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Sunday, March 10, 2024
भक्ति मंदिर कनीना बस स्टैंड कोटिया में 14वां विशाल शिविर
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कनीना की आवाज। भक्ति मंदिर कनीना बस स्टैंड कोटिया में 14वां विशाल शिविर 11 मार्च से लगाया जाएगा। यहां भक्तों के लिए भोजन की व्यवस्था व चाय पानी का इंतजाम किया जाएगा। साथ विश्राम के लिए सोने के लिए सभी व्यवस्था की जाती है। भक्ति मंदिर कमेटी प्रधान शिवनाथ ने बताया पिछले 6 वर्ष से प्लास्टिक मुक्त सेवा दे रहे हैं। पर्यावरण का ध्यान रखा जाता है व साफ-सफाई कराई गई बाबा घनश्याम हरिदास द्वारा अखंड ज्योति जलाकर शिविर का शुभारंभ किया जाएगा। कमेटी प्रधान शिवनाथ, अनूप, राकेश, ओमप्रकाश ठेकेदार, संदीप, प्रवीन इत्यादि उपस्थित रहे।
शूटिंग चैंपियन आरती सिंह राव पहुंची चांगरोड़
-मृतकों के परिजनों को दी सांत्वना
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कनीना की आवाज। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की पुत्री शूटिंग चैंपियन आरती राव चांगरोड़ गांव के एक सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के पांच मृतकों के घर जाकर उनके शोक संतप्त परिवारों को इस दुख की घड़ी में उनके दुख से उभरने की शक्ति के लिए भगवान से प्रार्थना की। इस दुखद समाचार से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और पूरा गांव शोक संतप्त है। आरती राव ने मृतकों के परिवार वालों से मिलकर हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया और कहा कि वे इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ है और जो भी सरकार की नीतियों के अनुसार मदद होगी वो पूरा करवाने की हर संभव मदद करेंगी।
इस दौरान आरती राव कनीना से होकर निकली तो उनके समर्थकों ने मिलकर उनको अपनी समस्या बताई। उन्होंने कनीना के मिनी सचिवालय का काम पूरा करके जल्द से जल्द उद्घाटन करवाने, न्यायिक परिसर निर्माण का कार्य शुरू करवाने तथा कनीना-रेवाड़ी सड़क मार्ग को उखाड़ देने के बाद अविलंब पुन: निर्मित किये जाने की मांग रखी। आरती सिंह राव ने उनकी इन मांगों को पूरा करवाने के लिए हर संभव प्रयास की बात कही।
इस मौके पर उनके साथ अधिवक्ता दीपक चौधरी पूर्व प्रधान बार एसोसिएशन कनीना उनके साथ रहे। उन्होंने भी शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। इस मौके पर उनके साथ राजेंद्र बाबू स्याना, बिजेंद्र सरपंच, जेपी कोटिया, विनोद नेता भडफ़, प्रो रोशनलाल, भरपूर साहब, देवेंद्र, लालचंद, विक्रम सरपंच, दिनेश जेलदार, विकास चेयरमैन ,भीम गुर्जर मुमताजपुर, पंकज, प्रवीन अत्री बघोत, सतबीर सीहोर, अशोक वर्मा, विकास यादव पी ए, अभिजीत आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 09: आरती सिंह राव कनीना के बार प्रधान दीपक चौधरी से बात करते हुए।
छात्रवृत्ति परीक्षा व अभिभावक आभार समारोह का हुआ आयोजन
--आरकेवाई स्कूल में चला कार्यक्रम
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कनीना की आवाज। कोसली रोड़ कोटिया में स्थित आरकेवाई इंटरनेशनल स्कूल में छात्रवृत्ति परीक्षा व अभिभावक आभार समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रशांत शर्मा ने विद्यालय प्रांगण में पेड़ लगाकर व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संस्था के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने मुख्य अतिथि वह उनकी टीम का स्वागत किया। 9वीं कक्षा की छात्रा खुशी ने नृत्य प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी।
प्रशांत शर्मा ने अपने अभिभाषण में बच्चों व उनके अभिभावक को संबोधित करते हुए शिक्षा का बच्चों के सर्वांगीण विकास में कैसे उपयोग किया जाए, पर बल दिया। इस मौके पर उनके साथ बायोलाजी शिक्षक डा. सचिन कपूर ,मनु गुरू, अभिषेक त्रिपाठी मनोज कुमार, विक्रम ,पंकेज, स्वीटी, कविता खन्ना, , डिप्टी डायरेक्टर अतर सिंह, सीईओ सुनीता यादव, प्राचार्या सतेंद्रा यादव ,समस्त स्कूल स्टाफ मौजूद रहा।
फोटो कैप्शन 07: कार्यक्रम में मौजूद विभिन्न पदाधिकारी
मेले मिल जुलकर जीना सिखाते हैं -यतेंद्र राव
--करीरा में चला मेला
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कनीना की आवाज। करीरा के हनुमान मंदिर राजावाली बणी में सोमवती अमावस्या के उपलक्ष्य में विशाल मेले व कबड्डी की इनामी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भाजपा जि़ला उपाध्यक्ष यतेंद्र राव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसमें महिला व पुरुषों की लांग कबड्डी प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया गया जिसमें पूरे हरियाणा से अनेकों टीम शामिल हुई। यतेंद्र राव ने समस्त ग्रामवासियों, सरपंच, ग्राम पंचायत व कमेटी का इस मान सम्मान के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया तथा आश्वासन दिया कि सामाजिक काम के लिए जहां भी उनकी जरूरत पड़ेगी वहां उनका पूरा परिवार हमेशा तैयार मिलेगा।
यतेंद्र राव कहा कि मेले व खेल हमारी सांस्कृतिक धरोहर है व इसे सहेज कर रखना हमारा फजऱ् है। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम व भंडारे की व्यवस्था की गई थी। समस्त ग्रामवासी, मंदिर व खेल कमेटी व पंचायत इस प्रकार के आयोजन को बढ़ावा देने के लिए के लिए प्रशंसा व धन्यवाद के पात्र हैं। आज पाश्चात्य संस्कृति के पीछे कुछ युवा जो भाग रहे हैं उन्हें अपनी सनातन संस्कृति का अनुसरण करते हुए अच्छे रास्ते पर चलना चाहिए। हरियाणा एक हरियाणवी एक के नारे को बुलंद करते हुए कहा कि हमारा धर्म व खेलकूद हमारी पहचान है और हम सबको इस अवसर पर गर्व है। कमेटी व ग्राम पंचायत ने फूल मालाओं व पगड़ी से यतेंद्र राव का ज़ोरशोर से स्वागत किया व उनके समाज सेवा के कार्यों की प्रशंसा की।
इस आयोजन पर सरपंच अजय यादव, शिवलाल प्रधान, संजय, धर्मवीर यादव, जसवंत सिंह, करण सिंह, पंकज कऱीरा, जयसिंह, कुशल, राजेश व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो केप्शन 08: खेलों का शुभारंभ करते यतेंद्र राव।
सेवा भारती के पदाधिकारी ने जताई खुशी
-कनीना अस्पताल में उनकी शुरू हो चुके हैं एक्सरे और ईसीजी
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कनीना की आवाज। सेवा भारती कनीना, हरियाणा इकाई ने खुशी जताई कि उनके प्रयासों से कनीना के उप-नागरिक अस्पताल में अब तक ईसीजी और एक्सरे की सुविधा उपलब्ध हो गई है। पदाधिकारी सुरेश कुमार, योगेश अग्रवाल, जगदीश आचार्य आदि का कहना है कि उनकी संस्था लंबे समय से कनीना के अस्पताल में सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रयासरत रही है। बार-बार उच्च अधिकारी और मंत्रियों से संपर्क साधा गया जिसके चलते आखिरकार का कनीना उप-नागरिक अस्पताल में एक्सरे और ईसीजी की सुविधा उपलब्ध हो गई है। उन्होंने खुशी जताई कि उनके प्रयास अब सफल हो गए। जल्द से जल्द उन्होंने अल्ट्रासाउंड, मोर्चरी तथा अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवाने की सरकार से मांग की है।
धूमधाम से मनाया गया वार्षिक उत्सव
-कनीना का कान्हा स्कूल
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कनीना की आवाज। रविवार को कन्हाजी प्ले स्कूल कनीना में वार्षिक उत्सव उमंग धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के सामने दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नीरज यादव रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि कुलदीप यादव पाथेड़ा, इंजीनियर योगेश यादव, समाजसेवी बलबीर यादव रहे।
मुख्य अतिथि नीरज यादव ने कहा कि अच्छी शिक्षा एवं संस्कार ही जीवन को एक नया रूप देते हैं। हमें समाज को शिक्षित एवं संस्कारित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवारों के बढऩे के साथ-साथ उनकी युवा पीढ़ी को संस्कारित एवं सकारात्मक मार्ग दर्शन की आवश्यकता है। कार्यक्रमों से छात्रों में छिपी हुई प्रतिभा को निखारना आसान होता है। इस दौरान बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुती होती है। इस दौरान सबसे प्यारे मेरे पापा, हम छोटे-छोटे बच्चे हैं, नन्हे मुन्ने राही सहीत अनेकों गानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुत करें पेश की गई। इस बीच कार्यक्रम में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता सहित कई प्रतियोगिताओं का भी आयोजन हुआ। स्कूल संचालिका रचना शर्मा ने आए हुए अतिथियों का सम्मान सत्कार किया। इस दौरान लखमीचंद सिगड़ा, संजय गर्ग, मास्टर बिजेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, पंकज कनीनवाल, कर्मपाल यादव सिगड़ा, टीना वर्मा, हैप्पी सैन, भारती सैनी, प्रियंका यादव, रखी शर्मा, अंजू यादव, सुरेश यादव, राहुल यादव, हेमराज, भूपेंद्र यादव सहीत अन्य मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06: कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए मुख्य अतिथि व
निशुल्क 72वें नेत्र एवं हृदय रोग जांच एवं परामर्श शिविर में 62 रोगियों ने उठाया लाभ
--कनीना में लगा शिविर
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कनीना की आवाज। रविवार को कनीना के लाला शिवलाल धर्मशाला में सेवा भारती हरियाणा प्रदेश शाखा कनीना द्वारा निशुल्क नेत्र रोग जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 62 रोगियों ने सुविधाओं का लाभ। संस्था के प्रधान सुरेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में मेट्रो अस्पताल एवं हृदय रोग संस्थान व सेवा भारती संस्था के संयुक्त तत्वाधान में निशुल्क नेत्र रोग जांच व परामर्श शिविर लगाया गया। जिसमें डा अश्विनी यादव ने अपनी टीम धनराज, भारत, पूजा, दिशा,सुनील एवं राजकुमार के साथ रोगियों की जांच की। सुरेश शर्मा ने बताया कि इनके अलावा बीपी, शुगर व ईसीजी की भी निशुल्क जांच की गई। डा. आरबी यादव अस्पताल से डा. अमित तथा उनके साथ तेजपाल सिंह की टीम ने नेत्र रोगियों की जांच की। सेवा भारती शाखा कनीना के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने बताया कि संस्था द्वारा लगातार समाज हित के लिए कार्य किए जा रहे हैं। जिसमें मुख्य रूप से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं देने देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सेवा भारती कनीना द्वारा आर्य समाज मंदिर कनीना में निशुल्क प्राथमिक चिकित्सा केंद्र एवं महिला सिलाई प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा है। जिसका समय प्रतिदिन 3:30 बजे से 5 बजे तक रहता है। यह कैंप 2017 से लगातार चल रहा है।
इस दौरान सुरेश शर्मा, शिवकुमार अग्रवाल, श्यामसुंदर महाशय, यादराम यादव,योगेश कुमार, मास्टर सोमदत्त शर्मा, यादराम, दिनेश कुमार एवं डा. वेदप्रकाश हाजिर रहे।
फोटो कैप्शन 05: मरीजों की जांच करते हुए डाक्टरों की टीम।
चार लोगों के विरुद्ध मारपीट का मामला दर्ज
- झाड़ली गांव की घटना
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कनीना की आवाज। झाड़ली में एक व्यक्ति से चार लोगों ने मारपीट की। कनीना पुलिस ने चारों लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर दिया है। मामला राकेश कुमार झाड़ली ने दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा है कि वह गुरुग्राम में कोर्ट में वकील के पास काम करता है तथा 8 मार्च को घर पर था तो शाम को करीब 7:30 बजे राधे और राधे श्याम उर्फ राधे, रविंद्र एवं सोमबीर ने एक गाड़ी को लेकर गाली गलौच किया। जब मेरे भाई जगमाल एवं मैने उनको गाली गलौच बारे में समझाकर मैं घर की छत पर चला गया मेरा भाई जगमाल उनको समझा बूझा रहा था की तभी रविंदर और सोमवीर मुझको गाली देते घर के अंदर घुसकर छत पर मेरे को पीटने के लिए आ गए। दोनों ने लात घूसों से पिटाई शुरू कर दी और छत पर लगी रेलिंग के ऊपर से धक्का देखकर नीचे गिरा दिया जिससे छत से गिरा दिया। तत्पश्चात हमें जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। नीचे गिरने से हाथ, पैर तथा कूल्हे की हड्डी टूट गई। जगमाल ने मुझे उठाया सरकारी अस्पताल भर्ती करवा दिया जहां से निजी अस्पताल रेवाड़ी ले गए। जहां इलाज चल रहा है। पुलिस ने राधे, नरेश, सोमबीर एवं रविंद्र के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
ब्लाक स्तरीय खेल कूद प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन
-वालीबाल में नौताना की टीम ने प्रथम स्थान
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कनीना की आवाज। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत जिला उपायुक्त के निर्देशानुसार नेहरू युवा केंद्र नारनौल द्वारा ब्लाक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ भाजपा के जिला उपाध्यक्ष युवा नेता यतेंद्र राव ने किया। भाजपा जिला उपाध्यक्ष यतेंद्र राव ने बताया कि खेलकूद से बच्चों में मानसिक और शारीरिक विकास होता है। बच्चों को हमेशा खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेते रहना चाहिए। यतेंद्र राव ने विजेता टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। नेहरू युवा केंद्र के ब्लाक को-आर्डिनेटर रचना व दीपक कुमार ने बताया कि ग्रामीण अंचल में खेल- कूद को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन समय-समय पर होता रहता है। खेलकूद प्रतियोगिताओं में वालीबाल में नौताना की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। वालीबाल में दूसरा स्थान नेहरू गढ़ ने हासिल किया। खो- खो में नौताना की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। खो-खो दूसरा स्थान टैगोर स्कूल की टीम ने हासिल किया। गांव के बच्चों के लिए भी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रस्सा खींची में जो नेहरू गढ़ की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। कबड्डी में प्रथम स्थान नौताना और दूसरा स्थान नेहरू गढ़ का रहा। जिनमें उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। इस मौके पर जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव,नेहरू युवा की कोआर्डिनेटर रचना शर्मा , सोनू दास महाराज, वालीबाल कोच पवन नौताना, वालीबाल कोच कृष्ण, खो-खो कोच प्रीति और प्रियंका कोच, कोच अनूप यादव, कोच दीपक, डा. हरीश, मेजर उमेद सिंह, मास्टर योगेंद्र, सनी, बालाजी, सोनू सहित अन्य मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: खेल प्रतियोगिता में और आने वाले खिलाडिय़ों को सम्मानित करते हुए मुख्य अतिथि व अन्य।
किसानों की मांग-राज्य सरकार और केंद्र सरकार ग्रामीणों की मांग सुने और कट का काम पूरा करें,
-धरना 364वें दिन रहा जारी
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। रविवार को धरने की अध्यक्षता नरेंद्र कुमार शास्त्री छिथरोली ने की और उन्होंने बताया कि हमने कट के लिए प्रतिज्ञा ले रखी है, जब तक केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू नहीं करती है, हम धरना स्थल पर अडिग रहेंगे। 11 मार्च 2024 को ग्रामीणों को धरना स्थल पर बैठे पूरा एक साल हो जाएगा, इस अवसर पर 50 गांवों के ग्रामीणों ने धरना स्थल पर सुबह 9 बजे हवन करवाने का फैसला लिया है। हवन करने से वातावरण शुद्ध होता ही है लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट बनने में जो दोष उत्पन्न हो रहे हैं, रुकावट आ रही है, चाहे वह राज्य सरकार की तरफ से हो या केंद्र सरकार की तरफ से, उसे दूर करने के लिए हवन होगा।
महावीर प्रसाद शर्मा बवाना, सुशील धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि आप नेक काम के लिए यहां पर बैठे हुए हैं, इस क्षेत्र को कट की जरूरत है, केंद्र सरकार को जल्द से जल्द कट का काम शुरू करना चाहिए। हम आपके सहयोग के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन ने बताया कि धरने को चलते 364 दिन हो गए है लेकिन आज तक कट का काम शुरू न होने के कारण ग्रामीणों में निराशा है। इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा।
इस मौके पर यतेंद्र राव, सुरेश कुमार वशिष्ठ, वेद प्रकाश, पहलवान रणधीर सिंह, मास्टर विजय पाल, डा लक्ष्मण सिंह,पूर्व सरपंच हंस कुमार,मास्टर विजय सिंह, सत्य प्रकाश, नंबरदार नाथूराम, मुंशीराम, बाबूलाल, चेयरमैन सतपाल, ओम प्रकाश, सूबेदार हेमराज अत्री, सीताराम,पहलवान धर्मपाल, ठेकेदार शेर सिंह, डा. रामभक्त, अशोक, दाताराम, इंस्पेक्टर सतनारायण, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह, प्यारेलाल, मनफूल, राम भक्त, रोशन लाल आर्य, अशोक व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 04: कट की मांग को लेकर धरना स्थल पर बैठे ग्रामीण।
20 मार्च को लग रहा है शक्कर मेला
-कनीना का प्रमुख देव है बाबा मोलडऩाथ
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कनीना की आवाज। 20 मार्च फाल्गुन एकादशी को कनीना के संत मोलडऩाथ मेले के दृष्टिगत तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। सिहोर के कच्चे मार्ग पर ऊंट एवं घुड़दौड़ होगी वहीं स्कूल के मैदान में इनामी दंगल होगा।
बस स्टैंड के पास संत मोलडऩाथ आश्रम में संत की प्रतिमा देखने से ही बनती है। यह प्रतिमा कनीना मंडी के निवासी भीम सिंह एवं उनके परिजनों ने फरवरी 2007 में स्थापित करवाई थी। इससे पूर्व तो बाबा की कोई प्रतिमा भी नहीं थी। बाबा के जीवन एवं चमत्कारों पर डा. एचएस यादव की पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी है।
बाबा स्थल को चार चांद लगाने के लिए बाबा के स्थल के पास ही अनेकों धार्मिक स्थलों का निर्माण होता जा रहा है। बाबा के आश्रम के पास ही 21 फुट ऊंची शिव प्रतिमा वाला शिवालय है।
कनीना का बाबा मोलडऩाथ मेले क्षेत्र का बहुत बड़ा मेला है। संत मोलडऩाथ ने कनीना ही नहीं अपितु नारनौल के मांदी, भोजावास, कांवी, बाठोठा, राजस्थान के अलावा कई अन्य स्थानों पर तप किया था और अपने महान चारित्रिक गुणों के कारण सभी जन श्रद्धा एवं भक्ति से उनको याद करते हैं। उनकी पुण्यतिथि पर यह विशाल मेला प्रत्येक वर्ष लगता है। शक्कर मेले के रूप में प्रसिद्ध इस मेले में कई वर्षों से बुजुर्गों की दौड़, घुड़दौड़, ऊंट दौड़ एवं दंगल आयोजित किए जाते हैं।
मोलडऩाथ धाम की सबसे बड़ी विशेषता है कि प्रत्येक घर से लगभग सभी सदस्य इस स्थान पर आकर धोक लगाते हैं। महिला भक्तों की संख्या अधिक होती है। संतों का सम्मान, जागरण एवं भंडारा आयोजित किया जाता है। चाहे कनीना का भक्त किस भी स्थान पर क्यों न हो इस दिन कनीना आकर मन्नत मांगता है। इस मेले में अपार भीड़ जुटती है। इस दिन लगभग समस्त बाजार बंद रहता है। शक्कर का प्रसाद चढ़ाया जाता है। चढ़ावे की शक्कर को प्रसाद के रूप में कई दिनों तक बांटा जाता है। मेला स्थल को दुल्हन की तरह सजाया जाता है जहां 20 मार्च को विशाल मेला लगने जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाती है।
कई नामों से जाना जाता है बाबा-
कनीना के महान संत बाबा मोलडऩाथ कई नामों से जाने जाते हैं। उन्हें बालकनाथ, मोलडऩाथ, खेड़ावाला बाबा के नामों से भी जाना जाता है। उन्होंने रोड़वाल, मानसरोवर, मांदी, कांवी भोजावास, ढाणी बाठोठा सहित एक दर्जन गांवों में रहते हुए तप किया था। बालपन से ब्रह्मचारी एवं तपस्वी थे। बाबा गणेशनाथ उनके गुरू थे। कनीना में विक्रमी संवत 2006 में ब्रह्मलीन हुए थे। कनीना एवं आस पास के लोग जब भी कोई नया काम करते हैं तो बाबा का नाम लेते हैं।
मेले के भी हैं कई नाम-
बाबा मोलडऩाथ मेला बाबा खेड़ावाला मेला तथा शक्कर मेला नामों से जाना जाता है। यहां पर आए शक्कर के प्रसाद को बोरों में भरकर रख दिया जाता है तथा उसे बांटा जाता है या फिर गौशाला में दान कर दिया जाता है। मेले से अगले दिन विशाल भंडारा आयोजित करके साधु संतों को विदा किया जाएगा।
कनीना के लेखक डा. होशियार सिंह यादव का योगदान-
यूं तो बााबा मोलडऩाथ की संपूर्ण जीवनी कनीना के लेखक डा. होशियार सिंह यादव का नाम प्रसिद्ध है वहीं उन्होंने कनीना के भीम सिंह को प्रेरित कर बाबा की प्रतिमा लगवाई। लेखक डा. होशियार सिंह यादव ने बाबा मोलडऩाथ पर तीन पुस्तकें जिनमें से एक आइएसबीएन नंबर की निकाली वहीं बाबा चालीसा, बाबा कैलेंडर, बाबा की आरती आदि भी निकाली हैं तथा बाबा के लिए आज भी समर्पित हैं। डा. होशियार सिंह यादव ने बाबा के इतिहास को वर्ष 2000 से 2005 तक लगातार विभिन्न स्थानों पर जाकर इकट्ठा किया तथा उस वक्त एक पुस्तक का प्रकाशन भी करवाया।
चल रही हैं तैयारियां--
संत आश्रम पर चलने वाले तीन दिवसीय मेला उत्सव की तैयारियां चल रही हैं। संत मोलडऩाथ आश्रम ट्रस्ट के प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि मेले से पूर्व रात्रि जागरण चलता है वहीं मेले के उपरांत साधु संतों को विदा किया जाता है। एक भंडारा भी लगता है। मंदिर को सजाया जा रहा है तथा तैयारियां चल रही हैं। मेले को शक्कर मेला नाम से जाना जाता है।
फोटो कैप्शन 01 एवं 02: संत मोलडऩाथ आश्रम में तैयारियों की हैं।
पार्टी ने जितनी बड़ी जि़म्मेदारी सौंपी है उसी अनुरूप जिम्मेदारी निभाने का प्रयास करुगा-झूकिया
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कनीना की आवाज। हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव सत्यवीर झूकिया को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने किसान कांग्रेस का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है। इस अवसर पर सत्यवीर झूकिया ने कहा कि पार्टी ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी मुझे सौंपी है इसके लिए मैं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं और धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि मेरा बचपन से लेकर आज तक पार्टी ने मुझे विभिन्न पदों से नवाजा है। मुझे एनएसयूआई एवं यूथ कांग्रेस के हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं अनेकों प्रदेशों में आब्जर्वर और खासकर राहुल गांधी जी की टास्कफोर्स में काम करने का मौका मिला मुझे पार्टी ने अनेक बार बड़ी सौंपी है। इस बार भी मुझे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा किसानों कांग्रेस का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है इसके लिए सोनिया गांधी जी श्री राहुल गांधी,मल्लिकार्जुन खडग़े जी किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखपाल खैरा एवं शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं। सत्यवीर झूकिया ने कहा कि मैं पार्टी को मजबूत करने का काम करूंगा।
फोटो कैप्शन: सत्यवीर झूकिया।
चुनावी चकचक
आज तक नहीं निकल पाई है महिलाएं घूंघट से बाहर
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कनीना की आवाज। चाहे 2024 में लोकसभा के चुनाव होने जा रहे हैं और हरियाणा सरकार ने महिलाओं को करीब 33 फीस दिया आरक्षण भी दिया हुआ है परंतु आश्चर्यजनक है कि अभी तक बहुत सी महिलाएं घूंघट से बाहर नहीं आ रही है। यह बात उन पर लागू नहीं होती जो वोटर है अपितु चाहे सरपंच, पांच या पंचायत समिति में जीती हुई महिलाएं हो, घर से बाहर नहीं निकलती। उनके जेठ, ससुर या देवर आदि उनका काम करते हैं। एक तरफ जहां उनको सभी अधिकार के साथ साथ आरक्षण दिया हुआ हैं परंतु सरकार अभी तक उन सभी को घूंघट से बाहर नहीं निकाल पाई है। किसी सभा, मीटिंग या अन्य कार्यक्रमों में कई महिला सरपंच या पंच आदि के प्रतिनिधि मिलते हैं। अगर महिला मंच पर आ भी जाती हैं तो घूंघट किये हुये मिलती है। आश्चर्यजनक है कि प्रतिनिधियों से ही करवाया जाता है। यहां तक कि कुछ महिलाओं के तो हस्ताक्षर और मोहर भी उनके प्रतिनिधि लगते हैं। ऐसे में वोट जरूर डाल रही है किंतु जितना सुधार घूंघट से बाहर आने में होना चाहिए उतना अभी तक नहीं हुआ है। एक ओर जहां न्यायालय में भी इस प्रकार का केस दायर हुआ था जिनमें प्रतिनिधि नाम से कोईमहिला काम न करने की बात कही गई है परंतु बहुत से गांवों की महिलाओं के प्रतिनिधि आज भी काम कर रहे हैं। आज भी घूंघट से बाहर नहीं आ रही यहां तक के लोगों को मालूम ही नहीं है कि पुरुष पंच या सरपंच या कोई महिला। कब होगा महिलाओं में यह सुधार? अगर यूं ही प्रतिनिधि से काम चलेगा तो हर क्षेत्र में फिर तो प्रतिनिधि काम करने के लिए आमादा हो जाएंगे।
मेरा पहला वोट
वोट डालने के लिए लालायित है ज्योति
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कनीना की आवाज। 18 वर्ष पूर्ण करने के बाद पहली बार लोकसभा चुनाव के लिए ज्योति वोट डालेगी। उन्हें खुशी है कि वह अपना पहली बार प्रतिनिधि चुनेगी परंतु उन्हें यह डर सता रहा है कि उनका पहला ही प्रतिनिधि कहीं हार न जाए। वह चाहती है कि उनका वोट जिस प्रतिनिधि को मिले वह जीते और देश हित में काम करें। वोट डालने के लिए ज्योति लालायित है। उनका कहना है कि जब से उनका वोट बना है उन्हें पता चल गया है कि इस वोट की क्या कीमत है। कनीना नगर पालिका के चुनावों की संभावना लोकसभा से पहले थी किंतु अभी तक कनीना पालिका के चुनाव संपन्न नहीं हो सके हैं ऐसे में लोकसभा के लिए वोट डालेंगी। उनका पहला वोट लोकसभा चुनाव के लिए दिया जाएगा। वह सशक्त प्रत्याशी अपने वोट से चुनना चाहती है तथा उन्हें खुशी का एहसास हो रहा है कि अब वह भी देश के विकास के लिए परोक्ष रूप से अपनी भूमिका निभाएंगी। 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद वोट बना है और अपना वोटर कार्ड बनवाने के बाद उन्हें पहला वोट डालने की गहन इच्छा है। यह तो वक्त ही बताएगा कि अपना पहला वोट किस प्रत्याशी को दे पाएगी? वह जीतता है या नहीं? बहरहाल उन्हें खुशी है कि उन्हें वोट डालने का अधिकार मिला है और अपने अधिकार का सही सदुपयोग करेंगी।
फोटो कैप्शन: ज्योति
मेरा पहला वोट
पहली बार मतदान
के लिए उत्साहित है युवा
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में इस बार सैकड़ों युवाओं ने नये वोटर कार्ड बनाए गए हैं। मतदाता पहचान पत्र समय-समय पर बनाए जाते हैं। ऐसे में कनीना के युवक अमन ने भी अपना पहला वोटर कार्ड बनवाया है तथा वह अच्छे खासे उत्साहित हैं। उन्हें पहली बार मतदान करने का मौका मिलेगा। अमन ने बताया कि उन्हें यह पहली बार वोट डालने का अवसर मिलेगा क्योंकि अब मेरा मतदाता पहचान पत्र बन चुका है और आयु 18 वर्ष की आयु हो चुकी है। सरकार ने मतदाता पहचान पत्र बनाने का कार्यक्रम चलाया था जिसके तहत उन्होंने अपना वोटर आईडी कार्ड बनवाया है। वे चाहते हैं कि अपने वोट से बेहतर सरकार का चुनाव हो। उनका कहना है कि सरकार हर 5 साल में चुनाव करवाती है, उसी दौरान केवल वही वोट डाल सकते जिनका मतदाता पहचान पत्र बना हो और 18 साल पूरी कर ली हो। वही अपना पसंदीदा नेता चुन सकते हैं। ऐसे में आज मेरे लिए वह दिन आ पहुंचा है कि जब अपनी पसंद का नेता का चुनाव कर सकूंगा।
फोटो कैप्शन: अमन।
Saturday, March 9, 2024
गर्भावस्था में मधुमेह जागरूकता दिवस -10 मार्च
गर्भावस्था दौरान संतुलित आहार लेने से बचा जा सकता है जीडीएम से-डा.धर्मेंद्र
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कनीना की आवाज। प्राय: महिलाएं गर्भावस्था के दौरान मधुमेह से पीडि़त होती है, इस रोग को जीडीएम नाम से जाना जाता है। यह रोग बहुत सी महिलाओं में मिलता है जिसके कारण यदि सही ध्यान नहीं दिया जाए तो उनकी होने वाली संतान पर कु-प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में इन महिलाओं को जागरूक करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। इस संबंध में पीजीआईएमएस के रेजीडेंट डा. धर्मेंद्र से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि इस रोग को गर्भवती मधुमेह मेलिटस/जीडीएस नाम से जाना जाता है। गर्भावस्था दौरान यदि महिला मधुमेह से पीडि़त है तो उनकी संतानों पर कु-प्रभाव पडऩे की संभावना बढ़ जाती है। अक्सर ऐसी महिलाओं की संतान ध्यान नहीं दिया जाए तो अधिक वजन की मिलती है और यह भविष्य में चलकर मधुमेह से पीडि़त हो सकती है। यहां तक कि इन बच्चों में अन्य कोई कु-प्रभाव पड़ सकता है जैसे उनकी शारीरिक वृद्धि भी सही ढंग से नहीं हो पाती है। यदि ऐसे समय में महिला सावधानी बरते तो इस रोग से बचा जा सकता है। ऐसे में नियमित रूप से हल्का व्यायाम करें, संतुलित आहार ले और आवश्यकता पडऩे पर मधुमेह शुगर को कम करने के लिए डाक्टर की सलाह से ही कोई दवा ले तो इस रोग पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।
डा के अनुसार ऐसी महिलाओं को हर तिमाही पर अपने रक्त शर्करा की जांच करनी चाहिए। इस रोग के बढऩे के पीछे शादी की उम्र बढऩा भी है। अधिक उम्र में गर्भधारण में देरी हो जाती है जिससे तनाव बढ़ जाता है साथ में अनुचित जीवन शैली भी मधुमेह का कारण बन रही है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला को प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन से भरपूर संतुलित आहार लेना चाहिए जिसमें दूध और दूध से बने उत्पाद, हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजा फल, नींबू वाला आदि शामिल करने चाहिए, नियमित रूप से हल्का व्यायाम करें जिससे मधुमेह को कम किया जा सकता है जो भविष्य में प्रभावी कदम माना जाता है।
फोटो कैप्शन: डा. धर्मेंद्र
चेलावास की सुमित कुमारी का किया सम्मान
--कुश्ती में स्वर्ण पदक लेकर लौटी है
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कनीना की आवाज। जिला के चेलावास गांव निवासी तथा राजकीय महाविद्यालय कनीना की बीए. तृतीय वर्ष की छात्रा सुमित कुमारी द्वारा खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम 2024 में 68 किलोग्राम कुश्ती भार वर्ग में स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर गांव में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इलाके के गणमान्यों के साथ सुमित कुमारी को शाल ओढ़ाकर स्मृति चिह्न तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने छात्रा के पिता सूबेदार राजबीर सिंह को साफा ओढ़ाकर तथा माता सुनिता देवी, दादी छनकौर देवी को भी शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता चौधरी सुभाचंद ने की।
उल्लेखनीय है कि सुमित कुमारी ने गत 22, 23, 24 फरवरी को नागालैंड की राजधानी कोहिमा में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम 2024 में 68 किलोग्राम कुश्ती भार वर्ग में स्वर्ण पदक प्राप्त कर न केवल गांव चेलावास व जिला महेन्द्रगढ़ का नाम रोशन किया बल्कि पूरे हरियाणा का नाम रोशन किया है। सुमित कुमारी ने फाइनल राउंड में महाराष्ट्र प्रदेश की पहलवान शिवानी को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। इस अवसर पर केदारसिंह, रणजीत सिंह दादा, सुभाचंद दादा, जयसिंह पंच, अमरसिंह, राजवीर सिंह, डॉ. संजय सेहरावत, सुबेदार सुरेन्द्र सिंह, गोलिया पहलवान, सत्यवीर, उमेद सिंह, बलजीत, सतपाल, प्रितम सिंह, सुखबीर, परविन्द्र, धर्मवीर, राकेश कुमार, जयविन्द्र, रमेश, महेन्द्र, देवेन्द्र, पवन कुमार, नरेन्द्र, अर्जुन, सुधीर, मंजीत, पूर्णचंद, राजेश नाई, जगदेव, लीलाराम, लालसिंह पंच, ठाकुर मीर सिंह आदि अनेक जन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: चेलावास की सुमित कुमारी को सम्मानित करते ग्रामीण।
गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की की जाती है जांच-डा. तमन्ना
--दी स्व्स्थ भोजन की जानकारी
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कनीना की आवाज। प्रधानमंत्री सुरक्षा मातृत्व योजना के तहत स्थानीय उप नागरिक अस्पताल कनीना में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए कैंप का आयोजन किया गया जिसमें आस-पड़ोस के 50 गांवों की 106 महिलाओं ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई और उपचार लिया।
मिली जानकारी के अनुसार उप नागरिक अस्पताल की महिला चिकित्सक डा. तमन्ना ने बताया कि हर महीने की 9 तारीख को उप नागरिक अस्पताल कनीना में प्रधानमंत्री सुरक्षा मातृत्व योजना के तहत कैंप का आयोजन किया जाता है जिसमें अस्पताल की वरिष्ठ महिला चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच कर उनको निशुल्क दवाइयां वितरित की जाती है। डा. तमन्ना ने यह भी बताया इस कैंप का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के पेट में पल रहे बच्चे को स्वस्थ रखना व उनकी माताओं को स्वस्थ रखना है ताकि स्वस्थ माता ही स्वस्थ शिशु को जन्म दे सके। इसलिए गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ रखने के लिए उनकी सभी प्रकार की जांच वह दवाइयां दी जाती हैं।
उनकी शुगर, थायराइड, हिमोग्लोबिन, आरबीसी शुगर आदि के अलावा अन्य कई प्रकार की जांच स्थानीय अस्पताल में ही कराई जाती हैं। डा. तमन्ना ने बताया इस समय में महिलाओं को मानसिक रूप से व शारीरिक रूप से स्वस्थ होना अति आवश्यक है क्योंकि मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने वाली महिलाओं के पेट में पल रहे शिशुओं पर उनका गहरा असर पड़ता है। इस कैंप में आई महिलाओं में पांच हाई रिस्क मिली जिनको जिला नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।
सेहलंग में भी लगा कैंप-
उधर ग्राम सेहलग में प्रधानमंत्री सुरक्षा सुरक्षा मातृत्व योजना के तहत आज सीएचसी सेहलग में गर्भवती महिलाओं को लेकर कैंप का आयोजन किया गया जिसमें गर्भवती महिलाओं की विभिन्न प्रकार की जांच की गई और उनको दवाइयां वितरित कराई गई। अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक महिला डा. प्रभात यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि हर महीना लगने वाले इस गर्भवती महिला कैंप में आज लगभग चार दर्जन महिलाओं ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई तथा उनके पेट में पल रहे शिशु को स्वस्थ जीवन मिल सके। डा. यादव ने बताया आजकल महिलाएं स्वास्थ्य के प्रति गंभीर नहीं होने के कारण उनको विभिन्न प्रकार की बीमारियां पकड़ लेती हैं। कैंप में आई महिलाओं को विभिन्न प्रकार के मोटे अनाज खाने की भी सलाह दी गई ताकि वह कई बीमारियों से बच सके।
फोटो कैप्शन 06: गर्भवती महिलाओं की जांच करती डाक्टर।
कट को लेकर ग्रामीणों का जोश बरकरार, 363वें दिन जारी रहा धरना
-अनिश्चितकालीन धरना है जारी
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को जारी रहा। को धरने की अध्यक्षता डा. लक्ष्मण सिंह सेहलंग ने की और उन्होंने बताया कि हमने कट के लिए प्रतिज्ञा ले रखी है, जब तक राज्य सरकार या केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच चढऩे और उतरने का मार्ग शुरू नहीं करती है, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा। दिनांक 11 मार्च 2024 को ग्रामीणों को धरना स्थल पर बैठे पूरा एक साल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर 11 मार्च को सुबह 9 बजे डा. प्रेमराज आर्य प्रधान वेद प्रचार मंडल महेंद्रगढ़, भूपेंद्र सिंह आर्य और रंगराव सिंह पालड़ी की अध्यक्षता में हवन का आयोजन किया जाएगा। हवन करने से वातावरण शुद्ध होगा और हमें विश्वास है जिस उद्देश्य के लिए ग्रामीण धरना स्थल पर बैठे हैं, उस काम को गति मिलेगी, कट का काम जल्द शुरू होने पर ग्रामीण राहत की सांस लेंगे।
धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन ने बताया कि धरने को चलते 363 दिन हो गए है। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट की घोषणा की हुई है लेकिन आज तक कट का काम शुरू न होने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश है लेकिन हौसला बरकरार है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार को हम बार-बार याद दिला रहे हैं की राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर चढऩे- उतरने का मार्ग होना इन 40 गांवों के लिए बहुत जरूरी है, कट बनने के बाद ही इस क्षेत्र का विकास होगा।
इस मौके पर नरेंद्र शास्त्री, वेद प्रकाश, पहलवान रणधीर सिंह, पूर्व सरपंच हंसकुमार, मुंशीराम, बाबूलाल, चेयरमैन सतपाल, ओम प्रकाश, सीताराम, डा. रामभक्त, अशोक, महेंद्र, दाताराम, इंस्पेक्टर सतनारायण, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह, प्यारेलाल, पहलवान धर्मपाल, मनफूल, प्यारेलाल, डा. राम भक्त, प्रधान कृष्ण कुमार, रोशन लाल आर्य, अशोक व गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: धरने पर बैठे ग्रामीण।
न्यूरोलोजी का कनीना के फुटबाल ग्राउंड में लगेगा मुफ्त जांच शिविर
---दस मार्च को लगेगा शिविर
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कनीना की आवाज। कनीना कस्बे के फुटबाल ग्राउंड के सामने 10 मार्च रविवार को न्यूरोलोजी (मस्तिक रोग ) का विशाल कैम्प प्रयास फाउंडेशन के तत्वाधान से सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक लगेगा। यह जानकारी विक्रांत यादव कनीना ने देते हुए बताया की इस कैम्प में गुरुग्राम के न्यूरोलाजी (मस्तिक रोग) विशेषज्ञ डा. समीर अरोड़ा (सीनियर कंसलटेंट न्यूरोलाजी डीएम ऐम्स न्यू दिल्ली) पहली बार कनीना कैंप में पहुंचेंगे। इस मौके पर वो मिर्गी, सर दर्द, चक्कर, लकवा, घबराहट, नींद ना आना, बेचैनी होना, भूलने की बीमारी, पीठ और गर्दन में दर्द, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, तांत्रिक एवं मांसपेशी विकार, पार्किंसांस, संचलन संबंधित विकार, न्यूरोमसेकुलर विकार से पीडि़त मरीजों की निशुल्क ओपीडी करेंगे।
साहित्य की लुप्त हो चुकी चम्पू-विधा आई सामने
--राधेश्याम गोमला ने इस विधा में आत्मकथा लिखकर एक नया इतिहास रचा -रोहित यादव
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कनीना की आवाज। सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम गोमला ने साहित्यिक क्षेत्र में एक नया ऐतिहासिक रिकार्ड उदाहरण स्थापित कर जिला का नाम रोशन किया है। उन्होंने साहित्य की लुप्त हो चुकी चम्पू-विधा में आत्मकथा लिखकर एक नया इतिहास रचा है । वे मित्र राधेश्याम गोमला नाम से साहित्य रचना कर रहे हैं ।
आजीवन साहित्य साधना सम्मान, महाकवि सूरदास सम्मान और बाबू बालमुकुंद सम्मान से सम्मानित लोकसाहित्यकार रोहित यादव ने उनके आवास सैदपुर में एक साहित्यिक गोष्ठी में उक्त बात कही।
उन्होंने कहा कि मित्र राधेश्याम गोमला द्वारा लिखित - गांव का महंत, चंपू शैली में एक ऐतिहासिक कदम है। हिंदी भाषा में विश्व में इस रचना से पूर्व कोई ग्रंथ नहीं लिखा गया। हिंदी साहित्य क्षेत्र में उन्होंने एक ऐतिहासिक रिकार्ड स्थापित किया है ।
लोक साहित्यकार रोहित यादव ने बताया कि साहित्य तीन प्रकार से लिखा जाता है । गद्य, पद्य और चम्पू। गद्य और पद्य में हजारों लाखों पुस्तकें लिखी गई हैं और लिखी जा रही हैं। मगर चम्पू शैली में अब तक गिनी चुनी रचनाएं ही प्रकाशित हुई हैं। जिनमें हिंदी में केवल मैथिलीशरण गुप्त द्वारा लिखित यशोधरा ही मिलती है। वह ऐतिहासिक पात्र बुद्ध और यशोधरा की कहानी पर आधारित है। चंपू शैली में हिंदी में लिखने का एकमात्र श्रेय मिला मैथिलीशरण गुप्त द्वारा लिखी गई यशोधरा को , जिसे यह यश प्राप्त हुआ और जिसे एक चम्पू प्रबंध-साहित्य की श्रेणी में गिना जाता है। हिंदी साहित्य में चम्पू विधा में मैथिलीशरण गुप्त लिखित यशोधरा ही एकमात्र प्रबंध-साहित्य उपलब्ध है। इसके अतिरिरिक्त हिंदी में चम्पू शैली में कोई रचना प्रकाशित नही हुई ।
एक विशेष बात यह है कि आज तक चंपू शैली में किसी भी भाषा में अब तक कोई आत्मकथा नही लिखी गई है ।
उन्होंने बताया कि संस्कृत में प्रथम प्रमाण अर्थववेद को माना जाता है, जिसमें गद्य और पद्य दोनों के माध्यम से विषय को समझाया गया है। माना जाता है कि 10 वीं से 17वीं सदी में सोमदेव सुरि का यश:तिलक, भोजराज की चम्पू रामायण, कवि कर्णपूरि की आनन्दवृन्दावन, जीव गोस्वामी की गोपाल चम्पू, नीलकंठ दीक्षित की नीलकण्ठ चम्पू और अनंत कवि की चम्पू-भारत रचनाएं, गद्य और पद्य दोनों में लिखीं गईं। ये सभी रचनाएं संस्कृत में लिखीं गईं । इसके बावजूद चंपू शैली में संस्कृत में भी कोई आत्मकथा नही लिखी गई है ।
अनेक विषयों के लेखक रोहित यादव ने बताया कि निर्मला प्रकाशन दादरी हरियाणा से प्रकाशित मित्र राधेश्याम गोमला द्वारा लिखित -गांव का महंत आत्मकथा चम्पू शैली में लिखी विश्व की प्रथम आत्मकथा है। साहित्यिक क्षेत्र में नया इतिहास रचने वाली यह रचना सामयिक ग्रामीण ऐतिहासिक दस्तावेज भी है। गांवों में घटने वाली घटनाओं का क्रमवार साहित्यिक ऐतिहासिक विवरण है गांव का महंत में। इस पुस्तक में गद्य और पद्य दोनों के मिश्रण से बड़े रोचक सचित्र तथ्यों के साथ विषय का चित्रण किया है ।
रोहित यादव ने बताया कि मित्र राधेश्याम गोमला द्वारा लिखित ग्रंथ गांव का महंत भारत की लोक-व्यवस्था, पंचायती-राज प्रणाली और पद्धति के तथ्यों को पुष्ट करने में समर्थ प्रतीत होता है। सन 1960 में सामुदायिक सहभागिता लागू होने से अब तक पंचायती-राज व्यवस्था के दौरान हुए बदलावों की दृष्टि से भी यह ग्रंथ महती भूमिका रखता है। इस ग्रंथ के अंतर्गत संस्मरणात्मक दृष्टि और आख्यानों के परिप्रेक्ष्य से गांव की घटनाओं को माध्यम में रखकर, उस समय और इस समय के लोकजीवन में, जीवन यापन के लिए जी तोड़ मेहनत व संस्कृति, मान्यताएं, परम्पराएं और लोक विश्वास का जुड़ाव, जीवन में छाए अंधकार के लिए शिक्षा की रोशनी, राजनैतिक पृष्ठभूमि, सामाजिक-सांस्कृतिक ढाचा, पारिवारिक दायित्व, सामुदायिक मंच की पराकाष्ठा, श्रेष्ठ व्यक्तित्व के चरित्र-चित्रण तथा धार्मिक व आर्थिक उतार-चढ़ाव आदि कितनी ही घटनाओं का जिक्र या उल्लेख मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि यह ग्रंथ साहित्य प्रेमियों के साथ साथ हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों शोद्यार्थियों के लिए तो कारगर सिद्ध होगी ही बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाले कार्यकर्ताओं प्रतिनिधियों कर्मचारियों व अधिकारिकारियों के लिए भी बेहद सहायक सिद्ध होगी।
उन्होंने बताया कि मई महीने में बड़े स्तर पर इस पुस्तक का विमोचन किया जाएगा ।
फोटो कैप्शन 04: चंपू विद्या में लिखी गांव का महंत पुस्तक का नजारा।
शराब के ठेके पर तोडफ़ोड़ करने, मारने पीटने का मामला दर्ज
-शराब की बोतलें तथा नकदी ले उड़े
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कनीना की आवाज। कनीना-अटेली सड़क मार्ग पर स्थित ठेके पर नौकरी करने वाले अमन के साथ उन्हानी गांव के दो लोगों द्वारा ठेके पर तोडफ़ोड़ करने, मार पिटाई करने पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत दोनों ही लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। कनीना पुलिस में अमन नरेला, दिल्ली निवासी ने कहा है कि वह कनीना-अटेली सड़क मार्ग पर अटेली मोड़ के पास स्थित शराब के ठेके पर नौकरी करता हूं। सात मार्च को रात के वक्त उन्हाणी की दो लड़के नवीन तथा जोगेंद्र गाली गलौच करने लगे और धमकी दी कि मुफ्त में शराब देनी होगी और इसके अतिरिक्त हर महीने का खर्चा भी देना होगा। गाली गलौच करते देख, अमन ने ठेके के दरवाजे बंद कर लिए। आरोपितों ने नीले रंग की टेंपो गाड़ी से बार-बार ठेके को टक्कर मारकर तोडफ़ोड़ की जिससे ठेके की जाली और अंदर रखी बियर की पेटी नष्ट हो गई। जाली टूटते ही दोनों लड़के अंदर घुसे, लोहे की धारदार पत्ती से अमन पर हमला किया, बचाव कर्रते वक्त हाथ पर चोट आई। अमन मौत के डर से बाहर निकालने की कोशिश करने लगा तभी वे लोग 6- 7 बोतल रायल स्टैग दो-तीन बोतल ब्लेंडर प्राइड और गल्ले से 7 से 8 हजार की नकदी उठा ले गए। जाते जाते धमकी दे गये कि अपने ठेकेदारों से कह देना कि मुफ्त में शराब और खर्च के लिए दो से 3 हजार रुपये देने होंगे। अगर नहीं दिए तो गोली से उड़ा देंगे। इतना कहकर गाड़ी में बैठ भाग खड़े हुए। अमन की शिकायत पर कनीना पुलिस में दोनों के विरुद्ध मामला दर्ज करवा दिया है।
Friday, March 8, 2024
यूरो स्कूल मे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस व महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया
--शिव विवाह से अवगत कराया
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कनीना की आवाज। यूरो स्कूल एक बेहतर शिक्षा के साथ-शाथ बच्चों में हमारी सभ्यता, संस्कृति व संस्कारों के संवर्धन के लिए कर्तव्यबद्ध है। आज स्कूल प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय महिला विकास व महाशिवरात्रि पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल प्राचार्य सुनील यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने बताया कि हमारे देश में प्राचीन काल से ही महिलाओं का मान-सम्मान होता रहा है तथा स्त्री ने अपने सभी रूपों से हमेशा समाज पर उपकार किया है। एक स्त्री प्रेम, दया, करूणा और त्याग की प्रतिमूर्ति है। साथ ही उन्होंने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए शिव विवाह के बारे में भी अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या ने स्कूल में कार्यरत सभी महिलाओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया और ढेर सारी शुभकामनाएं दी। इस शुभावसार पर उप-प्राचार्य मंजू यादव, का-र्डिनेटर संजू यादव, सुमन यादव, तन्नू गुप्ता, बिरेन्द्र सिंह और समस्त अध्यापकगण उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 11: स्कूल में महिला दिवस मनाते हुए।
शिव भोले के जयकारे के साथ, 362वें दिन जारी रहा धरना
-अनिश्चितकालीन धरने पर हैं किसान
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए अनिश्चितकालीन धरना जारी है। शुक्रवार को धरने की अध्यक्षता रामभज बाघोत ने की और उन्होंने बताया कि धरना स्थल पर बैठे ग्रामीण बाबा शिव भोले के पक्के भक्त हैं, जब तक कट का काम शुरू नहीं होगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन ने बताया कि धरने को चलते 362 दिन हो गए है लेकिन आज तक कट का काम शुरू नहीं किया गया है। धरना स्थल पर बैठे ग्रामीणों में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के प्रति आक्रोश है, उनका गुस्सा प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। केंद्र सरकार किसानों की पीड़ा को समझे और उनकी मांग पर अमल करके जल्द से जल्द आगे की कार्रवाई की जाए। इस क्षेत्र के 40 -50 गांवों का विकास राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर कट बनने के बाद ही संभव है।
इस मौके पर पहलवान रणधीर सिंह, नरेंद्र शास्त्री, मुंशीराम, चेयरमैन सतपाल,ओम प्रकाश, सीताराम, रामकिशन, राजू उर्फ राजेश, सूबेदार हेमराज अत्री, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह, पहलवान धर्मपाल, दाताराम, सुरेंद्र सिंह, वेद प्रकाश, मास्टर विजय सिंह, ओम प्रकाश, सत्य प्रकाश, कृष्ण कुमार पंच, मनफूल, सब इंस्पेक्टर रामकुमार, प्यारेलाल, धर्मपाल, डा राम भक्त, मास्टर विजयपाल, पूर्व सरपंच हंस कुमार, प्रधान कृष्ण कुमार, रोशन लाल आर्य, अशोक व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 09: अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसान।
शहीद सुजान सिंह पार्क का सौंदर्यीकरण का कार्य जोरों पर
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कनीना की आवाज। शहीद सुजान सिंह पार्क के सौंदर्यीकरण का काम जोरों पर चल रहा है। इस पार्क को मनमोहक एवं घूमने फिरने के लिए अनुकूल बनाया जा रहा है। शहीद सुजान सिंह पार्क का मुद्दा कई बार उठाया जिसका संज्ञान लेते हुए एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने अपनी देखरेख में पार्क को विकसित करवाने का काम शुरू कर दिया है।
संत मोलडऩाथ आश्रम ट्रस्ट के प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि बस स्टैंड के नजदीक होते इस पार्क में हजारों की संख्या में लोग घूमने फिरने के लिए आते हैं। अब उनको बैठने घूमने फिरने की कुछ सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इस पार्क में टायलेट तथा पीने के पानी की व्यवस्था भी की जाए ताकि आने वाले लोगों को किसी तरह की समस्या ना हो। इसके लिए उन्होंने एसडीएम सुरेंद्र सिंह का धन्यवाद किया।
उल्लेखनीय है कि यह पार्क कनीना के परम संत मोलडऩाथ आश्रम के समक्ष है। यहां वर्षभर कई बार मेले लगते रहते हैं जिसके चलते पार्क होना जरूरी था। जहां पास में खाटू श्याम मंदिर है वहीं एकादशी को मंदिरों में भारी भीड़ होती हैं। ऐसे में पार्क उनके लिए बेहतर साबित हो सकेगा।
इस मौके पर उनके साथ रमेश कुमार, लाल सिंह, अशोक डीपी, शिवकुमार व अन्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 10: शहीद सुजान सिंह पार्क की बदलती हुई तस्वीर दिखाने ग्रामीण।
महाशिवरात्रि की रही धूम
-विभिन्न स्थानों पर लगे भंडारे एवं मेले, शिवालयों में रही भीड़
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कनीना की आवाज। कनीना एवं आस पास क्षेत्रों में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। शिवालयों में दिनभर पूजा अर्चना का सिलसिला चलती रहा। सबसे अधिक भीड़ प्राचीन शिवालय बाघोत स्थित बाघेश्वर धाम पर रही। कई जगह भंडारे आयोजित किए गए।
महाशिवरात्रि के पर्व पर मंदिरों में भारी भीड़ रही। कनीना के 21 फुट ऊंचे शिव प्रतिमा वाले शिवालय पर दिनभर तांता लगा और भक्तजन गाजर, बेर, फूल एवं फलों से अर्चना करते देखे गए। महिलाओं की संख्या बहुत अधिक थी। उन्होंने आज व्रत किया और शिवलिंग का जलाभिषेक किया। पुराने शिवभक्त भरपूर सिंह, उनकी पत्नी शकुंतला देवी तथा बच्चे सुबह से शिवालय में पूजा अर्चना करते देखे गए।
उधर विश्व में प्रसिद्ध कनीना से 13 किमी दूर स्थित बाघेश्वरी धाम पर अपार जनसमूह उमड़ पड़ा। बाघोत में मेला आयोजित हुआ जिसमें भारी भीड़ जुटी। भक्तों ने स्वयंभू शिवलिंग का अभिषेक किया।
बाघोत का पुराना नाम हरयेक वन था। यहां पीपलाद ऋषि का आश्रम भी तो यहीं था। उनके कुल में राजा दलीप के कोई संतान नहीं थी। वे दु:खी थे और दुखी मन से अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास गए। उन्होंने अपना पूरा दु:ख का वृतांत मुनिवर को सुनाया। वशिष्ठ ने उन्हें पीपलाद ऋषि के आश्रम में नंदिनी नामक गाय एवं कपिला नाम की बछिया निराहार रहकर चराने का आदेश दे दिया। राजा ने गाय व बछिया को निराहार रहकर चराते वक्त एक दिन भगवान् भोलेनाथ ने बाघ का रूप बनाकर राजा की परीक्षा लेने का निर्णय लिया। बाघ ने बछिया पर धावा बोल दिया। गाय को बचाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने को राजा तैयार हुए। परंतु जब वे ऐसा करने लगे तो बाघ के स्थान पर शिवभोले खड़े थे। बाघ के कारण ही गांव का नाम बाघोत पड़ा। प्रारंभ में बाघेश्वर शिवालय का निर्माण कणाणा के राजा कल्याण सिंह रैबारी ने करवाया था जिसका समय समय पर उद्धार होता रहा है।
बाघोत स्थित शिवालय उन भक्तों के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है जिनके कोई संतान नहीं होती है। मेले में आकर दंपति अपने हाथों से एक विशाल वटवृक्ष को कच्चा धागा बांधकर सुंदर संतान होने की कामना करता है। जब संतान हो जाती है तो यहां आकर ही धागा खोलता है। यही कारण है कि शिवलिंग के पास ही खड़ा एक वटवृक्ष कच्चे धागों से लदा मिलता है।
हरियाणा सरकार की पुस्तकों में भी बाघोत का छोटा उल्लेख है वहीं लेखक एचएस यादव की कृति में संपूर्ण इतिहास दिया गया है।
बाघोत के शिवालय का शिवलिंग स्वयंभू होने के कारण यहां अपार भीड़ भक्तों की वर्षभर चलती है। छोटा सा गांव है किंतु ठहरने के लिए अनेक धर्मशालाएं हैं। प्राकृतिक शिवलिंग के भक्त दर्शन कर प्रसन्न हो जाते हैं।
बाघोत स्थित स्वयंभू शिलिंग के दर्शन हजारों वर्ष पूर्व राजा कल्याण सिंह रैबारी ने यहां स्थित जंगल में सर्वप्रथम किए थे। तत्पश्चात यहां अपार जनसमूह प्रतिवर्ष उमड़ता है। बाघेश्वरी धाम नि:संतानों के लिए आस्था का केंद्र बन चुका है। राजा दलीप ने यहीं पर तप एवं व्रत करके संतान प्राप्त की थी। यहीं कारण है कि इस मेले में एक प्राचीन पीपल के पेड़ पर अपनी आस्था एवं मन्नत के परिणित संतान प्राप्ति हेतु कच्चा धागा बांधते हैं और जब उनकी मन्नत पूर्ण होती है तो उस कच्चे धागे को अपने कमलों से हटाने का रिवाज चला आ रहा है। कई कारणों एवं आस्थाओं के चलते बाघेश्वरी धाम पर अपार भीड़ रहती है। वैसे भी प्रत्येक सोमवार को यहां भक्तों का तांता लगता है। विभिन्न गांवों में शिवालयों में भारी भीड़ रही। सोमवार के दिन भी शिवभोले की पूजा की जाती है तथा व्रत रखा जाता है। विभिन्न गांवों में भंडारा आयोजित किया गया जहां भक्तों की भीड़ रही। लंबी भीड़ जुटी। एक एक घंटे में जलाभिषेक करने के लिए इंतजार करना पड़ता है। गांवों में भी शिवालयों पर रही भीड़।
फोटो कैप्शन 4 से 8: स्वयंभू शिवलिंग पर जल अर्पित करते हुए भक्त एवं मेला
बेर एवं गाजर की रही मांग
-अर्पित किये शिवालयों में
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कनीना की आवाज। आज महाशिवरात्रि पर बेर, गाजर एवं फलों की मांग रही। गाजर जो 20 रुपये किलो मिलती थी आज 30 रुपये किलो बिकी। बेरों की मांग कम होती थी उसमें आज इजाफा हो गया। झाड़ी के बेर 50 रुपये तो बागोवाले बेर 80 रुपये किलो बिके। केले भी 80 रुपये दर्जन बिके।
आज महाशिवरात्रि के दिन गाजर एवं बेरों की अधिक मांग रही जिसके चलते दोनों ही चीजों के भावों में बढ़ोतरी कर दी गई। गाजर 30 रुपये प्रति किलो के भाव से बिकी। किसानों ने खेतों से आज गाजर को उखाड़ा गया और उन्हें बाजार में बेचकर आय कमाई। ये वस्तुएं शिव भोले को अर्पित की जाती हैं।
किसान अजीत सिंह, सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण सिंह आदि ने बताया कि किसी वक्त इस क्षेत्र में किसान काले रंग की भारी मात्रा में गाजर उगाई जाती थी जिसे न केवल पशुओं के लिए अपितु खाने के काम में लेते थे किंतु अब किसान स्वयं गाजर खरीदकर लाते हैं। यही कारण है कि गाजर के भाव बढ़ रहे हैं।
फिल्म इंडस्ट्रीज के महान नायक सतीश कौशिक की धर्मपत्नी ने गांव धनौंदा का किया दौरा
- मेरा गांव धनौंदा बहुत अच्छा -शशि कौशिक
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कनीना की आवाज। देश के जाने-माने विख्यात फिल्म इंडस्ट्रीज के निर्माता निर्देशक सतीश कौशिक के परिवार द्वारा आज उनके पैतृक गांव धनौंदा में आकर गांव की मिट्टी को प्रणाम किया तथा अपने गांव की गलियों का भ्रमण भी किया। यहां गौरतलब है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्रीज के महान नायक सतीश कौशिक कनीना के निकटवर्ती ग्राम धनौंदा की मिट्टी में जन्मे थे जिन्होंने धनौंदा गांव की मिट्टी में खेल कर अपना बचपन शुरू किया था। उनके परिवार में उनके भाई ब्रह्मदत्त कौशिक, उनके दूसरे भाई अशोक कौशिक तथा उनकी धर्मपत्नी शशि कौशिक ने गांव धनौंदा का दौरा कर गांव में स्थित बाबा दयाल के मजार पर मन्नत मांगी वहीं गांव में स्थित ब्रह्मचारी कृष्णानंद धाम पर जाकर मन्नत मांगी।
इस अवसर पर फिल्म इंडस्ट्रीज के महान नायक सतीश कौशिक के भाई अशोक कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि हम सब भाई इसी गांव की मिट्टी में पैदा हुए थे जिसके कारण हमारा इस मिट्टी से आज भी पूरा प्रेम है। उन्होंने यह भी बताया सतीश कौशिक ने फिल्म इंडस्ट्रीज में आकर जो नाम कमाया उसमें देश प्रदेश में जिले के साथ उनके पैतृक ग्राम धनौंदा का भी नाम ऊंचा हुआ है। जिसके कारण आज हमारे पैतृक गांव धनौंदा को अपने प्रदेश व देश में ही नहीं जहां तक सतीश कौशिक की फिल्में गई वहां तक पहुंचने का आयाम स्थापित हुआ। सतीश कौशिक अपने गांव से बड़ा लगाव रखते थे और इसी के कारण उन्होंने गांव में करोड़ों रुपये सरकार द्वारा खर्च करवा कर गांव को एक नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने यह भी बताया की श्री कौशिक द्वारा गांव धनौंदा में बहुत बड़ा खेल स्टेडियम बनाकर गांव को सौंप दिया ताकि गांव में विभिन्न प्रकार के खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ी देश व प्रदेश में अपना नाम ऊंचा कर सके। सतीश कौशिक का एक सपना था कि वह जिस मिट्टी में पैदा हुए हैं उस गांव का नाम अपने देश में ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंचने का कार्य करेंगे लेकिन परमात्मा को कुछ और ही मंजूर था।
फिल्म इंडस्ट्रीज के महान नायक सतीश कौशिक की धर्मपत्नी शशि कौशिक ने बताया मुझे कई बार अपने पति के गांव आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मुझे भी अपने गांव की तरह अपने पति का गांव धनौंदा काफी अच्छा लगता है और भविष्य में भी हम लोग अपने गांव को याद रखेंगे तथा अपने गांव के मान सम्मान के लिए प्रयास करते रहेंगे ताकि हमारे गांव धनौंदा का नाम जिले प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश में ऊपर उठ सके। वही गांव के ग्रामीणों द्वारा गांव में पहुंचने पर श्री कौशिक के परिवार का भव्य स्वागत किया गया। गांव के ठाकुर रतन सिंह तोमर, ठाकुर राजेंद्र सिंह नंबरदार, वीर सिंह परमार, पूर्व पंच घनश्याम सिंह, ठाकुर कृष्णपाल सिंह, ठाकुर कर्मवीर सिंह, विजय कुमार आर्य, डाक्टर फतेहचंद दायमा, पूर्व पंच सुनील कुमार, डॉ मुकेश तंवर, पृथ्वी सिंह, ठाकुर जसवंत सिंह, पूर्ण सिंह तंवर, दीपांशु तंवर ,नरेंद्र शर्मा, रवि शर्मा, सतपाल शर्मा के अलावा अन्य ग्रामीणों ने बताया की सतीश कौशिक जी का गांव धनौंदा से बड़ा ही गहरा लगाव रहता था। वह फिल्म इंडस्ट्रीज में जाने के उपरांत भी समय-समय पर गांव घरौंदा पहुंचते थे और ग्रामीणों से बेबाक खुलकर के मिलते थे तथा गांव में किसी भी तरह की समस्या ग्रामीणों द्वारा उनके सामने रखी जाती तो वह उसका तुरंत निराकरण करने में बढ़-चढ़कर के भाग लेते थे।सतीश कौशिक के चले जाने की क्षति उनके परिवार को ही नहीं समूचे गांव धनौंदा के साथ हरियाणा प्रदेश को भी है। सतीश को कभी भुला नहीं पाएगा। ग्रामीणों ने उनके परिवार को आश्वासन दिया कि वह जब भी गांव धनौंदा आएंगे गांव के 36 बिरादरी के लोग उनका दिल से स्वागत करेंगे।
फोटो कैप्शन 03: सतीश कौशिक के भाई वह उनकी धर्मपत्नी
हृदय, नेत्र रोग एवं सामान्य रोग चिकित्सा का 72वां शिविर रविवार को
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कनीना की आवाज। कनीना अनाज मंडी स्थित लाला शिवलाल धर्मशाला में सेवा भारती हरियाणा प्रदेश शाखा कनीना की ओर से 72वां हृदय, नेत्र रोग, जांच एवं परामर्श शिविर 10 मार्च को आयोजित किया जाएगा। इस मौके डा अश्विनी यादव हृदय रोग तथा डा. राहुल नेत्र रोग विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे।
विस्तृत जानकारी देते हुए सेवा भारती के योगेश अग्रवाल ने बताया कि इस मौके पर ईसीजी, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर आदि की जांच की जाएगी वही हृदय रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं सामान्य रोग विशेषज्ञ उपलब्ध रहेंगे। उल्लेखनीय की लंबे समय से सेवा भारती की ओर से इस प्रकार के कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक 71 निशुल्क शिविर आयोजित किए जा चुके हैं जिसमें हजारों लोगों ने लाभ उठा लिया है। उन्होंने बताया कि सेवा भारती लगातार जन सेवा में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि प्राय हृदय रोगों की जांच उन लोगों को करवानी चाहिए जिनकी सांस फूलती हो, अत्यधिक मोटापा, अत्यधिक पसीना आता हो, उम्र 40 वर्ष से अधिक हो, तंबाकू-धूम्रपान सेवन करने वाले, रक्तचाप से पीडि़त, अत्यधिक घबराहट बेचैनी, हृदय संबंधित पारिवारिक रोग प्रवृत्ति, आलसी जीवन शैली वाले जरूर इस शिविर का में जांच करवाएं।
गेहूं की सुनहरी बालियों को देखकर किसान प्रसन्न
-अप्रैल में होगी गेहूं की लावणी
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में जहां सरसों की लावणी पूरे वेग पर चल रही है वहीं गेहूं में सुनहरी बालियां दिखाई पड़ रही हैं। गेहूं की सुनहरी बालियों को देखकर किसान प्रसन्न हैं। अभी दो बार खेतों में और पानी दिया जाएगा तथा अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक गेहूं की कटाई शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
इस बार अभी तक मौसम प्रतिकूल चलने से कम पैदावार होने की उम्मीद है। किसान राजेंद्र,कृष्ण कुमार, अजीत कुमार, महेश कुमार दिनेश कुमार, उमेद सिंह आदि ने बताया कि गेहूं में 6 से 7 बार पानी देना पड़ता है। पानी किसानों को या तो अपनी ट्यूबवेल से देना पड़ता है या एक तिहाई भाग गेहूं उत्पाद के बदले किसी ट्यूबवेल मालिक से पानी लेना पड़ता है।
किसान अब तक गेहूं फसल में चार पानी दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि अभी एक से दो बार पानी और लगाना पड़ेगा। फसल पकान की ओर अग्रसर है। कनीना क्षेत्र में दो प्रकार की खेती की हुई है। अगेती फसल पर सुनहरी बालियां आई हुई हैं। वैसे तो खेत से पकी हुई कुछ बालिया होली दहन में भूनकर खाने के पश्चात ही लावणी का कार्य शुरू होता है और इस बार 24 मार्च को होलिका दहन होने जा रहा है। होली के दहन में गेहूं/जौ की बालियों को भूनकर खाने के बाद ही लावणी होने की संभावना है। गेहूं के मुकाबले दोगुने क्षेत्रफल पर सरसों उगाई गई है।
कृषि वैज्ञानिक ने कृषि अधिकारी वैज्ञानिक मानते इस बार मौसम ठीक नहीं रहने का कुप्रभाव पैदावार पर पड़ सकता है।
उधर व्यापार मंडल प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष रविंद्र बंसल ने बताया कि इस बार गेहूं का एमएसपी 2275 रुपये तो सरसों प्रति 5650 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। सरसों के प्रति किसानों में अच्छा रुझान देखने को मिल रहा है।
फोटो कैप्शन 02: गेहूं की लहलहाती फसल।
किसान सभी कार्य करवा रहे हैं मजदूरों से
--किसानों के पास वक्त का अभाव
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में सरसों की फसल कटाई शुरू हो गई हैं। किसान अपनी फसल कटाई स्वयं कम करते हैं और मजदूरों से अधिक करवा रहे हैं। दूसरे राज्यों से भारी संख्या में मजदूर आए हुए हैं जो 2500 प्रति एकड़ के हिसाब से फसल कटाई करते हैं। किसान अपने खेतों में फसल कटाई सरसों निकालना, यहां तक कि आने वाले समय में गेहूं की कटाई और भंडारण भूसे का भंडार आदि सभी कार्य इन मजदूरों से करवाते हैं। आलम यह है कि किसान अपने खेतों में जबसे फसल उगाता है तभी से उसकी रखवाली का कार्य भी मजदूरों पर छोड़ता रहा है। मजदूर निश्चित राशि में फसलों की देखभाल करते हैं। फसलों की आवारा जंतुओं से देखरेख के लिए अलग से रखवाले भी रखे जाते हैं। ये रखवाले रात को आवारा जंतु जैसे नीलगाय से फसल की सुरक्षा करते हैं।
किसानों ने बताया कि एक जमाना था जब परिवार के सदस्यों की संख्या अधिक होती थी उस समय मजदूरों की जरूरत कम पड़ती थी किंतु अब प्रत्येक घर में सदस्य की संख्या कम होती है। एक और जहां चल रही हैं विद्यार्थी अपने स्कूल में परीक्षा देने जाते हैं वही किसान अपने खेतों में लावणी का कार्य करते हैं। लेकिन ऐसे बहुत कम किसान है जो अपने खेत की लावणी स्वयं करते हैं। मजदूरों पर ही लावणी का कार्य निर्भर करता है।
मिली जानकारी अनुसार राजस्थान, बिहार ,उत्तर प्रदेश तथा अन्य राज्य से मजदूरों के ग्रुप आए हुए हैं। ये ग्रुप दस से लेकर के 30 की संख्या में मिलते हैं। एक साथ मिलकर कार्य करते हैं। फसल कटाई का काम जो दिनों में पूरा होना चाहिए कुछ ही घंटों में पूरा कर जाते हैं। यही कारण है किसान मौसम को देखते हुए तथा मौसम बदलाव के चलते हुए इन मजदूरों से कटाई करवाता है। यहां तक सरसों निकालना आदि का कार्य भी मजदूरों से करवा भंडारण तक का कार्य भी मजदूरों से करवाता है। एक और मजदूरों को अपनी रोटी रोजी मिल रही है वही किसान भी इन मजदूरों से काम करवा कर प्रसन्न नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि घर गृहस्थी के काम में फुरसत नहीं मिलती जिसके चलते मजदूरों से काम करवाते हैं। दूसरे प्रांतों में दैनिक मजदूरी प्रदेश से कम है।
फोटो कैप्शन 01: सरसों की लावणी का नजारा।
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