Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Wednesday, September 30, 2026




 



स्टेट अवार्डी शिक्षकों को मिलेंगी दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां, कोर्ट में हुआ फैसला
-कुछ कुतरूं प्राचार्यों के मुंह पर लगा करारा तमाचा
**************************************************************
*****************************************************************
**************************************************************
कनीना की आवाज।
 2021 के स्टेट अवार्डी जिन्हें 2022 में स्टेट अवार्ड मिला था, ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अनेक याचिकाएं डाली थी जिनका बुधवार 30 सितंबर को फैसला आ गया और वह स्टेट अवार्डी शिक्षकों के पक्ष में आया है। अब उनको दो अग्रिम वेतन वृद्धियां मिलेंगी। अभी यह  कारवां यहीं पर रुकने वाला नहीं लगता अपितु जो लाभ पूर्व में मिलते आए हैं वो भी धीरे धीरे मिलने की प्रबल उम्मीद है। उनके बाबत भी याचिकाएं चल रही है और उन्हें उम्मीद है कि सभी लाभ 2020 तक मिलते थे वो मिल जाएंगे। पूरी  एक और जहां बहुत से स्टेट अवार्डी पहले से ही अग्रिम/अतिरिक्त वेतन वृद्धियों का लाभ ले रहे हैं परंतु कुछ कुतरूं प्राचार्यों ने अपनी इज्जत, सम्मान, अपनी प्रतिष्ठा समझते हुए शिक्षकों को परेशान करते हुए उनके लाभ नहीं दिए, ऐसे कुतरूं प्राचार्यों के मुंह पर करारा तमाचा भी लग गया है। जो यह जाहिर करता है कि शिक्षा विभाग में ऐसे गंदे प्राचार्य भी हैं जो कर्मचारी को बेवजह दुखी करते हैं। ऐसे कुतरूं प्राचार्यों को भी एक दिन सेवानिवृत्त होना है। तब शिक्षक यही कहेंगे कि इन्होंने अपने कर्मियों के साथ जो व्यवहार किया है वैसा ही इनके साथ किया जाना चाहिए। जब ये मरेंगे तो उनके साथी शिक्षक यही कहेंगे कि धरती के बोझ थे, गंदे आदमी थे चले गए, अच्छा हुआ। जबकि इंसानियत रखने वाले अनेक सच्च्चे ममायने में प्राचार्य के पद से न्याय करते हैं, जो कर्मचारी को कभी परेशान नहीं बल्कि खुद चलकर उनके लाभ दिलवाते हैं। ऐसे प्राचार्यों की लंबी उम्र की कामना भी करने वाले बहुत से शिक्षक होंगे और उनको सभी दुआएं भी मिलती रहेगी। अफसोस होता है कि कुछ कुतरूं प्राचार्य यह समझते हैं कि उनके बाप की प्रापर्टी ये शिक्षक ले रहे हैं। ऐसे में उनके लाभों के लिए या तो जानबूझकर अडंग़ा डाल देते हैं या फिर लेने से वंचित करते हैं। कारण उनका अपना निजी स्वार्थ और व्यक्तिगत दुश्मनी भी झलकती है। एक आरटीआई के जवाब में जब कनीना के डा. होशियार सिंह यादव अर्जित अवकाश काटे जाने पर एसओ से मिला और रूबरू हुआ तो एसओ ने स्पष्ट कहा कि मैंने आपका कोई अर्जित अवकाश नहीं काटा, यदि मैंने कोई काटा हो और मेरे कहीं हस्ताक्षर हो तो मुझे दिखाओ, मैं दोषी रहूंगा और आपके सारे लाभ दूंगा। तो ऐसे में यह पता चलता है कि अर्जित अवकाश भी प्राचार्य ने जानबूझकर रंजिशवश काटे हैं? इस संबंध में आरटीआई पर आरटीआई लगाई जा रही है ताकि यह पता लगे कि एसअसे ने कोई टिप्पणी देकर अर्जित अवकाश काटे थी या नहीं? सबसे बड़ा आश्चर्य होता है की हाजिर होते हुए भी वेतन काट लिया गया, इससे बड़ी दुश्मनी क्या होगी। आखिर कोर्ट में उनके विरुद्ध मानहानि का दावा भी डालना पड़ेगा। जब तक डा. होशियार सिंह जिंदा है तब तक ऐसे कुछ प्राचार्यों को कोर्ट में घसीटा जाएगा। खैर कुछ भी हो इस वक्त  स्टेट अवार्डी शिक्षकों के पक्ष में जो फैसला न्यायालय दिया है उससे खुशी हुई है।
एनके , डा. होशियार सिंह के पुराने साथी एवं खंड शिक्षा अधिकारी हैं, ने एक दिन कहा कि एक दिन मेरे पास आपकी सर्विस बुक आएगी, उसी दिन आपके सभी लाभ मैं अपनी कलम से दे दूंगा। उन्होंने कहा कि दुख होता है कि ये लाभ कोई प्राचार्य अपनी जेब से नहीं देता। उसके लिए एफिडेविट भी लिया जा सकता है और कर्मचारियों की जिम्मेवार होती है। चूंकि कर्मचारी पेंशन लेता है या वेतन लेता है। अगर वह कुछ ज्यादा लेता है तो उसके वेतन और पेंशन से लाभ काटे जा सकते हैं। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि जीवन भर जिन्होंने बेहतरीन दर्जे की शिक्षा दी, उनके साथ कुछ प्राचार्यों ने इतना भेदभाव किया हैं कि लगता है सचमुच आपसी रंजिश के कारण ऐसा करते होगा लेकिन रंजिश भी हो तो मैदान में निकाले किसी के वेतन एवं लाभों को काटकर न निकाले।
डा. होशियार सिंह कनीना, पूर्व शिक्षक के न  केवल अर्जित अवकाश काट रखें हैं अपितु एक दिन स्कूल में हाजिर था, उस दिन का वेतन भी काट रखा है, दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां भी नहीं दी हैं या दो अग्रिम वेतन वृद्धियां भी नहीं दी, 2 साल का सेवा विस्तार भी नहीं मिला, तबादलों में भी कोई लाभ नहीं हुआ। कुल मिलाकर स्टेट अवार्ड होने का उन्हें एक नए पैसे का भी लाभ नहीं हुआ क्योंकि जितना सरकार ने दिया उससे ज्यादा खर्च हो गया। आने वाले समय उनके पक्ष में कई फैसले आने की की पूरी उम्मीद है। तब कुछ कुतरूं प्राचार्य ऐसे बिफरेंगे जैसे बंदर की पूंछ में आग लगा दी हो या फिर मंच से खीर खाने की कथा सुना दी हो।


ट्यूबवेल की बिजली की केबल चोरी, अज्ञात चोरों के विरुद्ध केस दर्ज
**************************************************************
*****************************************************************
**************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के गांव रसूलपुर में किसान के ट्यूबवेल की 230 फुट केबल अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। पुलिस में दीपक कुमार ने पुलिस में दी गई एक शिकायत में कहा है कि  29 सितंबर को उन्होंने अपने ट्यूबवेल की मोटर जलने के कारण केबल बाहर निकली थी। बुधवार को सुबह जाकर देखा तो 230 फुट केबल अज्ञात चोर चोरी कर ले गये। कनीना पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध चोरी का मामला दर्ज कर लिया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में पोषण, एनीमिया व टीकाकरण की दी जानकारी
*****************************************************************
**************************************************************
कनीना की आवाज।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू किए गए सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को ग्रामीण सचिवालय में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण परिवारों को स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम का नेतृत्व आंगनबाड़ी सुपरवाइजर अनीता ने किया। उद्घाटन सुनीता कादियान ने किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सरिता देवी ने किया।
कार्यक्रम के दौरान सुपरवाइजर अनीता ने महिलाओं को पोषाहार, एनीमिया की रोकथाम, बच्चों के नियमित टीकाकरण और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। महिलाओं एवं किशोरियों में एनीमिया की समस्या से बचाव के लिए संतुलित भोजन लेने तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जांच करवाने के प्रति भी जागरूक किया गया।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से सरकार की विभिन्न योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों के टीकाकरण को समय पर करवाने तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई।
बेटियों की शिक्षा पर भी दिया जोर
कार्यक्रम में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बेटियों की शिक्षा और उनके अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया गया। महिलाओं से बेटियों को समान अवसर देने और उनकी शिक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया। महिला पंच सुमन ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिलती है।
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित महिलाएं मौजूद रहीं। आयोजन के दौरान महिलाओं ने स्वास्थ्य, पोषण और बच्चों की देखभाल से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की।
फोटो कैप्शन 04: आंगन मिलन समारोह भोजावास में उपस्थित महिलाएं





24 घंटे के धरने का समापन
-अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
**************************************************************
*****************************************************************
**************************************************************
कनीना की आवाज।
रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन की महेंद्रगढ़ जिला इकाई ने लगातार 24 घंटे का पड़ाव / धरने का समापन करने से पूर्व लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
पड़ाव की अध्यक्षता रिटायर्ड कर्










मचारी संघ के जिला प्रधान घनश्याम दास शर्मा ने की और संचालन रोशन लाल निंबल ने किया। इस अवसर पर राज्य  सचिव धर्मपाल शर्मा , सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व प्रधान धर्मेंद्र यादव किसान नेता, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के पूर्व प्रधान शेर सिंह यादव, वरिष्ठ नागरिक संगठन के  जिला प्रधान दुलीचन्द शर्मा, सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान कौशल यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे । लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर राज्य सचिव धर्मपाल शर्मा ने कहा पेंशनभोगियों की लम्बित मांगों को लेकर देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 29-30 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे लगातार पड़ाव आयोजित किया गया है । पेंशनभोगियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है और पुरानी पेंशन स्कीम से छेड़छाड़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं। 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में यह स्पष्ट रूप दिखाई दे रहा है। पेंशन वेलिडेशन एक्ट पारित कर पेंशन रिवीजन का अधिकार भी समाप्त कर दिया है।पेंशनर्स की अन्य अत्यंत जायज मांगों की लगातार अनदेखी के कारण पेंशनर्स को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। 12 दिसंबर को रामलीला मैदान दिल्ली पर आखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर फेडरेशन के आहवान पर महारैली कि जायेगी। इस रैली मे हरियाणा  से कई हजार पेंशनर्स भाग लेंगे।
फोटो कैप्शन 04: ज्ञापन सौंपते हुए सेवानिवृत्त कर्मी






कैमला में आंगन मिलन कार्यक्रम
**************************************************************
*****************************************************************
**************************************************************
कनीना की आवाज।
राष्ट्रीय पोषण में एवं सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगन मिलन सेवा के दूसरे चरण में पोषण एवं योजनाओं की जानकारी देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र कैमला में ओम प्रकाश यादव काउंसलिंग अधिकारी कार्यालय नारनौल उपस्थित हुए। उन्होंने रिबन काटकर आंगन मिलन कार्यक्रम का उद्घाटन किया। प्रियंका आंगनवाड़ी वर्कर ने सभी महिलाओं ,बच्चों  के पालन पोषण एवं रख-रखाव संबंधित विस्तृत जानकारी आंगनबाड़ी से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की।
 वीरेंद्र सिंह मौलिक मुख्याध्यापक  ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को सेवा ,शिक्षा, संस्कार और समर्पण के रूप में विकसित करना है।  महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा बच्चों के जन्म से लेकर पूर्ण पढ़ाई, शिक्षा ,पालन -पोषण के साथ-साथ शिक्षा विभाग के द्वारा लाभान्वित प्रोत्साहन राशि समय-समय पर दी जाती है। मुख्य अतिथि ने बताया कि हमें स्वस्थ रहना चाहिए, एनीमिया से बचाव करना चाहिए और संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। पीएम मातृ वंदना योजना स्पांसरशिप स्कीम जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम को सहभागिता पूर्ण बनाने के लिए बच्चों से चित्रकारी ,मिट्टी के खिलौने आदि गतिविधियां आयोजित और मौसम सम्मानित महिला की गोद भरवाई रस्म अदा की गई। उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रियंका, दर्शन देवी और रेखा आशा वर्कर  को सम्मानित किया गया।
 इस अवसर पर सरपंच डिंपल जांगड़ा, विमला देवी, रेखा आशा वर्कर, दर्शना देवी ,सावित्री देवी ,माया देवी,लाली देवी आदि सभी महिलाएं उपस्थित रही।
फोटो कैप्शन 03: उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत करते हुए अधिकारी




स्कूल में आयोजित हुआ रंगोली कार्यक्रम
**************************************************************
*****************************************************************
**************************************************************
कनीना की आवाज।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में सेवा संकल्प पखवाड़ा के अंतर्गत रंगोली कार्यक्रम विद्यालय स्तर पर आयोजित किया गया। जिसमें सभी बच्चों ने बढ़- चढ़कर के भाग लिया और एक से एक सुंदर रंगोली बनाकर सभी के मन को मोह लिया। विधार्थियों ने अपनी रंगोली के माध्यम से कला, शिल्प , संस्कार, संस्कृति पर आधारित अपने विचारों और दर्शन  का परिचय दिया।
 वीरेंद्र सिंह मौलिक मुख्याध्यापक ने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि हर बच्चे में असीम प्रतिभा छिपी हुई है। अगर उनको समय पर मौका मिले तो निश्चित रूप से वे बेहतर प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।
कला मनुष्य का हुनर है। यदि समय पर उचित मार्गदर्शन और नेतृत्व मिले तो विद्यार्थियों के मन में आत्मविश्वास की प्रबल भावना जागृत होती है।
इस अवसर पर मनवीर सिंह सिंह विज्ञान अध्यापक, सुनील कुमार शास्त्री ,सुनील कुमार डीपीई , देवेंद्र यादव,राजेश कुमार, भगत सिंह ,गरिमा रानी प्राथमिक अध्यापिका, सूबे सिंह पूर्व प्रधान ,तारामणि देवी ,बबली देवी, पिंकी देवी आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: मुख्याध्यापक एवं विद्यार्थी रंगोली के साथ





विश्व शाकाहार दिवस- 01 अक्टूबर
शरीर के लिए सर्वश्रेष्ठ भोजन है शाकाहार
**************************************************************
*****************************************************************
**************************************************************
कनीना की आवाज।
शाकाहार भोजन विश्व का सर्वश्रेष्ठ भोजन माना गया है जो सिर्फ पौधों से प्राप्त होता है। इसमें प्राकृतिक रूप से मिलने वाले खाद्य उत्पाद होते हैं, शाकाहारी भोजन में मांसाहार भोजन को शामिल नहीं किया जाता। लोग भोजन खाने की आदतें बदलते रहते हैं।  80 साल तक के लोग हैं जो शाकाहार भोजन करते आ रहे हैं और शाकाहार भोजन कैंसर, डायबिटीज, हृदयघात आदि बीमारियों से भी बचाता है। कुछ लोग पशु कल्याण और पर्यावरण संबंधित चिंताओं को लेकर चिंतित रहते हैं और शाकाहार भोजन खाते हैं।
 -पूरा शाकाकारी भोजन करना सेहत के लिए लाभकारी है।  इसमें फल, सब्जियां आदि प्रयोग करते हैं। अंडे एवं मांस प्रयोग नहीं करते। यही कारण है कि आज तक में 50 वर्ष के पार कर चुका हूं किंतु कभी कोई रोग नहीं हुआ है। कच्चा शाकाहारी भोजन के साथ-साथ पकाकर शाकाहार भोजन भी करते हैं।  रोगों से बचने का एकमात्र साधन शाकाहारी भोजन है जो इस संसार का बेहतर भोजन है। शाकाहारी भोजन में कभी मांसाहार पदार्थ नहीं शामिल किये जाते। यही कारण है कि शाकाहार भोजन खाने से शरीर दुरुस्त और शरीर रोगों से दूर रहता है। शाकाहार भोजन में आने को विटामिन, एंटीआक्सीडेंट, फाइबर और जल पर्याप्त मात्रा मिलते हैं। इस प्रकार का भोजन सर्वश्रेष्ठ भोजन होता है। वे इसे प्रयोग करने की वह सलाह देते हैं।
---सुनील कुमार
शाकाहार भोजन बीमारियों से हमें बचाता है। यह बेहतर रक्त शर्करा एवं बेहतर कोलस्ट्राल के स्तर को बढ़ावा देता है। इसके अलावा शाकाहार भोजन हृदय के रखरखाव करता है। शाकाहार भोजन का सबसे बड़ा योगदान है वो जिन लोगों में डायबिटीज होती है, वह भी शाकाहार भोजन खाने की सलाह देते हैं। शाकाहारी भोजन में ओमेगा-3 आलसी, वनस्पति तेल आदि से प्राप्त होता है। विटामिन बहुत मात्रा मिलते हैं। शाकाहार भोजन  नियमित सेवन करने के रोगों से बचाएगा अपितु इंसान की उम्र भी बढ़ाएगा। लंबे समय से उनके पूर्वज भी शाकाहार भोजन खाते आए हैं। शाकाहार भोजन खाने से लोगों में किसी प्रकार की बीमारी नहीं होती, जीवो की हत्या भी नहीं करनी पड़ती। शाकाहार भोजन दुनिया में सर्वश्रेष्ठ भोजन है। शाकाहार भोजन विश्व ने भी माना है। इस भोजन को खाकर इंसान स्वस्थ रहता है अधिक स्फूर्तिदायक माना गया है।  
------
 -- अजीत कुमार
फोटो कैप्शन: सुनील, अजीत




35 सालों की सेवा पूरी कर प्राचार्य सुरेंद्र सिंह हुए सेवानिवृत्त
**************************************************************
*****************************************************************
**************************************************************
कनीना की आवाज। 
कनीना उपमंडल के गांव नांगल मोहनपुर केे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य सुरेंद्र सिंह 35 सालों की सेवा करके बुधवार को सेवानिवत्त हो गए हैं। इस मौके पर स्कूल स्टाफ ने उन्हें पगड़ी पहनाई और भावभीनी विदाई दी। उनकी सेवाओं को याद किया और उन्हें बेहतरीन प्राचार्य बताया। इस मौके पर गांव से गजेंद्र सिंह, रोशन लाल, सुंदरलाल सरपंच, सुरेश कुमार आदि ने मौके पर पहुंचकर उनका फूल मालाओं से सम्मान किया।
 सरपंच ने कहा कि जो भी कर्मचारी एक बार सेवा में आता है उसकी सेवानिवृत्ति निर्धारित हो जाती है। हर कर्मचारी को सेवानिवृत्त होना है लेकिन कर्मचारियों को अपनी कलम से ऐसा काम कभी नहीं करना चाहिए ताकि भविष्य में उसकी सहकर्मियों से वह आंखें तक नहीं मिला सके। प्राचार्य को सदा अपने कर्मचारियों का हित करना चाहिए ताकि वह जीवन भर याद रखे। वरना इस दुनिया में सभी को सेवानिवृत्त होकर एक दिन इस जग से चला जाना है तब लोग यही कहेंगे कि अच्छा हुआ वो धरती पर बोझ था। इस मौके पर स्टाफ सदस्य अनूप सिंह, जयवीर, छोटेलाल, प्रीति, गुलशन, सुभाष, ज्योति, बलराम सहित अनेक सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए।
फोटो कैप्शन 01: सेवानिवृत्त होते हुए सुरेंद्र सिंह प्राचार्य

No comments: