Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Wednesday, March 13, 2024

 

 कनीना क्षेत्र में हुई 3 एमएम वर्षा
-लावणी हुई प्रभावित
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में बुधवार को दोपहर पश्चात तेज अंधड़ के साथ 3 एमएम वर्षा हुई। बारिश के कारण किसानों का लावणी का काम प्रभावित हो गया है।
 इस समय किसान सरसों की लावणी में जुटे हुए हैं वहीं गेहूं के फसल अभी पानी की मांग कर रही है। गेहूं की फसल को तो वर्षा का लाभ होगा वही सरसों की फसल को कुछ नुकसान होने का अंदेशा बन गया है। काट कर डाली गई फसल खराब हो सकती है वही किसने खेतों में काट कर डाली गई फसल दूर तक उड़ गई। किसान वीरेंद्र सिंह, रमन सिंह ,सुरेंद्र सिंह, महेश कुमार आदि ने बताया कि इस वक्त वर्षा का कोई लाभ नहीं। वर्षा के केवल गेहूं की फसल को थोड़ा बहुत लाभ हो सकता है परंतु उनकी सरसों की फसल को केवल नुकसान होगा। किसान सरसों के फसल की लावणी में जुटे हुए हैं। उनका लावणी कार्य प्रभावित हो गया वहीं फसल को नुकसान भी हो सकता है।
फोटो केप्शन 10: सरसों की फसल की लावणी करते किसान।








व्यक्ति हुआ गुम, गुमशुदगी का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव धनौंदा से एक शादीशुदा व्यक्ति अपनी बाइक कनीना खड़ी करके कहीं गुम हो गया। अभी तक उसका अता पता नहीं चला है। उसके पिता ने कनीना पुलिस में गुमशुदगी का मामला दर्ज कर्र लिया है। मनोहर लाल शर्मा ने पुलिस में कहा है कि वह 80




























साल का है तथा उसका पुत्र पवन शादीशुदा है जिसकी उम्र 35 साल है। मोटर साइकिल से घर से सुबह निकला था और कनीना के बस स्टैंड के पास पार्क में अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की और गांव के एक व्यक्ति को चाबी देकर न जाने कहां चला गया। अभी तो कुछ पता नहीं चल पाया है। पुलिस में उनके बयान पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।





 



कट के लिए, 367वें दिन जारी रहा धरना
-अनिश्चितकालीन धरना जारी
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए अनिश्चितकालीन धरना जारी है। बुधवार को धरने की अध्यक्षता सतपाल चेयरमैन पोता ने की और उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के द्वारा 9 मार्च 2022 को पचगांव गुरुग्राम रैली में  राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट के घोषणा की गई, यह सुनकर इन 40 गांवों को बहुत बड़ी खुशी हुई थी किंतु दो साल का समय निकल गया है लेकिन राज्य सरकार और केंद्र सरकार की तरफ से अब तक कट के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कट को लेकर किसानों का जोश बरकरार है, पक्के इरादे के साथ धरना स्तर पर बैठे हुए हैं, जब तक केंद्र सरकार  राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू नहीं होता है, तब तक धरना जारी रहेगा।
 धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन  ने बताया कि धरने को चलते 367 दिन हो गए है। ाज्य सरकार और केंद्र सरकार को हम बार-बार याद दिला रहे हैं कि हमारे क्षेत्र के लिए  राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का होना अति आवश्यक है। केंद्र सरकार देश का विकास चाहती है और देश का विकास तभी होगा जब गांव विकसित होंगे। इन 40 गांवों का विकास तभी संभव है, जब इनको राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी के साथ जोड़ दिया जाएगा। केंद्र सरकार के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर  बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम जल्द शुरू नहीं किया गया, तब इस क्षेत्र के सभी गांव मिलकर सरकार का विरोध करेंगे।
इस मौके पर चेयरमैन राव बहादुर सिंह, ठाकुर अतरलाल, सूबेदार श्री राम, नंबरदार नाथूराम, सरपंच हरिओम, डाक्टर लक्ष्मण सिंह, नरेंद्र शास्त्री, पहलवान रणधीर सिंह, ठेकेदार दिलावर सिंह, प्रहलाद सिंह, मास्टर विजयपाल, रामकिशन, महेंद्र सिंह, मास्टर विजय सिंह, मुंशी राम, पहलवान धर्मपाल, ओम प्रकाश, प्रधान कृष्ण कुमार, वेद प्रकाश, सूबेदार हेमराज अत्रि, सीताराम, डा रामभक्त स्वामी, इंस्पेक्टर सतनारायण, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह, प्यारेलाल, राम भक्त, कृष्ण कुमार पंच, रोशन लाल आर्य व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 09: कट की मांग को लेकर रोष में किसान।







अन्तर्राष्ट्रीय नदी दिवस-14 मार्च
----नदियों के अभाव में गिरता जा रहा है भूमिगत जल
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कनीना की आवाज। नदियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई दिवस प्रत्येक वर्ष 14 मार्च को मनाया जाने वाला एक वैश्विक कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य नदियों के महत्व और उन्हें विभिन्न खतरों से बचाने की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। जिला महेंद्रगढ़ में जहां दोहान एवं कृष्णावती तो जिला रेवाड़ी में साहबी नदी बहती थी। अब तीनों ही नदियों का अस्तित्व लुप्त होने के कगार पर है।
यह वर्षा पर आधारित दोहन नदी जो राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना के पास मंडोली गांव से निकलती है जो हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में लुप्त हो जाती है। यह साहबी नदी की एक सहायक नदी है। उधर कृष्णावती नदी भी वर्षा पर आधारित साहबी नदी की सहायक नदी है। कृष्णावती नदी जो राजसमंद जिले के दरीबा तांबे की खानों के पास अरावली रेंज से निकलती है। यह नदी दोसा जिले के पाटन, अलवर जिले के मोटूका से होकर बहती है और हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में लुप्त हो जाती है। यह भी साहिबी नदी की सहायक नदी के रूप में जानी जाती है। जिले की सभी नदियां लुप्त होने के कगार पर चली गई है। अब तो बरसाती नदी के रूप में बरसात के वक्त अधिक पानी होने पर ही इनमें डाला जाता है। सरकार ने खोदाई भी कार्रवाई तथा कुछ गांव में खोदाई के बाद इसे छोड़ दिया गया किंतु आज तक उनमें पानी न आने से ग्रामीण परेशान नजर आए।
इस संबंध में किसानों एवं प्रमुख जनों से चर्चा की गई।
*** दोहान नदी मोड़ी गांव के पास से गुजराती है और रेवाड़ी जिले में प्रवेश करती है किंतु इसको बनाए हुए करीब 5 साल बीत गए हैं। कभी भी इसमें पानी नहीं आया है। एक और जहां नदी की खोदाई कर दी, किसानों को यह विश्वास था कि पानी आएगा खेतों की प्यास बूझेगी किंतु नदी में पानी नहीं छोड़ा गया।
-- गजराज सिंह पूर्व सरपंच मोड़ी
दोहान एक बरसाती नदी है जो अस्तित्व के लिए लड़ाई लड़ रही है। इसमें पानी नछोड़े जाने के कारण जहां जिला महेंद्रगढ़ में कुछ जगह तो 1400 से 1800 फीट गहराई पर पानी चला गया। सरकार से आशा थी कि इसमें पानी छोड़ेंगे जिससे भूमिगत जल में बढ़ोतरी होगी किंतु सरकार ने इस क्षेत्र से गुजरने वाली नहरों को भी पक्का करवा दिया जिससे थोड़ी बहुत पानी का रिसाव भूमिगत जल की आपूर्ति करता था वह भी बंद हो गया है। अब तो ऐसा लगता है कि इस जिले के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी जिलों में पानी की समस्या है जबकि उत्तरी हरियाणा में जहां सेम की समस्या है। नदी जल का सही बटवारा भी नहीं किया गया है जिसके चलते दक्षिण हरियाणा का जिला महेंद्रगढ़ पूर्णतया बर्बाद होने के कगार पर खड़ा हुआ है। भूमिगत जल दिनों गहराता जा रहा है। यही हालात आगे भी रहेगी। कृष्णावती एवं साहबी नदियों की भी ऐसी ही हालात है।
-- राधेश्याम गोमला,समाजसेवी
महेंद्रगढ़ जिले की जीवन रेखा दोहान नदी विलुप्त प्राय होने की कगार पर है। इस नदी को बचाने के लिए गांव पाली निवासी प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश पाली ने 2012 में राष्ट्रीय हरित आयोग में केस डालकर इसके रास्ते को खाली करवाने का प्रयास किया जिसके परिणाम स्वरूप हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा जो नदी का रास्ता रोका गया था उसे आयोग द्वारा खाली करवाया गया। उन्होंने वर्तमान में प्रयत्न करते हुए आयोग में पुन: इसके रास्ते को खाली करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया हुआ है। जन सूचना अधिकार से इसके रास्ते के संबंध में जानकारी भी उनके द्वारा मांगी गई परंतु स्थानीय नहर विभाग द्वारा आधी अधूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई। तब उन्होंने हरित आयोग में मेल डालकर इसके रास्ते को खाली करवाने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि यह नदी 65 किलोमीटर की लंबाई में महेंद्रगढ़ जिले में बहती है परंतु अधिकारियो की अनदेखी के चलते इसके पाट को लोगों द्वारा अनधिकृत रूप से रोक लिया गया है। इसके रास्ते रोकने का परिणाम भूमिगत जल का स्तर निरंतर नीचे गिर रहा है परंतु जिन अधिकारियों की इसको बचाने  की जि मेवारी है उन्होंने आज तक इसके रास्ते को जाकर कभी देखा भी नही है। कभी इस नदी का उद्गम स्थल पुष्कर के आसपास होता था और यह वर्ष भर बहने वाली नदियों में आती थी। इसका वर्णन ऋग्वेद में भी मिलता है।
--कैलाश पाली, समाजसेवी
फोटो कैप्शन 08: मोड़ी गांव के पास सूखी पड़ी दोहान नदी जो सरकार ने खोदाई कर बनवाई थी
साथ में गजराज मोड़ी, राधेश्याम गोमला एवं कैलाश पाली।


अन्तर्राष्ट्रीय गणित दिवस -13 मार्च
पाई के मान के रूप में मनाया जाता है अन्तर्राष्ट्रीय गणित दिवस
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कनीना की आवाज। भारत के प्रसिद्ध गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिन को राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है। वहीं पाई के मान के रूप में अन्तर्राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में माया जाता है। आज के दिन विद्यार्थी गणित से कुछ दूर भागते हैं जबकि भारत के इस गणितज्ञ ने वह खोज की जो आज भी विदेशों तक शोध का आधार बने हुए हैं। इस संबंध में कुछ गणित के जानकारों से बात हुई --
**बेशक वर्तमान पीढ़ी गणित से कुछ दूर भागती हो किंतु गणित बहुत आसान विषय है। गणित को अगर सही ढंग से पढ़ा जाए तो निसंदेह हर विषय की समस्याओं को हल करने की चाबी के रूप में कार्य करेगा। जिस प्रकार रामानुजन ने 32 वर्ष के अल्प जीवन काल में 3900 समीकरण और सर्वसमिकाओं का संकलन किया है, पाई की अनंत श्रेणी शामिल की गई, अनेक सूत्र भी प्रदान किये चुनौती पूर्ण गणित की समस्याओं को हल करने के लिए नए विचार प्रस्तुत कर गणित को आसान से भी आसान विषय सिद्ध करके दिखाया। चाहे उनका 32 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था किंतु वह एक ऐसी शिक्षा और ज्ञान का सागर दे गए जिस पर सदियों तक शोध किया जाता रहेगा। आज भी विद्यार्थियों द्वारा उनसे शिक्षा लेकर आगे  बढ़ाना चाहिए।
--- राजकुमार मु य अध्यापक एवं गणित शिक्षक
गणित से डरना बुरी बात है किंतु गणित के साथ खेलने से यह विषय एक सुंदर खेल का माध्यम बन जाता है। गणित से जो डरकर दूर भागता है उतना ही गणित में कमजोर हो जाता है लेकिन जो गणित के गहराई तक जाने का प्रयास करता है वह अंतत: गणित में पारंगत हासिल कर लेता है और उसकी पहचान प्रतिभावान के रूप में की जाती है। श्रीनिवास रामानुजन छोटी उम्र में गणित में पारंगत हो गये थे। उनकी गणित के प्रति रुचि ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचा दिया। उनके ज्ञान सागर की ओर ध्यान देकर आगे बढऩा चाहिए। तभी गणित आसान विषय बन सकता है।
--- मनोज कुमार गणित के जानकारी
गणित बहुत बड़ा विषय है। गणित की छोटी-छोटी समस्याओं को हल करने में यदि ध्यान दिया जाए तो सही मायने में  इंसान का ज्ञान निखर कर सामने आएगा। गणित से दूर भागना योद्धा के समान है जो युद्ध की विभीषिका देखकर डर के मारे भाग रहा हो लेकिन जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में पूरे हौसले के साथ उतरता है तो जीत उसके कदमों को चूमती है। इसी प्रकार गणित में जो भी इंसान डुबकी लगाएगा वह निश्चित रूप से गणित रूपी ज्ञान का मोती ज्ञान रूपी सागर की गहराइयों से निकाल कर लाएगा। गणित पढऩा  अरुचिकर नहीं अपितु रुचिकर लगेगा और गणित अपने आप में एक अच्छा ज्ञान का सागर इंसान को दे पाएगा।
-- संतोष कुमारी गणित की जानकार
फोटो कैप्शन: संतोष कुमारी, मनोज कुमार, राजकुमार



स्कूली विद्यार्थियों निकाली जागरूकता रैली
-सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलवाने के लगाये गये नारे
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कनीना की आवाज। सरकारी स्कूलों में प्रवेश के लिए विभिन्न सरकारी स्कूलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं। जहां राजकीय माडल संस्कृति स्कूल में स्कालरशिप टेस्ट भी 17 मार्च का रखा गया है वहीं राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनौंदा के विद्यार्थियों ने जन जागरूकता रैली निकाली। इस अवसर पर प्राचार्य सतीश कुमार की देखरेख में सभी अध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर से बस स्टैंड होते हुए गांव से होकर वापस स्कूल तक चेतना रैली निकाली। विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाने विशेषकर धनौंदा माडल स्कूल में प्रवेश दिलाने की मांग की। उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार द्वारा इसी वर्ष से धनौंदा के राजकीय स्कूल को माडल स्कूल का दर्जा दिया है। जिसके चलते विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में जागरूकता गई है और वे  घर-घर जाकर विद्यार्थियों को प्रवेश दिलवाने की मांग कर रहे हैं। इस जन चेतना समस्त स्टाफ हाजिर रहा। फोटो कैप्शन 7: चेतना रैली निकालते विद्यार्थी







 विश्व किडनी दिवस -14 मार्च
गुर्दे की देखरेख करना बहुत जरूरी- डा. रितिका
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कनीना की आवाज। एक इंसान जीवनभर स्वस्थ रहकर स्वर्गलोक गमन करें इसमें बड़ी खुशी होती है परंतु कुछ लोग अपने शरीर की देखरेख नहीं करते जिसके कारण विभिन्न रोगों से पीडि़त हो जाते हैं। कुछ व्यसनों के शिकार होते हैं जिसके कारण उनके विभिन्न अंग खराब हो जाते हैं। विशेषकर गुर्दे जिनमें एक है, जिन्हें किडनी नाम से जाना जाता है और गुर्दे की यदि सही देखरेख न की जाए विशेष कर जब उच्च रक्त बन जाता है, शुगर की बीमारी बढ़ जाती है उसे समय गुर्दे की अनेक समस्याएं बढ जाती है। धीरे-धीरे गुर्दा खराब हो जाता है और इंसान ऐसी स्टेज पर पहुंच जाता है कि केवल उन्हें डायलिसिस से ही कुछ दिनों तक बचाया जा सकता है। बार-बार यह प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। अंतत ऐसे व्यक्ति की मौत हो जाती है ऐसे में विश्व किडनी दिवस का अर्थ लोगों को स्वस्थ किडनी बनाए रखने के लिए जागरूक करना होता है।
 डा. रितिका एमबीबीएस का कहना है कि अद्भुत किडनी के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। किडनी रोगों में उच्च रक्तचाप होना एक प्रमुख कारण है। यदि किडनी में किस प्रकार की खराबी आ जाती है, इंसान के लिए बहुत बड़ी मुसीबत बन जाती है। डाक्टर का कहना है कि दुनिया भर में 10 में से एक व्यक्ति किडनी की किसी बीमारी से पीडि़त होता है। भारत जैसे देश में भी 10 लाख लोगों मेंकम से कम 1000 लोग कम किडनी से पीडि़त मिलते हैं। किडनी की समस्या का प्रारंभ उपचार है परंतु जब अधिक समय बीत जाता है तो इसका भी कोई इलाज नहीं बचता।
 शरीर में दो किडनी होती है और दोनों किडनी रक्त से हानिकारक पदार्थ विशेषकर मूत्र को अलग करने का कार्य करती है। यदि शरीर में ये किडनी काम छोड़ जाए तो धीरे-धीरे खून में विषैले पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है और ऐसे समय में इंसान का जीना दूभर हो जाता है। स्वस्थ किडनी रखने के लिए इंसान को किडनी के समस्या नजर आए तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
 डा. रितिका के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए गतिहीन जीवन शैली से बचे, संतुलित आहार ले, किडनी की जांच करवाएं, रक्तचाप उचित बनाए रखें,कम से कम 2 लीटर पानी पिये, तंबाकू आदि का सेवन नहीं कर,ें कुछ दवाइयां डाक्टर की सलाह के बगैर न ले। गुर्दे यदि स्वस्थ होंगे तो इंसान भी स्वस्थ रहेगा।
फोटो कैप्शन: डाक्टर रितिका







वोट जरूर डालें
मतदान देशहित का कार्य -विजय महक
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कनीना की आवाज। भविष्य में लोकसभा चुनाव होंगे। चुनाव आयोग ने नये वोट बनवाने का काम छेड़ा। पुराने वोटर अभी भी चल रहे हैं। मतदान करते वक्त प्राय लोग कंजूसी बरतते हैं। वो समझते हैं कि एक वोट डाल देने से क्या कोई हार जीत होगी? परंतु एक-एक वोट की कीमत होती है।
 वरिष्ठ प्रवक्ता विजय महक का कहना है कि सरकार बनाने के लिए हर एक वोट की कीमत अनमोल होती है। ऐसे में सभी वोटर को अपना अपना वोट जरुर डालना चाहिए। चाहे वह किसी भी पार्टी, किसी भी नेता को वोट दे पर वोट जरूर डालें क्योंकि वोट डालने से ही लोगों का रुझान पता चलता है कि वह किस व्यक्तित्व को पसंद करते हैं। अपनी पसंद का और अच्छी सरकार बनाने के लिए वोट डालना जरूरी होता है और वोट ही मतदाता की पहचान होती है ताकि वह अपनी पसंद का चुनाव कर सके और परोक्ष रूप से सरकार में अपनी भागीदारी निभा सके। अक्सर लोग कहते आए हैं कि सरकार ने यह काम नहीं किया या यह नेता  काम नहीं करता किंतु जब उनके वोट के बारे में सुनते हैं तो वो डालने जाते ही नहीं। इसका मतलब है कि वह वोट भी नहीं डालते और अपनी पसंद का नेता भी चाहते हैं तो यह कैसे संभव हो सकता है? एक जागरूक वोटर को जरूर वोट डालना चाहिए। जिनके वोट नहीं बने हैं वो अपना वोट बनवा सकते हैं बशर्ते कि उनकी आयु 18 वर्ष की हो गई और भारत का नागरिक है। वह अपना वोट बनवाकर मतदाता पहचान पत्र बनवा सकता है और समय पर वोट डाल सकता है ताकि बेहतर सरकार बन सके और जनहित के कार्यों को कर पाए। वोट की कीमत नेता जानते हैं। ऐसे में नेता घर-घर जाकर प्रचार करके, वोट मांगते जिसके पीछे यही अर्थ होता है कि उन्हें अधिक से अधिक वोट मिले। वोट तभी मिलेंगे जब सभी  अपनी पसंद के नेता को वोट डालेंगे।
फोटो कैप्शन:  विजय महक वरिष्ठ प्रवक्ता



जीवित होने का प्रमाण पत्र पाने के लिए खा रहा है दर-दर की ठोकरें
-- सीएम विंडो तक शिकायत करने पर भी नहीं मिल पा रहा जीवित होने का प्रमाण
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कनीना की आवाज। कनीना उप मंडल के गांव कोटिया निवासी अनूप यादव चाहे जीवित है तथा हर जगह अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। वर्तमान में श्याम भक्तों के कैंप में कोटिया गांव में भक्तों की सेवा कर रहे हैं परंतु सरकार के खातों में यह आदमी मृत दिखाया हुआ है। बेचारा अपने जीवित होने का प्रमाण पाने के लिए सीएम विंडो तक शिकायत कर चुका है। फैमिली आईडी की साइट पर, एडीसी अधिकारी नारनौल को नोटिस दे चुका है वहीं सीताराम विधायक एवं मु यमंत्री के नाम शिकायत कर चुका है किंतु हर बार उन्हें असफलता मिलती है क्योंकि वह परिवार पहचानपत्र में परिवार का मुखिया दिखा रखा है उनकी फैमिली आईडी नंबर नोक्यूटीसी 0163 है। अपने आधार कार्ड से फैमिली आईडी सर्च करते हैं तो लिखा आता है कि इस परिवार के सदस्य की फैमिली आईडी नंबर उपरोक्त मृत्यु हो चुकी है। अब कैसे उनका जीवित होने का प्रमाण मिलेगा कुछ भी समझ नहीं आ रहा है। उन्हें जहां कहीं किसी अधिकारी से मिलने के लिए कहा जाता है वहीं पहुंच जाता है। अनूप कुमार ने बताया कि वह बेहद परेशान है, उनके सारे कार्य रुक गए हैं क्योंकि उनकी फैमिली आईडी का प्रमुख स्वयं ही है वही उनके बगैर फैमिली आईडी नहीं खुल पा रही, नहीं कोई कार्य हो पा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने सरकार एवं प्रशासन से मांग कि है कि कम से कम जीवित व्यक्ति को न मारे। उनका जीवित होने का प्रमाणपत्र बनवाकर जीवन दान दे ताकि वह इस दुनिया में अपना काम कर सके।
 फोटो कैप्शन 4: अनूप की फैमिली आईडी
5: सर्च करने पर दिख रहा है यह व्यक्ति मृत है फोटो कैप्शन 6: भक्ति की सेवा करता हुआ अनूप कुमार







मेरा पहला वोट
पहली बार मतदान करने में आएगा आनंद
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कनीना की आवाज। कनीना एवं जिला महेंद्रगढ़ में इस बार सैकड़ों युवाओं ने नये वोटर कार्ड बनाए गए हैं। मतदाता पहचान पत्र समय-समय पर बनाए जाते हैं। ऐसे में युवक चेतन कुमार ने भी अपना पहला वोटर कार्ड बनवाया है तथा वह अच्छे खासे उत्साहित हैं। उन्हें पहली बार मतदान करने का मौका मिलेगा। चेतन कुमार ने बताया कि उन्हें यह पहली बार वोट डालने का अवसर मिलेगा क्योंकि अब मेरा मतदाता पहचान पत्र बन चुका है और आयु 18 वर्ष की आयु हो चुकी है। सरकार ने मतदाता पहचान पत्र बनाने का कार्यक्रम चलाया था जिसके तहत उन्होंने अपना वोटर आईडी कार्ड बनवाया है।  वे चाहते हैं कि अपने वोट से बेहतर सरकार का चुनाव हो। उनका कहना है कि सरकार हर 5 साल में चुनाव करवाती है, उसी दौरान केवल वही वोट डाल सकते जिनका मतदाता पहचान पत्र बना हो और 18 साल पूरी कर ली हो। वही अपना पसंदीदा नेता चुन सकते हैं। ऐसे में आज मेरे लिए वह दिन आ पहुंचा है कि जब अपनी पसंद का नेता का चुनाव कर सकूंगा। वे वर्तमान में बीटेक कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन: चेतन कुमार




कक्षा 6 से 12 तक लड़कों के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का नहीं है स्कूल
--अभिभावकों में है रोष
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कनीना की आवाज। कनीना कस्बे में सामान्य विद्यार्थियों के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में छठी कक्षा से 12वीं कक्षा तक पढऩे के लिए कोई संस्थान नहीं है। वर्तमान में नगर में तीन विद्यालय हैं जिनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाल जो विगत वर्षों में माडल संस्कृति स्कूल बन चुका है तथा उसे विद्यालय में से शिक्षण संस्था होने के साथ-साथ केवल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त होने के कारण वहां 500 रुपये प्रतिमाह फीस देकर ही पढ़ाई की जा सकती है वहीं दूसरा विद्यालय राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जो कनीना मंडी में स्थित है। वह भी कन्या विद्यालय होने के कारण 9 से 12  कक्षा में छात्रों को प्रवेश नहीं मिलता। तीसरा विद्यालय राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना है जहां गत वर्ष मु यमंत्री मनोहर लाल के कनीना दौरे के दौरान उनसे प्रार्थना की गई थी कि क्षेत्र का सबसे पुराना विद्यालय होने के कारण इस विद्यालय को क्रमोन्नत कर सह शिक्षण संस्थान बनाया जाए ताकि कनीना कस्बे के छात्रों को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से पढ़ाई करने में आसानी हो।
 इस बारे में कई बार विद्यालय के मुखिया नरेश कुमार कौशिक ने प्रदेश सरकार पर शिक्षा अधिकारियों को लिखकर निवेदन किया है कि विद्यालय का दर्जा बढ़ाया जाए तथा इसे सह शिक्षण संस्थान बनाया जाए । इसके लिए स्थानीय विधायक सीताराम यादव से भी बार-बार निवेदन किया गया कि विद्यालय का दर्जा बढ़ाया जाए तथा इसे शिक्षण संस्थान बनाया जाए इसके अलावा उच्च अधिकारियों को विद्यालय का दर्जा बढ़ाने की प्रार्थना की गई है। विद्यालय के मुखिया ने बताया कि शीघ्र ही सघन नामांकन अभियान शुरू किया जा रहा है इसमें कक्षा 6 से 8 के छात्रों के दाखिले भी किए जाएंगे।





नहीं नसीब हुई है अभी तक फरवरी माह का वेतन
-हर महीने शिक्षकों को मिलता है देरी से वेतन
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कनीना की आवाज। पूरे ही जिले में बहुत से शिक्षकों को आज तक अपना फरवरी माह का वेतन नसीब नहीं हुआ है एक और जहां फरवरी माह के वेतन से बहुत अधिक भाग उनका टैक्स में कट चुका है, बाकी बची हुआ वेतन भी उनको आज तक नसीब नहीं हो रहा है। जिसको लेकर शिक्षक को भारी रोष है। शिक्षक नेताओं सुनील कुमार, धर्मपाल का कहना है कि सरकार ऐसा नियम पारित करें कि हर कर्मचारी को उसका वेतन 5 तारीख तक हर हाल में मिल जाए और उसे अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए जो वेतन में देरी का कारण बनते हैं।  बहरहाल आज तक अनेकों शिक्षकों को वेतन नसीब नहीं हो रहा है।  शिक्षक बेहद परेशान है उन्होंने मांग की है कि उनका समय पर वेतन दिया जाए ताकि वे घर परिवार को चला सके।



 किसानों के लिए ईंधन का विकल्प है धांसे
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कनीना की आवाज। एक वक्त था जब सरसों के धांसों को लोग उखाड़ कर नहीं लाते थे, पदाड़ी को भी खेतों में फेंक कर आते थे किंतु आज दोनों की कीमत बढ़ गई है। किसान फसल कटाई के साथ-साथ जहां धांसों को इकट्ठा करते हैं। इन्हें ईंधन के विकल्प के रूप में प्रयोग करते हैं।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार, योगेश कुमार आदि ने बताया कि धांसों को काटकर सूखा लिया जाता है और इनको खाना बनाने के लिए प्रयोग में लाते हैं। कुछ किसान पशुओं का आहार पकाने में भी उनका उपयोग करते हैं। धांसों को लोग इकट्ठा करके अपने घर आंगन में कहीं जमा कर लेते हैं और कई महीनों तक विशेषकर ईंधन के विकल्प के रूप में प्रयोग करते हैं। चाहे ये कम ऊष्मा प्रदान करते हो किंतु गरीब तबके के लोगों के लिए धांसे बहुत कीमती माने जाते हैं। किसान इन धांसों को उखाड़ कर अपने लिए प्रयोग करते हैं या आसपास के लोग उन्हें उखाड़ कर ले आते हैं। यही नहीं कपास के वक्त भी कपास के धांसे ईंधन के रूप में काम में लिए जाते हैं। जहां सिलेंडर महंगा होने के कारण धांसों की अच्छी खासी मांग होती है।
 फोटो कैप्शन: 01 खेत से धांसे उखड़ता किसान






मोलडऩाथ मेले की तैयारी जोर शोर से जारी
-ऊंट एवं घोडिय़ों के  दौड़ स्थल को किया जा रहा है समतल
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कनीना की आवाज। कनीना के परम संत मोलडऩाथ आश्रम धाम पर 20 मार्च को लगने वाले मेले के दृष्टिगत तैयारियां जारी हैं। वहीं प्रांगण को साफ सुथरा बनाए जा रहा है, दौड़ स्थल को समतल किया जा रहा है।
कनीना के बस स्टैंड के पास मोलडऩाथ आश्रम पर 20 मार्च को शक्कर मेला लगने जा रहा है। इसके दृष्टिगत आश्रम को सजाया जा रहा है, दीवारों पर रंग पेंट, रोगन किया जा रहा है। ठीक इसके सामने सुजान सिंह पार्क को आधुनिक बनाया जा रहा है। एक नहीं करीब 10 विभिन्न धार्मिक स्थान मोलडऩाथ आश्रम के आस पास होने के कारण सभी स्थानों को  सजाकर मेले के दृष्टिगत आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है। हरियाणा ही नहीं अपितु दूसरे प्रांतों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब से भी ऊंट और घोडिय़ों की दौड़ में भाग लेने वाले पहुंचते हैं। इस मेले के दृष्टिगत ऊंट और घोडिय़ों की दौड़ वाले स्थान को समतल किया जा रहा है।छीथरोली  सड़क मार्ग पर स्थित सीहोर के कच्चे रास्ते पर दौड़ आयोजित होती है। यह दौड़ 20 मार्च को आयोजित होंगी। संत मोलडऩाथ के आश्रम के प्रधान दिनेश कुमार ने बताया की सभी स्थलों को साफ सुथरा बनाए जा रहा है तथा कुश्ती दंगल फुटबाल ग्राउंड में आयोजित होंगी। वहीं प्रमुख मेला मोलडऩाथ आश्रम में लगेगा। कई भंडारे आयोजित होते हैं। आश्रम के लोगों ने आश्रम की सफाई की। उल्लेखनीय है कि यह मेला शक्कर मेले के नाम से जाना जाता है। कनीना के लेखक द्वारा मोलडऩाथ संत को लेकर आरतियां, कैलेंडर तथा तीन पुस्तकें जिनमें एक आईएसबीएन की प्रकाशित करवा रखी है। मेले में सभी घरों से लोग शक्कर का प्रसाद चढ़ाने आते हैं।
 फोटो कैप्शन 2: घोडिय़ों की दौड़ स्थल को साफ सुथरा करते हुए
 3: आश्रम की सफाई करते हुए भक्त

Tuesday, March 12, 2024


 

 किसानों के लिए ईंधन का विकल्प है धांसे
--पदाड़ी भी है बड़े काम की
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कनीना की आवाज। एक वक्त था जब सरसों के धांसों को लोग उखाड़ कर नहीं लाते थे, पदाड़ी को भी खेतों में फेंक कर आते थे किंतु आज दोनों की कीमत बढ़ गई है। किसान फसल कटाई के साथ-साथ जहां धांसों को इकट्ठा करते हैं। इन्हें ईंधन के विकल्प के रूप में प्रयोग करते हैं।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार, योगेश कुमार आदि ने बताया कि धांसों को काटकर सूखा लिया जाता है और इनको खाना बनाने के लिए प्रयोग में लाते हैं। कुछ किसान पशुओं का आहार पकाने में भी उनका उपयोग करते हैं। धांसों को लोग इक_ा करके अपने घर आंगन में कहीं जमा कर लेते हैं और कई महीनों तक विशेषकर ईंधन के विकल्प के रूप में प्रयोग करते हैं। चाहे ये कम ऊष्मा प्रदान करते हो किंतु गरीब तबके के लोगों के लिए धांसे बहुत कीमती माने जाते हैं। किसान इन धांसों को उखाड़ कर अपने लिए प्रयोग करते हैं या आसपास के लोग उन्हें उखाड़ कर ले आते हैं। यही नहीं कपास के वक्त भी कपास के धांसे ईंधन के रूप में काम में लिए जाते हैं। जहां सिलेंडर महंगा होने के कारण धांसों की अच्छी खासी मांग होती है।
 फोटो कैप्शन 07: खेत से धांसे उखड़ता किसान




मोलडऩाथ मेले की तैयारी जोर शोर से जारी
-ऊंट एवं घोडिय़ों के  दौड़ स्थल को किया जा रहा है समतल
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कनीना की आवाज। कनीना के परम संत मोलडऩाथ आश्रम धाम पर 20 मार्च को लगने वाले मेले के दृष्टिगत तैयारियां जारी हैं। वहीं प्रांगण को साफ सुथरा बनाए जा रहा है, दौड़ स्थल को समतल किया जा रहा है।
कनीना के बस स्टैंड के पास मोलडऩाथ आश्रम पर 20 मार्च को शक्कर मेला लगने जा रहा है। इसके दृष्टिगत आश्रम को सजाया जा रहा है, दीवारों पर रंग पेंट, रोगन किया जा रहा है। ठीक इसके सामने सुजान सिंह पार्क को आधुनिक बनाया जा रहा है। एक नहीं करीब 10 विभिन्न धार्मिक स्थान मोलडऩाथ आश्रम के आस पास होने के कारण सभी स्थानों को  सजाकर मेले के दृष्टिगत आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है। हरियाणा ही नहीं अपितु दूसरे प्रांतों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब से भी ऊंट और घोडिय़ों की दौड़ में भाग लेने वाले पहुंचते हैं। इस मेले के दृष्टिगत ऊंट और घोडिय़ों की दौड़ वाले स्थान को समतल किया जा रहा है।छीथरोली  सड़क मार्ग पर स्थित सीहोर के कच्चे रास्ते पर दौड़ आयोजित होती है। यह दौड़ 20 मार्च को आयोजित होंगी। संत मोलडऩाथ के आश्रम के प्रधान दिनेश कुमार ने बताया की सभी स्थलों को साफ सुथरा बनाए जा रहा है तथा कुश्ती दंगल फुटबाल ग्राउंड में आयोजित होंगी। वहीं प्रमुख मेला मोलडऩाथ आश्रम में लगेगा। कई भंडारे आयोजित होते हैं। आश्रम के लोगों ने आश्रम की सफाई की। उल्लेखनीय है कि यह मेला शक्कर मेले के नाम से जाना जाता है। कनीना के लेखक द्वारा मोलडऩाथ संत को लेकर आरतियां, कैलेंडर तथा तीन पुस्तकें जिनमें एक आईएसबीएन की प्रकाशित करवा रखी है। मेले में सभी घरों से लोग शक्कर का प्रसाद चढ़ाने आते हैं।
 फोटो कैप्शन 5: घोडिय़ों की दौड़ स्थल को साफ सुथरा करते हुए
 6: आश्रम की सफाई करते हुए भक्त




प्रशासन द्वारा चिनवाई दीवार को मात्र 1 घंटे बाद दोबारा दीवार तोड़ डाला
--फिर की गई है शिकायत
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कनीना की आवाज। खंड प्रशासन व पुलिस की मौजूदगी में बनवाई गई दीवार को पुन: तोड़ डाला। ग्रामीणों में रोष है।
 ग्राम रामबास के अधिवक्ता कुलदीप यादव, बनवारी लाल पंच, सिकंदर पंच, रामवीर पंच, विकास यादव, संजीत यादव, राजेंद्र यादव के अलावा अन्य ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव रामबास में स्थित हनुमान पार्क लगभग 14 साल पहले का बना हुआ है जिसमें गांव के सैकड़ों लोगों द्वारा घूमना फिरना व व्यायाम करने का कार्य किया जाता है वही गांव के कुछ तथा लोगों द्वारा पार्क की दीवार तोड़कर उसमें रास्ता बना लिया था जिसकी शिकायत राजेंद्र रामबास ने जिला उपायुक्त नारनौल व मुख्यमंत्री को भेज कर पार्क की तोड़ी हुई दीवार पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी जिस पर प्रशासन द्वारा गत दिवस पुलिस हेल्प लेकर गांव रामबास पहुंच पार्क की दीवार का निर्माण का कार्य किया। लेकिन प्रशासन द्वारा बनाई गई पार्क की दीवार को मात्र एक घंटा बीता भी नहीं था दीवार को पुन: तोड़ डाला।  इस मामले को लेकर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को एक लिखित शिकायत देकर मामले से अवगत कराया है।  मामले को लेकर एससीपीओ कृष्णपाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में आया है और ग्राम पंचायत रामबास द्वारा एक लिखित शिकायत भेज कर उक्त अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की है।









कट का काम केंद्र सरकार के भरोसे पर, 366वें दिन जारी रहा धरना
--अनिश्चितकालीन धरने पर हैं किसान
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कनीना की आवाज।  राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए किसान अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता रामकिशन बाघोत ने की और उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के भरोसे पर राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम रुका हुआ है। केंद्र सरकार के द्वारा कट की घोषणा की हुई है और उसके बाद आश्वासन भी दिया गया कि कट का काम जल्द शुरू हो जाएगा  लेकिन अब तक केंद्र सरकार के द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के प्रति ग्रामीणों में रोष है। जब तक केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू नहीं करती है, तब तक धरना जारी रहेगा।
 धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन  ने बताया कि धरने को चलते 366 दिन हो गए है और कट के लिए जल्दी कार्रवाई न की गई तब हम सरकार का विरोध करेंगे।
इस मौके पर डाक्टर लक्ष्मण सिंह, मास्टर विजयपाल, नरेंद्र शास्त्री, मनफूल, अशोक, मास्टर विजय सिंह, मुंशी राम, ओम प्रकाश, प्रधान कृष्ण कुमार, सूबेदार हेमराज अत्रि,पूर्व सरपंच हंसकुमार, मुंशीराम, बाबूलाल, सीताराम, डा. रामभक्त स्वामी, इंस्पेक्टर सतनारायण, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह, प्यारेलाल, राम भक्त, सुरेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार पंच, रोशन लाल आर्य व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 03: कट के लिए धरने पर कैठे किसान।




जाए तो जाए कहा-
कक्षा 6 से 12 तक लड़कों के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का नहीं है स्कूल
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कनीना की आवाज। कनीना कस्बे में सामान्य विद्यार्थियों के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में छठी कक्षा से 12वीं कक्षा तक पढऩे के लिए कोई संस्थान नहीं है। वर्तमान में नगर में तीन विद्यालय हैं जिनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाल जो विगत वर्षों में माडल संस्कृति स्कूल बन चुका है तथा उसे विद्यालय में से शिक्षण संस्था होने के साथ-साथ केवल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त होने के कारण वहां 500 रुपये प्रतिमाह फीस देकर ही पढ़ाई की जा सकती है वहीं दूसरा विद्यालय राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जो कनीना मंडी में स्थित है। वह भी कन्या विद्यालय होने के कारण 9 से 12  कक्षा में छात्रों को प्रवेश नहीं मिलता। तीसरा विद्यालय राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना है जहां गत वर्ष मु यमंत्री मनोहर लाल के कनीना दौरे के दौरान उनसे प्रार्थना की गई थी कि क्षेत्र का सबसे पुराना विद्यालय होने के कारण इस विद्यालय को क्रमोन्नत कर सह शिक्षण संस्थान बनाया जाए ताकि कनीना कस्बे के छात्रों को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से पढ़ाई करने में आसानी हो।
 इस बारे में कई बार विद्यालय के मुखिया नरेश कुमार कौशिक ने प्रदेश सरकार पर शिक्षा अधिकारियों को लिखकर निवेदन किया है कि विद्यालय का दर्जा बढ़ाया जाए तथा इसे सह शिक्षण संस्थान बनाया जाए । इसके लिए स्थानीय विधायक सीताराम यादव से भी बार-बार निवेदन किया गया कि विद्यालय का दर्जा बढ़ाया जाए तथा इसे शिक्षण संस्थान बनाया जाए इसके अलावा उच्च अधिकारियों को विद्यालय का दर्जा बढ़ाने की प्रार्थना की गई है। विद्यालय के मुखिया ने बताया कि शीघ्र ही सघन नामांकन अभियान शुरू किया जा रहा है इसमें कक्षा 6 से 8 के छात्रों के दाखिले भी किए जाएंगे।





नहीं नसीब हुई है अभी तक फरवरी माह का वेतन
-हर महीने शिक्षकों को मिलता है देरी से वेतन
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कनीना की आवाज। पूरे ही जिले में बहुत से शिक्षकों को आज तक अपना फरवरी माह का वेतन नसीब नहीं हुआ है एक और जहां फरवरी माह के वेतन से बहुत अधिक भाग उनका टैक्स में कट चुका है, बाकी बची हुआ वेतन भी उनको आज तक नसीब नहीं हो रहा है। जिसको लेकर शिक्षक को भारी रोष है। शिक्षक नेताओं सुनील कुमार, धर्मपाल का कहना है कि सरकार ऐसा नियम पारित करें कि हर कर्मचारी को उसका वेतन 5 तारीख तक हर हाल में मिल जाए और उसे अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए जो वेतन में देरी का कारण बनते हैं।  बहरहाल आज तक अनेकों शिक्षकों को वेतन नसीब नहीं हो रहा है।  शिक्षक बेहद परेशान है उन्होंने मांग की है कि उनका समय पर वेतन दिया जाए ताकि वे घर परिवार को चला सके।



निशान यात्रा के लिए निकल पड़े भक्त जैतपुर एवं खाटू धाम के लिए
-खाटू श्याम में लगता है देश का बड़ा मेला
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कनीना की आवाज। कनीना हजारों खाटू भक्त विभिन्न श्याम मंदिरों में जाते हैं। यात्रा शुरू हो गई है तथा भक्तों के लिए शिविर लेग चुके हैं। विगत वर्ष कनीना के श्याम मंदिर से एक निशान यात्रा हुडिय़ा जैतपुर स्थित खाटू धाम पहुंची थी जबकि इस वर्ष दो यात्राएं जाएंगी।
 भक्त एक जरफ जैतपुर जाते हैं जो कनीना से महज 22 किमी दूर है जबकि दूसरा धाम कनीना से करीब 190 किमी दूर है। दोनों ही स्थानों पर 21 मार्च तक भारी भीड़ रहेगी। ऊाग उत्सव मनाया जाता है। इस यात्रा में सैकड़ों महिलाएं भाग लेती हैं।  इस मेले में भक्त निशान लेकर पहुंचते हैं और बाबा को अर्पित करते हैं। हर वर्ष हजारों की संख्या में भक्त जैतपुर जाते हैं। जो भक्त खाटू धाम राजस्थान नहीं पहुंच पाते हैं वे जैतपुर धाम जाते हैं। जैतपुर धाम सुविधाजनक भी है।
  खाटू श्याम मेला-
जैतपुर में 21 मार्च को खाटू श्याम मेला लगेगा जिसमें अपार भीड़ जुटेगी। कलकत्ता तथा अलवर के शृंगारकर्ता प्रतिदिन ताजा फूलों से बाबा का शृंगार करते हैं। करीब 300 वर्ष पुराने इस श्याम मंदिर का विगत वर्षों जीर्णोंद्धार करवाया गया है।  
कनीना व आस पास के भक्त जैतपुर जाएंगे। 22 किमी के इस सफर में वे मोहनपुर, भोजावास, रातां से होकर प्रतापुर एवं जैतपुर पहुंचते हैं। इस पदयात्रा में उनके साथ जल एवं खाने पीने का सामान वाहन में साथ साथ चलता है। डीजे पर थिरकते पैर एवं रंग गुलाल में भीगे भक्त खुशी खुशी जैतपुर के लिए रवाना होते हैं।  करीब 11 दिनों तक विभिन्न सड़क मार्गों पर भक्त ध्वज के साथ जाते नजर आते हैं।
 उधर राजस्थान में रिंगस से करीब 17 किमी दूर खाटूश्याम धाम पौराणिक इतिहास को समेटे हुए है। यूं तो इस धाम पर वर्ष भर भारी भीड़ चलती है किंतु फाल्गुन शुक्ल एकादशी (21 मार्च)को जो मेला लगता है उसमें अपार जनसैलाब उमड़ता है। यहां कई दिनों पूर्व ही भक्तजन आकर ध्वज चढ़ाने लग जाते हैं। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अलावा पंजाब के बेशुमार भक्तजन पदयात्रा करके इस धाम पर पहुंचते हैं। पदयात्रियों का जाना शुरू हो गया है जो 21 मार्च तक चलते रहेंगे।
कौन थे खाटूश्याम की कथा-  
श्याम बाबा का नाम बर्बरीक था तथा महाभारत में भीम का पौत्र घाटोत्कच का पुत्र था। जब कौरवों और पांडवों का युद्ध चल रहा था तो बर्बरीक तीन बाण लेकर युद्ध में आया। जब श्रीकृष्ण की नजरें उन पर पड़ी तो उनका परिचय तथा युद्ध में आने का कारण पूछा। बर्बरीक ने अपना नाम घटोत्कच पुत्र बबरीक बताया और कहा मैं युद्ध के लिए आया हूं और तीन बाणों से तीन लोकों को बेंध सकता हूं। कृष्ण ने उनकी परीक्षा हेतु सामने खड़े विशाल पीपल के सभी पत्ते एक ही बाण से छेदने के लिए कहा।
बर्बरीक ने एक बाण धनुष पर चढ़ाया और, पीपल के सभी पत्ते छेद डाले। श्रीकृष्ण ने शीश दान में मांगा। बरबरीक ने हाथ जोड़कर एक विनती की कि उन्हें पूरा युद्ध दिखाया जाये।
शीश को ऊंचे पर्वत पर रख युद्ध का हाल देखने दिया। जब पांडव युद्ध जीत गए तो युद्ध में जीत का कारण श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र तथा द्रोपदी का काल रूप बताया।
बर्बरीक के सच्चे न्याय को सुन श्रीकृष्ण ने उन्हें कलियुग में श्याम बाबा नाम से पूजे जाने का वरदान दिया। इसके बाद शीश नदी में बहा दिया जो चलकर खाटू पवित्र धाम में रुका। तभी से खाटू श्याम स्थल पर श्याम मन्दिर बनाकर पूजा आरंभ की।
ठहराव-
 खाटूश्याम धाम पर मेला अति दर्शनीय है। राजस्थान के भरने वाले प्रसिद्ध मेले के श्रद्धालुओं के लिए गांव-गांव में ठहरने के लिए शिविर लगाये जाते हैं। श्याम बाबा को पहुंचने वाले श्रद्धालुओं व भक्तों को यहां ठहराकर प्रबंधक विभोर हो जाते हैं। वहीं भक्तों की अच्छी सेवा की जाती है। किसी भी भक्त को रास्ते में कोई परेशानी नहीं आती है। वैसे भी भारी सं या में भक्त विशेषकर महिलाएं अधिक जाती हैं। रास्ते में नहाने, खाने एवं दवाओं को शिविरों में भी बेहतर प्रबंध होता है।
तैयारी-
खाटूश्याम जाने  के लिए एक डंडे पर सवा मीटर का कपड़ा जो खाटू ध्वज के नाम से पूजा अर्चना करने के बाद धारण किया जाता है और रास्ते में किसी कपड़े आदि या साफ जगह पर ही रखा जाता है। सुबह सवेरे खाटू की पूजा करके ही ध्वज को लेकर आगे बढ़ते हैं। सफाई के साथ-साथ मन एवं वचन से पूरे रास्ते शुद्धता का याल रखा जाता है। कांवड़ के मुकाबले खाटूश्याम के नियम लचीले होते हैं। साबुन, तेल, ब्रश आदि की जा सकती है। क्योंकि अधिकांश रास्ता ट्रैक के साथ-साथ होकर गुजरता है। ऐसे में भक्तों को ट्रेन का ध्यान रखना जरूरी है। गांव गांव इन भक्तों के लिए शिविर लग गये हैं।
परिवार के कई सदस्य जा रहे हैंसंग में--
श्याम बाबा के दर्शन के लिए एक ही परिवार के कई कई सदस्य जाते हैं जो कई कई दिन पैदल चलते हैं। पैरों में छाले पड़ जाते हैं किंतु बिना थके आगे बढ़ जाते हैं। उनके लिए चिकित्सा सुविधा भी जगह जगह मिलती है। सोनीपत से किरण, नवीन एवं दर्शन सिंह एक ही परिवार से पिता, पुत्र एवं पत्नी निशान लेकर जा रहे हैं।
फोटो कैप्शन 02: पिता, पुत्र एवं पत्नी संग में धाम पर जाते हुए।



बिना थके आगे बढ़ रहे हैं भक्त
-निशान यात्रा जारी रहेगी 21 मार्च तक
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कनीना की आवाज।  जैतपुर तथा खाटू धाम जाने वाले भक्तों से उनकी यात्रा पर चर्चा की गई। वे अधिकांश अपनी मन्नत लेकर बाबा के दर्शन करने जाते हैं। बहुत कम लोग बिना किसी मन्नत के जा रहे हैं। अपार भक्त दो धामों पर फागुन माह की एकादशी तक जाते हैं।
***भक्तों की सेवा करके जो आनंद आता है वह ध्वज ले जाने में नहीं आता। वे प्रतिदिन सैकड़ों भक्तों की सेवा करते हैं और अपने को प्रसन्नचित समझते हैं। प्रतिवर्ष भक्तों के लिए शिविर लगाते हैं और उनकी सेवा करके खुशी जाहिर करते हैं।
--पडित घनश्याम, कैंप संचालक कोटिया
कृष्ण कुमार भक्त का कहना है कि करीब दस दिनों की यात्रा पूरी करके आठवीं बार निशान चढ़ाने जा रहे हैं। वे बिना किसी मनोकामना के धाम पर जा रहे हैं। उन्हें थकान नहीं हो रही है। बाबा का नाम लेकर थकान मिट जाती है।
  कृष्ण कुमार भक्त
दर्शन सिंह का कहना है कि वे चौथा निशान ले जा रहे हैं। वे भविष्य में भी इसी प्रकार निशान अर्पित करते रहेंगे। जब तक बाबा उन्हें बुलाएंगे वे यूं ही बाबा के दर्शन करने जाते रहेंगे।
दर्शन सिंह भक्त
नवीन कुमार का कहना है कि अपने पुत्र एवं पत्नी के साथ खाटूधाम जा रहे हैं। वे अपनी एक मनोकामना लेकर जा रहे हैं। वे एक निजी जोब करते हैं। उन्हें खुशी है कि वे बाबा के दर्शन करेंगे।
   --नवीन कुमार भक्त
हरिओम भक्त का कहना है कि वे सोनीपत खाटू श्याम जा रहे हैं। दूसरी बार निशान ले जा रहे हैं। उनका कहना है कि जीवन में सबसे बेहतर आरनंद यह यात्रा दे रही है। इस प्रकार की यात्राएं भविष्य में भी करता रहूंगा। वे अपनी मनोकामना लेकर जा रहे हैं। पैरों में छाले हैं किंतु उन्हें प्रसाद समझकर आगे बढ़ रहे हैं।
  -हरिओम भक्त
सौरभ कुंडल निवासी का कहना है कि वे अपने दिल में एक मनोकामना लेकर दूसरी बार निशान ले जा रहे हैं। उन्हें कोई थकान नहीं है। वे भविष्य में भी इसी प्रकार के निशान लेकर जाते रहेंगे।
  --सौरभ भक्त
किरण महिला भक्त का कहना हैं कि वे स्नातक होते हुए भी गृहिणी का काम कर रही है तथा अपने दिल में एक अरदास लेकर जा रही है। बाबा का नाम लेकर आगे बढ़ रही है।
फोटो कैप्शन 01: भक्त निशान ले जाते हुए
 साथ में दर्शन सिंह, हरिओम, घनश्याम पंडित, सौरभ, कृष्ण की पासपोर्ट।









मेरा पहला वोट
वोट डालने के लिए लालायित हैं साहिल दुबट
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कनीना की आवाज। चुनाव आयोग समय-समय पर 18 वर्ष की उम्र पूरी होने वाले युवाओं को वोट बनवाने का अवसर देता आ रहा है।  जिसके तहत कनीना उप- मंडल के गांव खेड़ी तलवाना के साहिल दुबट ने अपना वोट बनवाया है। उन्हें बेहद खुशी है कि उनकी उम्र 18 वर्ष हो गई है और अब वोट डालने के अधिकारी हैं तथा अपने वोट से सही नेता का चुनाव करके ,सही सरकार में परोक्ष रूप से भागीदारी करेंगे। जब साहिल से बात की तो उनका कहना है कि उनके मन में हार्दिक खुशी है कि वह अपना पहली बार वोट डालेंगे और वह भी लोकसभा के प्रत्याशी का। वोट डालकर उन्हें बेहद खुशी होगी वहीं उनकी चाहत है कि उनकी चाहत का प्रत्याशी सत्ता में पहुंचे और उनकी समस्या और क्षेत्र की समस्याओं को उजागर कर उनका समाधान करें। साहिल अभी भी पढ़ रहा है और पढ़ाई के साथ-साथ उनकी इच्छा है कि सरकार ऐसे काम करें जिसमें युवाओं का हित हो। उनका कहना कि वोट डालने का अधिकार आयोग ने उन सभी युवाओं को दिया है जिनकी उम्र 18 वर्ष हो गई। अब वह 18 वर्ष पर कर चुके हैं और पहली बार वोट डालेंगे। उन्हें अपना पहचान पत्र पहचान पत्र बनवा लिया है तथा वोट डालने के लिए लालायित  हैं।
फोटो कैप्शन: साहिल दुबट






























मेरा चुनाव घोषणा पत्र
--जो करेगा मांगे पूरी वोट मिलेंगे उसी को
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कनीना की आवाज। लोकसभा के चुनाव नजदीक हैं और लोकसभा चुनाव में जहां सभी पार्टी के अपने-अपने घोषणा पत्र होते हैं परंतु कनीना निवासी दिनेश कुमार संत मोलडऩाथ आश्रम ट्रस्ट प्रधान का अपना घोषणा पत्र है। वे चाहते कि वो उस प्रत्याशी को वोट देंगे जो नि न मांगों को पूरा करेंगे।
* कनीना का न्यायिक परिसर निर्माण करवाएं
*कनीना की सभी प्रमुख सड़कों की सुध ले
* कनीना के मौलडऩाथ आश्रम को सरकार अपने अधीन लेकर के पर्यटन स्थल घोषित करें। *कनीना खास नामक रेलवे स्टेशन पर सभी ट्रेनों का ठहराव करें
**कनीना बस स्टैंड की सुध ले ताकि
यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो *युवाओं को और रोजगार अधिक से अधिक उपलब्ध करवाये
* स्कूलों को क्रमोन्नत करें तथा स्कूलों में शिक्षकों की पूर्ति करे
* हर गरीब एवं किसान का हित करें उसको अपना वोट देंगे।
फोटो कैप्शन : दिनेश कुमार प्रधान।






Monday, March 11, 2024


 

दांडी यात्रा  -12 मार्च
 नमक सत्याग्रह की याद दिलाता है 12 मार्च
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कनीना की आवाज। दांडी यात्रा जिसे नमक सत्याग्रह आंदोलन भी कहते हैं, जो की एक अहिंसक सविन्य अवज्ञा आंदोलन था। 12 मार्च 1930 से 6 अप्रैल तक जारी रहा। इस दांडी यात्रा का उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य का नमक पर एकाधिकार का विरोध करना था। नमक सत्याग्रह आंदोलन के विषय में इतिहास के कुछ जानकारों से चर्चा की गई-
** गांधी जी ने अपने 78 स्वयंसेवकों के साथ यह यात्रा शुरू की थी। साबरमती आश्रम से लेकर दांडी तक यह यात्रा चली। इस यात्रा के दौरान संख्या बढ़ती चली गई। नमक कानून को तोड़ा तो लाखों भारतीयों द्वारा नमक कानून के खिलाफ बड़े पैमाने पर सविन्य अवज्ञा आंदोलन चलाया। दांडी में नमक बनाकर गांधी जी ने ब्रिटिश का गरूर तोड़ा जिसके चलते गांधी को 4/5 मई 1930 की रात्रि को गिरफ्तार कर लिया था। नमक कर के खिलाफ सत्याग्रह लगभग 1 साल तक जारी रहा था जिसके तहत 60,000 से अधिक भारती को जेलों में ठूस दिया गया था।
---डा मुंशीराम वरिष्ठ प्रवक्ता
यह एक अहिंसात्मक अभियान था तो करीब 241 मील दूरी तक पदयात्रा थी। नमक मार्च, दांडी सत्याग्रह आदि कई नामों से जाना जाता है जिसके तहत 5 मई को गांधी जी को गिरफ्तार कर लिया गया परंतु जनवरी 1931 को फिर से रिहा कर दिया गया था। यात्रा दौरान प्रतिदिन 16 किलोमीटर दूरी तय कर रहे थे जिसके चलते 6 अप्रैल को दांडी पहुंचे। 12 मार्च का दिन भारत की आजादी की लड़ाई में अहम माना जाता है। इस यात्रा के जरिए महात्मा गांधी ने अहिंसा की ताकत का परिचय दिया था। नमक की जरूरत हर इंसान को होती है तथा एक प्रमुख वस्तु होती है जो व्यापार की वस्तु बनने से रोका दिया गया था।
---मदनमोहन कौशिक प्रवक्ता
फोटो कैप्शन : मदनमोहन कौशिक प्राध्यापक एवं डा मुंशीराम









सरसों चोरी के मामले में सौंपा ज्ञापन
-एसडीएम के उपाधीक्षक को सौंपा किसानों ने ज्ञापन
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कनीना की आवाज। किसान के कुयें पर हुई सरसों चोरी बरामद करने में कनीना सदर थाना पुलिस की सुस्त तथा उदासीन कार्यप्रणाली के खिलाफ खैराना गांव के सैकड़ों किसानों ने उपमंडल अधिकारी (ना.) कनीना कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। किसानों ने जोरदार नारेबाजी कर सरसों चोरी बरामद करो तथा पुलिस प्रशासन होश में आओ के जोरदार नारे लगाए। इस संबंध में एक ज्ञापन उपमंडल अधिकारी (ना.) कनीना के उप अधीक्षक को सौंपा।
   ज्ञापन के बारे में जानकारी देते हुए खैराणा गांव के पीडि़त किसान अजीत ने बताया कि उनके ट्यूवबैल पर बने मकान से गत 20 दिसम्बर को चोरों ने सरसों के कट्टे चोरी कर लिए। उन्होंने कहा कि चोर गिरफ्तार हो चुके और उन्होंने सबके सामने चोरी भी कबूल कर ली। इसके बावजूद भी पुलिस चोरी हुई सरसों बरामद करने में नाकाम रही है। जिसके कारण किसानों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि लगभग 80 दिन बीत चुके हैं और वे पुलिस अधीक्षक तथा एसएचओ. आदि से कई बार मिल चुके परन्तु सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला।  यदि एक सप्ताह के अंदर माल बरामद नहीं हुआ तो पीडि़त परिवार किसानों के साथ धरना देने पर मजबूर होगा।
फोटो कैप्शन 06: किसान उप अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए।







रस्साकशी में करीरा ढाणी की टीम रही प्रथम
-करीरा गांव में आयोजित हुआ मेला
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कनीना की आवाज। उप-मंडल के गांव करीरा स्थित हनुमान मंदिर राजावाली बणी में अमावस्या के उपलक्ष्य में विशाल मेले व कबड्डी की इनामी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के जि़ला उपाध्यक्ष युवा नेता यतेंद्र राव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसमें महिला व पुरुषों की लोंग कबड्डी प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया गया।  जिसमें पूरे हरियाणा से अनेकों टीम शामिल हुई। यतेंद्र राव ने समस्त ग्रामवासियों, सरपंच, ग्राम पंचायत व कमेटी का मान सम्मान के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया तथा आश्वासन दिया कि सामाजिक काम के लिए जहां भी उनकी जरूरत पड़ेगी पड़ेगी वह मदद करेंगे। रस्साकसी में पहले स्थान पर करीरा ढाणी की टीम रही जिसको 3100 रुपये देकर सम्मानित किया गया वहीं दूसरे स्थान पर बाबा बिखमदास करीरा की टीम रही जिसे 2100 रुपये देकर सम्मानित किया गया। महिला कबड्डी में पहले स्थान पर मतोल्डा टीम रही जिसको 31000 रुपये देकर सम्मानित किया। वहीं दूसरे स्थान पर सामण गांव की टीम रही जिसको 21000 रुपये पर देकर सम्मानित किया गया। 800 मी. लड़कियों की दौड़ में पहले स्थान पर माही जमालपुर रही जिसको 1500 रुपये देकर सम्मानित किया गया। वहीं दूसरे स्थान पर खुशी कोसली रही जिसको 1100 रुपये देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 20 रूपये से लेकर 11000 रुपये तक की कुश्ती प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया गया। यतेंद्र राव कहा कि मेले व खेल हमारी सांस्कृतिक धरोहर है व इसे सहेज कर रखना हमारा फर्ज है। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम व भंडारे की व्यवस्था की गई थी। समस्त ग्रामवासी, मंदिर व खेल कमेटी व पंचायत इस प्रकार के आयोजन को बढ़ावा देने के लिए के लिए प्रशंसा व धन्यवाद के पात्र हैं। आज पाश्चात्य संस्कृति के पीछे कुछ युवा जो भाग रहे हैं उन्हें अपनी सनातन संस्कृति का अनुसरण करते हुए अच्छे रास्ते पर चलना चाहिए। हरियाणा एक हरियाणवी एक के नारे को बुलंद करते हुए कहा कि हमारा धर्म व खेलकूद  हमारी पहचान है और हम सबको इस अवसर पर गर्व है। इस आयोजन पर सरपंच अजय यादव, शिवलाल प्रधान, संजय, धर्मवीर यादव, जसवंत सिंह, करण सिंह, पंकज करीरा, जयसिंह, कुशल, राजेश व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: खिलाडिय़ों के साथ यतेंद्र राव।







कट को लेकर हवन का आयोजन, 365वें दिन जारी रहा धरना
-अनिश्चितकालीन धरने पर हैं किसान
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता मास्टर विजय सिंह सेहलंग ने की और उन्होंने बताया कि धरने पर बैठे हमें पूरा एक साल हो गया है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच अब तक कट का  काम शुरू नहीं किया गया है।  डाक्टर प्रेमराज आर्य प्रधान वेद प्रचार मंडल महेंद्रगढ़, भूपेंद्र सिंह आर्य, रंगराव सिंह आर्य, पंडित इंद्रलाल आर्य, सरपंच बलवान सिंह आर्य व पूरी टीम के साथ सुबह हवन किया। वातावरण की शुद्धिकरण के साथ-साथ हवन का उद्देश्य था कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच बनने वाले कट में आने वाली रुकावटों का निवारण हो सके। आर्य समाज की पूरी टीम ने बताया कि सच्चाई की हमेशा जीत होती है। आप जिस काम के लिए धरना स्थल पर बैठे हुए हैं यह किसी एक वर्ग के लिए नहीं है बल्कि पूरे इलाके की भलाई का काम है।
 एडवोकेट धर्मवीर सिंह यादव और एडवोकेट अभय राम यादव, प्रधान यादव सभा महेंद्रगढ़  धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि कट की मांग जायज है, ग्रामीणों को कट की जरूरत है, राज्य सरकार और केंद्र सरकार को लोगों की पीड़ा को देखते हुए कट के काम को जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन  ने बताया कि धरने को चलते 365 दिन हो गए है लेकिन कट का काम शुरू न होने के कारण ग्रामीणों में गुस्सा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने मन बना लिया है यदि केंद्र सरकार कट के काम में देरी करती है तब चुनावों में सरकार का बहिष्कार किया जाएगा। जब तक सरकार कट का काम शुरू नहीं करती है, तब तक धरना जारी रहेगा।
इस मौके पर सरपंच हरिओम पोता, सरपंच सुरेश झाड़ली, सरपंच वीरपाल स्याणा, सरपंच दलबीर सिंह दलवा चिडिय़ा, नेहरू मुनि मालड़ा, महावीर प्रसाद बवाना, बुधराम आर्य सीहोर, कप्तान सुरेंद्र सिंह आर्य रसूलपुर, नौबत सिंह आर्य, रोहतास सिंह यादव, जगदीश प्रसाद यादव, सूबे सिंह यादव, सरपंच राजेंद्र सिंह बाघोत,वेद प्रकाश, पहलवान रणधीर सिंह, मास्टर विजयपाल, सूबेदार हेमराज अत्रि,मोहर सिंह आर्य कनीना, पूर्व सरपंच हंस कुमार, मुंशीराम, बाबूलाल, चेयरमैन सतपाल, ओम प्रकाश, सीताराम, डॉ रामभक्त, डा. लक्ष्मण सिंह, इंस्पेक्टर सतनारायण, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह, प्यारेलाल, पहलवान धर्मपाल, प्यारेलाल,  राम भक्त,   प्रधान कृष्ण कुमार, रोशन लाल आर्य,  व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 04: कट की मांग को लेकर धरना स्थल पर हवन करते हुए।





राजकीय स्कूल पड़तल के विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
-दो बच्चों का एनएमएमएस में हुआ है चयन
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कनीना की आवाज। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग द्वारा राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति (एनएमएमएस) परीक्षा में राजकीय मिडल स्कूल पड़तल के दो विद्यार्थियों का चयन होने की खुशी में एक छोटे-से सम्मान समारोह का आयोजन किया गया ।
विस्तृत जानकारी देते हुए स्कूल के मौलिक मुख्याध्यापक  राजकुमार राव ने बताया कि स्कूल प्रांगण में आयोजित समारोह में जिया तथा हर्ष को छात्रवृत्ति परीक्षा में चयनित होने पर मैडल व नकदी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही बुनियाद लेवल-1 में आने वाले सात बच्चों को भी सम्मानित किया गया ।
क्लस्टर प्राचार्य ओमपाल सिंह ने अपने संबोधन में इस बारे में बच्चों को विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना में प्रतिमाह हजार रुपए की छात्रवृत्ति 9 से 12वीं तक प्रदान की जाती है, बशर्ते कि बच्चा किसी राजकीय स्कूल में ही अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करे। दूसरे बच्चों को भी इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और भविष्य में अधिक से अधिक बच्चे प्रवीणता  सूची में अपना नाम शामिल कराएंगे, ऐसा मुझे विश्वास है। इस मौके पर  हंसराज यादव, राजेन्द्र सिंह, ओमपाल सिंह प्राचार्य, मोनिका एबीआरसी सहित स्कूल स्टाफ व अन्य अभिभावकगण मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 05: पड़तल स्कूल में बच्चों का सम्मान समारोह आयोजित करते हुए।




मोटरसाइकिल की टक्कर में एक महिला घायल,मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उप- मंडल के गांव धनौंदा की महिला को मोटरसाइकिल चालक ने टक्कर मार दी जिससे वह घायल हो गई। उनका आपरेशन अब तक पीजीआइएमएस में चला। अब महिला ने अस्पताल से आकर कनीना थाने में मोटरसाइकिल चालक के विरुद्ध मामला दर्ज करवा दिया है। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
 पुलिस में दी गई शिकायत में सविता देवी ने कहा है कि वह धनौंदा की निवासी है तथा वर्तमान में निमोठ थाना खोल में रहती है। एक फरवरी को अपने गांव धनौदा में ईंधन लेने के लिए गई थी। ईंधन लेकर जब वापस आ रही थी तब नहर के पास करीब पांच बजे पहुंची तो एक मोटरसाइकिल तेज र तार से चला कर आया और टक्कर जड़ दी  और टक्कर मारकर भाग गया।
टक्कर लगने से गिर गई। तत्पश्चात उसका पति करण सिंह उन्हें कनीना अस्पताल ले गया जहां से उन्हें नारनौल रेफर कर दिया। अधिक चोट लगले के कारण उसे  पीजीआईएमएस रेफर कर दिया। जहां उनके सिर का आपरेशन चला। अब वापस आकर उन्होंने कनीना थाने में मामला दर्ज करवा दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।




अब सरकारी माडल स्कूल में होली स्कालरशिप टेस्ट
- 17 मार्च को होगा टेस्ट
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कनीना की आवाज। राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में रविवार 17 मार्च को कक्षा 6 से 12 तक प्रवेश के लिए स्कालरशिप टेस्ट आयोजित किया जाएगा। प्राचार्य सुनील खुडानिया ने बताया कि इस विद्यालय के इतिहास में पहली बार निजी स्कूलों के तर्ज पर राजकीय माडल संस्कृति स्कूल कनीना में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को खोज के लिए इस परीक्षा का आयोजन किया गया है।  नई शिक्षा नीति 2020 के तहत सभी सुविधाएं विद्यालय में उपलब्ध हैं। इस परीक्षा में अव्वल आने वाले विद्यार्थियों को फीस में छूट के साथ आकर्षक ईनाम भी प्रदान किए जाएंगे। प्राचार्य ने कनीना क्षेत्र अभिभावकों से मांग की है कि अपने बच्चों को जरूर यह टेस्ट दिलवाएं।






पार्टी ने जितनी बड़ी जि़म्मेदारी सौंपी है उसी अनुरूप जिम्मेदारी निभाने का प्रयास करुगा-झूकिया
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कनीना की आवाज। हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव  सत्यवीर झूकिया को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने  किसान कांग्रेस का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है। इस अवसर पर सत्यवीर झूकिया ने कहा कि पार्टी ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी मुझे सौंपी है इसके लिए मैं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं और धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि मेरा बचपन से लेकर आज तक पार्टी ने मुझे विभिन्न पदों से नवाजा है। मुझे एनएसयूआई एवं यूथ कांग्रेस के हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं अनेकों प्रदेशों में आब्जर्वर और खासकर राहुल गांधी जी की टास्कफोर्स में काम करने का मौका मिला मुझे पार्टी ने अनेक बार बड़ी सौंपी है। इस बार भी मुझे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा किसानों कांग्रेस का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है इसके लिए सोनिया गांधी जी श्री राहुल गांधी,मल्लिकार्जुन खडग़े जी किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखपाल खैरा एवं शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं। सत्यवीर झूकिया ने कहा कि मैं पार्टी को मजबूत करने का काम करूंगा।
फोटो कैप्शन: सत्यवीर झूकिया।



निशुल्क 72वें नेत्र एवं हृदय रोग जांच एवं परामर्श शिविर में 62 रोगियों ने उठाया लाभ
--कनीना में लगा शिविर
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कनीना की आवाज। रविवार को कनीना के लाला शिवलाल धर्मशाला में सेवा भारती हरियाणा प्रदेश शाखा कनीना द्वारा निशुल्क नेत्र रोग जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 62 रोगियों ने सुविधाओं का लाभ। संस्था के प्रधान सुरेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में मेट्रो अस्पताल एवं हृदय रोग संस्थान व सेवा भारती संस्था के संयुक्त तत्वाधान में निशुल्क नेत्र रोग जांच व परामर्श शिविर लगाया गया। जिसमें डा अश्विनी यादव ने अपनी टीम धनराज, भारत, पूजा, दिशा,सुनील एवं राजकुमार के साथ रोगियों की जांच की। सुरेश शर्मा ने बताया कि इनके अलावा बीपी, शुगर व ईसीजी की भी निशुल्क जांच की गई। डा. आरबी यादव अस्पताल से डा. अमित तथा उनके साथ तेजपाल सिंह की टीम ने नेत्र रोगियों की जांच की। सेवा भारती शाखा कनीना के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने बताया कि संस्था द्वारा लगातार समाज हित के लिए कार्य किए जा रहे हैं। जिसमें मुख्य रूप से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं देने देने का प्रयास किया जा रहा है।
 उन्होंने बताया कि सेवा भारती कनीना द्वारा आर्य समाज मंदिर कनीना में निशुल्क प्राथमिक चिकित्सा केंद्र एवं महिला सिलाई प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा है। जिसका समय प्रतिदिन 3:30 बजे से 5 बजे तक रहता है। यह कैंप 2017 से लगातार चल रहा है।
इस दौरान सुरेश शर्मा, शिवकुमार अग्रवाल, श्यामसुंदर महाशय, यादराम यादव,योगेश कुमार, मास्टर सोमदत्त शर्मा, यादराम, दिनेश कुमार एवं डा. वेदप्रकाश हाजिर रहे।   
फोटो कैप्शन 01: मरीजों की जांच करते हुए डाक्टरों की टीम।






भक्ति मंदिर बस स्टैंड कोटिया में लगा श्याम भक्तों का 14वां विशाल शिविर

















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कनीना की आवाज। भक्ति मंदिर बस स्टैंड कोटिया में 14वां श्याम भक्तों के लिए विशाल शिविर लगाया गया। यहां भक्तों के लिए भोजन की व्यवस्था व चाय पानी का इंतजाम किया जाएगा। साथ विश्राम के लिए सोने के लिए सभी व्यवस्था की जाती है। भक्ति मंदिर कमेटी प्रधान शिवनाथ ने बताया पिछले 6 वर्ष से प्लास्टिक मुफ्त सेवा दे रहे हैं। पर्यावरण का ध्यान रखा जाता है व साफ-सफाई कराई गइर्। बाबा घनश्याम हरिदास द्वारा अखंड ज्योति जलाकर शिविर का शुभारंभ किया गया। कमेटी प्रधान शिवनाथ, अनूप, राकेश, ओमप्रकाश ठेकेदार, संदीप, प्रवीन इत्यादि उपस्थित रहे।