उपमंडल होते हुए भी शिक्षा बोर्ड का मार्किंग सेंटर कनीना में नहीं
-नहीं बनाया जाता पूरक परीक्षाओं का केंद्र
****************************************************
*********************************************************
*****************************************************
कनीना की आवाज। कनीना को उपमंडल का दर्जा मिले लंबा अरसा बीत गया है किंतु अभी तक हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा कनीना में मार्किंग सेंटर सुनिश्चित नहीं किया गया है और न ही सितंबर माह में आयोजित होने वाली परीक्षाओं के लिए यहां कोई सेंटर बनाया जाता है। उप मंडल होते हुए भी सुविधा न मिलने से शिक्षकों में भारी रोष है।
अध्यापक नेता कंवरसेन वशिष्ठ ने बताया कि कनीना खंड के 55 गांवों के शिक्षक जहां कनीना आना जाना सुविधाजनक समझते हैं किंतु उन्हें बोर्ड की मार्किंग के लिए या तो महेंद्रगढ़ या फिर नारनौल जाना पड़ता है या नारनौल जाना पड़ता है जिससे धन और समय की अधिक बर्बादी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि कनीना उपमंडल है ऐसे में कनीना में मार्किंग सेंटर घोषित किया जाए वही सितंबर माह में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रकार की बोर्ड की परीक्षाओं के लिए भी यहां सेंटर बनाया जाए।
फोटो: कंवरसेन वशिष्ठ
परीक्षा की कैसे करें तैयारी
-विभिन्न शिक्षाविदों के विचार, मेहनत का मिलता है फल
****************************************************
*********************************************************
*****************************************************
कनीना की आवाज। एक और जहां 10वीं और 12वीं के परीक्षा सिर पर है वही विद्यार्थी दिन-रात परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा की तैयारी कैसे करें इस संबंध में विभिन्न शिक्षाविदों से चर्चा की गई।
स्टेट अवार्ड शिक्षक एवं मुख्याध्यापक पद से सेवानिवृत्त बनवारी लाल का कहना है कि परीक्षा से घबराने की जरूरत नहीं। सामान्य रूप में परीक्षा को ले, कक्षा में अध्यापक के सामने जिस प्रकार से प्रश्न का उत्तर दिया जा रहा है वैसी परीक्षा में हल करें। परीक्षा के समय विद्यार्थी को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ तैयारी करनी चाहिए। जिस भी विषय की परीक्षा देनी है उसकी तैयारी के लिए मुख्य बिंदुओं को अलग से नोट बुक में उतारे, अलग से समय देकर दोहराये,ध्यान रहे उन्हें रटे नहीं। शिक्षा की तिथि की पूर्व संध्या को विद्यार्थी अधिक थकान एवं दिमाग पर परीक्षा का भूत सवार न होने दे। पूरी नींद ले, प्रसन्न चित्त होकर परीक्षा की तैयारी के लिए हर विषय के प्रत्येक टॉपिक का ध्यान लगाकर स्मरण करें तथा पूर्ण आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे।
पूर्व उप जिला शिक्षा अधिकारी रहे एवं कनीना खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी रहे डा. राजेंद्र यादव का कहना है कि बिना दबाव के पढ़ाई की जाती है तो परिणाम बेहतर होते हैं, स्वास्थ्य अच्छा रहता है। छात्र हर दिन को योजना बनाकर पढ़ाई करें जिनकी बेहतर तरीके से दोहराई होती है। थ्योरी के पेपर के लिए लिखकर देखे तो स्मृति टिकाऊ रहती है। परीक्षा के समय सही उत्तर देने में सक्षम बनाता है। गणित, भौतिक शास्त्र एवं रसायन शास्त्र में अभ्यास अधिक से अधिक करें। दिभर में कितना पढ़े यह विद्यार्थियों की अपनी क्षमता के अनुसार तय होता है। 7 घंटे की नींद लेकर एक घंटे व्यायाम या रुचि अनुसार खेल खेलना चाहिए। हर दिन को प्लान करना और उसे पूरा करना पढ़ाई में चार चांद लगा देता है। इन दिनों में अपने को स्वस्थ रखना जरूरी है ताकि समय पर सभी कार्य पूर्ण कर सकें। पढ़ाई को तनावमुक्त का आनंदमय बनाए। हर दिन की योजना बनाये और उसे पूर्ण करें।
विरेंद्र सिंह स्टेट अवार्डी शिक्षक का कहना है कि किसी भी शिक्षा संस्कृति में परीक्षा मूल्यांकन का एक चरण होता है और कोई भी परीक्षा केवल अर्जित ज्ञान की ही परीक्षा नहीं होती बल्कि विद्यार्थी के स्वास्थ्य, मनोविज्ञान उसके धैर्य उसकी समझ और उसकी स्वाभाविक क्षमताओं की भी परीक्षा होती है। परीक्षा विद्यार्थियों के साथ-साथ अध्यापकों एवं पूरी शिक्षा पद्धति की भी होती है क्योंकि परीक्षा का स्वरूप का निर्धारण संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हुए सभी संस्थाओं के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कार्यशैली का भी मूल्यांकन होता है। आमतौर पर भारत में परीक्षा की तैयारी एक निरंतरता में नहीं होती है जबकि यह एक सतत प्रक्रिया के रूप में अपनाई जानी चाहिए। किसी भी शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से ही मूल्यांकन की छोटी-छोटी विधाओं के द्वारा विद्यार्थियों ,अध्यापकों, अभिभावकों एवं संस्थाओं को इसके अभिन्न हिस्से के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। परीक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से यह कहना चाहूंगा की परीक्षा की तैयारी के दौरान कंसेप्ट एवं विषयों को अच्छे से समझना अति महत्वपूर्ण है और विषय और संकल्पनाओं की अच्छी समझ बेहतर पाठ्यपुस्तक पढऩे से होती है। विशेष रूप से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए पाठ्य पुस्तक के रूप में एनसीईआरटी अत्यंत आवश्यक पुस्तकें हैं जिनका गहराई से बार-बार अध्ययन करना चाहिए। अध्ययन के पश्चात उनको अपनी भाषा में संक्षिप्त नोट तैयार करके उनको रिवाइज भी करना चाहिए। परीक्षा के अनावश्यक मनोवैज्ञानिक दबाव को कम करने के लिए अध्यापकों, शैक्षणिक संस्थाओं एवं अभिभावकों को मिलजुल कर पूरे सत्र के दौरान एक ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि विद्यार्थी रटने की बजाय समझने की प्रवृत्ति की ओर अग्रसर हो सके। परीक्षाओं के दौरान मन ,मस्तिष्क और शरीर का स्वस्थ रहना अति आवश्यक है। इसलिए हर विद्यार्थी को प्रोत्साहित करके समय समय पर मूल्यांकन की विभिन्न पद्धतियों के तहत उसके स्तर को मापा जाना चाहिए ताकि अंत में वार्षिक या अर्धवार्षिक परीक्षा में उस पर अनावश्यक दबाव ना पड़े। परीक्षा के दौरान समय का प्रबंधन अति महत्वपूर्ण कार्य है जिसका प्रशिक्षण विद्यार्थियों को पूरे सत्र के दौरान दिया जाना चाहिए और इसके लिए जरूरी है कि उत्तर लेखन का अभ्यास निरंतर किया जाना चाहिए।
पूर्व उप जिला शिक्षा अधिकारी एवं कनीना के खंड शिक्षा अधिकारी रहे डा. रामानंद यादव का कहना है कि एक ऐसी मनोवृत्ति लेकर चलें कि परीक्षा पर्व है न कि भय वाला कोई वातावरण। यह एक ऐसा सुन्दर अवसर है कि हमारी की हुई मेहनत का प्रदर्शन उत्तर पुस्तिका में संजोकर कुछ समय के लिए रिलेक्स हो जाते हैं। यह मानकर चलें कि पिछले दस सालों के विषय -वाइज प्रश्नपत्रों का अवलोकन कर लिया जाए तो आने वाले प्रश्नपत्रों का रिवीजन आसानी से हो जाएगा । शाम को भरपेट खाना खाने की बजाय थोड़ा सा कम खावें ताकि तैयारी करते वक्त नींद परेशान न करे, परन्तु इसका यह मतलब कदापि नहीं कि पौष्टिक आहार में कोई कसर रहे। सुबह जल्दी उठकर जो भी पढ़ेंगे वह हमारे मानस पटल पर अक्षरश: अंकित हो जाता है। लगातार बिना ब्रेक अध्ययन से भी नीरसता आती है अत: बीच बीच में थोड़ा सा खेल या प्रकृति निहार वांछित है, क्योंकि कहा है। अत: जो भी तैयार करें वह लिखकर जरूर देखें ताकि विस्मृत न हो पावें। कहीं कोई जवाब/उत्तर में शंका हो तो तो सम्बन्धित अध्यापक से सुनिश्चित करें । परीक्षा पर्व है न कि भययुक्त वातावरण। आओ परीक्षा का आनन्द पूर्ण रूप व्यवहार में शामिल करें तथा नकल जैसी बुराई कभी सोचें भी नहीं । सभी को आगामी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं।
फोटो कैप्शन: डा रामानंद, डा राजेंद्र सिंह, बनवारीलाल स्टेट अवार्डी, विरेंद्र सिंह स्टेट अवार्डी
कुतरूं प्राचार्य के कारनामें -एपिसोड-04 कल पढ़े
-शेर को मिला सवाशेर, कर दी सारी सिट्टी पिट्टी गुल, हाथ जोड़ छुड़वाया पीछा
महाराणा प्रताप शौर्य, वीरता तथा देशभक्ति की अद्भुत मिसाल
-अगिहार में महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित
****************************************************
*********************************************************
*****************************************************
कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य पूनम यादव ने की।
उन्होंने विद्यार्थियों से महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा ग्रहण करने की अपील की। विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को महाराणा प्रताप की वीरता,शौर्य तथा देश प्रेम तथा मुगलों से संघर्ष के अनेक प्रसंग विद्यार्थियों को सुनाएं तथा मेवाड़ के गौरव पर कविताओं का वाचन किया। इसके साथ ही उन्होंने चेतक की वीरता का भी उल्लेख किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता अजय बंसल, राजेंद्र कटारिया, निशा जांगड़ा, कैलाश देवी, पूनम कुमारी, शशि कुमारी, धर्मेंद्र डीपीई, मुख्य शिक्षक रतनलाल,राकेश कुमार,प्रमोद कुमार, तथा सुरेंद्र सिंह सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 06: महाराणा प्रताप को याद करते हुए
गौशाला कनीना में किये महिलाओं ने भजन कीर्तन
- 5100 रुपए दान भी दिया और खिलाया गायों को गुड़
****************************************************
*********************************************************
*****************************************************
कनीना की आवाज। कनीना की कुछ महिलाओं ने मिलकर श्रीकृष्ण गौशाला में भजन किया, साथ में गायों को गुड़ खिलाया और 5100 रुपये का दान भी दिया।
मिली जानकारी अनुसार कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में लाली देवी पीटीआई, संतरा देवी, छोटा देवी, संतोष देवी, शांता, संतरा, राज एवं शांति आदि महिलाओं ने मिलकर भजन कीर्तन किये। तत्पश्चात गायों के लिए 5100 रुपए दान भी किया। इस अवसर पर धर्म सिंह कनीना ने भी 5100 रुपए का दान दिया।
इस अवसर पर गौशाला प्रधान भगत सिंह, मुनीम प्रवीण कुमार, सुपरवाइजर अमीर सिंह तथा गौशाला का समस्त परिवार उपस्थित रहा।
फोटो कैप्शन 07: महिलाएं सत्संग करते हुए
संत मोलडऩाथ आश्रम को दिये 11 हजार रुपये दान
-कमेटी ने किया उनका सम्मान
****************************************************
*********************************************************
*****************************************************
कनीना की आवाज। अनिल कुमार ने 11000 का सहयोग मोलडऩाथ मंदिर निर्माण कार्य में दान दिये हैं। बाबा मोलडऩाथ मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि अनिल कुमार ने अपनी माता चंद्रकला देवी के नाम से 11000 रुपए का सहयोग मंदिर निर्माण के लिए किया है। उन्होंने बताया कि अनेक अनिल कुमार फौज में देश सेवा करते हैं और वह जब भी छुट्टी आते हैं तो बाबा मोलडऩाथ मंदिर में सेवा करने के लिए तैयार रहते हैं। शारीरिक सेवा, झाड़ू लगाना, साफ सफाई में अपना सहयोग करते हैं और आज उन्होंने 11000 रुपये का सहयोग भी कार्य निर्माण में किया है। इस मौके पर प्रकाश साहब, बलबीर साहब, मुकेश शर्मा, बाबा रामनिवास, सतबीर प्रधान, लाल सिंह शिव कुमार, अरविंद कुमार, महेंद्र कुमार, अशोक डीपी, मास्टर अनिल आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: अनिल कुमार का सम्मान करती मोलडऩाथ कमेटी
कनीना के धीरज जांगड़ा बने अनुभाग अधिकारी, क्षेत्र का नाम किया रोशन
-हरियाणा अकाउंट सर्विस परीक्षा में मिली सफलता
****************************************************
*********************************************************
*****************************************************
कनीना की आवाज। कनीना निवासी धीरज जांगड़ा ने हरियाणा अकाउंट सर्विस की परीक्षा उत्तीर्ण कर अनुभाग अधिकारी के पद पर चयनित होकर गांव, क्षेत्र और जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे कनीना क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
धीरज जांगड़ा वर्तमान में खजाना कार्यालय, गुरुग्राम में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों, अधिकारियों, सहकर्मियों और परिवारजनों को दिया। उन्होंने विशेष रूप से लेखा अधिकारी योगेश जांगड़ा, खजाना अधिकारी गुरुग्राम तथा कार्यालय के सभी साथी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
धीरज जांगड़ा ने बताया कि उनकी शुरू से ही अनुभाग अधिकारी बनने की इच्छा थी। जिला खजाना कार्यालय में लिपिक के पद पर नियुक्त होने के बाद भी उन्होंने लगातार पढ़ाई और मेहनत जारी रखी। उन्होंने कहा कि दिन-रात की मेहनत, अनुशासन और गुरुजनों के मार्गदर्शन के कारण ही आज वे इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं।
उन्होंने कहा कि यह सफलता सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि मेरे परिवार, गुरुजनों और उन सभी लोगों की है जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया। अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
धीरज जांगड़ा की इस उपलब्धि पर गांव कनीना में बधाइयों का तांता लगा हुआ है। ग्रामीणों, मित्रों और शुभचिंतकों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का कहना है कि धीरज जांगड़ा युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं और उनकी सफलता से क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी आगे बढऩे की प्रेरणा मिलेगी।
फोटो कैप्शन: धीरज जांगड़ा
सुभाषचंद पोता को मिला आरडी सोमाणी शिक्षा रत्न अवार्ड, खुशी
****************************************************
*********************************************************
*****************************************************
कनीना की आवाज। उपमंडल कनीना के गांव पोता गांव निवासी महाराणा प्रताप शिक्षण महाविद्यालय के प्राध्यापक सुभाषचंद यादव को स्वतंत्रता सेनानी आरडी सोमानी शिक्षा रत्न अवार्ड मिलने से इलाके में खुशी की लहर है। उन्हें यह अवार्ड गत दिवस रेवाड़ी में सोमानी इंजीनियरिंग कालेज में आयोजित सम्मान समारोह में संस्था के चेयरमैन विजय सोमानी तथा अन्य सदस्यों ने प्रदान किया। महाविद्यालय में पहुंचने पर स्टाफ सदस्यों ने सुभाषचंद यादव को साफा पहनाकर सम्मानित किया तथा लड्डू बांटकर खुशियां मनाई। स्टाफ सदस्य प्राध्यापक नवीन जांगड़ा, रितिक तथा परमजीत शर्मा ने कहा कि सुभाषचंद यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में ईमानदारी और पूरी निष्ठा से जो कार्य किया है वह एक मिसाल है। उनको यह अवार्ड मिलने से इलाके के दूसरे शिक्षण कार्यों से जुड़े शिक्षाविदों को प्रेरणा देगा। सुभाष यादव ने अवार्ड के लिए स्वतंत्रता सेनानी आर.डी. सोमाणी शिक्षण संस्थान, रेवाड़ी का आभार जताया। उन्होंने अवार्ड की मर्यादा को अक्षुण्ण रखने के लिए और अधिक मेहनत, कार्यकुशलता और निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया।
फोटो कैप्शन 04:सुभाषचंद का सम्मान करते हुए।
उन्हाणी महाविद्यालय की चतुर्थ एथलेटिक मीट में छात्राओं ने दिखाया अदम्य साहस
- ईशा बनीं सर्वश्रेष्ठ एथलीट
-शिक्षा और खेल से ही बनेगी बेटियों की सशक्त पहचान— राव बहादुर सिंह
****************************************************
*********************************************************
*****************************************************
कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी में आयोजित चतुर्थ वार्षिक एथलेटिक मीट व सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर का भव्य समापन समारोह उत्साह, अनुशासन एवं खेल भावना के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राव बहादुर सिंह, पूर्व विधायक एवं चेयरमैन यदुवंशी ग्रुप आफ एजुकेशन ?ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
मुख्य अतिथि ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि शिक्षा और खेल छात्राओं को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं आत्मविश्वासी बनाते हैं। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि अनुशासन, धैर्य, टीम भावना एवं सकारात्मक सोच का भी विकास करते हैं। आज की बेटियां शिक्षा और खेल—दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह सिद्ध कर रही हैं कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से हैं छात्राओं में राष्ट्र के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना जागृत होती है।
प्राचार्य महोदय डा . विक्रम यादव ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि महाविद्यालय छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस प्रकार की गतिविधियां छात्राओं में आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागी छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एथलेटिक मीट के दौरान विभिन्न ट्रैक एवं फील्ड प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें छात्राओं ने पूरे उत्साह एवं खेल भावना के साथ भाग लिया।
1500 मीटर दौड़ में ईशा प्रथम, निधि द्वितीय एवं खुशबु तृतीय स्थान पर रहीं। 800 मीटर दौड़ में निधि प्रथम, निकिता द्वितीय तथा उमा तृतीय स्थान पर रहीं। 400 मीटर एवं 100 मीटर दौड़ में क्रमश: ईशा व मौसम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
फील्ड प्रतियोगिताओं में डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो एवं शाट पुट में मीनाक्षी व ईशा का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। लांग जंप एवं हाई जंप में ईशा ने प्रथम स्थान हासिल किया।
समग्र उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ईशा,बी.ए. द्वितीय वर्ष को प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ एथलीट घोषित किया गया।
समापन समारोह में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जबकि सर्वश्रेष्ठ एथलीट को विशेष पुरस्कार देकर पुरस्कृत किया गया।
सात दिवसीय विशेष शिविर में तनीषा व बिंदु सर्वश्रेष्ठ कैम्पर तथा अंजली व निधि सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवीका रही है ।कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर नीतू कुमारी वह प्रोफेसर सीमा कुमारी तथा एथलेटिक्स मीट की खेल प्रभारी प्रोफेसर सुषमा यादव द्वारा किया गया। एथलेटिक्स मीट का सफल आयोजन डा.सत्यजीत यादव की देख रेख वह उनके मार्गदर्शन में किया गया ।
इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ उपस्थित रहा।
फोटो कैप्शन 01: अव्वल रही छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए राव बहादुर सिंह
डिजिटल बोर्ड से पढ़ाई हुई अधिक प्रभावी
--जिला स्तरीय डिपस्टिक सर्वे का आयोजन किया
****************************************************
*********************************************************
*****************************************************
कनीना की आवाज। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) गुरुग्राम के दिशा-निर्देशों के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) महेंद्रगढ़ द्वारा जिले के चयनित राजकीय विद्यालयों में डिजिटल बोर्ड के शिक्षण पर प्रभाव का आकलन करने हेतु जिला स्तरीय डिपस्टिक सर्वे का आयोजन किया जा रहा है। यह सर्वे विषय विशेषज्ञ डा. राकेश यादव एवं राजेश कुमार गुप्ता द्वारा संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में सोमवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में विषय विशेषज्ञ राजेश कुमार गुप्ता द्वारा विद्यालय के प्राचार्य श्री नरेश कौशिक, अध्यापकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों के साथ डिजिटल बोर्ड के शैक्षिक प्रभाव को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
विद्यालय के प्राचार्य नरेश कौशिक ने बताया कि विद्यालय में डिजिटल बोर्ड की स्थापना के बाद विद्यार्थियों की जटिल विषयों के प्रति समझ और रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि डिजिटल बोर्ड के बढ़ते उपयोग को देखते हुए अध्यापकों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
विद्यालय में कार्यरत विज्ञान अध्यापिका कल्पना ने कहा कि डिजिटल बोर्ड के माध्यम से विज्ञान विषय को कहानियों एवं 2-डी माडल की सहायता से अधिक रोचक ढंग से पढ़ाया जा रहा है, जिससे विषय का प्रभाव विद्यार्थियों पर लंबे समय तक बना रहता है। डिजिटल बोर्ड से शिक्षण प्रक्रिया अध्यापकों के लिए भी अधिक सरल और प्रभावी हुई है।
एसएमसी सदस्य नरेश कुमार ने बताया कि विद्यालय में डिजिटल बोर्ड का अध्यापकों द्वारा समुचित और सकारात्मक उपयोग किया जा रहा है। भविष्य में विद्यार्थियों को डिजिटल बोर्ड के सही उपयोग के प्रति एसएमसी बैठकों के माध्यम से जागरूक किया जाएगा।
कक्षा दसवीं की छात्रा रवीना ने कहा कि डिजिटल बोर्ड लगने के बाद गणित, सामाजिक अध्ययन और विज्ञान जैसे विषयों को पारंपरिक बोर्ड के साथ समन्वय करते हुए पढ़ाया जा रहा है। इससे वे विषय, जो पहले कठिन लगते थे, अब आसानी से समझ में आ रहे हैं।
डिपस्टिक सर्वे के माध्यम से प्राप्त फीडबैक भविष्य में डिजिटल शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगा ।
फोटो कैप्शन 02: अधिकारी डिजिटल बोर्ड सर्वे करते हुए














No comments:
Post a Comment