कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-16
-हाजिर को गैर हाजिर दर्शाकर काट लिया वेतन, लड़ते रहो न्यायालय में
-अंधेर नगरी चौपट राजा, टका सेर भाजी खा जा
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव ने बतौर विज्ञान अध्यापक एवं प्राध्यापक 40 सालों तक शिक्षण कार्य किया है। उन्होंने स्कूल, कालेज निजी और सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य किया है। इस अवधि दौरान करीब 35 विभिन्न स्कूल प्राचार्यों के साथ काम किया और उनमें से चंद कुतरूं प्राचार्य निकले। जिनका नाम लेते ही तन मन में दर्द होता है। जिनकी भावना हीन रही है। किसी के काम को रोकने आए हैं। सच का साथ नहीं दिया और उन्होंने सदा ही अच्छे और स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों का विरोध किया। ऐसे ही कुतरूं प्राचार्य के कारनामे सामने आये हैं। आज एक कारनामा यहां उजागर किया जा रहा है।
कुतरूं प्राचार्य किस प्रकार कर्मचारियों को परेशान करते हैं कैसे उनको अनुपस्थित दर्शकर वेतन काट लेते हैं का एक बहुत सुंदर उदाहरण सामने आया है। होशियार सिंह की विज्ञान अध्यापक अनेकों बार तबादले किए गए। यहां तक की मेवात में दो बार तबादले करवाए गए और इन दौरान परेशानियां स्वाभाविक होती है। सबसे बड़ी परेशानी उसे समय आई जब होशियार सिंह की पत्नी कैंसर से पीडि़त थी और उस समय भी एक बार बदली हुई मेवात में करवा दी गई, परंतु सबसे बड़ा दुर्भाग्य उस वक्त का है जब एक कुतरूं प्राचार्य ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला से पहुंच बनाकर और किसी के जरिये पाठ खोरी, मेवाती में तबादला करवा दिया। यद्यपि 21 नवंबर को तबादले के आदेश आए। उस दिन होशियार सिंह ने पूरा दिन विद्यालय में काम किया और एक कुतरूं प्राचार्य ने जानबूझकर कार्यभार मुक्त कर दिया। यद्यपि कुतरूं प्राचार्य से यह बात हुई थी कि आज यानी 21 नवंबर को उन्हें कार्यभार मुक्त मत करना किंतु उन्होंने किसी के दवाब में आकर झटपट ही कार्यभारमुक्त कर ही दिया। साथ में उस दिन को भी अनुपस्थित दर्शा दिया। जबकि हाजिरी रजिस्टर में 21 नवंबर के पूरे समय के हस्ताक्षर किए हुए हैं। यद्यपि वापस कार्यभार ग्रहण 15 दिसंबर को कर लिया गया किंतु 21 नवंबर से 15 दिसंबर तक कुतरूं प्राचार्य नेे अनुपस्थित दर्शाया है। जिससे समस्या बढ़ गई। एक दिन का वेतन काट लिया गया। अनावश्यक रूप से वेतन काट लिया गया। आश्चर्य तो तब हुआ कि न तो उच्च अधिकारियों ने इस संबंध में कोई बात सुनी। जिला शिक्षा अधिकारी, एसओ तथा जिस स्कूल से सेवानिवृत्त हुआ उन्होंने भी संबंध में कुछ नहीं सुना। इससे बुरी बात और क्या हो सकती है। यदि इन कुतरूं प्राचार्यों का एक दिन का वेतन जानबूझकर काटा जाए तो उनके साथ क्या बीतेगी? यह उनसे पता किया जाए जिनके चोट लगती है। अब कोर्ट कचहरी में लड़ते रहिए जो मिलने हैं उससे कहीं ज्यादा पैसे खर्च कीजिए। तब जाकर यह हक मिलेगा लेकिन अब यह निर्णय किया है कि चाहे एक रुपये लेने के लिए हजार रुपए खर्च करने पड़े किंतु उन कुतरूं प्राचार्यों से जो इसके लिए जिम्मेदार हैं,ब्याज सहित पैसे वसूलने का प्रयास किया जाएगा। न्यायालय की शरण ली जाएगी और चाहे सुप्रीम कोर्ट भी जाना पड़े तो जाने के लिए तैयार रहेंगे किंतु इन कुतरूं प्राचार्य को जिन्होंने इस प्रकार की चाल की चली और अब तक उस दिन का वेतन नहीं निकला उनको चैन से नहीं बैठने दिया जाएगा। कहावत है सांच को आंच नहीं लगता चूंकि यहां तो सांच ही जलती नजर आ रही है। एक कवि ने कहा है अंधेर नगरी चौपट राजा टका सेर भाजी खा जा वाली कहावत लागू हो रही है। फांसी का फंदा किसी को डालना चाहिए और डाल रहे किसी और को। एक सच को जानते हुए भी कितने कुतरूं प्राचार्य अनजान बन रहे हैं। इससे बुरी बात और क्या हो सकती है। लोग अक्सर कहते की सच्चाई की जीत होती है लेकिन पता नहीं सच्चाई की जीत कब होगी? इस प्रकरण में एक कुतरूं प्राचार्य नहीं कई कुतरूं प्राचार्यों का हाथ है स्पष्ट है कि उच्च अधिकारियों का भी हाथ है जो जानकर अनजान बने हुए हैं। आंखें मूंदकर बैठे हुए हैं। हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर होते हुए भी फिर क्यों नहीं मान रहे? हैं ना, वो सभी कुतरूं जो सच को सच नहीं मान रहे।
सब्जी मंडी कनीना के व्यापारियों ने मंदिर निर्माण में दिये 21500
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कनीना की आवाज। सब्जी मंडी कनीना के व्यापारियों ने मंदिर निर्माण में किया 21500 का सहयोग दिया है।
बाबा मोलडऩाथ मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि व्यापारियों ने 21500 रुपए का सहयोग किया है। अनेक व्यापारी बाबा के धाम पर पहुंचे और इन्होंने अपनी श्रद्धा से राशि भेंट की। व्यापारियों में गोपी सेठ, गुड्डू चौधरी, विजय कुमार देवेंद्र ,छोटू, राहुल, विक्रम सिंह व अन्य लोगों का मंदिर कमेटी द्वारा फूल मला पहनकर सम्मान किया गया।
इस मौके पर गुड्डू चौधरी ने कहा कि आगे भी हम मंदिर निर्माण में सहयोग करते रहेंगे और यह सभी व्यापारियों की सहमति से हमने राशि भेंट की है। नवरात्रों के शुभ अवसर पर यह दान करके हम बहुत ही खुशी और प्रसन्नता महसूस करते हैं। मंदिर कमेटी द्वारा जो हमारा सम्मान में स्वागत किया उसके लिए हम कमेटी के आभारी हैं। इस मौके पर प्रधान दिनेश यादव, रमेश कुमार, मास्टर अनिल कुमार, अशोक डीपी, बलबीर साहब, प्रकाश साहब, लाल सिंह, महंत रामनिवास, मुकेश शर्मा, शिवकुमार, शिवचरण, महेंद्र सिंह, अरविंद कुमार व अन्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: व्यापारी मोलडऩाथ आश्रम निर्माण हेतु दान देते हुए।
होटलों और धर्मशालाओं के लिए हरसमय पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य, जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने जारी किए आदेश
-मेहमानों के विवरण का रियल-टाइम अपडेट होना जरूरी
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कनीना की आवाज। जिला में चल रहे सभी होटलों, गेस्ट हाउसों, लाज, धर्मशालाओं और होमस्टे संचालकों के लिए अब हरसमय पोर्टल' पर पंजीकरण करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत इस संबंध में कड़े आदेश जारी किए हैं। ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
जिला प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कई आवास प्रतिष्ठानों ने अभी तक इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं कराया है। नए निर्देशों के अनुसार, सभी मालिकों और प्रबंधकों को न केवल खुद को पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा, बल्कि वहां रुकने वाले हर मेहमान और आगंतुक की पूरी जानकारी भी प्रतिदिन समय पर अपडेट करनी होगी।
इन आदेशों का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाना और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना है। जिलाधीश ने स्पष्ट किया है कि मेहमानों के विवरण का रियल-टाइम अपडेट होना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की निगरानी और जांच प्रभावी ढंग से की जा सके। उचित दस्तावेजीकरण न होने से सुरक्षा में चूक की संभावना बनी रहती है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इन आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा और दंडित किया जाएगा। जिले के सभी संबंधित संचालकों को हिदायत दी गई है कि वे बिना किसी देरी के इस प्रक्रिया को पूरा करें।
विश्व कविता दिवस -21 मार्च
-कविता के प्रति गहन लगाव होता है लोगों का
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कनीना की आवाज। विश्व कविता दिवस 21 मार्च को मनाया जाता है और इसे संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन द्वारा 1999 में काव्य अभिव्यक्ति के माध्यम से भाषाई विविधता का समर्थन करने और लुप्तप्राय भाषाओं को सुनने के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से घोषित किया गया था।
कविता दिवस का उद्देश्य विश्व भर में कविता के पठन, लेखन, प्रकाशन और शिक्षण को बढ़ावा देना है और जैसा कि मूल यूनेस्को घोषणा में कहा गया है राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कविता आंदोलनों को नई पहचान और प्रोत्साहन देना है। विभिन्न स्थानों पर कविता पाठ, प्रतियोगिताएं और शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें अक्सर अल्पसंख्यक भाषाओं की कविताओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
इस समाज में कवि और लेखक डा. होशियार सिंह यादव चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि कविता के प्रति यूं तो हर बच्चा, बूढ़ा ,महिला और पुरुष का लगाव होता है किंतु बेहतरीन कविता हो तो सभी को मन को लुभाती है। यदि कविता में कोई भाव हो या रोचक तथ्य शामिल हो तो उसकी और ध्यान अधिक दिया जाता है। यद्यपि गद्य लेखन और कविता लेखन दोनों ही मुश्किल काम है लेकिन कविता लिखने, पढऩे, सुनने की ओर अधिक रुझान होता है जबकि ले,ा आदि पढऩे में कम रुचि रखी जाती है। समाज भी कवियों की कवियों की बात को ध्यान से सुनता है और उनके विचारों को से प्रभावित होता है किंतु लेखक के विचारों को कम ध्यान देते हैं। यह स्वाभाविक बन गया है। आज किसी भी बच्चे से पूछा जाए तो कविता लिखने के लिए अधिक लालायित मिलता है और वो कवि कहलाने में खुशी महसूस करता है।
कविता लिखते समय हर पहलू को ध्यान में रखकर लिखा जाए तो रोचकता बढ़ जाती है और अधिक लोग पसंद करते हैं। वैसे तो आलेख और गद्य विधा को भी सुनने वाले और पढऩे वाले कम नहीं। गद्य में अग रोचकता अधिक पाई जाए ,उसमें यदि आंकड़े अधिक है और सारगर्भित हो तो अधिक पढ़ा जाएगा। ऐसे में चाहे विधा पद्य हो या गद्य उसमें आंकड़े और विचारों का समावेश किया जाए, कविता है तो वह गेय पद्धति पर आधारित हो तो अधिक उत्सुकता बनती है।
फोटो कैप्शन: डा. होशियार सिंह यादव
4.23 करोड़ से अधिक की सरसों का हुआ गबन
- एक व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज, उन्हाणी हैफेड परिसर से हुआ है गबन, पुलिस मामले की जांच में जुटी
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कनीना की आवाज। कनीना से 3 किलोमीटर दूर उन्हाणी स्थित है हैफेड परिसर से करीब 4 करोड़ 23 लाख की सरसों का गबन कर दिया गया है। इस संबंध में जिला प्रबंधक हैफेड नारनौल द्वारा एक व्यक्ति के विरुद्ध गबन का मामला दर्ज करवाया है। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस में दी गई शिकायत में जिला प्रबंधक हैफेड, नारनौल ने कहा है कि आरएमएस/रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान सरसों खरीद से संबंधित स्टाक जो अप्रैल 2025 से जून 2025 तक हैफेड कांप्लेक्स उन्हाणी, कनीना के गोदाम में स्टोर किया गया था। ऋषिदेव पुत्र सतबीर सिंह निवासी कंवर सिंह कालोनी झज्जर को फील्ड इंस्पेक्टर, स्टोर कनीना के पद पर कार्यरत है, कि सुरक्षा में रखा गया था। कार्यालय के अभिलेखों के अनुसार उनके पास कुल 131635.50 क्विंटल सरसों जो 45 किलो ग्राम वाले 295483 बैगों में पैक थी और स्टाक थी। 6 मार्च 2026 को दो आरओ एक अलवर तथा दूसरा कोटा को हैफेड परिसर उन्हाणी से 2600 क्विंटल सरसों प्रत्येक आरओ डिलीवरी हेतु जारी किए थे। 12 मार्च 2026 को जब इस पार्टी के प्रतिनिधि हैफेड परिसर उन्हाणी में सरसों लिफ्ट करने आए तो वहां लोड करने के बाद उन्होंने कार्यालय को फोन पर सूचित किया कि अधिकांश स्टाक ढेर में बिखरे पड़े हैं और कुछ बैग कटे हुए हैं जिनकी डिलीवरी के लिए मात्रा कम हो सकती है। तुरंत हैफेड अधिकारी ने हैफेड परिसर उन्हाणी का दौरा किया और ऋषिदेव फील्ड इंस्पेक्टर को मोबाइल पर काल किया लेकिन काल नहीं उठाई गई। बाद में उन्होंने मोबाइल बंद कर दिया गया।
इसके बाद वीरेंद्र कुमार केंद्र प्रभारी को भी गोदाम पर बुलाया गया। उस वक्त गोदाम स्टाक रजिस्टर उपलब्ध नहीं था और स्टाक की डिलीवरी सुरक्षा गार्ड द्वारा की जा रही थी। 12 मार्च 2026 तक उनके स्टाक में कुल 124033.90 क्विंटल सरसों जो की 280281 बैंगों में निजी पार्टियों तथा एचओएम रेवाड़ी एवं नारनौल को डिलीवरी की जा चुकी थी। ऐसे में कार्यालय के रिकार्ड अनुसार गोदाम में लगभग 16892 बैग सरसों के होने चाहिए था परंतु भौतिक सत्यापन दौरान गोदाम में लगभग 4600 बैग ही उपलब्ध हो पाए। इस प्रकार सरसों में लगभग 12292 बैग सरसों की कमी पाई गई। अधिकारी अनुसार करीब 5531.60 क्विंटल सरसों की कमी पाई गई है जिसका अनुमानित मूल्य 4 करोड़ 12 लाख 44 हजार 793 बनता है। इसी प्रकार कार्यालय रिकार्ड अनुसार उनके पास बारदाना भी विभिन्न ब्रांड के कम पाए गए जिनमें एक ब्रांड के 969 बैग/बारदाना कम पाए गये जिनकी कीमत करीब 91 हजार 842 रुपए बनती है। दूसरे ब्रांड के 12685 बैग/बसरदाना कम पाए गए जिनका मूल्य 10 लाख 32 हजार 940 है। इस प्रकार सरसों बारदाना कमी के कारण हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एवं मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड करो अनुमानित 4 करोड़ 23 लाख 69 हजार 575 रुपए की हानि हुई है। उन्होंने कहा एक ऋषिदेव फील्ड इंस्पेक्टर 12 मार्च 2026 को लगभग 3 बजे शाम से ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित है। जिला प्रबंधक एवं केंद्र प्रभारी द्वारा उनसे लगातार फोन संपर्क करने का प्रयास किया, उनके निवास स्थान झज्जर पर भी जाकर देखा परंतु वह वहां नहीं मिले। यही नहीं वे अब तक संपर्क में नहीं आए हैं। समस्त स्टाक का रखरखाव एवं कस्टडी कार्य ऋषिदेव फील्ड इंस्पेक्टर हफ्टेड कांप्लेक्स उन्हाणी के पास थी। ऐसे में स्टाक में पाई गई सरसों एवं बारदाना कमी के लिए उपरोक्त पूर्ण जिम्मेदार है। और हरियाणा स्टेट कोआपरेटिव सप्लाई मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड को आर्थिक हानि हुई है। उन्होंने कहा कि गोदाम में रखे गए स्टॉक रजिस्टर भी मौके पर उपलब्ध नहीं पाया गया। ऐसे में ऋषिदेव पुत्र सतवीर सिंह झज्जर निवासी, फील्ड इंस्पेक्टर के विरुद्ध मामला दर्ज करके कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे में कनीना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया और जांच अभी जारी है।
इस मामले के संबंध में थाना शहर कनीना एसआई राकेश कुमार से बात हुई। उन्होंने बताया कि मामला एक व्यक्ति के विरुद्ध हो चुका है। मामले की जांच अपराध शाखा आर्थिक कर रहे हैं। उधर जिला प्रबंधक हैफेड नारनौल फोन नहीं उठा रहे हैं।
सदन में पार्षद महिला की जगह नहीं बैठ पाएंगे पार्षद पति...
-नगर निकाय बैठकों में महिला पार्षद की उपस्थिति अनिवार्य, नियम तोडऩे पर होगी कार्रवाई
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कनीना की आवाज। हरियाणा में महिला सशक्तिकरण को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब प्रदेश की नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों की बैठकों में महिला पार्षदों की जगह उनके पति, भाई, बेटे या किसी भी पुरुष प्रतिनिधि के बैठने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जारी नए निर्देशों के अनुसार, यदि कोई पुरुष प्रतिनिधि महिला पार्षद की जगह सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेता या हस्तक्षेप करता पाया गया तो संबंधित पार्षद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के संज्ञान में आया था कि च्प्रतिनिधि प्रथाज् के कारण महिला आरक्षण का वास्तविक उद्देश्य कई जगहों पर पूरा नहीं हो पा रहा था। अक्सर महिलाएं चुनाव तो जीत जाती हैं, लेकिन सदन के भीतर उनके अधिकारों और शक्तियों का इस्तेमाल उनके परिवार के पुरुष सदस्य करते हैं। आम बोलचाल में इन्हें च्पार्षद पतिज् या च्सुपर पार्षदज् कहा जाता है।
इसी प्रथा को खत्म करने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि नगर निकायों की बैठकों में महिला पार्षद की स्वयं उपस्थिति अनिवार्य होगी। सरकार का मानना है कि इससे महिलाएं अपने वार्ड की समस्याओं को खुद सदन में रखेंगी, जिससे उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित होगी।
नए निर्देशों में यह भी कहा गया है कि नगर निगमों को हर महीने कम से कम एक बैठक और हर छह महीने में तीन दिन का विधिवत सत्र बुलाना अनिवार्य होगा।
वहीं नगर निगम गुरुग्राम की अगली सदन बैठक 19 मार्च को प्रस्तावित है। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बैठक में किसी भी महिला पार्षद के प्रतिनिधि को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही अब बैठकों की सूचना और कार्यवाही की रिपोर्ट संबंधित सांसदों और विधायकों को भेजना भी अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
पिता की तेरहवीं पर पुत्री ने गौशाला को दिए 2.11 लाख रुपए
--आर्य समाज मंदिर को दिये 11 हजार रुपए
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी स्वर्गीय सूबेदार करतार सिंह की तेरहवीं पर उनकी पुत्री नीना यादव ने श्रीकृष्ण गौशाला, कनीना को 2 लाख 11 हजार रुपए का दान दिया है। यही नहीं अपितु आर्य समाज मंदिर में लगने वाले चिकित्सा शिविर के लिए भी 11 हजार रुपये का दान दिया है। नीना यादव अपने पिता की इकलौती संतान हैं। उन्होंने अपने पति पूर्व कालेज प्राचार्य पीके यादव के साथ मिलकर पिता की वृद्धावस्था में निरंतर सेवा की और अंतिम समय तक उनका पूरा ध्यान रखा। नीना यादव सेवानिवृत्त प्राध्यापिका हैं, जबकि उनके पति कालेज प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
गौरतलब है कि स्वर्गीय करतार सिंह ने भी गौसेवा के प्रति आस्था रखते हुए इस वर्ष अपने जन्मदिन के अवसर पर गौशाला को 51 हजार रुपये का सहयोग दिया था। इस अवसर पर गौशाला प्रधान भगत सिंह व कार्यकारिणी सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए शांति पाठ किया और परिवार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य समाज को सेवा और संस्कारों की प्रेरणा देते हैं। इस दौरान सचिव यश कनीनवाल, सह-सचिव रामपाल, बलवान सिंह आर्य, ओमप्रकाश आर्य, उप-प्रधान दिलावर सिंह, रविंद्र बंसल, मास्टर रामप्रताप, पूर्व पार्षद राजेंद्र, कृष्ण प्रकाश गुरुजी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02:पूर्व प्राध्यापिका नीना यादव गौशाला में दान देते हुए
कनीना क्षेत्र में दो दिनों से हुई 14 एमएम वर्षा
-गेहूं की फसल को हुआ है नुकसान
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में जहां विगत तीन दिनों से मौसम लगातार बदल रहा है और बूंदाबांदी रुक रुककर हो रही है। इससे पहले जहां गर्मी का माहौल रहा। जबकि तीन दिनों से गर्मी में भी सर्दी का एहसास हुआ है। फिर से लोगों को ऊनी कपड़े पहनने पड़े हैंक्योंकि तापमान गिरता ही जा रहा है।
जहां शुक्रवार को सुबह 7 एमएम वर्षा हुई । वर्षा सुबह 4बजे से पहले ही शुरू हो गई थी। धीरे-धीरे बूंदाबांदी चलती रही। दोपहर तक मौसम खराब रहा जिसके चलते सड़कों के किनारे पर पानी खड़ा हो गया। हर जगह कीचड़ और दलदल की हालत बन गई है। इस प्रकार के झड़ ने सावन को भी मात दे दी है। वहीं सबसे अधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ा है।
इस समय किसानों ने सरसों की फसल को काटकर इक_ा कर रखा है जो तेज हवाएं चलने से उड़ गई वहीं लावणी में व्यवधान आ गया है। अभी गेहूं की फसल की लावणी होने में कुछ समय बाकी है किंतु सरसों की फसल में दिक्कत आ गई है। किसान अब काटकर डाली गई फसल को सुखाएंगे तत्पश्चात ही पैदावार ले पाएंगे। उधर गेहूं की फसल वर्षा होने और तेज हवाएं चलने से धरती पर लेट गई। अधिकांश किसानों की गेहूं की फसल धरती पर लेट गई है। किसानों के अनुसार उसमें 10 से 20 प्रतिशत नुकसान होने का अंदेशा बन गया है क्योंकि धरती पर लेटी फसल की लावणी भी संभव नहीं और वह सही ढंग से पक भी नहीं पाएगी।
उल्लेखनीय है कि कनीना क्षेत्र में करीब 20000 हेक्टेयर पर सरसों तथा करीब 9 हजार हेक्टेयर पर गेहूं की फसल उगाई गई है। किसान गेहूं की लावणी का इंतजार कर रहे है जबकि सरसों की लावणी त्वरित गति से चल रही है।
इस संबंध में एसडीओ कृषि विभाग महेंद्रगढ़ डा. अजय यादव से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि सरसों की फसल में अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है लेकिन गेहूं की फसल जो धरती पर लेट गई है उसमें नुकसान होने की पूरी संभावना बन गई है।
एसडीओ ने दी किसानों को हिदायत-
एसडीओ कृषि डा. अजय यादव अनुसार जिन किसानों को लगता है कि फसल में नुकसान हो गया है और उन्होंने फसल का बीमा करवा रखा है। उन्हें खेत में अपनी पालिसी ले जाकर खेत में खड़े होकर आनलाइन शिकायत दर्ज करवानी है। शिकायत में पालिसी नंबर होना बहुत जरूरी है। तत्पश्चात शिकायत पर सर्वे होगी और आगे की कार्रवाई चलेगी। ऐसे में उन्होंने कहा कि केवल वो किसान जिन्होंने अपनी फसल बीमा करवा रखा है और नुकसान हुआ है तो वे ही आनलाइन शिकायत दर्ज करवाये।
फोटो कैप्शन 04: गेहूं की फसल लेटी हुई दिखाता किसान
फोटो कैप्शन 3: सड़क के किनारे भरा हुआ वर्षा का जल
सूबेदार करतार सिंह की याद में दिए गौशाला को 2.11 लाख रुपए
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कनीना की आवाज। कनीना के सूबेदार करतार सिंह की पगड़ी के कार्यक्रम में उनकी पुत्री नीना यादव ने कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला को 2.11 लाख रुपए दिये हैं। उनका कहना है कि गायों के लिए चारे की जरूरत होती है। यही नहीं उन्होंने कनीना के आर्य समाज मंदिर में प्रतिदिन लगने वाले चिकित्सा शिविर हेतु भी 11000 रुपए दिए हैं। उल्लेखनीय यादव हिंदी प्रवक्ता से सेवानिवृत्त है तथा अपने पिता सूबेदार करतार सिंह की एकमात्र पुत्री है। उन्होंने कहा कि समाज में गायों की सेवा करना तथा मरीजों की सेवा करना हर इंसान का फर्ज होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यह दान दिया है ताकि गायों और गरीबों की सेवा में कुछ राशि खर्च की जा सके।
इस मौके पर प्रधान भगत सिंह, नीना यादव, रीता देवी, पवन कुमार, प्रदीप, दिलावर सिंह, यश यादव, सह सचिव रामपाल यादव, विकास यादव, रविंद्र बंसल,होशियार सिंह सत्संगी, राजेंद्र पार्षद बलवान सिंह, अशोक कुमार, सतवीर गुगनवाला, राज सिंह प्रापर्टी डीलर ,महेंद्र सिंह साहब आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: नीना यादव गौशाला में दान करते हुए
एलपीजी के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्त व हेल्पलाइन नंबर जारी
-उपभोक्ता 01282-251249 पर कर सकते हैं शिकायत
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कनीना की आवाज। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार के निर्देशानुसार जिला महेंद्रगढ़ में एलपीजी की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनाधिकृत उपयोग पर जिला प्रशासन सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। विभाग ने इसके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के साथ-साथ जिला स्तरीय हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
यह जानकारी देते हुए सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि प्रभावी निगरानी के लिए
सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी नारनौल अरुण कुमार को नारनौल, अटेली व नांगल चौधरी तथा सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी, सर्कल कार्यालय नारनौल पुरुषोत्तम को महेंद्रगढ़ कनीना तथा सतनाली के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
उन्होंने बताया कि सर्कल कार्यालय नारनौल के लैंडलाइन नंबर 01282-251249 को उपभोक्ताओं की एलपीजी से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। यदि किसी भी उपभोक्ता को एलपीजी वितरण में अनियमितता, कालाबाजारी या जमाखोरी की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत उपरोक्त हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
कनीना का मां शेरावाली मंदिर जहां नवरात्रों में लगती है भीड़
-वर्ष में दो बार आते हें नवरात्रे
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कनीना की आवाज। मंदिर की स्थापना करीब 18 वर्ष पूर्व हुई है। इसका निर्माण कार्य संजीत यादव कनीना के निवासी की देखरेख में संपन्न हुआ है। इस मंदिर के चारों ओर द्वार एवं विशाल सीढिय़ां हैं। दूर से ही आकर्षित करता हुआ माता मंदिर वर्तमान में विख्यात है। संत मोलडऩाथ आश्रम परिसर में ही यह मां का भव्य मंदिर बना हुआ है। इस मंदिर के पास बाबा को ग्राउंड है जहां संतों को भोजन कराया जाता है।
मंदिर की भव्य मूर्ति 51 हजार रुपये में जयपुर के प्रसिद्ध कारीगरों द्वारा निर्मित करवाकर विधि विधान से इस मंदिर में स्थापित करवाई गई थी। प्रत्येक नवरात्रों के समय मां के मंदिर को सजाया जाता है। भारी संख्या में भक्तजन यहां आते हैं। इस मंदिर की भव्यता ही इसका आकर्षण है। सुमन रोहिल्ला ने बताया कि कि वो हर वर्ष मां को नवरात्रों में पोशाक पहनाती हैं।
पूजा का विशेष विधान.
नवरात्रों पर समीपी गांवों के भक्तजन आते हैं और अपने साथ नारियल, मां की चुनरी, प्रसाद, मां की ध्वजा लेकर आते हैं और विधि विधान से पूजा करके ध्वजा को अर्पित कर देते हैं। करीब 61 फुट ऊंचे इस मंदिर में आकर पूजा अर्चना करते हैं।
शहर का एकमात्र मां मंदिर-
शहर का यह एकमात्र मां शेरावाली का मंदिर है। संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ आश्रम परिसर में बने इस मंदिर में भक्तजन अधिक आने के पीछे मंदिरों का एक समूह विकसित होना है। पास में विभिन्न देवी देवताओं के एक दर्जन मंदिर बने हैं। आकर्षण का कारण शहीद प्रतिमाओं के पास होना भी है। पार्कों से सुसज्जित दस मंदिर को दूर दराज से भी देखा जा सकता है।
नवरात्रों के दिनों में यहां सैकड़ों भक्तजन आते हैं और मां के दर्शन करते हैं। इस मंदिर की देखरेख का काम भी कनीना के संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ आश्रम पर रहने वाले संत ही करते हैं। प्राचीन बाबा मोलडऩाथ आश्रम जोहड़ के किनारे पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचना आसान है क्योंकि पास में सामान्य बस स्टैंड स्थित है। वर्ष में दो बार आने वाले नवरात्रों पर भीड़ एक मेले का रूप ले लेती है।
महेंद्रगढ़ के कनीना कस्बे तक रेल सेवा या बस सेवा से पहुंचा जा सकता है। रेलवे स्टेशन से महज दो किमी बस स्टैंड के पास ही यह भव्य मंदिर दिखाई पड़ता है। बाबा मोलडऩाथ आश्रम के पास मंदिर स्थित है। यहां पर कोई भी पुजारी नहीं रहता है। भक्तजन स्वयं यहां आकर धोक लगाकर अपने घरों को चले जाते हैं।
क्या कहते हैं भक्त.
भक्त दिनेश कुमार का कहना है कि कनीना क्षेत्र में यह विशाल मंदिर है जहां नवरात्रों में सुबह.शाम जोत जलती है और पूजा चलती है। भक्तजन भी यहां आकर जोत जलाते हैं। इस मंदिर में भक्तों का पूरे नवरात्रों में तांता लगा रहता है। दूर दराज से भक्त आते हैं और पूजा करते हैं।
क्या कहते हैं पुजारी-
पूजारी रामनिवास महंत का कहना है कि वर्ष में दो बार आने वाले इन नवरात्रों में वे मां के मदिर जाते हैं और पूजा अर्चना करके विशेष आनंद मिलता है। मां के नवरात्रों में वे व्रत रखते हैं और मां की पूजा अर्चना करने के लिए प्रसाद, नारियल एवं चुनरी ले जाते हैं। मां के चरणों में जोत जलाते हैं।
फोटो कैप्शन-01 मां मंदिर
02 मां की मूर्ति।
साथ में दिनेश एवं रामनिवास
पूर्व प्राध्यापिका ने मोलडऩाथ आश्रम को दिये 51 हजार
-मोलडऩाथ कमेटी ने किया उन्हें सम्मानित
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कनीना की आवाज। बेटियां भी किसी से कम नहीं होती। ऐसा ही उदाहरण पेश किया आज स्व. करतार सिंह साहब की बेटी नीना यादव ने। पूर्व प्राध्यापिका नीना यादव बाबा मोलडऩाथ मंदिर अपनी चाची रीता देवी व चचेरे भाई पवन कुमार को साथ लेकर आई और संत के दर्शन करके 51000 रुपए की सहयोग राशि मंदिर निर्माण कार्य के लिए भेंट की। उन्होंने यह राशि अपने स्वर्गीय पिता करतार साहब की याद में दिये हैं। नीना यादव ने जहां पढ़ लिखकर एक ऊंचा मुकाम हासिल किया और बतौर प्राध्यापिका उन्होंने समाज की सेवा की। उन्होंने हर तरह से अपना फर्ज निभाया और अपने पिता को कभी यह महसूस होने ही नहीं दिया कि समाज में सिर्फ बेटे ही वह कार्य कर सकते हैं जो बेटियां नहीं कर सकती। वो अपने पिता करतार साहब की इकलौती पुत्री है। उन्होंने अपने हर कार्य को बखूबी निभाया है।
प्रधान दिनेश यादव का मंदिर कमेटी की पूरी टीम ने उनका सम्मान किया। इस मौके पर प्रधान दिनेश यादव, सतबीर यादव, रमेश, मुकेश शर्मा, अशोक डीपी, प्रकाश साहब, बालवीर साहब, लाल सिंह, बाबा रामनिवास, शिवचरण, शिव कुमार, महेंद्र सिंह, अरविंद यादव ,मास्टर अनिल कुमार व अन्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: नीना यादव संत मोलडऩाथ आश्रम कनीना को दान देते हुए।












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