तिलकुटनी का व्रत-6 जनवरी को
सौभाग्यवती महिलाएं मनाएंगी गणेश चतुर्थी पर्व
*******************************************************
************************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में गणेश चतुर्थी का व्रत पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस पर्व को विभिन्न नामों से जाना जाता है।
ज्योतिषाचार्य दीपक कौशिक ने बताया कि माघ माह की कृष्ण चतुर्थी को सौभाग्यवती महिलाओं का पर्व गणेश चतुर्थी मनाया गया जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में संकटहरण चतुर्थी, तिल कुटनी तथा गणेश चतुर्थी आदि नामों से जाना जाता है। सर्दी के माह में आने वाले इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत पति, पुत्र की मंगलकामना, धन एवं धान्य के लिए किया जाता है जिसका समापन चन्द्रदेव को अर्घ देकर पूर्ण किया जाता है।
इस पर्व पर तिलों को कुटकर तथा चासनी में डालकर बनाई गई विशेष प्रकार की केक खाकर मनाया गया इसलिए इसे तिल कुटनी का व्रत भी कहते हैं। यह व्रत विवाहित एवं अविवाहित दोनों के लिए ही फलदायक माना जाता है। अविवाहित महिलाओं ने अपने सुपति की कामना से तो विवाहित महिलाएं अपने पुत्र, भाई एवं पति की मंगलकामना के लिए व्रत किया। दिनभर श्रीगणेश की पूजा की गई।
दीपक कौशिक ने बबताया कि एक बार एक युद्ध में शिवभोले ने बारी-बारी से कार्तिकेय और गणेशजी से देवताओं का सेनापति बनने के बारे में पूछा। दोनों ही अपने को देवताओं का संकट हरने के लिए तैयार थे और एक दूसरे से शक्तिशाली, ज्ञानवान एवं तर्कशील बताने लगे। ऐसे में शिवभोले ने दोनों की परीक्षा लेनी चाही और दोनों को आदेश दिया कि दोनों ही पृथ्वी के तीर्थ स्थलों के चक्कर लगाकर आओ। जो भी पहले आएगा उसे ही देवताओं का सेनापति नियुक्त किया जाएगा। इतना सुनकर कार्तिकेय अपने मयूर पर सवार होकर पवन के वेग से तुरंत पृथ्वीलोक की ओर चल दिया और तीर्थों के चक्कर लगाने लगा।
उधर श्रीगणेश आराम से अपने स्थान पर बैठा रहा और कुछ समय उपरांत अपने माता-पिता के चारों ओर सात चक्कर लगाकर उन्हें प्रणाम करके बैठ गया। जब कार्तिकेय अपने मयूर पर सवार होकर तीर्थों के सात चक्कर लगाकर शिवभोले और माता पार्वती के पास पहुंचा तो अपने को पहले पहुंचने वाला बताया। जब गणेश से पूछा गया कि आपने सात तीर्थों का चक्कर ही नहीं लगाया जबकि आप पहले आने की बात कह रहे हो तो श्रीगणेशजी ने कहा-माता-पिता से बड़ा कोई तीर्थ इस जगत में नहीं होता है। श्रीगणेश ने देवताओं के सभी संकट दूर किया। तभी से श्रीगणेश जैसा पुत्र पाने के लिए महिलाएं व्रत रखती हैं। पार्वती भी इस व्रत को रखती थी और गणेश की पूजा करती थी।
खास महत्व होता है संकट चतुर्थी का-दीपक कौशिक
पंडित दीपक कौशिक का कहना है कि माघ माह में आने वाली संकट चौथ का हिंदू धर्म में खास महत्व है इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
संकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी वक्र तुंड चतुर्थी तिलकुटा चौथ के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत हर महीने होता है लेकिन माघ महीने में पडऩे वाली संकष्टी चतुर्थी की अलग ही महिमा है।
संकष्टी का अर्थ होता है संकट को हरने वाला चतुर्थी के दिन भगवान गणेशजी की माताएं पूजा करें और अपने संतान की दीर्घायु खुशहाली की कामना के लिए व्रत रखा और गणेश भगवान की विधि विधान से पूजा की, लड्डू का भोग लगाया गया।
नपा की बैठक में विकास कार्यों पर हुई चर्चा
-कई प्रस्तावों पर लगी मोहर
*******************************************************
************************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। कनीना नगर पालिका नए भवन में सभी पार्षदों व प्रधान की हाउस की एक खास मीटिंग हुई। बैठक में कनीना नगर पालिका के विकास से संबंधित सभी नए पुराने कार्यों पर गहनता से चर्चा और विचार विमर्श हुआ। सभी पार्षदों के विचार सुने और रखे गए। बैठक में प्रधान व नगर पालिका सचिव,पालिका अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, सभी पार्षद और मनोनीत पार्षद उपस्थित रहे।
इस बैठक में रखे गए सभी प्रस्ताव में से जो विकास कार्यों में अति आवश्यक प्रस्ताव थे उन प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पास किया गया। कुछ प्रस्तावों पर विचार न मिलने के कारण उन्हें स्थगित कर दिया गया।
दीपक चौधरी पार्षद ने बताया कि नगरपालिका कनीना के विकास में अनेक ऐसे प्रस्ताव है जो अत्यंत आवश्यक है और कुछ कार्य मंत्री आरती सिंह राव के सहयोग से होने है, उन पर विचार किया गया। इन प्रस्तावों में मुख्य रूप से, अटल पार्क का निर्माण, पशु अस्पताल की शिफ्टिंग, अटेली रोड से लेकर रेवाड़ी रोड़ तक नहर के साथ-साथ लाइट लगवाने, बाबा मोलडऩाथ और राधेदास के जोहड़ पर डेकोरेशन लाइट, शहीद अशोक पार्क का सौंदर्यीकरण, शहीद सुजान सिंह पार्क लाइट व स्टेज का निर्माण, आदि अनेक कार्य जो कनीना पालिका विकास के लिए जरूरी थे। इन प्रस्ताव को पास किया गया।
मौके पर सचिव कपिल कुमार ,पालिका अभियंता दिनेश कुमार और कनिष्ठ अभियंता राकेश कुमार , प्रधान रिम्पी ,पार्षद दीपक चौधरी, मंजू देवी, रेखा देवी, राजेश देवी, पूजा देवी, योगेश कुमार, राकेश कुमार, होशियार सिंह, नितेश गुप्ता, राजकुमार, सवाई सिंह, नीलम देवी, सुमन देवी, ऊषा देवी, सूबे सिंह मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 10: नपा की बैठक का नजारा
दो दिवसीय एफएलएन ट्रेनिंग का हुआ आगाज
- 80 शिक्षक ले रहे हैं भाग
*******************************************************
************************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। कनीना के राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दो दिवसीय एफएलएन कार्यशाला शुरू हुई। जिसमें दो ग्रुपों में 40-40 शिक्षक भाग ले रहे हैं।
इस मौके पर मुख्य अतिथि दिलबाग सिंह खंड शिक्षा अधिकारी रहे। उन्होंने इस कार्यशाला में गहन रुचि लेकर लेने की बात कही ताकि शिक्षक कक्षा कक्ष में जाकर इन बातों को अमलीरूप दे सके। इस मौके पर उन्होंने बताया कि शिक्षकों को उपचारात्मक कोचिंग के बारे में जानकारी दी है ताकि विद्यार्थियों का संपूर्ण विकास हो सके।
ट्रेनिंग देने के लिए चार एमटी जिनमें ओमरति एबीआरसी, संगीता एबीआरसी, मीना एबीआरसी और ममता एबीआरसी ट्रेनिंग दे रहे हैं। ट्रेनिंग कोआर्डिनेटर बतौर गुलशन कुमार और मनोज कुमार रहे वहीं रोशनी, अनुराधा, ज्योति और सोमवीर बीआरपी भी मौजूद रहे।
इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 7 व 8 जनवरी को दो नये बैच ट्रेनिंग लेंगे वहीं 13 व 15 जनवरी को वे शिक्षक ट्रेनिंग लेेंगे जिनका निवासी तो यहां है किंतु नौकरी अन्य जिलों में कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन 10: एपएलएन में भाग लेते हुए शिक्षक
कनीना शहर पुलिस ने चलाया जन-जागरूकता अभियान
- साइबर अपराध, नशा मुक्ति और यातायात नियमों के प्रति नागरिकों को किया सचेत
*******************************************************
************************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। थाना शहर कनीना की पुलिस टीम द्वारा कस्बे में एक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उन्हें साइबर ठगी, नशाखोरी और यातायात नियमों की अनदेखी के प्रति विस्तार से जागरूक किया।
पुलिस टीम ने उपस्थित लोगों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों और उनसे बचाव के बारे में जानकारी दी। टीम ने डिजिटल अरेस्ट के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या पासवर्ड साझा न करें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें। पुलिस ने लाटरी लगने, बिजली का बिल भरने या केवाईसी अपडेट करने के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल से सावधान रहने की सलाह दी। साथ ही, यह भी बताया गया कि यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है, तो वे तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल करें।
साइबर सुरक्षा के साथ-साथ पुलिस ने नशे के खिलाफ भी जागरूक किया। पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के शरीर को बर्बाद करता है, बल्कि उसके परिवार और समाज की प्रतिष्ठा को भी धूमिल कर देता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करें। पुलिस ने लोगों से अपील की कि यदि कोई नशीले पदार्थों की बिक्री करता है, तो पुलिस को उसकी सूचना दें; सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
इसके अतिरिक्त, सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस टीम ने यातायात नियमों की पालना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, कार चालकों को सीट बेल्ट लगाने और तेज गति या लापरवाही से वाहन न चलाने की हिदायत दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यातायात नियम केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों की अपनी और दूसरों की जान की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। नाबालिग बच्चों को वाहन न देने की भी सख्त हिदायत दी गई।
फोटो कैप्शन 07: साइबर सुरक्षा की जानकारी देती पुलिस
दूसरे दिन भी खिली धूप
- कड़ाके की ठंड का कहर जारी, आग सेकते मिले लोग
*******************************************************
************************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में दूसरे दिन भी धूप खिली। तीन दिनों तक सूरज नहीं दिखाई दे रहा था या कभी कभार लुका छिपी करता नजर आता था किंतु रविवार के बाद सोमवार को भी धूप खिली जिससे राहत मिली। जहां गत दिनों हल्की बूंदाबांदी के बाद हालात ये बन गये कि धुंध और कोहरा थोड़ा बहुत कभी कभार दिखाई दिया। कड़ाके की ठंड जारी है। लोग घरों में छिपे हुए देखे गए या आग सकते देखे गए क्योंकि तीन दिनों के बाद सूरज के दर्शन हुये इसलिए सूरज की धूप सेकते हुए लोग नजर आए।
कनीना क्षेत्र में इस वक्त सरसों एवं गेहूं की बेहतर फसल खड़ी है जिसको ठंड का लाभ मिलने के आसार हैं। किसान खुश हैं।
फोटो कैप्शन 08: कनीना में आग सेकते लोग
होलिका दहन स्थल की सुरक्षा को लेकर दिया ज्ञापन
*******************************************************
************************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से सम्पन्न कराने को लेकर वार्ड एक के प्रतिनिधि एवं क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका कनीना के नगर अभियंता (एमई) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में होली वाले जोहड़ के पास निर्धारित होलिका दहन स्थल पर आवश्यक सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया कि होली पर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग एवं युवा होलिका माता की पूजा व परिक्रमा करते हैं। ऐसे में होलिका दहन स्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से सर्किल निर्माण, परिक्रमा हेतु पगडंडी तथा पगडंडी के बाहर ग्रिल लगाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था से बचा जा सके।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि वर्तमान में पर्याप्त व्यवस्थाएं न होने के कारण हर वर्ष असुविधा एवं दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। 03 मार्च को होली पर्व को देखते हुए समय रहते इन कार्यों को पूरा करना जरूरी है।
उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से मांग की कि होलिका दहन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कार्य शीघ्रातिशीघ्र करवाए जाएं। इस अवसर पर वार्ड पार्षद दीपक चौधरी, राकेश कुमार, योगेश कुमार पार्षद प्रतिनिधि मुकेश नंबरदार, देशराज, मनीष कुमार व गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 06: ज्ञापन देते कनीनावासी
हरियाणवी रागिनी गायकी का बादशाह है अमृत सिंह
-विशेष शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं
*******************************************************
************************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती यह कहावत सिद्ध करके दिखाई है कनीना के राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत विशेष शिक्षक अमृत सिंह राघव ने हरियाणवी रागिनी गायकों में एक नाम है। उनकी रागनी विशेष अवसर पर ध्यानपूर्वक सुनी जाती है। दिव्यांग विद्यार्थियों के शिक्षक के साथ ही रागनी गायकी में आनंद लेते हैं। शिक्षक अमृत सिंह ने बताया कि उनका जन्म राजस्थान की तहसील बहरोड़ के एक छोटे से गांव खोहर में पिता स्वर्गीय नरपाल सिंह व माता निर्मला देवी के घर हुआ। बचपन से ही अमृत सिंह प्रतिभा के धनी रहे हैं। केवल 14 साल की उम्र में गांव की रामलीला में अपने ताऊ हीरा सिंह के सानिध्य में रहकर लक्ष्मण का अभिनय किया ।लक्ष्मण के अभिनय के साथ-साथ अंगद ,मंदोदरी, केवट ,का भी समय-समय पर अभिनय किया। रामलीला क्लब में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी प्राप्त किया। रागिनी भजन गाने का शोक 14 साल की उम्र में लगा। जब गांव की सत्संग मंडली के साथ बाबा भगवान दास महाराज के मंदिर में जाते थे। तब गांव के कलाकार नत्थू सिंह, गणपत सिंह ,नरेश कुमार शर्मा ,सुभाष जांगिड़, आदि भजन गाते थे तब यह विचार किया कि कभी मैं भी कलाकार बनूंगा। यह आस लगाकर सर्वप्रथम नरेश कुमार शर्मा व गुरु मुकेश सिंह राघव व नरेंद्र सिंह मास्टर, के सानिध्य में ज्ञान लेकर राधा बन गई जिलाधीश भजन गाकर शुरुआत की फिर रागिनियों की तरफ रुख किया। पहली बार गांव में ही रात्रि में जयमल पत्ता के इतिहास की रागिनी गाकर गांव वालों का मन मोह लिया। उनके पिता स्वर्गीय नरपाल सिंह भी रागिनियों के बहुत शौकीन थे। वह अपने पिता के पास बैठकर रागिनी सुनते थे। पहली रागिनी के बाद मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद सन 2006 में अपनी पत्नी रविता के साथ कनीना में आकर यहां भी अपने प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्तमान में अमृत सिंह गढ़वा बैंजो के साथ-साथ पंडित लख्मीचंद, पंडित मांगेराम, के द्वारा रचित कविताएं गाकर लोगों के बीच विशेष अवसरों पर छठी की रात्रि में कुआं पूजन पर विवाह उत्सव रागिनी गाकर जनता का मन मोह लेते हैं। और ऊंची आवाज में किस्से सुनाते हैं। आज उनका नाम विशेष गायकों में है रागिनी गाकर कई सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। वर्तमान में वह अपनी पार्टी बना चुके हैं। गढ़वा बैंजो की पार्टी में हारमोनियम वादक मास्टर प्रदीप नांगल मोहनपुर, पवन उर्फ पम्मी नौताना,रमेश भोजावास, मोनू मटका वादक भोजावास, भागीरथ सहरावत चेलावास ,पुली झारोदा उनकी पार्टी उस्ताद के रूप में नरवीर निमोठ सहयोगी के रूप में काम करते हैं। अब उनके साथ उनका बेटा राहुल राघव भी रागिनी गाने लग गए हैं। इसी के साथ-साथ ही रागिनी गायक सुनील गामड़ी का भी बहुत सहयोग रहा है।
फोटो कैप्शन 01: रागिनी गाते हुए विशेष शिक्षक अमृत
खंड शिक्षा अधिकारी पहुंचे एनएसएस शिविर में
-समाज में स्वयंसेवकों की भूमिका पर दिया व्याख्यान
*******************************************************
************************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में एनएसएस के सात दिवसीय कैम्प के चतुर्थ दिन कैम्प में मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी कनीना एवं विशिष्ट अतिथि प्रमुख अधिवक्ता एवं समाजसेवी दीपक चौधरी के साथ पार्षद मनीष ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कैंपों में अनुशाषन विशेष स्थान रखता है। अनुशासन के बल पर ही स्वयंसवकों की पहचान बनती है। उन्होंने एनएसएस के महत्व और उनकी समझ में भूमिका के बारे में सभी स्वयंसेवकों को अवगत कराया और कहा कि स्वयं सेवक एक विचारधारा है जिसमें विद्यार्थी को पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करता है। इससे एक मजबूत राष्ट्र बनाने के लिए मजबूत व्यक्तित्व और सामाजिक गतिविधियों में चलना व समाज में राष्ट्र के प्रति अनेक अच्छे कार्य करना ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक का कार्य है। अपने जीवन में समाज सुधार के अनेक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की विचारधारा के साथ कैंप से प्रेरणा लेकर जाएं ।
उन्होंने अपने स्वयंसेवकों को शिविर के महत्व और उनकी समाज में भूमिका के बारे में अवगत कराया। इस दौरान विद्यालय स्टाफ की तरफ से प्रवक्ता रवि कुमार, एनएसएस प्रभारी डा. मुंशीराम प्रवक्ता गुरदीपसिंह, प्रवक्ता सुरेन्द्र मोरवाल एवं विशेष शिक्षक अमृत सिंह राघव मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 02: खंड शिक्षा अधिकारी एनएसएस शिविर में
आगमन वैदूर्य समारोह में सम्मानित किया गया डा. रामानंद यादव को
*******************************************************
************************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। कनीना के खंड शिक्षा अधिकारी रहे एवं रेवाड़ी से उप जिला शिक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त डिगरोता निवासी डा. रामानंद यादव को हिंदी भवन, आई टी ओ, नयी दिल्ली में 4 जनवरी 2026 को सम्पन्न हुए आगमन वैदूर्य काव्य प्रतियोगिता में सशक्त उपस्थिति एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया है।
यहां गौरतलब होगा कि इससे पहले भी डा. रामानंद यादव को अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं तथा अध्यापन के दौरान जहां प्रवक्ता नहीं होता था वहां स्वैच्छिक रूप से अंग्रेजी विषय को पढ़ाते थे। उन्होंने आकाशवाणी पर भी अनेक कार्यक्रमों में प्रतिभागिता की। उनके हिंदी भवन नई दिल्ली में सम्मानित होने पर सभी ने खुशी जाहिर की है।
फोटो कैप्शन 03: डा. रामानंद यादव का सम्मानित करते हुए
आनलाइन अपराधों के प्रति किया सचेत
-साइबर क्राइम से बचने के बताये गुर
*******************************************************
************************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेवल में चल रहे सात दिवसीय विशेष कैंप के पांचवें दिन एनएसएस प्रभारी विक्रांत सेन प्रवक्ता भौतिक विज्ञान ने स्वयंसेवकों को जीवन में हो रहे आनलाइन अपराधों के प्रति सचेत रहने के लिए प्रेरित किया। एनएसएस प्रभारी ने स्वयंसेवकों को साइबर क्राइम के बारे में समझाते हुए कहा कि वह किसी प्रकार के लुभावने संदेश,अनजान फोन काल के बहकावे में आकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा ना करें व किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक करते समय सावधानी बरते। स्वयंसेवकों को डिजिटल अरेस्ट व साइबर सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई व नशे से दूर रहने का आह्वान किया। यदि वो किसी कारण से आनलाइन फ्राड के शिकार हो जाते हैं तो टोल फ्री नंबर 1930 पर इसकी शिकायत दर्ज करवाए व नजदीकी पुलिस स्टेशन पर रिपोर्ट दे । इसके बाद स्वयंसेवकों ने विद्यालय के मुख्य द्वार के आस पास की सफाई की तथा पेड़ पौधों की कटिंग करके उनमें पानी डाला। इस अवसर पर धर्मपाल लैब अटेंडेंट , तेजपाल व अलका आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए
एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककराला में पीटीएम का हुआ आयोजन
*******************************************************
************************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककराला में अध्यापक-अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें 862 अभिभावकों की उपस्थिति उनके उत्साह, छात्रों के प्रति अपनी जिम्मेदारी अध्यापक-अभिभावकों की बैठक के महत्व को दर्शाता है। सभी अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन व सभी संबंधित अध्यापकों के साथ अध्ययन संबंधी समस्याओं के समाधान और शैक्षिक उपलब्धियों के साथ-साथ अन्य गतिविधियों व विषयों पर अपने बच्चों के भविष्य हेतु विचार-विमर्श किया। अभिभावकों ने अध्यापकों के अथक प्रयास की सराहना की। नई शिक्षा नीति व आधुनिक तकनीकों के अंतर्गत शिक्षा प्रदान करवाने के तरीकों को श्रेष्ठ बताया और संतुष्टी प्रकट की। सभी अभिभावकों ने अपने बच्चों के व्यवहार, समय-सारिणी, रुचि, अभिरुचि व दिनचर्या आदि से संबंधित पहलुओं से अध्यापकों व प्रबंधन समिति को अवगत कराया। बच्चों की रिपोर्ट लेने में अभिभावकों ने काफी रुचि दिखाई।
विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने बताया कि हम अपने आपको गौरवशाली समझते हैं कि हमारे अभिभावक इतने सजग व जागरूक हैं कि शिक्षक-अभिभावक बैठक के महत्व को समझते हुए विद्यार्थी के भविष्य निर्माण में प्रबंधन समिति व अध्यापकों के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस बैठक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि यह बैठक शैक्षिक जानकारी के साथ-साथ छात्र की रुचियों उनकी सामथ्र्यता और सम्पूर्ण व्यवहार से संबंधित बातों के आदान-प्रदान के लिए आयोजित की जाती है। शिक्षक अभिभावक का विचार-विमर्श विद्यार्थी के जीवन को नई दिशा प्रदान करता है।
फोटो कैप्शन 05: पीटीएम का नजारा
प्राचार्य कुतरूं के कारनामे, इसी ब्लाग पर 14 जनवरी से
-पढ़ते रहिये कनीना की आवाज
साल में एक विज्ञापन भी नहीं दिया
-वो मेरे पास प्रकाशन हेतु न भेजे समाचार
















No comments:
Post a Comment