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Sunday, September 27, 2026



 



सेवा संकल्प सेवा यात्रा का मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया स्वागत
-वडनगर से वाराणसी तक की यात्रा सेवा से संकल्प, संकल्प से सिद्धि और सिद्धि से विकसित भारत का संदेश - मुख्यमंत्री
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कनीना की आवाज।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने न कभी छुट्टी की चिंता की और न आराम को प्राथमिकता दी। उनके लिए 140 करोड़ देशवासी ही परिवार हैं। गरीब की पीड़ा, किसान की चिंता और युवा का सपना उनका अपना है। माताओं-बहनों का सम्मान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जबकि सीमा पर खड़े सैनिक का साहस उनका संकल्प है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी रविवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत गुजरात के वडनगर से वाराणसी तक निकाली जा रही सेवा यात्रा (मोटरसाइकिल यात्रा) के स्वागत को लेकर महेंद्रगढ़ के गांव गोद में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यात्रा का स्वागत किया और कार्यक्रम के बाद हरी झंडी दिखाकर उसे आगे गंतव्य के लिए रवाना किया।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि यह यात्रा सेवा से संकल्प, संकल्प से सिद्धि और सिद्धि से विकसित भारत तक की यात्रा है। उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ इतिहास, पराक्रम, जनचेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान की धरती है। उन्होंने यात्रा का यहां पहुंचने पर स्वागत किया और इसे यादगार पल बताया।
उन्होंने कहा कि वडनगर से वाराणसी तक की यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरक जीवन-यात्रा का भी प्रतीक है। वडनगर उनकी जन्मभूमि है, जबकि वाराणसी उनकी कर्मभूमि
है, जहां से भारत की विरासत और आधुनिक आकांक्षाओं को साथ लेकर विकसित भारत का संकल्प आगे बढ़ाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने जीवन से जनसेवा को राजनीति का मूल उ?द्देश्य बनाया। 7 अक्तूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में दायित्व संभालने के बाद आगामी 7 अक्तूबर को उनकी जनसेवा के अविराम 25 वर्ष पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि इस पूरे सफर में गरीब कल्याण और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाना उनकी प्राथमिकता रही है।
भारत आज डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रहा है-
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद लाल किले से स्वच्छता का संदेश दिया गया। स्वच्छ भारत मिशन को गरीब के स्वास्थ्य, नारी की गरिमा और देश के सम्मान से जोड़ते हुए आगे बढ़ाया गया। उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब माताओं को धुएं से मुक्ति, जबकि हर घर बिजली, नल से जल, जनधन योजना और पक्के मकान के लिए अभियान चलाए गए। आयुष्मान भारत ने गरीब परिवारों को उपचार का भरोसा दिया, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ने किसानों को आर्थिक संबल दिया और मुफ्त राशन ने संकट के समय करोड़ों परिवारों की रसोई का चूल्हा जलाए रखा।
उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रहा है और यू.पी.आई. पूरी दुनिया के लिए उदाहरण बन चुका है। स्टार्टअप, अंतरिक्ष, ड्रोन, एआई, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में युवा देश की नई पहचान बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा तिरंगा चंद्रमा के उस दक्षिणी ध्रुव के पास लहरा रहा है, जहां दुनिया का कोई देश पहले नहीं पहुंच पाया था। यह सफलता उस नए भारत के आत्मविश्वास की विजय है, जो कठिन से कठिन लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने का साहस रखता है। भारत अब दूसरों के बनाए रास्तों पर चलने वाला नहीं, बल्कि दुनिया को नए रास्ते दिखाने वाला राष्ट्र बन रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत की नीति और पहचान बदली है। भारत शांति चाहता है, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं करता। आतंकवाद का जवाब उसके घर में घुसकर दिया जाता है। वीर सैनिकों को आधुनिक संसाधन दिए जा रहे हैं और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में बने रक्षा उपकरण आज दूसरे देशों तक पहुंच रहे हैं। अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर को विकास की मुख्यधारा से जोडऩे तथा वन रैंक, वन पेंशन लागू कर पूर्व सैनिकों के अधिकार को सम्मान देने का काम हुआ है।
देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया-
कोरोना महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बड़े-बड़े साधन-संपन्न देश भी असहाय दिखाई दे रहे थे, तब प्रधानमंत्री ने भारत का नेतृत्व दृढ़ता और दूरदर्शिता से किया। भारतीय वैज्ञानिकों ने स्वदेशी वैक्सीन बनाई और देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया गया।
उन्होंने कहा कि आज विश्व मंच पर भारत की आवाज सम्मान के साथ सुनी जाती है। जी-20 और हाल ही में हुए ब्रिक्स सम्मेलन की सफल अध्यक्षता ने भारत की संगठन क्षमता, संस्कृति और नेतृत्व को दुनिया के सामने रखा। भारत को आज एक विश्वसनीय साथी, समाधान देने वाले राष्ट्र और मानवता की मजबूत आवाज के रूप में देखा जाता है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया है कि विकास और विरासत एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे की शक्ति हैं। देश में एक्सप्रेस-वे, वंदे भारत ट्रेनें, नए हवाई अड्डे, डिजिटल तकनीक और औ?द्योगिक कॉरिडोर जैसी आधुनिक परियोजनाओं के साथ अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य व दिव्य मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और सांस्कृतिक विरासत का पुनरुत्थान भी हो रहा है। भारत अपनी जड़ों पर गर्व करते हुए भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
युवाओं को यात्रा का संदेश समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मोटरसाइकिल की गति के लिए ऊर्जा, दिशा के लिए संतुलन और मंजिल के लिए अनुशासन जरूरी है। इसी तरह जीवन में भी इन तीनों का महत्व है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाने, नशे, हिंसा, निराशा और नकारात्मकता से दूर रहने तथा खेल, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेत, उद्योग और स्टार्टअप को अपनी कर्मभूमि बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने यात्रा में शामिल साथियों से प्रत्येक पड़ाव पर सेवा का कोई कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यात्रा सेवा की ज्योति और राष्ट्रभक्ति का संदेश लेकर आगे बढ़े तथा विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करे।
मुख्यमंत्री ने यात्रा में अनुशासन बनाए रखने, यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित यात्रा करने की अपील की। उन्होंने बाबा विश्वनाथ से यात्रा पर आशीर्वाद बनाए रखने की कामना करते हुए कहा कि सेवा का यह कारवां आगे बढ़ता रहे और राष्ट्रभक्ति की ज्योति हर हृदय में जलती रहे।
गोद में बनेगी ई-लाइब्रेरी: मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महेंद्रगढ़ के लिए कई अहम घोषणाएं भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के मामले में इस क्षेत्र में कोई कमीं नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने नांगल चौधरी के पूर्व विधायक डॉ अभय सिंह यादव की मांग पर बलाह कलां गांव में जल घर को नहर से पाइपलाइन के माध्यम से जोडऩे की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने गोद गांव में ई-लाइब्रेरी स्थापित करने, बलाह खुर्द में हनुमान सिंह के खेत से राजस्थान सीमा तक रास्ता पक्का करने और गांव बलाह खुर्द में बालाजी मंदिर के सामने खाली जमीन पर व्यायाम शाला बनाने की भी घोषणा की।
यात्रा में शामिल युवाओं के साथ मुख्यमंत्री ने किया संवाद-
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वडनगर से वाराणसी सेवा यात्रा में शामिल युवाओं के साथ संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से यात्रा के राजस्थान से गुजरते वक्त के अनुभव भी सांझा किए।
उन्होंने बताया कि राजस्थान के जैसलमेर जिले के गांव नाचना में जब उनकी यात्रा पहुंची तो एक 90 वर्षीय वृद्ध ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से उनका मुफ्त इलाज हो पाया है।
इसी प्रकार जब वे बीकानेर जिले से गुजऱे तो एक महिला ने उन्हे बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उन्हें घर में मुफ्त गैस उपलब्ध होने के साथ साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से रहने के लिए मुफ्त घर मिला है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस दौरान हरियाणा अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत एक महिला को हैप्पी कार्ड देकर सम्मानित किया। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना, उज्ज्वला योजना, सम्मान भत्ता योजना के लाभार्थियों के विचार सुने और उन्हें सम्मानित भी किया।
प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवाभाव को जन-जन तक पहुंचा रही संकल्प यात्रा : डॉ. अर्चना गुप्ता
अपने संबोधन में बीजेपी की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि वडनगर से वाराणसी तक की संकल्प यात्रा सेवा मित्रों के साथ राजस्थान की धरती से हरियाणा में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि युवा साथी इस यात्रा में इसलिए शामिल हुए हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में सेवा, सुशासन, त्याग और बलिदान के भाव को जीकर दिखाया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 25 वर्षों की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए वे मोटरसाइकिल यात्रा में निकले है। डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि दक्षिण हरियाणा में हरियाणा सरकार ने अनेक विकास कार्य किए हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस क्षेत्र के लिए नई योजनाएं लाने के साथ बाजरा उत्पादकों को लाभ देने के लिए कई काम किए है। सरकार ने भावांतर भरपाई जैसी व्यवस्था के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा में किसान जो भी बोएगा, उसकी उपज का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सभी फसलों पर एमएसपी देने वाला पहला राज्य बना है और मुख्यमंत्री ने किसानों की उपज का एक भी दाना व्यर्थ न जाने देने का संकल्प लिया है।
मोदी के नेतृत्व में देश की तस्वीर बदली, कनेक्टिविटी और विकास को मिली नई गति : धर्मवीर सिंह
सांसद धर्मवीर सिंह ने कहा कि 17 सितंबर से पूरे देश में खुशी का माहौल है और वडनगर से शुरू हुई संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन की यात्रा को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद, नक्सलवाद और कश्मीर तथा नॉर्थ ईस्ट से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण काम हुआ है। बदलते मौसम और बारिश की कमी के बीच नदियों को जोडऩे, वाटर बॉडी बनाने और भूजल स्तर को ऊपर लाने की दिशा में भी व्यवस्थाएं की गई हैं। सांसद ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात की कमान संभालने के बाद गुजरात की तस्वीर बदली और पिछले 12 वर्षों में देश में भी कनेक्टिविटी, रेल, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में बदलाव आया है। आयुष्मान जैसी योजनाओं से लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिला है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी भी प्रधानमंत्री की तरह दिनभर समस्याओं के समाधान में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि हम सब को भी यहीं प्रण लेना चाहिए कि वे भी पूरा दिन देश के लिए काम करेंगे, ताकि देश आगे बढ़ सके और सबका साथ, सबका विकास के संकल्प को आगे बढ़ाया जा सके।
दक्षिण हरियाणा में सरकार के प्रयास से मिले पानी की उपलब्धता से बदली कृषि की तस्वीर : पूर्व विधायक डॉ अभय सिंह यादव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक डॉ अभय सिंह यादव ने कहा कि सरकार ने दक्षिण हरियाणा के इस क्षेत्र को नया जीवन देने का काम किया है। वर्ष 2014 में जब सरकार आई थी, तब यहां पीने के पानी की कमी थी और खेती लगभग समाप्त हो गई थी। लोगों को अपनी फसल के लिए भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पानी की व्यवस्था किए जाने का परिणाम आज किसानों की खुशहाली के रूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बीजेपी सरकार ने जिले को मेडिकल कॉलेज, लॉजिस्टिक हब और 152-डी सहित नेशनल हाईवे जैसी महत्वपूर्ण सौगातें दी हैं। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में सुविधाओं और कनेक्टिविटी को मजबूती मिली है।
फोटो कैप्शन 7 से 10 संबंधित हैं





अतिक्रमण सिर चढ़कर बोल रहा है कनीना में
--जोहड़ों एवं बणियों का अस्तित्व संकट में
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कनीना की आवाज। 
कहने को तो नगर पालिका के पास जगह का अभाव है किंतु सैकड़ों एकड़ जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है जिसको छुड़वाया जाए तो पालिका की आय ही नहीं बढ़ेगी अपितु जमीन की कमी नहीं रहेगी। यदि यूं ही कनीना में अतिक्रमण चलता रहा तो कनीना के 6 जोहड़ों और आधा दर्जन बणियों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
कनीना की सभी बणियों का आकार घटता ही जा रहा है। आधा दर्जन बणिया हैं जिनमें से कोई भी बणी अपने वास्तविक आकार से आधी भी नहीं बची है। सरकार एवं प्रशासन ने कभी इन बणिया की पैमाइश नहीं करवाई है। यही कारण है कि बणिया में पक्के मकान, ट्यूबवेल एवं अतिक्रमण करके पेड़ों को नष्ट कर दिया है वहीं जमीन को कब्जा लिया है। एक ऐसे प्रशासक की जरूरत है जो सभी बणियों के अवैध कब्जे हटवा सके ताकि अरबों रुपये की जमीन कनीना पालिका के पास होगी। कनीना का विकास तभी संभव होगा।
  कनीना में करीब छह बणिया होती थी जिनमें से रणास, पीपलवाली, बड़ी बणी, छोटी बणी, मानका आदि प्रमुख थी। जहां बड़ी बणी में शिक्षण संस्थान, वाटर स्टोर केंद्र, गौशाला, आवास बनने के अतिरिक्त चारों ओर से अतिक्रमण के चलते बस नाम की बड़ी बणी रह गई है। इस बणी में पेड़ों को भारी क्षति हुई है और अभी भी अतिक्रमण जारी है। उधर छोटी बणी का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया है। यहां मोलडऩाथ आश्रम स्थित है।  रणास की बणी में कोई पेड़ नहीं बचा है यहां सीवर ट्रिटमेंट प्लांट लगा दिया गया है वहीं चारों ओर से अतिक्रमण हो चुका है। मानका एवं पीपलवाली बणी अब सिकुड़ती जा रही हैं। इन दोनों बणियों में जमीन पर कब्जा करके पक्के घर बनाकर ठाठ से रह रहे हैं। एसटीपी भी रणास और पीपलवाली दोनों बणियों में बना हुआ है। पीपलवाली बणी में तो कोई जगह नहीं बची है। एसटीपी का पानी फैल चुका है और जाल के पेड़ जल्द ही खत्म हो जाएंगे। सबसे अधिक अतिक्रमण इन दोनो बणियों पर हुआ है और अभी भी जारी है। इन बणिया में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, ट्यूबवेल, आवास बनाने तथा किसानों द्वारा अतिक्रमण के चलते आधी से भी कम रह गई हैं। पीपलवाली बणी में तो सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए गंदा जल स्टोर किया जा रहा है। नगरपालिका ने विगत दशकों से इन बणिया की न तो सुध ली है और न पैमाइश करवाई है। अगर सभी बणिया की सुध ली जाए तो प्राप्त जमीन को बोली पर छोड़कर करोड़ों रुपये की आय प्राप्त हो सकती है वहीं जंगली जीवों का संरक्षण हो सकता है।
कुछ जन अवैध पक्के मकान बनाकर बिजली कनेक्शन, पानी आदि सभी सुविधाएं लेकर के सरकार को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
  मिली जानकारी अनुसार कनीना पालिका के करीब 335 कनाल 16 मरला जमीन कृषि योग्य है वहीं कोटिया गांव के पास रणास की बेणी(जंगल)32 कनाल पांच मरला है जहां सीवर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लग चुका है वहीं बड़ी बेणी करीब 800 कनाल की है जिसमें से 58 एकड़ डीएवी को 99 सालों के पट्टे पर, पांच एकड़ गौशाला के लिए तथा दस एकड़ वन विभाग एवं वाटर सप्लाई हेतु दिया हुआ है, 115 प्लाट भी बने हुए हैं। करोड़ों की लागत से कान्ह सिंह पार्क भी बना है। पीपलावाली बणी 125 कनाल, मानका वाली बणी 82 कनाल, दस मरला है। उधर धार्मिक स्थानों की होड़ भी बणियों में बढ़ गई है।
कनीना में हर गली और मोहल्ले अतिक्रमण पूरे यौवन पर है। जहां कनीना मंडी मार्ग, कनीना बस स्टैंड के समक्ष रेवाड़ी महेंद्रगढ़ भारी अतिक्रमण हो रहा है। प्रशासन जब भी अतिक्रमण हटाता है पीछे-पीछे दोबारा अतिक्रमण कर लिया जाता है। सड़क मार्ग संकीर्ण बना दिए हैं। कहीं भी निकलने की जगह नहीं है। यहां तक की एसडीएम कार्यालय समक्ष एवं न्यायिक परिसर के बाहर अधिक संख्या में वाहन खड़े देखे जा सकते हैं। कहीं भी देखे अतिक्रमण सिर चढ़कर बोलता है। वाहन चालक भी परेशान है चूंकि वाहनों का सड़क से गुजरना कठिन हो गया है। पुलिस का कोई अधिकारी या कर्मचारी तैनाती पर नहीं होता है। मनमर्जी लोग इधर-उधर वाहनों को खड़ा कर देते हैं क्योंकि वाहन पार्किंग का प्रबंध नहीं है। निजी स्तर पर जरूर है परंतु वह बस स्टैंड के दूर पड़ता है  और वहां अधिक वाहन नहीं खड़े किए जा सकते। ऐसे में नगर पालिका बनते ही कनीना में वाहनों के पार्कों की व्यवस्था होनी चाहिए, अतिक्रमण हटाना भी जरूरी बन गया है।
बणी को संकट--
कनीना की प्रसिद्ध पीपलवाली बणी/जंगल में जहां एसटीपी का जल छोड़ा जा रहा है और यह जल दूर दराज तक फैल गया है। लगभग पूरी बणी में जल फैल जाने से अब पुराने समय के जाल और कैर के पेड़ों को खतरा बन गया है। वहीं सरीसृपों के रहने के स्थल भी बंद हो चुके हैं।
 उल्लेखनीय है कि कनीना सीवर जल को साफ करने के लिए रणास नामक बणी में एसटीपी/सीवर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया था किंतु साफ करके कृषि योग्य बनाकर इक_ा करने की जगह का अभाव था। जिसके चलते करीब 3 किलोमीटर दूर पाइपों से इस जल को पीपलवाली बणी में पहुंचाया गया। जहां 7 एकड़ जमीन में यह जल इकट्ठा किये जाने की योजना थी किंतु यह जल पूरी ही बणी में फैल चुका है। जहां एक और चारों तरफ से बणी में अतिक्रमण होने के कारण बणी को संकीर्ण कर दिया है वही गंदे जल के कारण अब लगभग सभी पेड़ों की सुरक्षा दाव पर लग चुकी है। ऐसे वृक्ष जिन्हें जाल नाम से जाना जाता है जिन पर पील लगते हैं और ये हजारों वर्ष पुराने हैं के खत्म होने का खतरा बढ़ गया है। इस पीपल वाली बणी में जहां कभी साफ पानी भरा होता था और लोग पीते थे आज वहां सीवर का कृषि योग्य जल इकट्ठा किया जा रहा है और यह दूर दराज तक फैल चुका है क्योंकि चारों ओर थोड़ी बहुत कच्ची मिट्टी से इस पानी को रोकने का प्रयास किया गया है जो पानी के लगातार खड़े रहने से कट जाती है और पानी दूर दराज तक फैलता जा रहा है। ऐसे में जहां पर्यावरण को खतरा हो गया है वहीं जंगली जीवों के रहने के स्थल लुप्त हो गए हैं। यहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए भी रास्ता नहीं बचा है जिसके चलते प्रशासन से मांग है कि इस जल का कोई स्थायी समाधान किया जाए।
फोटो कैप्शन 05 व 06: संबंधित हैं



नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत अभियान के दूसरे सप्ताह के तहत मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व अभियान
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कनीना की आवाज। 
मेरा युवा भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत -100 सप्ताह अभियान के तहत दूसरे सप्ताह के मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व थीम पर जाट सभा, नांगल चौधरी में स्वास्थ्य जांच शिविर एवं संतुलित आहार विषय पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्वास्थ्य जांच शिविर में सिविल अस्पताल से डा. रवि के नेतृत्व में डाइटिशियन एवं काउंसलर की टीम ने युवाओं के स्वास्थ्य की जांच की तथा उन्हें संतुलित आहार, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली और नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
इस अवसर पर शीला अस्पताल, नारनौल की ओर से डा. महेंद्र यादव एवं डा. मनोज भी उपस्थित रहे। शीला अस्पताल के सहयोग से प्रतिभागियों को नि:शुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाई गईं एवं उनका वितरण किया गया।
सेमिनार में विशेषज्ञों ने युवाओं को दैनिक जीवन में संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने, नियमित व्यायाम करने तथा स्वस्थ दिनचर्या बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं बेहतर भविष्य की ओर बढऩे का संदेश दिया गया।
जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव ने बताया कि नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत अभियान के तहत 100 सप्ताह तक विभिन्न जागरूकता एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जाना है। इसी क्रम में दूसरे सप्ताह में मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व थीम के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच शिविर एवं संतुलित आहार पर जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं जागरूक युवा ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और स्वास्थ्य, पोषण एवं संतुलित आहार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
फोटो कैप्शन 03 व 04: संबंधित हैं





सोनाली का भारतीय सेना में सीधे लेफ्टिनेंट पद पर चयन
-गांव में हुआ सम्मान
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कनीना की आवाज।
  खेल, शिक्षा, सेना और अर्धसैनिक बलों में गौरवशाली सेवाएं देने के लिए प्रसिद्ध महेन्द्रगढ़ जिला के गांव धनौन्दा के नाम एक और शानदार उपलब्धि जुड़ गई है। गांव की होनहार बेटी सोनाली ने भारतीय सेना में सीधे लेफ्टिनेंट पद पर चयनित होकर गांव का नाम रोशन किया है। रविवार को ग्रामवासी व आसपास के लोगों ने सम्मान समारोह आयोजित कर सोनाली का अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि अतरलाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सोनाली को साफा पहनाकर प्रशस्ति पत्र तथा पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने सोनाली की दादी अनुप देवी, माता रंजना देवी को शाल ओढ़ाकर तथा पिता भूपेन्द्र सिंह तंवर को साफा पहनाकर सम्मानित किया। अनेक ग्रामीणों ने सोनाली को उपहार तथा नगद ईनाम देकर भी सम्मानित किया। सम्मान समारोह की अध्यक्षता सूबेदार मेजर मदन सिंह साहब ने की।
 अतरलाल ने कहा कि गांव की बेटी सोनाली ने सीधे लेफ्टिनेंट पद पर चयनित होकर यह सिद्ध कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियां भी उच्च मुकाम हासिल कर सकती हैं। उन्होंने सोनाली को युवाओं का आइकान बताते हुए उनकी मेहनत व जज्बे से शिक्षा ग्रहण करने की अपील की। सोनाली ने सम्मान के लिए आभार प्रकट करते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए युवाओं से मेहनत और बार-बार अभ्यास करने की नसीहत दी। नम्बरदार राजेन्द्र सिंह, डा. मुकेश पंच, पितांबर प्रधान, दीपक पंच, रामबीर पंच, कप्तान ओमपाल सिंह, थानेदार महेश स्वामी, सूबेदार मेजर मदन सिंह, हैडमास्टर सूरत सिंह, इंस्पेक्टर पूर्ण सिंह, मास्टर प्रहलाद सिंह, प्रोफेसर श्यामलाल, सुभाष आदि ने सोनाली को शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो कैप्शन 02: सोनाली का धनौंदा में स्वागत करते हुए जन





विश्व रेबीज दिवस-28 सितंबर
वायरस से फैलता है रेबीज का रोग
-एंटी रेबीज के टीके जरूर लगवाये-डा. मोरवाल
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कनीना की आवाज।
रेबीज एक घातक वायरस है जो संक्रमित जानवरों की लार से लोगों में फैलता है। एक बार जब कोई व्यक्ति रेबीज के लक्षण दिखाना शुरू कर देता है, तो यह रोग मृत्यु का कारण बनता है।
रेबीज वायरस आपके शरीर में तब प्रवेश करता है जब किसी संक्रमित जानवर की लार खुले घाव में मिल जाती है। यह नसों के साथ बहुत धीरे-धीरे चलता है। जब यह आपके मस्तिष्क तक पहुंचता है, तो व्यक्ति को कोमा और मौत की ओर ले जाता है।
जब किसी मनुष्य के शरीर में रेबीज के प्रवेश करता है तो उसके बाद कई हफ्तों तक आमतौर पर रेबीज के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। बाद में बुखार,थकान,काटने के घाव में जलन, खुजली, झुनझुनी, दर्द या सुन्नता, खांसी, गला खराब होना,   मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त दिखाई पड़ते हैं। बाद में एरोफोबिया एवं हाइड्रोफोबिया, लकवा जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं।
पालतू जानवर और खेत वाले जानवर, बिल्ली, कुत्ते, घोड़े,जंगली जानवर, बंदर आदि किंतु आमतौर पर यह वायरस कुत्तों के काटने से ज्यादा फैलता है।
यदि आपको किसी जंगली जानवर या किसी पालतू जानवर ने काट लिया है तो डाक्टर आपके घाव या खरोंच की जांच करेंगे और आपसे जानवर के बारे में पूछेंगे। कुछ जांचों से रोग का पता लगाया जाता है। एक बार लक्षण दिखने पर रेबीज के लिए कोई उपचार नहीं है। एक बार रेबीज आपके मस्तिष्क में चले जाने के बाद इसका कोई इलाज नहीं है।
क्या कहते हैं डा. मोरवाल-
रेबीज कुत्ता ,बंदर, बिल्ली आदि के काटने से रेबीज का रोग हो जाता है। रेबीज एक ऐसा रोग है जिसमें इंसान पानी से भी डरता है इसलिए इस रोग को हाइड्रोफोबिया भी कहते हैं। जब कभी कुत्ता, बंदर एवं बिल्ली काट जाता है तो सावधानी बहुत जरूरी है और तुरंत टीके लगवाने चाहिए।
 उधर वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. पवन कांगड़ा बताते हैं कि जो लोग कुत्ते, बंदर, बिल्ली आदि पालते हैं उन्हें एंटी रेबीज की टीके जरूर लगवाने चाहिए किंतु यदि ये एंटी रेबीज के टीके लगे हुए कुत्ते बंदर, बिल्ली किसी को काट ले तो सावधानी के लिए टीके जरूर लगवाएं। उन्होंने बताया कि जिन बिल्ली कुत्तों को एंटी रेबीज के टीके लगे हुए हैं उनसे यह रोग होने का खतरा कम होता है परंतु ये कुत्ते भी काट जाए तो टीके जरूर लगवा लेने चाहिए।
फोटो कैप्शन: डा जितेंद्र मोरवाल
तथा डा. पवन कांगड़ा




निजी स्कूल संचालकों की बैठक संपन्न
बैठक में अग्नि सुरक्षा, भवन प्रमाणपत्र, बसों के चालान और छुट्टियों के मुद्दों पर हुआ मंथन
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कनीना की आवाज।
  कनीना में वर्ष 2020 के बाद निजी विद्यालय संचालकों की लंबे अंतराल के बाद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करण सिंह यादव ने की। इसमें क्षेत्र के विभिन्न निजी विद्यालयों के संचालकों ने भाग लिया और स्कूलों के सामने आ रही समस्याओं, प्रशासनिक चुनौतियों तथा विभिन्न विभागों से संबंधित प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में समस्याओं के समाधान के लिए आपसी समन्वय मजबूत करने और हर माह बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र, सरकार की ओर से विद्यालयों के 10 वर्षीय नवीनीकरण की प्रक्रिया, स्कूल बसों पर लगने वाले कर और विद्यालय परिसर में खड़ी बसों के चालान सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं पर मंथन किया गया। विद्यालय संचालकों ने इन प्रक्रियाओं के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को साझा किया।
छुट्टियों से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कुछ संचालकों ने दूसरे शनिवार सहित अन्य अवकाशों की आवश्यकता पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि अनावश्यक छुट्टियों से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने छुट्टियों से संबंधित निर्णय लेते समय विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता और विद्यालयों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखने की बात कही।
एकजुट होकर समस्याओं का समाधान करने पर जोर
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजमेर सिंह दांगी ने कहा कि निजी विद्यालय संचालकों को एक मंच पर बैठकर विचार-विमर्श किए काफी समय बीत चुका है। इस दौरान लगभग हर विद्यालय संचालक को किसी न किसी समस्या या चुनौती का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों में कई समस्याओं का समाधान अकेले संभव नहीं है। सभी संचालकों को एकजुट होकर आपसी सहयोग से समस्याओं को संबंधित विभागों और अधिकारियों के समक्ष रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
बैठक में सभी संचालकों ने आपसी समन्वय मजबूत करने और समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक माह बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई।
 नई कार्यकारिणी के गठन पर भी हुआ विचार-विमर्श
बैठक में संगठन के ढांचे और नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे करण सिंह यादव ने बताया कि वर्ष 2016 में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों का चयन किया गया था। संगठन में प्रत्येक तीन वर्ष में अध्यक्ष का चुनाव करने का प्रावधान रहा है। लंबे समय से नई कार्यकारिणी का गठन नहीं होने के कारण इसे लेकर गंभीरता से विचार किया गया।
करण सिंह यादव ने अगली बैठक 17 अक्टूबर को सदासुख मेमोरियल स्कूल, कनीना में आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने सभी निजी विद्यालय संचालकों से अधिक से अधिक संख्या में बैठक में पहुंचने, अपने सुझाव साझा करने और नई कार्यकारिणी के गठन में भाग लेने का आह्वान किया।
फोटो कैप्शन 01:कनीना में बैठक के दौरान निजी विद्यालयों की समस्याओं और नई कार्यकारिणी के गठन पर चर्चा करते विद्यालय संचालक।



सुबह-सुबह सड़क पर दौड़ रहे व्यक्ति को मोटरसाइकिल ने मारी टक्कर, घायल
-अस्पताल में मृत घोषि














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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के गांव भोजावास में सड़क पर दो व्यक्ति दौड़ते हुए एक्सरसाइज कर रहे थे। सामने से आ रही मोटरसाइकिल ने एक को टक्कर मार दी जिससे वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कनीना पुलिस में आकाश ने मामला दर्ज करवाते हुए कहा है कि 27 सितंबर को सुबह वह तथा संजय (उसके चाचा का लड़का) एक्सरसाइज करने के लिए सुंदरह सड़क मार्ग पर गए थे। दोनों अपनी साइड में दौड़ते हुए जा रहे थे। सुंदरह गांव  की तरफ से एक मोटरसाइकिल चालक तेज रफ्तार से चलाता हुआ आया और संजय को सीधी टक्कर मार दी। संजय गिर गया काफी चोटें आई। तभी आकाश ने मोटरसाइकिल के नंबर नोट किए तथा चालक का नाम पूछा तो उसने विकास, खेड़ा बताया। आकाश ने संजय के परिजनों को सूचित किया। निजी गाड़ी में संजय को सरकारी अस्पताल कनीना ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। संजय फायर ब्रिगेड में नारनौल नौकरी करता था।





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