हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर आग उगलने वाली गर्मी का सिलसिला जारी है-डा. चंद्र मोहन
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कनीना की आवाज। हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर आग उगलने वाली गर्मी ने अपने तीखे तेवरों को अख्तियार किए हुए हैं। सम्पूर्ण इलाके में दिन और रात का पारा में उफान देखने को मिल रहा है परन्तु आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा तेज़ गति की हवाओं आंधी अंधड़ के साथ हल्की बारिश बूंदा-बांदी की सम्भावना बन रही है। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर लगातार पश्चिमी गर्म मरूस्थलीय शुष्क हवाओं और सूर्य के तल्ख तेवरों ने सम्पूर्ण इलाके में तापमान में सामान्य से अधिक बने हुए और जलती तपती गर्मी अपने तीखे तेवरों से आगाज किए हुए हैं क्योंकि गर्म और शुष्क हवाओं ने वातावरण से धीरे-धीरे नमी को सोख लिया है। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर दिन के तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस से 44.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है कुछ स्थानों पर हीट बेब लूं की स्थिति बनी हुई है।आज हरियाणा एनसीआर दिल्ली में सबसे ज्यादा गर्म दिन रोहतक के 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं दूसरी तरफ रात्रि तापमान भी 25.0 डिग्री सेल्सियस से 30.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। भिवानी की रात सबसे ज्यादा गर्म 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम पूर्वानुमान
आने वाले दिनों में हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। आज शनिवार को एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है इस मौसम प्रणाली का असर शनिवार शाम से रविवार रात्रि तक रहेगा जिससे हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तेज़ गति की हवाओं आंधी अंधड़ के साथ बिखराव वाली हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियां देखने को मिलेगी। इस मौसम प्रणाली से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी केवल हल्की गिरावट ही होंगी। हवाओं की दिशा पश्चिमी से दक्षिणी पश्चिमी होने वातावरण में नमी पहुंचनें से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में आग उगलने वाली गर्मी के स्थान पर उमसभरी पसीना छूटाने वाली गर्मी से आमजन को रूबरू होना पड़ेगा। परन्तु इस मौसम प्रणाली के पीछे पीछे एक नया पश्चिमी विक्षोभ 27 अप्रैल रात को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी हरियाणा पर एक चक्रवातीय सर्कुलेशन बनने से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से प्रचुर मात्रा में नमी पहुंचने लगेगी जिससे सम्पूर्ण इलाके में बादलों की आवाजाही में बढ़ोतरी और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने आंधी अंधड़ के साथ हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की 27-28-29 अप्रैल के दौरान सम्भावना बन रही है। भारतीय मौसम विभाग ने सम्पूर्ण इलाके पर येलो अलर्ट जारी कर दिया है।यह मौसम प्रणाली बढ़ते हुए तापमान को जरूर नियंत्रित करेंगी जिसकी वजह से आमजन को कुछ राहत के आसार बन रहे हैं।अगर हवाओं की गति धीमी हुई तो हरियाणा एनसीआर दिल्ली में उमसभरी गर्मी अपने रंग दिखाती रहेगी। उसके पिछे पिछे 30 अप्रेल और उसके बाद 2 मई और 5 मई को भी एक बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अप्रेल माह के अन्तिम दिनों और मई महिने के पहले सप्ताह में लगातार मौसम में बदलाव जारी रहेगा।
जिला महेंद्रगढ़ और जिला हिसार का मौसम का मिजाज
जिला महेंद्रगढ़ और में सूर्य देव के तल्ख तेवरों और पश्चिमी शुष्क हवाओं से तापमान में उफान देखने को मिल रहा है। सम्पूर्ण इलाके पर हीट बेब लूं और आग उगलने वाली गर्मी अपने तीखे तेवरों से आगाज़ किए हुए हैं। शनिवार को जिला हिसार और महेंद्रगढ़ पर दोपहर बाद आंशिक बादल वाही देखने को मिलीं वहीं महेंद्रगढ़ में कहीं कहीं छिट-पुट बूंदाबांदी की गतिविधियों को दर्ज किया गया। आज जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल और महेंद्रगढ़ का दिन और रात का तापमान क्रमश: 43.5,29.5 डिग्री सेल्सियस और 42.025.5डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जिला महेंद्रगढ़ में दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं। जबकि हिसार का दिन और रात का तापमान क्रमश: 43.0डिग्री सेल्सियस और 25.6डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिला हिसार में दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं।
चार घंटे बिजली रहेगी बंद
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कनीना की आवाज। डीएचबीवीएन में निवारक रखरखाव के लिए 33 केवी सिहोर लाइन पर दिनांक 26 अप्रैल 2026 को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक काम करने की अनुमति ली जाएगी। इस कार्य के चलते 26 अप्रैल 2026 को 11 केवी सिहोर, 11 केवी उच्चत, 11बहाला और 11 केवी झाड़ली फीडरों की बिजली आपूर्ति बंद रहेगी।
महापंचायत 26 अप्रैल को
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कनीना की आवाज। कनीना विधानसभा क्षेत्र की बहाली को लेकर कनीना कस्बे के लोगों की एक पंचायत मोलडऩाथ आश्रम ग्राउंड में आयोजित की जाएगी। विस्तृत जानकारी देते हुए दीपचंद यादव ने बताया कि इस पंचायत में फैसला लिया मां पंचायत में फैसला लिया जाएगा की विभिन्न गांवों के लोगों की महापंचायत कब आयोजित की जाए।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में मनाया विश्व मलेरिया दिवस
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या रेणु मेहरा ने की।
इस कार्यक्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजावास में कार्यरत स्वास्थ्य निरीक्षक अमरजीत एवं स्वास्थ्य कर्मी अनिल रसूलपूरियां ने विद्यालय परिसर में उपस्थित छात्रों एवं स्कूल स्टाफ को बताया कि हर वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है, उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग आमजन के सहयोग से मलेरिया को खत्म करना चाहता है। मलेरिया मादा एनाफ्लीज मच्छर के काटने से होता है, ऐसे में मलेरिया से बचने के लिए मच्छरों को पनपने से रोकना होगा, हमे फ्रिज की वेस्टेज पानी ट्रे ,कूलर, पानी के सकोरे आदि समय समय पर खाली करते रहना चाहिए। बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर अपने रक्त की जांच करवानी चाहिए और बुखार की दवाई लेनी चाहिए। मलेरिया की पुष्टि होने पर दवाई का पूरा कोर्स लेना चाहिए।
इस अवसर पर अशोक कुमार, प्रवक्ता मंजू, आशा वर्कर सुलोचना, आशा वर्कर अमृता एवं स्कूल का समस्त स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 09: स्कूल में मलेरिया दिवस मनाते हुए
मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रहार, थाना सदर कनीना पुलिस ने 179 ग्राम गांजा सहित आरोपी को दबोचा
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कनीना की आवाज। पुलिस अधीक्षक दीपक के निर्देशानुसार नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए, थाना सदर कनीना की पुलिस टीम ने मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गांव कपूरी निवासी चितरपाल के रूप में हुई है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी चितरपाल कपूरी गांव में चौराहे के नजदीक मादक पदार्थ (गांजा) बेचने का अवैध धंधा करता है। इस सूचना को पुख्ता मानते हुए तुरंत एक रेडिंग पार्टी का गठन किया गया और मौके पर पहुंचकर आरोपी को काबू किया गया। नियमानुसार पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत राजपत्रित अधिकारी मौके पर बुलाया गया। उनकी उपस्थिति में जब आरोपी की तलाशी ली गई, तो उसके पास से प्लास्टिक की थैली बरामद हुई। जांच और वजन करने पर थैली से कुल 179 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने मौके पर ही बरामद गांजे को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी के खिलाफ थाना सदर कनीना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा इस मामले में आगामी जांच और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
फोटो कैप्शन 07: पकड़ा का आरोपी
उन्हाणी व गुढा में स्व-जनगणना पोर्टल को लेकर जन-जागरूकता अभियान तेज
- 30 अप्रैल तक स्वयं कर सकेंगे जनगणना, गणनाकार करेंगे सत्यापन
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कनीना की आवाज। आगामी जनगणना को डिजिटल, पारदर्शी एवं जनसहभागिता आधारित बनाने की दिशा में गांव उन्हाणी एवं गुढा में स्व-जनगणना पोर्टल को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में जिला स्तरीय प्रशिक्षक प्रोफेसर हरिओम भारद्वाज ने ग्रामीणों को पोर्टल के उपयोग की विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।
प्रो. भारद्वाज ने बताया कि सरकार द्वारा आरंभ किए गए स्व-जनगणना पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक नागरिक 30 अप्रैल 2026 तक अपनी जनगणना स्वयं कर सकता है। उन्होंने मौके पर पोर्टल को संचालित कर लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिया, जिससे ग्रामीणों को इसकी कार्यप्रणाली सहज रूप से समझ आई।
उन्होंने समझाया कि स्व-जनगणना पूर्ण करने के उपरांत प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट पहचान प्राप्त होगी। जब गणनाकार घर-घर पहुंचेंगे, तब परिवार द्वारा यह आई डी उन्हें प्रदान की जाएगी, जिसके आधार पर गणनाकार केवल डेटा का सत्यापन करेंगे। इस प्रकार जनगणना प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होने के साथ-साथ गणनाकारों की भूमिका भी अधिक सटीक एवं प्रभावी हो जाएगी।
प्रो. भारद्वाज ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि जनगणना में दी गई सभी सूचनाएं पूर्णत: गोपनीय रखी जाती हैं और इन्हें किसी भी अन्य उद्देश्य के लिए साझा नहीं किया जाता। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सही, स्पष्ट एवं तथ्यात्मक जानकारी ही दर्ज करें, ताकि जनगणना के आंकड़े विश्वसनीय बन सकें।
कार्यक्रम के दौरान गणनाकारों को भी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों का सही एवं समयबद्ध सत्यापन कर सकें। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मौके पर ही पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज की, जिससे कार्यक्रम में जागरूकता के साथ-साथ सहभागिता भी देखने को मिली।
इस अवसर पर जिला स्तरीय प्रशिक्षित अधिकारी संदीप यादव ने तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में श्री राजसिंह (गिरदावर), अनूप सिंह (पटवारी), प्रदीप कुमार (पटवारी) सहित गांव के गणमान्य नागरिक, पंच, सरपंच एवं नंबरदार भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
सरकार के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु दोनों गांवों में जन-जागरूकता अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है, जिसके तहत अधिक से अधिक लोगों को स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना तथा जनगणना प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, सहभागी एवं समयबद्ध बनाना है। अंत में प्रो. भारद्वाज ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय दायित्व में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जनगणना कार्य को सफल बनाएं।
फोटो कैप्शन 08: जनगणना की जानकारी देते हुए प्रो. हरिओम भारद्वाज
नगरपालिका कनीना उपचुनाव (वार्ड-14)
-आखिरी दिन 6 उम्मीदवारों ने भरे नामांकन
-कुल 8 प्रत्याशी मैदान में
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कनीना की आवाज। नगरपालिका कनीना के वार्ड संख्या 14 में होने वाले उपचुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन शनिवार को 6 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए, जिससे कुल प्रत्याशियों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है।
21 से 25 अप्रैल तक चली नामांकन प्रक्रिया के दौरान अंतिम दिन सुमेर सिंह यादव, अशोक कुमार, बलजीत, प्रदीप यादव और अनूप यादव ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इसके अतिरिक्त विकास ने अपने पिता सुरेंद्र के पक्ष में कवरिंग उम्मीदवार के रूप में नामांकन प्रस्तुत किया। प्रशासन द्वारा नामांकन प्रक्रिया की विस्तृत रिपोर्ट जिला उपायुक्त एवं राज्य निर्वाचन आयोग, पंचकूला को प्रेषित कर दी गई है।
चुनाव रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरी नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल को प्रात: 11:30 बजे नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि 28 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी का समय निर्धारित किया गया है। इसके उपरांत प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।
उन्होंने आगे बताया कि 10 मई को मतदान संपन्न होगा तथा 13 मई को मतगणना की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
मतदाताओं की सुविधा एवं शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम (संपर्क नंबर- 01285-294030) स्थापित किया गया है। मतदान के लिए 'पितामह कान्हसिंह धर्मशालाÓ को मतदान केंद्र निर्धारित किया गया है। साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजऱ पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।
फोटो कैप्शन 01 से 04: नामांकन करने वाले प्रत्याशी
महाविद्यालय की छात्राओं ने रचा इतिहास, विश्वविद्यालय मेरिट सूची में पाया प्रथम व द्वितीय स्थान
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कनीना की आवाज। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर द्वारा आयोजित कला स्नातक (बीए) प्रथम वर्ष की वार्षिक परीक्षा में राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
महाविद्यालय की मेधावी छात्रा आरजू गांव पोता ने विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि छात्रा सोनिया गांव खेड़ी तलवाना ने द्वितीय स्थान हासिल कर शानदार सफलता अर्जित की। यह पूरे महाविद्यालय, अभिभावकों एवं क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में महाविद्यालय परिसर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दोनों छात्राओं को उनके अभिभावकों के साथ मंच पर आमंत्रित कर स्मृति-चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विक्रम सिंह ने कहा कि स्टाफ की कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और अनुशासन की बदौलत इस महाविद्यालय की छात्राओं ने मात्र 8 वर्षों में चार बार इन्दिरा गांधी विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया है और तीनों संकायों की मेरिट सूची में इस महाविद्यालय की छात्राएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि ये दोनों छात्राएं ग्रामीण अंचल के सरकारी स्कूलों से शिक्षा ग्रहण करके इस महाविद्यालय में अध्ययन कर इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है जो अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
दोनों छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों को दिया। उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को भी नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे की सलाह दी।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त स्टाफ, विद्यार्थियों ने आरजू और सोनिया को बधाई दी एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं की।
फोटो कैप्शन 05: छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए
साथ में सोनिया एवं आरजू
घनी आबादी के बीचों बीच गुजार रखी है एचटी लाइन
-बार-बार प्रशासन से मांग करने पर भी नहीं हटाया गया
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कनीना की आवाज। एक और जहां सरकार और न्यायालय नहीं चाहते कि घनी आबादी के बीच से एचटी लाइन गुजरी जाए किंतु कनीना में घनी आबादी के बीच-बीच एचटी लाइन गुजरी हुई है। यही नई टेढ़े मेढ़े पोल भी किसानों की दीवार व किसी की जगह में गाड़ दिए हैं। अब हटाते वक्त एस्टीमेट बनाकर उनसे राशि वसूली जा रही है। यह यही नहीं दो-दो एचटी लाइन साथ-साथ गुजरी गई है। यदि एक को हटा भी दिया जाए तो सरकार पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा।
मिली जानकारी अनुसार कनीना मंडी से गुजरने वाली रामपुरी नहर को भूमिगत कर दिया गया किंतु ेरेवाड़ी सड़क मार्ग के कटान के पास दोनों तरफ एचटी लाइन बिछाई है जो रेवाड़ी रोड के कटान बिंदु तक पहुंचती है। ये दोनों एचटी लाइन लगाकर सरकार को नुकसान पहुंचाया गया है। यदि एक एचटी लाइन को हटा दिया जाए तो सरकार को कम नुकसान होगा। दूसरी एचटी लाइन जो रास्ते के साथ-साथ कुछ लोगों की जमीन के अंदर से गुजारी गई है जो घनी आबादी के बीचों बीच संकीर्ण गलियों से पोल गाड़कर ली गई है। यदि इस लाइन की बजाय नहर के दूसरी तरफ से गुजर रही लाइन को ही चालू रखा जाए तो एक लाइन को हटाया जा सकता है। पुराने से पेट्रोल पंप राजकुमार कनीनवाल पूर्व मार्केट कमेटी प्रधान के घर के पास से एक गली में से यह एचटी लाइन गुजरती है। लोगों ने बार-बार उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस लाइन को हटाया जाए लेकिन हटाया नहीं गया। अगर प्रशासन लाइन को हटाना नहीं चाहता तो कम से कम इस पर इंसुलेशन करके ले जाया जाए, मोती केबल भी बिछाई जा सकती है किंतु प्रशासन इसके एस्टीमेट बनाकर राशि वसूलना चाहता है।
इस क्षेत्र के थान सिंह, विजयपाल, कृष्ण कुमार करतार सिंह और भरपूर सिंह, योगेश कुमार,राज सिंह राजकुमार आदि ने मांग की है कि घनी आबादी के बीच से एचटी लाइन को हटाया जाए।और इसे नहर के साथ-साथ ले जाया जाए या फिर दोनों लाइनों को साथ-साथ ले जाने की बजाय एक ही लाइन से काम लिया जा सकता हे। कृष्ण कुमार, भरपूर सिंह और रोहित एवं योगेश कुमार आदि ने बताया कि एचटी लाइन के कारण बहुत से पौधे बेकार हो गए हैं। हर साल पेड़ों की कटाई कर दी जाती है फिर भी ये बढ़कर लाइन को छू जाते हैं जिससे किसी के आहत होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने मांग की है कि दो लाइनों के बजाय एक से ही काम लिया जाए। यही नहीं प्रशासन यदि नहीं हटाना चाहता तो मोटी केबल से भी यह लाइन ले जाई जा सकती है जिससे किसी के करंट लगने की संभावना से बचा जा सकता है।
इस समय में उच्च अधिकारियों तक भी शिकायत की हुई है किंतु विभाग टस से मस भी नहीं होता।
फोटो कैप्शन दो व तीन: घनी आबादी से गुजारी गई एचटी लाइन, खंभो को टेढ़ा मेढा गाड़ा हुआ
गर्मी से बचाव के लिए कांता यादव ने वितरित की 80 पानी की बोतलें
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कनीना की आवाज। राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में बाल प्रतिभा उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अध्यक्षता राजकुमार पंच ने तो मुख्य अतिथि डा. कांता यादव प्रोफेसर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुई ।उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए शिक्षा, अनुशासन, संस्कार ,संस्कृति के ओत-प्रोत अपने विचार व्यक्त किए। बिना मनुष्य अधूरा है हमें अनुशासन बद्ध रहकर ज्यादा से ज्यादा ज्ञान प्राप्त कर अपने जीवन में उच्च लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए। शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव है। नई शिक्षा नीति 2020 का हवाला देते हुए उन्होंने नवीनतम , तकनीकी आधारित शिक्षण, उपचारात्मक, सृजनात्मक आधुनिक , नवीनतम शिक्षण अधिगम की महता पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि ने विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा आठवीं तक के सभी विद्यार्थियों को ठंडा पानी पीने की 80 बोतलें वितरित की। उन्होंने कहा कि गर्मी में सभी जल का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में करें। उन्होंने विद्यार्थियों को हीटवेव से बचाव करने की सलाह दी। मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने कहा कि परोपकार में ही ईश्वरीय सेवा भाव निहित होता है। इस शुभ अवसर पर सूबे सिंह वरिष्ठ समाज सेवक, सतपाल साहब ,बृजलाल सेठ ,राजकुमार ,सुनील कुमार शास्त्री, मनवीर सिंह तंवर , देवेंद्र, सुनील कुमार डीपीई ,राजेश कुमार ,भगत सिंह ,गरिमा रानी आदि सम्मानित ग्रामीण जन उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 04: प्रो. डा. कांता बच्चों को पानी की बोतल वितरित करते हुए।
विश्व बौद्धिक संपदा दिवस-26 अप्रैल
एक नहीं दो-दो बेटे वैज्ञानिक पद पर हैं रामावतार गुढ़ा के
-पति एवं पत्नी भी हैं लेखक एवं लेखिका
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव गुढ़ा निवासी रामावतार स्वयं ही प्रतिभावान नहीं हैं अपितु उनकी वर्तमान पत्नी भी समाजसेवा में नाम कमा चुकी है। उनके एक नहीं अपितु दो-दो पुत्र युवा वैज्ञानिक हैं जो देश की ही नहीं अपितु विदेशों की सेवा भी दे रहे हैं।
रामावतार की शादी उस वक्त हुई जब वे एमएससी की शिक्षा पा रहे थे। उनकी शादी कांटी खेड़ी निवासी शकुंतला से हुई । वह कुशाग्र बुद्धि की विदुषी थी जो अपने बेटों की पढ़ाई की ऐसी नींव डाल गई कि बच्चे प्रथम पंक्ति में ही रहे । अफसोस वह दो पुत्ररत्न (बड़ा भारत भूषण और छोटा योगेश्वर शर्मा) छोड़कर जब स्वर्ग सिधारी तब छोटे बच्चे की आयु सात वर्ष और बड़े की आयु चौदह वर्ष थी। भारत भूषण शुरू से ही पढ़ाई में तेज रहा था। उसे पढऩे की तकनीक वास्तव में उसकी मां से मिली थी। 1976 में जन्मा भारत भूषण ने पांचवीं में भी जिला स्तर पर वजीफा हासिल किया था। उसने सैनिक स्कूल परीक्षा पास की लेकिन वहां पर वह पढ़ा नहीं। कुंजपुरा (करनाल) में सैनिक स्कूल में भी प्रवेश मिला लेकिन उसका दिल न जाने क्यों तैयार नहीं हुआ। दसवीं में भी राज्य स्तरीय वजीफा जीता। और अपनी मेहनत के बल पर बहुत अच्छे अंक लेकर कुछ समय बाद वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए मुरथल चला गया। वहां पर चार साल की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के पूरी की और अपने पैरों पर खड़े होने की हिम्मत आ गई थी । देखते ही देखते भगवान ने मेहर की तो वह इसरो मे बतौर वैज्ञानिक 1998 में लग गया। वर्तमान में वे बैंगलोर स्थित स्पेस संस्थान में वैज्ञानिक पद पर विराजमान हैं। वे लगातार स्पेस संस्थान में सेवा दे रहे हैं और युवा प्रतिभावान वैज्ञानिक माने जाते हैं। उनका कहना है कि वे देश की सेवा में लगातार सेवा करते रहेंगे और देश को उन्नति के मार्ग पर ले जाने के लिए भरसक संकल्प लिये हुये हैं। वे गरीबों के लिए विभिन्न नेत्र चिकित्सा शिविर आदि करवा रहे हैं।
रामावतार का छोटा लड़का योगेश्वर 1983 में जन्में तथा प्राइमरी स्कूली शिक्षा अपने गांव गुढ़ा जिला महेंद्रगढ़ से प्राप्त करने के बाद उनका चयन नवोदय विद्यालय करीरा में हो गया और वह आगे की पढ़ाई के लिए वहां चला गया। वहां जाकर उसने राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कालेज देहरादून में दाखिले के लिए तैयारी की। वहां एक सेमेस्टर में केवल 25 विद्यार्थियों का चयन होता है। सौभाग्य से उसका चयन हुआ लेकिन मेडिकल के दौरान एक डाक्टर ने उसे (नोक नीज ) के कारण दाखिले के अयोग्य लिख दिया। जबकि नोक नीज कोई परमानेंट डिफोरमिटी नहीं है । उस समय वह सातवीं में पढ़ता था। लेकिन वह हतोत्साहित नहीं हुआ । अपना ध्यान बस पढ़ाई में ही रखा ।
दसवीं की परीक्षा में नवोदय विद्यालयों में आल इंडिया टाप किया तो भारत सरकार ने उसको अपने पिता के साथ पंद्रह दिन का नि:शुल्क हवाई टूर दिया जो तत्कालीन विदेश राज्यमंत्री वसुंधरा राजे और इसरो चेयरमैन डाक्टर कस्तूरीरंगन की देख रेख में पूरा हुआ। तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री डा. मुरली मनोहर जोशी ने योगेश्वर शर्मा को फिक्की ओडिटोरियम में गोल्ड मैडल प्रदान किया। दो साल बाद वह आईआईटी कानपुर में दाखिल हुआ और वही पर राष्ट्रपति गोल्ड मेडल जीता फिर डाक्ट्रेट की पढ़ाई के लिए अमेरिका की कोर्नेल युनिवर्सिटी में चयनित हुआ। वर्तमान में फेसबुक में बतौर वैज्ञानिक कैलिफोर्निया में कार्यरत हैं। वे फेस में लगातार नया अन्वेषण कार्य में लालायित हैं। वे भारत का नाम विदेश में ऊंचा कर रहे हैं। उसी के प्रयास से
दोनों वैज्ञानिकों के माता पिता भी देश सेवा में जुटे हुये हैं और बतौर लेखन कार्य नाम कमा चुके हैं। दोनों की अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हें।
मास्टर रामावतार का जन्म 02 जनवरी 1950 को गाव गुढ़ा जिला महेन्द्रगढ में एक साधारण से घर में जन्मे मास्टर रामअवतार ने निष्काम सेवा के संस्कार अपनी मां स्व.गिन्दोड़ी देवी , अपने पिता स्व. नत्थूराम ,अपने दादा स्व. हरदयाल से लिए ।
गरीबी का दौर था 1955-60 के दौरान इनकी माता इन्हें स्कूल जाते समय दादा जी के लिए रात की रोटी छाछ राबड़ी दे देती थी ।
अधिकांश बार दादा जी अपने लिए आई रोटी राबड़ी किसी राहगीर को खिला देते थे । बस निष्काम सेवा का भाव वहां से शुरू हुआ जो आज तक जारी है ।
यद्यपि घर की आर्थिक स्थिति बहुत बढिय़ा नहीं थी फिर भी माता पिता और बड़े भाइयों ने यथासंभव सहयोग कर विज्ञान स्नातक की पढ़ाई पूरी करवाई ।
फिर उनकी शादी शकुन्तला से हुई । वह कुशाग्र बुद्धि की विदुषी थी जो अपने बेटों की पढ़ाई की ऐसी नींव डाल गई कि दोनों शिक्षा के क्षेत्र में प्रथम पंक्ति में रहते हैं। लंबी बीमारी के चलते उनका देहांत नौ मार्च 1991 में हो गया किंतु रामावतार ने बच्चों का किसी प्रकार हौसला कम नहीं दिया।
आज से तेरह वर्ष पहले वे सेवानिवृत्त हुए तो उन्होंने अपना ध्यान जनसेवा और लेखन पर केन्द्रित कर दिया ।
उन्होंने अपने पिता जी की पुण्य तिथि पर पहला आँखों का फ्री कैम्प अपने ही गुढा में लगवाया । आप्रेशन और इलाज के तमाम खर्चे मास्टर जी ने बच्चों की नेक कमाई से किए । जब लाभार्थी रोगियों की संख्या 2314 हुई तो सेंटर युनिवर्सिटी जाट पाली में राष्ट्रपति के आगमन पर उन्हें बुला कर सम्मानित किया गया । आज यह संख्या 5 हजार हो गई है ।
मास्टर जी सरकारी स्कूलों में जाकर मेधावी छात्रों को नकद पुरस्कार देते हैं और साथ ही गरीब बच्चों को वांछित सामान भी देते रहे हैं ।
लेखन तो इनकी दिनचर्या में शामिल है । लम्बे समय से इनके लेख , कहानियां , दोहे , रागिनियां और कुण्डलियां प्रकाशित हो रही हैं । इनकी पहली पुस्तक बाल विकास , समस्याएं और समाधान समाज के द्वारा काफी सराही गई थी । एक साल बाद ही इसका दूसरा संस्करण आ गया था । उसके बाद हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा इनकी नारी की सै दुश्मन नारी,बेट्टी बेट्टे तैं कम कौन्या,अवतार दोहावली ,अवतार सतसई हरियाणा साहित्य अकादमी से अनुदानित की हुई। इनकी दो पुस्तकें
कल्लो ताई की कलम तै और कोरोना काल की कुण्डलियां आ चुकी हैं।
चूंकि घर की परिस्थितियां एवं अपने जीवन को आगे चलाने के लिए मास्टर रामावतार ने दूसरी शादी 2002 में कमला देवी से की जो अलवर की रहने वाली हैं। उनकी इस साधना में उनकी अर्धांगिनी कमला देवी का विशेष योगदान है। कुल मिला कर यह कहा जा सकता है कि मास्टर रामअवतार जैसे निष्काम साधक कम ही मिलते हैं। इनकी दिल का दर्द तथा भंवर सहित चार पुस्तकें हरियाणा साहित्य अकादमी से अनुदानित हो चुकी हैं।
फोटो कैप्शन 01:रामावतार , कमला देवी, भारत भूषण, योगेश्वर।


















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