कनीना मंडी विद्यालय में शिक्षा अधिकारियों का सम्मान समारोह
--- नामांकन बढ़ाने का दिया संदेश
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में आज एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उप-जिला शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह तथा नव आगंतुक खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव के पदोन्नति एवं सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में खंड कनीना के सभी विद्यालयों के मुखियाओं ने भाग लेकर शिक्षा जगत के इन अधिकारियों का अभिनंदन किया।
समारोह के मुख्य अतिथि उप-जिला शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि अध्यापक समाज की सबसे बड़ी संपत्ति का निर्माता होता है और एक समर्पित शिक्षक ही देश की तस्वीर और तकदीर बदल सकता है। उन्होंने प्राचार्य वर्ग से आह्वान किया कि वे नए शैक्षणिक सत्र में नामांकन बढ़ाने को एक सकारात्मक चुनौती के रूप में स्वीकार करें तथा सरकार की नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यालयों में कार्य करें।
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार यादव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समावेशी वातावरण पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। उन्होंने जानकारी दी कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी अब सह-शिक्षा विद्यालय बन चुका है और इस वर्ष से कक्षा 6 से 12 तक विद्यार्थियों के दाखिले भी किए जाएंगे।
समारोह में छात्राओं प्रीति, भारती एवं सुप्रिया ने मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया, इन छात्रों को विद्यालय की शिक्षा समिति प्रधान मंजीता देवी के साथ सम्मानित किया गया वहीं अमृत राघव एवं सत्य प्रकाश मुख्याध्यापक ने विदाई गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान वीरेंद्र सिंह मौलिक मुख्याध्यापक, प्राचार्य हरीश यादव, ईश्वर सिंह सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखें। मुख्य अतिथि व अध्यक्ष को पेंटिंग व स्मृति चिन्ह भेंट करके उनका आभार व्यक्त किया गया। प्राचार्य सुनील खुडानिया ने सभी का आभार जताया।
फोटो कैप्शन 06: उप जिला शिक्षा अधिकारी एवं बीइओ कनीना का अभिनंदन करते हुए
नवरात्रि पूजा में बचा हुआ सामान यूं ही न फेंके
-सही ढंग से डिस्पोज करें-यादव
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कनीना की आवाज। हर जन के दिमाग में आता है कि नवरात्रों की पूजा के बाद बचा हुआ पदार्थ कहां प्रयोग करे। व्रत पूर्ण होते ही लोग इसे इधर उधर फेंककर अपने कार्य की इतिश्री मान लेते हैं। अकसर गंदे पानी के जोहड़ में डाल देते हैं या नदी नालों में डालकर जल में गंदगी बढ़ाने का काम करते हैं। नवरात्रे हवन के समान होते हें और सभी पदार्थ शुद्ध मानकर सही रूप में डिस्पोज करने चाहिए। नवरात्रि पूजा में बचा हुआ सामान जैसे फूल, माला, कलश का नारियल पवित्र माना जाता है। नवरात्रे संपन्न होते ही कुछ लोग उसे कूड़े में फेंक देते हैं या फिर गंदे नालों में फेंक देते हैं। इस संबंध में कनीना के विज्ञान के ज्ञाता डा. एचएस यादव का कहना है कि नवरात्रि पूजा में बचा हुआ सामान कूड़े में न डाले। पुरानी मालाओं को किसी पेड़ के नीचे या गमले में डालें इससे नये पौधे गेंदे के तैयार हो जाएंगे। या फिर इन मालाओं को पार्क, क्यारियों में दबा दे ताकि नये पौधे तैयार हो जाएंगे। कलश के नारियल को प्रसाद के रूप में बांटें या फिर हलवा आदि पकवान में डाल सकते हैं। यहां तक कि चुनरी को जोहड़ों एवं नहरों में न डाले। हो सके तो तिजोरी या मंदिर में रखें इससे चुनरी का उपयोग हो जाएगा।
डा. यादव ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या जवारे से संबंधित देखने को मिलता है। लोग जवारे को नदी, जोहड़ में बहा देते हैं। हकीकत यह है कि जवारे को व्रत संपन्न करते वक्त ऊपर से काटकर पानी में डालकर मिक्सी में मिक्स करके चीनी आदि डालकर या बगैर चीनी के छानकर पीने से कई रोगों से बच जाते हैं। यह जवारा कैंसर से भी बचा सकता है। जवारे को प्रयोग नहीं करना चाहे तो उसे गाय को खिलाएं या खेत में दबा देना चाहिए।
उनका कहना है कि सूखी हुई माला को पूजा घर में रख सकते हैं। बाकी को गमले की मिट्टी में दबा दें ताकि वे खाद बन जाएं। कलश स्थापना वाले नारियल को प्रसाद के रूप में या हलवा आदि बनाने में प्रयोग करें। हो सके कन्या पूजन के वक्त हलवे के प्रसाद में डालकर सभी को खिलाए। परिवार में बांटें। कलश के जल को आम के पत्तों की मदद से पूरे घर में छिड़कें ताकि सकारात्मक ऊर्जा आए। बाकी बचे हुए जल को तुलसी के पौधे में डाल दें। कलश को फिर से काम में लिया जा सकता है। अखंड ज्योति की बची हुई बाती को इकट्ठा करके दोबारा जलाकर उसमें कपूर डाल दें।
कलश में डाले गए सिक्कों को अपनी तिजोरी में रखें या पर्स में सुरक्षित रख ले। पूजा की सामग्री को कभी भी गंदी जगह या पैरों के नीचे न आने दें।
फोटो कैप्शन: डा. एचएस यादव
बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेहलंग में अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड के विजेताओं को किया गया सम्मानित
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कनीना की आवाज। बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग में साइंस ओलंपियाड फाउंडेशन के द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विजेता विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की उपलब्धियों को सराहना तथा अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करना रहा।
विद्यालय प्रबंधन ने सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के उत्साह और आत्मविश्वास को देखकर अभिभावक एवं शिक्षक अत्यंत प्रसन्न दिखाई दिए।
विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने इस अवसर पर कहा कि ओलंपियाड जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय सदैव छात्रों को आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करता रहेगा।
यह समारोह विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा और विद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
फोटो कैप्शन 04:विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए हरिश भारद्वाज
450 लोगों की नेत्र जांच
-60 नेत्र रोगियों का आपरेशन के लिए चयन
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव बेवल में समाजसेवी स्व. उमराव यादव की स्मृति में नि:शुल्क नेत्र जांच एवं आपरेशन शिविर लगाया गया। मुख्य अतिथि अतरलाल एडवोकेट शिविर का शुभारम्भ किया। शिविर में मिश्रीदेवी आई अस्पताल नीमराणा बहरोड़ के नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. बिरेन्द्र सिंह यादव की टीम ने 450 लोगों की नेत्र जांच कर जरूरतमंद नेत्र रोगियों को नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गई। टीम ने 60 नेत्र रोगियों का आपरेशन के लिए चयन किया। अतरलाल ने शिविर आयोजित करने के लिए व्यवस्थापक डॉ. सोमबीर, निहाल सिंह व नेत्र रोग विशेषज्ञ टीम का फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर करण सिंह यादव, जयसिंह, सरजीत, भगवानदास, रामपाल, रामौतार, जगरूप, विनय कुमार, रणवीर, सुबेसिंह, रामपाल, पवन कुमार, दीनदयाल जांगड़ा, बनवारीलाल, सुनील कुमार, औमप्रकाश, मुन्नी, सुनीता, मंजू, कमला, सुमन, मायावती ने शिविर की सफलता में उल्लेखनीय योगदान दिया।
फोटो कैप्शन 03: शिविर में रजिस्ट्रेशन कराते नेत्र रोगी।
शिक्षा आपके द्वार
राजकीय माडल संस्कृति स्कूल कनीना द्वारा भव्य नामांकन अभियान का आगाज
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कनीना की आवाज। राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना द्वारा नए शैक्षणिक सत्र के लिए नया नामांकन अभियान पूरे उत्साह के साथ शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा से जोडऩा है।
यह विशेष अभियान विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील खुडानिया के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में चलाया जा रहा है। स्कूल प्रशासन द्वारा शिक्षकों की 4 से 5 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो कनीना शहर सहित आस-पास के सभी गांवों में घर-घर जाकर अभिभावकों और बच्चों को सरकारी स्कूल की सुविधाओं और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक कर रही हैं। इस जनसंपर्क अभियान में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक रवि कुमार, मुंशी राम, रविंद्र जाखड़, सुरेंद्र मोरवाल, सोमबीर धनखड़, नरेश कुमार, बलदीप यादव, हिम्मत सिंह एवं सुरेंद्र कुमार पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं। ये टीमें गांवों की गलियों और चौपालों पर जाकर ग्रामीणों से संवाद कर रही हैं और उन्हें विद्यालय में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं की जानकारी दे रही हैं।
प्रधानाचार्य सुनील खुडानिया ने बताया कि मॉडल संस्कृति स्कूल होने के नाते हमारा लक्ष्य बच्चों को निजी स्कूलों से भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में अनुभवी एवं योग्य अध्यापकों की टीम, आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, खेल की उत्कृष्ट सुविधाएं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उचित माहौल उपलब्ध है।विद्यालय प्रबंधन ने क्षेत्र के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनका नामांकन राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना में करवाएं। सरकारी योजनाओं और नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के तहत यहाँ बच्चों को बेहतरीन मंच प्रदान किया जा रहा है।
प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभिभावक किसी भी कार्य दिवस में विद्यालय कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं या गांव में आ रही स्कूल की टीमों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
फोटो कैप्शन 01: माडल स्कूल के शिक्षक नामांकन अभियान चलाते हुए
महाविद्यालयों की विभिन्न मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
--अनेक मांगों का दिया ज्ञापन
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कनीना की आवाज। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर से संबद्ध सरकारी महाविद्यालयों के शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर प्रोफेसर शमशेर सिंह (सदस्य—कार्यकारी परिषद, शैक्षणिक परिषद (कालेज) एवं विश्वविद्यालय न्यायालय) ने विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति व कुल-सचिव को एक विस्तृत प्रतिनिधित्व पत्र सौंपा । इस प्रतिनिधित्व में शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है।
प्रोफेसर शमशेर सिंह ने अपने पत्र में कहा कि वर्तमान में प्रस्तावित सेमेस्टर परीक्षाओं की तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है, जिसे संशोधित करते हुए 1 मई 2026 से प्रारंभ किया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि परीक्षाएं पहले शुरू होंगी, तो अधिकांश परीक्षाएं ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व ही पूर्ण हो जाएंगी, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को सुविधा होगी तथा पूर्व वर्षों की परंपरा भी बनी रहेगी।
इसके अतिरिक्त, बीएड पाठ्यक्रम की परीक्षाओं को जुलाई 2026 के प्रथम सप्ताह में आयोजित करने का सुझाव दिया गया है। उनका कहना है कि इससे महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक अपने निर्धारित ग्रीष्मकालीन अवकाश का पूरा लाभ उठा सकेंगे और शैक्षणिक कार्य भी सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा।
उन्होंने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा संबंधी कार्यों—जैसे प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन एवं अन्य परीक्षा ड्यूटी—के लिए दिए जाने वाले मानदेय में काफी समय से कोई संशोधन नहीं किया गया है। अत: इन मानदेयों में यथोचित वृद्धि की जानी चाहिए और इसे आगामी मई/जून 2026 की परीक्षाओं से ही लागू किया जाना चाहिए,
इसके साथ ही, नए शैक्षणिक कैलेंडर के निर्माण को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए । उन्होंने आग्रह किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन को इस प्रक्रिया में सरकारी महाविद्यालयों के वरिष्ठ प्राध्यापकों एवं प्राचार्यों से विस्तृत विचार-विमर्श करना चाहिए, ताकि एक संतुलित, व्यवहारिक एवं सभी पक्षों के लिए उपयुक्त शैक्षणिक कैलेंडर तैयार किया जा सके।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षकों की इन जायज मांगों एवं सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगा और शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक कार्यवाही करेगा।
फोटो कैप्शन 02: ज्ञापन सौंपते हुए शमशेर सिंह प्रोफेसर
कामनवेल्थ गेम्स 2026 और एशियन गेम्स 2026 किया क्वालीफाई
-छीथरोली की शर्मिला ने जीते 2 गोल्ड मेडल
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव छीथरोली की लड़की शर्मिला ने कामनवेल्थ गेम्स 2026 और एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। एक प्रतिभाशाली पैरा एथलीट, ने अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने जनवरी 2026 में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शाटपुट और डिस्कस थ्रो में 2 गोल्ड मेडल जीते। इसके अलावा, उन्होंने फरवरी 2026 में दुबई ग्रैंड प्रिक्स चैंपियनशिप में शाटपुट में गोल्ड मेडल और डिस्कस थ्रो में ब्रान्ज मेडल हासिल किया। मार्च 2026 में भुवनेश्वर में आयोजित 24वें पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में, उन्होंने शाटपुट में गोल्ड मेडल और डिस्कस थ्रो में ब्रान्ज मेडल जीता। साथ ही नए राष्ट्रीय रिकार्ड भी बनाए। उनकी इस उपलब्धि के साथ, उन्होंने कामनवेल्थ गेम्स 2026 और एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। वह पिछले 2 साल से सोनीपत में कोच वीरेंद्र धनखड़ के साथ प्रशिक्षण ले रही हैं।
फोटो कैप्शन: शर्मिला
कनीना में 10.67 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक बस स्टैंड
-परिवहन सुविधाओं में होगा विस्तार - आरती सिंह राव
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कनीना की आवाज। हरियाणा सरकार ने कनीना में 6-बेज के आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी दी है। इस परियोजना पर कुल 10.67 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी।
यह जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि कई दशकों से क्षेत्र के लोगों की मांग रही है। अब यह परियोजना सिरे चढऩे जा रही है। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि कनीना में बनने वाला यह नया बस स्टैंड पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें यात्रियों के बैठने के लिए विशाल एवं आरामदायक प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल, महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय, आधुनिक टिकट काउंटर और डिजिटल सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। बसों के सुव्यवस्थित आवागमन के लिए 6 अलग-अलग प्लेटफार्म बनाए जाएंगे ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि बस स्टैंड बनने से न केवल यात्रियों का सफर सुगम होगा, बल्कि इससे पूरे कनीना क्षेत्र के आर्थिक व सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। परिवहन सुविधाओं में विस्तार होने से स्थानीय बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को मिलेगा।
आरती सिंह राव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया व अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएं ताकि निर्माण कार्य समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के हर कोने में समान रूप से विकास कार्य करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और कनीना का यह बस स्टैंड क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
उल्लेखनीय है कि कनीना के बस स्टैंड का उद्घाटन तत्कालीन मंत्री कर्नल महा सिंह ने 1976 में किया था जो बाद में जर्जर होने के कारण चार वर्ष पहले गिरा दिया गया था। सर्दी एवं गर्मी में यात्री परेशान रहे जिसके चलते आंदोलन भी चले और एक टीन शेड का निर्माण करवाया गया था। दो वर्षों से टीन शेड में ही बस स्टैंड कनीना चल रहा है। अब इसका भवन बनाने की संभावना बनी है।
फोटो कैप्शन 05: कनीना बस स्टैंड
निर्माण की मांग करते लोग












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