बलिदानी रविपाल सिंह का 20वां बलिदान दिवस मनाया
-पाथेड़ा में किया बलिदानी को याद
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कनीना की आवाज। गांव पाथेड़ा के शहीद रविपाल सिंह के 20वां बलिदानी दिवस पर एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। गांव के गणमान्य व्यक्तियों के द्वारा उनकी वीरगाथा का गुणगान किया गया।
उन्होंने देश की सेवा करते हुए मणिपुर में 2006 के आपरेशन हिफाजत के दौरान प्राण न्यौछावर किये थे। वे अपने अंतिम सांस तक देश की रक्षा के लिए लड़ते रहे। इस मौके पर नगरपालिका कनीना के एडवोकेट दीपक चौधरी बतौर मुख्य अतिथि रहे, वही वशिष्ठ अतिथि के रूप में डा. प्रवीण यादव रहे।
इस अवसर पर दीपिक चौधरी ने कहा कि बलिदानी किसी एक जाति-परिवार का नहीं होता क्योंकि शहीद पूरे राष्ट्र का होता है वो देश की सेवा करने के लिए सीमा पर रक्षा करता है। इस तरह शहीद रविपाल सिंह ने अपनी 24 वर्ष की आयु में अपने प्राणों की आहुति देश के लिए दी।
इस मौके पर बलिदानी की माता ओमवती देवी व उनके भाई अभिषेक तंवर ने बलिदानी रविपाल सिंह की वीरता की सराहना की।
इस मौके पर गांव के सरपंच जर्मन सिंह, कैप्टन मामन सिंह, सूबेदार सुखदेव सिंह, पूर्व जिला पार्षद सतपाल, नरेंद्र फौजी, सूबेदार सूबे सिंह, अनमोल तंवर आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 14: शहीद रविपाल को याद करते हुए
कनीना अनाज मंडी में व्यापार मंडल का नववर्ष मिलन समारोह आयोजित
-साफ-सफाई और पुलिस वेरिफिकेशन पर दिया जोर
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कनीना की आवाज। कनीना की अनाज मंडी में व्यापार मंडल कनीना द्वारा नववर्ष के उपलक्ष्य में नववर्ष मिलन समारोह का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम कनीना डा. जितेंद्र सिंह अहलावत उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह अहलावत ने कहा कि व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारी जब भी किसी व्यक्ति को नौकरी पर रखें या अपनी संपत्ति किराये पर दें, तो उसका पुलिस वेरिफिकेशन अवश्य करवाएं, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाने की शुरुआत प्रत्येक व्यापारी को अपने दुकान और प्रतिष्ठान के बाहर साफ-सफाई से करनी चाहिए। इससे धीरे-धीरे पूरे शहर में स्वच्छता की सकारात्मक क्रांति आएगी। मार्केट कमेटी चेयरमैन जेपी कोटिया ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए बताया कि शीघ्र ही कनीना अनाज मंडी में अटल कैंटीन की शुरुआत की जाएगी। इसके साथ ही मंडी में टीन शेड निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा तथा नई अनाज मंडी की दीवारों के ऊपर तारबंदी करवाई जाएगी, जिससे चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। समारोह में उप-चेयरमैन दीपक गुप्ता, नगरपालिका प्रधान रिंपी, ब्लाक समिति चेयरमैन जयप्रकाश ककराला, पार्षद दीपक चौधरी एवं तनीष राव, व्यापार मंडल के प्रधान पूर्ण चंद, उप-प्रधान महेंद्र सेठ एवं महासचिव सुभाष यादव, गौरी शंकर, अशोक ठेकेदार (पूर्व प्रधान), विजय कुमार, हरीश, नरेंद्र प्रधान, राज सिंह, भीमसेन गोयल, अशोक कोका, विक्की पंसारी, विनोद भोजावास, यतीश गर्ग, राकेश गर्ग, विनीत बंसल, अखिल अग्रवाल, सुभाष गेरा, रोहतास सेठ, बजरंग सिंघल, घनश्याम शर्मा, प्रशांत यादव, राजेंद्र, राज, सत्यनारायण गोयल, बबलू, सुरेंद्र, पवन गोयल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 13: एसडीएम डा. जितेंद्र अहलावत संबोधित करते हुए
दौंगड़ा अहीर में एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ
-चेयरमैन मार्केट कमेटी अटेली रहे मुख्य अतिथि
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डोंगरा अहीर में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ शुक्रवार को उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि दिनेश जैलदार, चेयरमैन मार्केट कमेटी अटेली तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं सरपंच सुनीता देवी ने की।
मुख्य अतिथि दिनेश जैलदार ने एनएसएस स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया और सामाजिक जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने की प्रेरणा दी। सरपंच सुनीता देवी ने स्वयंसेवकों से समाज में नशा उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता फैलाने की अपील की। कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार एवं सह-प्रभारी पवन कुमार जांगड़ा ने शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की। विद्यालय के प्राचार्य विनोद कुमार यादव ने अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट किये। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ सदस्य श्रीमती रेणु प्रवक्ता, नीरज कुमार शर्मा, नरेंद्र, कर्ण सिंह, रूपेश, बाबूजी विक्रम एवं नंदलाल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 12: दौंगड़ा अहीर में एनएसएस शिविर
अतिक्रमण हटाने में असफल रही है नगरपालिका एवं प्रशासन
-अतिक्रमण का शिकार हैं जोहड़ एवं बणिया
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कनीना की आवाज। कनीना की सभी बणियों का आकार घटता ही जा रहा है। आधा दर्जन बणिया हैं जिनमें से कोई भी बणी अपने वास्तविक आकार से आधी भी नहीं बची है। सरकार एवं प्रशासन ने कभी इन बणिया की पैमाइश नहीं करवाई है। यही कारण है कि बणिया में पक्के मकान, ट्यूबवेल एवं अतिक्रमण करके पेड़ों को नष्ट कर दिया है वहीं जमीन को कब्जा लिया है। पूर्व प्रशासक एसडीएम कनीना ने विगत दिनों अतिक्रमण करने वालों को नोटिस भी दिये थे किंतु अतिक्रमण हटाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई तथा बाद में नगरपालिका ने भी कोई कार्रवाई नहीं की है। लोगों की निगाहें सभी जोहड़ों तथा बणियों/जंगलों में किया हुआ अतिक्रमण हटवाने वालों पर टिकी हुई हैं।
कनीना में करीब छह बणिया होती थी जिनमें से रणास, पीपलवाली, बड़ी बणी, छोटी बणी, मानका आदि प्रमुख थी। जहां बड़ी बणी में शिक्षण संस्थान, वाटर स्टोर केंद्र, गौशाला, आवास बनने के अतिरिक्त चारों ओर से अतिक्रमण के चलते बस नाम की बड़ी बणी रह गई है। इस बणी में पेड़ों को भारी क्षति हुई है और अभी भी अतिक्रमण जारी है। उधर छोटी बणी का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया है। यहां मोलडऩाथ आश्रम स्थित है। रणास की बणी में कोई पेड़ नहीं बचा है यहां सीवर ट्रिटमेंट प्लांट लगा दिया गया है वहीं चारों ओर से अतिक्रमण हो चुका है। मानका एवं पीपलवाली बणी अब सिकुड़ती जा रही हैं। सबसे अधिक अतिक्रमण इन दोनो बणियों पर हुआ है और अभी भी जारी है। इन बणिया में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, ट्यूबवेल, आवास बनाने तथा किसानों द्वारा अतिक्रमण के चलते आधी से भी कम रह गई हैं। पीपलवाली बणी में तो सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए गंदा जल स्टोर किया जा रहा है। नगरपालिका ने विगत दशकों से इन बणिया की न तो सुध ली है और न पैमाइश करवाई है। अगर सभी बणिया की सुध ली जाए तो प्राप्त जमीन को बोली पर छोड़कर करोड़ों रुपये की आय प्राप्त हो सकती है वहीं जंगली जीवों का संरक्षण हो सकता है।
कुछ जन अवैध पक्के मकान बनाकर बिजली कनेक्शन, पानी आदि सभी सुविधाएं लेकर के सरकार को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
मिली जानकारी अनुसार कनीना पालिका के करीब 335 कनाल 16 मरला जमीन कृषि योग्य है वहीं कोटिया गांव के पास रणास की बेणी(जंगल)32 कनाल पांच मरला है जहां सीवर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लग चुका है वहीं बड़ी बेणी करीब 800 कनाल की है जिसमें से 58 एकड़ डीएवी को 99 सालों के पट्टे पर, पांच एकड़ गौशाला के लिए तथा दस एकड़ वन विभाग एवं वाटर सप्लाई हेतु दिया हुआ है, 115 प्लाट भी बने हुए हैं। करोड़ों की लागत से कान्ह सिंह पार्क भी बना है। पीपलावाली बणी 125 कनाल, मानका वाली बणी 82 कनाल, दस मरला है। उधर धार्मिक स्थानों की होड़ भी बणियों में बढ़ गई है।
सभी बणिया चारों ओर से पेड़ काटकर संकीर्ण बना डाली हैं वहीं अवैध निर्माण करके बिजली पानी कनेक्षन भी ले रखे हैं। जंगली जीव लुप्त हो गए हैं वहीं जंगलों के एक सिरे से दूसरे सिरे तक आर पार देखा जा सकता है। इनकी पैमाइश करवाकर पौधारोपण करवाने की मांग बढऩे लगी है।
कनीना की अधिकांश बणियों का अस्तित्व खतरे में--
आने वाले समय में कनीना की बड़ी बणी, छोटी बणी, मानका वाली बणी, रनास वाली बणी सभी महज कागजों तक सीमित रह जाएंगी। सरकार को पैमाइश करवा कर समस्त सरकारी जमीन अपने कब्जे में लेनी चाहिए। पेड़ों की कटाई करने वालों पर भी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया तो वो दिन दूर नहीं जब एक इंच जगह भी बणियों की नहीं बच पाएगी।
आलम यह है कि जब भी कोई कार्यालय इन बणियोंं की जगह बनाये जाने की सोची जाती है तो वहां मौके पर जमीन उपलब्ध नहीं हो पाती है या जोहड़ बने दिखाये जाते हैं। वोट की खातिर भी बणियों की पैमाइश नहीं करवाई जाती है।
निवर्तमान प्रधान सतीश जेलदार ने कई बार उच्चाधिकारियों से बणियों की पैमाइश की मांग की थी किंतु सिरे नहीं चढ़ पाया। अब देखा जाना है कि कौन अतिक्रमण को हटा पाएगा?
फोटो कैप्शन 10: कनीना की छोटी बणी में इक्का दुक्का जाल के पेड़।
विभिन्न पर्वों के दृष्टिगत बाजार में आई मूंगफली,रेवड़ी, तिल एवं गजक की बहार
-13 जनवरी से चलेंगे पर्व
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कनीना की आवाज। विभिन्न पर्वों के दृष्टिगत बाजार में मूंगफली, रेवड़ी, तिल एवं गजक, शकरकंदी, तिल आदि की बहार आ गई है। बाजारों में जहां भी देखे ठेलों पर तथा सब्जी की दुकानों पर ये पदार्थ सजे मिलते हैं। 13 जनवरी को लोहड़ी का पर्व आ रहा है जब रेवड़ी एवं मूंगफली जमकर खाई जाती हैं। वहीं 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर गुड़, मूंगफली, शक्कर, शकरकंदी, गजक जमकर खाई जाती हैं वहीं 6 जनवरी को तिल कुटनी का व्रत आ रहा है जब महिलाएं व्रत रखती हैं तथा तिल कूटकर खाती हैं।
लोहड़ी-
13 जनवरी को देशभर में लोहड़ी का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व पंजाबी समुदाय के विशेष होता है।
इस पर्व से जुड़ी यादों के बारे में सुभाषचंद धींगड़ा ने बताया कि पर्व लोहड़ी से पंजाब में दुल्ला भट्टी का नाम जुड़ा है। इनका जिक्र लोहड़ी से जुड़े हर गीत में भी किया जाता है। कहा जाता है कि मुगल काल में बादशाह अकबर के समय में दुल्ला भट्टी नाम का एक युवक पंजाब में रहता था। कहा जाता है कि एक बार कुछ अमीर व्यापारी कुछ समान के बदले इलाके की लड़कियों का सौदा कर रहे थे। तभी दुल्ला भट्टी ने वहां पहुंचकर लड़कियों को व्यापारियों के चंगुल से मुक्त कराया। और फिर इन लड़कियों की शादी हिन्दू लड़कों से करवाई। इस घटना के बाद से दुल्ला को भट्टी के नायक की उपाधि दी गई और हर बार लोहड़ी पर उसी की याद में कहानी सुनाई जाती है।
मकर संक्रांति-
14 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व मनाया जाएगा। इस पर्व पर गजकए शकरकंदी एवं मूंगफली अधिक मांग रहती है तथा रात भर लोग ईंधन जलाकर उस के समीप बैठे इन पदार्थों का सेवन करते हैं।
कनीना के बाजार में मूंगफली, गजक और रेवड़ी का भी बोल बाला है। मूंगफली, गजक, रेवड़ी जैसे पदार्थ 13 जनवरी व 14 जनवरी को जम कर खाए जाते हैं। पूरी रात लोग आग के पास बैठे रहते हैं और इन पदार्थों का उपयोग करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सुबह सवेरे जल्दी उठकर स्नान किया जाना भी बेहद लाभकारी हैं। इस दिन दान पुण्य की परंपरा चलती रहती है। इस पर्व पर दिनभर गुड़ का चूरमा एवं दाल खाई जाती है जो पुराने समय से चली आ रही है।
मूंगफली,रेवड़ी, तिल एवं गजक बेचने वाले रोहित कुमार तथा योगेश कुमार ने बताया कि पर्वों को ध्यान में रखते हुए इन पदार्थों को अधिक मात्रा में रखा जाता है ताकि उनकी बिक्री हो सके और वे अपनी रोटी रोटी कमा सके। इस बार विगत वर्ष की तुलना में मूंगफली,रेवड़ी, तिल एवं गजक करीब 20 रुपये किलो महंगी हैं। मूंगफली 125 रुपये प्रति किलो तक बेच रहे हैं।
तिल कुटनी-
क्षेत्र में 06 जनवरी को तिल कुटनी का व्रत आ रहा है जिसमें तिल एवं गुड़ की मांग अधिक होती है। इस पर्व पर तिलों को कुटकर तथा चासनी में डालकर बनाई गई विशेष प्रकार की केक खाकर मनाया जाता है। अविवाहित महिलाएं अपने सुपति की कामना से तो विवाहित महिलाएं अपने पुत्र एवं भाई एवं पति की मंगलकामना के लिए व्रत करती हैं। चांद को देखकर तथा उसे अघ्र्य देकर ही इस व्रत का समापन किया जाता है। ऐसे में बाजार में तिल आ गये हैं जो विवाहित लड़कियों तक उसके परिजन पहुंचाने जा रहे हैं जिसे त्योहारी नाम से जाना जाता है।
ठेले एवं दुकानों पर सजे सामान.
जहां सब्जी की दुकानों पर शकरकंदी भारी मात्रा में आ रही हैं जो 40 रुपये किलो तक बिक रही हैं। विगत वर्ष 25 रुपये किलो तक भाव था। ठेले पर रेवड़ी लगाने वाले शिव कुमार, देवेश कुमार, नरेश कुमार ने बताया कि 180 रुपये किलो तक रेवड़ी बेची जाती हैं। रेवड़ी एवं गजक के लिए रेवाड़ी एवं रोहतक मशहूर हैं जहां से बनकर आती हैं। मार्केट में वर्तमान में कुछ दिनों तक इन्हीं पदार्थों का जोर रहेगा। ग्राहक भी खूब आ रहे हैं। इनसे रोटी रोजी भी सैकड़ों ठेले वाले कमा रहे हैं।
फोटो कैप्शन 9: मूंगफली,रेवड़ी, तिल एवं गजक तिल बेचते हुए।
70 प्रतिशत घरों में लग गए हैं आरओ
- दुकानदार भी लेते हैं गाडिय़ों द्वारा सप्लाई किया जाने वाला आरओ का पानी
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कनीना की आवाज। कनीना और आसपास क्षेत्र में जहां जलस्तर गिरता ही जा रहा है वही पेयजल का अभाव होने से 70 फीसदी घरों में आरओ लगवा लिए गए हैं। चाहे आरओ के कुछ लाभ तो वही हानियां भी बताई जा रही है किंतु मजबूरीवश कनीना क्षेत्र में आरओ की मांग बढ़ती जा रही है। हर छोटे और बड़े शहरों गांवों में आरओ की दुकानें खुली हुई है। न केवल आरओ लगाए जाते हैं अपितु उनको ठीक भी किया जाता है। वहीं आरओ के प्रति रुझान देखने को मिल रहा है।
जब कभी लोग सफर पर जाते हैं तो भी आरओ जल की बोतल खरीद कर पीने को मजबूर हो जाते हैं । कनीना और आसपास क्षेत्र में क्षेत्र में फ्लोराइड युक्त पानी है वहीं खारा जल अधिक है जिसके चलते आरओ की मांग बढ़ी है। कनीना क्षेत्र इसराणा एवं ढाणा सहित आसपास के गांवों में जल में फ्लोराइड की मात्रा अधिक है जो दांतों को खराब कर देता है और पीलेपन का कारण बनता है। वहीं विभिन्न गांवों के जल में भी फलोराइड के अतिरिक्त अन्य हानिकारक तत्व पाए गए हैं वहीं टीडीएस 5000 से 6000 के बीच भी जल में देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि लोग टीडीएस घटाकर आरओ का पानी प्रयोग कर रहे हैं। कनीना और आसपास की दुकानदार आरओ का पानी सप्लाई करने वाले गाडिय़ों से प्रतिदिन जल का कैन लेते हैं जो सिद्ध करता है कि यहां का पीने योग्य जल कम होने से परेशान हैं। यही कारण है कि आप का पानी सप्लाई करने वालों की मांग बढ़ती ही जा रही है। विवाह शादी और किसी भी उत्सव आदि में भी आरओ का पानी इन गाडिय़ों से मंगवाया जाता है।
कनीना क्षेत्र के गांव धनौंदा, सीहोर, सेहलंग, कनीना सहित दर्जनों गांवों में कहीं अधिक तो कुछ क्षेत्रों में कम खारा जल पाया जाता है। पीने योग्य जल न होने के कारण आरओ मजबूरी है।
क्या कहते हैं आरओ का काम करने वालों का-
कनीना क्षेत्र के आरोप के काम करने वाले अशोक कुमार का कहना है कि 70 प्रतिशत से अधिक घरों में आरओ लगवाए जा चुके हैं। जो आरओ नहीं लगवाते वो आरओ का पानी सप्लाई किये जाने वाली गाडिय़ों का पानी पी रहे हैं, उनकी यह मजबूरी है। उन्होंने कहा बताया कि आरओ में एक ही गुण है कि कितना भी खराब जल या खारी जल या अन्य विषैला तत्वों से युक्त क्यों न हो उनको भी पीने योग्य बना देता है। जिसके कारण भी लोग आरओ की तरफ लालायित हैं। उन्होंने बताया कि आरओ घरों के उद्देश्य के लिए और व्यावसायिक उद्देश्य के लिए भी स्थापित हो रहे हैं। जहां कुछ जगह फिल्टर की जरूरत होती तो वहां फिल्टर भी प्रयोग किया जा रहे हैं जहां आप की मांग होती है मां और स्थापित किया जा रहे हैं। आरओ की कीमत भी अब इतनी अधिक नहीं होती कि जिसे प्रयोग नहीं किया जा सके? यही कारण है कि विभिन्न शिक्षण संस्थानों कार्यालय में आरओ लगा दिए गए हैं और आजकल आरओ में अल्ट्रावायलेट किरण भी प्रयोग होने लगा है जिससे किसी हानिकारक रोगाणु आदि भी पूर्णतया नष्ट हो जाते हैं। उनका कहना है कि आरओ आज के दिन सिर चढ़कर बोलता है और लोग आरओ के पानी को विश्वास के साथ पी लेते हैं। नहर पर आधारित पेयजल सप्लाई का जल का टीडीएस अच्छा मिलता है जो पीने योग्य होता है।
क्या कहते हैं डाक्टर-डा. जितेंद्र मोरवाल उप-नागरिक अस्पताल कनीना ने बताया कि क्षेत्र का जल कठोर है जिसमें फ्लोराइड अधिक पाया जाता है जो फ्लोरोसिस और दांतों के रोग कर देता है। फ्लोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के कैल्शियम को हटाकर फ्लोराइड जुड़ जाता है जिससे घुटनों के दर्द, कमजोरी आ जाती है। ऐसे में सबसे सरल उपाय पानी को उबालकर ाठंडा होने के लिए रख दे। कुछ समय पश्चात नीचे का करीब एक से डेढ़ इंच छोड़कर बाकी किसी बर्तन में उड़ेल ले। यह जल स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा या फिर जल को साफ करने वाले आरओ जैसे यंत्र लगाने चाहिए किंतु ध्यान रहे टीडीएस 100 पीपीएम के आसपास होनी चाहिए।
फोटो कैप्शन: अशोक कुमार एवं डा. जितेंद्र मोरवाल
धनौंदा में शुरू हुआ 7 दिवसीय एनएसएस शिविर
--प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने नशे की बुराइयों पर डाला प्रकाश
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कनीना की आवाज। राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनौंदा में राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय कैंप का शुभारंभ हुआ।
विद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी एवं राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता राजेश कुमार ने शिविर में समयबद्धता तथा अनुशासन पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों के सर्वांगीण विकास पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व तथा राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में बताया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार के अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने स्वयं सेवकों का आह्वान किया कि वे देश के लिए सर्वस्व अर्पण करने के लिए तैयार रहें। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मिथिलेश कुमार, संस्कृत के पूर्व प्रवक्ता राजेश कुमार, कला अध्यापिका पूनम देवी, एसएमसी कमेटी के प्रधान करतार सिंह तथा गौरव सहित विद्यालय के स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 07: एनएसएस प्रभारी राजेश कुमार स्वयंसेवकों को जानकारी देते हुए
भडफ़ में आयोजित हुआ हेल्थ चेकअप कार्यक्रम
- 0 से 6 आयु वर्ग के 80 की, की गई स्वास्थ्य जांच
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के गांव भडफ़ के आंगनबाड़ी केंद्र पर 0 से 6 आयु वर्ग के 80 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। स्वास्थ्य जांच करने के लिए कनीना उप- नागरिक अस्पताल के डा.विनय शर्मा पहुंचे।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य जांच करने पर कुछ बच्चों में सर्दी, जुकाम, खांसी पाई गई वही कुछ बच्चे जन्मजात दोष, एनीमिया, कुपोषण के शिकार पाए गए जबकि कुछ बोलने और सीखने संबंधी रोगों से पीडि़त पाए गए तो कुछ को सांस लेने की दिक्कत तथा मध्यम दर्जे के कुपोषण के शिकार पाए गए।
डा. शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य जांच के मौके पर दवाई नहीं ली है जाती अपितु बच्चों की जांच की जाती है और उन्हें विभिन्न प्रकार की बीमारियों के अनुसार अलग-अलग अस्पताल में रेफर किया जाता है। जहां रोग को पूर्ण रूप से जांचा जाता है तत्पश्चात दवाई दी जाती है।
इस मौके पर डा. निकिता शर्मा, राजकुमार फार्मासिस्ट, सुनीता एएनएम के अतिरिक्त उर्मिला यादव आंगनवाड़ी वर्कर, शकुंतला आंगनवाड़ी सहायिका उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: बच्चों की जांच करते स्वास्थ्य कर्मी
नव वर्ष पर कई गाये ली गई गोद तथा दिया दान
-अंकुर चौधरी ने 25 पेटी गुड़ दिया दान
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कनीना की आवाज। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में नववर्ष आगमन पर विभिन्न लोगों ने गायों को गोद लिया तथा दान भी दिया। मिली जानकारी अनुसार जगदीश कनीना निवासी ने श्रीकृष्ण गौशाला में आकर एक गाय को गोद लिया तथा 5100 रुपए का दान दिया। वहीं राहुल कनीना निवासी ने एक गाय को गोद लिया और 5100 रुपए का दान दिया। मास्टर सुरेंद्र सोनी भडफ़ निवासी ने गायों के लिए 14000 रुपए का दान दिया। इस मौके पर जहां श्रीकृष्ण गौशाला में अंकुर चौधरी ने 25 पेटी गुड़ का दान दिया। इन सभी का श्रीकृष्ण गौशाला पदाधिकारी ने अभिनंदन किया।
भगत सिंह प्रधान श्रीकृष्ण गौशाला ने बताया कि गायों के लिए दिया गया दान कभी व्यर्थ नहीं जाता। जो लोग प्रत्यक्ष रूप से गायों की सेवा नहीं कर सकते वो परोक्ष रूप से गाय गोद लेकर भी सेवा कर सकते हैं। अब तक करीब 550 गाए गोली जा चुकी है तथा लोग दूरदराज से गायों की सेवा करने आ रहे हैं।
मिली जानकारी अनुसार जब से भगत सिंह प्रधान बने हैं तब से गौशाला में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आने वाले 6 महीनों में कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला हरियाणा की जानी-मानी गौशालाओं में से एक होगी। भगत सिंह प्रधान सुबह से शाम तक गौशाला की सेवा कर रहे हैं और वो भी निष्पक्षभाव की सेवा दे रहे हैं।
इस मौके पर मास्टर रामप्रताप, बलवान आर्य, कृष्ण प्रकाश, रामपाल यादव, राजेश वर्मा, करण सिंह, अमीर सुपरवाइजर आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 6: गायों को गोद लेते लोग
दूसरे दिन भी आकाश में छाये रहे बादल
-सूर्य देव करता रहा आंख मिचौनी, शीतलहर जारी
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कनीना की आवाज। कनीना शुक्रवार को दूसरे दिन भी बादल छाए रहे। जहां गत दिनों बूंदाबांदी हुई थी किंतु शुक्रवार को कोई बूंदाबांदी नहीं हुई। शीत लहर जारी है। जहां धुंध एवं कोहरा नहीं पड़ा किंतु ठंड बढ़ गई है जिसके चलते लोग घरों में दुबके रहे या फिर आग सेकते रहे।
कनीना क्षेत्र में इस बार मौसम बार-बार बदल रहा है। कभी कड़ाके की ठंड तो कभी धुंध एवं कोहरा, कभी पाला जमा तो कभी मौसम साफ रहा है। जहां किसानों से चर्चा की गई तो किसानों ने बताया कि मौसम अभी फसलों के अनुकूल है। रबी फसलों के लिए पर्याप्त सर्दी चाहिए किंतु लंबे समय तक मौसम खराब रहे एवं सूर्य न निकले तभी फसलों को कोई नुकसान होने का अंदेशा हो जाता है। बहरहाल अभी तक कोई फसल नुकसान होने की संभावना नहीं है। किसान अपनी फसलों को लगातार निहार रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि जल्दी उनकी फसल पक जाएगी। वैसे तो बसंत पंचमी 23 जनवरी की है और तब तक सरसों के लगभग सभी फूल समाप्त होने की संभावना बन गई है। इस बार सर्दी के चलते मधुमक्खी पालक भी नहीं आए हैं क्योंकि माना जा रहा है कि फसलों में कीटनाशक दवाई छिड़की जाती है जिससे मधुमक्खियां के मरने की संभावना बन जाती है। कनीना क्षेत्र में इस बार 20000 हेक्टेयर पर सरसों तो 8000 हेक्टेयर पर गेहूं की फसल खड़ी है। आने वाले समय में पता लग पाएगा की मौसम किस करवट बदलता है और फसलों पर क्या हश्र होता है।
फोटो कैप्शन 5:कनीना में आकाश में छाए हुए बादल
वार्ता समिति में संपादक बने सत्यवान
-फूल मालाओं से किया गया अभिनंदन
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कनीना की आवाज। बूचावास सब डिवीजन में सत्यवान यादव को हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन द्वारा वार्ता समिति में संपादक का पद मिलने पर सभी कर्मचारियों द्वारा पगड़ी पहनाकर और फूल मालाओं से सम्मान किया गया।
बूचावास में एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसकी अध्यक्षता सतीश जेई सीहोर ने की तथा मंच का संचालन रमेश फोरमैन द्वारा किया गया। इस मौके पर सुनील वर्मा सचिव, उप-प्रधान दिनेश, सोमबीर लाइनमैन, कैशियर आलोक, बंशीराम फोरमैन, दीपक लाइनमैन, सुनील यूडीसी, मुकेश यूडीसी, सपना एलडीसी, संजीत लाइनमैन, जितेंद्र लाइनमैन, अंचल, नवीन ,गोपाल, राजकुमार, गोपाल, कृष्ण इत्यादि कर्मचारी मौजूद रहें।
फोटो कैप्शन 04: सत्यवान का अभिनंदन करते हुए
सात दिवसीय एनएसएस शिविर शुरू
--52 स्वयंसेवक ले रहे हैं भाग
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कनीना की आवाज। राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में सात दिवसीय एनएसएस कैंप का शुभारंभ प्राचार्य सुनील खुडानिया ने किया। प्राचार्य सुनील खुडानिया ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस के माध्यम से बच्चों को अनुशासन, नैतिक सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना सिखाया जाता है। तथा अपने आपको कैसे समाज में समायोजित किया जाता है इस पर भी प्रकाश डाला। स्वयंसेवकों को पढ़ाई के ऊपर विशेष ध्यान रखते हुए अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना चाहिए।
एनएसएस कैंप के इंचार्ज डा. मुंशीराम ने सभी स्वयंसेवकों को संबोधित किया और कहा कि इस सर्दी के मौसम में सभी को एक तो अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना है। और सभी सामाजिक गतिविधियों में सकारात्मक सोच से भाग लेना है। इस कैंप के तहत विद्यालय की सफाई का विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वयंसेवकों से श्रमदान भी लिया जाएगा। स्वयंसेवकों को विभिन्न को पाठ्यक्रम से संबंधित गतिविधियों से अवगत करवाया जाएगा। यह कैंप 8 जनवरी तक चलेगा जिसमें 52 स्वयंसेवक भाग लेंगे। इस अवसर पर रवि यादव प्रवक्ता इंग्लिश, नरेश कुमार प्रवक्ता हिंदी ,बलदीप प्रवक्ता इतिहास , अमृत सिंह राघव विशेष शिक्षक व लोक गायक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: एनएसएस शिविर का शुभारंभ करते प्राचार्य
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में संगठन देगा धरना
-6 जनवरी को एसडीएम कार्यालय समक्ष दिया जाएगा धरना
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कनीना की आवाज। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में आगामी 6 जनवरी को उपमंडल अधिकारी नागरिक कनीना के कार्यालय के समक्ष प्रजा भलाई संगठन के कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करेंगे।
यह घोषणा संगठन के अतरलाल एडवोकेट ने खेड़ी तलवाना गांव के बाबा भोलागिरी आश्रम में आयोजित विशाल भंडारा में प्रसाद ग्रहण करने के बाद श्रद्धालुओं से विचार विमर्श करने के बाद की। उन्होंने बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि पड़ोसी बांग्लादेश में चुन-चुन कर हिंदुओं की हत्याएं की जा रही हैं। उनके घरों में आग लगाई जा रही है। बहन-बेटियों- माताओं का अपहरण कर दुराचार किया जा रहा है। वहां हिन्दुओं का रहना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हो रहे हिन्दुओं पर अत्याचार के कारण हर भारतवासी में रोष व्याप्त है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से तत्काल कारगर कदम उठाकर बांग्लादेश में रह रहे हिन्दुओं की जान-माल की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने के लिए बांग्लादेश सरकार पर पूरा दबाव बनाने व राजनयिक कार्यवाही करने की मांग की। उन्होंने भंडारा में उपस्थित साधु संतों तथा श्रद्धालुओं से आगामी 6 जनवरी को उपमंडल अधिकारी (ना.) कनीना के कार्यालय के समक्ष किए जा रहे धरना प्रदर्शन में बढ़ चढ़़ कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा इस दौरान प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी उपमंडल अधिकारी नागरिक कनीना के मार्फत भेजा जाएगा।
फोटो कैप्शन 03: खेड़ी तलवाना में आयोजित भंडारा में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु
कुतरूं प्राचार्य के कारनामे कृति की कडिय़ां पढ़े 14 जनवरी से, कनीना की आवाज में





















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