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Tuesday, July 28, 2026



 




01अगस्त से 8 अगस्त 2026 तक कनीना की आवाज ब्लाग के समाचार रहेंगे बंद
-इस दौरान चलेगी कावड़ पदयात्रा
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कनीना की आवाज।
एक अगस्त से ब्लाग के समाचार बंद रहेंगे। जब तक कावड़ लाकर बाघोत अर्पित न हो जाए तब तक समाचार ब्लाग बंद रहेगा। 9 अगस्त को पुन: समाचार प्रेषित करने की संभावना......





बाघोत कांवड़ मेले की सुरक्षा को लेकर थाना प्रभारी ने किया निरीक्षण
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कनीना की आवाज।
महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित होने वाले बाघोत कांवड़ मेले के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर थाना सदर कनीना के प्रभारी उप निरीक्षक रविन्द्र ने मेला स्थल का दौरा कर सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी ने महंत रोशनपुरी से विचार-विमर्श कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने मेला स्थल पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, बिजली, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, फायर ब्रिगेड सहित अन्य आवश्यक प्रबंधों का जायजा लिया।
थाना प्रभारी रविंद्र ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में मेले का आनंद ले सकें। उन्होंने मेला स्थल का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और कहा कि पुलिस प्रशासन मेले के सफल, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
फोटो कैप्शन 09: महंत मेले की जानकारी देते हुए फोटो: विज्ञप्ति


ब्लाक स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव में विद्यार्थियों ने बिखेरे प्रतिभा के रंग
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना में मंगलवार को आयोजित ब्लाक स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव मनाया गया जिसमें विभिन्न स्कूलों की टीमों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के  अतिथि के रूप में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नारनौल दिलबाग सिंह तथा खंड शिक्षा अधिकारी कनीना सुरेश यादव उपस्थित रहे।
प्रतियोगिताओं का आयोजन कक्षा 5 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 के दो आयु वर्गों में किया गया।
लोक नृत्य (एकल) कक्षा 5-8 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी की अनिशा ने प्रथम, राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना की भावना ने द्वितीय तथा राजकीय उच्च विद्यालय, भडफ़ की पारिधि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
लोक नृत्य (एकल) कक्षा 9-12 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी की निधि प्रथम, राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना की नितिका द्वितीय तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुन्दरह की तमन्ना एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामबास की रुचिका संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं।
रागनी प्रतियोगिता (कक्षा 5-8) में राजकीय उच्च विद्यालय भडफ़ के हर्ष ने प्रथम, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना की शिवानी न
रागनी प्रतियोगिता (कक्षा 9-12) में राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना की योगिता प्रथम, राजकीय उच्च विद्यालय भडफ़ के मनमीत द्वितीय तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुचावास की अंकिता तृतीय स्थान पर रहीं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के वंश को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
स्किट प्रतियोगिता के कक्षा 5-8 वर्ग में राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कक्षा 9-12 वर्ग में राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना प्रथम तथा राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनौंदा द्वितीय स्थान पर रहा।
समूह लोक नृत्य (कक्षा 5-8) में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुन्दरह प्रथम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी द्वितीय तथा राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना तृतीय स्थान पर रहा। समूह लोक नृत्य (कक्षा 9-12) में राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया।
मुख्य अतिथि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी  दिलबाग सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास करते हैं। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित मंच और मार्गदर्शन की है।
फोटो कैप्शन 10: अव्वल को पुरस्कृत करते बीइओ कनीना सुरेश कुमार



खंड स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव में माडल स्कूल का रहा दबदबा
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना ने मंगलवार को आयोजित ब्लाक स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव माडल स्कूल का ही दबदबा रहा।
 इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में  एसडीएम कनीना  जितेंद्र अहलावत, विशिष्ट अतिथि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नारनौल  दिलबाग सिंह तथा खंड शिक्षा अधिकारी कनीना  सुरेश यादव उपस्थित रहे।
  ब्लाक स्तर की प्रतियोगिताओं में जीएमएसएसएस कनीना के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अनेक विधाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कक्षा 5-8 एकल लोक नृत्य में विद्यालय की भावना ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। रागनी (कक्षा 5-8) में शिवानी ने द्वितीय स्थान अर्जित किया। रागनी (कक्षा 9-12) में विद्यालय की प्रतिभाशाली छात्रा योगिता ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। स्किट प्रतियोगिता (कक्षा 5-8) में जीएमएसएसएस कनीना की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी सशक्त अभिनय क्षमता का परिचय दिया। वहीं समूह लोक नृत्य (कक्षा 9-12) में विद्यालय की टीम ने शानदार प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान हासिल किया तथा समूह लोक नृत्य (कक्षा 5-8) में तृतीय स्थान प्राप्त किया। एकल लोक नृत्य (कक्षा 9-12) में विद्यालय की छात्रा नितिका ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
 विशष्ट अतिथि  दिलबाग सिंह ने विद्यालय की अनुशासित व्यवस्था एवं विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि जीएमएसएसएस कनीना ने सांस्कृतिक आयोजन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी  सुरेश यादव ने विद्यालय की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि जीएमएसएसएस कनीना ने पूरे ब्लॉक के लिए एक प्रेरणादायी आयोजन प्रस्तुत किया है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अपनी प्रतिभा को निखारने और प्रदेश स्तर तक अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।
फोटो केप्शन 08: अधिकारी मंच पर मौजूद



मिठाई बांटकर खुशी जताई
-शर्मिला छीथरोली ने जीता गोल्ड
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव छिथरोली की बेटी पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ द्वारा स्काटलैंड के ग्लासगो शहर में चल रहे कामनवेल्थ गेम्स -2026 में पैरा एथलेटिक्स की शाट पुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर पूरे इलाके में खुशी की लहर है।
 समाजसेवी अतरलाल ने कार्यकर्ताओं के साथ मिठाई बांटकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया और शर्मिला के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अतरलाल ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी शर्मिला की यह जीत उनकी कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और निरंतर संघर्ष का परिणाम है। होनहार बेटी शर्मिला धनखड़ की इस स्वर्णिम उपलब्धि पर पूरा इलाका गौरवान्वित महसूस कर रहा है। शर्मिला की यह उपलब्धि पूरे इलाके के खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगी तथा इससे इलाके के युवाओं और खिलाडिय़ों को भी खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने और देश के लिए मैडल जीतने का हौंसला मिलेगा। कामनवेल्थ गेम्स पैरा एथलेटिक्स में देश की पहली महिला स्वर्ण पदक विजेता बनकर शर्मिला ने पूरे इलाके, हरियाणा प्रदेश और भारत देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि गांव पहुंचने पर पूरे इलाके की तरफ से शर्मिला धनखड़ के सम्मान में अभिनंदन समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर दमन यादव, कैलाश सेठ, गुरूदत्त आर्य, ओपी यादव, प्रोफेसर नवीन जांगड़ा, प्रोफेसर सुभाशचंद यादव, मुकेश तंवर, पवन प्रजापत, राकेश यादव, विक्रम शेखावत, राजबीर गौड, शेर सिंह बाल्मिीकी, पवन धनखड़, परमजीत कौशिक, उमेद सिंह यादव, सोनूू चैहान सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 06: शर्मिला के गोल्ड मेडल पर मिठाई खाते हुए अतरलाल फोटो: अतरलाल





प्राकृतिक खेती पर किसान गोष्ठी आयोजित
-ढाणा में 50 किसानों ने लिया भाग
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कनीना की आवाज।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ,कनीना की ओर से आज खंड कनीना के गांव ढाणा के मंदिर परिसर में प्राकृतिक खेती के ऊपर एक दिवसीय किसान गोष्ठी  का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विषय विशेषज्ञ डा. योगेश यादव ने भाग लिया व कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के विषय विशेषज्ञ डा. मनीषा बीटीएम कनीना ने की।
 कार्यक्रम का आयोजन अरविंद एटीएम और परमवीर सुपरवाइजर ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में  प्राकृतिक खेती को आज के समय की जरूरत बताते हुए इसको अपनाने पर बल दिया। फसलों की घटती पैदावार और गुणवत्ता पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आने वाली पीढिय़ों को प्राकृतिक संसाधन सहेज के सौंपने हेतु ,रसायनों का कम से कम प्रयोग हेतु प्रेरित किया।
डा. मनीषा ने विस्तार से प्राकृतिक खेती के घटक जीवामृत ,बीजामृत,घन जीवामृत आदि बनाने की विधि बताई और खेती में आच्छादन , वापसा, केंचुए आदि  के महत्व पर विस्तार से चर्चा की ।
    अरविंद यादव ने प्राकृतिक खेती में गाय के महत्व पर प्रकाश डाला। परमवीर यादव ने सभी विभागीय स्कीम की जानकारी दी ,और कहा कि ये सभी आनलाइन है आप अपने मोबाइल से भी अप्लाई कर सकते हो। कार्यक्रम में सतीश फील्ड मैन सहित लगभग 50 किसानों ने भाग लिया ।
फोटो कैप्शन 06: किसानों को जानकारी देते हुए कृषि अधिकारी फोटो: विभाग




पानी व सीवर कनेक्शन वैध करवाएं, अवैध कनेक्शनधारियों पर होगी कार्रवाई-कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार
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कनीना की आवाज।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा शहरी क्षेत्र में पानी एवं सीवर कनेक्शनों को वैध कराने के लिए विशेष जल संरक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि शहरी उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पानी एवं सीवर कनेक्शन वैध कराने का विशेष अवसर प्रदान किया है। इस अभियान के तहत रोड कट चार्ज पूरी तरह माफ किया गया है। अब उपभोक्ता मात्र 1550 रुपए की निर्धारित फीस जमा कर अपने कनेक्शन वैध करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्लंबर रिपोर्ट एवं मीटर लगवाने का खर्च उपभोक्ता को स्वयं वहन करना होगा।
उन्होंने बताया कि कनेक्शन वैध कराने के लिए संबंधित फाइल एवं अन्य जानकारी निजामपुर रोड स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बिल शाखा कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
आवेदन के साथ उपभोक्ता को निम्न दस्तावेज जमा करने होंगे-
- दो पासपोर्ट आकार के फोटो।
- दो पहचान पत्र (फैमिली आईडी एवं आधार कार्ड)।
- मकान की जीपीएस लोकेशन सहित फोटो।
- स्वामित्व प्रमाण (रजिस्ट्री एवं इंतकाल आदि)।
कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार ने उपभोक्ताओं से इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो उपभोक्ता इस अभियान के दौरान अपने कनेक्शन वैध नहीं करवाएंगे, उनके अवैध कनेक्शन काटे जाएंगे, जुर्माना लगाया जाएगा तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए शहरी क्षेत्र में विशेष टीमों का गठन किया जा चुका है, जो मौके पर पहुंचकर कनेक्शनों की जांच करेंगी।
सीवर व्यवस्था के कार्यकारी अभियंता जितेंद्र हुड्डा ने भी उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अपने पानी एवं सीवर कनेक्शन समय रहते वैध करवाएं, ताकि विभाग द्वारा सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध कराई जा सकें।
जल संरक्षण में निभाएं अपनी भूमिका-
जिला सलाहकार मंगतु राम सरसवा ने कहा कि विशेष जल संरक्षण अभियान के तहत जहां पानी एवं सीवर कनेक्शनों को वैध किया जा रहा है, वहीं जल संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि सभी नलों पर टोंटी या वाल्व अवश्य लगाएं तथा पानी को व्यर्थ बहने से बचाएं।
उन्होंने बताया कि वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा पेयजल में क्लोरीन की नियमित जांच करवाई जा रही है, ताकि प्रत्येक उपभोक्ता तक सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल पहुंच सके। यदि कहीं पानी की पाइपलाइन में लीकेज हो या गंदे पानी की आपूर्ति की आशंका हो, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें।
पेयजल एवं सीवर संबंधी शिकायतों के लिए विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-180-5678 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त पानी एवं सीवर कनेक्शन से संबंधित शिकायत या जानकारी के लिए परिमंडल नारनौल के दूरभाष नंबर 01282-260562 पर भी संपर्क किया जा सकता है।






एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ककराला में वन महोत्सव का सफल आयोजन
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कनीना की आवाज।
एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा वन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अभियान के दौरान विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में पौधारोपण कार्यक्रम चलाया गया।
वन महोत्सव अभियान में विद्यालय के विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा समस्त स्कूल स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अभियान के अंतर्गत लगभग 3000 पौधे सफलतापूर्वक लगाए गए।
चेयरमैन जगदेव यादव ने कहा कि पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए किया गया महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और अभिभावकों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
विद्यालय उपनिदेशक पूरन सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल स्टाफ की सामूहिक भागीदारी से 3000 पौधों का सफलतापूर्वक रोपण एक सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने एन एस एस इकाई के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए सभी को पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी देवव्रत एवं धनराज  ने कहा कि वन महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रकृति प्रेम और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्टाफ सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक ओम प्रकाश यादव, सीईओ रामधारी यादव, उप निदेशक पूरण सिंह, एन एस एस इकाई के कार्यक्रम अधिकारी देवव्रत  एवं धनराज  सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य, विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: एनएसएस स्वयंसेवक पौधारोपण करते हुए


गाड़ी को ट्राला ने मारी टक्कर,तीन घायल ,केस दर्ज
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कनीना की आवाज।
कनीना थाने में कृष्ण कुमार आकोदा निवासी ने ट्रक चालक के विरुद्ध टक्कर मार कर घायल करने का मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा है कि 20 जुलाई को वह उसकी पत्नी राजबाला, भाई मुरारी अपने पड़ोसी पवन की गाड़ी में सवार होकर आकोदा से बेवल की ओर जा रहे थे, सुबह का वक्त था। जब दौंगड़ा के नजदीक 152 डी के पास पहुंचे तो पीछे से ट्राला तेज गति से चलता हुआ आया और गाड़ी को टक्कर जड़ दी। उसके बाद गाड़ी पलट गई, गाड़ी में सवार कृष्ण, उसकी पत्नी और भाई मुरारी लाल को चोटें आई। किसी ने एंबुलेंस को फोन किया जहां घायलों को महेंद्रगढ़ ले जाया गया। डाक्टर ने मुरारी लाल को हायर सेंटर रेफर कर दिया। स्वजन मुरारीलाल को रेवाड़ी लेकर गए जहां से जयपुर चले गए। इलाज चलता रहा और अब उन्हें छुट्टी मिली है।अब आकर उन्होंने ट्राला चालक के विरुद्ध मामला दर्ज करवा दिया है।



विश्व प्रकृति दिवस पर पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
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कनीना की आवाज।
विश्व प्रकृति दिवस के अवसर पर गांव रामबास में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प के साथ पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए तथा उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया गया।
पर्यावरण प्रेमी मनोज कुमार रामबास ने बताया कि प्रकृति का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।
अभियान के दौरान उपस्थित लोगों ने पौधारोपण कर पर्यावरण को स्वच्छ एवं हराभरा बनाने का संदेश दिया तथा सभी ग्रामीणों से अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ एवं अन्य विशेष अवसरों पर पौधे लगाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया और आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ वातावरण बनाने का संदेश दिया।
फोटो कैप्शन 04: पौधारोपण करते हुए मनोज कुमार


गुरु पूर्णिमा-29 जुलाई पर विशेष
 29 जुलाई को है गुरु पूर्णिमा, लगेगी हरिद्वार की गंगा में डुबकी
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कनीना की आवाज।
हर वर्ष गुरु पूर्णिमा को अपार भीड़ हरिद्वार की और रवाना हो जाती है। इस बार गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को है। ग्रामीण क्षेत्र से निजी और सरकारी बसों, ट्रेनों से भारी संख्या में भक्तजन हरिद्वार पहुंचेंगे और गंगा में डुबकी लगाकर कावड़ उठाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। कनीना ही नहीं पूरे भारत भर में प्रसिद्ध बाघोत स्थित बाघेश्वर धाम पर हजारों कावड़ अर्पित की जाती है। भक्तजन बैठी, खड़ी, झूला, टोकना कावड़ तथा अन्य रूपों में कावड़ लेकर हरिद्वार से बाघेश्वर धाम पहुंचते हैं। ये भक्त कम से कम 5 दिन और अधिकतम 10 दिनों में गंतव्य स्थान पर पहुंचते हैं। अपार भीड़ हरिद्वार से रवाना होती और करीब 350 किलोमीटर दूरी पैदल यात्रा पूरी की जाती है। महिला, बच्चे, बूढ़े हर वर्ग के भक्त हरिद्वार की और रवाना हो जाएंगे। सावन में गंगाजल अर्पित करने का सिलसिला जारी रहता है।
  इस बार जहां 11 अगस्त को बाघोत स्थित बाघेश्वर धाम पर मेला लगेगा। इस मेले में सबसे अधिक कावड़ अर्पित की जाती इसलिए इसे कावड़ मेला कहते हैं । वर्ष में दो बार यहां मेला लगता है। महाशिवरात्रि का मेला बहुत बड़ा लगता है लेकिन कावड़ बहुत कम अर्पित की जाती है जो सर्दियों में फरवरी माह में आता है जबकि गर्मियों के इस मेले में कावड़ अधिकार्पित की जाती है। जगह-जगह भक्तों के लिए शिविर लगाने की तैयारी हो रही है। 30 जुलाई से हरिद्वार से कावड़ उठाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 29 जुलाई को जहां गुरु पूर्णिमा पर डुबकी लगाई जाती है और 30 जुलाई से कावड़ उठाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। विभिन्न स्थानों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली की और भक्तजन रवाना होते हैं।
कनीना के एक भक्ति सुमेर सिंह अब तक 48 कावड़ अर्पित कर चुके हैं। उधर कावड़ चढऩे का सिलसिला जारी है। इस बार भी वे कावड़ लाने के लिए 1 अगस्त को रवाना होंगे और 3 अगस्त को कावड़ हरिद्वार से उठाएंगे जो 5 दिनों में बाघोत आ जाएंगे। 8 अगस्त को बाघोत पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि उनका दल जिसमें 5 से 6 सदस्य होते हैं त्वरित गति से कावड़ लाते हैं। पैदल यात्रियों में इनका यह ग्रुप तेज चलने वालों की श्रेणी में शामिल है। कनीना के अनेकों भक्त हैं जो वर्षों से कावड़ अर्पित करते रहे हैं। इस बार भी अर्पित करेंगे।
लेखक डा. होशियार सिंह भी लाएंगे कावड़- डा. होशियार सिंह कनीना निवासी लेखक एवं साहित्यकार हर वर्ष कांवड़ लाते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 से वे लगातार हर वर्ष बाघोत के बाघेश्वर धाम पर कावड़ अर्पित करते आ रहे हैं। वर्ष में जहां एक बार हरिद्वार से कावड़ लाते हैं वहीं एक बार खाटू श्याम पदयात्रा करते हुए अपना निशान अर्पित करते हैं। 2010 से ही खाटू श्याम जाने का सिलसिला जारी है। यही नहीं 2010 से ही वे जैतपुर पदयात्रा पर जाते रहे हैं। उन्होंने बताया कि जहां कावड़ जाने का कार्य कुछ कठोर नियमों में बंधकर पूर्ण किया जाता है वही ध्वज/निशान अर्पित करने का कार्य कुछ लचीले नियमों में पूर्ण किया जाता है। यही कारण है कि निशान अर्पित करने वालों की संख्या कावड़ वालों से भी अधिक होती है। ऐसी में लेखक जहां वर्ष में तीन पदयात्रा पूर्ण करते हैं। एक हरिद्वार, दूसरी हुडिय़ा/जैतपुर राजस्थान, तीसरी खाटू धाम राजस्थान की पूर्ण करते हैं। उन्होंने बताया कि इन यात्राओं के पीछे  न केवल धार्मिक आस्था है अपितु अपने शरीर को स्वस्थ रखना भी है। इस बहाने लंबी यात्रा पूर्ण हो जाती है और जहां आस्था भी पूर्ण हो जाती है। इसलिए इसे एक पंथ दो काज कहते हैं।
उन्होंने बताया कि वे भी तीन अगस्त को हरिद्वार से कावड़ उठाएंगे और 8 अगस्त तक बाघोत अर्पित करने की संभावना है।
 गुरुओं से लिया जाएगा आशीर्वाद, इसके बाद शुरू हो जाती है कावड़ यात्रा----
 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। तत्पश्चात 30 जुलाई से सावन माह लग जाएगा।
 गुरु पूर्णिमा के पर्व पर जहां पुराने समय से विधान है कि गुरु करीब 4 महीने एक ही जगह बैठकर ज्ञान की गंगा बहाते हैं और सभी अंधकार दूर कर देते हैं इसलिए गुरु की पूजा की जाती है।
विस्तृत जानकारी देते हुए अरविंद जोशी ने बताया की महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास जिन्हें वेदव्यास भी कहा जाता है, का जन्मदिन इसी दिन हुआ था उन्होंने चारों वेदों की रचना की थी। उन्हें आदिगुरु कहा जाता है इसलिए गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है और इस दिन को व्यास वेद व्यास पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है। भक्ति काल के समय संत घीसा राम जो कबीर दास के शिष्य थे का भी जन्म इसी दिन हुआ था।
 गुरु पूर्णिमा के दिन जहां हरिद्वार के गंगा में डुबकी लगाने लाखों लोग पहुंचते हैं। हजारों की संख्या में भक्त हरिद्वार रवाना हो चुके हैं।
विधि विधान से पूर्ण करें गुरु पूर्णिमा पर्व-----
मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा के ही दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, यही वजह है कि इस दिन को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार संसार के प्रथम गुरु भगवान शिव को माना जाता है जिनके सप्तऋषि गण शिष्य थे। उसके बाद गुरुओं की परंपरा में भगवान दत्तात्रेय का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
 गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु के आशीर्वाद से धन संपत्ति, सुख शांति और वैभव का वरदान पाया जा सकता है. हिन्दू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है. माना जाता है कि गुरु का स्थान सर्वश्रेष्ठ होता है। गुरु भगवान से भी ऊपर होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि वो गुरु ही होता है जो व्यक्ति को अज्ञानता के अंधकार से उबारकर सही रास्ता दिखाता है।
  भक्त निजी साधनों से हरिद्वार रचवाना हो चुके हैं। 29 जुलाई को गंगा में डुबकी लगाकर वापस चलेंगे। उधर कांवड़ लाने के लिए भी भक्त रवाना हो रहे हैं। रानी, राधा, कमला, सुनीता आदि ने बताया कि वे भी गंगा में स्नान करके अपने आपको धन्य समझेंगी। 28 अगस्त रक्षा बंधन के दिन सावन माह संपन्न हो जाएगा।
 स्वयंभू शिवलिंग की पूजा-पूरे सावन माह विषेषकर सावन के सोमवार को बाघोत स्थित बाघेश्वर धाम पर स्वयंभू शिवलिंग का विशेष पूजन चलता है। दूार दराज से भक्त आकर शिवलिंग की पूजा करते हैं। सावन के प्रत्येक सोमवार को मेले लगते हैं।
फोटो कैप्शन 02: बाघेश्वर धाम बाघोत।
     03: स्वयंभू शिवलिंग
  साथ में सबसे अधिक कावड़ लाने वाले सुमेर सिंह




छिथरोली स्कूल की पूर्व छात्रा शर्मिला धनखड़ ने रचा इतिहास, विद्यालय में खुशी का माहौल
-कामनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर विद्यार्थियों ने मनाई खुशी, गुरु अजमेर सिंह दांगी को दिया सफलता का श्रेय
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के एसडीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, छिथरोली की पूर्व छात्रा एवं अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ द्वारा ग्लासगो कामनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की शाट पुट एफ-57 स्पर्धा में 9.81 मीटर का थ्रो कर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने पर विद्यालय में खुशी का माहौल है। इस उपलब्धि के साथ शर्मिला कामनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। साथ ही उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में भारत के 20 वर्षों के पदक इंतजार को भी समाप्त कर दिया।
शर्मिला की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर एसडीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल छिथरोली में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने खुशी व्यक्त करते हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों ने उनकी सफलता को पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। विद्यालय के चैयरमैन अजमेर सिंह दांगी ने बताया कि शर्मिला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इसी विद्यालय से प्राप्त की थी। जीवन के कठिन दौर में जब वह पारिवारिक परेशानियों और आर्थिक संकट से जूझ रही थीं, तब उन्होंने विद्यालय आकर अपने संघर्ष की कहानी साझा की। उस समय उन्हें पैरा खेलों में आगे बढऩे की प्रेरणा दी गई और प्रशिक्षण के लिए रेवाड़ी स्टेडियम भेजा गया। आज उनकी मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास ने उन्हें विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन करने का अवसर दिया है। शर्मिला ने ग्लासगो से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि यदि अजमेर सिंह दांगी उन्हें आगे बढऩे की प्रेरणा नहीं देते, तो शायद वह आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने अपने प्रथम गुरु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में अनेक कोचों और मार्गदर्शकों का सहयोग मिला, लेकिन खेल जीवन की शुरुआत करने की प्रेरणा उन्हें अजमेर सिंह दांगी से ही मिली। विद्यालय परिवार ने कहा कि शर्मिला धनखड़ का संघर्ष और सफलता विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत के बल पर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर पूरे महेंद्रगढ़ जिले, हरियाणा और देश का गौरव बढ़ाया है।
फोटो कैप्शन 01:कामनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर एसडीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, छिथरोली में खुशी व्यक्त करते विद्यार्थी, शिक्षक एवं विद्यालय प्रबंधन।
फोटो कैप्शन 01: जिस स्कूल में शर्मिला पढ़ी उसके बच्चे खुशी मनाते हुए




अंधी मां की कोख से जन्म लेकर भी कमाया शर्मिला ने विश्व में नाम
-ग्लासगो में जीता गोल्ड
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कनीना की आवाज।
 किसी भी विषम परिस्थिति से इंसान को नहीं घबराना चाहिए। यदि हिम्मत से काम ले तो एक दिन कामयाबी जरूर मिलेगी। ये शब्द कनीना उपमंडल के गांव छितरोली की शर्मिला के हैं।  39 वर्षीय शर्मिला ने बेशक दसवीं तक परीक्षा पास की हो किंतु जिन परिस्थितियों से होकर वो गुजरी है उन पर गौर फरमाया जाए तो लगता है कि सचमुच नारी कुछ करने की ठान लेती है तो वह कठिन से कठिन काम को करके ही दम लेती है। जब शर्मिला 2 वर्ष की थी बुखार के कारण पोलियो में अपना एक पैर गंवा बैठी थी। मां संतोष अंधी/नैनसुख थी जबकि पिता जय लाल एक जमींदार हैं जिनकी 2014 में दोनों टांगे चली गई थी। शर्मिला की शादी 2005 में कर दी गई दो लड़कियां हुई किंतु शादी अधिक दिनों तक नहीं चली। लाचार माता पिता की सेवा शर्मिला और उसका भाई करते रहे। शर्मिला के अलावा दो विवाहित बहने  तथा एक भाई भी है। शादी के 4 साल बाद अपने पीहर आ गई घर से निकाल दिया गया यही कारण है कि शर्मिला ने जिंदगी भर अपने ससुराल में न जाने का निर्णय किया और कुछ करके दिखाने का फैसला लिया। ससुराल में उसे लंगड़ी कहकर खिजाते थे जिसके कारण उनके दिल पर ठेस लगती थी। परंतु 6 साल अपने पीहर में बीताये।  2017 में अजीत सिंह जिला रेवाड़ी से संबंध रखने वाले बिजनेसमैन से की जिन्होंने अपनी पत्नी शर्मिला को कुछ कर दिखाने के लिए विकलांग खेलों के लिए प्रेरित किया। परंतु अपनी हिम्मत के कारण वर्ष 2018 में हरियाणा रोडवेज बस कंडक्टर बतौर नियुक्ति हुई। वे हरियाणा की प्रथम महिला परिचालक बनी। रेवाड़ी में खंडोड़ा रोड पर लड़कियों को कालेज तक छोडऩे और घर तक पहुंचाने का कार्य करने लगी। उनकी इस कार्य की सराहना होने लगी किंतु उनके भाग्य में कुछ और ही लिखा था।
 समय बीता और वर्ष 2020 आ गया और उन्हें खेलों के विषय में कोई जानकारी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने एसडीएम स्कूल छीथरोली के निदेशक अजमेर सिंह दांगी से सलाह ली। अजमेर सिंह दांगी ने उन्हें आगे तक पहुंचाने के लिए एक प्रयास किया। चूंकि खेलों की कोचिंग के लिए
















महेंद्रगढ़ जिला में बेहतर कोच नहीं होने से तुलाराम  स्टेडियम में चेतन कोच के पास भेजा ताकि कुछ सीखने का मौका मिले और भारत भर में नाम कमा सकें।
 महज एक साल की कोचिंग के बाद ही वर्ष 2021 में पहला नेशनल मेडल शाट पुट में प्राप्त किया। 19वीं पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में उन्होंने नेशनल रिकार्ड बनाया और गोल्ड मेडल लेकर नाम कमाया। 2021 में दिसंबर में एक नहीं दो बेंगलुरु में आयोजित तीसरे नेशनल ओपन खेलों में दो मेडल हासिल किये। जहां शाटपुट में सिल्वर तो ज्वेलिन में गोल्ड मेडल प्राप्त किया।
 मार्च 2022 में दुबई में आयोजित 20वीं पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में अपना पिछला रिकार्ड ध्वस्त कर 8.03 मीटर गोला फेंक गोल्ड मेडल हासिल किया। दुबई में वर्ष 2022 में आयोजित खेलों में पांचवां स्थान प्राप्त किया। फिर अगस्त 2022 में इंग्लैंड में आयोजित कामनवेल्थ गेम में चौथा स्थान हासिल किया। परिणाम स्वरूप हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर उनकी प्रतिभा से बहुत प्रभावित हुये और 15 लाख रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया। शर्मिला का हौसला अफजाई करने के लिए 20 सितंबर 2022 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनसे बात की। तत्पश्चात एक के बाद एक अनेकों मेडल लाकर पूरे भारत में नाम कमाया है।
 इंटरनेशनल वूमेन डे पर बेस्ट वूमेन एथलीट अवार्ड तथा 21 हजार रुपये की राशि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदान की। पुणे में आयोजित 21वीं पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप अपना ही पिछला रिकार्ड ध्वस्त कर गोला फेंक में 8.67 मीटर गोला फेंक राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल प्राप्त किया। वहीं डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक भी हासिल किया। इसके अतिरिक्त अनेक मैडल जीतकर गांव का नाम कमाया।
 वर्तमान में शर्मिला ने ग्लासगो में गोल्ड जीतकर विश्वभर में नाम कमाया है
 विषम परिस्थितियां होने पर भी शर्मिला ने जो कार्य कर दिखलाया वह सच में  महिलाओं के लिए एक प्रेरणा का कार्य है। जब इंसान इस प्रकार की घटनाओं से पीडि़त होता है तो मन मसोसकर बैठ जाता है लेकिन शर्मिला ने निराशा को दूर भगाया और अपने साहस को नहीं छोड़ा है। आज वह इस मुकाम पर है।
फोटो कैप्शन: शर्मिला


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