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Tuesday, January 6, 2026



 

 



पूरा दिन नहीं दिये सूर्यदेव ने दर्शन, दो दिनों तक  खिली थी धूप
- कड़ाके की ठंड का कहर जारी, आग सेकते मिले लोग
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में मंगलवार को पूरा दिन धुंध छाई रही। सूर्यदेव ने नहीं दिये दर्शन। मौसम खराब रहा है। इससे पहले दो दिनों तक सूरज चमकता रहा। इससे पूर्व तीन दिनों तक सूरज नहीं दिखाई दे रहा था या कभी कभार लुका छिपी करता नजर आता था।  जहां गत दिनों हल्की बूंदाबांदी के बाद हालात ये बन गये कि धुंध और कोहरा थोड़ा बहुत कभी कभार दिखाई दिया। कड़ाके की ठंड जारी है। लोग घरों में छिपे हुए देखे गए या आग सकते देखे गए।
  कनीना क्षेत्र में इस वक्त सरसों एवं गेहूं की बेहतर फसल खड़ी है जिसको ठंड का लाभ मिलने के आसार हैं। किसान खुश हैं।
फोटो कैप्शन 09: कनीना में धुंध का नजारा




सौभाग्यवती महिलाओं ने मनाया गणेश चतुर्थी पर्व
-तिल कूटकर खाया गया
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में गणेश चतुर्थी का व्रत पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस पर्व को विभिन्न नामों से जाना जाता है।
 ज्योतिषाचार्य दीपक कौशिक ने बताया कि माघ माह की कृष्ण चतुर्थी को सौभाग्यवती महिलाओं का पर्व गणेश चतुर्थी मनाया गया जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में संकटहरण चतुर्थी, तिल कुटनी तथा गणेश चतुर्थी आदि नामों से जाना जाता है। सर्दी के माह में आने वाले इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत पति, पुत्र की मंगलकामना, धन एवं धान्य के लिए  किया जाता है जिसका समापन चन्द्रदेव को अर्घ देकर पूर्ण किया जाता है।
   इस पर्व पर तिलों को कुटकर तथा चासनी में डालकर बनाई गई विशेष प्रकार की केक खाकर मनाया गया इसलिए इसे तिल कुटनी का व्रत भी कहते हैं। यह व्रत विवाहित एवं अविवाहित दोनों के लिए ही फलदायक माना जाता है। अविवाहित महिलाओं ने अपने सुपति की कामना से तो विवाहित महिलाएं अपने पुत्र, भाई  एवं पति की मंगलकामना के लिए व्रत किया। चांद को देखकर तथा उसे अघ्र्य  देकर ही इस व्रत का समापन किया जाता है जिसके पीछे माना जाता है कि महिलाएं चांद जैसी शीतलता एवं चमक अपने इष्टïदेव में देखना चाहती हैं। दिनभर श्रीगणेश की पूजा की गई।
दीपक कौशिक ने बबताया किएक बार एक युद्ध में शिवभोले ने बारी-बारी से कार्तिकेय और गणेशजी से देवताओं का सेनापति बनने के बारे में पूछा। दोनों ही अपने को देवताओं का संकट हरने के लिए तैयार थे और एक दूसरे से शक्तिशाली, ज्ञानवान एवं तर्कशील बताने लगे। ऐसे में शिवभोले ने दोनों की परीक्षा लेनी चाही और दोनों को आदेश दिया कि दोनों ही पृथ्वी के तीर्थ स्थलों के चक्कर लगाकर आओ। जो भी पहले आएगा उसे ही देवताओं का सेनापति नियुक्त किया जाएगा। इतना सुनकर कार्तिकेय अपने मयूर पर सवार होकर पवन के वेग से तुरंत पृथ्वीलोक की ओर चल दिया और तीर्थों के  चक्कर लगाने लगा।
 उधर श्रीगणेश आराम से अपने स्थान पर बैठा रहा और कुछ समय उपरांत अपने माता-पिता के चारों ओर सात चक्कर लगाकर उन्हें प्रणाम करके बैठ गया।  जब कार्तिकेय अपने मयूर पर सवार होकर तीर्थों के सात चक्कर लगाकर शिवभोले और माता पार्वती के पास पहुंचा तो अपने को पहले पहुंचने वाला बताया। जब गणेश से पूछा गया कि आपने सात तीर्थों का चक्कर ही नहीं लगाया जबकि आप पहले आने की बात कह रहे हो तो श्रीगणेशजी ने कहा-माता-पिता से बड़ा कोई तीर्थ इस जगत में नहीं होता है। श्रीगणेश ने देवताओं के सभी संकट दूर किया। तभी से श्रीगणेश जैसा पुत्र पाने के लिए महिलाएं व्रत रखती हैं। पार्वती भी इस व्रत को रखती थी और गणेश की पूजा करती थी।
खास महत्व होता है संकट चतुर्थी का-दीपक कौशिक---
पंडित दीपक कौशिक का कहना है कि माघ माह में आने वाली संकट चौथ का हिंदू धर्म में खास महत्व है इस दिन भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है और माताएं संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत किया।
संकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी वक्र कुंड चतुर्थी तिलकुटा चौथ के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत हर महीने होता है लेकिन माघ महीने में पडऩे वाली संकष्टी चतुर्थी की अलग ही महिमा है।
संकष्टी का अर्थ होता है संकट को हरने वाला चतुर्थी के दिन भगवान गणेशजी की माताएं पूजा करें और अपने संतान की दीर्घायु खुशहाली की कामना के लिए व्रत रखा और गणेश भगवान की विधि विधान से पूजा की, लड्डू का भोग लगाया गया।
फोटो कैप्शन 08: महिलाएं गणेश चतुर्थी की कथा सुनते हुए।




चौधरी रामकुमार शौकीन ने गौशाला को दी 32000 रुपए की सहयोग राशि
-कनीना के कृषि विकास अधिकारी भी रह चुके हैं श्री शौकीन
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कनीना की आवाज।
 चौधरी रामकुमार शौकीन अपने पुत्र मोहित सहित दिल्ली निवासी, दिल्ली से चलकर श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में आए और गो चारा हेतु 32000 रुपए का सहयोग दिया। श्री शौकीन ने खंड कनीना में कृषि  अधिकार के रूप में 1991 से 1997 तक कार्य किया है। इनका इस क्षेत्र के लोगों में विशेष स्नेह रहा है।
  प्रधान भगत सिंह ने कहा कि गायों की सेवा सर्वश्रेष्ठ सेवा होती हे। हमें दिल खोलकर गायों की सेवा करनी चाहिए। भगत सिंह ने कहा कि गायों की सेवा से सभी पाप मिट जाते हैं और पुण्य का भागी बन जाता है। इंसान को जरूर गायों की सेवा करनी चाहिए ताकि अपने जीवन में नाम कमा सके। उन्होंने कहा गायों की सेवा भगवान श्रीकृष्ण ने की थी इसलिए गोपाल कहलाए। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में गायों के प्रति फिर से वो लगाव उत्पन्न होने लगा है जो वर्षों पहले सिर चढ़कर बोल रहा था। उन्होंने बताया कि कनीना श्रीकृष्ण गौशाला से करीब 500 गाए गोद ली जा चुकी है और भक्तों द्वारा दान दिया गया है। वहीं गौशाला में अमूल चूल परिवर्तन किये जा चुके हैं। आने वाले समय में श्रीकृष्ण गौशाला प्रदेश भर में नंबर वन होगी।
   उल्लेखनीय है कि समय समय पर कुछ ऐसे उदार लोग धरा पर आते हैं जो अपनी कर्मठता के चलते लोगों के दिलोदिमाग पर छा जाते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत इस वक्त गौशाला के प्रधान बतौर भगत सिंह ने कार्यभार संभाल रखा है। कहते हैं कि जिसमें कुछ करने की तमन्ना हो वो कुछ नया करके ही दिखाते हैं। भगत सिंह ने गौशाला में आकर मूल चूल परिवर्तन कर दिखलाये हैं जो अपने आप में भागीरथ से कम नजर नहीं आते हैं।  इस समय श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में 2500 गौवंश हैं। जिनके लिए गौशाला में व्यापक प्रबंध किये गये हैं। आज से छह माह पहले जो गौशाला रंग रही थी वो आज उड़ान भरने की कगार पर है। कभी गौशाला में लोग जाते हुए कतराते थे अब पूरे परिवार सहित खुशी खुशी जाकर दानपुण्य कर रहे हैं जिसके पीछे भगत सिंह नामक भागीरथ मिल गया है जो भागीरथी प्रयास कर गौशाला को आधुनिकतम की ओर ले जा रहे हैं।
  गौशाला प्रधान भगत सिंह में कार्यकारिणी सदस्यों ने उनका हार्दिक का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सुदेश कुकु, कृष्ण प्रकाश गुरुजी, जयप्रकाश, दिलावर सिंह, मास्टर रामप्रताप रामपाल, महेंद्र साहब, होशियार सिंह, राजेंद्र प्रसाद बलवान आर्य, अशोक कुमार,डा. नीरज ,अमीर सिंह, प्रवीण, मुनीम आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 6: चौ. रामकुमार शौकीन का अभिनंदन करते गौशाला पदाधिकारी


एफएलएन के तहत जारी है प्रशिक्षण शिविर
--माडल स्कूल में दूसरे दिन चली ट्रेनिंग
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कनीना की आवाज।
विद्यालय शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा बुनियादी शिक्षा के ढांचे को अधिक मजबूत करने की दिशा में ब्लाक स्तर पर आयोजित होने वाले उपचारात्मक शिक्षण पद्धति प्रशिक्षण कैंप जिसमें कक्षा 1 से 5 को पढऩे वाले शिक्षकों को शिक्षक की नवीनतम विधियों के बारे में विभाग द्वारा प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी तरह के कैंप का आयोजन राजकीय माडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में जिला शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर कौशिक तथा खंड शिक्षा अधिकारी श्री दिलबाग सिंह की देखरेख में आयोजित हो रहा है। प्रशिक्षण के दूसरे दिन शिविर का निरीक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान महेंद्रगढ़ से विषय विशेषज्ञ राजेश कुमार गुप्ता तथा विषय विशेषज्ञ अजय यादव द्वारा किया गया।
इस दौरान प्रतिभागियों द्वारा पहले दिन के फीडबैक को साझा किया गया। राजेश कुमार गुप्ता द्वारा बताया गया कि प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य कक्षा 1 से 3 में पढऩे वाले सभी छात्र छात्राओं को बुनियादी साक्षरता की दक्षताओं को कैसे प्राप्त किया जाए इस बारे में अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर द्वारा खेल-खेल में शिक्षक तथा उपचारात्मक शिक्षण की विधियों के विषय में प्रतिभागियों को विस्तार पूर्वक बताया जा रहा है।
फोटो कैप्शन 05: राजेश कुमार डाइट संबोधित करते हुए





नपा के कर्मचारियों और अधिकारियों और पार्षदों ने लगाया हनुमान जी का रोट-दीपक चौधरी
--भारी संख्या में लोगों ने स्वाद चखा रोट का
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कनीना की आवाज।
पहली बार कनीना नगरपालिका द्वारा बाबा हनुमान जी के रोट का  आयोजन किया गया।
  पार्षद दीपक चौधरी ने बताया कि कनीना नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों और ड्राइवरों और तमाम कर्मचारियों ने मिलकर ये बाबा हनुमान जी के रोट करने की पहल की और योजना बनाई!और नगरपालिका पार्षद और अधिकारियों के सामने चर्चा की तो सभी  पार्षदों ने और अधिकारियों ने इस योजना का स्वागत किया।हवन के साथ शुरुआत कर सभी को भंडारे में सब्जी, पूड़ी और हलवे का प्रसाद खिलाया।  सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
पूरी मार्केट और राहगीरों ने प्रसाद का आनंद लिया। पालिका के कर्मचारी राकेश जमादार, प्रमोद ड्राइवर,जितेन्द्र, कपिल, सोनू, सचिव कपिल, पालिका अभियंता दिनेश,कनिष्ठ अभियंता राकेश और सुरेंद्र जोशी, मनोज कुमार खजांची, पार्षद योगेश, मुकेश नंबरदार, नरेंद्र फौजी, मनीष सेन,देशराज , राकेश, सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 04: हनुमान जी का रोट लगाते पालिका कर्मी



महेंद्रगढ़ पुलिस की नया सवेरा मुहिम
-गांव कैमला में युवाओं को नशे से दूर रहने का दिलाया संकल्प, महिलाओं को डायल 112 के प्रति किया जागरूक
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कनीना की आवाज।
 महेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए चलाए जा रहे 'डोर टू डोर नशा मुक्त अभियान और 'नया सवेराÓ मुहिम के तहत गठित विशेष टीम ने आज थाना सदर महेंद्रगढ़ के अंतर्गत आने वाले गांव कैमला का दौरा किया। इस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन गांव के पार्क में किया गया, जहां पुलिस टीम ने समाज के सभी वर्गों के लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए उन्हें नशे के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने विशेष रूप से युवा वर्ग को संबोधित करते हुए नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। टीम ने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। पुलिस द्वारा ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया कि विभाग न केवल नशा तस्करों पर नकेल कस रहा है, बल्कि जो लोग भूलवश नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, उन्हें समाज की मुख्य धारा में वापस लाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। टीम ने बताया कि नशा छोडऩे के इच्छुक व्यक्तियों की हर संभव मदद की जाएगी। इस दौरान मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
इसके अतिरिक्त, उपस्थित महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें 'डायल 112 की कार्यप्रणाली और 'ट्रिप मानिटरिंग सुविधा के बारे में विस्तार से बताया गया, ताकि वे आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर गांव की सरपंच डिंपल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 07: पुलिस नया सवेरा मुहिम चलाते हुए


बांग्लादेश में हिन्दुओं की हो रही हत्याओं के विरोध में दिया धरना
--जोरदार प्रदर्शन भी किया
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कनीना की आवाज।
बांग्लादेश में हिन्दुओं की हो रही हत्याओं के विरोध में प्रजा भलाई संगठन के कार्यकर्ताओं ने उपमंडल अधिकारी (ना.) कनीना के कार्यालय के समक्ष धरना दिया। संगठन सुप्रीमो अतरलाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के समक्ष इक_ा होकर जोरदार प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, बांग्लादेश के भारत में स्थित उच्चायोग तथा संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के नाम तीन अलग-अलग ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपे। नायब तहसीलदार ने ज्ञापनों को तत्काल उच्च अधिकारियों को प्रेषित करने का भरोसा दिया।
  इलाके के कार्यकर्ता भारी ठंड के बावजूद सुबह से ही कार्यालय के समक्ष इकट्ठा















होना शुरू हो गए थे। उन्होंने हाथों में पोस्टर लहराकर जोरदार नारेबाजी की। पोस्टरों पर बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार बंद करो बंद करो, बांग्लादेश सरकार होश में आओ होश में आओ, भारत माता की जय तथा हिंदुओं की सुरक्षा करो आदि नारे लिखे हुए थे। अतरलाल ने प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिन्दुओं की चुन-चुन कर हत्याएं की जा रही हैं। अपहरण तथा दुराचार किया जा रहा है। बांग्लादेश सरकार हिन्दुओं की रक्षा करने में विफल रही है। हिन्दुओं की हत्याओं तथा इनकी रोकथाम करने में बांग्लादेश सरकार की विफलता के कारण देश के नागरिकों में रोष है। इसलिए बांग्लादेश के पीडि़त हिन्दुओं के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए यह धरना और प्रदर्शन आयोजित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी बांग्लादेश में अगर हिन्दुओं पर अत्याचार बंद नहीं हुए तो संगठन के कार्यकर्ता दिल्ली स्थित बांग्लादेश के उच्चायोग का घेराव करेंगे। ज्ञापनों में बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों को तत्काल रोकने, आरोपियों के तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्यवाही करने तथा बांग्लादेश में रह रहे हिन्दुओं के जान-माल की सुरक्षा के पुख्ता प्रबन्ध करने की मांगे की गई। इस अवसर पर रगबीर मुकदम, संजय शर्मा, पदमेन्द्र जांगड़ा, नीतू ठेकेदार, नरेश रोहिल्ला, सुरेन्द्र चैधरी, रामेश्वर, भागसिंह चेयरमैन, कैलाश सेठ, मीर सिंह वैद्य, डा. मुकेश, करतार पाथेड़ा, राजेन्द्र पंच सिहोर, सुबेदार मेजर मदन सिंह, किशनपाल,  गोपाल, दानसिंह प्रजापत, शेर सिंह यादव, पदम तंवर, दिनेश पंच, देवेन्द्र नम्बरदार, राकेश यादव आदि सैकड़ों संगठन पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 1. बांग्लादेश में हिन्दुओं की हत्याओं के विरोध में धरना प्रदर्शन करते संगठन कार्यकर्ता
2. नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते कार्यकर्ता


मोबाइल छीन रहा है नींद और आंखों की रोशनी- डा. होशियार सिंह यादव
-सात दिवसीय शिविर में मोबाइल की बुराइयों पर किया व्याख्यान
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कनीना की आवाज।
 कनीना के राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर में राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डा. होशियार सिंह यादव  ने मोबाइल की हानियों पर अपना व्याख्यान दिया।
 उन्होंने स्वयंसेवकों को कहा कि मोबाइल कोरोना काल से हर जन के बहुत करीब पहुंच गया है। विद्यार्थी और छोटे बच्चे भी अब अछूते नहीं हैं। अमन चैन एवं आंखों की रोशनी कम करने में मोबाइल का अहम योगदान है। कोरोना काल में जहां आनलाइन शिक्षण करवाया गया उसके बाद से मोबाइल की लत ऐसी पड़ी की जिसने सभी की नींद हराम कर दी है। कितने ही विद्यार्थियों की आंखें कमजोर हो चुकी है, चश्मे चढ़ चुके हैं परंतु अब एक ऐसी लत बन गई है कि मोबाइल से पीछा छुड़ाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब मोबाइल नहीं होते थे और इंसान बहुत अमन चैन से जीता था, एक दूसरे के सहयोग में भागीदारी करता था, माता-पिता और परिवार के सदस्यों के समीप रहता था, उनसे खुलकर बातें करता था लेकिन अब तो ऐसा वक्त आ गया है कि किसी के पास मोबाइल के अलावा बातें करने का समय नहीं है और मोबाइल पर ही सुबह-शाम चिपके देखे जा सकते हैं। मोबाइल से जहां रेडिएशन निकलते हैं जो हानिकारक होते हैं। ये मस्तिष्क के कैंसर ,उच्च रक्तचाप, हृदयघात जैसे रोगों में सहायक साबित होते हैं। ऐसे में मोबाइल जो परिवार के पैसे भी खर्च करवाता है इससे छुटकारा पाना बहुत जरूरी है। मोबाइल एक साधन है इसका जितनी आवश्यकता उतना ही प्रयोग किया जाना चाहिए अन्यथा यह हमारे लिए एक प्रमुख बुराई बनाकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि आज बच्चा रोता है तो उसे मोबाइल थमा दिया जाता है परंतु यह नहीं सोचते कि कितना घातक प्रभाव बच्चे की आंखों और शरीर पर डालेगा। यही कारण है कि हर इंसान बच्चा, जवान, बूढ़ा, स्त्री एवं पुरुष सभी के पास मोबाइल होता है और मोबाइल ने इंसान की सुख चैन अमन को छीनने का काम किया है। यह सत्य है कि मोबाइल से ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है किंतु इसमें बुराइयां भी कम नहीं हैं। उन्होंने मोबाइल कम से कम प्रयोग करने, रात को सोते समय दूर रखने, हैंड फ्री मोड पर बातें करने की बात कही ताकि शरीर पर कम घातक प्रभाव पड़े।
  उन्होंने लत डालने वाले पदार्थों एवं मोबाइल की हानियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दिन पूरे देश में 10 प्रतिशत के करीब आबादी नशे की शिकार है जो नशे के रूप में चाय, काफी के अतिरिक्त बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, चिलम, तंबाकू, पान,शराब, भांग चरस, अफीम,ब्राउन शूगर, ई-सिगरेट आदि का नशा करते हैं। यह नशा इंसान को मौत के मुंह में ले जाता है और इंसान का एक बार पीछा कर ले तो उसका पीछा नहीं छोड़ता। ये लत डालने वाले पदार्थ हैं और केवल मौत के बाद ही पीछा छोडतेे हैं। यदि कोई ऐसा विद्यार्थी हो जो इस इन लतों से पीडि़त है उनसे बचने की अपील की तथा उन्होंने अपने स्वजनों से भी यह बुराई छुड़ाने की अपील की ताकि उनका जीवन सुधर सके। उन्होंने कहा कि कम से कम एक विद्यार्थी एक जन की इस लत को छुड़ा दे तो जीवन सफल हो जाएगा।
उन्होंने स्वयंसेवकों को बताया कि किस प्रकार नशीले पदार्थ लोगों को जकड़ लेते हैं। हुक्का चिलम आदि में कार्बन मोनोआक्साइड होती है जो हीमोग्लोबिन से मिलकर घातक प्रभाव डालती है। व्यक्ति मौत के घाट चला जाता है। कैंसर, अनिद्रा, बेचैनी, जठर रस का कम उत्पन्न होना, पाचन शक्ति घटना, फेफड़े का कैंसर, खांसी, सर्दी जुकाम और न जाने कितने रोग इनका कारण बनते हैं। उन्होंने बताया कि दो सिगरेट के बराबर एक बीड़ी का नशा होता है, एक घंटे हुक्का पीने से करीब 400 सिगरेट जितना नुकसान होता है, एक सिगरेट करीब 20 मिनट जीवन की कम कर देती है,हक्के में तो अनेकों पदार्थ जैसे टार, निकोटीन, कार्बन मोनोआक्साइड बीड़ी सिगरेट से अधिक होते हैं। उन्होंने ई-सिगरेट का हवाला देते हुए बताया कि यह भी घातक सिगरेट आ गई है। यह शरीर के लिए केवल और केवल नुकसान करती है। जिस परिवार में शराब पीने की लत लग जाती हैं वह परिवार धीरे-धीरे बर्बाद हो जाता है। व्यक्ति की मौत के मुंह में चला जाता है।  ऐसे में अपने अनमोल जीवन को बचाइए और इन लत डालने वाले पदार्थों को दूर भगाइये।
 इस मौके पर एनएसएस इंचार्ज डा. मुंशीराम ने भी विचार रखे। इस मौके पर रवि कुमार प्राध्यापक, अमृत सिंह विशेष शिक्षक आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 03:मोबाइल की बुराइयों के बारे में अवगत कराते हुए डा.होशियार सिंह यादव

 

प्राचार्य कुतरूं के कारनामे, इसी ब्लाग पर 14 जनवरी से
-पढ़ते रहिये कनीना की आवाज


साल में एक विज्ञापन भी नहीं दिया
-वो मेरे पास प्रकाशन हेतु न भेजे समाचार

 

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