पूर्व डीआईजी का निधन, नम आंखों से की अंत्येष्टि
-दूर दराज से लोग हुए अंत्येष्टि में शामिल
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कनीना की आवाज। कनीना के आज सीआरपीएफ के रिटायर डीआईजी राज सिंह (राजेन्द्र सिंह यादव ) का लगभग 87 साल की उम्र मे रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वो पिछले कुछ समय से बीमार थे। उनके निधन की खबर से कस्बे व आसपास के इलाके में लोगों में मायूसी छा गयी। सूचना लगते ही उनके घर पर लोगों उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंच गए।
गौरतलब हैं की पूर्व डीआईजी राज सिंह यादव का जन्म 2 मार्च 1940 को कनीना में हुआ था। उनके दादा चौधरी मेजर भवानी सिंह ओबीआई,आईडीएसएम खिताब से सम्मानित थे जिन्होंने अंग्रेजों के समय दो विश्व युद्ध लड़े। उनकी बहादुरी के चलते ब्रिटिश सरकार ने उनको ओबीआई,आईडीएसएम खिताब से सम्मानित किया। राजसिंह यादव के पिता नगरपालिका कमेटी में दरोगा थे।
उन्होंने हायर एजुकेशन दिल्ली से की इसके अलावा ग्रेजवेशन चूरू से की। इस दौरान उनको एनसीसी की सी सर्टिफिकेट लिया। उनका सफर यही नहीं रुका और आगे चलकर वो राजस्थान विश्वधालय के हाकी के कप्तान रहे। राज यादव शुरुआत में आर्मी में लेफ्टिनेंट मेजर पद पर लगे। सन 1963 से 1965 के समय वो आर्मी में रहे एवं 1965 की भारत पाकिस्तान लड़ाई में वो लाहौर तक जा पहुंचे थे। पंजाब में आंतक के दौरान उनकी भूमिका बहुत अहम रही थी। जिन्होंने केवल अपना जीवन ही नहीं जिया, बल्कि पूरे कस्बे के लोगों के जीवन को दिशा देने का कार्य किया।
डीआईजी का जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक युग का समाप्त होना है।
वे एक महान व्यक्तित्व के धनी, सरल स्वभाव के मालिक और समाज के प्रति समर्पित इंसान थे। उन्होंने अपने जीवन में न जाने कितने परिवारों को रोजगार देकर उनके घरों में खुशहाली लाने का कार्य किया। उनके द्वारा दिया गया सहारा आज भी अनेक परिवारों की मजबूती बना हुआ है। ऐसे लोग समाज में बहुत कम जन्म लेते हैं, जो अपने साथ-साथ दूसरों के जीवन को भी संवारने का काम करते हैं।
कनीना कस्बे ने यदि कभी विकास की नई तस्वीर देखी थी, तो उस विकास की नींव रखने वालों में उनके परिवार का बहुत बड़ा योगदान रहा। उनके दादा द्वारा करवाए गए विकास कार्य आज भी लोगों की यादों और कस्बे की पहचान में जीवित हैं। यही संस्कार और समाजसेवा की भावना आगे चलकर डीआईजी राज के व्यक्तित्व में भी साफ दिखाई देती थी।
वे केवल एक नाम नहीं थे, बल्कि कस्बे के लोगों के लिए विश्वास, सम्मान और अपनत्व का प्रतीक थे। हर वर्ग के लोग उनके व्यवहार और सहयोग भावना की सराहना करते थे। उनके दरवाजे पर आने वाला कोई भी व्यक्ति खाली हाथ या निराश होकर नहीं लौटता था।
आज उनके निधन से पूरे कस्बे में शोक की लहर है। ऐसा महसूस हो रहा है मानो कनीना ने अपना एक अभिभावक, अपना मार्गदर्शक खो दिया हो। उनकी कमी को शायद कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा।
कनीना कस्बा हमेशा उनके योगदान, उनकी सोच और उनके द्वारा किए गए समाजहित कार्यों को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद रखेगा। उनके अंतिम यात्रा में आज कस्बे के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मेजर जरनल अरविन्द यादव, सुरेंद्र सिंह हैड मास्टर, पार्षद दीपक चौधरी, गौशाला प्रधान भगत सिंह, एडवोकेट नरेंद्र सिंह यादव, पूर्व पार्षद कमल सिंह,पूर्व पार्षद पंचम यादव, पार्षद प्रतिनिधि मनीष कुमार. सुभाष , विनय एडवोकेट, ब्रह्म दत्त जांगड़ा, मुकेश नंबरदार, होशियार सिंह पार्षद समेत कस्बे की अन्य सभी संस्थाओं एवं सैकड़ों लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन: पूर्व डीआईजी राज सिंह
नौतपा की शुरुआत में कनीना में मीठे पानी की छबील लगा कर युवाओं ने राहगीरों को पिलाया पानी
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कनीना की आवाज। जैसे ही नौतपा की शुरुआत हुई क्षेत्र के युवा भी हर चौक चौराहे पर शरबत पिलाते नजर आए । माना जाता है कि ग्रीष्म काल में लोगों को शीतल पेय जल पिलाना पुण्य का कार्य होता है मीठे पानी की छबील तब तक लगाई जाती है जब तक सावन की पहली बरसात की शुरुआत ना हो जाए । आज कल युवा भी पानी पिलाने जैसे पुण्य के कार्य में सबसे आगे रहते है। कनीना में भी सोमवार को जगह बदलकर युवाओं ने राहगीरों को पानी पिलाया।इसी के साथ साथ पशु पक्षियों के लिए सकोरे भी रखे । और जगह जगह पेड़ो पर रख दिए । जिसमें हर रोज ताजा पानी डालते है । जिस से गर्मी के समय में जानवर अपनी प्यास बुझा सके। आस पास गांव से आने वाले राहगीर भी इस नेक कार्य की खूब सराहना करते है ।
फोटो कैप्शन 03: मीठा जल पिलाते हुए
गंगा दशहरा के दिन भागीरथ गंगा को लाए थे धरती पर, पर्व 26 मई तक
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कनीना की आवाज। गंगा दशहरा जेष्ठ शुक्ल दशमी को कनीना एवं आसपास मनाया गया। यह पर्व 26 मई को संपन्न होगा। इस दिन गंगा नदी को भागीरथ धरती पर लेकर आए थे।
डा. होशियार सिंह यादव ने बताया कि पुराणों में कथा प्रचलित है कि राजा सगर ने अश्वमेध यज्ञ किया था इनके साठ हजार उत्तर पुत्र बांधव थे जो अश्वमेघ घोड़े के पीछे चल रहे थे। अश्वमेघ यज्ञ के घोड़े को देवराज इंद्र ने चुरा कर कपिल मुनि के आश्रम में बांध दिया था। जब सगर के पुत्र पुत्र कपिल मुनि के आश्रम पहुंचे तो उन्हें आभास हुआ कि कपिल मुनि ने ही उनके घोड़े को चुरा लिये। उन्होंने कपिल मुनि को कटु वचन कहने शुरू कर दिये जिसके चलते कपिल मुनि ने सगर के साठ हजार पुत्रों को भस्म कर दिया। तत्पश्चात अंशुमान उनके आश्रम में गए क्षमा मांगी और घोड़ा लेकर आ गए। साथ में उन्हें अपने पूर्वजों का उद्धार करने की प्रार्थना की जिसके लिए कपिल मुनि ने उन्हें गंगा को धरती पर लाने की बात कही। अंशुमान घोड़े को लाया और अश्वमेध यज्ञ पूरा किया तत्पश्चात सगर गंगा को धरती पर लाने के लिए तप करते करते स्वर्ग सिधार गए। अंशुमान अपने पुत्र दिलीप को राज सिंहासन पर बैठा कर गंगा को धरती पर लाने का प्रयास किया किंतु वह भी स्वर्ग सिधार गए। तत्पश्चात दिलीप के पुत्र भागीरथ ने गंगा को धरती पर लाने का प्रयास किया। उन्होंने गंगा को प्रसन्न किया किंतु गंगा के हठी स्वभाव के कारण उसे धरा पर गिरकर पाताल में धंस जाने की बात कही जिसके चलते शिव भोले को प्रसन्न कर गंगा को अवतरित करने की प्रार्थना की। शिव भोले ने गंगा को अपनी जटाओं में उलझा लिया तत्पश्चात जटाओं से धरती पर गिराया। इस दिन ही गंगा धरती पर अवतरित हुई थी और सगर के पुत्रों पुत्रों का उद्धार किया था। यद्यपि गंगा को धरती पर भागीरथ ने लाने के लिए तथा उनके पूर्वजों के भस्म स्थल तक पहुंचाने के लिए बहुत कष्ट झेले थे जिसके कारण आज भी उनके नाम पर भागीरथी प्रयास शब्द प्रचलित है। यह दिन बहुत शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन गंगा की पूजा की जाती है।
फोटो कैप्शन: डा. होशियार सिंह यादव
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू
-बाघोत को मिली पेयजल संकट से राहत, ग्रामीणों ने आरती सिंह राव का किया धन्यवाद
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कनीना की आवाज। 21 मई को गांव बाघोत के जलघर में पेयजल आपूर्ति की समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद अब समाधान की दिशा में तेजी से कार्य शुरू हो गया है। हरियाणा सरकार की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से नहर से जलघर तक नई पाइपलाइन बिछाने का काम तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया है।
नई पाइपलाइन का कार्य शुरू होने से गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान पानी की समस्या से राहत दिलाने के लिए मंत्री आरती सिंह राव ने गंभीरता से पहल की, जिसके परिणामस्वरूप यह कार्य शीघ्र शुरू हुआ है। पूरे गांव की ओर से मंत्री का आभार व्यक्त किया गया।
कार्य का निरीक्षण करने के लिए गांव के गणमान्य लोग मौके पर पहुंचे और पाइपलाइन बिछाने के कार्य को देखकर प्रसन्नता जताई। इस अवसर पर सरपंच राजेन्द्र सिंह ने ग्रामीणों को लड्डू खिलाकर खुशी जाहिर की तथा भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाए। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से गांव को जल्द ही सुचारु पेयजल आपूर्ति मिल सकेगी।
महावीर पहलवान प्रधान ने भी पूरे गांव की ओर से स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंत्री ने ग्रामीणों की समस्या को प्राथमिकता देते हुए त्वरित कार्रवाई करवाई है, जिससे हजारों लोगों को लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर सरपंच राजेन्द्र सिंह, महावीर पहलवान, संतोष पहलवान, सूबेदार ओमप्रकाश, सतवीर पटवारी, ईश्वर कटारिया, राजकुमार मास्टर, राजेन्द्र प्रधान, राजकुमार धूडिय़ा, राजबीर पहलवान, सूबे ठेकेदार, नरेश कटारिया, संतोष पंच सहित अनेक गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
गांव बाघोत की पेयजल समस्या के समाधान के लिए शुरू हुआ यह कार्य ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिसके लिए पूरे गांव ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है।
फोटो कैप्शन 02: जल समस्या का समाधान होने पर खुशी जताते हुए
लू से बचाव के लिए शीतली प्रणायाम बेहतर
-लू से बचाकर रखे खुद को-योगिराज
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव नांगल मोहनपुर निवासी एवं विदेशों तक योग की शिक्षा देने वाले ओम योग संस्थान के डा. ओमप्रकाश योगिराज का कहना है कि लू या बहुत तेज गर्मी लगने पर शरीर में बहुत ज्यादा गर्मी हो जाती है, जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है और कई गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं। यह एक खतरनाक स्थिति हो सकती है, जो जानलेवा भी साबित हो सकती है।
लू लगने पर शरीर का तापमान बढऩा,बुखार, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी और मतली,पसीने का कम होना या सूखना, त्वचा का गर्म और लाल होना,बेहोशी, सांस लेने में तकलीफ लक्षण दिखाई देते हैं।
लू से बचाव के लिए अपने शरीर को ठंडा रखें,ठंडे पानी का सेवन करें, ठंडी जगह पर जाएं।
भारी कपड़े न पहनें, धूप में निकलने से बचें,बहुत अधिक काम न करें,पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं,समय पर इलाज लें,शरीर में पानी की कमी न होने दें, तुरंत किसी ठंडी जगह पर जाएं, ठंडे पानी से शरीर को धोएं या नहाएं।
यौगिक चिकित्सा:-
शीतली प्राणायाम का अभ्यास करने से शरीर को ठंडक मिलती है, इसलिए इस प्राणायाम को विशेष रूप से गर्मी के मौसम में किया जाता है , यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है, भूख और प्यास को कम करता है, और पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है। किसी आसन में बैठकर जैसे सिद्धासन, पदमासन,वज्रासन या कुर्सी और सोफा पर भी बैठकर कर सकते है ।
शीतली प्राणायाम में जीभ को बाहर निकालकर कौवे की चन्चु की तरह गोल मोड़कर फिर श्वास को जब भीतर लेते है तो उसी के साथ ठंडी हवा शरीर के अन्दर प्रवेश करती है और शरीर को ठंडा लगता है , मन को भी अच्छा लगता है।
शीतली प्राणायाम शरीर को भीतर से ठंडा,मन को शांत और तनाव को कम करने में भी मदद करता है। यह अपच, पेट में जलन और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। शीतली प्राणायाम प्यास को कम करने में भी सहायक है। यह प्राणायाम उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह त्वचा की सूजन और अन्य समस्याओं को भी दूर करने में मदद करता है। यह प्राणायाम तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है। यह प्राणायाम दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने में भी सहायक है।
फोटो कैप्शन : डा. ओमप्रकाश यागीराज
प्रदेश सरकार आयुष सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध : आरती सिंह राव
-पटीकरा आयुर्वेदिक कॉलेज के विस्तार पर खर्च होंगे 134.17 करोड़
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कनीना की आवाज। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से महेंद्रगढ़ जिले के पटीकरा स्थित बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं अस्पताल के विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस कालेज परिसर में विभिन्न नए भवनों एवं आधारभूत सुविधाओं के निर्माण पर लगभग 134.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कॉलेज परिसर में लड़कों एवं लड़कियों के लिए आधुनिक छात्रावास, फार्मेसी ब्लाक, लेक्चर हाल, बहुउद्देश्यीय हॉल, कर्मचारियों के आवास तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पानी की टंकी, फायर फाइटिंग सिस्टम, सड़क, पार्किंग, बाउंड्री वॉल एवं भूमि विकास कार्य भी इस परियोजना में शामिल किए गए हैं।
गौरतलब है कि बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं अस्पताल वर्तमान में क्षेत्र के प्रमुख आयुष चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां ओपीडी, आईपीडी, पैथोलाजी लैब, पंचकर्म, ऑपरेशन थिएटर तथा एम्बुलेंस जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। वर्ष 2022-23 से यहां बीएएमएस पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है, जिससे दक्षिण हरियाणा के विद्यार्थियों को आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार आयुष सेवाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पटीकरा स्थित यह आयुर्वेदिक कालेज भविष्य में दक्षिण हरियाणा के लिए आयुष शिक्षा और चिकित्सा का बड़ा केंद्र बनेगा। आधुनिक भवनों और सुविधाओं के निर्माण से यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों, चिकित्सकों तथा मरीजों को बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार स्वास्थ्य एवं शिक्षा ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है और प्रदेश में आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की जा रही हैं।
फोटो कैप्शन: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव।
बसपा ने किए गांवों में जनसंवाद
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कनीना की आवाज। बसपा ने मुंडिया खेड़ा, बेवल, दौंगड़ा जाट, झीगावन गांवों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए। बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और राज्य सरकार से समस्याओं का समाधान करवाने का भरोसा दिया।
दौंगड़ा जाट के ग्रामीणों ने कहा कि इन दिनों गांव के लोगों को भीषण पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के चलते लोगों को पीने के पानी के लिए भारी समस्याएं उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने मुंडिया खेड़ा से दौंगड़ा अहीर तक पुराने 6 करम के रास्ते को पक्का करवाने की मांग भी की। परन्तु बेवल मुंडिया खेड़ा, दौंगड़ा जाट तथा झीगावन के ग्रामीणाों ने दौंगड़ा अहीर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डाक्टर तथा दवाइयों की कमी की शिकायत करते हुए स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर तथा दवाइयों की कमी पूरी करने, महिला चिकित्सक तथा विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त करने, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई तथा अन्य जांच की सुविधाएं देने की मांग की।
अतरलाल ने समस्याओं का सरकार तथा प्रशासन से समस्याओं का त्वरित समाधान करवाने का भरोसा दिया। इस अवसर पर कप्तान अनेक जन मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: गांवों में जनसंवाद करते बसपा नेता अतरलाल।








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