एसडी ककराला में जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता संपन्न
-संपन्न हुए कई रोचक मुकाबले
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कनीना की आवाज। जिला स्तरीय एसजी एफआई कुश्ती, भारोतोलन प्रतियोगता का समापन हो गया।
प्रतियोगिता में अंडर 19 आयुवर्ग में 50 किलो भार वर्ग में श्रुति प्रथम स्थान, 53 किलोभार वर्ग में हशी प्रथम स्थान, 55 किलो भार वर्ग में अपेक्षा प्रथम स्थान, 57 किलो भार वर्ग में टीया प्रथम स्थान, 59 किलो भार वर्ग में पूजा प्रथम स्थान, 62 किलो भार वर्ग में रीत प्रथम स्थान, 61 किलो भार वर्ग में रिया प्रथम स्थान, 65 किलो भार वर्ग में प्रिया प्रथम स्थान, 68 किलो भार वर्ग में भारती प्रथम स्थान, 72 किलो भार वर्ग में अंजली प्रथम स्थान, 76 किलो भार वर्ग में महक प्रथम स्थान प्राप्त किया।
भारतोलन प्रतियोगिता में अंडर 19 आयुवर्ग में 48 किलो भार वर्ग में हशी प्रथम स्थान, 53 किलोभार वर्ग में हिमांशी प्रथम स्थान, 58 किलो भार वर्ग में जिया प्रथम स्थान, 63 किलो भार वर्ग में रित प्रथम स्थान, 69 किलो भार वर्ग में भारती प्रथम स्थान, 77 किलो भार वर्ग में अंजली प्रथम स्थान, 86 किलो भार वर्ग में सुचि समिता प्रथम स्थान, $86 किलो भार वर्ग में शैर्या प्रथम स्थान प्राप्त किया।
भारतोलन प्रतियोगिता में अंडर 17 आयुवर्ग में 44 किलो भार वर्ग में हर्षिता प्रथम स्थान, 48 किलोभार वर्ग में रविना प्रथम स्थान, 53 किलो भार वर्ग में शशी प्रथम स्थान, 63 किलो भार वर्ग में सानिया प्रथम स्थान, 69 किलो भार वर्ग में तान्या प्रथम स्थान, 77 किलो भार वर्ग में भूमिका प्रथम स्थान, $77 किलो भार वर्ग में अन्नु प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कुश्ती प्रतियोगिता में अंडर 17 आयुवर्ग में 45 किलो भार वर्ग में अंतीमा प्रथम स्थान, 43 किलोभार वर्ग में भावना प्रथम स्थान, 46 किलो भार वर्ग में तमन्ना ने प्रथम स्थान, 49 किलो भार वर्ग में दिव्या ने प्रथम स्थान, 53 किलो भार वर्ग में पलक प्रथम स्थान, 57 किलो भार वर्ग में मन्नत ने प्रथम स्थान, 61 किलो भार वर्ग में रिया ने प्रथम स्थान, 65 किलो भार वर्ग में वर्षा े प्रथम स्थान, 69 किलो भार वर्ग में तान्या ने प्रथम स्थान, 73 किलो भार वर्ग में दिव्या नेनाम रोशन किया।
विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने बताया कि पूरी प्रतियोगिता बड़े ही शान्ति प्रिय, सुन्दर ढंग व निष्पक्षता से संपन्न हुई। वहीं उन्होंने प्रतियोगिता में हारने वाले खिलाडिय़ों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जीत और हार वाले खिलाडिय़ों को निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि भविष्य में इससे अच्छा प्रदर्शन करने की प्ररेणा लेते हुए अपनी गलतियों में सुधार करना चाहिए। क्योंकि असफलता ही सफलता की सीढ़ी है जिस पर नये उत्साह, परिश्रम व आत्म विश्वास से आगे बढऩे की जरूरत है, अर्थात सकारात्मक सोच व परिश्रम ही सफलता का मूल मंत्र है। साथ ही उन्होंने कोच, अभिभावक का विद्यालय में पधारने व सहयोग देने के लिए तह-दिल से आभार व्यक्त किया।
खेल के समय विद्यालय निदेशक ओमप्रकाश, उपनिदेशक पूर्ण सिंह, कुलदीप कोच, मनोज कुमार कुश्ती कोच, प्र्रीति डीपी, अनिल कोच, उदम सिंह, राहूल कोच, सोनू कोच व उनकी टीम उपस्थित रही।
फोटो कैप्शन 02 व 03: कुश्ती एवं विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए सौजन्य-जगदेव चेयरमैन
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस
- प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझना बहुत जरूरी-डा.यादव
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कनीना की आवाज। हर वर्ष 28 जुलाई को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया जाता है। जिसका मुख्य उद्देश्य है प्राकृतिक संसाधनों जिनमें जंगल, भूमि, खनिज, जल आदि प्रमुख रूप से आते हैं के महत्व को समझना और यही नहीं आने वाली पीढिय़ों के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखने हेतु लोगों को जागरूक करना होता है। इस दिन का मुख्य लक्ष्य प्राकृतिक संसाधनों का बुद्धिमानी से उपयोग करना होता है। यदि पर्यावरण असंतुलित हो जाएगा तो जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता को नुकसान जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इस दिन का इसलिए भी महत्व है कि लोगों को वनों की कटाई, वनों में रहने वाले वन्यजीवों के शिकार पर प्रतिबंध, प्रदूषण रोकने आदि के के प्रति जागरूक करना है। यह याद दिलाता है कि प्रकृति से जो हम लेते हैं उसे नुकसान पहुंचाएं बिना संतुलन बनाए रखें। ये विचार पर्यावरणविद डा. होशियार सिंह यादव ने व्यक्त करते हुए कहा कि बहुत से पेड़ पौधे और जीव जंतु विलुप्ति का कगार पर हैं। उन्हें बचाने में अहम योगदान देना चाहिए।
इंसान को पानी और ऊर्जा को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए। पानी का अनावश्यक खर्च न करें, जब पंखे, लाइट प्रयोग नहीं की जा रही हो तो उन्हें बंद कर दे। सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करके कपड़े और जूट के थैले प्रयोग करें। अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाए और वनों की कटाई रोके, कचरे का सही तरीके से निपटा करें और पुनर्चक्रण में अहम योगदान दे।
उन्होंने कहा कि यह दिन आने वाली पीढिय़ो की याद दिलाता है क्योंकि जैव विविधता की रक्षा बहुत जरूरी है। यदि जीव जंतु विलुप्त हो जाएंगे तो आने वाले समय में पीढिय़ां इनको पुस्तकों में ही पढ़ पाएंगी। प्राकृतिक संसाधनों का जब तक हो सके बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। वन और वन्य जीव का संरक्षण करना चाहिए। बहुत से ऐसे जीव है जो विलुप्ति के कगार पर है उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए।
फोटो कैप्शन: डाक्टर होशियार सिंह यादव
मतदाता सूची के लिए 30 अगस्त तक दर्ज होंगे दावे-आपत्तियां- डीसी अनुपमा अंजली
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कनीना की आवाज। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशानुसार जिला में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) को सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। इसी कड़ी में आज जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अनुपमा अंजली ने लघु सचिवालय के मीटिंग हाल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिले में मतदाता सूचियों के नवीनीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी साझा की।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने और हर योग्य नागरिक को मताधिकार से जोडऩे के उद्देश्य से 31 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन कर दिया जाएगा। इस प्रकाशन के साथ ही जिले के नागरिक 31 जुलाई से लेकर 30 अगस्त तक मतदाता सूची पर अपने दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम छूट गया है, या किसी प्रविष्टि में कोई सुधार की आवश्यकता है, तो वे इस समयावधि के दौरान निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से अपनी अर्जी दाखिल कर सकते हैं।
उपायुक्त ने जिले के मतदाताओं की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में जिला में कुल 7,49,607 पंजीकृत मतदाता हैं। प्रशासन द्वारा कराए गए गहन सर्वेक्षण और डेटा सत्यापन के दौरान इनमें से 64,103 मतदाता ऐसे हैं जो या तो अपने स्थान से अनुपस्थित हैं, कहीं अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या फिर जिनके नाम सूची में दो बार दर्ज पाए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एक स्वच्छ, सटीक और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करने के लिए ऐसे अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत व डुप्लिकेट मतदाताओं के नामों की पूरी जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे और किसी फर्जी या गलत नाम की उपस्थिति सूची में न रहे।
उन्होंने बताया कि प्राप्त दावों और आपत्तियों के त्वरित निपटान तथा नोटिस जारी करने के लिए आयोग ने 31 जुलाई से 28 सितंबर तक की समय सीमा तय की है। पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जिला में 35 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अटेली, महेंद्रगढ़ व नांगल चौधरी में आठ-आठ तथा नारनौल विधानसभा में 11 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
ये अधिकारी उन मतदाताओं को नोटिस जारी करेंगे जिनकी मैपिंग वर्ष 2002 की मतदाता सूची में नहीं हो पाई है या जिनमें तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं। इन नोटिसों पर प्रतिदिन कार्यालय समय के दौरान सुनवाई की जाएगी।
यदि कोई नागरिक अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी के निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह निर्वाचक पंजीयन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा के समक्ष अपील कर सकता है।
फोटो कैप्शन प्रेस कॉन्फ्रेंस करती डीसी अनुपमा अंजली।
खेलों में बेवल के छात्रों का प्रदर्शन रहा उत्कृष्ट
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कनीना की आवाज। एसडी स्कूल ककराला में चल रही जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेवल के छात्रों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा।
प्राचार्य प्यारेलाल कटारिया ने बताया कि विद्यालय की छात्रा हिमांशी ने 46 किलोग्राम अंडर 14 कैटेगरी कुश्ती में जिला स्तर पर प्रथम स्थान तथा अंडर 19 ग्रिक रोमन कुश्ती स्टाइल में छात्र अमन ने 67 किलोग्राम कैटेगरी में जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर प्राचार्य ने वरिष्ठ प्रवक्ता सरोज कुमारी व पीटीआई कृष्ण कुमार का विशेष सहयोग के लिए धन्यवाद किया। विजेता विद्यार्थियों एवं पीटीआई का स्कूल में पहुंचने पर समस्त स्टाफ व एस एम सी के सदस्यों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर समस्त विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।
फोटो कैप्शन 01: चली कुश्ती प्रतियोगिता सौ-प्राचार्य स्कूल
हेपेटाइटिस दिवस 28 जुलाई
पांच प्रकार के वायरस से
फैलता है हेपेटाइटिस-डा जितेंद्र मोरवाल
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कनीना की आवाज। हेपेटाइटिस लिवर से जुड़ी हुई एक बीमारी है। लीवर में सूजन आ जाता है। हेपेटाइटिस पांच प्रकार के विषाणु होते हैं जिनमें ए,बी,सी,डी और ई हैं। ये विचार कनीना उप नागरिक अस्पताल के डा जितेंद्र मोरवाल ने व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस मूल रूप से लिवर से जुड़ी हुई बीमारी है जो वायरल इंफेक्शन के कारण होती है। उन्होंने पांचों वायरस जनित रोगों को गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस महामारी जैसी बनती जा रही है। इससे आनेकों मौतें देशभर में हो जाती हैं। हेपेटाइटिस बी और सी लाखों लोगों में गंभीर बीमारी का कारण बनता है जिसमें लीवर सिरोसिस और कैंसर प्रमुख है। उन्होंने हेपेटाइटिस के प्रति लोगों को जागरूक किया। यद्यपि उन्होंने कहा कि अभी तक कनीना क्षेत्र में हेपेटाइटिस का कोई रोगी नहीं है। जो महिला गर्भवती हो और उनके बच्चे और वह हेपेटाइटिस की शिकार है तो उसके बच्चे को हेपेटाइटिस से बचाया जा सकता है।
डा जितेंद्र मोरवाल बताते हैं कि हेपेटाइटिस रोग का कारण लीवर में सूजन है, इंफेक्शन के कारण होता है। यह जानलेवा होता है। अक्सर शरीर में तथा दवाइयों के साइड इफेक्ट और शराब पीने से बढ़ सकता है। डा जितेंद्र मोरवाल बताते हैं कि हेपेटाइटिस में पीलिया, पेशाब का रंग बदलना, बहुत अधिक थकान, उल्टी आना, जी मिचलाना पेट दर्द, सूजन, खुजली, भूख ना लगना, अचानक वजन कम होना आदि प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। हेपेटाइटिस के निदान के बारे में डा जितेंद्र मोरवाल बताते हैं कि पेट का अल्ट्रासाउंड, लिवर फंक्शन टेस्ट, लिवर बायोप्सी आदि से रोग का पता लगाया जा सकता है और इसका समय रहते इलाज करवाना चाहिए। यदि उपचार करवाया जाए तो आराम कुछ हफ्ते में इस रोग के लक्षण कम होने लगते हैं इसमें कई दवाई लेने की जरूरत होती है। लिवर ट्रांसप्लांटेशन भी एक विकल्प है।
मरीज को अपने भोजन फूलगोभी, ब्रोकली, बीन, एवावाकाडो आदि का सेवन करना चाहिए, खूब पानी फलों का जूस पीना चाहिए ,प्याज लहसुन शामिल करना चाहिए, शराब नहीं पीनी चाहिए, जंक फूड से बचना चाहिए, 4 से 6 बार भोजन करना चाहिए। रेजर एवं इंजेक्षन की सुई किसी को शेयर ना कर।
फोटो कैप्शन: डा जितेंद्र मोरवाल









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