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Wednesday, December 31, 2025



 

वैश्विक परिवार दिवस-एक जनवरी
प्राचीन भारतीय दर्शन का मूलमंत्र है वसुधैव कुटुम्बकम- लक्की राव सीगड़ा
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कनीना की आवाज।
लक्की राव सिगड़ा का कहना है कि हमारी पृष्ठभूमि, संस्कृति या मान्यताएं अलग हैं लेकिन हम सभी एक वैश्विक परिवार का हिस्सा हैं। वैश्विक परिवार दिवस दुनिया भर के लोगों में प्यार, सद्भाव, एकता को प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित होता है। वैश्विक परिवार दिवस की शुरूआत दुनिया भर में अहिंसा को बढ़ावा देने के लिए वन डे वन पीस नाम से किया गया था पहला आधिकारिक ग्लोबल फैमिली डे एक जनवरी 2000 को मनाया गया था। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य यह है कि पूरा विश्व एक परिवार है। यह दिन एकता, शांति और एकजुटता को बढ़ावा देता है।
प्राचीन भारतीय दर्शन का मूलमंत्र है वसुधैव कुटुम्बकम-
वसुधैव कुटुम्बकम एक सार्वभौमिक दृष्टिकोण है जो सभी मनुष्यों को एक बड़े परिवार के रूप में देखता है, जिससे आपसी समझ, प्रेम और सहयोग को बढ़ावा मिलता हैं। पूरी पृथ्वी ही परिवार है भारतीय दर्शन का एक मूल सिद्धांत है जिसका अर्थ है कि सभी मनुष्य एक ही परिवार के सदस्य हैं। हमें सार्वभौमिक भाईचारे, समानता और एक-दूसरे के प्रति करुणा के साथ रहना चाहिए।
समग्र विश्व एक वैश्विक ग्राम है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम किस देश से आते हैं, या हम किस जाति से हैं, या हम किस धर्म में विश्वास करते हैं, विश्व की पूर्ण जनसंख्या धरती पर एक परिवार हैं। समस्त मानव जाति को एक साथ आना चाहिए और प्रेम और शान्ति में विश्वास करना चाहिए और विश्व में सुख और आशा लाने हेतु इसका अभ्यास करना चाहिए।
हम सभी को मिलकर व्यापक दृष्टिकोण एवं वैश्विक चुनौतियां को साथ लेकर प्रेम और भाईचारा कायम करना हमारी प्राथमिकता होना चाहिए। सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और राष्ट्रीय बाधाओं से ऊपर उठकर करुणा और प्रेम के माध्यम से दुनिया को एक बेहतर स्थान बनाया जा सकता हैं।
फोटो कैप्शन: लक्की राव सिगड़ा


मंत्री आरती सिंह राव का जताया आभार
-उन्हाणी के पास 1.82 करोड़ रुपए की परियोजना को मंत्री आरती सिंह राव ने दी  स्वीकृति
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कनीना की आवाज।
कनीना महेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर गांव उन्हणी के समीप लंबे समय से जर्जर अवस्था में पड़ी पुलिया एवं लगभग 3.153 किलोमीटर क्षतिग्रस्त सड़क के पूर्ण निर्माण को लेकर क्षेत्र वासियों को बड़ी राहत मिली है। नगर पालिका पार्षद दीपक चौधरी के प्रयासों के बाद स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव के संज्ञान में मामला आने पर इस महत्वपूर्ण परियोजना को एक 1.82 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना के अंतर्गत जर्जर पुलिया का पूर्णरूप से पुनर्निर्माण किया जाएगा तथा सड़क को आधुनिक मानकों के अनुरूप नए सिरे से तैयार किया जाएगा। इससे इस मार्ग पर यातायात सुगम, सुरक्षित और निर्बाद  होगा विभागीय सूत्रों के अनुसार नए वर्ष में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ  कर दिया जाएगा।
यह जानकारी दीपक चौधरी ने देते हुए बताया कि यह मार्ग कनीना -महेंद्रगढ़ सहित आसपास के अनेक गांवों को जोडऩे वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है पुलिया और सड़क की खराब स्थिति के कारण लंबे समय से राहगीरों, स्कूली विद्यार्थियों, किसानों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था वहीं सड़क हादसों की आशंका भी बनी रहती थी।
नगर पालिका पार्षद दीपक चौधरी ने इस समस्या को लेकर चंडीगढ़ स्थित स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय में कई बार जाकर मुलाकात की और क्षेत्र की गंभीर स्थिति से अवगत करवाया। उनके बाद लगातार प्रयासों और जनहित की आवाज उठाने के परिणाम स्वरूप यह परियोजना स्वीकृत हो सकी।
पार्षद दीपक चौधरी ने स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वीकृत क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी राहत है उन्होंने कहा कि मंत्री कुमारी आरती सिंह राव जन समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनके सकारात्मक हस्तक्षेप  से क्षेत्र को यह महत्वपूर्ण सौगात मिली है इस मौके पर मुकेश लंबरदार, नरेंद्र फौजी, योगेश कुमार पार्षद, मनीष कुमार पार्षद प्रतिनिधि, देशराज सिंह पार्षद प्रतिनिधि, राकेश पार्षद मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन: दीपक चौधरी





अटेली टी-प्वाइंट पर लगा दिनभर भंडारा
-नए साल पर लगेंगे कई जगह भंडारे
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कनीना की आवाज।
 कनीना-अटेली टी-प्वाइंट पर दूसरी बार भंडारा आयोजित किया गया। यह भंडारा मनोज कुमार फोटोग्राफर, कंवर सिंह नयाबासी,गजराज सिंह, ओम प्रकाश, मोनू फोटोग्राफर ,राजेश कुमार,अजय कुमार बिट्टू, टोनी आदि ने यह भंडारा लगाया और ताजा पूड़ी सब्जी, हलवा आने जाने वाले लोगों को खिलाया। वाहनों को भी रुकवाकर उनके चालकों को भी भोजन कराया गया।
 मनोज कुमार ने बताया कि यह भंडारा दूसरी बार लगाया गया है। विगत वर्ष भी इसी जगह भंडारा लगाया था। भंडारे के पीछे एक उद्देश्य है कि ताजा भोजन सुबह सवेरे सभी को मिले। जो किसी कारणवश घर पर भोजन नहीं कर पाए उनको भी भोजन मिल सके। उन्होंने कहा भोजन कराना पुण्य का कार्य होता है। लोगों ने भरकर भोजन किया।
 नए साल पर लगेंगे अनेक भंडारे-
 नई साल पर कनीना और आसपास विभिन्न स्थानों पर भंडारे लगेंगे। जहां लाल गिरी महाराज कनीना का भंडारा नए साल पर लगेगा वहीं राव दान सिंह के पेट्रोल पंप के समक्ष छठी बार भंडारा आयोजित किया जाएगा। यह भंडारा रायल मार्केट की तरफ से आयोजित किया जाएगा जिसमें महालक्ष्मी बैट्री, पतंजलि चिकित्सालय, श्रीश्याम टायर, शेरावत म्यूजिक, सालासर स्टील एंड एल्युमिनियम ,धोलिया बाइक वर्कशाप, केडी मोडिफाइड प्वाइंट आदि सभी मिलकर शुद्ध सात्विक भोजन करवाएंगे।
 जितेंद्र कुमार ने बताया की कोरोना काल में उन्होंने भंडारा शुरू किया था ताकि जिन लोगों को भोजन नहीं मिल सके वो यहां भोजन कर पाएं। तब से परंपरा लगातार चली आ रही है और अब भी यह परंपरा कायम है। उधर लाल गिरी महाराज का भंडारा भी 1 जनवरी को लगेगा। मोहन सिंह पुर पार्षद ने बताया कि भंडारा उनकी 50वीं पुण्यतिथि पर लगाया जाएगा।
 फोटो कैप्शन 4: अटेली टी-प्वाइंट पर मनोज कुमार फोटोग्राफर एवं लोगों द्वारा लगाया भंडारा




दादा खरीदे तो पोता बरते वाली कहावत चरितार्थ हो रही है ट्रैक्टर पर
-50-50 सालों से चलाते आ रहे हैं एक ही ट्रैक्टर
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कनीना की आवाज।
 कहावत है कि दादा अगर कोई चीज खरीद ले और उसका पुत्र तथा पौत्र भी उसे प्रयोग करें तो इससे बेहतर वस्तु और क्या हो सकती है। कनीना क्षेत्र में एक नहीं अपितु दो किसानों के पास हिंदुस्तान ट्रैक्टर 1975 से लगातार चला आ रहा है। आज भी ट्रैक्टर वहीं ट्रैक्टर काम में ले रहे हैं और वही ट्रैक्टर किसी जमाने का बहुत प्रसिद्ध ट्रैक्टर था। कभी हिंदुस्तान नाम से यह ट्रैक्टर चला था आज भी कनीना के दो किसानों के पास बेहतरीन ढंग से कार्य कर रहा है। किसान आज ट्रैक्टर से खुश हैं।
1975 में संजय पुत्र सुभाषचंद्र शर्मा इसराणा के किसान के पास हिंदुस्तान ट्रैक्टर है जो उस जमाने में बहुत प्रसिद्ध ट्रैक्टर था और आज भी उसे खेती-बाड़ी में काम ले रहे हैं। उनका कहना है कि यह ट्रैक्टर जल्द खराब नहीं होता और बहुत शक्तिशाली है जो आसानी से किसान के कामों को पूरा कर देता है। किसान का कहना है कि आधुनिक ट्रैक्टर के बजाय उनका पुराना ट्रैक्टर उनकी मनपसंद है और उनके हर कार्य में अहम भूमिका निभा रहा है। आज भी बेहतर ढंग से कार्य कर रहा है।
 उधर कनीना के पार्षद थान सिंह के पास 1977 से चला रहा हिंदुस्तान ट्रैक्टर आज भी कार्यरत है। उन्होंने बताया कि उनके दादा मामचंद मेंबर ने इसे खरीदा था। तत्पश्चात उनके पिता कंवर सिंह ने इसे खेती बाड़ी में प्रयोग किया और वर्तमान में स्वयं थान सिंह प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे अल्टीनेटर भी बहुत बेहतर ढंग से कार्य कर करता है जो लाखों रुपए की बचत कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह ट्रैक्टर उस जमाने के अच्छे ट्रैक्टरों में माना जाता था और आज भी इनका कोई तोड़ नहीं है और यह अच्छे ढंग से कार्य कर रहा है। उनका मानना है कि शायद इस वक्त इस ट्रैक्टर का प्रचलन बंद हो चुका है परंतु उनके पास आज भी बेहतर ढंग से कार्य कर रहा है।
 फोटो कैप्शन 06 व 07 :हिंदुस्तान ट्रैक्टर जो  50 सालों से कार्य कर रहा है


प्राध्यापक सुभाष वर्मा हुए सेवानिवृत्त
-27 वर्ष 4 माह की सेवा की पूरी
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति स्कूल धनौंदा में कार्यरत इतिहास के प्रवक्ता सुभाष चंद्र वर्मा आज 27 वर्ष 4 माह की दीर्घ, अनुकरणीय अध्यापक सेवा उपरांत सेवानिवृत्त हुए। उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने कहा कि श्री वर्मा एक कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित एवं पूर्णत: समर्पित शिक्षक रहे हैं। उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।
प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री सुभाष चंद्र वर्मा ने अपने 27 वर्षों के सेवाकाल में जेबीटी अध्यापक से लेकर सामाजिक अध्ययन अध्यापक, कनीना में कार्यवाहक मुख्य अध्यापक तथा लगभग छह माह तक सामाजिक विज्ञान/इतिहास प्रवक्ता के रूप में कार्य करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। उनकी शैक्षणिक दक्षता एवं प्रशासनिक क्षमता से संबंधित विद्यालयों को निरंतर लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने करीरा,कनीना, भडफ़, रसूलपुर एवं धनौंदा में सेवा दी।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता हेमंत शर्मा, मिथिलेश कुमार, पूनम रानी, सुनीता, विजयपाल, राजेश कुमार, जगदीश चंद्र, लिपिक, समाजसेवी मनोज रोहिल्ला, राज्य पुरस्कार विजेता एवं विश्व रिकार्डधारी डा. होशियार सिंह सहित समस्त स्टाफ सदस्यों ने सेवानिवृत्त शिक्षक को सम्मानित करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सक्रिय भविष्य की कामना की। उनकी सेवानिवृत्ति में कई प्राचार्य शामिल हुए।
फोटो कैप्शन 05: सेवानिवृत्त होते हुए सुभाष वर्मा



दूसरे दिन भी दोपहर तक पड़ता रहा कोहरा, कड़ाके की ठंड जारी
-फसल को लाभ होने की उम्मीद
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में दूसरे दिन भी जहां दोपहर तक सघन कोहरा पड़ा। कुछ दूरी के वस्तुएंं भी नहीं दिखाई दी। दोपहर के पश्चात कोहरा खत्म हो गया तथा सूरज चमकने लगा। कड़ाके की ठंड जारी है। दिन भर लोग आग के पास बैठे आग सेकते देखे गए। वहीं अधिक ठंड पडऩे के कारण कुछ उपलों व वनस्पतियों पर हल्का पाला जमा देखा गया।
कोहरे में वाहन लाइट जला कर चलाए गए। कोहरा इतना सघन था कि पास की वस्तुएं भी नहीं दिखाई दे रही थी। कोहरे व ठंड के कारण लोग भी अपने घरों में छुपे देखे गए। परंतु अभी भी 1 जनवरी तक स्कूल चलेंगे और स्कूलों की बसें आम दिनों की तरह चलती दिखाई दी।
 कोहरे के कारण जहां फसलों को लाभ होने का अंदेशा है। किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण सिंह आदि ने बताया कि ठंड पडऩा फसलों के लिए लाभप्रद है। ऐसे में कोहरा के भी लाभ बताए जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक भी ऐसा ही मानते हैं कि कोहरा व ठंड रबी फसलों के लिए लाभप्रद साबित होगी। कनीना क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है। कुछ दिन पहले पाला भी जमा था धुंध और कोहरा भी पड़ा था किंतु ठंड जारी है। अभी तक विगत वर्ष की तुलना में कम ठंड पड़ी है। यह ठंड फसलों के लिए लाभ प्रद मानी जा रही है।
  कनीना क्षेत्र में महज 5 दिन धुंध एवं कोहरा पड़ा है बाकी दिनों मौसम साफ रहा है। दिन में धूप तथा रात को ठंड पडऩे से फसलों को नुकसान का अंदेशा नहीं है। ऐसा कृषि वैज्ञानिक भी मानते हैं। कनीना क्षेत्र में जा गेहूं और सरसों दो फसलें अच्छी प्रकार लहलहा रही हैं। आने वाले समय में बेहतरीन पैदावार होने की उम्मीद है।
 फोटो कैप्शन 01 से 05: कोहरे का नजारा




कई लोगों की जान जाने के बाद चेती है सरकार
-बार बार आंदोलन भी करना पड़ा
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कनीना की आवाज।
कनीना से करीब 2 किलोमीटर दूर उन्हाणी नहर के पुल पर कम से कम आधा दर्जन मौत हो चुकी हैं। यहां सड़क जर्जर हो चुकी है। पुल जल का रिसाव कर रहा है। बार बार आंदोलन करने के बाद आखिरकार सरकार चेती है।
उल्लेखनीय है कि 4 जून 2025 को उन्हाणी के नहरी पुल के कारण भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी। सभी जवान थे और सभी की उम्र 35 साल से कम थी।
मिली जानकारी अनुसार चारों लोग वर्ना गाड़ी में सवार होकर महेंद्रगढ़ के पास निंबेड़ा में अपनी बुआ की लड़की के कुआं पूजन से वापस गुरुग्राम की ओर जा रहे थे। उन्हाणी के पास जहां नहरी पुल पर सड़क मार्ग खराब हो चुका है, यहां आगे चल रहे हाइवा/डंपर के ब्रेक लेने पर वर्ना गाड़ी हाइवा में जा घुसी। मौके पर ही सभी लोगों की मौत हो गई। गाड़ी में चार ही लोग सवार थे। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि हाइवे के नीचे गाड़ी बुरी तरह से घुस गई जिसे निकालने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी और क्रेन से उनको बड़ी मुश्किल से निकल गया। यही नहीं अपितु यहां एक जवान की दुर्घटना सहित कई जाने जा चुकी हैं। बार बार आंदोलन करना पड़ा है तब जाकर यहां पुल बनाने का निर्णय सरकार ने लिया है। अब यह देखा जाना है कि यह पुल कब तक बन पाता है या किसी और की जान जाने का इंतजार होगा?





पुलिस ने ग्राम मोहनपुर में चलाया जन-जागरूकता अभियान
-- नशा मुक्ति और साइबर सुरक्षा पर दिया विशेष जोर।
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कनीना की आवाज।
पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा थाना सदर कनीना के अंतर्गत आने वाले गांव मोहनपुर में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गांव के बस स्टैंड पर आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस टीम ने समाज के सभी वर्गों के लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर ईएसआई चरण सिंह ने विशेष रूप से युवा वर्ग को संबोधित करते हुए उन्हें नशे के जानलेवा दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नशा न केवल एक व्यक्ति को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि पुलिस नशा पीडि़तों को समाज की मुख्य धारा में वापस लाने के लिए प्रयास कर रही है और जो भी व्यक्ति स्वेच्छा से नशा छोडऩा चाहता है, पुलिस प्रशासन द्वारा उसकी हर संभव मदद की जाएगी। इस दौरान नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया।
जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस टीम ने उपस्थित जनसमूह को डायल 112 की ट्रिप मानिटरिंग सुविधा, बाल विवाह रोकथाम कानून, साइबर ठगी से बचाव के तरीके और सड़क सुरक्षा के नियमों की विस्तृत जानकारी दी। पुलिस टीम ने केवल कानून-व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों के दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में पुलिस ने ग्राम वासियों से अपील की कि यदि गांव में कोई नशा बेचता है या सेवन करता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते ऐसे असामाजिक तत्वों पर उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके। इस अवसर पर ग्रामीणों ने भी अपने विचार साझा किए और पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
फोटो कैप्शन 03: पुलिस साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए





कनीना-महेन्द्रगढ़ मुख्य मार्ग पर सड़क हादसों से मिलेगी निजात
-उन्हाणी के पास जर्जर पुलिया का स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने लिया था कड़ा संज्ञान
-जर्जर पुलिया व तीन किलोमीटर सड़क का भी होगा पुनर्निर्माण,182.48 लाख रुपये की मंजूरी मिली
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कनीना की आवाज।
कनीना महेन्द्रगढ़ मुख्य मार्ग को जोडऩे वाली सड़क पर गांव उन्हाणी के समीप लंबे समय से जर्जर अवस्था में पड़ी पुलिया एवं लगभग 3.153 किलोमीटर लंबाई की सड़क के पुनर्निर्माण को लेकर क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव के सतत् प्रयासों से इस महत्वपूर्ण परियोजना को 182.48 लाख रुपए की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है।
स्वीकृत परियोजना के तहत जर्जर पुलिया का पूर्ण रूप से पुनर्निर्माण किया जाएगा तथा क्षतिग्रस्त सड़क को आधुनिक मानकों के अनुरूप नए सिरे से तैयार किया जाएगा, जिससे इस मार्ग पर यातायात सुगम, सुरक्षित और निर्बाध हो सकेगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार नए वर्ष में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर दिया जाएगा।
यह सड़क एवं पुलिया क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनके माध्यम से कनीना, महेन्द्रगढ़ सहित आसपास के अनेक गांवों का आवागमन जुड़ा हुआ है। लम्बे समय से जर्जर हालत के कारण राहगीरों, विद्यार्थियों, किसानों एवं वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। यह मांग स्थानीय नागरिकों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही थी।
जैसे ही यह विषय स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव के संज्ञान में आया, उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और अल्प समय में इस मांग को पूरा करवाया।
स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, मैं दिन-रात जनता की सेवा के लिए सदैव तत्पर हूं। मेरे द्वार आमजन के लिए हमेशा खुले हैं। जब भी किसी क्षेत्र की वास्तविक समस्या मेरे संज्ञान में आती है, उसका समाधान करवाना मेरा कर्तव्य है।
क्षेत्र के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति पर स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सड़क व पुलिया के पुनर्निर्माण से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी।
फोटो कैप्शन 01: उन्हाणी का क्षेत्र जहां दुर्घटनाएं आम हैं


ककराला के छात्रों ने क्षुद्रग्रह खोजकर अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल की

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एसडी स्कूल के हैं विद्यार्थी
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कनीना की आवाज। एसडी विद्यालय ककराला के छात्रों ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्कूल का नाम रोशन किया है। अगस्त-सितंबर 2024 के दौरान आयोजित इंटरनेशनल एस्ट्रोनामिकल सर्च कोलाबोरेशन (आईएएससी) अभियानों में छात्रों द्वारा नए क्षुद्रग्रहों की खोज की गई। जिसका परिणाम दिसम्बर 2025 में आया और उसमें पी11एक्सदेव इन खोजों को माइनर प्लेनेट सेंटर (एमपीसी) द्वारा प्रोविजनल स्टेटस प्रदान किया गया, जिससे छात्रों को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई।
आई ए एस सी प्राप्त अधिकारिक सूचना के अनुसार, एसडी विद्यालय के छात्रों द्वारा की गई प्रारंभिक खोजों की फालोअप आब्जर्वेशन के माध्यम से सफलतापूर्वक पुष्टि की गई। इसके पश्चात इन नए खोजे गय क्षुद्रग्रहों को अस्थायी पहचान प्रदान की गई और उन्हें आधिकारिक रुप से एम पी सी के डेटाबेस में दर्ज किया गया।
विद्यालय प्राचार्य ओमप्रकाश यादव ने बताया की यह प्रतिष्ठित वैज्ञानिक उपलब्धि अमीषा , गरिमा , दीपांशु , लक्ष्य यादव , गौरव  कुमार, इशिका , देवांशी अपने क्षेत्र व विद्यालय का नाम रोशन किया।
यह पूरी उपलब्धि एस डी स्कूल के इनोवेशन इंचार्ज जसबीर जांगिड के मार्गदर्शन दिशा-निर्देशों और निरंतर मार्गदर्शन में संभव हो सकी। उनके नेतृत्व में छात्रों ने वैज्ञानिक सोच, डेटा विश्लेषण और अंतरराष्ट्री मानकों के अनुसार कार्य करते हुए यह महत्वपूर्ण खोज की।
विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने यह सफलता न केवल छात्रों के लिए गर्व का विषय बताया, बल्कि यह अन्य विद्यार्थियों को भी विज्ञान, खगोल विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र मे आगे बढऩे के लिए पे्ररित करेगें। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अपने जीवन में अच्छे संस्कार, अनुशासन व अच्छे चरित्र को विशेष महत्त्व देना चाहिए। विद्यालय निदेशक ने यह भी बताया कि कड़ी मेहनत, ईमानदारी व सच्चाई के साथ किये गए प्रयास हमेशा सार्थक होते है इसलिए जीवन में इन बातों को अपना कर ही हम सफलता के मार्ग पर अग्रसर रह सकते है।
इस अवसर पर प्राचार्य ओमप्रकाश, विद्यालय समिति के वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र यादव, सीईओ आर एस यादव, उपप्राचार्य पूर्ण सिंह, कोर्डिनेटर स्नेहलता, प्रियंका एवं बिंदु, ईश्वर सिंह, अजीत कुमार एवं समस्त स्टाफ उपस्थित था।
फोटो कैप्शन 02: विद्यार्थी जिन्होंने क्षुद्रग्रह खोजा




कनीना की आवाज ब्लाग से न उठाये कोई समाचार
-वरना कापीराइट के तहत होगा मामला दर्ज
-आरएनआई द्वारा है रजिस्टर्ड
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कनीना की आवाज।
 कनीना की आवाज नमक ब्लाग आरएनआई द्वारा  रजिस्टर्ड समाचार पत्र है। इससे यूं की यूं खबर को उठाकर कुछ लोग अनजाने में ग्रुप में डाल देते हैं जो कापीराइट का उल्लंघन है। कहने को तो अज्ञानता कहेंगे लेकिन कानून के सामने अज्ञानता का कोई बहाना नहीं होता। ऐसे में ऐसी गलती दो-तीन बार कुछ लोग कर चुके हैं जो डा. होशियार सिंह यादव कापीराइट अधिकारी द्वारा देखी जा चुकी हैं। भविष्य में अगर कोई ऐसी गलती करेगा चाहे वह जाने या अनजाने में हुई उसके खिलाफ कापीराइट के तहत मामला दर्ज करवाया जाएगा। इसके लिए ग्रुप एडमिन भी जिम्मेवार होगा। कनीना की आवाज ब्लाग की खबर को कापी करके कहीं प्रयोग न करें, सावधानी बरते अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
 कापीराइट मामले में सजा
-अपराध की गंभीरता के आधार पर 6 महीने से लेकर 3 साल तक की कैद और 50,000 रुपए से 2 लाख रुपए तक के जुर्माने तक हो सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर सजा बढ़ जाती है, और इसमें गैर-जमानती और संज्ञेय  अपराध माना जाता है, जिसमें अवैध सामग्री और उपकरणों को जब्त भी किया जा सकता है।
सजा के मुख्य प्रावधान (भारतीय कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के अनुसार)
    धारा 63:पहली बार उल्लंघन करने पर कम से कम 6 महीने की कैद और 50,000 रुपए के जुर्माने से लेकर अधिकतम 3 साल तक की कैद और 2 लाख रुपएतक का जुर्माना हो सकता है।
    धारा 63 (दोबारा उल्लंघन): दूसरी बार दोषी पाए जाने पर कम से कम 1 साल की कैद और 1 लाख रुपए के जुर्माने से लेकर अधिकतम 3 साल तक की कैद और 2 रुपए लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
    धारा 63बी(कंप्यूटर प्रोग्राम का उल्लंघन): कंप्यूटर प्रोग्राम की उल्लंघनकारी प्रति का जानबूझकर उपयोग करने पर कम से कम 7 दिन की कैद और 50,000 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
    अन्य दंड:उल्लंघन करने वाली प्रतियां और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए जा सकते हैं, और कापीराइट मालिक सिविल मुकदमे के जरिये मौद्रिक हर्जाना भी मांग सकता है।


एक जनवरी से 15 जनवरी तक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश
--16 जनवरी को फिर खुलेंगे स्कूल


कवि महेंद्र शर्मा झाड़ली की बेटी प्रीति का एनआईटी सिलचर में प्रवेश
--प्रीति को सीकर में मिला सम्मान

डा. होशियार सिंह कनीना की दो कृतियों  की लगातार कडिय़ां चलेंगी 14 जनवरी से
-1 कुतरू प्राचार्य के कारनामे तथा दूसरी ब्लैकमेलर प्राचार्य के कारनामे

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