Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**: January 2026

Saturday, January 31, 2026



 

सौरभ ने श्रीकृष्ण गौशाला मनाया 21वां जन्मदिन
-गौशाला में विकास पूरे यौवन पर-पार्षद मंजू देवी
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कनीना की आवाज।
 कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में प्रांगण में सौरभ पुत्र नरेंद्र कुमार का 21वां जन्मदिन मनाया गया। इस मौके पर सौरभ के दादा रूपचंद यादव, दादी बिमला देवी तथा उनकी माता वार्ड एक की पार्षद मंजू देवी ने 11000 रुपए का गौशाला को दान दिया तथा गायों को गाजर खिलाई। इस मौके पर मंजू देवी पार्षद ने कहा कि वर्तमान में गौशाला में बेहतरीन कार्य किया जा रहा है। गौशाला के विकास कार्यों को देखकर लगता है कि भगत सिंह प्रधान बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निसंदेह ऐसे महान विचारधारा के और बेहद ईमानदार व्यक्तित्व के प्रधान बनने से गौशाला निश्चित रूप से अग्रणी रहेगी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण गौशाला में अमूल चूल परिवर्तन किए गए हैं। इससे पहले ऐसे कार्य नहीं हुए थे, अब वो कार्य किया जा रहे हैं।
 उधर रूपचंद यादव पूर्व वन अधिकारी ने कहा कि श्रीकृष्ण गौशाला में जहां गायों की नस्ल सुधारने पर भी भगत सिंह ने पूरा जोर दिया हुआ है तथा नए-नए नंदी लाये जा रहे हैं ताकि गायों की नस्लों में सुधार हो सके।
इस अवसर पर भगत सिंह गौशाला प्रधान एवं कार्यकारिणी ने नरेंद्र कुमार, सौरभ तथा उनके परिजनों का अभिनंदन किया। इस मौके पर बलवान सिंह आर्य, नवीन यदुवंशी, बाला देवी, नारायणी देवी, पुष्पा, मंजीत, नीतू, नितेश, प्रवीन, योगेश पार्षद वार्ड 10, दीपक चौधरी एडवोकेट एवं पार्षद, मास्टर रामप्रताप, सचिव यश यादव, प्रधान रविंद्र बंसल, रामपाल यादव सहसचिव भी उपस्थित रहे।
 इस मौके पर नारायणी देवी ने 1500 रुपए तथा धर्मवीर उर्फ बिल्लू ने 1100 रुपए गौशाला में दान दिया।
 फोटो कैप्शन 05: श्रीकृष्ण गौशाला में दान देते हुए सौरभ



डा. रावी बनी कालेज असिस्टेंट प्रोफेसर
-वर्तमान में धनौंदा में प्राध्यापक
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कनीना की आवाज।
कनीना वार्ड 10 के निवासी जसवंत सिंह सेवानिवृत्त जेई बिजली विभाग की पुत्रवधु डा. रावी उर्फ रविता यादव ने हाल ही में हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित राजनीति विज्ञान कालेज असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयन हुआ है। वर्तमान मे डा. रावी राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल धनौंदा में प्रवक्ता राजनीति विज्ञान के पद पर कार्यरत है। वहीं उनके पति डा. इंद्रजीत यादव भी पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी तलवाना मे प्रवक्ता राजनीति विज्ञान के पद पर कार्यरत हैं। इस अवसर पर उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने सास- ससुर, माता - पिता व अपने गुरुजनों के साथ साथ अपने पति डा. इंद्रजीत यादव को दिया है, जिन्होंने हर कदम पर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि स्वाध्याय,नियमित अभ्यास और सही समय प्रबंधन द्वारा बड़ी से बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है। इस मौके पर गांव व परिवार के लोगों में खुशी का माहौल है।
फोटो कैप्शन: रावी




दूसरे दिन भी कनीना में मौसम रहा साफ,तापमान बढ़ा, सुबह से ही खिली धूप
-विगत दिनों से लगातार बदल रहा है मौसम
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कनीना की आवाज।
कनीना में विगत दो दिनों तक बादल छाए रहने के बाद दो दिनों से सुबह से ही धूप खिली, मौसम साफ रहा तथा सुबह सवेरे कुछ समय के लिए हल्की धुंध पड़ी। दिनभर तापमान अधिक रहने से गर्मी का एहसास हुआ।
 उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है, कभी ठंड कभी पाला जमना, कभी बादल छाना, कभी वर्षा, कभी मौसम साफ रहना आदि घटनाएं लगातार घट रही हैं। जिसके चलती किसानों के माथे पर चिंता की रेखाएं बनी हुई हैं। किसान लगातार मौसम को तथा अपनी फसलों को निहार रहे हैं। किसानों का मानना है कि शायद अब मौसम साफ रहेगा और उनकी फसल वृद्धि करेगी। अभी तक गेहूं की वृद्धि नहीं हो पाई है। गेहूं की फसल बहुत छोटी है। सरसों की फसल पकान  पर जा चुकी है।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह , रवि कुमार योगेश कुमार आदि का कहना है कि अब गेहूं में बढ़ोतरी होगी और जल्दी पक जाएगी। होली पर्व तक सभी फसलें पक जाती है। इस बार होली का पर्व 4 मार्च को लगेगा। ऐसे में किसान अभी तक खुश हैं और अपनी फसलों पर नजर जमाए हय हैं।
फोटो कैप्शन 04: धूप में सरसों सोने सी चमकती हुई


आतंकी बंदरों को अविलंब पकड़वाया जाए
 -अधूरा काम छोड़ दिया नगर पालिका ने- शिवकुमार अग्रवाल
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कनीना की आवाज।
 कनीना मंडी निवासी समाजसेवी शिवकुमार अग्रवाल ने एक बार फिर से सीएम विंडो में शिकायत लगाई है कि कनीना क्षेत्र के सभी आतंकी बंदरों को पकड़वाकर नाहड़ बिहड़ में छोड़ जाए। उन्होंने लिखा है कि अभी तक 134 बंदरों को ही पकड़ा है। अभी भी भारी संख्या बंदर कनीना कस्बा में उछल कूद कर रहे हैं और आए दिन आतंक मचा रहे हैं। ऐसे में बाकी बंदरों को भी अविलंब पकड़वाकर नाहड़ बीहड़ में छोड़ जाए। वन विभाग से 400 बंदरों को छोडऩे की अनुमति मिली हुई है। ऐसे में शेष बंदरों को अविलंब पकड़वाया जाए।  उन्होंने बताया कि पहले भी उन्होंने कई बार सीएम विंडो में शिकायत लगाई हैताकि बंदरों को पकड़ा जा सके। उल्लेखनीय  है कि कनीना नगर पालिका द्वारा दूसरी बार 134 बंदरों को पकड़वाय















है।  पहली बार 2011 में 61 बंदरों को पकड़वाया गया था। प्रधान नवयुवक विकास परिषद शिवकुमार अग्रवाल ने कई बार आरटीआई और सीएम विंडो में शिकायत लगाई है लेकिन नगरपालिका सभी बंदरों को पकड़वाना भूल गई है।
फोटो कैप्शन: शिव कुमार अग्रवाल


कर्मठ एवं ईमानदार अधिकारी रहे हैं एसडीओ सतीश- डायरेक्टर नवीन वर्मा
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कनीना की आवाज।
एसडीओ सतीश धानिया निगम के मेहनती, कर्मठ एवं ईमानदार अधिकारी रहे हैं। इन्होंने जिस भी काम को हाथ में लिया, उसे पूरा करके ही दम लिया। इनकी सेवाएं निगम के लिए बड़ी प्रेरणादायी रही हैं और इनका कार्यकाल हमेशा याद रखा जाएगा। यह उद्गार बिजली निगम के डायरेक्टर नवीन वर्मा ने एसडीओ धानिया के सम्मान में मालवीय नगर में आयोजित सम्मान समारोह में प्रकट किए। गांव ढाणी बाठोठा निवासी सतीश धानिया चरखी दादरी जिला के सब स्टेशन झोझू कलां से बतौर एसडीओ सेवानिवृत्त हुए हैं। धानिया बिजली निगम को 32 साल 9 महीने की सेवाएं समर्पित करने उपरांत ससम्मान सेवानिवृत्त हो गए हैं।
डायरेक्टर नवीन वर्मा ने कहा कि बिजली निगम आम आदमी को समर्पित आवश्यक सेवाएं देने वाला विभाग है और सतीश धानिया ने बड़ी सच्ची लगन से कार्य किया। इन्होंने नारनौल में भी सेवाएं दी हैं और जिस भी कार्य को यह अपने हाथ में लेते थे, उसे पूरी ईमानदारी एवं सिद्दत से समय रहते पूरा करते थे। इस मौके पर नगर परिषद की चेयरपर्सन कमलेश सैनी, बीएड कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. प्रो. शिवताज सिंह, धारूहेड़ा के एसडीओ कृष्ण सैनी, एसडीओ प्रदीप सोनी, जेई अशोक सैनी, जेई प्रथम सुभाष रोहिल्ला, जेई सुरेंद्र जोशी, झौझू से जेई दीपक, राजबीर, प्रदीप, रिटायर्ड सीनियर मैनेजर एसबीआई जयनारायण दुग्गल, एसडीओ हनुमानसिंह, डिप्लोमा इंजीनियरिंग एसोसिएशन के जिला प्रधान सतपाल सिंह, जेई दलीपसिंह, जेई वेदप्रकाश समेत सैकड़ों गणमान्य लोक उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: एसडीओ सतीश धानिया को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित करते हुए।  



शिक्षक एवं समाजसेवी निर्मल कुमार हुए सेवानिवृत्त
  27 वर्षों की दी सेवाएं

--जिनका तन मन एवं नाम है निर्मल
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कनीना की आवाज।
कनीना से महज 12 किमी दूर नांगल हरनाथ निवासी शिक्षक एवं समाजसेवी निर्मल कुमार 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो गये हैं। उन्होंने करीब 27 सालों की सेवा की है। 22 जनवरी 1968 को नांगल हरनाथ में जन्मे निर्मल कुमार के पिता राम अवतार व माता का नाम मेवा देवी भी समाजसेवी रहे हैं।
  निर्मल कुमार ने 1998 में राजकीय प्राथमिक पाठशाला बुचावास में जेबीटी अध्यापक के पद पर कार्य ग्रहण किया था। फरवरी 2012 मे राजकीय माध्यमिक विद्यालय नांगल मोहनपुर में तबादला हो गया था। 2016 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह में तबादला हुआ। अगस्त 2018 में संस्कृत के अध्यापक पर पदोन्नति होने पर  रेवाड़ी जिले के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय बव्वा में 1 वर्ष की सेवा पूर्ण की। सितंबर 2019 में संस्कृत अध्यापक के पद पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बूचावास में तबादला हो गया और अब बूचावास से ही सेवानिवृत्त होंगे। 27 वर्ष 5 महीने की जेबीटी व संस्कृत अध्यापक के पद पर अपनी सरकारी सेवाएं दी है।
 निर्मल कुमार भारतीय मजदूर संघ, सर्व कर्मचारी संघ,राजकीय अध्यापक संघ आदि संगठनों में काम करते हुएसमय-समय पर कर्मचारियों की मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया है। वे आरएसएस के भी समर्थक एवं सदस्य रहे हैं।
  इस मौके पर प्राचार्य वीरेंद्र सिंह ने कहा कि निर्मल कुमार बेहद ईमानदार, कर्मठ, कर्तव्यनिष्ठ  व्यक्तित्व है। यह कक्षा कक्ष में सदा ईमानदारी से पढ़ते आए हैं। इनके स्कूल से चले जाने से जहां विद्यार्थियों को उनकी कमी सदा खलती रहेगी परंतु सेवानिवृत्त सभी कर्मचारियों को होना पड़ता है।
उधर कनीना निवासी डा.होशियार सिंह यादव स्टेट अवार्डी शिक्षक ने कहा कि निर्मल कुमार जैसा शालीन, मेहनती और ईमानदारी से जीने वाला व्यक्तित्व बिरला ही कोई मिलता है। उनके चेहरे पर सदा हंसी की फुहार झलकती रहती है, चाहे कितनी भी कष्टों में हो परंतु सदा प्रसन्नचित मिलते और दूसरों के लिए प्रेरणा का काम करते हैं। वे सदा हंसते हंसाते रहे हैं। विद्यार्थी सदा उनसे बहुत ही खुश रहे हैं तथा उनकी का शिक्षण कार्य बेहद रोचक व प्रभावी रहा है। उन्होंने और होशियार सिंह विज्ञान अध्यापक ने करीब एक साथ काम करना शुरू किया था। आज उनकी सेवानिवृत्ति से  शिक्षा विभाग में जो कमी हो गई है वह विद्यार्थियों और उनके साथियों को खलती रहेगी। इस मौके पर समस्त स्टाफ सहित उन्होंने स्कूल कैंपस में एक पौधा भी यादगार के लिए लगाया। कितने ही स्टाफ सदस्यों ने उनके प्रशंसा के पुल बांधे।
भावुक मन से निर्मल कुमार ने कहा कि वे सदा स्टाफ, प्राचार्य एवं विद्यार्थियों के लिए किसी भी काम के लिए तत्पर रहेंगे। जब भी उनकी जरूरत हो उन्हें याद कर लिया जाए और वे अविलंब हाजिर हो जाएंगे।
  इस मौके पर प्राचार्य वीरेंद्र सिंह, प्रवक्ता योगिता, सूबे सिंह, अशोक शर्मा, निर्मला, रेनू नीलम, सुरेंद्र, विजय कुमार, सतीश कुमार ,मंजू, सुशीला, राजेश शर्मा, शर्मिला डीपी, सोनू यादव, मीनाक्षी यादव ,नरेंद्र सैनी, मौलिक मुखिया अध्यापिका नीलम मिश्रा, जोगेंद्र कुमार, राखी, सरोज, मुख्य शिक्षक कृष्ण कुमार, विनोद कुमार, जितेंद्र कुमार, अनिल कुमार, विकास, उर्मिला, शारदा, सुजाता सहित समस्त स्टाफ हाजिर रहा।
फोटो कैप्शन 01: सेवानिवृत्ति पर पौधारोपण करते हुए


वैशाली बनी दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर
-समिति पदाधिकारियों ने किया सम्मानित
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कनीना की आवाज।
सर्व अनुसूचित,जाति संघर्ष समिति ब्लाक कनीना ने वैशाली सुपुत्री विनोद कुमार ,वार्ड नंबर 8 कनीना का सब इंस्पेक्टर दिल्ली पुलिस में चयनित होने पर समिति के द्वारा पगड़ी पहनकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में उपस्थित रहे, वैशाली के दादाजी सेवानिवृत्त सुपरिंटेंडेंट हरियाणा रोडवेज, मनोनीत पार्षद नीलम देवी वार्ड नंबर 8 पर्यावरण समिति कनीना महासचिव प्रवक्ता सूरत सिंह सर्व अनुसूचित जाति संघर्ष समिति,प्रधान विनोद एडवोकेट ,उप प्रधान कृष्ण कुमार पूनिया, महासचिव राजेंद्र कपूरी, कैशियर विजय पाल सिंह उचत, महेश गोमला, पवन कुमार कनीना, पूर्व पार्षद,रामेश्वर दयाल, राजकुमार कनीना इत्यादि सम्मान समारोह में उपस्थित  रहे।
फोटो कैप्शन 02: वैशाली को सम्मानित करते हुए


घुमंतू और अर्ध घुमंतू जनजातियों को सरकार दे सुविधाएं
--25 जून 2019 को घुमंतू व अर्ध घुमंतू जनजातियों की सूची में शामिल किया गया
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कनीना की आवाज।
बसपा नेता प्रमुख अतरलाल एडवोकेट ने हरियाणा सरकार द्वारा घुमंतू और अर्ध घुमंतू जनजातियों में शामिल की गई हरियाणा की जोगी-जंगम-जोगीनाथ, मनियार, भाट, रहबारी और मदारी (हिंदु) जातियों को अभी भी विमुक्त जातियों की तरह सुविधा व लाभ न मिलने पर चिंता जताई है। उन्होंने राज्य सरकार से शामिल की गई उक्त पांचों जातियों को तत्काल घुमंतू और अर्ध घुमंतू जनजातियों की तरह सभी सुविधाएं व लाभ देने की मांग की है।
बसपा नेता अतरलाल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन भेजकर याद दिलाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर की अध्यक्षता में 25 जून 2019 को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश की जोगी-जंगम-जोगीनाथ, मनियार, भाट, रहबारी और मदारी (हिंदु) पांच जातियों को भी घुमंतू व अर्ध घुमंतू जनजातियों की सूची में शामिल किया गया था। जिसके तहत राज्य की घुमंतू व अर्धघुमंतू जनजातियों की संख्या 24 से बढ़कर 29 हो गई है। परन्तु सरकार के इस फैसले के 6 साल बाद भी शामिल की गई उक्त पांचों जातियों के लोगों को घुमंतू और अर्ध घुमंतू जातियों को मिलने वाली सुविधा व लाभ नहीं मिल रहे हैं। ज्ञापन में अतरलाल ने कहा कि उन्हें अटेली विधानसभा क्षेत्र के मणियार और जोगी जातियों के लोगों से शिकायत मिली है कि उन्हें सरकार के इस फैसले का लाभ नहीं मिल रहा है। जोगी तथा मणियार जाति के छात्रों को सरकारी, अर्ध सरकारी बोर्ड व निगमों की नौकरियों में लाभ नहीं मिल रहा है। इससे उनमें भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने ज्ञापन में हरियाणा सरकार से मांग की है कि राज्य सरकार सभी विभागों, निगमों व बोर्डों को निर्देश पत्र जारी कर उन्हें उक्त जातियों के छात्र व लोगों को सभी सुविधाएं व लाभ देना व सरकार के फैसले की पालना सुनिश्चित करें।





गांव मोड़ी के सरपंच का पति प्रशासन की अनुमति के बगैर कर रहा मनमानी
-सरपंच ने सभी आरोपों को निराधार एवं बेबुनियाद बताया
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कनीना की आवाज।
उपमंडल कनीना के गांव मोड़ी के सरपंच अनिता का पति रामनिवास ग्राम पंचायत मोड़ी में एक पानी के निकासी के लिए गंदा नाला बनाया जा रहा है। उस गंदे नाले को कृष्णावती नदी वह वाटरशेड के तहत जल संरक्षण योजना में बना जोहड़ के अंदर गांव का गंदा पानी डालने की योजनाबद्ध तरीके से डालने की तैयारी कर रहा है। मोड़ी के पवन कुमार ने आरोप लगाया है कि इसी बीच नाला बनाने की आड़ में सरपंच के पति ने 33 फुट रास्ते की मिट्टी को हटाना शुरू कर दिया। साथ आगे पानी की पेयजल लाइन को उखड़वा दिया, जिसके बारे में माइनिंग विभाग से मिट्टी उठाने की अनुमति भी नहीं ली और ना ही जल विभाग से पाइपलाइन उखाडऩे की अनुमति ली। जिस कारण आगे पानी पीने की बहुत भारी दिक्कत बनी हुई है। यह सरपंच का पति अपनी मनमानी कर रहा है जब अधिकारियों से बात की गई तो अधिकारियों को जानकारी भी नहीं है की मिट्टी उठाई है। इस तरह से पाइपलाइन को उखाडऩा और कानून के विरुद्ध चलकर कृष्णावती नदी व नदी के साथ में लगे स्वच्छ जल के लिए बनाया जोहड़ के अंदर पानी डालने की अनुमति नहीं ली गई है।
उनका आरोप है कि यह देखते हुए प्रशासन भी ग्राम पंचायत मोड़ी व सरपंच के पति पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं कर रहा।
इस समय में सरपंच अनिता एवं उनके पति रामनिवास से इस संबंध में चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि मोड़ी गांव का 70 प्रतिशत जल एक तरफ जा रहा है तो 30 प्रतिशत जल  एक तरफ जा रहा है। 30 प्रतिशत जल जो पीडब्ल्यूडी सड़क, मंदोला, भोजावास और किसानों के खेतों की ओर जा रहा है जिससे भारी परेशानी और नुकसान होने का अंदेशा बना हुआ है। जिसको लेकर महिला सरपंच ने पंचायत समिति अध्यक्ष जयप्रकाश से चर्चा की थी। जिस पर यह गंदा जल एक ऐसं जोहड़ में डालने की योजना बनाई जो वर्ष 2000 के करीब बना था जिसमें एक बूंद भी पानी नहीं जाता जिसमें अवैध कब्जे करने का प्रयास किया जा रहा है। पंचायत के पास कोई पानी डालने की जगह नहीं है। केवल जोहड़ है। इस जोहड़ में वर्षों से पानी भी नहीं भरा इसलिए अध्यक्ष जयप्रकाश ने यह नाला बनवाया है और स्वीकृत किया है। एसडीओ भी मौके पर निरीक्षण करके गए हैं। ऐसे में जोहड़ में यह गंदा जल डाला जाएगा जिसका नदी से कोई लेना-देना नहीं है। न ही इस जोहड़ में किसी नदी नाले का कोई जल गिरता है। चूंकि अवैध कब्जा करने वालों को जोहड़ में जल भरने से परेशानी होगी। इसलिए शिकायत करने पर उतारू हो गए हैं। उन्होंने शिकायतकर्ता के सभी आरोपों को बेबुनियाद एवं मनघड़ंत करार दिया है।
फोटो कैप्शन 6/7 एवं 8 संबंधित हैं।

Friday, January 30, 2026



 




करीरा रोड़ निर्माण कार्य होगा शुरू, पुरानी अनाज मंडी रास्ते पर नहर चौड़ीकरण भी जल्द
-क्षेत्रवासियों को मिलेंगी सुविधाएं
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र के विकास से जुड़ी दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। करीरा रोड़ पर लंबे समय से रुका हुआ सड़क निर्माण कार्य अब जल्द शुरू होने जा रहा है, वहीं पुरानी अनाज मंडी के रास्ते में अवरोध बन रही नहर के चौड़ीकरण का कार्य भी शुरू करवाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, करीरा रोड का निर्माण कार्य पेड़ों की कटाई के लिए आवश्यक राशि जमा न होने के कारण रुका हुआ था। अब संबंधित विभाग द्वारा पेड़ काटने की राशि जमा करवा दिया गया है। दीपक चौधरी पार्षद कनीना ने बताया कि यह प्रक्रिया आरती सिंह राव के प्रयासों से पूरी करवाई गई है, जिससे अब सड़क निर्माण में कोई प्रशासनिक रुकावट नहीं रहेगी। सड़क बनने से करीरा व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही, पुरानी अनाज मंडी की ओर जाने वाले रास्ते पर बीच तक आकर बाधा उत्पन्न कर रही नहर के चौड़ीकरण का कार्य भी जल्द शुरू करवाया जाएगा। नहर संकरी होने के कारण रास्ता प्रभावित हो रहा था। चौड़ीकरण होने के बाद मार्ग खुला और सुगम हो जाएगा, जिससे व्यापारियों और आम नागरिकों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा।
दीपक चौधरी ने कहा कि ये सभी विकास कार्य बहन आरती राव की जानकारी में लाकर आगे बढ़ाए जा रहे हैं और इनके शीघ्र पूर्ण होने की पूरी संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर आरती राव लगातार सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं।
फोटो: दीपक चौधरी पार्षद




स्कूल सरकारी, महिमा सबसे सुंदर, सबसे न्यारी
-दूर दराज से मोह रहा है कनीना मंडी स्कूल लोगों का मन
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कनीना की आवाज।
कनीना खंड मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन के समीप स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी आज सरकारी विद्यालयों की पारंपरिक छवि को पीछे छोड़ते हुए शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श और अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है।
जो स्कूल सरकारी है, वही सबसे ज़्यादा असरकारी है जैसे सशक्त संदेश के साथ यह विद्यालय उस आम धारणा को सफलतापूर्वक तोड़ रहा है कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा संभव नहीं है।
विद्यालय में आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिलता है। प्रत्येक कक्षा कक्ष में डिजिटल बोर्ड व सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं तथा पूरा विद्यालय परिसर वाई-फाई सुविधा से सुसज्जित है। छात्राओं की भाषा दक्षता के विकास हेतु 20 अत्याधुनिक कंप्यूटरों से युक्त लैंग्वेज लैब, पृथक कंप्यूटर लैब तथा विज्ञान विषयों के लिए गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र एवं जीव विज्ञान की पूर्ण रूप से सुसज्जित प्रयोगशालाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
विद्यालय की समृद्ध पुस्तकालय विशेष आकर्षण का केंद्र है, जहां पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ सामाजिक विषयों एवं छात्राओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित पुस्तकें, चार्ट व प्रेरणादायक पोस्टर भी उपलब्ध हैं।
विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक के कुशल नेतृत्व में तकनीकी नवाचारों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय में वाई-फाई युक्त मोशन सेंसर कैमरे, सभी सीसीटीवी कैमरों का मोबाइल के माध्यम से नियंत्रण, तथा तीन टेराबाइट हार्ड डिस्क की व्यवस्था की गई है, जिससे कई महीनों तक की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जा सकती है।
विद्यालय में आसपास के लगभग आठ गांवों की छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि पूरे कनीना कस्बे में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित छात्रों के लिए कोई अन्य सरकारी विद्यालय उपलब्ध नहीं है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से विद्यालय को को-एड (सहशिक्षा) संस्थान में परिवर्तित करने का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा गया है, ताकि अधिक से अधिक गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
उपलब्धियां---
विद्यालय का शैक्षणिक प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा है। गत दो वर्षों में कक्षा 10वीं एवं 12वीं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। इसी अवधि में 24 छात्राओं ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में स्थान बनाया।
गत वर्ष विद्यालय की छात्रा कनिका (कला संकाय) एवं मनीषा (वाणिज्य संकाय) ने खंड स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। साथ ही विद्यालय को अशोक चक्र विजेता सूबेदार सज्जन सिंह स्मृति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
विद्यालय भवन के प्राथमिक व मौलिक विंग के कुछ हिस्सों की मरम्मत नितांत आवश्यक है, जिसके लिए विभाग को एस्टीमेट व प्रस्ताव भेजा जा चुका है। स्वीकृति प्राप्त होते ही विद्यालय की ढांचागत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
निस्संदेह, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी आज बदलते शैक्षिक परिवेश में सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता, नवाचार और सफलता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है ।
फोटो कैप्शन 05 व 06: सरकारी स्कूल का नजारा





पाली में आयोजित हिंदु सम्मेलन में पहुंचेंगे हजारों हिंदु
-8 फरवरी को आयोजित होगा सम्मेलन, तैयारियां जारी
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कनीना की आवाज।
संघ के शताब्दी वर्ष में होने वाले मंडल स्तरीय हिंदू सम्मेलनों की तैयारी जिला-महेंद्रगढ़ में जोरों पर चल रही है। इस कड़ी में पाली मंडल में होने वाले हिंदू सम्मेलन हेतु आज युवाओं की बैठक गांव जाट के विश्वकर्मा मंदिर और मंडोला में आयोजित की गई। कार्यक्रम के संयोजक दशरथ सिंह की अध्यक्षता में हुई। इन बैठकों में युवाओं ने संकल्प लिया कि अधिक से अधिक संख्या में वे इन कार्यक्रमों में में भाग लेंगे। सनातनी ध्वज लेकर जाट गांव के 251 युवा मंदिर से पाली बाबा जयराम दास धाम तक पैदल यात्रा करेंगे। इस टोली में 14 वर्ष से 30 वर्ष तक की युवा भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त गांव से सैकड़ों महिलाएं और पुरुष भी इस कार्यक्रम में जाएंगे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया की गांव के प्रत्येक घर में अलख जगायेंगे। सभी को सम्मेलन हेतु लेकर जाएंगे। गांव की आधी आबादी उस दिन सम्मेलन में पहुंचे।
   इन बैठकों को संबोधित करते हुए कैलाश पाली ने कहा कि सनातन  के संरक्षण में युवाओं का हमेशा योगदान रहा है। स्वामी विवेकानंद ने युवा अवस्था में भारत का डंका अमेरिका में बजा करके आए थे। स्वामी विश्व धर्म सम्मेलन में गए थे और आज मंडल हिंदू सम्मेलनों में युवाओं की भागीदारी दुनिया को दिखाएंगे कि भारत का युवा अब सनातन के प्रति जागरूक हो चुका है। उन्होंने बताया की कार्यक्रम में सन्तों का सानिध्य मिलेगा वही अयोध्या राम मन्दिर के गर्भ गृह के योजनाकार व मूर्ति कार चन्द्रेश राम लला की मूर्ति के साथ रहेंगे। इस मौके पर ग्राम टोली का गठन किया गया जिसमें प्रदीप, रवि, विशाल, उदय, विकास, गगन हिमांशु, मोहित, सागर, रवि, जतिन हेमंत, नवदीप, देवेंद्र, जतिन, विशाल, धीरज आशीष, संजीव को रखा गया। इन सभी ने संकल्प लिया कि उस दिन बड़ी संख्या में युवा महापुरुषों का रूप धारण करके पाली बाबा जयरामदास धाम पर पहुंचेंगे। महिलाओं का नेतृत्व ललिता भारद्वाज, पूजा, सुमन, कृष्णा करेंगी।
फोटो कैप्शन 03 व 04: हिंदु सम्मेलन की तैयारी करते हुए





बच्चे का जन्मदिन मनाया गौशाला में
-दिया 5100 रुपए का दान एवं ली एक गाय गोद
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कनीना की आवाज।
 वीरचक्र से सम्मानित नायक रामकुमार शहीद के प्रपौत्र एवं सूबेदार मेजर अर्जुन सिंह के पौत्र गर्वित राव का 1 वर्ष पूरा होने पर जन्मदिन श्रीकृष्ण गौशाला में पूरे परिवार एम गौशाला कार्यकारिणी की उपस्थिति मनाया गया। गर्वित राव के पिता नरेंद्र कुमार ,माता दीपक कुमारी एवं अन्य सदस्यों ने गायों को गुड़ खिलाया। इस मौके पर अर्जुन सिंह एवं उसकी धर्मपत्नी विमला देवी ने एक गाय गोद ली और 5100 का सहयोग दिया। गौशाला प्रधान भगत सिंह ने सभी का अभिनंदन किया और गर्वित राय के दीर्घायु की कामना भी की।
  इस मौके पर भगत सिंह प्रधान गौशाला ने बताया कि पिछले करीब 6 महीने से गौशाला के प्रति लोगों का रुझान बढ़ता जा रहा है। एक और जहां गायों को गोद लेने की नई परंपरा शुरू की गई थी जिसके तहत आशातीत परिणाम प्राप्त हुए हैं। 500 से भी अधिक गायें गोद ली जा चुकी हैं। वहीं गए गौशाला में घूमने फिरने के लिए भी प्रबंध किया जा रहा है। जल्द ही यह प्रबंध पूरा कर लिया जाएगा। जहां गायों के लिए सेवा भी बढ़ गई है। उनके लिए सर्दी, गर्मी, बरसात से बचाने के व्यापक प्रबंध किए हैं। वही अब गौशाला अग्रणी गौशालाओं में शामिल हो चुकी है। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में प्रतिदिन सैकड़ों लोग न  केवल गायों को देखने के लिए आते हैं अपितु गौशाला में किये जा रहे विकास कार्यों को भी देखने के लिए आते हैं। जो भी कोई गौशाला में आता है वह प्रसन्नचित लौटता है। यह कनीना गौशाला के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। अभी तक श्रीकृष्ण गौशाला में दर्जनों प्रधान रह चुके हैं किंतु यहां उल्लेखनीय है कि जब से भगत सिंह ने कार्यभार संभाला है गौशाला को चार चांद लगा दिये हैं। गौशाला का नाम आज हर व्यक्ति की जुबान पर है। जिस भी किसी से पूछा जाए वह गौशाला की बड़ाई करता मिलता है। यह न केवल कनीनावासियों के लिए अपितु भगत सिंह और गौशाला के लिए सम्मान का विषय बन गया है।
इस अवसर पर गौशाला उप प्रधान रविंद्र बंसल, अशोक पैकन, ठेकेदार ओमप्रकाश जांगिड़, प्रिंस भाविका यादव, सुनीता यादव, डा. नीरज, अमीर सिंह सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 01: जन्मदिन गौशाला में मनाते हुए



कनीना में मौसम रहा साफ,तापमान बढ़ा, सुबह से ही खिली धूप
-विगत दिनों से लगातार बदल रहा है मौसम
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कनीना की आवाज।
 कनीना में विगत दो दिनों तक बादल छाए रहने के बाद शुक्रवार को सुबह से ही धूप खिली, मौसम साफ रहा तथा सुबह सवेरे कुछ समय के लिए हल्की धुंध पड़ी। दिनभर तापमान अधिक रहने से गर्मी का एहसास हुआ।
 उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है, कभी ठंड कभी पाला जमना, कभी बादल छाना, कभी वर्षा, कभी मौसम साफ रहना आदि घटनाएं लगातार घट रही हैं। जिसके चलती किसानों के माथे पर चिंता की रेखाएं बनी हुई हैं। किसान लगातार मौसम को तथा अपनी फसलों को निहार रहे हैं। किसानों का मानना है कि शायद अब मौसम साफ रहेगा और उनकी फसल वृद्धि करेगी। अभी तक गेहूं की वृद्धि नहीं हो पाई है। गेहूं की फसल बहुत छोटी है। सरसों की फसल पकान  पर जा चुकी है।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह , रवि कुमार योगेश कुमार आदि का कहना है कि अब गेहूं में बढ़ोतरी होगी और जल्दी पक जाएगी। होली पर्व तक सभी फसलें पक जाती है। इस बार होली का पर्व 4 मार्च को लगेगा। ऐसे में किसान अभी तक खुश हैं और अपनी फसलों पर नजर जमाए हय हैं।
फोटो कैप्शन 02: धूप में सरसों सोने सी चमकती हुई


कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए आवेदन आमंत्रित
-किसान 16 तक कर सकते हैं आनलाइन आवेदन: जिला उपायुक्त
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कनीना की आवाज।
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से वर्ष 2025-26 में कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए आरकेवीवाई स्कीम के स्मैम मद के तहत कृषि यंत्रों पर अनुदान देने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। किसान इसके लिए 16 फरवरी तक कृषि विभाग की वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सहायक कृषि अभियन्ता इंजीनियर दिनेश शर्मा ने बताया कि वे किसान जो मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर सीजन रबी 2024 एवं खरीफ 2025 में पंजीकृत है, वो ही उपरोक्त स्कीम में आवेदन के लिए पात्र होंगे। एक परिवार पहचान पत्र में से केवल एक किसान एक कृषि यंत्र पर ही अनुदान का लाभ ले सकता है। उन्होंने बताया कि अनुसुचित जाति, लघु एवं सीमांत, महिला किसानों को 50 प्रतिशत व अन्य किसानों को 40 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा। लघु एवं सीमातं श्रेणी का लाभ किसानों को उनके मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत जमीन के आधार पर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस स्कीम के तहत विभिन्न कृषि यंत्रों बैट्री, इलेक्ट्रिक, सोलर आपरेटिड पावर वीडर, राइड आन सेल्फ प्रोपेल्ड मल्टी टूलबार, सेल्फ प्रोपेल्ड हाइक्लीयरंश बूमस्प्रेयर, हाई कैपस्टी चाफकटर लोडर के साथ 5 टन से 10 टन प्रति घंटा, 10 टन प्रति घंटा से अधिक एवं चाफ कटर मोटर आप्रेटिड), ट्रैक्टर आपरेटिड साइलेज पैकिंग मशीन / बेलर (1400-1500 केजी/आवर), बैट्री आपरेटर फर्टीलाइजर ब्राडकास्टर, ट्रैक्टर आपरेटिड फर्टीलाइजर ब्राडकास्टर, ट्रैक्टर आपरेटिड हाइड्रोलिक प्रेस स्ट्रा बैलर, सब सायलर, मल्टीकोप बैड प्लान्टर / रेज्ड बैड प्लान्टर, सेल्फ प्रोपेल्ड राईस ट्रांसप्लान्टर (4 लाईन), विनोविंग फैन, मिलेट मशीन / मिलेट मील, मेज थ्रैशर (ट्रैक्टर ऑपरेटिड)/ मैज सलैसर, न्युमैटिक प्लान्टर, ऑयल एक्सपेलर, सुगरकेन थैस कटर 75 इंच साइज, मोबाईल / काटन शेडर ( ट्रैक्टर आपरेटिड), कॉउ डंग ब्रिकेट मशीन, कॉउ डंग डीवाटरिंग मशीन, पैडी मोबाईल ड्रायर, लेजर लैंड लेवलर, रोटावेटर, ट्रैक्टर माउन्टिड पावर वीडर, आलु बोने की मशीन इत्यादि पर अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसान विभाग की वेबसाइटपर 16 फरवरी तक आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आनलाइन आवेदन के लिए किसान के नाम हरियाणा राज्य में पंजीकृत ट्रैक्टर की वैध आरसी (परिवार के किसी सदस्य के नाम जो परिवार पहचान पत्र में हो) बैंक खाता, पैनकार्ड, परिवार पहचान पत्र एवं आधार कार्ड की आवश्यकता होगी। यदि कोई किसान अनुसूचित जाति से सम्बन्ध रखता है तो उसे अनुसूचित जाती प्रमाण पत्र देना होगा, आवेदन करने वाले किसान को खेत में फसल अवशेष नहीं जलाने बारे, पिछले 3 वर्षों में उसी कृषि यंत्र पर अनुदान न लेने बारे शपथ पत्र भी देना होगा। यदि आवेदनों की संख्या निर्धारित लक्ष्यों से अधिक होती है तो उपायुक्त की अध्यक्षता में गठीत कमेटी द्वारा ड्रा/ऑफलॉट्स के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे समय रहते आवेदन करें व योजना का लाभ उठाएं। किसान अधिक जानकारी के लिए उक्त वैबसाइट, सहायक कृषि अभियन्ता, नारनौल या अपने सम्बन्धित खण्ड कृषि अधिकारी / कृषि विकास अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं।
जिन कृषि यन्त्र निर्माताओं की मशीन / कृषि यंत्र, भारत सरकार द्वारा अधिकृत टैस्टींग सेंटरों से टैस्ट की हुई है और वो कृषि विभाग, हरियाणा की सब्सिडी स्कीमों के तहत अपनी मशीन / कृषि यंत्र देना चाहते हैं। वो कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा पंचकुला की उपरोक्त वैबसाइट पर अपना पंजीकरण करवाएं।



कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-08
 कुतरूं सेवानिवृत्त होने जा रहे शिक्षकों से निभाता था दुश्मनी, मिला बुरा परिणाम
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी पूर्व विज्ञान शिक्षक रहे डा. होशियार सिंह यादव ने अपने पूरे जीवन काल में विभिन्न स्कूल/कालेजों में सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में करीब 40 वर्षों तक शिक्षण कार्य किया। इस दौरान अनेक प्राचार्यों के साथ  डा. होशियार सिंह से भेंट हुई। करीब 29 विभिन्न स्कूली संस्थाओं में हजारों विद्यार्थियों को पढ़ाने का मौका मिला। इस दौरान बहुत से ऐसे प्राचार्य मिले जिनको का नाम लेकर भी पवित्र गंगा जैसा आभास हुआ। ऐसा लगता है कि उनके साथ मिलना गंगा में डुबकी सम पावन है। परंतु कुछ ऐसे कुतरूं प्राचार्य मिले जिनका नाम लेते ही ऐसा लगता है किसी गंदगी को छू लिया। वे गंदे नाले के समान कीचड़ युक्त जिंदगी जी रहे हैं, जी गए हैं। उनके पास जाने से ऐसा लगता है कहीं किसी दलदल में न धंस जाए। ऐसे प्राचार्य जो किसी के पास अच्छे काम को करने में भी आनाकानी करते रहे, ऐसा लगता था जैसे उनके बाप दादा की कोई जमीन/खैरात उनके पास और वे बांट रहे हो।
   डा. होशियार सिंह यादव को भी करीब पांच ऐसे प्राचार्य मिले जिनको ग्रामीण लोग कुतरूं नाम से संबोधित करते थे। आज भी वे कुतरूं नाम से ही मशहूर हैं। ऐसे कुतरूं प्राचार्यों के कारनामे सुन सुनकर मन व्यथित होता है। सोचा कि अब इन कुतरूं प्राचार्यों के कारनामे सभी को उजागर करूं जो ब्लैकमेलिंग से लेकर के शोषण तक का भी कार्य करते रह हैें। परंतु ये भूल गए हैं कि बुरे कार्य करने वालों का परिणाम भी बुरा होता है। होशियार सिंह ने सेवाकाल दौरान देखा है कि कुछ ऐसे लोग भी मिले जो महिलाओं का शोषण करते थे और परिणाम यह निकला उनकी खुद की महिला वर्षों तक डेथ बेड पर पड़ी देखी गई। कुछ ऐसे लोग भी देखें जो किसी का शुभ कार्य करने में भी कलम तक नहीं टिकाते थे और उनको कारावास तक जाना पड़ा। इस दुनिया में ऐसे भी कुतरूं प्राचार्य देखे जो दिन रात ब्लैकमेलिंग का कार्य कर रहे हैं फिर भी लोग उनको पूजते क्योंकि अच्छे व्यक्तियों के साथ बहुत कम लोग खड़े मिलते हैं। अब कई कुतरूं प्राचार्य डा. होशियार सिंह यादव के विरुद्ध षडय़ंत्र तक रच सकते हैं किंतु डाक्टर होशियार सिंह तैयार है क्योंकि न केवल शिक्षा प्राप्त करने में और कलम चलाने में ही अग्रणी रहे हैं अपितु लठेत भी है। डा. होशियार सिंह के पिता जयनाराण एवं ताऊ अुर्जन सिंह जाने माने/मशहूर लठेत रहे हैं। इसलिए लाठी तक भी चलाना डा. यादव जानता है। डा. होशियार सिंह  चाहते हैं कि एक बार जंगल में किसी ऐसे कुतरूं प्राचार्य के साथ मुकाबला हो जाए तो कुतयं एक मिनट से अधिक सामना नहीं कर पाएंगा। उनको ऐसे धराशाई किया जाएगा जैसे राक्षसों एवं दुष्टों का अंत  अंत अर्जुन और श्री कृष्ण ने पलभर में किया था। उनको ककड़ी सम तोड़ दिया जाएगा। ऐसे कुतरूं प्राचार्य के कारनामों को उजागर करने वाली किस्त 8 को पढ़ें---
  कुतरूं प्राचार्य सेवानिवृत्त होने जा रहे शिक्षकों से दुश्मनी पूरे जोश के साथ निभाता आया है या निभा चुका है। दो-तीन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति के समय कुतरूं प्राचार्य ने ऐसे हालात बनाएं कि सुनकर दर्द होता है। इस देश में नौकरी मिलना कई बार बहुत कठिन होता और नौकरी मिल भी जाए तो उसकी सेवानिवृत्ति निश्चित होती है। जो मेहनत के जज्बे से पूरी कर गये उनके साथ सभी को खड़ा रहना चाहिए लेकिन सेवानिवृत्ति के समय एक कुतरूं प्राचार्य तो छुट्टी ले भगे चूंकि उन्हें डर था कि कहीं सेवानिवृत्ति के दिन सेवानिवृत्ति पाने वाले शिक्षक को कहीं अपने हाथों से पगड़ी या फूलमाला न पहनानी पड़ जाए क्योंकि वह इस शिक्षक से बहुत ही डरता था, खौफ खाता था और वह नहीं चाहता था कि शिक्षक की सेवानिवृत्ति के दौरान स्वयं रहे। इसलिए पिछले और अगले कुछ दिनों में न तो कभी उन्होंने छुट्टी ली थी किंतु सेवानिवृत्ति के दिन ही छुट्टी ली। इससे साफ जाहिर हुआ कि उसकी मंशा अच्छी नहीं थी।
  सारे स्टाफ में बात फैल गई की कुतरूं प्राचार्य जानबूझकर छुट्टी ले गया परंतु स्टाफ और शिक्षक के साथी/दोस्त सदा साथ रहे, इसलिए शेर सिंह के साथ खड़े मिले। उनके साथी शेर सिंह शिक्षक जो सेवानिवृत्त हो रहा था उसके साथ खड़े मिले। शेर सिंह ने प्रशंसा भी की है कि स्टाफ बेहतर मिला किंतु कुतरूं प्राचार्य के न आने पर लोगों ने यही कहा कि इससे घटिया बात और कोई जीवन में नहीं हो सकती। शिक्षक कैसा भी रहा हो सेवानिवृत्ति और मृत्यु दो वक्त ऐसे होते हैं जब उनकी प्रशंसा अनिवार्य रूप से करनी पड़ती है। प्रशंसा भी नहीं की जाए तो कम से कम हाजिर रहने में कोई बुराई नहीं। शेर सिंह शिक्षक तो जाने माने शिक्षक रहे हैं जिन पर कोई उंगली उठाता है तो उसका दुश्मन हो सकता है बाकी कोई नहीं। आज भी हजारों हजार विद्यार्थी उन्हें याद करते हैं। शेर सिंह को मान सम्मान के साथ विदा किया जिससे कुतरूं की सारी योजनाएं फेल हो गई। जब कुतरूं प्राचार्य ने देखा कि उसकी खुद की सेवानिवृत्ति का समय आ गया है तो स्कूल के एक ऐसे गुट से जा मिला जो हमेशा कुतरूं प्राचार्य का विरोध कर रहा है/रहा था। ताकि प्राचार्य की सेवानिवृत्ति हो तो खूब मान सम्मान मिले। कभी शेर सिंह जैसा उसके साथ भी हाल ना हो जाए और हुआ भी वैसा ही। क्योंकि पूरे स्टाफ ने पहले से ही सोच रखा था कि जो दूसरों के साथ बुरी बीताता है उसके साथ भी बुरा बिताना चाहिए। हुआ यूं कि जिस दिन कुतरूं प्राचार्य सेवानिवृत्त होने थे, स्टाफ एक-एक करके दूर चला गया और कहा कि इन्होंने तो बहुत हमें दर्द दिया है। इसने तो शेर सिंह और दूसरे शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में आने तक का भी साहस  नहीं किया ऐसे में एक मायूस, भीगी बिल्ली जैसा मुंह करके वह निकृष्ट और कुतरूं प्राचार्य बैठ गया और कोई सम्मान नहीं दिया गया। आज तक स्टाफ उस दिन को याद करता है और कहता है कि इन्होंने शेर सिंह का साथ नहीं दिया इसलिए हम इसका साथ क्यों दे। सबसे बड़ी खुशी की बात थी कि जो स्टाफ को कुतरूं प्राचार्य के साथ था वह भी उस दिन विरोध में खड़ा देखा गया। कुतरूं ऐसे गया जैसे शेर सिंह एवं धनीराम गये थे।
   एक और उदाहरण सामने आया कि कुतरूं प्राचार्य की धनीराम शिक्षक से कभी नहीं बनी क्योंकि धनीराम ने एक दिन सरेआम कुतरूं प्राचार्य को गाली गलौज करनी पड़ी। चूंकि कुतरूं  प्राचार्य ने उसे एक दिन गाली गलौज किया था। बदले में तंग आकर धनीराम ने भी गाली गलौच करने के लिए बाध्य होना पड़ा था। परिणाम यह निकला कि धनीराम के सेवानिवृत्ति के दिन सारे स्टाफ को कुतरूं  प्राचार्य ने बहका दिया कि इसका सेवानिवृत्ति समारोह नहीं करेंगे। इसे बुरे तरीके से स्कूल से निकलेंगे। यह ऐसे जाएगा जैसे आम दिनों की तरह स्कूल की छुट्टी होने पर जाता है। परंतु धनीराम भी बहुत दिल के धनी थे। उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उसने कहा कि जो बुरा करेगा उसका भी बुरा होगा। आखिर सेवानिवृत्ति का धनीराम का दिन आ पहुंचा। उस दिन छुट्टी होने तक न तो स्टाफ को धनीराम की विदाई का कार्यक्रम करने दिया और न ही खुद किया। हां थोड़े बहुत शिक्षकों ने दबे मन से उनका विदाई समारोह एक कमरे में बैठकर जरूर कार्य किया। और दुख व्यक्त किया कि ऐसी कुतरूं प्राचार्य का अंत भी बुरा होगा। आखिर कुछ लोग धनीराम के अपने गांव के थे वो पहुंचे और धनीराम को सेवानिवृत्ति के दिन अपने स्तर पर मान सम्मान से के साथ ले जाने का निर्णय किया। गाड़ी एवं डीजे लेकर आए कुतरूं प्राचार्य की एक चाल भी नहीं चली क्योंकि कुतरूं के चमचाराम ने कुतरूं को एक सलाह दी कि धनीराम को स्कूल के बाहर से विदा किया जाए। स्कूल के अंदर से नहीं? यही नहीं धनीराम को पगड़ी भी नहीं पहनाने दी। केवल उसके साथ धनीराम के धनवान व्यक्ति आए थे उन्होंने उसे मुख्य दरवाजे पर पगड़ी पहनाकर, गाड़ी में बिठाया और बड़े ही अदब से घर ले गए। कुतरूं प्राचार्य का मुंह एक रुआंसे बंदर जैसा नजर आया।
 अब बारी आ गई कुतरूं प्राचार्य के सेवानिवृत्ति की। जब कुतरूं ने देखा कि अब तो बहुत बुरा कर लिया, लोग गाली दे रहे हैं तो उसने धनीराम और शेर सिंह के साथी रहे शिक्षक पर डोरे डालना शुरू किया। उसे अपनी तरफ करने के प्रयास में कई बार उसे मंच से सम्मानित किया। बहाना बनाया कि अच्छा शिक्षक है, बेहतरीन ढंग से पढ़ाता है। रामू शिक्षक ने खुद आश्चर्य व्यक्त किया कि उन्होंने न तो ऐसा कोई महान कार्य किया जिससे लोग आकर्षित हो फिर अचानक कुतरूं प्राचार्य क्यों चाहने लग गया लेकिन हमारे काबिल शास्त्री दोस्त बताते हैं कि अचानक किसी के प्रति अति लगाव कोई करता है तो उसके पीछे बुरी मंशा होती है, अच्छी मंशा नहीं। ऐसा एक कुतरूं प्राचार्य जब मरा तो उसके पूरे जीवन काल के स्टाफ सदस्यों में से दो सदस्य भी खड़े नहीं नजर आए। बल्कि लोग यह कहते रहे कि बहुत अच्छा हुआ ऐसा राक्षस धरा से चला गया। लोगों ने कहा कि इसके कारनामे गंदे रहे हैं। इसलिए कहा है-
बुरा करने वाले का खुद बुरा हो जाएगा,
दूसरों का हित करें वो जन आशीष पाएगा।
परहित का काम करें, जग में नाम कमाएगा,  
अहित करें जन का, कुत्ते सम










मारा जाएगा।।

Thursday, January 29, 2026



 




ब्रेन हेमरेज से संदीप रोहिल्ला का निधन, कनीना में शोक की लहर
--पत्रकार मनोज रोहिल्ला की मौसी के सुपुत्र थे संदीप
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कनीना की आवाज।
वार्ड नंबर 7 निवासी संदीप रोहिल्ला संकी (36) का ब्रेन हेमरेज के चलते निधन हो गया। वे स्वर्गीय सुरेश रोहिल्ला के पुत्र थे तथा पत्रकार मनोज रोहिल्ला की मौसी के सुपुत्र थे। संदीप के असामयिक निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मृतक के बड़े भाई प्रदीप रोहिल्ला ने बताया कि तीन दिन पहले संदीप को अचानक ब्रेन हेमरेज हो गया था। परिजन तत्काल उन्हें उपचार के लिए जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका लगातार इलाज चल रहा था। बावजूद प्रयासों के, बुधवार रात करीब 9 बजे संदीप ने अंतिम सांस ली। गुरुवार दोपहर परिजनों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। संदीप अपने परिवार में सबसे छोटे थे। परिवार में दो भाई और दो बहनें हैं। वे अपने पीछे छह वर्षीय एक बेटी को छोड़ गए हैं। कम उम्र में हुए इस निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
अंतिम यात्रा में क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग, समाजसेवी और रिश्तेदार शामिल हुए। इनमें बाबूलाल गोयल, शिबू पंसारी, सतीश गेरा, प्रधान बलवान सिंह आर्य, विनोद गुड्डू चौधरी, पिन्नू मित्तल, कनीना रोहिल्ला समाज के प्रधान नरेश रोहिल्ला, सुनील रोहिल्ला झज्जर, रामलीला कमेटी प्रधान मोहित जेलदार, अमित चिपू, कुमार राहुल, राकू सिंगला, भीम सिंह रोहिल्ला, शेर सिंह रोहिल्ला, रोहताश वर्मा, राकेश वर्मा, कमल वर्मा, धर्मपाल डीपी रसूलपुर, सूबे सिंह, संजय, नीटू ठेकेदार सहित बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। क्षेत्रवासियों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
फोटो: स्वर्गीय संदीप रोहिल्ला का फाइल चित्र




तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा एक ज्ञापन
-यूजीसी कानून में किए गए संशोधन के विरोध में
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कनीना की आवाज।
 क्षेत्र के जागरूक नागरिक, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हाल ही में सरकार द्वारा यूजीसी कानून में किए गए संशोधन के विरोध में तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय को एक ज्ञापन सौंपा । ज्ञापन में यूजीसी कानून को देश की उच्च शिक्षा, सामाजिक समरसता और संविधान के विपरीत बताते हुए इसे तुरंत निरस्त करने की मांग की गई है। आंदोलनकारियों ने तहसीलदार की अनुपस्थिति में तहसील राजस्व लेखाकार मोहनलाल ने ज्ञापन ग्रहण किया और इसे अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय तक पहुंचाने का आश्वासन दिया । ज्ञापन में कहा गया है कि नए संशोधन से छात्रों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे समाज जाति वर्ग में बंटेगा और स्वर्ण, ओबीसी, दलित व आदिवासी समाज में अविश्वास और टकराव बढ़ेगा। ज्ञापन में यूजीसी कानून में किए गए संशोधनों को तुरंत निरस्त किए जाने और शिक्षा से संबंधित कानून लागू करने से पूर्व शिक्षाविदों, छात्रों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं से सलाह मशविरा किए जाने की मांग की गई है, इसके अतिरिक्त आंदोलनकारियों ने फर्जी शिकायतों पर कठोर कार्यवाही, जांच टीम में सामान्य वर्ग के सदस्यों की उपस्थिति, जातिसूचक टिप्पणी या भेदभाव पर सजा, और पीडि़त एवं दोषी दोनों का नारको मैपिंग टेस्ट कराने की मांग की है।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इसे वापस नहीं लिया, तो आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर ओपी चौहान, रामानंद शर्मा, अरविंद कौशिक, सुमेर सिंह, पूर्व सरपंच नरेंद्र सिंह, पूर्व सरपंच सतपाल सिंह, नरपत सिंह कमांडो, संदीप सिंह सीनू, धर्मेन्द्र वशिष्ठ, विनोद तोबड़ा, श्याम सुंदर, विष्णु शर्मा, बीर सिंह चौहान, सुरेश कुमार, सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे ।






31 सालों की सेवा करके सेवानिवृत्त हो रहे हैं राजकुमार
-भोजावास में चला विदाई समारोह
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कनीना की आवाज।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजावास में स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार चौहान का विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. पीएचसी इंचार्ज डा.दीपांशु शर्मा ने की। उन्होंने साढ़े 31 सालों की सेवा कनीना, दोचाना एवं भोजावास में पूरी की है और अब भोजावास से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
इस विदाई समारोह की शुरूआत में पीएचसी इंचार्ज डा. दीपांशु एवं दंत चिकित्सा अधिकारी डा. दिनेश ने सेवानिवृत्त होने वाले स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार चौहान को पगड़ी एवं फूलमाला पहनाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पीएचसी के समस्त कर्मचारियों ने उन्हें माला पहनाकर एवं उपहार देकर सम्मानित किया एवं उनको बधाई दी। पूर्व प्रधान स्वास्थ्यकर्मी अनिल रसूलपुरिया, पूर्व प्रधान रणबीर सिंह, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश चौहान, सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षक कंवरपाल, शेरसिंह, रामानंद, बाबूलाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए और स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार चौहान को भाईचारे की पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया एवं उपहार देकर उनको बधाई दी! स्वास्थ्यकर्मी अनिल रसूलपूरिया ने बताया कि स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार चौहान ने अपना पूरा कार्यकाल बेदाग और ईमानदारी से कार्य करते हुए पूरा किया। इस अवसर पर  महिला स्वास्थ्य सुपरवाइजर सुनीता,नर्सिंग आफिसर प्रेमलता व पूनम,स्वास्थ्यकर्मी अमरजीत, प्रवीण,पंकज, विजय, कैलाश, जयश्री, बिना, पुष्पा, सीएचओ महेंद्र सिंह, आशीष, सचिन ने सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार को उपहार देकर सम्मानित किया। इस अवसर सभी महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों ने राजकुमार चौहान की धर्मपत्नी शारदा देवी को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार ने पीएचसी में एक त्रिवेणी लगाकर उसको पालने की जिम्मेवारी ली।
फोटो कैप्शन 06: राजकुमार के सेवानिवृत्ति में उन्हें विदाई देते हुए स्टाफ




कुष्ठ रोग निवारण दिवस-30 जनवरी
-एक लाख में केवल पांच लोगों में मिलता है कोढ़ का रोग-डा. जितेंद्र
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कनीना की आवाज।
  कुष्ठ रोग, जिसे कोढ़ के रूप में भी जाना जाता है धीमी गति से बढऩे वाले जीवाणुजनित रोग है। यह करीब एक लाख लोगों में पांच लोगों में मिलता है। इस रोग से भारत को सरकार 2027 तक मुक्त कर देगी।
यह बैक्टीरिया धीरे-धीरे बढ़ता है और इसके लक्षण दिखने में करीब 20 साल लग सकते हैं। कुष्ठ रोग अत्यधिक संक्रामक रोग नहीं है और शीघ्र निदान और प्रबंधन के साथ, संक्रमण को ठीक किया जा सकता है।
यह मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिका तंत्र, त्वचा, आंखों और शरीर के अन्य ऊतकों जैसे को प्रभावित करता है। कनीना उप नागरिक अस्पताल के डा. जितेंद्र मोरवाल बताते हैं कि यह दो प्रकार का होता है जिसमें बहती नाक, सूखी सिर की त्वचा, आंखों की समस्या, मांसपेशियों में कमजोरी, नाक से खून बहना आदि हैं। यदि  रोग का इलाज नहीं किया जाता है, तो पक्षाघात और हाथ-पैर का पंगु होना,पैरों के तलवों पर छाले जो ठीक नहीं होते,अंधापन,भौंहों का न होना,नाक की विकृति,त्वचा में जलन महसूस होना आदि प्रमुख हैं।
यदि आप अपने शरीर पर कुष्ठ संबंधी लक्षणों को देखते हैं तो आप प्राथमिक देखभाल चिकित्सक से परामर्श कर सकते हैं। डाक्टर आपको कुष्ठ रोग विशेषज्ञ, सामान्य चिकित्सक या त्वचा विशेषज्ञ के पास भेज सकते हैं।
  उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग चिकित्सक कुष्ठ रोग के संकेतों और लक्षणों को देखने के लिए नैदानिक परीक्षण करेगा।  
कुष्ठ रोग के इलाज के लिए विभिन्न लेप्रोस्टेटिक एजेंटों का उपयोग किया जाता है। मल्टीड्रग थेरेपी (एमडीटी) को अत्यधिक प्रभावी उपचार माना जाता है और एक खुराक के बाद भी पीडि़त व्यक्ति संक्रामक नहीं रहता है।
फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र मोरवाल





प्राचार्य की सूझबूझ से अपने ही साथी प्रवक्ता की बची जान
- वर्तमान में रोहतक पीजीआई में चल रहा है इलाज और वे सकुशल
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कनीना की आवाज।
 एक प्राचार्य की सूझबूझ से अपने ही साथी प्रवक्ता की जान बच गई। अगर देरी हो जाती तो शायद बचना भी मुश्किल हो जाता।
 कनीना उप मंडल के गांव खेड़ी तलवाला में कार्यरत प्राचार्य धर्मवीर सिंह पोता निवासी के साथ आदमपुर मंडी से प्राध्यापक शैलेश मेहता पीजीटी अंग्रेजी खेड़ी तलवाना में कार्यरत है। करीब 1 साल से कनीना मंडी में किराए के मकान में श्री मेहता रह रहा है और प्रतिदिन खेड़ी तलवाना स्कूल जाता है। स्कूल का समय प्रात: 9:30 का चल रहा है। गुरुवार को जब शैलेश मेहता स्कूल नहीं पहुंचे तो प्राचार्य धर्मवीर ने श्री मेहता से पूछना चाहा कि क्यों स्कूल में नहीं आए। इसलिए उन्होंने बार-बार उनके पास फोन किया अपने साथियों से भी फोन करवाया किंतु शैलेश मेहता ने फोन नहीं उठाया। क्योंकि हाजिरी रजिस्टर पूरा करना होता है। ऐसे में उन्होंने कनीना से संबंध रखने वाले एचकेआरएन कर्मचारी सुरेंद्र सिंह को स्कूल से उनके मकान पर भेजा और स्कूल न आने का कारण जानना चाहा। प्राचार्य बताते हैं कि श्री मेहता कभी भी स्कूल में देरी से नहीं पहुंचते इसलिए उन्हें शक हो गया कि कहीं कोई अनहोनी तो नहीं हो गई। और कहा कि कनीना मंडी में शैलेश मेहता के पास जाकर बताओ कि वह स्कूल क्यों नहीं आ रहे हैं? जब सुरेंद्र कनीना उनके मकान पर गया तो अंदर से कुंडी लगी हुई थी बार-बार आवाज लगाई किंतु कुंडी नहीं खोली तो सुरेंद्र सिंह कनीना ने प्राचार्य को धर्मवीर को अवगत करवाया कि कुंडी लगी हुई है और कोई अंदर से आवाज नहीं आ रही और न ही कुंडी को खोल रहे। प्राचार्य धर्मवीर सिंह ने किसी अनहोनी को भांपते हुए उनसे कहा कि  तुम दरवाजा तोड़ दो और आसपास के लोगों को बुला लो। सुरेंद्र कनीना ने तत्परता दिखाते हुए आसपास के लोगों को बुलाया और दरवाजा तोड़ दिया। देखकर दंग रह गये कि अंगीठी जलाने के कारण वह अचेत अवस्था में पड़ा था। शायद रात को सोते समय कोयले की अंगीठी बंद कमरे में जलाई होगी। उन्होंने यह सूचना तुरंत प्राचार्य को बताई। प्राचार्य ने अपने स्टाफ के पांच कर्मचारियों को तुरंत उनके कमरे पर भेजा। अचेत अवस्था में शैलेश मेहता को निकाला गया और कनीना के उप नागरिक अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार किया गया किंतु उनकी गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पीजीआइएमएस रोहतक रेफर कर दिया। प्राचार्य धर्मवीर ने अपने स्टाफ सदस्यों प्रवक्ता इंद्रजीत सिंह तथा प्रवक्ता ईश्वर सिंह को तुरंत शैलेश मेहता को पीजीआइएमएस रोहतक ले जाने का आदेश दिया। वे तुरंत रोहतक ले गए तथा शैलेश मेहता के परिजनों को भी रोहतक की बुला लिया गया। श्री मेहता को रोहतक में दाखिल करवाया गया। डाक्टरों ने उनकी जान बचा ली।  प्राचार्य धर्मवीर ने बताया कि उसके परिजनों का बार-बार उन्हें धन्यवाद एवं आभार मिल रहा है और डाक्टरों का भी कहना है कि अगर देरी हो जाती तो जान बचाना मुश्किल हो जाता क्योंकि अंगीठी जलाकर प्रवक्ता बंद कमरे में सो गए थे। इसलिए आक्सीजन अभाव में कार्बन मोनोआक्साइड गैस बन गई और वह अच्छी अचेत अवस्था में चले गए परंतु प्राचार्य की बार-बार प्रशंसा की जा रही है क्योंकि उनकी
सूझबूझ के चलते ही उनकी जान बच पाई है। उल्लेखनीय की हर वर्ष बंद कमरे में अंगीठी जलाकर अनेक लोग सो जाते हैं किंतु फिर वे उठ नहीं पाते क्योंकि आक्सीजन अभाव में कार्बन मोनोआक्साइड जहरीली गैस बन जाती है जो कितने लोगों के प्राण ले लेती है। आज प्राचार्य खेड़ी तलवाना की भूरि भूरि प्रशंसा हो रही है तथा उन्हें राष्ट्रपति से सम्मानित किए जाने की मांग उठ रही है।
फोटो कैप्शन: शैलेश मेहता





युवा संसद में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा     
-सीहोर के विद्यार्थियों का रहा दबदबा   
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कनीना की आवाज।
 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीहोर में बृहस्पतिवार को युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।,कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बहुत ही बहुत उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने सशक्त अभिनय व विचारों के माध्यम से  लोकतांत्रिक प्रक्रिया को जीवंत प्रस्तुति दी । युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोकतंत्र संविधान और संसदीय प्रणाली  का  परिचय दिया, विद्यार्थियों की प्रस्तुति से बहुत ही बहुत सराहनीय रही और उपस्थित सभी अतिथियों ने उनके आत्मविश्वास में मित्रता क्षमता की बहुत-बहुत प्रशंसा की। इस अवसर पर से वरिष्ठ प्रवक्ता  मोहम्मद रमजाऩ, विनोद नापा,  अमित  काजल,, डाराकेश कुमार प्रवक्ता डाइट महेंद्रगढ, डा. संजय कुमार शर्मा, प्रवक्ता राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अकबरपुऱ बाबूलाल जी प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुंदराह,डा. ईश कुमार, प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कारौली, प्रवक्ता श्प्रियंका राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक माध्यमिक विद्यालय बेरी,प्रवक्ता  अनूप कुमार, प्रवक्ता दयानंद जी, प्राचार्य हरीश कुमार यादव, डा. हिम्मत सिंह ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। स्टाफ सदस्य  कमलेश , नीरज  , सुशीला  विक्रम सिंह पीटीआई, करण सिंह महेश कुमार  सत्य प्रकाश  शालू,  सुमन कुमारी आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05: संबंधित फोटो है



स्कूल में मनाया गया राष्ट्रीय अखबार दिवस    
-अगिहार स्कूल में चला कार्यक्रम  
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कनीना की आवाज।
 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अगिहार में गुरुवार को राष्ट्रीय समाचार दिवस मनाया गया इसी दिन 1780 ई का भारत का पहला समाचार पत्र बंगाल गजट अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित हुआ था कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या पूनम यादव ने की। विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन  कौशिक  ने विद्यार्थियों को समाचार पत्रों के महत्व के बारे में बताया तथा उन्हें दैनिक जीवन का अनिवार्य अंग करार दिया उन्होंने विद्यार्थियों को समाचार पत्रों के विभिन्न सोपानो जैसे मुख्य पृष्ठ, संपादकीय,स्थानीय व क्षेत्रीय समाचार, देश-विदेश, अर्थ जगत, खेल जगत,मनोरंजन तथा विज्ञापन के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे समाचार पत्र नियमित रूप से पढ़ें तथा अपने ज्ञान में वृद्धि करने के साथ-साथ भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अपने आप को तैयार करें ।इस अवसर पर कक्षा आठवीं की छात्रा साइना ने आज के समाचारों का वाचन किया तथा कल्पना ने अखबारों के महत्व पर कविता सुनाई । इस कार्यक्रम में विद्यालय  के प्रवक्ता अजय कुमार बंसल,राजेंद्र कटारिया, निशा जांगड़ा,धर्मेंद्र डीपीई, कैलाश देवी, पूनम कुमारी, शशि कुमारी,राकेश कुमार,सुरेंद्र सिंह, मुख्य शिक्षक रतनलाल, प्रमोद कुमार तथा प्रीतम  सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।       
फोटो कैप्शन 04: अखबार दिवस मनाते हुए




गायों के चारे के लिए दिए 19000 रुपए
- वीरेंद्र सिंह एसए हर वर्ष देते हैं योगदान
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कनीना की आवाज।
 कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला वीरेंद्र सिंह एसए वासी मकराना, चरखी दादरी निवासी ने 19000 रुपए गायों के चारे के लिए दान दिये हैं।
 मिली जानकारी अनुसार हर वर्ष वीरेंद्र सिंह एसए कुछ न कुछ गायों के लिए जरूर योगदान देते आए हैं। कनीना की कनीना श्रीकृष्ण गौशाला की समस्त कार्यकारिणी ने वीरेंद्र सिंह एसए का अभिनंदन किया।
 इस मौके पर भगत सिंह प्रधान गगौशाला ने बताया कि पिछले करीब 6 महीने से गौशाला के प्रति लोगों का रुझान बढ़ता जा रहा है। एक और जहां गायों को गोद लेने की नई परंपरा शुरू की गई थी जिसके तहत आशातीत परिणाम प्राप्त हुए हैं। 500 से भी अधिक गायें गोद ली जा चुकी हैं। वहीं गए गौशाला में घूमने फिरने के लिए भी प्रबंध किया जा रहा है। जल्द ही यह प्रबंध पूरा कर लिया जाएगा। जहां गायों के लिए सेवा भी बढ़ गई है। उनके लिए सर्दी, गर्मी, बरसात से बचाने के व्यापक प्रबंध किए हैं। वही अब गौशाला अग्रणी गौशालाओं में शामिल हो चुकी है। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में प्रतिदिन सैकड़ों लोग न  केवल गायों को देखने के लिए आते हैं अपितु गौशाला में किये जा रहे विकास कार्यों को भी देखने के लिए आते हैं। जो भी कोई गौशाला में आता है वह प्रसन्नचित लौटता है। यह कनीना गौशाला के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। अभी तक श्रीकृष्ण गौशाला में दर्जनों प्रधान रह चुके हैं किंतु यहां उल्लेखनीय है कि जब से भगत सिंह ने कार्यभार संभाला है गौशाला को चार चांद लगा दिये हैं। गौशाला का नाम आज हर व्यक्ति की जुबान पर है। जिस भी किसी से पूछा जाए वह गौशाला की बड़ाई करता मिलता है। यह न केवल कनीनावासियों के लिए अपितु भगत सिंह और गौशाला के लिए सम्मान का विषय बन गया है।
इस मौके पर मास्टर राम प्रताप यादव, सहसचिव रामपाल यादव, सचिव यश यादव, उप प्रधान रविंद्र बंसल, बलवान आर्य, कृष्ण कुमार गुरुजी, उप प्रधान दिलावर सिंह, डा. नीरज, डा. महेश यादव आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 01: गौशाला में दान देते वीरेंद्र एसए मकराना




गुरुचरण गुप्ता ने 11000 रुपए का दिया सहयोग
-संत मोलडऩाथ आश्रम भवन निर्माण कार्य जारी
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कनीना की आवाज।
कनीना के संत मोलडऩाथ मंदिर निर्माण कार्य में गुरुचरण गुप्ता अपने पुत्र अनीश गुप्ता सचिन गुप्ता व मनीष गुप्ता के साथ बाबा मोलडऩाथ मंदिर में पहुंचे। उन्होंने मंदिर निर्माण कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह प्रतिदिन मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। आज अनीश गुप्ता ने उनसे 11000 रुपए की सहयोग राशि दी। मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव को देते हुए कहा कि आगे भी हम पूरी कोशिश करेंगे और सहायता राशि देने की मंदिर का कार्य बहुत ही सुंदर और सराहनीय लगा। यह देखकर दिल खुश होता है कि हमारे बाबा मोलडऩाथ का पुराना धाम है अब इसका नवीनीकरण होने के पश्चात यह अपना भव्य रूप ले रहा है।
 इस मौके पर मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने भी गुरु चरण गुप्ता के इस सहयोग के लिए दिल से आभार वक्त किया और उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर बलबीर साहब, लाल सिंह, मास्टर अनिल, अशोक डीपी, शिवकुमार, प्रकाश साहब, रमेश कुमार, अनीश गुप्ता, बाबा रामनिवास, मुकेश शर्मा ,लाल सिंह व अन्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: गुरुचरण गुप्ता परिवार को स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए















कनीना क्षेत्र में सुबह पड़ी धुंध, बाद में खुला मौसम
 -ठंड का कहर जारी
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र  धुंध पड़ी। साथ में एक बार फिर से ठंड बढ़ गई है। धीरे-धीरे सूर्य उदय के बाद धुंध समाप्त हो गई। धुंध फसलों के लिए लाभप्रद बताया जा रहा है। लगातार क्षेत्र में मौसम बदल रहा है।
पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज ने बताया कि धुंध से फसलों में पानी की आपूर्ति होती है और जिन फसलों में पानी की अधिक आवश्यकता होती है उनकी आपूर्ति होने से फसलों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में धुंध पडऩा अच्छा होता है  किंतु लंबे समय तक जब धुंध पड़ती है तो नुकसान होने का अंदेशा बना जाता है। कनीना क्षेत्र में इस समय गेहूं की फसल छोटी है जबकि सरसों की फसल में फूल आ चुके है। वही कनीना क्षेत्र में कई बार धुंध पड़ी है।  कनीना क्षेत्र में लगातार मौसम बदलने के कारण के चलते भी इस बार फसल बेहतर होने का अंदेशा है। इस बार सर्दी के दिनों में दो-तीन दिन पाला भी जमा है। सर्दी के मौसम में दो बार हल्की वर्षा भी हुई है।
फोटो कैप्शन 03: कनीना क्षेत्र में फसलों पर छाई धुंध

Wednesday, January 28, 2026



 



गायों के चारे के लिए दिए 19000 रुपए
- वीरेंद्र सिंह एसए हर वर्ष देते हैं योगदान
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कनीना की आवाज।
 कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला वीरेंद्र सिंह एसए वासी मकराना, चरखी दादरी निवासी ने 19000 रुपए गायों के चारे के लिए दान दिये हैं।
 मिली जानकारी अनुसार हर वर्ष वीरेंद्र सिंह एसए कुछ न कुछ गायों के लिए जरूर योगदान देते आए हैं। कनीना की कनीना श्रीकृष्ण गौशाला की समस्त कार्यकारिणी ने वीरेंद्र सिंह एसए का अभिनंदन किया।
 इस मौके पर भगत सिंह प्रधान गगौशाला ने बताया कि पिछले करीब 6 महीने से गौशाला के प्रति लोगों का रुझान बढ़ता जा रहा है। एक और जहां गायों को गोद लेने की नई परंपरा शुरू की गई थी जिसके तहत आशातीत परिणाम प्राप्त हुए हैं। 500 से भी अधिक गायें गोद ली जा चुकी हैं। वहीं गए गौशाला में घूमने फिरने के लिए भी प्रबंध किया जा रहा है। जल्द ही यह प्रबंध पूरा कर लिया जाएगा। जहां गायों के लिए सेवा भी बढ़ गई है। उनके लिए सर्दी, गर्मी, बरसात से बचाने के व्यापक प्रबंध किए हैं। वही अब गौशाला अग्रणी गौशालाओं में शामिल हो चुकी है। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में प्रतिदिन सैकड़ों लोग न  केवल गायों को देखने के लिए आते हैं अपितु गौशाला में किये जा रहे विकास कार्यों को भी देखने के लिए आते हैं। जो भी कोई गौशाला में आता है वह प्रसन्नचित लौटता है। यह कनीना गौशाला के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। अभी तक श्रीकृष्ण गौशाला में दर्जनों प्रधान रह चुके हैं किंतु यहां उल्लेखनीय है कि जब से भगत सिंह ने कार्यभार संभाला है गौशाला को चार चांद लगा दिये हैं। गौशाला का नाम आज हर व्यक्ति की जुबान पर है। जिस भी किसी से पूछा जाए वह गौशाला की बड़ाई करता मिलता है। यह न केवल कनीनावासियों के लिए अपितु भगत सिंह और गौशाला के लिए सम्मान का विषय बन गया है।
इस मौके पर मास्टर राम प्रताप यादव, सहसचिव रामपाल यादव, सचिव यश यादव, उप प्रधान रविंद्र बंसल, बलवान आर्य, कृष्ण कुमार गुरुजी, उप प्रधान दिलावर सिंह, डा. नीरज, डा. महेश यादव आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 6: गौशाला में दान देते वीरेंद्र एसए मकराना






सिहोर में किया बच्ची के जन्म पर कुआं पूजन
--अतरलाल ने दिया आशीर्वाद
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कनीना की आवाज।
जिला के सिहोर गांव निवासी मोतीलाल प्रजापत के परिवार में कन्या जन्मोत्सव पर कुआं पूजन कर खुशियां मनाई गई। प्रमुख समाजसेवी अतरलाल ने कन्या जन्म पर कुआं पूजन करने के लिए कन्या की माता प्रियंका देवी व परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मोतीलाल प्रजापत के परिवार ने कन्या जन्म पर कुआं पूजन कर बेटा-बेटी की समानता का संदेश देकर ऐतिहासिक कार्य किया है। इससे समाज के दूसरे लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने लोगों से लड़कों के समान बेटियों की परवरिश करने तथा उन्हें शिक्षित करने की अपील की। कन्या के दादा मोतीलाल तथा पिता नरेन्द्र ने कहा कि लड़कियां परिवार का सौभाग्य होती हैं। आज विकास के सभी क्षेत्रों में लड़कियां कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। इस अवसर पर दावत आयोजित की गई। जिसमें सैकड़ों स्नेहीजनों ने शिरकत की।
फोटो कैप्शन 05: कन्या जन्म पर कुआं पूजन करते हुए कन्या की माता प्रियंका।




लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर किया याद
--कनीना मंडी में चला कार्यक्रम
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कनीना की आवाज।
कनीना में स्वतंत्रता सेनानी, अमर बलिदानी, पंजाब केसरी लाला लाजपतराय की जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि अतरलाल एडवोकेट ने लाला लाजपतराय की मूर्ति पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। अध्यक्षता व्यापार मंडल कनीना के प्रधान पूर्णचंद ने की।
  मुख्य अतिथि अतरलाल ने लाला लाजपतराय के साथ इलाके के प्रमुख  स्वतंत्रता सेनानी आरडी सोमानी (खोल), राव सोहनलाल (लूखी), लाला बंशीधर गुप्ता (कनीना),  रामेश्वर सिंह चौहान (कांटी खेड़ी), मातादीन शर्मा (खुडाना) तथा अनेक ज्ञात व अज्ञात शहीदों  को नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का जीवन तथा बलिदान हमें देशप्रेम, राष्ट्र भक्ति तथा समाजसेवा का संदेश देता है। उन्होंने लाला लाजपतराय को प्रखर देशभक्त, ओजस्वी वक्ता, आर्य समाज प्रचारक, पंजाब नेशनल बैंक का संस्थापक सदस्य बताते हुए लोगों से उनके विचारों को अपनाने की अपील की। श्रीकृष्ण गौशाला के उपप्रधान रविन्द्र बंसल, राजनैतिक व सामाजिक विश्लेषक व चिंतक श्रीभगवान गौतम, पदमेन्द्र जांगड़ा व मास्टर बुधराम ने लाला लाजपतराय को स्वतंत्रता सेनानियों का प्रकाश स्तम्भ बताते हुए कनीना में जयंती मनाने के लिए प्रजा भलाई संगठन के सदस्यों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर व्यापार मंडल उपप्रधान महेन्द्र बचीनी, भीमसेन गोयल, सुभाष गेरा, अशोक कुमार, पूर्णचंद, नीटू जांगड़ा, मास्टर बुधराम, बनवारीलाल महाशय, हरिकिशन बंसल, सतीश गुप्ता, प्रवीन लखेरा, दीपक वर्मा, जगदीश प्रसाद, प्रदीप शर्मा, बलवंत सिंह, मुंशीराम गुप्ता, माडूराम, पदमेन्द्र जांगड़ा, रविन्द्र बंसल, श्रीभगवान गौतम, राजेन्द्र पंच, सरजीत सिंह, संजय स्वामी, औमप्रकाश, धर्मबीर, धर्मपाल, विजय सिंह सहित सैकड़ों मौजीजान उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 04: लाला लाजपत राय को याद करते हुए




शिक्षक एवं समाजसेवी निर्मल कुमार होंगे 31 को सेवानिवृत्त
--शास्त्री के नाम से जाने जाते हैं निर्मल
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कनीना की आवाज।
कनीना से महज 12 किमी दूर नांगल हरनाथ निवासी शिक्षक एवं समाजसेवी निर्मल कुमार 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होंगे। 22 जनवरी 1968 को नांगल हरनाथ में जन्मे निर्मल कुमार के पिता राम अवतार व माता का नाम मेवा देवी भी समाजसेवी रहे हैं।
  निर्मल कुमार ने 1998 में राजकीय प्राथमिक पाठशाला बुचावास में जेबीटी अध्यापक के पद पर कार्य ग्रहण किया था। फरवरी 2012 मे राजकीय माध्यमिक विद्यालय नांगल मोहनपुर में तबादला हो गया था। 2016 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह में तबादला हुआ। अगस्त 2018 में संस्कृत के अध्यापक पर पदोन्नति होने पर  रेवाड़ी जिले के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय बव्वा में 1 वर्ष की सेवा पूर्ण की। सितंबर 2019 में संस्कृत अध्यापक के पद पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बूचावास में तबादला हो गया और अब बूचावास से ही सेवानिवृत्त होंगे। 27 वर्ष 5 महीने की जेबीटी व संस्कृत अध्यापक के पद पर अपनी सरकारी सेवाएं दी है।
 निर्मल कुमार भारतीय मजदूर संघ, सर्व कर्मचारी संघ,राजकीय अध्यापक संघ आदि संगठनों में काम करते हुएसमय-समय पर कर्मचारियों की मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया है। वे आरएसएस के भी समर्थक एवं सदस्य रहे हैं।
फोटो कैप्शन : निर्मल कुमार




खबर डालकर फोन तक नहीं करने वालों के समाचार नहीं छापेंगे
-बार-बार फोन करते हैं फोन तक नहीं उठाते
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कनीना की आवाज।
 कैसी विडंबना है कि समाचार छपवाने वाले कुछ लोग तो व्हाट्सअप पर समाचार भेजकर फोन तक नहीं करते। और जब उनको फोन मिलाया जाए तो फोन भी नहीं उठाते। पत्रकार के लिए समाचार संकलन करना बहुत कठिन काम होता है। एक पत्रकार सुबह से शाम तक समाचार संकलन करता है फिर उनको टाइप करके भेजता है। पूरा दिन उसका बर्बाद हो जाता है, धन भी खर्च होता है किंतु कुछ समाचार छपवाने वालों की आदत बन गई है कि समाचार व्हाट्सएप पर डाल देते हैं और समझते हैं कि उनका समाचार लग जाएगा। कुछ तो ऐसे समाचार भेजने वाले हैं जिन्होंने आज तक कभी फोन तक नहीं किया। एक पत्रकार के पास सैकड़ों की संख्या में व्हाट्सअप संदेश आते हैं। जब तक फोन नहीं करेंगे तब तक पत्रकार को कैसे पता चलेगा कि किसी ने कोई खबर भेजी है। इसलिए जो भी कोई समाचार भेजता है वह फोन अवश्य करें। कई बार फोन समाचार में कुछ त्रुटियां रह जाती है या कोई बात पूछनी होती है तो उसे स्पष्ट करने के लिए पत्रकार भी फोन करते हैं। ऐसे में वो फोन तक भी नहीं उठाते। कृपया ऐसे लोग समाचार न भेजें जो कम से कम एक फोन तक भी नहीं कर सकते। फोन करने से परिचय भी होता है तथा भविष्य के लिए भी समाचार छपवाने के द्वार खुलते हैं। वैसे तो समाचार पत्रों का ट्रेंड चल रहा है कि जो विज्ञापन देगा उन्हीं के अधिक समाचार प्रकाशित होते हैं किंतु कुछ तो ऐसे लोग हैं  जो रोजाना ही अपना समाचार छपवाना चाहते हैं। तो कृपया थोड़ा सा सावधान रहे।




 बाबा भैया लाइब्रेरी ककराला में 2026 कैलेंडर का विमोचन
--अध्ययनरत विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
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कनीना की आवाज।
बाबा भैया लाइब्रेरी के विचार संगोष्ठी के कार्यक्रम में नव वर्ष 2026 के कैलेंडर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय कंवाली के प्राचार्य डा. कर्मवीर, लाइब्रेरी से जुड़े पाठकों एवं ग्राम के गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। कैलेंडर का विमोचन संस्था द्वारा लाइब्रेरी में नियमित रूप से अध्ययन कर रहे पाठकों की तस्वीर जारी करते हुए किया गया।
इस कैलेंडर में गांव के कुल देवता बाबा भैंया की पावन फोटो को प्रमुख रूप से स्थान दिया गया है, जिससे ग्रामीण संस्कृति और आस्था को सम्मान मिल सके। कैलेंडर में उत्तर भारत के सभी प्रमुख व्रत, पर्व और त्यौहार दर्शाए गए हैं, जिससे यह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी उपयोगी बन गया है।
इसके साथ ही, कैलेंडर में लाइब्रेरी से जुडऩे एवं इस शैक्षिक मुहिम को सहयोग देने हेतु विशेष क्यूआर कोड भी दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग बाबा भैया लाइब्रेरी के कार्यों से जुड़ सकें और शिक्षा के इस अभियान को आगे बढ़ा सकें।
 उल्लेखनीय है कि बाबा भैया लाइब्रेरी का संचालन बाबा भैया सेवा दल समाजसेवी संस्था द्वारा किया जा रहा है, जो निरंतर शिक्षा, पर्यावरण जागरूकता और सामाजिक उत्थान के लिए कार्यरत है।
संस्था के अध्यक्ष मास्टर रामनिवास ने बताया कि इस कैलेंडर का उद्देश्य केवल तिथियों की जानकारी देना नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने इस पहल की सराहना की।
इस अवसर पर स्टेट अवार्डी मास्टर बनवारी लाल, कंवर सिंह नंबरदार, विद्यालय एसएमसी प्रधान बाबूलाल स्वामी, प्रधान योगेश कुमार, शांतिलाल नंबरदार, ग्राम विकास कमेटी कोषाध्यक्ष प्यारेलाल, लाल सिंह चौकीदार, राज सिंह, सचिव महेश कुमार, सह सचिव रामपाल, कार्यालय प्रबंधक दिनेश सोनी, सोनम लाइबेरियन, यश शर्मा सहित लाइब्रेरी के छात्र मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: बाबा भैया लाइब्रेरी में वर्ष 2026 का कैलेंडर जारी करते हुए





दूसरे दिन भी छाए रहे बादल, हुई हल्की बूंदाबांदी
--विगत दो दिनों जमा था पाला
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कनीना की आवाज।
  कनीना क्षेत्र में बुधवार को दूसरे दिन भी आकाश में दिनभर बादल छाए रहे। मंगलवार को भी बादल छाए रहे थे और वर्षा भी हुई थी। कनीना क्षेत्र में जहां दो दिनों तक पाला जमने के बाद दो दिनों से बादल छाए हुए हैं। पाले से फसल को नुकसान भी हो चुका है ऐसे में किसान टकटकी लगाकर बादलों की ओर तो कभी फसलों की ओर देख रहे हैं। कनीना क्षेत्र में जहां 18000 हेक्टेयर पर सरसों 8000 हेक्टेयर पर गेहूं की बिजाई की हुई है। सरसों में फलियां आ गई और जल्द ही पकान की ओर चली जाएगी। किसानों का कहना है कि इस समय वर्षा फसलों के लिए लाभप्रद साबित हो सकती है किंतु लगातार पाला जमना फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं साबित होगा। उनका कहना है किसानों का कहना है कि सर्दी का पडऩा भी जरूरी है, धुंध और कोहरा भी नुकसानदायक नहीं हैं लेकिन लगातार पाला जमना और सूर्य का दिखाई नहीं देना फसलों के लिए घातक साबित हो सकते हैं। कृषि वैज्ञानिक भी यही मानते हैं। इस समय जहां फसलों में पहले से दो बार पाले का नुकसान हो चुका है। जब कभी बादल छाए होते हैं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लग जाती है। किसानों का मानना है कि यदि बेहतर फसल पैदावार होगी तो किसानों की माली हालत में सुधार होगा।
 फोटो कैप्शन 03: आकाश में छाए हुए बादल






किसानों का दुश्मन बना हुआ है सरसों का मामा, पशु इसे खाते हैं
--इस परजीवी पौधे को ओरोबंचे नाम से भी जाना जाता है
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में जहां सरसों में इस समय सरसों का मामा जिसे ओरोबंचे नाम से भी जाना जाता है भारी मात्रा में खड़ा हुआ है। किसान इससे परेशान हो चले हैं चूंकि इसे खत्म करने की कोई खरपतवारनाशी नही है। यह एक परजीवी पौधा होता है जो सरसों, बैंगन, टमाटर, आक आदि फसलों एवं पौधों की जड़ों पर खड़े मिलते हैं। जिस प्रकार अमरबेल का रंग हरा नहीं होता उसी प्रकार ओरोबंचे का रंग भी हरा न होकर सफेद होता है। जिसके सफेद और बैंगनी फूल आते हैं। जब ये बीज पक जाते हैं तो  बिखर जाते और अगले वर्ष फिर से उग जाते हैं। उनकी सबसे बड़ी विशेषता है कि ये फसलों की जड़ों पर उगते हैं इसलिए इनको किसी दवा से नष्ट करना भी मुश्किल है क्योंकि जिस पौधे की जड़ों पर उगते हैं उसको भी दवा का नुकसान होने का खतरा बना होता है। कृषि वैज्ञानिक मानते हैं कि ओरोबंचे को हाथों से उखाडऩा जरूरी होता है। यह पौधा अपना भोजन नहीं बनाता और धीरे-धीरे सरसों और जिस भी पौधे की जड़ पर उगता उसका रस चूसते चूसते उसे कमजोर बना देता है। अंत से पौधा खत्म हो जाता है।
 किसान सूबे सिंह, श्रीभगवान, योगेश, रोहित आदि ने बताया कि यह पौधा इस समय अर्थात सर्दी के मौसम में उगते हैं और सरसों में बहुत अधिक मिलते हैं। कभी कभार किसान इनको उखाड़ कर पशु को जरूर खिलाते हैं क्योंकि खरपतवार हैं। उनका कहना है कि इस पौधे के बारे में बहुत से किसान नहीं जानते और यह खेतों में यूं ही खड़े रहते हैं जबकि इनका उखाड़ कर फेंक देना चाहिए। इसकी के कारण खेतों में पैदावार घट जाती है। पूर्व विषय विशेषज्ञ डा. देवराज का कहना है कि यह पौधे खरपतवार एवं परजीवी  हैं और फसलों के लिए नुकसानदायक है।
 फोटो कैप्शन 02: किसान सरसों का मामा पौधा दिखाते हुए




हिंदु सम्मेलन में पहुंचेंगे हजारों हिंदु
-8 फरवरी









को पाली में आयोजित होगा सम्मेलन
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कनीना की आवाज। संघ के शताब्दी वर्ष में होने वाले चार कार्यक्रमों की शृंखला में चौथे और अंतिम कार्यक्रम हिंदू सम्मेलन जो मंडल स्तर पर होने हैं। इनको आकर्षक और ऐतिहासिक बनाने के लिए पाली मंडल के कार्यकर्ताओं ने दिन-रात एक कर दिया है। इस क्रम में निरंतर छोटी-छोटी बैठकों का आयोजन करके सम्मेलन में पहुंचने की योजना बनाई जा रही है। इस क्रम में पाली मंडल के गांव झाखड़ी में कार्यक्रम में पहुंचने की योजना बनाने की एक बैठक संयोजक दशरथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में अमित, पवन, राकेश, महेश, सुंदर, ईश्वर, विक्रम, विकास, प्रवीण, संजय, बनवारी लाल, नाथाराम, रोशन लाल, तुलसीराम, सतवीर फौजी, संदीप फौजी, हवा सिंह आदि की उपस्थिति में गांव से 301 महिला पुरुषों की टोली ढोल नगाड़े के साथ 8 फरवरी को बाबा जयरामदास आश्रम पहुंचने का आश्वासन दिया। साथ ही पारंपरिक परिधान पहनकर सौ युवाओं की टोली उस दिन हिंदू सम्मेलन में पहुंचे इसके लिए भी योजना बनाई गई। नहड़ा गाने वाली एक टोली कार्यक्रम में मनोरंजन के लिए अपनी प्रस्तुति देगी। इसी क्रम में पालड़ी परिहार में महिला और पुरुषों की बैठक आयोजित की गई और पाली में ललिता भारद्वाज हेमलता के सानिध्य में महिलाओं की एक बैठक में कलश यात्रा की योजना बनाई गई।
 इन बैठकों को संबोधित करते हुए कैलाश पाली ने कहा कि भाषा- भूसा ,देश- वेश ,भाव- भजन ओर भोजन यह सब स्वदेशी हो गंगा गीत गायत्री गौ माता में आस्था हो वो सब भारतीय हिंदू हैं और उन सब के लिए हिंदू सम्मेलनों के दरवाजे खुले हैं। यह एक स्वर्णिम युग है जिसमें हम समाज में फैली कुरीतियों को नष्ट करके समरस समाज की स्थापना की ओर बढ़ रहे हैं। भारत का वैभव समस्त संसार में हो इसके लिए सामाजिक सद्भाव पर्यावरण स्वदेशी पर समाज को चिंतन करना होगा।  उन्होंने कहा कि इन सम्मेलनों में साधु संतों का सानिध्य मिलेगा वही समाज को इक_ा करने का एक माध्यम यह सम्मेलन बनेंगे पालड़ी में जहां कविता, संतोष, सरोज, गुड्डी, राजबाला, सरिता, मुनेश, कन्नू, सुषमा, पूनम, सरिता, धर्मा के नेतृत्व मे महिलाओं की ग्राम टोली बनाई गई। वहीं इसी गांव में पुरुषों की टोली में प्रेमपाल, अनुज, पवन, दिनेश, सतवीर, विधि प्रकाश, बाबूलाल, करतार हनुमान नंबरदार, रवि दत्त, महावीर, सुरेंद्र, दीपक को रखा गया। कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए अलग-अलग परिधान में अलग-अलग गांव से टोलियां आए इसके लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।
फोटो कैप्शन 08: संबंधित है