आयोजित किये गये।
बाबा मौलडऩाथ मंदिर में पंडित प्रवेश शर्मा द्वारा हवन करवाया गया। इस मौके पर यजमान के तौर पर लाल सिंह, राजेंद्र सिंह, शिवकुमार मास्टर, अनिल कुमार व दिनेश यादव आदि ने सपत्नी हवन में आहुति दी।
आश्रम ट्रस्ट के प्रधान दिनेश कुमार ने सभी की मंगलकामना के लिए यह हवन आयोजित करवाया। साथ में भवन निर्माण का कार्य जल्दी संपन्न हो इसके लिए बाबा मोलडऩाथ से प्रार्थना की गई। इस मौके पर भारी संख्या में महिलाए, बुजुर्ग, युवा साथी मौजूद रहे। सभी ने हवन में आहुति देकर सुख समृद्धि और कस्बा में सुख शांति की प्रार्थना की। इस मौके पर लक्ष्मी नारायण साहब, बलबीर साहब, प्रकाश साहब, रमेश कुमार, शिवचरण, संजय यादव, सोनू, होशियार सिंह, प्रकाश यादव, राकेश, सतबीर यादव, महेंद्र यादव, अरविंद यादव, शिवचरण यादव, मुकेश शर्मा, अशोक डीपी,रत्ना देवी, विद्या देवी, नीलम देवी, रामकला, सुमन, शकुंतला, सुशीला, रोशनी मुकेश आदि उपस्थित रहे।
उधर 132 केवी पावर हाउस के प्रांगण में सभी बिजली से विभाग के कर्मचारियों द्वारा हवन आयोजित किया गया। इस हवन में को अरविंद जोशी ने संपूर्ण करवाया गया। यज्ञमान के रूप में अंकित अपनी धर्मपत्नी प्रियंका सहित उपस्थित रहे। इस आयोजन पर 132 केवी के कार्यरत राम रतन गोमली ने बताया कि वर्ष 2026 के मंगलमय एवं सुख समृद्धि की प्रार्थना की गई। इस मौके पर एसडीओ उमेश वर्मा, एसडीओ बूचावास अरुण कुमार, राम रतन शर्मा जेई, प्रधान हव सिंह, नरेश कुमार, सज्जन कुमार, शिवकुमार, पवन नवाब, शिशुपाल जांगड़ा एवं सभी बिजली विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 3: पावर हाउस कनीना कर्मी हवन करते हुए
4:मोलडऩाथ आश्रम पर हवन करते हुए
शीतलहर का प्रकोप जारी, रात को हुई बूंदाबांदी
--बुजुर्गो एवं बच्चों को सर्दी से बचाएं-डाक्टर
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में बुधवार की रात हल्की बूंदाबांदी हुई। सुबह से ही शीतलहर चल रही है जिसके चलते अधिकांश लोग घरों में दुबक गए हैं। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुये। घर से बाहर निकलना कठिन हो गया है। जहां शीत लहर चली वहीं कोहरा नहीं पड़ा बुजुर्ग मानते हैं कि जनवरी 14 तक ठंड का प्रकोप रहता है इसके बाद ठंड कमजोर पड़ जाती है।
तापमान घटने से सरसों को लाभ होने का अंदेशा है। सरसों में फूल आ रहे हैं दूर-दराज तक धरा पीली नजर आ रही है। जल्द ही फूल फलियों में बदलने वाले हैं। उधर इस ठंड के मौसम में एक माह तक विवाह शादियां बंद रहने के बाद फिर से विवाह शादियां 14 जनवरी से शुरू हो जाएगी। विवाह शादी समारोह स्थलों में फिर से बुकिंग शुरू हो गई है।
कनीना क्षेत्र में हर दिन मौसम बदलता नजर आया। शीतलहर के कारण फसलों पर अभी तक सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि स्कूलों में विद्यार्थियों के अवकाश घोषित किए हुए हैं किंतु एनएसएस के कैंप विभिन्न स्कूलों में आयोजित किया जा रहे हैं। जहां शीतलहर में गर्म चाय, ग्राम खाद्य पदार्थ तथा गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है।
दिसंबर में इस बार अल्प समय के लिए धुंध पड़ी किंतु जनवरी में आते ही शीतलहर का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। सुबह सवेरे हल्का कोहरा छाया वहीं बुधवार को वर्षा के समय करीब 4 घंटों का बिजली कट भी लगा रहा।
फोटो कैप्शन 06: कनीना में सुबह हल्की धुंध
नये साल पर जगह जगह लगे भंडारे
-लालगिरी की 50वीं पुण्यतिथि पर लगा भंडारा
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कनीना की आवाज। नये साल के शुभारंभ पर कनीना और आसपास विभिन्न स्थानों पर भंडारे लगे। जहां लाल गिरी महाराज कनीना का भंडारा नये साल पर लगाया गया। यहां दिनभर आश्रम पर भोजन कराया गया।
वहीं राव दान सिंह के पेट्रोल पंप के समक्ष छठा भंडारा आयोजित किया गया। यह भंडारा रायल मार्केट की तरफ से आयोजित किया गया जिसमें महालक्ष्मी बैट्री, पतंजलि चिकित्सालय, श्रीश्याम टायर, शेरावत म्यूजिक, सालासर स्टील एंड एल्युमिनियम ,धोलिया बाइक वर्कशाप, केडी मोडिफाइड प्वाइंट आदि सभी मिलकर शुद्ध सात्विक भोजन करवाया।
जितेंद्र कुमार ने बताया की कोरोना काल में उन्होंने भंडारा शुरू किया था ताकि जिन लोगों को भोजन नहीं मिल सके वो यहां भोजन कर पाएं। तब से परंपरा लगातार चली आ रही है और अब भी यह परंपरा कायम है। जितेंद्र कुमार ने बताया कि रायल मार्केट के सभी दुकानदार एक ही फैसले पर अडिग रहते हैं और किसी से चंदा आदि नहीं लेते अपितु रायल मार्केट के दुकानदारों से सामूहिक राशि इकट्ठी की जाती है।
फोटो कैप्शन 05: रायल मार्केट द्वारा आयोजित भंडारा
हार्ट फेल हो जाने से महिला की मौत
-शव का पोस्टमार्टम करवा सौंपा परिजनों को
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव पोता में एक 35 साल की महिला की हृदय गति रुक जाने से मौत हो गई। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसे बाद अस्पताल में पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। महिला के दो साल की एक लड़की है।
मिली जानकारी अनुसार 35 वर्षीय महिला मीना देवी को बीती रात करीब 11 बजे अचानक सीने में दर्द हो गया। जब अचानक महिला के सीने में तेज दर्द उठा तो परिजन उसे तुरंत उपचार के लिए महेंद्रगढ़ शहर के निजी अस्पताल लेकर निकले, लेकिन रात का समय होने के कारण किसी भी निजी अस्पताल में डाक्टर नहीं मिला।
तत्पश्चात मीना देवी को नागरिक अस्पताल नारनौल लेकर पहुंचे। यहां डाक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डाक्टरों के अनुसार महिला की मौत हार्ट फेल होने के कारण हुई है। घटना की सूचना अस्पताल प्रशासन द्वारा पुलिस को दी गई। मीना देवी मूल रूप से गुजरात की रहने वाली थी। उसकी शादी गांव पोता निवासी सुशील कुमार से हुई थी और वह काफी समय से अपने ससुराल पोता में रह रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल नारनौल में पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद महिला के शव को गांव पोता ले जाया गया, जहां परिजनों व ग्रामीणों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
बेवल में 7 दिवसीय एनएसएस शिविर शुरू
-स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी बताई
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कनीना की आवाज।राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेवल में सात दिवसीय एनएसएस विशेष कैंप का आयोजन किया गया। कैंप का शुभारंभ प्राचार्य प्यारेलाल कटारिया ने सरस्वती माता के सामने दीप प्रज्वलित करके किया। उन्होंने अपने संबोधन में एनएसएस स्वयंसेवकों को कहा कि उनका बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान समाज और देश के विकास में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को समाज एवं देश के कल्याण के लिए आगे आना चाहिए।
इस अवसर पर एनएसएस प्रभारी विक्रांत सेन प्रवक्ता भौतिक विज्ञान ने भी स्वयंसेवकों को एनएसएस के कार्यों के बारे में विस्तार से समझाया तथा सात दिवसीय विशेष कैंप के लिए स्वयंसेवकों की टीमों का गठन किया व उन्हें सात दिन के सारे कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। एनएसएस प्रभारी ने कहा कि उनका कार्य केवल सफाई संबंधी कार्य करने का नहीं है बल्कि स्वयंसेवकों को जागरूक, जिम्मेवार व राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनाना है। अंग्रेजी प्रवक्ता दीपक शर्मा ने मंच का संचालन करते हुए स्वयंसेवकों को एनएसएस के माध्यम से युवाओं को समाज और देश कल्याण के कार्यों में बढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर प्रवक्ता गजराज सिंह , प्रवक्ता हंस राज , संस्कृत अध्यापक हवा सिंह , पीटीआई कृष्ण कुमार व लैब सहायक धर्मपाल आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: एनएसएस श्ििावर का शुभारंभ करते प्राचार्य
नांगल में टीबी जागरूकता अभियान चलाया
-टीबी रोग के लक्षण भी बताये
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव नांगल के पंचायत भवन में जनशक्ति विकास संगठन के सहयोग से टीबी जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
इसी कड़ी में दीपक कुमार ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, संक्रमण से बचाव, उपचार प्रक्रिया और नियमित दवा सेवन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि दो-तीन हफ्तों से ज़्यादा खांसी, खांसी में खून आना, शाम को बुखार, रात में पसीना, वजन घटना, भूख कम लगना, और थकान आदि लक्षण अगर किसी व्यक्ति में दिखाई दे रहे हैं तो नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर अपनी फ्री जांच करवाएं। अगर किसी व्यक्ति को टीबी है तो उसे डरना नहीं चाहिए डा. की सलाह के अनुसार अपनी दवाइयां और पौष्टिक आहार लेना चाहिए। अगर कोई पीडि़त व्यक्ति पौष्टिक आहार की किट नहीं ले सकता है तो उसे निक्षय मित्र की सहायता से यह पौष्टिक आहार 6 महीने तक उसको दिया जाएं जाएगा। कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के टीबी मरीज को गोद ले सकता है। भारत सरकार का लक्ष्य हर पंचायत को टीबी मुक्त करने का रखा गया है। सामूहिक सहयोग और जागरूकता से ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस मौके पर आंगनबाड़ी वर्कर सोनम, हेल्पर सुनीता, प्रेम, कविता, पूनम, रजनी, विद्याबाई, पूनम, चमेली, सावित्री,कमला, सुशीला बिमला, ओमबाई आदि महिलाएं मौजूद रही।
फोटो कैप्शन 02: टीबी के बारे में जागरूक करते हुए
कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे कृति के बारे में जानने के लिए इंतजार करें 14 जनवरी मकर संक्रांति का
--पहली कड़ी 14 जनवरी के ब्लाग में प्रकाशित होगी
साल में एक विज्ञापन भी नहीं देने वाले कृपया मेरे पास समाचार न भेजें
-अखबार को चाहिए विज्ञापन
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव 1989 से लगातार समाचारपत्रों में पत्रकार है किंतु खुशी की बात है कि प्रति दिन 15 से 20 समाचार प्रकाशित होते हैं। परंतु लोग विज्ञापन नहीं देते।
ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने समय समय पर विज्ञापन दिये हैं उनका मैं बार-बार आभार व्यक्त करता हूं और उनके समाचार प्रमुखता से प्रकाशित होते रहेंगे किंतु जो एक साल में एक बार भी विज्ञापन नहीं दे पाए हैं वो कृपया मेरे पास समाचार नहीं भेजें क्योंकि अखबार का यही कहना है कि जो साल में एक विज्ञापन भी नहीं देता और खबरें प्रकाशित करवाना चाहता है तो उनसे दूरी बनाये। जिन्होंने विज्ञापन नहीं दिया है और विज्ञापन देना चाहता है तो आगामी 26 जनवरी के लिए एक विज्ञापन जरूर दे दें ताकि उनके सभी प्रकार के समाचार प्रकाशित होते रहे।












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