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Thursday, January 29, 2026
ब्रेन हेमरेज से संदीप रोहिल्ला का निधन, कनीना में शोक की लहर
--पत्रकार मनोज रोहिल्ला की मौसी के सुपुत्र थे संदीप
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कनीना की आवाज। वार्ड नंबर 7 निवासी संदीप रोहिल्ला संकी (36) का ब्रेन हेमरेज के चलते निधन हो गया। वे स्वर्गीय सुरेश रोहिल्ला के पुत्र थे तथा पत्रकार मनोज रोहिल्ला की मौसी के सुपुत्र थे। संदीप के असामयिक निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मृतक के बड़े भाई प्रदीप रोहिल्ला ने बताया कि तीन दिन पहले संदीप को अचानक ब्रेन हेमरेज हो गया था। परिजन तत्काल उन्हें उपचार के लिए जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका लगातार इलाज चल रहा था। बावजूद प्रयासों के, बुधवार रात करीब 9 बजे संदीप ने अंतिम सांस ली। गुरुवार दोपहर परिजनों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। संदीप अपने परिवार में सबसे छोटे थे। परिवार में दो भाई और दो बहनें हैं। वे अपने पीछे छह वर्षीय एक बेटी को छोड़ गए हैं। कम उम्र में हुए इस निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
अंतिम यात्रा में क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग, समाजसेवी और रिश्तेदार शामिल हुए। इनमें बाबूलाल गोयल, शिबू पंसारी, सतीश गेरा, प्रधान बलवान सिंह आर्य, विनोद गुड्डू चौधरी, पिन्नू मित्तल, कनीना रोहिल्ला समाज के प्रधान नरेश रोहिल्ला, सुनील रोहिल्ला झज्जर, रामलीला कमेटी प्रधान मोहित जेलदार, अमित चिपू, कुमार राहुल, राकू सिंगला, भीम सिंह रोहिल्ला, शेर सिंह रोहिल्ला, रोहताश वर्मा, राकेश वर्मा, कमल वर्मा, धर्मपाल डीपी रसूलपुर, सूबे सिंह, संजय, नीटू ठेकेदार सहित बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। क्षेत्रवासियों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
फोटो: स्वर्गीय संदीप रोहिल्ला का फाइल चित्र
तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा एक ज्ञापन
-यूजीसी कानून में किए गए संशोधन के विरोध में
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कनीना की आवाज। क्षेत्र के जागरूक नागरिक, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हाल ही में सरकार द्वारा यूजीसी कानून में किए गए संशोधन के विरोध में तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय को एक ज्ञापन सौंपा । ज्ञापन में यूजीसी कानून को देश की उच्च शिक्षा, सामाजिक समरसता और संविधान के विपरीत बताते हुए इसे तुरंत निरस्त करने की मांग की गई है। आंदोलनकारियों ने तहसीलदार की अनुपस्थिति में तहसील राजस्व लेखाकार मोहनलाल ने ज्ञापन ग्रहण किया और इसे अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय तक पहुंचाने का आश्वासन दिया । ज्ञापन में कहा गया है कि नए संशोधन से छात्रों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे समाज जाति वर्ग में बंटेगा और स्वर्ण, ओबीसी, दलित व आदिवासी समाज में अविश्वास और टकराव बढ़ेगा। ज्ञापन में यूजीसी कानून में किए गए संशोधनों को तुरंत निरस्त किए जाने और शिक्षा से संबंधित कानून लागू करने से पूर्व शिक्षाविदों, छात्रों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं से सलाह मशविरा किए जाने की मांग की गई है, इसके अतिरिक्त आंदोलनकारियों ने फर्जी शिकायतों पर कठोर कार्यवाही, जांच टीम में सामान्य वर्ग के सदस्यों की उपस्थिति, जातिसूचक टिप्पणी या भेदभाव पर सजा, और पीडि़त एवं दोषी दोनों का नारको मैपिंग टेस्ट कराने की मांग की है।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इसे वापस नहीं लिया, तो आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर ओपी चौहान, रामानंद शर्मा, अरविंद कौशिक, सुमेर सिंह, पूर्व सरपंच नरेंद्र सिंह, पूर्व सरपंच सतपाल सिंह, नरपत सिंह कमांडो, संदीप सिंह सीनू, धर्मेन्द्र वशिष्ठ, विनोद तोबड़ा, श्याम सुंदर, विष्णु शर्मा, बीर सिंह चौहान, सुरेश कुमार, सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे ।
31 सालों की सेवा करके सेवानिवृत्त हो रहे हैं राजकुमार
-भोजावास में चला विदाई समारोह
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कनीना की आवाज। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजावास में स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार चौहान का विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. पीएचसी इंचार्ज डा.दीपांशु शर्मा ने की। उन्होंने साढ़े 31 सालों की सेवा कनीना, दोचाना एवं भोजावास में पूरी की है और अब भोजावास से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
इस विदाई समारोह की शुरूआत में पीएचसी इंचार्ज डा. दीपांशु एवं दंत चिकित्सा अधिकारी डा. दिनेश ने सेवानिवृत्त होने वाले स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार चौहान को पगड़ी एवं फूलमाला पहनाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पीएचसी के समस्त कर्मचारियों ने उन्हें माला पहनाकर एवं उपहार देकर सम्मानित किया एवं उनको बधाई दी। पूर्व प्रधान स्वास्थ्यकर्मी अनिल रसूलपुरिया, पूर्व प्रधान रणबीर सिंह, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश चौहान, सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षक कंवरपाल, शेरसिंह, रामानंद, बाबूलाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए और स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार चौहान को भाईचारे की पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया एवं उपहार देकर उनको बधाई दी! स्वास्थ्यकर्मी अनिल रसूलपूरिया ने बताया कि स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार चौहान ने अपना पूरा कार्यकाल बेदाग और ईमानदारी से कार्य करते हुए पूरा किया। इस अवसर पर महिला स्वास्थ्य सुपरवाइजर सुनीता,नर्सिंग आफिसर प्रेमलता व पूनम,स्वास्थ्यकर्मी अमरजीत, प्रवीण,पंकज, विजय, कैलाश, जयश्री, बिना, पुष्पा, सीएचओ महेंद्र सिंह, आशीष, सचिन ने सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार को उपहार देकर सम्मानित किया। इस अवसर सभी महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों ने राजकुमार चौहान की धर्मपत्नी शारदा देवी को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षक राजकुमार ने पीएचसी में एक त्रिवेणी लगाकर उसको पालने की जिम्मेवारी ली।
फोटो कैप्शन 06: राजकुमार के सेवानिवृत्ति में उन्हें विदाई देते हुए स्टाफ
कुष्ठ रोग निवारण दिवस-30 जनवरी
-एक लाख में केवल पांच लोगों में मिलता है कोढ़ का रोग-डा. जितेंद्र
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कनीना की आवाज। कुष्ठ रोग, जिसे कोढ़ के रूप में भी जाना जाता है धीमी गति से बढऩे वाले जीवाणुजनित रोग है। यह करीब एक लाख लोगों में पांच लोगों में मिलता है। इस रोग से भारत को सरकार 2027 तक मुक्त कर देगी।
यह बैक्टीरिया धीरे-धीरे बढ़ता है और इसके लक्षण दिखने में करीब 20 साल लग सकते हैं। कुष्ठ रोग अत्यधिक संक्रामक रोग नहीं है और शीघ्र निदान और प्रबंधन के साथ, संक्रमण को ठीक किया जा सकता है।
यह मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिका तंत्र, त्वचा, आंखों और शरीर के अन्य ऊतकों जैसे को प्रभावित करता है। कनीना उप नागरिक अस्पताल के डा. जितेंद्र मोरवाल बताते हैं कि यह दो प्रकार का होता है जिसमें बहती नाक, सूखी सिर की त्वचा, आंखों की समस्या, मांसपेशियों में कमजोरी, नाक से खून बहना आदि हैं। यदि रोग का इलाज नहीं किया जाता है, तो पक्षाघात और हाथ-पैर का पंगु होना,पैरों के तलवों पर छाले जो ठीक नहीं होते,अंधापन,भौंहों का न होना,नाक की विकृति,त्वचा में जलन महसूस होना आदि प्रमुख हैं।
यदि आप अपने शरीर पर कुष्ठ संबंधी लक्षणों को देखते हैं तो आप प्राथमिक देखभाल चिकित्सक से परामर्श कर सकते हैं। डाक्टर आपको कुष्ठ रोग विशेषज्ञ, सामान्य चिकित्सक या त्वचा विशेषज्ञ के पास भेज सकते हैं।
उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग चिकित्सक कुष्ठ रोग के संकेतों और लक्षणों को देखने के लिए नैदानिक परीक्षण करेगा।
कुष्ठ रोग के इलाज के लिए विभिन्न लेप्रोस्टेटिक एजेंटों का उपयोग किया जाता है। मल्टीड्रग थेरेपी (एमडीटी) को अत्यधिक प्रभावी उपचार माना जाता है और एक खुराक के बाद भी पीडि़त व्यक्ति संक्रामक नहीं रहता है।
फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र मोरवाल
प्राचार्य की सूझबूझ से अपने ही साथी प्रवक्ता की बची जान
- वर्तमान में रोहतक पीजीआई में चल रहा है इलाज और वे सकुशल
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कनीना की आवाज। एक प्राचार्य की सूझबूझ से अपने ही साथी प्रवक्ता की जान बच गई। अगर देरी हो जाती तो शायद बचना भी मुश्किल हो जाता।
कनीना उप मंडल के गांव खेड़ी तलवाला में कार्यरत प्राचार्य धर्मवीर सिंह पोता निवासी के साथ आदमपुर मंडी से प्राध्यापक शैलेश मेहता पीजीटी अंग्रेजी खेड़ी तलवाना में कार्यरत है। करीब 1 साल से कनीना मंडी में किराए के मकान में श्री मेहता रह रहा है और प्रतिदिन खेड़ी तलवाना स्कूल जाता है। स्कूल का समय प्रात: 9:30 का चल रहा है। गुरुवार को जब शैलेश मेहता स्कूल नहीं पहुंचे तो प्राचार्य धर्मवीर ने श्री मेहता से पूछना चाहा कि क्यों स्कूल में नहीं आए। इसलिए उन्होंने बार-बार उनके पास फोन किया अपने साथियों से भी फोन करवाया किंतु शैलेश मेहता ने फोन नहीं उठाया। क्योंकि हाजिरी रजिस्टर पूरा करना होता है। ऐसे में उन्होंने कनीना से संबंध रखने वाले एचकेआरएन कर्मचारी सुरेंद्र सिंह को स्कूल से उनके मकान पर भेजा और स्कूल न आने का कारण जानना चाहा। प्राचार्य बताते हैं कि श्री मेहता कभी भी स्कूल में देरी से नहीं पहुंचते इसलिए उन्हें शक हो गया कि कहीं कोई अनहोनी तो नहीं हो गई। और कहा कि कनीना मंडी में शैलेश मेहता के पास जाकर बताओ कि वह स्कूल क्यों नहीं आ रहे हैं? जब सुरेंद्र कनीना उनके मकान पर गया तो अंदर से कुंडी लगी हुई थी बार-बार आवाज लगाई किंतु कुंडी नहीं खोली तो सुरेंद्र सिंह कनीना ने प्राचार्य को धर्मवीर को अवगत करवाया कि कुंडी लगी हुई है और कोई अंदर से आवाज नहीं आ रही और न ही कुंडी को खोल रहे। प्राचार्य धर्मवीर सिंह ने किसी अनहोनी को भांपते हुए उनसे कहा कि तुम दरवाजा तोड़ दो और आसपास के लोगों को बुला लो। सुरेंद्र कनीना ने तत्परता दिखाते हुए आसपास के लोगों को बुलाया और दरवाजा तोड़ दिया। देखकर दंग रह गये कि अंगीठी जलाने के कारण वह अचेत अवस्था में पड़ा था। शायद रात को सोते समय कोयले की अंगीठी बंद कमरे में जलाई होगी। उन्होंने यह सूचना तुरंत प्राचार्य को बताई। प्राचार्य ने अपने स्टाफ के पांच कर्मचारियों को तुरंत उनके कमरे पर भेजा। अचेत अवस्था में शैलेश मेहता को निकाला गया और कनीना के उप नागरिक अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार किया गया किंतु उनकी गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पीजीआइएमएस रोहतक रेफर कर दिया। प्राचार्य धर्मवीर ने अपने स्टाफ सदस्यों प्रवक्ता इंद्रजीत सिंह तथा प्रवक्ता ईश्वर सिंह को तुरंत शैलेश मेहता को पीजीआइएमएस रोहतक ले जाने का आदेश दिया। वे तुरंत रोहतक ले गए तथा शैलेश मेहता के परिजनों को भी रोहतक की बुला लिया गया। श्री मेहता को रोहतक में दाखिल करवाया गया। डाक्टरों ने उनकी जान बचा ली। प्राचार्य धर्मवीर ने बताया कि उसके परिजनों का बार-बार उन्हें धन्यवाद एवं आभार मिल रहा है और डाक्टरों का भी कहना है कि अगर देरी हो जाती तो जान बचाना मुश्किल हो जाता क्योंकि अंगीठी जलाकर प्रवक्ता बंद कमरे में सो गए थे। इसलिए आक्सीजन अभाव में कार्बन मोनोआक्साइड गैस बन गई और वह अच्छी अचेत अवस्था में चले गए परंतु प्राचार्य की बार-बार प्रशंसा की जा रही है क्योंकि उनकी
सूझबूझ के चलते ही उनकी जान बच पाई है। उल्लेखनीय की हर वर्ष बंद कमरे में अंगीठी जलाकर अनेक लोग सो जाते हैं किंतु फिर वे उठ नहीं पाते क्योंकि आक्सीजन अभाव में कार्बन मोनोआक्साइड जहरीली गैस बन जाती है जो कितने लोगों के प्राण ले लेती है। आज प्राचार्य खेड़ी तलवाना की भूरि भूरि प्रशंसा हो रही है तथा उन्हें राष्ट्रपति से सम्मानित किए जाने की मांग उठ रही है।
फोटो कैप्शन: शैलेश मेहता
युवा संसद में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
-सीहोर के विद्यार्थियों का रहा दबदबा
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीहोर में बृहस्पतिवार को युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।,कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बहुत ही बहुत उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने सशक्त अभिनय व विचारों के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को जीवंत प्रस्तुति दी । युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोकतंत्र संविधान और संसदीय प्रणाली का परिचय दिया, विद्यार्थियों की प्रस्तुति से बहुत ही बहुत सराहनीय रही और उपस्थित सभी अतिथियों ने उनके आत्मविश्वास में मित्रता क्षमता की बहुत-बहुत प्रशंसा की। इस अवसर पर से वरिष्ठ प्रवक्ता मोहम्मद रमजाऩ, विनोद नापा, अमित काजल,, डाराकेश कुमार प्रवक्ता डाइट महेंद्रगढ, डा. संजय कुमार शर्मा, प्रवक्ता राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अकबरपुऱ बाबूलाल जी प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुंदराह,डा. ईश कुमार, प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कारौली, प्रवक्ता श्प्रियंका राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक माध्यमिक विद्यालय बेरी,प्रवक्ता अनूप कुमार, प्रवक्ता दयानंद जी, प्राचार्य हरीश कुमार यादव, डा. हिम्मत सिंह ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। स्टाफ सदस्य कमलेश , नीरज , सुशीला विक्रम सिंह पीटीआई, करण सिंह महेश कुमार सत्य प्रकाश शालू, सुमन कुमारी आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05: संबंधित फोटो है
स्कूल में मनाया गया राष्ट्रीय अखबार दिवस
-अगिहार स्कूल में चला कार्यक्रम
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कनीना की आवाज। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अगिहार में गुरुवार को राष्ट्रीय समाचार दिवस मनाया गया इसी दिन 1780 ई का भारत का पहला समाचार पत्र बंगाल गजट अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित हुआ था कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या पूनम यादव ने की। विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को समाचार पत्रों के महत्व के बारे में बताया तथा उन्हें दैनिक जीवन का अनिवार्य अंग करार दिया उन्होंने विद्यार्थियों को समाचार पत्रों के विभिन्न सोपानो जैसे मुख्य पृष्ठ, संपादकीय,स्थानीय व क्षेत्रीय समाचार, देश-विदेश, अर्थ जगत, खेल जगत,मनोरंजन तथा विज्ञापन के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे समाचार पत्र नियमित रूप से पढ़ें तथा अपने ज्ञान में वृद्धि करने के साथ-साथ भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अपने आप को तैयार करें ।इस अवसर पर कक्षा आठवीं की छात्रा साइना ने आज के समाचारों का वाचन किया तथा कल्पना ने अखबारों के महत्व पर कविता सुनाई । इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्रवक्ता अजय कुमार बंसल,राजेंद्र कटारिया, निशा जांगड़ा,धर्मेंद्र डीपीई, कैलाश देवी, पूनम कुमारी, शशि कुमारी,राकेश कुमार,सुरेंद्र सिंह, मुख्य शिक्षक रतनलाल, प्रमोद कुमार तथा प्रीतम सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: अखबार दिवस मनाते हुए
गायों के चारे के लिए दिए 19000 रुपए
- वीरेंद्र सिंह एसए हर वर्ष देते हैं योगदान
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कनीना की आवाज। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला वीरेंद्र सिंह एसए वासी मकराना, चरखी दादरी निवासी ने 19000 रुपए गायों के चारे के लिए दान दिये हैं।
मिली जानकारी अनुसार हर वर्ष वीरेंद्र सिंह एसए कुछ न कुछ गायों के लिए जरूर योगदान देते आए हैं। कनीना की कनीना श्रीकृष्ण गौशाला की समस्त कार्यकारिणी ने वीरेंद्र सिंह एसए का अभिनंदन किया।
इस मौके पर भगत सिंह प्रधान गगौशाला ने बताया कि पिछले करीब 6 महीने से गौशाला के प्रति लोगों का रुझान बढ़ता जा रहा है। एक और जहां गायों को गोद लेने की नई परंपरा शुरू की गई थी जिसके तहत आशातीत परिणाम प्राप्त हुए हैं। 500 से भी अधिक गायें गोद ली जा चुकी हैं। वहीं गए गौशाला में घूमने फिरने के लिए भी प्रबंध किया जा रहा है। जल्द ही यह प्रबंध पूरा कर लिया जाएगा। जहां गायों के लिए सेवा भी बढ़ गई है। उनके लिए सर्दी, गर्मी, बरसात से बचाने के व्यापक प्रबंध किए हैं। वही अब गौशाला अग्रणी गौशालाओं में शामिल हो चुकी है। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में प्रतिदिन सैकड़ों लोग न केवल गायों को देखने के लिए आते हैं अपितु गौशाला में किये जा रहे विकास कार्यों को भी देखने के लिए आते हैं। जो भी कोई गौशाला में आता है वह प्रसन्नचित लौटता है। यह कनीना गौशाला के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। अभी तक श्रीकृष्ण गौशाला में दर्जनों प्रधान रह चुके हैं किंतु यहां उल्लेखनीय है कि जब से भगत सिंह ने कार्यभार संभाला है गौशाला को चार चांद लगा दिये हैं। गौशाला का नाम आज हर व्यक्ति की जुबान पर है। जिस भी किसी से पूछा जाए वह गौशाला की बड़ाई करता मिलता है। यह न केवल कनीनावासियों के लिए अपितु भगत सिंह और गौशाला के लिए सम्मान का विषय बन गया है।
इस मौके पर मास्टर राम प्रताप यादव, सहसचिव रामपाल यादव, सचिव यश यादव, उप प्रधान रविंद्र बंसल, बलवान आर्य, कृष्ण कुमार गुरुजी, उप प्रधान दिलावर सिंह, डा. नीरज, डा. महेश यादव आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: गौशाला में दान देते वीरेंद्र एसए मकराना
गुरुचरण गुप्ता ने 11000 रुपए का दिया सहयोग
-संत मोलडऩाथ आश्रम भवन निर्माण कार्य जारी
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कनीना की आवाज। कनीना के संत मोलडऩाथ मंदिर निर्माण कार्य में गुरुचरण गुप्ता अपने पुत्र अनीश गुप्ता सचिन गुप्ता व मनीष गुप्ता के साथ बाबा मोलडऩाथ मंदिर में पहुंचे। उन्होंने मंदिर निर्माण कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह प्रतिदिन मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। आज अनीश गुप्ता ने उनसे 11000 रुपए की सहयोग राशि दी। मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव को देते हुए कहा कि आगे भी हम पूरी कोशिश करेंगे और सहायता राशि देने की मंदिर का कार्य बहुत ही सुंदर और सराहनीय लगा। यह देखकर दिल खुश होता है कि हमारे बाबा मोलडऩाथ का पुराना धाम है अब इसका नवीनीकरण होने के पश्चात यह अपना भव्य रूप ले रहा है।
इस मौके पर मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने भी गुरु चरण गुप्ता के इस सहयोग के लिए दिल से आभार वक्त किया और उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर बलबीर साहब, लाल सिंह, मास्टर अनिल, अशोक डीपी, शिवकुमार, प्रकाश साहब, रमेश कुमार, अनीश गुप्ता, बाबा रामनिवास, मुकेश शर्मा ,लाल सिंह व अन्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: गुरुचरण गुप्ता परिवार को स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए
कनीना क्षेत्र में सुबह पड़ी धुंध, बाद में खुला मौसम
-ठंड का कहर जारी
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र धुंध पड़ी। साथ में एक बार फिर से ठंड बढ़ गई है। धीरे-धीरे सूर्य उदय के बाद धुंध समाप्त हो गई। धुंध फसलों के लिए लाभप्रद बताया जा रहा है। लगातार क्षेत्र में मौसम बदल रहा है।
पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज ने बताया कि धुंध से फसलों में पानी की आपूर्ति होती है और जिन फसलों में पानी की अधिक आवश्यकता होती है उनकी आपूर्ति होने से फसलों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में धुंध पडऩा अच्छा होता है किंतु लंबे समय तक जब धुंध पड़ती है तो नुकसान होने का अंदेशा बना जाता है। कनीना क्षेत्र में इस समय गेहूं की फसल छोटी है जबकि सरसों की फसल में फूल आ चुके है। वही कनीना क्षेत्र में कई बार धुंध पड़ी है। कनीना क्षेत्र में लगातार मौसम बदलने के कारण के चलते भी इस बार फसल बेहतर होने का अंदेशा है। इस बार सर्दी के दिनों में दो-तीन दिन पाला भी जमा है। सर्दी के मौसम में दो बार हल्की वर्षा भी हुई है।
फोटो कैप्शन 03: कनीना क्षेत्र में फसलों पर छाई धुंध
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