मकर संक्रांति पर उपमंडल के गांवों में धार्मिक आयोजनों की धूम, भंडारों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
---श्री कृष्ण गौशाला कनीना में धूमधाम से मनाया मकर संक्रांति
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कनीना की आवाज। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर उपमंडल क्षेत्र के विभिन्न गांवों में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना, हवन और विशाल भंडारों का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्री कृष्ण गौशाला कनीना में धूमधाम से मकर संक्रांति पर मनाया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रोशन लाल यादव व विशिष्ट अतिथि समाजसेवी हरीश कनीनवाल रहे ।
उपमंडल के गांव ककराला में बाबा ढालोड़ मंदिर परिसर में मकर संक्रांति के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने बाबा ढालोड़ के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में ग्रामीणों का भरपूर सहयोग रहा और पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
इसी प्रकार उपमंडल के गांव कोटिया में बाबा बृजेश्वर मंदिर में देसी घी से बने प्रसाद का विशाल भंडारा आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने बाबा बृजेश्वर के दर्शन कर परिवार की खुशहाली और अच्छी फसल की कामना की। भंडारे में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया और आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
वहीं उपमंडल के गांव भडफ़ में भी मकर संक्रांति के पावन पर्व पर भंडारे का आयोजन किया गया। गांव के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण किया गया। गांव के बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि मकर संक्रांति केवल पर्व ही नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। इस तरह के आयोजनों से सामाजिक एकता मजबूत होती है और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति व परंपराओं से जुडऩे का अवसर मिलता है।
मकर संक्रांति पर उपमंडल के इन सभी गांवों में हुए आयोजनों ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था, उत्साह और भाईचारे का सुंदर संदेश दिया।
उधर गांव कोटिया में गौशाला कनीना प्रधान भगत सिंह ने बाबा बुर्जुश्वर धाम पर अपनी ओर से 11 हजार रुपये दान दिये, भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। वे कोटिया में मुख्य अतिथि थे।इस मौके पर सरपंच धर्मबीर, सरपंच विजयपाल, कमेटी प्रधान नरेश, हरी किशन शर्मा, उदय प्रधान, रतन सिंह पंच, राजेश मास्टर, मुलाराम, मंजीत, शेरूख्, निहाल साहब आकदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 10: भगत सिंह प्रधान संबोधित करते हुए।
गौसेवा और समाजसेवा को समर्पित आयोजन में गणमान्य लोगों की रही सहभागिता
--श्रीकृश्ण गौशाला में संपन्न हुआ कार्यक्रम
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कनीना की आवाज। मकर संक्रांति के पावन पर्व के अवसर पर श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में भव्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर हवन एक का आयोजन किया गया तथा भजन कीर्तन भी किए गए । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रोशन लाल रहे, जबकि अध्यक्षता समाजसेवी हरीश यादव कनीनवाल ने की। इस अवसर पर गौमाता की सेवा को समर्पित अनेक सेवा कार्य किए गए, जिससे जरूरतमंद एवं बेसहारा गोवंश को लाभ मिला। गौशाला प्रबंधन समिति के प्रधान भगत सिंह यादव ने बताया कि इस अवसर पर गौसेवा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया है।
प्रधान भगत सिंह ने कहा कि श्रीकृष्ण गौशाला कनीना समाज के लिए एक अनूठी पहल है। इससे आमजन का जुड़ाव बढ़ेगा और गोवंश को सीधा लाभ मिलेगा। उधर मुख्य अतिथि ने गौशाला समिति को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी हरीश कनीनवाल ने कहा कि श्रीकृष्ण गौशाला को शीघ्र ही हाइटेक गौशाला के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गौवंश के लिए अलग-अलग बड़े बनाए जा चुके हैं और गो-संवर्धन के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने गौसेवा के इस प्रयास की सराहना की।
फोटो कैप्शन 12: संबंधित है
कुतरूं प्राचार्य के कारनामे -एपिसोड 01
--खीर संबंधी दिया स्पीच जो पड़ा महंगा
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव जहां करीब 40 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में जमे रहे। उन्होंने अपने जीवन में कई हजार विद्यार्थियों को शिक्षा दी है। उन्होंने करीब 35 विभिन्न मुख्याध्यापकों एवं प्राचार्यों के साथ काम किया और करीब 35 ही स्कूलों/कालेजों में अपनी सेवा दी है। वैसे तो डा. होशियार सिंह की कृति -मेरी शिक्षा का सफर में विस्तार से बताया जा चुका है। सेवा दौरान अनेक कष्ट और समस्याएं झेलनी कुतरूं जैसे प्राचार्यों के कारण वहन करनी पड़ी है। क्योंकि साफ छवि और मेहनतकश शिक्षकों की तरफ बहुत कम लोग मिलते और बोलते हैं। डा. होशियार सिंह ने सदा ही कुर्सी पर बगैर बैठे पढ़ाया और नाम कमाया है। इस अवधि में कुछ ऐसे प्राचार्य मिले जिनका नाम लेते वक्त भी फक्र होता है जबकि कुछ ऐसी प्राचार्य भी मिले जिनके नाम लेते हुए भी ऐसा महसूस होता है जैसे किसी गंदगी में हाथ लग गया हो। इसी दौरान उनके कारनामे भी सामने लाने पड़े हैं क्योंकि एक नहीं दो-तीन कुतरूं प्राचार्य मिले हैं जिनके कारनामे एपिसोड के रूप में पेश किए जाएंगे। किंतु पूर्ण रूप से नाम सहित गाथा पढऩे के लिए मेरी भविष्य प्रकाशित होने वाली पुस्तक कुतरूं प्राचार्य के कारनामे जरूर पढऩे का कष्ट करें।
एक कुतरूं प्राचार्य के दौरान खीर खिलाने का प्रसंग मंच से सुनाना डा. होशियार सिंह को बहुत भारी पड़ा था। वैसे तो खीर को गरिष्ठ भोजन की संज्ञा दी गई है परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में खीर खाना एक आनंददायक मिठाई के रूप में प्रयोग किया जाता है। खीर खाकर लोग बहुत खुश होते हैं और खीर को ही विभिन्न पर्वों एवं उत्सवों पर भी बनाया जाता है। खीर के प्रति आकर्षण स्वाभाविक होता है। ऐसा ही एक प्रसंग डा. होशियार सिंह ने मंच से अपने संबोधन में किया जिसका परिणाम बेहतर नहीं निकला। क्योंकि कहावत है- चोर की दाढ़ी में तिनका। एक और भी कहावत है-टांकर आली ऊंटड़ी पहलै अलडावे। कहने का अर्थ है जिसी ऊंटनी को कोई टांकर अर्थात जख्म हो वह चिल्लाती नजर आती है। कुतरूं गांव के लोग उन प्राचार्यों को आम भाषा में बुलाते हैं।
हुआ यूं कि मुझे एक कहानी पसंद थी। छोटी सी यह कहानी प्रसंगवश मंच से सुनानी पड़ रही थी। कहानी इस प्रकार थी-
एक व्यक्ति खीर खाने से परहेज करता था। न ही उसे खीर अच्छी लगती थी। घर में खीर बनने के बाद वह बहुत मायूस हो जाता था। एक बार एक पर्व पर जहां घर में खीर बनी और उस व्यक्ति बाहर से अभी घर के अंदर ही प्रवेश किया था कि उसकी पत्नी ने कहा-सही मौके पर आ गए हो। इस समय गर्मा गर्म खीर बन गई है। आज पर्व है। लो खा लो। इतना सुनकर व्यक्ति ने कहा कि खीर बनाई है? दुर्भाग्य आज मैं भूखा ही रहूंगा और उसने समझा कि चलो किसी दोस्त के यहां चलते हैं जहां अच्छा खाना मिल जाएगा। जब वह अपने दोस्त के घर पहुंचा तो उसका दोस्त उसे देखकर बहुत खुश हुआ और कहा कि दोस्त, आज तुम सही मौके पर आए हो क्योंकि आज पर्व है और हमने घर पर खीर बनाई है। इतना सुनकर वह दोस्त झुझला उठा और कहा कि मैं अपने घर में भी खीर छोड़कर यहां आया था कि अच्छा खाना मिलेगा। यहां भी खीर बनी है। अपने दोस्त के घर भी वह नहीं रुका और जंगल की ओर चल दिया। जंगल में निराश घूमता रहा और आखिरकार एक पेड़ पर चढ़ गया और वहीं बैठ गया। तभी गड़रिये इधर-उधर से घूमते फिरते उस पेड़ की छाया में आ पहुंचे जिस पेड़ पर वह व्यक्ति बैठा था। गड़रियों ने कहा कि आज पर्व है और अपनी गायों के पास काफी दूध है। क्यों ना आज खीर बना ली जाए और उसी पेड़ के नीचे उन्होंने खीर बनानी शुरू कर दी। जब खीर लगभग बनकर ही तैयार हो गई थी तभी पशुओं के लुटेरे गोली बंदूक लेकर उनकी ओर आने लगे। उनके घोड़े की पदचाप सुन गड़रिये भाग खड़े हुए। लुटेरे जब पेड़ के नीचे पहुंचे तो उन्होंने कहा कि हमें पशु तो मिल गए परंतु खीर भी मिल गई है। एक लुटेरे ने कहा कि गड़रिये बहुत चालाक होते हैं। उन्होंने कहीं इस खीर में जहर न मिला दिया हो। अगर जहर मिलाया है तो वो गडरिये इधर-उधर छुपकर देख रहे होंगे। क्यों न तलाश की जाए कि कोई गडरिया इधर-उधर छुपकर तो नहीं देख रहा है। तभी उनकी नजर पेड़ पर पड़ी और कहा कि यह छुपा है गड़रिया। एक लुटेरे ने बंदूक तान दी और कहा कि तुरंत नीचे आजा वरना गोली से उड़ा दिया जाएगा। वह व्यक्ति घर से खीर छोड़ और अपने दोस्त से के घर से खीर छोड़कर पेड़ पर बैठा था। उसने कहा कि नीचे तो आ जाऊंगा परंतु मैं खीर नहीं खाऊंगा। लुटेरों को पक्का शक हो गया कि हो न हो इस खीर में जहर मिलाया है। उन्होंने कहा कि जल्दी उतर आ नहीं थी यह गोली चलाई जाती है। इतना सुनकर डरते कांपते हुए व्यक्ति ने कहा कि मैं नीचे आ रहा हूं लेकिन खीर नहीं खाऊंगा। जब वह व्यक्ति पेड़ के नीचे आया तो लुटेरों ने उसके हाथ पैर पकड़ लिए और ज्यादा सी खीर उसके मुंह में ठूंस दी। जब कुछ समय तक नहीं मरा तो समझा की खीर में जहर तो नहीं है और उसे छोड़ दिया गया।
इसलिए जो घर में खाना हो उसे भगवान का प्रसाद मानकर जरूर ग्रहण कर लेना चाहिए। इसी में भलाई होती है। जब उपरोक्त कहानी मंच से सुनाई गई तो कुतरूं प्राचार्य ऐसे उछले जैसे चिंगरी हुई ढांडी हो। वह कुतरूं कहानी को अपने ऊपर ले गया और कुछ टूटी-फूटी अंग्रेजी में दो शब्द बोलते हुए अपने आफिस में चला गया। मौजूद शिक्षक स्तब्ध रह गए कि आखिर कुतरूं को को क्या हो गया? किसी ने कहा इसे शायद ततैया या भीरड ने काट खाया है तो किसी ने कहा नहीं-नहीं यह खीर से चिड़ता है तो किसी ने कहा कि नहीं नहीं खीर की कहानी अपने ऊपर ले गया। क्योंकि इस कहानी सुनाने से पहले दिवस डा. होशियार सिंह और कुतरूं के साथ किसी बात को लेकर बहस हो गई थी। जिससे उस प्राचार्य ने समझा कि डा. होशियार सिंह ने कहानी उन पर ही कही है। बस फिर क्या था डा. होशियार सिंह का दोस्त कहने लगा- चलो मिलकर चलते हैं। इसे समझते हैंद्ध वैसे तो शक्की इंसान कभी आसानी से नहीं समझ पाता। खैर प्रयास करते हैं, समझ जाए तो अच्छा वरना किसी का क्या बिगाड़ सकता है? फिर क्या था उस कुतरूं के पास गए। उसी को समझाया गया कि यह कहानी किसी पर कहीं नहीं गई थी बल्कि मार्मिकता और घर के खाने को समझाने की बातों का ध्यानार्थ कही गई थी। ऐसे में तुम गलती पर हो। डा. होशियार सिंह ने कोई ऐसी बात आप पर या आपत्तिजनक बात नहीं कई है। आप पर कुछ नहीं कहा गया है। फिर भी वह कब मानने वाला था। जैसे अधमरा सांप होता है उस जैसी हालात देखकर उसे उसके हाल पर छोड़ दिया गया। धीरे-धीरे उसके खुद समझ आया और विशेष कर उसका चमचमल उसे गाइड करता रहता था। हो सकता है चमचामल ने कुछ गाइड किया तब जाकर बात सामान्य बनी। ऐसे में ऐसे भी प्राचार्य होते हैं जिनके कारनामे दूर दराज तक मशहूर हो जाते हैं। ऐसा ही अगला कारनामा अगले एपिसोड में सुनाया जाएगा।
ध्यान रहे अब तक बहुत शांति से जी लिए लेकिन कुतरुओं ने मेरे कई हक मार लिए। हक बेशक मार लो लेकिन पीछे से अनर्गल बातें करते हैं।अब जी जान से लड़ेंगे, न्यायालय में जाएंगे यदि कुतरूं हम पर कोई वार करते हैं तो उसका माकूल जवाब देंगे। कुतरुओं के कारनामों का पर्दाफाश किया जाएगा। जिंदगी चाहे कम रहे अच्छी रहेगी। भविष्य में युवा पीढ़ी यह तो नहीं कहेगी कि होशियार सिंह कुतरुओं से डरता था। अब कुतरुओं के साथ कड़ी जंग छेड़ेंगे।
मकर संक्रांति पर खेलों का आयोजन
--कुतबापुर की टीम ने बड़कोदा को हराकर जीती वालीबाल प्रतियोगिता
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कनीना की आवाज। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गांव कुतबापुर में खेल एवं क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में आसपास के गांवों के खिलाडिय़ों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मुख्य मुकाबला कुतबापुर और बड़कोदा की टीमों के बीच खेला गया, जिसमें कुतबापुर की टीम ने रोमांचक मुकाबले में 2-1 से जीत हासिल की। वालीबाल प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में कुतबापुर की टीम प्रथम और बड़कोदा की टीम द्वितीय स्थान पर रही। वहीं जूनियर वर्ग में कुतबापुर की ही टीमों ने प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
वालीबाल के साथ-साथ क्रीड़ा प्रतियोगिता के अंतर्गत कुश्ती और दौड़ प्रतियोगिताएं भी करवाई गईं, जिनमें कक्षा पहली से दसवीं तक के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने खेल भावना, अनुशासन और मेहनत का शानदार प्रदर्शन किया।
आयोजन को सफल बनाने में होशियार सिंह पीटीआई, सोनू कोच, वेदप्रकाश कोच शहरपुर, यतेन्द्र मास्टर, प्रवक्ता राजपाल बड़कोदिया, नीटू यादव, प्रवीण सहित अनेक युवाओं और ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा।
फोटो कैप्शन 11: संबंधित है
कनीना-अटेली को जल्द मिलेगी ब्लड स्टोरेज यूनिट
-समय पर उपलब्ध होगा जीवन रक्षक रक्त : आरती सिंह राव
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कनीना की आवाज। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दिशा निर्देशन में प्रदेश के साथ-साथ जिला महेंद्रगढ़ में भी स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। अटेली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तथा कनीना के उपमंडल स्तरीय नागरिक अस्पताल में फर्स्ट रेफरल यूनिट के साथ ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित की जाएगी। इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि ये यूनिट के शुरू होने से अब जरूरतमंद मरीजों को समय पर जीवन रक्षक रक्त उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि आपातकालीन स्थितियों व प्रसव संबंधी जटिल मामलों में त्वरित और प्रभावी उपचार संभव हो पाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि लंबे समय से क्षेत्रवासियों द्वारा ब्लड स्टोरेज यूनिट की मांग की जा रही थी, जो अब पूरी हो गई है। फर्स्ट रेफरल यूनिट के साथ अब इसे स्थापित किया जाएगा। इससे अटेली-कनीना सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलेगी। ऑपरेशन के समय ब्लड की जरूरत पूर्ति के लिए दूर-दराज के शहरों में भटकना नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि पहले रक्त की आवश्यकता पडऩे पर मरीजों को महेंद्रगढ़, नारनौल या रेवाड़ी जैसे दूरस्थ स्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे कई बार उपचार में देरी हो जाती थी और मरीजों की जान को खतरा बना रहता था। अब सीएचसी स्तर पर ही सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रहण एवं उपलब्धता सुनिश्चित होने से समय और संसाधनों की बचत होगी तथा अनेक जानें बचाई जा सकेंगी।
फोटो-स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव।
सूर्य उपासना का पर्व मकर संक्रांति मनाया गया
-गौशाला में लगा रहा तांता
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया। घरों में चूरमा एवं दाल पकाया गया। बुजुर्गों को जगाने की प्रथा भी कुछ देखने को मिली। रातभर आग जलाकर लोग उसके चारों ओर बैठे रहे। परंपरागत त्योहार के प्रति रुझान कम होता जा रहा है।
मकर संक्रांति पर्व पर दुकानों पर भारी भीड़ रही। लोहड़ी पर्व की रात्रि को ही लोग नहा धोकर आग के पास बैठ गए। गजक, मूंगफली, शकरकंदी आदि खाते देखे गए। सुबह होने तक यह क्रम जारी रहा। बुजुर्गों को जगाने का रिवाज भी देखने को मिला। जागते हुए लोगों को फिर से जगाया जाता है। विभिन्न गौशालाओं में गायों को चारा एवं मीठा खाना परोसा गया और लोगों ने दान दक्षिणा दी। उधोदास गौशाला में बाबा लालदास महाराज ने अपने हाथों से हवन करवाया और अपने हाथों से गायों को मीठा खाना खिलाया। दिनभर दान दक्षिणा दी गई। विभिन्न गांवों में मेला आयोजित हुये जहां प्रसाद वितरित किया गया।
घरों में खीर चूरमा तथा दाल चूरमा बनाया गया। दिनभर खीर चूरमा और दाल चूरमा का भोग लगाते देखे गए हैं। वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है। इस दिन इस पर्व पर खीर चूरमा और दाल चूरमा बनाया जाता है। उधर बुजुर्गों ने बताया कि वर्षों से वह देखते आ रहे हैं कि उनके पूर्वज भी कभी दाल चूरमा ही बनाते आता है। किसी समय में दाल चूरमा ही क्षेत्र का प्रसिद्ध पकवान होता था उसे आज भी प्रयोग में ला रहे हैं।
बुजुर्गों को जगाकर दान पुण्य की परंपरा को दिनभर आगे बढ़ाया गया। गरीबों को दान, गायों की सेवा, गौशालाओं में मीठा भोजन, सार्वजनिक स्थानों पर गायों के लिए चारा आदि डालकर लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की। कनीना में करीब हर घर के आस पास ईंधन जलाकर उसके पास महिला एवं पुरुष बैठे नजर आये। वे शकरकंदी आग में भूनकर खाते रहे।
उधर कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला, भोजावास, बूचावास आदि गौशालाओं में जहां हवन आयोजित किया गया वहीं दिनभर गायों की सेवा की गई। भारी संख्या में लोग गुड़, गाजर, शकरकंदी, चारा एवं दलिया आदि खिलाने के लिए गौशाला में पहुंचे।
प्रधान गौशाला भगत सिंह ने बताया कि हर वर्ष गौशाला में मकर संक्रांति के दिन गायों को मीठा खाना खिलाने वालों का तांता लगा रहा। लोग विगत लंबे समय से गायों की सेवा कर रहे हैं और दूर-दराज से लोग इस दिन आकर गायों को चारा चराते हैं। गौशाला के प्रधान भगत सिंह ने बताया कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में मकर संक्रांति के प्रति लोगों की गहन आस्था है और विभिन्न स्थानों पर दान पुण्य की परंपरा चलती है। गायों की सेवा भी उनमें से एक है।
फोटो कैप्शन 07: आग के पास बैठकर आग सेकते लोग।
तीन दिनों से मौसम साफ
- सुबह पड़ती है कड़ाके की ठंड और जमता है हल्का पाला
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में विगत तीन दिनों से सूरज सुबह सवेरे ही चमकना शुरू कर देता है और देर शाम तक चमकता रहता है किंतु दिनभर ठंड और सुबह सवेरे कड़ाके की ठंड पड़ती है। धुंध लगभग समाप्त हो गई है, हल्का पाला भी जमता है। दो दिनों पहले भारी मात्रा में पाला जमा देखा गया था। धीरे-धीरे पाला जमना कम होता जा रहा है। हल्का पाला घासफूस पेड़ों की पत्तियों पर देखने को मिला।
कनीना क्षेत्र में जहां करीब 20 हजार हेक्टेयर पर सरसों खड़ी हुई है जिसमें इस समय फूल और फलियां आ रही है। पाले से जिसे नुकसान होने का अंदेशा बना बन जाता है। जहां गेहूं की फसल अभी छोटी है जो 8000 हेक्टेयर के करीब खड़ी हुई है। किसान अपनी फसलों को निहार रहे तथा उन्हें विश्वास है कि अभी तक इतना पाला नहीं जमा है जिससे नुकसान हो जाए। उन्हें विश्वास है कि भविष्य में अच्छी पैदावार सरसों और गेहूं की होगी।
उल्लेखनीय है कि कनीना क्षेत्र में पल-पाल मौसम बदल रहा है। पहले भी पाला जमा था और एक बार फिर से पाला जमने की घटना चल रही है। वैसे तो मकर संक्रांति के दिन के बाद जहां उत्तरायण शुरू हो जाता है और बुजुर्गों के अनुसार सर्दी धीरे-धीरे कम होने लग जाती है। परंतु अभी फरवरी माह तक ठंड चलने का असर बने हुए हैं । उधर ठंड के कारण सरकारी स्कूलों में भी शीतकालीन अवकाश बढ़ा देने के कारण सोमवार को ही स्कूल खुलेंगे। ऐसे में जहां पाला इस बार दो दिनों पहले जमा था उतना पल कभी भी नहीं जमा है।
फोटो कैप्शन 8: गेहूं के पत्तों पर जमा हलका पाला
09: ठंड के कारण गेहूं की फसल की हालात
कनीना के बीइओ बने नारनौल के उप जिला शिक्षा अधिकारी
--उमेद सिंह बने कनीना के खंड शिक्षा अधिकारी
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कनीना की आवाज। हाल ही में प्रदेश के 50 खंड शिक्षा अधिकारियों को उप जिला शिक्षा अधिकारी बना दिया गया है। इसी कड़ी में जहां कनीना खंड शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह को नारनौल के उप जिला शिक्षा अधिकारी/डिप्टी डीइओ पद पर पदोन्नति मिली है। उधर कनीना के खंड शिक्षा अधिकारी बतौर जिला भिवानी से उमंद सिंह राजकीय माडल संस्कृति स्कूल के प्राचार्य को पदोन्नत कर भेजा गया है। 71 प्राचार्यों को बीइओ पद पर पदोन्नत किया गया है।
उनकी पदोन्नति पर अनेक लोगों ने खुशी जताई है जिनमें प्राचार्य विजयपाल, पूर्व मुख्याध्यापक राज कुमार गुढ़ा, हंसराज सिंह, ओमप्रकाश ओएस आदि प्रमुख हैं।
फोटो कैप्शन: दिलबाग सिंह
कनीना उप-नागरिक अस्पताल में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित
-कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन के चेयरमैन अंकुर यादव अल्ट्रासाउंड की, की मांग
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कनीना की आवाज। कनीना के उप-नागरिक अस्पताल में जहां ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होने से क्षेत्र के लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा सरकार ,आरती सिंह राव का आभार जताया हैं।
इस मौके पर कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन के चेयरमैन अंकुर यादव कनीनवाल ने कहा कि आरती सिंह राव सदा ही जनहित के कार्यों में तल्लीन रहती है। उन्होंने जहां पहले एफआरयू स्थापित किया तो अब ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित कर दिया है। इससे न केवल समय पर जीवन रक्षक रक्त मरीजों को उपलब्ध हो सकेगा अपितु आपातकाल व प्रसव मामलों में तेजी से उपचार हो पाएगा।
बहुत से मामलों में जब रक्त की जरूरत होती है उस समय मरीजों को इधर-उधर ले जाना पड़ता है। अंकुर यादव कनीनवाल ने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि अल्ट्रासाउंड मशीन भी कनीना के उप नागरिक अस्पताल में स्थापित करवा दी जाए ताकि क्षेत्र के गरीब और दूर दराज परेशान होकर जाने वाले मरीज को लाभ हो सके। अभी तक यह मशीन नारनौल में ही स्थापित की गई है जिसके चलते वहां पर अधिक मरीज जाने के कारण समय पर अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाता। यदि कनीना में भी स्थापित कर दी जाए तो मरीजों को बहुत लाभ हो पाएगा। वैसे भी कनीना उप नागरिक अस्पताल के तहत लाखों लोग निर्भर करते हैं और कई गांव के लोग इस पर आश्रित है। उन्होंने आरती सिंह राव का आभार भी जताया कि वो जनहित के कार्यों में सदा अग्रणी रहती है।
फोटो कैप्शन: अंकुर कनीनवाल
गाहड़ा में मकर संक्रांति पर विशाल यज्ञ, प्रकृति शुद्धि और सामाजिक एकता का संदेश
-उधोदाास गौशाला में हुआ हवन, भजन एवं भंडारा
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कनीना की आवाज। उपमंडल के गांव गाहड़ा स्थित आर्य समाज मंदिर में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर विशाल यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर पूर्ण आहुति दी और विश्व कल्याण की कामना की।
आर्य समाज गाहड़ा के प्रधान रामेश्वर दयाल शास्त्री ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक माह होने वाले यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है और इससे प्रकृति, वायु तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने का भी माध्यम है। यज्ञ के दौरान पंडित धुरंधर शर्मा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को यज्ञ के महत्व के बारे में बताया और कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यज्ञ में नियमित रूप से भाग लेना चाहिए, क्योंकि इससे मानसिक, शारीरिक और आत्मिक शुद्धि होती है।
इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में मास्टर रामकुमार, नित्यानंद यादव, अनिल परदेसी, पूर्व सरपंच बिल्लू, कंवर सिंह, बीरेंद्र, जय प्रकाश सोनी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। उधर उधोदास गौशाला में मकर संक्रांति के अवसर पर सुबह हवन आयोजित हुआ तत्पश्चात लालदास महाराज ने भजन एवं उपदेश दिया। बाद में भंडारा भी चला जिसमें दूर दराज से आये भक्तों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
फोटो कैप्शन 05: यज्ञ करते हुए लालदास ग्रामीण।
बाबा धोनीगर की 77वीं बरसी पर खेलकूद आयोजित
-एसडीएम कनीना पहुंचे खेलों में
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कनीना की आवाज। बाबा धोनीगर कि 77वी बरसी पर राजीव गांधी खेल स्टेडियम छीथरोली में खेलों का आयोजन शुरू किया गया। एसडीएम कनीना डा. जितेंद्र सिंह खेल स्टेडियम में पहुंचे और पहलवानों के हाथ मिलवाकर कुश्ती शुरू करवाई।
एसडीएम ने इंस्पेक्टर हरियाणा पुलिस सुनील कुमार धनखड़ भीम अवार्डी छीथरोली और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सुनील सांगवान छीथरोली को स्मृति चिह्न और पगड़ी पहना कर सम्मानित किया। ग्रामीणों ने एसडीएम को भी स्मृति चिह्न भेंट किया। इस मौके पर भंडारा भी लगा।इस मौके पर सरपंच बलवान सिंह आर्य, सूबेदार रामवीर, भागमल, पूर्व सरपंच रामफ़ल, पूर्व सरपंच प्रदीप, नरेंद्र शास्त्री, कैप्टन विनोद कुमार, मास्टर जेल सिंह उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 06: एसडीएम कनीना पहलवानों के हाथ मिलवाते हुए
रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की राज्य स्तरीय बैठक 16 जनवरी को
-आयोजित होगी रोहतक में
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कनीना की आवाज। रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश प्रदेश सचिव धर्मपाल शर्मा ने बताया राज्य प्रधान वजीर सिंह व महासचिव रतन जिंदल के निर्णय अनुसार 16 जनवरी 2026 तो राज्य कार्यकारिणी की बैठक कर्मचारी भवन रोहतक में सुबह 11 बजे होनी निश्चित हुई है। जिसमें सभी राज्य कमेटी पदाधिकारी एवं जिलों के प्रधान सचिव शामिल होंगे। बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण एजेण्डे पर विचार विमर्श किया जाएगा। हरियाणा राज्य में अब तक कितने सदस्य बने हैं और कितना संघर्ष फंड इक_ा किया गया है। 17 दिसंबर को उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन की रिपोर्टिंग की जाएगी। अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन का दूसरा सम्मेलन सैनी धर्मशाला कुरुक्षेत्र में 22- 23 फरवरी को आयोजित होना निश्चित हुआ है। उसे सम्मेलन की तैयारी बाबत विचार विमर्श किया जाएगा। प्रत्येक जिले को जो राष्ट्रीय सम्मेलन का चन्दे का कोटा दिया गया है उसमें से कितना चंदा इक_ा कर लिया और शेष की योजना क्या है? कोटा राज्य के बैंक के खाता नंबर 32730809138 स्टेट बैंक आफ इंडिया में जमा करवाना होगा। यदि किसी जिले को राष्ट्रीय सम्मेलन संबंधित चंदे की रसीद चाहिए तो और रसीद ले सकता है । कर्मचारी आंदोलन संघर्ष गाथा पुस्तिका जिला वाइज वितरण जाएगी। बाढ़ राहत का बकाया कोटा जमा करवाना होगा। अन्य अध्यक्ष की अनुमति से मामले उठाए जाएंगे धर्मपाल शर्मा ने आगे बताया यदि सरकार रिटायर्ड कर्मचारियों की मांगे नहीं मानेगी और आठवीं वेतन आयोग के लाभों से वंचित करेगी तो कुरुक्षेत्र में 22 -23 फरवरी को राष्ट्रीय सम्मेलन में बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ एनएसएस शिविर का हुआ समापन
-सात दिनों से चला आ रहा था शिविर
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कनीना की आवाज। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में 8 जनवरी से चल रहे सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैलास चंद यादव,सेवा निवृत्त प्राचार्य ने शिरकत की।
उन्होंने स्वयंसेवकों को बताया कि परीक्षा की तैयारी हो या जीवन में सफलता की सीढिय़ां चढऩे की बात हो आपका लक्ष्य निश्चित होना चाहिए । एकाग्रचित्त होकर पढऩे के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखे। कोई ना कोई स्किल जरूर सीखें। इस पर कार्यक्रम अधिकारी राजेश बालवान प्रवक्ता अंग्रेजी ने बताया की किस तरह से सात दिनों तक विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने नशा, स्वास्थ्य, बागवनी, सोशल मीडिया व मोबाइल के प्रभाव, कानून, योग पर्यावरण, स्वच्छता आदि विषयों की विस्तार से जानकारी दी गई।
इस शिविर के कुशल संचालन के लिए प्राचार्य के मार्गदर्शन एवं साथी अध्यापकों सुरेंद्र सिंह प्रवक्ता अर्थशास्त्र, बुधराम, अभय सिंह, विरेंद्र शास्त्री, डा. पुखराज, अमित शास्त्री, विनोद शर्मा, वेद प्रकाशमान, सुभाष, परमानन्द ,शिव कुमार व हनुमान का साथ मिला। उनको सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले दो स्वयंसेवकों अंजली व सैफ अली को बेस्ट वालिंटियर के रूप में चुना गया। उनको सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने सास्कृतिक प्रस्तुतियों देकर मंत्रमुग्ध कर दिया।
फोटो कैप्शन 01: उपस्थित शिक्षकों को सम्मानित करते हुए
रसूलपुर में आयोजित हुआ वैदिक यज्ञ
--छोटे बच्चों की खेलकूद भी आयोजित
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कनीना की आवाज। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर हर वर्ष की भाती आर्य समाज रसूलपुर द्वारा गांव के बाबा भैया के पावन प्रांगण में वैदिक यज्ञ का आयोजन किया जिसमें गांव के पुरुष, औरत और बाल बालिकाओं ने अपनी उपस्थिति दे कर यज्ञ में अपनी अपनी आहुति दी।
रामचंद्र मुख्य यज्ञमान रहे तथा सतीश आर्य यज्ञ पुरोहित रहे। सतीश आर्य ने मकर सक्रांति क्यों मनाई जाती है इस पर गहराई से अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर आर्य समाज रसूलपुर द्वारा गांव के बालक बालिकाओं की आयोजित करवाई गई खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को नगद राशि इनाम स्वरूप देकर बच्चों का हौसला बढ़ाया ।
इस अवसर पर सतबीर , हरफूल सिंह प्रधान आर्य समाज , धर्मपाल मंत्री आर्य समाज तथा गांव के गण मान्यजन, महिलाएं व काफी संख्या में बच्चे उपस्थिति रहे।
फोटो कैप्शन 03: रसूलपुर में यज्ञ करते हुए
पीएमश्री भोजावास में कौशल विकास सेमिनार आयोजित
-अचार निर्माण व सौंदर्य प्रसाधन विषय पर जानकारी - कविता व बीना देवी
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कनीना की आवाज। पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में कौशल विकास, रोल मॉडल व फन सेमिनार के आयोजन के चौथे दिन आज अचार , चटनी , मुरब्बा बनाने के बारे में कविता देवी ने दी जो लंबे समय से गांव बवानिया में अचार निर्माण , मोटे अनाज के प्रोडक्ट चटनी, जैम , मुरब्बा आदि का कार्य स्वयं सहायता समूह के माध्यम से करती है । इस अवसर पर बीना देवी ने ब्यूटी पार्लर से संबंधित जानकारियां छात्राओं को दी और इस कौशल में अपनी रुचि अनुसार कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस माध्यम से आत्म निर्भर बन सकते हैं। और अच्छी कमाई कर सकते हैं ।
इस अवसर पर भूगोल प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह ने कविता देवी व
बीना देवी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश को विकसित होने के लिए प्रत्येक नागरिक को किसी न किसी कौशल में दक्ष होना अनिवार्य है। इस अवसर पर प्रवक्ता सत्यप्रकाश , नीलम यादव, बबीता यादव उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: अचार बनाने की जानकारी देती बीना देवी




















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