किसानों के ट्यूबवेलों से हुई चोरी, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र के कई किसानों के ट्यूबवेलों से कृषि के उपकरण चोरी हो गए। सुरेश कुमार वार्ड पांच ने दी शिकायत में कहा है कि 27 अप्रैल को उनके कुए से तीन गुज्जी और एक टी चोरी हो गए। उसी दिन माडृूराम के कुएं से दो गुज्जी, एक बैंड ,सचिन के कुएं दो बैंड, राकेश के कुएं से एक टी, दो बैंड, दो गुज्जी, प्रदीप वार्ड पांच के कोई एक बैंड चोरी हो गए। 21 अप्रैल की रात के समय पवन कुमार गहड़ा रोड़ के कुएं से चार बैंड, दो टी, तीन गुज्जी दो एल्युमिनियम के गुटके और 170 फुट 3 फेस की केबल भी चोरी हो गई थी। कनीना पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।
व्यक्ति को झांसा देकर ठगे लाखों रुपए, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। सेहलंग के निवासी कृष्ण कुमार के खाते से लाखों रुपए की राशि का फ्राड कर लिया गया। 9 फरवरी की रात को उनके पास काल आई और कहा कि वह एचडीएफसी से बोल रहा है, क्रेडिट कार्ड बनाना है 5000 रुपए देने पड़ेंगे। आनलाइन ओटीपी बताने के लिए कहा जिससे धोखे में आकर ओटीपी सहित सारी बैंक डिटेल प्रदान कर दी। फोन काटने के बाद चेक किया तो एचडीएफसी बैंक खाता संख्या खाते से 71335 रुपए कट गए । यही नहीं पर्सनल लोन व कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन के साथ फ्रॉड करने वाले ने अप्लाई करवा लिया। जिससे पर्सनल लोन 47720 रुपए खाते से डिसबर्च हुए। कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन 96227 का था जो खाते में नहीं आया जबकि इएमआई प्रतिमाह आ रही है। इस प्रकार साइबर फ्रॉड हुआ है। उन्होंने शिकायत 1930 पर भी कर दी है। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
मोटरसाइकिल सवार को दूसरी मोटरसाइकिल ने मारी टक्कर, एक घायल, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। मोटरसाइकिल सवार ने मोटरसाइकिल सवार को ही टक्कर मारी जिससे वह घायल हो गया। लंबे समय तक इलाज चला और अब मामला दर्ज करवाया है। सुरेंद्र सिंह खैरानी ने पुलिस में बताया कि वह अपने दोस्त की बुलेट मोटरसाइकिल लेकर महेंद्रगढ़ ड्यूटी पर जा रहा था। 27 मार्च 2026 की सुबह करीब 9:45 बजे 152 डी से लगभग 200 मीटर आगे पिपली चौक पर जैसे पहुंचने वाला था एक मोटरसाइकिल कोथल गांव की तरफ से तेज रफ्तार, लापरवाही से चलाता आया। जिस पर चार लोग सवार थे। वह नियंत्रण को बैठा और बुलेट मोटरसाइकिल को टक्कर जड़ दी जिससे सुरेंद्र सिंह को चोटें आई। सीटी स्कैन और अन्य टेस्ट किए गए जिसमें पाया कि हड्डी टूट गई और चोटें आई। 29 मार्च 26 को हड्डी टूटने के कारण डाक्टर के आदेश अनुसार बोलना मना किया हुआ था। अब उन्होंने शिकायत देकर मोटरसाइकिल सवार के विरुद्ध मामला दर्ज करवा दिया है।
सरकारी दर पर 8984 क्विंटल खरीदी सरसों
-गेहूं की कुल खरीद पहुंची 82183 क्विंटल
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कनीना की आवाज। कनीना में सरकारी दर एवं निजी स्तर पर सरसों की खरीद जारी है। सरकारी तौर पर करीब 1190 क्विंटल सरसों 6200 प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदी गई। कुल सरसों की खरीद 8984 क्विंटल पहुंच गई है। यह सरसों 6200 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी गई है। उधर अब तक किसान प्राइवेट स्तर पर सरसों बेच रहे हैं। नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में निजी स्तर पर सरसों बेचने वाले भारी संख्या में किसान आ रहे हैं और निजी स्तर पर करीब 27660 क्विंटल सरसों खरीदी जा चुकी है। अब तक 27150 क्विंटल सरसों की लिफ्टिंग की जा चुकी है।
विस्तृत जानकारी देते हुए जगराम यादव सीनियर मैनेजर हैफेड ने बताया कि अब तक 8984 क्विंटल सरसों सरकारी तौर पर खरीदी गई है। अशोक कुमार डीइओ/डाटा इंट्री आपरेटर ने बताया कि कनीना की अनाज मंडी स्थित चेलावास में अब तक करीब 82123 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है।
फोटो कैप्शन 09: कनीना अनाज मंडी में गेहूं की खरीद
हर आधे घंटे में लगता है एक बिजली कट
--गर्मी में जीना हुआ मुहाल
अंधड़ एवं वर्षा ने किया बुरा हाल
-किसानों के फलदार पौधों के गिरा दिए फल
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कनीना की आवाज। कनीना कस्बा में दो दिनों से लगातार दो दिनों से अंधड़ और वर्षा के चलते किसानों के फलदार पौधों पर भारी नुकसान हुआ है। जहां वर्षा से राहत जरूर मिली है किंतु किसानों के फलदार पौधे के फल तोड़ डाले हैं। वहीं बड़े-बड़े पेड़ भी उखड़ गए हैं। कनीना के सूबे सिंह एवं राजेंद्र सिंह ने बताया कि बड़ी मुश्किल से उन्होंने कई वर्षों के प्रयास से इस बार बेहतर दर्जे के आम तैयार होने का अंदेशा था किंतु अंधड़ और बरसात ने उनके पेड़ों के सारे फल गिरा डालें। उधर वर्षा का जल सड़कों पर इधर-उधर जमा हो गया। गड्ढ़ों में जल जमा हो गया तथा आवागमन में दिक्कत आई। कनीना क्षेत्र में दूसरा दिन है जब वर्षा हुई। जहां बुधवार को सुबह सवेरे वर्षा हुई और अंधड़ आया वहीं सोमवार को भी अंधड़् और वर्षा आई थी। लोग बेहद परेशान है क्योंकि गर्मियों में अंधड़ और वर्षा के कारण किसानों का नुकसान हो जाता है।
फोटो कैप्शन 8: टूटे हुए आम के फल दिखाते हुए किसान सूबे सिंह
सेवानिवृत्ति व स्थानांतरण समारोह आयोजित
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कनीना की आवाज। पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय, करीरा में विद्यालय परिवार द्वारा वरिष्ठ अध्यापिका सुदेश कुमारी (पीजीटी हिंदी) के सम्मान में एक सेवानिवृत्ति और सुमन परुथी टीजीटी अंग्रेजी का स्थानांतरण के उपलक्ष्य में समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय एवं भावुक वातावरण में संपन्न हुआ।
सुदेश कुमारी ने अपनी शैक्षणिक सेवा की शुरुआत13 जुलाई 1990 टीजीटी हिंदी के रूप में जेएनवी झज्जर से की। 17 अगस्त 1990 से 29 जुलाई 1991 तक जेएनवी हिसार में तथा 30 जुलाई 1991 से 23 अप्रैल 2015 तक जेएनवी भिवानी में टीजीटी हिंदी के रूप में तथा 24 अप्रैल 2015 से अब तक जेएनवी करीरा में पीजीटी हिंदी के रूप में अपनी सेवाएं दी। अपने समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट शिक्षण शैली के कारण उन्होंने विद्यार्थियों और सहकर्मियों के बीच विशेष स्थान बनाया। बाद में उन्होंने नवोदय विद्यालय समिति के अंतर्गत विभिन्न जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए पीजीटी हिंदी के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
दूसरी और सुमन परूथी मैडम ने टीजीटी अंग्रेजी के रूप में अपनी सेवा 1994 में शुरू की थी। जेएनवी करीरा में 2022 से अब तक अपनी सेवाएं देते हुए उनका स्थानांतरण जेएनवी पलवल में हुआ है।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुई। विद्यालय के प्राचार्य बीएम रावत , उप-प्राचार्य धर्मेंद्र आर्य , शिक्षक विजय मोहन जी पीजीटी भूगोल, विनोद कुमार टीजीटी विज्ञान तथा संगीता मिश्रा टीजीटी संगीत ने सुदेश कुमारी और सुमन परूथी के योगदान को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कार्यशैली की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने न केवल विद्यार्थियों को शिक्षा दी, बल्कि उन्हें जीवन के मूल्यों से भी अवगत कराया।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें विद्यार्थियों ने गीत, कविता और नृत्य के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन लोकेश कुमार पीजीटी गणित और विजय मोहन जी पीजीटी भूगोल ने किया।
अपने संबोधन में सुदेश कुमारी और सुमन परूथी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए अपने अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों को मेहनत व ईमानदारी से आगे बढऩे का संदेश दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के स्टाफ, स्काउट , एनसीसी तथा अन्य विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। उप प्राचार्य धर्मेंद्र आर्य ने सभी का धन्यवाद दिया। समारोह का समापन भावुक विदाई के साथ हुआ।
फोटो कैप्शन 05 व 06: नवोदय विद्यालय में सेवानिवृत्ति समारोह में उपस्थित प्राचार्य एवं अन्य
विभिन्न चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों ने खोले अपने-अपने चुनाव कार्यालय
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कनीना की आवाज। कनीना नगरपालिका के वार्ड-14 का उप चुनाव अपने आप में किसी एमएलए और एमपी से कम नजर नहीं आ रहा है। जहां जीत के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं वही कई प्रत्याशियों ने अपने-अपने चुनाव कार्यालय खोल लिये हैं। सभी ने चुनाव कार्यालय रेवाड़ी सड़क मार्ग पर खोले हैं। विभिन्न चुनाव कार्यालय में लोगों का जमावड़ा दिखाई दिया तथा अधिक से अधिक वोटर दिखाकर जीत का प्रभाव बनाने का प्रयास किया गया है। सभी प्रत्याशी अपनी-अपने जीत का दावा कर रहे हैं।
बलजीतराज ने अपना चुनाव कार्यालय विधिवत रूप से खोला जिसे समाजसेवी कंवरसेन वशिष्ठ ने रिबन काटकर उद्घाटन किया। इस मौके पर अनेक वोटर और प्रमुखजन मौजूद रहे।
बलजीतराज ने कहा कि वो जीत के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और वोटर के पास जाकर अपने वादे और भविष्य में किए जाने वाले कार्यों के बारे में समझाएंगे। उल्लेखनीय है कि कनीना कस्बे के वार्ड 14 में राजेंद्र सिंह लोढ़ा की मौत के बाद उपचुनाव हो रहे हैं और 10 मई का मतदान होगा तथा 13 मई को मतगणना होगी।
चुनाव के लिए आठ आवेदन भरे गए थे जिनमें से दो ने नाम वापस लेने के बाद 6 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। सभी को चुनाव चिन्ह मिल चुके और अपने-अपने चुनाव चिन्ह के साथ वोट मांगने का प्रयास किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात है कि 670 वोटर है और हर वोटर को दिन रात कोई ना कोई प्रत्याशी या उसका चाहने वाला वोट मांगने के लिए खड़ा दिखाई देता है। ऐसे में वोटर भी कुछ परेशान नजर आने लगे क्योंकि एक वोट मांगने वाला निकलता है तो दूसरा जो वोट मांगने वाला पहुंच जाता है। अब एक वोटर किसको अपना वोट दे। इस बार कांटे की टक्कर है और यह नहीं कहा जा सकता चुनाव की बाजी कौन मार ले। फिलहाल सभी अपनी-अपनी जीत का दावा जाता रहे और वोट मांगने के लिए हर संभव तरीके अपना रहे हैं।
फोटो कैप्शन 07: चुनाव कार्यालय का उद्घाटन करते हुए कंवरसेन वशिष्ठ
राजकीय महाविद्यालय, नारनौल में साइबर सुरक्षा करियर अवसरों पर कार्यशाला आयोजित
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कनीना की आवाज। राजकीय महाविद्यालय, नारनौल के कंप्यूटर साइंस विभाग द्वारा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में करियर अवसरों पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन प्राचार्य प्रोफेसर राजवीर सिंह के कुशल नेतृत्व में किया गया। प्रेस प्रवक्ता प्रोफेसर डा. चंद्रमोहन ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी दौर में साइबर सुरक्षा के महत्व और इसमें उपलब्ध करियर संभावनाओं के प्रति जागरूक करना था। साइबर सिक्योरटी के मुख्य वक्ता इंजिनियर अजय कुमार रहे, जो हांगकांग स्थित ट्रेलिक्स साइबर आपरेशन्स में प्रैक्टिस लीड के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक का अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त है। अपने व्याख्यान में उन्होंने साइबर हमलों के बढ़ते खतरे, डेटा सुरक्षा की आवश्यकता तथा उद्योग में कुशल पेशेवरों की मांग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा एक अत्यंत उभरता हुआ क्षेत्र है, जिसमें रोजगार के असीम अवसर उपलब्ध हैं।
अजय कुमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्रों को आवश्यक तकनीकी कौशल जैसे नेटवर्क सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग, क्लाउड सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुरक्षा प्रणालियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, प्रमाणपत्र प्राप्त करने तथा व्यावहारिक अनुभव हासिल करने की सलाह दी, ताकि वे इस क्षेत्र में सफल करियर बना सकें।विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए अनेक करियर विकल्प उपलब्ध हैं। उन्होंने छात्रों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार सही दिशा चुनने तथा तकनीकी कौशल को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का संचालन डा. पलक ने कुशलतापूर्वक किया, जिससे पूरे आयोजन में अनुशासन और उत्साह बना रहा। कार्यक्रम के अंत में प्रो. डॉ चंद्र मोहन ने मुख्य वक्ता, अतिथियों तथा उपस्थित सभी विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।इस अवसर पर डा. सत्यपाल सुलोदिया, डा. विजयदीप गौड़, डा. प्रवीन गोरिया, महेश शर्मा सहित अन्य प्राध्यापकगण भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया और साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर लाभान्वित हुए।कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के लिए नए करियर मार्ग खोलने के साथ-साथ उन्हें डिजिटल युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फोटो कैप्शन 04: संबंधित है
दो घंटे बिजली रहेगी गुल
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कनीना की आवाज। डीएचबीवीएन के तहत 30 अप्रैल को सुबह 7 बजे से 9 बजे तक रामबास गांव के 33 केवी स्टेशन पर निवारक रखरखाव कार्य के लिए बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इस कार्य के लिए रामबास के 33 केवी स्टेशन से आने वाले सभी 11 केवी फीडरों की बिजली आपूर्ति सुबह 7 बजे से 9 बजे तक बंद रहेगी। डीएचबीवीएन अधिकारी ने दी यह सूचना।
आयुष्मान भारत दिवस -30 अप्रैल
गरीब लोगों को बेहतरीन इलाज का विकल्प आयुष्मान योजना
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कनीना की आवाज। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और भारत सरकार ने आयुष्मान कार्ड के तहत प्रधानमंत्री आरोग्य योजना की शुरुआत की है। यह लोगों के लिए सरकारी और कुछ निजी अस्पताल में मुफ्त चिकित्सा उपचार पाने की योजना है। वैसे तो 50 करोड़ भारत के लोगों का आयुष्मान कार्ड मिल चुका है किंतु अकेले कनीना खंड के 13000 के करीब लोग इस आयुष्मान योजना का लाभ उठा रहे हैं।
इस दिवस का उद्देश्य सामाजिक आर्थिक व गरीब लोगों को बीमा लाभ भी प्रदान किया जाए और स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा भी दिया जाए। यह योजना 30 सितंबर 2018 से शुरुआत हुई थी, केंद्र सरकार की ओर से इस योजना के तहत परिवार को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाता है और पात्र परिवार को आयुष्मान गोल्डन कार्ड दिया जाता है। पूरे ही देश में 13000 से अधिक सरकारी एवं निजी अस्पतालों में आयुष्मान गोल्डन कार्ड से इलाज संभव है। इसका सीधा सा उद्देश्य सस्ती चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा देना है। इस योजना का दूसरा नाम निरामयम योजना है जिन लोगों की वार्षिक का एक लाख 80 हजार रुपये तक है। उन्हें यह मुफ्त सेवा दी जाती है। जिन लोगों की आय तीन लाख रुपये तक है वो 1500 देकर यह कार्ड बनवा सकते हैं। यह एक बीमा आधारित स्वास्थ्य सेवा योजना है जो सरकार द्वारा एक वर्ष में प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये स्वास्थ्य सेवाओं तक कैशलेस पहुंच प्रदान करती है। आयुष्मान कार्ड भारत के सभी राज्यों में लागू होती हो गए हैं जो उपचार करवा सकते हैं। जिला में ऐसे डेढ़ सौ सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पताल है जहां आम आदमी आयुष्मान योजना के तहत लाभ ले सकता है।
क्या कहते हैं डाक्टर जितेंद्र मोरवाल -
कनीना उप-नागरिक अस्पताल के डाक्टर जितेंद्र मोरवाल बताते कनीना क्षेत्र के 13 हजार हजार के करीब कार्डधारक हैं जो कनीना और आसपास के करीब डेढ़ सौ सरकारी तथा निजी अस्पतालों से सेवाओं का लाभ ले सकते हैं क्योंकि इस योजना की शुरुआत 30 अप्रैल 2018 को भारत सरकार ने की थी इसलिए हर साल 30 अप्रैल को यह दिन मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि पहले वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण सुविधाओं से लोग वंचित रह जाते थे। इस योजना में गरीब और कमजोर परिवारों पर वित्तीय बोझ पड़ता था उसको कम करने की पहल है क्योंकि आय का अधिकांश भाग स्वास्थ्य देखभाल पर खर्च करना होता है और मजबूर भी होना पड़ता है। आयुष्मान भारत योजना का लक्ष्य सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करना है । सेवा वितरण में प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देना भी है।
फोटो कैप्शन : डा जितेंद्र मोरवाल
मोहन कुमार को बनाया गया फिर से भाविप का प्रधान
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कनीना की आवाज। भारत विकास परिषद शाखा कनीना की आवश्यक बैठक शाखा अध्यक्ष राजेश आर्य की अध्यक्षता में नेताजी मेमोरियल क्लब कनीना में संपन्न हुई जिसमें शाखा की नई कार्यकारिणी का चुनाव शिव कुमार अग्रवाल व कंवर सैन वशिष्ठ की देख-रेख में सर्व सम्मति से किया गया।
जिसमें मोहन सिंह यादव को पुन: अध्यक्ष व लखनलाल जांगड़ा को शाखा सचिव व कोषाध्यक्ष धनपत सिंह को बनाया गया महिला संयोजक अरुणा कौशिक व सरिता भारद्वाज को सचिव की जिम्मेदारी दी गई व पूजा पार्षद को नया सदस्य बनाया गया तथा कंवरसेन वशिष्ठ शाखा संरक्षण के रूप में कार्य करते रहेंगे। पूर्व शाखा अध्यक्ष राजेश कुमार यादव ने सभी नई कार्यकारिणी सदस्यों को बधाई दी व भविष्य में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया शाखा संरक्षक कंवरसेन वशिष्ठ ने बताया कि पूर्व शाखा अध्यक्ष राजेश कुमार यादव ने व उनकी कार्यकारिणी ने बहुत बढिय़ा काम किया है।
नई शाखा अध्यक्ष मोहन सिंह यादव ने सभी सदस्यों को मिठाई खिलाकर धन्यवाद किया तथा नए अध्यक्ष मोहन सिंह यादव ने सभी को आश्वस्त किया कि वो अपनी पूरी योग्यता शक्ति व सामथ्र्य से शाखा की उन्नति के लिए प्रयास करते रहेंगे। सभी सदस्यों को शाखा के कार्यों के लिए जागरूक करेंगे तथा साथ लेकर चलेंगे।
इस मौके पर बैठक में कंवर सिंह वशिष्ठ, शिवकुमार अग्रवाल, सुरेश कुमार शर्मा, संतलाल जांगड़ा, हनुमान यादव, महेश बोहरा ,राजेंद्र पूर्व पार्षद, धनपत सिंह,शक्ति सिंह पोता, लखन लाल जांगड़ा, अरुण कौशिक पूर्व पार्षद,पूजा पार्षद, सुशीला यादव, सरिता भारद्वाज, पूर्व पार्षद मोहन सिंह यादव,लखन लाल जांगड़ा आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: नव मनोनीत सदस्यों को बधाई देते हुए
कृत्रिम विधि से पकाए जा रहे हैं आम, बन रहे हैं जहरीले
-डाक्टरों की राय में नहीं खाने चाहिए ऐसे फल
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कनीना की आवाज। कनीना के विभिन्न गांवों और विभिन्न शहरों में वर्तमान में आम की बिक्री तेजी से चल रही है। ये आम देखने में तो बहुत मधुर और पके हुए लगते हैं लेकिन यदि हकीकत में जाए जाए तो कार्बाइड से पका कर बेचे जा रहे हैं। बाजार में जल्दी आने से इनकी मार्केट बढ़ी हुई है, ये जल्दी खराब हो जाते हैं और स्वास्थ्य पर दूरगामी नुकसान पहुंचाते हैं। इन आमों को डाक्टर खाने से बचने की सलाह देते हैं।
कैल्शियम कार्बाइड से पके हुए आम दिमाग, स्नायुतंत्र एवं फेफड़ों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं और इसी विधि से केला, आम, पपीता, तरबूज आदि को फल पकाए जा रहे हैं ताकि उनकी मांग बढ़ सके। फल खाने से लीवर को नुकसान पहुंचता है वही पोषक तत्व भी कम हो जाते हैं।
बालकिशन और श्रीकिशन वैद्य का कहना है कि कार्बाइड से पके हुए आम लीवर को बेहद नुकसान पहुंचा सकते हैं जिसके परिणाम स्वरूप भविष्य में शारीरिक समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने इस प्रकार के फलों को खाने से बचने की सलाह दी है। डा वेद प्रकाश कनीना ने बताया कि यह फल लगातार प्रयोग करने से दिमाग की परेशानी बढ़ जाएगी स्नायु तंत्र खराब हो जाएंगे, फेफड़े आदि काम करना बंद कर देंगे। उन्होंने इन फलों से बचने की सलाह दी अपितु जब तक कार्बाइड से पके आम आ रहे हैं तब तक इन फलों को न खाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यह फल देखने में अच्छे लगेंगे किंतु कृत्रिम विधि से पकाए हुए हैं। ये भविष्य में शरीर को नुकसान पहुंचाएंगे।
पूर्व कृषि वैज्ञानिक डा. देवराज ने बताया कि आम की पैदावार गंगा के तट के साथ-साथ मैदानी इलाकों में ज्यादा होती है। उत्तर प्रदेश, बिहार आदि क्षेत्रों में भारी मात्रा में आम पैदावार होती है जो दिल्ली से विभिन्न राज्यों में पहुंचाए जाते हैं। दिल्ली में इनको पैक किया जाता है। उन्होंने बताया कि आम कतई नहीं खाने चाहिए क्योंकि ये नुकसानदायक होते हैं। उन्होंने पपीता, केला व तरबूज आदि जो कार्बाइड से पकाते हैं। इनसे भी बचने की सलाह दी है।
उल्लेखनीय है कि बाजार में कैल्शियम कार्बाइड से पकाए गए फल जमकर बेचे जा रहे हैं। अनजाने में लोग भी इन्हें बड़े चाव से खा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार गलत तरीके से पकाए गए फलों का लगातार सेवन गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। सबसे ज्यादा खतरा आम, पपीता और तरबूज से है।
डाक्टर जितेंद्र मोरवाल का कहना है कि कार्बाइड से पके फलों को खाने से स्वास्थ्य पर दूरगामी दुष्प्रभाव पड़ता है। फलों को समय से पहले पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड नामक रसायन का प्रयोग किया जाता है। ये फल लाभ कम नुकसान अधिक पहुंचाते हैं। इसमें काफी मात्रा में कार्बाइड के अंश रहते हैं, जो लीवर सहित शरीर के अन्य भागों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही फलों से मिलने वाले पोषक तत्वों को कम कर देते हैं।
कार्बाइड से पके फलों से कम मिलता है विटामिन-
कार्बाइड से पके आम में विटामिन की मात्रा कम हो जाती है। कैल्सियम कार्बाइड एक रसायनिक पदार्थ है, जो फलों की नमी पानी से क्रिया करके इथाइल गैस बनाता है। इससे गर्मी उत्पन्न होने से समय से पहले फल पक जाता है। यह गैस फलों के माध्यम से लोगों के शरीर में प्रवेश कर जाती है। इससे कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं।
जहर की श्रेणी में कार्बाइड-
कार्बाइड से पके फलों के सेवन से दुष्प्रभाव तत्काल हो, लेकिन लगातार सेवन करने से पेट में छाले होने के साथ लीवर गुर्दे पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कार्बाइड केमिकल जहर की श्रेणी में आता है इसलिए लोगों को कार्बाइड से पके फलों के सेवन से बचना चाहिए।
कार्बाइड से पकने वाले फलों की जांच कराने के लिए क्षेत्र में लेबोरेट्री नहीं है। कार्बाइड से पकाए गए फल पूरी तरह से नहीं पक पाते हैं। इसकी पहचान गौर करने से हो सकती है। यह फल ऊपर से पके अंदर से कच्चे होते हैं। इनका रंग भी प्राकृतिक रूप से पके फलों की अपेक्षा तेज होता है। फलों को हाथ में लेकर तेज रंगों को देखकर इनकी पहचान की जा सकती है। अगर आम में एलकोहल, कार्बाइड या किसी अन्य तरह की महक आती है ऐसे आम न खरीदें। ये ज्यादा पके और अंदर से खराब हो सकते हैं। अच्छे आम पर सामान्य के अलावा कोई दाग नहीं होते जबकि केमिकल वाले आम का रंग 2-3 दिन के अंदर काला होने लगता है। आम खरीदते समय इन्हें दबाकर देखें। पके आम आसानी से दब जाएंगे.
आम खरीदने से पहले इन्हें चखकर देखें चखने से मीठे और स्वादिष्ट लगें तो ही लें जबकि कार्बाइड से पकाए फल का स्वाद किनारे पर कच्चा और बीच में मीठा होता है। बिना कार्बाइड के पके हुए फल का वेट और कलर एक समान होता है। स्वाद में भी पूरा फल एक समान मीठा होता है. यह लंबे समय तक खराब नहीं होते जबकि कार्बाइड से पकाए फलों का भार समान नहीं होता। बाजार से खरीदे हुए आम पहले साफ पानी से धो लें फिर किसी ठंडी जगह पर एक-दो घंटे रख दें। इसके बाद खाने में इस्तेमाल करें।
फोटो कैप्शन 01: बेचे जा रहे आम













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