Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Thursday, October 2, 2025


 


बच्चियों बहाया सांझी को जल में
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कनीना की आवाज।
इस बार नवरात्रे शुरू होने से पहले दिन सांझी को दिवार पर बनाकर पूजा अर्चना करते हुए बहुत कम बच्चियां नजर आई। नौ दिनों तक पूजा करने के बाद अंतत: उसे जोहड़ में दशहरे के दिन बहा दिया है।




बुराई पर अच्छाई की जीत: जलाया रावण
- कनीना मंडी के रामलीला मैदान में नजारा रहा देखने लायक  
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कनीना की आवाज।
 कनीना मंडी वासियों की ओर से रामलीला मैदान में रावण का दहन किया गया। रावण में भारी मात्रा में पटाखे भरे हुए थे। इससे पहले एक राम, लक्ष्मण, हनुमान, सीता की शोभायात्रा निकाली।

 किसान जुटे रबी फसल की तैयारी में
-खेतों की चल रही है सिंचाई
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कनीना की आवाज। 
कनीना क्षेत्र की बावनी अर्थात 52 हजार हेक्टेयर भूमि मानी जाती है। इस पर खरीफ फसल किसानों द्वारा लेने के पश्चात रबी फसल की तैयारी में किसान जुट गए हैं। त्वरित गति से अपने खेतों की सिंचाई फव्वारों द्वारा कर रहे हैं क्योंकि रबी फसल पूर्ण रूप से ट्यूबवेलों पर निर्भर करती है। किसान सरसों और गेहूं और गेहूं उगते हैं। सरसों की अच्छी पैदावार लेने के लिए अच्छे बीजों एवं खादों की तलाश कर रहे हैं। 10 अक्टूबर से सरसों की बीजाई प्रारंभ हो जाती है जबकि 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू कर दी जाती है। वर्तमान में किसान बीजों की दुकानों पर जहां खाद एवं बीज लाकर खेतों में डाल रहे हैं वही बीजों को बीजाई करने के लिए अपने घर में सुरक्षित रख रहे ताकि समय आते ही बिजाई कर दी जाए।
 किसान सुरेंद्र सिंह, सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि जल्द ही बिजाई का समय आने वाला है। अभी दिन के समय तापमान अधिक होने से बीजाई संभव नजर नहीं आ रही है।
 क्या कहते हैं पूर्व कृषि अधिकारी-
 पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज यादव बताते हैं कि सरसों की बिजाई 10 अक्टूबर से प्रारंभ हो जाती है जो 25 अक्टूबर तक जारी रहती है। इसके लिए तापमान 28 से 30 डिग्री होना चाहिए। तत्पश्चात 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू हो जाती है। देसी किस्म सी-306 सात नवंबर तक बीजाई की जा सकती है तथा बाद में गेहूं की बीजाई 25 नवंबर तक जारी रहेगी जिसके लिए तापमान 22 डिग्री चाहिए। गेहूं के लिए सरसों के मुकाबले तापमान कम चाहिए। अभी मौसम में बदलाव नहीं हुआ है, आने वाले समय में मौसम में बदलाव होने की संभावना है। तत्पश्चात किसान तेजी से बीजाई का काम करेंगे। वर्तमान समय में किसान खेतों की तैयारी कर रहे और खेतों की सिंचाई करके बीजाई के लिए तैयार रहेंगे।
कई समस्याओं से जूझ रहे हैं किसान--
क्षेत्र के किसान कई समस्याओं से जूझते आ रहे हैं। पैदावार लेने के लिए बिजली, पानी, खाद, गिरते जलस्तर, बीजों की जानकारी अभाव तथा कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रबी फसल पैदावार लेना तलवार की धार के समान है।
   कनीना क्षेत्र का किसान यूं तो सदा ही मेहनत के बलबूते पर जीवित रहा है। कठिन परिश्रम करके अपनी आजीविका कमा रहा है। उसकी मुख्य फसलें खरीफ एवं रबी की होती है।  खरीफ की फसल वर्षा पर आधारित होती है। पहले ही भू-स्तर गिरता जा रहा है ऊपर से डार्क जोन घोषित होने से नलकूप खोदना आसान नहीं रहा है। वैसे भी नलकूप लगाना लाखों रुपये का खर्चा होता है। यह भी सत्य है कि प्रतिवर्ष उसके बिजली के उपकरण जलने की समस्या रहती है। जैसे तैसे उपकरण ऋण लेकर लगा भी देता है तो पानी की समस्या फिर भी आड़े आ जाती है क्योंकि बिजली कम आती है जिसके चलते पर्याप्त खेतों की सिंचाई नहीं हो पाती है। इस संबंध में कुछ किसानों से चर्चा की गई जिनके विचार निम्र हैं--
 **कनीना क्षेत्र में नहरों की संख्या काफी है किंतु या तो उनमें पानी आता ही नहीं या फिर वह पानी पीने के लिए ही सप्लाई होता है। इस पानी को किसान ले नहीं सकते। खादों की कमी विगत वर्ष से अधिक चल रही है। बीज और दवाइयां भी तो अच्छे नहीं मिलते हैं। मिल भी जाते हैं तो अति महंगे होते हैं। किसान रूढि़वादी होने के कारण भी परेशान हैं क्योंकि वे नए बीजों का उपयोग करने की बजाए पूर्व में उपयोग करते आ रहे बीजों का ही उपयोग करना श्रेष्ठ समझते हैं।
---भरत सिंह किसान
 किसानों के सामने गिरते जलस्तर की समस्या भी तो विकराल बन रही है क्योंकि किसान प्रत्येक वर्ष डीप बोर करवाता है किंतु अगले वर्ष वह जलस्तर भी घट जाता है। ऐसे में दक्षिण हरियाणा का किसान हताश व निराश लगता है। उससे बात करने पर कृषि को घाटे का सौदा बताता है। इन हालातों में उसके लिए फसल पैदावार लेना तलवार की धार पर चलने के समान है।
---देवेंद्र किसान
फोटो कैप्शन 05: किसान ट्रैक्टरों से करते जुताई
साथ में देवेंद्र, भरत सिंह एवं डा. देवराज






श्रीकृष्ण गौशाला की 10 गाये एक साल के लिए लियेे ली गोद
- 51000 रुपये नकद गौशाला को दिया दान
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कनीना की आवाज।
 गुढ़ा निवासी डा. रविंद्र यादव ने अपनी पत्नी प्रोफेसर कांता यादव सहित श्रीकृष्ण गौशाला में पहुंचकर 10 गाये एक साल के लिए गोद ली हैं। इनका चारा व अन्य खर्चा एक साल के लिए पति-पत्नी वहन करेंगे। जिसकी राशि 51 हजार रुपये नकद गौशाला को दान की। दशहरा के पावन पर्व पर उन्होंने पुण्य का कार्य किया है।
 इस अवसर पर गौशाला प्रधान भगत सिंह ने कहा कि गायों की सेवा करना पुनीत का कार्य है। जो गायों की सेवा करता है उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को गायों की सेवा के लिए आगे आने की अपील की।
 उधर कनीना निवासी तीर्थ कुमार तथा माया देवी ने अपनी पोती रिया का जन्मदिन श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में सपरिवार मनाया।
 इस मौके पर उन्होंने गायों की सेवा की। मीठा भोजन खिलाया तथा गाय भी गोद ली। इस मौके पर परिवार के सभी सदस्य जिनमें मनीष कुमार,  सचिन, गौशाला प्रधान भगत सिंह सहित विभिन्न जन मौजूद रहे।
 इस मौके पर भगत सिंह प्रधान एवं समस्त गौशाला परिवार ने तीर्थ कुमार व उसके समस्त परिवार का अभिनंदन किया और आशा जताई कि वे इसी प्रकार गायों की सेवा भविष्य में करते रहेंगे। इस अवसर पर भगत सिंह, लक्ष्मीनारायण, मास्टर रामप्रताप, रामपाल यादव, दिलावर सिंह  निशु के पर अशोक ठेकेदार, दिलावर सिंह, रामपाल यादव, ओमप्रकाश ठेकेदार भडफ़, बलवान सिंह आर्य, कृष्ण प्रकाश गुरुजी आदि ने भी डाक्टर दंपति का आभार जताया।
फोटो कैप्शन 01: गायों को गोद लेते हुए डाक्टर दंपति।






बसपा की विधानसभा स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न
--एडवोकेट नेतराम मुख्य अतिथि रहे
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कनीना की आवाज।
बसपा की विधानसभा स्तरीय समीक्षा बैठक कनीना स्थित गोविंदी बाई धर्मशाला में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश प्रभारी एडवोकेट नेतराम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रमोद कटारिया ने की। विधानसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी रहे नेताजी अतरलाल एडवोकेट ने मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम को संबोधित किया।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी एडवोकेट नेतराम ने कहा कि आने वाला भविष्य बहुजन समाज पार्टी का है। कार्यकर्ता एकजुट होकर पार्टी की नीतियों को जन जन तक पहुंचाएं। प्रदेश में बसपा की सरकार बनेगी और प्रत्येक व्यक्ति को सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का फायदा मिलेगा। अतरलाल ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताते हुए सरकार से बाजरे की सरकारी खरीद तुरंत शुरू करने की मांग की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शिक्षित बनने और संगठित रहने की अपील की। जिला अध्यक्ष प्रमोद कटारिया ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद देते हुए जिला में पार्टी की गतिविधियों का ब्यौरा दिया।  बैठक में रामचंद्र यादव, जयसिंह यादव, एडवोकेट अंजय सिंह, सुनय कुमार सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने बहुजन समाज पार्टी की नीतियों में आस्था जताते हुए पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। प्रदेश प्रभारी एडवोकेट नेतराम ने सभी को पार्टी का पटका और फूलमालाएं पहनाकर उनका पार्टी में स्वागत किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र रामबास, राजेंद्र सिंह नंबरदार, भाग सिंह चेयरमैन, दान सिंह प्रजापत, कैलाश सेठ, धन प्रकाश शेरवाल, नेतराम, करण सिंह शास्त्री, प्रवीण कुमार, तुषार तायल महासचिव, रामपाल झगड़ोली, जय भगवान ग्रेवाल प्रभारी, बाबूलाल पाली जिला उपाध्यक्ष, सुरेश यादव छितरोली, राकेश यादव सीहोर, पवन उच्चत, उम्मेद सिंह व नवीन डूडी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 04: बसपा की कनीना में बैठक में वक्ता नेतराम


4 घंटे बिजली आपूर्ति रहेगी बंद,करीरा लाइन पर चलेगा काम
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कनीना की आवाज।
डीएचबीवीएन के तहत 3 अक्टूबर को 33 केवी करीरा लाइन पर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक रखरखाव कार्य हेतु परमिट लिया जाएगा। जिससे करीरा, कोटिया, भडफ़ व गाहड़ा गांवों की आपूर्ति तीन अक्टूबर को सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बंद रहेगी। यह जानकारी एडीओ डीएचबीवीएन ने दी।










मेघनाद वध पर जमकर हुई आतिशबाजी
--मेघनाद का वध देखकर खुश हुए दर्शक
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कनीना की आवाज।
अनाज मंडी कनीना के रामलीला मैदान में श्रीआदर्श रामलीला समिति के बैनर तले चल रही रामलीला के भव्य मंचन की ग्यारहवीं रात में मेघनाद वध की लीला का मंचन किया गया। मंचन के आरंभ में रावण खुद को संकट में पाकर अपने महापराक्रमी भाई कुंभकर्ण को गहरी निद्रा से जगाने का आदेश देता है जिसके बाद कुंभकर्ण व रावण के बीच गहरा संदेश देने वाला संवाद होता है जिसमें कुंभकर्ण माता सीता को वापिस लौटाने की बात कहकर रावण को समझाने का प्रयत्न करता है। लेकिन अभिमान में चूर रावण लाख समझाने पर भी नहीं मानता है। कुंभकर्ण में किरदार में नितिन गुप्ता व रावण में किरदार में पहलवान कृष्ण मलिक नजर आए व दोनों के शानदार संवाद को दर्शकों ने जमकर सराहा। इसके बाद कुंभकर्ण अपनी सेना सहित श्रीराम से युद्ध के लिए निकल पड़ता है व दोनों सेनाओं के बीच जमकर युद्ध होता है। प्रभु श्रीराम अंत में अपने एक बाण से ही कुंभकर्ण का वध कर देते है। इसके बाद रावण अपने महायोद्धा पुत्र मेघनाद को युद्ध भूमि में भेजता है। मेघनाद के रूप में मनोज रोहिल्ला का मंच पर प्रवेश दिल दहलाने वाला था। इससे पहले वानर सेना द्वारा मेघनाद का यज्ञ भंग कर देने के कारण उसका गुस्सा चरम पर था। लीला का मुख्य आकर्षण लक्ष्मण मेघनाद युद्ध रहा जिसमें लक्ष्मण के किरदार में प्रवक्ता सचिन कुमार के मंच पर आते ही दर्शकों ने जमकर तालियां बजायी । लक्ष्मण के किरदार को जीवंतता से निभाते हुए सचिन कुमार के जोशीले संवादों ने लोगों को प्रेरित किया। लक्ष्मण मेघनाद के बीच घनघोर संग्राम हुआ व प्रत्येक संवाद पर दर्शकों ने प्रभु श्रीराम के नारे लगाये। मेघनाद के सभी अस्त्र विफल होने पर मेघनाद युद्धभूमि से अपने पिता रावण की समझाने जाता है और कहता है कि लक्ष्मण नर नहीं नारायण है परंतु रावण के हठ के कारण वह दोबारा युद्धभूमि में आता है और अंतत: मारा जाता है। युद्ध का इतना शानदार मंचन देखकर सभी ने जमकर सराहना की । मेघनाद के मारे जाने के बाद जमकर आतिशबाजी हुई व तालियां बजी। सुग्रीव के किरदार में कपिल अरोड़ा विभीषण के किरदार में राहुल शर्मा नजर आए। अंत में अहिरावण वध की लीला हुई जिसमे अहिरावण की भूमिका में रामकिशन रामा व हनुमान की भूमिका को वंश मित्तल ने निभाया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसडी ग्रुप से रामधारी यादव रहे। कार्यक्रम में हजारो की भीड़ का शानदार अनुशासन देखने को मिल रहा है व प्रतिदिन हो रहे मंचन से भक्तिभाव की रसधारा बह रही है । इस दौरान प्रधान मोहित जेलदार ,उपप्रधान दिनेश यादव , श्री श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग , बलवान सिंह आर्य , पिन्नू मित्तल , आशु गर्ग , विक्की पंसारी महेंद्र मित्तल , रवींद्र बंसल , विनोद मित्तल व अपार जनसमूह उपस्थित रहा।
बाल लक्ष्मण व बाल मेघनाद की प्रस्तुति रही मुख्य आकर्षण का केंद्र -
प्रतिदिन हो रहे रामलीला द्मद्ग इस भव्य मंचन में युवा पीढ़ी व सैकड़ों की संख्या में बच्चे जुड़ते ही जा रहे है । इसी कड़ी में प्रवक्ता सचिन कुमार की प्रतिभाशाली बेटियों शानवी व सांची ने बाल मेघनाद व बाल लक्ष्मण बनकर हजारों की भीड़ के सामने शानदार संवाद किया जिसको देखकर दर्शक रोमांचित हो गए। इस प्रस्तुति को देखकर ऐसा लगा कि मंचन का जो उद्देश्य है कि बच्चे बच्चे में प्रभु श्री राम में आदर्श जागृत हो सार्थक होता नजर आ रहा है व सत्य सनातन वैदिक संस्कृति सशक्त होती नजर आ रही है।
फोटो कैप्शन 02: मेघनाद एवं लक्ष्मण के बीच युद्ध का दृश्य।




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