Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Saturday, January 3, 2026



 
 विश्व ब्रेल दिवस- 4 जनवरी
विभिन्न विधियों से दिव्यांग बच्चों का पढ़ाया जा रहा है
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कनीना की आवाज।
संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 6 नवंबर 2018 को एक प्रस्ताव पारित किया था जिसके चलते हर साल 4 जनवरी को ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल के जन्मदिन को विश्व बरेली दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। तत्पश्चात से 4 जनवरी 2019 से लगातार लुई ब्रेल की याद में ब्रेल दिवस के रूप में मनाया जाता आ रहा है। ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल ने  दिव्यांग बच्चों के लिए विशेषकर दृष्टि बाधिक बच्चों के लिए एक लिपि बनाई जिसमें विभिन्न पुस्तकें भी प्रकाशित होती है। जिनका अध्ययन सीडब्ल्यूएसएन या दिव्यांग बच्चे प्रयोग करते हैं। आज के दिन विद्यार्थी के लिए समावेशित शिक्षा कार्यक्रम लागू किया गया है जिसमें विभिन्न विद्यार्थियों को अलग-अलग तरीके से सीखने का प्रयास किया जाता है। इस संबंध में विस्तृत चर्चा विशेष शिक्षक अमृत सिंह से हुई जिनके अनुसार--
  हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना, हरियाणा सरकार के अधीन, समावेशित शिक्षा कार्यक्रम चल रहा है। जिसके तहत जिला महेंद्रगढ़ में 775 दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 462 छात्र तथा 313 छात्राएं शामिल हैं।इन बच्चों में से दृष्टिबाधित 16,अल्प दृष्टि बाधित 61, मूक वधिर 70 आदि विभिन्न दिव्यांग छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
 कनीना खंड के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में कार्यरत विशेष शिक्षक अमृत सिंह राघव ने बताया कि कनीना खंड में 100 दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। हरियाणा सरकार द्वारा इन बच्चों के लिए सहायक उपकरण जैसे ब्रेल स्लेट, टेलर फ्रेम, छड़ी, मोटे छापे की पुस्तक, व्हील चेयर,  डिजिटल फोन आदि सहायक उपकरण उनको प्रदान किए जाते हैं।
इसके अतिरिक्त समय समय पर एस्कार्ट, अलाउंस, रीडर अलाउंस, गर्ल स्टाइफंड आदि जिनको आवश्यक हैं उन्हें प्रदान किये जाते हैं। जिला महेंद्रगढ़ के समावेशित शिक्षा कार्यक्रम के सहायक परियोजना समन्वयक डाक्टर धर्मवीर के अधीन 12 विशेष शिक्षक जिला महेंद्रगढ़ में कार्यरत हें जो दिव्यांग छात्र छात्राओं को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं जिनमें अटेली में तीन, कनीना में दो, नांगल चौधरी में दो, नारनौल में चार और महेंद्रगढ़ में एक विशेष शिक्षक कार्यरत है।
  कैसे दी जाती है इन बच्चों को शिक्षा-
 उन्होंने बताया की दृष्टि बाधित विद्यार्थियों को ब्रेल लिपि द्वारा अल्प दृष्टिबाधित विद्यार्थी को मोटे छापे की पुस्तकों द्वारा मूक वधिरों को सांकेतिक भाषा द्वारा और बाकी को मौखिक रूप से समझाया जाता है। इनके लिए रिसोर्स सेंटर बनाए गए हैं। जहां बच्चे आते जाते रहते हैं। यही नहीं शिक्षक भी फील्ड में जाकर उनके विद्यालय में उन्हें पढ़ते हैं। विद्यार्थियों के लिए छड़ी, व्हीलचेयर, ट्राई साइकिल मेडिकल असेसमेंट कैंप ,स्मार्टफोन आदि का प्रावधान भी किया गया है।
फोटो कैप्शन: अमृत सिंह विशेष शिक्षक।




तीसरे दिन भी आकाश में छाये रहे बादल
-सूर्य देव करता रहा आंख मिचौनी,
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कनीना की आवाज।
कनीना। कनीना शनिवार को तीसरे दिन भी बादल छाए रहे। जहां गत दिनों बूंदाबांदी हुई थी किंतु शनिवार को कोई बूंदाबांदी नहीं हुई। शीत लहर जारी है। जहां धुंध एवं कोहरा नहीं पड़ा किंतु ठंड बढ़ गई है जिसके चलते लोग घरों में दुबके रहे या फिर आग सेकते रहे।
 कनीना क्षेत्र में इस बार मौसम बार-बार बदल रहा है। कभी कड़ाके की ठंड तो कभी धुंध एवं कोहरा, कभी पाला जमा तो कभी मौसम साफ रहा है। जहां किसानों से चर्चा की गई तो किसानों ने बताया कि मौसम अभी फसलों के अनुकूल है। रबी फसलों के लिए पर्याप्त सर्दी चाहिए किंतु लंबे समय तक मौसम खराब रहे  एवं सूर्य न निकले तभी फसलों को कोई नुकसान होने का अंदेशा हो जाता है। बहरहाल अभी तक कोई फसल नुकसान होने की संभावना नहीं है। किसान अपनी फसलों को लगातार निहार रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि जल्दी उनकी फसल पक जाएगी। वैसे तो बसंत पंचमी 23 जनवरी की है और तब तक सरसों के लगभग सभी फूल समाप्त होने की संभावना बन गई है। इस बार सर्दी के चलते मधुमक्खी पालक भी नहीं आए हैं क्योंकि माना जा रहा है कि फसलों में कीटनाशक दवाई छिड़की जाती है जिससे मधुमक्खियां के मरने की संभावना बन जाती है। कनीना क्षेत्र में इस बार 20000 हेक्टेयर पर सरसों तो 8000 हेक्टेयर पर गेहूं की फसल खड़ी है। आने वाले समय में पता लग पाएगा की मौसम किस करवट बदलता है और फसलों पर क्या हश्र होता है।
 फोटो कैप्शन 9:कनीना में आकाश में छाए हुए बादल





वाल्मीकि धर्मशाला में कमरा निर्माण शुरू
-मंत्री आरती राव का जताया आभार दीपक चौधरी ने
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कनीना की आवाज।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के कोष से नगरपालिका कनीना के वार्ड 10 की बाल्मीकि धर्मशाला में एक कमरे और टीन शेड के लिए दी गई धन राशि द्वारा कार्य शुरू कर दिया गया।
पार्षद योगेश कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव नेे कनीना की बाल्मीकि धर्मशाला में की गई घोषणा के अनुसार अपने वादे को पूरा किया है। दीपक चौधरी  पार्षद  ने कहा कि मंत्री के प्रयासों से अनेक कार्यों को डी -प्लान के अंतर्गत ग्रांट देने का कार्य किया और आज वो कार्य शुरू हो चुके हैं। रेलवे फाटक के पुलिया से चंद्रहास की ढाणी तक के रोड का कार्य वर्क आर्डर पास हो गया है वो भी जल्द शुरू हो जाएगा। मुकेश नंबरदार ने बताया कि मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से कनीना के अनेक वार्डों की ग्रांट पास हो कर आने वाली है जिनका मंत्री ने एस्टीमेट मांग लिया है ताकि इनकी धन राशि पास करवाई जाए।
 इस मौके पर नरेंद्र फौजी, नवीन यदुवंशी, राकेश पार्षद, मनीष कुमार, देशराज, बिजेंद्र हेडमास्टर, भरपूर साहब आदि अनेक लोगों ने मंत्री आरती सिंह राव का आभार जताया है।
फोटो कैप्शन 06: कनीना में वाल्मीकि धर्मशाला में चल रहा निर्माण कार्य




चार दशकों से पत्रकारिता, लेखन और साहित्य साधना में लीन रोहित
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पांच दर्जन पुस्तकें आ चुकी हैं रोहित यादव की
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कनीना की आवाज। साहित्य जगत में रोहित यादव एक ऐसा नाम है जिसने अपने लेखन के द्वारा न केवल देशभर में ख्याति अर्जित की है बल्कि आज भी नवोदित रचनाकारों को आगे बढऩे के लिए एक मंच प्रदान कर रहे हैं। विगत चार दशकों से पत्रकारिता, लेखन और साहित्य साधना में लीन रोहित यादव की साहित्यिक कृतियों में करीब पांच दर्जन पुस्तकें शुमार हैं, जिनमें उपन्यास, लघुकथा संग्रह, निबंध संग्रह, दोहा संग्रह, कुंडली संग्रह आदि शामिल हैं।
रोहित जी की रचनाएं देश की प्रथम श्रेणी की सैकड़ों पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं इसके अतिरिक्त विभिन्न आकाशवाणी केंद्रों से प्रसारित हो चुकी हैं ।
श्रेष्ठ लेखन के लिए हरियाणा साहित्य अकादमी पंचकुला ने रोहित यादव को बालमुकुंद सम्मान, सूरदास सम्मान तथा अकादमी के सर्वोच्च पुरस्कार आजीवन साहित्य साधना सम्मान से भी विभूषित किया है।
रोहित यादव को लिम्का बुक आफ रिकार्डस, ओरिएंट बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड और भारत बुक आफ वल्र्ड रिकार्डस में नाम दर्ज किया गया है और उनको हरियाणा सरकार द्वारा आजीवन मुफ्त बस यात्रा पास भी प्रदान किया गया है।
चार दशक पूर्व रोहित ने जो साहित्यिक पौधा लगाया था, आज वह एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है जिसकी शाखाएं और टहनियां छतनार बनकर नवोदित रचनाकारों को आश्रय प्रदान कर रही हैं। रोहित को अपनी सेवाओं का फल आज भी मिल रहा है। उनके साहित्यिक अवदान को मद्देनजर रखते हुए देश की विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं ने बीते वर्ष 2025 में  उनको दो दर्जन से भी अधिक राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा गया है ।

रोहित ने अपने साहित्यिक जीवन में 82 पुस्तकों की भूमिकाएं तथा समीक्षाएं लिखकर लेखकों का हौंसला आफजाई किया है और शताधिक बार साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन कर नवोदित रचनाकारों को मंच प्रदान कर चुके हैं। जीवन के सत्तर साल पूर्ण कर लेने के बावजूद भी रोहित जी में कुछ और करने की महत्वाकांक्षा अभी शेष है। आशा की जानी चाहिए कि वर्ष 2026 में भी रोहित  साहित्यिक जगत को कुछ श्रेष्ठ देते रहने के लिए प्रयासरत रहेंगे ।
फोटो कैप्शन: रोहित यादव





दो गाये ली गई गोद तथा दिया दान
-अंकुर चौधरी ने 50 पेटी गुड़ दिया दान
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कनीना की आवाज।
 कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में विभिन्न लोगों ने गायों को गोद लिया तथा दान भी दिया। मिली जानकारी अनुसार माही राव मोतला कलां निवासी ने अपने जन्म दिन पर श्रीकृष्ण गौशाला में आकर एक गाय को गोद लिया तथा गायों को गुड़ खिलाया। वहीं जितेंद्र कुमार शर्मा ने एक गाय को गोद लिया और गायों को गुड़ खिलाया। इस मौके पर उनकी पुत्री अदिति एवं परिवार हाजिर रहा। इस मौके पर जहां श्रीकृष्ण गौशाला में अंकुर चौधरी ने 50 पेटी गुड़ का दान दिया। इन सभी का श्रीकृष्ण गौशाला पदाधिकारी ने अभिनंदन किया।
 भगत सिंह प्रधान श्रीकृष्ण गौशाला ने बताया कि गायों के लिए दिया गया दान कभी व्यर्थ नहीं जाता। जो लोग प्रत्यक्ष रूप से गायों की सेवा नहीं कर सकते वो परोक्ष रूप से गाय गोद लेकर भी सेवा कर सकते हैं। अब तक करीब 550 गाए गोली जा चुकी है तथा लोग दूरदराज से गायों की सेवा करने आ रहे हैं।
मिली जानकारी अनुसार जब से भगत सिंह प्रधान बने हैं तब से गौशाला में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आने वाले 6 महीनों में कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला हरियाणा की जानी-मानी गौशालाओं में से एक होगी। भगत सिंह प्रधान सुबह से शाम तक गौशाला की सेवा कर रहे हैं और वो भी निष्पक्षभाव की सेवा दे रहे हैं।
इस मौके पर मास्टर रामप्रताप, बलवान आर्य, कृष्ण प्रकाश, ओमप्रकाश ठेकेदार, पृथ्वी बोहरा आदि मौजूद रहे।
 फोटो कैप्शन 8: गायों को गोद लेते लोग



एनएसएस शिविर में  सावित्रीबाई फुले को किया याद
-बेवल में विक्रांत सेन ने डाला प्रकाश
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेवल में एनएसएस सात दिवसीय कैंप के तीसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के साथ की गई। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रवक्ता विक्रांत सेन ने स्वयंसेवकों को  सावित्रीबाई फुले के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले एक उच्च श्रेणी की समाज सुधारक और भारत में महिला शिक्षा की अग्रदूत थीं। वह भारत की पहली महिला शिक्षिकाओं में से एक थीं और उन्होंने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर लड़कियों के लिए कई स्कूल खोले। वे महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की प्रतीक हैं और आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं ।
अंग्रेजी प्रवक्ता दीपक शर्मा ने एनएसएस स्वयं सेवकों को श्रम के महत्व के बारे में समझाते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए परिश्रम और सही दिशा में किए गए प्रयास ही सफल होते हैं उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा की हमें सच्चे मन व पूरी लगन से लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर लैब सहायक धर्मपाल, तेजपाल  आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 07: विक्रांत सेन स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए



प्रदूषण से हो रही हैं प्रतिवर्ष लाखों मौत
-स्वयंसेवकों को प्रदूषण से बचाने के करने चाहिए उपाय-डाक्टर होशियार सिंह
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कनीना की आवाज।
प्रदूषण से  प्रतिवर्ष लाखों मौत हो रही हैं। स्वयंसेवकों को प्रदूषण से बचाने के करने चाहिए। ये विचार स्टेट अवार्डी शिक्षक डा. होशियार सिंह साहित्यकार ने कनीना के राजकीय माडल संस्कृति स्कूल कनीना में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर में विशेष संबोधन में व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि  प्रदूषण मुख्य रूप से
वायु, जल, मृदा और ध्वनि प्रदूषण के प्रकारों में बांटा गया है। जिनके कारण औद्योगीकरण, शहरीकरण, वाहनों का धुआं, कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग और अनुपयोगी शोर हैं। प्रदूषण के कारण हवा, पानी, मिट्टी और जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंचता है। प्रदूषण मानव गतिविधियों से उत्पन्न होते हैं और स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालते हैं।
    वायु प्रदूषण हवा में हानिकारक गैसों जिनमें कार्बन मोनोआक्साइड, सल्फर डाइआक्साइड, धूल के कणों और अन्य विषाक्त पदार्थों का मिलना, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है और बीमारियां होती हैं। वहीं जल प्रदूषण नदियों, झीलों और समुद्रों में औद्योगिक कचरे, घरेलू सीवेज, प्लास्टिक और रसायनों का मिलना, जिससे पानी पीने योग्य नहीं रहता। मृदा प्रदूषण मिट्टी में कीटनाशकों, उर्वरकों, औद्योगिक कचरे और प्लास्टिक जैसे हानिकारक पदार्थों का जमा होना, जिससे मिट्टी की उर्वरता कम होती है। जबकि ध्वनि प्रदूषण तेज और अवांछित शोर, जो यातायात, मशीनरी, लाउडस्पीकर और निर्माण कार्यों से आता है, जिससे तनाव और सुनने की क्षमता प्रभावित होती है।
  उन्होंने बताया कि रेडियोधर्मी प्रदूषण परमाणु गतिविधियों से निकलने वाले रेडियोधर्मी पदार्थों से होता है, जो अत्यंत घातक होता है। प्रदूषण उद्योगों से निकलने वाले धुएं और अपशिष्ट जल से वायु और जल प्रदूषण बढ़ता है। बढ़ती आबादी और निर्माण गतिविधियों से धूल और कचरा बढ़ता है। वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। कीटनाशकों और उर्वरकों का ज़्यादा इस्तेमाल मिट्टी और जल प्रदूषण करता है। अनुपचारित मल-मूत्र और ठोस कचरा जल और भूमि को दूषित करता है। जीवाश्म ईंधन का जलना ग्रीनहाउस गैसों को बढ़ाता है।  ज्वालामुखी विस्फोट जैसी प्राकृतिक घटनाएं भी प्रदूषण फैलाती हैं।
  डा. यादव ने बताया कि प्रदूषण से बचाव के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर कई तरीके बताये जिनमें मास्क पहनना, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना, पेड़ लगाना, कूड़ा न जलाना, घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना, और तुलसी, अदरक जैसी चीज़ों का सेवन करना। इसके अलावा, पानी और बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग और कम प्लास्टिक का प्रयोग भी महत्वपूर्ण है, ताकि प्रदूषण के स्रोतों को कम किया जा सके और हवा, पानी तथा मिट्टी को साफ रखा जा सके।
 उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन, साइकिल या पैदल चलने को प्राथमिकता दें, कारपूलिंग करें, और कम गाड़ी चलाएं। कूड़ा न जलाएं, प्लास्टिक का उपयोग कम करें, और कचरे को सही ढंग से निपटान करें। अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएं और हरियाली बढ़ाएं। बिजली और पानी की बचत करें, और ग्रीन क्लीनर जैसे पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों का उपयोग करें।प्लास्टिक की बोतलों और अन्य डिस्पोजेबल वस्तुओं के बजाय पुन: प्रयोज्य वस्तुओं का उपयोग करें। पत्तियां या कचरा न जलाएं, पटाखे न जलाएं। इन तरीकों को अपनाकर हम प्रदूषण को नियंत्रित कर सकते हैं और अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं।
 डा. यादव ने एड्स, धूम्रपान की हानियों एवं विभिन्न पकार की बीमारियों और उनके बचाव के बारे में भी जानकारी दी। इस मौके पर एनएसएस प्रभारी डा. मुंशीराम यादव ने भी विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर बलदीप प्राध्यापक, रवि यादव प्राध्यापक, अमृत सिंह विशेष शिक्षक, गुरदीप प्रवक्ता आदि मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 04 व 05: डा. होशियार सिंह स्टेट अवार्डी संबोधित करते हुए




थाना शहर कनीना पुलिस टीम ने शहर कनीना क्षेत्र से गुमशुदा नाबालिग बच्चे को परिजनों से मिलाया
-परिजन हुए खुश
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कनीना की आवाज।
थाना शहर कनीना की पुलिस टीम ने शहर कनीना से गुमशुदा नाबालिग बच्चे को उसके परिवार से मिलाकर सराहनीय कार्य किया है।
थाना शहर कनीना की पुलिस टीम ने कनीना क्षेत्र में लापता हुए एक प्रवासी परिवार की बच्चे को उसके परिजनों से मिलवाया। आज थाना शहर कनीना पुलिस टीम को सूचना मिली कि एक बच्चा गुम हो गया है। सूचना पर तुरंत प्रभाव से पुलिस ने बच्चे को ढूंढने के प्रयास शुरू कर दिए। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मात्र 30 मिनट में ही बच्चे को कोटिया-कनीना रोड से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और उसके परिजनों को सौंप दिया।
दरअसल बच्चा खेलते खेलते घर से दूर निकल गया था और रास्ता भटक गया था। परिजनों ने जब बच्चे को सकुशल देखा तो उनके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ आई, उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया।






6 जनवरी के धरने को लेकर तैयारियां जोरों पर
-अतरलाल के दौरे शुरू
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कनीना की आवाज।
बांग्लादेश में हिन्दुओं की हो रही हत्याओं और अत्याचारों को लेकर इलाके के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। इलाके के लोग हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में आगामी 6 जनवरी को उपमंडल अधिकारी नागरिक कनीना कार्यालय के समक्ष भारी संख्या में इकट्ठे होकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
  यह दावा प्रजा भलाई संगठन के नेता समाजसेवी अतरलाल ने भोजावास, सुन्दरह, कोका, गुढ़ा, कैमला गांवों में लोगों में धरना प्रदर्शन के लिए आमंत्रित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने लोगों से बांग्लादेश में रह रहे हिन्दुओं की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह समय बांग्लादेश में अत्याचार सह रहे हिन्दुओं के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने का है। बांग्लादेश के हिन्दुओं को अपनापन का एहसास कराना प्रत्येक भारतवासी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि 6 जनवरी के धरना प्रदर्शन को लेकर इलाके के लोगों में भारी उत्साह है। उन्होंने वहां हिन्दुओं की हत्याओं तथा अत्याचारों के लिए बांग्लादेश सरकार को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि सरकार दहशतगर्दों तथा आतंकवादियों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बांग्लादेश में पीडि़त हिन्दुओं की रक्षा के लिए केन्द्र सरकार स्तर पर सार्थक प्रयास करने की मांग की। इस अवसर पर उनके साथ सुभाष यादव, दानसिंह प्रजापत, भागसिंह चेयरमैन, कैलाश सेठ, राजबीर आदि संगठन पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 02: लोगों को धरना प्रदर्शन का निमंत्रण पत्र सौंपते अतरलाल।




संत मंदिर निर्माण के लिए दिये 22 हजार रुपये
दो भाइयों ने दिया दान, ट्रस्ट पदाधिकारियों ने किया उनका अभिनंदन
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कनीना की आवाज।
संत आश्रम निर्माण के लिए विभिन्न लोगों ने सहयोग दिया है।
आश्रम ट्रस्ट प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि उमेश यादव कनीना व डा. यादवेंद्र यादव दोनों भाइयों ने मिलकर 11-11 हजार रुपये का  सहयोग किया है।
 उमेश यादव ने कहा कि वह प्रतिदिन मंदिर में बाबा के दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर निर्माण का कार्य देखकर उनके मन में भी भावना जागृत हुई और उन्होंने यह सहयोग राशि मंदिर निर्माण के लिए अर्पित की। इस मौके पर मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने दोनों भाइयों की सराहना करते हुए कहा कि उनका सहयोग हमारे लिए प्रेरणा है। उन्होंने डा.यादवेंद्र व उमेश यादव के पूरे परिवार का सम्मान स्मृति चिन्ह देकर किया और कहां कि हमेशा से उमेश यादव बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा रखते हैं। प्रतिदिन मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं। उनका हम दिल से आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने हमें इस सहयोग किया है। इस मौके पर कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे जिनमें रमेश, बलबीर साहब, प्रकाश साहब, मास्टर अनिल, संजीत, राजेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, अशोक डीपी, शिवचरण, शिव कुमार, लाल सिंह, पवन कुमार, सोनू यादव, महेंद्र यादव, अरविंद यादव व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: दानदाताओं को स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए।



प्राचार्य कुतरूं के कारनामे, इसी ब्लाग पर 14 जनवरी से
-पढ़ते रहिये कनीना की आवाज

साल में एक विज्ञापन भी नहीं दिया
-वो मेरे पास प्रकाशन हेतु न भेजे समाचार


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