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Tuesday, January 20, 2026
प्रोटीन का बेहतर स्रोत है मशरूम
-विवाह एवं उत्सवों पर मिलती है भारी मांग
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कनीना की आवाज। मशरूम जिसे खुंभ/ खुंबी एवं कुकुरमुत्ता आदि नामों से जाना जाता है। जिसे खाना तो दूर जहरीला और गंदगी वाले स्थानों पर उगने वाला सफेद रंग का पौधा मानते थे किंतु अब बड़े चाव से खाते हैं। विवाह शादियों,संभ्रांत घरों एवं पार्टियों में स्थान बना लिया है। 23 जनवरी बसंत पंचमी के विवाहों के लिए पहले से खुंभ की बुकिंग हो चुकी है।
खुंब की ओर किसानों का रुझान बढ़ता ही जा रहा है। खुंबी को कुकुरमुत्ता कहते हैं क्योंकि बुजुर्ग मानते थे कि यह उन स्थानों पर उगती है जा कुकर अर्थात कुत्ता और मुत्ता अर्थात मूतता है किंतु अब पता गया है कि यह गले सड़े पदार्थों पर उगती है इसलिए इसके लिए विशेष प्रकार के बेड की जरूरत होती है। एक ही जगह पर कई वर्षों तक उगाई जा सकती जिसके लिए विशेष बेड बनाना पड़ता है। कभी इसको जहरीला मानते थे आज सिद्ध हो चुका है कि इसमें बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन, विटामिन, खनिज लवण और विशेषकर विटामिन डी पाई जाती है जो अन्य फल एवं सब्जियों में नहीं पाई जाती।
वर्तमान में 150-200 रुपये किलो तक भाव पहुंच गए है किंतु इसे बड़े चाव से लोग खाते हैं। विवाह शादियों, होटलों, रेस्तरां में बहुत चाही सब्जी बनी हुई है। यहां तक कि इसका अचार बनाकर विगत वर्ष महाबीर करीरा ने अचार बनाकर कृषि मेलों में प्रदर्शित कर सिद्ध कर दिया कि इसका अचार बनाकर भी उपयोग में लाया जा सकता है। विभिन्न सब्जियों में इसे प्रयोग करते हैं और सबसे बड़ी विशेषता है कि से पकाने के लिए अधिक समय एवं ऊर्जा की जरूरत नहीं होती। जिला महेंद्रगढ़ में 5000 ट्रे मशरूम उगाई हुई है। डीगरोता, महेंद्रगढ़, शेखपुरा सीहोर, कोटिया,गुढा आदि जगह किसानों ने उगाते आ रहे है। पर जहां सरकार भी अनुदान दे रही है। ऐसे में भी को उगाने के लिए दिनों दिन किसान आगे आ रहे हैं। कोटिया एवं करीरा में भी विगत वर्षों उगाई थी।
किसान राजवीर एवं संदीप, महाबीर सिंह, निरंजन करीरा आदि ने बताया कि खुंबी उत्पादन से अपनी रोटी रोजी तो कमा लेते हैं परंतु आय का साधन भी बेहतर है। कई किसान बेहतर पैदावार ले रहे हैं। खुंबी की सब्जी मंडी आसपास अन्य होने से किसानों को दिक्कत आ रही है किंतु जब कभी विवाह शादी तथा उत्सव होते हैं तो खुंबी को रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नारनौल, चरखी दादरी आदि स्थानों से लाकर सब्जी बनाकर परोसते हैं। अब यह प्रसिद्ध होती जा रही है। मंडियां पास होती तो किसानों की आय में वृद्धि हो जाती।
खुंभी के लिए एक नहीं कई लेयर का बेड बनाया जा सकती है। एक बेड से हम भी खत्म हो जाती है तो दूसरे बेड पर तैयार हो जाती है। इस प्रकार लगातार सर्दी के मौसम में खूब खुंब उगाई जाती है। खुंबी उत्पादन में जिला महेंद्रगढ़ धीरे-धीरे अग्रणी बनता जा रहा है।
बागवानी विभाग गुरुग्राम के विषय वस्तु विशेषज्ञ डा मंदीप यादव ने कहना है कि दिनोंदिन जमीन घट रही है। ऐसे में घटती जमीन का बेहतर विकल्प खुंबी है। थोड़ी सी जगह पर यहां तक कि प्लाट पर छह माह में अपनी पूंजी को दोगुना किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि सरकार इस पर अनुदान दे रही है। ऐसे में खेती आसानी से की जा सकती है। थोड़ी जमीन पर भी बेहतर पैदावार ली जा सकती है जो प्रोटीन का बेहतर स्रोत है।
फोटो कैप्शन 5 व 06: खुंबी से संबंधित है।
मौसम ले रहा है करवट, 23 जनवरी को बसंत पंचमी
-अनेक शादियां होंगी बसंत पंचमी पर
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में मौसम लगातार बदल रहा है। प्रतिदिन नये रूप में मौसम के नजारे नजर आते हैं। कई बार मौसम साफ रहा, कभी धुंध और कोहरा तो कभी कड़ाके की ठंड कनीना क्षेत्र में पड़ रही है।। यहां तक की पूरे कनीना की सिंचित भूमि पर सरसों के फूल और गेहूं के खेत नजर आते हैं। सरसों में फूल समाप्त होने को हैं तथा पकती सरसों की फसल को देख अब किसान प्रसन्नचित नजर आने लगे हैं वही फूलों का आना बसंत पंचमी का द्योतक है। इस बार बसंत पंचमी 23 जनवरी को पड़ रही है। कहने को तो बसंत पंचमी पर सबसे अधिक फूल खिलते हैं। उधर गेहूं की फसल भी अब खेतों में खड़ी दिखाई देने लगी है जिसको लेकर किसान खुश है। किसानों का मानना है की मौसम अनुकूल चलने से फसल अच्छी खड़ी है। ऐसे में आने वाले समय में भी यदि मौसम अनुकूल रहा तो अच्छी पैदावार होने की संभावना हैं।
कनीना क्षेत्र में इस बार जहां सरसों के अच्छे भाव मिलने के कारण अधिक क्षेत्रफल पर सरसों उगाई है। करीब 20,000 एकड़ पर सरसों की फसल उगाई गई है जबकि गेहूं के प्रति किसानों का रुझान घटना ही जा रहा है। इस बार गेहूं करीब 8 हजार एकड़ से भी कम है। ऐसे में किसानों का रुझान सरसों की ओर है। सरसों में इस समय खेतों में पीले फूलों से लगने लगे है, जहां मधुमक्खी पालन करने वाले लोग भी दूर दराज से आये हुए हैं। विगत वर्ष की भांति मधुमक्खी पालने वाले बेहद परेशान रहे क्योंकि अधिक ठंड पडऩे के कारण उनकी बहुत सी मधुमक्खियां मर गई हैं।
पूर्व कृषि वैज्ञानिक डा. देवराज का कहना है कि अब मौसम अनुकूल चल रहा है जिसके चलते सरसों की अच्छी पैदावार होने के संकेत है। किसान राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार, कृष्ण कुमार, महेंद्र सिंह, देवेंद्र, सुनील एवं सूबे सिंह आदि ने बताया कि खेतों में अच्छी फसल खड़ी है और आने वाले समय में अच्छी पैदावार होने के संकेत मिल रहे हैं। उधर मां सरस्वती को याद करने के लिए तैयारियां चल रही हैं।
फोटो कैप्शन 07: खेतों में पीले फूलों वाली सरसों की खड़ी फसल।
डा. मोरवाल की दादी मां का 98 वर्ष की उम्र में हुआ निधन
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कनीना की आवाज। कनीना के उप नागरिक अस्पताल में कार्यरत डा. जितेंद्र मोरवाल की दादी मां चमेली देवी का 98 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार कनीना में किया गया।
डा. जितेंद्र मोरवाल ने बताया कि चमेली देवी के पति नंबरदार मांगेराम मोरवाल का 2018 में निधन हुआ था। वे दो पुत्र, 6 पुत्रियां, चार पोते, छह पोतियां, 6 पड़पोते, दो पड़पोतियों सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके अंतिम संस्कार में डा. सुंदरलाल, डा. अंकित, बलवान आर्य, मनोज कुमार सहित विभिन्न गणमान्य जन उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन: चमेली देवी
सीज खाते को खुलवाने के लिए उपभोक्ता फिर रहे मारे मारे
-सुरक्षा की दृष्टि से नहीं खुल पा रहे बंद खाते
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कनीना की आवाज। किसी फ्राड व्यक्ति द्वारा जिन जिन से छोटा या बड़ा लेनदेन किया हो तो लेनदेन वाले खाते भी सभी सीज कर दिए जाते हैं। साथ में जिसका फ्राड हुआ है और जिसने फ्राड किया उसका पता लगते है उनके खाते भी सील कर दिए जाते हैं। फिर खाते शुरू करवाने के लिए जी जान एक करना पड़ता है। कनीना के सुरेश कुमार और रवि कुमार ने बताया कि उनका खाता लंबे समय से सीज किया हुआ है। ऐसे अनेकों खाताधारक हैं जिनके खाते सीज कर दिये जाते हैं। उन्होंने बार-बार लिखित रूप से बैंक में दिया है कि यदि कोई फ्राड किसी ने करके छोटी या बड़ी राशि काम के बदले उनके खाते में डाली है वह देने के लिए तैयार है किंतु बैंक का कहना है कि वे कुछ नहीं कर सकते। जब तक फ्राड करने वाले से सारे पैसे नहीं उगाह लिए जाते तब तक उनके खाते सील रखे जाते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से ऐसा किया जाता है। सुरेश कुमार व रवि कुमार ने बताया छोटे से मैकेनिक है रेडियो,टीवी आदि सुधारते हैं। कोई रेडियो या टीवी सुधरवाने के लिए आया हो और उसने उनके खाते में काम के बदले 10-20 रुपये डाल भी दिए हो तो उसके लिए उन्हें सजा क्यों दी जा रही है। रवि कुमार और सुरेश कुमार ने बैंक से जो संपर्क किया तो बैंक अधिकारियों ने बताया कि अब आजकल इस प्रकार की बहुत अधिक घटनाएं घट रही है। कोई किसी का पैसा फ्राड करके किसी से लेनदेन कर देता है तो उन सभी के खाते यूं ही सीज कर दिए जाते हैं। दिनों दिन ऐसे बहुत से खाताधारकों के फोन उनके पास आ रहे हैं कि उनके खाते क्यों सीज किए गए परंतु क्राइम ब्रांच द्वारा ऐसा करवाया जाता है और वही फिर से ऐसे खातों को शुरू करवाते हैं। इस प्रकार की घटनाएं दिनों दिन बढ़ती ही जा रही हैं जिससे उपभोक्ताओं में रोष हैं वहीं बैंक कर्मी भी परेशान मिलते हैं। उनका कहना कि फ्राड करने वाले को सजा दी जाए किंतु वह जिनके खाते में चाहे एक रुपए भी डाल देता है तो उनके भी खाते क्यों सीज कर दिए जाते हैं। जिनके खाते में पैसे डालता है वह किसी काम के बदले डालता है। उसमें खाताधार को का कोई दोष नहीं है। उन्होंने मांग की है कि अविलंब ऐसे सभी खाताधारकों के खाते तुरंत प्रभाव से शुरू किये जाए जिनका सील किया हुआ है।
फोटो कैप्शन: रवि कुमार
कनीना के अस्पताल एवं पेयजल सप्लाई को जोड़ा जाए हाटलाइन से
-कभी दोनों जुड़े थे हाटलाइन से
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कनीना की आवाज। कनीना की पेयजल सप्लाई और उप-नागरिक अस्पताल को हाटलाइन से जोड़ा जाए। यह मांग क्षेत्र के अनेक लोगों ने की है। कनीना क्षेत्र के विजय कुमार, सुनील कुमार ,दिनेश कुमार, महेश कुमार ,रवि कुमार आदि ने बताया कि कभी पेयजल सप्लाई हाटलाइन से जुड़ी हुई थी। मोटी केबल द्वारा हाटलाइन से जोड़ा गया था जिससे निर्बाध से बिजली सप्लाई होती रहती थी और पेयजल सप्लाई पूरे कनीना में नियमित रूप से होती थी किंतु जब से मोटी केबल लाइन को हटाकर एल्यूमिनियम की तारे बिछी है और उनसे कनेक्शन विभिन्न लोगों को दे दिया गया है तब से बार-बार बिजली फाल्ट हो जाती है और पेयजल सप्लाई बाधित हो जाती है। कनीना में जहां रविवार को बार-बार पेयजल सप्लाई बाधित रही क्योंकि बार-बार बिजली फाल्ट आ रहा था। ऐसे में यदि फिर से कनीना के पेयजल सप्लाई को हाटलाइन से जोड़ दिया जाए तो पेयजल की सुचारू रूप से व्यवस्था चलती रहेगी। हालात यह है कि कनीना में पेयजल सप्लाई के लिए जो लाइन बिछाई गई है वह नहर के साथ-साथ रेवाड़ी रोड़ की ओर गई है और इसके समानांतर एक और बिजली की लाइन चल रही है। दो-दो लाइन लगाकर सरकार को नुकसान किया जा रहा है। ऐेसे में एक ही लाइन से सभी को जोड़ दिए जाएं या फिर मोटी केबल द्वारा बिजली सप्लाई को पेयजल सप्लाई तक अलग से जोड़ा जाए।
यही हालात कनीना के उप-नागरिक अस्पताल की है। उप-नागरी अस्पताल में हाटलाइन न होने से समस्या बनी रहती है। किसी प्रकार की छोटा-मोटा आपरेशन या मरीजों की शिकायत सुनते वक्त सुचारु रूप से बिजली नहीं होना एक समस्या बन सकता है। ऐसे में कनीना उप नागरिक अस्पताल को भी हाटलाइन से जोड़ा जाना चाहिए।
क्या कहते हैं उपभोक्ता--
***यदि वाटर सप्लाई को हाटलाइन से जोड़ दिया जाए तो निर्बाध गति से निर्धारित समय पर उपभोक्ता को पेयजल उपलब्ध हो पाएगा। क्योंकि बार-बार बिजली कट लग जाते हैं जिससे पेयजल सप्लाई में व्यवधान आता है जिसके चलते उपभोक्ता परेशान रहते हैं। यदि हाटलाइन से जोड़ दिया जाए तो फाल्ट का भी आसानी से पता लग पाएगा।
-- शेर सिंह कनीना निवासी, उपभोक्ता
यदि पेयजल सप्लाई को हाटलाइन से जोड़ा जाता है तो सबसे बड़ी सुविधा न केवल उपभोक्ताओं को होगी अपितु पेयजल सप्लाई करने वाले कर्मचारियों को भी होगी। वे समय पर विभिन्न वार्डों में पेयजल सप्लाई कर पाएंगे और उपभोक्ता भी यह सुनिश्चित कर लेंगे कि उन्हें कब पेयजल सप्लाई होना है। इस प्रकार दोनों को ही बहुत लाभ होगा।
--- दीपक कुमार कनीना
यदि अस्पताल को हाटलाइन से जोड़ दिया जाता है तो मरीजों को होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है। वही पेयजल सप्लाई को होटलाइन से जोड़ दिया जाता है तो किसी प्रकार की बिजली की फाल्ट आने का आसानी से पता लगाया जा सकेगा। इस प्रकार उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। उपभोक्ताओं को इधर-उधर पानी के लिए नहीं दौडऩा पड़ेगा।
-- मनीष कुमार, उपभोक्ता कनीना
यदि उपनागरिक अस्पताल और वाटरसप्लाई दोनों को ही हाटलाइन से जोड़ दिया जाए तो क्षेत्र की बहुत अधिक समस्याएं हल हो पाएंगी। मोटी केबल से दोनों को हाटलाइन से जोड़ा जाए। कभी मोटी केबल से पहले भी हाटलाइन से जुड़े हुए थे लेकिन न जाने क्यों विभाग ने केवल को हटा दिया है और उपभोक्ताओं को इस लाइन से बहुत अधिक कनेक्शन दे दिए जिसके कारण आसानी से बिजली में फाल्ट आ जाता है।
--दिनेश कुमार, कनीना
उधर पवन कुमार जेई जन स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि उनकी उनके संज्ञान में नहीं है कि कभी हाटलाइन के लिए कोई पत्र लिखा हो या नहीं लेकिन उन्हें पता लगा है कि पहले हाटलाइन से जुड़े हुए थे। इस संबंध में विभिन्न फाइलों का जायजा लेने के बाद ही बता पाएंगे कि विभाग को कोई पत्र लिखा भी है या नहीं। परंतु उन्होंने कहा हाटलाइन से जुड़ जाने पर उपभोक्ताओं की समस्या हल हो जाएगी।
फोटो कैप्शन: शेर सिंह, दिनेश कुमार, मनीष कुमार, दीपक
फोटो कैप्शन 04: पेयजल सप्लाई केंद्र
प्राचार्य कुतरूं के कारनामें-04
--शेर को मिला सवाशेर, कर दी सारी सिट्टी पिट्टी गुल, हाथ जोड़ छुड़वाया पीछा
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव जहां करीब 40 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में जमे रहे। उन्होंने अपने जीवन में कई हजार विद्यार्थियों को शिक्षा दी है। उन्होंने करीब 35 विभिन्न मुख्याध्यापकों एवं प्राचार्यों के साथ काम किया और करीब 35 ही स्कूलों/कालेजों में अपनी सेवा दी है। वैसे तो डा. होशियार सिंह की कृति -मेरी शिक्षा का सफर में विस्तार से बताया जा चुका है। सेवा दौरान अनेक कष्ट और समस्याएं झेलनी कुतरूं जैसे प्राचार्यों के कारण वहन करनी पड़ी है। साफ छवि और मेहनतकश शिक्षकों की तरफ बहुत कम लोग मिलते और बोलते हैं। डा. होशियार सिंह ने सदा ही कुर्सी पर बगैर बैठे पढ़ाया और नाम कमाया है। इस अवधि में कुछ ऐसे प्राचार्य मिले जिनका नाम लेते वक्त भी फक्र होता है जबकि कुछ ऐसे प्राचार्य भी मिले जिनके नाम लेते हुए भी ऐसा महसूस होता है जैसे किसी गंदगी में हाथ लग गया हो। इसी दौरान उनके कारनामे भी सामने लाने पड़े हैं क्योंकि एक नहीं चार-पांच कुतरूं प्राचार्य मिले हैं जिनके कारनामे एपिसोड के रूप में पेश किए जाएंगे। किंतु पूर्ण रूप से नाम सहित गाथा पढऩे के लिए मेरी भविष्य प्रकाशित होने वाली पुस्तक कुतरूं प्राचार्य के कारनामे जरूर पढऩे का कष्ट करें।
हुआ यूं कि कुतरूं प्राचार्य को अपने आप पर बड़ा घमंड था चूंकि एक-दो चमचामल उसकी बहुत बड़ाई करते थे। कुतरूं प्राचार्य ने समझा कि तेरे से बड़ा तो कोई और है ही नहीं। लेकिन शेर सिंह नामक शिक्षक भी कुछ कम नहीं था। उसको भी अपने पर बहुत घमंड था। दोनों ही जब एक जैसे मिल जाए तो हालत एक कवि ने भी लिखी है- दोनों लातमलात अर्थात कुतरूं प्राचार्य ने समझा कि इस शेर सिंह शिक्षक को दबा दिया जाए क्योंकि यह बहुत बोलता है। फिर क्या था कुतरूं प्राचार्य ने शेर सिंह शिक्षक से कहा कि तुम बहुत अधिक बातें करते हो, औकात में रहा करें। बस फिर क्या था शेर सिंह को भी गुस्सा आ गया और कहा कि औकात में तो तुम रहा करो। जो खुद औकात में नहीं रहे वह दूसरों को क्या शिक्षा देगा। और फिर तो आपस में तू-तू,मैं-मैं पर भी उतर आए। कुतरूं प्राचार्य ने समझा कि मैं लिखने में बहुत बेहतर हूं। उसने उच्च अधिकारियों को शिकायत की। उच्च अधिकारी भी जब मौके पर आए तो शेर सिंह ने उनको भी उल्टा सीधा ही कहा और कहा कि जो करना है वह करो, गलती कुतरूं प्राचार्य की है। फिर तो अधिकारी जो मौके पर आए थे वो भी कुतरूं प्राचार्य को भूल गए। कुतरूं प्राचार्य का पक्ष लेना भूल गए। शेर सिंह को मनाते नजर आए, खूब मनाया किंतु शेर सिंह कब मानने वाला था। आखिर दो धड़े बन गए। एक तरफ कुतरूं प्राचार्य तो दूसरी तरफ शेर सिंह शिक्षक। हालात ये बन गए कि न जाने कौन किस पर क्या तंज कस दे। कुतरूं प्राचार्य का चमचामल बहुत तेज था। उसने कुतरूं प्राचार्य से कहा कि अब वक्त शेर सिंह से राजीनामा कर लो नहीं तो पता नहीं कहां पर क्या मार झेलनी पड़े। कुतरूं प्राचार्य ने पहले तो अकड़ दिखाई किंतु जब हालत बिगडऩे लगे तो हाथ जोड़ लिए। शेर सिंह ने कहा कि चलो मैं तुम्हें माफ कर देता हूं। तब से पता लगा कि शेर शेर को मिला सवा शेर और उसकी सारी सिट्टी पीट्टी गुल कर दी। उसके बाद कुतरूं प्राचार्य ने कभी भी किसी के आगे अपनी धौंस नहीं दिखाई। कितने ही शिक्षक आए और गए कुतरूं प्राचार्य ऐसे शांत रहता है जैसे की बहुत सीधा-साधा इंसान हो।
सात वार्डों के लोगों की बैठक 21 जनवरी को
-सचिव नगर पालिका ने बुलाई है बैठक
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कनीना की आवाज। नगर पालिका कनीना के वार्ड 8 से 14 में हरियाणा नगर पालिका नागरिक भागीदारी अधिनियम 2008 के अंतर्गत एरिया सभा बैठक का आयोजन किया जाएगा। यह बैठक 21 जनवरी को प्राप्त 10 बजे शाम 4 बजे तक पुरानी नगर पालिका कार्यालय में चलेगी। जिसकी अध्यक्षता सचिव कपिल कुमार करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस बैठक में मुख्य रूप से वृद्ध अवस्था पेंशन लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा वहीं विधवा पेंशन लाभार्थियों का सत्यापन होगा। दीनदयाल उपाध्याय लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों का भी किया जाएगा और एरिया की सभा की अनुमति से अन्य विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। ऐसे में उन्होंने सभी उपरोक्त वार्डों के नागरिकों से अनुरोध किया कि निर्धारित स्थान व तिथि पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर एरिया सभा बंठक में भाग ले और जनहित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करें।
हमलावरों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग
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कनीना की आवाज। बसपा के नेता अतरलाल एडवोकेट ने दैनिक जागरण के जिला चीफ रिपोर्टर बलवान शर्मा पर हुए जानलेवा हमले की निंदा की है। उन्होंने जिला पुलिस प्रशासन व राज्य सरकार से शीघ्र हमलावरों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग की है। अतरलाल ने पुलिस महानिदेशक तथा जिला पुलिस अधीक्षक को भेजे ज्ञापन में कहा है कि वरिष्ठ पत्रकार बलवान शर्मा पर हुए जानलेवा हमले से जिला के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा की पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ है। यह हमला सीधा लोकतंत्र पर हमला है। इसलिए पुलिस प्रशासन को तत्काल कारगर कार्यवाही कर हमलावरों को गिरफ्तार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता के लिए पत्रकारों की सुरक्षा जरूरी है। इसलिए जिला प्रशासन को सभी पत्रकारों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबन्ध सुनिश्चित करने चाहिए। जिससे वे निडर होकर काम कर सकें और दबे कुचले पीडि़त लोगों को राहत दिला सकें।
गायों को गुड़ खिलाया और 11000 रुपए की राशि की दान
-प्रधान भगत सिंह ने किया उनका अभिनंदन
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कनीना की आवाज। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में कनीना निवासी राजेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, शिव प्रकाश प्रोफेसर, प्रोफेसर सुरेंद्र, प्राध्यापक उपासना सहित समस्त परिवार ने श्रीकृष्ण गौशाला में आकर अपनी मां की बरसी पर गौशाला को 11000 रुपए की दान राशि दी और दो पेटी गुड़ की भी दान की। इस मौके पर भगत सिंह एवं गौशाला कार्यकारिणी ने सभी का अभिनंदन किया। इस मौके पर गौशाला प्रधान भगत सिंह, मास्टर रामप्रताप, दिलावर बाबूजी, रामपाल यादव एवं समस्त गौशाला परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: श्रीकृष्ण गौशाला में दान करता परिवार
गणतंत्र दिवस की प्रथम रिहर्सल संपन्न
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कनीना की आवाज। उपमंडल स्तरीय गणतंत्र दिवस मनाने हेतु राजकीय महाविद्यालय कनीना में प्रथम रिहर्सल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें खंड के नौ विद्यालयों ने भाग लिया। चयन कमेटी द्वारा 6 विद्यालयों का सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए चयन किया गया। चयन कमेटी में तहसीलदार कनीना विशेष रूप से उपस्थित रहे। चयन कमेटी ने अच्छे सांस्कृतिक कार्यक्रम का चयन किया। इस अवसर पर तहसीलदार अर्जुन सिंह, गिरदावर राजेश,अनूप हलका पटवारी कनीना, नरेश कौशिक प्राचार्य, नरेश यादव प्रवक्ता हिंदी, अमृत सिंह राघव विशेष शिक्षक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: गणतंत्र दिवस की प्रथम रिहर्सल संपन्न
कनीना नगरपालिका कर्मचारियों का धरना हुआ खत्म
-आपसी मनमुटाव किया दूर
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कनीना की आवाज। बीते दिनों नगरपालिका कर्मचारियों के द्वारा कनीना बस स्टैंड पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर सब्जी की रेहड़ी चालकों के साथ हुई मारपीट के कारण पैदा हुए झगड़े की शिकायत दोनों पक्षों के द्वारा सिटी थाने में लगा दी गई थी। जिसके चलते कर्मचारियों के द्वारा हड़ताल कर दी गई थी। आज दोनों पक्षों का थाने में बैठकर गणमान्य लोगों के बीच राजीनामा हो गया और हड़ताल खत्म कर सभी कर्मचारी काम पर लौट गए।
फोटो कैप्शन 03: हड़ताल खत्म करते हुए हड़ताली कर्मी
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