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Wednesday, January 7, 2026



 

 

कनीना बस स्टैंड पर डिजिटल अरेस्ट और यातायात नियमों के प्रति विशेष जागरूकता अभियान
- पुलिस ने आमजन को साइबर ठगों से सतर्क रहने के दिए टिप्स
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कनीना की आवाज।
पुलिस द्वारा कनीना बस स्टैंड पर आम नागरिकों, यात्रियों और वाहन चालकों के लिए साइबर अपराध और यातायात नियमों के प्रति एक विशेष जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधों, विशेषकर डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी के तरीके और सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में सतर्कता ही बचाव है। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अधिकारियों ने समझाया कि साइबर अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई, नारकोटिक्स या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और लोगों को डराते हैं कि उनका नाम किसी गैर-कानूनी गतिविधि में आया है। इसे ही डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है, जिसमें पीडि़त को कैमरे के सामने कैद रहने और पैसे ट्रांसफर करने पर मजबूर किया जाता है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी असली जांच एजेंसी या पुलिस कभी भी वीडियो काल पर पूछताछ नहीं करती और न ही ऑनलाइन पैसे की मांग करती है। यदि किसी के पास ऐसा कोई वीडियो कॉल आए, तो घबराएं नहीं, काल काट दें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर सुरक्षा के साथ-साथ, इस व्याख्यान में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर भी जोर दिया गया। पुलिस कर्मियों ने वहां मौजूद लोगों को समझाया कि जीवन अनमोल है और थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, दोपहिया वाहन पर हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनने और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही, धुंध और कोहरे के मौसम को देखते हुए वाहनों की गति नियंत्रित रखने और रिफ्लेक्टर टेप का प्रयोग करने की सलाह दी गई, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
कार्यक्रम के समापन पर पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे एक जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि चाहे वह अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना हो या सड़क पर यातायात नियमों का पालन करना हो, नागरिकों की जागरूकता समाज को सुरक्षित बना सकती है।
फोटो कैप्शन 09:पुलिस युवाओं को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करते हुए



मोटी लाल मिर्च की मांग बढ़ी, 80 रुपए किलो तक पहुंची
-सर्दियों में जमकर बनाया जाता है अचार
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कनीना की आवाज।
 यूं तो समय-समय पर विभिन्न फल एवं सब्जियों की मांग बढ़ जाती है किंतु सर्दियों में मोटी, लाल, कम तीखी मिर्चों की बहुत मांग होती है। बाजार में हाथों हाथ बिक जाती हैं। ये 80 रुपये किलो के भाव से बिक रही हैं। क्योंकि सर्दियों में महिलाएं अचार डालकर साल भर प्रयोग करती है। इसलिए मिर्चों की मांग बढ़ जाती है। इन ये मिर्च इसलिए मैचों की विशेषता है कि ये कम तीखी होती है और सर्दियों में पर्याप्त मात्रा में आ जाती हैं। धीरे-धीरे इनकी मात्रा बढ़ती चली जाती है तत्पश्चात कीमत भी घट जाती है। वर्तमान में इनकी मांग बहुत अधिक है। इसलिए हर रेहड़ी एवं दुकान पर थोड़ी बहुत लाल मिर्च जरूर मिलती है। घरों में महिलाएं भी इस काम में व्यस्त मिलती है। कुछ महिलाएं तो अचार बनाने में बहुत माहिर होती है। गृहिणी आशा यादव ने बताया कि वह अपने परिवार के लिए साल भर के लिए आचार बनती हैं और उनके हाथ का अचार कभी खराब नहीं होता। इसलिए आसपास की और महिलाएं भी उनसे अचार बनाने की मांग करती रहती है।
 फोटो कैप्शन 10: अचार बनाते हुए आशा यादव



सेवा और कर्म जीवन के महत्वपूर्ण पहलू - डा सीएस वर्मा प्रभाकर
-एनएसएस शिविर का हुआ समापन
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कनीना की आवाज।
पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अटेली में प्राचार्य कुसुमलता के दिशा निर्देशन में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर का विधिवत समापन हुआ। समापन अवसर पर मुख्य वक्ता महामहिम राज्यपाल द्वारा सम्मानित डा. सीएस वर्मा प्रभाकर ने कहा, सेवा और कर्म जीवन के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। सेवा हमें दूसरों के प्रति सहानुभूति और दया सिखाती है, जबकि कर्म हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।
डा. वर्मा ने कहा कि किसी भी कार्य में सफलता व्यक्ति की भावना से जुड़ी है, इसलिए हमें सेवा भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहना चाहिए। उन्होंने जीवन पथ पर चलते राही अपना फर्ज निभाता चल, प्रीत प्यार की पावन धुन पर नवयुग तान सुनाता चल काव्य पंक्तियां के माध्यम से बच्चों को सेवा के लिए प्रेरित किया। एनएसएस प्रभारी उमलेश कुमारी ने स्वयं सेवकों को शिविर के दौरान सीखी गई बातों को जीवन में आत्मसात करने और राष्ट्र सेवा में सदैव तत्पर रहने के लिए प्रेरित किया। समापन अवसर पर कविता पाठ, भाषण तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली स्वयं सेविकाओं सहित अंशिका व संगम को बेस्ट वालेंटियर अवार्ड से सम्मानित किया गया।



33 सफाई कर्मचारियों को बांटे ट्रैक सूट
-एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकुर कनीनवाल निभा रहे हैं अहं भूमिका
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कनीना की आवाज।
 कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन के बैनर तले नगर पालिका कनीना के प्रांगण में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि नगरपालिका प्रधान रही हुई वहीं अध्यक्षता अधिवक्ता पंकज यादव ने की। इस कार्यक्रम में नगर पालिका कनीना के 33 सफाई कर्मचारियों को ट्रैक सूट वितरित किये। यह कार्यक्रम नगर पालिका कनीना के आग्रह प्रायोजित किया गया।
    कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकुर यादव कनीनवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सफाई कर्मचारी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। उनके सम्मान एवं सुविधा का ध्यान रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में विशेष जनहित कार्य करती रहेगी। अंकुर यादव ने कहा कि जो समाज सेवा करते हैं वो महान होते हैं। ऐसे लोगों की सेवा हर इंसान की जिम्मेदारी बनती है। सफाई कर्मी तो सर्दी, गर्मी, बरसात हर मौसम में लोगों को साफ सफाई युक्त वातावरण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार लोगों को रोगों से बचाते हैं। अगर सफाई न हो तो विभिन्न प्रकार के रोग घेर लेंगे। अगर कोई कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को बखूबी से निभाता है, मेहनत से और लगन से काम करता है तो उसका सम्मान करना हम सभी का फर्ज बनता है। उनकी सदा यही विचारधारा रहेगी कि समाज के लिए अहम भूमिका निभाने वालों को अवश्य सम्मानित करें। उनका कहना है कि अभी तक अनेक विचारधाराएं और सम्मान के क्षेत्र में अनेक लोग उनकी नजरों में है जिन्हें भविष्य में किसी न किसी अवसर पर जरूर सम्मानित किया जाएगा।    
   इस अवसर पर एडवोकेट पंकज यादव ने कहा कि कनीना के अंकुर यादव कनीनवाला की सदैव उच्च सोच की प्रकृति रही है। वे कभी भी किसी काम के लिए आगे बढ़े हैं तो कभी पीछे मुड़कर नहीं देखते हैं। उन्होंने पहले भी इस प्रकार के कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं जिससे स्पष्ट है कि वो समाज का उत्थान देखना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्होंने कनीना के 33 सफाई कर्मचारियों को ट्रैक सूट वितरित किये हैं जिनको पहनकर वे सर्दी से बच सकेंगे। सर्दी किसी किसी से दोस्ती नहीं करती। सर्दी लग जाए तो बड़ी दिक्कत आती है, परेशानी बढ़ती है। ऐसे में सर्दी से बचाव करना बहुत जरूरी है और बचाव में ट्रैक सूट आदि का योगदान हो सकता है। उन्होंने कहा कि हर इंसान का फर्ज बनता है वह समाज सेवा या देश सेवा में अपना योगदान दे। चाहे वह किसी भी रूप में सेवा दे रहा है परंतु अपनी तन्मयता और लगन के साथ भूमिका निभानी चाहिए ताकि लोग उसमें पहचान सके। समाज में उनकी पहचान बन सके। पहचान दिलवाने में कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन सदा उनके साथ खड़ी मिलेगी।
 इस अवसर पर अधिकता पंकज यादव, नगर पालिका के एमई दिनेश कुमार, जेई जितेंद्र कुमार, अधिवक्ता पंकज यादव, संजय राव, अनिल यादव, प्रदीप यादव, राहुल राव सहित पालिका के पार्षद मौजूद रहे।
 फोटो कैप्शन 6 और 7: सफाई कर्मचारी को ट्रैक सूट भेंट करते हुए पंकज एडवोकेट






राजकीय महाविद्यालय कनीना में मनाया जाएगा उपमंडल स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह
-कनीना कालेज में मनेगा उपमंडल स्तरीय समारोह
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कनीना की आवाज। 
आगामी 26 जनवरी को उपमंडल स्तर पर मनाए जाने वाले गणतंत्र दिवस समारोह की रूपरेखा तैयार करने के लिए  एसडीएम कनीना डा. जितेंद्र सिंह ने अपने कार्यालय में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक ली। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम ने बताया कि इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस समारोह परंपरागत तरीके से राजकीय महाविद्यालय कनीना के प्रांगण में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि समारोह से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं ताकि कार्यक्रम को गरिमामयी ढंग से संपन्न किया जा सके।
समारोह के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत प्रात: 09:50 बजे शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होगी। इसके पश्चात 09:58 बजे मुख्य अतिथि का समारोह स्थल पर आगमन होगा और ठीक 10 बजे ध्वजारोहण व राष्ट्रगान होगा। कार्यक्रम के अगले चरणों में मुख्य अतिथि द्वारा परेड का निरीक्षण और जनता के नाम संबोधन होगा। इसके बाद मार्च पास्ट और विभिन्न विभागों की झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
समारोह के अंत में स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी और प्रात: 11:30 बजे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को पारितोषिक देकर सम्मानित किया जाएगा। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम में अनुशासन और देशभक्ति के माहौल का विशेष ध्यान रखा जाए।
फोटो कैप्शन 04:अधिकारियों की बैठक लेते एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह।


सुबह ठंड तो दोपहर धूप खिली
-मौसम बदल रहा है पल-पल
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कनीना की आवाज।
 क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है। गत दिवस धुंध पड़ी वहीं बुधवार सुबह कड़ाके की ठंड रही किंतु दोपहर तेज धूप खिली। लोगों ने धूप का आनंद लिया। कनीना क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है। पाल पडऩा, कड़ाके की ठंड, धुंध एवं कोहरा पडऩा, सूरज द्वारा लुकाछिपी करना तथा तेज धूप खिलना जैसे मौसम में बदलाव होते जा रहे हैं। कनीना क्षेत्र में जहां 18 हजार हेक्टेयर पर सरसों तो 8 हजार हेक्टेयर पर गेहूं की फसल खड़ी हुई हैञ। किसानों की नजरिया फसलों पर टिकी हुई है साथ में लगातार मौसम को निहार रहे हैं। यदि मौसम अनुकूल रहा तो आने वाले समय में बेहतर पैदावार होने की संभावना बन गई है।
फोटो कैप्शन 05: कनीना क्षेत्र में सरसों के खिले फूल




सात दिवसीय एनएसएस शिविर का हुआ समापन
-श्रेष्ठ स्वयंसेवकों को किया गया पुरस्कृत
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेबल में एनएसएस के सौजन्य से चलाए जा रहे सात दिवसीय विशेष कैंप का समापन हो गया। समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य प्यारेलाल कटारिया रहे। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की छात्राओं ने मुख्य अतिथि के सम्मान में स्वागत गान गाया। उसके पश्चात छात्राओं ने रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में समा बांध दिया।
मुख्य अतिथि प्यारे लाल कटारिया स्वयंसेवक को योग के महत्व पर बोलते हुए कहा कि योग, संतुलित आहार और सकारात्मक विचारों के द्वारा व्यक्ति उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है। इस अवसर पर प्राचार्य प्यारे लाल कटारिया ने स्वयंसेवकों व प्रोग्राम आफिसर विक्रांत सेन द्वारा किए गए कार्यों की भूरि भूरि प्रशंसा की। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इतनी अधिक सर्दी के मौसम के बाद भी इतना अच्छा काम किया इसके लिए वह सब धन्यवाद के पात्र हैं। एनएसएस प्रभारी  विक्रांत सेन प्रवक्ता भौतिक विज्ञान ने सात दिन में कैंप में किए गए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट पेश करते हुए कैंप में पहुंचने वाले सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया। दीपक शर्मा प्राध्यापक ने स्वयंसेवकों को स्वामी विवेकानंद के बारे में विस्तार से बताया व उनके विचारों का अनुसरण करने का आह्वान किया। इस अवसर पर  वरिष्ठ प्रवक्ता गजराज सिंह, प्रवक्ता हंसराज,लैब अटेंडेंट धर्मपाल व तेजपाल उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: श्रेष्ठ स्वयंसेवकों को पुरस्कृत करते हुए



एनएसएस शिविर का समापन 8 जनवरी को
-बैंक सेवाओं की दी गई जानकारी
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में सातवें दिन शिविर का आरंभ एनएसएस प्रभारी डा. मुंशी राम ने बच्चों को संबोधित करके किया। इसी दौरान सभी कैडेट ने विद्यालय की छत की सफाई बड़ी तन मन से की तथा विद्यालय के चारों ओर जो कूड़ा करकट पड़ा हुआ था उनको उठाकर एक जगह डाला गया। विद्यालय की सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया।
इसी दौरान बच्चों को संबोधित करने के लिए एचडीएफसी बैंक कनीना से अनिल पधारे उन्होंने बच्चों को बैंकिंग संबंधित  आने वाली समस्याओं का समाधान बताया और बैंक किस तरह से अपना कार्य करता है और समाज को किस तरह से अपनी सेवा प्रदान करता है, इन सब बातों पर विचार विमर्श किया। एचडीएफसी बैंक की नई नई योजनाओं के बारे में बैंक खातों के बारे में भी जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि एचडीएफसी बैंक जनता की सेवा के लिए है और विद्यार्थियों को जब भी कोई समस्या बैंक संबंधी आए तो आप सीधे बैंक में आकर समस्याएं बता सकते हैं उनका समाधान जितना संभव हो सकेगा उतना करने की कोशिश करेंगे। बैंकिंग संबंधी सेवाओं का लाभ प्रत्येक विद्यार्थी को मिल सके इसकी जानकारी भी दी गई। इसी दौरान आज के शिविर में डा.मुंशी राम, सुरेंद्र मोरवाल फाइन आर्ट ,अमृत सिंह राघव विशेष शिक्षक मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03:सफाई अभियान चलाते स्वयंसेवक




श्रीकृष्ण गौशाला को दिया एक लाख रुपये का दान
-कई दानदाता आगे आये
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कनीना की आवाज।
बाबा बृजेश्वर धाम कमेटी कोटिया और ग्राम वासियों ने मिलकर कनीना की श्रीकृष्ण को साल को एक लाख रुपये गोवंश के कर के लिए दान दिया। साथ में 11000 रुपये सरपंच कोटिया धर्मवीर ने भी दान किये। इस मौके पर 11000 रुपये अनिल छुरियावास जिला रेवाड़ी ने अपने पिता की पुण्यतिथि पर गौशाला को दान दिया। 11000 रुपये अनूप पटवारी हल्का कनीना निवासी बोहका ने दान दिया। वहीं 11000 चिराग राव ठेकेदार ने भी अपनी मां के जन्मदिन पर दान दिए।
श्रीकृष्ण गौशाला पदाधिकारियों ने सभी का अभिनंदन किया। इस मौके पर गौशाला प्रधान भगत सिंह ने कहा कि जो लोग गायों को प्रत्यक्ष रूप से सेवा नहीं दे सकते हो परोक्ष रूप से दान देकर सेवा कर सकते हैं। पुण्य प्रताप उतना ही मिलता है। उन्होंने कहा गौशाला को धीरे-धीरे अपग्रेड का कार्य चल रहा है और भविष्य में बेहतर दर्जे की गौशाला होगी। अभी तक गौशाला में ढाई हजार गोवंश पल रहे हैं। धीरे-धीरे गौशाला को आधुनिक दर्जे का रूप दिया जा रहा है। इस मौके पर गौशाला प्रधान भगत सिंह, नरेश प्रधान, सूरजभान बाबूजी, बाबूलाल नंबरदार, हरिकिशन शर्मा, रतन सिंह, निहाल सिंह, विकास कौशिक, सूबेदार महेंद्र सिंह, दिलावर बाबूजी, रामानंद, मास्टर रामप्रताप, कृष्ण सिंह गुरुजी, बलवान आर्य होशियार सिंह सत्संगी, लीलाराम, नरेश यादव, सतवीर प्रापर्टी डीलर, रोहित गुप्ता, मास्टर सुरेंद्र सैनी, कंवर सिंह ककराला आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 01: गौशाला में दान देते हुए कोटिया के लोग







 

 ***प्राचार्य कुतरूं के कारनामे, इसी ब्लाग पर 14 जनवरी से
   -पढ़ते रहिये कनीना की आवाज

 ***साल में एक विज्ञापन भी नहीं दिया













   -वो मेरे पास प्रकाशन हेतु न भेजे समाचार

 

Tuesday, January 6, 2026



 

 



पूरा दिन नहीं दिये सूर्यदेव ने दर्शन, दो दिनों तक  खिली थी धूप
- कड़ाके की ठंड का कहर जारी, आग सेकते मिले लोग
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में मंगलवार को पूरा दिन धुंध छाई रही। सूर्यदेव ने नहीं दिये दर्शन। मौसम खराब रहा है। इससे पहले दो दिनों तक सूरज चमकता रहा। इससे पूर्व तीन दिनों तक सूरज नहीं दिखाई दे रहा था या कभी कभार लुका छिपी करता नजर आता था।  जहां गत दिनों हल्की बूंदाबांदी के बाद हालात ये बन गये कि धुंध और कोहरा थोड़ा बहुत कभी कभार दिखाई दिया। कड़ाके की ठंड जारी है। लोग घरों में छिपे हुए देखे गए या आग सकते देखे गए।
  कनीना क्षेत्र में इस वक्त सरसों एवं गेहूं की बेहतर फसल खड़ी है जिसको ठंड का लाभ मिलने के आसार हैं। किसान खुश हैं।
फोटो कैप्शन 09: कनीना में धुंध का नजारा




सौभाग्यवती महिलाओं ने मनाया गणेश चतुर्थी पर्व
-तिल कूटकर खाया गया
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में गणेश चतुर्थी का व्रत पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस पर्व को विभिन्न नामों से जाना जाता है।
 ज्योतिषाचार्य दीपक कौशिक ने बताया कि माघ माह की कृष्ण चतुर्थी को सौभाग्यवती महिलाओं का पर्व गणेश चतुर्थी मनाया गया जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में संकटहरण चतुर्थी, तिल कुटनी तथा गणेश चतुर्थी आदि नामों से जाना जाता है। सर्दी के माह में आने वाले इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत पति, पुत्र की मंगलकामना, धन एवं धान्य के लिए  किया जाता है जिसका समापन चन्द्रदेव को अर्घ देकर पूर्ण किया जाता है।
   इस पर्व पर तिलों को कुटकर तथा चासनी में डालकर बनाई गई विशेष प्रकार की केक खाकर मनाया गया इसलिए इसे तिल कुटनी का व्रत भी कहते हैं। यह व्रत विवाहित एवं अविवाहित दोनों के लिए ही फलदायक माना जाता है। अविवाहित महिलाओं ने अपने सुपति की कामना से तो विवाहित महिलाएं अपने पुत्र, भाई  एवं पति की मंगलकामना के लिए व्रत किया। चांद को देखकर तथा उसे अघ्र्य  देकर ही इस व्रत का समापन किया जाता है जिसके पीछे माना जाता है कि महिलाएं चांद जैसी शीतलता एवं चमक अपने इष्टïदेव में देखना चाहती हैं। दिनभर श्रीगणेश की पूजा की गई।
दीपक कौशिक ने बबताया किएक बार एक युद्ध में शिवभोले ने बारी-बारी से कार्तिकेय और गणेशजी से देवताओं का सेनापति बनने के बारे में पूछा। दोनों ही अपने को देवताओं का संकट हरने के लिए तैयार थे और एक दूसरे से शक्तिशाली, ज्ञानवान एवं तर्कशील बताने लगे। ऐसे में शिवभोले ने दोनों की परीक्षा लेनी चाही और दोनों को आदेश दिया कि दोनों ही पृथ्वी के तीर्थ स्थलों के चक्कर लगाकर आओ। जो भी पहले आएगा उसे ही देवताओं का सेनापति नियुक्त किया जाएगा। इतना सुनकर कार्तिकेय अपने मयूर पर सवार होकर पवन के वेग से तुरंत पृथ्वीलोक की ओर चल दिया और तीर्थों के  चक्कर लगाने लगा।
 उधर श्रीगणेश आराम से अपने स्थान पर बैठा रहा और कुछ समय उपरांत अपने माता-पिता के चारों ओर सात चक्कर लगाकर उन्हें प्रणाम करके बैठ गया।  जब कार्तिकेय अपने मयूर पर सवार होकर तीर्थों के सात चक्कर लगाकर शिवभोले और माता पार्वती के पास पहुंचा तो अपने को पहले पहुंचने वाला बताया। जब गणेश से पूछा गया कि आपने सात तीर्थों का चक्कर ही नहीं लगाया जबकि आप पहले आने की बात कह रहे हो तो श्रीगणेशजी ने कहा-माता-पिता से बड़ा कोई तीर्थ इस जगत में नहीं होता है। श्रीगणेश ने देवताओं के सभी संकट दूर किया। तभी से श्रीगणेश जैसा पुत्र पाने के लिए महिलाएं व्रत रखती हैं। पार्वती भी इस व्रत को रखती थी और गणेश की पूजा करती थी।
खास महत्व होता है संकट चतुर्थी का-दीपक कौशिक---
पंडित दीपक कौशिक का कहना है कि माघ माह में आने वाली संकट चौथ का हिंदू धर्म में खास महत्व है इस दिन भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है और माताएं संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत किया।
संकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी वक्र कुंड चतुर्थी तिलकुटा चौथ के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत हर महीने होता है लेकिन माघ महीने में पडऩे वाली संकष्टी चतुर्थी की अलग ही महिमा है।
संकष्टी का अर्थ होता है संकट को हरने वाला चतुर्थी के दिन भगवान गणेशजी की माताएं पूजा करें और अपने संतान की दीर्घायु खुशहाली की कामना के लिए व्रत रखा और गणेश भगवान की विधि विधान से पूजा की, लड्डू का भोग लगाया गया।
फोटो कैप्शन 08: महिलाएं गणेश चतुर्थी की कथा सुनते हुए।




चौधरी रामकुमार शौकीन ने गौशाला को दी 32000 रुपए की सहयोग राशि
-कनीना के कृषि विकास अधिकारी भी रह चुके हैं श्री शौकीन
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कनीना की आवाज।
 चौधरी रामकुमार शौकीन अपने पुत्र मोहित सहित दिल्ली निवासी, दिल्ली से चलकर श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में आए और गो चारा हेतु 32000 रुपए का सहयोग दिया। श्री शौकीन ने खंड कनीना में कृषि  अधिकार के रूप में 1991 से 1997 तक कार्य किया है। इनका इस क्षेत्र के लोगों में विशेष स्नेह रहा है।
  प्रधान भगत सिंह ने कहा कि गायों की सेवा सर्वश्रेष्ठ सेवा होती हे। हमें दिल खोलकर गायों की सेवा करनी चाहिए। भगत सिंह ने कहा कि गायों की सेवा से सभी पाप मिट जाते हैं और पुण्य का भागी बन जाता है। इंसान को जरूर गायों की सेवा करनी चाहिए ताकि अपने जीवन में नाम कमा सके। उन्होंने कहा गायों की सेवा भगवान श्रीकृष्ण ने की थी इसलिए गोपाल कहलाए। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में गायों के प्रति फिर से वो लगाव उत्पन्न होने लगा है जो वर्षों पहले सिर चढ़कर बोल रहा था। उन्होंने बताया कि कनीना श्रीकृष्ण गौशाला से करीब 500 गाए गोद ली जा चुकी है और भक्तों द्वारा दान दिया गया है। वहीं गौशाला में अमूल चूल परिवर्तन किये जा चुके हैं। आने वाले समय में श्रीकृष्ण गौशाला प्रदेश भर में नंबर वन होगी।
   उल्लेखनीय है कि समय समय पर कुछ ऐसे उदार लोग धरा पर आते हैं जो अपनी कर्मठता के चलते लोगों के दिलोदिमाग पर छा जाते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत इस वक्त गौशाला के प्रधान बतौर भगत सिंह ने कार्यभार संभाल रखा है। कहते हैं कि जिसमें कुछ करने की तमन्ना हो वो कुछ नया करके ही दिखाते हैं। भगत सिंह ने गौशाला में आकर मूल चूल परिवर्तन कर दिखलाये हैं जो अपने आप में भागीरथ से कम नजर नहीं आते हैं।  इस समय श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में 2500 गौवंश हैं। जिनके लिए गौशाला में व्यापक प्रबंध किये गये हैं। आज से छह माह पहले जो गौशाला रंग रही थी वो आज उड़ान भरने की कगार पर है। कभी गौशाला में लोग जाते हुए कतराते थे अब पूरे परिवार सहित खुशी खुशी जाकर दानपुण्य कर रहे हैं जिसके पीछे भगत सिंह नामक भागीरथ मिल गया है जो भागीरथी प्रयास कर गौशाला को आधुनिकतम की ओर ले जा रहे हैं।
  गौशाला प्रधान भगत सिंह में कार्यकारिणी सदस्यों ने उनका हार्दिक का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सुदेश कुकु, कृष्ण प्रकाश गुरुजी, जयप्रकाश, दिलावर सिंह, मास्टर रामप्रताप रामपाल, महेंद्र साहब, होशियार सिंह, राजेंद्र प्रसाद बलवान आर्य, अशोक कुमार,डा. नीरज ,अमीर सिंह, प्रवीण, मुनीम आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 6: चौ. रामकुमार शौकीन का अभिनंदन करते गौशाला पदाधिकारी


एफएलएन के तहत जारी है प्रशिक्षण शिविर
--माडल स्कूल में दूसरे दिन चली ट्रेनिंग
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कनीना की आवाज।
विद्यालय शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा बुनियादी शिक्षा के ढांचे को अधिक मजबूत करने की दिशा में ब्लाक स्तर पर आयोजित होने वाले उपचारात्मक शिक्षण पद्धति प्रशिक्षण कैंप जिसमें कक्षा 1 से 5 को पढऩे वाले शिक्षकों को शिक्षक की नवीनतम विधियों के बारे में विभाग द्वारा प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी तरह के कैंप का आयोजन राजकीय माडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में जिला शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर कौशिक तथा खंड शिक्षा अधिकारी श्री दिलबाग सिंह की देखरेख में आयोजित हो रहा है। प्रशिक्षण के दूसरे दिन शिविर का निरीक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान महेंद्रगढ़ से विषय विशेषज्ञ राजेश कुमार गुप्ता तथा विषय विशेषज्ञ अजय यादव द्वारा किया गया।
इस दौरान प्रतिभागियों द्वारा पहले दिन के फीडबैक को साझा किया गया। राजेश कुमार गुप्ता द्वारा बताया गया कि प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य कक्षा 1 से 3 में पढऩे वाले सभी छात्र छात्राओं को बुनियादी साक्षरता की दक्षताओं को कैसे प्राप्त किया जाए इस बारे में अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर द्वारा खेल-खेल में शिक्षक तथा उपचारात्मक शिक्षण की विधियों के विषय में प्रतिभागियों को विस्तार पूर्वक बताया जा रहा है।
फोटो कैप्शन 05: राजेश कुमार डाइट संबोधित करते हुए





नपा के कर्मचारियों और अधिकारियों और पार्षदों ने लगाया हनुमान जी का रोट-दीपक चौधरी
--भारी संख्या में लोगों ने स्वाद चखा रोट का
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कनीना की आवाज।
पहली बार कनीना नगरपालिका द्वारा बाबा हनुमान जी के रोट का  आयोजन किया गया।
  पार्षद दीपक चौधरी ने बताया कि कनीना नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों और ड्राइवरों और तमाम कर्मचारियों ने मिलकर ये बाबा हनुमान जी के रोट करने की पहल की और योजना बनाई!और नगरपालिका पार्षद और अधिकारियों के सामने चर्चा की तो सभी  पार्षदों ने और अधिकारियों ने इस योजना का स्वागत किया।हवन के साथ शुरुआत कर सभी को भंडारे में सब्जी, पूड़ी और हलवे का प्रसाद खिलाया।  सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
पूरी मार्केट और राहगीरों ने प्रसाद का आनंद लिया। पालिका के कर्मचारी राकेश जमादार, प्रमोद ड्राइवर,जितेन्द्र, कपिल, सोनू, सचिव कपिल, पालिका अभियंता दिनेश,कनिष्ठ अभियंता राकेश और सुरेंद्र जोशी, मनोज कुमार खजांची, पार्षद योगेश, मुकेश नंबरदार, नरेंद्र फौजी, मनीष सेन,देशराज , राकेश, सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 04: हनुमान जी का रोट लगाते पालिका कर्मी



महेंद्रगढ़ पुलिस की नया सवेरा मुहिम
-गांव कैमला में युवाओं को नशे से दूर रहने का दिलाया संकल्प, महिलाओं को डायल 112 के प्रति किया जागरूक
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कनीना की आवाज।
 महेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए चलाए जा रहे 'डोर टू डोर नशा मुक्त अभियान और 'नया सवेराÓ मुहिम के तहत गठित विशेष टीम ने आज थाना सदर महेंद्रगढ़ के अंतर्गत आने वाले गांव कैमला का दौरा किया। इस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन गांव के पार्क में किया गया, जहां पुलिस टीम ने समाज के सभी वर्गों के लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए उन्हें नशे के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने विशेष रूप से युवा वर्ग को संबोधित करते हुए नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। टीम ने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। पुलिस द्वारा ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया कि विभाग न केवल नशा तस्करों पर नकेल कस रहा है, बल्कि जो लोग भूलवश नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, उन्हें समाज की मुख्य धारा में वापस लाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। टीम ने बताया कि नशा छोडऩे के इच्छुक व्यक्तियों की हर संभव मदद की जाएगी। इस दौरान मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
इसके अतिरिक्त, उपस्थित महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें 'डायल 112 की कार्यप्रणाली और 'ट्रिप मानिटरिंग सुविधा के बारे में विस्तार से बताया गया, ताकि वे आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर गांव की सरपंच डिंपल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 07: पुलिस नया सवेरा मुहिम चलाते हुए


बांग्लादेश में हिन्दुओं की हो रही हत्याओं के विरोध में दिया धरना
--जोरदार प्रदर्शन भी किया
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कनीना की आवाज।
बांग्लादेश में हिन्दुओं की हो रही हत्याओं के विरोध में प्रजा भलाई संगठन के कार्यकर्ताओं ने उपमंडल अधिकारी (ना.) कनीना के कार्यालय के समक्ष धरना दिया। संगठन सुप्रीमो अतरलाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के समक्ष इक_ा होकर जोरदार प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, बांग्लादेश के भारत में स्थित उच्चायोग तथा संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के नाम तीन अलग-अलग ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपे। नायब तहसीलदार ने ज्ञापनों को तत्काल उच्च अधिकारियों को प्रेषित करने का भरोसा दिया।
  इलाके के कार्यकर्ता भारी ठंड के बावजूद सुबह से ही कार्यालय के समक्ष इकट्ठा















होना शुरू हो गए थे। उन्होंने हाथों में पोस्टर लहराकर जोरदार नारेबाजी की। पोस्टरों पर बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार बंद करो बंद करो, बांग्लादेश सरकार होश में आओ होश में आओ, भारत माता की जय तथा हिंदुओं की सुरक्षा करो आदि नारे लिखे हुए थे। अतरलाल ने प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिन्दुओं की चुन-चुन कर हत्याएं की जा रही हैं। अपहरण तथा दुराचार किया जा रहा है। बांग्लादेश सरकार हिन्दुओं की रक्षा करने में विफल रही है। हिन्दुओं की हत्याओं तथा इनकी रोकथाम करने में बांग्लादेश सरकार की विफलता के कारण देश के नागरिकों में रोष है। इसलिए बांग्लादेश के पीडि़त हिन्दुओं के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए यह धरना और प्रदर्शन आयोजित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी बांग्लादेश में अगर हिन्दुओं पर अत्याचार बंद नहीं हुए तो संगठन के कार्यकर्ता दिल्ली स्थित बांग्लादेश के उच्चायोग का घेराव करेंगे। ज्ञापनों में बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों को तत्काल रोकने, आरोपियों के तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्यवाही करने तथा बांग्लादेश में रह रहे हिन्दुओं के जान-माल की सुरक्षा के पुख्ता प्रबन्ध करने की मांगे की गई। इस अवसर पर रगबीर मुकदम, संजय शर्मा, पदमेन्द्र जांगड़ा, नीतू ठेकेदार, नरेश रोहिल्ला, सुरेन्द्र चैधरी, रामेश्वर, भागसिंह चेयरमैन, कैलाश सेठ, मीर सिंह वैद्य, डा. मुकेश, करतार पाथेड़ा, राजेन्द्र पंच सिहोर, सुबेदार मेजर मदन सिंह, किशनपाल,  गोपाल, दानसिंह प्रजापत, शेर सिंह यादव, पदम तंवर, दिनेश पंच, देवेन्द्र नम्बरदार, राकेश यादव आदि सैकड़ों संगठन पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 1. बांग्लादेश में हिन्दुओं की हत्याओं के विरोध में धरना प्रदर्शन करते संगठन कार्यकर्ता
2. नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते कार्यकर्ता


मोबाइल छीन रहा है नींद और आंखों की रोशनी- डा. होशियार सिंह यादव
-सात दिवसीय शिविर में मोबाइल की बुराइयों पर किया व्याख्यान
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कनीना की आवाज।
 कनीना के राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर में राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डा. होशियार सिंह यादव  ने मोबाइल की हानियों पर अपना व्याख्यान दिया।
 उन्होंने स्वयंसेवकों को कहा कि मोबाइल कोरोना काल से हर जन के बहुत करीब पहुंच गया है। विद्यार्थी और छोटे बच्चे भी अब अछूते नहीं हैं। अमन चैन एवं आंखों की रोशनी कम करने में मोबाइल का अहम योगदान है। कोरोना काल में जहां आनलाइन शिक्षण करवाया गया उसके बाद से मोबाइल की लत ऐसी पड़ी की जिसने सभी की नींद हराम कर दी है। कितने ही विद्यार्थियों की आंखें कमजोर हो चुकी है, चश्मे चढ़ चुके हैं परंतु अब एक ऐसी लत बन गई है कि मोबाइल से पीछा छुड़ाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब मोबाइल नहीं होते थे और इंसान बहुत अमन चैन से जीता था, एक दूसरे के सहयोग में भागीदारी करता था, माता-पिता और परिवार के सदस्यों के समीप रहता था, उनसे खुलकर बातें करता था लेकिन अब तो ऐसा वक्त आ गया है कि किसी के पास मोबाइल के अलावा बातें करने का समय नहीं है और मोबाइल पर ही सुबह-शाम चिपके देखे जा सकते हैं। मोबाइल से जहां रेडिएशन निकलते हैं जो हानिकारक होते हैं। ये मस्तिष्क के कैंसर ,उच्च रक्तचाप, हृदयघात जैसे रोगों में सहायक साबित होते हैं। ऐसे में मोबाइल जो परिवार के पैसे भी खर्च करवाता है इससे छुटकारा पाना बहुत जरूरी है। मोबाइल एक साधन है इसका जितनी आवश्यकता उतना ही प्रयोग किया जाना चाहिए अन्यथा यह हमारे लिए एक प्रमुख बुराई बनाकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि आज बच्चा रोता है तो उसे मोबाइल थमा दिया जाता है परंतु यह नहीं सोचते कि कितना घातक प्रभाव बच्चे की आंखों और शरीर पर डालेगा। यही कारण है कि हर इंसान बच्चा, जवान, बूढ़ा, स्त्री एवं पुरुष सभी के पास मोबाइल होता है और मोबाइल ने इंसान की सुख चैन अमन को छीनने का काम किया है। यह सत्य है कि मोबाइल से ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है किंतु इसमें बुराइयां भी कम नहीं हैं। उन्होंने मोबाइल कम से कम प्रयोग करने, रात को सोते समय दूर रखने, हैंड फ्री मोड पर बातें करने की बात कही ताकि शरीर पर कम घातक प्रभाव पड़े।
  उन्होंने लत डालने वाले पदार्थों एवं मोबाइल की हानियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दिन पूरे देश में 10 प्रतिशत के करीब आबादी नशे की शिकार है जो नशे के रूप में चाय, काफी के अतिरिक्त बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, चिलम, तंबाकू, पान,शराब, भांग चरस, अफीम,ब्राउन शूगर, ई-सिगरेट आदि का नशा करते हैं। यह नशा इंसान को मौत के मुंह में ले जाता है और इंसान का एक बार पीछा कर ले तो उसका पीछा नहीं छोड़ता। ये लत डालने वाले पदार्थ हैं और केवल मौत के बाद ही पीछा छोडतेे हैं। यदि कोई ऐसा विद्यार्थी हो जो इस इन लतों से पीडि़त है उनसे बचने की अपील की तथा उन्होंने अपने स्वजनों से भी यह बुराई छुड़ाने की अपील की ताकि उनका जीवन सुधर सके। उन्होंने कहा कि कम से कम एक विद्यार्थी एक जन की इस लत को छुड़ा दे तो जीवन सफल हो जाएगा।
उन्होंने स्वयंसेवकों को बताया कि किस प्रकार नशीले पदार्थ लोगों को जकड़ लेते हैं। हुक्का चिलम आदि में कार्बन मोनोआक्साइड होती है जो हीमोग्लोबिन से मिलकर घातक प्रभाव डालती है। व्यक्ति मौत के घाट चला जाता है। कैंसर, अनिद्रा, बेचैनी, जठर रस का कम उत्पन्न होना, पाचन शक्ति घटना, फेफड़े का कैंसर, खांसी, सर्दी जुकाम और न जाने कितने रोग इनका कारण बनते हैं। उन्होंने बताया कि दो सिगरेट के बराबर एक बीड़ी का नशा होता है, एक घंटे हुक्का पीने से करीब 400 सिगरेट जितना नुकसान होता है, एक सिगरेट करीब 20 मिनट जीवन की कम कर देती है,हक्के में तो अनेकों पदार्थ जैसे टार, निकोटीन, कार्बन मोनोआक्साइड बीड़ी सिगरेट से अधिक होते हैं। उन्होंने ई-सिगरेट का हवाला देते हुए बताया कि यह भी घातक सिगरेट आ गई है। यह शरीर के लिए केवल और केवल नुकसान करती है। जिस परिवार में शराब पीने की लत लग जाती हैं वह परिवार धीरे-धीरे बर्बाद हो जाता है। व्यक्ति की मौत के मुंह में चला जाता है।  ऐसे में अपने अनमोल जीवन को बचाइए और इन लत डालने वाले पदार्थों को दूर भगाइये।
 इस मौके पर एनएसएस इंचार्ज डा. मुंशीराम ने भी विचार रखे। इस मौके पर रवि कुमार प्राध्यापक, अमृत सिंह विशेष शिक्षक आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 03:मोबाइल की बुराइयों के बारे में अवगत कराते हुए डा.होशियार सिंह यादव

 

प्राचार्य कुतरूं के कारनामे, इसी ब्लाग पर 14 जनवरी से
-पढ़ते रहिये कनीना की आवाज


साल में एक विज्ञापन भी नहीं दिया
-वो मेरे पास प्रकाशन हेतु न भेजे समाचार

 

Monday, January 5, 2026



 



तिलकुटनी का व्रत-6 जनवरी को
सौभाग्यवती महिलाएं मनाएंगी गणेश चतुर्थी पर्व
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में गणेश चतुर्थी का व्रत पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस पर्व को विभिन्न नामों से जाना जाता है।
 ज्योतिषाचार्य दीपक कौशिक ने बताया कि माघ माह की कृष्ण चतुर्थी को सौभाग्यवती महिलाओं का पर्व गणेश चतुर्थी मनाया गया जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में संकटहरण चतुर्थी, तिल कुटनी तथा गणेश चतुर्थी आदि नामों से जाना जाता है। सर्दी के माह में आने वाले इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत पति, पुत्र की मंगलकामना, धन एवं धान्य के लिए  किया जाता है जिसका समापन चन्द्रदेव को अर्घ देकर पूर्ण किया जाता है।
   इस पर्व पर तिलों को कुटकर तथा चासनी में डालकर बनाई गई विशेष प्रकार की केक खाकर मनाया गया इसलिए इसे तिल कुटनी का व्रत भी कहते हैं। यह व्रत विवाहित एवं अविवाहित दोनों के लिए ही फलदायक माना जाता है। अविवाहित महिलाओं ने अपने सुपति की कामना से तो विवाहित महिलाएं अपने पुत्र, भाई  एवं पति की मंगलकामना के लिए व्रत किया।  दिनभर श्रीगणेश की पूजा की गई।
दीपक कौशिक ने बबताया कि एक बार एक युद्ध में शिवभोले ने बारी-बारी से कार्तिकेय और गणेशजी से देवताओं का सेनापति बनने के बारे में पूछा। दोनों ही अपने को देवताओं का संकट हरने के लिए तैयार थे और एक दूसरे से शक्तिशाली, ज्ञानवान एवं तर्कशील बताने लगे। ऐसे में शिवभोले ने दोनों की परीक्षा लेनी चाही और दोनों को आदेश दिया कि दोनों ही पृथ्वी के तीर्थ स्थलों के चक्कर लगाकर आओ। जो भी पहले आएगा उसे ही देवताओं का सेनापति नियुक्त किया जाएगा। इतना सुनकर कार्तिकेय अपने मयूर पर सवार होकर पवन के वेग से तुरंत पृथ्वीलोक की ओर चल दिया और तीर्थों के  चक्कर लगाने लगा।
 उधर श्रीगणेश आराम से अपने स्थान पर बैठा रहा और कुछ समय उपरांत अपने माता-पिता के चारों ओर सात चक्कर लगाकर उन्हें प्रणाम करके बैठ गया।  जब कार्तिकेय अपने मयूर पर सवार होकर तीर्थों के सात चक्कर लगाकर शिवभोले और माता पार्वती के पास पहुंचा तो अपने को पहले पहुंचने वाला बताया। जब गणेश से पूछा गया कि आपने सात तीर्थों का चक्कर ही नहीं लगाया जबकि आप पहले आने की बात कह रहे हो तो श्रीगणेशजी ने कहा-माता-पिता से बड़ा कोई तीर्थ इस जगत में नहीं होता है। श्रीगणेश ने देवताओं के सभी संकट दूर किया। तभी से श्रीगणेश जैसा पुत्र पाने के लिए महिलाएं व्रत रखती हैं। पार्वती भी इस व्रत को रखती थी और गणेश की पूजा करती थी।
खास महत्व होता है संकट चतुर्थी का-दीपक कौशिक
पंडित दीपक कौशिक का कहना है कि माघ माह में आने वाली संकट चौथ का हिंदू धर्म में खास महत्व है इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
संकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी वक्र तुंड चतुर्थी तिलकुटा चौथ के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत हर महीने होता है लेकिन माघ महीने में पडऩे वाली संकष्टी चतुर्थी की अलग ही महिमा है।
संकष्टी का अर्थ होता है संकट को हरने वाला चतुर्थी के दिन भगवान गणेशजी की माताएं पूजा करें और अपने संतान की दीर्घायु खुशहाली की कामना के लिए व्रत रखा और गणेश भगवान की विधि विधान से पूजा की, लड्डू का भोग लगाया गया।


नपा की बैठक में विकास कार्यों पर हुई चर्चा
-कई प्रस्तावों पर लगी मोहर
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कनीना की आवाज।
कनीना नगर पालिका नए भवन में सभी पार्षदों व प्रधान की हाउस की एक खास मीटिंग हुई।  बैठक में कनीना नगर पालिका के विकास से संबंधित सभी नए पुराने कार्यों पर गहनता से चर्चा और विचार विमर्श हुआ। सभी पार्षदों के विचार सुने और रखे गए। बैठक में प्रधान व नगर पालिका सचिव,पालिका अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, सभी पार्षद और मनोनीत पार्षद उपस्थित रहे।
 इस बैठक में रखे गए सभी प्रस्ताव में से जो विकास कार्यों में अति आवश्यक प्रस्ताव थे उन प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पास किया गया। कुछ प्रस्तावों पर विचार न मिलने के कारण उन्हें स्थगित कर दिया गया।
 दीपक चौधरी पार्षद ने बताया कि नगरपालिका कनीना के विकास में अनेक ऐसे प्रस्ताव है जो  अत्यंत आवश्यक है और कुछ कार्य मंत्री आरती सिंह राव के सहयोग से होने है, उन पर विचार किया गया। इन प्रस्तावों में मुख्य रूप से, अटल पार्क का निर्माण, पशु अस्पताल की शिफ्टिंग, अटेली रोड से लेकर रेवाड़ी रोड़ तक नहर के साथ-साथ लाइट लगवाने, बाबा मोलडऩाथ और राधेदास के जोहड़ पर डेकोरेशन लाइट, शहीद अशोक पार्क का सौंदर्यीकरण, शहीद सुजान सिंह पार्क लाइट व  स्टेज का निर्माण, आदि अनेक कार्य जो कनीना पालिका विकास के लिए जरूरी थे। इन प्रस्ताव को पास किया गया।
 मौके पर सचिव कपिल कुमार ,पालिका अभियंता दिनेश कुमार और कनिष्ठ अभियंता राकेश कुमार , प्रधान रिम्पी ,पार्षद दीपक चौधरी, मंजू देवी, रेखा देवी, राजेश देवी, पूजा देवी, योगेश कुमार, राकेश कुमार, होशियार सिंह, नितेश गुप्ता, राजकुमार, सवाई सिंह, नीलम देवी, सुमन देवी, ऊषा देवी, सूबे सिंह मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 10: नपा की बैठक का नजारा




दो दिवसीय एफएलएन ट्रेनिंग का हुआ आगाज
- 80 शिक्षक ले रहे हैं भाग
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कनीना की आवाज।
 कनीना के राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दो दिवसीय एफएलएन कार्यशाला शुरू हुई। जिसमें दो ग्रुपों में 40-40 शिक्षक भाग ले रहे हैं।
 इस मौके पर मुख्य अतिथि दिलबाग सिंह खंड शिक्षा अधिकारी रहे। उन्होंने इस कार्यशाला में गहन रुचि लेकर लेने की बात कही ताकि शिक्षक कक्षा कक्ष में जाकर इन बातों को अमलीरूप दे सके। इस मौके पर उन्होंने बताया कि शिक्षकों को  उपचारात्मक कोचिंग के बारे में जानकारी दी है ताकि विद्यार्थियों का संपूर्ण विकास हो सके।
 ट्रेनिंग देने के लिए चार एमटी जिनमें ओमरति एबीआरसी, संगीता एबीआरसी, मीना एबीआरसी और ममता एबीआरसी ट्रेनिंग दे रहे हैं। ट्रेनिंग कोआर्डिनेटर बतौर गुलशन कुमार और मनोज कुमार रहे वहीं रोशनी, अनुराधा, ज्योति और सोमवीर बीआरपी भी मौजूद रहे।
  इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 7 व 8 जनवरी को दो नये बैच ट्रेनिंग लेंगे वहीं 13 व 15 जनवरी को वे शिक्षक ट्रेनिंग लेेंगे जिनका निवासी तो यहां है किंतु नौकरी अन्य जिलों में कर रहे हैं।
 फोटो कैप्शन 10: एपएलएन में भाग लेते हुए शिक्षक



कनीना शहर पुलिस ने चलाया जन-जागरूकता अभियान
- साइबर अपराध, नशा मुक्ति और यातायात नियमों के प्रति नागरिकों को किया सचेत
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कनीना की आवाज।
थाना शहर कनीना की पुलिस टीम द्वारा कस्बे में एक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उन्हें साइबर ठगी, नशाखोरी और यातायात नियमों की अनदेखी के प्रति विस्तार से जागरूक किया।
पुलिस टीम ने उपस्थित लोगों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों और उनसे बचाव के बारे में जानकारी दी। टीम ने डिजिटल अरेस्ट के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या पासवर्ड साझा न करें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें। पुलिस ने लाटरी लगने, बिजली का बिल भरने या केवाईसी अपडेट करने के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल से सावधान रहने की सलाह दी। साथ ही, यह भी बताया गया कि यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है, तो वे तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल करें।
साइबर सुरक्षा के साथ-साथ पुलिस ने नशे के खिलाफ भी जागरूक किया। पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के शरीर को बर्बाद करता है, बल्कि उसके परिवार और समाज की प्रतिष्ठा को भी धूमिल कर देता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करें। पुलिस ने लोगों से अपील की कि यदि कोई नशीले पदार्थों की बिक्री करता है, तो पुलिस को उसकी सूचना दें; सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
इसके अतिरिक्त, सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस टीम ने यातायात नियमों की पालना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, कार चालकों को सीट बेल्ट लगाने और तेज गति या लापरवाही से वाहन न चलाने की हिदायत दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यातायात नियम केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों की अपनी और दूसरों की जान की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। नाबालिग बच्चों को वाहन न देने की भी सख्त हिदायत दी गई।
फोटो कैप्शन 07: साइबर सुरक्षा की जानकारी देती पुलिस






दूसरे दिन भी खिली धूप
- कड़ाके की ठंड का कहर जारी, आग सेकते मिले लोग
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में दूसरे दिन भी धूप खिली। तीन दिनों तक सूरज नहीं दिखाई दे रहा था या कभी कभार लुका छिपी करता नजर आता था किंतु रविवार के बाद सोमवार को भी धूप खिली जिससे राहत मिली। जहां गत दिनों हल्की बूंदाबांदी के बाद हालात ये बन गये कि धुंध और कोहरा थोड़ा बहुत कभी कभार दिखाई दिया। कड़ाके की ठंड जारी है। लोग घरों में छिपे हुए देखे गए या आग सकते देखे गए क्योंकि तीन दिनों के बाद सूरज के दर्शन हुये इसलिए सूरज की धूप सेकते हुए लोग नजर आए।
  कनीना क्षेत्र में इस वक्त सरसों एवं गेहूं की बेहतर फसल खड़ी है जिसको ठंड का लाभ मिलने के आसार हैं। किसान खुश हैं।
फोटो कैप्शन 08: कनीना में आग सेकते लोग





 होलिका दहन स्थल की सुरक्षा को लेकर दिया ज्ञापन
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कनीना की आवाज।
होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से सम्पन्न कराने को लेकर वार्ड एक के प्रतिनिधि एवं क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका कनीना के नगर अभियंता (एमई) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में होली वाले जोहड़ के पास निर्धारित होलिका दहन स्थल पर आवश्यक सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया कि होली पर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग एवं युवा होलिका माता की पूजा व परिक्रमा करते हैं। ऐसे में होलिका दहन स्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से सर्किल निर्माण, परिक्रमा हेतु पगडंडी तथा पगडंडी के बाहर ग्रिल लगाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था से बचा जा सके।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि वर्तमान में पर्याप्त व्यवस्थाएं न होने के कारण हर वर्ष असुविधा एवं दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। 03 मार्च को होली पर्व को देखते हुए समय रहते इन कार्यों को पूरा करना जरूरी है।
उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से मांग की कि होलिका दहन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कार्य शीघ्रातिशीघ्र करवाए जाएं। इस अवसर पर वार्ड पार्षद दीपक चौधरी, राकेश कुमार, योगेश कुमार पार्षद प्रतिनिधि मुकेश नंबरदार, देशराज, मनीष कुमार  व गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 06: ज्ञापन देते कनीनावासी



हरियाणवी रागिनी गायकी का बादशाह है अमृत सिंह
-विशेष शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं
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कनीना की आवाज।
प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती यह कहावत सिद्ध करके दिखाई है  कनीना के राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत विशेष शिक्षक अमृत सिंह राघव ने  हरियाणवी रागिनी गायकों में एक नाम है। उनकी रागनी विशेष अवसर पर ध्यानपूर्वक सुनी जाती है। दिव्यांग विद्यार्थियों के शिक्षक के साथ ही रागनी गायकी में आनंद लेते हैं। शिक्षक अमृत सिंह ने बताया कि उनका जन्म राजस्थान की तहसील बहरोड़ के एक छोटे से गांव खोहर में पिता स्वर्गीय नरपाल सिंह व माता निर्मला देवी के घर हुआ। बचपन से ही अमृत सिंह प्रतिभा के धनी रहे हैं। केवल 14 साल की उम्र में गांव की रामलीला में अपने ताऊ हीरा सिंह के सानिध्य में रहकर लक्ष्मण का अभिनय किया ।लक्ष्मण के अभिनय के साथ-साथ अंगद ,मंदोदरी, केवट ,का भी समय-समय पर अभिनय किया। रामलीला क्लब में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी प्राप्त किया। रागिनी भजन गाने का शोक 14 साल की उम्र में लगा। जब गांव की सत्संग मंडली के साथ बाबा भगवान दास महाराज के मंदिर में जाते थे। तब गांव के कलाकार नत्थू सिंह, गणपत सिंह ,नरेश कुमार शर्मा ,सुभाष जांगिड़, आदि भजन गाते थे तब यह विचार किया कि कभी मैं भी कलाकार बनूंगा। यह आस लगाकर सर्वप्रथम नरेश कुमार शर्मा व गुरु मुकेश सिंह राघव व नरेंद्र सिंह मास्टर, के सानिध्य में ज्ञान लेकर राधा बन गई जिलाधीश भजन गाकर शुरुआत की फिर रागिनियों की तरफ रुख किया। पहली बार गांव में ही रात्रि में जयमल पत्ता के इतिहास की रागिनी गाकर गांव वालों का मन मोह लिया। उनके पिता स्वर्गीय नरपाल सिंह भी रागिनियों के बहुत शौकीन थे। वह अपने पिता के पास बैठकर रागिनी सुनते थे। पहली रागिनी के बाद मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद सन 2006 में अपनी पत्नी रविता के साथ कनीना में आकर यहां भी अपने प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्तमान में अमृत सिंह गढ़वा बैंजो के साथ-साथ पंडित लख्मीचंद, पंडित मांगेराम, के द्वारा रचित कविताएं गाकर लोगों के बीच विशेष अवसरों पर छठी की रात्रि में कुआं पूजन पर विवाह उत्सव रागिनी गाकर जनता का मन मोह लेते हैं। और ऊंची आवाज में किस्से सुनाते हैं। आज उनका नाम विशेष गायकों में है रागिनी गाकर कई सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। वर्तमान में वह अपनी पार्टी बना चुके हैं। गढ़वा बैंजो की पार्टी में हारमोनियम वादक मास्टर प्रदीप नांगल मोहनपुर, पवन उर्फ पम्मी नौताना,रमेश भोजावास, मोनू मटका वादक भोजावास, भागीरथ सहरावत चेलावास ,पुली झारोदा उनकी पार्टी उस्ताद के रूप में नरवीर निमोठ सहयोगी के रूप में काम करते हैं। अब उनके साथ उनका बेटा राहुल राघव भी रागिनी गाने लग गए हैं।  इसी के साथ-साथ ही रागिनी गायक सुनील गामड़ी का भी बहुत सहयोग रहा है।
फोटो कैप्शन 01: रागिनी गाते हुए विशेष शिक्षक अमृत




खंड शिक्षा अधिकारी पहुंचे एनएसएस शिविर में
-समाज में स्वयंसेवकों की भूमिका पर दिया व्याख्यान
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कनीना की आवाज।
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में एनएसएस के सात दिवसीय कैम्प के चतुर्थ दिन कैम्प में मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी कनीना एवं विशिष्ट अतिथि प्रमुख अधिवक्ता एवं समाजसेवी दीपक चौधरी के साथ पार्षद मनीष ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कैंपों में अनुशाषन विशेष स्थान रखता है। अनुशासन के बल पर ही स्वयंसवकों की पहचान बनती है। उन्होंने  एनएसएस के महत्व और उनकी समझ में भूमिका के बारे में सभी स्वयंसेवकों को अवगत कराया और कहा कि स्वयं सेवक एक विचारधारा है जिसमें विद्यार्थी को पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करता है। इससे एक मजबूत राष्ट्र बनाने के लिए मजबूत व्यक्तित्व और सामाजिक गतिविधियों में चलना व समाज में राष्ट्र के प्रति अनेक अच्छे कार्य करना ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक का कार्य है। अपने जीवन में समाज सुधार के अनेक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की विचारधारा के साथ कैंप से प्रेरणा लेकर जाएं ।
उन्होंने अपने स्वयंसेवकों को शिविर  के महत्व और उनकी समाज में भूमिका के बारे में अवगत कराया। इस दौरान विद्यालय स्टाफ की तरफ से प्रवक्ता रवि कुमार, एनएसएस प्रभारी डा. मुंशीराम प्रवक्ता गुरदीपसिंह, प्रवक्ता सुरेन्द्र मोरवाल एवं विशेष शिक्षक अमृत सिंह राघव मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 02: खंड शिक्षा अधिकारी एनएसएस शिविर में




आगमन वैदूर्य समारोह में सम्मानित किया गया डा. रामानंद यादव को
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कनीना की आवाज।
कनीना के खंड शिक्षा अधिकारी रहे एवं रेवाड़ी से उप जिला शिक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त डिगरोता निवासी डा. रामानंद यादव को हिंदी भवन, आई टी ओ, नयी दिल्ली में 4 जनवरी 2026 को सम्पन्न हुए आगमन वैदूर्य काव्य प्रतियोगिता में सशक्त उपस्थिति एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया है।
यहां गौरतलब होगा कि इससे पहले भी डा. रामानंद यादव को अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं तथा अध्यापन के दौरान जहां प्रवक्ता नहीं होता था वहां स्वैच्छिक रूप से अंग्रेजी विषय को पढ़ाते थे। उन्होंने आकाशवाणी पर भी अनेक कार्यक्रमों में प्रतिभागिता की। उनके हिंदी भवन नई दिल्ली में सम्मानित होने पर सभी ने खुशी जाहिर की है।
फोटो कैप्शन 03: डा. रामानंद यादव का सम्मानित करते हुए




आनलाइन अपराधों के प्रति किया सचेत
-साइबर क्राइम से बचने के बताये गुर
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेवल में चल रहे सात दिवसीय विशेष कैंप के पांचवें दिन एनएसएस प्रभारी विक्रांत सेन प्रवक्ता भौतिक विज्ञान ने स्वयंसेवकों को जीवन में हो रहे आनलाइन अपराधों के प्रति सचेत रहने के लिए प्रेरित किया। एनएसएस प्रभारी ने स्वयंसेवकों को साइबर क्राइम के बारे में समझाते हुए कहा कि वह किसी प्रकार के लुभावने संदेश,अनजान फोन काल के बहकावे में आकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा ना करें व किसी भी अंजान  लिंक पर क्लिक करते समय सावधानी बरते। स्वयंसेवकों को  डिजिटल अरेस्ट व साइबर सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई व नशे से दूर रहने का आह्वान किया। यदि वो किसी कारण से आनलाइन फ्राड के शिकार हो जाते हैं तो टोल फ्री नंबर 1930 पर इसकी शिकायत दर्ज करवाए व नजदीकी पुलिस स्टेशन पर रिपोर्ट दे । इसके बाद स्वयंसेवकों ने विद्यालय के मुख्य द्वार के आस पास की सफाई की तथा पेड़ पौधों की कटिंग करके उनमें पानी डाला। इस अवसर पर धर्मपाल लैब अटेंडेंट , तेजपाल व अलका आदि  उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए
















एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककराला में पीटीएम का हुआ आयोजन
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कनीना की आवाज। एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककराला में अध्यापक-अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें 862 अभिभावकों की उपस्थिति उनके उत्साह, छात्रों के प्रति अपनी जिम्मेदारी अध्यापक-अभिभावकों की बैठक के महत्व को दर्शाता है। सभी अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन व सभी संबंधित अध्यापकों के साथ अध्ययन संबंधी समस्याओं के समाधान और शैक्षिक उपलब्धियों के साथ-साथ अन्य गतिविधियों व विषयों पर अपने बच्चों के भविष्य हेतु विचार-विमर्श किया। अभिभावकों ने अध्यापकों के अथक प्रयास की सराहना की। नई शिक्षा नीति व आधुनिक तकनीकों के अंतर्गत शिक्षा प्रदान करवाने के तरीकों को श्रेष्ठ बताया और संतुष्टी प्रकट की। सभी अभिभावकों ने अपने बच्चों के व्यवहार, समय-सारिणी, रुचि, अभिरुचि व दिनचर्या आदि से संबंधित पहलुओं से अध्यापकों व प्रबंधन समिति को अवगत कराया। बच्चों की रिपोर्ट लेने में अभिभावकों ने काफी रुचि दिखाई।
विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने बताया कि हम अपने आपको गौरवशाली समझते हैं कि हमारे अभिभावक इतने सजग व जागरूक हैं कि शिक्षक-अभिभावक बैठक के महत्व को समझते हुए विद्यार्थी के भविष्य निर्माण में प्रबंधन समिति व अध्यापकों के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस बैठक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि यह बैठक शैक्षिक जानकारी के साथ-साथ छात्र की रुचियों उनकी सामथ्र्यता और सम्पूर्ण व्यवहार से संबंधित बातों के आदान-प्रदान के लिए आयोजित की जाती है। शिक्षक अभिभावक का विचार-विमर्श विद्यार्थी के जीवन को नई दिशा प्रदान करता है।
फोटो कैप्शन 05: पीटीएम का नजारा


 

 

 

प्राचार्य कुतरूं के कारनामे, इसी ब्लाग पर 14 जनवरी से
-पढ़ते रहिये कनीना की आवाज


साल में एक विज्ञापन भी नहीं दिया
-वो मेरे पास प्रकाशन हेतु न भेजे समाचार

 

Sunday, January 4, 2026




 

 

 



तीन दिनों के बाद दिखाई दिया सूरज
- कड़ाके की ठंड का कहर जारी
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में तीन दिनों के बाद रविवार को सूर्य देव के दर्शन हुए। अब तक सूरज नहीं दिखाई दे रहा था या कभी कभार लुका छिपी करता नजर आता था। बादल छाए हुए थे। जहां गत दिनों हल्की बूंदाबांदी के बाद हालात ये बन गये कि धुंध और कोहरा थोड़ा बहुत कभी कभार दिखाई दिया। कड़ाके की ठंड जारी है। लोग घरों में छिपे हुए देखे गए या आग सकते देखे गए क्योंकि तीन दिनों के बाद सूरज के दर्शन हुये इसलिए सूरज की धूप सेकते हुए लोग नजर आए।
फोटो कैप्शन 05: कनीना में खिली धूप का नजारा







गायों को न खिलाए अधिक गुड़
-गायों के मरने की बन जाती है संभावना-पशु चिकित्सक
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कनीना की आवाज।
 कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में जहां लोग अपने हाथों से गुड़ खिलाते हैं। यदि उनको गुड़ खिलाने से रोका जाए तो वो नाराज भी हो जाते हैं। भगत सिंह प्रधान गौशाला बताते हैं कि ताकतवर गाय सभी को पीछे धकेलते हुए अधिक गुड़ खा जाती है जिससे मरने की संभावना बन जाती है। ऐसे में उन्होंने लोगों से निवेदन किया है कि गुड़ दान करना चाहे तो दान जरूर करें किंतु अपने हाथों से बहुत कम खिलाए। एक गाय को खिला दे बाकी गुड़ दान कर दे ताकि  गायों को बराबर मात्रा में गौशाला प्रबंधक कमेटी खिलाने का काम करेगी। इससे गायों का भी हित होगा और गुड़ दान करने वाले को भी पुण्य मिलेगा।
इस संबंध में कनीना के पशु चिकित्सक डा.पवन कांगड़ा से बात हुई। उन्होंने बताया कि प्राय: गौशाला में ताकतवर गाय अन्य गायों को पीछे धकेल देती और बार-बार वह गुड़ खाती रहती है क्योंकि पशु है उन्हें ज्ञान नहीं है। इसलिए उनके शरीर में गुड़ की मात्रा बढ़ जाती है और कार्बोहाइड्रेट बढऩे से एसिड बन जाता है और यह एसिड मेटाबालिक एसिडोसिस नामक बीमारी कर देता है। जिससे पशु के विभिन्न अंगों में एसिड पहुंच जाता है और उनके गुर्दे, फेफड़े आदि खराब होने की संभावना बनती है। या फिर अफारा आने से पशु की तुरंत मौत हो जाती है। ऐसे में अधिक गुड़ नहीं खिलाना चाहिए।
 वही उनका कहना है कि सर्दियों में सुबह शाम 100 ग्राम गुड़ गाय को दिया जाए तो लाभप्रद है। इससे ज्यादा गुड़ देने से गाय को नुकसान होने की संभावना है। ऐसे में पशु चिकित्सा डा. पवन कांगड़ा का कहना है कि वो स्वयं भी पहले गायों को गुड़ खिलाते थे किंतु अब गायों के गुड़ की राशि दान कर देते हैं ताकि गौशाला प्रबंधक अपने आप गायों को बराबर बराबर मात्रा में गुड़ खिला सके। इससे गए स्वस्थ रहेंगी और गायों एवं गौशाला का उद्देश्य भी पूरा होगा। उनका मानना है की गौशाला में गायों को स्वस्थ रखना ही हम सभी का उद्देश्य होता है और ऐसे में गायों की सुरक्षा सभी को करनी चाहिए।
 उधर भगत सिंह ने कहा कि वो गौशाला में ऐसा नियम बना रहे ताकि गुड़ खिलाने वाले थोड़ा बहुत अपने हाथों से खिलाए बाकी गुड़ वहां रख दे ताकि कि उसे गुण को सदुपयोग हो सके। ऐेसे में पुण्य दान करता को ही मिलेगा। उन्होंने बताया कि कभी-कभी तो सैकड़ों पेटी गुड़ आ जाता है और यह गुड़ गायों को खिलाने से बड़ी समस्या उत्पन्न होने की संभावना बनी रहती है। गायों को अधिक गुड़ खिलाने से बेचे।
फोटो कैप्शन 04: गायों को गुड़ खिलाते हुए लोग



डाक्टरी सलाह
सर्दी से करें बचाव -शर्मा
-बच्चे एवं बूढों को बचाये सर्दी से
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कनीना की आवाज।
 कड़ाके की सर्दी जारी हैं। सर्दी से बचाव करना बहुत जरूरी होता है। जहां सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है वही सर्दी से बचाव भी बहुत जरूरी है। इस संबंध में कनीना उपनागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेद संबंध रखने वाले डाक्टर विनय कुमार शर्मा से चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि सर्दियों में आयरन भरपूर मात्रा में हरी पत्तेदार सब्जियों में उपलब्ध होता है। हरी पात्तेदार सब्जियां जमकर खाई जाती है जो सेहत के लिए लाभप्रद है तथा हीमोग्लोबिन/खून को भी बढ़ती है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार च्यवनप्राश बहुत लाभप्रद होता है। सर्दियों में च्यवनप्राश जरूर खाए। दूध के साथ प्रयोग किया जा सकता है और चाय के साथ भी ले सकते हैं। छोटे बच्चों को सर्दी से बचाना बहुत जरूरी होता है। पुराने समय से बुजुर्ग जायफल को घिसकर छोटे बच्चों को देते आए हैं वह विधि भी कारगर है। उन्होंने बताया कि गिलोय शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है अपितु बहुत लाभप्रद है। कच्ची हल्दी को दूध में डालकर पीने से भी लाभ होता है। डाक्टर ने बताया कि सर्दियों से बचाव के लिए जब गर्म कपड़े पहनना चाहिए और सर्दी से बचना चाहिए। गर्म पानी बहुत लाभप्रद होता है। उन्होंने बताया कि यह प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है और शरीर में रोगों से भी बचाया जा सकता है। इसलिए सर्दियों में गुनगुना/गर्म पानी जरूर पिये। यदि सर्दी लग भी जाए तो जहां गुडू़ची घनवटी तथा गिलोय घनवटी आदि विभिन्न आयुर्वेद की गोलियां उपलब्ध हैं। उनका उपयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सर्दियों में जहां बुजुर्ग और छोटे बच्चे ज्यादा परेशान रहते हैं। छोटे बच्चों को निमोनिया से बचाना चाहिए। समय-समय पर उन्हें गर्म पानी पिलाना चाहिए तथा गर्म कपड़े लपेट रखना चाहिए। उनके पैरों हाथों तथा सिर को जरूर ढककर रखे  ताकि सर्दी से बचाया जा सके। सर्दी से बचने के लिए जहां बाजरे की रोटी बहुत प्रसिद्ध है खाई जा सकती है तथा सेहत के लिए भी यह लाभप्रद होती है।
 उन्होंने बताया कि कच्ची हल्दी को दूध में डालकर सोते वक्त पीना लाभप्रद है। इससे गले का रोग, अस्थमा, वातरोग, हड्डियां रोग आदि में बेहतर साबित हो सकती है।
कनीना क्षेत्र में ठंड बढ़ी है।  ठंड पडऩे से जहां बुजुर्ग तथा छोटे बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं। वही पशुपालक भी परेशान होने लगे हैं।
 कनीना के डा अजीत शर्मा ने बताया कि छोटे बच्चों में ठंड जल्दी लगती है जिनमें निमोनिया तक होने की संभावना जताई है उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों को कपड़े पहना कर सुला देने से वे ठंड के शिकार हो रहे हैं क्योंकि वह ऊपरी कपड़े फेंक देते हैं। इसलिए उन्होंने कहा कि अधिक कपड़े पहनाकर बच्चों को रजाई वगैराह नहीं ओढ़ाई जाए वही बच्चे की मां का दूध ही बच्चे के लिए सर्वोत्तम है। बच्चों को सर्दी से बचाना चाहिए सर्दी लगने पर डाक्टर की सलाह लेनी चाहिए। बच्चा दो-तीन घंटे में तक दूध नहीं पीता तुरंत डाक्टर की सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को उसकी सांस से पता लगाया जा सकता है कि उन्हें कहीं निमोनिया आदि तो नहीं लग गया है यदि सांसों में एक विशेष प्रकार की आवाज आए तो समझों की ठंड लग गई है।
 उधर वैद्य बालकिशन शर्मा एवं हरिकिशन शर्मा ने बताया कि सर्दी से बुजुर्गों को भी बचाना जरूरी है। सर्दी से हृदयघात होने तथा सांस में तकलीफ बढऩे की समस्या पैदा हो जाती है। ऐसे में बुजुर्गों को भी सर्दी से बचाना जरूरी है। उन्हें पीने के लिए गर्म पानी देने तथा बासी भोजन न देने की सलाह दी है। उनका कहना है कि धूप निकलने पर बिस्तर से बाहर जाने देना चाहिए। सर्दी से बचाने से उनके रोगों से भी बचा जा सकता है।
फोटो कैप्शन: डा. अजीत शर्मा





पशुओं को सर्दी से बचाये-पवन कांगड़ा
-अधिक सर्दी से पशुओं का घट जाता है दूध
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कनीना की आवाज।
  इंसानों की भांति पशुओं को भी सर्दी लगती है। दुधारू पशु कड़ाके की सर्दी लगने पर कम दूध देते हैं। ये विचार कनीना के वरिष्ठ पशु चिकित्सक पवन कांगड़ा ने व्यक्त किये।
  उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसान पशु पालते हैं किंतु सर्दियों में उन पर ध्यान नहीं देते जिसके चलते सर्दी लग जाती है। उन्होंने कहा कि सर्दी के दिनों में पशुओं को खुले आसमान तले न बांधे, जब तक धूप न हो जाये तब तक घर से बाहर न निकाले, ठंडा पानी न पिलाये, धूप आने पर ही पानी पिलाये, ताजा पानी पिलाये और पशु को कपड़े से या बोरी आदि से रात को ढके। उन्होंने कहा कि सर्दियों में मवेशियों को प्रमुख रूप से सर्दी लग जाती है और जिसका सीधा प्रभाव दूध पर पड़ता है। अधिक ठंड के कारण पशु सर्दी से बचाव में लग जाता है तथा सामान्य मौसम में दूध की मात्रा भी अच्छी मिलती है।  उन्होंने बताया कि जब कभी मौसम बदलता है तो पशु 50 फीसदी तक दूध कम देते हैं। जब गर्मी से सर्दी का मौसम आता है तो पशु हाइपोथर्मी अवस्था में चला जाता है जबकि सर्दी से गर्मी के मौसम में पशु हाइपरथर्मी अवस्था में चला जाता है जिससे दूध की मात्रा कम कर देता है।
उधर पशुओं के लिए लंबे समय से औषधियां बनाने वालों का कहना है कि दूध देने वाले पशुओं को भी सर्दी से बचाना चाहिए वरना वे दूध कम देंगे वहीं बीमार हो सकते हैं। उनका कहना है कि पशु भी इंसान की भांति रोगों से पीडि़त हो सकते हैं। उन्हें बचाना जरूरी है। ऐसे में उन्हें गर्म बोरी आदि से ढककर आराम दिलाना जरूरी होता है।
उनका कहना है कि इस मौसम में पशुओं को अश्वगंधा, हल्दी, अदरक, लहसुन, तुलसी, शतावर, मेथी, हालू, ग्वारपाठा, इलाइची और आक के फूल का उपयोग करना चाहिए, जिससे पशु सर्द मौसम में बीमारियों से बचा रहेगा।  
 उधर पशु पालक कनीना के अजीत कुमार, किसान सूबे सिंह से पशुओं के बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि सामान्य ठंड में पशु दूध ठीक मात्रा में देता है किंतु अधिक ठंड में दूध की मात्रा घट जाती है। वे कपड़ा/झूल ओढ़ाकर, पशुओं के पास आग जलाकर तथा रात के वक्त गुड़ खिलाकर सर्दी से बचाते हैं। पशु के आवास को सूखा रखना भी जरूरी है।
फोटो कैप्शन 06: पशुओं को कपड़े ओढ़ाकर सर्दी से बचाता पशु पालक



डा. होशियार सिंह यादव कनीना का नाम विश्व रिकार्ड बुक में
- 25 जनवरी जयपुर में मिलेगा अवार्ड
-कई विश्व रिकार्ड बुकों में हो चुका है नाम दर्ज
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कनीना की आवाज।
कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव पूर्व शिक्षक, साहित्यकार ,लेखक एवं पत्रकार का नाम एक बार फिर से विश्व रिकार्ड बुक में दर्ज हो चुका है। 25 जनवरी 2026 को जयपुर में उन्हें विभूषित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि विदेशों तक विश्व बुक रिकार्ड में नाम दर्ज हो चुका है। इसी कड़ी में इनफ्लुएंस बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड में भी नाम दर्ज किया जा चुका है। अब तक 43,80000 किलोमीटर के करीब साइकिल चलाने तथा 8000 किलोमीटर के करीब पैदल चलने के कारण उनका यह नाम विश्व रिकार्ड बुक में दर्ज हुआ है।
 अब तक हजारों की संख्या में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त, डा. होशियार सिंह यादव के 3 शोध प्रकाशित तथा तीन बार राज्यपाल से, राज्य शिक्षक पुरस्कार तथा अनेकों अवार्डोंं से सम्मानित डाक्टर यादव लंबे समय से साइकिल चला रहे हैं। करीब 40 सालों से साइकिल चला रहे और ताउम्र चलने का संकल्प ले रखा है। यही नहीं कावड़ यात्रा, खाटू श्याम पदयात्रा ,जैतपुर पदयात्रा तथा अन्य किसी धाम की यात्रा पर पैदल जाकर नाम कमा चुके हैं। यही कारण है कि उनका नाम एक बार फिर से विश्व रिकार्ड बुक में प्रकाशित हो चुका है। आने वाली 25 जनवरी को पिंक सिटी में सम्मानित किया जाएगा।
फोटो कैप्शन: डा. होशियार सिंह



लुई ब्रेल को याद किया
-दीप जलाकर मिठाई बांटी
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में समावेशी शिक्षा के अंतर्गत हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के अधीन समावेशी शिक्षा कार्यक्रम कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें दो विशेष शिक्षक अमृत सिंह राघव व सरिता विशेष अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। आज संसाधन कक्षा में लुइस ब्रेल का विधि विधान से जन्मदिन मनाया गया। जिसमें अमृत सिंह राघव विशेष शिक्षक ने लुई ब्रेल के जीवन पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि लुइस ब्रेल जन्म से दृष्टि बाधित होते हुए दृष्टिबाधितों के लिए एक लिपि का आविष्कार किया। जिसे ब्रेल लिपि के नाम से जाना जाता है। जो दृष्टिबाधितों के लिए वरदान साबित है। दृष्टि बाधित ब्रेल लिपि में पढ़ लिखकर समाज में समायोजन कर रहे हैं । कनीना खंड के दृष्टि बाधित व अल्प दृष्टि बाधित बच्चों समावेशी शिक्षा के अंतर्गत पढ़कर समाज में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। लुई ब्रेल का जन्म फ्रांस  में हुआ था। इसी अवसर पर एनएसएस प्रभारी डा. मुंशीराम,,सुरेंद्र गणित, बलदीप प्रवक्ता  इतिहास, गुरदीप प्रवक्ता मैथ, रविता देवी विशेष रूप से उपस्थित रही।
फोटो कैप्शन 01: लुई ब्रेल को याद करते हुए।


कनीना के एनएसएस शिविर में सतीश आर्य ने समझाए जीवन के गुर
-डा. मुंशीराम ने भी रखे अपने विचार
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कनीना की आवाज।
  कनीना में एनएसएस के विशेष शिविर के अंतर्गत विभिन्न विभिन्न गतिविधियां की गई। जिसमें बच्चों ने विद्यालय की सफाई पर विशेष ध्यान दिया। और विद्यालय की सफाई भी करवाई गई। एनएसएस प्रभारी डा. मुंशी राम  ने बच्चों को संबोधित किया। इस शिविर में आज आर्य समाज से सतीश आर्य ने बच्चों का मार्गदर्शन किया। और बच्चों को शिक्षा से संबंधित बातें बताई। उन्होंने बताया कि हमें अपना जीवन किस तरह से शुद्ध और शाकाहारी बनाना है। हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना है। और हमें नशे से बिल्कुल दूर रहना है। बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए शपथ भी दिलवाई और अनुशासन में रहकर अपने माता-पिता की सेवा करनी है । अपने गुरुजनों का सम्मान करना है। आदि बातों पर प्रभाव डाला। आज शिविर में क्रेडिट ने विशेष रूप से विद्यालय की साफ सफाई का कार्य किया। आर्य समाज से आए सतीश आर्य जी की बातों को जीवन में उतारने का फैसला लिया। एनएसएस प्रभारी डा. मुंशी राम ने बच्चों का अनुशासन में रहकर अपने घर गांव अपने माता-पिता गुरुजनों का नाम रोशन करना है। आदि बातों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अमृत सिंह विशेष शिक्षक, बलदीप प्रवक्ता इतिहास, सुरेंद्र ,रविता देवी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: सतीश आर्य संबोधित करते हुए





सीख से सुरक्षा, तकनीक से परिवहन की थीम के तहत वाहनों पर लगाए गए रिफ्लेक्टर टेप
--लो विजन के समय होते हैं लाभप्रद
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कनीना की आवाज।
जिले में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से महेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा 1 जनवरी से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष के अभियान को सीख से सुरक्षा, तकनीक से परिवहन की थीम पर केंद्रित रखा गया है। पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ के कुशल नेतृत्व और उप पुलिस अधीक्षक नारनौल सुरेश कुमार के दिशा-निर्देशों के तहत, जिले के यातायात प्रबंधक और सभी थाना प्रबंधकों को पूरे माह प्रतिदिन सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के आदेश जारी किए गए हैं, ताकि आमजन को सुरक्षित आवागमन के प्रति जागरूक किया जा सके।
इसी श्रृंखला में, आदेशों की अनुपालना करते हुए थाना शहर कनीना की पुलिस टीम ने एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के अंतर्गत सड़क से गुजरने वाले वाहनों, विशेषकर भारी वाहनों, लोडिंग व्हीकल्स, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और पिकअप गाडिय़ों पर नि:शुल्क रिफ्लेक्टर टेप लगाए गए। पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान वहां मौजूद वाहन चालकों को जागरूक करते हुए समझाया कि मौजूदा समय में घने कोहरे और रात्रि के समय कम दृश्यता के कारण होने वाले हादसों को रोकने में ये रिफ्लेक्टर टेप जीवन रक्षक की भूमिका निभाते हैं। पुलिस का प्रयास न केवल यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराना है, बल्कि तकनीकी उपायों और जागरूकता के माध्यम से हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
फोटो कैप्शन 03: वाहनों के रिफ्लेक्टर लगाती हुई पुलिस


 

प्राचार्य कुतरूं के कारनामे, इसी ब्लाग पर 14 जनवरी से
-पढ़ते रहिये कनीना की आवाज











साल में एक विज्ञापन भी नहीं दिया
-वो मेरे पास प्रकाशन हेतु न भेजे समाचार