Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Saturday, July 25, 2026



 



पुलिस की कार्रवाई
 अवैध शराब बेच रहे आरोपी को 24 बोतल शराब सहित किया गिरफ्तार
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कनीना की आवाज।
थाना सदर कनीना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को अवैध शराब सहित गिरफ्तार किया है।
पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि विकास निवासी गांव कोका, थाना सदर कनीना अपने घर से अवैध रूप से शराब बेचने का कार्य करता है। सूचना के आधार पर थाना सदर कनीना पुलिस ने तत्काल रेडिंग टीम का गठन कर आरोपी के मकान पर दबिश दी।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुल 24 बोतल अवैध शराब बरामद की, जिसमें 20 बोतल देसी शराब मार्का  रसीला संतरा 02 बोतल रायल स्टैग अंग्रेजी शराब तथा 02 बोतल सीजन अंग्रेजी शराब शामिल हैं। आरोपी बरामद शराब के संबंध में कोई वैध लाइसेंस अथवा परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस ने बरामद अवैध शराब को कब्जे में लेकर आरोपी विकास के विरुद्ध थाना सदर कनीना में आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
महेंद्रगढ़ पुलिस आमजन से अपील करती है कि यदि कहीं भी अवैध शराब की बिक्री, तस्करी अथवा नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की गतिविधि की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
फोटो कैप्शन 05: पकड़ा गया आरोपी




 आरती सिंह राव की पहल से तैयार हुआ बाघोत का 7 करोड़ रुपए का 33 केवी बिजलीघर
- आधा दर्जन गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव बाघोत में चुनावी दौरे के दौरान ग्रामीणों ने तत्कालीन प्रत्याशी एवं वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के समक्ष 33 केवी विद्युत सब स्टेशन की मांग रखी थी। मंत्री ने उस समय ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि सरकार बनने के बाद इस मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। अब उसी वादे को पूरा करते हुए करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से बाघोत में 33 केवी विद्युत सब स्टेशन बनकर तैयार हो चुका है। बिजलीघर के अंदर विद्युत आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है और मशीनों की स्थापना के साथ अंतिम तकनीकी परीक्षण किए जा रहे हैं। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार अगस्त माह से इस बिजलीघर से नियमित बिजली आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव जल्द ही इसका विधिवत शिलान्यास करेंगी।
ग्रामीणों से किया वादा निभाया - आरती सिंह राव
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि चुनाव से पहले बाघोत के ग्रामीणों ने उन्हें क्षेत्र की बिजली समस्याओं से अवगत कराया था। उन्होंने उसी समय आश्वासन दिया था कि सरकार बनने पर इस समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा। आज उन्हें खुशी है कि यह वादा पूरा हो गया है और बाघोत का 33 केवी बिजलीघर बनकर तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में गांवों को मूलभूत सुविधाओं से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
तीन नए 11 केवी फीडरों से मिलेगी राहत--
नए 33 केवी बिजलीघर से बाघोत एपी, डोमेस्टिक तथा राजावास-सयाना एपी सहित तीन नए 11 केवी फीडर संचालित किए जाएंगे। इससे बाघोत, स्याना सहित आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों के हजारों घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज के साथ निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी। बिजली भार का संतुलित वितरण होने से लो-वोल्टेज, ओवरलोडिंग, ट्रिपिंग और बार-बार बिजली कटौती जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलने से खेती-किसानी को भी बड़ा लाभ होगा।
अगस्त से शुरू होगी नियमित बिजली आपूर्ति--
मिली जानकारी अनुसार बिजलीघर के अंदर विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी गई है। ट्रांसफार्मर, पैनल और अन्य उपकरणों की टेस्टिंग अंतिम चरण में है। सभी तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद अगस्त माह से बिजलीघर को पूर्ण क्षमता के साथ चालू कर दिया जाएगा।
निर्माण कार्य का अधिकारियों ने लिया जायजा--
निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान बिजली निगम के एसडीओ कनीना, एसडीओ राजेंद्र सिंह, एसडीओ ईशु शर्मा, जेई राजकुमार, निर्माण कंपनी के संचालक सुनील गौड़, ठेकेदार सोमदेव, मनीष कुमार, अमित, निलेश सहित निगम के तकनीकी अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से बने इस 33 केवी बिजलीघर से क्षेत्र की वर्षों पुरानी बिजली समस्या का स्थायी समाधान होगा और किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं तथा छोटे व्यापारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
फोटो कैप्शन: आरती सिंह राव



 ककराला में जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का हुआ शुभारम्भ
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कनीना की आवाज।
जिला स्तरीय एसजीएफआई कुश्ती, भारोतोलन प्रतियोगता का एसडी स्कूल ककराला में शुभारम्भ हुआ। शुभारंभ विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव व विद्यालय निदेशक ओमप्रकाश यादव के द्वारा किया गया।
 विद्यालय चेयरमैन ने बताया कुल 280 खिलाडिय़ों ने भाग लिया। प्रतियोगिताएं 25 व 26 जुलाई को आयोजित होंगी जिनमें लड़कों की कुश्ती, भारतोलन प्रमुख हैं।
जगदेव यादव ने कहा कि खिलाडिय़ों को बताया कि खेल को खेल की भावना से खेलना चाहिए व खेल मैदान में होने वाली गलतियों से सबक लेना चाहिए।
भारोत्तोलन में अंडर 11 व 20 किलाग्राम वर्ग में जयवर्धन खेड़ी प्रथम व कार्तिक खेड़ी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा 22 किलोग्राम वर्ग में नक्ष खेड़ी ने प्रथम व दक्ष ककराला ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 24 किलोग्राम भार में रितिक धनौन्दा ने  प्रथम व हर्षित खेड़ी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 26 किलोग्राम भार में कुनाल खेड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कुश्ती अंडर 11 पुरुष वर्ग में 28 किलोग्राम भार में कार्तिक खेड़ी प्रथम, कार्तिक धनौन्दा तथा लक्ष्य द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 30 किलोग्राम भार में रितिक खेड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 34 किलोग्राम भार में देवेन्द्र बाघोत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 36 किलोग्राम भार में श्रेयान सतनाली ने प्रथम व नवनीत ककराला ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
फोटो कैप्शन 03 व 04: खिलाडिय़ों को पुरस्कृत करते हुए



कनीना के ठाकुरजी मंदिर में भागवत कथा जारी
छठे दिन महंत ने सुनाई भागवत कथा
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कनीना की आवाज।
श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन ठाकुर जी का बड़ा मंदिर कनीना में महंत पूर्ण देव द्वारा सुबह यज्ञ हवन करके कथा आरंभ की। भगवान श्रीकृष्णजी के जयकारे के साथ कथा आरंभ की। पुजारी कंवर सैन वशिष्ठ ने बताया कि सर्वप्रथम भगवान श्रीकृष्ण जी के 16108 विवाह का वर्णन किया उसके बाद उषा देवी और अनिरुद्ध विवाह विवरण सहित श्रोताओं को बताया।
बाद दत्तात्रेय भगवान के 24 गुरुओं का कारण सहित वर्णन किया। इसी क्रम में सुदामाजी का चरित्र वर्णन किया व भजन द्वारा बता मेरे यार सुदामा रे घना दिनों में आया पर भक्त झूम कर नाचे और ज्ञान का पूर्ण आनंद उठाया। भगवान श्री कृष्ण द्वारा मित्रता निभाना व उनके चरण कमल धोकर सुदामा की पूजा करना, परीक्षित द्वारा सुखदेव जी को मोक्ष मार्ग का ज्ञान देना कि आप शरीर नहीं आत्मा हो।
इस मौके पर पूर्व पार्षद मोहन सिंह यादव ने कहा कि आज कथा के सातवें दिन कथा वाचक महंत पूर्ण देव ने अपनी मधुर वाणी से स्रोताओं का दिल जीत लिया। मोहन सिंह ने अपनी नेक कमाई में से 1100 रुपए कथा पर भेंट चढ़ाए।  कंवर सैन वशिष्ठ ने बताया कि आगामी कल कल सुबह हवन के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। सभी भक्त जनों से प्रार्थना है कि 12 बजे बाद ठाकुर जी के मंदिर कनीना में आकर प्रसाद ग्रहण करें। इस मौके पर ठाकुर अतर सिंह कैमला,पवन कुमार, राजेन्द्र सिंह पूर्व पार्षद, एडवोकेट विनय यादव, दिलावर सिंह, राजकुमार,रण सिंह खेड़ी, लखनलाल,हनुमान, सतबीर, ओमप्रकाश,अरुणा कौशिक पूर्व पार्षद, सरिता भारद्वाज,सरोज देवी, उजाला देवी शुकंतला,मीरा, संतोष भक्तजन मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 02: संत भागवत कथा समझाते हुए





बिजली कटौती को लेकर लोगों ने निकाला जुलूस                                                                         
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कनीना की आवाज।
बिजली कटौती के खिलाफ गांव धनौन्दा और आसपास के खरकड़ा बास, झाड़ली छिथरोली, सिहोर, खेड़ी तलवाना, कैमला गांवों के लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और जुलूस निकाला। जुलूस का नेतृत्व  अतरलाल ने किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मांग लिखे पोस्टर लेकर बिजली कटौती बंद करो, बिजली विभाग होश में आओ और बिजली व्यवस्था में सुधार करो के जोरदार नारे लगाए।
  अतरलाल, चेयरमैन रतनसिंह, डॉ. मुकेश तंवर, पिताम्बर प्रधान, मीर सिंह वैद्य, हवलदार हवासिंह, गौशाला के प्रधान पवन, नगेन्द्र, गिरधारी ने कहा कि रोजाना बिजली के अघोषित लंबे-लंबे कट लग रहे हैं। जिससे आमजन परेशान हैं। पिछले एक सप्ताह से अधिकारियों को बार-बार अवगत करवाने के बाद भी कोई सुधार नहीं किया गया। इसलिए लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि दो दिन के अंदर तत्काल बिजली कटौती बंद कर आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया तो उपमंडल अधिकारी विद्युत कनीना के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने अधिक्षक अभियंता (विद्युत) नारनौल, कार्यकारी अभियंता (विद्युत) महेन्द्रगढ़ और उपमंडल अधिकारी (विद्युत) कनीना को प्रेषित ज्ञापन नेताजी अतरलाल को सौंपा। उन्होंने ज्ञापन में बिजली कटौती तत्काल बंद करने, ट्रांसफार्मरों पर रिले की व्यवस्था करने तथा बिजली आपूर्ति में सुधार की मांगे की गई। अतरलाल ने ज्ञापन को तत्काल अधिकारियों को भेजने का भरोसा दिया। जुलूस में रतन सिंह चेयरमैन, पूर्व सरपंच राजेन्द्र सिंह, पूर्व सरपंच रामबिलास शर्मा, कृष्ण सिंह, मुकेश तंवर, कैलाश सेठ, मीर सिंह वैद्य, गौशाला प्रधान पवन तंवर, अशोक, घनश्याम पंच, कमरू मिस्त्री, पृथी, बलवान, रूपेन्द्र, कपिल शर्मा, प्रमोद, सुरेन्द्र, सतंलाल, ताराचंद, हव. हवासिंह, नवीन, नरेश, रामबीर, हनुमान सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
फोटो कैप्शन 01: बिजली कटौती पर जुलूस निकालते हुए





आपरेशन विजय दिवस-26 जुलाई











आपरेशन विजय के दो साक्षी बोले- गोलियों की आवाज से पहचान लेते थे किस ओर से दागा गया गोला, जीत तक नहीं छोड़ा मोर्चा
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कनीना की आवाज। कारगिल की दुर्गम चोटियों पर 1999 में लड़ा गया आपरेशन विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का स्वर्णिम अध्याय है। इस ऐतिहासिक विजय के 27 वर्ष बाद भी कनीना के दो पूर्व सैनिक उस रणभूमि की यादों को अपने सीने में संजोए हुए हैं। एक ने तोलोलिंग और टाइगर हिल पर दुश्मन से सीधा मुकाबला किया, तो दूसरे ने युद्धभूमि में घायल सैनिकों का उपचार कर अनेक जिंदगियों को बचाने का प्रयास किया। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर दोनों पूर्व सैनिकों की आंखों में आज भी वही जोश और चेहरे पर वही गर्व दिखाई देता है।
कनीना निवासी सेवानिवृत्त नायक राम अवतार बताते हैं कि 26 अप्रैल 1983 को सेना में भर्ती होने के बाद वर्ष 1999 में उन्हें कारगिल युद्ध के दौरान तोलोलिंग की पहाडिय़ों पर भेजा गया। वहां उन्होंने दुश्मन के विरुद्ध भीषण संघर्ष किया। वह बताते हैं कि उनकी आंखों के सामने परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र सिंह यादव भी गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन किसी सैनिक का हौसला नहीं टूटा। करीब एक माह तक लगातार चले संघर्ष के बाद उनकी यूनिट को कुछ समय के विश्राम के उपरांत टाइगर हिल भेजा गया।
राम अवतार बताते हैं कि टाइगर हिल पर हर पल मौत सामने खड़ी रहती थी। चारों ओर बर्फीली चोटियां थीं और सन्नाटे को केवल गोलियों और तोपों की गूंज तोड़ती थी। करीब 10 दिन तक चले भीषण संघर्ष के बाद भी उनकी यूनिट को लगभग एक माह तक वहीं तैनात रखा गया, ताकि दुश्मन दोबारा कब्जे की कोशिश न कर सके। अंतत: टाइगर हिल पूरी तरह भारतीय सेना के नियंत्रण में आ गई।
वह बताते हैं कि ऊंचाई पर हालात इतने कठिन थे कि कई-कई दिन तक भोजन समय पर नहीं पहुंच पाता था। जो खाना मिलता, वह भी कई बार खराब हो चुका होता था, लेकिन देश की रक्षा का संकल्प हर कठिनाई पर भारी पड़ता था। कठिन परिस्थितियों के कारण कई सैनिकों के पेट में कीड़े तक हो गए, जिनका बाद में उपचार कराया गया। बीमारी और अभाव के बावजूद किसी ने मोर्चा नहीं छोड़ा।
राम अवतार कहते हैं कि सुरक्षा कारणों से वायरलेस सेट पर केवल कमांडिंग अधिकारी ही बातचीत करते थे। सैनिक लगभग पूरे देश से कटे रहते थे। लगातार गोलाबारी के बीच उन्होंने इतना अनुभव हासिल कर लिया था कि केवल आवाज सुनकर पहचान लेते थे कि गोला भारतीय सेना ने दागा है या पाकिस्तान की ओर से आया है। उनका कहना है कि जीवन में कारगिल जैसा कठिन युद्ध दूसरा नहीं देखा। अनेक साथियों को बलिदान देते देखा, लेकिन किसी सैनिक के कदम पीछे नहीं हटे और अंतत: भारत ने विजय प्राप्त की।
कारगिल युद्ध के दौरान उत्कृष्ट सेवा के लिए सरकार ने उन्हें विदेश भेजकर सम्मानित करने का निर्णय भी लिया था, लेकिन वर्ष 2000 में सेवानिवृत्ति निकट होने के कारण उन्होंने यह सम्मान स्वीकार नहीं किया। 26 अप्रैल 2000 को वह सेना से सेवानिवृत्त हुए।
वहीं कनीना निवासी सेवानिवृत्त सैनिक सुनील कुमार भी आपरेशन विजय के महत्वपूर्ण साक्षी रहे। वर्ष 1986 में सेना में भर्ती हुए सुनील कुमार ब्लड बैंक टेक्नीशियन के रूप में तैनात थे। युद्ध के दौरान उनकी जिम्मेदारी घायल सैनिकों को प्राथमिक उपचार देकर सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाना थी। वह बताते हैं कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने अनेक जवानों को घायल अवस्था में देखा और हर संभव प्रयास कर उन्हें जीवन देने की कोशिश की। उनका मानना है कि मोर्चे पर लडऩे वाला सैनिक और घायल सैनिक की जान बचाने वाला सैन्यकर्मी, दोनों ही राष्ट्र रक्षा की समान कड़ी होते हैं।
दोनों पूर्व सैनिकों का कहना है कि कारगिल विजय केवल सेना की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के अटूट विश्वास, त्याग और वीरता की जीत थी। आज भी जब कारगिल की यादें ताजा होती हैं तो उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है और मन में यही संकल्प उठता है कि भारत की ओर आंख उठाने वाले हर दुश्मन को उसी दृढ़ता से जवाब दिया जाएगा, जैसा कारगिल की चोटियों पर दिया गया था।
फोटो कैप्शन : रामअवतार एवं सुनील कुमार






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