अटेली की राजनीति में विश्वासघात का आरोप, राव इंद्रजीत सिंह का सीताराम यादव पर तीखा हमला
-पार्षद दीपक चौधरी बोले—जिसे राव इंद्रजीत ने बनाया विधायक, वही आज पीठ में छुरा घोंप रहा
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कनीना की आवाज। अटेली विधानसभा क्षेत्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने एक निजी इंटरव्यू में अटेली के पूर्व विधायक सीताराम यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें खुला विश्वासघाती बताया है। राव इंद्रजीत सिंह के इन बयानों के बाद क्षेत्र की राजनीति में हलचल मच गई है।
राव इंद्रजीत सिंह ने आरोप लगाया कि सीताराम यादव सार्वजनिक रूप से स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के साथ दिखाई देते रहे, लेकिन अंदरखाने उनके बेटे के माध्यम से यह संदेश भिजवाते रहे कि अटेली से उन्हें वोट न दिया जाए। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि यह राजनीति नहीं, बल्कि पीठ पीछे वार करने की मानसिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय मंच पर साथ खड़े रहना और मैदान में भीतर से नुकसान पहुंचाना अटेली की राजनीति की सच्चाई है, जिसे अब जनता के सामने लाया जा रहा है। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है, जो दिखावे में साथ और व्यवहार में विरोध करते हैं। इस पूरे मामले में नगर पालिका पार्षद दीपक चौधरी ने भी सीताराम यादव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि
सीताराम यादव को विधायक बनाने में राव इंद्रजीत सिंह की सबसे बड़ी भूमिका रही है। आज वही सीताराम यादव अपने राजनीतिक संरक्षक के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। यह राजनीति नहीं, कृतघ्नता है। दीपक चौधरी ने कहा कि अटेली की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में ऐसे लोगों को उचित जवाब देगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राव इंद्रजीत सिंह के इन तीखे आरोपों से महेंद्रगढ़-अटेली क्षेत्र की राजनीति और अधिक विस्फोटक होने जा रही है। यह केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि आने वाले चुनावी समीकरणों का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
फोटो कैप्शन 09: राव इंद्रजीत, सीताराम एवं दीपक चौधरी
विश्व हिंदी दिवस-10 जनवरी
हिंदी हर माथे की बिंदी होनी चाहिए-नरेश कुमार
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कनीना की आवाज। पूरे विश्व में हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। हिंदी मधुर एवं सबके मन को लुभाने वाली भाषा है। हिंदी पूरी दुनिया में बोली जाने वाली पांच भाषाओं में से एक है। विश्व भर के करोड़ों लोग आज हिंदी बोलते हैं। फिजी नाम का एक द्वीप है, जहां पर हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है।
हिंदी भाषा अब विदेशों में भी लोकप्रिय हो रही है। विदेश में रहने वाले लोगों को भी अब हिंदी का महत्व पता लग रहा है। क्षेत्र के कई शिक्षाविद हिंदी को बढ़ावा देने के लिए आज भी कटिबद्ध हैं। उनका हिंदी के विषय में क्या कहना है--
**हिंदी दिवस पर हिन्दी के प्रति लोगों को प्रेरित करना चाहिए। हिंदी माथे की बिंदी होनी चाहिए। यह मातृभाषा है इसका सम्मान करना चाहिए। हिंदी में काम करने वाले लोगों को सम्मानित करना चाहिए। हिन्दी भाषा के विकास और विस्तार हेतु हर संभव प्रयास करने चाहिए।
--शिक्षाविद नरेश कुमार
हिंदी बोलने वालों की संख्या के अनुसार अंग्रेजी और चीनी भाषा के बाद हिन्दी भाषा पूरे दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। लेकिन उसे अच्छी तरह से समझने, पढऩे और लिखने वालों में यह संख्या बहुत ही कम है। यह और भी कम होती जा रही। इसके साथ ही हिन्दी भाषा पर अंग्रेजी के शब्दों का भी बहुत अधिक प्रभाव हुआ है और कई शब्द प्रचलन से हट गए और अंग्रेजी के शब्द ने उसकी जगह ले ली है। जिससे भविष्य में भाषा के विलुप्त होने की भी संभावना अधिक बढ़ गयी है। हिंदी के प्रचार एवं प्रसार का प्रयास करना वाहिए।
शिक्षाविद सतेंद्र यादव
हिन्दी के प्रति अपने कर्तव्य का बोध करवाने के लिए इस दिन को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है जिससे वे सभी अपने कर्तव्य का पालन कर हिन्दी भाषा को भविष्य में विलुप्त होने से बचा सकें। वर्ष में एक दिन इस बात से लोगों के समक्ष रखना है कि जब तक वे हिन्दी का उपयोग पूर्ण रूप से नहीं करेंगे तब तक हिन्दी भाषा का विकास नहीं हो सकता है। इसे आम बोलचाल की भाषा बनाना चाहिए तथा हर काम हिंदी में करने चाहिए।
शिक्षाविद निर्मल शास्त्री
हिंदी, भारत की एकता और विविधता का प्रतीक है। यह भाषा देशभक्ति, संस्कृति, और समृद्धि का प्रतीक है। हिंदी हमारे संविधान की अधिकारिक भाषा है और हमारी राष्ट्रीय भाषा के रूप में महत्वपूर्ण है। हिंदी दिवस के अवसर पर, हमें अपनी मातृभाषा के प्रति समर्पित रहना चाहिए। हमें इसे सीखना, उसका सदुपयोग करना, और उसका संरक्षण करना चाहिए। हमें हिंदी की बढ़ती उपयोगिता को समझना चाहिए, ताकि हम अपने विचारों को सही ढंग से व्यक्त कर सकें।
शिक्षाविद मदनलाल
फोटो कैप्शन 08: निर्मल शास्त्री, सतेंद्र यादव, मदनलाल , नरेश कुमार।
फेम इंडिया -
एशिया पोस्ट सर्वे में देश के सर्वश्रेष्ठ सांसदों में चौधरी धर्मबीर शुमार
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कनीना की आवाज। भिवानी - महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौधरी धर्मबीर ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की हैं। फेम इंडिया - एशिया पोस्ट द्वारा जारी ताजा सर्वे में उन्हें देश के सर्वश्रेष्ठ सांसदों की सूची में जगह मिली है।
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा महेंद्रगढ़ जिला महामंत्री एवं महेंद्रगढ़ जिला दिशा समिति सदस्य चौधरी रामनिवास खेड़ी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सम्मान सांसद धर्मवीर सिंह की प्रभावी कार्यशैली, जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और संसद में उनकी सक्रिय भूमिका का परिणाम है। यह गौरव न केवल सांसद का है, बल्कि पूरे भिवानी महेंद्रगढ़ क्षेत्र की जनता का सम्मान है।
सांसद को मिली इस उपलब्धि पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा महेंद्रगढ़ जिला महामंत्री एवं महेंद्रगढ़ जिला दिशा समिति सदस्य चौधरी रामनिवास खेड़ी,समाज सेवी तेजपाल सैन, सुरेश शर्मा, खरकड़ाबास सरपंच प्रतिनिधि सुबेदार राजेन्द्र प्रसाद, कृष्ण कुमार तंवर, सुबेदार शयोपाल सिंह, विनोद शर्मा,अजित चौहान, प्रेम कुमार प्रजापत, हवासिंह पूर्व पंच, पूर्व पंच राजपाल, अशोक कुमार, मनीष कुमार चौधरी प्रशान्त,मंजीत तंवर,दीपक धानक ने बधाई दी।
फोटो कैप्शन: चौ. धर्मवीर सिंह
जीरो रेबीज अभियान के तहत कुत्ते एवं बिल्लियों को मुफ्त में लगाए एंटी रेबीज की वैक्सीन *****************************************************************************
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कनीना की आवाज। आरपीएस महेंद्रगढ़, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सहयोग से कनीना में जीरो रेबीज अभियान के तहत बेसहारा एवं पालतू कुत्ते, बिल्लियों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई। मिली जानकारी अनुसार 410 कुत्तों का टीकाकरण किया गया जिसमें 49 पालतू एवं 361 में बेसहारा कुत्तों को टीम बनाकर वार्ड अनुसार वैक्सीन लगाई गई। इसके पश्चात डाक्टर राजेश पारीक के नेतृत्व में वेटरनरी कालेज के छात्रों ने श्रीकृष्ण गौशाला का दौरा किया। श्रीकृष्ण गौशाला प्रधान भगत सिंह व बलवान सिंह आर्य द्वारा गौशाला में हो रहे गायों के रखरखाव एवं संरक्षण के बारे में जानकारी दी। डा. राजेश पारीक द्वारा गौशाला द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की तथा आश्वासन दिया कि जहां भी गौशाला को वेटरनरी सेवा की जरूरत तो तो वे मदद को तैयार रहेंगे। इस अवसर पर डा. पवन कांगड़ा पशु चिकित्सालय कनीना ने कहा कि अपने पालतू कुत्ते के आसपास के कुत्तों को रेबीज की वैक्सीन अवश्य लगवाए। उन्होंने कहा कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है जिसके होने पर इसका कोई इलाज नहीं। इस मौके पर नगर पालिका पार्षदों एवं कर्मचारियों तथा पंकज कनीनवाल एडवोकेट का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर डाक्टर योगेश यादव, डाक्टर प्रशांत, अंकित,अंशु एवं तेज सिंह आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 4: कुत्तों को एंटीरेबीज के टीके लगाते हुए
मर्ज किए गए आपरेटर को सेवा सुनिश्चितता का दिया जाए लाभ
-कनीना एसडीएम को दिया ज्ञापन
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कनीना की आवाज। डीआइटीएस से एचकेआरएन में मर्ज किए गए आपरेटरों को हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी अधिनियम 2024 का लाभ प्रदान करने व पोर्टल पर ओटीपी ना आने की समस्या के साथ-साथ 31 जनवरी तक डाटा भरने की समय सीमा के बारे में कनीना एसडीएम के मार्फत एक ज्ञापन जिला उपायुक्त को भेजा है। ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार द्वारा बनाए गए संबंधित आनलाइन पोर्टल पर ओटीपी प्राप्त न होने से गंभीर तकनीकी समस्या आ रही है। जिसके कारण आपरेटर पोर्टल पर आपरेटरों द्वारा पंजीकरण/आवेदन नहीं कर पा रहे। जिससे डाटा समय पर नहीं भरे जा रहे हैं। सरकार निर्देशानुसार सभी आपरेटर को 31 जनवरी तक अपना डाटा भरना अनिवार्य किया है किंतु उपरोक्त तकनीकी समस्या कारण कई आपरेटर समय सीमा के भीतर डाटा भरने में असमर्थ हैं। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि आउटसोर्सिंग नीति भाग एक व दो के अंतर्गत कार्यरत आपरेटरों की पात्रता के संबंध में स्पष्ट लिखित स्थिति से अवगत कराया जाए, 5 वर्ष या इससे अधिक सेवा पूर्ण करने वालों को सेवा की सुनिश्चितता अधिनियम 2024 का लाभ दिलवाया जाए। ओटीपी न आने की समस्या का समाधान किया जाए। जब तक तकनीकी समस्या का समाधान नहीं होता मैनुअल तरीके से डाटा भरने की व्यवस्था करने की अनुमति प्रदान की जाए।
फोटो कैप्शन 03: एसडीएम कनीना को ज्ञापन देते कर्मी
अकेले भारत में मोबाइल के हैं 117 करोड़ यूजर्स
मोबाइल छीन रहा है नींद और आंखों की रोशनी- डा. होशियार सिंह यादव
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव भोजावास स्थित पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर में राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित लेखक एवं साहित्यकार डा. होशियार सिंह यादव कनीना ने मोबाइल की हानियों पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि अकेले भारत में करीब 117 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं। मोबाइल का सीमित उपयोग करना चाहिए। याद रहे पूरे ही विश्व में करीब 500 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं। इससे सिद्ध होता है कि भारत के लोग मोबाइल के आदि होते जा रहे हैं। आज के दिन मोनोफाबिया की बीमारी बढ़ती जा रही है। छोटे बच्चे भी मोबाइल के आदि हैं।
उन्होंने स्वयंसेवकों को कहा कि मोबाइल कोरोना काल से हर जन के बहुत करीब पहुंच गया है। विद्यार्थी और छोटे बच्चे भी अब अछूते नहीं हैं। अमन चैन एवं आंखों की रोशनी कम करने में मोबाइल का अहम योगदान है। कोरोना काल में जहां आनलाइन शिक्षण करवाया गया उसके बाद से मोबाइल की लत ऐसी पड़ी की जिसने सभी की नींद हराम कर दी है। कितने ही विद्यार्थियों की आंखें कमजोर हो चुकी है, चश्मे चढ़ चुके हैं परंतु अब एक ऐसी लत बन गई है कि मोबाइल से पीछा छुड़ाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब मोबाइल नहीं होते थे और इंसान बहुत अमन चैन से जीता था, एक दूसरे के सहयोग में भागीदारी करता था, माता-पिता और परिवार के सदस्यों के समीप रहता था, उनसे खुलकर बातें करता था लेकिन अब तो ऐसा वक्त आ गया है कि किसी के पास मोबाइल के अलावा बातें करने का समय नहीं है और मोबाइल पर ही सुबह-शाम चिपके देखे जा सकते हैं। मोबाइल से जहां रेडिएशन निकलते हैं जो हानिकारक होते हैं। ये मस्तिष्क के कैंसर ,उच्च रक्तचाप, हृदयघात जैसे रोगों में सहायक साबित होते हैं। ऐसे में मोबाइल जो परिवार के पैसे भी खर्च करवाता है इससे छुटकारा पाना बहुत जरूरी है। मोबाइल एक साधन है इसका जितनी आवश्यकता उतना ही प्रयोग किया जाना चाहिए अन्यथा यह हमारे लिए एक प्रमुख बुराई बनाकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि आज बच्चा रोता है तो उसे मोबाइल थमा दिया जाता है परंतु यह नहीं सोचते कि कितना घातक प्रभाव बच्चे की आंखों और शरीर पर डालेगा। यही कारण है कि हर इंसान बच्चा, जवान, बूढ़ा, स्त्री एवं पुरुष सभी के पास मोबाइल होता है और मोबाइल ने इंसान की सुख चैन अमन को छीनने का काम किया है। यह सत्य है कि मोबाइल से ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है किंतु इसमें बुराइयां भी कम नहीं हैं। उन्होंने मोबाइल कम से कम प्रयोग करने, रात को सोते समय दूर रखने, हैंड फ्री मोड पर बातें करने की बात कही ताकि शरीर पर कम घातक प्रभाव पड़े।
उन्होंने लत डालने वाले पदार्थों एवं मोबाइल की हानियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दिन पूरे देश में 10 प्रतिशत के करीब आबादी नशे की शिकार है जो नशे के रूप में चाय, काफी के अतिरिक्त बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, चिलम, तंबाकू, पान,शराब, भांग चरस, अफीम,ब्राउन शूगर, ई-सिगरेट आदि का नशा करते हैं। यह नशा इंसान को मौत के मुंह में ले जाता है और इंसान का एक बार पीछा कर ले तो उसका पीछा नहीं छोड़ता। ये लत डालने वाले पदार्थ हैं और केवल मौत के बाद ही पीछा छोड़तेे हैं। यदि कोई ऐसा विद्यार्थी हो जो इस इन लतों से पीडि़त है उनसे बचने की अपील की तथा उन्होंने अपने स्वजनों से भी यह बुराई छुड़ाने की अपील की ताकि उनका जीवन सुधर सके। उन्होंने कहा कि कम से कम एक विद्यार्थी एक जन की इस लत को छुड़ा दे तो जीवन सफल हो जाएगा।
उन्होंने स्वयंसेवकों को बताया कि किस प्रकार नशीले पदार्थ लोगों को जकड़ लेते हैं। हुक्का चिलम आदि में कार्बन मोनोआक्साइड होती है जो हीमोग्लोबिन से मिलकर घातक प्रभाव डालती है। व्यक्ति मौत के घाट चला जाता है। कैंसर, अनिद्रा, बेचैनी, जठर रस का कम उत्पन्न होना, पाचन शक्ति घटना, फेफड़े का कैंसर, खांसी, सर्दी जुकाम और न जाने कितने रोग इनका कारण बनते हैं। उन्होंने बताया कि दो सिगरेट के बराबर एक बीड़ी का नशा होता है, एक घंटे हुक्का पीने से करीब 400 सिगरेट जितना नुकसान होता है, एक सिगरेट करीब 20 मिनट जीवन की कम कर देती है,हक्के में तो अनेकों पदार्थ जैसे टार, निकोटीन, कार्बन मोनोआक्साइड बीड़ी सिगरेट से अधिक होते हैं। उन्होंने ई-सिगरेट का हवाला देते हुए बताया कि यह भी घातक सिगरेट आ गई है। यह शरीर के लिए केवल और केवल नुकसान करती है। जिस परिवार में शराब पीने की लत लग जाती हैं वह परिवार धीरे-धीरे बर्बाद हो जाता है। व्यक्ति की मौत के मुंह में चला जाता है। ऐसे में अपने अनमोल जीवन को बचाइए और इन लत डालने वाले पदार्थों को दूर भगाइये।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि दयानंद अंग्रेजी प्रवक्ता सुंदराह रहे। सुरेंद्र सिंह प्रवक्ता अर्थशास्त्र, अभय सिंह राजनीति शास्त्र, उपेंद्र बाबू, शिव कुमार, हनुमान प्रसाद,आरजू, रेणू, बुद्धराम इतिहास प्रवक्ता, वीरेंद्र शास्त्री, वेद प्रकाशमान, सुभाष, जगबीर सिंह, विनोद शर्मा आदि ने भी अपने विचार रखे।
इस मौके पर एनएसएस इंचार्ज राजेश बालवान ने भी विचार रखे। स्कूल प्रांगण की साफ सफाई करवाई।
फोटो कैप्शन 01 व 02:मोबाइल की बुराइयों के बारे में अवगत कराते हुए डा.होशियार सिंह यादव
घर-घर जाकर आनलाइन किसान पंजीकरण के लिए किया प्रेरित
-सरपंच वर्षा रानी ने किया नेतृत्व
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कनीना की आवाज।अग्रिस्टैक अभियान के अंतर्गत गांव गुजरवास में सरपंच वर्षा रानी के नेतृत्व में एक सात सदस्यीय टीम ने किसानों के घर-घर जाकर आनलाइन किसान पंजीकरण के लिए प्रेरित किया। इस अभियान का उद्देश्य किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ तेज, पारदर्शी और सरल तरीके से पहुंचाना है।
सरपंच वर्षा रानी ने कहा कि हमारा उद्देश्य किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण के लिए प्रेरित करना है ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और हमें उम्मीद है कि वे इसका लाभ उठाएंगे। किसान ऑनलाइन पंजीकरण अधिकारी भूपेंद्र पटवारी ने बताया कि पंजीकरण के लिए किसानों को अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर देना होगा, जिस पर तीन बार ओटीपी आएगा। उन्होंने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में गांव में रह रहे किसानों के अतिरिक्त बहुत सारी आईडी उनकी बुआ-बहनों के नाम से भी हैं, जो शादी के बाद ससुराल में हैं तथा उनसे संपर्क साधा जा रहा है ।
पटवारी ने बताया कि हमने सोशल मीडिया और ग्राम पंचायत के माध्यम से किसानों को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया है, लेकिन अभी भी बहुत से किसानों नेआपना पंजीकरण नहीं करवाया है। उन्होंने किसानों से जल्द से जल्द पंजीकरण करवाने की अपील की है । इस अवसर पर ग्राम सचिव अनिता यादव, बीर सिंह नम्बरदार, लक्ष्मीचंद नम्बरदार, पूर्व सरपंच ताराचंद, रत्न सिंह, संजय कुमार पंच, कृष्ण जांगड़ा, राजबीर सिंह, सुमेर सिंह चौहान एवं रामपाल सिंह थानेदार सहित गांव के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05: चर्चा करते अधिकारी
कशिश यादव का लेफ्टिनेंट पद पर हुआ स्थायी कमीशन आफिसर पर चयन
-रामबास की निवासी है कशिश
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कनीना की आवाज। रामबास गांव की लड़की कशिश यादव ने यूपीएससी द्वारा आयोजित एनडीए की परीक्षा में सभी चरणों को उत्तीर्ण करते हुए 109वी रैंक प्राप्त की है। उनका भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट स्थायी कमीशन आफिसर पर चयन नियुक्ति हुई है। कशिश यादव ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता परिवार व गुरुजनों को दिया है।
पूर्व और प्रधान ओमप्रकाश रामबास ने बताया कि कशिश की इस उपलब्धि ने उनके परिवार का ही नही बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन किया है। जिससे पूरे गांव में खुशी है। इस अवसर पर सरपंच सरोज देवी, पूर्व सरपंच सुनीता देवी, पूर्व सरपंच प्रेम देवी, पूर्व सरपंच माया देवी, पूर्व सरपंच बनवारी लाल, पूर्व सरपंच युद्धवीर सिंह, पूर्व बार प्रधान ओमप्रकाश रामबास, पूर्व बार प्रधान सुनील रामबास, पूर्व बार प्रधान कुलदीप रामबास, पूर्व पार्षद सत्येंद्र यादव, सतीश नंंबरदार, विक्रम नंबरदार, वेद प्रकाश नंंबरदार, जितेंद्र पंच, सिकंदर पंच, कशिश के पिता संजय यादव, कशिश के दादा जगदीश यादव, वेद प्रकाश सहित अनेक ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है।
फोटो कैप्शन: कशिश यादव
ठंड बढऩे से बढ़ी चाय की चुस्कियां
-मूंगफल,गजक, रेवड़ी, शकरकंदी की बहार
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में विगत दिनों से ठंड पड़ रही है। ठंड बढ़ती ही जा रही है जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। आए दिन सुबह धुंध पड़ती है तो दिनभर कड़ाके की ठंड पड़ती है।
दुकानदार महेश, कुलदीप दिनेश, सुरेश आदि ने बताया कि ठंड के चलते वे देर से दुकान पर आते हैं। सर्दी बढ़ जाने से चाय की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। चाय विक्रेताओं की बिक्री बढ़ी है। क्षेत्र में गजक, मूंगफली और शकरकंदी की आवक बढ़ी है। 14 जनवरी मकर संक्रांति का त्यौहार आने में एक माह से भी कम समय बचा है।
चाय की मांग अधिक-
ठंड के कारण लोग चाय अधिक पीते हैं। चाय विक्रेता पोंडा चायवाला, महाशय चायवाले ने बताया कि यूं तो सर्दी एवं गर्मी चाय की मांग होती है किंतु सर्दियों में चाय की मांग अधिक होती है। एक सौ चाय तक अधिक बिकती हैं। चूंकि सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े तो पहनते ही हैं वहीं गर्मागर्म चाय पीकर प्रसन्न नजर आते हैं। चाय की दुकानें जगह जगह खुल गई हैं।
बाजार में आये सर्दी के खाद्य पदार्थ-
बाजार में मूंगफली, गजक, रेवड़ी, शकरकंदी की बहार आ गई है। जहां भी देखे वहीं सब्जी की दुकानों पर शकरकंदियों के ढेर लगे हैं वहीं जगह जगह जमकर मूंगफली भूनकर बेची जा रही हैं। मूंगफली के साथ लोग गजक रेवड़ी भी बेच रहे हैं। दो से तीन माह तक इन पदार्थों की बिक्री कर सैकड़ों लोग रोटी रोजी कमा रहे हैं।
फोटो कैप्शन 06: कनीना क्षेत्र में धुंध का नजारा
07: बाजार में सजी मूंगफली एवं गजक
***प्राचार्य कुतरूं के कारनामे, इसी ब्लाग पर 14 जनवरी से
-पढ़ते रहिये कनीना की आवाज
***साल में एक विज्ञापन भी नहीं दिया
-वो मेरे पास प्रकाशन हेतु न भेजे समाचार













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