Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Monday, February 26, 2024


 


राष्ट्रीय एनजीओ दिवस-27 फरवरी
एनजीओ का समाज में होता है अहं योगदान
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कनीना की आवाज। दुनिया भर में गैर-सरकारी संगठनों के बेहतरीन योगदान के विषय में जागरूकता फैलाने और सार्वजनिक एवं निजी दोनों क्षेत्रों में सामाजिक कार्यकत्र्ताओं के अथक प्रयासों का सम्मान करने हेतु इस दिवस की कल्पना की गई थी। भारत में कुल 187,395 पंजीकृत एनजीओ हैं। इस संबंध में एनजीओ के काय्रकर्ताओं से बात की गई।
बीएमडी फाउंडेशन द्वारा समाज सेवा के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में बहुत योगदान दिया जा रहा हैं। फाउंडेशन द्वारा अब तक 40 से ज्यादा रक्त दान शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। जिससे जरुरतमंद व्यक्तियों को रक्त उपलब्ध होने से जीवन दान मिलता हैं। नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर के आयोजन से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा हुई हैं। लोगों को अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने में बहुत सहायता मिली हैं। लगभग 30 से ज्यादा नि:शुल्क योगा कैम्प का आयोजन कर लोगों को योगा करने एवं योगा को जीवन में ढालने के लिए प्रेरित किया जा चुका हैं । व्यक्ति का जब स्वास्थ्य होगा तो उसका जीवन भी बहुत अच्छा गुजरता हैं। साथ-साथ सामाजिक चेतना के कार्यक्रमों में भी ग्रामीण स्तर पर योगदान दिया जा रहा हैं।
--कुलदीप यादव, बीएमडी फाउंडेशन एनजीअओ
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बीएमडी फाउंडेशन महिलाओं को व्यवसायिक प्रशिक्षण के प्रति जागरूक कर नि:शुल्क सिलाई केंद्र चलवाकर जरूरतमंद महिलाओं की आजीविका के लिए भी कार्य कर रही हैं। कैम्पेन कल्पना मिशन के तहत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं पर भी आज की युवा पीढ़ी को जागरूक कर रही हैं ,इस मुहीम से समाज में बेटियों के प्रति सम्मान भी बढ़ता नजर आ रहा हैं। इस कैंपेन कल्पना मिशन में नवजात पेटी के कुआं पूजन पर परिवार को सम्मानित भी किया जाता है । इस मिशन के फलस्वरूप लिंगानुपात में भी बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला । साथ ही उन परिवारों को बेटियों को शिक्षा दिलाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। बीएमडी फाउंडेशन ने देश के सामने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौरान लाकडाउन की स्थिति में भी कपड़े के मास्क सिलकर नि:शुल्क वितरण कर समाजसेवा एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट भी उदाहरण पेश किया था।
--एडवोकेट रेखा यादव, बीएमडी फाउंडेशन एनजरओ सदस्य
फोटो कैप्शन: रेखा एवं कुलदीप





शराब पीते हुए मोटरसाइकिल पर लगा रहा था चक्कर मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना बस स्टैंड के पास शराब का अध्धा अपने हाथ में लेकर व्यक्ति मोटरसाइकिल पर सवार होकर चक्कर लगा रहा था जिसके चलते कनीना पुलिस ने उसके विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया। व्यक्ति का नाम हंसराज कनीना वासी है। साथ में कनीना पुलिस ने उसका कनीना अस्पताल से मेडिकल परीक्षण करवा दिया है।






पेंटिंग प्रतियोगिता छात्रा वेदिका ने पाया नाम
-अव्वल हुये पुरस्कृत
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कनीना की आवाज। इंडिया अमेरिका फाउंडेशन व आईबीएम के तत्वावधान में राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना में एक पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य अध्यापक नरेश कुमार कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा तथा वित्तीय जागरूकता के बारे में अपने को सचेत करना होगा तथा अपने परिवारजनों में  व आसपास के लोगों को भी जागरूक बनाना होगा तभी सही मायने में एक सभ्य और जागरूक समाज बन सकता है। उन्होंने कहा कि आज चारों तरफ प्रदूषित वातावरण तथा साइबर अटैक समाज में भय का माहौल पैदा कर रहे हैं सूझबूझ के साथ विद्यार्थी अपने आसपास के वातावरण को सुरक्षित व सुखमय  बने यही विद्यार्थियों का पहला कर्तव्य है। फाउंडेशन की प्रभारी प्रतीक्षा यादव ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों को सचेत व संवेदनशील बनाना हमारा प्रथम कर्तव्य है इसीलिए विद्यार्थियों की भावनाओं को पेंटिंग के माध्यम से उजागर करना संस्था का मुख्य लक्ष्य है।
 इस अवसर पर एक पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें प्रथम स्थान सातवीं कक्षा की छात्रा वेदिका को मिला दूसरा स्थान स्थान इशिका को मिला तथा तीसरा स्थान नौवीं कक्षा की छात्रा दीक्षा को मिला को मिला विजेता छात्रों को संस्था की तरफ से स्मृति चिन्ह व पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्य अध्यापक देशराज यादव कोटिया, संदीप कुमार, राकेश कुमार डीपी, कश्मीरी, निर्मल, राजबाला, रूबी यादव, एसएमसी प्रधान सावित्री देवी, आरती देवी, रिंकी यादव, शालिनी प्रधान,सुभाष चंद्र वर्मा, सहायक बाबूलाल यादव सहित अनेक लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 05: अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए मुख्याध्यापक एवं अन्य।






राष्ट्रीय प्राटीन दिवस-27 फरवरी
 शरीर की कार्यप्रणाली और मांसपेशियों की मजबूती के लिए प्रोटीन आवश्यक -डा विनय
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कनीना की आवाज। शरीर की आंतरिक कार्यप्रणाली और मांसपेशियों की मजबूती के लिए संतुलित मात्रा में प्रोटीन आवश्यक है। प्रोटीन का हमारे जीवन में अहम योगदान होता है। दाल प्रोटीन का बेहतर स्रोत है। यहां तक की शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन दाल से प्राप्त होती है। यहां तक कि कुछ लोग दूध पीते हैं तो दूध से भी प्राप्त होती है। यदि प्रोटीन न मिले तो हमारा शरीर रोगग्रस्त हो जाता है।
 डाक्टर विनय कुमार ने बताया कि प्रोटीन बालों, आंखों और शरीर के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए प्रोटीन नियमित रूप से लेना चाहिए और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है दाल। यदि हम दाल हमारे खाने में शामिल कर ले तो शरीर के कई रोगों से बचा जा सकेगा।
डा शर्मा अनुसार दालें खाने बतौर जल्दी पक जाती हैं और इनमें ग्लूटेन नहीं होता। दालें आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं क्योंकि इनमें प्रोटीन और फाइबर की मात्रा अधिक होती है। वे हृदय, पाचन तंत्र और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाते हैं।
प्रोटीन का उपयोग विभिन्न प्रकार के पारंपरिक भारतीय व्यंजनों में किया जाता है शाकाहारियों को अपनी प्रोटीन की बहुत सी जरूरतें दालें खाकर पूरी हो सकती हैं। दाल रक्तचाप कम करती हैं, हृदय रोग कम करती हैं,इनमें शामिल अघुलनशील आहार फाइबर की मदद से कब्ज और अन्य पाचन रोगों जैसे चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम से बचा जा सकता है। इनके फाइबर के कारण, वे निरंतर ऊर्जा प्रदान करते हैं। दाल में मौजूद आयरन पूरे शरीर में आक्सीजन पहुंचाने और ऊर्जा के निर्माण के लिए आवश्यक है। शरीर की चर्बी कम करने, रक्त शर्करा स्थिरता में सुधार करती हैं। ऐसे में दालों का अहं योगदान होता है। जो लोग मांस नहीं खाते एवं दूध नहीं पीते उनके लिए दालों का अहं योगदान होता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से प्रोटीन ले।
फोटो कैप्शन-डा. विनय







महाशिवरात्रि मेला -8 मार्च
कावडिय़ें हरिद्वार से चल दिये हैं बाघेश्वरधाम पर कावड़ अर्पित करने को
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव बाघोत पर 08 मार्च को महाशिवरात्रि मेला लगेगा। वर्ष में दो बार मेला लगता है। बाघोत जिसे बाघेश्वर धाम नाम से पूरे भारत में जाना जाता है,का पौराणिक महत्व एवं अपने अंदर इतिहास समेटे हुए है। महाशिवरात्रि पर कांवड़ कम अर्पित की जाती हैं।
इतिहास-
 बाघोत का पुराना नाम हरयेक वन था। यहां दधि ऋषि के पुत्र पीपलाद ने भी तप किया। उनका आश्रम भी तो यहीं था। किंवदंती अनुसार उनके कुल में राजा दलीप के कोई संतान नहीं थी। वे दु:खी थे और दुखी मन से अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास गए। उन्होंने अपना पूरा दु:ख का वृतांत मुनिवर को सुनाया। वशिष्ठ ने उन्हें पीपलाद ऋषि के आश्रम में नंदिनी नामक गाय एवं कपिला नाम की बछिया निराहार रहकर चराने का आदेश दे दिया। राजा ने गाय व बछिया को निराहार रहकर चराते वक्त एक दिन भगवान् भोलेनाथ ने बाघ का रूप बनाकर राजा की परीक्षा लेने का निर्णय लिया। बाघ ने बछिया पर धावा बोल दिया। गाय को बचाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने को राजा तैयार हुए। परंतु जब वे ऐसा करने लगे तो  बाघ के स्थान पर शिवभोले खड़े थे। बाघ के कारण ही गांव का नाम बाघोत पड़ा जो आज बाघेश्वर धाम नाम से जाना जाता है।
बाघोत स्थित शिवालय का निर्माण कणाणा के राजा कल्याण सिंह रैबारी ने करवाया था। स्वयंभू शिवलिंग पर शिवालय का निर्माण करवाया। स्वयं गंगाजल लाकर शिवलिंग का अभिषेक किया।  
   बाघोत स्थित शिवालय उन भक्तों के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है जिनके कोई संतान नहीं होती है। मेले में आकर दंपति अपने हाथों से एक विशाल वटवृक्ष को कच्चा धागा बांधकर सुंदर संतान होने की कामना करता है। जब संतान हो जाती है तो यहां आकर ही धागा खोलता है। यही कारण है कि शिवलिंग के पास ही खड़ा एक वटवृक्ष कच्चे धागों से लदा मिलता है। हरियाणा सरकार की पुस्तकों में भी बाघोत का छोटा उल्लेख है वहीं लेखक एचएस यादव की कृति में संपूर्ण इतिहास दिया गया है। बाघोत के शिवालय का शिवलिंग स्वयंभू होने के कारण यहां अपार भीड़ भक्तों की वर्षभर चलती है। छोटा सा गांव है किंतु ठहरने के लिए अनेक धर्मशालाएं हैं। प्राकृतिक शिवलिंग के भक्त दर्शन कर प्रसन्न हो जाते हैं।
महाशिवरात्रि-
  इस दिन अमरनाथ गुफा में भोलेनाथ ने पार्वती को अमर कथा सुनाई थी किंतु पार्वती को नींद आ गई और कबूतरों ने इसे सुन लिया और वे इंसान जैसी आवाज में हुंकारें भरते रहे किंतु बाद में शिवभोले को पता चला तो कबूतरों को मारना चाहा किंतु वे अमर हो चुके थे। ये कबूतर अमरनाथ गुफा में दिखाई पड़ते हैं।
क्या कहते हैं भक्त-
45 कांवड़ चढ़ाने वाले 60 वर्षीय सुमेर सिंह का कहना है कि उनके पूर्वज कभी से यहां मेले में जाते रहे हें तथा कांवड़ भी अर्पित करते रहे हैं। वर्षभर छोटे छोटे मेले सोमवार को लगते रहते हैं। यह ऐतिहासिक शिवालय है। यहां का स्वयंभू शिवलिंग है।
भरपूर सिंह 14 कांवड़ अर्पित कर चुके हैं और कनीना में शिवालय का निर्माण करवाया है। उनका कहना है महाशिवरात्रि पर जन मेले में अपार भीड़ जुटती है जबकि गर्मियों में यहां कांवड़ मेला मन को हर्षाता है। अपार भक्ति का केंद्र बाघोत हैं।
कावडिय़े रवाना--
बाघेश्वर धाम मंदिर समिति प्रमुख सदस्य महीपाल नंबरदार बागोत ने बताया  8 मार्च महाशिवरात्री पर्व पर हर साल की तरह बाघेश्वर धाम के मठाधीश महंत रोशन पुरी महाराज ने हर हर महादेव के जयकारे के साथ हरिद्वार हरकी पौड़ी  से कावडिय़ों को रवाना किया। ये आठ मार्च को बाघोत पर कांवड़ अर्पित करेंगे।
इस अवसर पर पैदल कांवड़ यात्रा संघ गंगानगर के प्रधान नरेश लीला, संयम गोयल, मुन्ना लीला,पवन गोयल, शुभम लीला, भूपेंद्र शर्मा व महादेव कावड़ संघ, बाघेश्वर धाम से मोनी बाबा प्रदीप पुरी महाराज, सुंदर पुरी महाराज,  विनोद मास्टर ,नरेंद्र पंच, राजेश पहलवान, संतोष पहलवान, मास्टर राजकुमार, हिरालाल, सुनील मिस्त्री आजाद शर्मा आदि सकड़ों कावडिय़े रवाना हो चुके हैं।
फोटो कैप्शन 03: कांवड़ लेकर बाघोत के लिए रवाना होते भक्त।
फोटो कैप्शन 04: बाघेश्वर धाम बाघोत
साथ में सुमेर सिंह एवं भपूर सिंह भक्त









हर हर महादेव के जयकारे के साथ, कट को लेकर  किसानों का 351वें दिन जारी रहा धरना
-अनिश्चितकालीन धरने पर हैं किसान
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए अनिश्चितकालीन धरना जारी है। धरने की अध्यक्षता सूबेदार हेमराज अत्रि बाघोत ने की और उन्होंने बताया कि बाघेश्वर धाम बाघोत में बाबा शिव भोले का पुराना मंदिर है। साल में दो बार मेला भरता है, लाखों की संख्या में श्रद्धालु देश और विदेशों से बाबा शिव भोले के दर्शन करने के लिए बाघेश्वर धाम पहुंचते हैं। अब आठ मार्च को भी महाशिवरात्रि का मेला है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर चढऩे और उतरने का मार्ग बनने से किसान चैन  की सांस ले सकेंगे।
 धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन ने बताया कि हम हर परेशानी का सामना करने के लिए तैयार हैं। जब तक राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच  कट का काम शुरू नहीं होता है तब तक हमारा धरना जारी रहेगा।
इस मौके पर डा. लक्ष्मण सिंह, नरेंद्र कुमार शास्त्री, पहलवान रणधीर सिंह, मास्टर विजयपाल, ठेकेदार शेर सिंह,रामकिशन, दाताराम, चेयरमैन सतपाल, प्रधान कृष्ण कुमार,अशोक चौहान, रामकुमार, सीताराम, करतार,  मास्टर विजय सिंह, , पूर्व सरपंच बेड़ा सिंह,  बाबूलाल, पहलवान धर्मपाल, सब इंस्पेक्टर रामकुमार,  सुरेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार पंच, इंस्पेक्टर सतनारायण,  वेद प्रकाश,   ओमप्रकाश, डा राम भक्त,  रोशन लाल आर्य व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 02: कट के लिए धरने पर बैठे किसान।





परीक्षा की तैयारी के लिए सुनियोजित रणनीति होना जरूरी-प्राचार्य
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कनीना की आवाज। दसवीं एवं 12वीं की परीक्षाएं 27 फरवरी से शरू हो रही हैं तथा विद्यार्थी दिन रात परीक्षाओं की तैयारियों में लगे हुए हैं। वे अच्छी तैयारी कैसे करें इसके शिक्षाविद उनको राय दे रहे हैं।
प्राचार्य बृजेशचंद्र शर्मा का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण और एक सुनियोजित रणनीति होना जरूरी है। पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न को समझकर प्रारंभ करें, जिससे आपको स्पष्ट पता चल जाएगा कि किस विषय को कवर करना है और किस प्रकार के प्रश्नों की अपेक्षा की जानी चाहिए। इस जानकारी का उपयोग अध्ययन कार्यक्रम बनाने, प्रत्येक विषय के लिए पर्याप्त समय आवंटित करने और महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता देने के लिए किया जा सकता है। विषयों की अपनी समझ को गहरा करने के लिए, अपनी पाठ्यपुस्तकों और कक्षा के नोट्स के साथ-साथ अन्य अध्ययन सामग्री का उपयोग करें। पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करने और मॉक टेस्ट लेने से आपको अपनी ताकत और कमजोरियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है, साथ ही आपको परीक्षा के दिन किस प्रकार के प्रश्नों का सामना करना पड़ सकता है, इसका अंदाजा भी हो सकता है। नियमित ब्रेक और शारीरिक गतिविधियां आपके दिमाग को तरोताजा करने और आपको ऊर्जावान बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। आपके मन में जो भी शंकाएँ हों उन्हें दूर करना और अपने शिक्षकों और सहपाठियों से प्रश्न पूछना भी महत्वपूर्ण है। परीक्षा के दिन, अपने समय का कुशलता से प्रबंधन करें और केवल उन प्रश्नों का प्रयास करें जिन्हें आप जानते हैं। यदि आपके सामने कोई ऐसा प्रश्न आता है जिसका उत्तर आपको नहीं पता है, तो घबराएं नहीं। अगले पर जाएं और इसका प्रयास करें। पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा समय वह होता है जब आप सबसे अधिक सतर्क और केंद्रित होते हैं। अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना महत्वपूर्ण है। पर्याप्त नींद लें, पौष्टिक भोजन करें और तनावमुक्त रहने की कोशिश करें। एक शांत दिमाग और एक स्वस्थ शरीर आपको परीक्षा के दिन बेहतर प्रदर्शन करने में मदद कर सकता है।
फोटो कैप्शन: बृजेशचंद्र प्राचार्य।





हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं 27 मार्च से
-सोमवार को पहुंचें  केंद्र अधीक्षक केंद्रों पर
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कनीना की आवाज। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 27 मार्च से शुरू होंगी। इसके लिए केंद्र अधीक्षकों की तैनाती कर दी गई है तथा सोमवार को परीक्षा केंद्रों पर केंद्र अधीक्षक पहुंच 3, द्दस्ड्ड(
 हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी दसवीं की डेट शीट के अनुसार 27 फरवरी पंजाबीआईटी/आईटीएस/ संस्कृत व्याकरण आदि की परीक्षाएं होगी। तत्पश्चात 2 मार्च को हिंदी, 5 मार्च को संस्कृत/उर्दू /ड्राइंग/ कृषि/कंप्यूटर साइंस/होम साइंस/डांस/पशुपालन संगीत/फिजिकल और हेल्थ एजुकेशन आदि की परीक्षाएं होंगी। 7 मार्च को अंग्रेजी 12 मार्च को गणित, 15 मार्च को एनएसक्यूएफ के तहत पडऩे वाले रिटेल/आईटी/ आईटीएस/बैंकिंग की परीक्षाएं होंगी। तत्पश्चात 19 मार्च को विज्ञान और 26 मार्च को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी। इस प्रकार दसवीं की परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू कर 26 मार्च तक चलेंगी। परीक्षाओं का समय दोपहर  12:30 बजे से शाम 3 बजे का होगा।
उधर 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 27 मार्च को कंप्यूटर विज्ञान की परीक्षा होगी जबकि 28 फरवरी को एनएसक्यूएफ की परीक्षा होगी जिसमें इसमें कई विषय जैसे आईटी/आईटीइएस/ /कृषि/ मीडिया बैंकिंग आदि शामिल किए गए हैं। 1 मार्च को संस्कृत/उर्दू/ बायोटेक्नोलाजी, 4 मार्च को रसायन शास्त्र अकाउंटेंसी/पब्लिक एडम की परीक्षा होगी। 5 मार्च को कृषि/फिलासफी आदि की परीक्षा होगी, 6 मार्च को हिंदी को हिंदी इलेक्टिव आदि की परीक्षा होगी, 11 मार्च को भौतिक शास्त्र /अर्थं शास्त्र की परीक्षा जबकि 13 मार्च को राजनीति शास्त्र्र, 14 मार्च को गृह विज्ञान, 16 मार्च को पंजाबी/संस्कृतसाहित्यआदि की परीक्षा होगी, 18 मार्च को ज्योग्राफी की परीक्षा होगी, 20 मार्च को फिजिकल एजुकेशन, 22 मार्च को इंग्लिश कौर की परीक्षा होगी, 27 मार्च गणित, 28 मार्च समाजशास्त्र, 29 मार्च संगीत, 30 मार्च फाइन आर्ट, एक अप्रैल इतिहास/जीव विज्ञान 2 अप्रैल मिलिट्री साइंस/नृत्य/साइकोलाजी की परीक्षाएं होंगी। इस प्रकार 12वीं की परीक्षाएं भी दोपहर 12:30 से 3 बजे तक चलेंगे और 2 अप्रैल को संपन्न होगी।
जिला महेंद्रगढ़ में बनाए गए हैं 55 परीक्षा केंद्र -
मिली जानकारी अनुसार कनीना सब डिवीजन में 9, महेंद्रगढ़ सब डिवीजन में 16 तथा नारनौल सब डिवीजन में 30 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कनीना सब डिवीजन में बवानिया, बेवल, भोजावास, दौंगड़ा अहीर ,ककराला, कनीना मंडी, खेड़ी तलवाना, पोता और सेहलंग परीक्षा केंद्र है जबकि महेंद्रगढ़ सब डिवीजन में आकोदा, बसई, बेरी, डिगरोता, डुलाना, खुडाना, महेंद्रगढ़ शहर में तीन तीन परीक्षा केंद्र, साथ में नंगल सिरोही, नावां, पाली, पथरवा तथा सतनाली में दो परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसी प्रकार नारनौल सब डिवीजन में अटेली मंडी, बाछोद, भुंगारका, बिहाली, बोचडिय़ा, बूढवाल, गावड़ी जाट, जैलाफ, कांटी, कोरियावास, कृष्ण नगर, कमानिया, नारनौल शहर में 6 परीक्षा केंद्र साथ में नांगल चौधरी में तीन परीक्षा केंद्र, नांगल दर्गु, निवाजनगर, निजामपुर, शेका, सहबाजपुर, सीहमा, सिलारपुर और सिरोही बहाली परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।



हवन आयोजित, दी पूर्ण आहुति

















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कनीना की आवाज। आर्य समाज मंदिर कनीना मे साप्ताहिक यज्ञ हवन का आयोजन किया गया। इस मौके पर मोहन मनीषी सारस्वत ने हवन का महत्व समझाया। उन्होंने घर पर भी छोटे हवन प्रतिदिन करने की सलाह दी। इस अवसर पर मोहन मनीषी सारस्वत, मोहर सिंह आर्य, बहन सरला लता आर्या, मनफूल सिंह आर्य, प्रेम कुमार, राजेश आर्य, ओमप्रकाश आर्य, मास्टर रविंद्र आर्य  सहित विभिन्न आर्य उपस्थित हुए।
फोटो कैप्शन 01: हवन करते हुए आर्य समाजी।

 


सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौत

--पुलिस मामले की जांच में जुटी
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कनीना की आवाज।
करीरा से कोटिया जाने वाले लिंक मार्ग पर सोमवार को सड़क हादसे में एक महिला व एक युवक की मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। सोमवार को दोपहर में करीरा से कोटिया जाने वाले लिंक मार्ग पर एक बाइक पेड़ से टकरा गई। बाइक पर सवार महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे उपचार के लिए कनीना अस्पताल लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद घायल की गंभीर स्थिति के चलते उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। उपचार के लिए हायर सेंटर ले जाते समय रास्ते में ही घायल युवक ने दम तोड़ दिया। अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार भडफ़ निवासी ममता व धनिया निवासी जयकिशन सड़क हादसे में घायल हो गए थे। ममता की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं घायल जयकिशन को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया था। जिसकी भी रास्ते में ही मौत हो गई है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस कार्रवाई में जुटी हुई थी।

Sunday, February 25, 2024


 
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं 27 मार्च से
-सोमवार को पहुंचेंगे केंद्र अधीक्षक केंद्रों पर
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कनीना की आवाज। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 27 मार्च से शुरू होंगी। इसके लिए केंद्र अधीक्षकों की तैनाती कर दी गई है तथा सोमवार को परीक्षा केंद्रों पर केंद्र अधीक्षक पहुंचेंगे।
 हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी दसवीं की डेट शीट के अनुसार 27 फरवरी पंजाबीआईटी/आईटीएस/ संस्कृत व्याकरण आदि की परीक्षाएं होगी। तत्पश्चात 2 मार्च को हिंदी, 5 मार्च को संस्कृत/उर्दू /ड्राइंग/ कृषि/कंप्यूटर साइंस/होम साइंस/डांस/पशुपालन संगीत/फिजिकल और हेल्थ एजुकेशन आदि की परीक्षाएं होंगी। 7 मार्च को अंग्रेजी 12 मार्च को गणित, 15 मार्च को एनएसक्यूएफ के तहत पडऩे वाले रिटेल/आईटी/ आईटीएस/बैंकिंग की परीक्षाएं होंगी। तत्पश्चात 19 मार्च को विज्ञान और 26 मार्च को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी। इस प्रकार दसवीं की परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू कर 26 मार्च तक चलेंगी। परीक्षाओं का समय दोपहर  12:30 बजे से शाम 3 बजे का होगा।
उधर 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 27 मार्च को कंप्यूटर विज्ञान की परीक्षा होगी जबकि 28 फरवरी को एनएसक्यूएफ की परीक्षा होगी जिसमें इसमें कई विषय जैसे आईटी/आईटीइएस/ /कृषि/ मीडिया बैंकिंग आदि शामिल किए गए हैं। 1 मार्च को संस्कृत/उर्दू/ बायोटेक्नोलाजी, 4 मार्च को रसायन शास्त्र अकाउंटेंसी/पब्लिक एडम की परीक्षा होगी। 5 मार्च को कृषि/फिलासफी आदि की परीक्षा होगी, 6 मार्च को हिंदी को हिंदी इलेक्टिव आदि की परीक्षा होगी, 11 मार्च को भौतिक शास्त्र /अथ शास्त्र की परीक्षा जबकि 13 मार्च को राजनीति शास्त्र्र, 14 मार्च को गृह विज्ञान, 16 मार्च को पंजाबी/संस्कृतसाहित्यआदि की परीक्षा होगी, 18 मार्च को ज्योग्राफी की परीक्षा होगी, 20 मार्च को फिजिकल एजुकेशन, 22 मार्च को इंग्लिश कौर की परीक्षा होगी, 27 मार्च गणित, 28 मार्च समाजशास्त्र, 29 मार्च संगीत, 30 मार्च फाइन आर्ट, एक अप्रैल इतिहास/जीव विज्ञान 2 अप्रैल मिलिट्री साइंस/नृत्य/साइकोलाजी की परीक्षाएं होंगी। इस प्रकार 12वीं की परीक्षाएं भी दोपहर 12:30 से 3 बजे तक चलेंगे और 2 अप्रैल को संपन्न होगी।
जिला महेंद्रगढ़ में बनाए गए हैं 55 परीक्षा केंद्र -
मिली जानकारी अनुसार कनीना सब डिवीजन में 9, महेंद्रगढ़ सब डिवीजन में 16 तथा नारनौल सब डिवीजन में 30 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कनीना सब डिवीजन में बवानिया, बेवल, भोजावास, दौंगड़ा अहीर ,ककराला, कनीना मंडी, खेड़ी तलवाना, पोता और सेहलंग परीक्षा केंद्र है जबकि महेंद्रगढ़ सब डिवीजन में आकोदा, बसई, बेरी, डिगरोता, डुलना, खुडाना, महेंद्रगढ़ शहर में तीन तीन परीक्षा केंद्र, साथ में नंगल सिरोही, नावां, पाली, पथरवा तथा सतनाली में दो परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसी प्रकार नारनौल सब डिवीजन में अटेली मंडी, बाछोद, भुंगारका, बिहाली, बोचडिय़ा, बूढवाल, गावड़ी जाट, जैलाफ, कांटी, कोरियावास, कृष्ण नगर, कमानिया, नारनौल शहर में 6 परीक्षा केंद्र साथ में नांगल चौधरी में तीन परीक्षा केंद्र, नांगल दर्गु, निवाजनगर, निजामपुर, शेका, सहबाजपुर, सीहमा, सिलारपुर और सिरोही बहाली परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।







समाजसेवी सोमदत जांगड़ा की मां का निधन
-कनीना में किया अंतिम संस्कार
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कनीना की आवाज। समाजसेवी सोमदत जांगड़ा की मां मिश्री देवी का निधन हो गया वे करीब 91 वर्ष की थी। उनका अंतिम संस्कार कनीना में किया गया। मिश्री देवी धर्म पत्नी रूस्व. खुबाराम जांगडा उज्ज्वल कर्म और निर्मल वाणी की धनी थी।  जिनके चार बेटे ओमप्रकाश, बनवारीलाल , विजयपाल उर्फ बुधराम, सोमदत्त जांगडा व दो बेटियां है। उन्हें मांदीवाला परिवार नाम से भी जाना जाता है।
 फोटो कैप्शन: मिश्री देवी







होली का गाड़ा डांडा
डांडा गाडऩे के पीछे है फसल पैदावार का पूर्व अनुमान
-होली पर्व को लेकर तैयारियां शुरू

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कनीना की आवाज।
होलिका दहन की ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। वैसे तो माघी पूर्णिमा को ही होली का डांडा गाडऩे का रिवाज है जबकि कनीना में होलिका दहन 24 मार्च होगा और होली का डांडा माघ शुक्ल पूर्णिमा को शनिवार होने के कारण रविवार को गाडऩा पड़ा।
  डांडा गाडऩे का अर्थ सीधे शब्दों में बताते हुए  बाबू वेदप्रकाश चौधरी बताते हैं कि विधि विधान से जल का घड़ा भूमि में दबाकर ईंधन डाल देते हैं जिसके बाद गांव में कोई पर्व नहीं मनाते जब तक कि होलिका दहन का काम पूर्ण न हो जाये। कुछ जगह सवा माह पहले तो कुछ जगह एक माह पूर्व ही डांडा गाडऩे का रिवाज है।
कहां गाड़ा जाता है डांडा-
कनीना में वर्षों से होलिका दहन रेवाड़ी रोड़ के पास एक जोहड़ के किनारे संपन्न होता है जिसे होलीवाला जोहड़ कहा जाता है। होली से एक माह पूर्व एक घड़े में पानी भरकर अच्छी तरह ढककर होलिका दहन स्थल पर गाड़ दिया जाता है जिसे होली का डांडा नाम से जाना जाता है।
सूबे सिंह, राव मोहर सिंह, राजेंद्र सिंह, पंकज एडवोकेट आदि बताते हैं कि डांडा गाडऩे के बाद बहुएं अपने ससुराल को नहीं छोड़ती उनके लिए मायके जाना भी अशुभ माना जाता है। तत्पश्चात डांडे पर ईंधन उपले व गोबर के बने हुए ढाल व तलवार कस्बावासी मिलकर डालते हैं।
होलिका दहन के बाद, एक निश्चित गहराई पर गाड़ी गए जल के घड़े को निकाला जाता है और इस में जल की मात्रा को देखा जाता है। यदि घड़ा जल से पूरा भरा मिलता है तो इसे बेहतर पैदावार होने की उम्मीद जताई जाती है जबकि घड़े में जितना पानी कम होता जाता उतनी फसल पैदावार कम मानी जाती है। सैकड़ों वर्षों से यही रिवाज चला रहा है। होलिका दहन स्थल पर यह प्रथा विधि विधान से पूर्ण की जाती है। जहां पकी हुई बालियों को होली में भूलकर लावणी शुरू करने की प्रथा है वही पानी की मात्रा देखकर पैदावार का पता लगाते हैं।
***उनके पूर्वजों से यही प्रथा चली आ रही है। पानी के घड़े को भूमि में दबाया जाता है और उस पर एक माह तक ईंधन डालकर होलिका दहन किया जाता है। जब होलिका दहन पूर्ण हो जाता है अगले दिन इसे निकालकर पानी की मात्रा देखी जाती है जिसे फसल पैदावार अर्थात शामत का अनुमान लगाते हैं। पुराने समय में किसानों के पास यही आधार था जिससे फसल पैदावार का अनुमान लगाते थे।
--कृष्ण कुमार कनीनावासी
 यह रिवाज उनके पूर्वजों से सुनते आ रहे हैं। उनका कहना है कि विज्ञान बेशक इसे न माने परंतु घड़े का पानी जितना काम होता है उतनी फसल पैदावार कम होती है। यह कनीना के होली वाला जोहड़ पर पूर्वजों से चला आ रहा एक रिवाज है।
---एडवोकेट पंकज यादव
 फोटो कैप्शन 04: डांडा गाडऩे का रिवाज पूर्ण करते हुए
साथ में वेदप्रकाश, कृष्ण कुमार एवं पंकज एडवोकेट






उपमंडल का दर्जा मिलने पर भी शिक्षा बोर्ड का मार्किंग सेंटर कनीना में नहीं
-जाना पड़ता है महेंद्रगढ़ व नारनौल

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कनीना की आवाज।
कनीना को उपमंडल का दर्जा मिले लंबा अरसा बीत गया है किंतु अभी तक हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा कनीना में मार्किंग सेंटर सुनिश्चित नहीं किया गया है और न ही सितंबर माह में आयोजित होने वाली परीक्षाओं के लिए यहां कोई सेंटर बनाया जाता है। उप-मंडल होते हुए भी सुविधा न मिलने से शिक्षकों में भारी रोष है।
  अध्यापक नेता केएस वशिष्ठ ने बताया कि कनीना खंड के 55 गांवों के शिक्षक जहां कनीना आना जाना सुविधाजनक समझते हैं किंतु उन्हें बोर्ड की मार्किंग के लिए या तो महेंद्रगढ़ या फिर नारनौल जाना पड़ता है या नारनौल जाना पड़ता है जिससे धन और समय की अधिक बर्बादी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि कनीना उपमंडल है ऐसे में कनीना में मार्किंग सेंटर घोषित किया जाए वही सितंबर माह में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रकार की बोर्ड की परीक्षाओं के लिए भी यहां सेंटर बनाया जाए।
**कनीना को मार्किंग सेंटर बना दिया जाए तो अध्यापकों का धन व समय बर्बाद होने से बच जाएगा वहीं आ पास के शिक्षक बेहतर सेवा दे पाएंगे। जाने आने में बहुत सा समय बर्बाद हो जाता है और धन भी बर्बाद होता है। ऐसे में मार्किंग सेंटर शिक्षकों की सुविधा के अनुसार कनीना में ही बने।
  ---अध्यापक नेता निर्मल
शिक्षा बोर्ड को चाहिए कि मार्किंग सेंटर कनीना में भी बनाया जाए। इससे सरकार को भी आर्थिक लाभ मिलेगा वहीं समस्त सुविधाओं वाले कनीना में मार्किंग सेंटर का काम बेहतर ढंग से चल पाएगा। सभी कैमरोंयुक्त तथा सुविधाओं से युक्त ऐ नहीं तीन स्कूल एवं कालेज हैं।
---सुनील कुमार शिक्षक नेता
फोटो कैप्शन: निर्मल शास्त्री एवं सुनील कुमार।





सीहोर की सपना को  मिली रसायनशास्त्र में पीएचडी की उपाधि
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कनीना की आवाज। उपमंडल के गांव सीहोर निवासी सपना को दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित 100वें दीक्षांत समारोह में पीएचडी की उपाधि मिली है। सपना के पिता सेवानिवृत्ति सूबेदार शुक्रमपाल ने बताया देते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित  दीक्षांत समारोह में सपना को रसायनशास्त्र में एचडी की डिग्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि उसे दौरान मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ रहे उन्होंने सपना को एचडी की उपाधि भेंट की सपना को प्रदान की गई है। इस अवसर पर आसपास क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
फोटो कैप्शन: डा. सपना







किसान कट की मांग को लेकर अडिग, 350वें दिन जारी रहा धरना
-अनिश्चितकालीन धरने पर हैं किसान
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कनीना की आवाज।  राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी हे। रविवार को धरने की अध्यक्षता विनोद यादव सेहलंग  ने की और उन्होंने बताया कि हमें धरने पर बैठे हुए 12 महीने होने जा रहे हैं लेकिन राज्य सरकार और केंद्र सरकार हमारी परेशानियों को नहीं समझ रही है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच चढऩे और उतरने के मार्ग कि लोगों को सख्त जरूरत है। कट बनने से इन 40- 50 गांवों के साथ जुड़े हुए सभी लोगों को इसका फायदा मिलेगा। जब तक केंद्र सरकार कट का काम शुरू नहीं करती है, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा।
 डा प्रेमराज यादव प्रधान वेद प्रचार मंडल महेंद्रगढ़, भूपेंद्र सिंह आर्य और कोषाध्यक्ष रंगराव सिंह पालड़ी, महेंद्रगढ़ धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि आपका संघर्ष उचित है, इस क्षेत्र को राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट की जरूरत है, आने वाली पीढ़ी का भविष्य है, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संज्ञान में है। केंद्र सरकार को बताना चाहते हैं कि धरना स्थल पर बैठे बुजुर्ग किसानों को एक साल होने वाला है, इनकी पीड़ा को समझे और जितना जल्दी हो सके  राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू किया जाए। हम तन-मन-धन से संघर्ष समिति के साथ हैं।
धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन ने बताया कि बार-बार याद दिला रहे हैं कि किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले, यदि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर  बाघोत -सेहलंग के बीच सरकार के द्वारा कट का काम शुरू नहीं किया गया तब सभी 50 गांव सरकार का विरोध करेंगे।
इस मौके पर  आचार्य मक्खन लाल स्वामी, नरेंद्र कुमार शास्त्री, ठेकेदार शेर सिंह, पहलवान रणधीर सिंह, मास्टर विजयपाल, डा लक्ष्मण सिंह, सरपंच हरिओम पोता, सतीश, सतपाल,  दाताराम,सूबेदार हेमराज अत्रि , पहलवान धर्मपाल,  मास्टर विजय सिंह,  प्रधान कृष्ण कुमार,  वेद प्रकाश, ओम प्रकाश , कृष्ण कुमार पंच, इंस्पेक्टर सत्यनारायण, अशोक चौहान, सज्जन सिंह,  रामकिशन, सीताराम, करतार, सब इंस्पेक्टर रामकुमार ,डा राम भक्त,  रोशन लाल आर्य  व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 03: कट की मांग को लेकर धरने पर बेठे किसान।





पूर्व प्राचार्य की मां का निधन, शोक
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कनीना की आवाज। कनीना मंडी निवासी एवं अपने समय के जाने-माने शिक्षक रामकिशन की पत्नी तुलसी देवी का निधन हो गया। वो 87 वर्ष की थी तथा अपने पीछे चार पुत्र, आठ पौत्र और पोतियों सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गई है। जहां तुलसी देवी का एक पुत्र जीके बंसल 2018 में प्राचार्य भिवानी कालेज से सेवानिवृत हो चुके जबकि दूसरा पुत्र मोहनलाल 2016 में प्राचार्य पद से सेवा निवृत्त हो चुके हैं। तुलसी देवी का एक पुत्र कैलाश बंसल राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में कार्यरत है वही तुलसी देवी के पति अपने समय के प्रसिद्ध शिक्षक रहे हैं जो वर्ष 1995 में सेवानिवृत्त हुये हैं। तुलसी देवी डाक्टरो,शिक्षकों एवं पूर्व प्राचार्यों से भरा परिवार छोड गई है।
 फोटो कैप्शन: तुलसी देवी




 किसानों के फव्वारा नोजल चोरी
-विगत दिनों हुई थी कई किसानों की केबल चोरी
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में आए दिन किसानों के खेतों से जहां केबल तथा फव्वारा चोरी हो रहे हैं। विगत वर्ष भी इसी प्रकार की घटनाएं सामने आई थी। हर वर्ष अज्ञात चोर किसानों के यहां सेंध लगाते हैं।
 कनीना ककराला मार्ग पर कई किसानों के फव्वारा चोरी हो गए। कनीना पुलिस में सुमर सिंह वार्ड चार ने मामला दर्ज करवाते हुए कहा कि वह खेती-बाड़ी का काम करता है और ककराला सड़क मार्ग पर फाटक के पार उसका ट्यूबवेल है जहां रात्रि को फव्वारे लगाकर प्रतिदिन की तरह अपने घर आ गया। सुबह जाकर देखा तो 10 फव्वारा नोजल चोरी मिले। आसपास तलाश की किंतु कहीं नहीं मिले। इसी प्रकार सुरेंद्र किसान के 10 फव्वारा,  वेद प्रकाश के 10 फव्वारा नोजल, वीरेंद्र 10 फव्वारा नोजल, राजेंद्र सिंह 10 फव्वारा नोजल, हेमराज 11 फव्वारा नोजल, सुभाष 10 फव्वारा नोजल चोरी हो गए। तलाश करने पर कहीं नहीं पाए। सुमेर सिंह के बयान पर फवारा नोजल चेारी करने का अज्ञात चोरों  के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।






परीक्षा की कैसे करें तैयारी
-परीक्षा को पर्व समझे न कि सिरदर्द-सचिन शर्मा
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कनीना की आवाज। एक और जहां 10वीं और 12वीं के परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू हो रही हैं वहीं विद्यार्थी दिन-रात परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा की तैयारी कैसे करें इस संबंध में विभिन्न शिक्षाविद प्राध्यापक सचिन शर्मा से चर्चा की गई।
उनका कहना है कि परीक्षा से घबराने की जरूरत नहीं। सामान्य रूप में ही परीक्षा को ले, कक्षा में अध्यापक के सामने जिस प्रकार से प्रश्न का उत्तर दिया जा रहा है वैसी परीक्षा में हल करें। परीक्षा के समय विद्यार्थी को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ तैयारी करनी चाहिए। जिस भी विषय की परीक्षा देनी है उसकी तैयारी के लिए मुख्य बिंदुओं को अलग से नोट बुक में उतारे, अलग से समय देकर दोहराये,ध्यान रहे उन्हें रटे नहीं। शिक्षा की तिथि की पूर्व संध्या को विद्यार्थी अधिक थकान एवं दिमाग पर परीक्षा का भूत सवार न होने दे। पूरी नींद ले, प्रसन्न चित्त होकर परीक्षा की तैयारी के लिए हर विषय के प्रत्येक टापिक का ध्यान लगाकर स्मरण करें तथा पूर्ण आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे।
 सचिन शर्मा का कहना है कि हर दिन को प्लान करना और उसे पूरा करना पढ़ाई में चार चांद लगा देता है। इन दिनों में अपने को स्वस्थ रखना जरूरी है ताकि समय पर सभी कार्य पूर्ण कर सकें। पढ़ाई को तनावमुक्त का आनंदमय बनाए। हर दिन की योजना बनाये और उसे पूर्ण करें।
परीक्षा पर्व है न कि भय वाला कोई वातावरण। लगातार बिना ब्रेक अध्ययन से भी नीरसता आती है अत: बीच बीच में थोड़ा सा खेल या प्रकृति निहार वांछित है, क्योंकि कहा है। अत: जो भी तैयार करें वह लिखकर जरूर देखें ताकि विस्मृत न हो पावें। कहीं कोई जवाब/उत्तर में शंका हो तो तो सम्बन्धित अध्यापक से सुनिश्चित करें।
फोटो कैप्शन: सचिन शर्मा प्राध्यापक ।






 दुकान में घुसकर मारपीट करने का मामला दर्ज
-महिला ने दर्ज करवाया है मामला
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कनीना की आवाज। दौंगड़ा पुलिस चौकी में एक महिला ने उसके साथ दुकान में जबरदस्ती घुसकर  तीन लोगों द्वारा धक्का मुक्ति करने, जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज करवाया है। सुनीता नामक महिला ने दौंगड़ा अहीर चौकी में दी शिकायत में कहा है कि 24 फरवरी को वह दुकान में बैठी थी तभी विनोद और उसके दो साथी जिन्हें वह नहीं जानती शराब के नशे में दुकान में घुस गये, धक्कामुक्की की जिससे वह गिर गई। शोर मचाने पर रण सिंह नामक व्यक्ति पहुंचा। उसने भी शोर मचाया। इन लोगों ने सुनीता के साथ की हाथापाई की, कपड़े फाड़ दिए, जान से मारने की कोशिश की। शोर सुनकर घटनास्थल पर कुछ लोग आ गए। मौके पर खड़े सुनील नामक व्यक्ति पुलिस चौकी से पुलिस को बुलाकर लाया। पुलिस मारपीट करने वाले लोगों को साथ ले गई। तत्पश्चात हिमांशु नामक व्यक्ति पुलिस चौकी पहुंचा तो उसके साथ भी अच्छा व्यवहार नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस के सामने मारपीट करने वाले लोग उसे धमकियां दे रहे थे। महिला का आरोप है कि इन्हीं लोगों ने एक महीने पहले भी दुकान में लूटपाट और तोडफ़ोड़ की थी। उनकी शिकायत पर तीन लोगों के विरुद्ध मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है।



























मनमोहक लगता है राजकीय कन्या स्कूल
-रविवार एवं अवकाश को भी उपस्थित रहते हैं मुख्याध्यापक
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कनीना की आवाज। कनीना के पुराने राजकीय कन्या वरिष्ठ कन्या उच्च विद्यालय की तस्वीर वर्तमान में बदल कर रख दी है। महज एक लाख रुपये की लागत से स्कूल भवन ही नहीं दीवारें भी बोलती नजर आती है। हर सुविधा से स्कूल सुसज्जित है। किसी जमाने में यही स्कूल राजकीय हायर सेकेंडरी के नाम से होता था और झोपडिय़ों में विद्यार्थी शिक्षा पाते थे। कनीना के पूर्व पालिका प्रधान सहित न जाने कितनी प्रमुख हस्तियां इस विद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर चुकी है।
कैसे बदली तस्वीर--
 करीब 10 महीने पहले नरेश कौशिक ने मुख्य अध्यापक बतौर कार्यभार ग्रहण किया था। उन्हें अपने पिता वाली ललक रहती है। उनके पिता स्व. नंदकिशोर शर्मा कभी इसी स्कूल के मुख्य अध्यापक होते थे। आज उनके पुत्र इस विद्यालय के मुख्य अध्यापक हैं जिन्होंने विकास के लिए कमर कस रखी है और अब तक मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण पुरस्कार  50 हजार रुपये भी प्राप्त हो चुके हैं। साथ में करीब 50,000 और लागत से न केवल पूरे विद्यालय को कैमरों से युक्त अपितु मां सरस्वती की प्रतिमा, घास के लान और संपूर्ण स्कूल को कमरों के अंदर नजर रखी जाती है।
जहां गर्मियों में ठंडा पेयजल, बच्चों के खाने के लिए अलग से प्रबंध, भोजन ग्रहण करने के लिए टीन शेड लगाकर उसे सजाकर मनमोहक बना दिया गया है ताकि बच्चे बैठकर आनंदित हो। यह क्षेत्र पहला राजकीय उच्च स्कूल है जो जहां संपूर्ण कमरों में शिक्षण कार्य और विद्यार्थियों की रिपोर्ट मुख्य अध्यापक कक्ष से देखी जा सकती है। विद्यालय की दीवारें रंग पेंट एवं मोटो और तस्वीरों के कारण बोलती हुई नजर आती हैं।
अपने खर्चे से भी करवाये हैं काम-
जब से नरेश कौशिक ने कार्यभार ग्रहण किया विद्यालय में मां सरस्वती की प्रतिमा नहीं होती थी किंतु उन्होंने प्रतिमा अपने खर्चे पर लगवाई, जहां मंच बनवाए वही सुंदर पार्कों का निर्माण करवा दिया है। सभी दीवारों पर रंग पेंट इतना सुंदर संजीदा है कि तस्वीर भी बातें करती नजर आती है। टीन शेड लगवा कर बैनर और शिक्षाप्रद पोस्टर, बैनर, बोर्ड सहित कक्ष का रूप दिया गया है जो बच्चों के शांतिप्रिय रूप से खाने के लिए बाध्य करता नजर आता है।
कस्बावासियों को है एक मलाल-
आज भी यह उच्च विद्यालय है कभी हायर सेकेंडरी होता था। क्योंकि अभी तक कनीना में एक माडल संस्कृति स्कूल बना दिया गया है जिसमें बच्चों की फीस लगती है, कनीना मंडी कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय है। ऐसे में लड़के  मुफ्त शिक्षा पाने के लिए कहां जाए? यही कारण है कि अब तो कनीनावासी इस राजकीय कन्या उच्च विद्यालय को सह-शिक्षा वाला राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देखना चाहते हैं। इस संबंध में कार्रवाई भी की गई है। स्कूल जहां मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता में नाम कमा चुका है।
अवकाश को भी हाजिर मिलता है मुख्याध्यापक-
वही निस्वार्थ भाव से नरेश कौशिक रविवार और अवकाश के दिन भी विद्यालय में हाजिर रहते हैं और अपने हाथों से न केवल पार्कों का निर्माण करते हैं अपितु पौधों को पानी देना, कमरों को सुसज्जित करना, कमरों की देखरेख करना तथा अन्य प्रकार की सुविधाओं पर नजर जमाये रहते है। यह ऐसा विद्यालय है जहां बच्चों के लिए सुझाव पेटिका भी रखी हुई है, जहां बच्चे किसी प्रकार की शिकायत कर सकते हैं। इस पेटिका से शिकायत मिलने पर उसे पर उचित कार्रवाई की जाती है। जहां दिव्यांगों के लिए अलग से शौचालय है स्वच्छ शौचालयों का निर्माण किया गया है।
नरेश कौशिक ने बताया कि वह चाहे तो अपने कक्ष से सभी कक्षा कक्ष को नियंत्रित कर सकते हैं वहीं बैठे आदेश दे सकते हैं वहीं बैठे कोई प्रकार की संदेश पहुंचा सकते हैं।
कई अधिकारी कर चुके हैं दौरा-
विगत 10 महीनों में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड चेयरमैन सहित एसडीएम आदि कई अधिकारी आ चुके हैं। सभी की के मुख से बस एक ही बात निकलती है, वाह, क्या स्कूल है? उन्हें विश्वास है कि भविष्य में उन्हें जिला स्तरीय पुरस्कार भी जरूर मिलेगा। जहां नरेश कुमार कौशिक बतौर वक्ता के रूप में पूरे प्रदेश में नाम कमा चुके हैं वहीं अंग्रेजी के प्रवक्ता भी रह चुके हैं। ऐसे में स्कूल को बेहतरीन ढंग से चला रहे हैं अभिभावक और विद्यार्थी प्रसन्नचित नजर आते हैं।
 फोटो कैप्शन 01 व 02: मुख्याध्यापक नरेश कौशिक अवकाश स्कूल भवन दिखाते हुए।

 

आर्य समाज में आयोजित हुआ हवन
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कनीना की आवाज।
रविवार को आर्य समाज मंदिर कनीना मे साप्ताहिक यज्ञ हवन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मोहन मनीषी सारस्वत, मोहर सिंह आर्य, बहन सरला लता आर्या, मनफूल सिंह आर्य, प्रेम कुमार, राजेश आर्य, ओमप्रकाश आर्य, मास्टर रविंद्र आर्य  सहित विभिन्न आर्य उपस्थित हुए।
फोटो साथ है।

 


Saturday, February 24, 2024



ट्रक और ट्राले की टक्कर में एक व्यक्ति घायल, अस्पताल में मौत
--ट्राला चालक के विरुद्ध मामला दर्ज 

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कनीना की आवाज।  ट्रक और ट्रेलर की टक्कर में एक व्यक्ति घायल हो गया जिसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। कनीना पुलिस में ट्रेलर के विरुद्ध चालक के विरुद्ध मामला दर्ज करवा दिया है। कुलदीप किलोई, जिला रोहतक ने मामला दर्ज करवाते हुए कहा कि मेरे पास एक ट्रक है और मैं ,मेरा ड्राइवर रामवीर ,कंडक्टर सूरज अपने गांव से भैंस भरकर गुजरात जा रहे थे। जब भालखी टोल के 3 किलोमीटर करीब पहुंचे तो बीच में एक ट्रेलर का चालक अपने ट्रेलर को गफलत में चलाता हुआ आया, अचानक ब्रेक लगा दिये। जिससे हमारा ट्रक ट्रेलर से जा टकराया। जिसमें आगे बैठे मेरे कंडक्टर सूरज को चोट लगी, मुझे तथा मेरे ड्राइवर रामवीर को मामूली चोट लगी।  सूरज का अधिक चोट लगने कारण बेहोश हो गया तथा ट्रक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। एंबुलेंस की सहायता सूरज को सरकारी अस्पताल महेंद्रगढ़ पहुंचाया जहां डाक्टरों ने सूरज को मृत घोषित कर दिया है। चालक रामवीर अपना इलाज कराने बाहर चला गया। ट्रेलर का चालक ट्रेलर छोड़कर भाग गया है। कुलदीप ने ट्रेलर चालक के विरुद्ध मामला दर्ज करवा दिया है। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है जांच जारी है।


मोटरसाइकिलों की टक्कर में एक घायल मामला दर्ज

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कनीना की आवाज।। कनीना के गाहड़ा सड़क मार्ग के पास दो मोटरसाइकिलों की टक्कर में एक व्यक्ति बुरी तरह से घायल हो गया जिसे अस्पताल भर्ती करवाया जहां इलाज के बाद अब उन्होंने मामला दर्ज करवा दिया है।

 टेकचंद तिगांव, अलवर, खैरतल ने अभियोग दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा कि वह ड्राइवरी का काम करता हूं। 13 फरवरी को वह तथा उसका भाई बहुझोलरी शादी में आए हुए थे। मैं अपनी मोटरसाइकिल पर कनीना की ओर आ रहा था तथा मेरा भाई तथा उसका साला दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मेरे पीछे कपड़े लेने के लिए कनीना आ रहे थे। शाम के करीब 4 बजे गाहड़ा रोड से करीब500 मीटर पहले मोटरसाइकिल सवार तेज गति से चलाता हुआ आया है और मेरी मोटरसाइकिल को टक्कर जड़ दी जिससे मैं गिर गया तथा बेहोश हो गया। मेरा भाई मुझे कनीना अस्पताल ले गया जहां से उन्हें गुडग़ांव निजी अस्पताल ले जाया गया

























। वहां दाखिल रहने के पश्चात ट्रामा सेंटर जयपुर में दाखिल करवा दिया। अब उन्हें छुट्टी मिली है। अब आकर के मामला दर्ज करवाया है। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।



 


रविदास की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक
-मीरा के भी गुरु थे संत रविदास
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कनीना की आवाज। संत शिरोमणि संत रविदास महाराज  की जयंती पितामह कान्हा सिंह पार्क के पास बणी वाले मंदिर में मनाई गई। इस कार्यक्रम में एडवोकेट दीपक चौधरी मुख्य अतिथि बतौर पहुंचे। उन्होंने रविदास जी के जीवन पर प्रकाश डाला और युवा साथियों को उनके मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
 इस अवसर दीपक चौधरी ने कहा कि जब मन साफ होता है तो कोई तीर्थ व्रत करने की भी आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि यह कथन संत शिरोमणि स्वामी रविदास महाराज ने साफ कर दिया था कि मन का साफ होना जरूरी है। चाहे तन साफ हो या ना हो क्योंकि जिनके मन साफ होते हैं उनको कोई तीर्थ स्थल पर जाने की भी जरूरत नहीं है। गंगा स्नान करने की भी आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि जिनके मन साफ होते हैं उनके तो घर में भी गंगा माता स्वयं आ जाती है। इसलिए हमें साफ मन रख कर के अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए।  मन में मैल नहीं रखना चाहिए। प्रभु तो तन के अंदर बैठा है और वह मन को अच्छे से देख रहा है क्योंकि उसकी दृष्टि में साफ मन वाले लोगों का सदा सदा सम्मान होता है।  
उन्होंने कहा कि संत के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत  के जीवन से हमें भाई-चारा कायम रखने की  सीख मिलती है। संत जी ने काम को महत्व दिया था और गंगा स्नान बारे उनका कहना था कि मन चंगा तो कठौती में गंगा। इस मौके पर भंडारे का आयोजन भी किया गया। इस मौके पर उनके साथ उनके युवा साथी भीम गुर्जर, मोनू जेलदार युवा साथी साथ गए और सभी ने मिलकर रविदास महाराज की फोटो पर पुष्प अर्पित किये। इस मौके पर पूर्व चेयरमैन शारदा देवी और उनके पति चांदराम नंंबरदार और शेर सिंह,धर्मपाल ,बाबूलाल ऋषिराज मैनेजर, होशियार, गोवर्धन, हरिओम, किरोड़ी, नरेश एडवोकेट,अजीत एडवोकेट ,बिसंभर,नवीन ,योगेश, खजान, अशोक, राकेश, प्रदीप, संदीप आदि मौजूद रहे।
 जिला के गांव भोजावास तथा धनौन्दा में संत शिरोमणी रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई। रविदास की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलित तथा प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर विशाल भंडारा तथा भजन कीर्तन का आयोजन हुआ। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने संत रविदास की प्रतिमा पर धोक लगाकर मन्नत मांगी। भंडारा में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। विशिष्ट अतिथि पूर्व सरपंच रामनिवास, खरकड़ा गांव के सरपंच राजेन्द्र प्रसाद, धनौन्दा सरपंच प्रतिनिधि बीर सिंह थानेदार, बीडीसी. मेंबर नवीन, चेयरमैन भाग सिंह, बसपा हल्का प्रधान सतपाल दहिया, मुख्याध्यापक सूरत सिंह, प्रदीप आदि ने संत शिरोमणी रविदास की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
 उधर गांव गुढ़ा में संत शिरोमणी रविदास की प्रतिमा का अनावरण ग्राम सरपंच विरेन्द्र दीक्षित ने किया।  उन्होंने कहा कि संत महापुरुष समाज के प्रेरणास्त्रोत होते हैं। संत रविदास की शिक्षाएं हमें चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देती हैं। ग्राम सरपंच विरेन्द्र दीक्षित ने संत रविदास को भक्तिकाल का महान अग्रदूत बताते हुए उनकी शिक्षाओं पर चलने की सीख दी। इस अवसर पर अतरलाल, महासिंह, अजय कुमार, विजय सिंह, दर्शन, अमित कुमार, मांगेराम, नरेन्द्र कुमार, रोहताश कुमार, मुकेश, बलबीर पंच, औमप्रकाश, महेन्द्र, सिंह राम, चन्द्रपाल आदि सैकड़ों ग्रामीण श्रद्धालु उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 07:कनीना में  संत रविदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए।






ब्रह्मचारी शिवानंद महाराज ने ब्रह्मलीन संत की गद्दी पर हुये विराजमान
-धनौंदा की बणी में चला विशेष कार्यक्रम
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कनीना की आवाज। संतों के बगैर यह समाज निर्मल नहीं हो सकता इसलिए समाज में अच्छे संतों का होना अति आवश्यक है। ये विचार परम संत समर्पण आनंद महाराज ने कृष्णानंद महाराज की गद्दी पर शिवानंद महाराज को विराजमान कराने के उपरांत संबोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि कृष्णानंद महाराज इस क्षेत्र के ही नहीं अपितु  प्रदेश के महान संत थे जिन्होंने अपने जीवन काल में इतने शुभ कर्म किए जिनकी गिनती भी नहीं हो सकती। उल्लेखनीय है संत कृष्णानंद महाराज पांच माह  पहले अपने नाशवान शरीर को छोड़कर ब्रह्मलीन हो गए थे, आज उनकी गद्दी पर शिवानंद महाराज विराजमान किए गए हैं।  उन्होंने कहा कि मुझे बड़ा गर्व हो रहा है कि स्वामी कृष्णानंद महाराज के आश्रम को संभालने का मौका क्षेत्र के लोगों ने दिया है।  मैं लोगों की सेवा और समाज की सेवा में समर्पित रहूंगा।  इस अवसर पर चेतन पुरी महाराज, आचार्य नागेश्वर, आचार्य वेद प्रकाश, स्वामी कैलाश दास महाराज, स्वामी महावीर दास महाराज, डा. रमेश कुमार,  गिरदावर उमेद जाखड़, बाबा कृष्णानंद ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल यादव, व्यवस्थापक कैलाश गोयल, वाइस चेयरमैन ठाकुर कर्मवीर सिंह, कोषाध्यक्ष विजय कुमार आर्य, युवा नेता बिजेंद्र ढिल्लो, आनंद सिंघल, ठाकुर वीर सिंह परमार, खेड़ी तलवाना के सरपंच पंकज हिंदू, प्राचार्य विक्रम यादव, नरेंद्र शर्मा ,पवन कुमार, प्रदीप चौहान, घनश्याम सिंह, ठाकुर भारत सिंह, ठाकुर कमल सिंह के अलावा अन्य लोग उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 06: संत शिवानंद महाराज गद्दी पर विराजमान होते हुए।



पड़तल स्कूल के 7 विद्यार्थियों का बुनियाद में चयन
--स्कूल में हैं कुल 70 बच्चे
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कनीना की आवाज। हरियाणा सरकार और विकल्प फाउंडेशन की ओर से चलाई जा रहे मिशन बुनियाद कार्यक्रम में लेवल-एक जिले के विद्यार्थियों का उत्कर्ष प्रदर्शन रहा है। इसी कड़ी में राजकीय माध्यमिक विद्यालय पड़तल के सात विद्यार्थियों का भी चयन हुआ है, जिनमें भावना ,हर्ष ,हर्ष पुत्र पवन कुमार ,जिया , कल्पना , पुष्प लता और रवीना शामिल है। परीक्षा में आठ बच्चे परीक्षा में बैठे थे जिनमें 7 बच्चे पास हुये हैं।
लेवल 1 में चयनित ये विद्यार्थी शीघ्र ही लेवल 2 की परीक्षा में शामिल होंगे। विद्यालय के मुख्य अध्यापक राजकुमार राव ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को सक्षम व प्रशिक्षित करने की नींव रखी जाती है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाना व उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करना है। ग्रामीण अंचल में स्थित स्कूल से सात बच्चों का चयन होने पर गांव में खुशी का माहौल है। अभिभावकों ने मेहनती स्टाफ को इसके लिए बधाई दी है ।





तापमान बढऩे से सरसों की लावणी तीन-चार दिनों में
-अगैती फसल लावणी के लिए खड़ी है तैयार
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में जहां करीब 20,000 हेक्टेयर पर सरसों की फसल खड़ी हुई है और इस समय प्रतिदिन तेज धूप खिलती है जिसके चलते तीन से चार दिनों के बीच लावणी शुरू होने का अंदेशा बन गया है। फसल पीली पड़ गई है और पककर तैयार है। उधर गेहूं की फसल भी धीरे-धीरे पकान की ओर है। किसान लावणी की की तैयारी में जुट गए हैं। किसान सूबे सिंह राजेंद्र सिंह, देवेंद्र, कृष्ण कुमार आदि ने बताया कि क्षेत्र में जहां रेतीली भूमि है, गर्मी अधिक पडऩे से लावणी जल्दी आ गई है। वैसे भी अगैती फसल की लावणी पहले आ जाती है जबकि कुछ खेतों में लावणी अभी आने में कुछ समय लगेगा। गेहूं भी अभी पकान की ओर जा रही है। यह यूं ही तापमान बढ़ा तो गेहूं की फसल पर भी कुप्रभाव पड़ेगा।
 क्या कहते हैं कृषि अधिकारी
उधर इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ के वरिष्ठ संयोजक डा. रमेश कुमार का कहना है कि इस समय तापमान अधिक नहीं है किंतु ताप यूं ही बढ़ता चला गया तो गेहूं की फसल पर कुप्रभाव पड़ेगा। गेहूं की फसल के लिए अधिकतम 25- 26 डिग्री ताप चाहिए जो कि दिन का तापमान कुछ अधिक पहुंच जाता है जो गेहूं की फसल के लिए घातक है किंतु अगैती सरसों की फसल रेतीली क्षेत्र में जल्दी लावणी आती है। तापमान का सरसों पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पडऩे वाला। उन्होंने कहा कि सरसों की लावणी महेंद्रगढ़ जिले के सभी गांवों में अभी नहीं आएगी परंतु कुछ अगैती फसलें जरूर लावणी आ गई हैं।
 फोटो कैप्शन 5: लावणी के लिए तैयार खड़ी सरसों







राजकीय कन्या स्कूल की बदल कर रख दी है तस्वीर
-रविवार एवं अवकाश को भी उपस्थित रहते हैं मुख्याध्यापक
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कनीना की आवाज। कनीना के पुराने राजकीय कन्या वरिष्ठ कन्या उच्च विद्यालय की तस्वीर वर्तमान मुख्य अध्यापक नरेश कौशिक ने बदल कर रखदी। महज एक लाख रुपये की लागत से दीवारें भी बोलती नजर आती है। हर सुविधा से स्कूल सुसज्जित है। किसी जमाने में यही स्कूल राजकीय हायर सेकेंडरी के नाम से होता था और झोपडिय़ा में विद्यार्थी जहां शिक्षा पाते थे। कनीना के पूर्व पालिका प्रधान सहित न जाने कितनी प्रमुख हस्तियां इस विद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर चुकी है परंतु करीब 10 महीने पहले नरेश कौशिक ने मुख्य अध्यापक बतौर कार्यभार ग्रहण किया था। उन्हें अपने पिता वाली ललक रहती है। उनके पिता स्व. नंदकिशोर शर्मा कभी इसी स्कूल के मुख्य अध्यापक होते थे। आज उनके पुत्र इस विद्यालय के मुख्य अध्यापक हैं जिन्होंने विकास के लिए कमर कस रखी है और अब तक मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण पुरस्कार  50 हजार रुपये भी प्राप्त हो चुका है। साथ में करीब 50000 और लागत से न केवल पूरे विद्यालय को कैमरों से युक्त अपितु मां सरस्वती की प्रतिमा, घास के लान और संपूर्ण स्कूल को कमरों के अंदर नजर रखी जाती है।
जहां गर्मियों में ठंडा पेयजल, बच्चों के खाने के लिए अलग से प्रबंध, भोजन ग्रहण करने के लिए टीन शेड लगाकर उसे सजाकर मनमोहक बना दिया गया है ताकि बच्चे बैठकर आनंदित हो। यह क्षेत्र पहला राजकीय उच्च स्कूल है जो जहां संपूर्ण कमरों में शिक्षण कार्य और विद्यार्थियों की रिपोर्ट मुख्य अध्यापक कक्ष से देखी जा सकती है। विद्यालय की दीवारें रंग पेंट एवं मोटो और तस्वीरों के कारण बोलती हुई नजर आती हैं।  जब से नरेश कौशिक ने कार्यभार ग्रहण किया विद्यालय में मां सरस्वती की प्रतिमा नहीं होती थी किंतु उन्होंने प्रतिमा अपने खर्चे पर लगवाई, जहां मंच बनवाए वही सुंदर पार्कों का निर्माण करवा दिया है। सभी दीवारों पर रंग पेंट इतना सुंदर संजीदा है कि तस्वीर भी बातें करती नजर आती है। टीन शेड लगवा कर बैनर और शिक्षाप्रद पोस्टर, बैनर, बोर्ड सहित कक्ष का रूप दिा गया है जो बच्चों के शांतिप्रिया रूप से खाने के लिए बाध्य करता नजर आता है। परंतु आज भी यह उच्च विद्यालय है कभी हायर सेकेंडरी होता था। क्योंकि अभी तक कनीना में एक माडल संस्कृति स्कूल बना दिया गया है जिसमें बच्चों की फीस लगती है, कनीना मंडी कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय है। ऐसे में लड़के शिक्षा पाने के लिए वह भी मुफ्त शिक्षा पाने के लिए कहां जाए? यही कारण है कि अब तो कनीना वासी इस राजकीय कन्या उच्च विद्यालय को सह शिक्षा वाला राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देखना चाहते हैं। इस संबंध में कार्रवाई भी की गई है। स्कूल जहां मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता में नाम कमा चुका है। वही निस्वार्थ भाव से नरेश कौशिक रविवार और अवकाश के दिन भी विद्यालय में हाजिर रहते हैं और अपने हाथों से न केवल पार्कों का निर्माण करते हैं अपितु पौधों को पानी देना, कमरों को सुसज्जित करना, कमरों की देखरेख करना तथा अन्य प्रकार की सुविधाओं पर नजर जमाये रहते है। यह ऐसा विद्यालय है जहां बच्चों के लिए सुझाव पेटिका भी रखी हुई है, जहां बच्चे किसी प्रकार की शिकायत कर सकते हैं। इस पेटिका से शिकायत मिलने पर उसे पर उचित कार्रवाई की जाती है। जहां दिव्यांगों के लिए अलग से शौचालय है स्वच्छ शौचालयों का निर्माण किया गया है।
नरेश कौशिक ने बताया कि वह चाहे तो अपने कक्ष से सभी कक्षा कक्ष को नियंत्रित कर सकते हैं वहीं बैठे आदेश दे सकते हैं वहीं बैठे कोई प्रकार की संदेश पहुंचा सकते हैं। विगत 10 महीनों में कई अधिकारी आ चुके हैं सभी की के मुख से बस एक ही बात निकलती है, वाह, क्या स्कूल है? उन्हें विश्वास है कि भविष्य में उन्हें जिला स्तरीय पुरस्कार भी जरूर मिलेगा। जहां नरेश कुमार कौशिक बतौर वक्ता के रूप में पूरे प्रदेश में नाम कमा चुके हैं वहीं अंग्रेजी के प्रवक्ता भी रह चुके हैं। ऐसे में स्कूल को बेहतरीन ढंग से चला रहे हैं अभिभावक और विद्यार्थी प्रसन्नचित नजर आते हैं।
 फोटो कैप्शन 04: मुख्याध्यापक नरेश कोशिका अवकाश के दिन स्कूल में कमरों का अवलोकन करते हुए।






12वीं के विद्यार्थियों को दी गई विदाई
-27 फरवरी से होंगी परीक्षाएं
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह में विद्यार्थियों द्वारा 12वीं के विद्यार्थियों की विदाई पार्टी का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  प्राचार्य मनजीत कुमार ने की । कार्यक्रम का संचालन चेतन शर्मा के मार्गदर्शन में कक्षा 11वीं की सुनीता, आरूषि, हिमांशु तथा दिनेश द्वारा किया गया। उन्होंने फनी टास्क एवं सीनियर्स को टाइटल्स दे कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।
    छात्रा मनीषा एवं सुखी ने अपने गुरुजनों को  टाइटल्स देकर कार्यक्रम को खुशनुमा बनाया । इस दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा  प्रस्तुतियां दी गई । छात्रा सुनीता ने हरियाणवी  नृत्य, पुष्पा द्वारा राजस्थानी लोक नृत्य, तमन्ना और कंचन ने प्रस्तुत किया। नचिता ने एक प्रेरक कविता प्रस्तुत की। पिंकेश, आरुषि, सुनीता तथा नचिता ने विदाई गीत प्रस्तुत कर सभी को भाव-विभोर कर दिया।कक्षा बारहवीं के छात्र दिनेश ने विदाई पार्टी देने के लिए आभार प्रकट किया। प्रवक्ता अनिल शर्मा ने विद्यार्थियों को कालेज स्तर पर प्रबंधक एवं वाणिज्य क्षेत्र की संभावनाओं के बारे में बताया। प्राचार्य मनजीत कुमार ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अच्छे अंक लेने के लिए प्रेरित किया। प्रवक्ता  रेणु यादव, राजेश यादव एवं भीम सिंह ने अपने विचार रखे। राजसिंह प्रवक्ता गणित ने कैरियर काउंसलिंग की जानकारी दी। अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03. सुंदर स्कूल में विद्यार्थियों को विदाई देते हुए स्टाफ एवं विद्यार्थी।






कट का काम राज्य सरकार और केंद्र सरकार के भरोसे पर किसान
- 349वें दिन जारी रहा धरना
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। धरने की अध्यक्षता पूर्व सरपंच हंस कुमार सेहलंग ने की और उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच चढऩे और उतरने के मार्ग का काम राज्य सरकार और केंद्र सरकार के भरोसे पर है, कट की घोषणा की हुई है लेकिन अधिकारिक तौर पर धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। केंद्र सरकार किसानों की पीड़ा को समझे और जितना जल्दी हो सके राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू किया जाए जिससे किसान चैन की सांस ले सके।
 धरना संघर्ष समिति के संयोजक पहलवान रणधीर सिंह बाघोत ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू न होने के कारण किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के प्रति नाराज हैं। केंद्र सरकार को हम बताना चाहते हैं कि सरकार हमारे संयम की परीक्षा न ले, यदि केंद्र सरकार फरवरी के अंत तक कट का काम शुरू नहीं करती है, तब 1 मार्च 2024 से  केंद्र सरकार के विरोध में किसानों का आंदोलन शुरू हो जाएगा।
धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट के लिए प्रतिज्ञा ले रखी है, जब तक केंद्र सरकार कट का काम शुरू नहीं करती है, हम धरना स्थल पर ही डटे रहेंगे। इस क्षेत्र का विकास कट बनने के बाद ही संभव है।
इस मौके पर  नरेंद्र कुमार शास्त्री, मास्टर विजयपाल,डॉ लक्ष्मण सिंह, दाताराम, सूबेदार हेमराज अत्रि, धर्मपाल, पूर्व सरपंच सतबीर सिंह, मास्टर विजय सिंह, अशोक चौहान, प्रधान कृष्ण कुमार, राजू, वेद प्रकाश, ओम प्रकाश , कृष्ण कुमार पंच,सूबे सिंह पंच, इंस्पेक्टर सत्यनारायण,  रामकिशन,  सीताराम, करतार,  मनफूल, सब इंस्पेक्टर रामकुमार ,  डॉ राम भक्त,  रोशन लाल आर्य  व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 02: कट की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसान।






कैसे करें परीक्षा की तैयारी
-जी लगाकर मेहनत से पा सकते हैं सफलता-विनोद गोठवाल
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कनीना की आवाज। हरियाणा विद्यालयों में परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू हो रही हैं। विद्यार्थी जी जान से मेहनत में लगे हुए हैं। उनकी तैयारी कैसी हो ताकि वे बेहतर अंक प्राप्त कर सके। इस संबंध में शिक्षाविद विनोद गोठवाल से बात की गई-
विनोद गोठवाल का कहना है किपरीक्षा का नाम सुनते ही विद्यार्थी के मन में एक भय सा आ जाता है। यही भय मन को एकाग्र नहीं होने देता। जो छात्र कक्षा में पढ़ाये गये टापिक का निरन्तर अभ्यास करते हैं उनके लिए समस्या खुद ही कम हो जाती है।
 सभी छात्रों पर परीक्षा में उच्च स्थान और अच्छे अंक लाने का दबाव होता है  छात्रों को चिंताओं , तनावों व घबराहट को दूर कर परीक्षा की तैयारी में जुट जाना चाहिए। परीक्षा के लिए सदैव ही तत्परता की भावना रखनी चाहिए क्योंकि परीक्षा अब एक निरन्तर प्रकिया बन चुकी है । तैयारी पाठ्यक्रम के अनुरूप की जानी चाहिए । टाइम - टेबल बनाकर की गई तैयारी ज्यादा कारगर साबित होती है । अभ्यास से सब कुछ हासिल कर सकते हैं। समय के अनुसार नींद वांछित है। ब्रेक के साथ - साथ सकारात्मक सोच नितांत आवश्यक है । सुबह सवेरा पढ़ाई के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है । खाने - पीने का अवश्य ख्याल रखें । ताजा दिमाग के साथ की गई पढ़ाई स्थायी मानी जाती है । पढ़ाई के लिए वांछित पुस्तकें व नोट्स साथ रखें । आपकी लग्न , मेहनत और आत्मविश्वास ही सफलता के मूलमंत्र हैं ।  स्मृति के आधार पर लिखने का अभ्यास करें । ऐसा करने से लिखने का अभ्यास हो जाएगा तथा पढ़ा हुआ अच्छी तरह याद हो जाएगा । यह भी सुनिश्चित हो जाएगा कि प्रश्न का उत्तर कितने समय में दिया जा सकता है। पिछले सालों के प्रश्न -पत्र हल करने से पैटर्न का पता तो चलता ही है साथ में आत्मविश्वास भी जाग्रत होता है ।
  उन्होंने बताया कि समय समय पर अपने विभिन्न कार्य करने चाहिए। लगातार पढ़ाई के के बीच में कुछ समय आराम भी जरूरी है। अपने दिमाग को फिर से ताजा करने के लिए कुछ आराम की भी जरूरत होती है। उचित खाना जरूरी है तथा सोना भी जरूरी होता है। लगातार पढ़ते रहने से इंसान ऊब जाता है। बीच बीच में आराम भी जरूरी होता है।
फोटो कैप्शन: विनोद गोठवाल शिक्षाविद